शनिवार, 30 जुलाई 2022

निशुल्क थेरेपी का लाभ उठा रहें हैं लोग, सराहना 

निशुल्क थेरेपी का लाभ उठा रहें हैं लोग, सराहना 


निशुल्क फिजियोथेरेपी सेवा का प्रतिदिन सैकड़ों लोग उठा रहें हैं लाभ

गोपीचंद 

बागपत। फिजियो थेरेपी फ्री इनोटेक हेल्थ इंडिया ने नगर वासियों को निशुल्क फिजियोथेरेपी सेवा दी। सेवा का सुपरविजन करते हुए राजीव महेश्वरी व तनु शर्मा ने जानकारी दी, कि सैकड़ों की संख्या में बुजुर्ग, महिला व पुरुष निशुल्क थेरेपी का लाभ उठा रहें हैं और हमारी सेवाओं की सराहना कर रहें हैं। चिकित्सा सेंटर डायरेक्टर गब्बर सिंह व ओनर शिवानी ठाकुर ने कहा, कि लोगों से प्यार और परोपकार की भावना के साथ हम यह निशुल्क थेरेपी सुविध दे रहें हैं, जिसकी आने वाले लोग भी काफी सराहना कर रहे हैं। 

हम बिना पैसे, बिना दवाई, बिना एक्सरे के थेरेपी कर के लोगों को उत्तम इलाज देने का संभव प्रयास करते हैं। कंपनी अब भोपाल एमपी के साथ-साथ बागपत के बड़ौत नगर में भी चल रही है, जिसमें 8 तरह की फिजियोथेरेपी दी जाती है और 8 घंटों की तकनीकी विधि द्वारा 8 लीटर पानी तैयार किया जाता है। जो प्रतिएक मरीज को एक गिलास थेरेपी के समय पिलाया जाता है, जिसे डॉक्टर भी जवाब दे दें। उनके इलाज के प्रभावकारी परिणाम मिलने से लोगों में थेरेपी के प्रति विश्वसनीयता बढ़ती जा रही है। हमारा यह थेरेपी सेंटर 7 महीने से अधिक समय से लोगों को अपनी सेवा प्रदान कर रहा है। फिजियोथेरेपी सेंटर सुबह 8:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक खुला रहता है।

एजेंसियों की कार्रवाई को 'तानाशाही' रवैया करार दिया 

एजेंसियों की कार्रवाई को 'तानाशाही' रवैया करार दिया 

विमलेश यादव 

चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने पत्रकारों की गिरफ्तारी और विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई को 'तानाशाही' रवैया करार देते हुए शनिवार को कहा कि यह देश के स्वतंत्रता सेनानियों को धोखा देने जैसा है।स्टालिन ने कहा कि एक भाषा, एक आस्था और एक संस्कृति को ‘थोपने’ की कोशिश करने वाले देश के ‘दुश्मन’ हैं और भारत में ऐसी ‘बुरी ताकतों’ के लिए कोई जगह नहीं है।

स्टालिन ने चेन्नई से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये केरल के त्रिशूर में आयोजित ‘इंडिया@ 75 मनोरमा न्यूज कॉन्क्लेव 2022’ को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने हाल ही में 27 सांसदों के निलंबन पर चिंता जताते हुए आरोप लगाया कि चुने हुए प्रतिनिधियों को अभिव्यक्ति के अधिकार से वंचित किया जा रहा है।

स्टालिन ने केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की तारीफ करते हुए कहा कि तमिलनाडु में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के बीच गठबंधन ‘वैचारिक’ था, न कि केवल चुनावी गठजोड़। उन्होंने कहा, “आजादी के बाद निर्मित संविधान में प्रदत्त अधिकारों को छीनना गलत है। ये अधिकारी बहुत संघर्ष के बाद सुनिश्चित किए गए थे। मेरी राय है कि यह स्वतंत्रता सेनानियों के साथ विश्वासघात करने जैसा है।”

गिफ्ट: आयुष ने चांद पर 3 एकड़ जमीन खरीदी

गिफ्ट: आयुष ने चांद पर 3 एकड़ जमीन खरीदी 

राणा ओबरॉय 

चंडीगढ़। बचपन से बहुत से लोगों का सपना रहा है कि ‘काश वह कभी चांद पर जा पाते’। लेकिन वैज्ञानिकों को पूरा विश्वास है, एक समय वह भी आयेगा, जब धरती से इंसान न केवल वहां जाएंगे। बल्कि वहां मानवीय बस्तियां भी स्थापित होंगीं। इन्हीं सब संभावनाओं को देखते हुए बीते कुछ समय से बहुत से लोग चांद पर जमीन खरीदने लगे हैं। इन्हीं लोगों में शामिल हैं हरियाणा के आयुष, जिन्होंने अपने माता—पिता के लिए चांद पर 3 एकड़ जमीन खरीद ली है। इस खरीद के कागजात भी बकायदा उनके पिता के पास पहुंच चुके हैं।

इतना बड़ा गिफ्ट, गदगद हुए माता—पिता

दरअसल, हरियाणा के यमुना नगर के मूल निवासी और वर्तमान में कनाडा में रह रहे आयुष ने अपने माता पिता को बहुत बड़ा गिफ्ट दिया है। कनाडा में रहने वाले आयुष ने surprise gift में चांद पर 03 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री भेजी है। उनके इस उपहार को देख हर कोई हैरान है और उनके आवास पर बधाई देने वाले लोगों की भीड़ उमड़ रही है। बताया जा रहा है कि यमुनानगर निवासी सुभाष चंद्र के बेटे आयुष ने हाल में चांद पर जमीन खरीद ली। उसके माता—पिता को इसका पता तब चला जब खरीदे गये प्लॉट के कागजात व बोर्डिंग पास उनके निवास के पते पर पहुंच गये।

घर पहुंचे सभी जरूरी दस्तावेज

जब सुभाष ने बेटे को कनाडा में फोन लगाया तो सुभाष ने बताया कि उसने अपने ​माता—पिता के लिए चांद पर प्लॉट खरीदा है। यह तीन एकड़ जमीन उसके पिता के नाम से है। जिसके सभी जरूरी दस्तावेज अब उनके घर पहुंच चुके हैं। आपको बता दें कि इससे पूर्व भी देश भर में बहुत से उद्योग पति व फिल्म स्टॉर चांद पर जमीन खरीद चुके हैं। पूरी दुनियां में इन दिनों लोग चांद पर जमीन खरीद रहे हैं, लेकिन हरियाण में चांद पर जमीन खरीदने वाला यमुनानगर का आयुष पहला युवक है। कनाडा में रहने वाले बेटे की तरफ से दिए गए इस शानदार गिफ्ट से सुभाष चंद्र और उनकी पत्नी रेखा का इन दिनों खुशी का ठिकाना ही नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वासन ही नहीं था कि उनका बेटा इतना बड़ा तोहफा उन्हें देगा।

तो क्या आप भी खरीदना चाहेंगे चांद पर जमीन, ऐसे करायें रजिस्ट्री

Land on Moon का सपना आप भी पूरा कर सकते हैं। आप सोच रहे हैं कि यहां जमीन बहुत महंगी होगी, पर ऐसा नहीं है। यहां अभी इंसानी आबादी नहीं पहुंची है। इसलिए जमीन भी सस्ती है। जब इंसान चांद पर जाने लगेंग तो कीमत जरूर बढ़ सकती है। फिलहाल यहां आप महज 30 से 40 डालर प्रति एकड़ के हिसाब से जमीन खरीद सकते हैं। या​नी महज 2500 से 3000 रूपये के बीच आपको चांद पर एक एकड़ जमीन मिल सकती है।

श्रीलंका: देह व्यापार करने को मजबूर हैं, महिलाएं 

श्रीलंका: देह व्यापार करने को मजबूर हैं, महिलाएं 

अखिलेश पांडेय 

कोलंबो। श्रीलंका में राष्ट्रपति जरूर बदल गए हैं। लेकिन, आर्थिक संकट अभी भी लगातार गहरा रहा है। अब हालात इतने खराब हो गए हैं कि लोग खाने पीने के लिए भी तरस रहे हैं। लोगों को दो वक्त की रोटी के लिए दूसरों के आगे हाथ जोड़ने पड़ रहे हैं। वहीं, कुछ लोग तो गलत कार्यों में संलिप्त होते दिख रहे हैं। ऐसी ही स्थिति वहां की महिलाओं के साथ है, जो कपड़ा क्षेत्र में अपनी नौकरी खोने के बाद अब देह व्यापार करने को मजबूर हैं। इस विकट स्थिति में देशभर में अस्थायी वेश्यालयों को खुलते देखा जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में देह व्यापार में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। क्योंकि यहां की महिलाएं आजीविका कमाने के लिए यह काम करने को मजबूर हैं। इनमें से कुछ प्रतिष्ठान स्पा और वेलनेस सेंटर के रूप में काम करते हैं। कई लोगों का कहना है कि इन महिलाओं के परिवारों को दिन में तीन बार भोजन उपलब्ध कराने का यही एकमात्र तरीका बच गया है।

स्टैंड-अप मूवमेंट लंका (एसयूएमएल) की कार्यकारी निदेशक आशिला दंडेनिया ने समाचार एजेंसी एएनआइ को बताया कि कपड़ा उद्योग में काम करने वाली महिलाएं आर्थिक संकट के कारण काम से निकाल दिए जाने के बाद ‘देह व्यापार’ का सहारा ले रही हैं। आशिला ने बताया कि मौजूदा संकट के कारण, हमने देखा है कि कई महिलाएं देह व्यापार को अपना रही हैं क्योंकि खाने की चीजों के दाम इतने बढ़ गए हैं कि वे घर नहीं चला पा रही हैं।

21 वर्षीय रेहाना (बदला हुआ नाम) ने एएनआइ के साथ अपनी व्यथा साझा करते हुए बताया कि कैसे वे कपड़ा उद्योग के एक कर्मचारी से देह व्यापार करने लगीं। रेहाना ने सात महीने पहले अपनी नौकरी खो दी और महीनों तक नौकरी न मिलने के बाद उसने देह व्यापार को चुना। उन्होंने बताया कि पिछले साल दिसंबर में, मैंने एक कपड़ा कारखाने में अपनी नौकरी खो दी। फिर, मुझे दैनिक आधार पर एक और नौकरी मिल गई। लेकिन मुझे पैसे नहीं मिले क्योंकि मुझे यह मैं नियमित नहीं थीं। उन्होंने आगे बताया कि इसके बाद उनसे एक स्पा मालिक ने संपर्क किया और उन्होंने मौजूदा संकट के कारण एक वैश्य के रूप में काम करने का फैसला किया।

लोगों में सच बोलने की हिम्मत होनी चाहिए: राजनीति 

लोगों में सच बोलने की हिम्मत होनी चाहिए: राजनीति 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा, कि राजनीति में लोगों में सच बोलने की हिम्मत होनी चाहिए। लेकिन, कुछ राज्य इससे बचने की कोशिश करते हैं।प्रधानमंत्री ने यहां पुर्नोत्थान वितरण क्षेत्र योजना का वर्चुअली शुभारंभ करने के बाद यह टिप्पणी की। उन्होंने एनटीपीसी की विभिन्न हरित ऊर्जा परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी और राष्ट्रीय सौर रूफटॉप पोर्टल का शुभारंभ किया। पीएम मोदी ने कहा कि समय बीतने के साथ, 'हमारी राजनीति में एक गंभीर अव्यवस्था आ गई है'। पीएम मोदी ने कहा, "राजनीति में लोगों में सच बोलने का साहस होना चाहिए, लेकिन हम देखते हैं कि कुछ राज्य इससे बचने की कोशिश करते हैं। यह रणनीति अल्पावधि में अच्छी राजनीति की तरह लग सकती है। लेकिन यह आज की सच्चाई, आज की चुनौतियों को कल के लिए हमारे बच्चों के लिए और हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए स्थगित करने जैसा है। आज की समस्याओं के समाधान से बचने और उन्हें भविष्य के लिए छोड़ने की यह सोच देश के लिए अच्छी नहीं है।"

उन्होंने कहा, "इस विचार प्रक्रिया ने कई राज्यों में बिजली क्षेत्र को बड़ी समस्याओं की ओर धकेल दिया है।" प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे वितरण क्षेत्र में घाटा दोहरे अंक में है। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में वितरण और पारेषण (डिस्ट्रीब्यूशन एंड ट्रांसमिशन) घाटे को कम करने में निवेश की कमी है। प्रधानमंत्री ने टिप्पणी की कि लोगों को यह जानकर आश्चर्य होगा कि विभिन्न राज्यों पर 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है। पीएम ने कहा, "उन्हें यह पैसा बिजली उत्पादन कंपनियों को देना है। बिजली वितरण कंपनियों पर कई सरकारी विभागों और स्थानीय निकायों का 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक बकाया है। "उन्होंने कहा कि इन कंपनियों को बिजली पर सब्सिडी के लिए अलग-अलग राज्यों में समय पर और पूरा पैसा भी नहीं मिल पा रहा है और यह बकाया भी 75,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है। प्रधानमंत्री ने जिन राज्यों का बकाया बकाया है, उन्हें जल्द से जल्द भुगतान करने का अनुरोध भी किया।उन्होंने कहा, "साथ ही ईमानदारी से उन कारणों पर भी विचार करें कि जब देशवासी ईमानदारी से अपने बिजली के बिलों का भुगतान करते हैं, तो कुछ राज्यों का बार-बार बकाया क्यों होता है?"

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह 'राजनीति' का मामला नहीं है, बल्कि यह 'राष्ट्र नीति' और राष्ट्र निर्माण से संबंधित है।प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के 75 साल पूरे होने तक हमने 175 गीगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता सृजित करने का संकल्प लिया है।उन्होंने कहा कि आज हम इस लक्ष्य के करीब आ गए हैं और अब तक गैर-जीवाश्म स्रोतों से लगभग 170 गीगावाट क्षमता स्थापित की जा चुकी है।प्रधानमंत्री ने कहा कि बिजली का उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ सरकार का जोर बिजली बचाने पर भी है।

बंसल को यूपी के संगठन मंत्री के पद से हटाया 

बंसल को यूपी के संगठन मंत्री के पद से हटाया 

संदीप मिश्र 

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी की ओर से उत्तर प्रदेश के संगठन मंत्री के पद पर काम कर रहे सुनील बंसल को उनके पद से हटा दिया है। राजनीतिक हलकों में अब उम्मीद की जा रही है कि उत्तर प्रदेश से हटाए गए संगठन मंत्री सुनील बंसल को तेलंगाना में भाजपा को मजबूत करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। शनिवार को भारतीय जनता पार्टी के आलाकमान की ओर से एक बड़ा उलटफेर करते हुए उत्तर प्रदेश के संगठन मंत्री सुनील बंसल को उनके पद से हटा दिया है। सुनील बंसल को वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश का को-इंचार्ज बनाया गया था। लोकसभा चुनाव में पूरे लाव लश्कर के साथ उतरी भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 73 लोकसभा सीट जीतकर एक नया रिकॉर्ड बनाया था। जिसके चलते भारतीय जनता पार्टी केंद्र में अपनी सत्ता कायम करने में कामयाब हुई थी।

वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान सुनील बंसल तत्कालीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का साथ दे रहे थे। इसके बाद अमित शाह के विश्वास पा़त्र बने सुनील बंसल को उत्तर प्रदेश का संगठन मंत्री नियुक्त करते हुए विधानसभा चुनाव में भी जीत दिलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जिसका परिणाम यह रहा कि उनके कार्यकाल में भाजपा ने उत्तर प्रदेश में शानदार सफलता हासिल करते हुए वर्ष 2017 के बाद वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर दोबारा से उत्तर प्रदेश में अपनी सरकार बनाई। उत्तर प्रदेश के संगठन मंत्री पद से हटाए गए सुनील बंसल को अब तेलंगाना में भाजपा को मजबूत बनाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने के कयास लगाए जा रहे है। अगले वर्ष तेलंगाना में होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले सुनील बंसल तेलंगाना में पहुंचकर पार्टी को मजबूत करने का काम करेंगे।

सीएम ने 48 चिकित्सकों के तबादलों को रद्द किया

सीएम ने 48 चिकित्सकों के तबादलों को रद्द किया 

संदीप मिश्र 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य विभाग में गलत तरीके से किए गए तबादलों को गंभीरता से लेते हुए 48 चिकित्सकों के तबादलों को रद्द कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा तबादलों में गड़बड़ी का संज्ञान लिए जाने से अब चौतरफा हड़कंप मच हुआ है। शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा नियमों को तांक पर रखते हुए गलत तरीके से किए गए 48 डॉक्टरों के तबादलों को रद्द कर दिया है। उत्तर प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में किए के चिकित्सकों के तबादले को लेकर की गई गड़बड़ी के संबंध में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अपनी पिछले दिनों नाराजगी जताई थी।

उनके संज्ञान में लाये बगैर ही विभागीय अधिकारियों द्वारा बड़े पैमाने पर गड़बड़झाला करते हुए चिकित्सकों के तबादले कर दिए थे। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने इसी महीने की 4 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखी चिट्ठी में कहा था कि चिकित्सा विभाग में बड़े पैमाने पर तबादले किए गए थे, इसमें कई प्रकार की गडबडियां पाई गई थी। डिप्टी सीएम ने तबादलों पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि तबादलों में स्थानांतरण नीति का पालन नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तमाम बातों का संज्ञान लेते हुए शनिवार को 48 चिकित्सकों के तबादलों को रद्द कर दिया है।

पुलिसकर्मियों के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज किया 

पुलिसकर्मियों के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज किया 

संदीप मिश्र 

चित्रकूट। उत्तर प्रदेश के जनपद चित्रकूट में लगभग सवा साल पहले हुई मुठभेड़ के मामले में न्यायालय के आदेश पर बहिलपुरवा थाने में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल सहित एसटीएफ और पुलिस कर्मियों के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज हो गया है। इसमें कुछ अज्ञात के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की गई है। अधिवक्ता राजेंद्र यादव ने बताया कि बहिलपुरवा थाना क्षेत्र के परवलिया गांव की निवासी नथुनिया पत्नी स्वर्गीय भालचंद्र ने न्यायालय में इस आशय का प्रार्थना पत्र दिया था। नथुनिया के अनुसार तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल एसटीएफ के उपनिरीक्षक अमित कुमार, संतोष कुमार, हेड कांस्टेबल उमाशंकर, कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह, शिवानंद शुक्ला, चित्रकूट जिले के स्क्वार्ट प्रभारी श्रवण कुमार सिंह, उप निरीक्षक अनिल कुमार साहू, हेड कांस्टेबल रईस खान, कांस्टेबल धर्मेंद्र कुमार वर्मा, राहुल यादव, बैल पुरवा थाने के उपनिरीक्षक दीन दयाल सिंह, रामकेश कुशवाहा समेत तीन से चार अज्ञात लोगों ने 31 मार्च 2021 को उसके पति भालचंद्र को सतना से लौटते समय मोटरसाइकिल से गिरा दिया था और गाड़ी से ले गए थे। नथुनिया ने आरोप लगाया है कि उसी दिन शाम को 7:00 बजे मुठभेड़ में उसकी मौत होना दिखाया गया। 

उसने आरोप लगाया कि भालचंद्र के शव को देखने से स्पष्ट था कि मारपीट कर उसकी हत्या की गई है। इस मामले में न्यायालय ने प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया था। अधिवक्ता ने बताया कि स्पेशल जज (डकैती कोर्ट) विनीत नारायण पांडे ने प्रार्थना पत्र के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। आदेश के बाद बहिलपुरवा थाने में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक समेत दर्जनभर पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला सुसंगत कानूनी धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।

सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़, 1 अज्ञात आतंकी मारा गया 

सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़, 1 अज्ञात आतंकी मारा गया 

इकबाल अंसारी  

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में शनिवार सुबह सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच शुरू हुई मुठभेड़ में एक अज्ञात आतंकवादी मारा गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि बारामूला जिले के वानीगाम बाला गांव में आज सुबह मुठभेड़ उस समय शुरू हुई जब सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम ने इलाके में आतंकवाद विरोधी अभियान शुरू किया। सुरक्षा अधिकारी ने कहा, "तलाश अभियान के दौरान जब सुरक्षा बल आतंकवादियों के संदिग्ध ठिकाने की ओर बढ़ रहे थे तभी छिपे हुए आतंकवादियों ने स्वचालित हथियारों से सुरक्षा बलों पर गोली चलानी शुरू कर दी।

सुरक्षा बलों के जवाबी कार्रवाई शुरू करते हुए मुठभेड़ शुरू हो गई। मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया। मारे गए आतंकवादी की अभी पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस ने कहा कि इलाके में तलाश अभियान जारी है। पुलिस ने ट्वीट में कहा, "मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया है। तलाश अभियान जारी है। विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है।"

सरकार ने आबकारी नीति में बदलाव का फैसला लिया 

सरकार ने आबकारी नीति में बदलाव का फैसला लिया 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। उपराज्यपाल की ओर से दिए गए सीबीआई जांच के आदेश के बाद अनगिनत आरोपों का सामना कर रही केजरीवाल सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए सोमवार से आबकारी नीति में परिवर्तन किए जाने का ऐलान करते हुए कहा है कि सोमवार से दिल्ली में पुरानी आबकारी नीति लागू की जा रही है जो अगले 6 महीने तक लागू रहेगी। शनिवार को दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने बताया है कि केजरीवाल सरकार ने राज्य में आबकारी नीति में बदलाव का फैसला लिया है। सोमवार से दिल्ली में पुरानी आबकारी नीति लागू की जा रही है जो अगले 6 महीने तक लागू रहेगी।

उन्होंने कहा है कि राज्य में लाई गई नई आबकारी नीति वापस ले ली गई है। नई आबकारी नीति के तैयार होने तक पुरानी नीति के आधार पर ही राज्य में शराब की दुकानों पर शराब की बिक्री की जाएगी। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि हमारी सरकार ने भ्रष्टाचार के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए राज्य के भीतर नई आबकारी नीति लागू की थी, क्योंकि इससे पहले राज्य में खुली 850 शराब की दुकानों के माध्यम से सरकार को केवल 6000 करोड रुपए के राजस्व की प्राप्ति होती थी। लेकिन हमारी सरकार ने जब नई आबकारी नीति लागू की तो उतनी ही दुकानों के माध्यम से सरकार को तकरीबन 9000 करोड़ रुपए का राजस्व मिलने लगा।

प्रतियोगी परीक्षाओं में 2 वर्ष की छूट देने का फैसला

प्रतियोगी परीक्षाओं में 2 वर्ष की छूट देने का फैसला 

नरेश राघानी 

जयपुर। राजस्थान सरकार ने राज्य में आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को ऊपरी आयु सीमा में दो वर्ष की छूट देने का फैसला किया हैं। इस बात की जानकारी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज सोशल मीडिया के जरिए दी।

सीएम गहलोत ने कहा कि कोविड के कारण दो वर्षों तक नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षाएं समय पर आयोजित नहीं हो सकीं इसलिए आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को ऊपरी आयुसीमा में दो वर्षों की छूट दी जाएगी। गौरतलब है कि बेरोजगारों ने गत दिनों में राजधानी जयपुर में काफी दिनों तक अपनी मांगों को लेकर आंदोलन किया और उनमें उनकी एक मांग यह भी थी और राज्य सरकार ने बेरोजगारों की इस मांग को आज मान ली।

ईडी ने 3.92 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की

ईडी ने 3.92 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ‘सीशोर ग्रुप ऑफ कंपनीज’ के खिलाफ कथित पोंजी धोखाधड़ी से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बीजू जनता दल (बीजद) के एक पूर्व विधायक और एक मीडिया कंपनी की 3.92 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय एजेंसी ने एक बयान में कहा कि धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत ओडिशा की कटक-चौद्वार विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रहे प्रवत बिस्वाल की बैंक में जमा 25 लाख रुपये की राशि को कुर्क करने के लिए एक अस्थायी आदेश जारी किया गया। बिस्वाल को इस मामले में 2017 में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने गिरफ्तार किया था। हालांकि, बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी।

एजेंसी ने यूपी के नोएडा में स्थित ‘मीडिया गुरु कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड’ की एक अचल संपत्ति भी कुर्क की। ईडी के मुताबिक, कुर्क की गई संपत्ति की कुल कीमत 3,92,20,000 रुपये है। एजेंसी ने आरोप लगाया कि ‘सीशोर ग्रुप ऑफ कंपनीज’ ने ”धोखाधड़ी और बेईमानी से आम जनता से भारी मात्रा में धन की उगाही की, जिसमें से 25 लाख रुपये पूर्व विधायक और उनके परिवार के सदस्यों को दिए गए तथा चार करोड़ रुपये मीडिया गुरु कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड को एसटीवी नाम का समाचार चैनल स्थापित करने के लिए दिए गए।”

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ओडिशा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) और सीबीआई द्वारा सीशोर ग्रुप और उसके प्रवर्तकों के खिलाफ दायर प्राथमिकी तथा आरोपपत्र से संबंधित है। ईडी द्वारा इससे पहले इस मामले में 258 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है।

शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार के गठन को 1 महीना पूरा 

शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार के गठन को 1 महीना पूरा 

कविता गर्ग 

मुंबई। महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर राजनीतिक उठा पटक के बाद सत्ता में आई मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार के गठन को शनिवार को एक महीना पूरा हो गया। लेकिन, इसके कैबिनेट विस्तार के अभी कोई संकेत नहीं हैं। शिंदे की अगुवाई में कई विधायकों के शिवसेना नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह करने के 10 दिन बाद राज्य में नई सरकार का गठन हुआ था। शिंदे ने 30 जून को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। सत्ता में आने के बाद शिंदे सरकार ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया, जिसे उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पिछली सरकार ने ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।

दो सप्ताह पहले फडणवीस ने कहा था कि परियोजना में तेजी लाने के लिए सभी मंजूरी दे दी गई है। गौरतलब है कि वर्तमान में शिंदे और फडणवीस ही कैबिनेट के सदस्य हैं। कैबिनेट विस्तार में देरी के कारण विपक्षी दलों को सरकार पर निशाना साधने का मौका मिल गया है। कांग्रेस की राज्य इकाई के उपाध्यक्ष रत्नाकर महाजन ने  बातचीत के दौरान कटाक्ष करते हुए कहा, ”यह राज्य के इतिहास में पहली बार है कि दो सदस्यों का एक विशाल मंत्रिमंडल बाढ़, कुछ स्थानों पर बारिश की कमी और अन्य मामलों को संभाल रहा है।’ ‘ उन्होंने कहा, ”किसी राजनीतिक दल के लिए कभी इतनी दयनीय स्थिति नहीं रही कि वह एक महीने में किसी राज्य में पूर्ण मंत्रिमंडल नहीं बना पाया हो। इसके लिए भाजपा की अति महत्वाकांक्षी योजना को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।” 40 विधायकों के अलावा पार्टी के 19 में से 12 लोकसभा सदस्यों ने भी शिवसेना नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर दी है। सांसदों के अलग हुए समूह को लोकसभा अध्यक्ष ने मान्यता दी है, लेकिन शिवसेना ने मांग की है कि अध्यक्ष उन्हें अयोग्य घोषित कर दें। शिंदे धड़ के मुख्य प्रवक्ता दीपक केसरकर ने कहा कि शिवसेना के विधायक विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए कैबिनेट मंत्रियों की तुलना में जिला संरक्षक मंत्री बनने में अधिक रुचि रखते हैं।

हालांकि, उन्होंने दावा किया कि विभागों के आवंटन को लेकर कोई विवाद नहीं है। उन्होंने कहा, ”लंबे समय के बाद महाराष्ट्र को एक ऐसा मुख्यमंत्री मिला है,जो लोगों के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध है।” शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”पिछले एक महीने से कोई सरकार अस्तित्व में नहीं है। इससे पहले कभी भी महाराष्ट्र की प्रतिष्ठा को इस तरह से कम नहीं किया गया। राज्य के सम्मान से समझौता किया गया। शिंदे और फडणवीस द्वारा ली गई शपथ अवैध है।” उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार में देरी का कारण शिवसेना के 16 बागी विधायकों की अयोग्यता पर उच्चतम न्यायालय में चल रही सुनवाई सहित कुछ भी हो सकता है।राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता और पूर्व गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल ने कहा कि एक महीने बाद भी कैबिनेट बनाने में असमर्थता से पता चलता है कि राज्य में राजनीतिक स्थिति अब भी ठीक नहीं है। उन्होंने कहा, ”राज्य के कई हिस्सों में बारिश और बाढ़ के कारण लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है और चूंकि कोई कैबिनेट मंत्री और संरक्षक मंत्री नहीं हैं, इसलिए लोगों की समस्याओं की उपेक्षा हो रही है। महाराष्ट्र ने पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं देखी है।’

पदार्थों को लेकर ‘कतई बर्दाश्त नहीं’ की नीति अपनाई 

पदार्थों को लेकर ‘कतई बर्दाश्त नहीं’ की नीति अपनाई 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि केंद्र ने नशीले पदार्थों को लेकर ‘कतई बर्दाश्त नहीं’ की नीति अपनाई है और इसके परिणाम दिख रहे हैं। शाह ने कहा कि स्वस्थ समाज और समृद्ध राष्ट्र के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए यह आवश्यक है। नशीले पदार्थों की तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद शाह ने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से भी यह महत्वपूर्ण है। क्योंकि ‘‘नशीले पदार्थों के व्यापार से उत्पन्न होने वाली काली कमाई का उपयोग देश के खिलाफ गतिविधियों में किया जाता है।

’’ सम्मेलन का आयोजन स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा किया गया है। शाह ने कहा, ‘‘जब नरेंद्र मोदी जी 2014 में प्रधानमंत्री बने, तो भारत सरकार ने मादक पदार्थों को लेकर ‘कतई बर्दाश्त नहीं’ की नीति अपनाई।’’ शाह ने कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ तेजी से और सही दिशा में बढ़ रही लड़ाई के परिणाम दिखने शुरू हो गए हैं। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थ युवा पीढ़ी पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं और इसे दीमक की तरह नुकसान पहुंचाते हैं। शाह ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार इस संकट को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।

गृह मंत्री ने कहा कि नशीले पदार्थों का न केवल सेवन करने वालों पर, बल्कि समाज, अर्थव्यवस्था और देश की सुरक्षा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें इसे पूरी तरह से खत्म करना होगा।’’ सम्मेलन के आयोजन के साथ ही एनसीबी द्वारा दिल्ली, चेन्नई, गुवाहाटी और कोलकाता में लगभग 31,000 किलोग्राम मादक पदार्थ नष्ट किया गया।

मुंबई के संबंध में राज्यपाल की टिप्पणी से सहमत नहीं

मुंबई के संबंध में राज्यपाल की टिप्पणी से सहमत नहीं 

कविता गर्ग 

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शनिवार को कहा कि वह मुंबई के संबंध में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की टिप्पणी से सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि शहर के विकास में मराठी लोगों द्वारा किए गए योगदान को कभी भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल एक संवैधानिक पद पर आसीन हैं और उन्हें अपने बयानों से किसी को भी ठेस न पहुंचाने के प्रति सतर्क रहना चाहिए। कोश्यारी ने शुक्रवार शाम यहां एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि मुंबई में गुजराती और राजस्थानी लोग नहीं रहेंगे, तो यहां पैसा नहीं बचेगा और यह देश की आर्थिक राजधानी नहीं रहेगी।

इस टिप्पणी को लेकर हुए विवाद के बाद राज्यपाल ने शनिवार को कहा कि उनकी टिप्पणियों को गलत समझा गया है। उन्होंने कहा कि उनका ‘‘मराठी भाषी लोगों की कड़ी मेहनत को कमतर करने का कोई इरादा नहीं था।’’ शिंदे ने नासिक जिले के मालेगांव में पत्रकारों से कहा, हम (मुंबई के संबंध में) कोश्यारी के विचार से सहमत नहीं हैं। यह उनका निजी विचार है। उन्होंने अब एक स्पष्टीकरण जारी किया है। वह एक संवैधानिक पद पर हैं और उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उनकी टिप्पणियों से दूसरों को ठेस न पहुंचे।

उन्होंने कहा, मराठी समुदाय की कड़ी मेहनत ने मुंबई के विकास और प्रगति में योगदान दिया है। यह एक महत्वपूर्ण शहर है, जिसमें अपार संभावनाएं हैं। देशभर के लोगों के इसे अपना घर बनाने के बावजूद, मराठी लोगों ने अपनी पहचान और गौरव को बरकरार रखा है और इसका अपमान नहीं किया जाना चाहिए। शिंदे ने कहा कि मुंबई को महाराष्ट्र की राजधानी बनाने के आंदोलन में 105 लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी और शिवसेना के दिवंगत संस्थापक बाल ठाकरे ने शहर की मराठी पहचान को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने कहा, मुंबई और मराठी लोगों का अपमान कोई नहीं कर सकता। मुंबई शहर ने कई आपदाओं का सामना किया, लेकिन यह कभी नहीं रुकता, यह चौबीसों घंटे काम करता रहता है और हजारों लोगों को रोजगार, आजीविका देता है। इस बीच, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने धुले में पत्रकारों से कहा कि मराठी भाषी लोगों का महाराष्ट्र के विकास में अहम योगदान है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, यहां तक कि औद्योगिक क्षेत्र में भी मराठी भाषी लोगों ने वैश्विक प्रगति की है। हम राज्यपाल की टिप्पणी से सहमत नहीं हैं।

सरकारी नौकरी पाने की इच्छा छोड़ देनी चाहिए 

सरकारी नौकरी पाने की इच्छा छोड़ देनी चाहिए 

मनोज सिंह ठाकुर 

भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने रोजगार के आंकड़ों को लेकर केंद्र सरकार को घेरते हुए शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार ने संसद के पटल पर जो आंकड़े रखे हैं, उसके बाद अब भाजपा सरकार में देश में सरकारी नौकरी पाने की इच्छा नौजवानों को छोड़ देनी चाहिए। कमलनाथ ने अपने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने इस हफ्ते संसद के पटल पर जो आंकड़े रखे हैं, उससे साफ पता चलता है कि भाजपा सरकार में देश में सरकारी नौकरी पाने की इच्छा अब नौजवानों को छोड़ देनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 8 साल में 22 करोड़ से ज्यादा अभ्यर्थियों ने सरकारी नौकरी के लिए आवेदन किए। लेकिन, इनमें से मुश्किल से 7.22 लाख लोगों का ही चयन नौकरी के लिए हो पाया। प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी ने हर साल दो करोड़ रोजगार का वादा किया था। लेकिन, सरकारी आंकड़े बताते हैं कि वह हर साल एक लाख नौकरियां भी नहीं दे सके।

बिजली कंपनियों के बकाया का भुगतान, आग्रह किया 

बिजली कंपनियों के बकाया का भुगतान, आग्रह किया 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य सरकारों से बिजली कंपनियों के बकाया का भुगतान करने का शनिवार को आग्रह करते हुए कहा कि अभी तक सब्सिडी प्रतिबद्धता भी नहीं पूरी की गई है। प्रधानमंत्री ने एक कार्यक्रम में कहा कि बिजली उत्पादन एवं वितरण से जुड़ी कंपनियों का करीब 2.5 लाख करोड़ रुपया राज्यों के पास बकाया है। इसके साथ ही उन्होंने खेद जताया कि राज्य सरकारों ने अभी तक बिजली कंपनियों को 75,000 करोड़ रुपये की अपनी सब्सिडी प्रतिबद्धता भी पूरी नहीं की है।

उन्होंने ‘उज्ज्वल भारत उज्ज्वल भविष्य’ समारोह के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बिजली की किल्लत का दौर अब अतीत की बात हो गई है और बीते आठ वर्षों में करीब 1.70 लाख मेगावाट बिजली की अतिरिक्त क्षमता का सृजन हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘बिजली देश के विकास के लिए अनिवार्य है। देश को राष्ट्रनीति की जरूरत है न कि राजनीति की।’’ इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता के मामले में दुनिया के चार-पांच अग्रणी देशों में से एक है। इसके अलावा भारत में दुनिया के कुछ बड़े सौर ऊर्जा संयंत्र भी स्थापित किए गए हैं। इसके पहले उन्होंने तीन परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी।

राजस्थान में 735 मेगावाट की नोख सौर परियोजना लगाई जाएगी। जबकि लेह और गुजरात में हरित हाइड्रोजन परियोजनाएं स्थापित की जाएगी। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर नवीनीकृत वितरण क्षेत्र योजना और राष्ट्रीय सौर रूफटॉप पोर्टल की शुरुआत भी की।

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प्राधिकृत प्रकाशन विवरण 

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण 


1. अंक-295, (वर्ष-05)

2. रविवार, जुलाई 31, 2022

3.शक-1944, श्रावण, शुक्ल-पक्ष, तिथि-तीज, विक्रमी सवंत-2079।

4. सूर्योदय प्रातः05:20, सूर्यास्त: 07:15। 

5. न्‍यूनतम तापमान- 26 डी.सै., अधिकतम-34+ डी.सै.। उत्तरभारत में बरसात की संभावना। 

6. समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक कासहमत होना आवश्यक नहीं है। सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा। सभी पद अवैतनिक है। 

7.स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक राधेश्याम व शिवांशु,(विशेष संपादक) श्रीराम व सरस्वती (सहायक संपादक) संरक्षण-अखिलेश पांडेय, ओमवीरसिंह, वीरसेन पवार, योगेश चौधरी आदि के द्वारा (डिजीटल सस्‍ंकरण) प्रकाशित। प्रकाशित समाचार, विज्ञापन एवं लेखोंं से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं हैं। पीआरबी एक्ट के अंतर्गत उत्तरदायी। 

8. संपर्क व व्यवसायिक कार्यालय- चैंबर नं. 27,प्रथम तल, रामेश्वर पार्क, लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102। 

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 (सर्वाधिकार सुरक्षित)

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