मंगलवार, 26 अप्रैल 2022

डीएम ने चैपाल कार्यक्रम में प्रतिभाग किया

डीएम ने चैपाल कार्यक्रम में प्रतिभाग किया  

बृजेश केसरवानी        
प्रयागराज। जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री ने मंगलवार को ग्राम पंचायत पहाड़पुर विकास खण्ड सैदाबाद में जन-समस्याओं के समाधान के लिए चैपाल कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। चैपाल कार्यक्रम में ग्राम प्रधान श्रीमती सन्ध्या मिश्रा से ग्राम सभा में संचालित योजनाओं की जानकारी लेते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण का बड़ा उदाहरण है। जिसमें महिलाओं की समस्या का समाधान के साथ-साथ योजनाओं का भी लाभ मिला होगा। उन्होंने वहां पर जन मानस से सचिव, पंचायत सहायक, एडीओ पंचायत आशा बहुंए, ए.एन.एम. की उपस्थिति की जानकारी लेते हुए कहा, कि जनता की समस्याओं का प्राथमिकता पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाये।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया, कि लापरवाही या उदासीनता कत्तई क्षम्य नहीं होगा। उन्होंने ए.एन.एम. से गर्भवती महिलाओं की जानकारी ली तथा दो साल से छोटे बच्चों की संख्या के बारे में जानकारी ली।
जिसमें ए.एन.एम. द्वारा बताया गया कि दो साल से छोटे 40 बच्चे है, जिनमें दो का वजन मानक से कम है। उसकी पारिवारिक स्थिति की जानकारी लेते हुए उसको पौष्टिक आहार उपलब्ध कराये जाने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी ने कहा कि गांव में सभी लोगो को गभर्वती महिलाओं के लिए चलायी जा रही 102 नम्बर एम्बुलेंस सेवा की जानकारी होनी चाहिए। जिसको भी कोई परेशानी हो, वे 102 नम्बर पर काॅल कर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र जाकर अपना उपचार करा सकती है। उन्होंने प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य से बच्चों की उपस्थिति की जानकारी ली तथा कितने शिक्षक कार्यरत है।
जिसपर प्रधानाचार्य से बच्चों के नामांकन को और बढ़ाने के निर्देश दिये है तथा बच्चों के स्कूल में प्रार्थना सभा आयोजित किये जाये। उन्होंने ग्राम सभा में बने सामुदायिक शौचालय की उपयोगिता की जानकारी ली तथा साफ-सफाई निरंतर कराये जाने का केयर टेकर को निर्देश भी दिया है। जिलाधिकारी ने राशन की जानकारी लेते हुए कहा कि जो भी पात्र व्यक्ति है, उनको बिना भेदभाव के राशन उपलब्ध कराया जाये। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी लेते हुए 2020-21 में 6 पात्र व्यक्तियों को आवास दिया गया है। उन लाभार्थिंयों से वार्ता कर जानकारी ली कि आवास योजना के लाभ से पहले और अब में ज्यादा सुविधाजनक है कि नही। मनरेगा द्वारा कराये गये कार्यों की जानकारी लेते हुए लाभार्थिंयों से वार्ता की कि खेतों की उपज बढ़ा है कि नहीं समतलीकरण से। जिसपर लाभार्थी द्वारा बताया गया कि पहले से ज्यादा पैदावार हो रही है। तालाब के सौन्दर्यीकरण की जानकारी लेते हुए तालाब में पानी है कि नहीं, तालाब में पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने का निर्देश दिया है तथा पेयजल की समीक्षा करते हुए ग्राम सभा के लोगो से हैण्ड पम्प खराब है या सभी क्रियाशील है। जिसपर ग्राम सभा के लोगो द्वारा बताया गया कि सभी क्रियाशील है, पेयजल की कोई दिक्कत आदि नहीं है। 
उन्होंने डीडीओ को निर्देशित किया है कि जो भी हैण्डपम्प रिपेयर हो रहे है‌। उनका एक लागबुक बनाया जाये। उन्होंने निर्देश दिया है कि जो भी आम जनमानस सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिला है। उसें नोट कर शौचालय एवं आवास उपलब्ध कराया जाये। उन्होंने पेंशन योजनाओं की जानकारी लेते हुए वृद्धापेंशन, दिव्यांग पेंशन आदि जिनका भी किन्हीं कारणों से वंचित है। उन्हें जांच कर तत्काल लाभ प्रदान कराया जाये। बिजली की कोई दिक्कत आदि तो नहीं है की जानकारी ली। उन्होंने जनता की समस्याओं को सुना तथा 03 दिनों के अंदर निस्तारण कराने के निर्देश दिये है। तत्पश्चात शहीद स्व नन्द लाल यादव के परिजनों से मुलाकात की तथा उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत आदि तो नहीं है कि जानकारी ली। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी शिपू गिरि, डीडीओ ए.के. मौर्या सहित सभी जनपद स्तरीय सम्बंधित अधिकारीगण एवं ग्राम पंचायत के आम जनमानस उपस्थित रहे।

एचपीसीएल में ग्रेड सी, 186 पदों पर भर्ती निकाली

एचपीसीएल में ग्रेड सी, 186 पदों पर भर्ती निकाली

अकांशु उपाध्याय  

नई दिल्ली। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने ग्रेड सी में बंपर भर्तियां निकाली हैं। इसके तहत टेक्नीशियन, लैब एनालिस्ट, जूनियर फायर ऑफिसर और सेफ्टी ऑफिसर के 186 पदों पर भर्तियां की जाएंगी। इसके लिए 18 से 25 साल तक की उम्र के उम्मीदवार हिंदुस्तान पैट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ऑफिशियल वेबसाइट hindustanpetroleum.com पर जाकर 21 मई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

सैलरी: हिंदुस्तान पैट्रोलियम कॉर्पोरेशन में 186 पदों के लिए निकली भर्ती में सिलेक्शन होने पर हर महीने 26,000 से लेकर 76,000 रुपए तक की सैलरी दी जाएगी।

योग्यता: उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से न्यूनतम 60 फीसदी अंकों के साथ संबंधित ट्रेड में डिप्लोमा पास होना चाहिए। हालांकि, एससी, एसटी और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम अंकों की सीमा 50 फीसदी ही है। उच्चतर योग्यता (इंजीनियरिंग डिग्री या एएमआईई) रखने वाले उम्मीदवार आवेदन नहीं कर सकेंगे।

आयु सीमा: कैंडीडेट्स की आयु 1 अप्रैल 2022 को 18 वर्ष से कम और 25 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।

आवेदन शुल्क: आवेदन करते समय उम्मीदवारों को 590 रुपये का शुल्क देना होगा, जिसका भुगतान ऑनलाइन माध्यमों से उम्मीदवार कर सकेंगे।

ऐसे करें आवेदन: उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट करने के बाद करियर सेक्शन पर क्लिक करें।

यहां विसाख रिफाइनरी टेक्नीशियन भर्ती के लिंक पर क्लिक करें।
फिर ड्रॉप डाउन में दिए गए लिंक से उम्मीदवार भर्ती नोटिफिकेशन डाउनलोड करें। अब ऑनलाइन आवेदन के पेज पर जाएं। उम्मीदवार वैकल्पिक तौर पर नीचे दिए गए लिंक से भी एप्लिकेशन पेज पर जा सकते हैं।

सबसे बुजुर्ग इंसान का 119 की उम्र में निधन

सबसे बुजुर्ग इंसान का 119 की उम्र में निधन
अखिलेश पांडेय       
टोक्यो। दुनिया की सबसे बुजुर्ग इंसान जापान की केन तनाका का 119 साल की उम्र में निधन हो गया। केन तनाका ने 19 अप्रैल को पश्चिमी जापान के फुकुओका शहर के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनकी मृत्यु की घोषणा जापानी सार्वजनिक प्रसारक एनएचके ने सोमवार 25 अप्रैल को की है।
केन तनाका का जन्म 2 जनवरी 1903 को हुआ था। उन्होंने 1922 में हिदेओ तनाका से शादी की थी। केन के पति ने 1937 से 1939 तक मिलिट्री में सर्विस की। केन ने अपने जीवन में नूडल की दुकान और चावल के केक की दुकान सहित कई व्यवसाय चलाए। केन ने 4 बच्चों को जन्म दिया और पांचवें को गोद लिया।तनाका को 2019 में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने सबसे उम्रदराज जीवित इंसान के रूप में मान्यता दी थी। सोमवार को अपनी वेबसाइट पर तनाका की मौत की पुष्टि करते हुए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने कहा कि वर्तमान में जीवित सबसे बुजुर्ग व्यक्ति और सबसे बुजुर्ग व्यक्ति के खिताब की जांच की जा रही है।निधन के पहले तक केन तनाका की दिनचर्या प्रेरणादायक रही। वह रोज सुबह 6 बजे उठती थीं। दोपहर का समय वह मैथ्स की पहेलियों और कैलिग्राफी की प्रैक्टिस में समय गुजारती थीं। केन अपने अंतिम समय तक स्वस्थ रहीं और अपनी जिंदगी को ठीक ढंह से एंजॉय कर रही थीं। उन्होंने व्हीलचेयर पर बैठकर 2021 में टोक्यो ओलंपिक के लिए मशाल रिले में भाग लेने की योजना बनाई थी, लेकिन कोरोना महामारी के चलते वे ऐसा नहीं कर सकीं।

मुंबई: पेरेंट्स नहीं बनना चाहतें रणवीर-दीपिका

मुंबई: पेरेंट्स नहीं बनना चाहतें रणवीर-दीपिका

कविता गर्ग
मुंबई। बॉलीवुड इंडस्ट्री के पावर कपल रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण हमेशा चर्चा में रहते हैं। दीपिका पादुकोण रणवीर सिंह की जोड़ी को काफी पसंद किया जाता है। आपको बता दें दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह ने 2018 में शादी की है। आपको बता दें जब से दीपिका पादुकोण रणवीर सिंह की लाइफ में आई है, उनकी लाइफ में तो चार चांद लग गए हैं। रणवीर सिंह एक से बढ़कर एक सुपरहिट फिल्में निकाल रहे हैं। आपको बता दें दीपिका और रणवीर हमेशा सोशल मीडिया पर रोमांटिक तस्वीरें शेयर करते रहते हैं।
दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह की शादी को काफी समय हो चुका है। जिससे अब उनके फैंस नन्हे मेहमान के आने को देखने के लिए काफी बेताब है। लेकिन अब जो उनके बारे में खबर सामने आई है। वह काफी हैरान कर देने वाली है। उनके फैंस को थोड़ा मायूस करने वाली है।
आपको बता दें रणवीर सिंह के फैंस उनकी शादी को लेकर भी काफी खुश थे। अब उनके बच्चे को देखने के लिए भी काफी बेताब है। आपको बता दें रणवीर और दीपिका की जोड़ी को उनके फैंस काफी पसंद करते हैं। वहीं दीपिका और रणवीर की शादी को लगभग 4 साल हो चुके है। अब इनके फैंस इनकी बेबी प्लानिंग के बारे में जाने के लिए काफी बेताब है। आपको बता दें, कि रणवीर सिंह ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि वह अभी अपने काम में काफी बिजी हैं।
वह अभी पेरेंट्स नहीं बनना चाहते हैं। जिसको लेकर अब साफ हो चुका है कि रणवीर सिंह अभी पता नहीं कब पेरेंट्स बनेंगे ? रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण के फैंस के लिए थोड़ी यह मायूसी भरी खबर है क्योंकि उनके फैंस काफी बेताब थे। आपको बता दें, दीपिका पादुकोण से शादी करने के बाद रणवीर सिंह अपना पूरा फोकस अपने काम पर दे रहे हैं। वह एक से बढ़कर एक सुपरहिट फिल्में निकाल रहे हैं। वहीं दीपिका पादुकोण भी अपने पति की मदद करती नजर आ रही हैं। एक बार दीपिका पादुकोण ने भी एक इंटरव्यू में कहा था कि उनके पति रणवीर सिंह अभी काफी ऊंचाई और छूना चाहते हैं, अभी बहुत कुछ करना चाहते हैं। अभी उनके सपने पूरे नहीं हुए हैं।

विश्व का रक्षा बजट 21.13 खरब डॉलर तक पहुंचा

विश्व का रक्षा बजट 21.13 खरब डॉलर तक पहुंचा

सुनील श्रीवास्तव
मॉस्को/कीव/स्टॉकहोम। रूस और यूक्रेन युद्ध के दौरान और इससे पहले भी दुनिया के कई देश अपने रक्षा खर्च पर अरबों और खरबों रुपये निवेश करते हैं। ये भी सही है कि विश्‍व के मौजूदा हालातों ने दुनिया के कई देशों की चिंता को बढ़ाया है। जिसके बाद आने वाले वर्षों में रक्षा पर होने वाला खर्च बढ़ने की पूरी संभावना है। मौजूदा समय में विश्व का रक्षा बजट 21.13 खरब डॉलर तक हो गया है।
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिप्री) के मुताबिक, पिछले वर्ष रक्षा बजट के सभी रिकार्ड टूट गए हैं। सिप्री के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वर्ष दुनिया के रक्षा बजट 0.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी और यह 21.13 खरब डालर हो गया है। सिप्री के आंकड़ों के आधार पर ये कहा जा सकता है कि कोरोना महामारी के दौरान रक्षा खर्च में जबरदस्‍त बढ़ोतरी देखने को मिली है।
हालांकि, कुछ देशों में इस दौरान रक्षा बजट पहले के मुकाबले कुछ कम भी हुआ है। लेकिन ये .1 प्रतिशत ही है। इसकी वजह महामारी रही है। जहां के रक्षा बजट में कमी आई है वहां पर महामारी की रोकथाम के लिए विकास पर अधिक निवेश किया गया है। इसकी वजह से रक्षा बजट में कुछ कमी आई है। वर्ष 2021 में रक्षा मद में वैश्विक अर्थव्यवस्था का 2.2 फीसदी खर्च हुआ है।
सिप्री के मिलिट्री एक्सपेंडिचर एंड आर्म्स प्रॉडक्शन प्रोग्राम (MEAPP) के वरिष्ठ शोधकर्ता डिएगो लोपेज डा सिल्वा का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान भले ही विश्‍व की अर्थव्‍यवस्‍था गिरी थी लेकिन रक्षा बजट बढ़ा था। इस दौरान सैन्य खर्च 6.1 फीसदी बढ़ा है। भारत की ही बात करें तो भारत ने भी इस मद में काफी खर्च किया। वहीं अमेरिका का खर्च इस मद में कुछ कम हुआ है। अमेरिका ने इस दौरान 800 अरब डालर से अधिक इस पर खर्च किया है। जो उसकी कुल जीडीपी का 3.6 प्रतिशत है। हालांकि ये पहले 3.7 प्रतिशत था।

भारत: 24 घंटे में कोरोना के 2,483 नए मामलें

भारत: 24 घंटे में कोरोना के 2,483 नए मामलें   

अकांशु उपाध्याय      
नई दिल्ली। भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 2,483 नए मामलें सामने आए है। वहीं, 1 हजार, 970 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए है। दैनिक पॉजिटिव दर 0.55 प्रतिशत है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 2 हजार 483 नए मामले आए हैं। बीते 24 घंटे में कोरोना से 1,399 लोगों की मौत हुई है। कोरोना से अब तक कुल 5 लाख 23 हजार 622 लोग जान गंवा चुके है।
वहीं, एक्टिव मामलों की संख्या 15 हजार 636 है। देश में वैक्सीन की अब तक 187 करोड़ 95 लाख 76 हजार 423 डोज दी जा चुकी है। इस महामारी से ठीक होने वाले लोगों की संख्या 4 करोड़ 25 लाख 23 हजार 311 हो गई है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में कल कोरोना वायरस के लिए 4,49,197 सैंपल टेस्ट किए गए, कल तक कुल 83,54,69,014 सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं। 

पाक: कार में हुआ धमाका, 4 लोगों की मौंत

पाक: कार में हुआ धमाका, 4 लोगों की मौंत    

सुनील श्रीवास्तव      
कराची। पाकिस्तान की कराची यूनिवर्सिटी परिसर में जोरदार धमाका हुआ है। एक कार में हुए धमाके में 3 चीनी नागरिकों समेत 4 लोगों की मौंत हो गई। धमाके में कुछ लोग घायल भी हुए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक कन्फ्यूशियस इंस्टीट्यूट के पास एक कार में धमाका हुआ है। यह कराची यूनिवर्सिटी में एक चीनी भाषा शिक्षण केंद्र है। घटना के बाद बचाव और सुरक्षा एजेंसियों ने ​​मौके पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी कर दी है। 
मौके पर राहत और बचाव अभियान जारी है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कार में करीब 7 लोग सवार थे। शुरुआती जानकारी है कि विस्फोट एक गैस सिलेंडर के कारण हुआ था। हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि या खंडन नहीं किया है।

घोषणा: दिल्ली-पंजाब के बीच 'नॉलेज शेयरिंग एग्रीमेंट'

घोषणा: दिल्ली-पंजाब के बीच 'नॉलेज शेयरिंग एग्रीमेंट' 

अकांशु उपाध्याय        
नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिल्ली और पंजाब के बीच ‘नॉलेज शेयरिंग एग्रीमेंट’ करने की घोषणा की।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अभी दिल्ली और पंजाब सरकार ने ‘नॉलेज शेयरिंग एग्रीमेंट’ किया है। ये आज़ाद भारत में एतिहासिक कदम है। ये कहना गलत होगा कि सिर्फ हमने ही अच्छा काम किया। पिछले 75 सालों में बहुत राज्य सरकारों ने अच्छा काम किया। लेकिन राज्यों ने एक दूसरे से सीखा नहीं है, सभी लोग केवल राजनीति में फंसे रहे हैं। लेकिन आज इस न‌ए एग्रीमेंट से हमने ये तय किया है कि जो दिल्ली में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा काम हुआ है।
उसे समझौते के तहत पंजाब में भी पहुंचाएंगे। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के अच्छे काम पंजाब में जाएंगे और पंजाब के अच्छे काम दिल्ली आएंगे। ये एंग्रीमेंट एक मील का पत्थर साबित होगा।
पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि यह ऐग्रीमेंट एक तरह से ज्ञान का आदान-प्रदान है। कहते हैं हमेशा सीखते रहना चाहिये। कई बार दोस्तों से सीखने को मिलता है और कई बार बुजुर्गों से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। 
जब मैं आर्टिस्ट था तो दुनियाभर में जाता था। वहां अमेरिका- कनाडा जैसे देशों में जो मैंने अस्पताल और स्कूल देखे थे वो हमने अब दिल्ली में देखे है। यही मॉडल हम पंजाब में भी लागू करेंगे। पंजाब में डॉक्टर भी है और टीचर्स भी है। जब में सांसद था तो कोरोना के दौरान मैं वेंटिलेटर देना चाहता था लेकिन वेंटिलेटर चलाने वाला अस्पताल में कोई नहीं था। ऐसी ही कई और चीजें देने जाता था तो सरकारी अस्पतालों में कोई उसे ऑपरेट करने वाला तक नहीं मिलता था। कल मैं दिल्ली के स्कूलों और अस्पतालों में घूमने गया यहाँ अस्पताल किसी प्राइवेट अस्पताल से कम नहीं है। ऐसे ही अस्पताल और स्कूल अब पंजाब में बनायेंगे क्योंकि पंजाब में अब तक जो स्कूल और अस्पताल थे उसकी हालत बहुत ज़्यादा ख़राब है उनको ठीक करना है।
बता दें कि बताते चलें कि ‘नॉलेज शेयरिंग एग्रीमेंट’ के तहत दोनों ही सरकार अपने अधिकारियों और मंत्रियों को समय-समय पर दूसरे राज्य में भेजेंगे और ‘नॉलेज शेयर करेंगे। बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए दोनों सरकारों के बीच नॉलेज साझा किया जाएगा।

विशेषाधिकार समूह में शामिल होने की पेशकश

विशेषाधिकार समूह में शामिल होने की पेशकश

अकांशु उपाध्याय
नई दिल्ली। कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को ‘विशेषाधिकार प्राप्त कार्य समूह -2024’ का हिस्सा बनकर पार्टी में शामिल होने की पेशकश की गई। लेकिन, उन्होंने इनकार कर दिया। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह जानकारी दी।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ प्रशांत किशोर की प्रस्तुति और उनके साथ चर्चा के बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने ‘विशेषाधिकार प्राप्त कार्य समूह-2024’ का गठन किया और किशोर को निर्धारित जिम्मेदारी के साथ इस समूह का हिस्सा बनकर पार्टी में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने इनकार कर दिया। हम उनके प्रयासों और पार्टी को दिए गए सुझावों की सराहना करते हैं।

राजनीति: 29 अप्रैल को शामली आएंगी राज्यपाल

राजनीति: 29 अप्रैल को शामली आएंगी राज्यपाल 

भानु प्रताप उपाध्याय         
शामली। उत्तर-प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल 29 अप्रैल को शामली आएंगी। यहां कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद लखनऊ के लिए रवाना हो जाएंगी। जिला प्रशासन को राज्यपाल का अधिकृत कार्यक्रम प्राप्त हो गया है। राज्यपाल के कार्यक्रम की तैयारियों के मद्देनजर डीएम जसजीत कौर ने अफसरों के साथ बैठक की।
अधिकृत कार्यक्रम के अनुसार, राज्यपाल 28 अप्रैल को सहारनपुर में पहुंचेंगी। 
29 अप्रैल को सहारनपुर से थानाभवन में अर्पण पब्लिक स्कूल में जिले के उद्यमियों, समाजसेवियों व संस्थाओं के आंगनबाड़ी केंद्रों के गोद लेने के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। इसके बाद कृषि विज्ञान केंद्र जलालपुर में कार्यक्रम में शामिल होंगी। दोपहर में लोक निर्माण विभाग बनत के डाक बंगले पर रुकेंगी। इसके बाद जिला अस्पताल में निरीक्षण, स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के साथ बैठक करेंगी। फिर बनत वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण करेंगी। शाम को बनत से सर्किट हाउस सहारनपुर के लिए रवाना होंगी। 30 अप्रैल को मां शाकंभरी देवी मंदिर के दर्शन के बाद 11 बजे सहारनपुर में आएंगी। वहां सरसावा से लखनऊ के लिए रवाना होंगी।

एलन मस्क के पास अब ट्विटर का पूरा कंट्रोल

एलन मस्क के पास अब ट्विटर का पूरा कंट्रोल 

अखिलेश पांडेय    
नई दिल्ली/वाशिंगटन डीसी। ट्विटर के मालिक बनें एलन मस्क के पास अब ट्विटर का पुरा कंट्रोल होगा। जिसके साथ यह अब प्राइवेट कंपनी बन जाएगी। ट्विटर को 44 अरब डॉलर में खरीदने के बाद कंपनी में कई बड़े बदलाव होंगे, अभी तक ट्विटर पब्लिक कंपनी है। जिसके कई स्टेक होल्डर्स हैं। मस्क ने कहा था कि ट्विटर को बेहतर बनाने के लिए इसे प्राइवेट बनाना होगा। एक बयान में एलन मस्क ने कहा है कि अब ट्विटर को ओपन सोर्स किया जाएगा। एलन मस्क ने ट्विटर के ख़रीदने के पीछे की वजह फ़्री स्पीच बताया है। 
इससे पहले एलन मस्क ने कहा था कि ट्विटर में काफ़ी पोटेंशियल है। लेकिन, इसके लिए कंपनी को प्राइवेट बनाना होगा। एलन मस्क का मानना है कि फ़्री स्पीच के लिए ट्विटर के ऐल्गोरिद्म को ओपन सोर्स बनाना होगा।
हाल ही में एक इंटरव्यू क दौरान एलन मस्क ने कहा था कि ट्विटर यूज़र्स को ये जानने का हक़ होना चाहिए कि उनका ट्विट डिमोट या प्रोमोट किया जा रहा है, किस आधार पर किया जा रहा है। इस बात की भी जानकारी यूज़र्स को मिलनी चाहिए। ट्विटर ख़रीदने से पहले मस्क ने कहा था कि ट्विटर ख़रीदने के बाद वो प्लैटफ़ॉर्म के सभी यूज़र्स को ऑथेन्टिकेट करेंगे, यानी ट्विटर पर सभी यूज़र्स असली होंगे। मौजूदा समय में ट्विटर पर फ़र्ज़ी अकाउंट्स है।

डीजल-पेट्रोल के दामों में बनी रहीं स्थिरता

डीजल-पेट्रोल के दामों में बनी रहीं स्थिरता

अकांशु उपाध्याय
नई दिल्ली। तेल कंपनियों की तरफ से आज भी पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल 105.41 रुपये प्रति लीटर जबकि डीजल 96.67 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 120.51 रुपये व डीजल की कीमत 104.77 रुपये प्रति लीटर है।कोलकाता में पेट्रोल का दाम 115.12 रुपये जबकि डीजल का दाम 99.83 रुपये प्रति लीटर है। वहीं चेन्नई में भी पेट्रोल 110.85 रुपये प्रति लीटर तो डीजल 100.94 रुपये प्रति लीटर है।
बता दें कि पिछले वर्ष 4 नवंबर के बाद से इन दोनों ईंधन के मूल्य में कोई वृद्धि नहीं की गई थी।सरकार के राजनीतिक विरोधियों का आरोप था कि पांच राज्यों के चुनाव के कारण मोदी सरकार ने तेल कंपनियों को मूल्य बढ़ाने से रोक रखा था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव 112 डॉलर प्रति बैरल पहुंचने के बाद रविवार को तेल कंपनियों ने डीजल के थोक खरीदारों के लिए मूल्य में 25 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। तेल डीलरों का कहना है कि खुदरा मूल्य में धीरे-धीरे वृद्धि की जाएगी।बता दें कि मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पेट्रोल का भाव 100 रुपये से ऊपर चल रहा है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत सबसे अधिक है। 
बता दें कि प्रतिदिन सुबह छह बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है। सुबह छ: बजे से ही नई दरें लागू हो जाती हैं। पेट्रोल व डीजल के दाम में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और अन्य चीजें जोड़ने के बाद इसका दाम लगभग दोगुना हो जाता है।
इन्हीं मानकों के आधार पर पर पेट्रोल रेट और डीजल रेट रोज तय करने का काम तेल कंपनियां करती हैं। डीलर पेट्रोल पंप चलाने वाले लोग हैं। वे खुद को खुदरा कीमतों पर उपभोक्ताओं के अंत में करों और अपने स्वयं के मार्जिन जोड़ने के बाद पेट्रोल बेचते हैं। पेट्रोल रेट और डीजल रेट में यह कॉस्ट भी जुड़ती है।

4 गिरोह के लीडर व सदस्यों को सूचीबद्ध किया

4 गिरोह के लीडर व सदस्यों को सूचीबद्ध किया

भानु प्रताप उपाध्याय  
शामली। पुलिस ने लूट और डकैती की घटनाओं में शामिल चार गिरोह के लीडर और उनके सदस्यों को सूचीबद्ध किया गया है। एसएसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि सूचीबद्ध किए गए गिरोह के सदस्यों की हिस्ट्रीशीट खोलकर निगरानी की जाएगी और उनके विरुद्ध गैंगस्टर की कार्रवाई भी की जाएगी।एसएसपी ने बताया कि शहर कोतवाली, झिंझाना और कैराना पुलिस ने चार गिरोह सूचीबद्ध किए गए हैं। इनमें एक गिरोह के लीडर का नाम सन्नी निवासी दैदपुरा थाना नकुड़ जनपद सहारनपुर और उसके सदस्यों के नाम विशाल उर्फ पहाड़ी निवासी बहलोलपुर थाना रामपुर जनपद सहारनपुर, पारूल उर्फ रोहित निवासी दैदपुरा थाना नकुड़ जनपद सहारनपुर हैं।
दूसरे गिरोह के लीडर का नाम सावेज निवासी गांव रामड़ा थाना कैराना और सदस्यों के नाम रहीश निवासी गांव रामड़ा, फैसल निवासी मोहल्ला रेतावाला कैराना, जीशान व भिंडी निवासी मोहल्ला अंसारियान कैराना हैं। तीसरे गिरोह के लीडर का नाम राजेंद्र निवासी मोहल्ला माजरा झिंझाना और सदस्यों के नाम इमरान उर्फ खलीफा निवासी नई बस्ती बुढ़ाना, जितेंद्र निवासी लहरीपुर मजरा भमेड़ी शाहपुर थाना झिंझाना, साबिर निवासी मोहल्ला सफीपुर पट्टी बुढ़ाना, आशू निवासी मोहल्ला इस्लामनगर बुढ़ाना, दिलशाद निवासी नई बस्ती बुढ़ाना, शौकीन निवासी मोहल्ला सफीपुर पट्टी बुढ़ाना व आमिर निवासी मोहल्ला लोहसाना रोड बुढ़ाना हैं।चौथे गिरोह के लीडर का नाम कार्तिक उर्फ डैनी निवासी गांव इनामपुरा थाना मंडावर जनपद बिजनौर है और गिरोह के सदस्यों के नाम पतंगा उर्फ पटगा निवासी गांव इनामपुरा, अटरिया उर्फ विकास निवासी जोगेंद्र नगर थाना भोपा जनपद मुजफ्फरनगर, लोकेंद्र निवासी मोहल्ला सैदपुर थाना जानसठ जनपद मुजफ्फरनगर है। एसएसपी ने बताया कि इन गिरोह के सदस्यों की हिस्ट्रीशीट खोली जाएगी और गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी।

आपदा: 2030 तक बढ़कर 560 होने का खतरा

आपदा: 2030 तक बढ़कर 560 होने का खतरा

अकांशु उपाध्याय/सुनील श्रीवास्तव     
नई दिल्ली/वाशिंगटन डीसी। बीमारियों, प्राकृतिक आपदाओं से आजिज आ चुकी दुनिया को अभी आने वाले सालों में और भयानक प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ सकता है। अपनी एक रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र ने यह बात कही है। संयुक्त राष्ट्र आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यालय ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि दुनिया 2015 से लगातार हर साल करीब 400 आपदाओं को झेल रही है, जिसकी संख्या 2030 तक बढ़कर 560 होने का अनुमान है। वहीं अगर 1970 से 2000 के बीच की अवधि को देखें तो मध्यम से बड़े स्तर की आपदाओं की संख्या 90 से 100 के बीच थी।
इस साल अगर देखें तो पिछले साल की तुलना में ज्यादा गर्मी पड़ रही है और इसकी शुरुआत भी जल्दी हो गई है।
अगर यही हाल रहा तो 2030 तक आते आते गर्म हवाओं का सिलसिला अपने चरम पर होगा। यह 2001 की तुलना में तीन गुना बढ़ जाएगा और सूखा पड़ने में भी 30 फीसद का इजाफा होगा। जलवायु परिवर्तन की वजह से केवल प्राकृतिक आपदाओं में ही बढ़ोतरी नहीं हो रही है, बल्कि कोविड-19, आर्थिक मंदी, खाद्य समस्या जैसी कई विपदाओं की वजह भी जलवायु परिवर्तन ही है। लोगों को तो इस बात का अंदाजा ही नहीं है कि प्राकृतिक आपदाओं के चलते हम कितना नुकसान झेल चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र के आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यालय की प्रमुख मामी मिज़तोरी का कहना है अगर हमने जल्दी ही इसे संतुलित करने की शुरुआत नहीं की तो आगे जो नुकसान होगा उसकी भरपाई करना या उसे संभाल पाना हमारे बस की बात नहीं होगी।
मिज़तोरी का कहना है कि समाज को आपदाओं के जोखिम से निपटने के लिए आर्थिक स्तर पर भी दोबारा सोचने की ज़रूरत है, अभी हमारा 90 फीसद कोष आपाताकालीन मदद के लिए होता है, 6 फीसद पुनर्निर्माण और 4 फीसद आपदा को रोकने पर खर्च होता है।

ट्रैक्टर खड़ा करने को लेकर विवाद, गंभीर घायल

ट्रैक्टर खड़ा करने को लेकर विवाद, गंभीर घायल

भानु प्रताप उपाध्याय
मुजफ्फरनगर। फुगाना थाने के जोगिया खेड़ा गांव में पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। इस खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों के करीब 6 लोग गंभीर रुप से घायल हो गए। जिसका एक लाइव वीडियो भी सामने आया है।
बताया जाता है कि ट्रैक्टर खड़ा करने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ जो देखते ही देखते खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। दोनों पक्षों में जमकर पत्थरबाजी हुई और लाठी डंडे चले। इस मामले में 6 लोग गंभीर रुप से घायल बताए जा रहे है।

3 गोवंशो को शरारती तत्वों ने जिंदा जलाया

3 गोवंशो को शरारती तत्वों ने जिंदा जलाया

हरिओम उपाध्याय 
मेरठ। मेरठ में मंगलवार सुबह होते ही दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। खरखौदा थाना क्षेत्र के काजीपुर गांव के जंगल में बने एक कमरे में बंधे तीन गोवंश को शरारती तत्वों ने जिंदा जला दिया। गोवंश स्वामी खेत में नराई कर रहा था। गोवंश स्वामी मौके पर दौड़ा, जहां उसने एक आरोपी को पकड़ा लिया। जबकि दो फरार हो गए।
पकड़ में आए आरोपी ने गोवंश स्वामी की हाथ में काट कर भागने का प्रयास किया मगर शोर-शराबे के बीच अन्य ग्रामीण पहुंच गए। उसकी धुनाई कर दी। आग से दो गोवंश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरा गोवंश तड़प रहा है तीनों गोवंश 5 से 6 महीने की गर्भवती है। इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। बाद में कंट्रोल रूम की सूचना पर बिजली बंबा चौकी से पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे।
खरखौदा थाना क्षेत्र के गांव गाजीपुर निवासी परमिंदर सैनी पुत्र बालक राम सैनी ने बताया कि गांव के बाहर जंगल में उनके दो कमरे बने हुए हैं। जहां पर वह अपने पशुओं को दिन में बांधते हैं। रोज की तरह मंगलवार सुबह करीब 6:00 बजे परविंदर ने अपने तीन गोवंश को गांव से ले जाकर कमरे में बांध दिए थे। तीनों गोवंश गर्भवती है। उसके बाद परविंदर कमरे से थोड़ी ही दूरी पर अपने खीरे के खेत में नाराई करने चले गए। करीब 20 मिनट बाद परविंदर ने देखा कि कमरे में से धुआं निकल रहा था। दौड़ लगाकर परमिंदर कमरे की ओर दौड़ा।
तीसरे को ऐसे धर दबोचा
इस दौरान कमरे के पास से तीन युवक बाहर की ओर भागे। दो युवक प्रवेश बिहार की ओर फरार हो गए, जबकि तीसरे को परमिंदर ने धर दबोचा। आरोपित युवक ने परमिंदर के हाथ में काट कर भागने का प्रयास किया। शोर-शराबे के बीच आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान मौके पर दौड़े और आरोपित को पकड़ कर धुनाई कर दी। कंट्रोल रूम की सूचना पर खरखोदा थाने की बिजली बंबा चौकी से पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। इस दौरान सूचना के बाद ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। कमरे में देखा तो दो दो गोवंश के शव थे। जबकि तीसरी गोवंश आग लगने के बाद दीवार तोड़कर गांव में भाग गई, जहां वह तड़प रही है। पशु चिकित्सक उसका उपचार कर रहे हैं। गुस्साए ग्रामीणों ने हंगामा काट दिया। पुलिस आरोपी को बिजली बंबा चौकी ले गई।
तीनों आरोपितों को मिलने चाहिए फांसी की सजा
पीड़ित गोवंश स्वामी परविंदर समेत ग्रामीणों ने पुलिस से मांग की कि तीनों आरोपियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। जिस तरह से उन्होंने यह कृत्य किया है उससे समाज में गहरा रोष है।
खेत में शराब पीने से मना करने पर दिया घटना को अंजाम
परविंदर ने बताया कि जो आरोपित पकड़ा गया है वह और फरार दोनों युवक कमरे के पास खेत में आए दिन शराब पीते थे दो-तीन दिन से उन्हें खेत में शराब पीने से मना जा रहा था। संभवत इसी का बदला लेने के लिए उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया है।

दुजाना हत्या के मामलें में अदालत में पेश हुआ

दुजाना हत्या के मामलें में अदालत में पेश हुआ
भानुप्रताप उपाध्याय 
मुजफ्फरनगर। वेस्ट यूपी का कुख्यात अपराधी अनिल दुजाना हत्या के मांमले में मुजफ्फरनगर की एक अदालत में पेश हुआ। हत्या के मामले में आरोपी कुख्यात अनिल दुजाना के पेशी पर नहीं आने के कारण कोर्ट द्वारा उसकी संपत्ति कुर्क किए जाने के आदेश दिए गए थे।
मुजफ्फरनगर जनपद में छपार के खाद व्यापारी राजीव त्यागी की हत्या के मामले में आरोपी कुख्यात अनिल दुजाना के पेशी पर नहीं आने के कारण उसकी संपत्ति कुर्क किए जाने के आदेश दिए गए थे।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-13 शक्ति सिंह ने ये आदेश जारी किए थे।
खाद विक्रेता की 2013 में सनसनीखेज तरीके से हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने दुजाना और उसके साथियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। प्रकरण की सुनवाई एडीजे-13 कर रहे हैं। आज अनिल दुजाना को कडी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में पेशी के बाद अनिल दुजाना को दिल्ली पुलिस कडी सुरक्षा में अपने साथ ले गई।

धर्म-संसद पर यूके सरकार को सुप्रीम फटकार

धर्म-संसद पर यूके सरकार को सुप्रीम फटकार
अकांशु उपाध्याय 
नई दिल्ली। धर्म संसद के आयोजन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार को फटकार लगाई है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड के चीफ सेक्रेटरी को हलफनामा दाखिल करने को कहा है। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि राज्य सरकार ये सुनिश्चित करे कि कोई भड़काऊ भाषण न दिए जाएं। साथ ही कोर्ट ने कहा कि और अगर ऐसा हुआ तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। 
बता दें कि अगली धर्म संसद उत्तराखंड के रुड़की में बुधवार को होनी है।धर्म संसद में भड़काऊ भाषण देने का आरोप है। इससे पहले कई राज्यों में ऐसा हो चुका है। हिमाचल प्रदेश के ऊना, यूपी के हरिद्वार और दिल्ली में धर्म संसद में भड़काऊ भाषण देने का आरोप है।
राज्य दिशानिर्देशों का पालन करें
न्यायमूर्ति एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि ऐसी स्थितियों में क्या करने की जरूरत है, इस पर पहले से ही अदालती फैसले हैं और राज्य को केवल इसे लागू करने की जरूरत है। बेंच ने कहा, ‘आपको केवल पहले से मौजूद दिशानिर्देशों का पालन करना होगा। क्या आप इसका पालन कर रहे हैं या नहीं, यही आपको हमें जवाब देना है। पीठ में न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार भी शामिल हैं।
‘इन गतिविधियों को रोकना होगा’
राज्य सरकार ने कहा कि उसने इसे रोकने के लिए कदम उठाए थे। और पहले भी इसी तरह की घटनाएं होने पर जांच की थी। जस्टिस खानविलकर ने वकील से कहा, ‘नहीं, जांच ही नहीं। आपको इन गतिविधियों को रोकना होगा। पीठ ने टिप्पणी की कि अगर कुछ होता है तो वह मुख्य सचिव को मौजूद रहने के लिए कहेगी। अदालत ने हिमाचल प्रदेश में आयोजित एक धर्म संसद के खिलाफ एक याचिका पर भी चर्चा की और राज्य के वकील से एक हलफनामे में यह बताने को कहा कि इसे रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए है।
हिमाचल प्रदेश के वकील ने कहा कि राज्य ने यह सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधिनियम की धारा 64 के तहत एक नोटिस जारी किया है। जस्टिस खानविलकर ने कहा, “ये घटनाएं अचानक रातों रात नहीं होती हैं। इनकी घोषणा काफी पहले कर दी जाती है। स्थानीय पुलिस को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए ताकि ये सुनिश्चित हो सके कि कोई अप्रिय घटना न हो। और क्या वे कदम उठाए गए हैं, आप उसे समझाएं।

कार्यक्रम के अंतर्गत बाल वाटिका का उद्घाटन

कार्यक्रम के अंतर्गत बाल वाटिका का उद्घाटन 

संदीप मिश्र 
बस्ती। मंगलवार को प्राथमिक विद्यालय अमहरी गवर्नमेंट खंड शिक्षा अधिकारी इंद्रजीत ओझा द्वारा शासन के निर्देश पर संचालित स्कूल रेडिनस कार्यक्रम के अंतर्गत बाल वाटिका का उद्घाटन किया गया। प्रधान अध्यापिका पूजा त्रिपाठी द्वारा मुख्य अतिथि इंद्रजीत ओझा को बुके देकर स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन का माल्यार्पण किया गया। इस अवसर पर एसआरजी आशीष श्रीवास्तव ए आर पी अनिल पांडे अविनाश शुक्ला उपस्थित रहे और आयोजित शिक्षक संकुल बैठक में पूनम सिंह, नेहा पांडे, अर्चना यादव, विशाल शुक्ला, अशोक ओझा, अतुल पांडे, पूनम मिश्रा, रेखा प्रजापति, विद्यावती देवी, मोहन, निशात फातमा उपस्थित रहे। अपने संबोधन में खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा इस कार्यक्रम में 12 सप्ताह का गतिविधि कैलेंडर समस्त प्रधानाध्यापक को के लिए जानकारी प्रदान करा दी गई है। जिसका सफल संचालन नोडल शिक्षक के देखरेख में किया जाना है और इसकी मानिटरिंग एसआरजी ए आर पी जिला समन्वयक और उच्च अधिकारियों द्वारा की जाएगी।

डीएम ने कई विभागों का निरीक्षण किया

डीएम ने कई विभागों का निरीक्षण किया

संदीप मिश्र

बस्ती। जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय का प्रातः 10.30 बजे आकस्मिक निरीक्षण किया, जिसमें 03 कर्मचारी अनुपस्थित पाये गये। बेसिक शिक्षा अधिकारी जगदीश शुक्ला अवकाश पर होने के कारण उपस्थित नही थे। उन्होने पूरे परिसर का निरीक्षण किया तथा साफ-सफाई पर संतोष व्यक्त किया।
निरीक्षण के दौरान ई.एम.आई.एस. के प्रभारी संजय कुमार श्रीवास्तव, सामुदायिक सहभागिता के जिला समन्वयक अभिनव त्रिपाठी तथा वरिष्ठ सहायक विमल कुमार त्रिपाठी अनुपस्थित पाये गये। उनका वेतन रोकने तथा स्पष्टीकरण प्राप्त करने के लिए जिलाधिकारी ने निर्देशित किया है। निरीक्षण के समय जिला समन्वयक अमित कुुमार मिश्रा, सुनील कुमार, अभिषेक शुक्ला, संतोष कुमार, आशा त्रिपाठी एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित पाये गये।

मखाने का रायता बनाने की रेसिपी, जानिए

मखाने का रायता बनाने की रेसिपी, जानिए  

मो. रियाज 

मखाने का रायता सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं होता बल्कि ये सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है। गर्मियों का सीजन शुरू होते ही हर कोई दही को किसी न किसी रुप में अपनी डेली डाइट में शामिल कर लेता है। समर सीजन में दही शरीर को हेल्दी रखने में काफी मददगार होता है, वहीं मखाने के फायदों को कौन नहीं जानता है. अगर मखाने और दही का कॉम्बिनेशन एक ही रेसिपी में मिल जाए तो क्या कहना ? आज हम आपको ऐसे ही एक कॉम्बिनेशन मखाने के रायते को बनाने का तरीका बताने जा रहे हैं। इस रेसिपी को बनाना काफी आसान है और ये डाइजेशन को भी दुरुस्त रखने में मदददगार होती है।

मखाने का रायता बनाने के लिए सामग्री...
दही – 1 कप
मखाने – 2 कप
रायता मसाला – 1 टी स्पून
लाल मिर्च पाउडर – स्वादानुसार
चाट मसाला – 1/2 टी स्पून
गरम मसाला – 1/4 टी स्पून
देसी घी – 1 टी स्पून
हरा धनिया कटा – 1 टेबलस्पून
नमक – स्वादानुसार

मखाने का रायता बनाने की विधि...
मखाने का रायता बनाने के लिए सबसे पहले एक कड़ाही में घी डालकर उसे मीडियम आंच पर गर्म करने के लिए रख दें। जब घी पिघल जाए तो उसमें मखाने डालकर भून लें। जब मखानों का रंग हल्का सुनहरा हो जाए तो गैस बंद कर दें और मखानों को एक प्लेट में निकालकर अलग रख दें। जब मखाने ठंडे हो जाएं तो उन्हें मिक्सर में डालकर दरदरा पीस लें‌। अब एक बर्तन लें और उसमें दही डालकर अच्छी तरह से फेंट लें।

जब दही को फेंट लें उसके बाद उसमें रायता मसाला, चाट मसाला, गरम मसाला, लाल मिर्च पाउडर और स्वादानुसार नमक (सेंधा नमक भी इस्तेमाल किया जा सकता है)। डालकर दही में चम्मच की मदद से मिक्स कर दें। अब दही के मिश्रण में दरदरे पिसे मखाने डाल दें और मिला दें। अगर बनने के बाद रायता गाढ़ा लग रहा है तो अपनी आवश्यकता के अनुसार उसमें पानी डाल दें। आपका स्वादिष्ट मखाने का रायता बनकर तैयार हो गया है। इसे हरा धनिया पत्ती डालकर गार्निश करें।

जाखड़ का समिति को जवाब नहीं देने का फैसला

जाखड़ का समिति को जवाब नहीं देने का फैसला 
अमित शर्मा  
चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने अपने खिलाफ कार्रवाई पर फैसला करने के लिए कांग्रेस अनुशासन समिति की बैठक से पहले मंगलवार को कटाक्ष करते हुए कहा कि जिनके पास अभी भी जमीर है, उन्हें दंडित किया जाएगा। कांग्रेस अनुशासन समिति ने 11 अप्रैल को जाखड़ को कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया था और एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा था। हालांकि, जाखड़ ने समिति को जवाब नहीं देने का फैसला किया।जाखड़ ने एक ट्वीट में कहा, “आज, सर कलम होंगे उनके, जिनमें अभी जमीर बाकी है। (आज जमीर वालों का सिर कलम किया जाएगा)। (जावेद अख्तर साहब से माफी मांगता हूं)।” कांग्रेस अनुशासन समिति की बैठक मंगलवार को होने की संभावना है। जाखड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की आलोचना की थी और पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) से कांग्रेस की हार के बाद उन्हें पार्टी के लिए एक बोझ करार दिया था।
पूर्वी मंत्री राजकुमार वरका सहित कुछ पार्टी नेताओं ने जाखड़ पर एक टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में चन्नी और अनुसूचित जाति समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए उन पर कार्रवाई करने की मांग की थी। हालांकि, जाखड़ ने इन आरोपों को खारिज किया था और कहा था कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया था और उसका गलत मतलब निकाला गया था।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा था कि अगर कोई उनके बयान से आहत हुआ है तो वह इस पर खेद जताते हैं। जाखड़ ने इससे पहले तब खलबली मचा दी थी, जब उन्होंने पिछले साल अमरिंदर सिंह के अचानक हटने के बाद दावा किया था कि पंजाब के 42 विधायक उन्हें मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं और केवल दो चन्नी के समर्थन में हैं। अमरिंदर के हटने के बाद जाखड़ मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे थे। हालांकि, उनके मुख्यमंत्री बनने की संभावनाएं तब कम हो गई थीं, जब पार्टी नेता अंबिका सोनी ने कहा था कि कांग्रेस को किसी सिख चेहरे के साथ जाना चाहिए।

केदारघाटी में श्रमिकों का हालचाल पूछा: सीएम

केदारघाटी में श्रमिकों का हालचाल पूछा: सीएम
पंकज कपूर
देहरादून। मुख्यमंत्री ने केदारनाथ धाम में पूर्ण हो चुके सरस्वती आस्था पथ का निरीक्षण किया। निर्माणाधीन मंदाकिनी आस्था पथ को अति शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। केदारनाथ परिसर के आस-पास हो रहे पहाड़ी शैली में भवनों के निर्माण कार्यों की जानकारी ली।
मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदार घाटी के निर्माण में अहम योगदान दे रहे श्रमिकों का हालचाल जाना एवं उनकी हर समस्या को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने श्रमिकों से वार्ता कर निर्माण कार्यों में आ रही समस्याओं को जाना। एवं उनके अहम योगदान के लिये धन्यवाद किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंदिर परिसर के आसपास मुख्य मार्ग में अस्त-व्यस्त पड़े मलबे, निर्माणाधीन सामग्री को हटाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने बर्फ पिघलने के साथ ही निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ तेजी लाने के निर्देश दिए।
पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा अनुसार प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। साथ ही बरसात के दौरान यात्रियों की सुविधा अनुसार ड्रेनेज सिस्टम को विकसित किया जाएगा। श्री जावलकर ने बताया कि वर्तमान में केदारनाथ धाम के निर्माण हेतु करीब 700 श्रमिक कार्यरत हैं। उन्होंने बताया केदारघाटी में ब्रह्म कमल वाटर पार्क का निर्माण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ ट्रैक की जानकारी लेते हुए यात्रियों की सुविधा अनुसार विभिन्न जगहों पर ठहरने, पानी एवं बरसात के दौरान रैन सेटर के निर्माण कार्यों में गति लाने की बात कही। मुख्यमंत्री श्री धामी ने मंदाकिनी एवं सरस्वती नदी के किनारे सुरक्षा दीवार के साथ रेलिंग के निर्माण कराए जाने की बात कही। साथ ही उन्होंने वासुकी ताल ट्रैक को विकसित किए जाने से संबंधित जानकारी लेते हुए इसमें शीघ्र कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदार घाटी का निर्माण प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सपनों अनुसार किए जाने की बात कही।
इस दौरान विधायक शैला रानी रावत, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, उपजिलाधिकारी योगेंद्र सिंह, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

अब इंस्टाग्राम पर टिक-टोक वाला अनुभव पाएं

अब इंस्टाग्राम पर टिक-टोक वाला अनुभव पाएं
अकांशु उपाध्याय
नई दिल्ली। इन दिनों रील्स बनाने का क्रेज बढ़ता ही जा रहा है। अगर आप टिकटॉक को मिस कर रहे हैं तो आपके लिए हम एक ऐसे फीचर्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी मदद से आप इंस्टाग्राम पर टिकटॉक वाला अनुभव महसूस कर सकते हैं।
पॉपुलर फोटो शेयरिंग ऐप इंस्टाग्राम एक नए फीचर की टेस्टिंग कर रहा है, जिसके जरिए रील्स और मजेदार हो जाएंगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी टिकटॉक की तरह टैंपलेट्स फीचर पर काम कर रही है। इसके जरिए इंस्टाग्राम क्रिएटर्स पहले से मौजूद फॉर्मेट में रील्स बना सकेंगे। टेम्पलेट्स टूल फीचर को फिलहाल कुछ बीटा टेस्टर्स के लिए ही रोल आउट किया जा रहा है। ‘टेम्पलेट्स’ फीचर की तरह ही होगा, जो यूजर्स को प्रीसेट फॉर्मेट में अपने फोटो या वीडियो को जोड़ने की अनुमति देगा। इस फॉर्मेट को सबसे पहले मार्केटिंग मैनेजर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर जोसेफिन हिल ने स्पॉट किया था। उन्हें इस फीचर का जल्दी एक्सेस मिल गया और उन्होंने मार्च में अपने कुछ इंप्रेशन शेयर किए।
बिजनेस इनसाइडर से बात करते हुए जोसेफिन ने कहा कि एक चीज जिसकी मुझे तलाश थी, विशेष रूप से इंस्टाग्राम रील्स के साथ, वह कुछ ऐसा था जो टिकटोक के ऑडियो सिंक से मिलता-जुलता था, जहां क्लिप पूरी तरह से म्यूजिक के अनुरूप होते हैं।
मेटा के प्रवक्ता ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा, “हम आपके लिए किसी अन्य रील से मौजूदा टेम्पलेट का इस्तेमाल कर नई रील बनाने की सुविधा को टेस्ट कर रहे हैं।” टिकटॉक वीडियो के इंटरनेट पर पॉपुलर होने के बाद इंस्टाग्राम रील्स को 2020 में पेश किया गया था।

734 जिलों में पीएमबीजेके खोलने की योजना

734 जिलों में पीएमबीजेके खोलने की योजना 
इकबाल अंसारी  
नई दिल्ली। बाजार से हम जो दवाइयां खरीदते हैं वो ब्रांडेड होने की वजह से काफी महंगी होती है। लेकिन इन्हीं के जेनेरिक वर्जन काफी सस्ते, ऐसे में गरीब लोगों को सस्ती दवाइयां मिलें। इसके लिए केंद्र सरकार देशभर में प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र (PMBJK) खोल रही है।केंद्र सरकार की ये परियोजना लोगों को बड़े स्तर पर स्व-रोजगार करने का मौका भी दे रही है। तो आप भी जानें कि इस योजना के लिए कैसे आवेदन करना है, कितना निवेश लगेगा, कितनी कमाई होगी।
केंद्र सरकार ने देश के सभी 734 जिलों में पीएमबीजेके खोलने की योजना बनाई है‌।अभी जो नए आवेदन मंगाए गए हैं वो 406 जिलों के 3579 ब्लॉक में पीएमबीजेके खोलने के लिए मंगाए गए हैं। आपके जिले में केंद्र खुलने जा रहा है या नहीं इसकी पूरी लिस्ट आपको janaushadhi.gov.in पर मिल जाएगी। मोदी सरकार की इस योजना के लिए कोई भी बेरोजगार व्यक्ति आवेदन कर सकता है। इतना ही नहीं गैर सरकारी संगठन, संस्थाएं भी इसके लिए आवेदन कर सकती हैं। जबकि नीति आयोग द्वारा चयनित आकांक्षी जिलों के कोई भी व्यक्ति, महिला उद्यमी, दिव्यांग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के आवेदकों के साथ-साथ पूर्वोत्तर, हिमालयी, द्वीप प्रदेश के लोगों को स्पेशल इंसेटिव भी मिलेगा। हालांकि इसके लिए बी.फार्मा या डी. फार्मा में से एक डिग्री होना अनिवार्य है। अगर व्यक्ति या संस्था के पास खुद ये डिग्री नहीं है तो उन्हें किसी ऐसे व्यक्ति को नौकरी पर रखना होगा, क्योंकि केंद्र की अंतिम मंजूरी मिलने के वक्त डिग्री के साक्ष्य जमा करने होंगे।
इस योजना के तहत आवेदन करने के लिए आवेदक को एप्लिकेशन फॉर्म के साथ 5,000 रुपये की नॉन-रिफेंडबल फीस देनी होगी। हालांकि नीति आयोग द्वारा चयनित आकांक्षी जिलों के किसी भी व्यक्ति, महिला उद्यमी, दिव्यांग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के आवेदक के साथ-साथ पूर्वोत्तर, हिमालयी, द्वीप प्रदेश के आवेदकों को ये फीस नहीं देनी होगी। अगर आप पीएमबीजेके खोलना चाहते हैं तो आपके पास कम से कम 120 वर्ग फुट की जगह होनी चाहिए।ये जगह किराये की या खुद की हो सकती है।
नीति आयोग द्वारा चयनित आकांक्षी जिलों के किसी भी व्यक्ति, महिला उद्यमी, दिव्यांग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के आवेदक के साथ-साथ पूर्वोत्तर, हिमालयी, द्वीप प्रदेश की कैटेगरी के आवेदक हैं, तो सरकार की ओर से आपको 2 लाख रुपये का स्पेशल इंसेटिव मिलेगा। इसमें 1.50 लाख रुपये तक फर्नीचर और फिक्सचर के होंगे। जबकि 50,000 रुपये कंप्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर और इंटरनेट इत्यादि के लिए मिलेंगे। ये एक बार मिलने वाली ग्रांट होगी।  पीएमबीजेके चलाने वालों को हर दवाई की बिक्री पर उसकी एमआरपी (टैक्स हटाने के बाद) पर 20% का मार्जिन मिलेगा। इसके अलावा अगर कोई उद्यमी फार्मास्युटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेस ब्यूरो ऑफ इंडिया (PMBI) से खरीद करता है तो उसे उसकी मासिक खरीद के 15% के बराबर इंसेटिव मिलेगा। इसके लिए मासिक सीमा 15,000 रुपये होगी, जबकि अधिकतम सीमा 5 लाख रुपये है।

वायरस: 6-12 आयुवर्ग के लिए कोवैक्सीन को अनुमति

वायरस: 6-12 आयुवर्ग के लिए कोवैक्सीन को अनुमति 

विजय कुमार 'तन्हा'

नई दिल्ली। ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने 6-12 आयुवर्ग के लिए कोवैक्सीन को अनुमति (EUA) दे दी है। कोवैक्सीन को हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने तैयार किया है। 

बता दें कि कोरोना की बाकी लहरों में बच्चों पर ज्यादा गंभीर नहीं हुआ था, लेकिन इस बार बच्चे इस नए XE वेरिएंट की चपेट में आ रहे हैं। खासतौर से स्कूल खुलने के बाद इन मामलों में बढ़ोतरी की और आशंका जताई जा रही है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि पिछले तीन हफ्तों में बच्चों में फ्लू जैसे लक्षणों में बढ़ोतरी नजर आई है। ऐसे में अगर बच्चे को कोरोना वायरस होता भी है तो भी माता-पिता को इसके लिए घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि बच्चों में कोरोना के लक्षण काफी माइल्ड है और समय पर इलाज करवाने से बच्चे जल्दी ठीक भी हो रहे हैं। हालांकि इन लक्षणों की समय रहते पहचान जरूरी हैै।

बीजेपी की सांसद ने ब्रज 84 कोस की यात्रा पूरी की

बीजेपी की सांसद ने ब्रज 84 कोस की यात्रा पूरी की

बृजेश केसरवानी

मथुरा। अभिनेत्री और मथुरा से बीजेपी की सांसद हेमा मालिनी ने ब्रज 84 कोस की यात्रा पूरी कर ली है। इस दौरान 7 दिन में उन्होंने 401 किलोमीटर की दूरी तय की। ब्रज 84 कोस की यात्रा पूरी करने के बाद हेमा मालिनी ने कहा कि यात्रा में उन्हें कई खामियां मिली हैं। उन्होंने कहा कि ब्रज यात्रा के दौरान 43 गांवों और 32 पड़ाव स्थल का दौरा किया और ज्यादातर जगह की हालत दयनीय है। बीजेपी सांसद ने कहा कि महिलाओं को समस्या का सामना करना पड़ता है, क्योंकि पूरे परिक्रमा मार्ग पर उनके लिए शौचालय नहीं है। ऐसे में जल्द ही परिक्रमा मार्च पर शौचालय बनाए जाएंगे।

हेमा मालिनी ने कहा कि हर दो किलोमीटर के बाद शौचालय, स्नानघर, ठहरने के लिए अस्थायी व्यवस्था, प्रवचन के लिए हॉल, पूरे मार्ग पर पेड़ आदि की व्यवस्था की योजना बनाई गई है‌। उन्होंने कहा कि यूपी व्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजा कांत मिश्रा और उनकी टीम के साथ 84 कोस ब्रज यात्रा के नवीनीकरण के दौरान शामिल किए जाने वाले कार्यों के बारे में जानकारी हासिल की। हेमा मालिनी ने कहा कि ब्रज 84 कोस परिक्रमा मार्ग को विश्व विरासत के नक्शे पर लाया जाएगा।

17 अप्रैल से हेमा मालिनी ने की थी यात्रा की शुरुआत

आपको बता दें कि सांसद हेमा मालिनी ने ब्रज 84 कोस यात्रा की शुरुआत यमुना किनारे स्थित देवरहा बाबा के आश्रम से की थी। 17 से 23 अप्रैल तक उन्होंने 401 किलोमीटर की यात्रा की। इस दौरान वह ब्रज 84 कोस के 43 गांव में गई और 32 पड़ाव स्थल के दर्शन किए. हेमा मालिनी ने राधारानी की प्रमुख 8 सखियों के गांव का भी अवलोकन किया।

23 यात्री ट्रेनों को 1 महीने के लिए रद्द किया, आक्रोश

23 यात्री ट्रेनों को 1 महीने के लिए रद्द किया, आक्रोश

दुष्यंत टीकम  

रायपुर। रेलवे ने छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 23 यात्री ट्रेनों को एक महीने के लिए रद्द कर दिया है। इस रेलबंदी से प्रदेश की राजनीति भड़क गई है। कांग्रेस ने इसका तीखा विरोध शुरू किया है। मंगलवार को कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम की अगुवाई में  डी. आर. एम. कार्यालय का घेराव कर दिया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। करीब आधे घंटे तक चले नारेबाजी के बाद प्रदेश अध्यक्ष ने डीआरएम को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में ट्रेन जल्द शूरू करने की मांग की गई है।

सीएम ने किया फोन – भूपेश बघेल ने रेल मंत्री से दूरभाष पर चर्चा कर उन्हें छत्तीसगढ़ से गुज़रने वाली लगभग 23 यात्री रेलगाड़ी के परिचालन को निरस्त करने से राज्य के यात्रियों को हो रही परेशानियों से कराया अवगत।मुख्यमंत्री बघेल ने रेल मंत्री से इन सभी निरस्त यात्री रेलगाड़ियों का परिचालन जनहित को दृष्टिगत रखते पुनः प्रारंभ करने का किया आग्रह। रेल मंत्री ने मुख्यमंत्री की माँग का शीघ्र ही यथोचित निर्णय लेकर निराकरण करने का दिया आश्वासन।

2028 से 20 सीटर इलेक्ट्रिक विमान सेवा शुरू

2028 से 20 सीटर इलेक्ट्रिक विमान सेवा शुरू
अविनाश श्रीवास्तव  
मुजफ्फरपुर। पताही हवाई अड्डे से इलेक्ट्रिक विमानों की उड़ान भरने की संभावना पर मंथन तेज हो गया है। पिफोर कंपनी के सर्वे में यहां उपलब्ध रनवे से इन विमानों की उड़ान को संभव बताया जा रहा है। कहा यह जा रहा है कि अभी थोड़ी परेशानी यहां हैंगर की कमी को लेकर है। उसे दूर कर लेने पर उड़ान में कोई परेशानी नहीं होगी।
वहीं कंपनी के निदेशक सुनील कुमार की मानें तो विभाग के मापदंड के अनुसार कम से कम 1600 मीटर का रनवे होना चाहिए। इसके लिए यहां और भू-अर्जन की जरूरत पड़ सकती है, मगर अभी चार और आठ सीट वाले विमान की सेवा यहां से शुरू की जा सकती है। नगर विकास मंत्री तारकिशोर प्रसाद से आग्रह किया गया है कि जरूरत की जमीन उपलब्ध कराई जाए। 
वहीं यह इसलिए कि हवाई अड्डे में अभी हैंगर की कमी है। हवाई अड्डा के चालू होने पर वहां कई विमान लगाने होते हैं। इस कारण हैंगर आवश्यक है। साथ ही रनवे की चौड़ाई भी थोड़ी बढ़ानी होगी। वर्ष 2028 से कंपनी 20 सीटर इलेक्ट्रिक विमान लाएगी। रनवे की चौड़ाई बढ़ने से उसकी सेवा भी शुरू की जा सकती है। 
वहीं दूसरी तरफ़ पटना हाईकोर्ट के आदेश पर पताही हवाई अड्डे की जमीन की मापी पिछले दिनों कराई गई। वरीय उप समाहर्ता सारंग पाणि पांडेय के नेतृत्व में की गई मापी में महज 101 एकड़ जमीन ही हवाई अड्डे की निकली। अब तक यहां करीब डेढ़ सौ एकड़ जमीन होने का दावा किया जा रहा था।

किसानों की जमीन पर प्लांट लगाने की सहमति

किसानों की जमीन पर प्लांट लगाने की सहमति
हरिओम उपाध्याय  
वाराणसी। किसानों की जमीन पर नेडा के सहयोग से सोलर पावर प्लांट लगेगा और उसे पावर ग्रिड को बेचा जाएगा। बनारस के आठ जगहों पर किसानों के साथ हुई बैठक में दो किसानों ने अपनी जमीन पर सोलर पावर प्लांट लगाने की सहमति देते हुए नेडा में आवेदन किया है। अब इनकी जमीनों के दस्तावेजों की पड़ताल कराने के साथ ही उसकी पैमाइश व कानूनी प्रक्रिया कराई जाएगी।
वहीं नेडा यानी अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग की ओर से प्रधानमंत्री कुसुम योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत पिंडरा, जक्खिनी, लालपुर, सेवापुरी, दीनदासपुर, बरकी और नेवादा पावर हाउस पर सोलर एनर्जी कारपोरेशन आफ इंडिया (सेकी) और नेडा विभाग ने जनवरी में किसानों के साथ बैठक की और सोलर पावर प्लांट किसानों की जमीन पर लगाने की बात विस्तार से बताई।
वहीं योजना के तहत किसानों की जमीन 25 साल की लीज पर ली जाएगी और उसमें सोलर पावर प्लांट लगाकर उत्पादित बिजली को ग्रिड को बेची जाएगी। किसानों की जमीन का सालाना भाड़ा दिया जाएगा। योजना के तहत वही किसान इस योजना से आच्छादित हो सकते हैं जिनकी जमीन कम से कम चार एकड़ है। दो किसान मिलकर भी जमीन को बराबर-बराबर हिस्से में आधा-आधा दे सकते हैं।वहीं प्रभारी अधिकारी नेडा प्रेम प्रकाश सिंह बताते हैं कि अपनी जमीन पर सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए राजातालाब तहसील के घोसिला गांव निवासी तेग बहादुर सिंह और बसंतपुर गांव निवासी नागेंद्र सिंह, उपेंद्र सिंह व सीता देवी ने आवेदन दिया है। इन किसानों ने एक एकड़ का सालाना किराया एक लाख रुपये की मांग की है। 

वहीं अब कानूनी प्रक्रिया करते हुए सेकी के माध्यम से इन जगहों पर सोलर पावर प्लांट लगाया जाएगा। किसानों को भाड़ा सेकी से मिलेगा। नेडा नोडल विभाग होगा। उन्होंने अपील की है कि चार एकड़ जमीन वाला किसान सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए नेडा विभाग से संपर्क कर सकता है।

नींबू के बाद अब मिर्ची के भाव हुए चरचरे

नींबू के बाद अब मिर्ची के भाव हुए चरचरे
अंकुर कुमार
नई दिल्ली। देश में सब्जियों की कीमत लगातार बढ़ती देखी जा सकती है। जहां देश में नींबू की कीमत आग लगा रही है, वहीं अब लोगों को मिर्ची ने भी लोगों की जेब पर असर डालना शुरू कर दिया है। जैसे कि आप सब लोग जानते हैं, मिर्च रसोई घर में इस्तेमाल होने वाला एक जरूरी मसाला है।
इसका उपयोग सभी घरों में किया जाता है। ऐसे में मिर्ची की कीमत बढ़ने से देश के नागरिकों पर इसका असर हो रहा है।
आपको बता दें कि अभी वर्तमान समय में नींबू की कीमत लगभग 200 से 300 रुपए किलो बिक रहे हैं और अब वहीं बाजार में मिर्ची 60 से 80 रुपए किलो के बिक रही है। देश के कई शहरों में मिर्ची की कीमत करीब 100 रूपए प्रति किलो पहुंच गई है। मंडी में पहले मिर्ची की कीमत 20 से 40 रुपए किलो थी और अब एक दम से यह कीमत दुगनी हो गई है।
किस कारण से बढ़ी मिर्ची की कीमत
एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2002 में मिर्च का उत्पादन 10,69,000 बढ़कर वर्तमान समय में अब 20,92,000 टन तक हो गया है, लेकिन फिर भी इसका मंडी में कोई असर नहीं देखने को मिल रहा है। किसानों की मानें, तो मिर्ची की कीमत बढ़ने का एक मुख्य कारण थ्रिप्स अटैक भी है।
बताया जा रहा है कि इस अटैक के कारण इस साल करीब 9 लाख एकड़ तक मिर्ची की खेती नष्ट हो गई है। उनका यह भी कहना है कि इस बार बेमौसम बारिश होने के कारण भी मिर्ची की फसल (chilli crop) में भारी कमी आई है और साथ ही बढ़ती परिवहन लागत के कारण भी मिर्ची की कीमत बढ़ी है।
इन राज्यों में मिर्ची की खेती की जाती।
किसानों के लिए मिर्ची की खेती बेहद मुनाफे की खेती है। यह भारत की प्रमुख मसाला फसलों में से एक है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में मिर्च की खेती 792000 हेक्टेयर पर की जाती है।
इसकी खेती भारत के आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उड़ीसा, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल तथा राजस्थान राज्य में अधिक की जाती है।

ध्वज लहराने के रिकॉर्ड में नाम दर्ज: बिहार

ध्वज लहराने के रिकॉर्ड में नाम दर्ज: बिहार

अविनाश श्रीवास्तव  
पटना। भारत के बिहार ने एक साथ सबसे अधिक संख्या में राष्ट्रीय ध्वज लहराने के मामले में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कर लिया है। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में 23 अप्रैल को बिहार के भोजपुर के जगदीशपुर स्थित दुलौर मैदान में वीर कुंवर सिंह विजयोत्सव कार्यक्रम में 78 हज़ार 220 तिरंगे एक साथ लहराकर भारत ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया।
बिहार के जगदीशपुर के तत्कालीन राजा वीर कुंवर सिंह, जिन्हें 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के नायकों में शुमार किया जाता है, उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के अंतर्गत गृह मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित किया गया था।संस्कृति मंत्रालय के मुताबिक, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधियों के सामने बनाए गए इस रिकॉर्ड के लिए कार्यक्रम में उपस्थित लोगों की भौतिक पहचान के लिए बैंड पहनाए गए थे और पूरे कार्यक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग हुई थी। पिछला विश्व रिकॉर्ड 2004 का था, जब लाहौर में एक समारोह में लगभग 56,000 पाकिस्तानी झंडे लहराए गए थे।
बाबू वीर कुंवर सिंह 1857 के भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख नेता के रूप में उभरे थे, जिन्होंने लगभग 80 वर्ष की उम्र में भी विदेशी हुकूमत का डटकर मुकाबला किया। वह जगदीशपुर के परमार राजपूतों के उज्जयिनी वंश से ताल्लुक रखते थे।
उन्होंने 80 साल की उम्र में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की कमान के तहत सैनिकों के खिलाफ सशस्त्र जवानों के एक चयनित बैंड का नेतृत्व किया था। वह बिहार में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई के मुख्य नायक थे। उन्हें वीर कुंवर सिंह के नाम से जाना जाता है।

स्मार्टफोन, मार्केट पर दबदबा बनाने की कोशिश

स्मार्टफोन, मार्केट पर दबदबा बनाने की कोशिश

अकांशु उपाध्याय  
नई दिल्ली। नोकिया लगातार बजट स्मार्टफोन मार्केट पर अपना दबदबा बनाने की कोशिश में लगा हुआ है। आज कंपनी नई G-series स्मार्टफोन को भारत में लॉन्च करने वाली है। कंपनी अपना नया स्मार्टफोन Nokia G21 आज यानी 26 अप्रैल को लॉन्च करेगी। इस स्मार्टफोन को Nokia G20 के अगले वर्जन के तौर पर लॉन्च किया जा रहा है। इसे भारत में पिछले साल जुलाई में लॉन्च किया गया था। Nokia G21 को दूसरे मार्केट में पहले ही लॉन्च किया जा चुका है।
उसी स्पेसिफिकेशन्स के साथ भारत में भी इसे लॉन्च किया जाएगा। Nokia G21 में HD+ IPS LCD स्क्रीन दी गई है और इसका साइज 6.5-इंच का है। इसमें वॉटरड्रॉप नॉच फ्रंट कैमरा के टॉप सेंटर पर दिया गया है। इसके रियर में रेक्टेंगुलर कैमरा मॉड्यूल दिया गया है। ये ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप के साथ आता है। इसका प्राइमरी कैमरा 50-मेगापिक्सल का है। इसके साथ 2-मेगापिक्सल का मैक्रो-कैमरा और 2-मेगापिक्सल का डेप्थ सेंसर दिया गया है।
HMD Global ने पिछले मॉडल में मौजूद 5-मेगापिक्सल का अल्ट्रावाइड कैमरा को इससे हटा दिया है। इस फोन में सेल्फी के लिए 8-मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है। इसमें 5050 mAh की बैटरी 18W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ दी गई है। लेकिन, यूरोप में बॉक्स के साथ 10W का चार्जर दिया गया है।  इस वजह से ये साफ नहीं है भारत में इसमें 18W चार्जिंग ब्रिक दिया जाएगा या नहीं। Nokia G21 में Unisoc T606 प्रोसेसर दिया गया है।
इसका इंटरनेशन मॉडल 4GB और 6GB रैम ऑप्शन के साथ आता है। इसमें Mali G57 GPU दिया गया है। इसमें 128GB की इंटरनल मेमोरी दी गई है जिसे माइक्रो-एसडी कार्ड की मदद से बढ़ाया जा सकता है।
माना जा रहा है कि Nokia G21 के साथ कंपनी Nokia G11 को भी आज लॉन्च कर सकती है। इसको लेकर ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है। Nokia G21 की कीमत यूरोप में 170 यूरो से शुरू होती है। इसे Nordic Blue और Dusk दो कलर ऑप्शन में उपलब्ध करवाया गया है। भारत में ये फोन इन कलर के साथ 13,000 रुपये के रेंज में लॉन्च हो सकता है।

संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा 2022 का नोटिस जारी

संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा 2022 का नोटिस जारी 

अविनाश श्रीवास्तव  
पटना। बिहार स्टाफ सेलेक्शन कमीशन ने तीसरे स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा 2022 का नोटिस जारी किया है। इसके जरिए ग्रेजुएट्स के लिए बंपर भर्ती निकली है। बिहार स्टाफ सेलेक्शन कमीशन ने तीसरे स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा 2022 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। नोटिस के अनुसार इसके जरिए 2187 पदों पर भर्ती होगी। नोटिस के अनुसार तीसरे स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा 2022 के लिए आवेदन प्रक्रिया 14 अप्रैल से जारी है। आवेदन की आखिरी तारीख 15 मई 2022 है।
वैकेंसी डिटेल...
सचिवालय सहायक- 1360 पद
प्लानिंग असिस्टेंट-125
मलेरिया इंस्पेक्टर- 74
डाटा एंट्री ऑपरेटर ग्रेड सी- 2 पद
ऑडिटर-626 पद
कुल-2187
आवश्यक शैक्षिक योग्यता
उम्मीदवारों को किसी भी स्ट्रीम में ग्रेजुएट होना चाहिए।
आयु सीमा
पुरुष-21 से 37 वर्ष
सामान्य महिला- 21 से 40 वर्ष
ओबीसी/बीसी-21 से 40 वर्ष
एससी/एसटी- 21 से 40 वर्ष

मुंबई-पुणे व सूरत के कई ठिकानों पर छापेमारी

मुंबई-पुणे व सूरत के कई ठिकानों पर छापेमारी 

कविता गर्ग  
मुंबई। देश के सबसे बड़े बैंक घोटाले एबीजी शिपयार्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने फिर से छापेमारी की है। जानकारी के मुताबिक, ईडी के अधिकारियों ने मंगलवार को मुंबई, पुणे और सूरत के कई ठिकानों पर छापेमारी की। कथित रूप से यह घोटाला 22 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का है।
एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड की शुरुआत साल 1985 में हुई थी। गुजरात के दाहेज और सूरत में एबीजी समूह की यह शिपयार्ड कंपनी पानी के जहाज बनाने और उनकी मरम्मत का काम करती है। अब तक यह कंपनी 165 जहाज बना चुकी है। इस कंपनी ने 1991 तक तगड़ा मुनाफा कमाते हुए देश-विदेश से बड़े ऑर्डर हासिल किए।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2016 में कंपनी को 55 करोड़ डॉलर से ज्यादा का भारी नुकसान हुआ और इसके बाद एबीजी शिपयार्ड की हालत पतली होती गई। अपनी वित्तीय हालत का हवाला देते हुए कंपनी ने बैंकों से कर्ज लिया और इस सबसे बड़े घोटाले को अंजाम दिया।
स्टेट बैंक की शिकायत के मुताबिक, कंपनी ने बैंक से 2,925 करोड़ रुपये का कर्ज लिया। इसके अलावा आईसीआईसीआई बैंक से 7,089 करोड़ , आईडीबीआई बैंक से 3,634 करोड़, बैंक ऑफ बड़ौदा से 1,614 करोड़, पंजाब नेशनल बैंक से 1,244 करोड़ , इंडियन ओवरसीज बैंक से 1,228 करोड़ का कर्ज लिया। इस तरह से कंपनी ने कुल 28 बैंकों से कर्ज लिया।
एसबीआई ने अपनी शिकायत में बताया कि, इन पैसों का इस्तेमाल उन मदों में नहीं हुआ जिनके लिए बैंक ने इन्हें जारी किया था बल्कि दूसरे मदों में इसे लगाया गया।
एसबीआई ने इस मामले में पहली शिकायत 8 नवंबर 2019 को की थी। डेढ़ साल से अधिक समय तक जांच-पड़ताल करने के बाद, सीबीआई ने 7 फरवरी, 2022 को मामले में प्राथमिकी दर्ज की। एसबीआई ने यह भी बताया कि आखिर क्यों बैंकों के संघ की तरफ से उसने की मामले में केस दर्ज करवाया। आईडीबीआई बैंक कंसोर्शियम में पहले और दूसरे अग्रणी ऋणदाता थे। हालांकि, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में एसबीआई सबसे बड़ा ऋणदाता था। इसलिए यह तय हुआ कि सीबीआई के पास शिकायत दर्ज एसबीआई कराएगा।
2013 में एनपीए हो गया था लोन
एसबीआई ने बताया है कि उसे 2013 में ही पता चल गया था कि कंपनी का लोन एनपीए हो गया है। इसके बाद एसबीआई की ओर से लोन रिकवरी के लिए कई कोशिश की गईं, लेकिन सफलता नहीं मिली।
सीबीआई ने की थी छापेमारी
सात फरवरी को मामले में पहली प्राथमिकी दर्ज करने के बाद सीबीआई ने 12 फरवरी को 13 स्थानों पर छापेमारी की, जिसके बाद देश का सबसे बड़ा घोटाला सामने आया।
सीबीआई ने एबीजी शिपयार्ड कंपनी के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ऋषि कमलेश अग्रवाल और आठ अन्य लोगों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। केंद्रीय एजेंसी ने ऋषि कमलेश अग्रवाल के अलावा एबीजी शिपयार्ड के तत्कालीन कार्यकारी निदेशक संथानम मुथास्वामी, निदेशकों- अश्विनी कुमार, सुशील कुमार अग्रवाल और रवि विमल नेवेतिया और एक अन्य कंपनी एबीजी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ भी कथित रूप से आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आधिकारिक दुरुपयोग जैसे अपराधों के लिए मामला दर्ज किया।
स्टेट बैंक के अनुसार, यह घोटाला यूपीए सरकार के समय का है। दरअसल, जब 2013 में एबीजी शिपयार्ड के लोन को एनपीए घोषित किया गया था, तब यूपीए सरकार थी। साल 2005 से साल 2012 के बीच यह घोटाला हुआ। साल 2017 में एनसीएलएटी में मामला गया था।
रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियों पर आरोप है कि बैंक फ्रॉड के जरिए प्राप्त किए गए पैसे को विदेश में भेजकर अरबों रुपये की प्रॉपर्टी खरीदी गईं। 18 जनवरी 2019 को अर्नस्ट एंड यंग एलपी द्वारा दाखिल अप्रैल 2012 से जुलाई 2017 तक की फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट की जांच में सामने आया है कि कंपनी ने गैरकानूनी गतिविधियों के जरिए बैंक से कर्ज में हेरफेर किया और रकम ठिकाने लगा दी।

'आंदोलनों पर प्रतिबंध' कड़ी शर्तें, निंदा की

'आंदोलनों पर प्रतिबंध' कड़ी शर्तें, निंदा की

दुष्यंत टीकम
रायपुर। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने जन आंदोलनों के आयोजन पर प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा थोपी गई कड़ी शर्तों को आंदोलनों पर प्रतिबंध के समान बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है और इस अलोकतांत्रिक आदेश को वापस लेने की मांग की है। माकपा ने सवाल किया है कि अब जन आंदोलन क्या सरकार और प्रशासन की कृपा से चलेंगे ?
माकपा राज्य सचिव संजय पराते ने कहा है कि कांग्रेस सरकार की कॉर्पोरेटपरस्त नीतियों के खिलाफ आदिवासी समुदाय में तथा चुनावी वादों को पूरा न करने के कारण कर्मचारियों और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के बीच जो जन असंतोष पैदा हो रहा है। उसे कुचलने के लिए ही जन आंदोलनों पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। प्रदेश का लोकतांत्रिक जन मानस ऐसे दमनात्मक आदेशों को स्वीकार नहीं करेगा। इस सरकार को यह जवाब देना चाहिए कि क्यों उसके राज में जनता के विभिन्न तबकों को लंबे-लंबे आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है और उनकी मांगों पर लोकतांत्रिक ढंग से कोई सुनवाई क्यों नहीं हो रही है।
माकपा नेता ने कहा कि कांग्रेस का यह तर्क कि भाजपा शासित राज्यों में भी ऐसे प्रतिबंध थोपे गए हैं, यह दिखाता है कि दोनों पार्टियों का जन आंदोलनों के प्रति एक समान नजरिया है और सत्ता में आने के बाद दोनों पार्टियां जन आंदोलनों के प्रति दमनात्मक रवैया ही अपनाती है। बिजली विभाग के संविदा कर्मचारियों के आंदोलन तथा नया रायपुर में किसान आंदोलन के पंडाल को उखाड़कर फेंकने से यह स्पष्ट हो गया है। माकपा ने राज्य के सभी जनतांत्रिक तबकों से इस अलोकतांत्रिक आदेश का विरोध करने की अपील की है।

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण     

1. अंक-200, (वर्ष-05)
2. बुधवार, अप्रैल 27, 2022
3. शक-1984, वैशाख, कृष्ण-पक्ष, तिथि-द्वादशी, विक्रमी सवंत-2078‌। 
4. सूर्योदय प्रातः 07:04, सूर्यास्त: 06:24।
5. न्‍यूनतम तापमान- 29 डी.सै., अधिकतम-43+ डी सै.। उत्तर भारत में बरसात की संभावना।
6. समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है। सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा। सभी पद अवैतनिक है।
7.स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक राधेश्याम व शिवांशु, (विशेष संपादक) श्रीराम व सरस्वती (सहायक संपादक) के द्वारा (डिजीटल सस्‍ंकरण) प्रकाशित। प्रकाशित समाचार, विज्ञापन एवं लेखोंं से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं हैं। पीआरबी एक्ट के अंतर्गत उत्तरदायी।
8. संपर्क व व्यवसायिक कार्यालय- चैंबर नं. 27, प्रथम तल, रामेश्वर पार्क, लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102।
9. पंजीकृत कार्यालयः 263, सरस्वती विहार लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102
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संपर्क सूत्र :- +919350302745 
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'जिला स्वच्छ भारत मिशन' की बैठक संपन्न

'जिला स्वच्छ भारत मिशन' की बैठक संपन्न    सुशील केसरवानी         कौशाम्बी। मुख्य विकास अधिकारी शशिकान्त त्रिपाठी की अध्यक्षता में उद...