सोमवार, 19 अगस्त 2019

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

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2019-8-20 • RNI.No.UPHIN/2014/57254
1.अंक-17 (साल-01)
2.मंगलवार,20 अगस्‍त 2019
3.शक-1941,भादपद्र कृष्‍णपक्ष पंचमी,विक्रमी संवत 2076
4. सूर्योदय प्रातः 5:46,सूर्यास्त 7:07
5.न्‍यूनतम तापमान 26 डी.सै.,अधिकतम-33+ डी.सै., हवा में आद्रता रहेगी, बारिश की संभावना!
6. समाचार पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है! सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा!
7. स्वामी, प्रकाशक, मुद्रक, संपादक राधेश्याम के द्वारा (डिजिटल संस्करण )प्रकाशित।


8.संपादकीय कार्यालय- 263 सरस्वती विहार लोनी गाजियाबाद 201102


9.संपर्क एवं व्यावसायिक कार्यालय-डी-60,100 फुटा रोड बलराम नगर, लोनी गाजियाबाद 201102
email:universalexpress.editor@gmail.com
संपर्क:- 935030275


बाढ़ को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट:नोएडा

बाढ़ की सम्भावना को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट, जिलाधिकारी ने तैयारियों की समीक्षा करते हुयेे अधिकारियों को दिये आवश्यक दिशा निर्देश।


गौतमबुद्धनगर। जिलाधिकारी बीएन सिंह ने बाढ़ से सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा कि बाढ़ की स्थिति आने पर उनके विभाग के द्वारा क्या क्या कार्यवाही की जानी है उसके सम्बन्ध में तत्काल प्रभाव से कार्यवाही करते हुये अपने अपने विभाग की कार्ययोजना बनाकर तुरन्त जिला प्रशासन को उपलब्ध करायी जाये।


डीएम बीएन सिंह कलेक्ट्रेट के सभागार में इस सम्बन्ध में अधिकारियों के साथ बैठक करते हुये जनपद हथनीकुंड बैराज से यमुना नदी में डैम से पानी छोडे जाने के आधार पर बाढ के बारे में विभागीय समीक्षा करते हुये अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दे रहे थे। उन्होनें कहा कि सभी अधिकारियों के द्वारा इस सम्बन्ध में अपने स्तर पर व्यापक कार्ययोजना बनाकर उसे अन्तिम रूप दिया जाये और उनके द्वारा इस कार्य में जो ड्यूटी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लगायी जानी है उन्हें भी तत्काल प्रभाव से लगा दिया जाये।
उन्होनें समीक्षा के दौरान पाया कि बाढ से सम्बन्धित सिचाॅई विभाग के द्वारा 2 बाढ चैकियां स्थापित है अतः उनके द्वारा निर्धारित सभी स्टाफ की ड्यूटी लगाते हुये उनके मोवाईल नम्बर भी प्रभावित क्षेत्र के ग्रामों में उपलब्ध करा दिये जाये और ग्रामीणों को बाढ़ आने पर क्या करे क्या न करे की एडवाजरी जारी कर इस सम्बन्ध में जागरूक भी कर दिया जाये। उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी के द्वारा बांध काटा गया तो सम्बन्धित व्यक्ति के विरूद्ध कानूनी कठोर कार्यवाही अमल में लायी जायेंगी। जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों को कहा कि संवेदनशील क्षेत्र यमुना नदी के किनारे के गाॅव याकूतपुर व रामपुर तथा हिण्डन में पानी आने पर मोमनाथनपुर तथा सेफीपुर गांवो में मुनादी के माध्यम से ग्रामीणों को अलर्ट किया जायें।
उन्होंने यह भी बताया कि हथनीकुंड डैम से यमुना नदी में 8 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोडा गया है, इसलिए सभी बाढ चैकियाॅ पूर्णतः सक्रिय रहे और यमुना के किनारे बसने वाले लोगो को अलर्ट कर दिया जायें। डीएम ने राजस्व, सिचाॅई, चिकित्सा, पशु चिकित्सा, आपूर्ति, जल निगम, वन तथा अन्य सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये कि उनके द्वारा बाढ से निपटने के लिये अपनी सभी तैयारियाॅ क्रियाविन्त कर ली जाये। जिससे की बाढ़ की स्थिति आने पर आमजन को इस आपदा से सुरक्षित किया जा सकें और जानमाल की हानि को होने से बचाया जा सकें। 
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एव राजस्व मुनीन्द्र नाथ उपाध्याय, उपजिलाधिकारी जेवर गुंजा सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी आर0एन0 यादव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ वी0के0 श्रीवास्तव, सभी तहसीलदार गण, सिचाॅई विभाग के अधिशासी अभियन्ता, जल निगम के अधिकारी तथा अन्य अधिकारियों द्वारा भाग लिया गया-राकेश चैहान जिला सूचना अधिकारी।


विमान में लगी आग की इमरजेंसी लैंडिंग

दिल्ली से जयपुर जा रही एयर इंडिया फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग, विमान में लगी आग


नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली में एयर इंडिया अलायंस विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। एहतियातन तौर पर यात्रियों को वहां से सुरक्षित रुप से निकाला गया। फ्लाइट दिल्ली से जयपुर के लिए उड़ान भर रही थी। लेकिन कुछ समय बाद इस विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। अधिकारियों के मुताबिक विमान के पहिए में कोई समस्या आ गई थी जिसके बाद इसे वापस दिल्ली में उतार लिया गया।


सूत्रों के मुताबिक विमान में किसी प्रकार की आगजनी की कोई रिपोर्ट नहीं है। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर कर लिया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर फायर टेंडर्स और अन्य उपाय किए जा रहे हैं। बताया जाता है कि आईजीआई एयरपोर्ट से उड़ान भरने के तुरंत बाद ही विमान के इंजन में आग लगी गई जिसके बाद विमान की वापस दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंडिंग कराई गई। घटना आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 की है। आईजीआई एयरपोर्ट की तरफ से जारी आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक विमान के लैंडिंग गियर में कुछ तकनीकी समस्या आ जाने के कारण ऐसा करना पड़ा। जानकारी के मुताबिक सभी 63 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है।


रास:मनमोहन और नीरज निर्विरोध निर्वाचित

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी नीरज शेखर सोमवार को राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए। वहीं राजस्थान से पूर्व पीएम मनमोहन को कांगेस से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया है।


उत्तर राज्य में राज्यसभा की एक सीट के लिए हुए उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार नीरज शेखर का निर्विरोध निर्वाचन पहले ही तय हो गया था क्योंकि उनके अलावा किसी और ने नामांकन नहीं किया था। पिछले सप्ताह शुक्रवार को नामांकन पत्र की जांच की प्रक्रिया पूरी हो गई थी और आज नाम वापसी की अंतिम समय सीमा थी। यह समय सीमा समाप्त होने के बाद शेखर के नाम की औपचारिक घोषणा कर दी गयी।


गौरतलब है कि सपा के पूर्व राज्यसभा सदस्य नीरज शेखर ने पिछले दिनों राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था और वह सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। नीरज शेखर के इस्तीफे से खाली हुई राज्यसभा की एक सीट पर उपचुनाव कराया गया। उपचुनाव में भाजपा ने नीरज शेखर को ही उम्मीदवार बनाया। उन्होंने 14 अगस्त को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था।


दूसरी ओर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह राजस्थान से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए हैं। रविवार शाम को चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद मनमोहन सिंह को चुन लिया गया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल सैनी के निधन के बाद एक सीट खाली हो गई थी। निर्विरोध चुने जाने पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को बधाई दी।


पिछले मंगलवार को मनमोहन सिंह ने राज्यसभा की सदस्यता के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। नामांकन दाखिल करने के लिए मनमोहन सिंह के साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट भी मौजूद थे। भाजपा या किसी और दल ने उनके खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारा। अब मनमोहन सिंह 3 अप्रैल 2024 तक राज्यसभा के सदस्य रहेंगे। इससे पहले  वे तीन दशक तक असम से राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं। उनका कार्यकाल 14 जून को ही समाप्त हुआ था


राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और गृहमंत्री की मीटिंग

नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने पांच अगस्त से प्रशासनिक पाबंदियों से गुजर रहे जम्मू कश्मीर की वर्तमान स्थिति के बारे में सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को बताया।


सूत्रों के अनुसार कश्मीर घाटी से लौटने के बाद डोभाल की शाह के साथ यह पहली बैठक है। वह घाटी में दस दिनों तक रुके थे और वहां उन्होंने हालात पर व्यक्तिगत रूप से नजर रखा था। एक अधिकारी ने बताया कि एनएसए ने गृहमंत्री को जम्मू कश्मीर की संपूर्ण स्थिति के बारे में बताया। केंद्रीय गृह सचिव राजीव गौबा और अन्य शीर्ष अधिकारी भी इस बैठक में मौजूद थे, जिसमें राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाये गये कदमों की समीक्षा की गयी।


अधिकारी के अनुसार जम्मू कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में लगायी गयी पाबंदियों से जुड़े मुद्दों पर भी बैठक में चर्चा हुई। जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्रदान करने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को केंद्र द्वारा निरस्त करने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के बाद से पांच अगस्त से संचार संपर्कों और लोगों की आवाजाही पर पाबंदी लगायी गयी है। हालांकि, जम्मू क्षेत्र और कश्मीर घाटी के कुछ क्षेत्रों में क्रमिक ढंग से पाबंदियां हटायी गयी हैं लेकिन कई हिस्सों में अब भी प्रतिबंध है।


देश के आर्थिक संकट पर सरकार चुप:प्रियंका

नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी के महासचिव प्रियंका गांधी ने देश में आर्थिक मंदी की आहट को देखते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि लोगों को नौकरियों से निकाला जा रहा है। नौकरियों में कमी को लेकर प्रियंका गांधी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को जिम्मेदार ठहराया।


उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार मौन है। आर्थिक संकट को लेकर सरकार की चुप्पी खतरनाक है। सवालिया लहजे में प्रियंका ने कहा कि आखिर इस देश में भयंकर मंदी के लिए जिम्मेदार कौन है। प्रियंका गांधी ने कहा, ”सरकार की घोर चुप्पी खतरनाक है। कम्पनियों का काम चौपट है। लोगों को काम से निकाला जा रहा है, बीजेपी सरकार मौन है। आखिर देश में इस भयंकर मंदी का जिम्मेदार कौन है?” अपने ट्वीट के साथ प्रियंका गांधी अखबारों के कतरनों का एक फोटो कोलाज भी शेयर किया जिसमें आर्थिक संकट, बेरोजगारी और नौकरी घटने की बात कही गई है।


यूएई:मोदी को देंगे सर्वोच्च नागरिक सम्मान

नई दिल्ली। खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी माह के अंत में अपनी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और बहरीन की तीन दिवसीय यात्रा पर जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक- पीएम मोदी की यह तीन दिवसीय यात्रा 23 अगस्त से शुरू होगी। इस दौरान पीएम मोदी यूएई और बहरीन के शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और परस्पर हित के वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा करेंगे।


विदेश मंत्रालय ने रविवार को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी पहले संयुक्त अरब अमीरात जाएंगे जहां वह देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'आर्डर आफ जायद' प्राप्त करेंगे। गत अप्रैल में यूएई ने द्विपक्षीय रणनीतिक संबंधों को ''बढ़ावा'' देने में ''महत्वपूर्ण भूमिका'' निभाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान करने की घोषणा की थी। मंत्रालय ने बताया कि यूएई से पीएम मोदी 24 अगस्त को बहरीन की दो दिवसीय यात्रा पर रवाना होंगे जो कि इस खाड़ी देश की भारत के किसी प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी।


देश में आर्थिक आपात जैसी स्थिति:सिंघवी

नई दिल्ली। कांग्रेस ने अर्थव्यवस्था की नरमी पर रविवार को चिंता जताते हुए कहा कि देश आर्थिक आपातकाल जैसी स्थिति का सामना कर रहा है। कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने भाजपा पर लोगों का ध्यान अपनी विफलताओं से हटाने का आरोप लगाया।


सिंघवी ने वाहन क्षेत्र में नरमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वाहन उद्योग में नरमी का चलन अचानक से नहीं आया है। सिंघवी ने कहा कि वाहनों की बिक्री में 31 प्रतिशत गिरावट आयी है। यह यात्री वाहनों की बिक्री में लगातार नौंवे महीने की गिरावट रही। सिंघवी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जुलाई 2018 के बाद के 13 महीनों में से 12 महीनों में वाहनों की बिक्री गिरी है। यह विश्व के चौथे सबसे बड़े वाहन बाजार में तेज नरमी का संकेत देता है। उन्होंने शेयर बाजार में गिरावट और बढ़ते राजकोषीय घाटे के मुद्दों को भी उठाया। इसके अलावा उन्होंने जीडीपी के गिरते आंकड़ों, घटते श्रम बल, रियल एस्टेट क्षेत्र में नरमी, लगातार कमजोर होता रुपया, गिरता प्रत्यक्ष विदेशी निवेश तथा विदेशी पोर्टफोलियो निवेश में कमी आने के मुद्दे उठाए। साथ ही सिंघवी ने राजग सरकार पर ठोस आर्थिक नीति नहीं लाने का भी आरोप लगाया।


सामान्य हालात में महबूबा की बेटी नजरबंद

नई दिल्ली। कांग्रेस  के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम ने जम्मू-कश्मीर की स्थिति को लेकर सोमवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि मौजूदा हालात अब वहां सामान्य बात हो गई है। उन्होंने तंज करते हुए ट्वीट किया कि जम्मू-कश्मीर में सब कुछ सामान्य है। स्कूल खुले हुए हैं लेकिन छात्र नहीं है। राज्य में सब कुछ सामान्य है। इंटरनेट फिर से बंद है। महबूबा मुफ्ती की बेटी नजरबंद है। क्यों? कोई जवाब नहीं है। चिदंबरम ने कहा कि अगर आपको हैरानी हो रही है कि यह सब क्या चल रहा है तो कृपया समझ लीजिए कि यह अब सामान्य बात हो गई है। हाल ही में सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के कई प्रावधान हटाने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने का कदम उठाया था। इसके बाद से ही राज्य के कई इलाकों में पुख्ता सुरक्षा इंतजाम और कई तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं।


अखिलेश ने फिर यूपी सरकार को घेरा

लखनऊ । सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कानून-व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार पर सोमवार को बड़ा हमला किया। उन्होंने कहा कि सहारनपुर में पत्रकार और उसके भाई की घर में घुसकर हत्या की खबर की स्याही सूखी भी नहीं थी कि प्रयागराज में 12 घंटों में 8 हत्याएं हो गईं। प्रयागराज में उपमुख्यमंत्री अपना सम्मान समारोह करा रहे थे और बगल में अपराधी वारदात को अंजाम दे रहे थे। उन्होंने कहा, प्रशासन और अपराधी जानते हैं कि भाजपा सरकार चलाने में सक्षम नहीं है। अखिलेश ने सोमवार को बयान में कहा कि बिगड़ती कानून-व्यवस्था से यूपी 'हत्या प्रदेश' बन गया है। क्या भाजपा यूपी की यही पहचान बनाना चाहती है? जब जनता को अपने जान-माल की सुरक्षा का ही भरोसा न हो तो फिर कैसा विकास और किस पर विश्वास? उन्होंने प्रयागराज की आपराधिक घटनाओं में पीड़ित परिवारों को राज्य सरकार की ओर से 50-50 लाख रुपये की सहायता देने तथा अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित कराने की मांग की है। साथ ही प्रदेश में अधिकारी मनमानी कर रहे हैं, गरीब की कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। भाजपा के संरक्षण में अपराधी निरंकुश हैं। भाजपा सरकार लाख दावा करती रहे। लेकिन जब अपराधियों को जेल से भी अपनी गतिविधियां निर्बाध रूप से चलाने की छूट मिली हुई है तो राज्य के बाहर जाने का सवाल ही कहां उठता है?


दिल्लीवासियों के लिए हेल्पलाइन की जारी

नई दिल्‍ली। मुख्यमंत्री ने यमुना फ्लडप्लेंस के निवासियों से सरकार के टेंट्स में शिफ्ट होने की अपील की,कहा 
घबराने की जरुरत नहीं हैं, दिल्ली सरकार किसी भी स्थिति से निपटने लिए तैयार। सरकार स्थिति पर बराबर नजर रखे हुए हैं । जरुरत पड़ने पर टेलीफोन नंबर 22421656 और  टेलीफोन नंबर 21210849 पर संपर्क किया जा सकता है।
 दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि यमुना के जल स्तर के शाम तक खतरे के निशान (205.33 मीटर) को पार कर जाने की आशंका है क्योंकि हरियाणा ने रविवार शाम को 8.28 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा है और यह पानी 36 से 72 घंटों के अंदर दिल्ली में पहुंच जाएगा।उन्होंने अपील की यमुना फ्लडप्लेंस में रहने वाले लोग अपनी जगह खाली कर दें और दिल्ली सरकार की तरफ से लगाये गये टेंट्स में शिफ्ट हो जाएं। इस बारे में जानकारी देने के लिए मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को दिल्ली सचिवालय में एक प्रेस कांफ्रेंस की जिसमें मंत्री श्री सत्येंद्र जैन, श्री कैलाश गहलोत, मुख्य सचिव श्री विजय कुमार देव के साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इस प्रेस वार्ता से पहले दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई जिसमें सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस बैठक में बाढ़ की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा की गई।प्रेस कांफ्रेस में मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वह बिलकुल भी न घबरायें क्योंकि इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है। दिल्ली के छह जिलों (नॉर्थ, नॉर्थ ईस्ट, शाहदरा, ईस्ट, सेंट्रल और साउथ वेस्ट) के निचले इलाकों में रहने वाले लोग इससे प्रभावित हो सकते हैं।


किसी भी स्थिति से निपटने की तैयारी के अलावा दिल्ली सरकार पहले से ही लोगों को ऐसी जगहों से निकालने और यमुना के दोनों तरफ लगाए गये टेंट्स में उनको ले जाने का काम कर रही है। अब तक, 2120 टेंट्स लगाये जा चुके हैं, जहां पर बिजली, खाने-पीने, पानी और टॉयलेट इत्यादि का इंतजाम किया गया है।श्री अरविंद केजरीवाल ने फ्लडप्लेंस में रहने वाले लोगों से बार-बार अपील करते हुए कहा कि वे शाम 6 बजे तक टेंट्स में शिफ्ट कर जाएं और तब तक वापस ना जाएं जब तक उनके इलाकों से पानी न निकल जाए क्योंकि यमुना के पानी के प्रवाह के बारे में कोई भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री ने बच्चों को लेकर विशेषतौर पर अपील करते हुए कहा कि अपने बच्चों का खास तौर पर ख्याल रखें क्योंकि अकसर बच्चे खेलने या नहाने नदी में चले जाते हैं। पिछले साल इसी तरह से दो बच्चों की मौत हो गई थी। इसके अलावा बचाव कार्य के लिए 53 नावों को तैयार कर लिया गया है और 30 नावों को उन 30 स्थानों पर पहले से ही लगा दिया गया है जहां बाढ़ का असर ज्यादा रहने की संभावना है।


इसके लिए दिल्ली सरकार एक इमरजेंसी कॉन्टैक्ट टेलीफोन नंबर 22421656 जारी किया है। साथ ही एसडीएम प्रीत विहार नोडल ऑफिसर हैं और उनके कंट्रोल रूम के टेलीफोन नंबर 21210849 से कॉन्टैक्ट किया जा सकता है। इससे पहले 2013 में हरियाणा में 8.06 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा था जिसकी वजह से जलस्तर 207.3 मीटर तक गया था। रविवार को हरियाणा की तरफ से जितनी भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया है, उससे यमुना का जल स्तर काफी ज्यादा बढ़ सकता है मुख्यमंत्री ने कहा, अगले दो दिन बेहद अहम हैं। हम स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं। उन्होंने ये भी कहा कि दिल्ली सरकार केंद्र सरकार, उप-राज्यपाल के ऑफिस और सभी संबंधित एजेंसियों के साथ तालमेल बनाये हुए हैं। सरकार के लिए हर किसी का जीवन बेहद कीमती है, इसी को देखते हुए पूरा सरकारी तंत्र किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने लिए तैयार है।


92 की उम्र में राम मंदिर की पैरवी करना

 नई दिल्ली। कौन है 92 की उम्र में "राम मंदिर" के लिए "सुप्रीम कोर्ट" में घंटों खड़े होकर बहस करने वाला विद्वान वकील ? जब सीजेआई ने पूछा “क्या आप बैठ कर दलीलें पेश करना चाहेंगे?” तो क्या था जवाब पढें?


"यह मेरी अंतिम इच्छा है कि मरने से पहले मैं इस मामले को अंजाम तक पहुँचा दूँ। मैं अपने श्रीराम के लिए इतना तो कर ही सकता हूँ।92 की उम्र में राम मंदिर केस को अंजाम तक पहुँचाना ही मेरी अंतिम इच्छा है। अगर आप अदालती कार्यवाहियों का हिस्सा रहे हैं या फिर आपने यह व्यवस्था देखी है तो आपको पता होगा कि वकील खड़े होकर बहस करते हैं। कम से कम फ़िल्मों में तो आपने देखा ही होगा। इसी महीने पिछले सप्ताह में राम मंदिर-बाबरी मस्जिद मुद्दे पर अदालत की सुनवाई चल रही थी। रामलला की तरफ से अदालत में एक वकील पैरवी कर रहे थे। पीठ की अध्यक्षता ख़ुद सीजेआई रंजन गोगोई कर रहे थे।


 तभी बीच में सीजेआई गोगोई ने वकील से पूछा, “क्या आप बैठ कर दलीलें पेश करना चाहेंगे?” लेकिन, श्री राम मोती राम वकील ने कहा, मिलॉर्ड, आप बहुत दयावान हैं,लेकिन वकीलों की परंपरा रही है कि वे सुनवाई के दौरान खड़े होकर दलीलें पेश करते रहे हैं। मैं इस परम्परा से लगाव रखता हूँ।” क्या आपको पता है कि ये वकील कौन हैं? राम मंदिर से हिंदुओं की आस्थाएँ जुड़ी हैं। ऐसे में वो कौन है, जो 92 की उम्र में भी घंटों खड़े होकर दलीलें दे रहा है। हिदुत्व की लड़ाई लड़ रहा है, यह पता तो होना ही चाहिए। जज और वकील का यह कन्वर्सेशन अदालत के इतिहास में एक रोचक और अच्छी याद बन कर दर्ज हो गया।


यूपी हाईकोर्ट ने आजम खां को दी राहत

अकांशु उपाध्याय


लखनऊ। सपा सांसद आजम खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से फौरी राहत मिल गई है। रामपुर में निर्माणाधीन रामपुर पब्लिक स्कूल के अवैध निर्माण को गिराने के मामले में उन्हें राहत दी गई है। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई तक स्कूल की बिल्डिंग के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने रामपुर विकास प्राधिकरण को अगले 10 दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं करने को कहा है। अदालत ने प्राधिकरण से 10 दिनों में हलफनामा दाखिल करने को भी कहा है। अदालत ने प्राधिकरण के आदेश पर रोक लगाने की आजम खान की अपील को फिलहाल ठुकरा दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 29 अगस्त को होगी। आजम खान की तरफ से दलील दी गई कि तमाम लोगों के मकान, स्कूल व दुकानें उनसे भी आगे हैं, लेकिन प्राधिकरण सिर्फ उन्हीं के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। अदालत ने इसी बिंदु पर प्राधिकरण से जवाब दाखिल करने कहा है। प्राधिकरण के सचिव सोमवार को खुद भी सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद थे। इससे पहले 16 अगस्त 2019 को आजम खान के हमसफर रिजॉर्ट की दीवार तोड़ दी गई थी, क्योंकि सिंचाई विभाग के नाले पर होटल की दीवार बनी हुई थी। इस कार्रवाई के बाद डीएम आंजनेय कुमार सिंह ने कहा है कि दीवार के मलबे में मिली ईंटों की प्रशासन जांच कराएगा। उन्होंने कहा कि सूचना मिली है दीवार के मलबे में पुरानी ईंटे भी मिली हैं। संभावना है कि किसी और बिल्डिंग को तोड़कर उसकी ईंटे लगाई गई हैं। डीएम ने कहा कि मलबे में मिली पुरानी ईंटों की कमेटी द्वारा जांच कराई जाएगी। बता दें कई बार इस संबंध में नोटिस देने के बावजूद भी आजम खान चुप थे। मौके पर भारी सुरक्षाबल की मौजूदगी में दीवार तोडऩे की कार्रवाई की गई। आरोप है कि अपने इस रिजॉर्ट के लिए आजम खान ने सिंचाई विभाग के नाले की 1000 गज जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। सिंचाई विभाग इस मामले में आजम खान को नोटिस भी जारी कर चुका है। रामपुर के जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिह ने बताया था कि हमसफर रिजॉर्ट में 1000 गज जमीन पर कब्जा किया गया है। यह जमीन पसियापुरा शुमाली से बड़कुसिया नाले की है। नाले पर कब्जे से पानी निकासी में दिक्कत हो रही है।


घाटी में खुले स्कूल,आतंकियों को करारा जवाब


कश्मीर घाटी में प्राइमरी स्कूल भी खुले। देशद्रोहियों को करारा जवाब। 

कश्मीर घाटी के अधिकांश क्षेत्रों में प्राइमरी स्कूल भी खुल गए। हजारों बच्चों ने स्कूल पहुंच आपस में खुशियां बांटी। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद यह पहला मौका रहा, जब घाटी में हालात सामान्य दिखे। इससे पहले लैंड लाइन फोन की सेवाएं भी शुरू कर दी गई थी। घाटी में प्रइमारी स्कूल खुलने और बच्चों की उपस्थिति दर्ज होने से देश द्रोहियों को करारा जवाब मिला है। देश में ऐसे कई लोग हैं जो अभी अनुच्छेद 370 को बनाए रखने के पक्ष में हैं। पाकिस्तान भी हाय तौबा मचा रहा है। पाकिस्तान का दर्द तो समझा जा सकता है,लेकिन अपने ही देश के कुछ लोग बेवजह हालात बिगाडऩे पर तुले हैं। जम्मू और लद्दाख में तो जन जीवन पूरी तरह सामान्य हो गया। अनुच्छेद 370 के हटने से जम्मू और लद्दाख में खुशियां मनाई जा रही है, लेकिन कश्मीर घाटी के कुछ जिलों में प्रशासन को अभी अनेक पाबंदियां लगानी पड़ रही है। यही वे इलाके हैं, जहां आतंकवाद चरम पर था। प्रशासन ने ऐसे चरमपंथियों को सख्त हिदायत दी है और अनेक चरमपंथियों को गिरफ्तार भी किया है। चूंकि अब जम्मू कश्मीर केन्द्र शासित प्रदेश हो गया है, इसलिए सारे कानून केन्द्र सरकार के लागू हो रहे हैं। महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला जैसे नेता पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। इन नेताओं की वजह से माहौल ज्यादा बिगड़ता था। अब अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान को भी समर्थन नहीं मिल रहा है। मुस्लिम देशों ने भी साफ कह दिया है कि कश्मीर का मुद्दा भारत का आतंरिक मामला है। असल में पाकिस्तान और उसके समर्थकों को उम्मीद थी कि कश्मीर घाटी में हालात बिगड़ेंगे, लेकिन पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 में बदलाव के बाद एक पखवाड़ा गुजर गया, लेकिन सुरक्षा बलों को कहीं भी गोली चलाने की जरूरत नहीं पड़ी। पाकिस्तान और देशद्रोहियों की ओर से सोशल मीडिया पर हिंसा के जो वीडियो पोस्ट किए जा रहे हैं वो पुराने हैं। पांच अगस्त के बाद किसी भी स्थान पर हिंसा नहीं हुई है। 
एस.पी.मित्तल


सरकार ने हाई कोर्ट में अपनी गलती स्वीकारी

मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पर आखिर सरकार ने हाईकोर्ट में गलती स्वीकारी। 
अब स्टूडेंट को भुगतना होगा खामियाजा। काउंसलिंग पर रोक जारी। 
22 अगस्त को होगी सुनवाई
जयपुर । राजस्थान हाईकोर्ट की जयुपर पीठ में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश की प्रक्रिया को लेकर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से गलती को स्वीकार कर लिया गया। यह माना गया कि द्वितीय चरण में जो ऑनलाइन काउंसलिंग की प्रक्रिया अपनाई गई वह दोषपूर्ण थी। इसी वजह से  705 सीट खाली रह गई। सरकार ने सुनवाई कर रहे जस्टिस आलोक शर्मा को बताया कि ताजा हालातों में मार्गदर्शन मांगने और काउंसलिंग की तिथि को बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) को पत्र लिखा गया है। एमसीआई की गवर्निंग कमेटी की बैठक 21 अगस्त को होनी है। जस्टिस शर्मा ने सरकार के रूख को देखते हुए मामले की सुनवई के लिए 22 अगस्त की तारीख निर्धारित की और काउंसलिंग के रोक के आदेश को बनाए रखा। राज्य सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए जिस प्रक्रिया को निर्धारित किया उसमें ऑल इंडिया रेंक के तहत पहले चरण में कॉलेज ले चुके विद्यार्थियों ने भी आवेदन कर दिए। यही वजह रही कि द्वितीय चरण की ऑन लाइन काउंसलिंग के बाद 705 सीटें खाली रह गई। इन सीटों पर भर्ती के लिए ही 17 और 18 अगस्त को फिर से ऑनलाइन काउंसलिंग की जा रही थी, लेकिन तभी हाईकोर्ट ने रोक लगा दी। इस मामले में राज्य सरकार की नीयत पर तब अंगुली उठी जब राज्य काउंसलिंग बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सुधीर भंडारी ने कहा कि हमने वो ही किया जो सरकार ने कहा। बोर्ड काउंसलिंग के पक्ष में नहीं था। जस्टिस शर्मा की अदालत में 19 अगस्त को कोई ढाई घंटे तक इस मुद्दे पर बहस हुई। इस बीच न्यायालय में वो स्टूडेंट भी पहुंच गए, जिन्हें द्वितीय चरण की काउंसलिंग में जयपुर का एसएमएस और अजमेर का जेएलएन मेडिकल कॉलेज अलोट हो गया था। ऐसे स्टूडेंटों का कहना रहा कि उन्होंने सरकार की निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप आवेदन किया है। कोर्ट से कहा गया कि फैसला देते वक्त उनके हितों का भी ध्यान रखा जाए। वहीं पीडि़त स्टूडेंट के वकीलों का कहना रहा कि सरकार की दोषपूर्ण प्रक्रिया से अधिक अंक प्राप्त करने वाले स्टूडेंट को पेमेंट सीट मिल रही है, जबकि कम अंक वाले स्टूडेंट जयपुर के एसएमएस और अजमेर के जेएलएन जैसे प्रतिष्ठित कॉलेजों में प्रवेश पा रहे है। सरकार ने भले ही इस मामले में अपनी गलती को स्वीकार कर लिया हो, लेकिन इसका खामियाजा प्रदेश के विद्यार्थियों को उठाना पड़ेगा। यह पहला अवसर है जब काउंसलिंग के बाद मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश की 705 सीटें रिक्त रह गई। इससे सरकार की नीयत पर शक हो रहा है। असल में इन दिनों चिकित्सा एवं स्वास्थ महकमें में लगाकार गड़बडिय़ां उजागर हो रही है। सरकार के दखल की वजह से ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत ढाई हजार हेल्थ वर्कर के पद पर भर्ती नहीं हो सकी। लगातार गड़बडिय़ां उजागार होने से कांग्रेस सरकार की छवि पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। 
एस.पी.मित्तल


बनास नदी के किनारे बसे 54 गांवों में अलर्ट

आखिर खोले जा रहे बीसलपुर बांध के रेडियल गेट।
6 हजार क्यूसेक पानी की निकासी। 
बनास नदी के किनारे बसे 54 गांवों में अलर्ट।

अजमेर । शहरी क्षेत्रों में अभी भी भले ही तीन दिन में एक बार पेयजल की सप्लाई हो रही हो, लेकिन  बीसलपुर बांध से 6 हजार क्यूसेक पानी निकालने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 19 अगस्त को दोपहर तीन बजे बांध का जल स्तर पर 315.50 मीटर मापा गया। चूंकि बांध की भराव क्षमता भी इतनी है, इसलिए तय कार्यक्रम के अनुसार बांध के दो गेट खोले जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहले दौर में बांध से 6 हजार क्यूसेक पानी की निकासी होगी, बांध में रेडियल तकनीक के 18 गेट लगे हैं, लेकिन फिलहाल दो गेट ही खोले जा रहे हैं। यदि पानी की आवक बढ़ती है तो दो से अधिक गेट भी खोले जा सकते हैं। बांध के जल स्तर पर निगरानी रखने वाले सहायक अभियन्ता मनीष बंसल ने बताया कि त्रिवेणी पर दो मीटर से भी कम का गेज रह गया है, इसलिए पानी की आवक बहुत कम है। फिलहाल मौसम विभाग ने भी वर्षा की चेतावनी नहीं दी है। बीसलपुर बांध के गेट खुलने की स्थिति को ध्यान में रखते हुए टोंक के जिला प्रशासन ने बनास नदी के किनारे बसे 54 गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है। असल में बनास नदी को बीसलपुर बांध में रोककर बांध का निर्माण किया गया है। गत तीन वर्षों में यह पहला अवसर है, जब बांध का पानी बीसलपुर गांव से आगे बनास नदी में जाएगा। वर्ष 2016 में बांध के भरने पर गेट खोले गए थे। बनास नदी का मिलन आगे चलकर चम्बल नदी में होता है। चूंकि बांध से तेज रफ़्तार से पानी की निकासी होगी, इसलिए ग्रामीणों को पहले ही अलर्ट कर दिया गया है। 
अजमेर की सप्लाई पर निर्णय नहीं:
एक ओर बीसलपुर बांध से पानी की निकासी हो रही है तो दूसरी ओर अजमेर में पेयजल की सप्लाई  के अंतराल को कम करने का निर्णय अभी तक भी जलदाय विभाग ने नहीं लिया है। बीसलपुर बांध ही अजमेर की पेयजल सप्लाई का एक मात्र स्त्रोत है। बांध में पानी की कमी के चलते हुए अजमेर के शहरी क्षेत्रोंमें तीन दिन में तथा ग्रामीण क्षेत्रों में दस दिन में एक बार पेयजल सप्लाई निर्धारित की गई। लेकिन अब जब बीसलपुर बांध क्षमता के अनुरूप भर गया है, तब भी अजमेर में सप्लाई के अंतराल को कम नहीं किया जा रहा है।  सूत्रों की माने तो इस संबंध में सरकार के स्तर पर कोई निर्णय होना है।  
एस.पी.मित्तल


गांधी परिवार के चहेते रहे हैं गहलोत

राजीव गांधी की पुण्य तिथि पर राजस्थान में दो दिवसीय कार्यक्रम। 
अशोक गहलोत इसलिए हैं गांधी परिवार के चहेते। 
लाभार्थियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संवाद। 
भगवंत यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने भी दिखाई दक्षता।
जयपुर। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की 75वीं जयंती पर राजस्थान में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयंती को सरकारी स्तर पर मनाने के खास निर्देश दिए हैं। 19 अगस्त को दैनिक समाचार पत्रों में पूरे पृष्ठ के विज्ञापन देकर स्व. राजीव गांधी की उपलब्धियां बताई गई। जयपुर के बिड़ला ऑडीटोरियम में विज्ञापन और तकनीक से जुड़ी प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी में निजी संस्थानों ने भी अपनी स्टॉलें लगाई। प्रदर्शन का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री गहलोत स्वयं एक स्टॉल पर गए और स्टॉल पर लगी तकनीक और वस्तुओं के बारे में समझा। स्टॉल पर खड़े विद्यार्थियों के साथ फोटो भी खिंचवाएं। 20 अगस्त को भी कई सत्र रखे गए हैं, जिनमें विशेषत: देश की कम्प्यूटर तकनीक और उसमें पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी के योगदान के बारे में बताएंगे। मुख्यमंत्री का स्वयं का फोकस है कि युवा पीढ़ी को राजीव गांधी की सूचना क्रांति की अधिक से अधिक जानकारी दी जाए। 18 अगस्त को अपने संबोधन में गहलोत ने कहा भी कि जब कम्प्यूटर के बारे में सोचना भी मुश्किल था तब राजीव गांधी भारत में इस तकनीक को लाए। आज हम देख रहे हैं कि यह तकनीक मनुष्य के जीवन में कितनी जरूरी हो गई है। मोबाइल पर घर बैठे सारे कार्य हो रहे हैं। आज देश जिस ऊंचाई पर खड़ा है, उसमें राजीव गांधी का बड़ा योगदान है। अपने संबोधन में गहलोत ने देश के विकास में जवाहरलाल नेहरू से लेकर श्रीमती सोनिया गांधी तक का योगदान बताया। श्रीमती सोनिया गांधी ने यूपीए के चेयरपर्सन रहते हुए किस प्रकार आम लोगों को अधिकार दिलवाए। इस मौके पर गहलोत ने सोनिया गांधी का संदेश भी पढ़ा कर सुनाया। 
इसलिए है गांधी परिवार के चहेते:
अशोक गहलोत गांधी परिवार का सम्मान करने में कभी पीछे नहीं रहते। कई बार केन्द्रीय मंत्री, तीन बार कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव, तीन बार राजस्थान प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष और अब तीसरी बार मुख्यमंत्री बनवाने का श्रेय अशोक गहलोत हमेशा गांधी परिवार को ही देते हैं। सब जानते हैं कि दिसम्बर 2018 में किन परिस्थितियों में गहलोत को तीसरी बार राजस्थान का मुख्यमंत्री बनाया गया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट के मजबूत दावे के बाद भी गांधी परिवार ने गहलोत पर भरोसा जताया। अब जब गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार चल रही है तो स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती मनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। सूत्रों की माने तो श्रीमती सोनिया गांधी के फिर से कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर अशोक गहलोत की स्थिति मजबूत हुई है। 
लाभार्थियों से संवाद:
गहलोत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिला स्तर पर सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से भी संवाद किया। लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि ईमित्र प्रक्रिया के तहत उन्हें कितनी जल्दी ऋण की प्राप्ति हुई तथा सरकारी योजनाओं का लाभ मिला। गहलोत ने लाभार्थियों से सवाल जवाब भी किए। गहलोत का कहना रहा कि ईमित्र के संचालक ग्राहकों से अधिक राशि वसूलते हैं, ऐसी शिकायतें प्राप्त हो रही है। जिला कलेक्टरों की यह जिम्मेदारी है कि अधिक राशि वसूलने वाले संचालिकों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करें। 
भगवंत यूनिवर्सिटी ने भी दिखाई दक्षता:
पूर्व मुख्यमंत्री स्व. राजीव गांधी की जयंती पर जयपुर में लगी इनोवेशन एक्सपो में अजमेर की भगवंत यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों के भी दो प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। दोनों ही प्रोजेक्टों की मुख्यमंत्री गहलोत ने प्रशंसा की। यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर वीके शर्मा ने बताया कि प्रदर्शनी में यूनिवर्सिटी के छात्र यादराम सिंह, अनिल चौरसिया व रोहित पनजी ने थ्रीडी प्रिंटर तथा छात्र अजय गौड, जयंत जांगिड़ व जसवीर सिंह ने जल संरक्षण के प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। इन प्रोजेक्टों पर विद्यार्थी लगातार मेहनत कर रहे थे। इन्हें यूनिवर्सिटी का पूरा सहयोग दिया गया। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी के छात्र हर क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। यूनिवर्सिटी से डिग्री लेने के बाद युवाओं को बड़ी कंपनियों में मोटे पैकेज की नौकरियां मिल रही हैं। 
एस.पी.मित्तल


लाखों के कर्जदार हुए सरपंच और सचिव

सरकार की महती योजना नरवा,गरुवा,घुरुवा,बारी के तहत गौठान निर्माण के लिए राशि का अभाव,आदर्श गौठानों का बुरा हाल,लाखों का कर्जदार हो चले सरपंच-सचिव


कोरबा। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा "नरवा,गरुवा,घुरुवा,बारी" जैसे महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की गई है।मुख्यमंत्री ने इस योजना पर अधिकारियों को गंभीरता से काम करने के लिए निर्देशित किया है।लेकिन जिले में इसका बुरा हाल है।छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनते ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने "नरवा,गरुवा,घुरुवा अउ बारी" जैसे महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ कर राज्य के विकास में नई पहल की शुरुआत की है।लेकिन राशि के अभाव के कारण सरपंच-सचिव इस योजना को मूर्त रूप देने में कंगाल हो गए है।और उधार के निर्माण सामाग्री से गौठानों का निर्माण कराने के साथ कर्जदार भी हो चले है।कारण यह है कि इस योजना के क्रियान्वयन के लिए जिला प्रशासन द्वारा गौठान निर्माण कराने वाले किसी भी पंचायत को निर्माण राशि स्वीकृत नही की गई है।और दूसरी और इसका निर्माण कार्य जल्द से जल्द कराने के प्रशासनिक दबाव के बीच उक्त हालात निर्मित हुई है।भले ही जिले के अधिकारी इस योजना के कार्यों में तेजी को लेकर अपने हाथों अपनी पीठ थप-थपा रहे हो।किन्तु पंचायतों पर लाखों-लाखों का कर्ज हो चला है।और तगादे से परेशान सरपंच-सचिव भुगतान राशि पाने जनपद से लेकर जिले तक सम्बंधित विभागों का चक्कर पर चक्कर काट रहे है।लेकिन इस कार्य के राशि भुगतान को लेकर जिले के किसी भी सम्बंधित अधिकारी के पास कोई जवाब ही नही है।


आदर्श गौठान में ना गाय,ना चारा,ना चरवाहे
गत 4 जून को प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल द्वारा पाली विकासखंड के ग्राम पंचायत केराझरिया में 43 लाख से निर्मित आदर्श गौठान का उद्घाटन करने के बाद इसकी सुध किसी प्रशासनिक अधिकारी ने नही ली और स्थिति यह है कि उसमें ना तो गायें है,ना गायों को खिलाने के लिए चारा,और ना ही उसकी देखरेख करने वाले चरवाहे।निर्माण के दौरान कार्यरत मनरेगा मजदूरों का भुगतान राशि आज तक लंबित है।तथा यहां नियुक्त 4 चरवाहों ने मजदूरी नहीं मिलने के कारण काम छोड़ दिया।और चारा ना होने के कारण पालतू मवेशी खुले में इधर-उधर घूम रहे है।इस संबंध पर सरपंच सत्यनारायण पैकरा ने बताया कि उधार के मटेरियल सामाग्री के लाखों का भुगतान आज तक नही हो पाया है।वहीं इस योजना के संचालन हेतु पंचायत खाते में राशि नही है।ऐसे में चारे पानी की व्यवस्था नही होने के कारण मवेशियों को गौठान में भूखा नही रखा जा सकता इसलिए उन्हें खुले में छोड़ दिया गया है।वहीं नियोजित चरवाहों ने भुगतान राशि के अभाव में काम छोड़ दिया है।योजना के संचालन से जुड़े अधिकारियों को हालात से अवगत करा दिया गया है।लेकिन पहल नही हो पाया है।अब कहा जाए तो केराझरिया में निर्मित आदर्श गौठान प्रशासनिक अव्यवस्था का एक उदाहरण है।जहाँ जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी द्वारा इस गौठान के दयनीय हालत को लेकर पार्टी पदाधिकारियों को दिए गए जांच के निर्देश के बाद हरकत में आए प्रशासन द्वारा जिला पंचायत सीईओ के माध्यम से औचक निरीक्षण कराने के बाद 250 से 300 मवेशियों की लाभान्वित संख्या बताई गई।जबकि सच्चाई इसके विपरीत है।और मौके पर गिनती के मवेशी उक्त गौठान में नजर आ रहे है।जबकि ज्यादातर खुले में स्वछंद विचरण कर रहे है।अमूमन जिले में निर्मित हर आदर्श गौठान में यही हालात निर्मित है।छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी "नरवा,गरुवा,घुरुवा अउ बारी" का नारा राज्य में इन दिनों जोर-शोर से चल रहा है।ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए इस महत्वाकांक्षी योजनाओं की शुरुआत की गई है।इस योजना को लेकर मुख्यमंत्री की सोच बेशक अच्छी है।और इस योजना पर अधिकारियों को गंभीरता से काम करने के लिए निर्देशित भी किया है।लेकिन मुख्यतः राशि अभाव के कारण जिले में इसका बुरा हाल है।जिसके कारण यह योजना पूरी तरह फ्लॉप होता नजर आ रहा है।


दूरसंचार के कर्मचारी भुखमरी की कगार पर

कुशीनगर। दूरसंचार विभाग के मानदेय कर्मचारियों का हाल यह है कि 14 माह से वेतन ना मिलने के कारण भुखमरी का शिकार बने हुए हैं। हाल यह है कि चाय पीने के लिए मोहताज हैं। बीएसएनल मे कार्यरत जनरेटर ऑपरेटर पिछले 14 माह से वेतन नहीं मिल सका है। हम मानदेय कर्मचारियों से 12 से 24 घंटे तक का काम लिया जाता है व 12:00 सौ से 15 सौ तक मिलता है। लेकिन वह भी समय से नहीं मिल पा रहा हैl हम मानदेय कर्मचारीयों को बेरहमी से कार्य कराते हैं जिस संबन्ध में दूरसंचार मंत्री भारत सरकार नई दिल्ली 13 6 2019 को डाक विभाग द्वारा रजिस्टर भी किया गया है। लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हो पाई है। हम मानदेय मजदूरों को 1200 से 1500 सौ तक दिया जाता है वह भी नहीं मिल पाताl


मजदूरों ने पत्र में लिखा है कि जब टेंडर होता है तो अधिकारियों के चहेतों को मिल जाता है इनसे मजदूरी मांगने पर इनका जवाब होता है कि हम अधिकारी के आदमी हैं। रोब दिखाते हुए कहा जाता है कि हम मजदूरी नहीं देंगे इस तरह हम कर्मचारी विवश होकर ही रह जाते हैंl लेकिन मामला यह बनता है कि हमारी फरियाद आखिरकार सुने तो कौन सुने हार थक कर हम प्रार्थी अमर तिवारी, चंद्रभान सिंह, मुंद्रिका प्रसाद व अन्य कर्मचारी दूरसंचार मंत्री, जिलाधिकारी कुशीनगर पुलिस अधीक्षक, महाप्रबंधक दूरसंचार देवरिया, सांसद कुशीनगर, उपमंडल अभियंता पडरौना तक गुहार लगा चुके हैं। लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हो सकी है।


कोई नौनिहाल बीमारी से पीड़ित ना हो:योगी

महराजगंज। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जेई-एईएस की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पीड़ितों की संख्या में कमी आई है। हमारी सरकार का प्रयास है कि अब कोई नौनिहाल इस बीमारी से पीड़ित न हों। मुख्यमंत्री महराजगंज जिले के चेहरी स्थित आइटीएम कालेज में आइटीवी फाउंडेशन द्वारा आयोजित जेई एईएस के चिकित्सा शिविर को संबोधित कर रहे थे।


सीएम ने कहा कि इंसेफ्लाइटिस ने बीते 40 वर्षों में हजारों मासूमों को निगला है। पूर्व की सरकारों ने इसे लाइजाल बीमारी मानकर भगवान भरोसे छोड़ा था। सांसद रहते मैने इसकी रोकथाम के लिए सड़क से लेकर सदन तक आवाज उठाई। दो वर्ष पांच माह के अंदर भाजपा सरकार ने इस बीमारी की रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक कर बेहतर कार्य किया। स्वास्थ्य विभाग को नोडल बना कर सभी विभागों को इस जागरूकता अभियान से जोड़ा। दो वर्ष में एक करोड़ 60 परिवारों को शौचालय उपलब्ध कराया गया। स्वच्छता के लिए भी विशेष अभियान चलाया गया। बीआरडी मेडिकल कालेज में अगस्त माह में बीते वर्षों में 500 से 700 मरीज भर्ती होते थे, लेकिन अब मरीजों की संख्या नाम मात्र की रह गई है। जागरूकता अभियान में ग्राम प्रधानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। खुले में कोई शौच न करे इसके लिए जागरूकता अभियान गांव-गांव चलाएं। स्वच्छ भारत को स्वस्थ भारत की तरफ ले जाएं। मुख्‍यमंत्री ने कहा कि इस बीमारी की रोकथाम के लिए आवश्यक है कि लोग प्रदूषित पानी का सेवन न करें। खुले में शौच व गंदगी पर भी अंकुश लगे, इस दिशा में जन-जन को जागरूक करना होगा।


योगी आदित्यनाथ ने आइटीएम कालेज में आइटीवी फाउंडेशन द्वारा आयोजित जेई, एईएस हेल्थ कैंप में शामिल हो मरीजों का हाल जाना। उन्होंने यहां कालेज परिसर में स्थित विभिन्न कार्यक्रमों का शुभारंभ किया। सीएम ने महराजगंज में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना व आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों से मुलाकात कर योजना के क्रियान्वयन के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर सांसद पंकज चौधरी, विधायक ज्ञानेंद्र सिंह, बजरंग बहादुर सिंह, अमन मणि त्रिपाठी, प्रेम सागर पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष अरुण शुक्ला, विनय श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।


तीन पत्थरबाज आतंकवादियों को किया ढेर

श्रीनगर । अबतक का सबसे बड़ा राष्ट्रवादी कार्य है, अगर आप कर्नल पठानिया समेत 5 सैनिको का किस्सा नहीं जानते तो आपको बता दें की 2010 में कर्नल दिनेश पठानिया जम्मू कश्मीर के माछिल में तैनात थे। 2010 में आये दिन कश्मीरी मुस्लिम पत्थरबाजी कर सैनिको को घायल कर देते थे। उस ज़माने में न पैलेट गन की छूट थी, और न ही सैनिको को किसी भी प्रकार की कार्यवाही करने की इज़ाज़त थी।


रोज रोज सैनिक घायल होकर अपना इलाज करवाते थे, इसी के बाद 2010 में कर्नल पठानिया ने पत्थरबाज आतंकियों के खिलाफ कार्यवाही करने का आदेश दे दिया। उनकी टीम ने 3 पत्थरबाज आतंकियों को ढेर कर दिया, 2010 में सोनिया-मनमोहन की सरकार थी, फ़ौरन रक्षामंत्रालय ने आर्मी कोर्ट से कर्नल पठानिया समेत 5 सैनिको का कोर्ट मार्शल करते हुए उम्रकैद की सजा सुना दीl अब 2017 में मोदी सरकार के दौरान आर्मी कोर्ट ने रक्षामंत्रालय के सिफारिश पर कर्नल पठानिया समेत सभी 5 सैनिको को जमानत दे दी, और उनकी उम्रकैद की सजा भी ख़त्म कर दी, 7 सालों से कर्नल पठानिया और उनके साथी जेल में सड़ रहे थे, क्योंकि इनहोने आतंकियों के खिलाफ कार्यवाही की थी। इसलिए तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इन सैनिकों को जेल मे डाल दिया गया था। और मोदी सरकार ने 2015 से ही क़ानूनी कार्यवाही शुरू कर दी थी और अब तमाम क़ानूनी कार्यवाई ख़त्म हुई और कर्नल पठानिया समेत सभी 5 सैनिको की उम्रकैद की सजा ख़त्म और सभी को जमानत दे दी गयी। और इन पांच सैनिकों को कांग्रेस सरकार द्वारा दी गई नारकीय जिन्दगी से झुटकारा मिला । याने कि इन पांच सैनिकों का पुनर्जन्म हुआ हैं।


विधायक समेत 138 लोगों पर केस दर्ज

कुशीनगर। अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र के जगदीशपुर बरडीहा में शनिवार को हुए सड़क जाम व आगजनी के मामले में भारतीय समाज पार्टी के रामकोला विधायक रामानंद बौद्ध समेत 138 लोगों पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। 78 नामजद और 60 अज्ञात के खिलाफ पुलिस ने विभिन्न मामलों में मुकदमा दर्ज कर धरपकड़ की कार्रवाई तेज कर दी है।
जगदीशपुर बरडीहा निवासी संतोष पांडेय ने पुलिस को तहरीर देकर बताया है कि गांव के ही नौरंग सिंह समेत काफी लोगों द्वारा पुलिस व राजस्व कर्मियों की टीम पर ईंट पत्थर से मारते हुए सरकारी कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया था। इस मामले में पूर्व में ही नौरंग सिंह समेत तमाम लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। आरोप है कि नौरंग सिंह द्वारा गांजा भी बेचा जाता है। इसी मामले में पुलिस ने गांजे के साथ नौरंग सिंह को गिरफ्तार कर 14 अगस्त को जेल भेज दिया था। शिकायकर्ता का आरोप है कि इससे नाराज रामकोला विधायक रामानंद बौद्ध की अगुवाई में लोगों ने बीते शनिवार को जगदीशपुर बरडीहा में जाम कर आगजनी, लूटपाट एवं तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया गया। तहरीर के आधार पर अहिरौली बाजार थाने की पुलिस ने विधायक रामानंद बौद्ध, रामसिंह, ज्योतिरादित्य सिंह, राजकुमार कन्नौजिया, व्यास कन्नौजिया, उत्तम सिंह समेत 78 नामजद व 60 अज्ञात समेत 138 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। केस दर्ज होने के बाद अहिरौली बाजार थाने की पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी में जुटी हुई है।
7 आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने भेजा जेल
दर्ज किए केस में आरोपी बने 7 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इसमें एनडीपीएस एक्ट में जेल भेजे गए नौरंग सिंह की पत्नी भी शामिल है। गिरफ्तार कर जेल भेजे गए आरोपियों में आजम, यशवंत सिंह, दुष्यंत सिंह, अंजान, अनिल कुमार, सुरेन्द्र गुप्ता, शिवपूजन एवं नौरंग सिंह की पत्नी चन्द्रकला शामिल है।
पुलिस ने विरोधी दलों की साजिश में दर्ज किया है केस : विधायक
रामकोला के विधायक रामानंद बौद्ध ने कहा कि पुलिस ने विरोधी दलों की साजिश में उनके खिलाफ केस दर्ज किया है। वे शनिवार को हाटा में थे तभी उन्हें किसी ने बताया कि जेल में बंद नौरंग सिंह की मौत हो गयी है। इस पर जब उन्होंने किसी माध्यम से जेल अधीक्षक देवरिया से पता लगाया तो वह स्वस्थ बताया गया। फिर वे जगदीशपुर पहुंचकर आक्रोशित लोगों से इसे अफवाह बता कर उन्हें शांत कराते हुए अपने आवास चले गए। बाद में वहां क्या हुआ पता नहीं है।


 


सात दिन में खाली होंगे सरकारी बंगले

नई दिल्ली । देश के कई पूर्व सांसदों को 7 दिनों के भीतर सरकारी बंगले खाली करने को कहा गया है। कई पूर्व सांसदों ने 16वीं लोकसभा के भंग होने के दो महीने बाद भी सरकारी आवास खाली नहीं किए। कथित तौर पर 200 से अधिक ऐसे सांसद हैं जिन्हें अपने बंगले खाली करने हैं। आर पाटिल, अध्यक्ष, आवास समिति ने कहा, 'सभी पूर्व सांसदों को दिल्ली स्थित सरकारी आवास खाली करने के लिए 7 दिन का समय दिया गया है। अधिकारियों ने तीन दिनों के भीतर इन आवासों को बिजली और पानी की आपूर्ति बंद करने को कहा गया है । नियमों के अनुसार पूर्व सांसदों को पिछली लोकसभा भंग होने के एक महीने के भीतर अपने-अपने बंगले खाली करने थे। लोकसभा के 200 से अधिक पूर्व सांसदों ने अब तक अपने सरकारी बंगलों को खाली नहीं किया है। इन सांसदों को 2014 में ये बंगले आवंटित किए गए थे। लोकसभा चुनाव में जीतने वाले नवनिर्वाचित सांसद अस्थायी आवास में रह रहे हैं ।


नवनिर्वाचित सांसदों को वेस्टर्न कोर्ट में अस्थायी आवास उपलब्ध कराए गए हैं और जब तक उन्हें लुटियंस दिल्ली में पूर्णकालिक आवास आवंटित नहीं किया जाता, तब तक कई अतिथि गृह हैं। पहले नव-निर्वाचित सांसद पांच-सितारा होटलों में तब तक रुकते थे, जब तक उन्हें एक पूर्णकालिक सरकारी बंगला आवंटित नहीं किया जाता था ।
17वीं लोकसभा में 260 से अधिक सांसद हैं, जो पहली बार निचले सदन के लिए चुने गए हैं, जिनमें क्रिकेटर से राजनेता बने गौतम गंभीर, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, स्मृति ईरानी, सूफी गायक हंस राज हंस और बंगाली अभिनेत्रियां मिमी चक्रवर्ती और नुसरत जहां शामिल हैं।


पाक सेना प्रमुख का कार्यकाल 3 साल बड़ा

इस्लामाबाद। पाकिस्तान की इमरान खान सरकार ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा का कार्यकाल 3 साल के लिए बढ़ा दिया है। जनरल कमर जावेद बाजवा अब अगले 3 साल तक पाकिस्तानी सेना के प्रमुख   बने रहेंगे। पाकिस्तानी सरकार ने ये फैसला क्षेत्रीय सुरक्षा वातावरण बनाए रखने के लिए लिया है। प्रधानमंत्री इमरान खान के कार्यालय से जारी की गई एक अधिसूचना में कहा गया कि  जनरल कमर जावेद बाजवा को वर्तमान कार्यकाल पूरा होने की तारीख से तीन साल के लिए एक और कार्यकाल के लिए सेनाध्यक्ष नियुक्त किया जाता है। खबर मिली है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान 3 साल के लिए बाजवा का कार्यकाल बढ़ाए जाने के पक्ष में नहीं थे। वह चाहते थे कि बाजवा का कार्यकाल सिर्फ 1 साल के लिए बढ़ाया जाए लेकिन बाजवा ने कार्यकाल बढ़ाने के लिए इमरान खान पर दबाव बनाया जिसके कारण यह फैसला लिया गया। बता दें 58 साल के बाजवा इस साल रिटायर होने वाले थे।


केरल में बाढ़ ने ली 121 लोगों की जान

तिरुवनंतपुरम। केरल में बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या 121 पर पहुंच गई है। मलप्पुरम में 58, कवलप्परा में 46 और कोजीकोड में 17 लोगों की मौत हो गई। मलप्पुरम से 13 और वायनाड से 7 लोगों के लापता होने की खबर है। बाढ़ के कारण 1789 घर तबाह हो गए हैं। 26668 लोगों को 185 राहत शिविरों में रखा गया है। वायनाड और मलप्पुरम में बाढ़ ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है। केरल सरकार ने शुक्रवार कहा था कि बाढ़ में जितने भी लोग लापता हैं, जब तक उन्हें ढूंढ नहीं निकाला जाता या उनके शव नहीं मिल जाते, तब तक सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा। इधर हिमाचल प्रदेश में भी बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या 22 हो गई है।  शिमला से 2 लोगों के लापता होने की खबर है। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। शिमला में सतलज नदी में आई बाढ़ की वजह से चबा क्षेत्र में बना पुल डूब गया। पुल के कुछ हिस्सों को नुकसान भी पहुंचा है। 9 लोगों की मौत शिमला, 5 की सोलन, 2 की कुल्लू, सिरमौर और चंबा में हुई है। महाराष्ट्र में भी हालात खराब हैं। बाढ़ के कारण पुणे में 56 लोग की मौत हो चुकी है। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में रविवार को बादल फटने के बाद 17 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं सोमवार को जम्मू में तवी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया जिसके बाद दो लोग नंदी में निर्माणाधीन पुल पर फंस गए। दोनों को वायुसेना ने एयरलिफ्ट कर रेस्क्यू कराया।


अरुण जेटली की स्थिति होती जा रही गंभीर

नई दिल्‍ली। भाजपा के सीनियर लीडर और पूर्व वित्‍त मंत्री अरुण जेटली की हालत बेहद नाजुक है। सूत्रों के मुताबिक 9 अगस्‍त से दिल्‍ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान (एम्‍स) में भर्ती अरुण जेटली को एक्‍स्‍ट्राकारपोरल मेंब्रेन ऑक्‍सीजनेशन और इंट्रा ऐरोटिक बैलून  सपोर्ट पर रखा गया है। सूत्र यह भी बताया हैं कि जेटली के दिल और फेफड़े ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। जेटली का हाल जानने सभी बड़े नेता एम्‍स अस्पताल पहुंच रहे हैं।


भाजपा के कई नेता उनका हालचाल जानने के लिए एम्स पहुंचे। उनका हाल जानने एम्स पहुंचने वालों में केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान, हिमाचल प्रदेश के गवर्नर कलराज मिश्र,आरएसएस के संयुक्त सचिव कृष्ण गोपाल, पूर्व समाजवादी नेता अमर सिंह का नाम शामिल है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को एम्स पहुंचकर उनका हाल जाना था।बिहार के सीएम नीतीश कुमार शनिवार को दिल्ली पहुंचे और एयरपोर्ट से सीधे अस्पताल पहुंचे। अन्य नेताओं में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, जम्मू कश्मीर के गवर्नर सत्यपाल मलिक, कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एम्स पहुंचकर अरुण जेटली का हाल जाना था। पीएम नरेंद्र मोदी, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और भाजपा के अन्य प्रमुख नेता उनका हाल जानने पहले ही एम्स जा चुके हैं।


पंजाब रेलवे सेक्शन ने की कई ट्रेनें रद्द

अंबाला। भारी बारिश के चलते नदियों के उफान पर आ जाने से ऐतिहातन उत्तर रेलवे को अंबाला-सहारनपुर और अंबाला-नग्गल डैम रूट पर कई रेलगाडिय़ों को रद्द करना पड़ा और लम्बी दूरी की गाडिय़ों के रूट को डाइवर्ट करना पड़ा। अचानक ट्रेन रद्द किये जाने से पंजाब, जम्मू और सहारनपुर, बिहार पर जाने वाले यात्रियों को भारी कठिनाई हुई। इन यात्रियों को भारी बारिश में अंबाला रेलवे स्टेशन पर ही मुश्किल में रात बितानी पड़ी। यात्रियों का कहना है कि वे अब भी अपने घर जाने के लिए ट्रेन का इन्तजार कर रहे हैं और अभी भी कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। उनका कहना है कि रेलवे वाले रेलगाडिय़ों के आवागमन के बारे में कुछ स्पष्ट नहीं बता रहे हैं। अंबाला कैंट का रेलवे स्टेशन उत्तर भारत का सबसे पुराना और महत्वपूर्ण स्टेशन है। यहां से रोजाना अढ़ाई सौ के करीब मेल, एक्सप्रेस और मालगाडिय़ों का आवागमन होता है। यहां से पंजाब, राज्यस्थान, जम्मू, कटड़ा सहित दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार सहित अन्य जगह लाखों यात्री सफर करते हैं। दो दिनों से हुई बारिश के कारण अंबाला-सहारनपुर रेल मार्ग पर नदियों में उफान के कारण ज्यादातर रेलगाडिय़ों को रद्द करना पड़ा और यात्रियों की सुविधा के लिए कुछ के रूट में परिवर्तन करना पड़ा। स्टेशन निदेशक का कहना है जिस कारण पंजाब सेक्शन में बारिश के कारण 16 ट्रेन की गई रद्द और 18 रेलगाडिय़ां आंशिक रूप से रद्द की गई थी। सहारनपुर-अंबाला  अप लाइन की 19 रेलगाडिय़ां और डाउन की 12 को रद्द किया गया था। लम्बी दूरी की कुछ गाडिय़ों को डाइवर्ट करके चलाया गया था।


भोपाल व इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना पर करार

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना के लिए सोमवार को करार हुआ। यह एमओयू नई दिल्ली में भारत सरकार, मध्यप्रदेश सरकार और मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कार्पोरेशन के बीच हुआ। एमओयू केन्द्रीय शहरी और आवास मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी और प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्द्धन सिंह की उपस्थिति में हुआ। बता दें कि इस परियोजना को केन्द्रीय मंत्रिमंडल की ओर से अनुमोदित किया जा चुका है।
नगरीय विकास जयवर्धन सिंह ने बताया कि भोपाल मेट्रो रेल प्रोजेक्ट में 27.87 किलोमीटर में दो कॉरिडोर बनेंगे। एक कॉरिडोर करोंद सर्कल से एम्स तक 14.99 किलोमीटर और दूसरा भदभदा चौराहे से रत्नागिरि चौराहा तक 12.88 किलोमीटर का होगा। इसकी कुल लागत रूपये 6941 करोड़ 40 लाख होगी। इस परियोजना के पूरे होने प्रदेश की दोनों बड़े नगर में यातायात समस्या से राहत मिलेगी। दोनों शहरों के लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट का लाभ मिलेगा।


तस्वीर लगाने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी

शासकीय कार्यालयों तथा भवनों में तस्वीरें लगाने के संबंध में निर्देश


रायपुर । दिनांक 19 अगस्त 2019, राज्य शासन द्वारा प्रदेश के समस्त शासकीय कार्यालयों तथा भवनों में राष्ट्रीय नेताओं के चित्र लगाए जाने का निर्णय लिया गया है। इनमें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, वर्तमान राष्ट्रपति, वर्तमान प्रधानमंत्री, स्व. पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अब्दुल कलाम आजाद,  इंदिरा गांधी,  राजीव गांधी और डाॅ. भीमराव अम्बेडकर के चित्र लगाए जाने हैं।


इस संबंध में मंत्रालय (महानदी भवन) के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा परिपत्र जारी कर शासन के समस्त विभाग तथा विभागाध्यक्षों, संभागायुक्त, कलेक्टर और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है। परिपत्र में नेताओं के उल्लेखित नाम उदाहरण स्वरूप दिए गए है। यह आवश्यक नहीं है कि उक्त सभी राष्ट्रीय नेताओं की तस्वीरें कार्यालयों में लगाई जाए। कार्यालय प्रमुख अपने विवेक का अपयोग करते हुए भवन का आकार, उपलब्ध धनराशि और मितव्ययता का ध्यान रखते हुए उपरोक्त राष्ट्रीय नेताओं में से किन्ही की तस्वीर लगा सकते है, किन्तु राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, वर्तमान राष्ट्रपति, वर्तमान प्रधानमंत्री का चित्र सभी कार्यालयों, नगरीय निकायों, पंचायत कार्यालयों, सर्किट हाउस तथा रेस्ट हाउस इत्यादि में लगाया जाना आवश्यक है। राज्य शासन द्वारा इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ राज्य के वर्तमान राज्यपाल तथा वर्तमान मुख्यमंत्री की तस्वीरें भी उक्त सभी कार्यालयों में लगाए जाने का निर्णय लिया गया है। राष्ट्रीय नेताओं की तस्वीरें संचालक फोटो डिवीजन, सूचना एवं प्रकाशन मंत्रालय, आकाशवाणी भवन नई दिल्ली की वेबसाईट चीवजवकपअपेपवदण्हवअण्पद से प्राप्त की जा सकती है। छत्तीसगढ़ राज्य के वर्तमान राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री की अनुमोदित फोटोग्राफ्स जनसम्पर्क संचालनालय छत्तीसगढ़ की वेबसाईट कचतबहण्हवअण्पद के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है।


जैविक व अजैविक पदार्थों का संतुलन

संपूर्ण विश्व में बढ़ती हुई जनसंख्या एक गंभीर समस्या है, बढ़ती हुई जनसंख्या के साथ भोजन की आपूर्ति के लिए मानव द्वारा खाद्य उत्पादन की होड़ में अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए तरह-तरह की रासायनिक खादों, जहरीले कीटनाशकों का उपयोग पारिस्थितिकी तंत्र  प्रकृति के जैविक और अजैविक पदार्थों के बीच आदान-प्रदान के चक्र) प्रभावित करता है, जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति खराब हो जाती है, साथ ही वातावरण प्रदूषित होता है तथा मनुष्य के स्वास्थ्य में गिरावट आती है।


प्राचीन काल में मानव स्वास्थ्य के अनुकुल तथा प्राकृतिक वातावरण के अनुरूप खेती की जाती थी, जिससे जैविक और अजैविक पदार्थों के बीच आदान-प्रदान का चक्र (पारिस्थितिकी तंत्र) निरन्तर चलता रहा था, जिसके फलस्वरूप जल, भूमि, वायु तथा वातावरण प्रदूषित नहीं होता था। भारत वर्ष में प्राचीन काल से कृषि के साथ-साथ गौ पालन किया जाता था, जिसके प्रमाण हमारे ग्रांथों में प्रभु कृष्ण और बलराम हैं जिन्हें हम गोपाल एवं हलधर के नाम से संबोधित करते हैं अर्थात कृषि एवं गोपालन संयुक्त रूप से अत्याधिक लाभदायी था, जोकि प्राणी मात्र व वातावरण के लिए अत्यन्त उपयोगी था। परन्तु बदलते परिवेश में गोपालन धीरे-धीरे कम हो गया तथा कृषि में तरह-तरह की रसायनिक खादों व कीटनाशकों का प्रयोग हो रहा है जिसके फलस्वरूप जैविक और अजैविक पदार्थो के चक्र का संतुलन बिगड़ता जा रहा है और वातावरण प्रदूषित होकर, मानव जाति के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है। अब हम रसायनिक खादों, जहरीले कीटनाशकों के उपयोग के स्थान पर, जैविक खादों एवं दवाईयों का उपयोग कर, अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं जिससे भूमि, जल एवं वातावरण शुद्ध रहेगा और मनुष्य एवं प्रत्येक जीवधारी स्वस्थ रहेंगे।



जैविक कृषि से उत्पादित सब्जियाँ
भारत वर्ष में ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि है और कृषकों की मुख्य आय का साधन खेती है। हरित क्रांति के समय से बढ़ती हुई जनसंख्या को देखते हुए एवं आय की दृष्टि से उत्पादन बढ़ाना आवश्यक है अधिक उत्पादन के लिये खेती में अधिक मात्रा में रासायनिक उर्वरको एवं कीटनाशक का उपयोग करना पड़ता है जिससे सीमान्य व छोटे कृषक के पास कम जोत में अत्यधिक लागत लग रही है और जल, भूमि, वायु और वातावरण भी प्रदूषित हो रहा है साथ ही खाद्य पदार्थ भी जहरीले हो रहे हैं। इसलिए इस प्रकार की उपरोक्त सभी समस्याओं से निपटने के लिये गत वर्षों से निरन्तर टिकाऊ खेती के सिद्धान्त पर खेती करने की सिफारिश की गई, जिसे प्रदेश के कृषि विभाग ने इस विशेष प्रकार की खेती को अपनाने के लिए, बढ़ावा दिया जिसे हम जैविक खेती के नाम से जानते है। भारत सरकार भी इस खेती को अपनाने के लिए प्रचार-प्रसार कर रही है।


म.प्र. में सर्वप्रथम 2001-02 में जैविक खेती का अन्दोलन चलाकर प्रत्येक जिले के प्रत्येक विकास खण्ड के एक गांव में जैविक खेती प्रारम्भ कि गई और इन गांवों को जैविक गांव का नाम दिया गया। इस प्रकार प्रथम वर्ष में कुल 313 ग्रामों में जैविक खेती की शुरूआत हुई। इसके बाद 2002-03 में दि्वतीय वर्ष में प्रत्येक जिले के प्रत्येक विकासखण्ड के दो-दो गांव, वर्ष 2003-04 में 2-2 गांव अर्थात 1565 ग्रामों में जैविक खेती की गई। वर्ष 2006-07 में पुन: प्रत्येक विकासखण्ड में 5-5 गांव चयन किये गये। इस प्रकार प्रदेश के 3130 ग्रामों जैविक खेती का कार्यक्रम लिया जा रहा है। मई 2002 में राष्ट्रीय स्तर का कृषि विभाग के तत्वाधान में भोपाल में जैविक खेती पर सेमीनार आयोजित किया गया जिसमें राष्ट्रीय विशेषज्ञों एवं जैविक खेती करने वाले अनुभवी कृषकों द्वारा भाग लिया गया जिसमें जैविक खेती अपनाने हेतु प्रोत्साहित किया गया। प्रदेश के प्रत्येक जिले में जैविक खेती के प्रचार-प्रसार हेतु चलित झांकी, पोस्टर्स, बेनर्स, साहित्य, एकल नाटक, कठपुतली प्रदशन जैविक हाट एवं विशेषज्ञों द्वारा जैविक खेती पर उद्बोधन आदि के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाकर कृषकों में जन जाग्रति फैलाई जा रही है। जैविक खेती से मानव स्वास्थ्य का बहुत गहरा सम्बन्ध है। इस पद्धति से खेती करने में शरिर तुलनात्मक रूपसे अधिक स्वास्थ्य रहता है। औसत आयु भी बढती है। हमारे आने बाले पीढ़ी भी अधिक स्वास्थ्य रहेंगे। कीटनाशक और खाद का प्रयोग खेती में करने से फसल जहरीला होता। जैविक खेती से फसल स्वास्थ्य और जल्दी खारब नहीं होता है।


लोक-प्रशासन या स्‍थाई विधियां

मानव एक सामाजिक प्राणी है। वह सदैव समाज में रहता है। प्रत्येक समाज को बनाये रखने के लिए कोई न कोई राजनीतिक व्यवस्था अवश्य होती है। इसलिये यह माना जा सकता है कि उसके लिये समाज तथा राजनीतिक व्यवस्था अनादि काल से अनिवार्य रही है। अरस्तू ने कहा है कि “यदि कोई मनुष्य ऐसा है, जो समाज में न रह सकता हो, या जिसे समाज की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वह अपने आप में पूर्ण है, तो वह अवश्य ही एक जंगली जानवर या देवता होगा।” प्रत्येक समाज में व्यवस्था बनाये रखने के लिये कोई न कोई निकाय या संस्था होती है। चाहे उसे नगर-राज्य कहें अथवा राष्ट्र-राज्य। राज्य, सरकार और प्रशासन के माध्यम से कार्य करता है। राज्य के उद्देश्य और नीतियाँ कितनी भी प्रभावशाली, आकर्षक और उपयोगी क्यों नहों, उनसे उस समय तक कोई लाभ नहीं हो सकता, जब तक कि उनको प्रशासन के द्वारा कार्य रूप में परिणित नहीं किया जाये। इसलिये प्रशासन के संगठन, व्यवहार और प्रक्रियाओं का अध्ययन करना आवश्यक हो जाता है।


चार्ल्सबियर्ड ने कहा है कि “कोई भी विषय इतना अधिक महत्त्वपूर्ण नहीं है जितना कि प्रशासन है। राज्य एवं सरकार का, यहाँ तक कि, स्वयं सभ्यता का भविष्य, सभ्य समाज के कार्यों का निष्पादन करने में सक्षम प्रशासन के विज्ञान, दर्शन और कला के विकास करने की हमारी योग्यता पर निर्भर है।” डॉनहम ने विश्वासपूर्वक बताया कि “यदि हमारी सभ्यता असफल होगी तो यह मुख्यतः प्रशासन की असफलता के कारण होगा। यदि किसी सैनिक अधिकारी की गलती से अणुबम छूट जाये तो तृतीय विश्व युद्ध शुरू हो जायेगा और कुछ ही क्षणों में विकसित सभ्यताओं के नष्ट होनेकी सम्भावनाएँ उत्पन्न हो जायेंगी।”


ज्यों-ज्यों राज्य के स्वरूप और गतिविधियों का विस्तार होता गया है, त्यों-त्यों प्रशासन का महत्त्व बढ़ता गया है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं है कि हम प्रशासन की गोद में पैदा होते हैं, पलते है, बड़े होते हैं, मित्रता करते, एवं टकराते हैं और मर जाते हैं। आज की बढ़ती हुई जटिलताओं का सामना करने में, व्यक्ति एवं समुदाय, अपनी सीमित क्षमताओं और साधनों के कारण, स्वयं को असमर्थपाते हैं। चाहे अकाल, बाढ़, युद्धया मलेरिया की रोकथाम करनेकी समस्या हो अथवा अज्ञान, शोषण, असमानता या भ्रष्टाचार को मिटानेका प्रश्न हो, प्रशासन की सहायता के बिना अधिक कुछ नहीं किया जा सकता। स्थिति यह है कि प्रशासन के अभाव में हमारा अपना जीवन, मृत्यु के समान भयावह और टूटे तारे के समान असहाय लगता है। हम उसे अपने वर्तमान का ही सहारा नहीं समझते, वरन् एक नयी सभ्यता, संस्कृति, व्यवस्था और विश्व के निर्माण का आधार मानतेहैं। हमें अपना भविष्य प्रशासन के हाथों में सौंप देने में अधिक संकोच नहीं होता।


प्रशासन की आवश्यकता सभी निजी और सार्वजनिक संगठनों को होती है। डिमॉक एवं कोइंग ने कहा है कि “वही (प्रशासन) यह निर्धारण करता है कि हम किस तरह का सामान्य जीवन बितायेंगे और हम अपनी कार्यकुशलताओं के साथ कितनी स्वाधीनताओं का उपभोग करने में समर्थ होंगे।” प्रशासन स्वप्न और उनकी पूर्ति के बीच की दुनिया है। उसे हमारी व्यवस्था, स्वास्थ्य और जीवनशक्ति की कुन्जी माना जा सकता है। जहाँ स्मिथबर्ग, साइमन एवं थॉमसन उसे “सहयोगपूर्ण समूहव्यवहार” का पर्याय मानते हैं, वहाँ मोर्स्टीन मार्क्स के लिये वह “प्रत्येक का कार्य” है। वस्तुतः प्रशासन सभी नियोजित कार्यों में विद्यमान होता है, चाहे वे निजी हों अथवा सार्वजनिक। उसे प्रत्येक जनसमुदाय की सामान्य इच्छाओं की पूर्ति में निरत व्यवस्था माना जा सकता है।


प्रत्येक राजनीतिक व्यवस्था को प्रशासन की आवश्यकता होती है, चाहे वह लोकतंत्रात्मक हो अथवा समाजवादी या तानाशाही। एक दृष्टि से, प्रशासन की आवश्यकता लोकतंत्र से भी अधिक समाजवादी व्यवस्थाओं को रहती है। समाजवादी व्यवस्थाओं के सभी कार्यप्रशासकों द्वारा ही सम्पन्न किये जाते हैं। लोकतंत्रात्मक व्यवस्थाओं में व्यक्ति निजी तौर पर तथा सूचना समुदाय भी सार्वजनिक जीवन में अपना योगदान देते हैं। यद्यपि यह कहा जा सकता है कि प्रशासन का कार्य समाजवाद की अपेक्षा लोकतंत्र में अधिक कठिन होता है।


समाजवाद में प्रशासन पूरी तरह से एक राजनीतिक दल द्वारा नियन्त्रित और निर्देशित समान लक्ष्यों को पूरा करने के लिये समूहों द्वारा सहयोगपूर्ण ढंग से की गयी क्रियाएँ ही प्रशासन है। गुलिक ने सुपरिभाषित उद्देश्यों की पूर्ति को उपलब्ध कराने को प्रशासन कहा है। स्मिथबर्ग, साइमन आदि ने समान लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये सहयोग करने वाले समूहों की गतिविधि को प्रशासन माना है। फिफनर व प्रैस्थस के मतानुसार, प्रशासन “वांछित उद्देश्यों की प्राप्ति के लिये मानवीय तथा भौतिक साधनों का संगठन एवं संचालन है।” एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटेनिका ने उसे “कार्यो के प्रबन्ध अथवा उनको पूरा करनेकी क्रिया” बताया है। नीग्रो के अनुसार, “प्रशासन लक्ष्य की प्राप्ति के लिये मनुष्य तथा सामग्री का उपयोग एवं संगठन है।” व्हाइट के विचारों में, वह “किसी विशिष्ट उद्देश्य अथवा लक्ष्य की प्राप्ति के लिये बहुत से व्यक्तियों का निर्देशन, नियन्त्रण तथा समन्वयन की कला है।”


शराब: डब्ल्यूटीओ में शिकायत दर्ज करेंगा आस्ट्रेलिया

सिडनी/ बीजिंग। ऑस्ट्रेलिया ने कहा है कि वो उनके यहाँ बनी शराब पर चीन के शुल्क बढ़ाने के खिलाफ डब्ल्यूटीओ में शिकायत दर्ज करेगा। चीन ने पिछले...