सोमवार, 19 सितंबर 2022

शुक्ला को 'उत्कृष्ट पत्रकारिता' के सम्मान से नवाजा

शुक्ला को 'उत्कृष्ट पत्रकारिता' के सम्मान से नवाजा 


अयान न्यूज़ के सह संपादक मनोज शुक्ला का आल इंडिया ब्राम्हण संगठन द्वारा किया गया सम्मान

दुष्यंत टीकम 

रायपुर। आल इंडिया ब्राह्मण संगठन द्वारा वृन्दावन हॉल में सांस्कृतिक कार्यक्रम किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित पोर्टल अयान न्यूज के सह सम्पादक मनोज शुक्ला को मोमेंटो के साथ उत्कृष्ट पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा गया। राजधानी के सिविल लाइन स्थित वृंदावन हाल में आल इंडिया ब्राह्मण संगठन की तरफ से सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ मीडिया एवं सामाजिक कार्य मे जुड़े उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान आल इंडिया ब्राह्मण संगठन द्वारा किया गया।

आल इंडिया ब्राह्मण संगठन की प्रांताध्यक्ष बबीता दुबे एवं कार्यकारी अध्यक्ष शिवाकांत त्रिपाठी ने मनोज शुक्ला की तारीफ करते हुए कहा कि जिस प्रकार अयान न्यूज़ में खबरे आती है, वे बेहद ही विश्वशनीय रहती है। आज हमें ऐसी ही मीडिया की जरूरत है, जो पूरी ईमानदारी के साथ बेबाकी से खबरे चलायें।

लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए अभियान 

लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए अभियान 

हरिशंकर त्रिपाठी 

देवरिया। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ग्राम भरौली बाजार,( नगर क्षेत्र, अंसारी रोड) तप्पा देवरिया परगना सिलहट, तहसील व जिला देवरिया में सोमवार प्रातः 3:00 बजे वर्षा से प्रभावित पुराना जर्जर मकान गिर गया। इस दुर्घटना में तीन लोगों की मलबे में दबने से मौके पर मृत्यु हो गई। मृतकों में दिलीप पुत्र गोपाल गोड़ उम्र लगभग 36 वर्ष, चांदनी पत्नी दिलीप गोड़ उम्र लगभग 27 वर्ष, पायल पुत्र दिलीप गोड़ उम्र लगभग 2 वर्ष शामिल है। उक्त घटना में मृतक की माता प्रभावती देवी पत्नी गोपाल गोड़ घायल हैं, जिनकी स्थिति सामान्य हैं।

जिलाधिकारी ने बताया कि उक्त घटना से प्रभावित परिवार की मुखिया प्रभावती देवी को शासन द्वारा अनुमन्य अनुग्रह सहायता प्रत्येक मृतक चार लाख के दर से 12 लाख रुपए का भुगतान कोषागार के माध्यम से लाभार्थी के खाते में प्रेषित कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने तहसीलों में बारिश की वजह से जर्जर एवं खतरनाक हो चुके कच्चे और पुराने मकानों को चिन्हित कर उन में रह रहे लोगों को स्कूल एवं पंचायत घर जैसे सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए अभियान चलाए।

एजेंसियों की ज्यादतियों के पीछे 'पीएम' का हाथ 

एजेंसियों की ज्यादतियों के पीछे 'पीएम' का हाथ 

मिनाक्षी लोढी 

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि उन्हें नहीं लगता कि राज्य में केंद्रीय एजेंसियों की कथित ज्यादतियों के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हाथ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं का एक तबका अपने हित साधने के लिए एजेंसियों का दुरुपयोग कर रहा है।

केंद्रीय जांच एजेंसियों की ‘ज्यादतियों’ के खिलाफ विधानसभा में एक प्रस्ताव पर बोलते हुए बनर्जी ने प्रधानमंत्री से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि केंद्र सरकार का एजेंडा और उनकी पार्टी के हित आपस में न मिलें। भाजपा ने प्रस्ताव का विरोध किया जिसे बाद में विधानसभा ने पारित कर दिया। तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष बनर्जी ने कहा, ‘वर्तमान केंद्र सरकार तानाशाहीपूर्ण तरीके से व्यवहार कर रही है। यह प्रस्ताव किसी खास के खिलाफ नहीं है, बल्कि केंद्रीय एजेंसियों के पक्षपातपूर्ण कामकाज के खिलाफ है।’

विपक्ष के नेता शुभेन्दु अधिकारी ने कहा कि इस तरह का ‘सीबीआई और ईडी के खिलाफ प्रस्ताव’ विधानसभा के नियमों के खिलाफ है। प्रस्ताव के पक्ष में 189 और विरोध में 69 मत पड़े। सीबीआई और ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियां ​​राज्य में कई मामलों की जांच कर रही हैं, जिनमें तृणमूल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता आरोपी हैं।

लंपी रोग को राष्ट्रीय आपदा घोषित कराने की मांग

लंपी रोग को राष्ट्रीय आपदा घोषित कराने की मांग 

नरेश राघानी 

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधानसभा के सभी सदस्यों से राजनीतिक विचारधारा से हटकर गौवंश को बचाने के लिए आगे आने का आग्रह करते हुए कहा है कि सभी मिलकर केंद्र सरकार से इस रोग को राष्ट्रीय आपदा घोषित कराने की मांग करें, ताकि इस पर शीघ्र नियंत्रण पाया जा सके। गहलोत आज विधानसभा परिसर में मीडिया को बात करते हुए कहा कि राज्य सरकार लम्पी स्किन रोग से गौवंश की जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। रोग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी जिलों में आवश्यक संसाधन मुहैया करा दिए गए हैं। सरकार द्वारा गौवंश के लिए किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि रोग की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार लगातार केंद्र सरकार से लंपी रोग को राष्ट्रीय आपदा घोषित किए जाने की मांग कर रही है और विधानसभा के सभी सदस्य राजनीतिक विचारधारा से हटकर गौवंश को बचाने के लिए आगे आए और सभी मिलकर केंद्र सरकार से इस रोग को राष्ट्रीय आपदा घोषित कराने की मांग करें, ताकि रोग पर जल्द से जल्द नियंत्रण पाया जा सके। गहलोत ने कहा कि रोग की रोकथाम के लिए आवश्यक वैक्सीन एवं दवाइयों की आपूर्ति सुनिश्चित करना केंद्र सरकार की अह्म जिम्मेदारी है। इसके लिए विपक्ष के सदस्यों को सहयोग करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंपी स्किन रोग की रोकथाम के लिए गत 15 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास पर सर्वदलीय बैठक बुलाकर विस्तृत चर्चा की गई थी।

इसमें विभिन्न पार्टियों के जनप्रतिनिधियों, धर्मगुरूओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, गौशाला संचालकों, पशुपालकों और विशेषज्ञों आदि से लंपी रोग को लेकर चर्चा की। सभी ने एकराय में इसे गंभीर विषय बताया। इसलिए हम सभी को राजनीतिक मतभेदों को भुलाकर रोग को राष्ट्रीय आपदा घोषित किए जाने के प्रयास करने चाहिए। गहलोत ने कहा कि कोरोना महामारी के समय भी हमने लगातार वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठकें कीं। सभी जनप्रतिनिधियों, धर्मगुरूओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, भामाशाहों और आमजन आदि के सहयोग से सफलतापूर्वक कोरोना महामारी पर नियंत्रण भी किया जा सका। उन्होंने कहा कि अब एक बार फिर हम सभी को मिलकर गौवंश में फैल रहे लंपी स्किन रोग से गौवंश को बचाने के लिए कोशिश करनी होगी।

17 सितंबर से 2 अक्टूबर के अंतर्गत मेले का आयोजन

17 सितंबर से 2 अक्टूबर के अंतर्गत मेले का आयोजन


कार्यालय चिकित्सा अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुडाना, जनपद शामली

भानु प्रताप उपाध्याय 

शामली। सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुड़ाना पर सेवा पखवाड़ा दिनांक 17 सितंबर 2022 से 2 अक्टूबर 2022 के अंतर्गत विशेष स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया है। जिसका उद्घाटन क्षेत्रीय मंत्री विनीत बालियान जी के द्वारा किया गया। मेले में सामान्य मरीजों के साथ दंत रोग, टीबी जांच, बीपी, शुगर आदि जांच की गई। श्री विनीत बालियान जी के द्वारा बताया गया कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्म दिवस के अवसर पर इस मेले का आयोजन किया जा रहा है। उनके देश के प्रति सेवा भाव से प्रेरित होकर यह अभियान चलाया गया है। जिसमें प्रतिदिन कोई ना कोई सेवा जनमानस को दी जानी है, जिससे लोगों के अंदर अपने स्वास्थ्य शिक्षा एवं देश के प्रति सेवा भाव उत्पन्न हो सके। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संजय अग्रवाल के द्वारा बताया गया कि लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना चाहिए व समय-समय पर स्वास्थ्य जांच नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर करानी चाहिए और अब तो भारत एवं प्रदेश सरकार द्वारा गांव स्तर पर कम्युनिटी हेल्थ ऑफीसर बिठा दिए गए हैं।

जिनके द्वारा गांव के लोगों की स्वास्थ्य जांच जैसे शुगर, बीपी, ओरल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, टीबी, बुखार आदि जांच की जाती है तथा आवश्यकता पड़ने पर उक्त मरीज को सीनियर डॉक्टर स्पेशलिस्ट से ईसंजीवनी पोर्टल के माध्यम से वही से ही स्वास्थ्य केंद्र पर बैठे-बैठे वीडियो कॉल के माध्यम से परामर्श भी दिलवाया जाता है और मरीज को गांव से दूर जाने की आवश्यकता नहीं होती है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ विजय राणा के द्वारा बताया गया कि उद्घाटन के समय तक 145 मरीजों को देखा गया है, जिसमें बुखार के 5, शुगर बीपी के 6 टीबी के 2 व अन्य मरीज देखे गए हैं। आंगनवाड़ी विभाग के द्वारा गोद भराई की रस्म भी की गई। इस अवसर पर स्टाफ से डॉक्टर शौर्य मलिक, डॉक्टर विकास, श्री गजेंद्र मलिक चीफ फार्मेसिस्ट, मुबश्शिर खान बीपीएम अन्य समस्त स्टाफ़ व आसपास के गांव से अन्य गणमान्य लोग व मरीज उपस्थित रहे।

कोर्ट परिसर में गैंगस्टर को गोलियों से भूना, मौंत

कोर्ट परिसर में गैंगस्टर को गोलियों से भूना, मौंत

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। अदालत परिसर में दिनदहाड़े हुई गैंगवार की वारदात में पुलिस के सामने ही काले रंग की स्कॉर्पियो कार में सवार होकर आए शूटर्स ने गैंगस्टर को गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया है। अनेक गोली लगने से गैंगस्टर की मौके पर ही मौत हो गई है। जेल में बंद गैंगस्टर को अदालत में पेशी पर लाया गया था। सोमवार की दोपहर राजस्थान के नागौर स्थित कोर्ट में गैंगस्टर संदीप को अदालत में पेश करने के लिए पुलिस द्वारा जेल से लाया गया था। जिस समय पुलिस गैंगस्टर संदीप को अदालत में पेश करने के लिए जा रही थी तो इसी दौरान काले रंग की स्कार्पियो कार में सवार होकर आए शूटर्स ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाते हुए गैंगस्टर संदीप को गोलियों से भून दिया। दिनदहाड़े गोलियां चलने की आवाज को सुनकर कचहरी में भगदड़ सी मच गई।  बताया जा रहा है कि हरियाणा से कार में सवार होकर आए शूटर्स ने आधा दर्जन से अधिक तकरीबन नो फायर किए। गैंगस्टर को गोलियों से भूनने के बाद कार सवार बदमाश मौके से फरार हो गए।

मामले की जानकारी मिलते ही सक्रिय हुए पुलिस अफसरों ने बदमाश को गोलियों से भूनकर भागे शूटर्स को दबोचने के लिए नागौर के आसपास नाकेबंदी कर दी। फिलहाल सभी गाड़ियों को चेक किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि शूटर्स की गोलियों का निशाना बना संदीप सुपारी किलर था। बताया जा रहा है कि हरियाणा से कार में सवार होकर आए शूटर्स ने आधा दर्जन से अधिक तकरीबन नो फायर किए। गैंगस्टर को गोलियों से भूनने के बाद कार सवार बदमाश मौके से फरार हो गए। मामले की जानकारी मिलते ही सक्रिय हुए पुलिस अफसरों ने बदमाश को गोलियों से भूनकर भागे शूटर्स को दबोचने के लिए नागौर के आसपास नाकेबंदी कर दी। फिलहाल सभी गाड़ियों को चेक किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि शूटर्स की गोलियों का निशाना बना संदीप सुपारी किलर था।

आवेदक की अधिकतम आयु को 3 साल बढ़ाया 

आवेदक की अधिकतम आयु को 3 साल बढ़ाया 

मनोज सिंह ठाकुर 

भोपाल। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग कोविड-19 की वजह से दो साल परीक्षाओं का आयोजन नहीं कर सका। इस वजह से कई छात्र अधिकतम आयु को पार कर गए। ऐसे छात्रों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़ा फैसला किया है। इसके तहत एक साल के लिए आवेदक की अधिकतम आयु को तीन साल बढ़ा दिया गया है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मुझे कई बच्चे मिले हैं, जो परेशान हैं। कोविड के कारण पिछले वर्षों में पीएससी की परीक्षाएं नहीं हुई। दो साल परीक्षा स्थगित हुई थी। इसके कारण कई बच्चे ओवरएज हो गए हैं। उन्होंने मुझसे आग्रह किया था कि परीक्षा न होने के कारण जो बच्चे ओवरएज हुए हैं, उनके साथ अन्याय हो रहा है। इसलिए एक बार के लिए पीएससी में परीक्षा देने की जो अधिकतम आयु की सीमा है, उसे तीन साल के लिए बढ़ाया जाए। ताकि ऐसे बच्चों के साथ न्याय हो सके। छात्रों का पक्ष मुझे पूरी तरह से न्यायपूर्ण लगता है। इस वजह से हम यह फैसला कर रहे हैं कि पीएससी की जो अधिकतम आयु की सीमा थी, उसमें एक बार के लिए तीन साल की वृद्धि की जाएगी। इससे बच्चों को न्याय मिलेगा।

एक करोड़ से अधिक मूल्य के अमेरिकी डॉलर जब्त 

एक करोड़ से अधिक मूल्य के अमेरिकी डॉलर जब्त 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोलकाता स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक यात्री के पास से एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के अमेरिकी डॉलर जब्त किए हैं। ईडी ने सोमवार को यह जानकारी दी। सीमा शुल्क विभाग ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 16 सितंबर को एक महिला को विदेशी मुद्रा में एक बड़ी रकम ले जाते पाया, जिसके बाद उसे रोका गया।एजेंसी ने एक बयान में बताया कि विभाग ने ईडी को इसकी जानकारी दी और अधिकारियों को उसके पास से 100 डॉलर के 1,300 नोट मिले।

ईडी ने कहा कि संगीता देवी यह नहीं बता पाई कि उसके पास से मिली विदेशी मुद्रा का स्रोत क्या है और वह इतनी बड़ी रकम लेकर क्यों घूम रही थी ? कहा कि वह यह स्पष्टीकरण नहीं दे पाई कि उसके पास 1.03 करोड़ रुपए मूल्य की बड़ी विदेशी मुद्रा कहां से आई, जिसके बाद मुद्रा को जब्त कर लिया गया।

हत्या की जांच की मांग, याचिका पर सुनवाई से इनकार

हत्या की जांच की मांग, याचिका पर सुनवाई से इनकार

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने 1989 में कश्मीर घाटी में आतंकवादियों द्वारा वकील टीका लाल टपलू की हत्या की जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। याचिका में परिवार के सदस्यों के पुनर्वास और कश्मीर घाटी में उनकी संपत्तियों की बहाली और हत्या में शामिल लोगों की जांच और मुकदमा चलाने की भी मांग की गई थी। स्वर्गीय वकील टीका लाल टपलू के पुत्र आशुतोष टपलू द्वारा रिट याचिका दायर की गई थी, जिसमें याचिकाकर्ता के पिता, एक कश्मीरी पंडित की हत्या में शामिल लोगों की जांच, परिवार के सदस्यों के पुनर्वास और सुरक्षा की मांग की गई थी।

जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस सी टी रविकुमार की खंडपीठ ने इस आधार पर इस मामले की सुनवाई से इनकार कर दिया कि इसी तरह के आधार पर एक और मामले पर कुछ समय पहले सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया था। जस्टिस गवई ने कहा कि हम हस्तक्षेप करने के इच्छुक नहीं हैं। पीठ ने याचिकाकर्ता को वैकल्पिक उपायों का लाभ उठाने का मौका दिया और याचिका को वापस लेते हुए खारिज कर दिया। 2 सितंबर को, पीठ ने वी द सिटिजन नाम के एक एनजीओ द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था, जिसमें 1990 के दशक के दौरान कश्मीरी पंडितों की हत्याओं की जांच की मांग की गई थी और उन लोगों के पुनर्वास की मांग की गई थी, जिन्हें कश्मीर घाटी से भागना पड़ा था।पीठ ने एनजीओ को केंद्र सरकार के समक्ष अभ्यावेदन पेश करने की छूट दी थी। आज, टपलू की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट गौरव भाटिया ने याचिका को एनजीओ के मामले से अलग करने की मांग करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता व्यक्तिगत रूप से पीड़ित है क्योंकि पीड़िता उसके पिता थे।

भाटिया ने कहा कि मैं व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर हूं। 32 साल बीत चुके हैं और जांच की फुसफुसाहट भी नहीं है। मैं एक भेद करने की कोशिश कर रहा हूं। मैं व्यथित हूं, मेरे मौलिक अधिकार का उल्लंघन किया गया है और जिस तरह के माहौल के कारण मैं वहां इसका पीछा नहीं कर सकता। मुझे मृत्यु के बाद कश्मीर छोड़ने के लिए कहा गया था और मैंने दस्तावेजों की एक प्रति प्राप्त करने के लिए लंबे समय तक प्रयास किया है। उन्होंने उस आदेश का भी जिक्र किया जिसमें करीब तीन दशकों के बाद 1984 के सिख विरोधी दंगों की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया गया था। हालांकि, पीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय के समक्ष भी राहत की मांग की जा सकती है। पीठ ने पूछा, “हमें अभी भी उच्च न्यायालय में विश्वास है। आप क्या चाहते हैं? क्या हमें खारिज करना चाहिए या आप वापस लेना चाहते हैं?” इसके बाद, अन्य उपायों को आगे बढ़ाने की स्वतंत्रता के साथ याचिका वापस ले ली गई।

राउत की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ाई 

राउत की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ाई 

कविता गर्ग 

मुंबई। पात्रा चौल भूमि घोटाला मामला में शिवसेना सांसद संजय राउत की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ा दी गई है। उनकी जमानत याचिका पर अब बुधवार, 21 सितंबर को सुनवाई होगी। कोर्ट के निर्देश के बाद प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने संजय राउत को चार्जशीट की कॉपी सौंपी।

इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को शिवसेना सांसद संजय राउत की जमानत याचिका का विरोध करते हुए दावा किया था कि पात्रा चॉल पुन: विकास परियोजना से जुड़े धन शोधन में नेता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और पर्दे के पीछे रह काम किया है। राज्यसभा सदस्य को इस मामले में जुलाई में गिरफ्तार किया गया और फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। उन्होंने विशेष पीएमएलए (धन शोधन निषेध कानून) अदालत में जमानत की अर्जी दी है। ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने राउत की इस दलील को खारिज किया कि उनके खिलाफ कार्रवाई राजनीतिक बदले के रूप में की गई है।जांच एजेंसी ने कहा कि आरोपी ने अपने प्रॉक्सी और करीबी सहयोगी प्रवीण राउत (सह-आरोपी) के जरिए अपराध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। धन के लेन-देन से बचने के लिए वह (संजय राउत) पर्दे के पीछे से काम कर रहे हैं। ईडी पात्रा चॉल पुन:विकास परियोजना में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही है. उपनगर गोरेगांव में स्थित सिद्धार्थ नगर, जोकि पात्रा चॉल के नाम से लोकप्रिय है.. 47 एकड़ से ज्यादा भूमि में फैला हुआ है और उसमें 672 किराएदार परिवार रहते थे।

महाराष्ट्र आवासीय आर क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण (महाडा) ने 2008 में पात्रा चॉल के पुन:विकास का काम एचडीआईएल से जुड़ी कंपनी गुरु आशीष कंस्ट्रेक्शन प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा। निविदा के अनुसार, कंस्ट्रक्शन कंपनी को किराएदारों के लिए 672 फ्लैट बनाने थे और कुछ फ्लैट उसे महाडा को भी देने थे। बाकी बची जमीन वह निजी डेवलपर्स को बेच सकता था, लेकिन 14 साल बाद भी किराएदारों को एक फ्लैट नहीं मिला क्योंकि कंपनी ने पात्रा चॉल का पुन:विकास नहीं किया और सारी जमीन को दूसरे बिल्डरों को 1,034 करोड़ रुपये में बेच दी।

ईडी द्वारा दायर याचिका पर एससी की सुनवाई

ईडी द्वारा दायर याचिका पर एससी की सुनवाई

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) यू यू ललित, जस्टिस एस रवींद्र भट और जस्टिस अजय रस्तोगी ने सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की, जिसमें नागरिक आपूर्ति निगम (एनएएन) घोटाला मामले में जांच स्थानांतरित करने की मांग की गई है, जो छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में भ्रष्टाचार से संबंधित है।

पीठ ने पक्षों को निर्देश दिया कि वे जिस सामग्री पर भरोसा करना चाहते हैं उसे सीलबंद लिफाफे में दें। यह मामला अब 26 सितंबर 2022 को दोपहर 3 बजे के लिए सूचीबद्ध किया गया है। अदालत ने आगे पक्षकारों को याचिकाओं के सुनवाई योग्य होने पर अपनी लिखित प्रस्तुतियां पेश करने का निर्देश दिया।भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मामला इतना बड़ा है कि सुप्रीम कोर्ट संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपने अधिकार क्षेत्र का प्रयोग कर सकता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में संवैधानिक पदों पर अधिकारियों की मिलीभगत से उच्च पदस्थ अधिकारी अपने पदों का फायदा उठा रहे हैं। प्रतिवादियों की ओर से सीनियर एडवोकेट राकेश द्विवेदी, सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी और सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने इस बात पर प्रकाश डाला कि उक्त घोटाला छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के शासन के दौरान हुआ था।

एसजी मेहता ने कहा कि यह सामने आया है कि छत्तीसगढ़ सरकार के वरिष्ठ अधिकारी याचिकाकर्ताओं के मामले को कमजोर करने में सक्रिय रूप से शामिल हैं और अभियुक्तों ने न केवल गवाहों को ईडी के समक्ष अपने बयान वापस लेने के लिए प्रभावित किया था, बल्कि एसआईटी ने भी कार्रवाई को रोकने के सात प्रयास किए थे। उन्होंने प्रस्तुत किया कि ईडी की जांच से पता चला है कि आरोपी संवैधानिक पदाधिकारियों के संपर्क में था और अन्य सह-आरोपियों के अपराधों की गंभीरता को कम करने का प्रयास किया गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों को वर्तमान छत्तीसगढ़ सरकार से मदद मिली थी।

एक गाय लेकर विधानसभा परिसर पहुंचे, विधायक 

एक गाय लेकर विधानसभा परिसर पहुंचे, विधायक 

नरेश राघानी 

जयपुर। गोवंश में फैले लंपी चर्म रोग की ओर राज्‍य सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए बीजेपी के एक विधायक सोमवार को एक गाय लेकर राजस्थान विधानसभा परिसर पहुंचे। हालांकि, यह गाय वहां के शोर-शराबे के बीच बिदक कर भाग गई और विधायक के साथी लोग उसे पकड़ने की कोशिश करते नजर आए। राजस्‍थान विधानसभा के सातवें सत्र की बैठक सोमवार को फिर शुरू हुई। पुष्‍कर से भाजपा विधायक सुरेश सिंह रावत एक गाय लेकर विधानसभा परिसर की ओर पहुंचे। इस पर मीडिया वाले उनकी ओर लपके। अपने हाथ में लाठी पकड़े हुए व‍िधायक ने कहा कि पूरे राजस्‍थान में गोवंश लंपी बीमारी से ग्रस्‍त है लेकिन राज्‍य सरकार सो रही है।

व‍िधायक मीडिया से बात कर ही रहे थे कि वहां हो रहे शोर-शराबे से गाय ब‍िदक गई और वहां से भाग खड़ी हुई। गाय लाने वाले दो लोग उसे पकड़ने के लिए पीछे भागते नजर आए। व‍िधायक रावत ने कहा कि लंपी की ओर ध्‍यान आकर्षित करने के लिए मैं व‍िधानसभा (पर‍िसर) में गोमाता लेकर आया।गाय के भाग जाने पर उन्‍होंने कहा कि देखिए निश्चित रूप से गोमाता भी सरकार से दुखी हैं। उन्‍होंने सरकार से मांग की लंपी से बीमार गायों की देखभाल के लिए दवाओं व टीकों आद‍ि की पूरी व्‍यवस्‍था की जाए। उल्‍लेखनीय है कि इस मुद्दे को लेकर राष्‍ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के तीन विधायकों ने सदन में भी नारेबाजी की ओर आसन के सामने धरने पर बैठे।

इन विधायकों ने हाथ में ‘गोमाता करे पुकार हमे बचा लो सरकार’ ल‍िखे पोस्‍टर ले रखे थे। मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत ने सदन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि केंद्र सरकार लंपी रोग को राष्‍ट्रीय आपदा घोषित करे। उन्‍होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि लंपी चर्म रोग से गायों की जान कैसे बचे, लेकिन वैक्सीन भारत सरकार देगी, दवाइयां वो उपलब्ध करवाएगी तो ऐसी स्थिति में हम तो भारत सरकार से मांग कर रहे हैं कि आप राष्ट्रीय आपदा घोषित करो।

दीवानगी की हदें पार, सीएम योगी का मंदिर बनवाया 

दीवानगी की हदें पार, सीएम योगी का मंदिर बनवाया 

संदीप मिश्र

अयोध्या। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक समर्थक ने दीवानगी की सारी हदें पार करते हुए सीएम योगी का मंदिर ही बनवा दिया। इस मंदिर में सीएम योगी की बकायदा किसी भगवान की तरह पूजा की जाती है और भजन-आरती गाई जाती हैं। योगी आदित्यनाथ का यह मंदिर अयोध्या से 15 किलोमीटर दूर अंबेडकर नगर राजमार्ग पर भरतकुंड के समीप मौर्या का पुरवा गांव में है। यहां के निवासी प्रभाकर मौर्य ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह मंदिर बनवाया है। अनिल ने यह मंदिर योगी आदित्यनाथ के कामों से प्रभावित होकर और अपना संकल्प पूरा करने के लिए बनवाया है।बता दें कि, अनिल एक भजन गायक हैं और योगी आदित्यनाथ के समर्थन में कई भजन बना और गा चुके हैं। इसलिए लोग उन्हें योगी का प्रचारक भी करते है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रभाकर ने मंदिर का निर्माण 8 लाख 56 की लागत से कराया है। मंदिर में स्थापित मूर्ति राजस्थान से विशेष ऑर्डर देकर बनवाई है। मंदिर में लगी प्रतिमा को योगी आदित्यनाथ को राम के अवतार में दिखाया गया है। प्रतिमा में योगी आदित्यनाथ धनुष और तीर लेकर दिखाई दे रहे है। प्रभाकर मानते है कि योगी भगवान राम और कृष्ण के अवतार है। इसलिए सनातन धर्म का प्रचार कर रहे है। वे किसी भगवान से कम नहीं है। प्रभाकर मौर्या ने भास्कर से बताया कि उन्होंने 2015 में संकल्प लिया था, कि जो राम का मंदिर राम जन्मभूमि अयोध्या में बनाएगा, उसका मंदिर बनाकर नित्य पूजन करेंगे। इसलिए 2016 में मैंने एक भजन गाया था, राम लला का अयोध्या में मंदिर बनाएंगे… इसके बाद सुप्रीम कोर्ट का राम मंदिर के निर्माण को लेकर फैसला आया और अब योगी आदित्यनाथ के सानिध्य में अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो रहा है। संकल्प पूरा होने और मुख्यमंत्री के कार्यों से प्रभावित होकर मैंने यह मंदिर का निर्माण कराया है।

गैंगरेप: जिंदा जलाई किशोरी, 12 दिन बाद मौंत 

गैंगरेप: जिंदा जलाई किशोरी, 12 दिन बाद मौंत  

संदीप मिश्र 

लखनऊ। सामूहिक रूप से बलात्कार करने के बाद जिंदा जलाई गई किशोरी ने 12 दिनों तक जिंदगी पाने के लिए मौत से संघर्ष करने के बाद हार मानकर आज दम तोड़ दिया है। इलाज के दौरान अस्पताल में किशोरी की मौत हो जाने से अब परिवार के लोगों का रो-रो कर बुरा हाल बना हुआ है। सोमवार को पीलीभीत के माधोटांडा थाना क्षेत्र की रहने वाली दुष्कर्म पीड़िता किशोरी की मौत हो गई है।

दुष्कर्म के बाद जिंदा जलाई गई किशोरी को 7 सितंबर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। किशोरी को 11 सितंबर को हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने राजधानी लखनऊ के लिए रेफर कर दिया था। सोमवार की सवेरे अस्पताल में इलाजरत किशोरी की मौत हो गई है।उल्लेखनीय है कि 10 सितंबर को किशोरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में किशोरी ने गांव के ही रहने वाले दो युवकों के ऊपर गैंग रेप करने और उसे जिंदा जलाकर मार डालने के प्रयास का आरोप लगाया था। फिलहाल घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए गांव में भारी संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है। किशोरी की मौत के बाद परिजनों का रो रो कर बुरा हाल बना हुआ है। पोस्टमार्टम के बाद सौपे गए किशोरी के शव को लेकर परिजन अब पैतृक गांव गए हैं। जहां उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

जन्म के 9 वर्ष बाद बच्ची का नाम रखा 'महाती'

जन्म के 9 वर्ष बाद बच्ची का नाम रखा 'महाती'

इकबाल अंसारी 

हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने 9-वर्ष की एक बच्ची का नाम ‘माहाती’ रखा है। बच्ची का जन्म 2013 में हुआ था और तेलंगाना आंदोलन से जुड़े उसके माता-पिता आंदोलन के नेता केसीआर से उसका नाम रखवाना चाहते थे इसलिए उन्होंने बच्ची का कोई आधिकारिक नाम नहीं रखा था। टीआरएस एमएलसी मधुसूदनाचारी ने तीनों को मुख्यमंत्री से मिलवाया।तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर से बच्ची और उसके परिजनों की मुलाकात रविवार को हुई। बच्ची के माता-पिता सुरेश और अनिथा ने केसीआर की अगुआई में चलाए गए तेलंगाना राज्य आंदोलन में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया था। 2013 में जब उनकी बेटी का जन्म हुआ तो उनकी इच्छा थी कि बच्ची का नाम केसीआर द्वारा रखा जाए। उनकी यह इच्छा 9 साल तक पूरी नहीं हुई। इस दौरान लड़की बिना नाम के रही।

तेलंगाना राष्ट्र समिति के विधान परिषद सदस्य और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष मधुसूधन चारी को हाल ही में इस बात की जानकारी मिली। वह बच्ची और उसके परिजनों को तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर के आधिकारिक निवास स्थान प्रगति भवन लेकर आए। केसीआर को जब इस संबंध में जानकारी मिली तो उन्होंने बच्ची और उसके परिजनों से मुलाकात की और बच्ची का नाम महती रखा। मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी ने दंपति और उनकी बेटी को उपहार भी सौंपे। सीएम ने महती की शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता की घोषणा की।

सीएम केसीआर द्वारा नामकरण किए जाने के बाद बच्ची और उनके परिजन काफी खुश दिखे। बच्ची के पिता सुरेश ने कहा कि हमारा सपना आज साकार हुआ है। मुख्यमंत्री ने महती की शिक्षा के लिए मदद की बात की है। हमलोग इसके लिए उनके आभारी हैं

यूएफसीबीयू के आह्वान पर बैंकों की हड़ताल चालू

यूएफसीबीयू के आह्वान पर बैंकों की हड़ताल चालू

इकबाल अंसारी

हैदराबाद। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के सभी कर्मचारियों ने सामूहिक तबादलों के विरोध सोमवार से दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी पर हैं। एआईबीईए, आईएनबीईएफ, बीईएफआई, एनसीबीई और एनओबीडब्ल्यू से संबद्ध यूनाइटेड फोरम ऑफ सेंट्रल बैंक यूनियंस (यूएफसीबीयू) के आह्वान पर यह हड़ताल सोमवार से शुरू हुई। अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ के महासचिव सी एच वेंकटचलम ने बताया कि हड़ताल में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के कुल 14,000 क्लर्कों और उप-कर्मचारियों ने भाग लिया।

उन्होंने एक बयान में कहा कि द्विपक्षीय समझौते के अनुसार बैंकों के लिपिक कर्मचारियों को एक जगह से दूसरी जगह पर तभी स्थानांतरित किया जा सकता है, जब एक जगह अतिरिक्त कर्मचारी हों और दूसरी जगह कर्मचारियों की कमी हो। इसके अलावा, कर्मचारियों को एक ही जगह की शाखा से दूसरी शाखा में स्थानांतरित किया जाता है। वेंकटचलम ने कहा कि इस समझौते का उल्लंघन करते हुए सेंट्रल बैंक प्रबंधन ने अप्रैल, 2022 में 3,300 कर्मचारियों का तबादला कर दिया।

शिंदे को दशहरा रैली आयोजन की अनुमति मिली 

शिंदे को दशहरा रैली आयोजन की अनुमति मिली 

कविता गर्ग 

मुंबई। महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे के शिवसेना गुट को मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) मैदान में दशहरा रैली आयोजित करने की अनुमति मिल गई है। जिसके बाद शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को एक और बड़ा झटका लगा है। शिवाजी पार्क में दशहरा रैली करना शिवसेना के लिए एक विशेष कार्यक्रम माना जाता है, जहां पार्टी नेता कैडर की उपस्थिति में राजनीति के तमाम पहलूओं पर अपने विचार रखते हैं। ऐसे में दोनों गुटों द्वारा बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स मैदान में दशहरा रैली की मेजबानी के लिए अनुमति मांगने को लेकर एक आवेदन दायर किया गया था।

फिलहाल बृहन्मुंबई नगर निगम ने शिवाजी पार्क में दशहरा रैली आयोजित करने के आवेदनों पर कोई फैसला नहीं लिया है। जबकि बीएमसी पर लगभग तीन दशकों से उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी का शासन है, यह वर्तमान में प्रशासक इकबाल चहल द्वारा नागरिक निकाय के कार्यकाल की समाप्ति के बाद चलाया जा रहा है। दशहरा रैली में दोनों खेमे का आमना-सामना होना बीएमसी चुनावों के लिए काफी महत्वपूर्ण हो जाता है, जहां शिवसेना के दोनों धड़े अपनी ताकत साबित करने की कोशिश कर रहे हैं।


बता दें कि एकनाथ शिंदे ने 30 जून को महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। शिवसेना के एनसीपी और कांग्रेस के साथ गठबंधन जारी रखने के विरोध में शिवसेना के 38 अन्य विधायक राज्य के बाहर उनके साथ शामिल हो गए। ऐसे में शिंदे ने राज्य सरकार के पतन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं उन्होंने सीएम बनने की जंग में देवेंद्र फडणवीस को भी पछाड़ दिया। जिसके बाद शुरुआत में फडणवीस ने सरकार का हिस्सा बनने से भी इनकार कर दिया था। हालांकि बाद में उन्हें डिप्टी के रूप में कैबिनेट में शामिल किया गया।

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प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण 




1. अंक-346, (वर्ष-05)


2. मंगलवार, सितंबर 20, 2022


3. शक-1944, आश्विन, कृष्ण-पक्ष, तिथि-दसवीं, विक्रमी सवंत-2079।


4. सूर्योदय प्रातः 05:51, सूर्यास्त: 06:43। 


5. न्‍यूनतम तापमान- 21 डी.सै., अधिकतम-33+ डी.सै.।


6. समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है। सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा। सभी पद अवैतनिक है। 


7.स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक राधेश्याम व शिवांशु,(विशेष संपादक) श्रीराम व सरस्वती (सहायक संपादक) संरक्षण-अखिलेश पांडेय, ओमवीर सिंह, वीरसेन पवार, योगेश चौधरी आदि के द्वारा (डिजीटल सस्‍ंकरण) प्रकाशित। प्रकाशित समाचार, विज्ञापन एवं लेखोंं से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं हैं। पीआरबी एक्ट के अंतर्गत उत्तरदायी। 


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