शुक्रवार, 18 जून 2021

दुनिया की पहली दवा के लिए खजाना खोला: यूएसए

वाशिंगटन डीसी। कोरोना वायरस के खिलाफ जंग के लिए अमेरिका ने वैक्‍सीन के बाद अब दुनिया की पहली दवा के लिए खजाना खोल दिया है। जो बाइडन प्रशासन एंटीवायरल दवा विकसित करने के लिए 3.2 अरब डॉलर देने जा रहा है। अगर यह दवा बनाने में सफलता मिलती है तो कोरोना वायरस संक्रमण के इलाज में बहुत आसानी हो जाएगी। साथ ही यह कोरोना वायरस के खिलाफ पहली कारगर दवा होगी।
अमेरिका के शीर्ष संक्रामक रोग विशेषज्ञ और राष्‍ट्रपति बाडइन के सलाहकार एंथनी फाउची ने इस अरबों डॉलर के निवेश का ऐलान किया। इस पैसे के जरिए विभिन्‍न दवाओं के क्लिनिकल ट्रायल को तेज किया जाएगा। ये दवाएं किसी कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज के गंभीर रूप से बीमार होने से पहले ही उसको बेकार कर देंगी। अगर यह ट्रायल सफल रहता है तो इस साल के आखिर तक दुनिया में कोरोना वायरस की पहली दवा सामने आ सकती है।

दिल्ली में हरियाणा की सियासी गतिविधियां ज्यादा बढ़ीं

राणा ओबराय                
नई दिल्ली। किसी भी कार्य की अटकलें तब लगती है जब उसमें कुछ सच्चाई होती है। यह तय माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल फेरबदल शीघ्र होगा। इसीलिए सहयोगी पार्टी जेजेपी सहित मुख्यमंत्री, गृहमंत्री दिल्ली दरबार मे हाजरी भर रहे हैं। इसलिए मनोहर लाल मंत्रिमंडल में बदलाव की अटकलों के बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हरियाणा की सियासी गतिविधियां बढ़ गई हैं। चंडीगढ़ में अपनी गठबंधन सरकार के 600 दिन की उपलब्धियां गिनाने के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल नई दिल्ली पहुंचे। उनके बाद राज्य के गृहमंत्री अनिल विज भी अचानक दिल्ली पहुंच गए। 

सीएम मनोहर लाल ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की, तो अनिल विज भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने जा पहुंचे। इसके बाद ह‍रियाणा कैबिनेट में बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं।बता दें, पिछले एक पखवाड़े से राष्ट्रीय राजधानी हरियाणा की राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनी हुई है। 31 मई को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद जेपी नड्डा से भी मुलाकात की। इसके बाद 11 जून को मनोहर सरकार में साझेदार जजपा नेता और उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने गृहमंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे। दुष्यंत की शाह से मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों यह चर्चा आम हो गई कि मनोहर मंत्रिमंडल का शीघ्र विस्तार होगा। यह चर्चा तब और प्रबल हो गई जब मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बुधवार चंडीगढ़ में राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य से मुलाकात की।

यूपी: यूनिसेफ के साथ बैठक में आवश्यक निर्देश दिएं

कौशाम्बी। संचारी रोगों की रोकथाम के संबंध में उप जिलाधिकारी सिराथू प्रखर उत्तम में मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज सिराथू, कड़ा, सीडीपीओ व यूनिसेफ के साथ बैठक में आवश्यक निर्देश दिए है। इस अवसर पर संचारी रोग नियंत्रण के साथ बचाव संबंधी दिशा-निर्देशों को अनुपालन करने का आवाहन करते हुए स्वयं को सुरक्षित रखते हुए संबंधित विभाग संचारी रोग नियंत्रण अभियान के अंतर्गत किये जाने वाले कार्यों का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। इसके लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को अंतर विभागीय समन्वय स्थापित करते हुए अभियान का सफल संचालन के लिए विभाग आवंटित किए गए हैं। उप जिला अधिकारी प्रखर उत्तम ने बताया इस वर्ष कोरोना संक्रमण के कारण डेंगू चिकनगुनिया मलेरिया दिमागी बुखार के साथ-साथ कोरोना बचाव के बारे में भी प्रचार-प्रसार कर आवश्यक जानकारी लोगो को साझा की जाएं।
सन्तलाल मौर्य 

लाइसेंस लिए जाने के कानून का कड़ा विरोध किया

अश्वनी उपाध्याय              

गाजियाबाद। राष्ट्रीय व्यापार मंडल के निमंत्रण पर गुरुवार को व्यापारियों गोविंदपुरम में बैठक संपन्न हुई। बैठक में व्यापारियों ने तंबाकू, सिगरेट, पान मसाला की बिक्री के लिए लाइसेंस लिए जाने के कानून का कड़ा विरोध किया। सरकार पर छोटे दुकानदारों के शोषण का आरोप लगाया। व्यापारियों ने प्रदेश सरकार से यह फैसला वापस लेने की मांग की है। संगठन के संरक्षक अशोक भारतीय ने कहा कि इस फैसले से छोटे दुकानदार का उत्पीड़न बढ़ेगा।

सरकार चाहे तो तंबाकू पर पूर्ण प्रतिबंध लगा कर अच्छा संदेश दे सकती है लेकिन लाइसेंस के नाम पर छोटे दुकानदारों का उत्पीड़न सही नहीं होगा। जिला अध्यक्ष बालकिशन गुप्ता ने कहा सरकार ने तंबाकू, सिगरेट, पान, मसाला बेचने के लिए लाइसेंस लिए जाने का कानून बनाया है। साथ ही इसकी फीस भी काफी अधिक रखी गई है। इसमें यह प्रावधान है कि जो लोग तंबाकू, सिगरेट आदि बेचेंगे, वह दुकानों पर अन्य टॉफी, बिस्केट आदि की बिक्री नहीं कर सकेंगे।

कोविड़ टीकों को मुफ्त में बेच रहीं हैं सरकार: भाजपा

अकांशु उपाध्याय            

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पंजाब सरकार पर आरोप लगाया कि राज्य सरकार कोविड टीके लोगों को मुफ्त में उपलब्ध कराने के बजाय ऊंचे दामों पर बेच रही है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पंजाब में कोरोना के टीके जो लोगों को मुफ्त में लगायी जानी चाहिए, उन्हें राज्य सरकार अधिक कीमतों पर बेच रही है। राज्य सरकार 309 रुपये की कीमत वाली वैक्सीन की 1560 रुपये में बेच कर काला बाज़ारी कर रही है।

पुरी ने कहा "पंजाब सरकार के अधिकारी और कोविड टीकाकरण के प्रभारी ने 29 मई के कुछ आंकड़ों में इस बात का ज़िक्र किया था कि कोविशील्ड टीकों की 4.29 लाख डोज 13.25 करोड़ रुपये में खरीदी गई थी। इसकी औसत कीमत 309 रुपये है। वहीं 1,14,190 कोवैक्सिन टीकों को औसतन 4.70 करोड़ रुपये में खरीदी गई जिसके एक टीके का दाम 412 रुपये हैं।" उन्होंने कहा कि पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की केंद्र सरकार ने जनता के लिए 41 ऑक्सीजन प्लांट को मंजूरी दी है, जिसमें से कुछ तुरंत ही शुरू कर दिए जाएंगे और कुछ 15 अगस्त यानि कि देश की 74वीं आजादी की वर्षगांठ के दिन से शुरू किए जाएंगे।

पुरी ने कहा कि केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर कृषि कानूनों के बारे में कोई संदेह है, तो हम किसान नेताओं के साथ बैठकर चर्चा के लिए तैयार हैं। हम सुझावों के लिए खुले तौर पर उनका स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमें आंदोलन स्थल से दुष्कर्म की खबरें मिल रही हैं। इसकी जांच होनी चाहिए। इससे पहले भी कई भाजपा नेता इस मुद्दे को उठा चुके हैं। केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने पंजाब के 333 सिखों को काली सूची से हटा दिया है। केंद्र सरकार के नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) की वजह से हजारों सिख भाई-बहनों को देश की नागरिकता मिली है। वहीं गुरुद्वारों के लिए केंद्र सरकार ने लंगर सेवा पर जीएसटी से छूट दी है।

हापुड़: जंगल में एक सांड़ बना खूंखार, हमला किया

अतुल त्यागी              
हापुड़। मामला जनपद के थाना धौलाना क्षेत्र के गांव समाना का है। जहां जंगल में एक विजार खूंखार बना हुआ है। जहां भी ग्रामीणों को देख लेता है, उनके पीछे भाग कर हमला करता है। बताया जा रहा है कई ग्रामीण इसके शिकार भी हो चुके हैं। लेकिन, कोई इसे पकड़ने के लिए तैयार नहीं है। आज मामला उस वक्त संज्ञान में आया। जब एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। 
लोगों को जान बचाने के लिए पेड़ पर चढ़ना पड़ा लेकिन, खूंखार बना विजार काफी समय तक लोगों के पेड़ से उतरने का पेड़ के नीचे ही खड़ा होकर इंतजार करता रहा। लेकिन, ग्रामीण पेड़ पर ही चढ़े रहे लोगों की कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह विजार को वहां से भगाया गया। ऐसा ना हो कहीं कोई खूंखार बने विजार का शिकार होजाए और जिंदगी से हाथ धोना पड़ जाए पहले भी बहुत किस्से सामने आए हैं। धौलाना क्षेत्र का मामला।

सतर्क, कोरोना वायरस अभी खत्म नहीं हुआ है: पीएम

अकांशु उपाध्याय               

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना वायरस अभी खत्म नहीं हुआ है और इसके म्यूटेशन की संभावना बनी हुई है। जिसके मद्देनजर देशवासियों को हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार रहना होगा। मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कोविड-19 अग्रिम पंक्ति के कर्मियों के लिये ‘विशेष क्रैश-कोर्स’ कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए यह बात कही। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 26 राज्यों के 111 केंद्रों में चलाया जायेगा। इस पहल के तहत लगभग एक लाख अग्रिम पंक्तियों के कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जायेगा। इस अवसर पर कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय, कई अन्य केंद्रीय मंत्री, राज्यों के मंत्री, विशेषज्ञ और अन्य हितधारक उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह शुरूआत कोरोना से लड़ने का एक अहम कदम है। उन्होंने आगाह किया कि वायरस अभी मौजूद है और उसके म्यूटेशन की संभावना बनी हुई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि महामारी की दूसरी लहर ने यह बता दिया है कि वायरस कैसी-कैसी चुनौतियां हमें दे सकता है। देश को हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिये और एक लाख से अधिक अग्रिम पंक्ति के जांबाजों का प्रशिक्षण इसी दिशा में उठाया गया कदम है।

'प्रकृति' का सृजन हर सवाल का सटीक जवाब हैं

अकांशु उपाध्याय            

नई दिल्ली। प्रकृति का सृजन अपने आप में हर सवाल का सटीक जवाब है। किसी प्राणी की वास्तविक आवश्यकता और जीवन की हर एक वस्तु प्रकृति ने अपनी गोद में संजो रखी है। इसका लाखों-करोड़ों प्राणियों के प्रति प्यार, माँ के समान अनमोल और अतुलनीय है, जो अपने सभी बच्चों को समान दृष्टि से देखने का हुनर रखती है। बदले में प्राणियों का भी कर्तव्य है, प्रकृति के मोल को समझना। इसके बिना अपने जीवन की कल्पना करना भी प्राणी के लिए उसकी मृत्यु को निमंत्रण देने के बराबर है। लेकिन सत्य तो यही है कि अन्य प्राणियों से परे मानव अपने जीवन को दांव पर लगाने को उतारू हो चला है। अपने फायदे के लिए लगातार पेड़ों को काटना, अपशिष्ट पदार्थों को नदियों में प्रवाहित करना या जमीन में गाढ़ना, आदि तमाम कारण हैं, जिनके परिणाम दुष्कर हैं। 

यह विचारणीय है कि क्या वाकई में इसमें मानव का कुछ फायदा है ? पीआर 24x7 के फाउंडर, अतुल मलिकराम कहते हैं कि मध्यप्रदेश के बकस्वाहा के स्वाहा किए जाने वाले बेशकीमती जंगल अब मानव को मूल्यहीन लगने लगे हैं। कारण यह है कि उसकी नजर में हीरों का मोल जीवन से कहीं गुना अधिक है। एक बार स्वयं से यह सवाल करने के बाद जवाब खुद-ब-खुद मानव को मिल जाएगा कि पृथ्वी से जीवन का विनाश हो जाने के बाद ये हीरे किसके और क्या काम आएँगे ? अब समय आ गया है प्रकृति से खिलवाड़ को पूर्णतः रोकने का। सरकार को इसके लिए ठोस नियम बनाने पर गंभीरता से विचार करने की सख्त आवश्यकता है। 

जिसके अंतर्गत पेड़ काटने, जंगलों का विनाश करने, जलाशयों को समाप्त करने, अपशिष्ट पदार्थों के अनुचित प्रवाह, अन्य प्राणियों के जीवन को दांव पर लगाने आदि पर भारी मात्रा में दंड सुनिश्चित किए जाएं।  ऑक्सीजन तथा जल ही जीवन के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण हैं, और इन दोनों पर ही वर्तमान में खतरा मंडरा रहा है, जिसके परिणाम भविष्य का विनाश करने वाले होंगे। आर्टिफिशियल ऑक्सीजन के परिणाम हमने इस महामारी में देख ही लिए हैं। कुछ महीनों में ही इसकी भारी मात्रा में कमी सामने आ गई। विचार करें कि जब इस क्षति के चलते धरती का हर एक प्राणी आर्टिफिशियल ऑक्सीजन का उपयोग करने को मजबूर हो जाएगा, तो क्या इतने कम समय में इसकी आपूर्ति हो सकेगी।

जितने कम समय में हमें पेड़ ऑक्सीजन देते हैं। जब प्रकृति हम पर इतने उपकार करने के लिए अपना फायदा नहीं देखती है, तो हम क्यों अपने फायदे के लिए प्रकृति का नाश कर रहे है ? हम अब भी संभल सकते हैं। सरकार के कानूनों के अलावा हम भी यह प्रण जरूर लें कि हम कम से कम एक या दो पेड़ अवश्य लगाएंगे। साथ ही अन्य लोगों को भी पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करेंगे और इन्हें काटने का सख्त विरोध करेंगे। अपने-अपने स्तर पर जलाशयों को स्वच्छ रखने में बेहतर योगदान देंगे और अन्य लोगों द्वारा इन्हें दूषित किए जाने पर अधिकार से रोकेंगे। यदि अब भी हमने पर्यावरण पर ध्यान नहीं दिया, तो हम बहुत ही कम समय में खुद को अँधेरे गर्त में झोंक देंगे, और इससे हमें बाहर निकालने प्रकृति भी नहीं आएगी।

वैज्ञानिकों ने मर्दों को प्रेग्नेंट करने का चमत्कार किया

बीजिंग। चीन के वैज्ञानिक अजीबोगरीब रिसर्च करते रहते हैं। बीते दिनों चीन के वुहान लैब से निकले एक वैज्ञानिक ने दावा किया था कि चीन अजीबोगरीब रिसर्च करते रहता है। वहां कई ऐसे रिसर्च किये जाते हैं, जो आमतौर पर अन्य देशों में बैन है। इसी के बीच अब चीन के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्होंने मर्दों को प्रेग्नेंट करने का चमत्कार कर दिखाया है। इसके लिए वो कई सालों से रिसर्च कर रहे थे। अब जाकर इस रिसर्च का नतीजा सामने आ गया है। चीन में वैज्ञानिकों द्वारा किये इस रिसर्च में नर चूहे की बॉडी पर एक्सपेरिमेंट किया गया। इसमें नर की बॉडी में सर्जरी के जरिये मादा की बॉडी से निकाला गया बच्चेदानी फिट किया गया। इसके बाद नर को प्रेग्नेंट कर सिजेरियन के जरिये बच्चे पैदा करवाए गए। इस रिसर्च के बाद अब फ्यूचर में मर्दों के प्रेग्नेंट होने के चांसेस बढ़ गए हैं। इंफोवार्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस रिसर्च के बाद अब वैसे ट्रांसजेंडर जो बच्चे पैदा करना चाहते हैं, को मदद मिलेगी।

ये एक्सपेरिमेंट शंघाई के नेवल मेडिकल यूनिवर्सिटी  द्वारा किया गया। इसमें रिसर्चर्स ने मादा चूहों की बॉडी से बच्चेदानी को पहले बाहर निकला। इसके बाद उसे नर चूहे की बॉडी में फिट किया। इस यूट्रस ट्रांसप्लांट के बाद नर को प्रेग्नेंट कर उसकी सिजेरियन के जरिये डिलीवरी करवाई गई। इस रिसर्च को चार स्टेप में पूरा किया गया। इसे रैट मॉडल बताया गया। हालांकि, अभी इसकी सक्सेस रेट मात्र 3.68 परसेंट ही बताई गई है। नर चूहे में एक्सपेरिमेंट कामयाब हो गया और नर ने 10 बच्चे पैदा किये। 

चीन के रिसर्चर अब रैट मॉडल को इंसानों पर अपनाने की फ़िराक में हैं। ऐसा पहली बार हुआ है कि एक्सपेरिमेंट में नर को प्रेग्नेंट किया गया। मैमल में हुए इस एक्सपेरिमेंट से अब इसके इंसानों में कामयाब होने की उम्मीद बढ़ गई है। इससे पहले स्कूल ऑफ़ मेडिसिन ने ट्रांसजेंडर्स के लिए भी ऐसा एक एक्सपेरिमेंट किया था। इसमें वैसे ट्रांसजेंडर्स जो प्रेग्नेंट होना चाहते हैं। अपने यूट्रस की सर्जरी नहीं करवाते और मेल की बॉडी में ही प्रेग्नेंट हो जाते हैं।

तीसरी लहर से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं

संदीप मिश्र               

बलिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कोरोना की तीसरी लहर से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। बल्कि इसके लिए सावधानी जरूरी है और इसके बचाव के लिए प्रदेश में मुकम्मल तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को बलिया में अपने चार घंटे के प्रवास के दौरान उन्होंने जिला अस्पताल के कोविड सेंटर का निरीक्षण किया और मरीजों से मुलाकात की। उन्होंने मरीजो से पूछा कि यह व्यवस्था केवल आज के लिए की गई है कि पहले भी रहती है। कोविड वार्ड का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री ट्रामा सेंटर के वैक्सीनेशन केंद्र पहुंचे और वहां तैनात एएनएम व जीएनएम से पूछताछ की। 

अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री हनुमानगंज विकासखंड के हैबतपुर गांव पहुंचे और वहां बीस मिनट तक रहें। गांव में उन्होंने छोटे बच्चों से बातचीत की और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से गरीबों को फ्री राशन देने के कार्यक्रम को देखा। इस मौके पर पांच लाभार्थियों को राशन वितरण करने के साथ ही उनसे पूछताछ भी की। बाद में योगी कलेक्ट्रेट गए और वहां जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ जिले की स्थिति की समीक्षा की। बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर अब पूर्ण नियंत्रण की ओर है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के बारे में आशंका व्यक्त की जा रही थी कि मई माह के अंत तक यहां संक्रमितों की संख्या तीस से पचास लाख होगी। लेकिन यहां संक्रमितों की संख्या अब छह हजार तक सीमित हो गई है। उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के नियंत्रण में निगरानी समितियों का कार्य काफी सराहनीय रहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर से बचाव के लिए प्रत्येक जिले में अभिभावक बूथ बनाए गए हैं।जहां बारह वर्ष से कम आयु के बच्चों के अभिभावकों का वैक्सीनेशन का कार्य तेजी पर है। उन्होंने कहा कि तीसरी लहर से बचाव के लिए जिलों में दवाओं को पहुंचाने का कार्य तेजी पर है। दवा वितरण के लिए आयु के अनुसार चार ग्रुप 0- 1, 1- 5,5 – 12 व 12-18 बनाए गए हैं। योगी ने कहा कि जिस अवधि में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है वह समय संक्रमण का होता है। मलेरिया, चिकनगुनिया, वायरल बुखार आदि के फैलने का समय होता है। इससे भयभीत होने की आवश्यकता नहीं बल्कि इससे सुरक्षा के उपाय किए जाने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक जिले में पीकू वार्ड बनाए जाने का कार्य प्रगति पर है।

महामारी अधिनियम को कड़ाई से लागू किया जाएं

अकांशु उपाध्याय             

नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से आग्रह किया है कि स्वास्थ्य कर्मियों की कुशलता तथा सुरक्षा के लिए तेजी से कदम उठाये जाएं और संशोधित महामारी अधिनियम को कड़ाई से लागू किया जाए। मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने राज्यों के अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों और स्वास्थ्य सचिवों को लिखे पत्र में कहा है कि स्वास्थ्य कर्मियों की हर मोर्चे पर कोविड-19 प्रबंधन में सबसे अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने कई मौकों पर स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के रहने और काम करने के स्थानों पर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया है।

अधिकारी ने कहा, ”देश ने व्यापक तौर पर स्वास्थ्य क्षेत्र के लोगों के प्रयासों की सराहना की है। लेकिन कुछ उदाहरण हैं। जिनमें उनकी साख पर धब्बा लगाया गया और कुछ मामलों में तो स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ हिंसा हुई।” अग्रवाल ने पत्र में लिखा कि हाल ही में असम, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक समेत कुछ जगहों से डॉक्टरों, स्वास्थ्य क्षेत्र के कर्मियों तथा अन्य पेशेवरों के खिलाफ हिंसा की खबरें आईं। उन्होंने कहा, ”इस तरह के वाकये हमारे स्वास्थ्य क्षेत्र के कर्मियों के मनोबल को प्रभावित करते हैं जिन्होंने कोविड-19 प्रबंधन में सभी चुनौतियों के खिलाफ अत्यंत प्रतिबद्धता से काम किया।” उन्होंने कहा कि केंद्र ने एक अध्यादेश जारी किया था और बाद में इसे कानून के रूप में अधिसूचित किया जिसके तहत स्वास्थ्य क्षेत्र के कर्मियों के विरुद्ध हिंसा गैर-जमानती और संज्ञेय अपराध है।

ममता की याचिका पर 24 को सुनवाई करेगा एचसी

मिनाक्षी लोढी            

कोलकाता। कलकत्ता उच्च न्यायालय विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के नंदीग्राम विधानसभा सीट से निर्वाचन को चुनौती देने वाली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर 24 जून को सुनवाई करेगा। इससे पूर्व दिन में अदालत ने मामले पर सुनवाई स्थगित कर दी थी। नंदीग्राम से अधिकारी के निर्वाचन को अमान्य घोषित करने संबंधी याचिका पर न्यायमूर्ति कौशिक चंदा की पीठ ने सुनवाई की। न्यायाधीश ने कहा कि बनर्जी को सुनवाई के पहले दिन पेश होना होगा, क्योंकि यह एक चुनाव याचिका है।

बनर्जी के वकील ने कहा कि वह कानून का पालन करेंगी। मामले की सुनवाई को 24 जून तक स्थगित करते हुए न्यायमूर्ति चंद्रा ने निर्देश दिया, ‘‘इस बीच उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार इस अदालत के सामने एक रिपोर्ट पेश करेंगे कि क्या यह याचिका जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951 के अनुरुप दाखिल की गयी है।’’ तृणमूल कांग्रेस प्रमुख बनर्जी ने अपनी याचिका में भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी पर जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951 की धारा 123 के तहत भ्रष्ट तरीका अपनाने का आरोप लगाया है। बनर्जी ने याचिका में यह भी दावा किया है कि मतगणना प्रक्रिया में विसंगतियां थीं। निर्वाचन आयोग ने पिछले महीने कांटे के मुकाबले के बाद अधिकारी को नंदीग्राम सीट पर विजयी घोषित किया था।


सपा ने पूर्व जिलाध्यक्ष को पार्टी से निष्कासित किया

हरिओम उपाध्याय             

लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की स्वीकृति के बाद पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने की वजह से बागपत के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ओंकार यादव और किरण पाल उर्फ बिल्लू प्रधान पूर्व जिलाध्यक्ष को पार्टी से छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया गया। सपा प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने शुक्रवार को बताया कि बागपत के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ओंकार यादव तथा किरण पाल उर्फ बिल्लू प्रधान पूर्व जिलाध्यक्ष को पार्टी से छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया गया है।

इसके अलावा सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की स्वकृति के बाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल की संस्तुति पर धीरेन्द्र सिंह निवासी कदमतर मिर्जापुर को समाजवादी युवजन सभा की राज्य कार्यकारिणी में प्रदेश सचिव, यशवीर सिंह चौधरी निवासी सुखरावली अलीगढ़ और मोहम्मद रिजवान खान वाराणसी को समाजवादी युवजन सभा की राज्य कार्यकारिणी में प्रदेश सदस्य नामित किया गया है।

पूजा स्थलों में प्रार्थना पर फिर रोक लगाईं: कश्मीर

श्रीनगर। कश्मीर घाटी में अधिकारियों ने कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी के पॉजिटिव मामलों में वृद्धि को रोकने के लिए कोरोना कर्फ्यू लागू करते हुए सभी प्रमुख श्राइन, जामिया मस्जिदों और अन्य पूजा स्थलों में प्रार्थना पर फिर रोक लगा दी है। छोटी मस्जिदों में विशेष रूप से आंतरिक हिस्सों में शुक्रवार की नमाज अदा की गई और इस दौरान सामूहिक नमाज के दौरान लोग मास्क पहने और सामाजिक दूरी बनाए रखते हुए देखे गए।

कश्मीर संभाग में गुरुवार को 466 कोरोना वायरस के नये मामले सामने आए और चार लोगों की मौत हुई है। पुराने टाउन शहर की ऐतिहासिक जामिया मस्जिद का मुख्य दरवाजा बंद रहा और रमजान के पवित्र महीने के बाद से पूजा स्थल में कोई नमाज अदा नहीं की गई।जबकि घाटी में कोरोना वायरस के पॉजिटिव मामलों की संख्या बढ़ने के बाद अंजुमन औकाफ जामिया मस्जिद ने नमाज पर रोक लगाने की घोषणा की।

फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ के 22 साल पूरे हुएं

कविता गर्ग                

मुंबई। बॉलीवुड के सुपरस्टार अजय देवगन ने संजय लीला भंसाली की शानदार फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ के 22 साल पूरे होने के अवसर पर शुक्रवार को फिल्म से जुड़ी हुई कुछ यादें साझा कीं। अजय ने कहा कि फिल्म की पूरी टीम यह जानती थी कि वे एक बेहद संवेदनशील कहानी पर काम कर रहे हैं। लेकिन फिल्म को मिली अपार सफलता से सभी हैरान थे। 52 साल के दिग्गज अभिनेता ने ट्विटर पर फिल्म की शूटिंग के दौरान ली गईं कुछ तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि हम दिल दे चुके सनम के 22 साल पूरे हो चुके हैं। सलमान, संजय, ऐश्वर्या और मैं जानते थे कि हम एक बेहद संवेदनशील कहानी पर आधारित फिल्म कर रहे हैं। हमने यह कभी नहीं सोचा था कि, फिल्म सफलता का इतिहास रचेगी।

साल 1999 में रिलीज हुई रोमांटिक-ड्रामा-म्यूजिकल फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ का निर्देशन संजय लीला भंसाली ने किया था। फिल्म की कहानी एक प्रेम त्रिकोण पर आधारित है जिसमें समीर (सलमान खान), नंदिनी (ऐश्वर्या राय बच्चन) और वनराज (अजय देवगन) अहम किरदार हैं। ‘हम दिल दे चुके सनम’ भंसाली की दूसरी फिल्म थी जोकि एक बड़ी हिट साबित हुई और इसके साथ ही भंसाली बॉलीवुड के समकालीन सफल निर्देशकों की सूची में शामिल हो गए। भंसाली ने 1996 में आई फिल्म “खामोशी: द म्यूजिकल” के निर्देशन के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी।

फिल्म आलोचकों ने भी “हम दिल दे चुके सनम” को सराहा था। फिल्म के गाने जैसे ‘आंखों की गुस्ताखियां’, ‘ढोल बाजे’ और ‘तड़प तड़प’ दर्शकों और श्रोताओं के बीच बेहद लोकप्रिय हुए थे। फिल्म का संगीत इस्माइल दरबार ने दिया था जबकि गाने महबूब ने लिखे थे। “हम दिल दे चुके सनम” ने संगीत, छायांकन, कोरियोग्राफी और प्रोडक्शन डिजाइन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार सहित कई अन्य पुरस्कार भी जीते थे। गौरतलब है कि अजय देवगन और संजय लीला भंसाली 22 साल बाद फिल्म “गंगूबाई काठियावाड़ी” में काम कर रहे हैं। जिसमें आलिया भट्ट अहम भूमिका निभा रही हैं।

ऑक्सीजन स्तर गिरने के बाद मिल्खा को बुखार आया

अमित शर्मा            

चंडीगढ़। भारत के महान धावक मिल्खा सिंह के स्वास्थ्य की जानकारी देते हुए पीजीआईएमईआर अस्पताल ने कहा कि शुक्रवार को उनका ऑक्सीजन स्तर गिर गया और उन्हें बुखार भी आ गया। लेकिन वह स्वस्थ होने के लिये संघर्ष कर रहे हैं। मिल्खा सिंह का कोविड-19 परीक्षण बुधवार को नेगेटिव आया था जिसके बाद उन्हें कोविड आईसीयू से सामान्य आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया था और डाक्टरों की एक टीम उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रही है।

पीजीआईएमईआर के सूत्रों ने शुक्रवार को कहा, ‘‘उन्हें गुरूवार की रात को अचानक बुखार आ गया और उनका आक्सीजन का स्तर भी गिर गया। डॉक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य पर नजर रखे है। ’’इससे पहले उनकी हालत स्थिर थी। उनके परिवार के बयान के अनुसार, ‘‘मिल्खा जी के लिए दिन थोड़ा मुश्किल रहा। लेकिन वह इससे संघर्ष कर रहे हैं। ’’उन्हें पिछले महीने कोविड-19 संक्रमण हो गया था। उनकी पत्नी निर्मल कौर का कोविड-19 संक्रमण से जूझते हुए रविवार को मोहाली में एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था।

24 घंटे में कोरोना के 165 नए मामलें सामने आएं

अकांशु उपाध्याय             

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में पिछले 24 घंटे के दौरान कोरोना वायरस के 165 नए मामले सामने आए तथा 14 और मरीजों की मौत हो गई लेकिन राहत की बात यह है कि स्वस्थ होने वालों की संख्या अधिक रही और यह संख्या 260 तक पहुंच गई। राजधानी में नए मामलों की तुलना में स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि होने से सक्रिय मामलों में गिरावट दर्ज की गई है।दिल्ली में शुक्रवार को सक्रिय मामले 109 और घट कर 2,445 पहुंच गए। दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग की ओर से आज जारी बुलेटिन के अनुसार इस अवधि में 165 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या 14,32,033 तक पहुंच गई। जबकि 260 और मरीजों के स्वस्थ होने से कोरोना मुक्त लोगों की संख्या बढ़कर 14,04,688 हो गई।

दिल्ली में कोरोना सकारात्मता दर अब 0.22 फीसदी रह गई है। इस दौरान 14 और मरीजों की मौत होने से मृतकों का आंकड़ा 24,900 पर पहुंच गया। राजधानी में मृत्यु दर महज 1.74 फीसदी रह गई है। मृतकों के मामले में देशभर में दिल्ली चौथे स्थान पर है। राजधानी में पिछले 24 घंटों के दौरान 76,480 नमूनों का परीक्षण किया गया। इस बीच, राजधानी में निषिद्ध क्षेत्रों की संख्या घट कर अब 5,452 रह गई है।

पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढते तो खबर बनतीं हैं

अकांंशु उपाध्याय                  
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद राहुल गांधी ने कहा है कि देश में जिस तरह से रोजाना डीजल व पेट्रोल के दामों में बढ़ोतरी हो रही है। उसके चलते अब इनके दामों में बढ़ोतरी होने से नहीं, बल्कि जिस दिन डीजल-पेट्रोल के दाम नहीं बढते हैं। उस दिन यह बात खबर बन जाती है। शुक्रवार को देश की पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा डीजल और पेट्रोल के दामों में की गई बढ़ोतरी पर करारा तंज कसते हुए कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि देश में डीजल पेट्रोल के दाम बढ़ना रोजाना की आम बात हो गई है। भले ही कोरोना की दूसरी लहर की मार झेल रहे लोग डीजल पेट्रोल के बढ़ते दामों को लेकर महंगाई की मार से बुरी तरह से परेशान हो रहे हो लेकिन सरकार को इससे कोई सरोकार नही है। 
सबसे बड़ी बात यह है कि जिस दिन डीजल पेट्रोल के दाम देश में नहीं बढ़ते हैं तो यह बात सबसे बड़ी खबर बन जाती है। शुक्रवार को अपने ट्विटर हैंडल पर ट्वीट करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि मोदी सरकार के विकास का यह हाल है कि अगर किसी दिन पेट्रोल डीजल के दाम ना बढ़े तो यह बात बड़ी खबर बन जाती है। गौरतलब है कि शुक्रवार को ही देश की पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा डीजल और पेट्रोल के दामों में एक बार फिर से बढ़ोतरी की गई है। जिसके चलते दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 27 पैसे बढ़कर 96 रूपये 93 पैसे और डीजल की कीमत 28 पैसे का उछाला लेते हुए 87 रूपये 69 पैसे प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। यदि देश की राजधानी दिल्ली की बात करें तो अकेले जून माह में अब तक पेट्रोल की कीमत 2 रूपये 70 पैसे और डीजल की कीमत 2 रूपये 56 पैसे बढ़ाई जा चुकी है। इससे पहले माह मई में पेट्रोल 2 रूपये 83 पैसे और डीजल 4 रूपये 42 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ था।

सड़क हादसें में 4 सवारियों की मौंत, 7 घायल हुएं

बीकानेर। जामसर के पास शुक्रवार सुबह एक सड़क हादसा हो गया। जिसमें चार सवारियों की मौत हो गई। जबकि सात घायल हो गए। घायलों को अब पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। सूचना पर जामसर पुलिस मौके पर पहुंच गई। जहां थानाधिकारी गौरव खिडिय़ा ने घायलों को ट्रॉमा सेंटर भेजा। सभी घायल नोखा के निवासी हैं और हनुमानगढ़ गए हुए थे। वापसी में ये हादसा हो गया। अब तक सरोज (30 साल), प्रभु (35 साल) और मूलाराम (37 साल) की मौत होने की पुष्टि हो गई है, जबकि एक अन्य की मौत के भी पुष्ट समाचार है। घायलों में हेम सिंह (23 साल), तीजा देवी (32 साल), नेनूराम (78 साल), अश्विनी (12 साल), भूमिका (6 साल), महावीर शामिल हैं। 
शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे बोलेरो केम्पर और बजरी से भरा एक ट्रेलर आमने-सामने टकरा गए। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि बोलेरो में सवार करीब दस सवारियां गंभीर रूप से घायल हो गईं, बाद में तीन की मौके पर ही मौत हो गई। एक महिला ने बाद में दम तोड़ दिया। इसके अलावा छह घायलों को पीबीएम अस्पताल के लिए रवाना किया गया। इनमें भी दो-तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलने पर हेड कांस्टेबल कृष्णकुमार ने घायलों को जैसे-तैसे वाहनों से बीकानेर के लिए रवाना किया। घायल व मृतक नोखा के भाटों के बास के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
ट्रक की टक्कर से बच्ची सहित दो की मौत हुईं।

नदी और झील के पानी में वायरस होने की पुष्टि हुईं

अहमदाबाद। देश में कोरोना की दूसरी लहर में गुजरात के अहमदाबाद शहर में सबसे ज्यादा मामले सामने आए। अब तक देश के कई शहरों की सीवेज लाइनों में जीवित कोरोना वायरस पाया गया है। लेकिन गुजरात में अब नदी और झील के पानी में भी कोरोना वायरस होने की पुष्टि हुई है। अहमदाबाद में साबरमती नदी, कांकरिया झील और चंडोला झील में कोरोना वायरस पाया गया है। तीनों के पानी के सैंपल लिए गए और सभी सैंपल संक्रमित पाए गए। चार महीने में 16 सैंपल लिए गए, जिसमें पांच सैंपल पॉजिटिव पाए गए। 
आईआईटी गांधीनगर सहित देश के 8 संस्थानों द्वारा किए गए एक अध्ययन में इस तरह के तथ्य उजागर हुए हैं। 
इनमें जेएनयू के स्कूल ऑफ एनवायर्नमेंटल साइंसेज के नई दिल्ली के शोधकर्ता भी शामिल हैं। असम के गुवाहाटी क्षेत्र में नदियों के एक अध्ययन में भी भरू नदी से लिए गए कोरोना के नमूने का खुलासा हुआ है। सीवेज का नमूना लेकर की गई जांच के दौरान कोरोना वायरस की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इस अध्ययन के बाद प्राकृतिक जल स्रोत की जांच के लिए अध्ययन फिर से शुरू किया गया। इन दो शहरों का चयन करके नमूने लिए गये, क्योंकि अहमदाबाद में अपशिष्ट जल उपचार संयंत्रों की संख्या सबसे अधिक है और गुवाहाटी में एक भी संयंत्र नहीं है। अहमदाबाद के लिए पानी से भरी साबरमती नदी और रिवरफ्रंट को शान माना जाता है।
लेकिन गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पर्यावरण संरक्षण समिति द्वारा संयुक्त रूप से किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि साबरमती में गंभीर प्रदूषण है। खासकर अहमदाबाद से गुजरने के बाद गंदे प्रदूषित पानी के अलावा नदी में कुछ भी नहीं बहता। 
 साबरमती रिवरफ्रंट के बीच में लिए गए पानी के नमूनों में भी रिवरफ्रंट निर्धारित मात्रा से अधिक प्रदूषित पाया गया, जो प्रदूषित गंदे पानी से भरे हौज के समान है। रिपोर्ट के निष्कर्षों में आगे कहा गया है कि रिवरफ्रंट के बाद नदी के निचले इलाकों में नदी का अपना पानी नहीं है। रिवरफ्रंट के बाद साबरमती में दिखाई देने वाला पानी केवल नरोडा, ओढव, वटवा और नारोल उद्योगों का प्रदूषित बाहर आया कचरा मिश्रित जल और अहमदाबाद का सीवेज है। रिवरफ्रंट की वजह से भूजल बहना बंद हो गया है और अहमदाबाद को नर्मदा के पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। 
साबरमती नदी में प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 22 फरवरी, 2017 को दायर एक रिट याचिका में एजेंसी को नदी को प्रदूषित करने वाली सभी औद्योगिक इकाइयों के साथ-साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में विफल रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने का निर्देश दिया गया था। नदी में गैर शोधित रासायनिक युक्त पानी डालने वाली इकाइयों को सील करने, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार प्रदूषण नियमों का पालन न करने के लिए इकाइयों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने और प्रदूषण को रोकने में विफल रहने के लिए लापरवाह नगरपालिका अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की गई। 
हाल ही में उपमुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि राज्य की जीवन रेखा सरदार सरोवर नर्मदा बांध में 13 मई, 2021 तक 123.38 मीटर पानी जमा किया जा चुका है। इस पानी को गर्मी के मौसम में राज्य के नागरिकों को पीने का पानी उपलब्ध कराने और किसानों और चरवाहों के समुचित उपयोग के लिए योजना बनाई गई है। नगर में नर्मदा का जल साफ करने के लिए नगर निगम ने 275 एमएलडी और 125 एमएलडी के दो वाटर फिल्टर प्लांट का निर्माण किया है। इनमें से 275 एमएलडी फिल्टर प्लांट को दो साल पहले 5.5 करोड़ रुपये की लागत से अपग्रेड किया गया था।

लैब के खिलाफ कोतवाली में एफआईआर दर्ज की

पंकज कपूर             
हरिद्वार। मैक्स कॉरपोरेट सर्विस लैब द्वारा हरिद्वार महाकुंभ में फर्जी कोविड टेस्टिंग का चिट्ठा खुलने के बाद, अब माननीय हाईकोर्ट नैनीताल की शरण में जा पहुंचा है। आपको बता दें की मैक्स कॉरपोरेट सर्विस लैब द्वारा हरिद्वार कुंभ में कोविड टेस्टिंग को लेकर बड़ा खेल खेला गया था। फर्जी कोविड टेस्टिंग को लेकर जांच बैठने के बाद लैब के खिलाफ हरिद्वार नगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। जिस को निरस्त करने की मांग को लेकर मैक्स कॉरपोरेट सर्विस लैब द्वारा नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका दायर करते हुए कहां है कि जिन-जिन आरोपों पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। वह बिल्कुल गलत है।
जबकि उन्होंने कॉन्ट्रैक्ट की तमाम शर्तों को पूरा करते हुए राज्य सरकार के साथ अनुबंध किया था, उसके बाद भी अगर हमारे खिलाफ से टेस्टिंग का मुकदमा किया जाता है, तो वह सरासर गलत है, साथ ही मैक्स कॉरपोरेट सर्विस लैब ने याचिका में कहा है कि पूरे मामले में पुलिस द्वारा की जा रही जांच में वह पूरा सहयोग करेंगे।

जापान में पाएं जाने वाले खास किस्म के आम, कीमत

तोक्यो। आपने आम तो बहुत खाएं होगें क्या आपने सुना है कि लाखों रूपए की कीमत में एक आम आता है, नहीं ना, तो हम आज बात करने जा रहे है जापान में पाया जाने वाले खास किस्म के आम की। जी हां भारत देश के मध्य प्रदेश राज्य के जबलपुर में एक आम के बगीचे की सुरक्षा के लिए 3 गार्ड और 9 कुत्ते लगे हुए है। इस बगीचे में लगे हुए एक आम की कीमत लाखों रुपये में है। जबलपुर के इस बगीचे में लगे हुए इस आम की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 2 लाख 70 हजार रुपये बताई जा रही है। 

जबलपुर के बगीचे में पैदा जापान के खास किस्म का ये आम हजारों में नहीं बल्कि लाखों रुपये में बिकता है और इसलिए इसकी सुरक्षा के लिए खास इंतजाम किये गये हैं। इन आमों की रखवाली के लिए कुत्ते और गार्ड्स 24 घंटे बगीचे में तैनात रहते हैं। बगीचे के मालिक संकल्प परिहार ने बताया कि इस जापानी आम का नाम टाइयो नो टमैंगो है, इसे एग ऑफ सन यानी सूर्य का अंडा भी कहा जाता हैं। संकल्प बताते हैं कि पिछले साल यह आम काफी चर्चा में आया था। जिसकी वजह से उनके बगीचे के आम की चोरी हुई थी। इसलिए वो इन कीमती आम की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और सुरक्षा पर अतिरिक्त पैसा खर्च कर रहे हैं।

यह आम जब पूरा पक जाता है तो यह हल्का लाल और पीला होता है और इसका वजन करीब 900 ग्राम तक पहुंच जाता है। इसमें रेशे नहीं पाए जाते और खाने में यह बहुत मीठा होता है। आम की यह प्रजाति जापान में संरक्षित वातावरण में उगाई जाती है, लेकिन संकल्प सिंह परिहार ने अपनी बंजर पड़ी जमीन पर इसे खुले वातावरण में ही उगाया है। 2017 में जापान में करीब 36 सौ डॉलर की बोली लगाई गई थी जिसकी भारत में कीमत करीब ढाई लाख रुपये होती है। बगीचे के मालिक संकल्प का कहना है कि शुरुआत में इस आम को 4 एकड़ के बगीचे में शुरुआत कुछ पौधों से की गई थी और आज भारतीय 14 हाइब्रिड तथा छह विदेशी किस्म के आम उनके बागीचे में आसानी से होते हैं।

भारत में इस आम की खेती और कहीं नहीं होती है। जापानी आम को तामागो के नाम से जाना जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी खूब मांग है। जापानी भाषा में ‘ताईयो नो तामागो’ के नाम से इसे जाना जाता है। संकल्प परिहार ने अपने 4 एकड़ के बगीचे में 14 अलग-अलग किस्म के आमों को लगाए हैं और इसके अलावा तामागो आम के 52 पेड़ लगाए हैं। इस आम की खेती करने वाले संकल्प परिहार ने कहा कि जापान में इस आम को पॉली हाउस के अंदर सुरक्षित वातावरण में उगाया जाता है।

6 आईएएस और 2 पीसीएस अधिकारियों के तबादले

पंकज कपूर                   
देहरादून। राज्य में अधिकारियों के तबादलों का सिलसिला जारी है। आज उत्तराखंड शासन ने 6 आईएएस और 2 पीसीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए है। आईएएस आशीष कुमार चौहान से प्रबंध निदेशक और उत्तराखंड परिवहन निगम का जिम्मा हटा लिया गया है। आईएएस अभिषेक रोहिल्ला को प्रबंध निदेशक और उत्तराखंड परिवहन निगम का जिम्मा सौंपा गया है। आईएएस नरेंद्र सिंह भंडारी से मुख्य विकास अधिकारी नैनीताल का जिम्मा हटा प्रबंध निदेशक कुमाऊँ मंडल विकास निगम तथा उपाध्यक्ष जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण नैनीताल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। 
आईएएस वरुण चौधरी से डिप्टी कलेक्टर देहरादून वापस लिया गया है और मुख्य विकास अधिकारी चमोली का पदभार दिया गया है। आईएएस संदीप तिवारी से डिप्टी कलेक्टर टिहरी लिया गया है और मुख्य विकास अधिकारी नैनीताल का जिम्मा सौंपा गया है। आईएएस अंशुल सिंह से डिप्टी कलेक्टर उधम सिंह नगर का चार्ज हटाया गया है। पीसीएस ललित मोहन रयाल से आयुक्त गन्ना एवं चीनी काशीपुर का अतिरिक्त प्रभार हटा लिया है। पीसीएस हंसादत्त पांडे से मुख्य विकास अधिकारी चमोली का पदभार लिया गया और आयुक्त गन्ना एवं चीनी काशीपुर दिया गया है।

जमानत पाने वाले 3 छात्र कार्यकर्ताओं को नोटिस

अकांशु उपाध्याय              

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि आतंकवाद रोधी कानून यूएपीए को इस तरह से सीमित करना एक महत्वपूर्ण मुद्दा है और इसके पूरे भारत पर असर हो सकते हैं। इसी के साथ न्यायालय ने दिल्ली पुलिस की याचिका पर उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगे मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय से जमानत पाने वाले तीन छात्र कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी किये। न्यायालय ने जमानत के खिलाफ दिल्ली पुलिस की अपील पर सुनवाई करते हुए कहा कि तीन छात्र कार्यकर्ताओं को जमानत देने वाले उच्च न्यायालय के फैसलों को मिसाल के तौर पर दूसरे मामलों में ऐसी ही राहत के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता और न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमण्यम की अवकाशकालीन पीठ ने हालांकि यह स्पष्ट कर दिया कि अभी के लिए इन छात्र कार्यकर्ताओं को मिली जमानत पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने यह दलील दी कि उच्च न्यायालय ने तीन छात्र कार्यकर्ताओं को जमानत देते हुए पूरे आतंकवादी रोधी कानून यूएपीए को पलट दिया है। इस पर गौर करते हुए पीठ ने कहा कि हमारी परेशानी यह है कि उच्च न्यायालय ने जमानत के फैसले में पूरे यूएपीए पर चर्चा करते हुए ही 100 पृष्ठ लिखे हैं।उच्च न्यायालय ने 15 जून को जेएनयू छात्र नताशा नरवाल और देवांगना कालिता और जामिया के छात्र आसिफ इकबाल तन्हा को जमानत दी थी। उच्च न्यायालय ने तीन अलग-अलग फैसलों में छात्र कार्यकर्ताओं को जमानत देने से इनकार करने वाले निचली अदालत के आदेश को रद्द कर दिया था।

सेहत को दुरुस्त रखने के लिए करी पत्तें का जूस

सांभर, कढ़ी और चटनी जैसी चीजों का स्वाद बढ़ाने के लिए आपने करी पत्ते का छौंक तो कई बार लगाया होगा। खास कर दक्षिण भारतीय खाना तो इसके बगैर अधूरा-सा ही लगता है। लेकिन क्या आपने कभी सेहत को दुरुस्त रखने के लिए करी पत्ते या इसके जूस का सेवन किया है ? दरअसल करी पत्ता केवल स्वाद के लिए ही इस्तेमाल नहीं किया जाता है। ये सेहत को भी कई तरह से फायदे पहुंचाता है। इसमें मौजूद आयरन, जिंक, कॉपर, कैल्शियम, विटामिन ‘ए’ और  ‘बी’, अमीनो एसिड, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फोलिक एसिड जैसे पोषक तत्व सेहत को दुरुस्त रखने में मदद करते हैं।आइए मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जानते हैं कि करी पत्ते का जूस किस तरह से तैयार किया जाता है और ये सेहत को क्या-क्या फायदे पहुंचाता है।
करी पत्ते का जूस तैयार करने के लिए पंद्रह-बीस करी पत्तों को धोकर साफ़ कर लें। इनको मिक्सर में डालकर साथ में दो चम्मच पानी डालकर बारीक पीस लें। जब ये पेस्ट की तरह से बन जाये तो इसको मिक्सर जार में ही रहने दें और इसमें एक गिलास पानी डालकर फिर से मिक्सर चला दें। अब इसको चाय की छन्नी से गिलास में छान लें और इसका सेवन करें। करी पत्ते का जूस बनाने के लिए पंद्रह-बीस करी पत्तों को साफ पानी से धोकर एक गिलास पानी में तेज गैस पर उबलने रख दें। पांच मिनट तक उबालने के बाद इसको छन्नी से छान लें। अब इसमें एक चम्मच शहद और एक चम्मच नींबू का रस मिलाएं और ठंडा या गर्म जैसे भी चाहें इसका सेवन करें।
करी पत्ते के जूस का सेवन करने से एनीमिया की दिक्कत दूर होती है। 
इसमें काफी मात्रा में आयरन और फोलिक एसिड होता है। जो एनीमिया को दूर करने में मदद करता है।
शरीर से विषाक्त तत्वों को निकालकर बॉडी को डिटॉक्स करने का काम भी करी पत्ते का जूस बखूबी करता है। इसके साथ ही ये एक्स्ट्रा चर्बी को हटाने में भी काफी मदद करता है। वजन कम करने में करी पत्ते का जूस काफी मदद करता है। जो लोग जूस पीना पसंद नहीं करते हैं वो इसके पत्तों का सेवन भी खाने के साथ कर सकते हैं। ये चर्बी को घटाता है और इसमें मौजूद फाइबर बॉडी से टॉक्सिन बाहर करता है। आंखों की रोशनी बढ़ाने में भी करी पत्ते का जूस मदद करता है। इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट इसमें मददगार साबित होते हैं। साथ ही ये मोतियाबिंद जैसी दिक्कत भी जल्दी नहीं होने देते हैं। आप चाहें तो जूस की जगह पत्तों का सेवन भी कर सकते हैं।
करी पत्ते के जूस का सेवन करने से पाचन तंत्र को मजबूती मिलती है। इसके साथ ही पेट में गैस, अपच जैसी दिक्कत को दूर करने में भी ये अच्छी भूमिका निभाता है। ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करके डाइबिटीज के पेशेंट को राहत देता है। इसमें एंटी-डायबिटिक एंजेट की मौजूदगी शरीर में इंसुलिन की एक्टिविटी पर असर डालती है और ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करती है। साथ ही साथ करी पत्ते में मौजूद फाइबर भी डायबिटीज पेशेंट को फायदा पहुंचाता है। इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। इनकी पुष्टि नहीं करता है।इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें।

उज्जैन: बैठक में दर्शन को लेकर नई गाइडलाइन जारी

उज्जैन। कोरोना काल में बंद महाकाल मंदिर के पट 28 जून से खुलने जा रहे हैं। इसी को लेकर गुरूवार को कलेक्टर आशीष सिंह की अध्यक्षता में मंदिर प्रबंध समिति की बैठक की गई। इस बैठक में दर्शन को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। इस गाइडलाइन के मुताबिक अब श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए ऑनलाइन बुकिंग करवानी होगी। इसके साथ ही दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं के वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट या 24 से 48 घंटे पहले की कोविड निगेटिव रिपोर्ट होना अनिवार्य है। वहीं मंदिर में प्रवेश कोविड निगेटिव रिपोर्ट दिखाने पर ही दिया जाएगा।
गाइडलाइन के अनुसार श्रद्धालुओं को दर्शन 7 स्लॉट में करवाए जाएंगे। यह स्लॉट सुबह 6 से लेकर रात 8 बजे तक चलेंगे। इसके अलावा मंदिर में फोटो या सेल्फी लेने पर भी प्रतिबंध रहेगा। भस्म और शयन आरती में भी श्रद्धालुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। नि:शुल्क अन्नक्षेत्र को आधी क्षमता के साथ जल्द शुरू किया जाएगा। गर्भगृह, नंदी हॉल में भी श्रद्धालुओं के प्रवेश पर प्रतिबंधित रहेगा। वहीं इस बैठक में इस साल होने वाले श्रावण महोत्सव को भी स्थगित करने का फैसला किया गया है। जानकारी के मुताबिक बैठक में प्रबंध समिति के सदस्य विनीत गिरि महाराज, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, प्रदीप गुरु समेत कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।

न्यूजीलैंड के बीच साउथंप्टन में शुरू होगीं टक्कर

 
अकांशु उपाध्याय                                
नई दिल्ली। जिसका दुनिया भर के करोड़ों क्रिकेटप्रेमियों को इंतजार था, वह घड़ी आ गयी है। पिछले दो साल पहले शुरू हुई वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप अपने आखिरी पड़ाव में है। और फाइनल के रूप में भारत और न्यूजीलैंड के बीच आखिरी महा टक्कर अब से कुछ ही देर बाद इंग्लैंड के साउथंप्टन में शुरू होगी। हालांकि, मैच के पहले दिन फिलहाल साउथंप्टन में हल्की बारिश हो रही है, लेकिन इस मेगाफाइनल को लेकर दुनिया भर के खासकर भारतीय प्रशंसकों में गजब का उत्साह है और इसका सबूत साफ तौर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर देखा जा सकता है। फैंस और पूर्व क्रिकेटर अपने-अपने  पसंदीदा टीम और खिलाड़ियों को लेकर सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। 
विचार-विमर्श पूरे जोश के साथ चल रहा है और इनके ट्वीट और वीडियो वायरल हो रहे हैं। बता दें कि टॉस भारतीय समयानुसार 2:30 पर होगा। जहां तक कोहली का सवाल है तो भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में होने के बावजूद वह कोई खिताब अपने नाम नहीं कर पाये हैं। बतौर कप्तान उन्होंने अपना लोहा मनवाया है हालांकि महेंद्र सिंह धोनी से तुलना उनके लिये आसान नहीं रही है।  कोहली को एक अदद खिताब की जरूरत है। हर कप्तान को होती है लेकिन भारतीय कप्तान को सबसे ज्यादा है। भारत में सफलता का पैमाना खिताब माना जाता है और विश्व कप दिलाकर जिस तरह का सम्मान और प्यार धोनी को मिला, उसकी कमी कोहली को जरूर खल रही होगी। वह इस फाइनल के जरिये उस कमी को दूर करना चाहेंगे। दूसरी ओर विलियमसन के पास प्रतिभाशाली और दुनिया भर में क्रिकेटप्रेमियों के लाड़ले खिलाड़ियों की फौज है। भले ही वे भारत के खिलाफ खेल रहे हैं लेकिन विलियमसन के कवर ड्राइव, डेवोन कोंवे की आक्रामक बल्लेबाजी, ट्रेंट बोल्ट की गेंदबाजी को सराहने वालों की यहां कमी नहीं है। वे क्रिकेट के ‘भद्रजन’हैं। 
जो अपने खेल और आचरण से दिल जीतते आये हैं। विश्व कप फाइनल के बाद तो शायद ही कोई क्रिकेटप्रेमी होगा जो उनका मुरीद नहीं हो। भारतीय टीम की चुनौती उनके लिये आसान नहीं होगी। जीतने वाली टीम को विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप गदा के साथ 16 लाख डॉलर इनामी राशि के तौर पर मिलेंगे। ऐसे कई क्रिकेटर हैं जो विश्व कप नहीं जीत सके और उनके लिये यह फाइनल विश्व कप से कम नहीं होगा। चेतेश्वर पुजारा अपने शरीर पर नील वेगनेर की शॉर्ट गेंदों को झेलने के लिये तैयार होंगे, आस्ट्रेलिया के खिलाफ श्रृंखला के बाद अजिंक्य रहाणे का कद बढा है और वह इस लय को कायम रखना चाहेंगे। भारत ने जहां मैच के लिए अपनी फाइनल इलेवन का ऐलान कर दिया है, तो न्यूजीलैंड की अंतिम एकादश टॉस के बाद ही साफ हो पाएगी।

सबसे अधिक स्वीकार्य नेता हैं पीएम मोदी, लोकप्रियता

अकांंशु उपाध्याय                 
नई दिल्ली। कोरोना काल में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता बरकरार है और वह दुनिया में सबसे अधिक स्वीकार्य नेता हैं। अमेरिकी डेटा इंटेलिजेंस फर्म ‘मॉर्निंग कंसल्ट’ द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, स्वीकार्यता के मामले में नरेंद्र मोदी अब भी अन्य वैश्विक नेताओं की तुलना में आगे चल रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ग्लोबल अप्रूवल रेटिंग 66 फीसदी है। डेटा के मुताबिक, कोरोना काल में भी वह पीएम मोदी अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्राजील, फ्रांस और जर्मनी सहित 13 देशों के अन्य नेताओं से बेहतर बने हुए हैं।
अमेरिकी डेटा इंटेलिजेंस फर्म ‘मॉर्निंग कंसल्ट’ द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के मुताबिक, कोरोना की दूसरी लहर में उनकी लोकप्रियता अथवा अप्रूवल रेटिंग में गिरावट देखी गई है, बावजूद इसके वह दुनिया में टॉप पर चल रहे हैं और अन्य वैश्विक नेताओं की तुनला में उनका प्रदर्शन बेहतर है। इस अप्रूवल रेटिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद इटली के प्रधानमंत्री मारियो ड्रैगी का नंबर आता है, जिनकी अप्रूवल रेटिंग 65 फीसदी है। वहीं तीसरी नंबर मैक्सिको के राष्ट्रपति लोपेज ओब्रेडोर हैं, जिनकी रेटिंग 63 फीसदी है।’ 
मॉर्निंग कंसल्ट’ नियमित रूप से विश्व के नेताओं की अप्रूवल रेटिंग को ट्रैक करता है। इसके मुताबिक, पीएम मोदी के बाद दूसरा स्थान अटली के प्रधानमंत्री मारियो ड्रैगी (65%) ने हासिल किया, इसके बाद मैक्सिकन राष्ट्रपति एंड्रेस मैनुअल लोपेज ओब्रेडोर (63%), ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन (54%), जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल (53%), अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन (53%), कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (48%), ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (44%), दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे-इन (37%), स्पेनिश स्पेन पेड्रो सांचेज़ (36%), ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो (35%), फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन (35%) और जापानी प्रधान मंत्री योशीहिदे सुगा (29%) हैं।
भारत में 2,126 वयस्कों के सैंपल साइज के साथ मॉर्निंग कंसल्ट ग्लोबल लीडर अप्रूवल रेटिंग ट्रैकर ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए 66 प्रतिशत अप्रूवल दिखाया, जबकि 28 प्रतिशत ने उन्हें अस्वीकृत कर दिया। इस ट्रैकर को आखिरी बार 17 जून को अपडेट किया गया था। बता दें कि हर देश का अलग-अलग सैंपल साइज है। 

केंद्र और सरकार को नोटिस जारी किया: हाईकोर्ट

अकांंशु उपाध्याय               
नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली के सार्वजनिक स्थलों पर कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं होने और बाजारों में बिना मास्क पहने लोगों के घूमने के मामलों पर स्वत: संज्ञान लिया है। कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है।
कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में कोरोना की तीसरी लहर को रोकने के लिए कठोर कदम उठाने होंगे। कोर्ट ने कहा कि बाजारों में दुकानदारों और वेंडर को इस मामले में जागरूक करने की जरूरत है। हाई कोर्ट ने एम्स अस्पताल के डॉक्टरों की ओर से व्हाट्सऐप पर भेजी गई तस्वीरों पर गौर करने के बाद इस मामले पर स्वत: संज्ञान लिया।

शादीशुदा महिला को लेकर एचसी का अहम फैसला

बृजेश केसरवानी                       
प्रयागराज। लिव इन रिलेशन में रह रही शादीशुदा महिला को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गुरुवार को अहम फैसला सुनाया। हाई कोर्ट ने महिला को लिव इन में रहने पर संरक्षण देने से किया इनकार कर दिया। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने याचिका खारिज कर याची पर पांच हजार रुपये का हर्जाना भी लगाया।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि क्या हम ऐसे लोगों को संरक्षण देने का आदेश दे सकते हैं। जिन्होंने दंड संहिता व हिंदू विवाह अधिनियम का खुला उल्लंघन किया हो। कोर्ट ने कहा कि अनुच्छेद 21 सभी नागारिकों को जीवन की स्वतंत्रता की गारंटी देता है। लेकिन यह स्वतंत्रता कानून के दायरे में होनी चाहिए तभी संरक्षण मिल सकता है। 
दरअसल, अलीगढ़ की गीता ने याचिका दाखिल कर पति व ससुरालवालों से सुरक्षा की मांग की थी। वह अपनी मर्जी से पति को छोड़ कर दूसरे व्यक्ति के साथ लिव इन रिलेशन मे रह रही है। उसका कहना है कि उसका पति और परिवार के लोग उसके शांतिपूर्ण जीवन में हस्तक्षेप कर रहे है। गीता की याचिका पर हाई कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया। इससे पहले पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे एक कपल को सुरक्षा देने से इनकार कर दिया था। हाई कोर्ट का कहना था कि अगर कपल को संरक्षण दिया गया तो इससे सामाजिक ताने-बाने पर खराब असर पड़ेगा।
बता दें कि पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में लिव-इन में रह रहे एक कपल ने संरक्षण देने की मांग करते हुए याचिका दाखिल की थी। याचिका दाखिल करने वालों में लड़के की उम्र 21 साल और लड़की की उम्र 18 साल के आसपास थी। याचिका में कहा गया था कि उन्हें लड़की के परिवार वालों से खतरा है, इसलिए उन्हें सुरक्षा दी जाए।
इस याचिका पर फैसला सुनाते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा, "अगर इस तरह के संरक्षण का दावा करने वालों को इसकी अनुमति दे दी जाएगी तो इससे समाज का पूरा सामाजिक ताना-बाना बिगड़ जाएगा। इसलिए संरक्षण देने का कोई आधार नहीं बनता।

लोनी पुलिस स्टेशन आकर बयान दर्ज करवाएंं एमडी

अश्वनी उपाध्याय              
गाजियाबाद। सरकार और माइक्रोब्लोगिंग सोशल मीडिया साईट ट्विटर के बीच का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ट्विटर के खिलाफ लगातार बयान दे रहे हैं तो गाजियाबाद पुलिस ने भी एक बुजुर्ग की वायरल वीडियो के संबंध में ट्विटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की हुई है। ताजा घटनाक्रम में अब गाजियाबाद पुलिस ने ट्विटर इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष माहेश्वरी को नोटिस भेज दिया है। इस नोटिस को भेजते हुए गाजियाबाद पुलिस ने ट्विटर इंडिया के एमडी से कहा है कि वे एक हफ्ते के अंदर लोनी पुलिस स्टेशन आकर बयान दर्ज करवाएंं। 
इस नोटिस की कॉपी आज तक के पास भी है।मनीष माहेश्वरी ट्विटर कम्युनिकेशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। गाजियाबाद पुलिस ने मनीष माहेश्वरी को ये नोटिस 160 सीआरपीसी के तहत भेजा है। नोटिस में गाजियाबाद पुलिस ने लोनी में दर्ज एफआईआर के बारे में बताते हुए ट्विटर को कहा है कि कुछ लोगों के जरिए कम्युनल हेट वाले ट्वीट किए गए, लेकिन ट्विटर ने कोई एक्शन/संज्ञान नहीं लिया। साथ ही देश/प्रदेश, समाज में घृणा फैलाने वाले लेख को बढ़ावा दिया गया, समाज विरोधी लेख को लगातार वायरल होने दिया गया। नोटिस में पुलिस ने कहा है कि ''एफआईआर दर्ज है इसलिए आपका बयान लेना है, पत्र मिलने के एक हफ्ते के अंदर अपना बयान लोनी पुलिस स्टेशन में उपस्थित होकर दर्ज करवाएं।

अमरिंदर के बीच में चल रही लड़ाई नए मोड़ पर आईं

अमित शर्मा                       
चंडीगढ़। कांग्रेस में नवजोत सिंह सिद्धू और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर के बीच में चल रही सियासी लड़ाई अब एक नए मोड़ पर आ गई है। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ विरोधी गुट कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ आ गया है।
दरअसल, कांग्रेस आलाकमान द्वारा नवजोत सिंह सिद्धू को जरूरत से ज्यादा तरजीह देने को लेकर पंजाब कांग्रेस के कैप्टन अमरिंदर सिंह, प्रताप सिंह बाजवा और अन्य वरिष्ठ विधायक नाराज हैं। इन वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि पंजाब में कांग्रेस को खड़ा करने के पीछे पुराने कांग्रेसियों का हाथ है। जबकि सिद्धू कुछ समय पहले ही कांग्रेस में शामिल हुए हैं। सिद्धू को रोकने के लिए कैप्टन अमरिंदर और प्रताप सिंह बाजवा साथ एक मंच पर आने को तैयार हो गए हैं।

14 लोगों पर यौन शोषण का आरोप लगाया: रेवती

कविता गर्ग      
मुंबई। इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रेवती संपत ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने 14 लोगों पर यौन शोषण का आरोप लगाया है। इस बात की जानकारी रेवती ने एक फेसबुक पोस्ट के जरिये दी है। अभिनेत्री रेवती संपत ने कई बड़े खुलासे किए हैं। जिन्हें सुनकर सब दंग रह गए। वहीं पूरी मलयालम फिल्म इंडस्ट्री इन खुलासों के बाद से संदेह के घेरे में आ गई है। दरअसल, रेवती संपत ने इंडस्ट्री के 14 लोगों पर उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। पोस्ट के माध्यम से रेवती ने उन 14 लोगों के नाम का खुलासा किया है जिन्होंने उनका शोषण किया।
इनमें से एक नाम मशहूर अभिनेता सिद्दीकी का भी है। अपने आरोपियों के नाम का खुलासा करते हुए रेवती ने फेसबुक पोस्ट में यह भी संकेत दिए कि उन्हें इसका कोई डर नहीं है कि वह अपने गुनहगारों का चेहरा मीडिया के सामने रख रही हैं। रेवती के इस खुलासे ने फिल्म इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया है। हालांकि उन 14 लोगों में से किसी की भी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन अभिनेत्री द्वारा किए गए इतने हैरान कर देने वाला खुलासे ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। सोशल मीडिया यूजर्स ने फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है और इस मामले पर जल्द से जल्द सख्त कार्यवाई करने की मांग भी उठाई है। 
अभिनेत्री ने अपने पोस्ट में यह भी बताया कि इन 14 लोगों ने ना केवल उनका शारीरिक रूप से बल्कि भावनात्मक और मानसिक रूप से भी उत्पीड़न किया हैं। रेवती ने सिद्दीकी के अलावा इस लिस्ट में मशहूर निर्देशक राजेश का नाम भी लिखा है। जो कई नेशनल और स्टेट लेवल पर अपनी फिल्मों के लिए अवॉर्ड्स जीत चुके हैं। रेवती ने इस लिस्ट में डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया के नेता नंदु अशोकण समेत पुलिस विभाग से लेकर कई प्रोफेशन से जुड़े लोगों का नाम दिया है, जिनमें एक डॉक्टर भी है। अभिनेत्री के खुलासे के बाद कुछ लोगों ने उनके इस कदम को पब्लिसिटी स्टंट बताया तो वहीं कुछ ने उनका खुलकर समर्थन किया।

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प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण 

1. अंक-307 (साल-02)
2. शनिवार, जून 19, 2021
3. शक-1984, ज्येठ, शुक्ल-पक्ष, तिथि-दसमीं, विक्रमी सवंत-2078।
4. सूर्योदय प्रातः 05:42, सूर्यास्त 07:16।
5. न्‍यूनतम तापमान -20 डी.सै., अधिकतम-36+ डी.सै.।
बरसात की संभावना
6.समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है। सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा। सभी पद अवैतनिक है।
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मौजूदा समझौते के प्रावधानों का विस्तार किया

वाशिंगटन डीसी/ नई दिल्ली। भारत और अमेरिका ने शुक्रवार को एक मौजूदा समझौते के प्रावधानों का विस्तार किया। जिसके तहत सहयोगी देशों को कनेक्टिवि...