सोमवार, 16 अक्तूबर 2023

माता चंद्रघंटा को समर्पित 'नवरात्रि' का तीसरा दिन

माता चंद्रघंटा को समर्पित 'नवरात्रि' का तीसरा दिन 

सरस्वती उपाध्याय 
माँ दुर्गाजी की तीसरी शक्ति का नाम चंद्रघंटा है। नवरात्रि उपासना में तीसरे दिन की पूजा का अत्यधिक महत्व है और इस दिन इन्हीं के विग्रह का पूजन-आराधन किया जाता है। इस दिन साधक का मन 'मणिपूर' चक्र में प्रविष्ट होता है। लोकवेद के अनुसार माँ चंद्रघंटा की कृपा से अलौकिक वस्तुओं के दर्शन होते हैं, दिव्य सुगंधियों का अनुभव होता है तथा विविध प्रकार की दिव्य ध्वनियाँ सुनाई देती हैं। ये क्षण साधक के लिए अत्यंत सावधान रहने के होते हैं।

श्लोक
पिण्डजप्रवरारुढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता | प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता ||

स्वरूप
माँ का यह स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है। इनके मस्तक में घंटे का आकार का अर्धचंद्र है, इसी कारण से इन्हें चंद्रघंटा देवी कहा जाता है। इनके शरीर का रंग स्वर्ण के समान चमकीला है। इनके दस हाथ हैं। इनके दसों हाथों में खड्ग आदि शस्त्र तथा बाण आदि अस्त्र विभूषित हैं। इनका वाहन सिंह है। इनकी मुद्रा युद्ध के लिए उद्यत रहने की होती है।

कृपा
मां चंद्रघंटा की कृपा से साधक के समस्त पाप और बाधाएँ विनष्ट हो जाती हैं। इनकी आराधना सद्यः फलदायी है। माँ भक्तों के कष्ट का निवारण शीघ्र ही कर देती हैं। इनका उपासक सिंह की तरह पराक्रमी और निर्भय हो जाता है। इनके घंटे की ध्वनि सदा अपने भक्तों को प्रेतबाधा से रक्षा करती है। इनका ध्यान करते ही शरणागत की रक्षा के लिए इस घंटे की ध्वनि निनादित हो उठती है।
माँ का स्वरूप अत्यंत सौम्यता एवं शांति से परिपूर्ण रहता है। इनकी आराधना से वीरता-निर्भयता के साथ ही सौम्यता एवं विनम्रता का विकास होकर मुख, नेत्र तथा संपूर्ण काया में कांति-गुण की वृद्धि होती है। स्वर में दिव्य, अलौकिक माधुर्य का समावेश हो जाता है। माँ चंद्रघंटा के भक्त और उपासक जहाँ भी जाते हैं लोग उन्हें देखकर शांति और सुख का अनुभव करते हैं। माँ के आराधक के शरीर से दिव्य प्रकाशयुक्त परमाणुओं का अदृश्य विकिरण होता रहता है। यह दिव्य क्रिया साधारण चक्षुओं से दिखाई नहीं देती, किन्तु साधक और उसके संपर्क में आने वाले लोग इस बात का अनुभव भली-भाँति करते रहते हैं। विद्यार्थियों के लिए मां साक्षात विद्या प्रदान करती है। वहीं, देवी साधक की सभी प्रकार से रक्षा करती है।

साधना
हमें चाहिए कि अपने मन, वचन, कर्म एवं काया को विहित विधि-विधान के अनुसार पूर्णतः परिशुद्ध एवं पवित्र करके माँ चंद्रघंटा के शरणागत होकर उनकी उपासना-आराधना में तत्पर हों। उनकी उपासना से हम समस्त सांसारिक कष्टों से विमुक्त होकर सहज ही परमपद के अधिकारी बन सकते हैं। हमें निरंतर उनके पवित्र विग्रह को ध्यान में रखते हुए साधना की ओर अग्रसर होने का प्रयत्न करना चाहिए। उनका ध्यान हमारे इहलोक और परलोक दोनों के लिए परम कल्याणकारी और सद्गति देने वाला है। हालांकि इन सब क्रियाओं का प्रमाण हमारे पवित्र धर्म ग्रंथों में कहीं नहीं मिलता, देवी देवताओं के मूल व साधना की सही विधि तत्वदर्शी यानि संत पूर्ण संत ही बता सकते हैं एसा हमारे वित्र धर्म ग्रंथों प्रमाणित करते हैं।
प्रत्येक सर्वसाधारण के लिए आराधना योग्य यह श्लोक सरल और स्पष्ट है। माँ जगदम्बे की भक्ति पाने के लिए इसे कंठस्थ कर नवरात्रि में तृतीय दिन इसका जाप करना चाहिए। मां चन्द्रघंटा को नारंगी रंग प्रिय है। भक्त को जहां तक संभव हो, पुजन के समय सूर्य के आभा के समान रंग के वस्त्र धारण करना चाहिए।
या देवी सर्वभू‍तेषु माँ चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

अर्थ : हे माँ! सर्वत्र विराजमान और चंद्रघंटा के रूप में प्रसिद्ध अम्बे, आपको मेरा बार-बार प्रणाम है। या मैं आपको बारंबार प्रणाम करता हूँ। हे माँ, मुझे सब पापों से मुक्ति प्रदान करें। इस दिन सांवली रंग की ऐसी विवाहित महिला जिसके चेहरे पर तेज हो, को बुलाकर उनका पूजन करना चाहिए। भोजन में दही और हलवा खिलाएँ। भेंट में कलश और मंदिर की घंटी भेंट करना चाहिए।

उड़ते पक्षी का शिकार करता नजर आया मगरमच्छ

उड़ते पक्षी का शिकार करता नजर आया मगरमच्छ 

सरस्वती उपाध्याय 
सोशल मीडिया पर अक्सर जंगली जानवरों के वीडियो वायरल होते रहते हैं। कुछ वीडियो तो ऐसे होते हैं, जिन्हें देखकर हर कोई हैरान रह जाता है। इन दिनों एक खतरनाक दरियाई जानवर का वीडियो वायरल हो रहा है, जो तेज रफ्तार से पलक झपकते ही शिकार कर रहा है। 
वायरल हो रहे वीडियो में मगरमच्छ उड़ते हुए पक्षी का शिकार करते नजर आता है। पहले तो मगरमच्छ पानी से बाहर निकल कर मरे हुए जानवरों के ऊपर आराम से लेटा हुआ रहता है। इसी बीच एक पक्षी अनजाने में उड़ता हुआ उसके पास पहुंच जाता है और जैसे ही उसके सिर पर अपना पैर रखता है, मगरमच्छ फौरन जाग जाता है और बिजली की रफ्तार से उसकी गर्दन ही दबोच लेता है। इसके बाद वह उसे पानी में लेकर चला जाता है। इस वीडियो को देखकर आप भी एक बार तो खौफ में आ ही जाएंगे। 
बता दें वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर @TheBrutalNature नाम की आईडी से शेयर किया गया है। इस वीडियो को सैकड़ों लोगों ने पसंद किया है। वहीं, वीडियो देखने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं भी दी हैं। यूजर्स ये देखकर भी सोच में पड़े हुए हैं कि जब मगरमच्छ के पास खाने के लिए इतने सारे जानवर थे, तो उसने चिड़िया को ही क्यों पकड़ा?

सीएम ने यौन शोषण के मामले का संज्ञान लिया

सीएम ने यौन शोषण के मामले का संज्ञान लिया 

पंकज कपूर 
हल्द्वानी। हल्द्वानी के गौलापार में दृष्टिबाधित बच्ची से यौन शोषण के मामले का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंभीरतापूर्वक संज्ञान लेते हुए प्रदेश में संचालित आवासीय शैक्षणिक संस्थाओं के सघन निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने समस्त जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है।दृष्टिबाधित बच्ची के यौन शोषण के आरोप में बीते शुक्रवार को पुलिस ने नेशनल एसोसिएशन फार द ब्लाइंड (NAB) नवाड़खेड़ा, गौलापार के महासचिव एवं संचालक श्याम धानक को गिरफ्तार किया था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अमानवीय घटना का गम्भीरतापूर्वक संज्ञान लेते हुए निर्देशित किया है कि प्रदेश में संचालित तमाम अन्य आवासीय संस्थाओं में तत्काल सघन निरीक्षण किया जाए, ताकि इस प्रकार की दुखद एवं हृदय विदारक घटना की पुनरावृत्ति न हो।इस प्रकरण में सोमवार को अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि सम्बन्धित विभाग व पुलिस के अधिकारियों के साथ संयुक्त टीम बनाकर आवासीय शैक्षणिक संस्थाओं में जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी बच्चे के साथ यौन शोषण अथवा दुर्व्यवहार का कोई प्रकरण संज्ञान में आता है, तो तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही जागरूकता अभियान के अन्तर्गत संस्थाओं में सघन निरीक्षण करते हुए तत्सम्बन्धी आख्या शासन को एक माह के भीतर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

'जीएमआईएस' के तीसरे संस्करण का उद्घाटन करेंगे

'जीएमआईएस' के तीसरे संस्करण का उद्घाटन करेंगे 

इकबाल अंसारी 
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को तीन दिवसीय ‘वैश्विक समुद्री भारत शिखर सम्मेलन’ (जीएमआईएस) के तीसरे संस्करण का वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से उद्घाटन करेंगे और भारतीय समुद्री अर्थव्यवस्था के लिए दीर्घकालिक रूपरेखा ‘‘अमृत काल विजन 2047’’ पेश करेंगे।
इस शिखर सम्मेलन का आयोजन मुंबई में हो रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि इस रूपरेखा में बंदरगाह सुविधाओं को बढ़ाने, सतत चलन को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से रणनीतिक पहल का खाका पेश किया जाएगा।
बयान में कहा गया है कि इस भविष्योन्मुखी योजना के अनुरूप प्रधानमंत्री 23,000 करोड़ रुपये से अधिक की उन परियोजनाओं का उद्घाटन, राष्ट्र को समर्पित करेंगे और आधारशिला रखेंगे, जो भारतीय समुद्री अर्थव्यवस्था से संबंधित इस दृष्टिकोण से जुड़ी हैं। मोदी गुजरात के दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण में 4,500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाले ‘टूना टेकरा ऑल वेदर डीप ड्राफ्ट टर्मिनल’ की आधारशिला रखेंगे।
इस अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड टर्मिनल को सार्वजनिक-निजी भागीदारी के साथ विकसित किया जाएगा। इसके एक अंतरराष्ट्रीय व्यापार केंद्र के रूप में उभरने की संभावना है। कार्यक्रम के दौरान समुद्री क्षेत्र में वैश्विक और राष्ट्रीय साझेदारी के लिए सात लाख करोड़ रुपये से अधिक के 300 से अधिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) को भी पेश किया जाएगा।
बयान में कहा गया है कि शिखर सम्मेलन देश का सबसे बड़ा समुद्री कार्यक्रम होगा, जिसमें यूरोप, अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और एशिया (मध्य एशिया, पश्चिम एशिया और बिम्सटेक क्षेत्र सहित) का प्रतिनिधित्व करने वाले दुनिया भर के मंत्री भाग लेंगे।
शिखर सम्मेलन में वैश्विक सीईओ, व्यापारिक नेता, निवेशक, अधिकारी और दुनिया भर के अन्य हितधारक भी भाग लेंगे। शिखर सम्मेलन का पहला संस्करण 2016 में मुंबई में आयोजित किया गया था, जबकि दूसरा डिजिटल माध्यम से 2021 में आयोजित किया गया था।

पूर्व वित्तमंत्री बादल को अंतरिम जमानत दी

पूर्व वित्तमंत्री बादल को अंतरिम जमानत दी

अमित शर्मा 
चंडीगढ़। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने पंजाब के पूर्व वित्तमंत्री मनप्रीत बादल को बठिंडा में कथित तौर पर संपत्ति खरीद में अनियमितता के मामले सोमवार को अंतरिम जमानत दे दी।
बादल ने चार अक्टूबर को बठिंडा की अदालत द्वारा अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज किए जाने के बाद उच्च न्यायालय का रुख किया था। उनके वकील अर्शदीप सिंह चीमा ने बताया कि न्यायमूर्ति विकास बहल की अदालत ने बादल को जमानत दी।
बादल अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ हैं। पंजाब के सतर्कता ब्यूरो ने बादल और पांच अन्य के खिलाफ मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। इससे पहले बठिंडा की अदालत ने बादल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
ब्यूरो की कई टीम ने पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान के कई स्थानों पर छापेमारी की कार्रवाई की थी लेकिन बादल को पकड़ने में असफल रहीं। सतर्कता ब्यूरो ने मामले की जांच पूर्व विधायक सरूप चंद सिंगला द्वारा 2021 में की कई शिकायत के आधार पर शुरू की थी।
सिंगला ने आरोप लगाया था कि बठिंडा के अहम इलाके में जमीन खरीदने में बादल ने कथित तौर पर अनियमितता बरती है। भाजपा नेता सिंगला ने आरोप लगाया कि बादल ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में मंत्री रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग किया और दो व्यावसायिक भूखंडों को अपने लिए आवसीय भूखंड में तब्दील कर लिया। सिंगला पहले शिरोमणि अकाली दल के सदस्य थे।

कांग्रेस पार्टी को तंग कर रहे कांग्रेसी विधायक

कांग्रेस पार्टी को तंग कर रहे कांग्रेसी विधायक 

कांग्रेस पार्टी का तंग ‘हाथ’: कांग्रेसी विधायकों को मुख्यमंत्री से आखिर क्या है बहुत बड़ी उम्मीद…
कांग्रेस को क्यों तंग कर रहे उसके ही विधायक ?

मनोज लोहनी 
हल्द्वानी। उत्तराखंड में कांग्रेस पार्टी का ‘हाथ’ वैसे ही पिछले काफी समय से तंग चल रहा है। उसकी यह तंगी सत्ता से दूर होने के कारण है। भाजपा ने लगातार दो बार राज्य में सरकार बनाकर कांग्रेस को सत्ता सुख से दूर किया है, जो तंगी की सबसे बड़ी वजह है। अब कांग्रेस को कांग्रेस के विधायक ही तंग कर रहे हैं, ऐसा पिछले कुछ दिनों में एकाएक दिखाई देने लगा है। पार्टी तंग हो रही है, मगर इसका दर्द खुले तौर पर सामने नहीं आ पा रहा है, उल्टा कांग्रेस के विधायकों का रवैया ऐसा कि उन्हें अब प्रदेश के मुख्यमंत्री से बहुत बड़ी उम्मीद जगी है, जैसा कि वह अपने बयान में सीधे तौर पर कह रहे हैं। कांग्रेस विधायकों की बातों से फिलहाल भाजपा खेमा खुशहाल जरूर है, ऐसा साफ है।
कांग्रेस पार्टी का अब तक का राज्य बनने के बाद का इतिहास है कि उसे अपनों ने ही बहुत तंग किया। एक बार २०१६ में तो हरीश रावत के मुुख्यमंत्री रहते सीधे कांग्रेस के नौ विधायक ही पार्टी से खिसक लिए और कांग्रेस वालों हाथों से सीधे कमल ही थाम लिया। उस वक्त कमल थामने के चलते कांग्रेस सरकार की सांसें ही थमने पर आ गईं थीं, जब ७० सीटों वाली असेंबली में कांग्रेस के ९ बागी विधायकों ने रावत जी की कुर्सी खतरे में डाल दी थी। कांग्रेस को उस वक्त लीड भी पूर्व सीएम विजय बहुगुणा कर रहे थे। उसके बाद इस तंगी से हरीश रावत किसी तरह बाहर निकले। खैर कांग्रेस को अपनों से ही तंग करने के तमाम किस्से हैं। 

'अपने 2' की स्क्रिप्ट पर काम जारी, मुख्य भूमिका

'अपने 2' की स्क्रिप्ट पर काम जारी, मुख्य भूमिका 

कविता गर्ग 
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता बॉबी देओल का कहना है कि 'अपने 2' की स्क्रिप्ट पर काम जारी है और वह इस फिल्म में अपने पिता धर्मेन्द्र और भाई सनी देओल के साथ नजर आएंगे।
वर्ष 2007 में प्रदर्शित फिल्म अपने में धर्मेन्द्र, सनी देओल और बॉबी देओल की मुख्य भूमिका है। पिछले कुछ दिनों से अपने 2 को लेकर चर्चा हो रही हैं, जिसमें धर्मेंद्र के पोते करण देओल भी नजर आने की चर्चा है। बॉबी देओल ने अपने 2 को लेकर बयान दिया है। 
बॉबी देओल ने कहा,हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे है कि अपने 2 बने और उस तरह की फिल्मों को हम ज्यादा से ज्यादा काम करे। फिलहाल, अपने 2 की स्क्रिप्ट्स पर काम जारी है, जब भी स्क्रिप्ट अच्छी बनेगी तो हम सब फिर साथ नजर आयेंगे।

जन्मदिन: 75 वर्ष की हुई अभिनेत्री मालिनी

जन्मदिन: 75 वर्ष की हुई अभिनेत्री मालिनी 

कविता गर्ग 
मंबई। बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री हेमा मालिनी सोमवार को 75 वर्ष की हो गईं। 16 अक्टूबर 1948 को तमिलनाडु के आमानकुंडी में जन्मीं हेमा मालिनी की मां जया चक्रवर्ती फिल्म निर्माता थीं। हेमा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा चेन्नई से पूरी की। वर्ष 1961 में हेमा मालिनी को एक लघु नाटक पांडव वनवासम में बतौर नर्तकी काम करने का अवसर मिला। वर्ष 1968 में हेमा मालिनी को सर्वप्रथम राजकपूर के साथ सपनों का सौदागर में काम करने का मौका मिला। फिल्म के प्रचार के दौरान हेमा मालिनी को ड्रीम गर्ल के रूप में प्रचारित किया गया। बदकिस्मती से फिल्म टिकट खिड़की पर असफल साबित हुई लेकिन अभिनेत्री के रूप में हेमा मालिनी को दर्शकों ने पसंद किया गया।
हेमा मालिनी को पहली सफलता वर्ष 1970 में प्रदर्शित फिल्म जॉनी मेरा नाम से हासिल हुई। इसमें उनके साथ अभिनेता देवानंद मुख्य भूमिका में थे। फिल्म में हेमा और देवानंद की जोड़ी को दर्शकों ने सिर आंखों पर लिया और फिल्म सुपरहिट रही। इसके बाद रमेश सिप्पी की वर्ष 1971 में प्रदर्शित फिल्म अंदाज में भी हेमा मालिनी ने अपने अभिनय से दर्शको को मंत्रमुग्ध कर दिया। वर्ष 1972 में हेमा मालिनी को रमेश सिप्पी की ही फिल्म सीता और गीता में काम करने का अवसर मिला जो उनके सिने कैरियर के लिये मील का पत्थर साबित हुयी। इस फिल्म की सफलता के बाद वह शोहरत की बुंलदियों पर जा पहुंचीं। उन्हें इस फिल्म में दमदार अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के फिल्म फेयर पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। 
हेमा मालिनी ने जब फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा ही था तब एक तमिल निर्देशक श्रीधर ने उन्हें अपनी फिल्म में काम देने से यह कहते हुए इन्कार कर दिया कि उनमें स्टार अपील नहीं है। बाद में सत्तर के दशक में इसी निर्माता.निर्देशक ने उनकी लोकप्रियता को भुनाने के लिए उन्हें लेकर 1973 में ..गहरी चाल.. फिल्म का निर्माण किया।सिल्वर स्क्रीन पर हेमा मालिनी की जोडी धर्मेन्द्र के साथ खूब जमी। यह फिल्मी जोंडी सबसे पहले फिल्म शराफत से चर्चा में आई।
वर्ष 1975 में प्रदर्शित फिल्म शोले में धर्मेन्द्र ने वीरू और हेमामालिनी ने बसंती की भूमिका में दर्शकों का भरपूर मनोंरजन किया।हेमा और धमेन्द्र की यह जोड़ी इतनी अधिक पसंद की गई कि धर्मेन्द्र की रील लाइफ की ड्रीम गर्ल, हेमामालिनी उनके रीयल लाइफ की ड्रीम गर्ल बन गईं। बाद में इस जोड़ी ने ड्रीम गर्ल,चरस, आसपास, प्रतिज्ञा,राजा जानी,रजिया सुल्तान,अली बाबा चालीस चोर,बगावत ,आतंक,द बर्निंग ट्रेन ,दोस्त आदि फिल्मों में एक साथ काम किया। 
सत्तर के दशक में हेमा मालिनी पर आरोप लगने लगे कि वह केवल ग्लैमर वाले किरदार ही निभा सकती हैं लेकिन उन्होंने खुशबू,किनारा, और मीरा जैसी फिल्मों में संजीदा किरदार निभाकर अपने आलोचकों का मुंह हमेशा के लिये बंद कर दिया। इस दौरान हेमा मालिनी के सौंदर्य और अभिनयका जलवा छाया हुआ था।इसी को देखते हुये निर्माता प्रमोद चक्रवर्ती ने उन्हें लेकर फिल्म ड्रीम गर्ल का निर्माण तक कर दिया।
वर्ष 1990 में हेमा मालिनी ने छोटे पर्दे की ओर भी रूख किया और धारावाहिक नुपूर का निर्देशन भी किया। इसके बाद वर्ष 1992 में फिल्म अभिनेता शाहरुख खान को लेकर उन्होंने फिल्म दिल आशना है का निर्माण और निर्देशन किया। वर्ष 1995 में उन्होंने छोटे पर्दे के लिये मोहिनी का निर्माण और निर्देशन किया। फिल्मों में कई भूमिकाएं निभाने के बाद हेमा मालिनी ने समाज सेवा के लिए राजनीति में प्रवेश किया। वर्ष 2000 में हेमा मालिनी पद्मश्री सम्मान से भी सम्मानित की गयीं। हेमा मालिनी ने अपने चार दशक के सिने करियर में लगभग 150 फिल्मों में काम किया। हेमा मालिनी मथुरा संसदीय सीट से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर संसद पहुंची है।

बच्चे के साथ 15 मिनट तक लिफ्ट में फंसी महिला

बच्चे के साथ 15 मिनट तक लिफ्ट में फंसी महिला 

अश्वनी उपाध्याय 
गाजियाबाद। गाजियाबाद में सिद्धार्थ विहार की प्रतीक ग्रैंड सिटी सोसायटी के एक टावर की लिफ्ट में दिक्कत आ गई। इसके चलते एक महिला अपने छोटे बच्चे के साथ करीब 15 मिनट तक लिफ्ट में फंसी रही।
महिला के पति आकाशदीप शर्मा ने बताया कि लिफ्ट अचानक 8वें फ्लोर से सीधे बेसमेंट में चली गई। वहां उसका पूरा सिस्टम बंद हो गया। इस दौरान उनकी पत्नी और छोटा बच्चा उसमें फंस गया। लिफ्ट के सभी स्विच भी बंद हो गए थे। अलार्म भी नहीं चल रहा था। किसी तरह दोनों को लिफ्ट से निकाला गया।
इस मामले में मेंटिनेंस को शिकायत दी गई है। यह घटना बीते शनिवार रात करीब 10 बजे की है। 36 साल की गुरप्रीत कौर अपने तीन साल के बेटे के साथ लिफ्ट से जा रही थी। इस बीच अचानक लिफ्ट आठवें फ्लोर से सीधे बेसमेंट में चली गई। बेसमेंट में जाने के बाद भी लिफ्ट का दरवाजा नहीं खुला। परेशान गुरप्रीत ने दरवाजा खोलने की बहुत कोशिश की, लेकिन सब व्‍यर्थ रहा।
इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। गुरपीत अपने बेटे के साथ 16वें फ्लोर से ग्राउंड फ्लोर पर जा रही थीं। उनके साथ दो और लोग भी थे पर वे आठवें फ्लोर पर उतर गए।
आकाशदीप शर्मा ने बताया कि करीब 15 मिनट पर बेसमेंट में फंसे रहने के बाद लिफ्ट अपने आप ग्राउंड फ्लोर पर आ गई और थोड़ी देर बाद इसका दरवाजा भी खुल गया। तब जाकर उनकी पत्‍नी और बेटा बाहर निकल पाए। आकाशदीप ने इस मामले को लेकर विजय नगर पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है।
गौरतलब है कि लिफ्ट गिरने या फंसने जैसी कई घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। प्रतीक ग्रैंड सोसाइटी में रहने वाले लोगों का कहना है कि लिफ्ट की मरम्‍मत समय से नहीं कराई जाती है। जबकि सोसाइटी की तरफ से स्‍क्‍वायर फीट के हिसाब से महंगा मेंटीनेंस चार्ज लिया जाता है।

लॉस एंजिल्स खेलों में क्रिकेट शामिल, मंजूरी

लॉस एंजिल्स खेलों में क्रिकेट शामिल, मंजूरी 

इकबाल अंसारी 
नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने मुंबई में अपने सत्र में 2028 लॉस एंजिल्स खेलों में क्रिकेट को शामिल करने को मंजूरी दे दी। 16 अक्टूबर को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, आईओसी ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में नए खेलों के रूप में क्रिकेट (टी20), बेसबॉल/सॉफ्टबॉल, फ्लैग फुटबॉल, लैक्रोस (सिक्स) और स्क्वैश को शामिल करने के लिए अपनी औपचारिक मंजूरी दे दी।। अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के कार्यकारी बोर्ड ने पिछले सप्ताह खेल को कार्यक्रम में शामिल करने के लॉस एंजिल्स खेल आयोजकों के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। क्रिकेट के अलावा चार अन्य खेल – बेसबॉल-सॉफ्टबॉल, फ्लैग फुटबॉल, लैक्रोस (सिक्सेस) और स्क्वैश शामिल हैं।
2028 लॉस एंजिल्स समर ओलंपिक खेलों में क्रिकेट को शामिल करने पर, आईओसी सदस्य और रिलायंस फाउंडेशन की अध्यक्ष नीता अंबानी ने कहा, ‘1.4 अरब भारतीयों के लिए, क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं है, यह एक धर्म है। इसलिए मुझे इस ऐतिहासिक संकल्प से खुशी है हमारे देश में यहीं मुंबई में हो रहे 141वें आईओसी सत्र में पारित किया गया था। ओलंपिक में क्रिकेट को शामिल करने से नए भौगोलिक क्षेत्रों में ओलंपिक आंदोलन के लिए गहरी भागीदारी पैदा होगी। और साथ ही, क्रिकेट की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता को बढ़ावा मिलेगा।’
बेसबॉल/सॉफ्टबॉल, क्रिकेट और लैक्रोस एलए ओलंपिक खेलों में वापसी करने के लिए तैयार हैं, जबकि फ्लैग फुटबॉल और स्क्वैश ओलंपिक में पहली बार खेले जाएंगे।
आईओसी के अध्यक्ष थॉमस बाख ने पिछले हफ्ते कहा था कि क्रिकेट और चार अन्य खेलों को शामिल करना अमेरिकी खेल संस्कृति के अनुरूप था और नए एथलीटों और प्रशंसक समुदायों के साथ जुड़ने के लिए ओलंपिक आंदोलन को भी सम्मानित करेगा।
बेसबॉल-सॉफ्टबॉल, लैक्रोस (सिक्सेस), स्क्वैश और फ्लैग फुटबॉल के साथ क्रिकेट के रूप में पांच खेल हैं जिन्हें केवल 2028 में लॉस एंजिल्स खेलों के लिए अनुमोदित किया गया है। क्रिकेट 1900 के बाद पहली बार ओलंपिक का हिस्सा होगा।
लॉस एंजिल्स गेम्स आयोजन समिति ने पुरुष और महिला टी20 क्रिकेट दोनों में छह टीमों के आयोजन का प्रस्ताव रखा था, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका मेजबान देश के रूप में मैदान में उतरेगा। लेकिन, टीमों की संख्या और योग्यता प्रणाली पर अंतिम निर्णय बाद में लिया जाएगा।

6 माह से जारी युद्ध में 9 हजार लोग मारे गए

6 माह से जारी युद्ध में 9 हजार लोग मारे गए 

अखिलेश पांडेय 
काहिरा। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय अभियानों के प्रमुख ने रविवार को बताया कि सूडान की सेना और शक्तिशाली अर्धसैन्य बलों के बीच पिछले छ: माह से जारी युद्ध में कम से कम नौ हजार लोग मारे गए हैं।
सूडान में अप्रैल से अराजकता का माहौल है और सैन्य प्रमुख जनरल अब्देल-फतह बुरहान और अर्धसैनिक बल ‘रैपिड सपोर्ट फोर्सेज’ के कमांडर जनरल मोहम्मद हमदान डगालो के बीच का तनाव संघर्ष के बाद युद्ध का रूप ले चुका है।
संयुक्त राष्ट्र के अवर महासचिव मार्टिन ग्रिफिथ्स ने एक बयान में कहा ,‘‘ छह माह से नागरिकों को खूनखराबे और आतंक से कोई राहत नहीं मिली है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ दुष्कर्म और यौन हिंसा की भयावह रिपोर्ट मिलना जारी है।
’’ प्रारंभ में लड़ाई खार्तूम तक ही सीमित थी लेकिन शीघ्र ही यह पूर्वी अफ्रीकी देश के अन्य इलाकों में भी फैल गई जिसमें दारफुर भी शामिल है। ग्रिफिथ्स ने कहा कि युद्ध में कथित तौर पर 9,000 लोग मारे गए हैं और लाखों लोग अपने घरों को छोड़ कर या तो देश में ही या पड़ोसी देशों में सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हुए हैं।
उन्होंने कहा कि संघर्ष ने ‘‘समुदायों को अलग कर दिया है। लोगों के पास जीवन जीने के लिए जरूरी वस्तुओं तक का आभाव हैं। लाखों लोग भाग कर जिन देशों में गए हैं वहां भी मानवीय संकट पैदा हो गया है। संयुक्त राष्ट्र आव्रजन एजेंसी के अनुसार, सूडान के अंदर ही 45 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं जबकि 12 लाख से अधिक लोगों ने पड़ोसी मुल्कों में शरण ली हुई है।
ग्रिफिथ्स ने कहा कि संघर्ष के कारण कम से कम ढाई करोड़ लोगों को मानवीय मदद की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश में जारी संघर्ष के बीच राजधानी और देश के अन्य क्षेत्रों में हैजा फैलने की खबरें है। खार्तूम और कोर्डोफान तथा कादरिफ प्रांतों में हैजे के एक हजार से अधिक संदिग्ध मामले पाए गए हैं।

हमास को नष्ट किया जाना चाहिए: बाइडेन

हमास को नष्ट किया जाना चाहिए: बाइडेन 

सुनील श्रीवास्तव 
जेरूसलम/वाशिंगटन डीसी। इजराइल-हमास संघर्ष के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि हमास को नष्ट किया जाना चाहिए, लेकिन फलस्तीनी राज्य के लिए एक रास्ता भी होना चाहिए, उन्होंने चेतावनी दी कि गाजा पर इजरायल का फिर से कब्जा एक बड़ी गलती होगी।
दरअसल,  इजरायली सेना ने गाजा की सीमा पर टैंक तैनात किया है। इसके साथ ही  इजरायल द्वारा किए गए हमलों ने गाजा को ध्वस्त कर दिया है। जानकारी के अनुसार  फलस्तीनी रेड क्रिसेंट ने कहा कि अल-कुद्स अस्पताल के पास पांच हवाई हमले किए गए। वहीं इजरायल ने अस्पताल  को खाली करने के लिए शनिवार दोपहर तक की समय सीमा दी थी।

ईरान के विदेश मंत्री होसैन अमीराब्दुल्लाहियन ने दी चेतावनी 
वहीं एक न्यूज रिपोर्ट के अनुसार ईरान के विदेश मंत्री होसैन अमीराब्दुल्लाहियन ने भी इजरायल को चेतावनी दी है कि  अगर इजरायल ने गाजा में घुसपैठ करने का फैसला किया तो विरोध करने वाले नेता इजरायल को उसके ही सैनिकों के कब्रिस्तान में बदल देंगे।

समुद्र के ऊपर हवा में लटका दिखा प्लेन

समुद्र के ऊपर हवा में लटका दिखा प्लेन 

सरस्वती उपाध्याय 
सोशल मीडिया पर आए दिन हैरतअंगेज वीडियो वायरल होते रहते हैं। इस बीच एक चौंकाने वाला वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक विमान एक जगह पर हवा में स्थिर देखा जा सकता है। किसी भी प्लेन का इस तरह ऊंचाई पर ठहर पाना वैज्ञानिक रूप से भी काफी असंभव है। इस वीडियो को देखकर हर किसी के होश उड़ गए हैं। 
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि प्लेन समुद्र के ऊपर हवा में लटका हुआ है। उसमें कोई हरकत नहीं हो रही है वह एक जगह स्थिर है। आप वीडियो में देख सकते हैं कि प्लेन बिल्कुल अपनी सही पोजीशन में टिका हुआ है, लेकिन चौंकाने वाली बात यही है कि आखिर ये टिका कैसे है।  हालांकि ये वीडियो सभी को चौंका देने वाला है।
वीडियो देख कमेंट्स की भरमार
इस वीडियो को 'एक्स' पर @WillManidis नाम के एक यूजर ने साझा किया है। उन्होंने कैप्शन में लिखा, 'आज एक प्लेन को हवा में ठहरते हुए देखा। आपको अभी भी ऐसा लगता है कि फिजिक्स रियल है।' वायरल वीडियो को देखने के बाद कई यूजर्स ने अपने रिएक्शन्स शेयर किए हैं। एक यूजर ने कहा, 'पहले तो अजीब लगा, लेकिन फिर अंत में देखा जा सकता है कि प्लेन पुल के ऊपर से गुजर चुका है, जिसका मतलब है कि ये उड़ रहा था।' 
कई लोगों ने वीडियो को बताया फेक
जबकि दूसरे यूजर ने कहा, 'ध्यान दें कि समुद्र पर कोई परछाई नहीं पड़ रही है? पुल की परछाई दिख रही है, तो हमें प्लेन की परछाई भी देखना में सक्षम होना चाहिए। यही नहीं, वीडियो बनाने वाला शख्स तेज गति से आगे बढ़ रहा है। उसकी नजर से यह स्थिर दिखाई देता है, लेकिन ऐसा लग रहा है कि प्लेन पुल से गुजर रहा है।' वहीं, कई यूजर्स ने इस वीडियो को फेक भी बताया है।

लाइब्रेरी में 90 साल बाद वापस मिलीं किताब

लाइब्रेरी में 90 साल बाद वापस मिलीं किताब 

डॉक्टर सुभाषचंद्र गहलोत 
एल्बनि। न्यूयॉर्क की प्रसिद्ध लार्चमोंट पब्लिक लाइब्रेरी ने हाल ही में एक अद्वितीय घटना साझा की है, जो उनके लाइब्रेरी के पन्नों में छुपी थी। यह किताब, जिसे 90 साल बाद वापस पाया गया है, साक्षात्कार के पन्नों पर लिखी थी, समय की गति को चुनौती देती हुई आई है।
यह किताब, ‘यूथ एंड टू अदर स्टोरीज़’ नामक रचना थी, जिसने अपने समय के विचार और भावनाओं को प्रस्तुत किया। यह चौंकाने वाली घटना हमें यह बताती है कि किताबें समय के साथ कैसे बदलती हैं, और वे हमेशा हमारे सोचने के तरीके को परिपूर्ण होती हैं।
लार्चमोंट पब्लिक लाइब्रेरी ने आत्म-समर्पण से इस किताब को पुनः प्रकट किया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि पढ़ाई की संस्कृति और पुस्तकों के प्रति जो आदर है, वह कभी नहीं मरता।
यह घटना हमें यह सिखाती है कि समुदाय की भावनाएं और पसंद भले ही समय के साथ बदल जाएं, लेकिन संवेदनशीलता और पुस्तकों के प्रति प्रेम कभी नहीं थमता।

पोती को बेचने की आरोपी महिला फरार

पोती को बेचने की आरोपी महिला फरार

मिनाक्षी लोढी 
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में अपनी छ: दिन की पोती को बाल तस्करी गिरोह को बेचने की आरोपी महिला फिलहाल फरार है, पुलिस ने कहा कि उसे पकड़ने के लिए जांच चल रही है।
यह घटना सोमवार सुबह तब सामने आई, जब लापता शिशु की मां ने शांतिपुर के एक स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के अनुसार, न केवल आरोपी दादी, जिसकी पहचान खालिदा बीबी के रूप में हुई है, फरार है, बल्कि एक अन्य महिला भी फरार है, जिसके बारे में माना जाता है कि उसने बच्चे को बेचने के लिए एजेंट के रूप में काम किया था।
9 अक्टूबर को शिकायतकर्ता ने बच्चे को जन्म दिया और तीन दिन बाद वह नवजात को लेकर अपनी मां के पास चली गई। उसकी शिकायत के मुताबिक, महिला की मां उस पर बच्चा बेचने का दबाव बना रही थी। शिकायत में कहा गया है कि रविवार को जब उसे अपना बच्चा नहीं मिला, तो महिला ने अपनी मां से शिकायत की, जिसने एक स्थानीय एजेंट की मदद से बच्चे को 60,000 रुपये में बेचने की बात स्वीकार की।

लेकिन पुलिस को सूचना मिलने से पहले ही आरोपी भागने में सफल हो गये। पुलिस ने कहा कि चूंकि महिला का पति पश्चिम बंगाल से बाहर काम करता है, इसलिए बच्चे को जन्म देने के बाद वह अपनी मां के घर चली गई।
महिला ने माना कि उसकी मां की आर्थिक स्थिति कमजोर है। महिला ने कहा, “मैं बस यही चाहता हूं कि पुलिस मेरी बेटी का पता लगाए और उसे मेरे पास वापस लाए। मैं उनसे यह भी उम्मीद करती हूं कि वे मेरी मां को दंडित करें, जो इतना जघन्य अपराध कर सकती है।’

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

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1. अंक-329, (वर्ष-06)

पंजीकरण:- UPHIN/2010/57254

2. सोमवार, अक्टूबर 16, 2023

3. शक-1944, आश्विन, कृष्ण-पक्ष, तिथि-दूज, विक्रमी सवंत-2079‌‌।

4. सूर्योदय प्रातः 06:11, सूर्यास्त: 06:13।

5. न्‍यूनतम तापमान- 18 डी.सै., अधिकतम- 21+ डी.सै.। बरसात की संभावना बनी रहेगी।

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