रविवार, 22 मार्च 2020

31 मार्च तक देश की सभी ट्रेनें रद्द

नई दिल्ली। भारतीय रेल (Indian Railway) ने कोरोना वायरस (Coronavirus) के खतरे और यात्रियों की कम संख्या को देखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। भारतीय रेलवे ने 31 मार्च तक देश की सभी ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया है। इस दौरान खाली माल गाड़ी चलाने का फैसला रेलवे ने लिया है। देश में कोरोना के प्रकोप को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। सड़कों से लेकर प्लेटफॉर्मों तक कम से कम लोग घरों से बाहर निकले इसके लिए सरकार विभिन्न कदम उठा रही है। स्कूल, कॉलेज, स्मारकों और इमारतों समेत भीड़-भाड़ वाली सभी जगहों में जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसी कड़ी में ट्रेनें भी कैंसिल की जा रही हैं।


रेल मंत्रालय की ओर से सभी महाप्रबंधकोंको जारी निर्देश के अनुसार 31 मार्च की उक्त अवधि के दौरान कोई भी जोन अपने यहां से कोई ट्रेन नहीं चलाएगा। इसका मतलब हुआ कि देश भर में रोजाना चलने वाली 2400 पैसेंजर ट्रेने तथा 1300 मेल/एक्सप्रेस ट्रेने नहीं चलेंगी। रेलवे मंत्रालय के मुताबिक, 31 मार्च तक मालगाड़ियां चलेंगी। कोरोना के संक्रमण से आम जनता को बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। ट्रेनों में सामान्‍य रूप से अक्‍सर भीड़ होती है. सारे कोच खचाखच भरे रहते हैं। ऐसे में संक्रमण बहुत घातक रूप ले सकता है।


देश में 341 संक्रमित, 6 लोगों की मौत

नई दिल्ली। कोरोना वायरस अब लगभग पूरे देश में पैर पसार चुका है। अब बिहार में भी कोरोना वायरस की दस्तक हो गई है। रविवार सुबह राज्य में दो मरीजों में कोरोना की पुष्टी हुई जिसमें एक मरीज की मौत हो गई है। मामले की पुष्टी पटना के राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इंस्‍टीच्‍यूट (RMRI) की और से की गई है। जिसके साथ ही देश में अब कोरोना के 341 संक्रमित मरीज है तो वहीं छः लोगों की मौत हो गई है।


बता दें कि  स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि जिस मरीज की मौत हुई है, वह पटना के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान में किडनी का इलाज करा रहा था। वह मुंगेर जिला का रहने वाला था। मृतक की पहचान सैफ अली (38) के रूप में हुई है। प्रधान सचिव ने मृतक के कोरोना पॉजिटिव होने की भी पुष्टि की। दो मरीजों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। इसमें एक की मौत भी हो गई है। महाराष्ट्र में कोरोना से एक और मरीज की मौत गई है। 63 साल के एक मरीज ने बीती रात बीमारी के चलते दम तोड़ दिया।


पटना के आरएमआरआइ के निदेशक डॉ. प्रदीप दास ने बताया कि देर रात जांच में दो कोरोना पॉजिटव मामले मिले हैं। उन्‍होंने बताया कि देर रात तक 114 नमूनों की जांच हुई थी, जिनमें शाम तक सौ सैंपल की जांच पूरी हो चुकी थी। उनमें कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं मिला। लेकिन देर रात क शेष 14 सैंपल की जांच के दौरान दो की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। उन्‍होंने बताया कि इसकी जानकारी दिल्‍ली में भारतीय चिकित्‍सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और राज्‍य के स्वास्थ्य मंत्री व प्रधान सचिव को दी गई है।


वायरस से लड़ने का इंतजाम ?

रवीश कुमार
नई दिल्ली। कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज़ों के इलाज में वेंटिलेटर का बहुत अहम रोल है। जब सांस लेने में तक़लीफ़ होती है तब वेंटिलेटर का ही सहारा होता है। पूरी दुनिया इस वक्त वेंटिलेटर के इंतज़ाम में लगी है। आप इंटरनेट में सिम्पल वेंटिलेटर टाइप कीजिए। यूरोप के कई देश वेंटिलेटर बनाने वाली कंपनियों को आर्डर कर रहे हैं। नई कंपनियों को प्रेरित कर रहे हैं कि वे वेंटिलेटर बनाएं। इसके लिए तुरंत बनने वाले नए मॉडल पर भी बात हो रही है।


ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने वहां की कई इंजीनियरिंग कंपनियों से टेलिफोन पर बात की है। उनसे पूछा है कि क्या दो हफ्ते में 15 से 20 हज़ार वेंटिलेटर का इंतज़ाम हो सकता है? मीडिया में अलग-अलग आंकड़े हैं। अगले महीने तक 30,000 वेंटिलेटर के प्रबंध कर लेने का लक्ष्य रखा गया है। कंपनियों के पास इस वक्त वेंटिलेटर बनाने की इतनी क्षमता नहीं है क्योंकि यूरोप के अन्य देश भी वेंटिलेटर बनाने का आर्डर दे रहे हैं और सभी को जल्दी चाहिए। दुनिया में मूल रूप से वेंटिलेटर बनाने वाली चार पांच बड़ी कंपनियां हैं। मगर इनके पास इतने आर्डर आ गए हैं कि इस वक्त की ज़रूरतों को पूरा नहीं कर सकती हैं।



इस बारे में ब्रिटेन की बड़ी इंजीनियरिंग कंपनी स्मिथ ने बड़ा फैसला किया है। यह कंपनी वेंटिलेटर के अपने पेटेंट मॉडल को दूसरी कंपनियों के साथ साझा करने के लिए तैयार हो गई है ताकि कम से कम समय में ज्यादा से ज्यादा वेंटिलेटर का उत्पादन हो सके। संकट की इस घड़ी में गला काट प्रतियोगिता वाली कंपनियां इतनी बड़ी कुर्बानी दे रही हैं। वे अपने प्रोडक्ट से एकाधिकार छोड़ रही हैं। स्मिथ का लक्ष्य है कि दो हफ्ते के भीतर 5000 वेंटिलेटर बना कर दे देना है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटेन के नेशनल हेल्थ सर्विस के पास 5000 वेंटिलेटर ही हैं। दुनिया में ब्रिटेन के नेशनल हेल्थ सर्विस को श्रेष्ठतम मेडिकल सुविधाओं में से एक माना जाता है। क्या भारत में इस सवाल को लेकर आपने हेडलाइन देखी है?


भारत के पत्रकार तीन दिन से प्रधानमंत्री के बेसिक भाषण को महान बनाने के लिए उसमें सौम्यता के कण ढूंढ रहे हैं। प्रधानमंत्री का भाषण ज़रूरी है, लेकिन वह इतना बेसिक है कि उन्हें दिन में चार बार देना चाहिए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग सतर्क हों और सजह हों। लेकिन उनके भाषण में कहीं से भी वायरस से लड़ने की तैयारियों का इंतज़ाम नहीं दिखता है। आप प्लीज़ उनके भाषण को एक और बार के लिए सुनें।



जर्मनी ने 10,000 वेंटिलेटर का आर्डर किया है। इटली ने 5000 वेंटिलेटर का आर्डर किया है। इटली और जर्मनी आई सी यू और वेंटिलेटर की क्षमता डबल कर रहे हैं। हैमिल्टन नाम की कंपनी साल में 15,000 वेंटिलेटर बनाती है। अब उसने अपना उत्पादन 30-40 प्रतिशत बढ़ा दिया है। फिर भी इन कंपनियों के लिए आर्डर को पूरा करना संभव नहीं है।


इसलिए मैं बार बार इस बात पर ज़ोर दे रहा हूं कि कोरोना से लड़ने के लिए नेताओं के भाषण की प्रेरणा उतनी ज़रूरी नहीं है। यह भी काम आता है। लेकिन इसी को मुख्य नहीं मान लेना चाहिए। आप उनके भाषण में यह जानने का प्रयास कीजिए कि मेडिकल तैयारियां क्या हैं, भारत भर में कितने बेड तैयार हो गए हैं, आवश्यकता पड़ने पर कितने दिनों में और कितने बेड बनाए जा सकते हैं, भारत भर में कितने वेंटिलेटर हैं, भारत ने और वेंटिलेटर हासिल करने के लिए क्या किया है, यही नहीं आपने टीवी में देखा होगा, कोरोना वायरस के मरीज़ के करीब जाने वाले हेल्थ वर्कर चांदी रंग के सूट पहने होते हैं। क्या आप जानते हैं कि ऐसे सूट भारत में कितने उपलब्ध हैं, दिल्ली में कितने हैं और बंगाल से लेकर बिहार में कितने हैं?


भारत की राज्य सरकारें आम जन को आर्थिक मोर्चे पर मदद के लिए कई अच्छी घोषणाएं कर चुकी हैं लेकिन स्वास्थ्य के मोर्चे पर जो आंकड़े दिए जा रहे वो बहुत आश्वस्त करने वाले नहीं हैं। यूपी की आबादी 20 करोड़ हैं, वहां पर 2000 से कम बिस्तर क्यों तैयार हैं? दिल्ली में कितने वेंटिलेटर हैं, प्राइवेट और सरकारी, इन सभी का डेटाबैंक क्यों नहीं तैयार है, आस पास के ज़िलों से कितने वेंटिलेटर का इंतज़ाम हो सकता है, ज़िलों में क्यों नहीं पर्याप्त है? ज़िलों के वेंटिलेटर की हालत क्या है? इस वक्त ये सभी सवाल ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं।


भारत में अभी तक बहुत कम सैंपल टेस्ट हो रहे हैं। इससे अंदाज़ा मिलता है कि भारत के पास टेस्ट किट कम हैं और 30 जनवरी को पहला केस आने के बाद भी अभी भी भारत हर दिन 3000 सैंपल भी टेस्ट करने की स्थिति में नहीं है। जब मैं यह बात कहता हूं तो कुछ लोगों का सवाल आता है कि दक्षिण कोरिया की आबादी देखिए। इसका संबंध आबादी से नहीं है। दक्षिण कोरिया ने 7 फरवरी से ही टेस्ट किट बनाने शुरू कर दिए थे। इसके लिए प्राइवेट कंपनियों के साथ बैठकें शुरू हो गई थीं। यही कारण है कि दक्षिण कोरिया एक दिन में 20,000 सैंपल टेस्ट कर रहा है।


सभी मानते हैं कि इसका एक ही उपाय है। टेस्ट करो। पता करो कौन संक्रमित है और उसे अलग करो। घर में बंद रहने की जागरूकता लोगों तक पहुंच चुकी है। और पहुंचाने की ज़रूरत है। बार बार पहुंचाने की ज़रूरत है। अब हमें जानने की ज़रूरत यह है कि हमारी मेडिकल तैयारी कितनी है? क्या आप जानते हैं? क्या आप नहीं जानना चाहेंगे? आप यह सवाल पूछें। कितने वेंटिलेटर हैं, कितने बिस्तर हैं, और कितने टेस्ट किट हैं?


याद रखिएगा, हम सभी ज़िंदगी और मौत की एक नाव पर सवार हैं।
(लेखक मशहूर पत्रकार व न्यूज़ एंकर हैं, आर्टिकल उनके फेसबुक पेज से लिया गया है)


सफलताः विकृत जननांग की सर्जरी

ऋषिकेश। उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मंगलवार को हरिद्वार जनपद की निवासी एक 23 वर्षीया अविवाहित युवती के विकृत जननांग की नर्व स्पेयरिंग रिडक्शन क्लिटोरोप्लास्टी सर्जरी कर उसे पूर्ण स्त्रीत्व प्रदान किया गया। इसके साथ ही एक्स ऋषिकेश जननांग की विकृति का इलाज करने वाला उत्तर भारत का पहला संस्थान बन गया है। बताया गया है कि युवती को जननांग में जन्म से ही क्लिटोरल हाइपरट्रॉफी की शारीरिक विकृति थी। इसे एम्स ऋषिकेश के लिए मेडिकल साइंस के क्षेत्र में नई बुलंदी माना जा रहा है। इसके साथ ही यहां लाइफ ट्रांसफॉर्मिंग फीमेल कॉस्मेटिक जननांग सर्जरी की सुविधा शुरू हो गई है और एम्स ऋषिकेश देश का एकमात्र ऐसा चिकित्सा संस्थान बन गया है, जिसमें यह विशेष विभाग स्थापित किया गया है। उल्लेखनीय है कि एम्स ऋषिकेश पूरी दुनिया में पहला संस्थान है, जिसने रिकंस्ट्रक्टिव और कॉस्मेटिक-प्लास्टिक गायनोकोलॉजी विभाग की शुरुआत कर कॉस्मेटिक गायनोकोलॉजी में तीन साल का पोस्ट-डॉक्टोरल एमसीएच कोर्स शुरू किया है।


लोग घरों में कैद, सब कुछ ठहरा

संगमनगरी में जनता का लॉक डाउन, लोग घरों में कैद, सबकुछ ठहरा


प्रयागराज। कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते प्रयागराज शहर में जनता कर्फ्यू में रविवार को सबकुछ ठहर गया। न मंदिरों में घंटे बजे न मंस्जिदों में अजान हुई। गुरुद्वारे हों या आर्य समाज के मंदिर या फिर गिरजाघर, हर उपासना स्थलों पर पूजा आरती व सत्संग स्थगित रहा।
न कहीं दूध, न सब्जियां। कोरोना वायरस से सजगता और मानवता की रक्षा के लिए प्रधानमंत्री के आह्वान पर रविवार को जनता कर्फ्यू के तहत घर से बाजार तक सबकुछ स्वेच्छया बंद रहा। सड़कों पर था तो सिर्फ सन्नाटा
इक्का-दुक्का लोग साइकिल या बाइक से निकले भी तो ड्यूटी के लिए। इस दौरान लोग कोरोना वायरस से बचने के लिए एक-दूसरे से दूरी बनाए रखने और मास्क लगाने के साथ सैनिटाइजर से हाथ धोने व घरों से न निकलने का संदेश अपनों तक पहुंचाते रहे।


रंजीत कुमार सोनकर


बागपत में सफल रहा 'जनता कर्फ्यू'

गोपीचंद सैनी


बागपत। जनपद के नगरीय क्षेत्रों में जनता कर्फ्यू पूरी तरह से लागू रहा, जनता ने  समर्थन करते हुए बाजार पूरी तरह से बंद रखें। सड़कों और गली महोल्लो में लोगों ने आपसी सामाजिक एकता का परिचय देते हुये थाली चिमटे, घण्टी व घण्टे और शंख बजाये गये। वायरस से संघर्ष में पीएम मोदी के आवाहन पर जिले के सभी नागरिकों वह ग्रामीणों ने जनता कर्फ्यू का पूर्ण समर्थन किया।


शातिर चोरों का गैंग गिरफ्तार, बरामदगी

अतुल त्यागी जिला प्रभारी
रिंकू सैनी रिपोर्टर हापुड़
मुकेश सैनी रिपोर्टर देहात
पुलिस द्वारा गोदाम की दीवार काटने वालों को किया गिरफ्तार


हापुड़। थाना धौलाना क्षेत्रान्तर्गत  दिनांक 16,17 की मध्य रात्रि में  अज्ञात चोरों द्वारा प्रोविजनल स्टोर के गोदाम की दीवार काटकर की गई चोरी की घटना का क्राईमडिटेक्शन टीम थाना धौलाना द्वारा खुलाश किया।  चोरी को अंजाम देने वाले 4 शातिर चोर  पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गये। जिनके  निशानदेही  पर  दुकान/ गोदाम से चोरी किये हुए 80 हजार 500 रुपये सहित शत प्रतिशत माल शैम्पू, तेल, क्रीम, इन्वर्टर- बैटरा आदि व एक कार एंव अबैध तमंचा कारतूस व नाजायज छुरी  बरामद की  पुलिस द्वारा सफल अनावरण किया गया। थानाध्यक्ष रवि रत्न ने बताया की  16,17 की मध्यरात्रि को कस्बा धौलाना में एनटीपीसी रोड पर स्थित प्रोविजन स्टोर के गोदाम की दीवार काटकर चोरी करने वाले चार चोर माहिर पुत्र तरीकत,शोएब पुत्र असलम, समद उर्फ पालू उर्फ फिरोज पुत्र शाहिद,तरीकत  पुत्र आस मौहम्मद  समस्त निवासी ग्राम निडोरी थाना मसूरी गाजियाबाद को मुखबिर की सूचना पर आज रात्रि में गिरफ्तार किया है। जिनके कब्जे से चोरी किए गए ₹80500 नगद एक इनवर्टर एक बैटरी वह घरेलू उपयोग में होने वाले सामान व घटना में प्रयुक्त गाड़ी स्कॉर्पियो सहित गिरफ्तार किया। थाना धौलाना  पर पूर्व में पंजीकृत विभिन्न धाराओं में मुकदमे को आज सफलतापूर्वक हल किया गया। गिरफ्तार करने वाली टीम में उप निरीक्षक राजीव कुमार, राजीव सिंह, प्रशांत कुमार,आफताब अली, सचिन त्यागी, हरेंद्र कुमार,आदेश कुमार, विजय कांत शर्मा,रहे चारों को भी तो को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया।


कोरोनाः शक़ में नस काटकर आत्महत्या

 ब्रेकिंग न्यूज़
अतुल त्यागी जिला प्रभारी
कोरोना के शक में युवक ने गले की नस काटकर की आत्महत्या  



हापुड। जनपद हापुड़ के थाना पिलखुवा के युवक सुशील कुमार पुत्र भूरी, उम्र 30 वर्ष ने कोरोना के शक में अपने गले को काटकर आत्महत्या कर ली सुशील पुत्र भूरी निवासी- मोहन नगर निकट चंडीमंदिर पिलखुवा जनपद हापुड़ का रहनेवाला था। आत्महत्या किए जाने की सूचना पर प्रशासन/पुलिस के अधिकारी चिकित्सक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मृतक सुशील कुमार के शव के पास एक नोट मिला है जिसमें लिखा गया की कोरोना के डर से कि कहीं उसके बच्चे भी कोरोना से पीड़ित न हो जाए, इसलिए वह ऐसा कदम उठा रहा है। मृतक के संबंध में जानकारी प्राप्त करने पर स्पष्ट हुआ कि मृतक की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं थी और न ही मृतक के परिवार में पूर्व में कोई कोरोना संक्रमित व्यक्ति था। मृतक का संपर्क भी किसी कोरोना पीड़ित व्यक्ति से होना नहीं पाया गया और न ही मृतक का कोई सैंपल कोरोना जांच के लिए पूर्व में भेजा गया है। मृतक को आइसोलेशन में भी नहीं रखा गया है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया गया है और कोरोना पीड़ित होने की पुष्टि के संबंध में सैंपल जांच हेतु लखनऊ भेजा जा रहा है। सैंपल रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत ही स्पष्ट होगा कि मृतक कोरोना से संक्रमित था। 


लॉक डाउन 'संपादकीय'

'लॉकडाउन'    'संपादकीय'
नीति में साइरस और चाइनीज वायरस पूरी दुनिया पर संकट उत्पन्न करने का कार्य कर रहे हैं। कोरोना वायरस कोविड-19 विश्व के 168 देशों में प्रति व्यक्ति को संकट में डाल दिया है। 3 लाख से अधिक लोगों का संक्रमण मृत्यु के द्वार पर कहां तक चलेगा? इसका संभवत: किसी को कोई भी अनुमान नहीं है। समस्या की विकरालता से जनमानस हतप्रभ है। 'डब्ल्यूएचओ' ने सर्कुलर जारी कर कहा, युवा वर्ग सतर्कता बरतें। युवा वर्ग को विषय को गंभीरता से लेने की जरूरत है। व्यवस्था परिवर्तन की नीतियां भी इसका एक कारण हो सकता है। ज्यादातर राष्ट्र डिजिटल पर निर्धारित प्रति व्यक्ति कनेक्टिविटी पर आगे बढ़ रहे हैं। लेकिन देश में व्यवस्था प्रतिस्थापित करने का कार्य अभी पूर्ण नहीं हुआ है। जिसके कारण अनावश्यक संपर्क साधना एक विवशता है। 'संयुक्त राष्ट्र अमेरिका' इसी नीति के तहत अपनी संप्रभुता स्थापित करने का कार्य कर रहा है। अमेरिका एक विकसित राष्ट्र है। भारतीय व्यवस्था बदलते हुए दौर से गुजर रही है। ऐसी अवस्था में वायरस से बचाव हम सभी का नैतिक और मौलिक कर्तव्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनहित में निर्णय लिए हैं। लेकिन प्रशासन कालाबाजारी की लूट पर नियंत्रण नहीं पा रहा है।
 राजस्थान, पंजाब और उत्तराखंड के 70 जनपदों में लॉकडाउन किया गया है। इसलिए अपने आप को सुरक्षित रखिए, आप संक्रमण को रोकने में सहयोग करेंगे। साधारण जीवन शैली इसमें आपकी सहायता करेगी। आप अपने घरों में अधिक समय बिताएं। कुछ ही समय के पश्चात, वायरस बढते तापमान में शून्य विलीन हो जाएगा।



राधेश्याम  'निर्भय पुत्र'


सबका धन्यवाद, परिंदों ने भी दिया साथ

सरवन कुमार सिंह/ बिनोद गुप्ता/ संजय की रिपोर्ट


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर रविवार यानी कल जनता कर्फ्यू है इसलिए लोग कृपया घरों में रहें। योगी ने कहा, ” जनता कर्फ़्यू का आह्वान है, कृपया घरों में रहें, संदिग्ध घर में क़ैद रहें, मेट्रो, रोडवेज बसें, सिटी बसें बंद रहेंगी।”


श्रमिकों के लिए योगी ने मदद की घोषणा की है जिसके तहत 20 लाख 37 हज़ार लोगों को एक एक हजार रूपए दिये जाएंगे। उन्होंने कहा कि ठेला, खोमचे वाले 15 लाख लोगों को भी सरकार एक-एक हजार रूपए देगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में मज़दूरों, ग़रीबों के लिए तत्काल खाद्यान्न मुहैया कराया जाए।


योगी ने कहा कि जो भी परिवार किन्ही वजहों से सूची में छूटे हैं, जिलाधिकारी उनको तत्काल एक-एक हज़ार रुपए दिलाएंगे। उन्होंने अपील की, ” घबराएँ मत, व्यापारी जमाख़ोरी ना करें। हमारे पास पर्याप्त खाद्यान्न हैं। भीड़ भाड ना करें, संक्रमण ना होने दें। दुकानों में लाइन ना लगाएँ। जो ज़रूरी हो वहीं लेने जाएं किसी भी चीज़ की क़िल्लत नहीं होने देंगे, अनावश्यक जमा करने की प्रवृत्ति से बचिए। ”


 दुनिया भर में भय का पर्याय बन चुके कोरोना वायरस से बचाव के लिए  देश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के तमाम बड़े व छोटे मंदिरों को बंद कर दिया गया है। UP में संकटमोचन मंदिर में जहां लोग बंद मंदिर के मुख्य द्वार पर ही माला-फूल चढ़ा रहे हैं वहीं काशी विश्वनाथ मंदिर भी आम श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया है।
वाराणसी स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंग में से एक बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर को कोरोना से बचाव के मद्देनजर 21 मार्च से 24 मार्च तक श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया। इस दौरान पुजारियों की नियमित पूजा-अर्चना पर रोक लागू नहीं होगी। पुजारी मंदिर में प्रवेश कर दैनिक पूजा-अर्चना करते रहेंगे। DM कौशल राज शर्मा ने यह आदेश दिया है। इस दौरान मंदिर के पुजारियों के अलावा आम दर्शनार्थियों को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
काशी के कोतवाल कहे जाने वाले बाबा काल भैरव का मंदिर भी अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। मंदिर के महंत परिवार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार पूजा-अर्चना होती रहेगी। श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगाई गई है।
कोरोना के प्रकोप के कारण वाराणसी का प्रसिद्ध संकटमोचन मंदिर भी शनिवार की सुबह से आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। मंदिर बंद होने के बाद भी काफी संख्या में लोग पहुंचे और मुख्य गेट पर ही माला फूल चढ़ाने के साथ भगवान हनुमान को नमन किया। कुछ लोगों ने गेट के बाहर सड़क पर ही हनुमान चालीसा व अन्य पाठ किया। बता दें कि संकट मोचन मंदिर में हर शनिवार व मंगलवार को भारी भीड़ उमड़ती है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के मद्देनजर ही शुक्रवार शाम मंदिर के महंत प्रो. विश्वम्भरनाथ मिश्र ने मंदिर के कपाट आम लोगों के लिए बंद करने का फैसला लिया।


शहर के दक्षिणी भाग में स्थित संकटमोचन मंदिर वाराणसी ही नहीं देश विदेश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का बड़ा केंद्र है। PM  ने भी जब वाराणसी से चुनाव लड़ने का फैसला किया था  तो सबसे पहले यहीं आकर आशीर्वाद लिया था।  मंदिर को 25 मार्च तक के लिए बंद कर दिया गया है।


गंगा आरती में आम श्रद्धालुओं का प्रवेश 31 मार्च तक के लिए प्रतिबंधित
बता दें कि वाराणसी में होने वाली गंगा आरती में आम लोगों की प्नवेश पर पहले ही रोक लगा दिया गया है। यह निर्णय जिला प्रशासन और गंगा सेवा निधि ने कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए लिया है। गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने कहा- दशाश्वमेध घाट पर होने वाली मां गंगा की दैनिक आरती का स्वरूप 31 मार्च तक के लिए सांकेतिक किया गया है।


चित्रकूटः मंदिरों पर लगा ताला
कोरोनावायरस का असर चित्रकूट में भी देखने को मिल रहा है। यहां 31 मार्च तक कामदगिरि परिक्रमा और कामतानाथ के दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। मझगवां SDM हेमकरण धुर्वे ने बताया कि राम घाट स्थित मंदिर महाराजाधिराज मतगजेंद्र नाथ शिव मंदिर में भी आज ताला लगा दिया गया। सुबह पूजन और शाम को आरती व भगवान का भोग सेवायतों द्वारा संपन्न होगा।

इसके अलावा गोरखपुर के गोरखनाथ पीठ को भी श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया है। गोरखनाथ पीठ श्रद्धालुओं के लिए 31 मार्च तक बंद रहेगा।  इस दौरान गोरखनाथ पीठ में नियमित भोग और आरती आम दिनों की तरह होती रहेगी। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ही इस मठ के महंत हैं।


ज्ञात है कि कोरोना वायरस के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार, 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रदेश धार्मिक आयोजनों पर भी रोक लगाते हुए लोगों से अपने घर पर रहकर ही पूजा करने की अपील की है। मां वैष्णो देवी और मां कामाख्या के मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बंद किए जा चुके हैं। इस बीच अब उत्तर प्रदेश के भी प्रमुख मठ-मंदिरों में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लग गई है।


सांसद ने बजाई थाली, बढ़ाया हौसला

राणा ओबराय

चण्डीगढ़ में थाली बजाकर लोगो ने डयूटी करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों का बढ़ाया हौंसला, करनाल सांसद ने भी पानीपत निवास पर बजाई थाली
चण्डीगढ़। वैसे तो पूरे देश ने प्रधानमंत्री की बात पर निश्चित समय पर थालियां बज कर एकता की मिसाल दी है। क्योंकि कोरोना को हराने के लिए डयूटी कर रहे कर्मचारियों और अधिकारियों का हौंसला बढ़ाने के लिए इससे अच्छा कोई कार्य नही हो सकता है। चण्डीगढ़ में जागरूक जनता ने विभिन्न क्षेत्रों में 5 बजे घण्टियाँ बजा कर कोरोना से युद्ध करने वालों का हौंसला बढ़ाने में कोई कमी नही छोड़ी है।


प्रशासन की कवायद, धरने पर महिलाएं

प्रशासन की सारी कवायद फेल,मंसूर अली पार्क में महिलाएँ धरने पर डटी रहीं


बृजेश केसरवानी


प्रयागराज। कोरोना वॉयरस और जनता कर्फ्यू का हवाला दे कर मंसूर अली पार्क में सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ चल रहे धरना समाप्त कराने की, प्रशासन की कवायद कई दौर की वार्ता के बाद भी फेल हो गई। शनिवार को दिन के दो बजे से रात एक बजे तक सारा पुलिस का अमला धरना समाप्त कराने को मंसूर पार्क के आस-पास डटा रहा। प्रशासन को सफलता मिलती दिख रही थी।आलाधिकार धरने की अगुवाई करने वाले लोगों को मनाने में कामयाब हो गई।सायरा अहमद,उमर खालिद,फराज़ उसमानी और ज़ीशान रहमानी को मोहर्रम कमेटी के इसरार नेयाज़ी,जावेद पम्प की मध्यस्ता से प्रशासन ने धरना समाप्त कराने को राज़ी कर लिया।उन लोगों ने बाक़ायदा धरना समाप्त करने का एलान कर दिया।लेकिन धरने मे शामिल महिलाओं ने धरने को किसी क़िमत पर स्थगित न करने की ज़िद ठान ली।धरना समाप्त करने की सुगबुगाहट और प्रशासनिक अमले के बढ़ते दबाव को देखते आस पास के मोहल्लों से हज़ारों लोग सड़को पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरु हो गया।इस बीच प्रशासन ने सूझ बूझ का परिचय देते रात एक बजे रौशन बाग़ से वापसी कर ली।पुलिस के वापसी पर लोगों ने जहाँ जोश के साथ हिन्दुस्तान ज़िन्दाबाद का नारा बचलन्द किया वही पुलिस प्रशासन ज़िन्दाबाद के नारे भी लगने लगे।जमा भीड़ पुलिस के बैक फुट होने पर पीछे पीछे खुलदाबाद तिराहे तक पुलिस प्रशासन की गाड़ियों को वापिस भेज कर ही लौटी।उधर धरने की अगुवाई करने वालों के जाने के बाद संचालन की ज़िम्मेदारी नेहा यादव ने सम्भाल ली।प्राताः ४बजे सायरा आहमद के मंसूर पार्क में प्रवेश करने पर लोगों ने यह कह कर उनको अन्दर जाने से रोक दिया की अब आप का कोई काम नहीं अब आप वापिस जाईये।दिन में अब्दुल्ला तेहामी,फराज़ उसमानी के मंसूर पार्क में प्रवेश करने पर लोग विरोध करने लगे और हाँथा पाई की नौबत आ गई।लोगों ने समझा बुझा कर दोनो पक्ष को अलग किया।वहीं दिन भर महिलाएँ धरना स्थल पर मौजूद रहीं लेकिन किसी प्रकार का भाषण या नारे बाज़ी नहीं हुई।धरने को संचालित करने को एक नई कमेटी का गठन कर दिया गया है जिसमे ७ महिलाएँ और ४ युवाओं की टीम बनाई गई है।सै०मो०अस्करी ने बताया की धरने में महिलाओं के खाने पीने की व्यवस्था देख रहे शुऐब अन्सारी ने टीम में कौन कौन शामिल है इसका अभी खुलासा नहीं किया गया है।वहीं धरना स्थल पर जहाँ महिलाएँ पार्क के अन्दर मौजूद रहीं वही राजनितिक दलों के साथ सामाजिक संगठनों के लोग सड़कों पर डटे रहे।शुऐब अन्सारी,इरशाद उल्ला,सै०मो०अस्करी,पार्षद अक़िलुर्रहमान,पार्षद मो०आज़म,पार्षद रमीज़ अहसन,अफसर महमूद,इफ्तेखार अहमद मंदर आदि मौजूद रहे। संक्रमण को देखते हुए मंसूर अली पार्क के मेन गेट को बन्द कर पुरुषों के प्रवेश पर लगाई गई रोक।


मंसूर अली पार्क में नई कमेटी के लोगों ने मेन गेट पर बाँस बल्ली लगा कर उसे पुरुषों के प्रवेष के लिए बन्द कर दिया।दिन भर महिलाएँ पार्क के अन्दर डटी रहीं और गप शप चलती रही।कोई नारा न लगा न ही भाषण बाज़ी हुई।पार्क के बाहर पुरुष कोरोना वॉयरस और रात की घटना को ले कर चर्चा करते रहे।बीच बीच मे लोगों को आगाह किया जाता रहा की कोई भी ऐसा कार्य न करे जिस से हमारा सीएए एनआरसी और एनपीआर को लेकर चल रहा आन्दोलन कमज़ोर हो।सै०मो०अस्करी ने बताया की युवाओं ने कोरोना वॉयरस से बचाव के लिए  पार्क के तीन साईड के मेन रासतों को बल्लियों और रस्सियों से बैरिकेड कर पुरी तरहा से बन्द कर दिया ताकि भारी संख्या को रोका जा सके और संक्रमण भी न फैले।शनिवार की देर रात को ही युवा बल्लियाँ लगाने मे लग गए थे धीरे धीरे सभी मेन रास्तों को आवाजाही के लिए बन्द कर दिया गया।


आईएमपीसीएल ने किया इलाज का दावा

रानीखेत। भारत में भी कोरोनावायरस की दस्तक से मचे हड़कंप के बीच जहां जहां पूरा विश्व कोरोना वायरस से बचने का इलाज ढूंढ रहा है, वहीं उत्तराखंड के नैनीताल जनपद के रामनगर से सटे अल्मोड़ा जिले के मोहान स्थित इंडियन मेडिसिन फार्मा सिटी कल कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी आईएमपीसीएल में कई वर्षों से बन रही तीन दवाओं से कोरोना वायरस का शुरुआत में ही उपचार किये जाने का दावा किया गया है। दावे के अनुसार आईएमपीसीएल में बनने वाली यूनानी दवा ‘त्रियाके नजला’, ‘शर्बते उन्नाब’ और ‘हब्बे बुखार’ के इस्तेमाल से कोरोनावायरस शुरुआती दौर में ही मर जाता है। मध्य प्रदेश सरकार ने आईएमपीसीएल कंपनी से इन दवाओं के लिए बकायदा 35.50 लाख रुपये से अधिक की राशि में तीनों दवाइयों की खेप मांगी है। मध्य प्रदेश सरकार के इस ऑर्डर को इन दवाओं से कोरोना वायरस का उपचार हो पाने की करिश्माई क्षमता से ही जोड़कर देखा जा रहा है।
आईएमपीसीएल के मुख्य प्रबंधक मनजीत सिन्हा ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार से उन्हें एक पत्र मिला है, जिसमें मध्य प्रदेश सरकार ने उनसे यूनानी दवा ‘त्रियाके नजला’, ‘शर्बते उन्नाब’ और ‘हब्बे बुखार’ मांगी हैं। इन तीनों दवाइयों को आईएमपीसीएल वर्षों से बना रहा है। उनका दावा है कि यह तीनों दवाएं कोरोना वायरस की रोकथाम में बेहद कारगर साबित हो सकती है। मध्य प्रदेश के संचालनालय आयुष की सहायक संचालक डॉ. वंदना बोराना के पत्र के अनुसार इन दवाइयों की मध्य प्रदेश के 28 जिलों की सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों आदि में आपूर्ति की जाएगी तथा कारोना के संदिग्ध पीड़ित व्यक्तियों को यह दवा दी जाएगी। वहीं आईएमपीसीएल फैक्टरी के जनरल मैनेजर पनी राम आर्य ने बताया कि उनके यहां दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं यदि अन्य सरकारें भी उनसे इन दवाइयों की मांग करती हैं तो वह देने को तैयार हैं।


चिकित्सकों ने निष्ठा से निभाया कर्म

नैनीताल। देश की जनता जब रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘जनता कर्फ्यू’ के आह्वान पर कोरोना की वैश्विक महामारी से बचने के लिए अपने घर पर है, वहीं धरती पर ईश्वर का दूसरा नाम कहे जाने वाले चिकित्सक एवं चिकित्सा कर्मी देश भर के चिकित्सालयों में मानवता के सबसे बड़े दुश्मन बन चुके कोरोना को हराने के लिए जी-जान से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जनता प्रधानमंत्री के आह्वान पर शाम को पांच बजे पांच मिनट के लिए ताली-ताली एवं घंटे-घड़ियाल बजाकर इस कठिन समय में भी कार्य कर रहे चिकित्साकर्मियों एवं अन्य के आभार ज्ञापन करेगी, किंतु इससे पहले ही विश्व प्रसिद्ध सरोवरनगरी नैनीताल के चिकित्सकों व चिकित्सा कर्मियों ने देश भर के चिकित्सकों की ओर से नैनीताल ही नहीं देश भर के लोगों को अपने खास अंदाज में शुक्रिया कहा है। 
बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में वरिष्ठ फिजीशिन एवं चिकित्सालय के कोरोना के नोडल अधिकारी डा. महिमन सिंह दुग्ताल ने ऋतु, श्यामा, विवेक आदि चिकित्सा कर्मियों के साथ एक पोस्टर जारी किया। जिसमें लिखा था, ‘हम काम पर आपके लिए-आप घर पर हमारे लिये’। ये शब्द आभार ज्ञापन के बड़े शब्द हैं जो चिकित्सा कर्मियों को अपने कार्य पर सजग रहने की तो बड़ी प्रेरणा देते ही हैं, देश के आम जन को भी अहसास कराते हैं कि उन्होंने एक दिन अपने घर पर रहकर देश की सेवा के लिए कितना बड़ा योगदान दिया है जिससे कोरोना की महामारी से लड़ने में बड़ी मदद मिल सकती है, और देशवासियों की सामूहिकता की यह पहल सफल रहती है तो दुनिया भर के लिए भी प्रेरणादायी भी हो सकती है। डा. दुग्ताल ने कहा जनता घर पर रहकर भी चिकित्साकर्मियों की तरह कोरोना का संक्रमण देश में रोकने में बड़ा योगदान दे रही है। प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर जनता 14 घंटें बाहर आवागमन नहीं करती है तो कोरोना का विषाणु स्वतः निष्क्रिय हो सकता है।


मोदी ने सीएम का नाम किया फाइनल

नई दिल्ली। ज्योतिरदित्य सिंधिया गुट के 22 विधायकों को तोड़कर भाजपा कमलनाथ सरकार गिराते हुए खुद सत्ता की दहलीज पर तो पहुंच गई है, लेकिन मुख्यमंत्री को लेकर असमंजस बरकरार है। कोरोना वायरस के नाम पर टाली गई भाजपा विधायक दल की बैठक के पीछे एक अहम कारण केन्द्रीय नेतृत्व का आम सहमति बनाना है। मुख्यमंत्री प की रेस में पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान सबसे आगे बताया जा रहे हैं।
कौन-कौन हैं दावेदार:-वरिष्ठता के आधार पर केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर का नाम शिवराज सिंह चौहान के बाद दूसरे नंबर पर है। तो वहीं, ऑपरेशन लोटस में रणनीतिकार की भूमिका निभाने वाले पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम भी केन्द्रीय संगठन की सूची में शामिल है। सूत्रों का कहना है कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री के चयन में ज्योतिरादित्य सिंधिया का भी अहम रोल होगा।
मोदी ने शिवराज ने नाम पर दी सहमति:-सूत्रों के मुताबिक शिवराज सिंह चौहान, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पसंद बताए जा रहे हैं। नरेन्द्र मोदी चौथी बार शिवराज सिंह चौहान को मध्यप्रदेश की कमान सौंपना चाहते हैं, लेकिन कुछ बड़े नेताओं का तर्क है कि चेहरा बदलना जरूरी है। शिवराज सिंह चौहान अगर मध्यप्रदेश के सीएम बनते हैं तो प्रदेश में पहली बार कोई नेता चौथी बार सीएम पद की शपथ लेगा। शिवराज सिंह चौहान मध्यप्रदेश में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता हैं। शिवराज सिंह चौहान के बाद दूसरे नंबर पर कांग्रेस के दिग्विजय सिंह हैं जो 10 सालों तक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं।
आज हो सकता है निर्णय:-ऐसे में रविवार को केन्द्रीय नेतृत्व इस पर निर्णय ले सकता है कि एक बार फिर से शिवराज सिंह चौहान को मध्यप्रदेश की कमान सौंपी जाए या फिर प्रदेश में चेहरा बदला जाए। उसके बाद ही सोमवार को भोपाल में विधायक दल की बैठक करके उसें मुख्यमंत्री के नाम का एलान किया जा सकता है।
शिवराज सिंह चौहान बन सकते हैं अगले सीएम, कमलनाथ के मंत्री ने कहा- नई सरकार को दूंगा समर्थन
कास्ट फैक्टर पर भी नजर:-मुख्यमंत्री पद के लिए भाजपा जातिगत समीकरण पर भी फोकस कर रही है। शिवराज सिंह चौहान ओबीसी वर्ग से आते हैं जो की प्रदेश की लगभग आधी आबादी है। ऐसे में शिवराज सिंह चौहान की दावेदारी प्रबल हो जाती है। वहीं, नरेन्द्र सिंह तोमर क्षत्रीय वर्ग से आते हैं तो नरोत्तम मिश्रा ब्राम्हण हैं। बीते विधानसभा चुनाव में सामान्य वर्ग की नाराजगी के कारण ही भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था।
निर्दलीय विधायकों का भी मिला साथ:-कमलनाथ के इस्तीफा देते ही वारासिवनी के निर्दलीय विधायक प्रदीप जायसवाल ने कहा कि मैं नई सरकार का समर्थन करूंगा। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा- मैंने कहा था कि जब तक कमलनाथ हैं, मैं उनके साथ हूं। लेकिन मेरी जिम्मेदारी मेरे विधानसभा क्षेत्र के लिए भी है। मुझे अपने क्षेत्र के विकास और कर्मचारियों के सम्मान का ख्याल रखना है। यह बिना नेतृत्व के संभव नहीं होगा। इसलिए नई सरकार के साथ खड़े होने के अलावा मेरे पास कोई और विकल्प नहीं है। मैंने भाजपा नेतृत्व को भी यह बता दिया है। वहीं, भाजपा नेता अरविंद भदौरिया ने कहा कि बसपा, सपा और निर्दलीय विधायक भी हमारे साथ हैं।


'जनता कर्फ्यू' की सफलता पर आभार

राणा ओबरॉय


हरियाणा में जनता कर्फ्यू की सफलता के लिए मुख्यमंत्री खटटर ने जनता का जताया आभार

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने ट्वीट करके लोगो का धन्यवाद करते हुए कहा है कि हरियाणा में जनता कर्फ्यू की सफलता के लिए जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है। उन्होंने ट्वीट के माध्यम से कहा है कि संयम के साथ नागरिकों के इस समर्थन के लिए वे सह्रदय से आभार व्यक्त करते हैं। 
मुख्यमंत्री ने ट्वीट पर अपील करते हुए कहा कि "हर नागरिक से मेरी अपील है कि अपने घरों में रहें और लोगों को भी सजग रहने के लिए प्रेरित करें" 
उन्होंने जनता से कहा कि कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई में सरकार आपके साथ है और ये लडाई अभी ख़त्म नहीं हुईं है और लोगों से अनुरोध है कि ज्यादा से ज्यादा समय घर पर बिताए।


दो आतंकी गिरफ्तार, एके-47 बरामद

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के शोपियां में पुलिस ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मददगार दो युवाओं को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह युवक अन्य लोगों को आतंकी (Terrorists) बनने के लिए उकसा रहे थे। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर दोनों को गिरफ्तार किया है। इन युवकों के पास से एके -47 भी बरामद की गई है।


बता दें, पुलिस को सूचना मिली थी कि चोटीपोरा का इरफान अहमद कुट्टे इमाम साहिब तथा आस-पास के युवाओं को आतंकी संगठन में शामिल कराने के लिए उकसा रहा है। उसने अलूरा के आदिल बशीर लोन को संगठन में शामिल कराने के लिए तैयार कर लिया है। सूचना के आधार पर बशीर और आदिल दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। उधर, दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों ने हमला कर एक युवक को घायल कर दिया। तुरीगाम इलाके में शनिवार देर शाम आतंकियों ने घर के बाहर वसीम अहमद पर हमला कर फायरिंग की। युवक को गोली लगने के बाद आतंकी वहां से भाग गए।


ढाई महीने से पत्नी और पुत्री गायब

अलवर। अजीबोगरीब मामला राजस्थान के अलवर जिले से प्रकाश में आया है जहां सतीश कुमार की पत्नी वैशाली धूल 28, वर्ष व बेटी रवनीत 4, वर्ष  3/1/2020 से अलवर से लापता है जिसकी MPR, ( गुमसुदगी) 0001/2020 थाना सदर अलवर राजस्थान में दर्ज है। लगभग डाई महीने हो गये है मेरे व अलवर, पुलिस के प्रयास के बावजूद कोई सुराग नही लग पाया। पूरी तरह से हताश निराश होने के बाद में सतीश कुमार हिन्दुस्तान की मीडिया व भारत की जनता से अपील करता हूं कि मेरी पत्नी व मेरी बेटी को ढूढ़ने में मेरी मदद करे। मेरी पत्नी व बेटी की जानकारी देने वाले को 40,000/ हजार रुपये का नगद ईनाम देने की घोषणा की है जानकारी देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा कृप्या आप मेरी मदद करे। 
आपके सहयोग से मेरी पत्नी व मेरी बेटी मुझे मिल सकते हैं 
जिसके लिए में सदेव आप का आभारी रहूंगा।


'शंख' की आवाज से वायरस खत्म

नई दिल्ली। महाराष्ट्र भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रवक्ता शाइना एनसी ने रविवार को जनता कर्फ्यू के दौरान ताली-थाली बजाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान की सराहना की है। उन्होंने कहा कि पुराणों के हिसाब से घंटी और शंख की आवाज से बैक्टीरिया, वायरस आदि मर जाते है।


शाइना एनसी ने ट्वीट कर कहा कि हमारे नेता नरेंद्र मोदी बिल्कुल अलग हैं, वह प्रशंसा के हकदार हैं। उन्होंने आगे लिखा कि पुराणों के हिसाब से घंटी और शंख की आवाज से बैक्टीरिया, वायरस आदि मर जाते हैं। इसलिए पूजा के समय हमलोग घंटी और शंख बजाते हैं। उन्होंने कहा कि 120 करोड़ लोगों के घंटी, शंख, ताली, बर्तन बजाने के पीछे कितनी बड़ी सोच है मोदी जी की। हालांकि ट्विटर पर शाइना एनसी के बयान का मजाक भी बनाया जा रहा है।


168 देश, 2 लाख 75 हजार संक्रमित

नई दिल्ली। कोरोना वायरस की चपेट में दुनिया के 168 देश हैं और अब तक इससे संक्रमित लोगों की संख्या दो लाख 75 हज़ार से भी ज़्यादा हो चुकी है। दुनियाभर में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 11 हज़ार के पार है। जिस तेज़ी से मामले बढ़ रहे हैं, विशेषज्ञों का मानना है कि भारत कोरोना वायरस का अगला सबसे बड़ा शिकार हो सकता है।


भारत में अब तक कोरोना वायरस से संक्रमण के 282 मामले सामने आ चुके हैं और अब तक चार मौतें हो चुकी हैं। पहली मौत कर्नाटक, दूसरी दिल्ली, तीसरी महाराष्ट्र और चौथी पंजाब में हुई। सेंटर फॉर डिज़ीज डायनेमिक्स के निदेशक डॉ. रामानन लक्ष्मीनारायण ने चेताया है कि भारत को कोरोना वारयस की ‘सुनामी’ के लिए तैयार रहना चाहिए। उनका मानना है कि इस बात में कोई संदेह नहीं है कि भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले और तेज़ी से बढ़ेंगे। साथ ही ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं कि बाकी दुनिया के मुकाबले भारत में इसका असर कम हो सकता है।


हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने की भारत सरकार की कोशिशों की तारीफ़ की है। डब्लूएचओ के प्रतिनिधि हैंक बेकेडम ने कहा, “इस मामले में भारत सरकार और प्रधानमंत्री कार्यालय की प्रतिक्रिया शानदार रही है और मैं इससे काफी प्रभावित हूं। यही वजह है कि भारत अभी दूसरे देशों के मुकाबले बेहतर स्थिति में है।”


बढ़ सकती है मरीजों की संख्या?
डॉक्टर रामानन लक्ष्मीनारायण ने कहा, “हो सकता है हम बाकी देशों की तुलना में थोड़ा पीछे चल रहे हों, लेकिन स्पेन और चीन में जैसे हालात रहे हैं, जितनी बड़ी संख्या में वहां लोग संक्रमण की चपेट में आए हैं, वैसे ही हालात यहां बनेंगे और कुछ हफ़्तों में हमें कोरोना की सुनामी के लिए तैयार रहना चाहिए।”


कोरोना वायरस संक्रमण के मामले भारत में फिलहाल काफ़ी कम हैं. जिस वक़्त दुनिया के ज़्यादातर देश बुरी तरह कोरोना की चपेट में है, भारत में इसके मामले कम क्यों सामने आए हैं? इस सवाल के जवाब में डॉक्टर रामानन लक्ष्मीनारायण ने कहा कि अगर हम ज़्यादा लोगों का टेस्ट करते तो संभव है कि और अधिक मामले अब तक सामने आ चुके होते लेकिन भारत ही नहीं सारी दुनिया में कोरोना टेस्ट बहुत कम ही हो रहा है।


उन्होंने कहा, “मुझे लगता है आने वाले दो से तीन दिनों में जब ज़्यादा लोगों के टेस्ट होंगे तो मरीजों की संख्या भी बढ़ेगी। ये संख्या हज़ार के पार भी जा सकती है इसलिए हमें तैयार रहना चाहिए। भारत में ऐसे संक्रमण का फैलना बेहद आसान है और इसकी वजह यहां का जनसंख्या घनत्व है, जैसा कि चीन के साथ हुआ है।”उन्होंने आशंका जताई है कि कोरोना वायरस का कम्युनिटी ट्रांसमिशन अब तेज़ी से बढ़ रहा है और हर एक पॉजिटिव केस दो नए केस बढ़ा रहा।


पंजाब-राजस्थान में 31 तक लॉक डाउन

नई दिल्ली। कोरोना का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। जनता कर्फ्यू से एक दिन पहले भारत में कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों की संख्या 315 पहुंच गई। पिछले 24 घंटे में 90 नए मामले सामने आए हैं. भारत में ये एक दिन के अंदर सबसे बड़ी बढ़त है। तमाम राज्य एहतियात कर रहे है, राजस्थान के बाद जनता कर्फ्यू के बीच पंजाब के सीएम ने भी राज्य को लॉकडाउन करने का आदेश जारी कर दिया है।


रविवार को अमरिंदर सरकार ने पंजाब को 31 मार्च तक लॉकडाउन कर दिया है। इससे पहले शनिवार रात को राजस्थान का लॉकडाउन कर दिया गया था। पंजाब देश का दूसरा राज्य है, जिसे लॉकडाउन किया गया है। पंजाब में कोरोना संक्रमण के केस तेजी से बढ़ रहे थे। राज्य में शनिवार को संक्रमण के 11 नए मामले सामने आए थे। इन्हें मिलाकर संक्रमित केस की संख्या 14 पहुंच गई है। वहीं, पिछले दिनों नवांशहर के गांव पठलावा में करोनावायरस के कारण एक बुजुर्ग मौत का शिकार हो गया था।


मिलेंगे जरूरत के सामानः सीएम अमरिंदर


पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि कोरोना वायरस को देखते हुए राज्य में 31 मार्च तक के लिए लॉकडाउन के आदेश दिए हैं। सभी जरूरी सरकारी सेवाएं जारी रहेंगी और जरूरी सामान जैसे कि खाना, दवाईं आदि की दुकानें खुली रहेंगी। DC और SSP को तत्काल प्रतिबंध लागू करने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश में कहा गया है कि शहर के अंदर बस, टैक्सी और ऑटो नहीं चलेंगे।


अफवाह फैलाने वालों पर होगी कड़ी कार्यवाही,


वहीं दूसरी और कोरोनावायरस महामारी पर फैलाई जा रही अफवाहों और फर्जी खबरों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने शनिवार को सख्त चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि इस तरह की अफवाहों में लिप्त पाए जाने वालों को दंडित किया जाएगा और कानून के संबंधित प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।


सोशल मीडिया पर रखी जा रही निगाह


पंजाब पुलिस महानिदेशक ने एक एडवाइजरी जारी कर लोगों को चेतावनी दी है, “जो लोग मोबाइल फोन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करके निराधार अफवाह और झूठ फैला रहे हैं, उन सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अफवाहों की वजह से लोगों के मन में अनावश्यक भय का माहौल है।”उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से लोग एक दूसरे से जूड़े रहते हैं और जानकारी प्राप्त करते हैं। महानिदेशक ने लोगों को चेतावनी दी की अफवाहों में लिप्त पाए जाने वालों को दंडित किया जाएगा


 जानिए क्या होता है लॉकडाउन
लॉकडाउन एक तरह की आपातकाल व्यवस्था होती है। अगर किसी क्षेत्र में लॉकडाउन हो जाता है तो उस क्षेत्र के लोगों को घरों से निकलने की अनुमति नहीं होती है। जीवन के लिए आवश्यक चीजों के लिए ही बाहर निकलने की अनुमति होती है। अगर किसी को दवा या अनाज की जरूरत है तो बाहर जा सकता है या फिर अस्पताल और बैंक के काम के लिए अनुमति मिल सकती है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल के काम से भी बाहर निकलने की अनुमति मिल सकती है।



लापता 17 जवान शहीद, हथियार लूटे

रायपुर। सुकमा में हुए पुलिस नक्सल मुठभेड़ में 17 जवान शहीद हो गए है। ये सभी शनिवार दोपहर से लापता थे, इनसे पुलिस का सम्पर्क नहीं हो पा रहा था। इन्हे ढूंढने कोबरा बटालियन और डीआरजी के जवानो ने आज सुबह से जंगल में सर्चिंग अभियान चलाया। जहा टीम को जवानो की शव बरामद किया गया है। नक्सलियों ने जवानो के 14 ak 47 एक इंसास और एक यूबीजीएल हथियार लूट कर ले गए है।


शनिवार को दोपहर से देर शाम शाम तक पुलिस और नक्सलियो के बिच मुठभेड़ चली थी जिसमे 14 जवान घायल हुए। जिन्हे रायपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जवानो के शहीद होने की सबसे पहले जानकारी theindipendent.com ने दी थी।


गुंडों पर लागू नहीं होता जनता कर्फ्यू

नई दिल्ली। कोरोनावायरस के चलते जनता कर्फ्यू के आह्वान के बीच दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिता संशोधन कानून के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन को बंद करवाने को लेकर दो गुट आपस में भिड़ गए। दोनों पक्षों में करीब आधे घंटे तक मारपीट और गालीगलौज हुई। शाहीन बाग धरने के पास पुलिस बैरिकेड पर किसी ने पेट्रोल बम फेंका, जिससे विस्फोट हुआ। अब इस पर बॉलीवुड डायरेक्टर ओनिर का रिएक्शन आया है। ओनिर ने एक ट्वीट किया है, जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। ओनिर ने अपने ट्विटर हैंडल से लिखा, "'जनता कर्फ्यू (Janta Curfew)' नाम का यह शब्द क्या इन गुंड़ों पर लागू नहीं होता।"ओनिर ने दिल्ली पुलिस को लेकर आगे लिखा, "दिल्ली पुलिस यहां पर आपको अपने डंडों को इस्तेमाल करना चाहिए। क्या आप आश्चर्यचकित हैं। देश जानता है कि यह स्थान कई लोगों के लिए पवित्र है और दूसरों के लिए एक टारगेट है। कृपया सतर्क रहें। धन्यवाद।" ओनिर (Onir) के इस ट्वीट पर लोग खूब रिएक्ट कर रहे हैं और अपनी प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं।



बता दें कि देश में कोरोनावायरस (Coronavirus) से संक्रमित लोगों की संख्या 315 हो गई है। कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा मरीज महाराष्ट्र में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने 'जनता कर्फ्यू (Janta Curfew)' शुरू होने से कुछ समय पहले रविवार को ट्वीट किया. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा- "जनता कर्फ्यू शुरू हो रहा है... मेरी विनती है कि सभी नागरिक इस देशव्यापी अभियान का हिस्सा बनें और कोरोना के खिलाफ लड़ाई को सफल बनाएं। हमारा संयम और संकल्प इस महामारी को परास्त करके रहेगा।" उनकी इस अपील का असर भी पूरे देश में दिख रहा है. वाराणसी, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु, लखनऊ, चेन्नई, देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, हल्द्वानी और इलाहाबाद समेत अन्य प्रमुख शहरों में सुबह के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और दुकानें बंद रहीं। जनता कर्फ्यू आज सुबह सात बजे शुरू हुआ और रात 9 बजे तक चलेगा।



उत्तराखंड में 31 मार्च तक लॉक डाउन

कोरोना के चलते उत्तराखंड में 31 मार्च तक लॉकडाउन


पंकज कपूर


देहरादून। कोरोना महामारी के चलते उत्तराखंड में 31 मार्च तक लॉक डाउन हो गया है। सूबे के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि, कोरोना के खिलाफ आज केे राष्ट्रव्यापी कर्फ्यू को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है कि, पूरे राज्य में 31 मार्च तक इस कर्फ्यू को बढ़ा दिया जाएगा।


बता दें कि, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने यह साफ किया कि, आवश्यक वस्तुएं जैसे कि खाना दवाइयां सभी के लिए उपलब्ध रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि, आवश्यक वस्तुओं को लोगों तक पहुंचाया जाएगा। दवाओं, खाद्य पदार्थों या किसी अन्य आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है। इससे लोगों को घबराना नहीं चाहिए।


लहसुन का सेवन प्रभावशाली ?

अब्दुल सलाम क़ादरी


लहसुन


लहसुन खाना सेहत के लिए बहुत अच्छा है लेकिन इससे कोरोना वायरस को नहीं मारा जा सकता। लेकिन इम्युनिटी सिस्टम बढ़ा कर बच सकते है। कोरोना वायरस का असर चीन की सरहदों को पार करता हुआ कई देशों तक पहुंच चुका है और अभी तक इस वायरस का इलाज नहीं खोजा जा सका है।


भय के इस माहौल में कई ऐसी जानकारियां सोशल मीडिया पर चल रही हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि इनके इस्तेमाल से कोरोना वायरस के असर को कम किया जा सकता है। लेकिन ये तमाम जानकारियां ना सिर्फ़ भ्रांति फैला रही हैं बल्कि इनका उपयोग करना किसी भी व्यक्ति को अस्वस्थ कर सकता है। हमने ऐसे ही कुछ दावों की पड़ताल की और यह जानने की कोशिश की कि क्या ये दावे सच में कोरोना वायरस पर असर दिखा सकते हैं या इससे लोगों को नुक़सान हो सकता है।


आइए देखते हैं सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले ऐसे ही कुछ दावेः


1. लहसुन का सेवन


फ़ेसबुक पर ऐसी बहुत सी पोस्ट देखने को मिल रही हैं जिनमें ये बताया जा रहा है कि लहसुन खाने से कोरोना वायरस के असर को ख़त्म किया जा सकता है.


विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) लहसुन को एक अच्छा और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ मानता है जिसमें कई बीमारियों से लड़ने की क्षमता है, लेकिन इस बात के कोई सबूत नहीं है कि लहसुन खाने से कोरोना वायरस का असर ख़त्म किया जा सकता है। वैसे तो लहसुन खाने से किसी को नुक़सान नहीं होता लेकिन यह सोचकर कि इससे कोरोना वायरस नहीं होगा, उसका अधिक सेवन करना हमारे स्वास्थ्य पर ज़रूर असर डाल सकता है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार एक महिला ने इसी झूठे दावे पर यक़ीन कर के क़रीब 1.5 किलो कच्चा लहसुन खा लिया, जिसके बाद उसके गले में बहुत ज़्यादा परेशानी हो गई। यह बात सभी को पता है कि फल, सब्ज़ियां खाना और पानी पीना स्वास्थ्य के लिए अच्छा है लेकिन इस बात के सबूत नहीं है कि कौन सा खाना खाने से कोरोना वायरस को समाप्त किया जा सकता है।


2. चमत्कारी मिनरल


जॉर्डन सेथर एक यूट्यूबर हैं, जिनके अलग-अलग सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर कई फॉलोवर्स हैं. उन्होंने दावा किया कि ‘मिरेकल मिनरल सप्लिमेंट’ जिसे वो MMS बुलाते हैं, इसके सेवन से कोरोना वायरस ठीक हो सकता है। उन्होंने बताया कि इस चमत्कारी मिनरल में क्लोरीन डाइऑक्साइड है। सेथर और कुछ अन्य लोगों ने इस प्रोडक्ट को कोरोना वायरस के फैलने से पहले ही प्रमोट करना शुरू कर दिया था. जनवरी में उन्होंने ट्वीट किया था, ”क्लोरीन डाइऑक्साइड (उर्फ़ एमएमएस) से ना केवल कैंसर सेल को ख़त्म किया जा सकता है, बल्कि इससे कोरोना वायरस को भी समाप्त किया जा सकता है।”


'जनता कर्फ्यू' की सफलता पर आभार

जनता कर्फ्यू में सहयोग करने वाली चायल की जनता व पत्रकार बन्धुओं को क्षेत्राधिकारी चायल व उपजिलाधिकारी चायल ने ब्यक्त किया आभार


इलाके मे भ्रमणशील रहकर ,जनता कर्फ्यू, का लिया जायजा


बीमार और परेशान को नही हुई परेशानी


कौशाम्‍बी। प्रधानमंत्री के संकल्प ,,जनता कर्फ्यू ,,का पालन कराने व आम जनमानस के जागरूकता को देखने के लिए क्षेत्राधिकारी चायल डाक्टर कृष्ण गोपाल सिंह व एसडीएम चायल ज्योति मौर्या व थानाध्यक्ष सराय अकिल विजय विक्रम सिंह पूरे क्षेत्र मे भ्रमणशील रहे। इलाके मे आम नागरिक पूरी तरह सजग दिखे ,जनता के लिए जनता कर्फ्यू  का पालन करते हुए लोग अपने अपने घरो मे रहकर कोरोना वायरस का अंत करने की लड़ाई लड़ रहे थे। पूरी तरह सडके वीरान नजर आ रही थी। दूकाने बंद थी।इस नजारे की सफलता का कारण यदि प्रधानमंत्री का आह्वान था , तो इलाके के लोगो को जागरुक करने के लिए क्षेत्राधिकारी चायल व उपजिलाधिकारी चायल ने भी गोष्ठी करके लोगो से अपील  की थी कि बाइस मार्च को कोई भी व्यक्ति अपने घर से न निकले ,स्वयं बचाव करे और लोगो को भी सुरक्षित करे। क्षेत्राधिकारी चायल और एसडीएम चायल इलाके मे साथ साथ भ्रमण करते रहे। इस दौरान यदि कोई भी सड़क पर मिला तो उसे शालीनता के साथ जनता कर्फ्यू के बारे बताकर उन्हे वापस किया गया ,और यदि मरीज मिला या दवा के लिए जाते हुए लोग मिले तो उन्हें भी आवश्यक निर्देश देकर जाने दिया गया। क्षेत्राधिकारी चायल और थानाध्यक्ष सराय अकिल के प्रयास का परिणाम था कि सराय अकिल इलाके के सभी गाँवो में   लोग घरो मे रहकर पुलिस के कार्यो के प्रति आभार व्यक्त कर रहे थे। सबसे अहम बात यह है पुलिस विभाग के जवान व अधिकारी खुद को जोखिम मे डालकर कर आम नागरिक के सेहत के लिए भ्रमण करते रहे, क्षेत्राधिकारी चायल मे आम लोगो के लिए मानवीयता झलक साफ दिख रही थी।यदि पुलिस और जनता के बीच यही प्रेम उभर कर क्रियाशील रहे तो शायद पुलिस और जनता के बीच की दीवाल पूरी तरह पट जाए। आज के सन्नाटे और सडके से साफ जाहिर हो गया कि जनता   कोरोना वायरस से लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है |


 पुष्पेश त्रिपाठी


पीडाः 24 घंटे में 793 लोगों की मौत

रोम। कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित छह करोड़ की आबादी वाले इटली में सबसे ज्यादा मौतें हो रही हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर के मुताबिक, इटली में बीते 24 घंटे में 793 लोगों की मौत कोरोना संक्रमण के चलते हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एक दिन में होने वाली मौतों में यह अब तक का सर्वाधिक उछाल 19.6 फीसद दर्ज किया गया है। अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो इटली में इस वायरस से 4,825 लोगों की मौत हो चुकी है। कल भी इटली में एक ही दिन में 627 लोगों की मौत हो गई थी। इटली में बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्‍या 47,021से बढ़कर 53,578 हजार हो गया है। कोरोना वायरस की चपेट में आई लगभग पूरी दुनिया में कफ्र्यू जैसे हालात हो गए हैं। कई देशों ने इस महामारी की रोकथाम के लिए लॉकडाउन जैसे सख्त कदम उठाने के साथ ही अपने यहां विदेशी नागरिकों के आने पर रोक लगा दी है। सीमाएं सील कर दी गई हैं। उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। इसके चलते कई देशों में सड़कें सूनी हो गई और बाजार बंद हो गए। करीब एक अरब लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं। विश्व के 185 देशों में फैल चुका यह खतरनाक वायरस अब तक 11 हजार से ज्यादा लोगों की जान ले चुका है। दो लाख 75 हजार से ज्यादा संक्रमित हो गए हैं।स्पेन में एक दिन में पांच हजार से ज्यादा नए संक्रमित मामले दर्ज किए गए हैं। अमेरिका में न्यूयॉर्क का बुरा हाल और वह कोरोना वायरस के संक्रमण का केंद्र बनते जा रहे है अब तक वहां पांच हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं। कोरोना वायरस से निपटने के लिए अमेरिकी संसद में दो ट्रिलियन डॉलर (करीब 140 लाख करोड़ रुपये) के पैकेज पर चर्चा चल रही है।


इटली में सबसे ज्यादा मौतें


इस वैश्विक महामारी ने पूरे विश्व में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। बड़ी आबादी की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है। स्कूल और कारोबार बंद हो गए और लाखों लोग घरों से काम करने को विवश हैं। जबकि बहुतों की आजीविका तक छिन गई है। एक अनुमान के अनुसार, करीब 35 देशों में 90 करोड़ से ज्यादा लोग अपने घरों से बाहर निकल नहीं पा रहे हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर की मानें तो इटली में संक्रमण की दर में 13.9 फीसद का उछाल और दर्ज किया गया है।
ईरान में मरने वालों की संख्या डेढ़ हजार के पार


ईरान में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या डेढ़ हजार के पार पहुंच गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि मुल्क में 123 और पीडि़तों ने दम तोड़ दिया। इसे लेकर मरने वालों का आंकड़ा 1,556 हो गया है। 966 लोग और संक्रमित पाए गए हैं।


व्यस्ततम राजधानी रायपुर में भी सन्नाटा

रायपुर। भारी ट्रैफिक और सबसे ब्यस्त रहने वाली राजधानी में आज सन्नाटा पसरा हुआ है। केंद्र सरकार के जनता कर्फ्यू को समर्थन देते हुए लोगो ने घर में रहना बेहतर समझा है। राजधानी के सबसे ब्यस्त इलाके घडी चौक, शास्त्री चौक, मरिन ड्राइव, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन सहित सभी जगह में सन्नाटा पसरा है। पुलिस की गाड़िया पेट्रोलिंग कर रही है। लोगो को घर में रहने, भीड़ से दूर रहने की सलाह दे रही है। किराना, फल, दूध पार्लर, सभी दुकानदारों ने जनता कर्फ्यू को समर्थन देते हुए स्वमेव ही दुकाने बंद कर दी है।


यही हाल प्रदेश के अन्य शहरो का है जहा लोगो ने स्वमेव कर्फ्यू लगाया है। बिलासपुर, कोरबा,रायगढ़, कांकेर, धमतरी, दुर्ग, भिलाई , बेमेतरा सहित पुरे छत्तीसगढ़ में जनता कर्फ्यू का असर है। जनता कर्फ्यू का असर शहरों के साथ साथ गावो में भी दिखा है।


      


सियासी संकट के बीच मोदी की सौगात

भोपाल/नई दिल्ली। मध्य प्रदेश को केन्द्र की मोदी सरकार ने बडी सौगात दी है। मोदी सरकार ने मध्य प्रदेश के 2 जिलों में नए मेडिकल कॉलेज खोलने को लेकर हरी झंडी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने इसकी मंजूरी दे दी गई है। हैरानी की बात ये है कि मंजूरी ऐसे समय में दी गई है जब कांग्रेस अल्पमत के चलते बाहर हो गई और बीजेपी प्रदेश में सरकार बनाने जा रही है। राजनीतिक उठापटक के बीच यह बीजेपी का बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।



भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रदेश के दो जिलों में नये मेडिकल कॉलेज खोलने की अनुमति प्रदान की है। केन्द्रीय सहायता योजना में स्वीकृत ये कॉलेज खरगोन जिले के महेश्वर और सिगरौली में खोले जायेगे।मेडिकल कॉलेजों की स्थापना में कुल 650 करोड़ की लागत आएगी। इसमें भारत सरकार का 60 प्रतिशत एवं राज्य सरकार का 40 प्रतिशत योगदान रहेगा। 20 मार्च को स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने प्रदेश के महेश्वर विधानसभा में नगर मंडलेश्वर-महेश्वर के बीच ग्राम लाड़वी में खसरा नंबर 8/1 शासकीय भूमि पर 325 करोड़ रुपए से मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति प्रदान की गई।


वहीं इसके साथ ही प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने नगर मंडलेश्वर में 30 बिस्तर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 300 बिस्तरीय सिविल अस्पताल 116 करोड़ 7 लाख रुपए की लागत से मंजूरी मिली। उम्मीद की जा रही है कि 2022 तक मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार हो जाएंगे और उन में एडमिशन शुरू हो जाएंगे। कमलनाथ सरकार में चिकित्सा शिक्षा महिला व बाल विकास आयुष व संस्कृति मंत्री रही डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ ने 6 महीने पहले महेश्वर सहित प्रदेश में 10 मेडिकल कॉलेज के प्रस्ताव भेजे थे। जिनमें 5 पहले ही स्वीकृत हो चुके हैं, जबकि 2 मेडिकल कॉलेज महेश्वर और सिंगरौली को अब मंजूरी दी गई।


लोगों में घर पहुंचने की होड़ दिखी

महाराष्ट्र, पंजाब से बिहार, बंगाल की ट्रेनों में भारी भीड़, पीएम मोदी ने लोगों से शहर नहीं छोड़ने के लिए कहा।


मुंबई से बिहार बंगाल और पूर्वोत्तर जाने वाली ट्रेनों में जनरल क्लास के यात्रियों के बीच अपने घर पहुंचने की होड़ देखी गई।


नई दिल्ली। कोरोना विरोधी मुहिम के तहत जहां रेलवे ने स्टेशनों पर यात्रियों के बीच दूरी सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं। वहीं रविवार की ट्रेन बंदी के कारण शनिवार को मुंबई, लुधियाना स्टेशनों और ट्रेनो में प्रवासी मजदूरों की उमड़ी भीड़ को काबू करने में रेल प्रशासन नाकाम होता दिखाई दिया। मुंबई से पटना, कोलकाता और गुवाहाटी जाने वाली ट्रेने खचाखच भरी हुई थीं और स्क्रीनिंग के नाम पर खानापूर्ति की जा रही थी। पीएम मोदी ने लोगों से शहर नहीं छोड़ने के लिए कहा है।  


महाराष्ट्र, पंजाब से बिहार, बंगाल और पूर्वोत्तर की ट्रेनों में दिखा सैलाब-:


रेलवे की ओर से स्टेशनों पर भीड़ कम करने के उपाय किए अवश्य गए हैं, लेकिन अचानक उमड़ी भीड़ के कारण ये उपाय नाकाफी नजर आए। पीआरएस काउंटरों पर बुकिंग के लिए एक-एक मीटर दूरी पर लाइनें पेंट की गई हैं। लेकिन निगरानी तंत्र के अभाव में बहुत कम जगहों पर यात्री इस दूरी का पालन करते दिखाई दिए। इसी प्रकार प्लेटफार्मो पर ट्रेन में चढ़ते समय दूरी का नियम भंग होता रहा और यात्रियों के बीच पहले चढ़ने की होड़ देखी गई। जबकि कई ट्रेने रद होने तथा शनिवार रात से रविवार रात तक ट्रेन संचालन पूरी तरह बंद रहने के ऐलान के बाद मुंबई से बिहार, बंगाल और पूर्वोत्तर जाने वाली ट्रेनों में जनरल क्लास के यात्रियों के बीच अपने घर पहुंचने की होड़ देखी गई। नतीजतन, ट्रेनों के भीतर, खासकर जनरल बोगियों में वहीं नजारा देखने में आ रहा था जो आम तौर पर छठ, दुर्गापूजा अथवा होली, दीवाली के दिनों में नजर आता है। इसे लेकर पीएम मोदी ने भी लोगों ने आह्वान किया है। 


पीएम मोदी बोले, शहर छोड़कर न जाएं लोग-:


पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि कोरोना के भय से मेरे बहुत से भाई-बहन जहां रोजी-रोटी कमाते हैं, उन शहरों को छोड़कर अपने गांवों की ओर लौट रहे हैं। भीड़भाड़ में यात्रा करने से इसके फैलने का खतरा बढ़ता है। आप जहां जा रहे हैं, वहां भी यह लोगों के लिए खतरा बनेगा। आपके गांव और परिवार की मुश्किलें भी बढ़ाएगा। मेरी सबसे प्रार्थना है कि आप जिस शहर में हैं, कृपया कुछ दिन वहीं रहिए। इससे हम सब इस बीमारी को फैलने से रोक सकते हैं। रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों पर भीड़ लगाकर हम अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। कृपया अपनी और अपने परिवार की चिंता करिए, आवश्यक न हो तो अपने घर से बाहर न निकलिए।
कोरोना के भय से मेरे बहुत से भाई-बहन जहां रोजी-रोटी कमाते हैं, उन शहरों को छोड़कर अपने गांवों की ओर लौट रहे हैं। भीड़भाड़ में यात्रा करने से इसके फैलने का खतरा बढ़ता है। आप जहां जा रहे हैं, वहां भी यह लोगों के लिए खतरा बनेगा। आपके गांव और परिवार की मुश्किलें भी बढ़ाएगा।


रिफंड नियमों में ढील देने का ऐलान-:


हालांकि स्टेशनों पर यात्रियों की स्क्रीनिंग के सकारात्मक परिणाम भी देखने में आ रहे हैं। भीड़ के साथ अधिक यात्रियों की स्क्रीनिंग के परिणामस्वरूप शुक्रवार शाम से लेकर शनिवार शाम तक ट्रेनों में कोरोना पॉजिटिव यात्रियों के एक दर्जन मामले पकड़ में आए हैं। इनमें एक मामला बंगलूर-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस का है। जिसमें एक युगल को क्वारंटाइन मुहर के साथ देखे जाने पर काजीपेट में उतार लिया गया। यात्रियों की जागरूकता ने इसमें अहम भूमिका निभाई है। अधिकांश मामलों में सह-यात्रियों की सूचना के बाद लोगों को आइसोलेट किया जा रहा है। इस बीच रेलवे ने लोगों से बहुत जरूरी न होने पर ट्रेन यात्रा से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की है। रेलवे ने रिफंड नियमों में भी ढील देने का ऐलान किया है और ट्रेन रद होने या स्वयं यात्रा यात्रा रद करने की स्थिति में रिफंड का आवेदन करने के लिए एक से दो महीने तक का समय दे दिया है।


डोमेस्टिक एयरपोर्ट खाली-खाली नजर आए-:


शनिवार को जहां ट्रेनो में भीड़ रही, वहीं डोमेस्टिक एयरपोर्ट प्राय: खाली-खाली नजर आए। दिल्ली के डोमेस्टिक टर्मिनल-2 पर एक परिचित को छोड़ने गए इस संवाददाता को वहां इक्का-दुक्का यात्री ही दिखाई दिए। टर्मिनल 1 का भी कुछ ऐसा ही हाल बताया गया। हालांकि इसकी एक वजह यात्रियों को दूर-दूर रखने की रणनीति भी थी। परंतु इंटरनेशनल उड़ाने हैंडल करने वाले टर्मिनल-3 का नजारा एकदम अलग था। जहां 22 मार्च से सभी इंटरनेशनल उड़ाने बंद होने के ऐलान के बाद विदेशों से आने वाली उड़ानों के यात्रियों की अनिवार्य स्क्रीनिंग के कारण भारी भीड़ दिखाई पड़ रही थी।
वहीं राजेश सॉहनी नामक एक यात्री ने इस स्थिति पर ट्वीट भी किया और वीडियो के साथ दिखाया कि किस तरह विश्व के सर्वश्रेष्ठ एयरपोर्ट में से एक माने जाने वाले दिल्ली एयरपोर्ट पर इंटरनेशनल एरायवल एरिया में यात्रियों का हुजूम बस अड्डे से भी बुरी सूरतेहाल को दर्शा रहा है।


राजीव रंजन कुमार


बिहार में दो पॉजिटिव एक की मौत

 बिहार में कोरोनावायरस ने दी  दस्‍तक- दो पॉजिटिव केस मिले, एक मरीज की मौत।


पटना। बिहार में कोरोना ने दस्‍तक दे दी है जहां मिली जानकारी के अनुसार पटना के राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इंस्‍टीच्‍यूट (RMRI) में दो मरीजों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। इसमें एक की मौत भी हो गई है।
वहीं स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि जिस मरीज की मौत हुई है जहां वह पटना के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान में किडनी का इलाज करा रहा था और वह मुंगेर जिला का रहने वाला था वहीं प्रधान सचिव ने मृतक के कोरोना पॉजिटिव होने की भी पुष्टि की।


देर रात तक 114 सैंपल की जांच, दो की रिपोर्ट पॉजिटिव-:


और इस बीच आरएमआरआइ के निदेशक डॉ. प्रदीप दास ने बताया कि देर रात जांच में दो कोरोना पॉजिटव मामले मिले हैं और उन्‍होंने बताया कि देर रात तक 114 नमूनों की जांच हुई थी जिनमें शाम तक सौ सैंपल की जांच पूरी हो चुकी थी और उनमें कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं मिला लेकिन देर रात क शेष 14 सैंपल की जांच के दौरान दो की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली जहां उन्‍होंने बताया कि इसकी जानकारी दिल्‍ली में भारतीय चिकित्‍सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और राज्‍य के स्वास्थ्य मंत्री व प्रधान सचिव को दी गई है।


राजीव रंजन कुमार


बिहारः सड़क-स्टेशनों पर पसरा सन्नाटा

बिहार में जनता कर्फ्यू शुरू, सड़कों और रेलवे स्टेशन पर पूरी तरह से पसरा सन्नाटा।
                                                                                                                                                                     पटना। कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में आज पूरे देश में जनता कर्फ्यू शरू हो गया। सुबह 7से रात 9 बजे तक घरों में रहकर बिहारवासी कोरोना वायरस को मिटाने का संकल्प लेंगे। इस दौरान ऑटो व सिटी बसें भी नहीं चलेंगी लेकिन दवा की दुकानें खुली रहेंगी। आज के दिन सिर्फ पुलिस प्रशासन और मीडियाकर्मियों की गाड़ियां ही चलेंगी।
8:45 AM: औरंगाबाद, हाजीपुर रेलवे स्टेशन पर पसरा सन्नाटा। कटिहार में गेड़ाबाड़ी सड़क एनएच 81 सूना पड़ा।
8:25 AM: जनता कर्फ्यू के दौरान रविवार की सुबह किशनगंज जिला का ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन पर पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है।
8:10 AM: सुपौल का व्यस्ततम महावीर चौक, सदर अस्पताल पर पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है। एक दो लोग ही नजर आ रहे हैं।
8:00 AM: पटना में भी जनता कर्फ्यू साफ-साफ दिख रहा है। पटना जंक्शन पर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा है।
7:40 AM: जनता कर्फ्यू का असर बिहार के लगभग हर जिले में दिखने लगा है, जहानाबाद सिवान आरा गोपालगंज समेत लगभग हर जिलों की दुकानें बंद नजर आई, सड़कों पर भी लोग बहुत ही कम अभी तक दिख रहे हैं।
7:00 AM - कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में आज पूरे देश में जनता कर्फ्यू शरू हो गया। यह रात नौ बजे तक जारी रहेगा। 19 मार्च को पीएम मोदी ने देश के नाम संबोधन में इसकी अपील की थी।
6:40 AM - जनता कर्फ्यू से ठीक पहले पीएम मोदी की अपील जनता कर्फ्यू से पहले पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि जनता कर्फ्यू शुरू हो रहा है। मेरी विनती है कि सभी नागरिक इस देशव्यापी अभियान का हिस्सा बनें और कोरोना के खिलाफ लड़ाई को सफल बनाएं। हमारा संयम और संकल्प इस महामारी को परास्त करके रहेगा।


राजीव रंजन कुमार


11000 मौत, दुनिया में लॉक डॉउन

कोरोना के कारण 11,000 लोगों की मौत के बाद दुनिया भर में लॉक डाउन जैसी स्थिति


राजेश पांडेय


कोरोना वायरस महामारी से मरने वालों की संख्या तेजी से बढ़ने के मद्देनजर युवाओं के भी इससे अछूता नहीं रहने की विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की चेतावनी के बीच दुनिया भर में करोड़ों लोगों के लिए सप्ताहांत की शुरुआत बंद जैसी स्थिति और अपने-अपने घरों में ही रहने के साथ हुई।


विश्व भर में कोविड-19 के संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़ कर 11,000 पार कर गई है। डब्ल्यूएचओ ने आगाह किया है कि युवा भी वायरस के संक्रमण से अछूते नहीं रहेंगे और उनके भी इस महामारी की चपेट में आने की पूरी आशंका है। इस वैश्विक महामारी ने पूरी दुनिया में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है, बड़ी आबादी की आवाजाही सीमित कर दी है, स्कूल एवं कारोबार बंद हो गए हैं और लाखों लोग घरों से काम करने के लिए मजबूर हैं जबकि कई की आजीविका छिन गई है। भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया है कि अमेरिका वायरस के खिलाफ जंग जीत रहा है लेकिन अलग-अलग राज्यों ने नाटकीय ढंग से प्रतिबंधों को कड़ा कर दिया है, जहां न्यूयॉर्क, इलिनोइस और कैलिफोर्निया ने लोगों को उनके घरों के भीतर रहने का आदेश दिया है।


दुनिया भर में वायरस के कारण मृतकों की संख्या 11,000 के पार चली गई है जिसमें से 4,000 मामले बुरी तरह प्रभावित इटली से हैं जहां पिछले एक सप्ताह में रोजाना मृतकों की संख्या अचानक बढ़ गई है। वायरस के कारण बुजुर्ग और पूर्व में अन्य बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति सबसे अधिक प्रभावित हैं, लेकिन डब्ल्यूएचओ प्रमुख तेदरोस अदहानोम गेब्रेयसस ने आगाह किया है कि युवा भी इस महामारी की चपेट में आ सकते हैं।


तेदरोस ने कहा, आज मेरे पास युवाओं के लिए एक संदेश है: आप इससे अछूते नहीं हैं। यह वायरस हफ्तों तक आपको अस्पताल में भर्ती करा सकता है–या आपकी जान भी ले सकता है। उन्होंने कहा, आप बीमार न भी पड़ें तो आप कहां जाने के बारे में सोच रहे हैं यह किसी और के लिए जीवन और मौत के बीच का अंतर बन सकता है। कोरोना वायरस की गिरफ्त में अमेरिका के आने के साथ इसके सबसे बड़े राज्य कैलिफोर्निया ने अपने बाशिंदों को घरों में ही रहने को कहा है। वहां 1,000 से अधिक मामले सामने आये हैं और 19 मौतें हुई हैं।


न्यूयार्क प्रांत में 7,000 मामले सामने आये हैं और 39 मौतें हुई हैं। इस प्रांत ने भी अपने बाशिंदों को रविवार शाम से घरों से नहीं निकलने का आदेश दिया है। ट्रंप ने इन दोनों राज्यों के फैसलों की सराहना की है, लेकिन कहा कि उन्हें नहीं लगता कि एक राष्ट्रव्यापी बंद की जरूरत है। इस बीच, अमेरिकी उपराष्ट्रपति माइक पेंस के कार्यालय में एक कर्मचारी कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है।


चीन में शनिवार को लगातार तीसरे दिन कोई मामला सामने नहीं आया और डब्ल्यूएचओ ने कहा कि चीन का वुहान शहर “पूरी दनिया के लिए उम्मीद की किरण लेकर आया है, लेकिन क्षेत्र में विदेश से आने वाले नये मामलों को लेकर चिंता बढ़ गई है।


हांगकांग में शुक्रवार को 48 संदिग्ध मामले सामने आए जो संकट शुरू होने के बाद से दिन में अब तक का सबसे बड़ा उछाल है। इन संदिग्ध मामलों में से ज्यादातर लोग यूरोप से आए-गए हैं। पूरे यूरोप में सरकारों ने बंदी के उपाय सख्ती से लागू करना जारी रखा हुआ है। इटली में शुक्रवार को सबसे बुरा दिन रहा जहां 627 और लोगों की मौत हो गई और प्रसार को रोकने के प्रयासों के बावजूद मृतकों की कुल संख्या 4,023 पर पहुंच गई है।


फ्रांस, इटली, स्पेन और अन्य यूरोपीय देशों ने लोगों को घर पर रहने को कहा है और कुछ मामलों में जुर्माना लगाने की भी चेतावनी दी है। बावरिया जर्मनी का पहला क्षेत्र है जिसने कामबंदी के आदेश दिए हैं। यूरोपीय संघ में अपने पड़ोसियों की राह पर चलते हुए ब्रिटेन ने भी कड़े प्रतिबंधों की घोषणा की है और पब, रेस्तरां और सिनेमाघरों को बंद करने को कहा है। साथ ही प्रभावित श्रमिकों की मजदूरी की भरपाई करने का वादा किया है। फ्रांस ने कहा कि घर में रहने के आदेश के पहले दिन 4,000 लोगों पर जुर्माना लगाया गया। मंत्रियों ने नियम तोड़ने वाले लोगों को बेवकूफ बताया। कोविड-19 के कारण दुनिया भर में मरने वाले आधे से ज्यादा लोग यूरोप से हैं।


वायरस का प्रकोप अफ्रीका और पश्चिम एशिया पर भी गहराता जा रहा है। गेबोन में उप सहारा अफ्रीका में हुई दूसरी मौत का मामला सामने आया है जबकि पूरे अफ्रीका में 900 से ज्यादा मामले सामने आए हैं और संख्या तेजी से बढ़ ही रही है। वहीं ईरान में शीर्ष नेता आयातुल्ला अली खामनेई और राष्ट्रपति हसन रूहानी ने प्रकोप से देश को उबारने का वादा किया, लेकिन सख्त प्रतिबंध लगाने में विश्व के अन्य देशों की सूची में शामिल होने से इनकार कर दिया। लातिन अमेरिका में क्यूबा और बोलिविया दोनों ने अपनी सीमाएं बंद करने की घोषणा की है और कोलंबिया ने कहा कि वह मंगलार से अनिवार्य पृथक व्यवस्था शुरू करेगा।


अनैतिक देह व्यापार, पुलिस का छापा

बाराबंकी। जिले में पुलिस ने शनिवार रात छापा मारकर अनैतिक देह व्यापार का भंडाफोड़ किया है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक पुरुष और 3 महिलाओं को हिरासत में लिया है, जबकि 2 पुरुष भागने में सफल हो गया। बताया जा रहा है कि सेक्स रैकेट के संचालन की खबर देने वाला कोई और नहीं बल्कि स्थानीय निवासी है। जिसने हर रोज नए- नए पुरुष और महिलाओं की आवाजाही के शक में पुलिस को देह व्यापार होने की सूचना दी। पुलिस ने भी तीन महिलाओं और 2 पुरुष को हिरासत में लेकर उनपर अनैतिक देह व्यापार का मुकदमा दर्ज कर किया है।
बता दें कि बाराबंकी जनपद के थाना नगर कोतवाली इलाके के गांधी नगर मोहल्ले में स्थानीय नागरिकों ने पुलिस को यह सूचना दी कि यहां एक घर के अंदर देह व्यापार का धंधा चल रहा है। स्थानीय नागरिकों की सूचना पर पुलिस ने घर पर छापा मारा और मौके से 1 पुरुष और 3 महिलाओं को हिरासत में ले लिया। स्थानीय लोगों के मुताबिक यह मकान एक पुलिस वाले का है और उसके संरक्षण में नशे और देह व्यापार यहां होता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह धंधा काफी दिनों से इस घर चल रहा है और हर रोज नए -नए लड़के- लड़कियों का आवागमन बना रहता है।


बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अरविन्द चतुर्वेदी ने बताया कि थाना नगर कोतवाली के अंतर्गत गांधी नगर मोहल्ले के नागरिकों ने पुलिस को यह सूचना दी थी कि कुछ संदिग्ध व्यक्तियों का आवागमन एक घर में होता है। इसी सूचना पर पुलिस ने छापा मारा और वहाँ से 3 महिला और 1 पुरुष को हिरासत में लिया गया है। इनके विरुद्ध अनैतिक देह व्यापार का मुकदमा दर्ज किया गया है और अगर जिले में कहीं से भी इस प्रकार की सूचनाएं मिलती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


नक्सलियों से मुठभेड़ 14 जवान घायल

रायपुर। बीती रात सुकमा के एलमागुड़ा इलाके में नक्सलियों से पुलिस की मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ अचानक नहीं हुई थी। पुलिस पार्टी ने ऑपरेशन चलाया था। पुलिस का ये दांव उल्टा पड़ता दिख रहा है। 14 जवान घायल हुए हैं जिनका रायपुर में इलाज चल रहा है। उनमें दो की हालत बेहद गम्भीर बताई जा रही है। करीब इतने ही जवान लापता बताए जा रहे हैं जिनकी तलाश आज की जाएगी। और उपलब्धि के नाम पर 7 बड़े इनामी नक्सलियों के मारे जाने की खबर दी जा रही है। लेकिन शव एक भी बरामद नहीं हुआ है। अब सवाल यह उठता है जब सारा देश कोरोना से जूझ रहा है अघोषित इमरजेंसी जैसे हालात हैं आज जनता कर्फ्यू है अस्पतालों में डॉक्टर कोरोना से लड़ने में व्यस्त हैं ऐसे में इतना बड़ा ऑपरेशन चलाना बड़ा अजीब सा लगता है। और फिर जब इतनी बड़ी पार्टी ऑपरेशन के लिए गई तो क्या वजह थी के पुलिस को इतना बड़ा नुकसान उठाना पड़ गया? क्या योजना फुल प्रूफ नहीं थी? और अगर नहीं थी तो हड़बड़ी में ऐसे ऑपरेशन चलाने की जरूरत क्या थी? सबसे हैरानी की बात तो यह है के जब आपको पता है अस्पतालों में सारी ताकत कोरोना से लड़ने के लिए लगी हुई है तब आप ऐसे ऑपरेशन चलाकर क्या साबित करना चाह रहे थे? आज 14 घायलों को रायपुर के अस्पताल लाया गया यहां डॉक्टर उनके इलाज में व्यस्त हो गए हैं। और कोरोना से लड़ाई के लिए लगी ताकत आधी हो गई। फिर पुलिस के कितने जवान मारे गए हैं ये भी पता भी नहीं चला है और 7 नक्सली मारे गए तो उनके शव तक नही मिले है।शव नही मिलने से इस बात को कैसे मान लिया जाए के 7 नक्सली मारे गए है? और सिर्फ 7 नक्सलियों को मारने के लिए आप इतनी बड़ी संख्या में पुलिस के जवानों को क्यो झोंक रहे है? और उसके बदले में 5 गुना जवानों का नुकसान क्यो उठा रहे हैं? यह कौन सी अकलमंदी है? ऐसा लगता है कि पुलिस फोर्स अभी नेतृत्व विहीन है या फिर पब्लिसिटी के लिए कुछ भी करने पर उतारू है।  कल के ऑपरेशन का फेल होना ना केवल नक्सलियों के हौसले बढ़ाएगा बल्कि कहीं न कहीं वह पुलिस के मनोबल को भी तोड़ने वाला साबित होगा। पुलिस को चाहिए ऐसे बड़े ऑपरेशन के पहले कम से कम योजना तो ढंग से बना ले। अपने प्रदेश में अगर योग्य  अफसर ना तो पास पड़े पड़ोस के प्रदेशों के योग्य अफसरों से भी मदद ली जा सकती है। सरकार को भी चाहिए पुलिस की ऐसी निरंकुशता पर अंकुश लगाए। इस तरह के ऑपरेशन और ऐसे कठिन दौर में समझ से परे है।


लखनऊ में जनता कर्फ्यू का व्यापक असर

 लखनऊ। भारत के प्रधानमंत्री का जनता के हित के लिए लगाया गया जनता कर्फ्यू का पालन बखूबी राजधानी लखनऊ की जनता कर रही है।


डीजीपी बा पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडे के पुलिस प्रशासन के सख्त दिशानिर्देश में पूरी लखनऊ राजधानी मैं जनता कर्फ्यू को लेकर अपना कर्तव्य का पालन कर रही है। गली कूचे मोहल्ले चप्पे-चप्पे पर जनता के हित के लिए कोरोना वायरस से जागरूक कराते हुए लखनऊ राजधानी पुलिस तत्पर है। थाना पारा के अंतर्गत पूरी पारा पुलिस सतर्क जनता कर्फ्यू का पालन चप्पे-चप्पे पर कोने कोने पर पुलिस का पहरा। एसीपी काकोरी थाना प्रभारी त्रिलोकी सिंह पूरी पुलिस बल सहित क्षेत्र चारों तरफ क्षेत्र में फैले हुए हैं। कोरोना वायरस को लेकर पारा पुलिस राहगीर अगर कोई एक जाता है तो पारा पुलिस उसको जागरूक कराते हुए जनता कर्फ्यू का पालन करने को और अपने घर में है रहने को 9:00 बजे तक हर आमजन को जागरूक कर आ रही है।


वहीं दूसरी तरफ बुद्धेश्वर चौराहे पर जहां हजारों की भीड़ रहा करती थी वहां पसरा हुआ है। सन्नाटा पुलिस के अलावा पत्रकार बंधु यह डॉक्टरों की एंबुलेंस जनता की सुरक्षा व्यवस्था में लगे हुए हैं। लखनऊ राजधानी पुलिस जनता कर्फ्यू को लेकर रोडो पर लगी हुई है जनता घर के अंदर आराम फरमा रही है। राजधानी पुलिस कोरोना वायरस को लेकर राम भरोसे पुलिस का रखवाला ईश्वर अल्लाह भगवान


चौकी हंस खेड़ा सुभाष चंद्र यादव अपनी टीम के साथ पुरानी काशीराम कॉलोनी नई काशीराम कॉलोनी बीवी खेड़ा सिंगल डूडा कॉलोनी प्रसादी खेड़ा सद रोना गांव चारों तरफ पैदल गस्त बा गस्त से जनता के हित के लिए कोरोना वायरस को बचाने के लिए घर में रहने को 9:00 बजे तक रात्रि के जागरूक कर आ रही है। आने जाने वाले लोग को रोककर मुंह पर मास्क लगाकर चलने की हिदायत दी जा रही है। जनता कर्फ्यू का पालन करने को जागरूक कराया जा रहा है। चौकी हंस खेड़ा सुभाष चंद्र यादव द्वारा


वहीं दूसरी तरफ कानपुर हाईवे पर सन्नाटा छाया हुआ मोहान रोड पर सन्नाटा छाया हुआ। काशीराम कॉलोनी ओं में लोग घरों के अंदर जनता कर्फ्यू का कर रहे हैं। पालन चारों तरफ सन्नाटा जनता घरों के अंदर पारा पुलिस का पहरा चारों तरफ


सिंधी कॉलोनी के सेक्टन वार्डन अशोक अरोड़ा नागरिक सुरक्षा के तहत अपनी टीम के साथ जनता कर्फ्यू को लेकर कोरोना वायरस का घर घर जाकर लोगों को जागरूक करा रहे हैं अपने घरों में रहने को कह रहे हैं। जैसा कि नागरिक सुरक्षा के तहत सेक्टन वार्डन अशोक अरोड़ा की टीम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनता कर्फ्यू का पालन वैसे ही हर आम जनता को आज अपने घर में रहकर कोरोना वायरस से स्वयं की रक्षा करें।



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का अभियान पूरे भारत में जनता कर्फ्यू का पालन हर नागरिक को करना चाहिए। इस महामारी से बचने के लिए जनता के हित के लिए यह जनता कर्फ्यू लगाया गया है शासन-प्रशासन और पुलिस प्रशासन की जनता कर्फ्यू के अभियान को हर इंसान को हर आमजन को हर प्रतिनिधि सर समाज के व्यक्तियों को सम्मानित व्यक्तियों को मानना चाहिए। जनता कर्फ्यू का उल्लंघन नहीं करना चाहिए कोरोना वायरस का जो पूरे भारत में जनता कर्फ्यू के रूप में जागरूक कराया जा रहा है। उसको माने और स्वयं की रक्षा करें अपने घर में रहकर अगर किसी को कोई दिक्कत है। तो चप्पे-चप्पे पर पुलिस है पुलिस से संपर्क कर सकते हैं और अपनी दिक्कत को बता सकते हैं।


जनाब खान


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प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

यूनिवर्सल एक्सप्रेस    (हिंदी-दैनिक)


मार्च 23, 2020, RNI.No.UPHIN/2014/57254


1. अंक-224 (साल-01)
2. सोमवार, मार्च 23, 2020
3. शक-1942,चैैत्र- कृष्ण पक्ष, तिथि- अमावस्या, संवत 2077


4. सूर्योदय प्रातः 06:20,सूर्यास्त 06:38
5. न्‍यूनतम तापमान 17+ डी.सै.,अधिकतम-28+ डी.सै.।


6.समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है। सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा।
7. स्वामी, प्रकाशक, संपादक राधेश्याम के द्वारा (डिजीटल सस्‍ंकरण) प्रकाशित।


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दुनिया में सबसे अधिक परेशान देश है 'अमेरिका'

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