रविवार, 18 जून 2023

बारात में आए तीन बच्चों की ट्रेन से कटकर मौत 

बारात में आए तीन बच्चों की ट्रेन से कटकर मौत 

इकबाल अंसारी  

फर्रुखाबाद। जिले के मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र में बरात में आए तीन बच्चों की ट्रेन से कटकर दर्दनाक मौत हो गई। भोर में शौच को गईं गांव की महिलाओं ने शव रेलवे लाइन पर पड़े देखे। तो चीख.पुकार मच गई। इज्जतनगर.वापी स्पेशल साप्ताहिक ट्रेन से हादसे की आशंका जताई जा रही है।

थाना क्षेत्र के गांव जाजपुर बंजारा निवासी रमाकांत शाक्य की पुत्री पूजा की बरात शनिवार रात करीब साढ़े 11 बजे मैनपुरी जिले के भोगांव थाने के गांव सालमपुर से आई थी। बरात में आए सालमपुर के धीरेंद्र का पुत्र रितिक 13 वर्ष, उमेश का पुत्र हरिओम 13 वर्ष व देशराज का पुत्र विनीत 15 वर्ष, गांव से गुजर रही रेल लाइन पर चले गए।

इसकी किसी को भनक नहीं लगी। रात करीब डेढ़ बजे तीनों किशोर वहां से गुजरी इज्जतनगर.वापी साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन की चपेट में आ गए। इससे उनकी दर्दनाक मौत हो गई। डीजे के शोरगुल में किसी को भनक भी नहीं लगी। सुबह करीब चार बजे गांव की महिलाएं रेलवे लाइन की तरफ शौच के लिए गईं।

परिजनों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार

ट्रैक पर शव पड़े देख, चीख.पुकार मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण और बराती एकत्रित हो गए। सूचना पर सीओ अरुण कुमार और इंस्पेक्टर अमर पाल सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। गांव में मातम पसरा है।

इकलौता पुत्र था रितिक, दो चचेरे भाई

जनपद मैनपुरी थाना भोगांव के गांव सालमपुर निवासी धीरेंद्र का रितिक 13 वर्ष इकलौता पुत्र था। धीरेंद्र मजदूरी करके परिवार का भरण.पोषण करते हैं। यही नहीं हरिओम और विनीत दोनों ही आपस में चचेरे भाई थे। यह दोनों परिजनों को बिना बताए ही बरात में चले आए। यह दोनों दोस्त होने के नाते परिवार के रितिक को भी अपने साथ ले आए थे।

बरात से 100 मीटर दूर हुई दुर्घटना

जिस स्थान पर बरात रुकी थी…..वहां से घटनास्थल की दूरी बमुश्किल 100 मीटर है। रेलवे लाइन की पोल संख्या 1300 और 1301 के बीच तीनों किशोरों के शव क्षत.विक्षत अवस्था में पड़े मिले।

गमगीन माहौल में पूरी हुई विवाह की रस्में

ट्रेन से तीन बराती किशोरों के कटने की सूचना के वक्त तक घर में भात पहनने की रस्म पूरी की जा रही थी। दुर्घटना की सूचना मिलते ही हंसी खुशी के कार्यक्रमों को रोक दिया गया। करीब तीन घंटे बाद दोबारा गमगीन माहौल में विवाह की शेष रस्में पूरी की गईं। पूरे गांव में मातम सा पसर गया।

आपदा: 54 लोगों की मौत, 400 अस्पताल में भर्ती

आपदा: 54 लोगों की मौत, 400 अस्पताल में भर्ती

संदीप मिश्र

बलिया। बढ़ते तापमान के बीच पिछले तीन दिनों में उत्तर प्रदेश के बलिया जिला अस्पताल में 54 लोगों की मौत हो गई है और लगभग 400 अस्पताल में भर्ती हैं। मौतों में अचानक वृद्धि और मरीजों को बुखार, सांस लेने में तकलीफ और अन्य दिक्‍कतों के साथ अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है। ऐसे में अस्पताल प्रशासन  एक्‍शन मोड में है और कर्मचारी मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने के लिए सतर्क हैं। डॉक्टरों ने कहा है कि हालांकि, मौतों के अलग-अलग कारण हैं, लेकिन भीषण गर्मी भी एक कारक हो सकती है।

उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के कारण अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या बढ़ रही है. उत्तर प्रदेश में प्रचंड लू चल रही है, अधिकांश स्थानों पर तापमान 40 डिग्री के उत्तर में देखा जा रहा है। जिला अस्पताल बलिया के प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि 15 जून को 23, अगले दिन 20 और कल 11 मरीजों की मौत हुई।

उपाध्याय के घर पर चला बाबा का बुलडोजर 

उपाध्याय के घर पर चला बाबा का बुलडोजर 

विनोद मिश्रा

गोरखपुर। कुख्यातों के आतंक की एक अलग दुनिया है तो उनसे मुकाबला करने के लिए खाकी का बड़ा साहस भी है। बीते वर्षों में अपराधियों के विरुद्ध शासन के बदले रुख ने पुलिस कार्रवाई के दायरे को बढ़ाया है। यूपी पुलिस माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में जुटी है। इसी क्रम में कई संगीन मामलों में फरार चल रहे माफिया विनोद उपाध्याय के आलीशान घर पर शनिवार को बाबा का बुलडोजर चला। इसके साथ ही जीडीए ने करीब सात हजार वर्ग फीट की बेशकीमती जमीन को मुक्त करा लिया है।

माफिया विनोद उपाध्याय ने जमीन पर अवैध कब्जा कर करोड़ों का आलीशान महल बना लिया था। विनोद उपाध्याय पर लगभग 32 मुकदमे चल रहे हैं। इन्हीं मामलों को लेकर वह फरार चल रहा है। गोरखनाथ क्षेत्र स्थित धर्मशाला बाजार निवासी विनोद उपाध्याय धर्मशाला बाजार का हिस्ट्रीशीटर है। एसपी सिटी कृष्ण बिश्नोई ने बताया है कि विनोद उपाध्याय खिलाफ हत्या के 4 मामलों सहित 32 मामले दर्ज हैं। वह पिछले कुछ दिनों से फरार चल रहा था। यहां की सरकारी जमीन पर उसने कब्जा कर लिया है और बगल के प्लॉट पर भी कब्जा करने का प्रयास किया है। यहां करोड़ों रुपए का अपना घर भी बनवाया था। एसपी सिटी ने बताया कि संपत्ति की पहचान गोरखपुर विकास प्राधिकरण द्वारा की गई थी और उसके बाद इसे ध्वस्त किया जा रहा है।

माफिया विनोद उपाध्याय की तलाश की जा रही है। उसकी गिरफ्तारी पर घोषित इनाम को बढ़ाकर 50 हजार से एक लाख कर दिया जाएगा। बता दें कि 30 मई को गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने माफिया विनोद उपाध्याय के अवैध निर्माण को 15 दिन में ध्वस्त करने का आदेश पारित किया था, जिसके अनुपालन में शनिवार की सुबह जीडीए की टीम बुलडोजर लेकर सलेमपुर उर्फ मोगलहा स्थित माफिया के मकान पर पहुंची तो घर में ताला बंद था। मजिस्ट्रेट को बुलाकर उनकी मौजूदगी में ताला तोड़ने के बाद मकान को खाली कराया गया। मौके पर एसपी सिटी के अलावा जीडीए व प्रशासन के अधिकारी फोर्स के साथ मौजूद रहे। बताया जा रहा है करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से यह मकान बना है।

पश्चिमी यूपी में भी चक्रवाती तूफान का असर

पश्चिमी यूपी में भी चक्रवाती तूफान का असर

सत्येंद्र पंवार  

मेरठ। गुजरात के तट से टकराए बिपरजॉय चक्रवाती तूफान का असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को मौसम सुबह से गर्म रहा और पारा 39 पर पहुंच गया। शाम होते-होते आसमान में बादल छा गए और हल्की बूंदाबांदी हुई। आज शनिवार सुबह से मौसम सुहाना है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दो से 3 दिन तक मौसम ऐसे ही बना रहेगा। पश्चिमी यूपी के विभिन्न जिलों में बारिश के आसार है और तेज रफ्तार से हवा चल सकती है, आसमान में बादल छाए रहेंगे। 


सूरज की बढ़ती तपन और उमस के बीच गर्मी में लोगों का हाल बेहाल है। मौसम के बदलते मिजाज के साथ शुक्रवार को भी पारे में सुबह से ही बढ़ोतरी शुरू हो गयी। तापमान में लगभग 1.6 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। दिन में धूप भी तेज थी और गर्म हवाएं चल रही थी। मौसम कार्यालय पर शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान 39.0 डिग्री व रात का न्यूनतम तापमानन 25.8 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया।

सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के मौसम वैज्ञानिक डाॅ. यूपी शाही का कहना है कि बिपरजॉय चक्रवाती तूफान का गुजरात तट पर टकराने के बाद उसका असर अब वेस्ट यूपी में भी बढ़ा है। हवा चलने से मेरठ और आसपास के शहरों में भी एयर क्वालिटी इंडेक्स में कमी आई है। मेरठ का एक्यूआई तीन दिन पहले 200 को पार कर गया था जो अब गिरकर 106 पर आ गया है।  बागपत में एक्यूआई 133, गाजियाबाद में 113 और मुजफ्फरनगर में 96 दर्ज किया गया है। शहर में दिल्ली रोड पर 125, बेगमपुल में 13, गंगागनर में 111, पल्लवपुरम में 107, जयभीमनगर में एक्यूआई 101 दर्ज किया गया।

सेंसेक्स 758.95 अंक बढ़ा, 1.21 प्रतिशत लाभ 

सेंसेक्स 758.95 अंक बढ़ा, 1.21 प्रतिशत लाभ 

सुनील श्रीवास्तव

नई दिल्ली। सेंसेक्स की शीर्ष 10 में से छह कंपनियों के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह सामूहिक रूप से 1,13,703.82 करोड़ रुपये की बढ़़ोतरी हुई। सबसे अधिक लाभ में रिलायंस इंडस्ट्रीज रही। बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 758.95 अंक या 1.21 प्रतिशत के लाभ में रहा।

शुक्रवार को सेंसेक्स 466.95 अंक या 0.74 प्रतिशत की बढ़त के साथ 63,384.58 अंक के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ। सप्ताह के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज, हिंदुस्तान यूनिलीवर लि., आईटीसी, इन्फोसिस, एचडीएफसी और भारती एयरटेल के बाजार पूंजीकरण में बढ़ोतरी हुई। वहीं टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का बाजार मूल्यांकन घट गया। समीक्षाधीन सप्ताह में रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 63,259.05 करोड़ रुपये बढ़कर 17,42,415.47 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

हिंदुस्तान यूनिलीवर की बाजार हैसियत 18,737.99 करोड़ रुपये बढ़कर 6,38,019.76 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। आईटीसी का बाजार मूल्यांकन 18,331.32 करोड़ रुपये के उछाल के साथ 5,63,237.76 करोड़ रुपये रहा। इन्फोसिस का मूल्यांकन 11,059.41 करोड़ रुपये चढ़कर 5,36,433.55 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। भारती एयरटेल की बाजार हैसियत 2,016.08 करोड़ रुपये बढ़कर 4,66,412.79 करोड़ रुपये पर और एचडीएफसी की 299.97 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 4,89,496.34 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।

इस रुख के उलट टीसीएस का बाजार पूंजीकरण 12,879.86 करोड़ रुपये घटकर 11,61,840.29 करोड़ रुपये पर और एसबीआई का 6,514.97 करोड़ रुपये के नुकसान के साथ 5,09,863.08 करोड़ रुपये पर आ गया। एचडीएफसी बैंक की बाजार हैसियत 4,722.95 करोड़ रुपये घटकर 8,95,458.57 करोड़ रुपये रह गई। आईसीआईसीआई बैंक के मूल्यांकन में 1,882.67 करोड़ रुपये की गिरावट आई और यह 6,53,980.16 करोड़ रुपये पर आ गया।सेंसेक्स की शीर्ष 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही। उसके बाद क्रमश: टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईटीसी, इन्फोसिस, एसबीआई, एचडीएफसी और भारती एयरटेल का स्थान रहा।

3 दिन में 3 भारतीय प्रवासियों की हत्या हुई 

3 दिन में 3 भारतीय प्रवासियों की हत्या हुई 

अखिलेश पांडेय

लंदन। ब्रिटेन में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं। सुरक्षा के लिहाज से ब्रिटेन को सुरक्षित भी माना जाता है लेकिन पिछले तीन दिन वहां भारतीय नागरिकों के काल बनकर आये हैं। पिछले तीन दिनों में वहां तीन भारतीयों की हत्या हो चुकी है। ताजा मामला दक्षिण लंदन का है, जहां केरल के रहने वाले भारतीय मूल के 38 वर्षीय एक व्यक्ति की चाकू मारकर हत्या कर दी गई।

वहीं तीन दिन पहले भी चाकू से ही वार कर ब्रिटिश भारतीय किशोर और हैदराबाद से एक छात्र को मौत के घाट उतार दिया गया था। मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने कहा कि अरविंद शशिकुमार की शुक्रवार को साउथेम्प्टन वे में एक आवासीय संपत्ति के बाहर छाती पर चाकू से वार किए जाने के बाद मौत हो गई। पुलिस ने शशिकुमार के रूममेट सलमान सलीम पर हत्या का आरोप लगाया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सलीम (25) ने झगड़े के बाद शशिकुमार की चाकू मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने कहा कि आरोपी उसी दिन क्रॉयडन मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश हुआ और उसे 20 जून को ओल्ड बेली में पेश होने के लिए हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने कहा कि उसे 16 जून को रात 1:27 बजे साउथेम्प्टन वे में शशिकुमार को छूरा घोंपे जाने की सूचना मिली। आपातकालीन सेवाओं के प्रयासों के बावजूद, शशिकुमार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

फिल्म 'आदिपुरुष' के राइटर को लफंगा बताया 

फिल्म 'आदिपुरुष' के राइटर को लफंगा बताया 

कविता गर्ग 

मुंबई/वाराणसी। प्रभास एवं कृति सेनन स्टारर फिल्म आदिपुरुष के डायलॉग लिखने वाले राइटर को लफंगा बताते हुए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने दर्शको से आह्वान किया है कि वह मेहनत की कमाई के पैसे से फिल्म के टिकट खरीदकर पाप ना खरीदें। रविवार को अखिल भारतीय संत समिति के महासचिव जितेंद्रानंद स्वामी ने कहा है कि जिस तरह के डायलॉग आदिपुरुष फिल्म के राइटर मनोज मुंतशिर द्वारा लिखे गए हैं।

इस प्रकार के डायलॉग कोई मोहल्ले का टपोरी छाप और लफंगा जैसा लेखक की लिख सकता है। उन्होंने कहा है कि वैसे तो डायलॉग्स लिखने वाला राइटर मनोज मुंतशिर ही था, मगर उसने शुक्ला बनने की कोशिश की है और अपनी लफंगागिरि की छाप फिल्म आदिपुरूष में छोड दी है। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद स्वामी महाराज ने कहा है कि आदिपुरुष फिल्म को किसी भी दशा में स्वीकार नहीं किया जा सकता है। यह चलचित्र पूरी तरह से बेहद आपत्तिजनक एवं पीड़ादायक है।

उन्होंने कहा है कि निर्माता-निर्देशक और डायलॉग राइटर ने आदिपुरुष फिल्म में भारत की सनातन आस्था पर प्रहार करते हुए पौराणिक संदर्भों को अश्लीलता के साथ चित्रित करते हुए लोगों के सामने पेश किया है। पवित्र धार्मिक ग्रंथ पर आधारित फिल्म आदिपुरुष का निर्माण भारत के महान आदर्शों के चरित्र के साथ पूरी तरह से खिलवाड़ है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है।

बिजली की व्यवस्थाओं पर 24 घंटे नजर रखें

बिजली की व्यवस्थाओं पर 24 घंटे नजर रखें 

बृजेश केसरवानी 

प्रयागराज। प्रयागराज शहर में बिजली की व्यवस्थाओं पर 24 घंटे नज़र रखी जाएगी। पॉवर कारपोरेशन के निदेशक एम देवराज के आदेश के बाद अब शहर में बिजली व्यवस्था पर नजर रखने के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति कर दी गई है। मुख्य अभियंता विनोद गंगवार ने अधीक्षण अभियंता वीपी कठोरिया को नोडल अधिकारी बनाया है। नोडल अधिकारी के रूप में वीपी कठोरिया बिजली संबंधी तमाम शिकायतों के साथ साथ कंट्रोल रूम और स्टोर की व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे और उसकी रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे।

इसके अलावा विभाग की ओर से शहर की जलापूर्ति को सुनिश्चित कराए जाने के लिए भी अवर अभियंताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। नलकूप वाले इलाक़ों में अवर अभियंता प्रति घंटे की बिजली आपूर्ति की रिपोर्ट नोडल अधिकारी व मुख्य अभियंता कार्यालय को भेजेंगे। शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए नगर आयुक्त चंद्र मोहन गर्ग ने भी बिजली विभाग को पत्र लिखकर बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

भारत: 24 घंटों में 'कोरोना' से कोई मौत नहीं

भारत: 24 घंटों में 'कोरोना' से कोई मौत नहीं

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस को लेकर राहत भरी खबर है कि पिछले 24 घंटों के दौरान इस जानलेवा विषाणु के कारण भारत में किसी भी मरीज ने जान नहीं गंवाई है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शनिवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में पिछले 24 घंटों के दौरान कर्नाटक में सक्रिय मामलों की संख्या में छ: की वृद्धि हुई है।

इसके अलावा त्रिपुरा में तीन, बिहार, छत्तीसगढ़ तथा राजस्थान में क्रमश: एक-एक मामले बढ़े हैं। पिछले 24 घंटे में दिल्ली, दो हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, केरल, महाराष्ट्र, मिजोरम, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में कोरोना के सक्रिय मामलों में गिरावट आई है।

इस बीच, देश में कोरोना टीकाकरण भी जारी है और पिछले 24 घंटों में 1,552 लोगों को टीका लगाया गया है। अब तक देश में 2,20,67,34,064 लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अऩुसार, देश में कुल संक्रमितों की संख्या 4,49,93,480 हो गई है। सक्रिय मामलों की संख्या 34 घटकर 1,925 रह गई है। इसी अवधि में कोविड-19 से किसी की भी मृत्यु नहीं होने से मृतकों की संख्या 5,31,893 पर बरकरार है। पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण से स्वस्थ होने वालों का आंकड़ा 146 बढ़कर 4,44,59,660 पर पहुंच गया है।

आम के रंग जैसी 'पफर फिश' का वीडियो वायरल

आम के रंग जैसी 'पफर फिश' का वीडियो वायरल


डॉक्टर सुभाषचंद्र गहलोत 

समुद्र के नीचे का संसार या पानी में बसी दुनिया में इतने अजूबे हैं कि गिनती नहीं की जा सकती। हर बार जब आप ये सोचें कि अब तो हर वॉटर एनिमल की जानकारी मिल चुकी है। तब कोई ऐसा जीव दिखाई देता है या वायरल हो जाता है, जिसे देखकर यकीन करना मुश्किल होता है कि दुनिया में ऐसे भी अजूबे जीव हैं। ट्विटर पर ऐसी ही एक पफर फिश का वीडियो वायरल हो रहा है। जिसे देखकर लोग हैरान रह गए।

गुब्बारे जैसी फूली फिशट्विटर हैंडल Massimo ने पफर फिश का एक वीडियो शेयर किया है। पफर फिश का नाम सुनकर आपको ये अंदाजा हो ही गया होगा कि ये एक ऐसी फिश है, जो खुद में पानी भरकर फूल कर कुप्पा हो जाती है। दरअसल ये इस फिश का डिफेंस मैकेनिज्म होता है। जो इसे बाकी मछलियों से बिलकुल अलग बनाता है। ऐसी ही एक पीली पफर फिश का वीडियो तेजी से वायरल है‌। पफर फिश का रंग बिलकुल पके हुए आम के छिलके की तरह पीला है। शुरुआत में इसे पानी में बहता देख ऐसा लगता है कि आम के ही आंख, मुंह और कान निकल आए हैं। जब इसे पानी से बाहर निकाला जाता है, तब ये अहसास होता है, कि ये पीले रंग की एक पफर फिश है। इस फिश को गोल्डन पफर फिश भी कहा जाता है। 

जिसका साइंटिफिक नाम है। यूजर्स के मजेदार रिएक्शनइस फिश का वीडियो देख ट्विटर यूजर्स ने खूब मजेदार रिएक्शन दिए हैं। एक यूजर ने लिखा कि उसे लगा ये पानी में तैरता आम है, तो एक यूजर को ये बड़े से नींबू जैसा लगा। हालांकि कुछ यूजर्स वीडियो बनाने वाले से नाराजगी भी जाहिर कर रहे हैं। उनकी नाराजगी एक मछली को परेशान करने को लेकर है।

मणिपुर की स्थिति को लेकर पीएम पर निशाना साधा

मणिपुर की स्थिति को लेकर पीएम पर निशाना साधा

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। कांग्रेस ने रविवार को मणिपुर की स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा और कहा कि एक और मन की बात लेकिन मणिपुर पर मौन हैं। मणिपुर में करीब एक महीने पहले मेइती और कुकी समुदाय के बीच भड़की जातीय हिंसा में 100 से अधिक लोगों की जान चली गई है।

प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, तो एक और मन की बात लेकिन मणिपुर पर मौन। आपदा प्रबंधन में भारत की जबरदस्त क्षमताओं के लिए प्रधानमंत्री ने खुद की पीठ थपथपाई। पूरी तरह से मानव निर्मित उस मानवीय आपदा का क्या ? जिसका सामना मणिपुर कर रहा है। रमेश ने ट्विटर पर कहा, अभी भी उनकी (प्रधानमंत्री) ओर से शांति की अपील नहीं की गई है। एक गैर-लेखापरीक्षा योग्य पीएम-केयर फंड है, लेकिन क्या प्रधानमंत्री को मणिपुर की भी परवाह है, यही असली सवाल है।

इससे पहले रविवार को रेडियो पर प्रसारित मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं पर किसी का नियंत्रण नहीं है, लेकिन आपदा प्रबंधन की जो ताकत भारत ने वर्षों से विकसित की है, वह आज मिसाल बन रही है। कांग्रेस के नेतृत्व में मणिपुर के 10 विपक्षी दलों ने शनिवार को पूर्वोत्तर राज्य में जारी हिंसा पर प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी को लेकर सवाल उठाया था और प्रधानमंत्री से मुलाकात का समय देने तथा शांति की अपील करने का आग्रह किया था। 

भारत: सर्वोच्च पुरस्कार हेतु नामांकन आमंत्रित

भारत: सर्वोच्च पुरस्कार हेतु नामांकन आमंत्रित  

अकांशु उपाध्याय  

नई दिल्ली। भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने भारत के सर्वोच्च पद्म पुरस्कार (पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री) वर्ष 2024 के लिए भारतीय नागरिकों से ऑनलाइन नामांकन आमंत्रित किया है। यह नामांकन 1 मई 2023 से प्रारंभ हो चुका है। पुरस्कार के लिए निर्धारित पात्रता एवं मापदंड के अनुरूप योग्य-पात्र व्यक्तियों का नामांकन प्रस्ताव जिला कलेक्टर के अनुशंसा के बाद सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय को भेजी जाएगी। इसलिए योग्य व्यक्ति या संस्था जिसने उत्कृष्ट कार्य किया है, वे अपने नामांकन करने के बाद जिला कलेक्टर को अनुशंसा के लिए भेजें। जिला कलेक्टर से इन नामांकन पत्रों को सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय नवा रायपुर ने 30 अगस्त 2023 तक मंगाया है। सभी जिले के कोई भी योग्य व्यक्ति या संस्था नामांकन के बाद निर्धारित समय अवधि में कलेक्टर से नामांकन की प्रति में अनुशंसा करा सकते हैं।


गृह मंत्रालय से जारी पत्र के अनुसार पद्म पुरस्कार अर्थात् पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है। 1954 में स्थापित इन पुरस्कारों की घोषणा प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। इस पुरस्कार में उत्कृष्ट कार्य को मान्यता प्रदान की जाती है और इसे सभी क्षेत्रों-विषयों जैसे कला, साहित्य एवं शिक्षा, खेल, चिकित्सा, समाज सेवा, विज्ञान एवं इंजीनियरिंग, लोक कार्य सिवित सेवा, व्यापार एवं उद्योग आदि में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों-सेवा के लिए प्रदान किया जाता है। कोई भी व्यक्ति, किसी जाति, व्यवसाय, हैसियत या लिंग के भेदभाव के बिना, इन पुरस्कारों के लिए पात्र है। इन पुरस्कारों के लिए सभी राज्यों और संघ राज्य क्षेत्र सरकारों के साथ-साथ अनेक अन्य स्रोतों से भी नामांकन आमंत्रित करने की परंपरा है ताकि इन पर व्यापक विचार-विमर्श किया जा सके।


पद्म पुरस्कार के लिए नामांकन-सिफारिशें केवल ऑनलाइन राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टलhttps://awards.gov.in/अवार्डस डॉट जीओव्ही डॉट इन पर स्वीकार की जाएगी, जिसे इसी उद्देश्य के लिए डिज़ाइन किया गया है। नामांकन-सिफारिश में अनुशंसित व्यक्ति की उससे संबन्धित क्षेत्र-विषय में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों का स्पष्ट रूप से उल्लेख करते हुए विवरणात्मक रूप में प्रशस्ति पत्र (अधिकतम 800 शब्द) सहित उपर्युक्त पोर्टल पर उपलब्ध प्रारूप में उल्लिखित सभी प्रासंगिक जानकारी दी जानी चाहिए। किसी व्यक्ति की ऑनलाइन सिफारिश करते समय यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सभी आवश्यक विवरण ठीक से भरे गए है। ऑनलाइन सिफारिश करने की क्रमवार प्रक्रिया, इन पुरस्कारो से संबंधित विधान और नियमावली वेबसाइटhttps://www.padmaawards.gov.in/padma_home.aspxपद्मअवार्डस डॉट जीओव्ही डॉट इन पर भी उपलब्ध है।


कलेक्टरों को जारी पत्र में कहा गया है कि अतीत में देखा गया है कि बड़ी संख्या में व्यक्तियों के संबंध में नामांकन प्राप्त होते हैं, लेकिन असाधारण योगदान के बावजूद कई प्रतिभाशाली व्यक्तियों के नाम पर विचार नहीं किया जाता है। ज्यादातर ऐसे लोगों की मुख्य रूप से इस कारण से अनदेखे रहने की संभावना रहती है कि उन्हें अपने सार्वजनिक जीवन में प्रचार या प्रमुखता की आकांक्षा नहीं रहती है। इसलिए अनुरोध है कि ऐसे व्यक्तियों की पहचान करने के पूरे प्रयास किए जाए जिनका उत्कृष्ट प्रदर्शन और उपलब्धियो सम्मान योग्य हैं और उनका उपयुक्त नामांकन किया जाए। यह उल्लेख करना आवश्यक है कि ऐसे योग्य व्यक्तियों के सम्मान से इन पुरस्कारों की प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। उल्लेखनीय है कि डॉक्टरों और वैज्ञानिकों को छोड़कर, सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों में काम करने वाले व्यक्तियों सहित सरकारी सेवक पद्म पुरस्कार के लिए पात्र नहीं हैं। मरणोपरांत मामले में पुरस्कार मरणोपरांत प्रदान नहीं किया जाता है। हालांकि, अत्यधिक योग्य और दुर्लभ मामलों में, सरकार मरणोपरांत पुरस्कार देने पर विचार कर सकती है।


पद्म पुरस्कार के लिए क्षेत्र कला – संगीत, चित्रकला, मूर्तिकला, फोटोग्राफी, सिनेमा, रंगमंच आदि शामिल हैं। सामाजिक कार्य – चैरिटेबल सस्ती स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक और धर्मार्थ सेवाएं, पर्यावरण, स्वच्छता आदि जैसी सामुदायिक परियोजनाओं में योगदान शामिल हैं। सार्वजनिक मामले- इसमें कानून, सार्वजनिक जीवन, राजनीति आदि। विज्ञान और इंजीनियरिंग – इसमें अंतरिक्ष इंजीनियरिंग, परमाणु विज्ञान, सूचना प्रौद्योगिकी, विज्ञान और इसके संबद्ध विषयों में अनुसंधान और विकास आदि शामिल हैं। व्यापार और उद्योग – बैंकिंग, आर्थिक गतिविधियों, प्रबंधन, व्यापार और व्यवसाय के क्षेत्र में विनिर्माण, स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी, वस्त्र, लेखा, वित्त, पर्यटन, आदि के क्षेत्रों में शामिल हैं। चिकित्सा – एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी, सिद्ध, प्राकृतिक चिकित्सा, आदि में चिकित्सा अनुसंधान और विशिष्टता/विशेषज्ञता शामिल है। साहित्य और शिक्षा – साक्षरता और शिक्षा को बढ़ावा देना, शिक्षा सुधार, शिक्षण, पत्रकारिता, साहित्य और कविता, लेखक आदि शामिल हैं। सिविल सेवा – सरकारी सेवकों द्वारा प्रशासन आदि में विशिष्टता/उत्कृष्टता शामिल है खेल – इसमें खेलकूद, एथलेटिक्स, पर्वतारोहण, खेलों को बढ़ावा देना आदि शामिल हैं। अन्य – इसमें अध्यात्म, योग, वन्य जीवन सुरक्षा और संरक्षण, पाक कला, कृषि, बुनियादी नवाचार, पुरातत्व, वास्तुकला आदि शामिल हो सकते हैं।

पाचन शक्ति बढ़ाने में मददगार आलूबुखारा 

पाचन शक्ति बढ़ाने में मददगार आलूबुखारा 

सरस्वती उपाध्याय

अलूचा या आलू बुखारा एक पर्णपाती वृक्ष है। इसके फल को भी अलूचा या प्लम कहते हैं। फल, लीची के बराबर या कुछ बड़ा होता है और छिलका नरम तथा साधरणत: गाढ़े बैंगनी रंग का होता है। गूदा पीला और खटमिट्ठे स्वाद का होता है। भारत में इसकी खेती बहुत कम होती है; परंतु अमरीका आदि देशों में यह महत्वपूर्ण फल है। आलूबुखारा (प्रूनस बुखारेंसिस) भी एक प्रकार का अलूचा है, जिसकी खेती बहुधा अफगानिस्तान में होती है। अलूचा का उत्पत्तिस्थान दक्षिण-पूर्व यूरोप अथवा पश्चिमी एशिया में काकेशिया तथा कैस्पियन सागरीय प्रांत है। इसकी एक जाति प्रूनस सैल्सिना की उत्पत्ति चीन से हुई है। इसका जैम बनता है।

पीले रंग के मिराबॅल आलू बुख़ारे

आलू बुख़ारा एक गुठलीदार फल है। आलू बुख़ारे लाल, काले, पीले और कभी-कभी हरे रंग के होते हैं। आलू बुख़ारों का ज़ायका मीठा या खट्टा होता है और अक्सर इनका पतला छिलका अधिक खट्टा होता है। इनका गूदा रसदार होता है और इन्हें या तो सीधा खाया जा सकता है या इनके मुरब्बे बनाए जा सकते हैं। इनके रस पर खमीर उठने पर आलू बुख़ारे की शराब भी बनाई जाती है। सुखाए गए आलू बुख़ारों को बहुत जगहों पर खाया जाता है और उनमें ऑक्सीकरण रोधी (ऐन्टीआक्सडन्ट) पदार्थ होते हैं जो कुछ रोगों से शरीर को सुरक्षित रखने में मददगार हो सकते हैं। आलू बुख़ारों की कई क़िस्मों में कब्ज़ का इलाज करने वाले (यानि जुलाब के) पदार्थ भी होते हैं।

यह खटमिट्ठा फल भारत के पहाड़ी प्रदेशों में होता है। अलूचा के सफल उत्पादन के लिए ठंडी जलवायु आवश्यक है। देखा गया है कि उत्तरी भारत की पर्वतीय जलवायु में इसकी उपज अच्छी हो सकती है। मटियार, दोमट मिट्टी अत्यंत उपयुक्त है, परंतु इस मिट्टी का जलोत्सारण (ड्रेनेज) उच्च कोटि का होना चाहिए। इसकी सिंचाई आड़ू की भांति करनी चाहिए।

अलूचा का वर्गीकरण फल पकने के समयानुसार होता है :

(१) शीघ्र पकनेवाला, जैसे अलूचा लाल, अलूचा पीला, अलूचा काला तथा अलूचा ड्वार्फ;

(२) मध्यम समय में पकनेवाला, जैसे अलूचा लाल बड़ा, अलूचा जर्द तथा आलूबुखारा;

(३) विलंब से पकनेवाला, जैसे अलूचा ऐल्फा, अलूचा लेट, अलूचा एक्सेल्सियर तथा केल्सीज जापान।

अलूचा का प्रसारण आँख बाँधकर (बडिंग द्वारा) किया जाता है। आड़ू या अलूचा के मूल वृंत पर आंख बांधी जाती है। दिसंबर या जनवरी में १५-१५ फुट की दूरी पर इसके पौधे लगाए जाते हैं। आरंभ के कुछ वर्षों तक इसकी काट-छांट विशेष सावधानी से करनी पड़ती है। फरवरी के आरंभ में फूल लगते हैं। शीघ्र पकनेवाली किस्मों के फल मई में मिलने लगते हैं। अधिकांश फल जून-जुलाई में मिलते हैं। लगभग एक मन फल प्रति वृक्ष पैदा होता है।

रेगिस्तान में बाढ़ जैसे हालात पैदा, बिपरजाय

रेगिस्तान में बाढ़ जैसे हालात पैदा, बिपरजाय

नरेश राघानी 

जयपुर। गुजरात में तबाही मचाने के बाद बिपरजॉय तूफान राजस्थान के बाड़मेर में भी कहर बरपा रहा है। बाड़मेर ज़िले में चौहटन में अब तक सबसे ज़्यादा बारिश, 10 इंच तक बारिश हुई है। वहीं, जालोर के रानीवाड़ा में 4.3 इंच बारिश हो चुकी है। सबसे ज़्यादा बारिश जालोर बाड़मेर और सिरोही में हो रही है। यहां जल भराव और बाढ़ जैसे हालात देखने को मिल रहे हैं। 

एनडीआरएफ़ की टीम सिवान में तैनात हैं। बाड़मेर जिले के चौहटन इलाके में बीते 24 घंटों में सर्वाधिक बारिश दर्ज की गई है। लगातार बारिश होने से राजस्थान के रेगिस्तान में बाढ़ जैसे हालात बनते नजर आ रहे हैं। अरब सागर में उठे चक्रवात ‘बिपारजॉय’ के असर से राजस्थान के कई इलाकों में भारी बारिश का दौर रविवार को भी जारी है। जालोर की रानीवाड़ा में सेना से मदद ली गयी है। तीनों ज़िले गुजरात से लगते हुए है।

रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर खिलाफत 

रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर खिलाफत 

इकबाल अंसारी  

मुंबई। आदि पुरुष के स्क्रिप्ट राइटर मनोज मुंतशिर ने अपने ट्वीट मे लिखा, ‘रामकथा से पहला पाठ जो कोई सीख सकता है, वो हर भावना का सम्मान करना। सही या ग़लत, समय के अनुसार बदल जाता है, भावना रह जाती है। आदिपुरुष में 4000 से भी ज्यादा पंक्तियों के संवाद मैंने लिखे, 5 पंक्तियों पर कुछ भावनाएं आहत हुईं। उन सैकड़ों पंक्तियों में जहां श्री राम का यशगान किया, मां सीता के सतीत्व का वर्णन किया। उनके लिए प्रशंसा भी मिलनी थी, जो पता नहीं क्यों मिली नहीं ?’ प्रभास, सैफ अली खान और कृति सेनन स्टारर फिल्म ‘आदिपुरुष’ शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। फिल्म ने पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है, लेकिन सोशल मीडिया पर फिल्म के डायलॉग और सीन्स को लेकर बवाल मचा हुआ है।

तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अलर्ट

तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अलर्ट

श्रीराम मौर्य  

देहरादून। उत्तराखंड में अगले 5 दिन मौसम के लिहाज से भारी पड़ने की संभावना है, मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने पूर्वानुमान जारी कर राज्य के जनपदों में 22 जून तक तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान मौसम विभाग ने विशेष एहतियात बरतने की सलाह भी दी है।

राज्य मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून द्वारा जारी पांच दिवसीय मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक 18 और 19 जून को राज्य के हरिद्वार उधम सिंह नगर देहरादून पौड़ी और नैनीताल जिले में कहीं कहीं गर्जन के साथ बिजली चमकने और 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झक्कड़ हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा राज्य के नैनीताल बागेश्वर चमोली और पिथौरागढ़ जिले में कहीं-कहीं भारी वर्षा की भी संभावना है जिसको लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गयाराज्य मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक 20 और 21 जून को राज्य के हरिद्वार उधम सिंह नगर देहरादून पौड़ी और नैनीताल जिले में कहीं कहीं गर्जन के साथ बिजली चमकने और 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झक्कड़ हवाएं चलने की संभावना है। 

इसके अलावा राज्य के नैनीताल बागेश्वर चमोली और पिथौरागढ़ ,चंपावत ,पौड़ी जिले में कहीं-कहीं भारी वर्षा की भी संभावना है जिसको लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक 22 जून को भी राज्य के जनपदों में गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है वहीं देहरादून टिहरी और पौड़ी जिले में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना है जिसको लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

26 जून को रोडवेज का चक्का जाम: हरियाणा 

26 जून को रोडवेज का चक्का जाम: हरियाणा 

राणा ओबरॉय  

चंडीगढ़। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा की ओर से रोहतक के रोडवेज डिपो में काले झंडों के साथ दो घंटे का प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने अतिरिक्त परिवहन सचिव (एसीएस) नवदीप सिंह विर्क पर तानाशाही रवैया बरतने का आरोप लगाया।


वहीं प्रदर्शन के दौरान 26 जून को प्रदेशस्तर पर एक दिन की हड़ताल करने का फैसला लिया गया। कर्मचारियों ने कहा कि सुबह आठ से शाम आठ बजे तक 12 घंटे के चक्का जाम से डिपो के राजस्व को नुकसान और यात्रियों को असुविधा झेलनी पड़ेगी, इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

राजस्थान: 441 नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र खुलेंगे 

राजस्थान: 441 नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र खुलेंगे 

नरेश राघानी 

जयपुर। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार तथा आमजन को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में निरन्तर महत्वपूर्ण फैसलें लिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के विभिन्न जिलों के 441 गांवों में नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने तथा प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र हेतु महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता का एक-एक पद सृजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है।

प्रस्ताव के अनुसार, बाड़मेर के 39, दौसा के 33, जयपुर-प्रथम के 25, सीकर के 25, अलवर के 23, जैसलमेर के 22, नागौर के 20, झुन्झूनूं के 20, भरतपुर के 19, अजमेर के 17, डूंगरपुर के 15, हनुमानगढ़ के 15, करौली के 14, चुरू के 14, जयपुर-द्वितीय के 14, बारां के 14, भीलवाड़ा के 12, जोधपुर के 12, टोंक के 12, राजसमंद के 10, कोटा के 9, बीकानेर के 9, धौलपुर के 6, बूंदी के 6, उदयपुर के 6, बांसवाड़ा के 5, चितौड़गढ़ के 5, सवाई माधोपुर के 5, गंगानगर के 5, सिरोही के 4, जालोर के 4 एवं पाली के 2 सहित कुल 441 गांवों में नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र खोले जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा बजट 2023-24 में प्रदेश में नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने की घोषणा की गई थी। उक्त घोषणा की क्रियान्विति के क्रम में यह स्वीकृति दी गई है। श्री गहलोत की इस मंजूरी से प्रदेश की गांव-ढाणी में चिकित्सा सेवाओं का विस्तार होगा तथा स्थानीय लोगों को क्षेत्र में ही बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

मात्र 42 साल की उम्र में 600 बच्चों के पिता

दुनिया आज फादर्स डे को सेलिब्रेट कर रही है। इस मौके पर हम जानेंगे गरियाबंद जिले के देवभोग से 16 किलोमीटर की दूरी पर रहने वाले ‘पापा जी’ के बारे में, जो एक-दो नहीं बल्कि 600 बच्चों के पिता हैं। इन बच्चों के साथ उनका खून का रिश्ता तो नहीं है, लेकिन इन अनाथ बच्चों के पालन-

पोषण की जिम्मेदारी उठाकर वे इनके अपने पिता से भी बढ़कर हो गए हैं। इनके अनाथ आश्रम में छत्तीसगढ़ राज्य के 100 से भी ज्यादा बच्चों का पालन-पोषण हो चुका है।

पापा जी यानी श्याम सुंदर दास (60)… ये गरियाबंद जिले के देवभोग से महज 6 किमी दूरी पर कालाहांडी (ओडिशा) के धरमगढ़ के गंबारीगुड़ा गांव में रहते हैं। यहीं पर रहकर ये अपना अनाथ आश्रम ‘जसोदा’ चलाते हैं, जिसमें 6 दूधमुंहे बच्चों समेत 100 बच्चों का लालन-पालन इनकी निगरानी में होता है। यहां अनाथ बच्चे आते गए और इनकी जिम्मेदारी श्याम सुंदर उठाते गए। इस तरह से पिछले 42 सालों में ये 600 बच्चों के पिता बन गए। इनमें से 37 बेटियों और 17 बेटों की इन्होंने शादी भी की। 8 बेटे सरकारी नौकरी कर रहे हैं।

श्याम सुंदर दास ने बताया कि बचपन में ही इन्होंने अपने पिता को खो दिया था। 1980 में जब वे 18 साल के हुए, तो धर्मगढ़ रोड पर उन्हें एक बच्चा पेड़ के नीचे रोता हुआ मिला। वे उसे उठाकर घर ले गए। उनकी मां जसोदा ने बच्चे का पालन-पोषण शुरू किया। उन्होंने उसी समय से ऐसे बच्चों की सेवा करने की ठान ली थी।

6 महीने के भीतर 4 बच्चे मिले

उस समय श्याम सिलाई का काम कर रहे थे। मजदूरी करने देवभोग के कूम्हडाई गांव में भी रहते थे। उन पर बच्चा चोरी का आरोप भी लगा, जेल जाने की नौबत तक आ गई, लेकिन कुछ समाज सेवियों के बयान ने श्याम सुंदर दास को कानूनी शिकंजे से बचा लिया। 1984 में मां जसोदा भी चल बसी। 90 के दशक में कच्चे मकान में बगैर किसी सहयोग से 40 से ज्यादा बच्चों की परवरिश की।

शादी के लिए कोई बेटी देने को तैयार नहीं था

अनाथ आश्रम के संचालन के लिए जीवन संगिनी की जरूरत थी, लेकिन इतने बड़े काम को देखते हुए कोई अपनी बेटी को देने के लिए तैयार नहीं था। इसके बाद उन्होंने कस्तूरी देवी से लव मैरिज की। शुरू के 15 साल बच्चों के पालन-पोषण के लिए श्याम ने टेलर से लेकर मजदूरी तक का काम किया। इस काम को लेकर जुनून को देखकर 3 बच्चों की मां बन चुकी कस्तूरी 2 साल तक बच्चों समेत दूर चली गई। घर में इस बात पर तनाव होता था, लेकिन बाहर के लोग उनके इस जज्बे से बहुत प्रभावित थे।

बाद में पत्नी कस्तूरी को भी इस नेक काम का आभास हुआ। फिर दोनों ने अनाथ बच्चों की सेवा शुरू कर दी। नौबत ऐसी आ गई कि इनके खुद के बच्चों को लालन-पालन के लिए उनके छोटे भाई ले गए। 2008 के बाद इन्हें सरकारी मदद मिलनी शुरू हुई। भवन और बाउंड्री वॉल बनाए गए। बच्चों की परवरिश के लिए मामूली रकम से सरकारी फंडिंग तब शुरू हुई, जब तक वे 200 बच्चों को पाल-पोसकर बड़ा कर चुके थे। समय के साथ छत्तीसगढ़ और ओडिशा के 150 से ज्यादा पति-पत्नी ने जसोदा अनाथालय से बच्चे गोद लिए।

कई बच्चों को उनके माता-पिता ही छोड़ जाते हैं

अभी जसोदा आश्रम में करीब 100 बच्चे हैं। इनमें से 30 से ज्यादा बच्चे तो ऐसे हैं, जो जन्म से दिव्यांग हैं और उन्हें गरीबी के चलते उनके माता-पिता ही यहां छोड़कर चले गए हैं। ओडिशा में मौजूद इस आश्रम ने देवभोग अंचल के 100 से भी ज्यादा अनाथ बच्चों को पिछले 42 सालों में आश्रय दिया। सभी बच्चे श्याम सुंदर को पापा जी व उनकी पत्नी कस्तूरी को मां कहते हैं। दंपति 3 आया और 5 कर्मचारियों के साथ मिलकर अपना अनाथ आश्रम चलाते हैं और 24 घंटे बच्चों की सेवा में लगे रहते हैं।

श्याम सुंदर ने बताया कि ओडिशा सरकार की मदद से पिछले 15 सालों में आश्रम के लिए पर्याप्त भवन, बाउंड्रीवॉल बनी है। केवल 40 बच्चों के लालन-पालन के लिए मासिक 1800 रुपए प्रति सदस्य मिलता है। उनके 3 बेटों की कमाई का कुछ भाग और मिल रहे अपार जनसहयोग से बच्चों की परवरिश हो रही है। अब तक श्याम सुंदर दास 600 बच्चों का पालन-पोषण कर चुके हैं।

19 जून से 27 जून तक गुप्त नवरात्रि: आस्था


बिलासपुर। श्री पीताम्बरा पीठ सुभाष चौक सरकण्डा बिलासपुर छत्तीसगढ़ स्थित त्रिदेव मंदिर में आषाढ़ गुप्त नवरात्र उत्सव 19 जून 2023 से 27 जून 2023 तक हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। पीताम्बरा पीठाधीश्वर आचार्य दिनेश जी महाराज ने बताया कि इस अवसर पर श्री पीताम्बरा पीठ त्रिदेव मंदिर में स्थित श्री ब्रह्मशक्ति बगलामुखी देवी का विशेष पूजन,श्रृंगार जपात्मक यज्ञ, हवन किया जाएगा,साथ ही श्री शारदेश्वर पारदेश्वर महादेव का रुद्राभिषेक,पूजन एवं परमब्रह्म मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम जी का पूजन,श्रृंगार किया जाएगा। श्री महाकाली,महालक्ष्मी,महासरस्वती राजराजेश्वरी,त्रिपुरसुंदरी देवी का श्रीसूक्त षोडश मंत्र द्वारा दूधधारियाँ पूर्वक अभिषेक किया जाएगा।

बता दें कि गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की साधना की जाती है। गुप्त नवरात्रि के दौरान काली, तारा ,षोडशी, त्रिपुरभैरवी, भुवनेश्वरी,छिन्नमस्ता, धूमावती,बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी की पूजा की जाती हैं।

गुप्त नवरात्र में दस महाविद्याओं के पूजन को प्रमुखता दी

स 19 से 27 जून तक गुप्त नवरात्रि प्रारंभरस्वती उपा 19 19 जून से 27 जून तक गुप्त नवरात्रि: आस्था  से 27


तकध्यायजाती है। देवी भागवत के अनुसार महाकाली के उग्र और सौम्य दो रुपों में अनेक रुप धारण करने वाली दस महा-विद्याएँ हुई हैं। भगवान शिव की यह महाविद्याएँ सिद्धियाँ प्रदान करने वाली होती है। दस महाविद्या देवी दुर्गा के दस रूप कहे जाते हैं। प्रत्येक महाविद्या अद्वितीय रुप लिए हुए प्राणियों के समस्त संकटों का हरण करने वाली होती है। इन दस महाविद्याओं को तंत्र साधना में बहुत उपयोगी और महत्वपूर्ण माना जाता है।

काली- दस महाविद्याओं मे से एक मानी जाती हैं।तंत्र साधना में तांत्रिक देवी काली के रूप की उपासना किया जाता है। तारा- दस महाविद्याओं में से माँ तारा की उपासना तंत्र साधकों के लिए सर्वसिद्धिकारक मानी जाती है। माँ तारा परारूपा हैं एवं महासुन्दरी कला-स्वरूपा हैं तथा देवी तारा सबकी मुक्ति का विधान रचती हैं।

षोडशी- माँ ललिता की पूजा से समृद्धि की प्राप्त होती है।

दक्षिणमार्गी शाक्तों के मतानुसार देवी ललिता को चण्डी का स्थान प्राप्त है।

त्रिपुरभैरवी – माँ त्रिपुर भैरवी तमोगुण एवं रजोगुण से परिपूर्ण हैं।

भुवनेश्वरी – माता भुवनेश्वरी सृष्टि के ऐश्वर्य की स्वामिनी हैं।भुवनेश्वरी माता सर्वोच्च सत्ता की प्रतीक हैं..इनके मंत्र को समस्त देवी देवताओं की आराधना में विशेष शक्ति दायक माना जाता है।

छिन्नमस्तिका - माँ छिन्नमस्तिका को मां चिंतपूर्णी के नाम से भी जाना जाता है. माँ भक्तों के सभी कष्टों को मुक्त कर देने वाली है।

धूमावती – माँ धूमावती के दर्शन पूजन से अभीष्ट फल की प्राप्ति होती है। माँ धूमावती जी का रूप अत्यंत भयंकर हैं इन्होंने ऐसा रूप शत्रुओं के संहार के लिए ही धारण किया है।

बगलामुखी – माँ बगलामुखी स्तंभन की अधिष्ठात्री हैं।इनकी उपासना से शत्रुओं का नाश होता है तथा भक्त का जीवन हर प्रकार की बाधा से मुक्त हो जाता है।

मातंगी – यह वाणी और संगीत की अधिष्ठात्री देवी कही जाती हैं…इनमें संपूर्ण ब्रह्माण्ड की शक्ति का समावेश हैं। भगवती मातंगी अपने भक्तों को अभय का फल प्रदान करती हैं।

कमला – माँ कमला सुख संपदा की प्रतीक हैं।धन संपदा की आधिष्ठात्री देवी है।भौतिक सुख की इच्छा रखने वालों के लिए इनकी अराधना सर्वश्रेष्ठ मानी जाती हैं।

बगलामुखी देवी की उपासना विशेष रूप से वाद-विवाद,शास्त्रार्थ,मुकदमे में विजय प्राप्त करने के लिए, अकारण कोई आप पर अत्याचार कर रहा हो तो उसे रोकने,सबक सिखाने,बंधन मुक्त,संकट से उद्धार, उपद्रवो की शांति,ग्रहशांति एवं संतान प्राप्ति के लिए विशेष फलदाई है।

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण


1. अंक-248, (वर्ष-06)

2. सोमवार, जून 19, 2023

3. शक-1944, आषाढ़, शुक्ल-पक्ष, तिथि- प्रतिपदा, विक्रमी सवंत-2079‌‌।

4. सूर्योदय प्रातः 05:23, सूर्यास्त: 07:21। 

5. न्‍यूनतम तापमान- 23 डी.सै., अधिकतम- 39+ डी.सै.।

6. समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है। सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा। सभी पद अवैतनिक है। 

7.स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक राधेश्याम व शिवांशु  (विशेष संपादक) श्रीराम व सरस्वती (सहायक संपादक) संरक्षण-अखिलेश पांडेय, ओमवीर सिंह, वीरसैन पंवार, योगेश चौधरी आदि के द्वारा (डिजीटल सस्‍ंकरण) प्रकाशित। प्रकाशित समाचार, विज्ञापन एवं लेखोंं से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं हैं। पीआरबी एक्ट के अंतर्गत उत्तरदायी।

8. संपर्क व व्यवसायिक कार्यालय- चैंबर नं. 27, प्रथम तल, रामेश्वर पार्क, लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102। 

9. पंजीकृत कार्यालयः 263, सरस्वती विहार लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102

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