बुधवार, 25 जनवरी 2023

गणतंत्र दिवस    'संपादकीय'

गणतंत्र दिवस    'संपादकीय'


'भारत' देश है हमारा,

संविधान पर विवाद नहीं।

'सभ्यता' सबसे पहले आई,

भाषा पर संवाद नहीं।

भारतीय परंपराओं के अनुरूप, भारत में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत में वर्षों पहले 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था। जब से यह परंपरा जारी है। इसके साथ ही आपको बताते चलें, कि भारत में हर साल 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) को राष्ट्रीय अवकाश रहता है। इस बार यह 74वां गणतंत्र दिवस है। इसके पश्चात आपको यह खास एवं महत्वपूर्ण बात भी बताते चलें, कि भारत ही दुनिया का एक ऐसा देश है, जिसकी भारतीय संविधान में लिखित 'राष्ट्रभाषा' कोई भी नहीं है। इस बात को ध्यान में रखते हुए एक नज़रिए से देखा जाएं, तो यह एक 'गर्व' की बात है और 'चिंता' की भी...।

'गर्व' की बात इसलिए है, क्योंकि दुनिया में केवल भारत ही एक ऐसा देश है, जिसकी भारतीय संविधान में लिखित राष्ट्रभाषा कोई भी नहीं है और हिंदी को राजभाषा की उपाधि दी गई है। ज्यादातर 'हिंदी' भाषा का प्रयोग भारत में किया जाता है। भारत के अलावा, हिंदी का प्रयोग बहुत ही कम देशों में किया जाता है। इसलिए, यह एक गर्व की बात है।

'चिंता' की बात इसलिए है, क्योंकि दुनिया में भारत एक अकेला देश है, जिसकी भारतीय संविधान में लिखित राष्ट्रभाषा कोई भी नहीं है, तथा बाकी सभी देशों की अपनी-अपनी राष्ट्रभाषा है। इसलिए, यह एक चिंता की बात है।बहरहाल, आपको यह जरूर बता दें, कि 'हिंदी' भारत की राष्ट्रभाषा नहीं, बल्कि राजभाषा है।

चंद्रमौलेश्वर शिवांशु 'निर्भयपुत्र'

मतदाता दिवस पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन 

मतदाता दिवस पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन 


महामाया राजकीय महाविद्यालय में मतदाता दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित

कौशाम्बी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश लखनऊ के पत्र 11 जनवरी 2023 के अनुपालन में महामाया राजकीय महाविद्यालय कौशांबी के राष्ट्रीय सेवा योजना एवं रोवर रेंजर के तत्वावधान के अंतर्गत बुधवार को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर महाविद्यालय परिसर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत निबंध, वाद-विवाद प्रतियोगिता , ड्राइंग एवं क्विज प्रतियोगिता के माध्यम से मतदान के प्रति जागरूकता का प्रसार प्रचार किया गया। इस 13 वे मतदाता दिवस पर छात्र-छात्राओं को शपथ ग्रहण कराई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य द्वारा सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यापर्ण कर किया गया। 

इस अवसर पर प्राचार्य डॉ विनय कुमार सिंह ने कहा कि जिस देश में जितने ही अधिक नागरिकों को मताधिकार प्राप्त रहता है। उस देश को उतना ही अधिक जनतांत्रिक समझा जाता है। इस प्रकार हमारा देश संसार के जनतांत्रिक देशों में सबसे बड़ा है। क्योंकि हमारे यहाँ मताधिकार प्राप्त नागरिकों की संख्या विश्व में सबसे बड़ी है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार निर्माण की प्रक्रिया में आमजन की भागीदारी के लिए मतदान आवश्यक हैं। इस अवसर पर डॉ. अरविंद कुमार,डा.अनिल कुमार, डा. नीलम बाजपेई,डा. भावना केशरवानी,डॉ पवन कुमार , डा. तरित अग्रवाल,डा.रमेश चंद्रा,डा. संतोष कुमार,डा. शैलेष मालवीय।एवम महाविद्यालय के कर्मचारी गण उपस्थित रहे।

विजय कुमार 

हत्या को रोकने के लिए वाद प्रतियोगिता का आयोजन

हत्या को रोकने के लिए वाद प्रतियोगिता का आयोजन


राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में कन्या भूर्ण हत्या को रोकने के लिए विचार गोष्ठी का आयोजन

भानु प्रताप उपाध्याय 

बागपत। कन्या भूर्ण हत्या को रोकने के लिए राजकीय कन्या इंटर कॉलेज बागपत में वाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें 11वीं ओर 12वीं की लड़कियों ने कन्या भ्रुण हत्या को रोकने के लिए और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, जिसमे सभी बालिकाओं ने अपने अच्छे विचार प्रस्तुत किए, जिसमे उन बालिकाओं को सम्मानित किया गया। पी सी पी एन डी टी के ऑपरेटर रूपेश ने बच्चो का मनोबल बढ़ाया। और जिला कोडिनेटर पी.सी.पी.एन.डी.टी राकेश कुमार ने बच्चो को कन्या भूर्ण हत्या के बारे में समझाया। जिसमें नोडल अधिकारी पी.सी.पी.एन.डी.टी डॉक्टर गजेंद्र सिंह, जिला कोडिनेटर राकेश कुमार, ऑपरेटर रूपेश कुमार, पी.सी.पी.एन.डी.टी समिति की सदस्य और सारथी वेलफेयर फाउंडेशन की अध्य्क्ष वन्दना गुप्ता, सभी ने बालिकाओं को  आगे बढ़ने के लिए सभी बालिकाओं के प्रोत्साहन किया।

'पीटीआई' पार्टी के वरिष्ठ नेता चौधरी को अरेस्ट किया 

'पीटीआई' पार्टी के वरिष्ठ नेता चौधरी को अरेस्ट किया 

अखिलेश पांडेय 

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के अधिकारियों ने देश में बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के वरिष्ठ नेता फवाद चौधरी को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। पार्टी नेता फर्रुख हबीब ने बताया कि चौधरी को लाहौर में उनके आवास से हिरासत में लिया गया। हबीब ने ट्वीट किया, ‘‘यह आयातित सरकार पागल हो गई  है।’’

पार्टी के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर कुछ वीडियो भी डाले गये जिनमें पुलिस की गाड़ियां दिखाई दे रही हैं और पार्टी ने दावा किया कि इनमें पुलिस चौधरी को गिरफ्तार कर ले जा रही है। चौधरी (52) को इन अटकलों के बीच गिरफ्तार किया गया है कि सरकार पीटीआई के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को गिरफ्तार कर सकती है।

इन अटकलों के बाद खान के लाहौर स्थित जमान पार्क आवास पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता जमा हो गए। चौधरी की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है जहां इमरान खान के नेतृत्व में विपक्ष मध्यावधि चुनाव कराने की मांग कर रहा है। पाकिस्तान में आम चुनाव अगस्त में होने हैं। हालांकि, खान आकस्मिक चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं।

हिंसा मामलें में मिश्रा को 8 हफ्ते की अंतरिम जमानत 

हिंसा मामलें में मिश्रा को 8 हफ्ते की अंतरिम जमानत 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामलें में आशीष मिश्रा को शर्तों के साथ 8 हफ्ते की अंतरिम जमानत दी। सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्रा को अपनी लोकेशन के बारे में कोर्ट को सूचित करने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि आशीष मिश्रा या उनके परिवार द्वारा गवाहों को प्रभावित करने और मुकदमे में देरी करने की कोशिश करने पर उनकी जमानत रद्द हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्रा को इस शर्त पर अंतरिम जमानत दी है कि वह दिल्ली और उत्तर प्रदेश में नहीं रहेंगे और जमानत पर रिहा होने के एक सप्ताह बाद वह उत्तर प्रदेश छोड़ देंगे।

उच्चतम न्यायालय ने केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को 2021 में हुए लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में बुधवार को आठ सप्ताह की अंतरिम जमानत दे दी। इस हिंसा में आठ लोगों की मौत हो गई थी। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जे के माहेश्वरी की पीठ ने निर्देश दिया कि आशीष अंतरिम जमानत की अवधि के दौरान न तो उत्तर प्रदेश और न ही दिल्ली में रह सकेगा। लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे का किसानों द्वारा विरोध किए जाने के दौरान तीन अक्टूबर, 2021 को हुई हिंसा में आठ लोगों की मौत हो गई थी। उत्तर प्रदेश पुलिस की प्राथमिकी के अनुसार, एक एसयूवी ने चार किसानों को कुचल दिया था और इस एसयूवी में आशीष बैठा था।

इस घटना के बाद एसयूवी के चालक और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो कार्यकर्ताओं को गुस्साए किसानों ने कथित रूप से पीट-पीट कर मार डाला था। हिंसा में एक पत्रकार की भी मौत हो गई थी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने पिछले साल 26 जुलाई को आशीष मिश्रा की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उसने इस आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी। 

स्वास्थ्य: पोषक तत्वों से भरपूर है हरा सेब, जानिए 

स्वास्थ्य: पोषक तत्वों से भरपूर है हरा सेब, जानिए 

सरस्वती उपाध्याय 

आपने अब तक लाल सेब के फायदों के बारे में सुना होगा, लेकिन इस आर्टिकल में आपको हम हरे सेब के लाभ लेकर आए हैं। हरा सेब पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो कई बीमारियों से बचाने में मददगार साबित हो सकता है। खास बात ये है कि हरे सेब के सेवन से त्वचा को भी स्वस्थ रखा जा सकता है, हरे सेब को लीवर के लिए काफी अच्छा माना जाता है। आप रोज सुबह 1 हरे सेब का सेवन जरूर करें।

हरे सेब के पोषक तत्व...

हरा सेब पोषक तत्वों का भंडा है। इसमें कैल्शियम, प्रोटीन, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और पोटेशियम, कॉपर, आयरन, जिंक, विटामिन-ए और विटामिन-के जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, ये एक हेल्दी शरीर के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं। इतना ही नहीं ये तत्व हड्डियों को मजबूत बनाने में मददगार माने जाते हैं।

इन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है ग्रीन सेब...

ग्रीन सेब का सेवन दिल के मरीजों के लिए फायदेमंद है। यह दिल की सेहत को सही रखता है। हरे सेब में विटामिन ए, विटामिन सी, कैल्शियम और आयरन पाया जाते हैं, जो हार्ट हेल्थ को इंप्रूव करते हैं। इससे कार्डियोवैस्कुलर डिजीज का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है। खास बात ये भी है कि हरे सेब में डाइटरी फाइबर होता है, जिससे बैड कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद मिलती है। अगर आप हार्ट के मरीज हैं, तो डॉक्टर की सलाह के बाद ग्रीन एप्पल का सेवन कर सकते हैं।

हरा सेब खाने के फायदे...

हरा सेब खाने से कब्ज और डायरिया की समस्या से आराम मिलता है।
हरे सेब में मौजूद पोषक तत्व लीवर को मजबूत बनाने का काम करते हैं।
हरा सेब वनज घटाने में भी मददगार साबित हो सकता है।
हरे सेब में एंटी-ऑक्सीडेंट होते हैं, जो शरीर की सूजन कम करते हैं।
हरे सेब में कैल्शियम, प्रोटीन, मैग्नीशियम और पोटेशियम तत्व पाए जाते हैं जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं।

भारत: आज मनाया जाएगा 74वां 'गणतंत्र' दिवस

भारत: आज मनाया जाएगा 74वां 'गणतंत्र' दिवस

इकबाल अंसारी 

नई दिल्ली। 'भारत' देश 26 जनवरी 2023 को इस बार अपना 74वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। हर साल इस दिन ही पूरा देश गणतंत्र दिवस मनाता है ? लेकिन क्या आपको पता है कि आखिर 26 जनवरी को ही क्यों इसे मनाते हैं ? क्या है इसका इतिहास ? आइए, आज हम आपको इन दस बिंदुओं के जरिए, बता रहे हैं पूरी कहानी...!

1- देश में पहली बार गणतंत्र दिवस वर्ष 1950 में मनाया गया था। इसी दिन डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने भारत के राष्ट्रपति के रूप में अपना कार्यकाल शुरू किया।

2- साल 1947 में देश को ब्रिटिश राज से आजादी मिली, लेकिन उसका अपना संविधान नहीं था। 26 जनवरी 1950 को भारत को अपना संविधान मिला।

3- डॉ. बीआर अंबेडकर ने संविधान की प्रारूप समिति की अध्यक्षता की। देश गणतंत्र घोषित हो गया था, इसलिए इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।

4- भारत का संविधान दुनिया का सबसे लंबा संविधान है जिसमें 444 लेख 22 भागों में विभाजित हैं, और 12 अनुसूचियां आज तक 118 संशोधनों के साथ हैं।

5-संविधान को 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा अपनाया गया था और यह वर्ष 1950 में लागू हुआ था।

6- पहली गणतंत्र दिवस परेड 1950 में इरविन एम्फीथिएटर (अब मेजर ध्यानचंद स्टेडियम) में आयोजित की गई थी। जिसमें तीन हजार भारतीय सैन्य कर्मियों और 100 से अधिक विमानों ने भाग लिया था।

7-राजपथ पर पहली परेड 1955 में आयोजित की गई थी जब पाकिस्तान के गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मुहम्मद मुख्य अतिथि के रूप में आए थे।

8- 26 जनवरी 1930 में, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ब्रिटिश शासन के डोमिनियन स्थिति का विरोध करते हुए पूर्ण स्वराज की मांग की थी।  इस प्रकार औपनिवेशिक शासन से भारत की स्वतंत्रता की घोषणा की थी।

9- गणतंत्र दिवस परेड के लिए हर साल एक विशेष राष्ट्र के नेता को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाता है। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुकर्णो 1950 में भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने वाले पहले मुख्य अतिथि थे। मार्च में भाग लेने वाले सेना के प्रत्येक सदस्य को जांच की चार परतों से गुजरना पड़ता है, यहां तक कि उनके हथियारों का भी बड़े पैमाने पर निरीक्षण किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे जीवित गोलियां नहीं ले जा रहे हैं।

10- हर साल 21 तोपों की सलामी दी जाती है, जब भारत के राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं और भारत का गणतंत्र दिवस समारोह बीटिंग रिट्रीट के दौरान 'अबाइड बाई मी' गाना गाकर तीन दिनों तक चलता है। देश के राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस पर संबोधित करते हैं, जबकि देश के प्रधानमंत्री स्वतंत्रता दिवस पर संबोधित करते हैं।

गणतंत्र दिवस    'संपादकीय'

गणतंत्र दिवस    'संपादकीय' 'भारत' देश है हमारा, संविधान पर विवाद नहीं। 'सभ्यता' सबसे पहले आई, ...