गुरुवार, 19 मई 2022

'जिला स्वच्छ भारत मिशन' की बैठक संपन्न

'जिला स्वच्छ भारत मिशन' की बैठक संपन्न   

सुशील केसरवानी        
कौशाम्बी। मुख्य विकास अधिकारी शशिकान्त त्रिपाठी की अध्यक्षता में उदयन सभागार में जिला स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की बैठक संपन्न हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2021-22 में विभिन्न मदों के अन्तर्गत जनपद स्तर पर उपलब्ध रहीं धनराशि तथा वित्तीय वर्ष 2022-23 में विगत वर्ष की अवशेष धनराशि से कराये गये कार्यों पर समिति द्वारा विचार-विमर्श कर अनुमोदन किया गया। बैठक में बताया गया कि एन.ओ.एल.बी के अन्तर्गत 148 शौचालयों का निर्माण कराया गया। जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने सभी 148 शौचालयों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिये, जिससे सत्यापन कराया जा सकें।
मुख्य विकास अधिकारी ने डी.पी.आर.ओ को वित्तीय वर्ष 2021-22 में बनाये गये सभी शौचालयां का शासनादेश के अनुसार थर्ड पार्टी से निरीक्षण कराकर आगामी बैठक में पूर्व आख्या उपलब्ध कराने तथा आगामी बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अवशेष रह गये सभी शौचालयां का निर्माण कार्य 30 मई तक अवश्य पूर्ण करा लिये जाएं।
मुख्य विकास अधिकारी ने डी0पी0आर0ओ0 को निर्देश दिये कि सतत निगरानी करते हुए शासन की मंशा के अनुरूप 100 दिन के अन्तर्गत कराये जा रहें कार्यों को 30 जून तक अवश्य पूर्ण करा लिये जाएं। 
उन्होंने डी.पी.आर.ओ से कहा कि जिन पंचायत भवनों का निर्माण भूमि उपलब्ध न होने के कारण नहीं हो पा रहा है, इसके लिए सम्बन्धित उपजिलाधिकारी से समन्वय कर भूमि चिन्हित कर निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाय तथा निर्मित हो चुके पंचायत भवनों में 30 मई तक ग्राम सचिवालय क्रियाशील कर दिये जाय मुख्य विकास अधिकारी ने डी.पी.आर.ओ से कहा कि गंगा एक्शन प्लॉन के तहत जनपद में गंगा नदी के किनारे स्थित 31 गांवो में अगर नाली/गंदे पानी का प्रवाह गंगा नदी में हो रहा है तो ग्राम प्रधान एवं सचिव, ग्राम पंचायत के माध्यम से गंदे पानी को गंगा नदी में जाने से रोकने की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाय तथा सभी 31 ग्रामों में वाल राइटिंग एवं नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जन जागरूकता किया जाएं। इसके साथ ही उन्होंने डी.पी.आर.ओ से कहा कि जिला कृषि अधिकारी के माध्यम से गांवो के लोगों को जैविक खेती के प्रति प्रोत्साहित किया जाय तथा डी.एफ.ओ के माध्यम से वृक्षारोपण का कार्य कराया जाएं। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. के.सी राय, परियोजना निदेशक सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण एवं जनसमुदायगण उपस्थित रहें।

राज्यपाल ने डीएम के नाम प्रशंसा-पत्र जारी किया

राज्यपाल ने डीएम के नाम प्रशंसा-पत्र जारी किया    

हरिओम उपाध्याय/भानु प्रताप उपाध्याय 

लखनऊ/शामली। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने डीएम जसजीत कौर को एक प्रशंसा-पत्र भेजकर उनके किए गए कार्यों की प्रशंसा की है। राज्यपाल ने कहा कि शामली के आंगनबाड़ी केंद्रों के उत्थान महिलाओं की सुरक्षा को लेकर वन स्टॉप सेंटर और बीमार लोगों को गोद लिए जाने के संबंधित कार्यों में शुक्रिया से रिश्तेदारी निभाते हैं, जिला स्तर पर उत्तम कार्य किया है।राज्यपाल आनंदी बेन ने लखनऊ राजभवन से डीएम शामली जगजीत कौर के नाम प्रशंसा-पत्र जारी किया है। यह पत्र जिला मुख्यालय पर डीएम शामली जसजीत कौर को प्राप्त हो गया है। 29 अप्रैल को राज्यपाल जिले के दौरे में आई थीं। यहां थानाभवन के अर्पण पब्लिक स्कूल में 75 आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लेने के कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। कृषि विज्ञान केंद्र जलालपुर में किसानों और जिला संयुक्त अस्पताल का निरीक्षण और अफसरों की बैठक ली थी। डीएम के कार्यकलापों की प्रशंसा की थी।

व्यापारियों ने अफसरों को किया सम्मानित...
पउप्र संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग के साथ व्यापारियों अधिकारियों को सम्मानित किया। डीएम जसजीत कौर और पुलिस आफिस निरीक्षण के लिए पहुंचे डीआईजी से आईजी पद पर प्रोन्नत हुए प्रीतिंदर सिंह व एडीएम संतोष कुमार सिंह का अभिनंदन किया। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश संगठन महामंत्री सुभाष चंद धीमान, नगराध्यक्ष नरेंद्र अग्रवाल, नगर महामंत्री रवि संगल, नगर कोषाध्यक्ष महेश धीमान आदि मौजूद रहे।


दरोगा भर्ती में धांधली, 8 लोगों की गिरफ्तारी

दरोगा भर्ती में धांधली, 8 लोगों की गिरफ्तारी
हरिओम उपाध्याय   
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नवंबर 2021 में हुई दरोगा भर्ती की लिखित परीक्षा में धांधली का मामला सामने आया है। बरेली की कोतवाली ने इस मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस मामले में एक अलीगढ का सिपाही भी गिरफ्तार किया गया है‌। वहीं अभी इस मामले में कई और लोगों की गिरफ्तारी होना बाकी है। पुलिस ने अभी तक इस मामले में यूपी के अलग-अलग जिलों से 8 लोगों की गिरफ्तारी की है। 
क्या है मामला? 
दरअसल, बरेली में इन दिनों दरोगा भर्ती की फिजिकल, मेडिकल और डॉक्यूमेंट की जांच पड़ताल चल रही है। ऐसे में लखनऊ से जांच में पाया गया कि जिस दौरान ऑनलाइन परीक्षा कराई गई, उस समय आईपी एड्रेस शेयर करके सभी प्रश्नों को बहुत ही कम समय में बहुत से लोगों ने केंद्र व्यवस्थापकों की मिलीभगत से हल कर दिया। मामला पकड़ में आने के बाद जितने लोग लिखित परीक्षा में पास हुए उन सभी को अलग-अलग जिलो में फिजिकल, मेडिकल और डॉक्यूमेंट की जांच पड़ताल के लिए भेजा जा रहा है।
लखनऊ से पुलिस अफसरों को जालसाजों की जानकारी दी जा रही है। जिन लोगों ने परीक्षा में धांधली की उन्हें बरेली में जब डॉक्यूमेंट की जांच के लिए भेजा गया। जैसे ही वो लोग पुलिस लाइन पहुचे तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। 3 मुकदमों में 10 नामजदबरेली की शहर कोतवाली में इस समय 3 मुकदमे दर्ज करवाये गए हैं। जिसमें 10 लोग नामजद किये गए हैं, जबकि कई अज्ञात हैं। पुलिस इस मामले में शामली, बुलंदशहर, आगरा और मेरठ के 8 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इस मामले में मेरठ का एक सिपाही भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इस मामले में जिन केंद्रों पर फर्जीवाड़ा हुआ था उनके व्यवस्थापकों को भी आरोपी बनाया है। 
क्या बोले एसपी ? 
एसपी क्राइम मुकेश प्रताप सिंह का कहना है कि दरोगा भर्ती मामले में इन दिनों अभिलेखों की जांच पड़ताल चल रही है। जिसका बुधवार को अंतिम दिन है। उसके बाद जो लड़के क्वालीफाई करेंगे उनका फिजिकल होगा, जो पीएसी बटालियन में कराया जाएगा। इसी क्रम में लखनऊ बोर्ड की टीम और टेक्निकल टीम ने कुछ लड़कों को संदिग्ध पाया। जिन्होंने काफी कम समय में ज्यादा प्रश्नों को हल किया था। उनकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी है, उसके आधार पर एफआईआर भी हुई है। 
इसमें जांच के बाद प्रथम दृष्टया 8 लोगों को दोषी पाया गया है और उनको गिरफ्तार कर लिया गया है। आगे जैसे निर्देश मिलेंगे उत्तर प्रदेश भर्ती आयोग द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसमें टेक्निकल टीम ने जांच की है, यह ऑनलाइन एग्जाम नवंबर 2021 में हुआ था। इसमें 2021 बैच का अलीगढ़ का सिपाही भी शामिल है, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

जंगल से मिला इंसान का भ्रूण, पुलिस में हड़कंप

जंगल से मिला इंसान का भ्रूण, पुलिस में हड़कंप
कमल जगाती  
नैनीताल। उत्तराखंड के नैनीताल से लगभग 26 किलोमीटर हल्द्वानी की तरफ जंगल से इंसान का भ्रूण मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। लावारिस हालात में पड़े हुए भ्रूण का एक वीडियो किसी ने मोबाइल से बनाया है। तल्लीताल पुलिस ने भ्रूण का पंचनामा भर डॉक्टर की जांच के लिए दे दिया है। नैनीताल से हल्द्वानी मार्ग में दो गांव और ज्यूलिकोट के मध्य एक झरने के समीप भ्रूण होने की सूचना मिली। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके के लिए रवाना हो गई।
पुलिस ने भ्रूण को कब्जे में लेकर पंचनामा भरवाया और उसे डॉक्टर की राय के लिए दे दिया। भ्रूण घने जंगल के बीच बने झरने के समीप पड़ा मिला। भ्रूण कुछ दिन पुराना माना जा रहा है। 
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में इस तरह के अपराध अक्सर देखने को मिलते हैं। मैदानी क्षेत्रों के अपराधी किसी घटना को अंजाम देकर, पहचान छुपाने के लिए पहाड़ी में लाश को ठिकाने लगा जाते हैं। ऐसे कई मामलों में तो ठीक से शवों की शिनाख्त भी नहीं हो पाती जिसके चलते अपराधी सलाखों के पीछे कैद नहीं हो पाते हैं। आज के इस लावारिस भ्रूण मामले में भी किसी ने नन्हीं सी जान को दुनिया में आने से पहले ही मारकर जंगल में फेंक दिया है। पुलिस अब हर पहलू की जांच कर आरोपियों तक पहुंचने की बात कह रही है।


सुप्रीम कोर्ट में आज मामले की सुनवाई: ज्ञानवापी

सुप्रीम कोर्ट में आज मामले की सुनवाई: ज्ञानवापी
अकांशु उपाध्याय   
नई दिल्ली/वाराणसी। बनारस की बहुचर्चित ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई शुक्रवार तक स्थगित कर दी है, इसके साथ सर्वोच्च न्यायालय ने वाराणसी की निचली कोर्ट को निर्देश दिया है, कि वह शुक्रवार तक इस मामले में सुनवाई ना करें और ना ही कोई आदेश जारी करें। वही सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ज्ञानवापी मामले पर वह कल 3 बजे सुनवाई करेगी, और कहा कि तब तक वाराणसी की सिविल अदालत इस मामले में कोई आदेश न दे। इससे पहले हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शुकर जैन ने कहा कि वरिष्ठ वकील हरिशंकर जैन अस्वस्थ हैं। इसलिए ज्ञानवापी मामले की कल सुनवाई की जाए। इस पर मुस्लिम पक्ष की ओर से मौजूद वकील हुजेफा अहमदी ने कहाकि मामले को लेकर देशभर में कई मामले हैं।
मामला अर्जेंट होने के कारण इसे आज ही सुना जाना जाए। 
आज ही वाराणसी की निचली कोर्ट में भी सुनवाई चल रही है, तो वही इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी की निचली कोर्ट को निर्देश दिया कि वह ज्ञानवापी मामले में शुक्रवार तक कोई आदेश न दे, और ना ही ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर कोई सुनवाई करें।

भाजपा पर भरोसा नहीं, कुछ भी करा सकती है

भाजपा पर भरोसा नहीं, कुछ भी करा सकती है
हरिओम उपाध्याय  
लखनऊ। वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में बनी ज्ञानवापी मस्जिद में शिवलिंग प्रकट होने के बाद पूरे देश की निगाहें अदालती कार्यवाही पर लगी हैं।वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस पूरी घटना का मजाक उड़ाते हुए हिंदू धर्म पर विवादित बयान दिया है। अपने इस बयान की वजह से अखिलेश यादव एक बार फिर सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल हो गए हैं और लोग उनके ज्ञान पर जमकर निशाना साध रहे हैं।
अखिलेश यादव कल बुधवार को लखनऊ में एक प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।उसी दौरान उनसे ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में शिवलिंग प्रकट होने के बारे में सवाल पूछा गया।इस पर अखिलेश यादव ने हिंदू धर्म का मजाक उड़ाते हुए कहा कि हमारे हिंदू धर्म में यह है कि पीपल के पेड़ के नीचे कहीं पर भी पत्थर रख दो। उस पर लाल झंडा लगा दो तो वह मंदिर बन जाता है।
अखिलेश यादव ने अयोध्या में हुए श्रीराम मंदिर पर आंदोलन पर भी निशाना साधा और कहा कि एक समय ऐसा था कि रात के अंधेरे में मूर्तियां रख दी गई थीं। बीजेपी कुछ भी कर सकती है और कुछ भी करा सकती है। इसका कुछ भी भरोसा नहीं है।

43वें दिन पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी नहीं

43वें दिन पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी नहीं

अकांशु उपाध्याय    
नई दिल्ली। सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल की आज की कीमत जारी कर दी है। तेल कंपनियों की तरफ से आज 43वें दिन भी पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। पेट्रोल-डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है‌ ऐसे में वाहन ईंधन पेट्रोल-डीजल पर महंगाई की मार से परेशान लोगों को अब कीमतें स्थिर रहने से कुछ राहत मिली है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल 105.41 रुपये और डीजल 96.67 रुपये में बिक रहा है।
मुंबई में पेट्रोल 120.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 104.77 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। वहीं, कोलकाता में पेट्रोल 115.12 रुपये और डीजल 99.83 रुपये में मिल रहा है। चेन्नई में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 110.85 रुपये पर बनी हुई है, जबकि डीजल 100.94 रुपये में बिक रहा है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की बात करें तो यहां एक लीटर पेट्रोल 118.07 रुपये और डीजल 101.09 रुपये में मिल रहा है।
बालाघाट जिले में पेट्रोल 120.48 रुपये और डीजल 103.32 रुपये में मिल रहा है। राजस्थान के जयपुर में पेट्रोल 118.03 रुपये में बिक रहा है। वहीं, एक लीटर डीजल की कीमत 100.92 रुपये पर बनी हुई है। यूपी के लखनऊ की बात करें तो यहां पेट्रोल 105.25 रुपये और डीजल 96.83 रुपये में मिल रहा है। नोएडा में पेट्रोल 105.47 रुपये और डीजल 97.03 रुपये प्रति लीटर हो गया है। पोर्टब्लेयर में पेट्रोल 91.45 रुपये और डीजल 85.83 रुपये प्रति लीटर हो गया है। पटना में पेट्रोल 116.23 रुपये और डीजल 101.06 रुपये प्रति लीटर हो गया है।


पाम तेल निर्यात से प्रतिबंध को हटाने का ऐलान

पाम तेल निर्यात से प्रतिबंध को हटाने का ऐलान

अखिलेश पांडेय
नई दिल्ली/जकार्ता। इंडोनेशिया ने पाम तेल निर्यात से प्रतिबंध को हटाने का ऐलान किया है। राष्ट्रपति जोको विडोडो ने कहा कि 23 मई, यानी सोमवार से प्रतिबंध हटा दिया जाएगा। इस फैसले का फायदा भारत को मिलने की उम्मीद है। दरअसल, भारत पाम तेल का एक बड़ा हिस्सा इंडोनेशिया से आयात करता है। लेकिन बीते दिनों घरेलू कीमतों पर कंट्रोल के लिए इंडोनेशिया ने दूसरे देशों को पाम तेल देने से मना कर दिया था। अब स्थिति में सुधार के बाद, इंडोनेशिया 23 मई से अपने पाम तेल निर्यात प्रतिबंध को हटा देगा। बता दें कि इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा पाम तेल उत्पादक है और भारत की सालाना करीब 50 प्रतिशत जरूरतों को पूरा करता है।

भारतीय घरों में खाना पकाने में पाम तेल का सीधे इस्तेमाल नहीं होता है। लेकिन इसकी मौजूदगी हर जगह है। खाने के तेल से लेकर कॉस्मेटिक्स, साबुन, डिटर्जेंट जैसे एफएमसीजी उत्पाद में भी पाम तेल का इस्तेमाल किया जाता है। 
सरकार पर था दबाव: पाम तेल के निर्यात पर प्रतिबंध के बाद से ही इंडोनेशिया की सरकार पर दबाव था। इस वजह से सैकड़ों किसानों ने धरना और प्रदर्शन भी किया। इंडोनेशियन ऑयल पाम फार्मर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गुलाट मनुरुंग ने कहा कि खाना पकाने के तेल की घरेलू कीमत को रोकने के लिए निर्यात प्रतिबंध ने लगभग 16 मिलियन किसानों के लिए आर्थिक कठिनाई पैदा कर दी है। हालांकि, प्रतिबंध के बावजूद देश में खाना पकाने का तेल 14,000 रुपये (96 सेंट) प्रति लीटर के स्तर पर बना हुआ है।


अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक, निर्देश

अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक, निर्देश 

मनोज सिंह ठाकुर       
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सिवनी और नीमच के कलेक्टर और एसपी से चर्चा की और पेयजल, प्रधानमंत्री आवास योजना समेत जनकल्याण की योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने ला एंड आर्ड पर भी दोनों जिलों के अधिकारियो को निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सिवनी जिले के अधिकारियों से पूछा कि जिले में पेयजल की व्यवस्था कैसी है? कहीं ठेकेदार गड़बड़ी तो नहीं कर रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना की क्या स्थिति है? ध्यान रखें कोई हितग्राही छूटे नहीं। उन्होंने सीइओ जिला पंचायत से पूछा कि आप फील्ड में जाते हैं, आपने मकान देखें कैसे बन रहे हैं? आपके यहाँ नीचे लोग पैसे तो नहीं खा रहे हैं?
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कलेक्टर भी ध्यान रखें- आवास प्लस की चिट्ठी एक-एक व्यक्ति के घर जाना है। मुझे नाम जुड़वाने के नाम पर पैसे लेने की शिकायत मिली है, यदि कोई ऐसा कर रहा है तो उसके खिलाफ कार्यवाई करो। आवास प्लस के नाम पर पैसे लेने की कोशिश की खबरें हैं, इसे सख्ती से रोकने का प्रयास करें। यदि यह शिकायत आई तो इसे मैं गंभीरता से लूंगा।
अधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आपके अमृत सरोवर आइडियल बनें, सिर्फ गड्डा नहीं खोदना है। वह इतना सुंदर बने कि वहां झंडारोहण तक हो सके। सामूहिक कार्यक्रम भी करा सके। सिवनी जनपद में पदस्थ सीइओ की शिकायत है क्या? मुझे प्रमुख अधिकारियों की रिपोर्ट चाहिए।

रोड रेज मामलें में सिद्धू को एक साल की सजा

रोड रेज मामलें में सिद्धू को एक साल की सजा 

अकांशु उपाध्याय      
नई दिल्ली। करीब 34 साल पहले सामने आए एक रोड रेज मामलें में कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू को सुप्रीम कोर्ट ने एक साल की सजा सुनाई है।आपको बता दें कि पहले इस मामले में उन पर सिर्फ 1000 रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
1988 के रोड रेज मामले में सिद्धू को एक साल की सजा सुनाई गई है। पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए देश की सर्वोच्च अदालत ये साफ कर दिया है कि सिद्धू को इस मामले में एक साल जेल में बिताना होगा।वहीं याचिका में कहा गया है कि सिद्धू की सजा कम नहीं की जानी चाहिए।
इससे पहले पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट ने सिद्धू को गैर इरादतन हत्या में तीन साल कैद की सजा सुनाई थी जबकि सुप्रीम कोर्ट ने गैर इरादन हत्या में बरी कर दिया था। लेकिन चोट पहुंचाने के मामले में एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया था।

न्यायमूर्ति ने पेड़ों को काटे जाने पर रोक लगाईं

न्यायमूर्ति ने पेड़ों को काटे जाने पर रोक लगाईं  

अकांशु उपाध्याय       

नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी में पेड़ गिराये जाने पर बृहस्पतिवार को रोक लगाते हुए कहा कि शहर में पारिस्थितिकीय और पर्यावरण क्षय को कम करने का और कोई तरीका नहीं है। पेड़ों के संरक्षण से संबंधित एक अवमानना मामले पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति नाजमी वजीरी ने कहा कि शहर में पिछले तीन साल में 29,000 पेड़ काटे गये। उन्होंने कहा, ‘‘हमने पेड़ों को काटे जाने पर रोक लगा दी है।

सुनवाई की अगली तारीख तक पेड़ों को नहीं गिराया जाएगा।’’’ मामले में अगली सुनवाई के लिए दो जून की तारीख तय की गयी। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले तीन साल में कुल 29,946 पेड़ काटने की अनुमति दी गयी, जो गणना करने पर 27 पेड़ प्रतिदिन या 1.13 पेड़ प्रति घंटा है। अदालत ने कहा कि जिन पेड़ों को काटने की अनुमति दी गयी उनके घेरे और आयु को लेकर कोई रिकॉर्ड नहीं है। उसने कहा, ‘‘इसलिए यह जनहित में और वर्तमान तथा भावी पीढ़ियों के लिए पर्यावरण के हित में होगा कि सुनवाई की अगली तारीख तक दिल्ली में पेड़ों को काटने की अनुमति नहीं दी जाए और सुनिश्चित किया जाए कि पेड़ों को तभी गिराया जाए, जब आवेदक उसे कम से कम दूसरी जगह लगाने का आश्वासन दे। 


'जिला स्वच्छ भारत मिशन' की बैठक संपन्न

'जिला स्वच्छ भारत मिशन' की बैठक संपन्न    सुशील केसरवानी         कौशाम्बी। मुख्य विकास अधिकारी शशिकान्त त्रिपाठी की अध्यक्षता में उद...