शनिवार, 18 सितंबर 2021

दोनों देशों से अपने राजदूतों को वापस बुलाया

वाशिंगटन डीसी/ पेरिस। अमेरिका के सबसे पुराने सहयोगी फ्रांस ने परमाणु पनडुब्बी सौदा रद्द करने पर अप्रत्याशित रूप से गुस्सा दिखाते हुए अमेरिका और आस्ट्रेलिया दोनों ही देशों से अपने राजदूतों को वापस बुला लिया है। 18 वीं सदी के दौरान फ्रांस और अमेरिका के बीच बने संबंधों में अब दरार आती दिखाई दे रही है।

इन देशों के बीच संबंध हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका, ब्रिटेन और आस्ट्रेलिया के एक नए त्रिपक्षीय गठबंधन की घोषणा के बाद बिगड़े हैं। गठबंधन के बाद आस्ट्रेलिया ने फ्रांस से 40 बिलियन डालर का पनडुब्बी का सौदा रद कर दिया है। अब वह पनडुब्बी अमेरिका से लेगा।

फ्रांस के विदेश मंत्री जीन यवेस ले ड्रियान ने लिखित बयान में कहा है कि अमेरिका और आस्ट्रेलिया की घोषणा बहुत ही गंभीर और असाधारण है। इसीलिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के कहने पर यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा है कि सौदे को रद करना सहयोगी और पार्टनरों के बीच अस्वीकार्य व्यवहार है। राजदूत फिलिप एटियेन ने ट्वीट किया है कि डील रद करने की घोषणा यूरोप के लिए हिंद-प्रशांत के महत्व के हमारे दृष्टिकोण को सीधे प्रभावित कर रही है।

एमपी: पूर्व सीएम उमा ने शराबबंदी की मांग उठाईं

मनोज सिंह ठाकुर          

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी भाजपा की वरिष्ठ नेता एवं मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने आज फिर शराबबंदी की मांग उठाते हुए कहा कि इस संबंध में वह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भारतीय जनता पार्टी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा को 15 जनवरी तक समय दे रही हैं। सुश्री भारती ने यहां अपने निवास पर पत्रकारों से चर्चा में कहा कि वे पहले से ही शराबबंदी की बात उठाती आ रही हैं। अब वे 15 जनवरी तक का समय चौहान और शर्मा को दे रही हैं और उन्हें इस समय में कुछ करना चाहिए, अन्यथा इसके बाद वे स्वयं सड़कों पर उतरेंगी।

सुश्री भारती ने यह भी कहा कि इसके पहले राज्य में शराबबंदी के पक्ष में जनजागरुकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने चौहान और शर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में ही यह कार्य होना चाहिए। शराबबंदी होने की स्थिति में राज्य को लगभग दस हजार करोड़ रुपए के राजस्व हानि संबंधी सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इसका विकल्प भी उनके पास है, लेकिन वह यह मीडिया के समक्ष नहीं बता सकती हैं। इस संबंध में वे चौहान और शर्मा को ही बताएंगी। सुश्री भारती ने साथ ही यह भी कहा कि बुंदेलखंड अंचल के बड़ा मलहरा क्षेत्र में हीरा खदानें जंगल को नुकसान पहुंचाए बगैर वहां के युवाओं को ही दी जाना चाहिए।

इस बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने सुश्री भारती के बयान के बाद ट्वीट के जरिए कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा कि सुश्री भारती ने इसके पहले इस वर्ष दो फरवरी को भी घोषणा की थी कि आठ मार्च को महिला दिवस से वे नशामुक्ति अभियान प्रारंभ करेंगी। लेकिन अभियान चला ही नहीं और घोषणा गायब हो गयी।

सलूजा ने कहा कि सुश्री भारती को शिवराज सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरना चाहिए और कांग्रेस उनके साथ रहेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में शराब माफियाओं के हौंसले बुलंद हैं। प्रदेश में जहरीली शराब से 70 से अधिक मौत हो चुकी हैं। सुश्री भारती को शराबबंदी को लेकर अपनी घोषणा पर कायम रहना चाहिए और उन्हें सड़कों पर आना चाहिए। यह घोषणा भी पहले की तरह नहीं होना चाहिए।

यहां यह रोचक है कि अपनी ही दल की सरकार से इस तरह की मांग सुश्री भारती ने भोपाल में पत्रकारों के समक्ष की, जबकि केंद्रीय गृह मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता अमित शाह जबलपुर की यात्रा पर हैं और चौहान तथा श्री शर्मा समेत सभी नेता भी जबलपुर में हैं।

आतंकवाद के काले दिनों में धकेल रहीं हैं कांग्रेस

अकांशु उपाध्याय           

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने पंजाब में कांग्रेस की आंतरिक कलह और किसान आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि कांग्रेस राज्य को 1980 के आतंकवाद के काले दिनों में वापस धकेल रही है।

भाजपा प्रवक्ता सरदार आर पी सिंह ने शनिवार को ट्वीट कर कहा कि इससे पहले भी पंजाब के कांग्रेस शासन में पूर्व मुख्यमंत्रियों दरबारा सिंह और ज्ञानी जैल सिंह के बीच कलह चला था। अब यह कलह कैप्टन अमरिंदर सिंह और बनाम नवजोत सिंह सिद्धू के बीच में है। उन्होंने कहा कि 1984 में स्वर्ण मंदिर में टैंक भेजे गए थे, पंजाब में 25 हजार से अधिक युवाओं का दमन किया गया था। दिल्ली दंगों में तीन हजार से अधिक लोगों की हत्या की गयी थी।

उल्लेखनीय है कि कैप्टन सिंह ने आज कांग्रेस आलाकमान के निर्देश के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और कैप्टन सिंह के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहा है।

पंजाब के सीएम अमरिंदर ने पद से इस्तीफा दिया

राणा ओबरॉय       

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। शाम 5 बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक से पहले उन्होंने अपने करीबी विधायकों के साथ बैठक भी की और इसके बाद राजभवन जाकर राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया। कैप्टन अमरिंदर सिंह ठीक 4:30 बजे राजभवन पहुंचे और इस्तीफा दिया। इस वक्त उनके साथ पत्नी परनीत कौर भी मौजूद थीं।

कांग्रेस पार्टी में यह भूचाल ऐसे समय पर आया है जब कुछ ही महीनों बाद राज्य में विधानसभा चुनाव होने जा रहा है। अकाली दल और आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस से सत्ता छीनने की पूरी कोशिश में जुटी हैं। राज्य में विधानसभा चुनावों के ऐन पहले पार्टी में मचा यह घमासान उसे भारी पड़ सकता है। राज्य सरकार के नेतृत्व में परिवर्तन का जनता के बीच गलत संकेत भी जा सकता है। 

गौरतलब है कि कैप्टन अमरिंदर की कार्यशैली से नाराज होकर 40 विधायकों ने और मंत्रियों ने पार्टी हाईकमान से शिकायत की थी। विधायकों और मंत्रियों ने कहा कि जरूरी काम के लिए भी मुख्यमंत्री से मिलना बेहद मुश्किल है। इससे पहले हरीश रावत ने ट्वीट कर कहा था कि प्रदेश के पार्टी विधायकों ने पार्टी हाईकमान को पत्र लिख कर विधायक दल की तत्काल बैठक बुलाने की मांग की है जिसे देखते हुए 18 सितंबर को शाम 5 बजे यह बैठक बुलाने का फैसला लिया गया है। 

कैप्टन अमरिंदर ने प्रताप सिंह बाजवा, गुरप्रीत औजला समेत अनेक सांसदों और समर्थक विधायकों से बातचीत की। उन्होंने सोनिया गांधी समेत पार्टी के शीर्ष नेताओं से भी बातचीत की और अपनी नाराजगी जाहिर की। सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री को इस्तीफा देने को कह दिया गया था। कैप्टन ने सोनिया गांधी से कह दिया था कि उन्हें पद हटाया जाना अपमान होगा जिसे वह बदार्श्त नहीं करेंगे। वह पार्टी तक छोड़ सकते हैं। 

5वीं कक्षा के विद्यालय खोले जाने पर गाइडलाइन

पंकज कपूर      

देहरादून। उत्तराखंड में एक से पांचवीं कक्षा तक के विद्यालय खोले जाने को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी गई है। इसके साथ ही अब आगामी 21 सितंबर से पांचवीं तक के बच्चों के लिए स्कूल खुल जाएंगे। इससे पूर्व मार्च 2020 से कोरोना संक्रमण के चलते स्कूलों को बंद कर दिया गया था। तब से बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। सचिव राधिका झा द्वारा जारी एसओपी के अनुसार कोविड-19 के दृष्टिगत राज्य में संचालित समस्त प्राथमिक स्तर के शिक्षण संस्थानों (शासकीय/अशासकीय (सहायता प्राप्त)/निजी शिक्षण संस्थान) में भौतिक रूप से पठन-पाठन प्रारंभ किया जा रहा है।

प्रदेश में संचालित समस्त प्राथमिक स्कूलों में कक्षा एक से पांचवीं तक की कक्षाओं का भौतिक रूप से पठन-पाठन मंगलवार 21 सितंबर 2021 से कई प्रतिबंधों के साथ प्रारंभ किए जाने की अनुमति दी गई है।

एमपी: परिजन ने मिट्टी का तेल डालकर लगाईं आग

मनोज सिंह ठाकुर      
भोपाल। मध्य प्रदेश के सागर जिले के एक गांव में 25 वर्षीय युवक पर कथित तौर पर प्रेम प्रसंग के चलते युवती के परिजन ने मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी, जिससे उसकी मौत हो गई। सागर जिले के पुलिस अधीक्षक अतुल सिंह ने शनिवार को बताया कि यह घटना बृहस्पतिवार देर रात सागर के नरयावली थाना क्षेत्र अंतर्गत सेमरा लहरिया गांव में हुई और इस संबंध में महिला के परिवार के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस घटना में युवती (23) भी झुलस गई है। सिंह ने बताया कि इस युवती ने दावा किया कि युवक उस पर मिट्टी का तेल डालकर उसे जलाने का प्रयास कर रहा था, लेकिन आग युवक को ही आग लग गई। युवती का दावा है कि उसके परिवार के सदस्यों ने उन दोनों को बचाने का प्रयास किया।
सिंह ने बताया कि शुक्रवार को सागर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि युवक ने अपने मृत्यु पूर्व बयान में कहा कि बृहस्पतिवार रात को युवती ने उसे फोन कर बुलाया था। फिर युवती के चार परिजन ने उसके ऊपर मिट्टी का तेल डालकर उसे आग लगा दी। उन्होंने कहा कि बाद में जब युवक के परिवार के सदस्यों को घटना की जानकारी मिली तो वे उसे अस्पताल लेकर पहुंचे।
सिंह ने कहा कि चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच की जा रही है। मृतक के परिजन ने युवती के परिवार के मकान को गिराने की मांग को लेकर शुक्रवार शाम सागर-बीना मार्ग पर चक्काजाम किया। बाद में मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह के समझाने-बुझाने के बाद उन्होंने विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
 

काबुल की सड़कों पर अपने घरों का सामान बेचा

काबुल। अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा होने के बाद यहां के नागरिक पैंसा नहीं हाेने पर भुखमरी के कगार पहुंच गए हैं और दो वक्त का खाना जुटाने के लिए लोग काबुल की सड़कों पर अपने घरों का सामान बेच रहे हैं। टोलो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार काबुल के एक पार्क चमन-ए-होजोरी की ओर जाने वाली सड़क पर कालीन, फ्रीज, टेलीविजन, सोफा और अन्य सामान रखेे हुए दिखाई दे रहे हैं।
लोग अपने परिवार के लिए दो जून की रोटी पाने हेतु घरों से सामान लेकर उसे बेचने के लिए सड़कों पर बैठे हैं। रिपोर्ट के अनुसार कई लोग जीवन यापन और अफगानिस्तान से बाहर जाने के लिए धन की जरूरतों के मद्देनजर अपना घरेलू सामान बेच रहे हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि लोग अपना महंगा सामान बहुत दामों पर बेच रहे हैं। एक दुकानदार लाल गुल ने टोलो न्यूज को बताया कि एक लाख का घरेलू सामान सिर्फ 20 हजार में बिक रहा हैं। उसने बताया कि “मैंने भी अपना सामना आधे से भी कम दाम पर बेचा है। मैंने 25 हजार में खरीदे गये फ्रीज को केवल 5,000 में बेच दिया।
इसके अलावा मेरे पार ओर कोई रास्ता नहीं है, इसे बेच कर कम से कम मेरे बच्च रात का खाना खा पाएंगे।” पूर्व पुलिस अधिकारी मोहम्मद आगा ने बताया कि उन्हें वेतन नहीं मिलने से वह पिछले दस दिनों से बाजार में काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अब मेरे पास नौकरी नहीं है और मैं क्या करूं। एक अन्य काबुल निवासी ने बताया कि मैं इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हूं। मेरा बेटा भूविज्ञान संकाय से स्नातक है। हम दोनों बेरोजगार हैं। हमारे पास खाने के पैसे नहीं हैं और हम अपने घर का सामान बेचने आए है। हमें परिवार को खाना खिलाने के लिए पैसे की जरूरत है।

विधानसभा: विवादों ने जोर पकड़ना शुरू किया

इकबाल अशांरी            
जयपुर। राजस्थान में शादियों के अनिवार्य पंजीकरण के लिए संशोधन विधेयक विधानसभा पारित होने के बाद विवादों ने जोर पकड़ना शुरू कर दिया है। बीजेपी कहना है कि इस विधेयक के बाद बाल विवाह वैध हो जाएंगे। वहीं, कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी मुद्दे को तोड़ मरोड़कर सामने ला रही है।
विपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौर और बीजेपी विधायक अशोक लाहोटी ने संशोधन विधेयक को ‘काला कानून’कहा है। अशोक लोहोटी ने कहा कि विधेयक बाल विवाह की अनुमति देता है। विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन के करीब पहुंच गए लेकिन ध्वनिमत से विधेयक पारित कर दिया गया। मत विभाजन की मांग स्वीकार नहीं किए जाने पर भाजपा सदस्यों ने बहिर्गमन किया और इसे ‘काला कानून’ करार दिया।

प्रदर्शन से उबरकर दूसरे दौर में 72 का कार्ड खेला

वाशिंगटन डीसी। अमेरिका भारतीय गोल्फर अदिति अशोक ने पहले दौर के निराशाजनक प्रदर्शन से उबरकर दूसरे दौर में पार 72 का कार्ड खेला। जिससे वह 2021 कैम्बिया पोर्टलैंड क्लासिक गोल्फ टूर्नामेंट के कट में जगह बनाने में सफल रही। पहले दौर में पांच ओवर 77 का स्कोर बनाने वाली अदिति अभी संयुक्त 57वें स्थान पर हैं।
वह अंतिम दो दौर में अच्छा प्रदर्शन करके अपनी स्थिति में सुधार कर सकती है। अदिति ने दूसरे दौर में पांचवें और 18वें होल में बर्डी बनायी लेकिन इस बीच उन्होंने 11वें और 12वें होल में बोगी भी की। कट छह ओवर पर आया और कुल 77 खिलाड़ी आगे बढ़ने में सफल रहीं। रोलेक्स रैंकिंग में दूसरे नंबर पर काबिज जिन यंग को (69-67) कुल आठ अंडर के साथ शीर्ष पर चल रही हैं।

संजय को कार्यवाही संस्थित कर निलंबित किया

हरिओम उपाध्याय             
लखनऊ। आबकारी संजय आर. भूसरेड्डी ने यहां यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर दो सहायक आबकारी आयुक्तों को डी.एन. सिंह एवं संजय त्रिपाठी को विभागीय कार्यों में लापरवाही बरतने पर उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संस्थित करते हुए निलम्बित कर दिया गया है। निलंबित दोनों अधिकारियों को मुख्यालय-प्रयागराज से सम्बद्ध कर दिया गया है।
अपर मुख्य सचिव द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि डी.एन. सिंह पिछले दो वर्षों से अलीगढ़ स्थित वेब आसवनी में सहायक आबकारी आयुक्त के पद पर तैनात थे। पिछले दिनों मदिरा की भराई को लेकर उच्चाधिकारियों से जॉंच कराई गई थी, जिसमें मदिरा की तीव्रता निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं पाई गई जिसके लिये गम्भीर रूख अपनाते हुए शासन द्वारा उक्त कार्यवाही की गयी।
उन्होंने बताया कि इसी प्रकार संजय त्रिपाठी के बुलन्दशहर में तैनाती के दौरान छह व्यक्तियों की अवैध शराब के सेवन से मृत्यु हुई थी, जिसमें पर्यवेक्षणीय दायित्वों के निर्वहन में शिथिलता बरतने के लिए उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संस्थित करते हुए निलम्बित किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आबकारी मंत्री, अपर मुख्य सचिव आबकारी एवं आबकारी आयुक्त को भविष्य में राजकीय कार्यों में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कडी कार्यवाही किये जाने का निर्देश दिया गया।

नए सीएम भूपेन्द्र के मंत्रिमंडल गठन में साबित हुआ

अकांशु उपाध्याय    
नई दिल्ली। भाजपा कहती है कि यह अनुशासनात्मक पार्टी है तो गुजरात में नये मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के मंत्रिमंडल गठन में साबित भी हो गया। विजय रूपाणी को मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटाने के बाद ही विरोध के स्वर उभरने शुरू हो गये थे। मुख्यमंत्री पद के कई दावेदार थे लेकिन सबसे ज्यादा संभावना डिप्टी सीएम नितिन पटेल की जतायी जा रही थी।
भाजपा जातीय समीकरण दुरुस्त करना चाहती है, यह आभास तो हो गया था लेकिन पाटीदार समुदाय से कौन सीएम की कुर्सी पर बैठेगा, यह तय नहीं था। भूपेन्द्र पटेल के नाम को जब हाई कमान से मंजूरी मिली तो लोग आश्चर्य में थे और फिर मंत्रिमंडल को लेकर सुगबुगाहट शुरू हुई। कयास लगाये जाने लगे कि किसको-किसको मंत्री बनाया जाएगा। नेताओं के समर्थक नाम भी उछाल रहे थे लेकिन भाजपा नेतृत्व ने किसी के असंतोष और दबाव को नहीं देखा। इतना जरूर हुआ कि पहले 15 सितम्बर को भूपेन्द्र पटेल के मंत्रियों को शपथ दिलायी जानी थी लेकिन एक दिन के लिए यह कार्यक्रम टाल दिया गया। अगले ही दिन अर्थात् 16 सितम्बर को नो रिपीट थ्योरी के आधार पर मंत्री बनाये गये हैं। भाजपा ने असंतुष्टों को कड़े शब्दों में समझा दिया कि यहां अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 
गुजरात में भूपेंद्र पटेल के मंत्रिमंडल विस्तार के क्रम में मंत्रियों का शपथग्रहण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। राज्यपाल देवव्रत आचार्य ने मंत्रियों को शपथ दिलायी। इससे पहले 5 कैबिनेट मंत्रियों ने एक साथ शपथ ली। शपथ लेने वाले मंत्रियों में राजेंद्र त्रिवेदी, जीतू वघानी, ऋषिकेश पटेल, पूर्णेश मोदी, राघवजी पटेल ने मंत्री के तौर पर शपथ ली। वहीं, कनुभाई देसाई, किरीट सिंह राणा, नरेश पटेल, प्रदीप परमार, अर्जुन सिंह चौहान ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इससे पहले बीजेपी की गुजरात इकाई के अध्यक्ष सीआर पाटिल ने कहा था कि नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण लगभग फाइनल है।’ लिंबड़ी विधायक किरितसिंह राणा के समर्थक सुरेंद्रनगर से राजभवन पहुंच चुके थे। उन्हें खबर मिली थी कि उनके विधायक नए मंत्रियों में शामिल होंगे। हालांकि, तब तक आयोजन स्थल से कार्यक्रम के पोस्टर हटा लिए गए थे। कुछ ही मिनटों बाद मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से ट्वीट किया गया कि नए कैबिनेट का शपथ ग्रहण अगले दिन होगा। विजय रुपाणी सरकार में मंत्री रहे एक विधायक ने कहा कि कुछ मंत्रियों को जब यह पता चला कि वे नए मंत्रिमंडल में शामिल नहीं हैं, तो उन्होंने विरोध किया। पूर्व मंत्री ने कहा, ‘सभी वरिष्ठ मंत्रियों को हटाया जाना था। नए काउंसिल में एक को भी दोबारा नहीं लिया जाना था। इसके चलते हमें अपनी आवाज उठानी पड़ी।’ सूत्रों के हवाले से बताया गया कि पाटिल मंत्रिमंडल में सख्त मानदंड तय किए हैं। इसमें यह भी शामिल है कि जो उम्मीदवार तीन कार्यकाल पूरा कर चुके हैं, उन्हें दोबारा मौका नहीं दिया जाएगा। ‘मौजूदा विधायकों और मंत्रियों को डर था कि इससे उनका राजनीतिक करियर खत्म हो जाएगा।’

मंत्रियों को एक-एक कर बुलाया गया और अलग-अलग बैठक की गयी। बताया गया कि उन्हें मंत्रिमंडल में फॉर्मूला का हिस्सा होने के चलते जगह नहीं दी जाएगी।’ सूत्र ने कहा कि यही वास्तविकता है। हाईकमान सख्त था। राज्य मंत्रियों को तलब किया गया और उन्हें भी यही चीज कही गई। गांधीनगर से एक शीर्ष नेता ने कहा कि तारीख में बदलाव इसलिए हुआ था, क्योंकि ‘महूर्त सही नही था।’ जब उनसे नाराज नेताओं को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, ‘अगर वे हैं भी, तो क्या इसे सहन किया जाएगा?’ पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि किसी की भी तरफ से कोई विशेष विरोध है।
सीएम पटेल के कैबिनेट में 7 पटेल, 2 क्षत्रिय, 6 ओबीसी, 2 अनुसूचित जाति, 3 एसटी, 1 जैन, 2 ब्राह्मण और दो महिलाओं को जगह मिली है। हर्ष संघवी (मजूरा), जूती वाघआनी (भावनगर), नरेश पटेल (गणदेवी), प्रदीप परमार (असारवा), गजेंद्र परमार (प्रांतिज), निमिषा सुथार (मोरवा हड़फ), देवा मालम कोड़ी (केशोद), राघवजी पटेल (जामनगर ग्राम्य), अरविंद रैयानी, आर सी मकवाना (महुवा) समुदाय से हैं।
विजय रूपाणी कैबिनेट के सभी मंत्रियों को हटाया गया है। इधर, शपथ ग्रहण समारोह से पहले गुजरात विधानसभा के स्पीकर राजेंद्र त्रिवेदी ने भी इस्तीफा दे दिया है।
भूपेंद्र पटेल की नई टीम के बारे में जिन्हें शपथ दिलाई गई है, इन सभी मंत्रियों को अभी से 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए जुटना होगा। नरेश पटेल, गांडेवी 51 वर्षीय, कक्षा 10 पास-आउट हैं। उन्होंने साल 2017 में गुजरात के गंडवी से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उसके खिलाफ किसी भी आपराधिक मामले का कोई रिकॉर्ड नहीं है। कनुभाई देसाई, पारदी से विधायक हैं। 61 वर्षीय देसाई के पास बी.कॉम की डिग्री है। उसके खिलाफ किसी भी आपराधिक मामले का कोई रिकॉर्ड नहीं है।
हृषिकेश पटेल, विसनगर के विधायक हैं। 56 वर्षीय हृषिकेश पटेल के पास सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा है। व्यवसाय और खेती को उनके व्यवसायों के रूप में जाना जाता है। जेवी काकड़िया, धारी के विधायक हैं स्नातक, धारी 56 साल के हैं और उनके खिलाफ भी कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। जीतू चौधरी, कपराडा से विधायक 48 वर्षीय किसान के रूप में इनकी पहचान है। जीतू चैधरी के खिलाफ धमकी देने से संबंधित आरोप हैं। जगदीश पांचाल, निकोल के विधायक हैं। 66 वर्षीय पांचाल एक व्यवसाय के मालिक हैं और उनके पास 14 करोड़ रुपये की संपत्ति है।
इसी प्रकार अरविन्द रैयानी, राजकोट के विधायक ने नौवीं कक्षा तक की शिक्षा पूरी की है और उन पर स्वेच्छा से शांति भंग करने का आरोप हैं। हर्ष सांघवी, माजुरा से विधायक हैं। 34 वर्षीय संघवी के तीन आपराधिक रिकॉर्ड हैं और 6,72,052 रुपये की वित्तीय देनदारी है। जामनगर से 58 वर्षीय विधायक राघवजी पटेल के पास दो घोषित मामले और 4 करोड़ रुपये की संपत्ति है। मुकेश पटेल, ओलपाड से विधायक हैं। 42 वर्षीय किसान और ठेकेदार के रूप में जाने जाते हैं। उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं है। निमिषा सुथार, मोरवा हदफ के विधायक हैं। सुथार 29 साल की हैं और उनके पास इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग और कंप्यूटर कम प्रोग्राम असिस्टेंट में डिप्लोमा है। दुष्यंत पटेल, भरूच से विधायक हैं। 47 वर्षीय दुष्यंत के पास 3 करोड़ रुपये की संपत्ति है और कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। गजेंद्र परमार, प्रांतिज से विधायक हैं। 39 वर्षीय परमार के पास बीए (हिंदी) की डिग्री है और उन पर कोई आपराधिक मामला नहीं है। बृजेश मेरजा, मोरबीरू आयु 62, मेरजा सौराष्ट्र विश्वविद्यालय से बी.कॉम हैं। प्रदीप परमार, असरवा से विधायक हैं। 10वीं कक्षा पास, परमार के पास 23 लाख रुपये की संपत्ति है और कोई देनदारी नहीं है। देवा मालम, केशोद से विधायक हैं। देवा मालम के पास 5 करोड़ रुपये की संपत्ति है और आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। किरीटसिंह राणा, लिम्बडी का प्रतिनिधित्व करते हैं। राणा एक करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ कक्षा 10 पास हैं और कोई देनदारी नहीं है। अर्जुन सिंह चौहान, महेमदावद से विधायक हैं और 41 साल की उम्र में चैहान के पास 12 लाख रुपये की संपत्ति है और कोई आपराधिक मामला नहीं है। कुबेर डिंडोर, संतरामपुर से विधायक हैं। डिंडोर सरदार पटेल विश्वविद्यालय से पीएचडी धारक हैं और एल.डी. आर्ट्स कॉलेज, अहमदाबाद में प्रोफेसर हैं। आरसी मकवाना, महुवा से विधायक हैं। 47 वर्षीय मकवाना 10वीं पास हैं और उनकी पत्नी भी राजनीति से जुड़ी हुई हैं।

गुत्थी के संस्करण के समाधान का रास्ता निकाला

राणा ओबराय               
चंडीगढ़। पंजाब में कांग्रेस विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक से पहले पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने शनिवार को कहा कि राहुल गांधी ने पार्टी की राज्य इकाई में उलझी हुई गुत्थी को सुलझाने का जो रास्ता अपनाया है। उसने न सिर्फ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया है, बल्कि अकाली दल की बुनियाद हिल गई है।
उन्होंने ट्वीट किया, ”वाह राहुल गांधी, आपने बेहद उलझी हुई गुत्थी के पंजाबी संस्करण के समाधान का रास्ता निकाला है। आश्चर्यजनक ढंग से नेतृत्व के इस साहसिक फैसले ने न सिर्फ पंजाब कांग्रेस के झंझट को खत्म किया है, बल्कि इसने कार्यकर्ताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया है और अकालियों की बुनियाद हिला दी है।”
गौरतलब है कि कांग्रेस की पंजाब इकाई में जारी तनातनी के बीच अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के निर्देश पर शनिवार शाम राज्य के कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। कांग्रेस महासचिव एवं पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश रावत ने शुक्रवार रात को इस बारे में घोषणा की।
मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के बीच पिछले कई महीनों से चल रही तनातनी की पृष्ठभूमि में हो रही विधायक दल की इस बैठक की वजह से नेतृत्व परिवर्तन की भी अटकलें लग रही हैं, हालांकि अभी पार्टी की तरफ से कुछ नहीं कहा गया है।

5 मिनट के अंदर गोल करके कैडिज को जीत दिलाईं

मैड्रिड। कैडिज ने सेल्टा विगो को 2-1 से हराकर स्पेनिश फुटबॉल लीग ला लिगा में हार का क्रम तोड़कर वर्तमान सत्र में अपनी पहली जीत दर्ज की। एंथनी लोजानो (38वें मिनट) और लुई अल्फोंसो एस्पिनो (43वें मिनट) ने पहले हाफ के आखिर में पांच मिनट के अंदर गोल करके कैडिज को जीत दिलायी।
एस्पिनो के गोल से ठीक पहले साल्वी सांचेज कैडिज की तरफ से पेनल्टी पर गोल नहीं कर पाये थे। सैंटी मिना ने 64वें मिनट में गोल करके सेल्टा की उम्मीद जगायी लेकिन टीम बराबरी का गोल करने में नाकाम रही। कैडिज ने अपने पहले दो मैच ड्रा खेले लेकिन इसके बाद उसे दो मैचों में हार झेलनी पड़ी थी। सेल्टा की यह लगातार तीसरी और पांच मैचों में कुल चौथी हार है। उसे पिछले मैच में रीयाल मैड्रिड ने 5-2 से करारी शिकस्त दी थी। रीयाल मैड्रिड, वेलेंसिया और मौजूदा चैंपियन एटलेटिको मैड्रिड के चार मैचों में 10 अंक हैं और वे शीर्ष पर हैं।

कोविड-19 रोधी टीकों का भंडार खत्म हुआ: राष्ट्र

वाशिंगटन डीसी। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के प्रवक्ता ने कहा कि भारत द्वारा इस साल की शुरूआत में शांति रक्षकों के लिए दान दिए गए कोविड-19 रोधी टीकों का भंडार खत्म हो गया है। महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने शुक्रवार को अपने नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि संयुक्त राष्ट्र को चीन से कोविड-19 रोधी टीकों की 3,00,000 खुराक दान में मिली है।
उन्होंने कहा कि यह दान बहुत ही महत्वपूर्ण समय में किया गया है क्योंकि इस साल मार्च में भारत सरकार द्वारा दान दिए गए टीकों का भंडार खत्म हो गया है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र के सभी मिशनों में उसके शांति रक्षकों के लिए एस्ट्राजेनेका के कोविड-19 रोधी टीकों की 2,00,000 खुराक भेंट की थी।
भारत, संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षा मिशनों में सबसे अधिक सैनिक भेजने वाले देशों में से एक है। चीन में सिनोफार्म द्वारा निर्मित टीकों को इस साल की शुरुआत में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आपात इस्तेमाल के लिए सूचीबद्ध किया था और इसे संयुक्त राष्ट्र कर्मियों तथा शांति रक्षकों को दिया जाएगा।

कोच लोधगर का दिल का दौरा पड़ने से निधन हुआ

मिनाक्षी लोढी       
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के पूर्व स्पिनर और मिजोरम अंडर-19 टीम के मुख्य कोच मुर्तजा लोधगर का शुक्रवार की रात को विशाखापट्टनम में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष अविषेक डालमिया ने इसकी पुष्टि की। लोधगर 45 साल के थे और वह मिजोरम की टीम के साथ विशाखापट्टनम गये थे जहां टीम को वीनू मांकड़ ट्राफी (अंडर-19 राष्ट्रीय एकदिवसीय) में खेलना है। 
इससे भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के घरेलू सत्र की शुरुआत भी होगी।
डालमिया ने पीटीआई से कहा, ”रात्रि भोज के बाद यह दुखद घटना हुई। मुर्त भाई (लोधगर) और टीम के फिजियो रात्रि भोज करने के बाद बाहर टहल रहे थे कि तभी उनके सीने में तेज दर्द हुआ और वह नीचे गिर गये।” उन्होंने कहा, ”फिजियो और टीम के अन्य सदस्य उन्हें तुरंत अस्पताल ले गये जहां उन्हें मृत घोषित किया गया। ” मुर्तजा ने अपने करियर में नौ रणजी ट्राफी मैच खेले जिनमें 34 विकेट लिये।

80 वर्षीय पेले को चिकित्सा कक्ष में भर्ती किया

ब्रासीलिया। ब्राजील के दिग्गज फुटबॉलर पेले की आंत से ट्यूमर निकालने के लिये किये आपरेशन के बाद स्थिति सामान्य बनी हुई है और उनकी बेटी केली नेसिमेंटो ने कहा कि वह धीरे धीरे ठीक हो रहे हैं। उन्होंने इन रिपोर्टों पर टिप्पणी नहीं कि 80 वर्षीय पेले को फिर से आपात चिकित्सा कक्ष में भर्ती किया गया है।
पेले का चार सितंबर को आपरेशन किया गया था। केली नेसिमेंटो ने अपने पिता के साथ एक तस्वीर इंस्टाग्राम पर साझा की है जिसमें उन्होंने कहा कि यह तस्वीर अल्बर्ट आइंस्टीन अस्पताल में उनके कमरे में अभी अभी ली गयी थी। उन्होंने कहा, ”वह धीरे धीरे ठीक हो रहे हैं और सामान्य स्थिति में हैं।
इस तरह के आपरेशन के बाद इतनी उम्र के व्यक्ति की स्थिति में कभी कभी हल्का उतार चढ़ाव आता है। कल वह बेहद थकान महसूस कर रहे थे, लेकिन आज उन्हें अच्छा लग रहा है।” पेले के रहते हुए ब्राजील ने 1958, 1962 और 1970 में विश्व कप जीता। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में 92 मैचों में 77 गोल किये जो ब्राजील की तरफ से रिकार्ड है।

17 अक्टूबर से यूएई में खेला जाएगा टी-20 कप

लंदन। रवि शास्त्री का भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के रूप में कार्यकाल अगले महीने टी-20 विश्व कप के साथ समाप्त हो जाएगा और उन्होंने स्वीकार किया कि इससे उन्हें थोड़ा दुख होगा। लेकिन साथ ही कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में जो चाहा वह हासिल किया और वह सही समय पर इस जिम्मेदारी से मुक्त हो रहे हैं।
शास्त्री का मुख्य कोच के रूप में कार्यकाल 2017 में शुरू हुआ था। इसके बाद उन्हें 2019 में फिर से इस पद पर नियुक्त कर दिया गया था। टी-20 विश्व कप 17 अक्टूबर से यूएई में खेला जाएगा। कोविड-19 के लिये पॉजिटिव पाये जाने के कारण 59 वर्षीय शास्त्री अभी पृथकवास पर हैं।
उन्होंने ‘द गार्डियन’ से कहा कि टी20 विश्व कप विशेष होगा लेकिन टीम ने उनके रहते हुए पहले ही विशिष्ट उपलब्धियां हासिल की हैं। शास्त्री ने कहा, ”मेरा ऐसा मानना है क्योंकि मैंने जो चाहा वह हासिल किया। पांच साल तक नंबर (टेस्ट क्रिकेट में) रहे, आस्ट्रेलिया में दो बार जीते, इंग्लैंड में जीते।”
उन्होंने कहा, ”मैंने माइकल आथरटन से बात की थी और कहा था, मेरे लिये यह चरम है – आस्ट्रेलिया को आस्ट्रेलिया में हराना और इंग्लैंड में कोविड काल में जीत दर्ज करना। हमने इंग्लैंड पर 2-1 से बढ़त बनायी है तथा जिस तरह से हम लार्ड्स और ओवल में खेले वह खास था।” भारतीय खेमे में कोविड-19 के मामले पाये जाने के बाद जब मैनचेस्टर में होने वाला पांचवां और अंतिम टेस्ट मैच रद्द किया गया तब भारत श्रृंखला में 2-1 से आगे चल रहा था।
शास्त्री के कार्यकाल में भारत ने दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में टी20 श्रृंखलाओं में भी जीत दर्ज की। शास्त्री ने कहा, ”हमने सीमित ओवरों की क्रिकेट में भी प्रत्येक देश को उसकी धरती पर हराया। यदि हम टी20 विश्व कप जीत लेते हैं तो यह सोने पे सुहागा होगा। इससे ज्यादा कुछ नहीं चाहिए। ” उन्होंने कहा, ”मैं एक बात पर विश्वास करता हूं कभी जरूरत से ज्यादा समय तक नहीं टिके रहो। मैं यह बात इस संदर्भ में कह रहा हूं कि टीम का साथ छोड़ने के समय मैं क्या चाहता हूं, असल में मैंने जरूरत से ज्यादा हासिल किया है।
आस्ट्रेलिया को उसकी धरती पर हराना और कोविड काल में इंग्लैंड पर श्रृंखला में बढ़त हासिल करना। क्रिकेट में मेरे चार दशक में यह सबसे संतोषजनक पल रहा।” शास्त्री आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) ट्राफी के साथ अपने कार्यकाल का समापन करना चाहते हैं। शास्त्री और विराट कोहली की जोड़ी के रहते हुए भारत कभी आईसीसी ट्राफी नहीं जीत पाया।

उन्होंने कहा, ”हम इसके लिये अपनी जीजान लगा देंगे। निश्चित तौर पर हमारे पास ऐसी टीम है जो अपनी क्षमता से खेलती है तो वह जीत सकती है। सबसे अहम बात यह है कि हम इसका आनंद लेंगे। टेस्ट मैच का दबाव भूल जाओ। टी20 क्रिकेट का मतलब है उसका आनंद लो। मैं सिर ऊंचा रखकर विदा होना चाहता हूं।”
उन्होंने कहा, ”हां इसका दुख होगा कि टीम के साथ मेरा कार्यकाल समाप्त हो रहा है क्योंकि मैंने कई शानदार खिलाड़ियों और व्यक्तियों के साथ काम किया। हमने ड्रेसिंग रूम में अच्छा समय बिताया। लेकिन इससे बढ़कर हमारी क्रिकेट और हमने जो परिणाम हासिल किये उसने यह यात्रा शानदार बनायी।

शुरू हो रहीं परीक्षा छात्रों के लिए होगीं आयोजित

हरिओम उपाध्याय       
लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद 18 सितंबर यानी आज से कक्षा 10 और कक्षा 12 की इम्प्रूवमेंट परीक्षा शुरू कर रही है। यूपी बोर्ड कक्षा 10 और 12 की आज से शुरू हो रही परीक्षा उन छात्रों के लिए आयोजित की जा रही है। जो ऑल्टरनेटिव असेसमेंट क्राइटेरिया द्वारा प्राप्त मार्क्स से संतुष्ट नहीं थे। यूपी बोर्ड 10वीं कक्षा की इम्प्रूवमेंट परीक्षा 4 अक्टूबर तक जारी रहेगी, जबकि कक्षा 12 की परीक्षा 6 अक्टूबर को समाप्त होगी। परीक्षाएं दो घंटे की अवधि के लिए आयोजित की जा रही हैं।
इम्प्रूवमेंट परीक्षा में मिले मार्क्स माने जाएंगे फाइनल
बता दें कि यूपीएमएसपी ने 31 जुलाई को कक्षा 10 और कक्षा 12 के परिणाम घोषित किए थे। यूपी बोर्ड 10वीं के परिणाम का कुल पासिंग प्रतिशत 99.53 फीसदी था, जबकि यूपी इंटर कक्षा 12वीं का पासिंग प्रतिशत 97.88% था। यूपीएमएसपी ने कहा है कि इम्प्रूवमेंट परीक्षा में छात्रों द्वारा प्राप्त अंकों को अब फाइनल माना जाएगा।गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश बोर्ड चुने हुए परीक्षा केंद्रों पर यूपीएमएसपी इम्प्रूवमेंट परीक्षा आयोजित कर रहा है। हालांकि सरकारी आदेशों के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण राज्य में दो दिन 17 और 18 सितंबर को स्कूल और कॉलेज सहित सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। लेकिन 10वीं और 12वीं इम्प्रूवमेंट परीक्षा के लिए जिन स्कूलों को एग्जाम सेंटर बनाया गया है वहां नियमानुसार परीक्षा आयोजित की जाएगी।

ड्रोन हमले को 'गलती' के रूप में स्वीकार किया

वाशिंगटन डीसी। अमेरिका के एक शीर्ष सैन्य कमांडर ने काबुल हवाईअड्डे पर पिछले महीने हुए आत्मघाती धमाके के कुछ दिनों बाद ‘आईएसआईएस-के’के आतंकवादियों को निशाना बनाते हुए किए गए ड्रोन हमले को ”गलती” के रूप में स्वीकार किया है। इस हमले में सात बच्चों समेत 10 नागरिक मारे गए थे।
अमेरिका के मध्य कमान के कमांडर जनरल फ्रैंक मैक्केंजी ने 29 अगस्त के हमले की जांच के नतीजों पर पत्रकारों से यह भी कहा कि ड्रोन हमले में क्षतिग्रस्त हुए वाहन और मारे गए लोगों के इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड लेवांत-खुरासन (आईएसआईएस-के) से जुड़े होने या अमेरिकी सेना के लिए कोई प्रत्यक्ष खतरा होने की आशंका नहीं थी।
कमांडर ने कहा कि हालांकि इस हमले को इस्लामिक स्टेट के हमले के बाद हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर जमीनी हालात के संदर्भ में ही समझा जाए। हवाईअड्डे पर हुए हमले में अमेरिका के 13 सैनिक मारे गए थे और 100 से अधिक नागरिकों ने जान गंवाई थी। साथ ही खुफिया अधिकारियों ने एक और आसन्न हमले का संकेत दिया था। जनरल मैक्केंजी ने कहा कि जांच के नतीजों की विस्तार से समीक्षा करने के बाद वह इस बात से सहमत हैं कि सात बच्चों समेत 10 नागरिक उस ड्रोन हमले में मारे गए,जो दुखद है।
उन्होंने पेंटागन में एक संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों से कहा, ”यह गलती थी और मैं माफी मांगता हूं। कमांडर होने के नाते मैं इस हमले और इसके दुखद परिणाम के लिए पूरी तरह जिम्मेदार हूं। साथ ही हम यह मानते हैं कि क्षतिग्रस्त हुआ वाहन और मारे गए लोगों का आईएसआईएस-के से संबंध होने या अमेरिकी सेना के लिए प्रत्यक्ष रूप से खतरा होने की आशंका नहीं थी।
मैं इस हमले में मारे गए लोगों के परिवार और दोस्तों के प्रति शोक व्यक्त करता हूं।” जनरल मैक्केंजी ने कहा कि हमले से 48 घंटे पहले खुफिया जानकारी में यह संकेत मिला कि इस परिसर का इस्तेमाल इस्लामिक स्टेट के आतंकवादी भविष्य के हमलों के लिए कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ”हमले से 36 घंटे पहले हवाईअड्डे पर अधिकारियों को आसन्न खतरों से संबंधित 60 अलग-अलग खुफिया जानकारी मिली।”
उन्होंने बताया कि अधिकारियों को खुफिया सूचना मिली कि इस्लामिक स्टेट अगले हमले में सफेद रंग की टोयोटा कोरोला कार का इस्तेमाल करेगा, जिसके बाद 29 अगस्त की सुबह परिसर की निगरानी तेज कर दी गयी। उन्होंने कहा कि जांच में अब सामने आया कि यह हमला एक गलती थी।
उन्होंने कहा, ”पहले मैं यह बता दूं कि यह जल्दबाजी में किया गया हमला नहीं था। अधिकारियों ने वाहन और उसमें सवार लोगों पर करीब आठ घंटे तक नजर रखी थी। सैन्य दल ने यह हमला इस विश्वास के साथ किया कि वे हमारी सेना और नागरिकों पर आसन्न खतरे को रोक रहे हैं जो अब हमे लगता है कि सही नहीं था।
जनरल मैक्केंजी ने कहा, ”मैं आज यहां तथ्यों को सामने रखने और हमारी गलतियां स्वीकार करने आया हूं। अंत में मैं यही कहूंगा कि इस हमले में मारे गए लोगों के परिवार और दोस्तों के प्रति संवदेनाएं व्यक्त करता हूं।” उन्होंने कहा कि अमेरिका मुआवजा देने की संभावनाएं भी तलाश रहा है।

खाने-पीने के जरिए पेट तक पहुंच सकते हैं किटाणु

वाशिंगटन डीसी। पूरे घर में किचन सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली जगह होती है। ऐसे में खाना बनाते वक्त गंदगी भी सबसे ज्यादा किचिन में ही फैलती है। हम रोजमर्रा की क्लीनिंग में स्लैब और बर्तनों को तो अच्छी तरह से साफ कर लेते हैं, लेकिन किचन में ऐसी कई जगह होती हैं जहां बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। इन जगहों पर या तो हमारा ध्यान नहीं जाता या हफ्तों तक यहां सफाई का नंबर नहीं आ पाता है। ऐसे में किचन में कीटाणु पैदा होने लगते हैं। किचिन में पनपने वाले ये कीटाणु खाने-पीने के जरिए आपके पेट तक पहुंच सकते हैं।
जिससे आपकी और आपके परिवार की सेहत बिगड़ सकती है। इसलिए आपको रसोई में सफाई का बहुत ध्यान रखने की जरूरत है। हम आपको किचिन की ऐसी चीजें या जगह बता रहे हैं जहां सफाई की सबसे ज्यादा जरूरत होती ह। आप इन जगहों को जरूर साफ रखें।
रसोई में स्लैब साफ करने और हाथ पोछने वाले कपड़े सबसे ज्यादा गंदे होते हैं। इन कपड़ों में काफी कीटाणु होते हैं।। इससे कीटाणु आपके खाने में पहुंच सकते हैं। कोशिश करें कि रसोई में इस्तेमाल होने वाले कपड़े की जगह टिशू पेपर इस्तेमाल करें। अगर कपड़े का इस्तेमाल कर रहे हैं तो इसे रोजाना साबुन से साफ करें।रसोई में स्लैब साफ करने और हाथ पोछने वाले कपड़े सबसे ज्यादा गंदे होते हैं। इन कपड़ों में काफी कीटाणु होते हैं।। इससे कीटाणु आपके खाने में पहुंच सकते हैं। कोशिश करें कि रसोई में इस्तेमाल होने वाले कपड़े की जगह टिशू पेपर इस्तेमाल करें। अगर कपड़े का इस्तेमाल कर रहे हैं तो इसे रोजाना साबुन से साफ करें।रसोई में चाकू और चॉपिंग बोर्ड का इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया जाता है, लेकिन कई बार लोग इनकी साफ-सफाई में लापरवाही बरतते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि चाकू और चॉपिंग बोर्ड कीटाणुओं का हॉटस्पॉट्स हो सकता है। इसलिए चॉपिंग बोर्ड्स और चाकू को इस्तेमाल करने के बाद हमेशा अच्छी तरह से साफ कर लें। पके हुए खाने और कच्चे खाने के लिए अलग-अलग बोर्ड और चाकू का इस्तेमाल करें।
 किचन में खाना बनाते वक्त कई बार दरवाजे, फ्रिज और अलमारी के हैंडल छूने पड़ते हैं, लेकिन ध्यान रखें इन जगहों पर सबसे ज्यादा कीटाणु होने का खतरा रहता है। ऐसे में आप यहां लगे बैक्टीरिया के संपर्क में आ जाते हैं। ऐसे में किचिन में ज्यादा छूए जाने वाली सतहों को हमेशा साफ रखना चाहिए। दरवाजे, फ्रिज और हैंडल को अच्छी तरह साबुन और गर्म पानी से साफ कर लें।

विधायक दल की बैठक तत्काल बुलाने का अनुरोध

राणा ओबराय          
चंडीगढ़। कांग्रेस की पंजाब इकाई में जारी तनातनी के बीच अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) ने शनिवार को राज्य के कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है। एआईसीसी के महासचिव एवं पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश रावत ने शुक्रवार रात को इस बारे में घोषणा की।
रावत ने ट्वीट किया, ”कांग्रेस के अनेक विधायकों ने एआईसीसी से पंजाब कांग्रेस विधायक दल की बैठक तत्काल बुलाने का अनुरोध किया। इसी क्रम में पंजाब प्रदेश कांग्रेस समिति के कार्यालय में 18 सितंबर को शाम पांच बजे विधायक दल की बैठक बुलाई गई है।
पंजाब कांग्रेस के सभी विधायकों से बैठक में शामिल होने का अनुरोध किया जाता है” इस ट्वीट में उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और पंजाब कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू को भी टैग किया।
सिद्धू ने शुक्रवार रात को ट्विटर पर लिखा, ”एआईसीसी के निर्देश पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक पंजाब प्रदेश कांग्रेस समिति के कार्यालय में 18 सितंबर 2021 को शाम पांच बजे बुलाई गई है।” पिछले महीने, राज्य के चार मंत्रियों और अनेक विधायकों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ असंतोष के स्वर उठाए थे और कहा था कि उन्हें अब इस बात का भरोसा नहीं है कि अमरिंदर सिंह में अधूरे वादों को पूरा करने की क्षमता है।

दोनों देशों से अपने राजदूतों को वापस बुलाया

वाशिंगटन डीसी/ पेरिस। अमेरिका के सबसे पुराने सहयोगी फ्रांस ने परमाणु पनडुब्बी सौदा रद्द करने पर अप्रत्याशित रूप से गुस्सा दिखाते हुए अमेरिका...