गुरुवार, 19 अगस्त 2021

अफगान में पूरी तरह से तालिबान का कब्जा हुआ

काबुल। अफगानिस्तान में अब पूरी तरह से तालिबान का कब्जा हो गया है। अशरफ गनी देश छोड़कर संयुक्त राष्ट्र अमीरात भाग चुके हैं और 15 अगस्त से ही तालिबानियों ने काबुल पर कब्जा जमा रखा है। फिलहाल, अफगानिस्तान में अफरा-तफरी का माहौल है और उसका भविष्य अनिश्चतिताओं से भरा दिख रहा है। अफगानिस्तान में 20 साल बाद तालिबानी राज की वापसी से एक ओर जहां कई देश चिंता में डुबे हुए हैं, वहीं कुछ देसों की बाछें खिल गई हैं। पाकिस्तान जहां अफगानिस्तान में तालिबान राज को मौके के रूप में देख रहा है।

वहीं रूस और ईरान मन ही मन खुश हो रहे हैं। तालिबान के सहारे चीन तो वैतरणी ही पार करना चाहता है। यही वजह है कि शुरू से ही पाकिस्तान, चीन और रूस तालिबान के समर्थन में दिख रहे हैं। तो चलिए जानते हैं। आखिर ये देश अफगानिस्तान में तालिबानी राज की वापसी से इतने खुश क्यों है। अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी की खबर सुनकर जिस चीन की बांछें खिल गई थीं, अब अफगान में तालिबान राज से उसकी खुशी दोगुनी हो गई है। अफगानिस्तान में तालिबान का समर्थन कर रहे चीन को अपना बड़ा फायदा दिख रहा है।

क्योंकि अफगानिस्तान की सत्ता में तालिबान की वापसी से चीन की सबसे बड़ी टेंशन भी खत्म हो गई है। तालिबान ने भरोसा दिलाया है कि शिनजियांग प्रात में उइगर इस्लामिक आतंकवाद को बढ़ावा नहीं देगा। बीते दिनों तालिबानी प्रतिनिधिमंडल ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी इन से तियांजिन में मुलाकात की थी और यह भरोसा दिलाया था कि वह अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल उइगुर चरमपंथियों के अड्डे के तौर पर नहीं होने देगा। इसके अलावा चीन को मध्य एशिया तक पहुंचने का अफगानिस्तान सबसे बेहतर जरिया दिख रहा है। चीन की मंशा अफगानिस्‍तान को भी चाइना-पाकिस्‍तान आर्थिक कॉरिडोर का हिस्‍सा बनाने की है। चीन बेल्ट एंड रोड एनीशिएटिव के तहत अफगानिस्तान में निवेश करने की फिराक में है। चीन अफगानिस्तान को अपना बड़ा मार्केट के तौर पर भी देख रहा है। साथ ही अफगान के रास्ते मध्य एशिया तक पहुंच स्थापित करके अमेरिकी वर्चस्व को भी खुली चुनौती देना चाहता है। 

विधायक ने फीता काटकर शिविर का शुभारंभ किया

दुष्यंत टीकम          
रायपुर। रायपुर के खरोरा आशीर्वाद हॉस्पिटल एवं रिम्स मेडिकल ( रिम्स मेडिकल कॉलेज की शाखा ) द्वारा नि:शुल्क डॉक्टरों द्वारा जांच नि:शुल्क चिकित्सक परामर्श नि:शुल्क खून जांच नि:शुल्क दवा वितरण स्वैच्छिक रक्त दान शिविर सिकलिंग, थैलेसिमिया, गर्भवती माताओं के लिए यह रक्तदान शिविर का आयोजन आशीर्वाद हॉस्पिटल खरोरा में किया गया था।जिसमें धरसींवा विधायक अनिता योगेंद्र शर्मा ने फीता काटकर रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विधायक श्रीमती शर्मा ने स्वयं का चेकअप भी करवाया। साथ ही जिन लोगो ने रक्तदान किया उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया। इससे पहले आशिर्वाद हास्पीटल की ओर से अनुराग दुबे एवं रिम्स हास्पिटल के डाक्टरों ने विधायक अनिता योगेंद्र शर्मा का स्वागत किया। 
कार्यक्रम में रविंदर बबलू भाटिया -प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस छ.ग, पन्ना देवांगन उपाध्यक्ष न.पं.खरोरा,श्रीमति अबिका बंछोर -खरोरा एल्डर मैन,राजा भाटिया,सोनू साहू, ब्लॉक अध्यक्ष युवा कांग्रेस खरोरा, डागेश्वर जोशी, मीडिया प्रभारी धरसींवा विधानसभा व समस्त हॉस्पिटल स्टाफ उपस्थित रहे।

मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण तरीके से मनानें का निर्देश

कौशाम्बी। मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने के लिए उप जिला अधिकारी सिराथू के नेतृत्व में सैनी कोतवाली और कड़ा कोतवाली में बैठक आयोजित की गई है। दोनों थाने की बैठक में उप जिला अधिकारी सिराथू ने कहा कि मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण तरीके से मनाए जाने का निर्देश शासन ने दिया है। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देश के अनुसार मोहर्रम का पर्व मनाया जाए। 
प्रशासन और पुलिस त्यौहार मनाने वालों के सहयोग में हमेशा साथ में खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि त्यौहार के दौरान किसी को दिक्कत ना हो इस बात को विशेष ध्यान दिया जाए और साथ में कोविड-19 गाइडलाइन का पालन किया जाए। इस दौरान कड़ा धाम कोतवाल उपनिरीक्षक के साथ-साथ सैनी कोतवाल तेजबहादुर सिंह, अतिरिक्त निरीक्षक रणंजय सिंह ,उपनिरीक्षक क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति नेता ग्राम प्रधान समाजसेवी धर्मगुरु ताजियेदार आदि लोग मौजूद रहे।
सन्तलाल मौर्य 

यूपी: मुख्तलिफ जाकिरों ने शहीदों का जिक्र किया

बृजेश केसरवानी         
प्रयागराज। माहे मोहर्रम की नवीं को बख्शी बाज़ार, अहमदगंज, रानीमण्डी,दरियाबाद,करैली,शाहगंज,घंटाघर सहित विभिन्न इमामबाड़ो मे दस रोज़ के अशरे की नवीं मजलिस मे मुख्तलिफ जाकिरों ने करबला के शहीदों का ज़िक्र किया। चक ज़ीरो रोड इमामबाड़ा डीप्यूटी ज़ाहिद हुसैन मे मौलाना रज़ी हैदर ने करबला के नन्हे मुजाहिद हज़रत अली असग़र की हुरमुला द्वारा तीन मुँह के तीर से गला छेद कर शहीद करने का मार्मिक अन्दाज़ मे वर्णन किया। मजलिस के बाद हज़रत अली असग़र का झूला व ताबूत हज़रत अली अकबर निकाला गया।अन्जुमन हुसैनिया कदीम के बुज़ुर्ग नौहाख्वान शाह बहादर ने ग़मगीन नौहा पढ़ा तो हर ओर से आहो बुका की सदा गूँजने लगी।
अक़ीदतमन्दों ने झूला अली असग़र व ताबूत अली अकबर पर फूल माला चढ़ाते हुए मन्नत व मुरादें मांगी।झूले व ताबूत को इमामबाड़े के अन्दूरीनी हिस्से मे गश्त कराकर महिलाओं के बीच भी ले जाया गया। जहा महिलाओं ने नौहा और मातम किया। अन्जुमन हैदरिया रानी मण्डी के हसन रिज़वी,सज्जाद अली सहित अन्य नौहाख्वानो ने शहर भर के इमामबाड़ो मे गश्ती करते हुए नौहे और मातम का नज़राना पेश किया।मजलिस व मातम मे गौहर काज़मी,मंज़र कर्रार,नजीब इलाहाबादी,अरशद नक़वी,ताशू अल्वी, सै.मो.अस्करी, ज़ामिन हसन,मुन्तज़िर रिज़वी,तय्याबैन आब्दी,अल्मास हसन,माहे आलम,शजीह अब्बा,रौनक़ सफीपुरी,हसन नक़वी आदि शामिल रहे।

चन्द्रशेखर पार्क में फोटोवॉक का आयोजन किया

बृजेश केसरवानी         
प्रयागराज। विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर हॉकआइड फोटोग्राफर्स ने चन्द्रशेखर आजाद पार्क में फोटोवॉक का आयोजन किया। इस दौरान फोटोग्राफर्स के लिए एक प्रतियोगिता भी रखी गई। जिसमें कई सारे फोटोग्राफर ने हिस्सा लिया। 
प्रतियोगिता सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद सभी प्रतियोगियों को प्रशस्ति पत्र वितरित किया गया। इस कार्यक्रम में मोहम्मद शहबाज़, शिवांकी जायसवाल, मोहम्मद उमर शामिल रहे।

यूपी: 3 लोगों ने 1 बुजुर्ग महिला को नीचे गैरकर पीटा

अतुल त्यागी        
हापुड़। मामूली कहासुनी को लेकर तीन लोगों ने एक बुजुर्ग महिला को नीचे गैरकर पीटा। पीड़िता ने चौकी पुलिस से लगाई इंसाफ की गुहार। मामला हापुड़ कोतवाली क्षेत्र के जसरूप नगर निकट बेतेसदा स्कूल के पास का है। 
पहले भी आरोपी लोगों ने एक दर्जन से भी अधिक एकत्रित होकर एक पड़ोस के युवक को मिलकर पीटा था। आरोपी पक्ष के प्रति उचित कार्यवाही न होने के कारण दोबारा बुजुर्ग महिला को पीटकर गलती को दोहराया है।

तालिबान ने अफगान का 'स्वतंत्रता दिवस' मनाया

काबुल। तालिबान ने ”दुनिया की अहंकारी ताकत” अमेरिका को हराने की घोषणा करके बृहस्पतिवार को अफगानिस्तान का स्वतंत्रता दिवस मनाया। लेकिन अब उसके सामने देश की सरकार को चलाने से लेकर सशस्त्र विरोध झेलने की संभावना जैसी कई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। अफगानिस्तान के एटीएम में नकदी समाप्त हो गई है और आयात पर निर्भर इस देश के तीन करोड़ 80 लाख लोगों के सामने खाद्य संकट पैदा हो गया है।

ऐसे में तालिबान के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग के बिना सरकार चलाना बड़ी चुनौती होगी। इस बीच, अफगानिस्तान के पंजशीर घाटी में पहुंचे विपक्षी नेता ‘नदर्न अलायंस’ के बैनर तले सशस्त्र विरोध करने को लेकर चर्चा कर रहे हैं। यह स्थान ‘नदर्न अलाइंस’ लड़ाकों का गढ़ है। जिन्होंने 2001 में तालिबान के खिलाफ अमेरिका का साथ दिया था। यह एकमात्र प्रांत है जो तालिबान के हाथ नहीं आया है। तालिबान ने अभी तक उस सरकार के लिए कोई योजना पेश नहीं की है, जिसे चलाने की वह इच्छा रखता है।

अलर्ट: उत्तराखंड में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज

पंकज कपूर           

देहरादून। उत्तराखंड में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज। राज्य में अगले तीन दिन यानी 21 अगस्त तक मौसम विभाग ने जारी किया भारी बारिश का यलो एवं ऑरेंज अलर्ट। मौसम विज्ञान के मुताबिक राज्य के अधिकांश पर्वतीय व मैदानी जनपदों में 19 अगस्त से 21 अगस्त तक झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा। कुछ इलाकों में गरज चमक के साथ भारी बारिश व बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग में उत्तराखंड में अगले 3 दिनों तक भारी बारिश का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
19 अगस्त को उत्तराखंड राज्य के कुमाऊं मंडल के जनपदों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने व तेज बौछार होने की संभावना जताई गई है।वहीं गढ़वाल मंडल के जनपदों में कहीं-कहीं तेज बौछार के साथ भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। साथ ही आकाशीय बिजली चमकने के साथ-साथ गर्जन होने की भी संभावना है।

रक्षामंत्री ने ‘आत्मनिर्भर’ रक्षा उद्योग की वकालत की

अकांशु उपाध्याय          

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि वैश्विक स्तर पर बदलती भू-राजनीतिक स्थिति के मद्देनजर भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियां बढ़ रही हैं और “जटिल” होती जा रही हैं। उन्होंने देश में मजबूत, सक्षम और पूरी तरह से ‘आत्मनिर्भर’ रक्षा उद्योग की वकालत की।

अमेरिका समर्थित सरकार के गिरने और अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा होने के बाद भारत और अन्य देशों में बढ़ती चिंता के बीच सिंह की यह टिप्पणी आई है। सिंह ने कोई स्पष्ट संदर्भ दिए बिना कहा, “आज पूरी दुनिया में सुरक्षा परिदृश्य बहुत तेजी से बदल रहा है। इस वजह से, हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं और जटिल होती जा रही हैं। वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति में निरंतर परिवर्तन हो रहे हैं।”

20 को कर्नाटक के दो दिवसीय दौरे पर आएंगे नायडू

बेंगलुरु। उपराष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडू तुंगभद्र बांध तथा विश्व प्रसिद्ध हम्पी स्मारक को देखने के लिए 20 अगस्त को कर्नाटक के दो दिवसीय दौरे पर आएंगे। नायडू वेंकैया 20 अगस्त को हेलिकॉप्टर से हुबली आएंगे और यहां से विजयनगर जाएंगे। विजयनगर पहुंचने के बाद वह 5.20 बजे विजयनगर तालुका स्टेडियम जाएंगे। जहां से वे सीधे तुंगभद्र बांध जाएंगे। उपराष्ट्रपति 21 अगस्त को हम्पी जाएंगे तथा श्री वीरुपक्ष मंदिर, श्रीकृष्ण मंदिर, कमला महल तथा अन्य स्मारकों को देखेंगे। स्मारकों तथा मंदिरों का भ्रमण करने के बाद वह रात में हम्पी में ही ठहरेंगे। श्री नायडू विशेष हेलिकॉप्टर से अगले दिन हुबली हवाई अड्डा के लिए रवाना हो जाएंगे।

15 दिनों के भीतर अपराधी को नोटिस भेजना होगा

अकांशु उपाध्याय           

नई दिल्ली। परिवहन मंत्रालय की नई अधिसूचना के मुताबिक राज्य प्रवर्तन एजेंसियों को यायायात नियमों के उल्लंघन से संबंधित अपराध होने के पंद्रह दिनों के भीतर अपराधी को नोटिस भेजना होगा और चालान के निपटान तक इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड संग्रहीत किया जाना चाहिए। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और सड़क सुरक्षा के प्रवर्तन के लिए संशोधित मोटर वाहन अधिनियम 1989 के तहत एक अधिसूचना जारी की है। जिसमें चालान जारी करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग किया जाएगा। मंत्रालय ने ट्वीट किया कि अपराध की सूचना अपराध की घटना के पंद्रह दिनों के भीतर भेजी जाएगी और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के माध्यम से एकत्र किए गए इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को चालान के निपटारे तक संग्रहीत किया जाना चाहिए।

आशीर्वाद यात्रा: लोगों का अपमान कर रहीं भाजपा

इकबाल अंसारी        

अहमदाबाद। आम आदमी पार्टी (आप) ने आज आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात में कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सिजन के अभाव में हज़ारों लोगों की मौत के बाद अब सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ‘जन-आशीर्वाद यात्रा’ शुरू कर आम लोगों का अपमान कर रही है। गुजरात में पार्टी के वरिष्ठ नेता इशुदान गढ़वी ने आज यहां पत्रकारों से कहा कि भाजपा सरकार कोरोना के दौरान लोगों को ऑक्सिजन वाले बेड तक मुहैया नहीं करा सकी, लोग इसके बिना अस्पतालों के बाहर स्ट्रेचरों पर ही मर गए। अब पार्टी यात्रा करने निकली है।

उन्होंने कहा कि यात्रा जैसे कार्यक्रम के तामझाम पर लाखों रुपए पानी में बहाने की बजाय सरकार कोरोना से मरने वालों के परिजनों को एक एक लाख रुपए की सहायता दे। इशुदान गढ़वी ने व्यंगात्मक लहजे में कहा कि क्या भाजपा सरकार महंगाई बढ़ाने, पेट्रोल डीज़ल के दाम बढ़ाने और किसानों की मुश्किलें बढ़ाने के एवज में जनता का आशीर्वाद लेना चाहती है।

ज्ञातव्य है कि गुजरात में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और आप ने सभी 182 सीटों पर भाजपा के ख़िलाफ़ ताल ठोकने का एलान कर रखा है। पार्टी ने आज प्रवीण राम को आप के गुजरात युवा इकाई का अध्यक्ष और पाटीदार आरक्षण आंदोलन का एक प्रमुख चेहरा रहे निखिल सवाणी को इसका महामंत्री बनाने की भी घोषणा की।

यूपी: कर्मचारियों के मानदेय पर कर सकतें हैं ऐलान

हरिओम उपाध्याय        

लखनऊ। उत्तरप्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य के 12 लाख कर्मचारियों को जल्द ही बड़ी खुशखबरी दे सकती है। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्य के 12 लाख से ज्यादा मानदेय कर्मचारियों के मानदेय बढ़ोत्तरी को लेकर अहम ऐलान कर सकते हैं। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि राज्य सरकार कर्मचारियों के मानदेय में 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ा सकती है। हालांकि इस बात को लेकर संशय है कि किस पद पर कितने मानदेय में बढ़ोतरी की जाएगी।

गौरतलब है कि उत्तरप्रदेश में योगी आदित्यनाथ ने बजट में जिक्र किया था कि मानदेय कर्मचारियों के पदनाम और मानदेय बढ़ाया जाएगा। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आंगनबाड़ी, शिक्षा मित्र, अनुदेशक, रोजगार सेवक, आशा संगिनी, रसोइयों, पीआरडी जवान और चौकीदारों के मानदेय में सरकार कितनी बढ़ोत्तरी करेगी। मानदेय राशि में 10 से 20 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी सरकार की जा सकती है।

राज्य में भविष्य निधि को जोड़ने के बाद रोजगार सेवक का मानदेय अभी 7500 रुपए महीने बनता है। जिसे अब बढ़ाकर 1000 रुपए किया जा सकता है। वहीं दूसरे पदों पर मानदेय में भी 10 से 20 फीसदी तक बढ़ोत्तरी की जा सकती है।

अफगानिस्तान छोड़कर भागे राष्ट्रपति ने तोड़ीं चुप्पी

काबुल। काबुल पर कब्जे के बाद अफगानिस्तान छोड़कर भागे राष्ट्रपति अशरफ गनी ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। अशरफ गनी ने फेसबुक पर वीडियो पोस्ट के जरिए अफगानिस्तान से भागने के अपने फैसले पर सफाई दी है। साथ ही उन्होंने उन आरोपों पर भी जवाब दिया है।जिसमें कहा गया है कि गनी ने चार कार और हेलीकॉप्टर में भरे पैसों के साथ अफगानिस्तान छोड़ा है।अशरफ गनी ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि पैसों के साथ उनके अफगानिस्तान छोड़ने की बात सरासर गलत है। गनी ने कहा कि तालिबान के कब्जे के बाद अगर वे काबुल में रहते तो कत्लेआम मच जाता। उन्होंने उसे रोकने के लिए भागने का फैसला किया। 
बता दें कि बुधवार को ये जानकारी सामने आई कि गनी यूएई में हैं।
जूते बदलने का भी मौका नहीं था। गनी अशरफ गनी ने वीडियो में कहा कि उनके पास काबुल छोड़ते समय जूते बदलने तक का समय नहीं था। गनी ने कहा कि राष्ट्रपति भवन में रविवार को जो वे सैंडल्स पहने हुए थे, वे उसमें ही काबुल छोड़ने को मजबूर हुए।गनी ने कहा,आप बिल्कुल भरोसा मत कीजिए भले ही जो भी ये कहे कि आपके राष्ट्रपति ने आपको बेच दिया और अपने फायदे और अपनी जान बचाने के लिए भागा। ये आरोप सरासर गलत हैं। मैं इन्हें खारिज करता हूं। बकौल गनी, मैं अफगानिस्तान से निष्कासित होने के लिए ऐसे मजबूर हुआ कि मेरे पास अपने चप्पल बदलकर जूते पहनने का भी समय नहीं था। निष्कासित हूं भागा नहीं हूं। गनी: अशरफ गनी ने कहा कि उनका दुबई में निर्वासन में रहने का कोई इरादा नहीं है और घर लौटने के लिए बातचीत कर रहे हैं। गनी ने कहा कि उन्हें अफगानिस्तान से निकाला गया है और अगर वह काबुल में रहते तो उन्हें फांसी पर लटका दिया जाता। गनी ने कहा, अगर मैं वहां रहता, तो अफगानिस्तान के एक निर्वाचित राष्ट्रपति को अफगानों की आंखों के सामने फिर से फांसी दी जाती। गनी ने साथ ही कहा कि तालिबान ने काबुल में प्रवेश नहीं करने के समझौते के बावजूद ऐसा किया है। उन्होंने कहा कि हालांकि वह सत्ता के शांतिपूर्ण परिवर्तन के पक्ष में थे।
लेकिन उन्हें अफगानिस्तान से निकाल दिया गया। उन्होंने कहा कि वह तालिबान और पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई और वरिष्ठ अधिकारी अब्दुल्ला अब्दुल्ला के बीच वार्ता का समर्थन करते हैं और चाहते हैं कि इस प्रक्रिया में सफलता हासिल हो। इससे पहले संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने बुधवार देर शाम कहा कि उसने अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी और उनके परिवार को ‘मानवीय आधार’ पर स्वीकार कर लिया है। हालांकि यह नहीं बताया गया है कि गनी देश में कहां हैं।"

भर्ती: ड्राइवर की नौकरी के लिए बेहतरीन मौका

अकांशु उपाध्याय        

नई दिल्ली। ड्राइवर के पदों पर भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर। अगर आप 10 पास हैं और ड्राइवर की नौकरी करना चाहते हैं तो आपके पास बेहतरीन मौका है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी स्टाफ कार ड्राइवर रिक्ति 2021 के पद के लिए आवेदन आमंत्रित करता है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार जो इन पदों के लिए सभी पात्रता मापदण्डों को पूरा करते हैं और इन पदों के लिए आवेदन करने की इच्छा रखते हैं। उनसे अनुरोध है कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के इन पदों पर आवेदन करने से पहले विभाग द्वारा जारी की गई अधिसूचना से सारी जानकारी ध्यान पूर्वक पढने के बाद ही अपनी योग्यता के अनुसार आवेदन करें। नोटिफिकेशन का लिंक नीचे दिया गया है।

इन पदों के लिए उम्मीदवार 14-09-2021 तक आवेदन कर सकते हैं। इन पदों पर आवेदन करने वाले उम्मीदवार की शेक्षणिक योग्यता 10वीं पास होना चाहिए। उम्म्मीदवार के पास मान्य ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी है। इसके साथ 3 साल का अनुभव भी होना आवश्यक है। इन पदों पर आवेदन की पूरी जानकारी जैसे आयु सीमा, आवेदन शुल्क, चयन प्रक्रिया व आधिकारिक नोटिस की जानकारी व आवेदन करने के लिए कृपया नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

हत्याकांड में 10 अभियुक्तों को आजीवन कारावास

हरिओम उपाध्याय           

बाराबंकी। उत्तर प्रदेश में बाराबंकी की एक अदालत ने एक बहुचर्चित हत्याकांड में नामज़द 10 अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई और सभी पर अलग अलग धाराओं में 61000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया। शासकीय अधिवक्ता मथुरा प्रसाद वर्मा एवं अमित अवस्थी ने बताया कि पांच मार्च 2015 को मृतक कमरुद्दीनपुर उर्फ कमरू पत्नी बुशरा व डेढ़ साल के बच्चे के साथ मोटरसाइकिल से ससुराल से वापस अपने घर आ रहा था कि गांव में ही पुरानी मस्जिद के पास पहले से घात लगा कर बैठे इजहार , सिराज,मोहम्मद अहमद उर्फ मम्मन पुत्र मोबीन,तथा एहतेशाम, इमरान, मोफीत, मोहम्मद ज़ैद,इशराक, रिज़वान और मोहम्मद इसराक ने उसे रोक लिया और तमंचे से फायर किया। बाद में अभियुक्तों ने उसको चाकू, छुरी और तमंचे से कई वार करके बुरी तरह से घायल कर दिया। इसी बीच उसकी पत्नी अपने दुधमुंहे बच्चे को छोड़कर चिल्लाते हुए कमरू को बचाने के लिए उसके ऊपर लेट गई।

3 स्टारकिड्स खुशी कपूर के बॉलीवुड डेब्यू की चर्चा

कविता गर्ग      

मुंबई। सुहाना खान, इब्राहिम अली खान और तीन स्टारकिड्स खुशी कपूर के बॉलीवुड डेब्यू की चर्चा काफी समय से हो रही है। हर कुछ दिनों में कोई न कोई शाहरुख की बेटी सुहाना, सैफ के बेटे इब्राहिम और दिवंगत के साथ एक फिल्म लेकर आता। श्रीदेवी की बेटी खुशी का नाम जुड़ा है। अब चर्चा है कि ये तीनों स्टारकिड्स अलग-अलग फिल्मों में नहीं बल्कि एक ही फिल्म में एक साथ डेब्यू करने जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जोया अख्तर की फिल्म में तीनों एक साथ नजर आ सकते हैं।

तीनों की शुरुआत लंबे समय से शहर में चर्चा का विषय रही है और यह अनुमान लगाया गया है कि सुहाना, इब्राहिम और खुशी करण जौहर की अलग-अलग फिल्मों के साथ बॉलीवुड में अपनी शुरुआत करेंगे। लेकिन अब रिपोर्ट्स की मानें तो करण जौहर नहीं जोया अख्तर बॉलीवुड में ग्रैंड लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। जोया अख्तर ने अंतरराष्ट्रीय कॉमिक बुक ‘आर्ची’ को भारत में अपनाने के लिए तीन नामों को अंतिम रूप दिया है। इसमें सुहा के अलावा इब्राहिम अली खान और खुशी कपूर भी शामिल हैं। प्रोजेक्ट से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, सुहा देसी बेट्टी की भूमिका में नजर आएंगी जबकि खुर्शी कपूर वेरोनिका की भूमिका में नजर आएंगी।
मीडिया रिपोर्ट्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि नेटफ्लिक्स पर प्रसारित होने वाले प्रोजेक्ट का विवरण फिलहाल गुप्त रखा गया है। कहा जा रहा है कि जोया फिल्म में आर्ची के रोल में सैफ अली खान और अमृता सिंह के बेटे इब्राहिम को कास्ट करेंगी. हालांकि अभी इन तीनों स्टारकिड्स की कास्टिंग का आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है।

आर्ची एक अंतरराष्ट्रीय हास्य पुस्तक श्रृंखला है। जिसका इंडियन वर्जन जोया अख्तर तैयार कर रही है। इस कॉमिक की कहानी लव ट्राएंगल पर आधारित है। आर्ची एक छोटे शहर का किशोर लड़का है और अपने माता-पिता की इकलौती संतान है। आर्ची को एक अमीर पिता की बेटी वेरोनिका से प्यार हो जाता है, लेकिन वह बेट्टी से भी प्यार करता है। आर्ची, बेट्टी और वेरोनिका की कॉमिक बुक के कई हिस्से हैं।

जीवन की सबसे ज्यादा बड़ी जरूरत बना समार्टफोन

अकांशु उपाध्याय       

नई दिल्ली। स्मार्टफोन आज के जीवन की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक बन गया है। हमारे अधिकांश काम अब स्मार्टफोन पर ही पूरे होते हैं। शायद यही वजह है कि लोग अपना अधिकांश समय स्मार्टफोन पर ही बिताते हैं। यूं तो स्मार्टफोन का ख्याल सभी रखते हैं। लेकिन फिर भी कुछ ऐसी गलतियां हैं। जो स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर रहे लोग अक्सर करते है। कई स्मार्टफोन यूजर्स इन गलतियों को बार-बार दोहराते हैं। जिनका असर स्मार्टफोन पर पड़ता है, आज बात करते हैं। इन्हीं गलतियों की जो किसी भी स्मार्टफोन को खराब कर सकती हैं। मोबाइल में वाई-फाई, जीपीएस और ब्लूटूथ जैसे कनेक्टिविटी फीचर्स काम खत्म हो जाने के बाद जरूर बंद कर दें। इसकी वजह से बैटरी की खपत बढ़ जाती है। इन फीचर्स को बंद कर देने से फोन के प्रोसेसर की स्पीड भी बढ़ जाती है।

कैंसर को रोकने के लिए देसी इलाज की राह निकलीं

गुटखा और तंबाकू से होने वाले मुख कैंसर को रोकने के लिए अब देसी इलाज की राह निकल आई है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में दंत विान संकाय के डीन प्रो. टीपी चतुर्वेदी ने शोध के बाद पाया कि तुलसी और हल्दी से मुंह में होने वाले इस जटिल रोग का सटीक इलाज संभव है। यूं तो हम हल्दी और तुलसी के प्राकृतिक गुणों से पहले से ही परिचित हैं। अब इन दोनों की इसी विशिष्टता का उपयोग ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस डिसीज जो आगे चलकर मुख कैंसर बन जाता है और इलाज हेतु भी किया जा सकेगा।

करीब एक वर्ष तक चले प्रो. चतुर्वेदी की टीम के शोध को डेंटल कौंसिल ऑफ इंडिया पहले ही मान्यता प्रदान कर चुकी है। मार्च 2013 में बीएचयू ने भी चिकित्सकों की देखरेख में इस पद्धति से उपचार करने की अनुमति प्रदान कर दी। सर सुंदरलाल अस्पताल में हल्दी और तुलसी के संयोग से बनी औषधि से उपचार हो भी रहा है। मुख रोग के इलाज में तुलसी और हल्दी का अपने आप में यह पहला प्रयोग है।

कैसे होता है इलाज- प्रो. टीपी चतुर्वेदी बताते हैं कि उनकी टीम द्वारा हल्दी और तुलसी की सूखी पलियों को पीसकर पाउडर बनाया जाता है। पाउडर को ग्लिसरीन में मिलाकर मुंह की मासपेशियों पर लगाया जाता है। प्रो. चतुर्वेदी के सहयोगी असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अदित बताते हैं कि पीड़ित व्यक्ति को इलाज के पूर्व गुटखा छोड़ना पड़ता है। रोग के लक्षण- गुटखा खाने से मुंह खोलने वाली मासपेशियों का लचीलापन समाप्त हो जाता है और वो कड़ी हो जाती हैं। मुंह का खुलना धीरे-धीरे कम हो जाता है और मुंह से लेकर गले तक जलन होने लगती है। जीभ के घूमने की गति भी धीमी हो जाती है। स्वाद लेने की क्षमता कम हो जाती है। लापरवाही बरतने पर यही आगे चलकर मुख कैंसर में बदल सकता है। यह धीरे-धीरे गले को भी जकड़ लेता है। प्रो. चतुर्वेदी के अनुसार भारतीय युवाओं को यह रोग सर्वाधिक होता है क्योंकि युवा ही सर्वाधिक गुटखा खाते हैं।

विदेश मंत्री जयशंकर ने लीमेट्स से मुलाकात की

वाशिंगटन डीसी/ नई दिल्ली। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बुधवार को 'यूरोप का सिलकॉन वैली कहे जाने वाले देश एस्टोनिया की अपनी समकक्ष ईवा मारिया लीमेट्स से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने अफगानिस्तान के घटनाक्रम पर विचारों का आदान-प्रदान किया। इस संबंध में विदेश मंत्री जयशंकर ने ट्वीट कर जानकारी दी है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने एस्टोनिया की अपनी समकक्ष ईवा मारिया लीमेट्स से की मुलाकात।
अपने ट्वीट में विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि एस्टोनिया के एफएम लीमेट्स से मिलकर खुशी हुई। हमने यूएनएससी के सदस्यों के रूप में, समुद्री और साइबर सुरक्षा और अन्य वैश्विक मुद्दों पर एक साथ काम करने पर चर्चा की। अफगानिस्तान के विकास पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटेरस से मिले जयशंकर।
भारत अगस्त महीने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष है। इसी के मद्देनजर जयशंकर सुरक्षा परिषद के इस सप्ताह दो उच्च स्तरीय अहम कार्यक्रमों की अध्यक्षता के लिए सोमवार को न्यूयार्क पहुंचे हैं। मंगलवार को उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटरेस से मुलाकत कर युद्ध से जर्जर अफगानिस्तान के हालात पर चर्चा की। इसके बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने ट्वीट कर कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटरेस से मुलाकात कर खुशी हुई। कल हुई सुरक्षा परिषद की बैठक पर चर्चा के बाद हमारी वार्ता अफगानिस्तान पर केंद्रित रही।

सरकार ने स्कूलों को फिर से खोलने का फैसला किया

हरिओम उपाध्याय         
लखनऊ। कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार गिरावट को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने स्कूलों को फिर से खोलने का फैसला किया है। प्रदेश में पांचवीं से आठवीं कक्षा तक  के स्कूलों में कक्षाओं का संचालन 23 अगस्त से किया जाएगा। वहीं पहली से पांचवीं तक की कक्षाओं का संचालन एक सितंबर से प्रस्तावित है। बेसिक शिक्षा विभाग ने बुधवार को इसका शासनादेश जारी कर दिया।
आपको बता दें कक्षाएं दो पालियों में संचालित होंगी।पहली पाली सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी दोपहर 12.30 से शाम 4.30 बजे तक चलेगी।दोनों पालियों में छात्रों की संख्या 50 प्रतिशत होगी।अभिभावकों की अनुमति के बाद ही छात्र पढ़ाई के लिए स्कूल आ सकेंगे। वहीं इन दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए प्रदेश में 9वीं से 12वी तक के स्कूल सोमवार से खुल चुके हैं।

कब्जा: नागरिकों को निकालने में जुटा 'अमेरिका'

वाशिंगटन डीसी। अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद अपने नागरिकों को निकालने में जुटा अमेरिका।फिलहाल अपनी सेना को पूरी तरह से वापस नहीं बुलाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि अफगानिस्तान में सैनिकों की वापसी की 31 अगस्त की समयसीमा के बाद भी अमेरिकी सैनिक बने रह सकते हैं। एबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में जो बाइडन ने बुधवार को कहा कि वह अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों को तब तक रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जब तक कि वहां से हर अमेरिकी को नहीं निकाल लिया जाता, भले ही उन्हें वापसी के लिए उनकी 31 अगस्त की समय सीमा के बाद भी वहां सैन्य उपस्थिति बनाए रखना हो।

उन्होंने उन आलोचनाओं का भी जवाब दिया कि अमेरिका को नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने और सैनिकों की वापसी के लिए और काम करना चाहिए था। जो बाइडेन ने कहा कि समय सीमा से पहले अफगानिस्तान से अमेरिकियों और अमेरिकी सहयोगियों को निकालने के लिए अमेरिका अपनी पूरी ताकत झोंक देगा। 31 अगस्त के बाद अफगानिस्तान में अमेरिकियों को छोड़ने में तालिबान कैसे मदद करेगा, इस पर जो बाइडन ने कहा कि 31 अगस्त के बाद भी अगर अमेरिकी नागरिक बचे वहां बचे रहते हैं, तो उन सभी को बाहर निकालने तक हमारी सेना वहां रहेगी।

हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने अमेरिकी सैनिकों के वहां रहने की यह समय सीमा किस तरह से बढ़ेगी, इस बात को लेकर कोई जानकारी नहीं दी। बता दें कि बीते दिनों तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर पूर्ण नियंत्रण करने के बाद से 15,000 अमेरिकी अफगानिस्तान में बचे हुए हैं। बाइडन ने अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना को वापस बुलाने के लिए 31 अगस्त की समयसीमा तय की थी। यह पूछे जाने पर कि 31 अगस्त के बाद अफगानिस्तान से अमेरिकी नागरिकों को बाहर निकालने में प्रशासन कैसे मदद करेगा, इस पर राष्ट्रपति ने कहा, ”अगर कोई अमेरिकी नागरिक वहां रह जाता है तो हम तब तक वहां रुकेंगे जबकि उन्हें बाहर न निकाल लें। रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने बुधवार को कहा कि अमेरिकी सेना के पास काबुल हवाईअड्डे को सुरक्षित करने और राजधानी में बाकी जगहों पर जोखिम परिस्थितियों में रह रहे अफगान नागरिकों को बाहर निकालने के अपने मौजूदा अभियान का विस्तार करने के लिए अफगानिस्तान में बल और हथियार नहीं हैं।

तालिबान की जांच चौकियों पर देश से बाहर जाने वाले कुछ लोगों को रोके जाने की खबरों के बीच यह पूछे जाने पर कि 31 अगस्त से पहले जो लोग देश छोड़ना चाहते हैं क्या उन्हें बाहर निकाला जाएगा। इस पर ऑस्टिन ने कहा, ‘मेरे पास अभी काबुल जाने और अभियानों का विस्तार करने की क्षमता नहीं है।’ उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय लोगों को बाहर निकालने की प्रक्रिया तेज करने के लिए दूतावास संबंधी मामलों के और अधिकारियों को भेज रहा है। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य ध्यान हवाईअड्डे पर है जो कई खतरों का सामना कर रहा है और उसकी निगरानी की जानी चाहिए। रक्षा मंत्री ने बताया कि लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए तालिबान से बातचीत चल रही है। उन्होंने बताया कि हवाईअड्डे पर करीब 4,500 अमेरिकी सैनिक हैं जो विदेश मंत्रालय के लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के अभियान के लिए सुरक्षा दे रहे हैं।

अमेरिकी सेना के वरिष्ठ अधिकारी काबुल में जांच चौकियों और कर्फ्यू को लेकर तालिबानी कमांडरों से बात कर रहे हैं। जिसके कारण कई अमेरिकी और अफगान नागरिक हवाईअड्डे में प्रवेश नहीं कर पाए। पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता जॉन किर्बी ने बताया कि 24 घंटों में 325 अमेरिकी नागरिकों समेत करीब 2,000 लोग अमेरिकी वायु सेना के सी-17 विमानों की 18 उड़ानों से विदेश रवाना हो गए।  किर्बी ने बताया कि अमेरिका के कई सैकड़ों और सैनिकों के बृहस्पतिवार तक हवाईअड्डे पर पहुंचने की संभावना है।  विदेश मंत्रालय ने बताया कि वह काबुल में लोगों को बाहर निकालने के अभियान के लिए अफगानिस्तान में अमेरिका पूर्व राजदूत जॉन बास को भेज रहा है।

प्रतिवर्ष 20 अगस्त को मनाया जाता है 'मच्छर दिवस'

वाशिंगटन डीसी। अंतर्राष्ट्रीय दिवसों की श्रृंखला में एक दिवस मच्छर दिवस के नाम से भी जाना जाता है। इस दिवस के नाम से लोग चौंकते है। मगर बिहारी सतसई का यह दोहा, देखन में छोटन लगे घाव करे गंभीर मच्छर दिवस पर सटीक बैठता है। मच्छर के डंक से जो लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हुए है वे इससे भलीभांति परिचित है। वैसे मच्छर के नाम से बच्चे से बुजुर्ग तक हर आदमी जानता है क्योंकि इसके शिकार एक घर में नहीं अपितु घर घर में मिल जायेंगे।

विश्व मच्छर दिवस प्रतिवर्ष 20 अगस्त को मनाया जाता है। यह दिवस चिकित्सक सर रोनाल्ड रॉस की स्मृति में मनाया जाता है। सर रोनाल्ड ने वर्ष 1897 में यह खोज की थी कि ‘मनुष्य में मलेरिया के संचरण के लिए मादा मच्छर उत्तरदायी है। यह दिवस जन साधारण को जागरूक करने के लिए मनाया जाता हैे। यह दिन लोगों को मच्छरों से होने वाली बीमारियों और उनसे कैसे बचा जाए के बारे में जागरूक करने के लिए मनाया जाता है।

यूनिसेफ की एक रिपोर्ट के अनुसार दुनियाभर की 40 प्रतिशत तक की जनसंख्या उन क्षेत्रों में रहती है, जहां मलेरिया होने का खतरा सबसे अधिक है। मानसून का मौसम मच्छरों को पैदा करने के मौसम के रूप में जाना जाता है। इस वजह से मानसून के मौसम में हर साल मच्छर से होने वाली बीमारियों के सबसे अधिक मामले सामने आते हैं। यह मानसून का मौसम है। इन दिनों मच्छर बहुत अधिक मात्रा में पनपते है। मानसून के दिनों में हर साल मच्छरों के प्रकोप के कारण बड़ी संख्या में लोग डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया का शिकार बनते हैं। मच्छर के काटने से होने वाली अलग-अलग बीमारियों से हर साल लाखों लोगों की जान चली जाती है।

‘प्रवासी सलाहकार’ शब्द का इस्तेमाल किया: प्रताप

अविनाश श्रीवास्तव    

पटना। लालू परिवार में महाभारत तय लग रहा है। तेजप्रताप ने ट्वीट कर ‘प्रवासी सलाहकार’ शब्द का इस्तेमाल किया है। हालांकि उन्होंने साफ-साफ नाम लिखने से परहेज किया है। माना जा रहा है कि उन्होंने अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव को टारगेट किया है। राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं से लड़ते-झगड़ते तेजप्रताप, अब लग रहा है कि अपने भाई तेजस्वी से भी भिड़ने के मूड में आ गए हैं। दरअसल उन्होंने एक ट्वीट किया है, जिसमें ‘प्रवासी सलाहकार’ संबोधन का इस्तेमाल किया है। आमतौर पर मीडिया में ये खबरें रहती हैं कि बिहार में जब भी कोई बड़ा मुद्द होता है तो तेजस्वी यादव पटना से बाहर रहते हैं। प्रदेश के विपक्षी नेता तेजस्वी के लिए ‘प्रवासी’ शब्द का इस्तेमाल करते हैं, मगर अब तेजप्रताप ने इसे अपने ट्वीट में प्रयोग किया है।

लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने ट्वीट कर कहा कि ‘प्रवासी सलाहकार से सलाह लेने में अध्यक्ष जी ये भूल गए की पार्टी संविधान से चलता है और राजद का संविधान कहता है की बिना नोटिस दिए आप पार्टी के किसी पदाधिकारी को पदमुक्त नहीं कर सकते। आज जो हुआ वो राजद के संविधान के खिलाफ हुआ।’ दरअसल 8 अगस्त को छात्र राजद की बैठक में तेजप्रताप यादव ने जगदानंद सिंह पर तंज कसते हुए उन्हें हिटलर कहा था। इसके बाद जगदानन्द सिंह नाराज होकर दस दिनों से कार्यालय नहीं आए। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भी पार्टी दफ्तर नहीं पहुंचे। राबड़ी आवास में मान-मनौव्वल चला। फिर वो मान गए, मगर आते के साथ ही सबसे पहले छात्र आरजेडी से आकाश यादव की छुट्टी की। गगन कुमार को नया अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। आकाश यादव तेजप्रताप यादव के नजदीकी थे। इसके बाद से ही तेजप्रताप यादव नाराज हैं।

चाय पर आमंत्रण के बाद से सियासी अटकलें तेज

मिनाक्षी लोढी      

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष को राज्य सचिवालय में चाय पर आमंत्रण के बाद से सियासी अटकलें तेज हो गई हैं। इस आमंत्रण के बाद राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ममता बनर्जी बंगाल में भाजपा को बांटने की कोशिश में लग गई हैं।  बता दें कि इससे पहले भाजपा के बड़े नेता मुकुल रॉय की टीएमसी में घर वापसी हुई था।

दरअसल, राजभवन में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयोजित चाय पार्टी में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ भाजपा नेता दिलीप घोष, तथागत रॉय और विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी भी मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार इसी दौरान मुख्यमंत्री ने दिलीप घोष को राज्य सचिवालय में चाय पर आमंत्रण दिया। इतना ही नहीं ममता ने उन्हें काली पूजा में आने का भी न्यौता दिया। वहीं दिलीप घोष द्वारा आमंत्रण स्वीकार करने के बाद से बंगाल भाजपा में भी इस बात की खूब चर्चा हो रही है।

बता दें कि वर्ष 2019 के बाद से बंगाल में भाजपा को मिली सफलता से ममता बनर्जी को बड़ा झटका लगा है। यहां तक कि विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल के कई नेता भाजपा में शामिल हो गए थे जिसके बाद से ही ममता बनर्जी को लगने लगा कि भाजपा बंगाल में उन्हें चुनौती दे रही है। हालांकि विधानसभा चुनाव में मिली जीत से उन्हें थोड़ी राहत जरूर मिली लेकिन अभी भी वह भाजपा को हल्के में लेना नहीं चाहती हैं। इसलिए अब उनकी नजर बंगाल भाजपा के बड़े नेताओं पर है।

बताया जा रहा है कि दिलीप घोष के समर्थक उन्हें बंगाल में भाजपा को फिर से जीवंत करने का श्रेय देते हैं और अधिकारी को विपक्ष का नेता नियुक्त किए जाने से नाराज हैं।  सूत्रों का कहना है कि इस बात से दिलीप घोष भी पार्टी से नाराज चल रहे हैं। गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2014 में ममता बनर्जी ने वाममोर्चा के चेयरमैन बिमान बोस समेत वामो के कुछ नेताओं को राज्य सचिवालय में चाय पर बुलाया था। जहां वाम दल को नेताओं ने ममता के साथ बैठ कर चाय और फिश फ्राई का लुफ्त उठाया था।

इंग्लैंड की टीम ने मोइन को टीम से रिलीज किया

लंदन/ नई दिल्ली। भारत के खिलाफ लॉर्ड्स में दूसरा टेस्ट मैच हारने के बाद इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने बेहद ही हैरान करने वाला फैसला लिया है। इंग्लैंड की टीम ने 25 अगस्त से शुरू हो रहे तीसरे टेस्ट मैच से पहले अपने ऑलराउंडर मोइन अली को टीम से रिलीज कर दिया है। दरअसल मोइन अली को फाइनल में खेलने की इजाजत दी गई है। मोइन अली बर्मिंघम फीनिक्स के कप्तान हैं और उनकी टीम ने सबसे पहले फाइनल में जगह बनाई। फाइनल मैच 21 अगस्त को होगा। फाइनल में बर्मिंघम की टीम किससे भिड़ेगी इसका फैसला शुक्रवार को एलिमिनेटर मुकाबले के बाद होगा। एलिमिनेटर मुकाबला साउदर्न ब्रेव और ट्रेंट रॉकेट्स के बीच शुक्रवार को होगा।

बता दें मोइन अली के अलावा क्रेग ओवरटन को भी इंग्लैंड की टेस्ट टीम से रिलीज कर दिया गया है। ओवरटन साउदर्न ब्रेव टीम का हिस्सा हैं। जिसे शुक्रवार को एलिमिनेटर मैच खेलना है। वहीं इस टीम के फिन एलेन और कॉलिन डी ग्रान्डहोम न्यूजीलैंड टीम से जुड़ने चले गए हैं। इसलिए अब ये दोनों खिलाड़ी एलिमिनेटर में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। 21 अगस्त को खत्म हो जाएगा और भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज का तीसरा मैच 25 अगस्त से लीड्स में होना है। लॉर्ड्स में भारत से मिली करारी हार के बाद इंग्लैंड ने अपने दो खिलाड़ियों को रिलीज कर दिया, ये काफी चौंकाने वाला फैसला है।

इंग्लैंड ने लीड्स टेस्ट के लिए अपनी टीम का ऐलान किया। इंग्लैंड ने तीन खिलाड़ियों की छुट्टी कर दी। ओपनर डोम सिबली, जैक क्रॉले और जैक लीच को टीम से बाहर कर दिया गया है। वहीं नंबर 1 टी20 बल्लेबाज डेविड मलान को टेस्ट टीम में दोबारा जगह मिली है। दाएं हाथ के तेज गेंदबाज साकिब महमूद भी स्क्वाड में शामिल हुए है। वहीं तेज गेंदबाज मार्क वुड को चोट के बावजूद तीसरे टेस्ट की टीम में जगह मिली है। इंग्लैंड के मुख्य कोच क्रिस सिल्वरवुड ने कहा, ‘डेविड मलान टेस्ट फॉर्मेट में वापसी के हकदार हैं। सभी फॉर्मेट में उन्हें काफी अनुभव है और मुझे यकीन है कि अगर मौका मिलता है तो वह अपने घरेलू मैदान पर अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। डेविड मलान ने 15 टेस्ट मैचों में महज 27.8 की औसत से 724 रन बनाए हैं। वो टेस्ट में एक शतक ही लगा पाए हैं।

चुनाव के बाद हुए हिंसा की जांच करेगी सीबीआई

मिनाक्षी लोढी        
कोलकाता। बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हुए हिंसा की जांच सीबीआई करेगी। कलकत्ता हाईकोर्ट की पांच जजों की खंडपीठ ने बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। इसके अलावा अन्य मामलों की कोर्ट की निगरानी में एसआइटी जांच करेगी। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को पीडि़तों को मुआवजा देने का भी निर्देश दिया है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल, न्यायमूर्ति हरीश टंडन, न्यायमूर्ति इंद्रप्रसन्न मुखर्जी, न्यायमूर्ति सौमेन सेन और न्यायमूर्ति सुब्रत तालुकदार की बड़ी पीठ ने फैसला सुनाया।
फैसले में कहा गया है कि चुनाव बाद हिंसा की जांच सीबीआइ करेगी। अस्वाभाविक मृत्यु, हत्या और दुष्कर्म सहित अन्य अधिक महत्व के अपराध के मामलों की जांच सीबीआइ करेगी, जबकि अपेक्षाकृत कम महत्वपूर्ण मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय सिट का गठन किया गया है। जांच कमेटी अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट को देगी। इसकी निगरानी सुप्रीम कोर्ट के अवकाशप्राप्त न्यायाधीश करेंगे।
उल्लेखनीय है कि इस संबंध में कई याचिकाओं पर हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है। उच्च न्यायालय ने 18 जून को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को मामले में आरोपों की जांच के लिए एक समिति गठित करने का निर्देश दिया था। आयोग ने 13 जुलाई को अपनी रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में राज्य सरकार, पुलिस और प्रशासन की तीखी आलोचना की गई है। इसके जवाब में सरकार ने रिपोर्ट को झूठा और पक्षपाती बताते हुए खारिज कर दिया। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) द्वारा गठित समिति ने मतदान के नतीजों के बाद राजनीतिक हिंसा के कई मामलों की जांच सीबीआइ को सौंपे जाने की सिफारिश की थी।
मालूम हो कि आयोग ने हाई कोर्ट के आदेश के बाद चुनाव के बाद की हिंसा के आरोपों की सत्यता की जांच के लिए एक पैनल का गठन किया था। दो मई को विधानसभा परिणामों की घोषणा के बाद, पश्चिम बंगाल के कई शहरों में चुनाव के बाद हिंसा की घटनाएं हुईं थी।

स्थिर: तेल कंपनियों ने डीजल के भाव में कटौती की

अकांशु उपाध्याय             
नई दिल्ली। 31 दिनों तक पेट्रोल-डीजल की कीमत स्थिर रहने के बाद आज लगातार दूसरे दिन सरकारी तेल कंपनियों ने डीजल के भाव में कटौती की है। इंडियन ऑयल की वेबसाइट के मुताबिक, आज भी ईंधन की कीमतों में बदलाव किया गया है। जो पिछले एक महीने से स्थिर बनी हुई थीं। 
आज डीजल के भाव में कटौती हुई है और पेट्रोल के भाव स्थिर हैं। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 101.84 रुपये प्रति लीटर वहीं डीजल 89.47 रुपये प्रति लीटर पर आ गया है। पेट्रोल डीजल के खुदरा भाव को हर रोज रिवाइज किया जाता है और इसके बाद सुबह 6 बजे नया भाव जारी हो जाता है। बता दें कि तेल कंपनियों ने अंतिम बार 17 जुलाई को पेट्रोल के दाम में 30 पैसे प्रति लीटर का इजाफा किया था।

यूपी में बेरोजगारी की स्थिति पर चिंता व्यक्त की

अकांशु उपाध्याय                  
नई दिल्ली। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश में छात्र-छात्राएं विभिन्न परीक्षाएं पास कर चुके हैं। सरकारी विभागों में अनेक पद खाली पड़े हैं। लेकिन रोजगार मांगने पर सरकार की ओर से एसएससी जीडी के छात्र छात्राओं को लाठियां मारकर खदेड़ा जा रहा है। जोकि बहुत ही निंदनीय स्थिति है।
बृहस्पतिवार को कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपनी ट्विटर हैंडल पर ट्वीट करते हुए कहा है कि देश को आगे बढाने और बेरोजगारी की समस्या का निदान करने के लिये शिक्षित युवाओं के हाथों में काम देना सरकार की जिम्मेदारी होती है। 
उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में सरकारी विभागों में पद खानी पडे हुए है। इन पदों पर नौकरियां पाने को युवा तरह-तरह की परीक्षाएं पास कर रोजगार की आस में इधर उधर धक्के खा रहे हैं। सरकार की ओर से निकाली जाने वाली नौकरियों की भर्ती की परीक्षाएं देने के बाद भी पास हो चुके युवाओं को रोजगार नहीं दिया जा रहा है। एसएससी जीडी के अभ्यर्थियों को नौकरी मांगने पर सरकार की ओर से लाठियां दी जा रही है जो कि एक बहुत ही निंदनीय कृत्य है। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा है कि केंद्र की झूठ बोलने में महारथ हासिल कर चुकी प्रदेश की योगी सरकार भी झूठ का सहारा लेते हुए युवाओं को नौकरी देने की बात प्रचारित कर रही है, जबकि हकीकत एसएससी जीडी के छात्र छात्राओं को मारी गई लाठियों से उजागर हो जाती है। केंद्र और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को नसीहत देते हुए कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा है कि युवाओं को लाठियां मारने से नहीं बल्कि उन्हें रोजगार देने से भारत मजबूत बनेगा। सरकार को चाहिए कि वह हर पढ़े-लिखे युवा के हाथों में काम मुहैया कराये।

फुर्ती: चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश, गिरी महिला

अकांशु उपाध्याय          

नई दिल्ली। प्लेटफार्म पर सामने जा रही गाड़ी को देखकर आदमी के भीतर आमतौर पर भागकर चढ़ने का जज्बा पैदा हो जाता है। कई बार जान हथेली पर रखकर गाड़ी में चढ़ने की कोशिश कर रहा है। इंसान सफल भी हो जाता है। लेकिन कई बार पलक झपकते ही इंसान की जान भी इस कोशिश के चलते चली जाती है। रेलवे स्टेशन पर चलती रेलगाड़ी में चढ़ने की कोशिश में महिला नीचे आ गिरी। इससे पहले कि वह रेलगाड़ी की चपेट में आकर मौत का शिकार बन जाती। लोगों ने फुर्ती दिखाते हुए महिला को आनन-फानन में बाहर निकाल लिया।

दरअसल मध्यप्रदेश के इंदौर रेलवे स्टेशन पर आई रेलगाड़ी यात्रियों को उतारने और चढ़ाने के बाद वहां से रवाना हो रही थी। अभी गाड़ी रफ्तार पकड़ ही रही थी कि एक महिला खिड़की के रास्ते उसमें चढ़ने की कोशिश करने लगी। साहस दिखाकर गाड़ी में चढ़ने का प्रयास कर रही महिला का इसी दौरान साहस साथ छोड़ गया और वह पैर फिसलने की वजह से प्लेटफार्म पर जा गिरी, जैसे ही महिला प्लेटफार्म से नीचे पटरियों की तरफ बढ़ी वैसे ही आसपास के लोगों ने दौड़कर रेलवे लाइन की तरफ खिसक रही महिला को बाहर खींच लिया। इसी बीच किसी रेल यात्री ने ट्रेन की चेन खींच दी। जिससे रेलगाड़ी वहीं पर ही थम गई। इस तरह से नागरिकों की सजगता की वजह से चलती रेलगाड़ी में चढ़ने का प्रयास कर रही महिला मौत के मुंह में जाने से बच गई। काफी देर तक महिला अपनी सुध-बुध खोए रही। काफी दिलासा देने के बाद महिला को सामान्य अवस्था में लाया गया।

साहेल में आतंकियों ने घात लगाकर हमला किया

ओउगादोउगौ। बुर्किना फासो के उत्तरी क्षेत्र साहेल में बुधवार को आतंकवादियों ने घात लगाकर हमला कर दिया। जिसमें 14 सैनिकों और सेना के तीन सहायक सदस्यों सहित 47 लोगों की मौत हो गयी। सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में 58 आतंकवादी मारे गये।
संचार मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गयी। बयान में कहा गया है कि अशांत साहेल क्षेत्र में गोर्गडजी के नजदीक के इलाके में आतंकवादियों ने आम नागरिकों और सुरक्षा बलों के साथ-साथ मातृभूमि की रक्षा के काम में लगे स्वयंसेवकों (वीडीपी) के एक संयुक्त काफिले पर घात लगाकर हमला किया। हमले में 30 नागरिकों, सशस्त्र बलों के 14 सदस्यों और तीन वीडीपी सदस्यों की मौत हो गयी तथा 19 अन्य घायल हो गये।
बयान में बताया गया कि सशस्त्र बलों की जवाबी कार्रवाई में 58 आतंकवादी मारे गये और कई अन्य घायल हो गये। घायल आतंकवादी हालांकि घटनास्थल से फरार होने में कामयाब रहे। बयान के मुताबिक तलाश एवं बचाव अभियान अब तक जारी है।
बुर्किना फासो में सुरक्षा स्थिति 2015 के बाद से बेहद खराब हो गयी है। उस समय से अब तक आतंकवादी हमलों में 1,000 से अधिक लोग मारे गये और 10 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए।

संक्रमण: नमूनों की जांच संख्या 50 करोड़ के पार

अकांशु उपाध्याय                
नई दिल्ली। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश में कोरोना वायरस संक्रमण का पता लगाने के लिए नमूनों की जांच संख्या 50 करोड़ के पार हो गई। वहीं इस महीने में औसत दैनिक जांच संख्या 17 लाख से ज्यादा है।
आईसीएमआर ने एक बयान में बताया कि 10 करोड़ नमूनों की जांच तो महज पिछले 55 दिन में हुई है। आईसीएमआर ने बताया, ” 21 जुलाई, 2021 को भारत में कुल नमूनों की जांच संख्या 45 करोड़ हो गई। यह संख्या 18 अगस्त, 2021 को 50 करोड़ के पार हो गई।” परिषद की वेबसाइट के अनुसार 18 अगस्त तक 50,03,00,840 नमूनों की जांच हुई है।
आईसीएमआर ने बताया कि आईसीएमआर देश में तकनीक और किफायती जांच किट में नवाचार को बढ़ावा देकर कोविड-19 जांच क्षमता को विस्तार दे रहा है। आईसीएमआर ने बताया कि इस महीने औसत दैनिक जांच 17 लाख से ज्यादा है। आईसीएमआर के निर्देशक बलराम भार्गव ने कहा, ” हमने देखा है कि जांच में तेजी और वृद्धि से संक्रमण की पहचान शीघ्र होती है और जल्द उन्हें पृथकवास में भेजा जाता है और प्रभावी इलाज होता है।

देश के बहुसंख्यक छोटे किसानों की ताकत बढ़ेगीं

अकांशु उपाध्याय                    
नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि केंद्र सरकार के कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए किए गए उपायों से देश के बहुसंख्यक छोटे किसानों की ताकत बढ़ेगी। तोमर ने ग्लोबल इंडियन साइंटिस्ट एंड टेक्नोक्रेट (जीआईएसटी), यूएसए द्वारा भारत की आजादी के अमृत महोत्सव के तहत आयोजित वेबिनार को सम्बोधित करते हुए गुरुवार को कहा कि सरकार के राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन–पाम ऑयल के क्रियान्वयन को मंजूरी देने के फैसले से 11,040 करोड़ रुपये के इस व्यापक मिशन पर खर्च किये जाएंगे।
जिससे तिलहन और पाम ऑयल का रकबा तथा पैदावार बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे किसानों को अत्यधिक लाभ होगा, पूंजी निवेश बढ़ेगा, रोजगार सृजित होंगे तथा आयात पर निर्भरता भी घटेगी। किसानों को किसी भी तरह के नुकसान से बचाने के लिए केंद्र सरकार कीमत का मैकेनिज्म भी बनाएगी।
तोमर ने कहा कि देश के 80 प्रतिशत से ज्‍यादा किसान ऐसे हैं। जिनके पास दो हेक्‍टयर से भी कम जमीन है। अब देश में इन्‍हीं छोटे किसानों को ध्‍यान में रखते हुए कृषि सुधार किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को डेढ़ गुना करने, किसान क्रेडिट कार्ड से सस्‍ते दर से बैंक से कर्ज देने, सोलर पावर से जुड़ी योजनाएं खेतों तक पहुंचाने, देश में 10 हजार नए किसान उत्‍पादक संगठन बनाने, आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत एक लाख करोड़ रुपये के कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड सहित कृषि से सम्बद्ध क्षेत्र के लिए लगभग 50 हजार करोड़ रुपये के पैकेज देने सहित अनेक उपाय सरकार द्वारा किए गए हैं।
ये सारे प्रयास छोटे किसानों की ताकत बढ़ाएंगे। छोटे किसानों के छोटे-छोटे खर्च को ध्‍यान में रखते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्‍मान निधि योजना चलाई जा रही है जिसमें 11 करोड़ से अधिक किसान परिवारों के बैंक खातों में अब तक 1.58 लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा राशि जमा कराई जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस पर किसानों की भलाई का संकल्प दोहराया है और छोटा किसान बने देश की शान, का मूलमंत्र दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि आने वाले वर्षों में हमें देश के छोटे किसानों की सामूहिक शक्ति को और बढ़ाना होगा, नई सुविधाएं देनी होगी, जिसके लिए सरकार अटल है,अडिग है। देश के 70 से ज्‍यादा रेल मार्रूगों पर किसान रेल चल रही है।
किसान रेल के माध्यम से छोटे किसानों के कृषि उत्पाद कम परिवहन खर्चे पर देश के दूरदराज के इलाकों तक पहुंच रहे हैं और वे नुकसान से बच रहे हैं तथा उन्हें उनकी उपज का अच्छा मूल्य मिल पा रहा है।

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प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

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1. अंक-369 (साल-02)
2. शुक्रवार, अगस्त 20, 2021
3. शक-1984,सावन, शुक्ल-पक्ष, तिथि-त्रियोदशी, विक्रमी सवंत-2078।
4. सूर्योदय प्रातः 05:44, सूर्यास्त 07:10।
5. न्‍यूनतम तापमान -22 डी.सै., अधिकतम-37+ डी.सै.। बरसात की संभावना बनी रहेंगी।
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