शुक्रवार, 28 मई 2021

कोरोना वायरस वुहान से नहीं, अमेरिका से फैला हैं

वाशिंगटन डीसी/ बीजिंग। कोरोना वायरस के कहर से दुनियाभर में लाखों लोगों की जान चली गई है और करोड़ों लोग इससे संक्रमित हुए हैं। इस बीच कोरोना महामारी की उत्‍पत्ति को लेकर अब अमेरिका और चीन के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है। अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन के कोरोना महामारी के उत्‍पत्ति की जांच को 90 दिन में पूरा करने के आदेश के बाद चीन भड़क उठा है। यही नहीं ड्रैगन अब यह बताने में जुट गया है कि कोरोना वायरस वुहान से नहीं बल्कि अमेरिका से दुनिया में फैला है।
बाइडेन के बयान के बाद अब चीन यह कहने में जुट गया है कि कोरोना वायरस वास्‍तव में अमेरिका से शुरू हुआ था। चीन के व‍िदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता झाओ लिजियान ने कहा कि राष्ट्रपति जो बाइडन का आदेश दिखाता है कि अमेरिका, ‘तथ्यों और सच्चाई की परवाह नहीं करता और न ही उसकी रुचि वैज्ञानिक तरीके से वायरस के उद्गम का पता लगाने में है।’ चीनी प्रवक्‍ता ने कहा कि अमेरिका को खुद डेट्रिक फोर्ट सैन्य अड्डे सहित सभी जैव प्रयोगशालाओं को जांच के लिए खोलना चाहिए।

चिकित्सा प्रणाली का ‘ध्वजवाहक’ बताया: भाजपा

संदीप मिश्र        

बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक सुरेंद्र सिंह ने एलोपैथी के बारे में दिये गये कथित बयान को लेकर विवादों में घिरे योग गुरु रामदेव का समर्थन करते हुए उन्हें भारतीय चिकित्सा प्रणाली का ‘ध्वजवाहक’ बताया है। साथ ही उन्होंने कहा कि एलोपैथ के क्षेत्र में कुछ चिकित्सकों ने ‘राक्षस’ का रूप ले लिया है।

जिले के बैरिया क्षेत्र के भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को फेसबुक पोस्‍ट में कहा, ” बाबा रामदेव पर चिकित्सकों द्वारा टिप्पणी करना निंदनीय है। वर्तमान चिकित्सा पद्धति को महंगा बनाकर समाज को लूटने वाले नैतिकता की शिक्षा न दें। आज एलोपैथ के क्षेत्र में 10 रुपये की गोली को 100 रुपये में बेचने वाले लोग सफेद वस्त्रधारी अपराधी हो सकते हैं, वे समाज के हितैषी नहीं हो सकते।” हालांकि, उन्होंने एलोपैथी और आयुर्वेद दोनों को उपयोगी बताया।


मुंबई: अभिनेता रणदीप को राजदूत के पद से हटाया

कविता गर्ग           

मुंबई। अभिनेता रणदीप हुड्डा को बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में संयुक्त राष्ट्र की जंगली जानवरों की प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण संबंधी संधि (सीएमएस) के राजदूत (एंबेसडर) के पद से हटा दिया गया है। अभिनेता की सोशल मीडिया पर नौ वर्ष पुराने एक वीडियो के लिए आलोचना की जा रही है। जिसमें वह मायावती के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करते नजर आते हैं।

एक मीडिया घराने द्वारा 2012 में आयोजित एक कार्यक्रम का यह 43 सेकेंड का वीडियो है जिसे ट्विटर पर एक व्यक्ति ने साझा किया। इस वीडियो में हुड्डा ने एक चुटकुला सुनाया जिसे जातिवादी एवं कामुक बताया जा रहा है और वह दर्शकों के साथ हंसते भी नजर आ रहे हैं। सीएमएस की वेबसाइट पर एक बयान में कहा गया, ”सीएमएस सचिवालय को वीडियो में की गई टिप्पणी आपत्तिजनक लगी और वह सीएमएस सचिवालय या संयुक्त राष्ट्र के मूल्यों को नहीं दर्शाती।”

यूपी में कोरोना संक्रमितों की संख्या-16,86,138 हुईं

हरिओम उपाध्याय            

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को कोविड-19 से 159 और मरीजों की मौत होने के बाद इस बीमारी से जान गंवाने वालों की संख्या 20 हजार से अधिक हो गई है। जबकि 2,402 नए मामलों के साथ कुल संक्रमितों की संख्या 16,86,138 तक पहुंच गई है। अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि पिछले 24 घंटों में प्रदेश में कोविड-19 के 2,402 नये मामले सामने आए जबकि 8,145 मरीज बीमारी से उबर गए।

उन्होंने बताया कि राज्य में कुल 16,13,841 कोरोना संक्रमित अब तक संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं। प्रसाद के अनुसार कोविड-19 से कुल 159 और मरीजों की मौत के बाद अब तक मरने वाले संक्रमितों की संख्या 20,053 हो गई। प्रसाद ने कहा कि राज्य में ठीक होने की दर अब 95.7 प्रतिशत है। जबकि 30 अप्रैल से सक्रिय मामलों की संख्या में 83 प्रतिशत की कमी आई है।

यात्री उड़ानों पर लगाई गई रोक को 30 तक बढ़ाया

अकांशु उपाध्याय                   

नई दिल्ली। विमानन नियामक डीजीसीए ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों पर लगाई गई रोक को 30 जून तक के लिए बढ़ा दिया गया है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने कहा, ”बहरहाल, सक्षम प्राधिकरण हर मामले पर गौर करते हुए चयनित मार्गों पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को अनुमति दे सकते हैं।”

भारत में कोविड-19 महामारी के कारण 23 मार्च 2020 से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को निलंबित कर दिया गया था लेकिन मई 2020 से वंदे भारत अभियान और जुलाई 2020 से चयनित देशों के बीच द्विपक्षीय ”एयर बबल” व्यवस्था के तहत विशेष अंतरराष्ट्रीय विमान उड़ान भर रहे हैं। भारत ने अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, केन्या, भूटान और फ्रांस समेत 27 देशों के साथ एयर बबल समझौते किए। दो देशों के बीच इस समझौते के तहत विशेष अंतरराष्ट्रीय विमान अपने क्षेत्रों के बीच उड़ान भर सकते हैं।

जिला प्रशासन ने कंटेनमेंट जोन्स की लिस्ट अपडेट की

अश्वनी उपाध्याय                 

गाज़ियाबाद। जिलें में 1957 सक्रिय संक्रमित रह गए हैं। आश्चर्यजनक रूप से इस बार गाज़ियाबाद जिला प्रशासन ने बिना याद दिलाए ही कंटेनमेंट जोन्स की लिस्ट अपडेट कर दी है। हालांकि, यह बात अलग है कि इसमें 25 मई तक के मरीज ही दिखाए गए हैं। गौतम बुद्ध नगर में 53 व्यक्तियों की रिपोर्ट पॉज़िटिव आई और 428 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। यहाँ 5 मरीजों की मौत के बाद 1930 सक्रिय मरीज हैं। मेरठ जिले में 121 नए मरीज मिले और 582 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। यहाँ 10 मरीजों की मौत के बाद सक्रिय संक्रमितों की संख्या 3524 हो गई है।

क्षेत्रीय प्रशासन ने सामुदायिक कंटेनमेंट को लागू किया

अश्वनी उपाध्याय               

गाजियाबाद। जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखकर जिला प्रशासन ने वहां स्वैच्छिक सामुदायिक कंटेनमेंट योजना लागू की। इस योजना का परिणाम बेहद अच्छे देखने को मिला। पॉलिसी लागू होने के बाद जनपद की 161 पंचायतों में से 102 ग्राम पंचायतें कोरोना संक्रमण मुक्त हुई। शुक्रवार को जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने एडीएम एलए कमलेश चंद्र वाजपेयी एवं खोड़ा नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी कृष्ण कुमार भड़ाना, चेयरमैन रीना भाटी आदि की मौजूदगी में खोड़ा क्षेत्र का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे।

जिलाधिकारी ने कहा कि अब ग्राम पंचायतों के बाद नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्र के वार्डों की बारी है। जिला प्रशासन द्वारा लागू की गई स्वैच्छिक कंटेनमेंट योजना के परिणाम अब बेहतर देखने को मिल रहे है। सकारात्मक परिणाम देखकर कंटेनमेंट योजना जिला प्रशासन ने पंचायतों के साथ-साथ नगर पालिका परिषदों में भी लागू की। यहां भी इसके परिणाम सकारात्मक देखने को मिले। कंटेनमेंट योजना के तहत जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न टीमों द्वारा नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों के सभी वार्डो में दवाईयों की किटों का वितरण कराया गया। 

इसके साथ ही आयुष विभाग द्वारा भी आवश्यक दवाएं लोगों को वितरित की गयीं। पतला नगर पंचायत में लगभग 60, निवाड़ी में 73, फरीदनगर में 80, डासना में 137 स्वास्थ्य व आयुष दवाईयों की किट का वितरण कराया गया। इसी प्रकार 18 वर्ष से 44 वर्ष तक की आयु वाले लोग एवं 44 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों का वैक्सीनेशन कराया जा रहा है। पतला में लगभग 2300, निवाड़ी में 4263, फरीदनगर में 1486, डासना में 10834 लोगों का वैक्सीनेशन कराया गया है। यहां निगरानी समितियों द्वारा स्थानीय लोगों को कोरोना प्रोटोकॉल के बारे में समझाया जा रहा है। जैसे-दो गज की दूरी बनाएं रखें, अपने दोनों हाथों को साबुन से समय-समय पर धोते रहें, समूह में एकत्र न हों, अपने घरों पर रहें एवं आवश्यकता होने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें, अपने मुंह पर घर से बाहर निकलते समय मास्क अनिवार्य रूप से लगाएं इत्यादि का पालन कराया जा रहा है। निरीक्षण में उन्होंने वहां नगर पालिका परिषद द्वारा की गयी व्यवस्थाओं का जायजा लिया और व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में स्थानीय लोगों से भी बातचीत कर जानकारी ली। जिला प्रशासन अब आगे इस योजना को शहरी क्षेत्र में भी लागू करने की योजना बना रहा है। चारों नगर पालिका परिषद के 68 वार्ड भी कोरोना से मुक्त हो चुके हैं।

नोजवानों की नजरों में खलनायक बन गए सुशील

राणा ओबराय              
नई दिल्ली। भारत को ओलम्पिक खेलो में कुश्ती स्पर्द्धा में दो बार पदक जिताने वाले पहलवान सुशील आज एकाएक देश के नोजवानो की नजरों में खलनायक बन गए हैं। भारत देश ने सुशील को नाम, पैसा शोहरत सब कुछ दिया। फिर क्या ऐसी जरूरत आन पड़ी की वह ऐसे घिनोने कार्य मे संलिप्त हो गया ? मशहूर पहलवान के इस कुकर्म से लोग युवा पहलवानों को भी संशय की नजरों से देखेंगे। पहलवानों की धरती कहे जाने वाले हरियाणा की बात करे तो अब यहां पहलवानों की आड़ में जम कर पैसा इकट्ठा करने का काम चल रहा है। राज्य में बड़े व्यापारियों को धमकी देने और पैसे वसूलने के मामले सामने आते रहते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार गुरुग्राम में कौशल गैंग ने पुष्पांजलि हॉस्पिटल और ओम स्वीट्स के मालिकों को धमकी दी थी। इस गैंग के कुछ सदस्यों के नाम फरीदाबाद के कांग्रेसी नेता विकास चौधरी को भी वसूली के कारण गोली मार कर हत्या करने के मामले में सामने आए थे। अंत मे युवा खिलाड़ियों को इतना कहना चाहेंगे कि पैसे सब कुछ नही है।

भू-माफियां व क्षेत्रीय 'अधिकारियों' की मिली भगत

अतुल त्यागी             
हापुड़। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक तरफ जहां अधिकारियों को भू-माफियाओं पर ताबड़तोड़ कार्यवाही करने के निर्देश दे रहे हैं। लेकिन, वहींं कुछ छोटे अधिकारी उनका सहयोग कर रहे हैं। ऐसा ही मामला धौलाना तहसील के गांव शेखूपर खिंचरा मै मुस्लिम समाज के कब्रिस्तान में दबंग भू माफिया जमीन घेरकर कार्य करवा रहे हैं। अब यह पता लगाना अभी बाकी है। दबंग भू माफिया किसकी सह पर कर रहे हैं। कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध निर्माण स्थानीय पुलिस को लेखपाल को जानकारी होते हुए भी क्यों नहीं हो रही है ? कार्रवाई कहीं मिली तो नहीं, अधिकारियों के जांच का विषय होगी। कार्यवाई यह दबा दिया जाएगा। मामला फिलहाल कब्रिस्तान के जमीन पर कार्य चल रहा है। अभी देखना है, कि कार्यवाही होगी या नहीं।

मरीजों को इलाज की सुविधा दिलाएं जाने की मांग

कौशाम्बी। भरवारी के मेहता अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं लोग अभी तक भूल नहीं सके हैं। मेहता अस्पताल में इलाज के नाम पर मिल रही सुविधाएं अभी तक सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध नहीं हो पाई है। इस अस्पताल में जनभावना से मरीजों की सेवा चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी करते थे। चार दशक तक लगातार इस अस्पताल में इलाके के मरीजों को संपूर्ण इलाज की सुविधाएं उपलब्ध थी। लेकिन प्रबंध तंत्र की खींचतान के चलते यह अस्पताल धीरे-धीरे बंद हो गया। लोगों ने एक बार फिर से अस्पताल को शुरू करा कर मरीजों को इलाज की सुविधा दिलाए जाने की मांग जिलाधिकारी से की है।
बी एस मेहता अस्पताल की शुरुआत 1956 में आधार शिला रख कर गिरधारी लाल मेहता ने की थी। इस अस्पताल में मरीजों के इलाज के लिए संपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध थी। सैकड़ों किलोमीटर दूर के मरीज इस अस्पताल तक पहुंच कर सस्ता सुलभ इलाज कराकर स्वस्थ जीवन जीते थे। अस्पताल में प्रतिदिन हजारों मरीजों को इलाज मिलता था। सैकड़ों मरीज अस्पताल में भर्ती किए जाते थे। जिनकी देखरेख और इलाज की बेहतर सुविधाएं अस्पताल में मौजूद थी। प्रबंध तंत्र की अवस्थाओं के चलते यह अस्पताल धीरे-धीरे बंद हो गया और वर्तमान में यह अस्पताल अपने आप मे आशु बहा रहा है। इस अस्पताल का निर्माण कस्बे के बीच सत्रह हेक्टेयर जमीन पर बलदेवराम सालिगराम मेहता ट्रस्ट द्वारा किया गया था। बन्द पड़े इस अस्पताल पर यदि जिलाधिकारी कौशाम्बी की निगाह पड़ जाए तो इस क्षेत्र की जनता के साथ-साथ आसपास के जिलों के हजारों मरीजों के लिए यह अस्पताल वरदान से कम नही साबित होगा इस वक्त वैश्विक महामारी में इतना बड़े अस्पताल की सरकार को आवश्यकता है। इस अस्पताल की सिर्फ मररमती करण होने मात्र से अस्पताल चल पड़ेगा और लोगो को एक बहुत अच्छी सुबिधा मिल सकेगी।
राजू सक्सेना 

सीएम की ममता, पीएम मोदी को कराया इंतजार

मीनाक्षी लोधी   
कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को बंगाल और ओड़िशा में चक्रवात यास तूफान से हुए नुकसान का जायजा लेने पहुंचे। दोनों राज्यों में पीएम मोदी ने समीक्षा बैठक की। बंगाल में मोदी के साथ समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 30 मिनट की देरी से पहुंचीं। उनके साथ राज्य के मुख्य सचिव भी देरी से पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री चक्रवाती से राज्य में हुए नुकसान से जुड़े कुछ दस्तावोज सौंपकर चली गईं।
सीएम ममता ने बताया कि राज्य के मुख्य सचिव ने पीएम नरेंद्र मोदी को यास चक्रवात से सूबे में हुए नुकसान के संबंध में रिपोर्ट सौंपी है। पीएम नरेंद्र मोदी की मीटिंग में देरी से पहुंचने और तुरंत निकलने पर बाद में ममता बनर्जी ने 30 मिनट देरी से पहुंचने पर सफाई देते हुए कहा कि उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं थी। इस मीटिंग के दौरान राज्य के गवर्नर जगदीप धनखड़ पूरे समय मौजूद रहेमुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा कि ‘मैं नहीं जानती थी कि पीएम मोदी ने मीटिंग बुलाई है। मैं कलाईकुंडा गई थी और पीएम नरेंद्र मोदी को रिपोर्ट सौंपकर 20 हजार करोड़ रुपए की मदद की मांग की है। 10 हजार करोड़ की मांग दीघा और 10 हजार करोड़ सुंदरबन के विकास के लिए मांगे हैं। मैंने उनसे कहा कि राज्य के अधिकारी मुझसे मिलना चाहते हैं। इसके बाद मैंने उनसे परमिशन ली और निकल गईं।’

बता दें कि पीएम मोदी आज यास तूफान को लेकर बंगाल और ओडिशा में राज्य सरकारों के साथ समीक्षा बैठक की। लेकिन बंगाल के मीटिंग में बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी को भी न्योता दिया गया। इससे पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी नाराज हो गईं। पहले ही बता दिया गया कि सीएम ममता बैठक में ही शामिल नहीं होंगी। यास तूफान को लेकर पीएम की मीटिंग में बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ भी मौजूद थे। कहा जा रहा है कि शुभेंदु अधिकारी के कारण ही ममता बनर्जी बैठक में शामिल नहीं हुईं।

कोरोना उत्पत्ति की जांच में भारत से समर्थन मांगा

अकांशु उपाध्याय  
नई दिल्ली। भारत ने शुक्रवार को कोरोना वायरस की उत्पत्ति की जांच संबंधी वैश्विक मांग का समर्थन किया है। विदेश मंत्रालय में प्रवक्ता अरिंदम बागची ने इससे जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में भारत के समर्थन की बात कही। उन्होंने कहा, “डब्ल्यूएचओ (विश्व स्वास्थ्य संगठन) ने कोविड-19 की उत्पत्ति पर वैश्विक अध्ययन की शुरुआत की है। यह एक महत्वपूर्ण पहला कदम है। इसके अगले चरण के अध्ययन के साथ-साथ आगे के आंकड़ों और अध्ययनों को मजबूत निष्कर्ष तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया है।"
उन्होंने कहा, “डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट पर अनुवर्ती कार्रवाई और आगे के अध्ययन सभी की समझ और सहयोग के लिए जरूरी है।”
उल्लेखनीय है कि विश्व संस्था ने मार्च में एक जांच के बाद अपनी रिपोर्ट दी थी लेकिन उसे दुनिया के बड़े देशों ने विफल माना था। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी खुफिया एजेंसियों को वायरस की उत्पत्ति के संबंध में 90 दिन का समय दिया है। कोरोना वायरस की उत्पत्ति को लेकर कई अटकलें हैं। कुछ में इसे जानवरों से इंसानों में आने की बात कही जा रही है। वहीं कुछ में कहा गया है कि वायरस असल में चीन की लैब में तैयार किया गया है।

रामदेव के तेल में मिली मिलावट, फैक्ट्री की सीज

नरेश राघानी   

अलवर। बाबा रामदेव की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एलोपैथी पर बयान देकर फंसने के बाद अब रामदेव अपनी ही कंपनी के सरसों के तेल को लेकर मुश्किलों में घिर गए हैं। राजस्थान के अलवर में गुरुवार देर रात प्रशासन ने पंतजलि कंपनी के सरसों के तेल में मिलावट की आशंका के चलते खैरथल की सिंघानिया आयल मिल को सीज कर दिया है। इस कार्रवाई के दौरान खुद जिला कलेक्टर वहां मौजूद रहे साथ ही कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी करवाई गई है।

खाद्य तेल संगठन पहले से ही पंतजलि के सरसों के तेल पर आपत्ति जता चुका था। दरअसल पंतजलि के सरसों तेल के एक विज्ञापन में यह दिखाया गया है कि पंतजलि छोड़ बाकी सभी कंपनियों के कच्ची घानी तेल में मिलावट है। इसी विज्ञापन के बाद ही खाद्य तेल संगठन ने अपनी आपत्ति जताई थी। हालांकि अब बाबा रामदेव की पतंजलि ब्रांड के नाम से सरसों के तेल की पैकिंग और मिलावट किये जाने की सूचना के बाद प्रशासन ने फैक्ट्री पर छापेमारी कार्ऱवाई करते हुए देर रात ही सीज कर दिया है।
फैक्ट्री में पतंजलि की भारी मात्रा में पैकिंग सामग्री बरामद की गई है। हालांकि फैक्ट्री में बाबा रामदेव की पतंजलि का पैकिंग किये जाने की अनुमति होने की बात प्रबंधन की ओर से बताई गई है। इसके अलावा एक और ब्रांड श्री श्री ऑयल ब्रांड के भी रैपर वहां से मिले हैं। फैक्ट्री में मौजूद सरसों के तेल कच्ची घानी ओर स्पेलर से निकाले गए तेल के स्टॉक और मौजूद कच्चे सामान के खाद्य निरीक्षकों और आयुर्वेद निरिक्षकों की टीम ने सैम्पल लिए हैं। प्रशासन का कहना है कि सैंपल रिपोर्ट के आने के बाद ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।
प्रशासन ने कंपनी प्रबंधन को चेतावनी दी है कि किसी भी सूरत में सामान के साथ छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए। जो समान जहां है वैसा ही होना चाहिए। बता दें कि इस फैक्ट्री से भारी मात्रा में सरसों का तेल बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि को जाता है। जिसके बाद पतंजलि इस तेल पर अपना ठप्पा लगाकर बाजारों में सप्लाई करती है। जिला कलेक्टर नन्नू मल पहाड़िया का कहना है कि प्रशासन को जैसी ही सरसों के तेल में मिलावट की बात पता चली तो शिकायत के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अलवर के एसडीएम योगेश डागुर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। इस कमेटी ने फैक्ट्री पर कार्रवाई करते हुए उसे सीज कर दिया है ताकि समान इधर-उधर ना हो सके। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है। सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।

योगी ने दोषियों पर एनएसए लगाने का आदेश दिया

बृजेश केसरवानी   
लखनऊ/अलीगढ़। जहरीली शराब ने एक बार फिर उजाड़ दी परिवारों की खुशियों को। इतनी सख्ती के बाद भी जहरीली शराब की बिक्री बंद नहीं हो पा रही है। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में जहरीली खराब पीने से 7 लोगों की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि मरने वालों में अलीगढ़ एचपी गैस प्लांट के ट्रक ड्राइवर भी शामिल हैं। इसके अलावा लोधा क्षेत्र के करसुआ, निमाना, हैवतपुर, अंडला गांव के ग्रामीणों की भी मौत हुई है। अभी कई लोगों की हालत गंभीर है। उनका इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है।

इस मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ एक्शन में आ गए हैं। उन्होंने अलीगढ़ के अधिकारियों से बात करके पीड़ितों की मदद करने का निर्देश दिया। साथ ही आरोपियों पर एनएसए लगाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही सीएम योगी ने कहा कि अगर सरकारी ठेके से शराब खरीदी गई थी तो उसे सीज किया जाए और दोषियों की संपत्ति भी कुर्क की जाए।

इस बीच अलीगढ़ के गांवों में जहरीली शराब से मौत के बाद दहशत का माहौल है। इसके साथ ही लोगों में गुस्सा भी है. अलीगढ़ के जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह ने कहा कि अभी तक 7 लोगों की मौत हुई है, मामले की जांच की जा रही है, जांच में जो भी निकल कर आएगा, उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।अलीगढ़ के थाना लोधा क्षेत्र के अंतर्गत गांव करसुआ में जहरीली शराब पीने से सात लोगों की मौत हुई है। स्थानीय लोगों ने बताया है कि मरने वालों ने गांव ही ठेके से शराब खरीद कर पी थी। मरने वालों में दो करसुआ में स्थित एचपी गैस बॉटलिंग प्लांट के ड्राइवर हैं। मौके पर अफसर पहुंच गए हैं और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

ग्रामीणों की शिकायत के बाद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने देसी शराब के ठेके को सील करा दिया है. साथ ही शराब के सैंपल लिए जा रहे हैं. जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि लोगों की मौत कैसे हुई? क्या ठेके पर नकली शराब बेची जा रही? इस बीच ग्रामीण गुस्से में हैं और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

व्यापार प्रकोष्ठ के द्वारा श्रद्धांजलि सभा आयोजित

भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि सभा आयोजन
सुनील पुरी   
कानपुर। उत्तर प्रदेश कांग्रेस उद्योग व्यापार प्रकोष्ठ के तत्वाधान में सरसैया घाट कानपुर में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा पर उनको याद करते हुए श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई ।
इस अवसर पर विभिन्न वक्ताओं ने कहा की आजादी के बाद देश को कैसे जवाहरलाल नेहरू ने अपने गौरवशाली विराट व्यक्तित्व के नेतृत्व में एक मजबूत वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बना दिया। इसीलिए उनको आधुनिक भारत का निर्माता कहा जाता है। भारत में आईआईटी इत्यादि जैसे वैश्विक स्तर के प्रौद्योगिकी संस्थान एवं एम्स जैसे चिकित्सा संस्थान जवाहरलाल नेहरू जैसे स्वप्न दृष्टा के नेतृत्व में ही संभव हो पाया। आज भारत परमाणु शक्ति है और उसका मुख्य श्रेय  नेहरू जी को जाता है ।
नेहरू जी एक बेहद विनम्र , शालीन , अत्यंत शिक्षित एवं जमीन से जुड़े हुए आम जनमानस के विराट लीडर थे । उनके योगदान एवं उनके जीवन के लिए देश हमेशा उनके प्रति कृतज्ञ रहेगा ।

इस अवसर पर प्रकोष्ठ के चेयरमैन पवन गुप्ता , महासचिव महेश मेघानी महासचिव दिनेश बाजपेई , नगर ग्रामीण अध्यक्ष आदित्य चौबे , प्रदेश सचिव काजी समी , दिनेश दीक्षित , रमेश खन्ना , कमल जयसवाल , अब्दुल वहीद ,साईं रक्षा  जयसवाल , राजन अग्रवाल , विजय पुरी इत्यादि व्यापारी नेता और अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

पूर्व प्रधान की हत्या, सड़क पर रखा शव: आक्रौश

प्रशांत कुमार   

चंदौली। अमड़ा गांव निवासी पूर्व प्रधान की लाश देर रात रेलवे ट्रैक पर मिलने से ग्रामीण आकोशित हो गए हैं। उन्होंने शुक्रवार की सुबह पूर्व प्रधान की लाश को नेशनल हाईवे पर रखकर प्रदर्शन किया।

जानकारी के अनुसार चंदौली जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के अमड़ा गांव निवासी पूर्व प्रधान रमेश यादव 24 मई को घर से लापता हो गए थे। बुधवार की रात सुल्तानपुर में रेलवे ट्रैक पर उनका शव मिला। परिजनों के अनुसार उनकी हत्या की गई है। पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर गुरुवार को ग्रामीणों ने सदर कोतवाली का घेराव किया।

प्रधान के परिजनों का कहना है कि हम लोगों को अंदेशा था कि उनका अपहरण किया गया है। इसलिए हमने थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई लेकिन पुलिस उतनी सक्रिय नहीं हुई। जिसके चलते उनकी हत्या हो गई। पुलिस अधिकारियों के आश्वासन और समझाने.बुझाने पर ग्रामीण मान गए।

आर्थिक तंगी के कारण राम लड्डू बेच रहे अभिनेता

शैलेश श्रीवास्तव   
मिर्जापुर। कोरोना महामारी की वजह से दुनियाभर के लोग परेशान है। लाखों लोगों ने अपनो को खो दिया और बाकी बचे लोग बेरोजगारी से जुझ रहे है। हर फिल्ड की तरह कोविड-19 की वजह से मनोरंजन जगत में भी सन्नाटा छाया हुआ हैकोरोना की वजह से अब तक कई सेलेब काम ना होने की वजह से अपनी खराब आर्थिक स्थिति का खुलासा कर चुके हैं। इस बीच ‘मिर्जापुर’ के अभिनेता ने भी एक फोटो शेयर है। मिर्जापुर के ‘पंडित जी’ यानी राजेश तैलंग की फोटो तेजी से वायरल हो रही है।तस्वीर में राजेश तैलंग सड़क पर खोमचा लगाए दिखाई दे रहे हैं। 
हैरानी की बात ये है कि एक्टर ने ये फोटो खुद ही शेयर की है। उन्होंने ट्विटर पर अपनी ये फोटो पोस्ट की है, जिसमें वह सड़क पर खोमचा लगाकर राम लड्डू बेचते नजर आ रहे हैं। राजेश तैलंग की ये फोटो देखकर उनके फैंस काफी परेशान है। कई यूजर्स ने कमेंट करते हुए चिंता जाहिर की है। जहां कुछ को लग रहा है कि एक्टर की ये फोटो किसी शो या मूवी की शूटिंग की हो सकती है तो कई उनसे उनकी आर्थिक स्थिति को लेकर सवाल कर रहे हैं।
एक यूजर ने पूछ कि ‘ये कौन हैं?’ इसके जवाब में एक्टर कहते हैं- ‘नवाब भाई, मैं राजेश तैलंग हूं। एक एक्टर। उम्मीद करता हूं आप ठीक होंगे। सुरक्षित रहें।’ वहीं एक यूजर ने लिखा- ‘राजेश भाई, तब तक एक प्लेट राम लड्डू हमें भी खिला दीजिए। ’बता दें कि राजेश तैलंग ने ‘मिर्जापुर’ में ‘गुड्डू भइया’ यानी अली फजल और ‘बबलू भइया’ यानी विक्रांत मैसी के पिता ‘पंडित जी’ का किरदार निभाया था। उनके अभिनय की काफी सरहाना भी हुई थी।

संक्रमित गुमशुदा मौतों की संख्याओं की छानबीन

अकांशु उपाध्याय   

नई दिल्ली। कोरोना से जितने लोग संक्रमित हुए हैं, उनमें एक चौथाई की ही जांच हो पाई है। यही हाल कोरोना से होने वाली मौतों का भी है। अस्पतालों में मरने वालों का तो रिकॉर्ड है, लेकिन जो घर-गांव, सड़क और झोलाछाप नर्सिंगहोमों में मर गए, उनके बारे में कुछ पता नहीं। निजी अस्पतालों के रिकॉर्ड में भी घपला है। मौतों को कई-कई दिन के बाद पोर्टल पर अपलोड किया गया। उनमें बहुत सी मौतों के छिपा लेने का भी संदेह है।

हर तरफ आंकड़े दबाए जाने की खबरें छपने और बहस शुरू होने के बाद स्वास्थ्य विभाग भी कोरोना की गुमशुदा मौतों की संख्या पता करने की कोशिश में लग गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ताजा रिपोर्ट में कोरोना संक्रमितों और मौतों का आंकड़ा कम दर्ज किए जाने की बात कही गई है। पांच से नौ सितंबर 2020 में हुए सीरो सर्वे की रिपोर्ट में भी इसके संकेत मिले थे। नगर में 1442 लोगों के सैंपल की जांच की गई थी।इस दौरान 16 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले। बाकी 1426 की रिपोर्ट निगेटिव थी। जब सीरो टेस्ट हुआ तो इनमें 23 फीसदी के शरीर में कोरोना की एंटी बॉडीज पाई गईं। इसका मतलब, ये लोग कोरोना से संक्रमित हुए और ठीक हो गए। हर संक्रमित सेे संक्रमण की एक चेन भी होगी, जिसकी जांच नहीं की गई।

अगर जांच होती संक्रमितों की संख्या तीन गुना से अधिक हो सकती थी। इसी तरह की स्थिति कोरोना से होने वाली मौतों की भी है।  बहुत से रोगी अस्पतालों में कोरोना से मरे, लेकिन रिकार्ड में आने से रह गए। निजी अस्पतालों ने धांधली की। शासन के निर्देश के बाद मौत का आंकड़ा उसी दिन अपडेट नहीं किया।

डाटा फीडिंग डेस्क होने के बाद भी देर की गई। संदेह है कि डाटा फीडिंग में भी आंकड़ों में खेल किया गया। इसके अलावा सबसे अधिक संख्या तो अस्पताल न पहुंच पाने वाले कोरोना रोगियों की है। माना जा रहा है कि अगर सब रिकार्ड हुआ होता तो आंकड़ा कुछ और ही होता। यही संदेह डब्ल्यूएचओ ने भी जाहिर किया है।

एक चौथाई संक्रमितों की हो पाई होगी जांच

स्वरूपनगर के रहने वाले और अमेरिका के इमरजेंसी सेवाओं के विशेषज्ञ डॉ. कृष्ण कुमार का कहना है कि कानपुर की आबादी अधिक है। एक चौथाई संक्रमितों की ही जांच हो पाई होगी। अगर सबकी होती तो आंकड़ा कुछ और होता। कोरोना संक्रमण की चेन बड़ी लंबी खिंचती चली जाती है। बहुत से लोग बिना लक्षण के होते हैं, वे खुद बिना इलाज ही ठीक हो जाते हैं लेकिन संक्रमण बहुत फैला देते हैं।

कोरोना काल में 13 हजार अंतिम संस्कार

जिले के श्मशान घाटों पर एक अप्रैल से पांच मई के बीच साढ़े 11 अंतिम संस्कार होने का अनुमान है। आम दिनों में रोजाना लगभग सौ के औसत से 35 दिनों में लगभग साढ़े तीन हजार अंतिम संस्कार होते थे। इसी तरह शहर के तीस कब्रिस्तानों में भी 35 दिनों में लगभग डेढ़ हजार जनाजों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। आम दिनों में यह संख्या 10 से 12 के बीच होती थी। कोरोना काल में हुए अंतिम संस्कार और सुपुर्द-ए-खाक में संक्रमित मरीजों के अलावा अन्य बीमारियों से हुई मौतें भी शामिल है।

बर्रा के रहने वाले रवि श्रीवास्तव (54) की आरटीपीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद घर वाले अस्पतालों में लेकर भागते रहे। कोविड कमांड सेंटर से फोन करवाया गया, फिर भी बेड नहीं मिला। ऑक्सीजन लेवल गिरता गया। आखिर में मौत हो गई। इनका रिकार्ड कोरोना से हुई मौतों के आंकड़ों में नहीं है। मौत 17 अप्रैल को हुई थी।

सुजातगंज की रहने वाली 60 वर्षीय महिला और उनकी 23 साल की बेटी की कोरोना से मौत हुई। पहले उन्हें आर्यनगर स्थित निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था। पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद सरकारी अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए घरवाले कोशिश करते रहे। इस बीच, मौत हो गई। इनकी मौत भी कोरोना से हुई मौतों के आंकड़ों में दर्ज नहीं हुई।

कोरोना रोगियों की कुछ मौतें छूट गई थीं। तीन बार विशेष अभियान चलाकर छूटी हुई मौतों को आंकड़े में शामिल किया गया। इसी वजह से कभी-कभी एक दिन में बहुत अधिक मौतें अपलोड हो गईं। अब भी पता किया जा रहा है कि अगर किसी की मौत कोरोना से हुई है तो उसे आंकड़ों में जोड़ा जाएगा।

हाथ पैरों में ठोकी कील, पीड़ित ने खुद रचा षड्यंत्र

संदीप मिश्र   

बरेली। पुलिस पर अपने हाथ-पैर में कील ठोक देने का आरोप लगाने वाले युवक ने अब कबूल किया है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने यह काम खुद किया था। पुलिस ने उसके इस बयान का वीडियो बनाकर जारी किया है। इसके साथ उसके खिलाफ कार्रवाई करने की भी तैयारी कर रही है। जोगीनवादा में रहने वाला रंजीत बुधवार को अपनी मां शीला के साथ एसएसपी ऑफिस पहुंचा था। एसएसपी के सामने उसने आरोप लगाया कि 24 मई की रात मास्क न लगाने की वजह से जोगीनवादा चौकी की पुलिस ने उसे पकड़ा और फिर उसके हाथ-पैर में कील ठोक दीं।

एसएसपी ने मामले की जांच कराई तो पता चला कि रंजीत पुलिसकर्मी से मारपीट करके भागा था जिसकी रिपोर्ट भी दर्ज है। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह पुलिस पर हाथ-पैर में कील ठोकने का आरोप लगा रहा है।पुलिस ने बृहस्पतिवार को जांच की तो पता चला कि सिपाही से मारपीट के बाद रंजीत जोगीनवादा में ही मैसर के जरी कारखाने पर पहुंचा था जहां उसने खुद ही एक व्यक्ति से अपने हाथ और पैर में कील ठुकवाई थी।उन लोगों ने इसके फोटो खींच लिए और पुलिस को दे दिए। पुलिस ने यह फोटो रंजीत को दिखाए तो उसने कबूल कर लिया कि अपने हाथ-पैर में कीलें खुद उसने ठुकवाई थीं। पुलिस ने उसके कबूलनामे का वीडियो बनाकर भी सार्वजनिक किया है। इसके साथ रंजीत के खिलाफ कार्रवाई की भी तैयारी कर रही है।

फिर ठोक सकता हूं कील
रंजीत ने बताया कि उसने उलटे पांव के अंगूठे और अंगुली में कील फंसाकर अपने हाथ में ठोकी थी। इस पर  एसएसपी ने आश्चर्य जताते हुए उससे पूछा कि उसे क्या दर्द नहीं हुआ तो वह बोला, कील मंगवाओ अभी फिर ठोककर दिखा सकता है।

एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने जानकारी दी है कि रंजीत ने पुलिस पर जो आरोप लगाए थे, वे झूठे पाए गए हैं। रंजीत ने खुद ही कील ठोकने की बात स्वीकार कर ली है। उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। 

उनकी नौटंकी जनता ने कब की बंद कर दी: प्रकाश

हरिओम उपाध्याय   
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के आरोपों पर अब बीजेपी ने पलटवार किया है। रांहुल गांधी ने कहा था कि देश में दूसरी लहर के लिए प्रधानमंत्री की ‘नौटकीं’ जिम्मेदार है। जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि उनकी नौटंकी जनता ने कब की बंद कर दी है। जावड़ेकर ने कहा, “प्रधानमंत्री देश की जनता के साथ कोविड का सामना कर रहे हैं तब ये (राहुल गांधी) ऐसे प्रयासों के लिए नौटंकी शब्द का उपयोग करते हैं। ये देश और जनता का अपमान है। हम उनकी नौटंकी ऐसे शब्द का इस्तेमाल नहीं करेंगे क्योंकि उनकी नौटंकी जनता ने कब की बंद कर दी है।”

“2024 नहीं, इसी साल सभी को लगेगी वैक्सीन”

प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, “पहले तो कांग्रेस को वैक्सीन पर भरोसा नहीं था, उनके एक साथी ने इसे बीजेपी की वैक्सीन कहा। कोवैक्सीन को लेकर आपने भ्रम फैलाया। राहुल जी समझ लीजिए वैक्सीन का विरोध आपने किया। पिछले साल से ही वैक्सीन तैयार हो गई थी। राहुल गांधी कहते हैं कि 2024 तक सभी को वैक्सीन लगेगी। हम कहते हैं इस साल के अंत तक सभी को टीका लग जाएगा। दिसंबर अंत तक लोगों को वैक्सीन लग जाएगी।”

कांग्रेस पर हमला करते हुए केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, “राहुल जी अगर आपको वैक्सीन की चिंता है तो पहले अपनी सरकार वाले राज्यों पर ध्यान दीजिए। राजस्थान में आए दिन बलात्कार हो रहे हैं। हाल ही में एक एंबुलेंस का इस्तेमाल रेप करने के लिए किया गया। एक महिला सांसद पर कांग्रेस के गुंडों ने हमला किया। देश को उपदेश देने की बजाए अपने राज्य पर ध्यान दीजिए।”

लक्षद्वीप: जिसमें 36 द्वीप यानी आइलैंड का समूह

अकांशु उपाध्याय  

लक्षद्वीप। भारत का सबसे छोटा संघ राज्यक्षेत्र यानी केंद्र शासित प्रदेश है। भारत के मालदीव के तौर पर विख्यात लक्षद्वीप एक द्वीपसमूह है जिसमें 36 द्वीप यानी आइलैंड हैं। लक्षद्वीप को अपने सुंदर, मनोहारी और सूरज को चूमते हुए समुद्री तटों और हरे भरे प्राकृतिक नजारों के लिए जाना जाता है। लेकिन इन दिनों देश के सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थलों में से एक लक्षद्वीप के समंदर में सियासी ज्वार आया हुआ।

लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल खोड़ा पटेल द्वारा मसौदा नियमों के रूप में पेश किए गए प्रशासनिक उपायों के खिलाफ लक्षद्वीप द्वीपसमूह में विरोध बढ़ रहा है। इसने यहां के साथ-साथ देश की राजनीति में भी उबाल ला दिया है। यह बवाल है यहां विकास के एजेंडे को लेकर लाए जा रहे सुधार कानूनों को दमनात्मक बताया जा रहा है।हालांकि, प्रशासन इसे विकास से जोड़ते हुए प्राकृतिक संरक्षण का हवाला देते हुए सुधारवादी बताया है। लेकिन पक्ष और विपक्ष यानी भाजपा, कांग्रेस और एनसीपी आदि दलों के राजनेता भी इन नियमों और आदेशों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। आइए जानते हैं विस्तार से

क्या है लक्षद्वीप का नया मसौदा?

  • पूर्व में गुजरात के गृह राज्य मंत्री रहे एवं वर्तमान में लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल्ल खोड़ापटेल द्वारा पेश मसौदे में ये प्रमुख नियम हैं …
  • लक्षद्वीप विकास प्राधिकरण विनियमन 2021 (LDAR) का मसौदा पेश किया, जो प्रशासक को विकास के उद्देश्य से किसी भी संपत्ति को जब्त करने और उसके मालिकों को स्थानांतरित करने या हटाने की अनुमति देता है।
  • असामाजिक गतिविधियों की रोकथाम के लिए प्रिवेंशन ऑफ एंटी-सोशल एक्टीविटीज (PASA) एक्ट भी पेश किया है, जो किसी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से गिरफ्तारी का खुलासा किए बिना सरकार द्वारा एक साल तक हिरासत में रखने की अनुमति देता है।
  • इसके अलावा, मसौदा पंचायत चुनाव अधिसूचना भी है जो किसी ऐसे व्यक्ति को पंचायत चुनाव लड़ने से रोकती है जिसके दो से अधिक बच्चे हैं।
  • लक्षद्वीप पशु संरक्षण विनियमन भी है जो स्कूलों में मांसाहारी भोजन परोसने पर प्रतिबंध के साथ-साथ गोमांस की बिक्री, खरीद या खपत पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है।
  • साथ ही प्रशासक की ओर से प्रस्तावित नए मसौदा कानून के तहत लक्षद्वीप में शराब के सेवन पर रोक हटाई गई है।

लक्षद्वीप के मसौदे पर विवाद क्यों है?

  • पक्ष और विपक्ष यानी लक्षद्वीप से एनसीपी सांसद समेत भाजपा और कांग्रेस के आदि दलों के राजनेता भी इन नियमों और आदेशों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। प्रशासक द्वारा क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान नष्ट करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
  • द्वीपसमूह की 60,000 से अधिक आबादी के साथ अच्छी तरह से नीचे नहीं गया है, जिनमें से 90% मुस्लिम हैं और लगभग 95% अनुसूचित जनजाति के रूप में वर्गीकृत हैं।
  • इसके अतिरिक्त, कोविड -19 महामारी के मद्देनजर द्वीपों में किसी भी आगंतुक के लिए 14 दिनों के अनिवार्य संगरोध को हटाने के परिणामस्वरूप कोरोना के 6,800 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जबकि क्षेत्र पिछले साल काफी हद तक कोविड-मुक्त था।
  • राजनेताओं का यह भी आरोप है कि यह सब, नए दमनकारी कानून एक ऐसे क्षेत्र में लागू किए जा रहे हैं, जहां 2019 तक हत्या और बलात्कार के मामले लगभग शून्य थे। हालांकि, राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार, महिलाओं पर हमले के पांच मामले थे।

लक्षद्वीप की भौगोलिक स्थिति

  • केरल के तटीय शहर कोच्चि से करीब 220 से 440 किमी दूर, पन्ना अरब सागर में स्थित लक्षद्वीप एक जिला संघ राज्य क्षेत्र है और इसमें 12 एटोल, तीन रीफ, पांच जलमग्न बैंक और 10 बसे हुए द्वीप यानी आइलैंड हैं।
  • यह सभी द्वीप 32 वर्ग किलोमीटर समुद्री क्षेत्र में फैले हुए हैं। लक्षद्वीप की राजधानी कवरत्ती है और यह यहां का प्रमुख शहर भी है। यह भारत की सबसे शांतिपूर्ण जगह मानी जाती है।
  • लक्षद्वीप समूह के सभी द्वीप प्राकृतिक परिदृश्य, रेतीले समुद्र तट, वनस्पतियों और जीवों की बहुतायत और एक आरामदायक जीवन शैली के साथ लक्षद्वीप की शोभा और आकर्षण को बढ़ाती है।
  • हालांकि, लक्षद्वीप में प्रवेश सीमित है। यहां जाने के लिए लक्षद्वीप प्रशासन से यात्रा के लिए परमिट यानी पूर्व अनुमति लेने की आवश्यकता होती है।
  • कोच्चि से संचालित जहाजों और उड़ानों द्वारा लक्षद्वीप तक पहुंचा जा सकता है। सभी पर्यटकों के लिए कोच्चि ही लक्षद्वीप का गेट-वे है।

एक नजर में लक्षद्वीप समूह

  • लक्षद्वीप समूह में 36 द्वीप हैं और यहां का कुल क्षेत्रफल 32.69 वर्ग किलोमीटर है।
  • लक्षद्वीप की आबादी 2011 की जनगणना के अनुसार 64,473 है।
  • लक्षद्वीप की साक्षरता दर 91.82% है।
  • प्रशासनिक आधार पर लक्षद्वीप को एक जिला माना जाता है।
  • लक्षद्वीप में पहले चार तहसील थी, लेकिन अब 10 राजस्व उपखंड यानी रेवेन्यू सब डिवीजन बनाए गए हैं।
  • लक्षद्वीप में निवास योग्य 10 द्वीप ग्राम पंचायत हैं।

दूध में उबालकर पिए तुलसी, अधिक लाभ होगा

तुलसी की पत्तियों का सेवन करने से न सिर्फ इम्यूनिटी बढ़ती है बल्कि कई तरह के गंभीर रोगों से भी छुटकारा मिलता है। कोरोना महामारी के समय लोग तुलसी की पत्तियों से बना काढ़ा पीकर अपने इम्यून सिस्टम को स्ट्रॉन्ग बना रहे हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि तुलसी की पत्तियों को दूध में उबालकर पीने से यह और अधिक लाभकारी हो जाता है और बहुत से रोगों से आपको दूर रखता है। आइए आपको बताते हैं कि तुलसी मिलक पीने से आप किन बीमारियों से बच सकते हैं और इसे बनाने का सही तरीका और पीने का सही समय क्या है।

कैसे करें तुलसी मिल्क का सेवन-तुलसी मिल्क बनाने के लिए आपको सबसे पहले डेढ़ गिलास दूध को उबालना है। दूध के उबलने पर इसमें 8 से 10 तुलसी की पत्तियां डालकर उसे और थोड़ी देर उबालना है। जब दूध लगभग एक गिलास रह जाए तब गैस बंद कर दें। दूध के हल्का गुनगुना होने पर इसका सेवन करें। याद रखें इस दूध का नियमित सेवन करने से ही आपकी इम्यूनिटी स्टॉग बनेगी और आप कई तरह के रोगों से दूर रहेंगे।
तुलसी मिल्क किन रोगों से लड़ने में करता है मदद

माइग्रेन से राहत-दूध में तुलसी के पत्ते उबालकर पीने से सिर दर्द या माइग्रेन जैसी बीमारियों में आराम मिलता है। अगर आप लंबे समय से इस समस्या से परेशान हैं हैं तो आप चाय की जगह रोजाना दूध में तुलसी के पत्ते डालकर पी सकते हैं।

तनाव व स्ट्रेस होता है दूर-तुलसी के पत्तों में न सिर्फ औषधीय गुण मौजूद होते हैं बल्कि इन पत्तियों में हीलिंग गुण भी शामिल होते हैं। यदि आप भी अपने ऑफिस के काम को लेकर टेंशन में हैं या फिर परिवार की कलह की वजह से डिप्रेशन जैसी समस्या से घिरे हुए हैं तो दूध में तुलसी की पत्तियों को उबालकर पिएं। ऐसा करने से डिप्रेशन की समस्या से उबरने में मदद मिलती है।

इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद-कोरोना महामारी के दौर में हर व्यक्ति अपनी इम्यूनिटी को बढ़ाने की तरफ ध्यान दे रहा है। कोई भी रोग आपको तभी घेर सकता है जब आपकी इम्यूनिटी कमजोर होती है। ऐसे में तुलसी के पत्तों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं। इसके अलावा तुलसी में मौजूद एंटीबैक्टीरियल एवं एंटीवायरल गुण सर्दी, खांसी और जुकाम से भी दूर रखते हैं।

दिल का रखता है ख्याल-दूध में तुलसी के पत्तों को उबालकर पीने से दिल भी स्वस्थ रहता है। रोजाना खाली पेट तुलसी मिल्क पीने से ह्रदय रोगियों को काफी फायदा मिलता है।

अस्थमा में लाभ-अगर आप सांस संबंधी समस्याओं से परेशान हैं तो तुलसी मिल्क जरूर पिएं। बदलते मौसम से होनी वाली परेशानियों से यह घरेलू नुस्खा दूर रखता है।

चक्रवात ‘यास’ से हुए नुकसान की समीक्षा की: पीएम

भुवनेश्वर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को भुवनेश्वर पहुंचे और यहां एक बैठक में चक्रवात ‘यास’ से राज्य के विभिन्न इलाकों में हुए नुकसान की समीक्षा की। राज्यपाल गणेशी लाल, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, केंद्रीय मंत्रियों धर्मेंद्र प्रधान और प्रताप सारंगी ने बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। ज्ञात हो कि चक्रवात यास से जुड़ी घटनाओं में अब तक चार लोगों की मौत हो गयी जबकि इसके कारण ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड में 21 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। चक्रवात के कारण ओडिशा में तीन लोगों और पश्चिम बंगाल में एक व्यक्ति की मौत हो गयी।

पश्चिम बंगाल सरकार ने दावा किया है कि इस प्राकृतिक आपदा के कारण कम से कम एक करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं। ‘ताउते’ के बाद एक सप्ताह के भीतर देश के तटों से टकराने वाला ‘यास’ दूसरा चक्रवाती तूफान है। प्रधानमंत्री ओडिशा के प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण भी करेंगे। इसके बाद वह पश्चिम बंगाल के चक्रवात प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे और वहां भी एक समीक्षा बैठक करेंगे। वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को उत्तर 24 परगना जिले में चक्रवात प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि मुख्य सचिव अलापन बंदोपाध्याय के साथ मुख्यमंत्री ने हिंगलगंज, हसनाबाद, संदेशखली, पिनाखा और जिले के अन्य इलाकों में चक्रवात के बाद की स्थिति का जायजा लिया। ममता बनर्जी ने कहा कि मैंने देखा है कि अधिकतर क्षेत्र जलमग्न हैं। मकान और खेतों के बड़े भू-भाग जलमग्न हैं। इस संबंध में फील्ड सर्वेक्षण भी किया जायेगा। उन्होंने जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और खंड विकास पदाधिकारियों के साथ प्रशासनिक बैठक भी की। पूर्वी मेदिनीपुर, दक्षिण एवं उत्तर 24 परगना जिलों में कई इलाके चक्रवात ‘यास’ से प्रभावित हैं। चक्रवात ‘यास’ बुधवार सुबह पड़ोसी ओडिशा के तट से टकराया था। इसके चलते इन जिलों में कई जगहों पर भारी बारिश हुई और तेज चक्रवाती तूफान आये। बनर्जी बाद में दक्षिण 24 परगना जिले के चक्रवात प्रभावित इलाकों और पूर्वी मेदिनीपुर में नतटीय शहर दीघा का भी दौरा करेंगी।

सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए बंगाल के 2 मंत्री

मिनाक्षी लोढी                

कोलकाता। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने नारद स्टिंग टेप मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए पश्चिम बंगाल के दो मंत्रियों- सुब्रत मुखर्जी और फरहाद हाकिम, टीएमसी विधायक मदन मित्रा और शहर के पूर्व महापौर सोवन चटर्जी को शुक्रवार को अंतरिम जमानत दे दी। उच्च न्यायालय की पांच न्यायाधीशों की पीठ ने इन सभी को अंतरिम जमानत देते हुये कई शर्तें लगायीं हैं। पीठ ने चारों आरोपी नेताओं को दो-दो लाख रुपये का निजी मुचलका जमा कराने का निर्देश दिया है। ये सभी नजरबंद हैं। पीठ ने उनसे मामले के संबंध में मीडिया में या सार्वजनिक तौर पर टिप्पणी न करने का निर्देश दिया है।

अदालत ने आरोपियों को निर्देश दिया है कि जांच अधिकारियों द्वारा बुलाये जाने पर वे डिजिटल माध्यम से उनसे मुलाकात करें। कलकत्ता उच्च न्यायालय के 2017 के आदेश पर नारद स्टिंग टेप मामले की जांच कर रही सीबीआई ने चारों नेताओं को 17 मई की सुबह को गिरफ्तार किया था। सीबीआई की एक विशेष अदालत ने चारों आरोपियों को 17 मई को अंतरिम जमानत दी थी लेकिन उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल और न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी की खंड पीठ ने बाद में फैसले पर रोक लगा दी थी। इसके बाद इन नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। पांच न्यायाधीशों की पीठ में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश जिंदल और न्यायमूर्ति आई पी मुखर्जी, न्यायमूर्ति हरीश टंडन, न्यायमूर्ति सोमेन सेन और न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी शामिल थे।

कोरोना टीकाकरण को लेकर पीएम पर साधा निशाना

अकांशु उपाध्याय             

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने देश में कोरोना रोधी टीकाकरण की कथित तौर पर धीमी गति होने को लेकर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने जिस तरह से ‘नौटंकी’ की और अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई, उस कारण कोरोना वायरस की दूसरी लहर आई। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को कोरोना से होने वाली मौतों को लेकर ‘झूठ बोलने’ की बजाय सच्चाई देश को बतानी चाहिए तथा विपक्ष के सुझावों को सुनना चाहिए कि विपक्ष सरकार का दुश्मन नहीं है।

राहुल गांधी ने डिजिटल संवाददाता सम्मेलन में कहा, ”कोरोना संकट को लेकर हमने एक के एक बाद सरकार को सलाह दी, लेकिन सरकार ने हमारा मजाक बनाया है। प्रधानमंत्री ने समय से पहले यह घोषित कर दिया कि कोरोना को हरा दिया गया है। सच्चाई यह है कि सरकार और प्रधानमंत्री को कोरोना समझ नहीं आया है और आज तक समझ नहीं आया है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया, ”कोरोना एक बदलती हुई बीमारी है। इस वायरस को जितना समय आप देंगे, जितनी जगह देंगे यह उतना ही खतरनाक बनता जाएगा। मैंने पिछले साल कहा था कि कोरोना को समय और जगह मत दीजिए।”

लॉकडाउन हटाने की प्रक्रिया को शुरू करेंगा दिल्ली

अकांशु उपाध्याय                  

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली ने कुछ हद तक कोविड-19 की दूसरी लहर पर नियंत्रण पा लिया है और दिल्ली अब धीरे-धीरे लॉकडाउन हटाने की प्रक्रिया को शुरू करेेंगा। हालांकि उन्होंने कहा कि वायरस के खिलाफ जंग अभी समाप्त नहीं हुई है। 

मुख्यमंत्री ने कहा ”दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की शुक्रवार को हुए एक बैठक में यह फैसला लिया गया कि लॉकडाउन धीरे-धीरे हटाया जाएगा। इस प्रक्रिया में हमें निचले वर्ग – दिहाड़ी मजदूर, श्रमिकों, प्रवासी कामगारों का सबसे पहले ध्यान रखना होगा।” केजरीवाल ने कहा कि फैसला किया गया है कि कारखानों को खोला जाएगा और निर्माण गतिविधियों को अनुमति दी जाएगी।

अलीगढ़: जहरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौंत

हरिओम उपाध्याय             

अलीगढ़। यूपी में आबकारी विभाग और क्षेत्रिय पुलिस की लापरवाही के चलते जहरीली शराब का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। यही कारण है, हर दर्जनों के मौतों के बाद सिस्टम सोया रहता है। ताजा मामला यूपी के अलीगढ़ का है। जहां जहरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौत हो गयी हैं। वहीं इस घटना की जानकारी होते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी ​डीएम व आबकारी विभाग समेत गृह विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकर लगाते हुए रिपोर्ट तलब की है। 

गौरतलब है कि अलीगढ़ लोधा थाना क्षेत्र के गांव करसुआ में शराब पीने से 14 लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही दस से अधिक लोगों की हालत गंभीर है। इन सभी ने गरुवार को शराब खरीदी थी। देर शाम इन सभी ने शराब का सेवन किया। इसके बाद से इनकी हालत बिगडऩे लगी। पुलिस ने शराब ठेका अपने कब्जे में ले लिया है। जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों ने बताया है कि शराब के सेवन के बाद जान गंवाने वालों ने गांव ही ठेके से शराब खरीद कर पी थी। मृतकों में दो करसुआ में एचपी गैस बॉटलिंग प्लांट के ड्राइवर हैं।

यूके: कोरोना नियंत्रण कन्ट्रोल रूम सत्यापित कियें

पंकज कपूर                 
हल्द्वानी। जनपद में ग्राम स्तर तक संघन कोरोना टेस्टिंग बढाने के साथ वैक्सीनेशन कराने हेतु जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल बेहद संजीदा है। ग्रामवार रोस्टर बनाकर कोविड जांच की जा रही है तथा कोरोना दवा किट वितरित किये जा रहे है। चिकित्सालयों में जनता को और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके इसके लिए भी श्री गर्ब्याल बेहद गम्भीर है। उन्होने कोविड संक्रमण बचाव, सहायता, परामर्श हेतु जनपद स्तर के साथ ही प्रत्येक विकास खण्ड में कोरोना नियंत्रण कन्ट्रोल रूम सत्यापित किये गये है। उन्होनेे जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की जानकारी- परामर्श ब्लाक स्तर पर संचालित कन्ट्रोल रूम से ले सकते है।

परीक्षा संबंधित याचिका पर सुनवाई करेंगा एससी

अकांशु उपाध्याय              

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि देश भर में कोविड-19 मामलों में वृद्धि के मद्देनजर 12वीं की परीक्षा रद्द करने के निर्देश देने के अनुरोध वाली याचिका पर वह 31 मई को सुनवाई करेगा। यह मामला सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी की पीठ के समक्ष आया था।

सुनवाई की शुरुआत में, पीठ ने याचिकाकर्ता ममता शर्मा से पूछा कि क्या उन्होंने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील को याचिका की प्रति दी है या नहीं। याचिकाकर्ता ने जब कहा कि वह मामले के पक्षों को प्रति सौंपेंगी तो पीठ ने कहा, “आप यह करें। हम इस पर सोमवार (31 मई) को सुनवाई करेंगे।”

24 घंटे में 2 लाख से कम 1,86,364 नए मामलें मिलें

अकांशु उपाध्याय              

नई दिल्ली। भारत में इस महीने दूसरी बार 24 घंटे में दो लाख से कम 1,86,364 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2,75,55,457 हो गई। देश में 44 दिन बाद कोविड-19 के इतने कम नए मामले सामने आए हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण से 3,660 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 3,18,895 हो गई।

आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक कुल 33,90,39,861 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है, जिनमें से 20,70,508 नमूनों की जांच बृहस्पतिवार को की गई। देश में नमूनों के संक्रमित आने की दर भी कम होकर नौ प्रतिशत हो गई थी। पिछले चार दिनों से यह 10 प्रतिशत से कम है। संक्रमण की साप्ताहिक दर भी कम होकर 10.42 प्रतिशत हो गई है।

ब्लैक फंगस की चपेट में आएं 150 से अधिक लोग

पंकज कपूर            
देहरादून। उत्तराखंड में कोरोनावायरस कोविड-19 के प्रकोप के बाद अब ब्लैक फंगस के भी रोजाना मामले सामने आने लगे हैं। राज्य में अब तक ब्लैक फंगस से संक्रमित 150 से अधिक लोग सामने आए हैं। जबकि अब तक 14 मरीजों की मौत भी हो गई है। उधर अच्छी खबर यह है कि ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए एंफोटरिसन इंजेक्शन की कमी दूर हो गई है।राज्य को 15000 इंजेक्शन मिल चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक देहरादून जिले में ब्लैक फंगस के साथ और मरीज मिले हैं। जबकि 2 मरीजों ने इलाज के दौरान दम तोड़ा है। इसके अलावा देहरादून नैनीताल उधम सिंह नगर जिले में ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या 155 हो गई है। जबकि 14 मरीजों की उपचार के दौरान मौत भी हुई है। कोरोनावायरस कोविड-19 में नियंत्रण होने की दशा में कार्य होने के साथ ही ब्लैक फंगस को भी नियंत्रण करना सरकार के लिए चुनौती है।

माफी की मांग को लेकर मानहानि का नोटिस: रामदेव

अकांशु उपाध्याय                   

नई दिल्ली। पतंजलि योगपीठ ने बृहस्पतिवार को पुष्टि की कि एलोपैथी चिकित्सा पद्धति पर टिप्पणी के संबंध में योग गुरु रामदेव से माफी की मांग को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की ओर से उसे एक मानहानि नोटिस मिला है। योगपीठ ने कहा कि वह कानूनी तरीके से इसका ‘करारा जवाब’ देगी। पतंजलि योगपीठ के महासचिव आचार्य बालकृष्ण ने इसकी पुष्टि की और कहा, ”हम उन्हें उसी कानूनी रूप से करारा जवाब देंगे, जैसा कि हम अपनी महान मातृभूमि और मानवता की सेवा करते हुए जिस तरह से सब कुछ करते हैं।”

हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ ने यह भी कहा कि पतंजलि सारी गतिविधियां वैज्ञानिक और सत्यता को ध्यान में रखकर करता है और वह किसी को भी ऋषियों और शास्त्रों के महान ज्ञान और विज्ञान की उपेक्षा, अनादर और अपमान नहीं करने दे सकता।

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प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण 

1. अंक-286 (साल-02)
2. शनिवार, मई 29, 2021
3. शक-1984, ज्येठ, कृष्ण-पक्ष, तिथि- तीज, विक्रमी सवंत-2078।
4. सूर्योदय प्रातः 05:55, सूर्यास्त 07:08।
5. न्‍यूनतम तापमान -13 डी.सै., अधिकतम-34+ डी.सै.। बरसात की संभावना बनी रहेगी।
6.समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है। सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा। सभी पद अवैतनिक है।
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