शुक्रवार, 20 मार्च 2020

खनन का सच, पत्रकार पर मामला दर्ज

सच्चाई को दबाना हो गया है आसान , आखिर जिम्मेदारों के द्वारा कब तक किया जाएगा पत्रकारों का शोषण 


कलम के सिपाही पर दर्ज किया गया फर्जी मुकदमा


कौशाम्बी। लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहे जाने पत्रकारों को अब सच्चाई लिखना लोहे के चने चबाने के बराबर हो गया है। जिस सच्चाई को दबाने के लिए ज्ञातव्य हुआ कि प्रशासन के द्वारा उन पर फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया गया है, जो सरासर सच्चाई को एक तमाचा मारने के बराबर साबित हो रहा है। जनपद में ऐसी कई घटनाएं हो चुकी है, जिससे सभी पत्रकारों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। अगर समय रहते इसपर ध्यान नहीं दिया गया तो इसके लिए शासन से लिखित शिकायत करने को सभी पत्रकारों ने हुंकार भर लिया है।


सियाराम सिंह 


जमात के साथ नहीं पढ़ी जुमे की नमाज

शिया जामा मस्जिद चक,मस्जिद बीबी खदीजा करैली में नहीं पढ़ी गई जमात के साथ जुमे की नमाज़


शहर की सभी अहले सुन्नत मस्जिदों में जमात के साथ जुमे की नमाज़ हुई।


प्रयागराज। उम्मुल बनीन सोसाईटी के महासचिव अस्करी के मुताबिक़ लखनऊ के शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद नक़वी साहब की पहल पर प्रयागराज के चक स्थित शिया जामा मस्जिद में मौलाना हसन रज़ा ज़ैदी ने प्रातः मैसेज भेज कर लोगों को आगाह कर दिया था की इस जुमा और अगले जुमा को जामा मस्जिद चक में बा जमात नमाज़ नहीं अदा की जाएगी उनहोने कोरोना वॉयरस के महामारी का रुप ले लेने को आधार मानते हुए। लोगों से सतर्कता बरतने का भी आहवाहन किया।वहीं करामत की चौकी करैली में मस्जिद बीबी खदीजा मे मौलाना रज़ी हैदर साहब की क़यादत में होने वाली जुमे की नमाज़ को मुलतवी कर घरों में नमाज़ अदा करने की हिदायत दी।मस्जिद के केयर टेकर आमिर रिज़वी ने भी प्रातः ही लोगों को इस सम्बन्ध मे मैसेज द्वारा आगाह कर दिया था।वहीं शहर की तक़रीबन सभी अहले सुन्नत मस्जिदों मे बा जमात नमाज़ पढ़ाई गई।बहादुरगंज साबुनगढ़ मस्जिद में क़ारी फैज़ान साहब ने नमाज़ अदा कराने के बाद अपने खुतबे में कोरोना वॉयरस से लोगों को बचने के लिए ऐहतीयात बरतने के साथ साफ सफाई व मास्क लगाने की ताकीद की।अटाला के मोमिनपुर,तकिया करीम शाह,मक़बरे वाली मस्जिद,दायरा शाह अजमल की मस्जिद,रौशनबाग़ की शाह वसीउल्ला मस्जिद,बैदन टोला लतर वाली मस्जिद बख्शी बाज़ार,करामत की चौकी अबुल हसन,मस्जिद अबु हुरैरा,मस्जिद अबुबकर सहित अकबरपुर,नखास कोहना सब्ज़ी मण्डी,बरनतला,स्टेशन रोड,दरियाबाद,रसूलपुर आदि जगहों पर सभी सुन्नत जमात मस्जिदों मे पूर्व की भांति बा जमात नमाज़ ए जुमा अदा की गई।


 बृजेश केसरवानी


सपाः दो-तिहाई सीटों से सरकार गठन

वाराणसी। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की स्वीकृति से प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल द्वारा नवनियुक्त जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़ पहलवान के प्रथम वाराणसी आगमन पर बुधवार को कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया।


पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार पूर्वाह्न 11 बजे सड़क मार्ग द्वारा वाराणसी पहुँचने पर कार्यकर्ताओं ने नवनियुक्त जिलाध्यक्ष को फूल मालाओं से लाद दिया। इस दौरान बाबतपुर, हरहुआ, चक्का, पांचों शिवाला, रामेश्वर, जंसा, अकेलवा, कोरौता व लोहता आदि प्रमुख चौराहों पर जुटे कार्यकर्ताओं ने माला पहनाकर गर्मजोशी से नारे लगाकर स्वागत किया। पूरे सड़क मार्ग पर जगह जगह स्वागत द्वार बनाये गए थे। कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए नवनियुक्त जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़ पहलवान ने कहा कि आगामी 2022 में दो तिहाई बहुमत से सरकार के गठन के लक्ष्य को लेकर बूथ स्तर तक मजबूत संगठन का निर्माण किया जायेगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी विचारधारा के तहत समाज के अंतिम व्यक्ति तक को समायोजित करते हुए विकास व जनता के जायज मुद्दों पर चरणबद्ध आंदोलन चलाया जायेगा। आगामी 22 मार्च को तहसील मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन व ज्ञापन से आन्दोलन का शुरुआत होगा तथा 23 मार्च से समाजवादी कार्यकर्ता गाँव गाँव साइकिल यात्रा निकाल कर नेतृत्व का संदेश हर व्यक्ति तक पहुँचायेगें।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप अब्दुल समद अंसारी(पूर्व विधायक), महेन्द्र सिंह पटेल(पूर्व विधायक), आनन्द मोहन उर्फ गुड्डू यादव, राजेश यादव नत्थू (पूर्व प्रदेश सचिव), आनन्द मौर्य, संजय यादव पूर्व प्रमुख, मनीष सिंह, गोपाल यादव, प्रवेश पटेल ब्लॉक प्रमुख, कमलेश यादव, सुजीत पांडेय शमशेर, शिवपूजन पाल समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।


यूपी में वायरस पॉजिटिव संख्या-8

लखनऊ में कोरोना के चार नए मामले, शहर में कोविड-19 पॉजिटिव की संख्या हुई 8


लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनाधी लखनऊ में कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। शुक्रवार को चार और लोगों में कोरोना वायरस पाए जाने की पुष्टि हुई है। इस तरह लखनऊ में अब तक आठ लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। वहीं लखीमपुर खीरी के कोराना वायरस से पीड़ित युवक का इलाज भी लखनऊ में ही चल रहा है। लखनऊ में गुरुवार को भी दो और लोग संक्रमण की चपेट में आ गए थे। ये दोनों मरीज विदेशों से यात्रा कर लौटे थे। इन्हें केजीएमयू में भर्ती कराया गया। इस समय केजीएमयू में नौ मरीज भर्ती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि सभी मरीजों की हालत स्थिर बनी हुई है।
गोमतीनगर निवासी युवक सोमवार को लंदन की यात्रा कर लौटा था। बुधवार को युवक को सर्दी-जुकाम और सूखी खांसी हुई। कोरोना के शंक में जांच कराई गई। जांच में संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद युवक को केजीएमयू के आईसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया। दूसरा मरीज लखीमपुर खीरी स्थित मैगलगंज कस्बे का है। 57 साल के बुजुर्ग आठ मार्च को टर्की की यात्रा कर लौटे थे। सर्दी-जुकाम और बुखार हुआ। कोरोना की आशंका में जांच कराई गई। जांच में संक्रमण का पता चला। 28 में 20 नमूनों में संक्रमण नहींः केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह के मुताबिक संक्रमण की पुष्टि के बाद दोनों मरीजों को आईसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया गया है। पहले से तीन मरीज भर्ती हैं। सभी मरीजों की तबीयत स्थिर है। उन्होंने बताया कि कुल 28 नमूने जांच के लिए माइक्रोबायोलॉजी विभाग भेजे गए। इनमें छह नमूनों की जांच अभी भी चल रही है। 20 लोगों के नमूने जांच में नेगेटिव पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि आठ संदिग्ध लोगों को भर्ती किया गया है। 14 यात्री कोरेंटाइन में रखे गएः लोकबंधु अस्पताल के निदेशक डॉ. डीएस नेगी ने बताया कि बुधवार को कोरोना वायरस की आशंका में जिसे भर्ती किया गया था। जांच रिपोर्ट संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। लिहाजा गुरुवार को उसकी छुट्टी कर दी। उन्होंने बताया कि 14 यात्रियों को लोकबंधु अस्पताल के क्वारंटाइन वार्ड में रखा गया है। ज्यादातर की उम्र 60 साल के ऊपर है। ज्यादातर यात्री ओमान की यात्रा कर लौटे हैं। 20 डॉक्टर व कर्मचारी क्वारंटाइनः केजीएमयू में रेजिडेंट डॉक्टर में संक्रमण की पुष्टि के बाद उसके संपर्क में आए 20 चिकित्सक व कर्मचारियों को क्वारंटाइन वार्ड में रखा गया है। अच्छी बात यह है कि सभी डॉक्टर व कर्मचारी सेहतमंद हैं। फोन पर ये सभी डॉक्टर-कर्मचारी दूसरी टीम को इलाज संबंधी जानकारी दे रहे हैं।


निर्भया केस की पुनरावृति नहीं होगी

सब संकल्प लें कि अब दूसरी निर्भया नहीं होने देंगे: दोषियों को फांसी के बाद बोले अरविंद केजरीवाल


नई दिल्ली। देश को झकझोर देने वाले निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले के चारों दोषियों विनय शर्मा (26), मुकेश सिंह (32), अक्षय ठाकुर (31) और पवन गुप्ता (25) को शुक्रवार तड़के पांच बजकर 30 मिनट पर यहां तिहाड़ जेल में फांसी दी गई। सभी दोषियों को फांसी की सजा होने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि निर्भया की पहले वहशियाना तरीके से इज्जत लूटी गई और उसके बाद उसका कत्ल कर दिया गया।


पिछले सात साल से पूरा देश इसके खिलाफ न्याय की उम्मीद में बैठा था। आज निर्भया के दोषियों को फांसी हुई है। सात साल लग गए इसमें मुझे लगता है कि आज वो दिन है कि हम सबको मिलकर संकल्प करने की जरूरत है कि दूसरी निर्भया अब नहीं होनी चाहिए। 
केजरीवाल ने कहा कि हमने देखा कि पिछले कुछ महीनों से किसी तरह से फांसी की सजा मिलने के बाद भी पूरे सिस्टम को इन लोगों ने किस तरह से घुमाया और हर बार फांसी की सजा मिलती थी और टल जाती थी। हमारे सिस्टम में बहुत सी कमियां है जोकि गलत काम करने वालों को प्रोत्साहन देती है कि जो मर्जी करो कुछ नहीं होगा और केस लटकते रहेंगे। तो मुझे लगता है कि आज का दिन है कि हम सबको मिलकर संकल्प लेना चाहिए कि अब इस देश में दूसरी निर्भया नहीं होने देंगे और इसके लिए हमें कई स्तरों पर काम करने की जरूरत है। हमें पुलिस का सिस्टम ठीक करने की जरूरत है। कोई महिला पुलिस में जाती है तो उसकी एफआईआर दर्ज नहीं की जाती, जिसने गलत काम किया होता है उसकी शय पर पीड़िता को तंग किया जाता है। उसे ठीक करने की जरूरत है। 


2650 दिन बाद निर्भया को मिला इंसाफ, चारों दोषी फांसी के फंदे पर झूले
उन्होंने कहा कि पुलिस की इंवेस्टिगेशन प्रणाली को ठीक करने की जरूरत है ताकि जल्दी से जल्दी जांच हो। ज्यूडिशल सिस्टम ठीक करने की जरूरत है ताकि सात-सात साल ना लगे, छह महीने में फांसी हो। उन्होंने कहा कि पुलिस और कानून तो हमारी पास नहीं है लेकिन हमारी जितनी जिम्मेदारी हमें करने की जरूरत है। वो सारे कदम उठाने की जरूरत है कि महिलाएं अपने आपको सुरक्षित महसूस कर सके। पूरी दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे हमने लगाने है और लग रहे हैं। दिल्ली में जहां-जहां डार्क स्पॉट है वहां-वहां स्ट्रीट लाइट लगाने की जरूरत है। दिल्ली सरकार ने बसों में मार्शल की नियुक्ति की है, जितने काम है हमें करने की जरूरत है। हमें ऐसा सिस्टम बनाने की जरूरत है कि ताकि दूसरी निर्भया ना हो सके। 
दिल्ली के सीएम ने कहा कि निर्भया का मामला एक उदाहरण है कि हमारे कानून में कितनी कमियां है जोकि दोषियों को मदद करती है जो पीड़ित को न्याय दिलाने में कितनी देरी करती हैं। हमें बैठकर इन्हें ठीक करना होगा।
तिहाड़ जेल के महानिदेशक संदीप गोयल ने बताया कि चारों दोषियों को ठीक 5:30 बजे फांसी पर लटकाया गया और करीब 6 बजे यानी आधे घंटे बाद चारों को डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित कर दिया गया। जेल प्रशासन सूत्रों के अनुसार चारों दोषियों को एक साथ फांसी पर लटकाया गया और इसके लिए जेल नंबर-3 की फांसी कोठी में दो तख्तों पर चारों को लटकाने के लिए चार हैंगर बनाए गए थे। इनमें से एक का लीवर मेरठ से आए जल्लाद पवन ने खींचा तथा दूसरे लीवर को जेल स्टाफ ने खींचा।
'मां मुझे नहला दो, उन जानवरों की गंदी छुअन को धोना चाहती हूं'


शुक्रवार तड़के चारों को इनके सेल से जगाया गया हालांकि, चारों में से कोई भी सोया नहीं था। इसके बाद सुबह की जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद इनसे नहाने को कहा गया। इसके बाद इनके लिए चाय मंगाई गई लेकिन किसी ने चाय नहीं पी। इसके बाद उनसे आखिरी इच्छा पूछी गई और फिर सेल से बाहर लाने से पहले चारों को काला कुतार्-पजामा पहनाया गया तथा हाथ पीछे की ओर बांध भी दिए गए थे। फांसी के बाद निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि आज वह बहुत खुशी महसूस कर रही हैं क्योंकि उनकी बेटी को आखिरकार इंसाफ मिल गया। उन्होंने कहा कि निर्भया की मां होने के नाते आज वह गर्व महसूस कर रही है। सात साल पहले जो घटना हुई उससे लोग और देश शर्मसार हुआ था लेकिन आज न्याय मिला है। निर्भया के पिता ने कहा कि देर से ही सही उनको न्याय मिला। उन्होंने कहा कि उन्होंने एक पिता होने का कर्त्तव्य निभाया है। इंसाफ के लिए दर दर की ठोकरें खाई है लेकिन आखिरकार इंसाफ मिला।


डीएमआरसी ने संचालन के नियम बदले

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के के चलते दिल्ली मेट्रो में भी बड़े बदलाव किए हैं। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने ट्वीट गुरुवार रात इन बदलावों की जानकारी दी है। मेट्रो में जाने से पहले इन दिशा-निर्देशों की जानकारी बहुत जरूरी है। डीएमआरसी ने कहा है कि मेट्रो और स्टेशन पर लोग एक दूसरे से करीब 1 मीटर का फासला रखें। मेट्रो में खड़े यात्री सफर नहीं कर सकेंगे। जो यात्री मेट्रो में सफर करेंगे उन्हें एक सीट छोड़कर बैठना होगा। 


मेट्रो स्टेशनों पर थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी अगर किसी यात्री में कोरोना के लक्षण दिखाई देते हैं तो उन्हें सीधा जांच के लिए या क्वारंटाइन के लिए भेजा जाएगा। जिन स्टेशनों पर ज्यादा भीड़ होगी वहां ट्रेनें नहीं रुकेंगी, जिन स्टेशनों पर जहां यात्रियों के बीच 1 मीटर से ज्यादा की दूरी नहीं होगी वहां भी मेट्रो नहीं रुकेगी ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी हालात के हिसाब से बदल सकती है। मेट्रो में यात्रा करने और परिसर में मौजूद रहने के दौरान यात्रियों को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए समय-समय पर जारी की गई सलाह का पालन करना होगा कोई भी यात्री जिसमें कोरोना वायरस से मिलते जुलते लक्षण दिखाई दे रहे हैं उन्हें मेट्रो या अन्य सार्वजनिक परिवहन से यात्रा न करने की सलाह दी जाती है सभी यात्री कोरोना वायरस से लड़ने में सरकार और प्रशासन का सहयोग करें।


वायरस के खिलाफ जंग में हम एक-साथ

रायपुर। कोरोना का पहला पॉजिटिव केस सामने आने के बाद पूरे राज्य में अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्रशासन रोकथाम और बचाव के लिए जरूरी कार्रवाई कर रही है। वहीं, दूसरी ओर पीएम मोदी ने आज कोरोनावायरस को लेकर देश के नाम एक संदेश दिया। पीएम मोदी के संबोधन पर प्रदेश के मुखिया सीएम भूपेश बघेल ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। सीएम भूपेश बघेल ने कहा है कि कोरोनावायरस के खिलाफ जंग में हम आपके साथ हैं।


सीएम भूपेश बघेल ने ट्वीट कर लिखा है कि प्रधानमंत्रीजी द्वारा देश को दिया गया संदेश महत्वपूर्ण है। मैं छत्तीसगढ़ प्रदेश की तरफ से केंद्र सरकार एवं प्रधानमंत्री जी को विश्वास दिलाता हूं कि COVID-19 संक्रमण से लड़ने के लिए उनके द्वारा उठाए और सुझाए गए प्रत्येक कदम का हम सब समर्थन करेंगे। जय हिंद! माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा देश को दिया गया संदेश महत्वपूर्ण है। मैं छत्तीसगढ़ प्रदेश की तरफ से केंद्र सरकार एवं प्रधानमंत्री जी को विश्वास दिलाता हूँ कि COVID-19 संक्रमण से लड़ने के लिए उनके द्वारा उठाए और सुझाए गए प्रत्येक कदम का हम सब समर्थन करेंगे। गौरतलब है कि पीएम मोदी ने देश के नाम संदेश देते हुए कहा है कि कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि ये मत सोचिए कि सबकुछ ठीक है। वैश्विक महामारी से निश्चिंत होने की ये सोच ठीक नहीं है। मैं आज 130 करोड़ देशवासियों से ये मांगने आया हूं। मुझे आपके आने वाले कुछ सप्ताह चाहिए। मैं आपका समय मांगता हूं। विज्ञान अभी तक इसकी कोई दवाई या टीका नहीं बना पाया है। हर भारतवासी को सतर्क रहना जरूरी है।


एचसीः तीन जनपदों में अदालत बंद

प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए नित नए अहम आदेश दे रहा है। हाई कोर्ट ने अब प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर, संभल, आगरा और लखनऊ के जिला न्यायाधीशों को 28 मार्च तक अदालत को बंद करने का निर्देश दिया है।


इलाहाबाद हाई कोर्ट यह भी आदेश है कि इस दौरान केवल अतिआवश्यक मामले ही सुने जाएंगे। इसके बदले ग्रीष्मकालीन अवकाश के दिनों में अदालत खोली जाएगी। हाई कोर्ट ने चारों जिला न्यायाधीशों से अनुपालन रिपोर्ट भी मांगी है।महानिबंधक की ओर से इन चारों जिला न्यायाधीशों के नाम जारी पत्र में कहा गया है कि हाई कोर्ट की कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने व मानीटरिंग करने की कमेटी के प्रस्ताव के तहत यह आदेश जारी किया गया है। सभी जगह इसका कड़ाई से पालन किया जाए। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश की जेलों में कैद विचाराधीन बंदियों की अदालतों में पेशी पर भी रोक लगा दी है। अब किसी भी जिला अदालत में बंदियों को पेश नहीं किया जाएगा, बल्कि उनकी पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कराने का आदेश जारी किया गया है। हाई कोर्ट ने यह कदम कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए उठाया है। महानिबंधक ने इस संबंध में सभी जिला न्यायाधीशों को आदेश जारी कर दिया है। हाई कोर्ट ने सभी जिला न्यायाधीशों को इसका अनुपालन कड़ाई से करने का निर्देश दिया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट के महानिबंधक की ओर से सभी जिला न्यायाधीशों को जारी आदेश में कहा गया है कि विचाराधीन बंदियों को अदालतों में पेशी पर न भेजा जाए। उनकी पेशी अब वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कराई जाए। प्रदेश के सभी डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेशी कराने का अनुपालन करें। यह भी आदेश है कि यदि वीडियो कांफ्रेंसिंग में समस्या आ रही है तो जिला मुख्यालय की एनआइसी का इसके लिए उपयोग करें। जिला अदालतें जेल के बंदियों की सुनवाई सिर्फ इसी माध्यम से करें।


बृजेश केशरवानी


चीन में भूकंप का तेज झटका, 5.9

तिब्बत। भूकंप के तेज झटके महसूस किये गये जिसके कारण लोग दहशत में हैं। चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र (सीईएनसी) की मानें तो सुबह 09:33 बजे आये भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.9 मापी गयी। आपको बता दें कि कोरोना वायरस के कारण चीन का हाल बेहाल है। इस बीच भूकंप के तेज झटकों ने लोगों के दिलों में भय पैदा कर दिया है। भूकंप के झटके के बाद लोग घरों से बाहर निकल गये और खुले स्थान की ओर भागे।


जानकारी के अनुसार चीन के दूरवर्ती हिमालयी क्षेत्र तिब्बत में शुक्रवार को 5.9 तीव्रता का भूकंप आया। यह क्षेत्र नेपाल के नजदीक है। चीन भूकंप नेटवर्क्स केंद्र के अनुसार, भूकंप का केंद्र 28.63 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 87.42 डिग्री पूर्वी देशांतर पर 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। स्थानीय सरकार ने बताया कि माउंट एवरेस्ट के समीप तिब्बत के शिगात्से शहर की तिंगरी काउंटी में सुबह नौ बजकर 33 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किये गये। भूकंप के कारण मकान ढहने या यातायात और संचार सेवाओं के बाधित होने की कोई खबर नहीं है।


37 वर्ष बाद हाईकोर्ट ने की बहाली

कमलेश शर्मा


बिलासपुर। हाईकोर्ट ने कृषि विभाग के बर्खास्त स्टेनोग्राफर की बर्खास्तगी आदेश को निरस्त कर, बर्खास्तगी दिनांक तक के सभी लाभ देने का आदेश दिया है। याचिकाकर्ता को दिसम्बर 1985 में बर्खास्त किया गया था। जनवरी 1991 में संचालक कृषि विभाग भोपाल ने उनकी अपील खारिज की थी। याचिकाकर्ता एम एल तंबोली की 1965 में कृषि विभाग के अंबिकापुर कार्यालय में स्टेनोग्राफर के पद में नियुक्ति हुई थी। उन्हे 1980 में परमानेंट किया गया। इसके साथ उसे अपग्रेट पे स्केल का लाभ दिया गया। 1985 में उसके खिलाफ शिकायत मिली। याचिकाकर्ता को बिलासपुर कार्यालय में अटैच किया गया एवं विभागीय जांच प्रारम्भ की गयी। उन पर बिना किसी सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने, विभाग के उच्च अधिकारी के आदेश का पालन नही करने, और अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप पत्र देकर जवाब मांगा गया। लेकिन याचिकाकर्ता का पक्ष सुने बिना उसे 31 दिसम्बर 1985 को बर्खास्त किया गया। इसके खिलाफ याचिकाकर्ता ने सिविल सेवा वर्गीकरण , नियँत्रण नियम के तहत विभागीय अपील पेश की। संचालक कृषि भोपाल ने जनवरी 1991 में अपील खारिज कर दिया। इसके खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की। जस्टिस गौतम भादुडी की कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने विभागीय जांच के दूषित होने तथा याचिकाकर्ता का पक्ष सुने बिना बर्खास्त किये जाने को नेचुरल जस्टिस के खिलाफ पाया। कोर्ट ने बर्खास्त करने के आदेश को निरस्त किया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को बर्खास्तगी दिनांक तक का सभी लाभ देने का आदेश दिया है।


बिहार 'भाजपा' की नई टीम का गठन

पटना। बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर शुक्रवार को बीजेपी की नई टीम घोषित की गई है। भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल ने आज अपनी नई टीम का ऐलान किया, जिसमें कई नए लोगों को जगह दी गई है तो वहीं कई लोगों को प्रोमोशन मिला है। साथ ही 20 नेताओं को उपाध्यक्ष बनाया गया है।


बिहार भाजपा की नई टीम में कुल 12 लोगों को प्रदेश का उपाध्यक्ष बनाया गया है, जिसमें अजय निषाद ओम प्रकाश यादव राजेंद्र सिंह राजेंद्र गुप्ता, मिथिलेश तिवारी, राधा मोहन शर्मा, प्रमोद चंद्रवंशी, पिंकी कुशवाहा, नीतीश मिश्रा ,राजेश वर्मा, राजीव रंजन, बेबी कुमारी शामिल हैं।


दिहाड़ी मजदूरों को प्रतिदिन ₹ 1000

लखनऊ। कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज यूपी में आज बड़ा एलान कर सकते हैं।


जानकारी के मुताबिक सीएम योगी प्रदेश के 80 लाख श्रमिकों को बड़ी राहत दे सकते हैं। बताया जा रहा है कि कोरोना वायरस के चलते रोजगार में प्रभावित दिहाड़ी मजदूरों के लिए सीएम योगी 1000-1000 रुपये देने का ऐलान कर सकते हैं।


तीन शातिर चोरों को किया गिरफ्तार

लखीमपुर खीरी। थाना मोहम्मदी पुलिस द्वारा वाहन चोर गिरोह का खुलासा करते हुए 3 शातिर अभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार, चोरी की 02 मोटरसाइकिल बरामद की। पुलिस अधीक्षक महोदया खीरी के कुशल निर्देशन व मार्गदर्शन में सम्पूर्ण जनपद में वाहन चोरी की घटनाओं पर नियंत्रण व शातिर वाहन चोरों की गिरफ्तारी हेतु चलाये जा रहे अभियान के दौरान थाना मोहम्मदी पुलिस द्वारा कठिना मोड़ के पास से 3 शातिर अभियुक्तों नीरज कुमार पुत्र रामभरोसे नि0 हरीनगर थाना मोहम्मदी जनपद खीरी, छोटेलाल पुत्र रामऔतार नि0 हरीनगर थाना मोहम्मदी जनपद खीरी व विष्णु पुत्र जसकरन लाल नि0 हरीनगर थाना मोहम्मदी जनपद खीरी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे सें 2 मोटरसाइकिल हीरो स्पलेन्डर प्लस बरामद की गयी है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार अभियुक्त शातिर किस्म के अपराधी हैं जिनके द्वारा वाहन चोरी करके अवैध रूप से बेचकर धनोंपार्जन किया जाता है।


रिपोर्ट- हरिओम सिंह


विदेशों से आने वालों से सख्ती से निपटें

भारत चौहान


नई दिल्ली। कोरोना प्रभावित देशों से वापस भारत आने वालों के साथ अब सख्ती से भी निपटा जा सकता है। बुधवार को यहा निर्माण भवन में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के उच्च अधिकारियों ने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक में फैसला लिया है कि विदेश से आने वाले भारतीयों का पासपोर्ट जब्त कर लिया जाए। इन्हें पासपोर्ट 14 होम कोरेन्टाइन पूरे होने के बाद ही दिया जाएगा।


यात्रियों का पासपोर्ट अब एयरपोर्ट पर ही जमा हो जाएगा। कुछ दिनों पहले महाराष्ट्र में कोरोना वायरस का एक मरीज जांच के दौरान भाग गया था। वहीं दिल्ली में भी एक मरीज सैंपल देने के बाद देश छोड़कर ही चला गया। इसकी रिपोर्ट में वायरस की पुष्टि हुई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के विशेष सचिव संजीव कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया कि यात्रियों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया तैयार किया जाएगा। इसके तहत नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरपोर्ट प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि कोरोना वायरस प्रभावित देशों से भारत आ रहे यात्रियों की गंभीरता से स्क्रीनिंग की जाए। स्क्रीनिंग के बाद ही यात्री इमीग्रेशन काउंटर तक पहुंच सकते हैं। यहां पर यात्रियों को पासपोर्ट के साथ सेल्फ रिपोर्टंिग फार्म भरकर देना होगा। पूरी जांच के बाद पासपोर्ट सुरक्षा के लिए बनाए गए टीम के लीडर को सौंप दिया जाएगा। उसके बाद यात्रियों को कोरोना वायरस की जांच के लिए पूरी जांच करवानी होगी। इस दौरान उनका पासपोर्ट चीफ मेडिकल ऑफिसर को सौंप दिया जाएगा। जांच के दौरान जिनमें कोरोना वायरस के लक्षण दिखाई देंगे उन्हें उपचार के लिए भेजा जाएगा। वहीं जिनकी स्थिति बेहतर होगी उन्हें होम कोरेन्टाइन में भेज दिया जाएगा। पुष्टि होने के बाद पासपोर्ट के साथ घर जाने दिया जाएगा।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विदेश से भारत लौट रहे यात्रियों पर नजर बनाए रखने के लिए पांच लोगों की टीम बनाई जाएगी। इसमें सीआईएसएफ के अलावा दिल्ली पुलिस सहित अन्य तीन लोग होंगे। सीआईएसएफ के अधिकारी इस टीम की निगरानी रखेंगे। इस टीम की जिम्मेदारी 30-30 यात्रियों के ग्रुप पर नजर बनाए रखना होगा। वहीं एयरपोर्ट से बाहर निकलने के बाद इन्हें मेडिकल अधिकारी को सौंप दिया जाएगा। जहां से सर्विलांस सिस्टम के साथ हर यात्री पर नजर रखी जाएगी।
कोरेन्टाइन सुविधाओं को देखने हर दिन जाएगी टीम:
कोरोना प्रभावित देशों से भारत आने वाले यात्रियों को कोरेन्टाइन में मिलने वाली सुविधाओं को देखने के लिए हर दिन टीम दौरा करेगी। बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. हषर्वर्धन ने एक बैठक में ये निर्णय लिया। स्वास्थ्य मंत्री ने नियमित तौर पर कोरेन्टाइन केन्द्रों के निरीक्षण और निगरानी के लिए भेजे जाने वाले दलों को निर्देश दिया कि वहां आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं, इसकी जांच की जाए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वे स्वयं हर दिन इसकी समीक्षा करेंगे ताकि आवश्यकतानुसार सुधार लाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि वे संबंधित राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के साथ भी स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। डा. हषर्वर्धन ने संकट प्रबंधन के माध्यम के रूप में प्रभावी संचार को महत्वपूर्ण बताते हुए मल्टी मीडिया प्रचार अभियान एहतियाती उपाय, भ्रम दूर करने, दिशा-निर्देशों, परामशरे और जांच प्रयोगशालाओं की सूचना जन-जन तक पहुंचाने पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।
हर मंत्रालय के अधिकारियों का मिल रहा है सहयोग:
बैठक के प्रारंभ में केन्द्रीय मंत्री ने विभिन्न मंत्रालयों के केंद्रीय स्तर, राज्यों के स्तर और भारतीय दूतावास के समन्वित प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सक्रिय निगरानी, प्रभावी रूप से संपर्कों का पता लगाने और कोविड-19 को नियंतण्रमें करने की उनकी तैयारियों की प्रशंसा भी की। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने ओपीडी ब्लॉक, जांच किट की उपलब्धता, निजी बचाव उपकरण- पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट, दवाओं और पर्याप्त आइसोलेशन वार्ड की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सभी स्वास्थ्य कर्मिंयों के लिए प्रोटेक्टिव गियर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के अस्पतालों को निर्देश दिए। उन्हें बताया गया कि मांग के अनुसार निर्धारित स्थानों तक पहुंचाए जा रहे हैं।


सुनील राठी की कड़ी सुरक्षा में पेशी

नई दिल्ली। मुन्ना बजरंगी हत्याकांड का आरोपित सुनील राठी कड़ी सुरक्षा में तिहाड़ जेल से कोर्ट में पेश हुआ। कोर्ट में पेशी के बाद दिल्ली पुलिस आरोपित को वापस ले गई। गुरुवार को तिहाड़ जेल से दिल्ली पुलिस कड़ी सुरक्षा में सुनील राठी को बागपत कोर्ट लेकर पहुंची। पुलिस ने मुन्ना बजरंगी हत्याकांड की न्यायिक जांच में बयान दर्ज कराने के लिए सुनील राठी को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया, लेकिन अदालत में न्यायिक अधिकारी की तैनाती न होने के कारण बयान दर्ज नहीं हो सके। फिर पुलिस राठी को गैंगस्टर एक्ट के केस में पेशी पर एडीजे/एफटीसी प्रथम मिताली गोविंद राव की अदालत लेकर गई। कोर्ट में पेशी होने के बाद पुलिस उसको वापस गाड़ी में लेकर पहुंची। दोनों अदालत ने अगली तिथि 30 मार्च नियत की है। इसके बाद सुनील राठी को पुलिस कड़ी सुरक्षा में दिल्ली ले गई।माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी हत्याकांड की न्यायिक जांच में बयान दर्ज कराने के लिए बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह को सीजेएम अदालत में आना था, लेकिन सीमा सिंह नहीं पहुंची।कचहरी में कुख्यात सुनील राठी ने कहा कि उनका परिवार वर्ष 1980 से समाज सेवा की राजनीति कर रहा है। वहीं बागपत के विधायक योगेश धामा खनन-पट्टे की राजनीति कर रहे है, जरूरी है कि वह समाज सेवा करें। उनके रिश्तेदार बदरखा में बालू खनन का पट्टा लेकर एक नंबर में कार्य कर रहे है। कोई अपराध नहीं कर रहे है। सरकार को करोड़ों राजस्व के जमा कराते है। सत्ता के प्रभाव में विधायक योगेश धामा अवैध खनन का आरोप लगाकर गलत जांच करा रहे है। गौरतलब है कि बागपत विधायक योगेश धामा की शिकायत पर बदरखा में अवैध खनन पकड़ गया और पट्टाधारक के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने व 3.90 करोड़ का जुर्माना लगने की कार्रवाई हुई है।


डीएम ने मेडिकल स्टोरों पर मारा छापा

संबंधित अधिकारियों ने प्रतिष्ठानों एवं मेडिकल स्टारों पर मारा छापा


नैनीताल। कोरोना वायरस को लेकर लोगों में व्याप्त भय का फायदा उठाकर मास्क एवं सेनीटाइजर की कालाबाजारी की संभावनाओं को नकारा नहीं जा सकता। प्रशासन को विभिन्न माध्यमों से जानकारी मिल रही है कि कुछ कारोबारी मास्क एवं सेनीटाइजर की कालाबाजारी कर रहे हैं और एमआरपी से ज्यादा दामों पर बिक्री कर रहे हैं।


जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में सरोवर नगरी में अधिकारियों ने औचक छापेमारी कर 21 प्रतिष्ठानों एवं मेडिकल स्टोर पर छापेमारी कार्रवाही की। छापेमारी कार्रवाही में जिला पूर्ति अधिकारी मनोज कुमार बर्मन, औषधि निरीक्षक मीनाक्षी बिष्ट, तहसीलदार भगवान सिंह चौहान, पूर्ति निरीक्षक राहुल डांगी शामिल रहे। 


अधिकारियों ने इंदिरा फार्मेसी, कैलाश आयुर्वेदिक, गंगाोला कैमिस्ट, राजू किराना स्टोर, गुरूवचन सिंह एण्ड ब्रदर्स होल सेलर, गुप्ता गिफ्ट इम्पोरियम, फॉर सीजनस् शॉप, पॉपुलर फार्मेसी, मधुर मिलन गिफ्ट सेंटर, कृष्णा स्टोर, हिमानी मेडिकोज, गुलाटी गिफ्ट हाउस, एसके साह एण्ड ब्रदर्स, दीप कन्फेक्शनरी, संजीवनी मेडिकल स्टोर, जनता मेडिकल स्टोर, प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र बीडी पाण्डे रोड, मोहन को केमिस्ट, दि केमिस्ट, मेडिकल कॉर्नर तथा राम सिंह संत सिंह मेडिकल स्टोर में सेनीटाइजर एवं मास्क स्टॉक की गहनता से चैकिंग की। इंदिरा फार्मेसी पर केवल 8 डिस्पोजेबल फैस मास्क पाये गए, अधिकॉश प्रतिष्ठानों पर स्टॉक निल पाया गया। राजू किराना स्टोर पर सेनीटाइजर के 15 पीस मिले। अधिकारियों ने प्रतिष्ठान स्वामियों को सचेत किया कि मास्क व स्टॉक का विधिवत अंकन करें तथा बिक्री के साथ कैश मेमों भी उपलब्ध कराया जाए तथा बिक्री का रिकोर्ड भी रखा जाये।  जिलाधिकारी श्री बंसल ने कहा है कि संक्रमण के दौरान कोई भी कारोबारी सेनीटाइजर एवं मास्क की कालाबाजारी न करे। जिले में चैकिंग अभियान निरन्तर जारी रहेगा। संक्रमण से संबंधित सेनीटाइजर एवं मास्क की कालाबाजारी करने वालों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 विभिन्न धाराओं के अन्तर्गत कार्रवाही अमल में लाई जाएगी।


खौफः रेलवे ने 750 ट्रेन की रद्द

नई दिल्ली। भारतीय रेल ने कोरोना के कहर की वजह से कई स्पेशल ट्रेन और कई पैसेंजर ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है। रेलवे ने आज 750 से ज्यादा ट्रेनें कैंसिल की हैं। जिसमें शताब्दी, जनशताब्दी सुपरफास्ट, एक्सप्रेस, पैसेंजर गाड़ियों के साथ कुछ स्पेशल ट्रेनों को भी रद्द किया गया है।


रेलवे की ओर से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक 20 मार्च को जो ट्रेनें कैंसिल की गई हैं। उसमें महाराष्ट्र, बिहार, कोलकाता, हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलुरू, पुणे समेत कई राज्यों को जाने वाली प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं। भारतीय रेलवे की ओर से प्रतिदिन कैंसिल ट्रेनों की लिस्ट जारी की जाती है। जिसमें विभिन्न कारणों से रद्द की गई गाड़ियों की जानकारी मिलती है। रेलवे ने 31 मार्च तक सैकड़ों ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है, वहीं रेल मंत्रालय ने कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए ट्रेन टिकटों पर मिलने वाली सभी छूट को खत्म करने का फैसला किया है। रेलवे ने जिन रेलगाड़ियों को कैंसिल किया गया है। उनकी सूची रेलवे की वेबसाइट नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम पर डाल दी है। वहीं स्टेशनों पर एनाउंसमेंट के जरिए यात्रियों को कैंसिल ट्रेनों की सूचना दी जा रही है। 139 सेवा पर एसएमएस कर के भी गाड़ियों की स्थिति जानी जा सकती है। वहीं जिन यात्रियों की रेलगाड़ी कैंसिल हो गई है, वो अपना टिकट कैंसिल करा कर पूरा रिफंड प्राप्त कर सकते हैं। ऐसे में आप अपने रूट की दूसरी ट्रेन के विकल्प पर विचार कर सकते हैं।


 


शिल्पकारी के हुनर को नया आयाम

सरकार की नई पहल : पत्थर शिल्पकारों के हुनर को मिलेगा नया आयाम
रुपेश टंडन
रायपुर। हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा राज्य सरकार की मंशानुरूप और ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रूद्रकुमार के मार्गदर्शन में पत्थर शिल्पकारों के हुनर को नया आयाम प्रदान किया जा रहा है। ग्रामोद्योग के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा बस्तर वनांचल क्षेत्र के बस्तर विकासखंड के अंतर्गत परचनपाल, भोण्ड, लामकेर, भाटपाल आदि ग्रामों में निवासरत पत्थर शिल्प के शिल्पकारों का सामाजिक एवं आर्थिक सर्वेक्षण का कार्य किया जा रहा है तथा शिल्पकला में आने वाली विभिन्न प्रकार की कठिनाईयों को जानने और समझने के लिए भारत सरकार के वित्तीय सहयोग से सर्वे भी किया जा रहा है।


कार्यालय विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) भारत सरकार वस्त्र मंत्रालय, नई दिल्ली की स्वीकृति से हस्तशिल्प बोर्ड द्वारा इसके लिए स्वीकृत 5 अनुबंधित कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है, जिनके द्वारा कुल 4 माह में संबंधित क्षेत्र के पत्थर शिल्पकारों का जमीनी स्तर पर और वर्तमान में उनके रहन-सहन एवं सामाजिक तथा आर्थिक स्थिति के साथ-साथ शिल्पकला तैयार करने में आने वाली कठिनाइयां जैसे कच्चे माल की उपलब्धता, उत्पादित सामग्री का विक्रय और सामग्रियों के लिए बाजार की व्यवस्था आदि में होने वाली परेशानियों के संबंध में सर्वेक्षण किया जा रहा है। बोर्ड द्वारा सर्वेक्षण कार्य पूर्ण होने के उपरांत संबंधित शिल्पकारों की समस्याओं का नियमानुसार निराकरण बोर्ड और राज्य शासन के स्तर पर करने का प्रयास किया जाएगा।


प्रचार हेतु 'यूनिसेफ' की एडवाइजरी

नई दिल्ली। कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था यूनिसेफ ने साबुन से हाथ धोने के प्रभावी तरीकों के बारे में एडवाइजरी जारी की है। राज्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) ने इस एडवाइजरी का पालन सुनिश्चित करने और साबुन से हाथ धुलाई को बढ़ावा देने के लिए सभी जिलों के कलेक्टर-सह-अध्यक्ष, प्रबंधन समिति, जिला स्वच्छ भारत मिशन और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी-सह-सदस्य सचिव, जिला स्वच्छ भारत मिशन को परिपत्र जारी किया है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के संचालक धर्मेश साहू ने हर गांव में सक्रिय स्वच्छाग्राहियों के माध्यम से कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने लोगों को साबुन से हाथ धुलाई के लिए प्रेरित करने के साथ ही मीडिया के जरिए एडवाइजरी का व्यापक प्रचार-प्रसार करने कहा है।


यूनिसेफ द्वारा जारी मार्गदर्शिका में कहा गया है कि कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी के कारण पूरी दुनिया इस समय स्वास्थ्य आपातकाल का सामना कर रहा है। बलगम, खांसी या छींक से निकलने वाले ड्रॉपलेट्स से वायरस के आंख, नाक या गले के माध्यम से शरीर में प्रवेश करने से यह श्वास संबंधी वायरस मानव शरीर को संक्रमित करता है। एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में यह संक्रमण अधिकांशतः हाथों के द्वारा फैलता है। इस वैश्विक महामारी को रोकने का सबसे आसान, सस्ता और प्रभावी तरीका साबुन व पानी से बार-बार हाथ धोना है।


हाथ कब धोना चाहिए ?


हाथों की अच्छी सफाई के लिए साबुन और पानी से हाथ धोना चाहिए। शौच के और शिशु का मल साफ करने के बाद, भोजन करने, खाना बनाने, परोसने, शिशु को खाना खिलाने और स्तनपान के पहले हाथ धोना चाहिए। पशुओं व पालतू जानवरों को छूने और साफ-सफाई के काम के बाद तथा यदि हाथ गंदे दिखाई दें, तो हाथ जरूर साफ करना चाहिए।  कोरोना वायरस से बचाव के लिए नाक बहने, खांसने, छींकने, सार्वजनिक स्थलों जैसे बाजार व पूजास्थल से लौटने या सार्वजनिक यातायात के साधनों के उपयोग के बाद हाथ धोना चाहिए। घर के बाहर कोई भी वस्तु, रूपया या सतह को छूने के बाद तथा किसी बीमार व्यक्ति की देखभाल के पहले, देखभाल के दौरान और देखभाल के बाद अच्छे से हाथ जरूर धोना चाहिए।


हाथ कैसे धोएं ?


साबुन और पानी से 20 से 30 सेकंड तक हाथ अच्छे से साफ करना चाहिए। प्रभावी सफाई के लिए पहले हाथों को पानी से गीला करें और फिर पर्याप्त मात्रा में साबुन लगाएं। हथेलियों की भीतरी व ऊपरी दोनों सतहों को रगड़ें। सभी उंगलियों के जोड़ों और नाखूनों को भी रगड़ें। उंगलियों को नमस्ते की अवस्था में रखते हुए कलाईयों को रगड़ें। हाथ को साफ पानी से धोएं। अंत में हाथों को हवा में सुखाएं या साफ सूखे तौलिए से पोंछे। कीटाणु गीली त्वचा में आसानी से फैलते हैं। इसलिए हाथों को पूरी तरह से सुखाना बहुत महत्वपूर्ण है। हाथों को हवा में, टिशु पेपर या साफ कपड़े का उपयोग कर सुखाना चाहिए। 


थाना अध्यक्ष से लिपटकर रोए लोग

थानाध्यक्ष के काम की मुरीद थी जनता, हुआ तबादला तो लिपट कर रो पड़े लोग


नागेश त्रिपाठी फतेहपुर


सम्मान के साथ दी गयी विदाई, एसओ अर्जुन सिंह की कार को लोगों ने खुद धक्का लगाया


फतेहपुर। पुलिस की कार्यशैली से लोगों में नाराजगी रहती है लेकिन कुछ पुलिसकर्मी ऐसे होते हैं, जो अपने काम से लोगों के दिल में जगह बनाने में सफल रहते हैं। ऐसे पुलिस ऑफिसर का जब तबादला होता है तो पता चलता है कि उन्हें लोग कितना पसंद करते हैं। पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा ने कई थानेदार को इधर से उधर किया है उसी में धाता एसओ रहे अर्जुन सिंह का तबादला इंस्पेक्टर एसओजी प्रभारी  प्रथम में हुआ है। बृहस्पतिवार को जब थानेदार अर्जुन सिंह अपना थाना छोड़ कर जाने लगे तो क्षेत्रीय जनता की भारी भीड़ जमा हो गयी। लोग उनसे लिपट कर रोने लगे। जाते समय लोगों ने खुद कार का धक्का लगा कर सम्मान के साथ विदाई दी आपको बता दें अर्जुन सिंह अपने मधुर व्यवहार व लोगों से अच्छे बर्ताव के लिए जाने जाते हैं। धाता थाने में लगभग दो साल तक एसओ रहने के दौरान उन्होंने अपराध में भारी अंकुश लगायासाथ ही पीडि़तों की हर संभव मदद की थी जिसके चलते ही स्थानीय लोगों से लेकर थाने के पुलिसकर्मियों में उन्हें बहुत पसंद करने लगे थे। धाता एसओ बनने के बाद उन्होंने अपराध रोकने की गुड़ वर्क करने की बहुत शौक रहती थी सभी को थाना में आधारभूत सुविधाए दिलायी थी। बहुचर्चित खड़सेडवा हत्याकांड  का 20 दिन के अंदर ही खुलासा करने में सफलता पायी थी जिससे जनता भी बहुत खुश हुए थे। एसओ रहे अर्जुन सिंह उस समय भी चर्चा में आये थे जब एसपी के आदेश पर सदर कोतवाली अंतर गत भारी मात्रा में गांजा आदि पकड़ा था जनपद में हर दम गुड़ वर्क की  सुर्खियों में छाए रहते थे गुरुवार को ट्रांसफर के बाद स्थानीय लोगों ने सम्मान के साथ अर्जुन  को थाने से विदाई दी है। पहले उन्हें माला पहनाया गया था और फिर मिठाई खिलायी गयी। इसके बाद लोग गले मिल कर रो पड़े थे। अंत में जब वह थाने से जाने लगे से लोगों ने सम्मान जताते हुए उनकी कार को धक्का भी दिया।



कानून व्यवस्था और प्रणाली ?

देश को दहला देने वाले निर्भया मामले के सभी चार दोषीयो को सुबह ५.३० पर वे फांसी के फंदे पर लटका दिया गया। भारत में न्याय और निर्णय की यह घड़ी आठ साल बाद बमुश्किल आई है। न्याय में देर के कारण इस घृणित अपराध का विकल्प हैदराबाद का एक ऐसे ही मामले का पुलिस एनकाउंटर भी समाज में दिखा। भारतीय समाज को यह दोनों मामले कुछ सीख देंगे क्या ?
भारत की राजधानी दिल्ली के वसंत विहार इलाके में १६  दिसंबर, २०१२ की रात २३  साल की पैरामेडिकल छात्रा निर्भया के साथ चलती बस में बहुत ही बर्बर तरीके से सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। घटना के बाद उसे बचाने की हर संभव कोशिश हुई, पर उसकी मौत हो गयी। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने बस चालक सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया था। जिनमें एक नाबालिग भी था, जिसे तीन साल तक सुधार गृह में रखने के बाद रिहा कर दिया गया। जबकि एक आरोपी राम सिंह ने जेल में खुदकुशी कर ली।
फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सितंबर, २०१३ में इस मामले में चार आरोपियों पवन, अक्षय, विनय और मुकेश को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनायी| मार्च, २०१४ में हाइकोर्ट ने इस सजा को बरकरार रखा। मई, २०१७ में सुप्रीम कोर्ट ने भी इस फैसले पर मुहर लगा दी। मई, २०१७  में ही  देश की सर्वोच्च अदालत ने जिस फैसले की पुष्टि कर दी, उसके गुनहगारों को कल तक सजा नहीं मिली, आज वो दिन बमुश्किल आया। वैसे फांसी की तारीख २२ जनवरी तय हुई थी, पर न्यायिक दांव-पेच के कारण यह टल गयी और आज जैसे-तैसे मामला अंतिम अंजाम तक पहुंचा है। कई बार निर्भया की मां अदालत में फूट-फूट कर रोई, उन्होंने कोर्ट से कहा था कि मेरे अधिकारों का क्या? मैं भी इंसान हूं, मुझे सात साल हो गये, मैं हाथ जोड़ कर न्याय की गुहार लगा रही हूं। सब जानते हैं यह वह घटना है, जो महीनों तक देशभर के मीडिया की सुर्खियों में रही। इसे लेकर कई शहरों में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे। जन आक्रोश को देखते हुए तत्काल जस्टिस जेएस वर्मा की अध्यक्षता में एक समिति बनायी गयी थी और ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए रेप कानूनों में बदलाव कर कड़ा किया गया था। दुष्कर्म के मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किये जाने की व्यवस्था हुई थी।
मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में चला, सजा भी सुनाई गयी, लेकिन गुनहगारों को सजा नहीं मिल पायी। जेल नियमों के अनुसार एक ही अपराध के चारों दोषियों में से किसी को भी तब तक फांसी नहीं दी जा सकती, जब तक कि वे दया याचिका सहित सभी कानूनी विकल्प नहीं आजमा लेता। लिहाजा, सभी दोषी एक-एक कर अपने विकल्पों का इस्तेमाल कर व्यवस्था की कमजोरी का फायदा उठाते रहे।
 इससे आम आदमी के जहन में पूरी कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गये। यह स्थिति किसी भी भी तरह समाज के लिए अच्छी नहीं है। परिणाम, हैदराबाद के बहुचर्चित रेप कांड में पकड़े गये चारों अभियुक्तों का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया। इस एनकाउंटर के ‘तत्काल न्याय’ से पूरी न्याय प्रणाली पर देशव्यापी बहस छेड़ दी। मुठभेड़ की खबर लगते ही लोग घटनास्थल पर पहुंचे और कुछेक लोग पुलिस पर फूल बरसाते भी नजर आये। दोनों ही प्रणाली समाज के सामने आज प्रश्न चिन्ह हैं ? ऐसी घटनाओं से हमारी पूरी न्याय व्यवस्था पर संकट उत्पन्न होने का खतरा है, लेकिन इस सवाल का जवाब भी देना जरूरी है कि क्या दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध की शिकार बेटी को तुरंत न्याय पाने का अधिकार नहीं है?
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार २०१४ में अदालतों ने दुष्कर्म के २७.४ प्रतिशत मामलों में फैसले सुनाये थे।२०१७ में ऐसे मामलों में फैसला सुनाने में गति में मामूली तेज हुई और ३१.८ प्रतिशत   हो गयी, लेकिन अपराधी सबूत मिटाने की गरज से दुष्कर्म पीड़िता को जला देते हैं। ऐसे मामले बड़े। देश में इस भांति के कुल ५७४  मामलों में से 90 प्रतिशत अब भी अदालतों में लंबित हैं।
बड़ी संख्या में लोगों का हैदराबाद प्रणाली के पक्ष में झुकाव देखने को मिला यह सामाजिक व्यवस्था की विफलता का भी संकेत है। पूरे देश और समाज को यह चिंतन करना होगा कि न्याय प्रणाली को दुरुस्त कैसे किया जाए? खासकर ऐसे मामलों में।


राकेश दुबे


20 राज्यों में संक्रमण, 5 लोगों की मौत

नई दिल्ली। कोरोना वायरस से देश में पांचवीं मौत हो गई है। राजस्थान में इतालवी नागरिक की मौत हुई है। वह कोरोना से संक्रमित था। शुक्रवार सुबह तक पीड़ितों की संख्या 200 को पार कर गई है। इसमें से 20 ठीक हो चुके हैं। शुक्रवार को लखनऊ में चार नए मरीज मिले। लखनऊ के केजीएमयू अस्पताल में अब 9 मरीजों का इलाज चल रहा है। कोरोना अब 20 राज्यों में पाव पसार चुका है और सबसे ज्यादा महाराष्ट्र प्रभावित है।


अगर राज्यवार कोरोना वायरस के केसों की बात करें तो आंध्र प्रदेश में 3, दिल्ली में 12, हरियाणा में 17, कर्नाटक में 15, केरल में 28, महाराष्ट्र में 49, पंजाब में एक, राजस्थान में 9, तमिलनाडु में 3, तेलंगाना में 16, जम्मू-कश्मीर में 4, लद्दाख में 8, उत्तर प्रदेश में 23, उत्तराखंड में 3, ओडिशा में 2, गुजरात में 2, पश्चिम बंगाल में 2, चंडीगढ़ में एक, पुदुचेरी में एक और छत्तीसगढ़ में एक मरीज सामने आए हैं।


अब तक 5 की मौत


कोरोना की चपेट में आकर अभी तक चार लोग जान गंवा चुके हैं। पहली मौत कर्नाटक के कलबुर्गी में हुई थी। उसके बाद दूसरी मौत दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में हुई। तीसरी मौत मुंबई के कस्तूरबा अस्पताल में हुई और चौथी मौत कल यानी गुरुवार को पंजाब में हुई है। खास बात है कि जिन चारों की मौत हुई है, उनकी उम्र 60 साल से अधिक थी। इसके अलावा शुक्रवार यानी आज राजस्थान में एक इतालवी नागरिक की मौत हो गई है। उसका कई दिनों से इलाज चल रहा था।


खींचतानः भाजपा में सीएम के 5 दावेदार

भोपाल । सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मप्र विधानसभा में आज कमल नाथ सरकार का फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश देने के बाद भाजपा में नई सरकार के गठन की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। सरकार बनने की स्थिति में बतौर मुख्यमंत्री उसका नेतृत्व कौन करेगा, इसे लेकर खींचतान शुरू हो गई है। फिलहाल सारे मोर्चो पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान नेतृत्व कर रहे हैं, लेकिन अगला सीएम कौन होगा, इसे लेकर भाजपा नेतृत्व ने पत्ते नहीं खोले हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि नेतृत्व का फैसला हाईकमान ही करेगा।


संभावित भाजपा सरकार में मंत्री पद के लिए भी दावेदारों के बीच जोर-आजमाइश शुरू हो जाएगी। सिंधिया गुट के जिन 22 विधायकों ने इस्तीफे दिए हैं, उनमें से भी कुछ को मंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि उन्हें छह माह में विधानसभा उपचुनाव जीतना होगा, तभी मंत्री पद कायम रह सकेगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा कांग्रेस का दामन छोड़ने के बाद ये तय माना जा रहा है कि अब प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी।


तोमर, मिश्रा, सिंह भी रेस में


भाजपा की तरफ से अभी मुख्यमंत्री पद के चार दावेदार सक्रिय हैं। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को तो सीएम पद का दावेदार माना ही जा रहा है। 13 साल तक प्रदेश की बागडोर संभालने वाले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को चौथी बार भी मुख्यमंत्री बनने का मौका मिल सकता है। साथ में ऐसे कयास लगाए जा रहे है कि केंद्रीय नेतृत्व की ओर से नरेंद्र सिंह तोमर को भी भेजा जा सकता है। वहीं पूर्व प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा भी सीएम की दौड़ में शामिल हैं।


नंबर एक पर शिवराज


माना जा रहा है कि जिस तरह से भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पार्टी ने अब तक सभी मोर्चो में आगे किया हुआ है, उसी तरह सरकार बनने पर प्रदेश की कमान भी उन्हें सौंपी जा सकती है। ऐसा हुआ तो चौहान प्रदेश में चौथी बार मुख्यमंत्री बनने वाले पहले राजनेता होंगे। चौहान को सीएम की दावेदारी में पहले स्थान पर रखने वालों का दावा है कि प्रदेश में बड़ी तादाद में उपचुनाव होना है, ऐसी परिस्थितियों में चौहान ही उपचुनाव में विजय दिलवा सकते हैं।


तोमर इसलिए रेस में


मोदी सरकार में लंबे समय से केंद्रीय मंत्री पद संभाल रहे नरेंद्र सिंह तोमर को भी मुख्यमंत्री बनने का मौका मिल सकता है। तोमर पहले भी प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके हैं। वे दो बार भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष की कमान संभाल चुके हैं। कार्यकर्ताओं और विधायकों से भी तोमर का गहरा नाता है। जहां आगे उपचुनाव होना हैं, उनमें से अधिकांश सीटें ग्वालियर-चंबल अंचल की हैं। तोमर भी इसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए पार्टी उन पर भी दांव लगा सकती है।


राकेश सिंह रहे हैं प्रदेश अध्यक्ष


भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह को भी मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल माना जा रहा है। वे लगभग पौने दो साल तक प्रदेश भाजपा की कमान संभाल चुके हैं। पार्टी नेताओं का मानना है कि हाईकमान उन्हें संगठन में ही रखना चाहता है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की नई टीम में सिंह को स्थान मिलने के कयास लगाए जा रहे हैं। यदि विपरीत हालात बने तो उन्हें भी मप्र भेजा जा सकता है।


नरोत्तम की भूमिका भी अहम


भाजपा सरकार के दौरान लंबे समय तक संकटमोचक की जिम्मेदारी निभाने वाले पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा भी मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल हैं। मिश्रा पहले भी भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष और मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में शामिल रहे हैं। कुछ समय पहले तक नरोत्तम मिश्रा और शिवराज सिंह चौहान के बीच गहरे मतभेद रहे हैं, लेकिन सरकार के लिए जोड़-तोड़ के दौरान दोनों नेताओं के बीच अघोषित समझौता हो गया। सूत्रों के मुताबिक चुनाव के बाद भी शिवराज ने नरोत्तम के नाम का विरोध किया था और इसी वजह से नेता प्रतिपक्ष का पद गोपाल भार्गव को दिया गया। मिश्रा का नाम प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए भी प्रस्तावित था, लेकिन आरएसएस के करीबी माने जाने वाले वीडी शर्मा को जिम्मेदारी मिली।


दे दिया इस्तीफा, लगाए गंभीर आरोप

भोपाल। मध्यप्रदेश में चल रहे सियासी संग्राम पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने फ्लोर टेस्ट के पहले इस्तीफा दे दिया है। वे 1 बजे राज्यपाल से मिलने जायेंगे। वहां राज्यपाल को इस्तीफा सौपेंगे। प्रेस को संबोधित करते हुए मुख्यमंंत्री कमलनाथ ने प्रेस को सम्बोधित करते हुए बीजेपी पर कई गंभीर आरोप लगाए। सीएम ने कहा कि


“मेरा प्रयास था प्रदेश की तस्वीर बदले। मेरे 45 सलाल के राजनितिक करियर पर विकास पर विशवास किया । मुझे जनता ने 5 साल का मौका दिया था, भारतीय जनता पार्टी जो 15 साल तक थी। मुझे 15 महीने मिले, इन 15 महीनो में किये जनहितैषी कार्य बीजेपी को रास नहीं आया.. फिर भी हमने अपना कार्य किया। बीजेपी ने 22 विधायकों को बंधक बनाने का काम किया।


महाराज और उनसे जुड़े लोगो ने लोकतंत्र की हत्या की। इन्हे प्रदेश की जनता कभी माफ़ नहीं करेगी। बीते 15 महीनो में हमने कई बार बहुमत साबित की… मेरी सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की गई ये विश्वासघात प्रदेश की जनता से किया गया। हमने किसानो का कर्जा माफ़ किया, किसानो के हक़ में कई फैसले लिए। बीजेपी ने किसानो के साथ षडयंत्र किया, हमने माफिया मुक्त किया जिसके विरोध में भाजपा आई। बीजेपी ने लोकतान्त्रिक मूल्यों की हत्या की। ना हम डरेंगे आ झुकेंगे…प्रदेश की जनता हमारे साथ है। आज के बाद कल भी होता है ये सभी को ध्यान रखना चाहिए।”


5 बजे दोषियों को फांसी, पीएम को भेजा

अकाशुं उपाध्याय


नई दिल्ली। निर्भया के दोषियों को फांसी पर लटका दिया गया है। तिहाड़ जेल प्रशासन ने समय अनुसार सुबह 5:00 बजे इन सभी दोषियों को फांसी के फंदे से लटका दिया । फांसी से चंद घंटे पहले आधी रात तक भी इन दोषियों की फांसी के ऊपर बहस होती रही। लेकिन आखिर में इंसाफ की जीत हुई। कोर्ट ने साफ कह दिया कि इनकी फांसी रोकी नहीं जा सकती और पहले ही तीन डेथ वारंट रद्द हो चुके हैं। अब यह चौथा टेस्ट वारट है अब कोई फरियाद इन दोषियों की नहीं चलेगी। क्योंकि अगर यह चौथा डेथ वारंट रद्द होता है तो हर भारतीय का इंसाफ से विश्वास हट जाएगा, जो कि कोर्ट नहीं चाहता । ताजा जानकारी मिली है कि इन दोषियों को फांसी के बाद अब तिहाड़ जेल से डीडीयू अस्पताल ले जाया जाएगा। जहां इनका पोस्टमार्टम किया जाएगा और इस पोस्टमार्टम की खास बात यह रहेगी कि इस पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। ताकि इन दोषियों के सब ऊपर भी कोई उंगली ना उठा सके ।


सलाम है निर्भया की मां को जो अपनी बेटी के लिए लड़ी, देश की बेटियों के लिए लड़ी। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि हम पिछले सात साल में निर्भया से अलग नहीं हुए हैं, हर पल हमने उसके दुख को महसूस किया। निर्भया का दुख ही हमारा संघर्ष बना और इंसाफ के लिए हमने लड़ाई लड़ी। आशा देवी ने कहा कि 20 मार्च को निर्भया दिवस और महिला सुरक्षा के रूप में मनाएंगे। उन्होंने कहा कि आज का ये दिन देश की बेटियों के नाम है। एक- एक चुनोतियों का सामना कर आज यहां पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि कहते हैं देर आये दुरुस्त आये। 7 साल के बाद आखिर इंसाफ मिला है, देश के लोगों ने निर्भया के लिए लड़ाई लड़ी है। 


बता दें कि वर्ष 2012 में दिल्ली में दंरिदों की हैवानियत का शिकार हुई निर्भया को आज इंसाफ मिला है। तमाम कोशिशों और पैंतरों के बाद निर्भया के दोषियों को फांसी टालने की कोशिशों में कामयाबी नहीं मिली। मामले में गुरुवार रात से शुक्रवार अलसुबह 4 बजे तक हुई सुनवाई में न्याय मिला है। सुप्रीम कोर्ट ने पवन गुप्ता की याचिका को खारिज किया। गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ निर्भया के दोषियों के वकील एपी सिंह ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। सर्वोच्च अदालत में रात को ढाई बजे सुनवाई हुई और करीब 3.30 बजे याचिका को खारिज कर दिया गया। दोषियों को बचाने की सारी दलीलों को खारिज करते हुए फैसला सुनाया। इससे पहले निर्भया के दोषियों की याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज किया। करीब 2 घण्टे चली सुनवाई के बाद हाई कोर्ट के जस्टिस मनमोहन और जस्टिस संजीव नरूला की बेंच ने याचिका खारिज कर दी। दोषियों ने फांसी से बचने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट के आदेश को चुनोती देने एक बार फिर दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन बचाव पक्ष के कोई तर्क काम नहीं आए।


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प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

यूनिवर्सल एक्सप्रेस    (हिंदी-दैनिक)


मार्च 21, 2020, RNI.No.UPHIN/2014/57254


1. अंक-222 (साल-01)
2. शनिवार, मार्च 21, 2020
3. शक-1942,चैैत्र - कृष्ण पक्ष, तिथि- त्रयोदशी, संवत 2077


4. सूर्योदय प्रातः 06:20,सूर्यास्त 06:38
5. न्‍यूनतम तापमान 17+ डी.सै.,अधिकतम-29+ डी.सै., भारी बारिश की संभावना रहेगी।


6.समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है। सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा।
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