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बुधवार, 6 जुलाई 2022

फ्लैट दिलाने के नाम पर 25 लाख की ठगी, जांच शुरू

फ्लैट दिलाने के नाम पर 25 लाख की ठगी, जांच शुरू 

सत्येंद्र पंवार 

मेरठ। शताब्दीनगर में फ्लैट दिलाने के नाम पर 25 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। ब्रह्मपुरी निवासी पिंकी के मुताबिक उनके क्षेत्र में वकील अहमद निवासी जाकिर कालोनी, यूसुफ निवासी मकबरा डिग्गी, दानिश व सिमरन प्रधानमंत्री आवासीय योजना को लेकर शताब्दीनगर में फ्लैट दिलाने की बात कहते हुए सर्वे कर रहे थे। पिंकी समेत 15 से 20 लोग उनके झांसे में आ गए।

उन्होंने सभी को ईदगाह स्थित आफिस पर भेज दिया। महिला ने बताया कि आरोपितों ने शताब्दीनगर स्थित निर्माणाधीन बिल्डिंग दिखाकर 80 हजार रुपये जमा करा लिए और प्रतिमाह की किश्त बांध दी। सभी ने समय पर किश्त जमा कर दी और सर्वे टीम से संपर्क किया, लेकिन सर्वे टीम के आफिस पर ताला लटका मिला। इसे देखकर उनके होश उड़ गए। आस-पास के क्षेत्र में उनकी तलाश भी की गई, लेकिन पता नहीं चला। शिकायत सुन रहे सीओ कोतवाली अरविंद चौरसिया ने बताया कि एएसपी ब्रह्मपुरी विवेक चंद्र यादव को जांच दी है।

हत्याकांड: पूर्व सभासद के बेटे नाजिम को जेल भेजा

हत्याकांड: पूर्व सभासद के बेटे नाजिम को जेल भेजा 

संदीप मिश्र 
बरेली। सनी हत्याकांड में आखिरकार पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। बता दें, कि कैंट पुलिस ने बुधवार को पूर्व सभासद अब्दुल हामिद के बेटे नाजिम को जेल भेज दिया है। पूछताछ में हत्यारोपी ने खुद को बेकसूर बताया था। लेकिन वह घटना में शामिल नहीं था। इसको लेकर कोई पुलिस को कोई सबूत नहीं दे सका। बता दें, कि सनी हत्याकांड में चारों नामजद समेत पांच आरोपियों को पुलिस जेल भेज चुकी है।
बता दें कि बीती 26 जून को चनेहटा के रहने वाले सनी का जन्मदिन था। इस दौरान उसने घर में एक पार्टी का आयोजन किया गया था। उसने सदर बाजार के मशाल चिकन कॉर्नर पर पैसे देकर 150 रोटी का ऑर्डर दिया था। इस दौरान वह 40 रोटी लेकर चला गया था। वहीं बची हुई रोटी होटल मालिक जीशान ने बाद में देने की बात कही थी। इसके बाद करीब रात दस बजे सनी अपने रिश्ते के भाई बब्लू के साथ होटल पर रोटी लेने गया, जहां रोटी न मिलने पर दोनों के बीच विवाद हो गया।
इस दौरान आरोपियों ने सनी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। सनी के सिर पर लोहे की रॉड से कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि उसके भाई बब्लू के हाथ में फैक्चर हुआ था। वहीं इस मामले में पूर्व सैनिक सनी के पिता जोगराज ने होटल मालिक जीशान, उसके भाई अब्दुल मुजीब और पिता अब्दुल वाहिद के साथ ही पूर्व सभासद अब्दुल हामिद के बेटे नाजिम समेत तीन अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
बता दें इस मामले में पुलिस ने जीशान, मुजीब, अब्दुल वाहिद और जाबर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जबकि नाजिम घटना के बाद से ही फरार चल रहा था। पुलिस उसे जयपुर में तलाश कर रही थी। इसी बीच उसने सोमवार की रात थाने में सरेंडर कर दिया था। वहीं नाजिम से पूछताछ के पास पुलिस ने आज उसे जेल भेज दिया।
घटना में अन्य की तलाश...
सनी हत्याकांड में चार नामजद के साथ ही तीन अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हत्याकांड के पांच आरोपियों को पुलिस जेल भेज चुकी है। जबकि दो अज्ञात के खिलाफ विवेचना अब भी जारी है। पुलिस सूत्रों की माने तो पुलिस जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजेगी।
नाजिम से पूछताछ के बाद आज उसे जेल भेज दिया गया। पूछताछ में नाजिम ने खुद को बेकसूर बताया था। लेकिन वह ऐसा कोई सबूत नहीं दे सका।

मंगलवार, 5 जुलाई 2022

एपीआईएल पर 153.50 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया

एपीआईएल पर 153.50 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया 

अकांशु उपाध्याय/राणा ओबरॉय 

नई दिल्ली/चंडीगढ़। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने सुशांत लोक फेज वन, गुड़गांव में अपनी परियोजना द्वारा विभिन्न पर्यावरणीय उल्लंघनों के लिए अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एपीआईएल) पर 153.50 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली बेंच ने सोमवार (4 जुलाई) को अपने आदेश में कहा, "153,50,62,892 रुपये का पर्यावरणीय मुआवजा प्रतिवादी 11 (एपीआईएल) द्वारा भुगतान किया जाएगा और तीन महीने के भीतर एचएसपीसीबी के पास जमा किया जाएगा।"

यह आदेश पर्यावरण कानूनों के उल्लंघन के मामले में सुनाया गया।दरअसल, सुशांत लोक वन निवासियों ने 4 सितंबर 2018 को एनजीटी में याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया कि सी ब्लॉक के पार्क और सड़कों पर अतिक्रमण किया गया। भूजल का अवैध रूप से दोहन किया जा रहा है। सीवर ट्रीटमेंट प्लांट नहीं है। सीवर का पानी बरसाती नालों में जा रहा है। आरोप था कि इस रियल एस्टेट कंपनी ने 45 प्रतिशत जमीन सडक, ओपन स्पेस, स्कूल, कॉमन एरिया के लिए छोड़नी थी, जो नहीं है।

ट्रिब्यूनल ने टीसीपीडी, गुरुग्राम को हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) को 2 करोड़ रुपये का जुर्माना जमा करने के लिए भी कहा है। टीसीपीडी हरियाणा ने यांत्रिक तरीके से लाइसेंस दिए, लेकिन यह सुनिश्चित नहीं किया कि क्या एपीआईएल-पीपी द्वारा लाइसेंस की पहले की शर्तो का पालन किया गया था या नहीं ?

आईपीएस को अरेस्ट किए जाने के बाद निलंबित किया

आईपीएस को अरेस्ट किए जाने के बाद निलंबित किया

इकबाल अंसारी
बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार ने आईपीएस अधिकारी अमृत पॉल को पीएसआई भर्ती घोटाला मामलें में उनकी कथित भूमिका के लिए सीआईडी द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद निलंबित कर दिया। बता दे की अक्टूबर 2021 में 545 पुलिस सब-इंस्पेक्टर (PSI) की नियुक्ति के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें 54,041 उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया था। कर्नाटक के 93 केंद्रों पर परीक्षा ली गई थी। जनवरी 2022 में रिजल्ट जारी किया गया तो कुछ छात्रों ने नंबर देने में गड़बड़ी की शिकायत की थी। एशियानेट न्यूज नेटवर्क ने इस घोटाले का पर्दाफाश किया तो मामले ने तूल पकड़ लिया। कर्नाटक विधानसभा में घोटाले का मुद्दा उठा।
इसके बाद सरकार ने जांच कराने का फैसला किया था। एक सप्ताह बाद परीक्षा में शामिल हुए वीरेश की ओएमआर (ऑप्टिकल मार्क रीडिंग) उत्तर पुस्तिका लीक हो गई थी। प्रारंभिक जांच में पता चला कि वीरेश ने 130 में से केवल 21 प्रश्नों का उत्तर दिया, लेकिन उसे सातवां रैंक मिला था। ऐसा माना जाता है कि वीरेश ने अपनी रैंक बदलने के लिए किसी को भुगतान किया। इसके बाद जांच में कई चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। घोटाला सामने आने के बाद सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की सरकार को बैकफुट पर आ गई थी।

नूपुर को जान से मारने की धमकी, चिश्ती फरार

नूपुर को जान से मारने की धमकी, चिश्ती फरार

नरेश राघानी
जयपुर। बीजेपी से निष्काषित नूपुर शर्मा को जान से मारने की धमकी विश्व प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह के खादिम ने दी है। दरगाह के खादिम सलमान चिश्ती का वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है। सलमान चिश्ती ने खुद बाकायदा एक वीडियो शूट कर उसे वायरल किया है। नूपुर शर्मा को जान से मारने की धमकी देने वाला दरगाह का खादिम सलमान चिश्ती फरार है।
गंभीर बात यह भी है कि यह वीडियो ठीक उसी तरह का है, जैसा उदयपुर में मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद ने बनाया था। लगभग 2 मिनट 50 सेकेंड के इस वीडियो में अपनी धार्मिक भावनाओं का हवाला देत हुए सलमान चिश्ती नूपुर शर्मा को धमकी दे रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद अजमेर शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
इस वीडियो में सलमान चिश्ती नूपुर शर्मा को गोली मारने व जान से खत्म करने की बात कह रहा है। साथ ही सलमान चिश्ती ने वीडियो में कहा कि जो भी शख्स नूपुर शर्मा को जान से खत्म करेगा, उसे वह बतौर इनाम में पैसे और मकान देगा। सलमान चिश्ती ने नूपुर शर्मा का गर्दन काटने वाले को अपना मकान देने की बात कही है। सलमान चिश्ती के इस वीडियो के वायरल होने के बाद शहरवासियों में चर्चा गर्म है।
इस वीडियो में सलमान चिश्ती नूपुर शर्मा को गोली मारने व जान से खत्म करने की बात कह रहा है। साथ ही सलमान चिश्ती ने वीडियो में कहा कि जो भी शख्स नूपुर शर्मा को जान से खत्म करेगा, उसे वह बतौर इनाम में पैसे और मकान देगा। सलमान चिश्ती ने नूपुर शर्मा का गर्दन काटने वाले को अपना मकान देने की बात कही है। सलमान चिश्ती के इस वीडियो के वायरल होने के बाद शहरवासियों में चर्चा गर्म है।
वीडियो वायरल होने के बाद सलमान चिश्ती के खिलाफ अजमेर शहर के अलवर गेट थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिस पर जांच जारी है। एएसपी विकास सांगवान ने बताया कि सलमान चिश्ती के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और उसकी तलाश की जा रही है।
बताया गया है कि फिलहाल सलमान चिश्ती की लोकेशन कश्मीर आ रही है, जिस पर भी जांच जारी है। वहीं, पुलिस ने इस तरह के वीडियो वायरल होने के बाद कड़ा रुख अपनाने का फैसला लिया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक़, सलमान चिश्ती दरगाह पुलिस थाने का एक हिस्ट्रीशीटर भी है, जो नूपुर शर्मा का सिर कलम करने वालों को अपना मकान देने की बात कहता नजर आता है।

‘काली’ के विवादित पोस्टर का मामला, एफआईआर

‘काली’ के विवादित पोस्टर का मामला, एफआईआर

अकांशु उपाध्याय/कविता गर्ग
नई दिल्ली/मुंबई। दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ यूनिट ने फिल्म ‘काली’ के विवादित पोस्टर के मामलें में सेक्शन 153A और 295A के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘काली’ के पोस्टर पर देवी को धूम्रपान करते और एलजीबीटीक्यू का झंडा थामे हुए दिखाया गया है। इसके कारण इसकी आलोचना हो रही है। इस फिल्म की निर्माता लीना मणिमेकलाई ने मंगलवार को कहा कि वह जब तब जिंदा हैं तब तक बेखौफ अपनी आवाज बुलंद करना जारी रखेंगी।
दिल्ली पुलिस को ‘काली’ के पोस्टर को लेकर दो शिकायतें दी गई थीं। इसमें से एक शिकायत की जांच आईएफएसओ जो साइबर क्राइम का काम देखती है, कर रही है। फिलहाल, आईएफएसओ यूनिट ने देवी काली की तस्वीर लगाने वाली डायरेक्टर लीना मनिमेकलाई के खिलाफ आईपीसी 153A, यानी धर्म जाति के आधार पर भड़काना और आईपीसी 295A, यानी किसी वर्ग, धर्म की भावनाओं को आहत पहुंचाने का मामला दर्ज किया है। वहीं नई दिल्ली डिस्ट्रिक्ट को मिली शिकायत पर नई दिल्ली पुलिस अभी जांच कर रही है। आईएफएसओ यूनिट ने कहा है कि जरूरत पढ़ने पर वह ईमेल या नोटिस के जरिए डायरेक्टर से सम्पर्क करेगी।

धन शोधन जांच में 44 स्थानों पर तलाशी ली

धन शोधन जांच में 44 स्थानों पर तलाशी ली 

अकांशु उपाध्याय
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को चीनी स्मार्टफोन विनिर्माता वीवो और संबंधित फर्मों के खिलाफ धन शोधन जांच में देश भर में 44 स्थानों पर तलाशी ली। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धाराओं के तहत छापेमारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि एजेंसी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मेघालय, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में वीवो और उससे संबंधित कंपनियों से जुड़े 44 स्थानों पर तलाशी ले रही है। इस संबंध में वीवो को भेजे गए एक प्रश्न का कोई जवाब नहीं मिला।
संघीय एजेंसी ने हाल ही में दिल्ली पुलिस (आर्थिक अपराध शाखा) द्वारा जम्मू और कश्मीर में स्थित एजेंसी के एक वितरक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद धन शोधन का मामला दर्ज किया था। इस प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि उस कंपनी के कुछ चीनी शेयरधारकों ने फर्जी तरीके से अपने पहचान दस्तावेजों को बनाया।
प्रवर्तन निदेशालय को शक है कि यह कथित जालसाजी शेल या फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल करके अवैध रूप से कमाए गए धन की हेराफेरी करने के लिए की गई थी। इसमें से कुछ ‘‘आपराधिक आय’’ को विदेश भेजा गया या भारतीय कर और प्रवर्तन एजेंसियों को धोखा देकर कुछ अन्य व्यवसायों में लगा दिया गया।

अहमद से जुड़े 5 स्थानों पर छापेमारी: एसीबी

अहमद से जुड़े 5 स्थानों पर छापेमारी: एसीबी 

इकबाल अंसारी 
बेंगलुरु। कर्नाटक में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने प्रवर्तन निदेशालय की एक रिपोर्ट के बाद कांग्रेस के नेता एवं विधायक बी जेड जमीर अहमद खान से जुड़े पांच स्थानों पर मंगलवार को छापेमारी की। एसीबी के अधिकारियों ने बताया कि छावनी रेलवे स्टेशन के पास खान के आवास, सिल्वर ओक अपार्टमेंट में एक फ्लैट, सदाशिवनगर में एक अतिथि गृह, बनशंकरी में जी के एसोसिएट्स के कार्यालय और शहर के कलासिपल्या में नेशनल ट्रैवल्स के कार्यालय में छापे मारे गए। उन्होंने कहा, ‘‘एसीबी के दल दस्तावेजों का सत्यापन कर रहे हैं और जांच जारी है।
एसीबी के कई दल चार बार विधायक चुने गए खान से जुड़े पांच स्थानों पर पहुंचे। खान पूर्व मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली सरकार में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रहे थे। प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले साल अगस्त में खान और एक अन्य पूर्व मंत्री आर रोशन बेग के आवासों पर 4,000 करोड़ रुपये की आईएमए पोंजी योजना से कथित संबंध को लेकर छापा मारा था। ऐसा बताया जाता है कि इस योजना के जरिए हजारों लोगों को ठगा गया था, जिनमें अधिकतर मुसलमान थे। खान ईडी के सामने कई बार पेश हो चुके हैं।

सोमवार, 4 जुलाई 2022

मां भगवती की प्रतिमा को खंडित कर, घिनौना प्रयास

मां भगवती की प्रतिमा को खंडित कर, घिनौना प्रयास

भानु प्रताप उपाध्याय
मुजफ्फरनगर। असामाजिक तत्वों ने मां भगवती की प्रतिमा को खंडित करते हुए समाज में उबाल लाने का घिनौना प्रयास किया है। मौके पर इकट्ठा हुए लोगों के हंगामे की सूचना पर दौड़ी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन देते हुए हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराया है। सोमवार को जनपद मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना क्षेत्र के ग्राम बधाई कलां स्थित मां भगवती के मंदिर में जब आज सवेरे श्रद्धालु रोजाना की तरह पूजा अर्चना करने के लिए पहुंचे तो उन्हें मंदिर में स्थापित मां भगवती की प्रतिमा क्षतिग्रस्त मिली। मंदिर के भीतर मां भगवती की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिए जाने से लोगों में भारी रोष व्याप्त हो गया। फाइनेंसर का बेटा चढ़ा पुलिस के हत्थे थोड़ी ही देर में मंदिर के बाहर सैकड़ों लोगों की भीड़ पहुंच गई और उन्होंने मामले को लेकर हंगामा करना शुरू कर दिया।
मंदिर में स्थापित प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किए जाने और ग्रामीणों द्वारा इसे लेकर हंगामा किए जाने की सूचना जब पुलिस के कानों तक पहुंची तो हडबडाई पुलिस गांव की तरफ दौड़ पड़ी।पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे चरथावल थाना प्रभारी ने प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने वाले असामाजिक तत्वों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन देते हुए हंगामा कर रहे लोगों को शांत किया। पुलिस मामले की जांच पड़ताल करते हुए प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर फरार हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयासों में जुटी हुई है।

मूसेवाला की हत्या में शामिल, 2 और लोग अरेस्ट

मूसेवाला की हत्या में शामिल, 2 और लोग अरेस्ट

अकांशु उपाध्याय/अमित शर्मा
नई दिल्ली/चंडीगढ़। दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में कथित रूप से शामिल दो और लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इनके साथ ही पुलिस मामले में अभी तक पांच लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने अंकित और सचिन भिवानी को रविवार की रात गिरफ्तार किया। दोनों ही लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार गिरोह के वांछित अपराधी हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हरियाणा का रहने वाला भिवानी राजस्थान में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का काम देखता है। वह राजस्थान के चुरू में एक अन्य मामले में भी वांछित है। वहीं, अंकित हरियाणा के सिरसा गांव का रहने वाला है। राजस्थान में उसके खिलाफ हत्या की कोशिश के आरोप में दो मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने बताया कि उनके पास से 9 एमएम की पिस्तौल उसके 10 कारतूस, 30 एमएम की एक पिस्तौल, उसके नौ कारतूस, पंजाब पुलिस की तीन वर्दी, दो मोबाइल, एक डोंगल और सिम कार्ड बरामद किया गया है। मूसेवाला की हत्या के मामले में पिछले महीने विशेष प्रकोष्ठ ने दो ‘शूटर’ समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया था।
इनकी पहचान हरियाणा के सोनीपत जिले के निवासी प्रियव्रत उर्फ फौजी (26), झज्जर जिले के कशिश और पंजाब के बठिंडा निवासी केशव कुमार (29) के तौर पर हुई है। गौरतलब है कि लोकप्रिय पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की पंजाब के मानसा जिले में 29 मई को अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

रविवार, 3 जुलाई 2022

नवजात बेटी के शव के साथ कार्यालय में गया, व्यक्ति

नवजात बेटी के शव के साथ कार्यालय में गया, व्यक्ति 

संदीप मिश्र 
आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा शहर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। यहां एक व्यक्ति अपनी नवजात बेटी के शव के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रभाकर चौधरी के कार्यालय में चला गया। व्यक्ति एसएसपी ऑफिस जाने को मजबूर था, क्योंकि पुलिस उसका केस दर्ज नहीं कर रही थी। खबरों के मुताबिक, धनीराम की गर्भवती पत्नी को दो लोगों ने पीटा, जिसके बाद उसे पेट में तेज दर्द होने लगा, धनीराम अपनी पत्नी को पास के एक नर्सिग होम में ले गया, जहां एक डॉक्टर ने सर्जरी कर प्रसव कराया। हालांकि, जन्म के कुछ समय बाद ही बच्चे की मौत हो गई।
जब धनीराम आरोपी गुड्डू और रामास्वामी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने थाने गया तो पुलिस ने उसकी शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया।
इसके बाद वह स्थानीय निवासियों के साथ अपनी नवजात बेटी के शव को लेकर एसएसपी कार्यालय पहुंचा और अपनी बात रखी। धनीराम ने संवाददाताओं को बताया कि उनकी पत्नी छह महीने की गर्भवती थी और यह घटना तब हुई, जब वह काम पर जा रहा था।
धनीराम ने कहा, "पिटाई के कारण मेरी पत्नी की तबीयत बिगड़ने लगी। मैं तुरंत उसे पास के एक नर्सिग होम ले गया, जहां से उसे सरकारी अस्पताल में भेज दिया गया। मेरी पत्नी का ऑपरेशन किया गया, लेकिन नवजात को मृत घोषित कर दिया गया।"
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने धनीराम को आश्वासन दिया कि उसे न्याय मिलेगा और तुरंत पुलिस उपाधीक्षक फतेहाबाद को जांच करने और रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया।

शनिवार, 2 जुलाई 2022

गला काटकर निर्मम हत्या के मामलें में जांच के निर्देश

गला काटकर निर्मम हत्या के मामलें में जांच के निर्देश

पंकज मिश्रा
अमरावती। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को अमरावती में एक 54 वर्षीय व्यक्ति की गला काटकर निर्मम हत्या के मामलें की जांच के निर्देश दिए हैं। गृह मंत्री के कार्यालय ने शनिवार को एक ट्वीट कर यह जानकारी दी। ट्वीट में कहा गया है कि गृह मंत्रालय ने महाराष्ट्र के अमरावती में गत 21 जून को उमेश कोल्हे की निर्मम हत्या से संबंधित मामलें की जांच एनआईए को सौंप दी है।
जांच एजेंसी से इस मामले में किसी संगठन की भूमिका या सम्बन्धित साजिश का अंतरराष्ट्रीय संबंध होने की गहराई से जांच करने को कहा गया है। रिपोर्टों के अनुसार कोल्हे कि गत 21 जून को रात को उस समय चाकू से निर्मम हत्या कर दी गई जब वह अपनी दुकान से घर लौट रहे थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर इस तरह की बात कही जा रही है कि उनकी हत्या भाजपा से निलंबित नेता नूपुर शर्मा के विवादास्पद पोस्ट का समर्थन करने के कारण की गई है।
अमरावती पुलिस ने इस सिलसिले में अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया है। रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि यह हत्या भी राजस्थान के उदयपुर हत्याकांड की तर्ज पर ही की गई है। उल्लेखनीय है कि उदयपुर हत्याकांड की जांच भी एनआईए को ही सौंपी गई है।

शुक्रवार, 1 जुलाई 2022

हाईकोर्ट ने पुलिसकर्मी को आरोप से बरी किया

हाईकोर्ट ने पुलिसकर्मी को आरोप से बरी किया  

कविता गर्ग 
मुंबई। भ्रष्टाचार के मामलें में 24 साल पहले दोषी ठहराए जाने और एक साल की सजा पाने वाले एक पुलिसकर्मी को बंबई उच्च न्यायालय ने आरोप से बरी कर दिया है। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में नाकाम रहा कि पुलिसकर्मी ने 350 रुपये की रिश्वत स्वीकार की थी। महाराष्ट्र भ्रष्टाचार-निरोधक ब्यूरो ने 1988 में तत्कालीन पुलिस उप निरीक्षक दामू अव्हाड के खिलाफ 350 रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में मामला दर्ज किया था।अगस्त 1998 में नासिक की एक विशेष अदालत ने दामू को दोषी ठहराते हुए एक साल कैद की सजा सुनायी थी। दामू ने इसी साल उच्च न्यायालय में एक अपील दायर की थी। न्यायमूर्ति वी जी वशिष्ठ की एकल पीठ ने बृहस्पतिवार को पारित अपने आदेश में कहा कि केवल आरोपी से पैसे की बरामदगी के आधार पर उसे दोषी नहीं ठहराया जा सकता और अभियोजन दामू के खिलाफ मामले को साबित करने में विफल रहा है।आदेश की प्रति शुक्रवार को उपलब्ध हुई। अदालत ने नासिक में येओला तालुका पुलिस थाने में तैनात तत्कालीन उप निरीक्षक को बरी कर दिया। अभियोजन के अनुसार, दामू ने मार्च 1988 में एक व्यक्ति से उसके भाई को जमानत दिलाने में मदद के एवज में कथित तौर पर 350 रुपये की रिश्वत मांगी थी।

सरपंच मामला, दोबारा चुनाव कराने के आदेश दिए

सरपंच मामला, दोबारा चुनाव कराने के आदेश दिए

हमीरपुर। उत्तर-प्रदेश के हमीरपुर में एक गांव में 21 साल से कम उम्र में एक महिला के सरपंच बनने के मामलें में एसडीएम कोर्ट ने दोबारा चुनाव कराने के आदेश दिए है। यह आदेश एक रिट की सुनवाई के बाद दिया गया है। एसडीएम कोर्ट ने एक और गांव की महिला सरपंच पर धोखाधड़ी के मामले में याचिका खारिज कर दिया है।
पिछले साल 26 अप्रैल को जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव  संपन्न कराए गए थे। 2 मई को मतगणना में मौदहा क्षेत्र के परछछ गांव की अंशिका गौतम सरपंच के लिए विजयी घोषित की गई थी। गांव के ही महारजवा ने इस महिला के सरपंच बनने पर गंभीर आरोप लगाते हुए निर्वाचन आयोग पंचायत से शिकायत की थी। आरोप लगाया गया था कि सरपंच के चुनाव के लिए 21 साल की उम्र नियत है, लेकिन अंशिका गौतम की उम्र नामांकन करते समय 20 साल 3 माह थी।
चुनाव कराने का आदेश जारी
इसके बाद भी निर्वाचन अधिकारियों ने उसकी दावेदारी को जायज ठहरा दिया था। इस मामले की रिट एसडीएम मौदहा की अदालत में दायर की गई थी। इस पर एसडीएम सुरेन्द्र कुमार सिंह की कोर्ट ने प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर निर्वाचित सरपंच के चुनाव रद्द कर दोबारा चुनाव कराने के आदेश जारी कर दिए है। इस सरपंच के पिता के गांव के पंचायत मित्र है।
हमीरपुर के मौदहा क्षेत्र के भैंसमरी गांव के पंचायत चुनाव के परिणाम में पूनम सिंह सरपंच बनी थी। इसकी प्रतिद्वंद्वी सहोद्रा बाजपेई ने पंचायत निर्वाचन अधिकारियों के ऊपर जालसाजी और धोखेबाजी के आरोप लगाते हुए उपजिलाधिकारी अदालत में याचिका दाखिल करते हुए आरोप लगाये थे। उन्होंने कहा कि निर्वाचन अधिकारियों और विजयी घोषित हुए प्रत्याशी की मिलीभगत से वह एक मत से हरा दिए गए। इसके बाद उन्होंने दोबारा मत गिने जाने की मांग की थी। इसकी सुनवाई करते हुए उपजिलाधिकारी सुरेंद्र कुमार सिंह ने कुछ साक्ष्य उपलब्ध कराए जाने की बात कही तो उक्त रनर प्रत्याशी साक्ष्य उपलब्ध कराए जाने में असमर्थ रही। इसके बाद उपजिलाधिकारी की अदालत ने रनर प्रत्याशी के जरिए दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया।

गुरुवार, 30 जून 2022

मुजफ्फरनगर: चेकिंग के दौरान, 3 वाहन चोर अरेस्ट किए

मुजफ्फरनगर: चेकिंग के दौरान, 3 वाहन चोर अरेस्ट किए 

भानु प्रताप उपाध्याय

मुजफ्फरनगर। जनपद में बृहस्पतिवार को चेकिंग के दौरान पुलिस ने 3 वाहन चोरों को गिरफ्तार किया। पुलिस चोरो के कब्जे से 3 कार तथा अन्य सामान बरामद किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद के थाना शाहपुर पुलिस द्वारा आज चेकिंग के दौरान मन्सूरपुर तिराहे के पास से 3 वाहन चोरों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि पकडे गए चोर वाहन चोरी करके वाहनों पर फर्जी नम्बर प्लेट लगाकर उन्हे चलाते व बेचते थे।

पुलिस ने पकडे गए चोरो के पास से 03 इको कार फर्जी नम्बर प्लेट लगी हुई, 01 मोटर साइकिल बिना नंबर और 01 तमंचा मय 02 जिन्दा कारतूस 315 बोर बरामद किया। गिरफ्तार किये गए अभियुक्तों की पहचान आशु उर्फ आस मोहम्मद पुत्र असलम निवासी बसधाड़ा थाना शाहपुर, सलमान पुत्र शमीम निवासी बसधाड़ा थाना शाहपुर, तथा इरशाद पुत्र यामीन निवासी बसधाड़ा थाना शाहपुरके रूप में हुई। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त वाहन चोर प्रवृति के अपराधी हैं, जो वाहन चोरी कर नम्बर प्लेट बदलकर चलाते एवं बेचते थे। उनके आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है।

भ्रष्टाचार के आरोप, परियोजना अधिकारी को हटाया

भ्रष्टाचार के आरोप, परियोजना अधिकारी को हटाया

सत्येंद्र पंवार
मेरठ। भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा ) के परियोजना अधिकारी आशीष सिंह गौर को हटा दिया गया। राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा ) की निदेशक यशु रूस्तगी ने की कार्रवाई। अपने आदेश में सूडा की निदेशक यशु रस्तोगी ने जिला नगरीय विकास अभिकरण के अध्यक्ष व जिलाधिकारी दीपक मीणा से अनुरोध किया है कि पीओ डूडा आशीष सिंह को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त किया जाए। साथ ही सीयूजी सिम कार्यालय में वापस जमा कराने के लिए भी कहा है।
आशीष सिंह परियोजना अधिकारी डूडा के पद पर प्रतिनियुक्ति पर तैनात थे। प्रतिनियुक्ति समाप्त करते हुए अब उन्हें तत्काल प्रभाव से उनके मूल विभाग उप्र सहकारी ग्राम विकास बैंक लखनऊ में वापस भेज दिया गया है। इस संबंध में जिलाधिकारी दीपक मीणा का कहना है कि रात में आदेश प्राप्त हुआ है। जिसके क्रम में कार्रवाई की जाएगी।
मालूम हो कि मंगलवार को हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा ) की बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान के सामने जनप्रतिनिधियों ने डूडा के अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर आपत्ति की थी। भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए थे। वहीं, डीएम ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद डूडा कार्यालय का निरीक्षण किया था, तब भी डूडा कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर कई लोगों ने डीएम के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई थी। लगातार शिकायतें की जा रही थीं।
संयुक्त व्यापार संघ का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को नगर आयुक्त से मिला। शहर के अतिक्रमण एवं प्रतिबंधित पालीथिन के उपयोग न करने पर चर्चा की गई। संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा कि किसी भी अतिक्रमण को हटाने से पहले व्यापारी को 10 दिन का नोटिस दिया जाए। उसके बाद ही अतिक्रमण हटाया जाए। महामंत्री दलजीत सिंह ने कहा कि पालीथिन मुक्त मेरठ हमारी प्राथमिकता है, लेकिन विकल्प भी दिया जाए। नगर आयुक्त डा. अमित पाल शर्मा ने आश्वस्त किया कि व्यापारियों के हितों का ध्यान रखा जाएगा। बैठक में ललित अमूल ,अशोक रस्तोगी, रजनीश कौशल, पार्षद संदीप रेवड़ी ,सुधांशु जी महाराज, अंकुर गोयल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

बुधवार, 29 जून 2022

यूपी: खून से लथपथ चाकू लेकर थाने पहुंचा, बुजुर्ग

यूपी: खून से लथपथ चाकू लेकर थाने पहुंचा, बुजुर्ग

अश्वनी उपाध्याय

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां के थाना नंदग्राम में रोजाना की तरह लोग अपनी शिकायतें लेकर आ रहे थे और पुलिसकर्मी उन सभी लोगों से बात करने में व्यस्त थे। तभी थाने में एक जोरदार आवाज सुनाई दी। ये आवाज एक 65 साल के बुजुर्ग व्यक्ति की थी। उसने कहा कि, मैं अपनी पत्नी का खून करके आया हूं, मुझे जेल भेज दो, 44 साल से क्लेश चल रहा था, आज खत्म कर दिया। इस बुजुर्ग का नाम अब्दुल राउफ था। अब्दुल के हाथ में खून से लथपथ चाकू था। चाकू दिखाकर पुलिस वालों को एक ही बात बार-बार बोल रहा था। अब्दुल के हाथ में चाकू देखकर पुलिस वाले एक बार तो उसको देखते ही रह गए। अब्दुल के हाथ में चाकू देख पुलिस उसे साथ लेकर हिंडन विहार में उसके घर पहुंची तो पता चला कि उसने चाकू से चार बार प्रहार करके अपनी 62 साल की पत्नी रईसा को बुरी तरह से लहूलुहान कर दिया है। आरोपी अब्दुल मूलरूप से बागपत के लुहारी सराय का निवासी है। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि, शादी के 44 साल बाद भी रईसा (अब्दुल की पत्नी) मेरा कहा नहीं मानती है और वो हमेशा अपने मायके वालों के कहने पर चलती है।

सुबह करीब दस बजे वो मुझसे मायके जाने की जिद करने लगी। मैंने बार-बार मना किया लेकिन वो जिद पर अड़ी रही। जिसके बाद गुस्से में चाकू उठाया और उसपर पांच बार हमला कर दिया। आरोपी अब्दुल ने आगे बताया कि, जब मुझे लगा कि वो मर गई है तो मैं उसे वहीं खून में लथपथ छोड़कर नंदग्राम पुलिस थाने आ गया। मुझे अफसोस है कि वो कैसे बच गई ? गाजियाबाद पुलिस ने बताया कि घायल रईसा पर पांच वार किए गए थे। जिसमें दो वार गर्दन और तीन पेट पर किए गए हैं। घायल महिला के बेटे इरफान ने रईसा को पटेल नगर के एक अस्पताल में भर्ती कराया। इरफान ने ही अपने पिता के खिलाफ जानलेवा हमले की धारा में केस दर्ज कराया है। अब्दुल रऊफ और रईसा के तीन बेटे और चार बेटियां हैं। दोनो ने सातों की शादी करवाई है। अब्दुल के बेटे ही मजदूरी करके परिवार चला रहे हैं।

अब्दुल अब कोई काम नहीं करता है। अब्दुल ने पहली बार अपनी पत्नी पर हमला नहीं किया है। परिजनों की मानें तो कि डेढ़ महीने पहले भी अब्दुल और रईसा में झगड़ा हुआ था। अब्दुल के बेटो के मुताबिक, अब्बा ने अम्मी की टांग तोड़ दी थी। जिसकी शिकायत वे पुलिस से करने जा रहे थे। लेकिन अम्मी ने पुलिस में शिकायत करने से मना किया था। रईसा के भाई फरियाद अली की माने तो अब्दुल काफी समय से नशे का आदी है। नशा करने के लिए वह रईसा से रुपये मांगता था। लेकिन, जब रईसा पैसे नहीं देती तो दोनों में झगड़ा होता था। जिसकी वजह से रईसा परेशान होकर कई बार मायके आकर भी रही। लेकिन, वह समझौता करके वापस ले जाता था। बहरहाल, पुलिस ने आरोपी अब्दुल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। लेकिन जब अब्दुल ने रईसा की टांग तोड दी थी तभी रईसा को पुलिस से मदद मांगनी थी लेकिन लोकलाज के शर्म की आड़ में रईसा ने ऐसा नहीं किया। जिसका भुगतान आज वो अस्पताल में अपनी जिंदगी और मौत से जूझकर अदा कर रही है।

भाजपा के पूर्व नेता जिंदल को जान से मारने की धमकी

भाजपा के पूर्व नेता जिंदल को जान से मारने की धमकी 

अकांशु उपाध्याय       

नई दिल्ली। उदयपुर में हुई हत्या के बाद पूरे देश में बवाल मचा हुआ है। देश के राजनीतिक दल और धार्मिक संगठन भी इस घटना की निंदा कर रहे हैं। इस बीच भाजपा से निलंबित चल रहे नेता नवीन कुमार जिंदल को जान से मारने की धमकी मिली है। भाजपा के पूर्व नेता को जान से मारने की धमकी भरे तीन मेल आए हैं। इस मेल के साथ ही उदयपुर में हुई हत्या का वीडियो भी अटैच करके जिंदल को भेजा गया है। धमकी भरे मेल में जिंदल और उनके परिवार के सदस्यों की भी इसी तरह से गर्दन काटने की धमकी दी गई है।

नवीन जिंदल ने पीसीआर को इस धमकी की जानकारी देते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर से इसका संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की मांग की है। जिंदल ने इस धमकी की जानकारी ट्वीट करते हुए कहा, “आज सुबह करीब 6:43 बजे मुझको तीन ईमेल आई है, जिसमें उदयपुर में भाई कन्हैया लाल की गर्दन काटने का वीडियो अटैच करते हुए मेरी और मेरे परिवार की भी ऐसी गर्दन काटने की धमकी दी गई है। मैंने पीसीआर को सूचना दे दी है।” उन्होंने इस ट्वीट में दिल्ली पुलिस कमिश्नर और अन्य अधिकारियों को टैग करते हुए उनसे मामले का तुरंत संज्ञान लेने की मांग भी की है।

मंगलवार, 28 जून 2022

ईडी ने राउत को पूछताछ के लिए नया नोटिस जारी किया

ईडी ने राउत को पूछताछ के लिए नया नोटिस जारी किया 

कविता गर्ग  

मुंबई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिवसेना के सांसद संजय राउत को मुंबई की एक ‘चॉल’ के पुन: विकास और उनकी पत्नी और मित्रों से जुड़े अन्य वित्तीय लेन-देन से संबंधित धन शोधन मामलें की जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए मंगलवार को नया नोटिस जारी किया और उनसे शुक्रवार को एजेंसी के समक्ष पेश होने को कहा। इससे पहले केंद्रीय एजेंसी ने राज्यसभा के सदस्य राउत से कहा था कि वह मंगलवार को दक्षिण मुंबई में स्थित संघीय जांच एजेंसी के दफ्तर में उसके अधिकारियों के सामने पेश हों और धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत अपना बयान दर्ज कराएं।

राउत ने आज एजेंसी के समक्ष पेश होने में असमर्थता जताते हुए कहा था कि ईडी उन्हें पेश होने के लिए नई तारीख दे दे। उन्होंने इसके लिए आधिकारिक प्रतिबद्धताएं और अलीबाग में एक जनसभा में शामिल होने का हवाला दिया था। उनके वकीलों ने मंगलवार को मुंबई में ईडी के अधिकारियों से मुलाकात की और उनकी पेशी के लिए 14 दिन का समय मांगा, लेकिन एजेंसी ने उन्हें इस महीने के अंत तक की राहत दी। राउत ने ईडी के समन को सोमवार को साजिश बताया था और कहा था कि उन्हें गिरफ्तार किया जाए। हालांकि उन्होंने अधिकारियों के साथ सहयोग करने की बात भी कही थी।

सोमवार, 27 जून 2022

भ्रष्टाचार का लेन-देन बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

भ्रष्टाचार का लेन-देन बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

मनोज सिंह ठाकुर

रतलाम। सरकारी कामकाज में भ्रष्टाचार का लेन-देन बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्यालयों में दलाल घूमते नहीं दिखे, यदि कहीं भी कार्यालय में ऐसा पाया जाता है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा कर उसे जेल भेजा जाएगा, उक्त निर्देश कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने समय सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक में सोमवार को दिए, इस दौरान सीईओ जिला पंचायत श्रीमती जमुना भिड़े, अपर कलेक्टर एमएल आर्य, अभिषेक गहलोत, निगमायुक्त सोमनाथ झारिया, एसडीएम संजीव पांडे तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आप का कामकाज पारदर्शी हो। कोई छुपी हुई प्रक्रिया नहीं हो। शासन आम आदमी के प्रति जिम्मेदार हैं। अधिकारी भी इसी भावना से आम जनता की समस्याओं के लिए जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ काम करेंगे। कार्यालयों में दलाली एवं धांधली बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने यह भी कहा कि आगामी दिनों में कलेक्ट्रेट में सेल बनाया जाएगा। जो शिकायतों के निराकरण के संबंध में त्वरित कार्य करेगा। निर्वाचन पश्चात भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान भी संचालित किया जाएगा। कलेक्टर ने सभी लाइन डिपार्टमेंट को निर्देशित किया कि उनके टेंडर्स में गड़बड़ी नहीं हो प्रक्रिया पारदर्शी रहे।प्रशासनिक कार्यकलापों के संबंध में कलेक्टर ने निर्देशित किया कि अधिकारियों को अनावश्यक रूप से कलेक्ट्रेट आने की आवश्यकता नहीं है। सभी फाइल्स, अधीक्षक कलेक्ट्रेट के माध्यम से कलेक्टर तक आएंगी। फाइल्स पर गोलमोल भाषा का इस्तेमाल नहीं हो बल्कि हर बात, हर तथ्य स्पष्ट किया जाए, अनावश्यक रूप से कलेक्ट्रेट नहीं आए। आवश्यकता पड़ने पर अधिकारियों को बुलवा लिया जाएगा। जरूरी मुद्दों पर बैठकों में चर्चा कर ली जाएगी।

बैठक में कलेक्टर श्री सूर्यवंशी द्वारा जिले में आगामी नगरी निकाय निर्वाचन तथा पंचायत निर्वाचन के शेष दो चरणों को संपन्न कराने के लिए कार्य योजना पर चर्चा की गई कलेक्टर ने निर्देश दिए। कि आलोट क्षेत्र में संपन्न पंचायत निर्वाचन में जो कमियां सामने आई उन को दृष्टिगत रखते हुए आगामी निर्वाचन ओं को शत-प्रतिशत रुप से सुचारू संपन्न कराने के लिए कार्य योजना बनाकर सभी एसडीएम तथा अन्य अधिकारी कार्य करें कलेक्टर ने निर्वाचन संपन्न कराने के लिए प्रत्येक छोटी सी बात पर भी फोकस करने और मतदान केंद्रों पर प्रत्येक आवश्यक मूलभूत सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

संयुक्त तत्वाधान में 'विशाल स्वास्थ्य शिविर' का आयोजन

संयुक्त तत्वाधान में 'विशाल स्वास्थ्य शिविर' का आयोजन  दुष्यंत टीकम  रायपुर। भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की ज...