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बुधवार, 30 नवंबर 2022

पूनावाला ने पॉलीग्राफी टेस्ट में गुनाह कुबूला 

पूनावाला ने पॉलीग्राफी टेस्ट में गुनाह कुबूला 

अकाशुं उपाध्याय

नई दिल्ली। श्रद्धामर्डर केस में आरोपी आफताब अमीन पूनावाला ने पॉलीग्राफी टेस्ट में अपना गुनाह कुबूल कर लिया है। आफताब ने पॉलीग्राफी टेस्ट में माना है कि उसने ही श्रद्धा की हत्या की। पॉलीग्राफी टेस्ट में आफताब ने कबूला कि उसने सोच-समझकर श्रद्धा का कत्ल किया और इसके लिए उसे कोई अफसोस नहीं है। आफताब का पॉलीग्राफी टेस्ट करने वाले फॉरेंसिक अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है।

पॉलीग्राफी टेस्ट के दौरान आफताब का व्यवहार बिल्कुल समान्य रहा। आफताब ने कहा कि उसने पहले ही पुलिस को सब कुछ बता दिया है। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक उसने कहा कि श्रद्धा की हत्या के आरोप में उसे फांसी भी हो जाए तो अफसोस नहीं होगा, जन्नत में जाने पर उसे हूर मिलेगी। यही नहीं उसने यह भी बताया कि श्रद्धा से रिश्ते के दौरान उसके 20 से अधिक हिंदू लड़कियों से संबंध रहे हैं। पुलिस को दिए उसके इस बयान से आफताब की कट्टर मानसिकता सामने आई है। अब एक्सपर्ट आफताब के पॉलीग्राफी टेस्ट की फाइनल रिपोर्ट बना रहे हैं, रिपोर्ट जांच अधिकारी को सौंपी जाएगी।

1 दिसंबर को होगा नार्को टेस्ट

दिल्ली की एक अदालत ने रोहिणी स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएससी) में आफताब के नार्को टेस्ट को अनुमति दे दी। पूनावाला के वकील अबिनाश कुमार ने बताया कि पुलिस ने आरोपी को एक दिसंबर और पांच दिसंबर को रोहिणी स्थित प्रयोगशाला ले जाने की अनुमति दिए जाने का अनुरोध किया था, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया।

पूनावाला (28) पर अपनी ‘लिव-इन पार्टनर’ श्रद्धा वालकर की हत्या करने और उसके शव के 35 टुकड़े करने का आरोप है। आरोप है कि उसने शव के टुकड़ों को दक्षिण दिल्ली में महरौली के अपने घर में करीब तीन सप्ताह तक 300 लीटर के एक फ्रिज में रखा और फिर कई रातों तक उसे शहर के विभिन्न स्थानों पर फेंका।

मंगलवार, 29 नवंबर 2022

बिना किसी लाइसेंस के 'मदिरा' परोसने पर कार्यवाही 

बिना किसी लाइसेंस के 'मदिरा' परोसने पर कार्यवाही 

हरिशंकर त्रिपाठी 

देवरिया। जिला आबकारी अधिकारी ने जनपद के सभी होटल, रेस्टोरेन्ट एवं बैंकेटहॉल स्वामियों एवं सर्व साधारण को जनहित में अवगत कराया है कि यदि किसी ऐसी पार्टी का आयोजन करना है। जिसमें मदिरा का उपभोग होना है, तो उसके लिए नियमानुसार अकेजनल बार (एफ0एल0-11) अनुज्ञापन प्राप्त किये जाने के उपरान्त ही मदिरा परोसी जाएं तथा अन्य प्राप्त की मदिरा किसी भी दशा में न परोसी जाएं।

यदि किसी होटल, रेस्टोरेन्ट एवं बैंकेटहॉल के मालिक द्वारा अपने प्रतिष्ठान में बिना किसी अकेजनल बार लाइसेंस के मदिरा परोसी जाती है या अन्य प्रान्त की मदिरा परोसी जाती है, तो उसके विरुद्ध आबकारी अधिनियम व आई.पी.सी. की धाराओं में कार्यवाही की जाएगी।

अधिकारियों के खिलाफ ‘उचित कार्रवाई’ करें: योजना 

अधिकारियों के खिलाफ ‘उचित कार्रवाई’ करें: योजना 

इकबाल अंसारी 

गुवाहाटी। गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने असम सरकार से कहा है कि वह राज्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत लाभ बांटने में हुई अनियमितताओं में शामिल अधिकारियों के खिलाफ ‘‘उचित कार्रवाई’’ करे। राज्य सरकार ने पूर्व में उच्च न्यायालय को सूचित किया था कि लगभग 12 लाख अपात्र किसानों को केंद्र सरकार की प्रमुख योजना के तहत लाभ मिला है। गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) अमगुरी नब निर्माण समिति द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए, मुख्य न्यायाधीश आर एम छाया और न्यायमूर्ति सौमित्र सैकिया की पीठ ने निर्देश दिया कि राज्य सरकार को दोषी अधिकारियों के खिलाफ ‘‘उचित कार्रवाई’’ शुरू करने की आवश्यकता है।

पीठ ने 25 नवंबर के अपने आदेश में कहा, ‘‘राज्य सरकार उपयुक्त लाभार्थियों को लाभ प्रदान करने के लिए दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करेगी। प्रतिवादी प्राधिकरण योजना को अक्षरशः और कानून के अनुसार लागू करेगा।’’ अदालत ने असम सरकार को 2020 में तत्कालीन मुख्य सचिव जिष्णु बरुआ द्वारा तैयार की गई एक सदस्यीय जांच रिपोर्ट पर भी विचार करने का निर्देश दिया। रिपोर्ट का हवाला देते हुए, कृषि विभाग के संयुक्त सचिव गुनजीत कश्यप ने फरवरी में एक हलफनामे में अदालत को सूचित किया कि 11.72 लाख अपात्र लोगों को पीएम-किसान योजना के तहत लाभ मिला। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा, ‘‘यह भी रिकॉर्ड में लाया गया है कि 16 जिला कृषि अधिकारी और 98 कृषि विकास अधिकारी विभागीय जांच के अधीन हैं।’’

पीठ ने कहा कि इसके अलावा, बंगाईगांव जिले के जिला कृषि अधिकारी द्वारा एक प्राथमिकी दर्ज की गई है और कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने फर्जी तरीके से 734 लोगों को पोर्टल से जोड़ा था। वर्ष 2019 में शुरू की गई पीएम-किसान योजना के तहत, पात्र किसान परिवारों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये का वित्तीय लाभ प्रदान किया जाता है, जो 2,000 रुपये की तीन समान किस्त में देय है। राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित की जाती है। पिछले साल चार अगस्त को असम के कृषि मंत्री अतुल बोरा ने विधानसभा को बताया था कि राज्य भर में कुल 23,33,864 किसानों को पीएम-किसान योजना के तहत लाभ मिला है।

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने पिछले साल 20 जुलाई को संसद को सूचित किया था कि केंद्र को 15 जुलाई, 2021 तक पीएम-किसान योजना के लिए पंजीकृत 42.16 लाख अपात्र लाभार्थी किसानों से 2,992.75 करोड़ रुपये की वसूली करनी है, जिसमें सबसे अधिक राशि असम से वसूल की जानी है। तोमर ने कहा था, ‘‘इस कुल राशि में से असम में 8.35 लाख अपात्र किसानों से 554.01 करोड़ रुपये की वसूली की जानी है।’’ 

देशमुख की याचिका, 2 दिसंबर तक स्थगित सुनवाई 

देशमुख की याचिका, 2 दिसंबर तक स्थगित सुनवाई 

कविता गर्ग 

मुंबई। महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की जमानत याचिका पर बम्बई उच्च न्यायालय ने सुनवाई मंगलवार को दो दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दी। देशमुख के खिलाफ यह मामला भ्रष्टाचार और पद के आधिकारिक दुरुपयोग से संबंधित है, जिसकी जांच जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो कर रहा है। न्यायमूर्ति एम एस कार्णिक की एकल पीठ मंगलवार को जमानत याचिका पर सुनवाई शुरू नहीं कर सकी, क्योंकि सीबीआई का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह अस्वस्थ होने के कारण अदालत में पेश नहीं हो सके। सीबीआई की विशेष अदालत से पिछले महीने जमानत अर्जी खारिज होने के बाद देशमुख (73) ने उच्च न्यायालय का रुख किया था।

उन्होंने चिकित्सीय और गुण-दोष के आधार पर जमानत की मांग की है। देशमुख की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता विक्रम चौधरी ने जल्दी सुनवाई का आग्रह किया और कहा कि उनके मुवक्किल पिछले साल नवंबर से जेल में हैं। न्यायमूर्ति कार्णिक ने कहा कि वह मामले की सुनवाई दो दिसंबर को करेंगे। न्यायमूर्ति कार्णिक ने कहा, ‘‘यह जमानत की अर्जी है, जो चिकित्सीय और गुण-दोष के आधार पर दाखिल की गयी है। मैं पहले चिकित्सीय आधार पर सुनवाई करूंगा। अगर मैं संतुष्ट हुआ, तभी मैं गुण-दोष के आधार पर सुनवाई करूंगा । राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता पिछले साल नवंबर से जेल में हैं।

देशमुख को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धनशोधन के मामले में गिरफ्तार किया था। इस साल अप्रैल में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने राकांपा नेता को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया था। देशमुख अभी न्यायिक हिरासत में हैं और मुंबई स्थित आर्थर रोड जेल में बंद हैं। उच्च न्यायालय ने पिछले महीने ईडी के मामले में देशमुख को जमानत दी थी।

हालांकि, भ्रष्टाचार के मामले में उनकी जमानत याचिका को सीबीआई की विशेष अदालत ने खारिज कर दिया था । उच्च न्यायालय में अपनी जमानत अर्जी में देशमुख ने कहा है कि वह कई बीमारियों से पीड़ित हैं और पिछले करीब एक साल से जेल में बंद हैं । याचिका में यह दावा किया गया है कि विशेष अदालत ने सीबीआई के आरोप पत्र को केवल 'कट, कॉपी और पेस्ट' करते हुये उन्हें जमानत देने से इंकार कर दिया।

8 वर्षीय बच्ची के साथ बलात्कार और हत्या, मृत्युदंड 

8 वर्षीय बच्ची के साथ बलात्कार और हत्या, मृत्युदंड 

इकबाल अंसारी 

पारादीप। ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले की एक फास्ट-ट्रैक अदालत ने आठ साल की एक बच्ची के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के मामलें में दो अभियुक्तों को मंगलवार को मौत की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना यहां के तिर्तोल थाना क्षेत्र में 2014 में हुई थी जब बच्ची एक दुकान से चॉकलेट खरीदकर घर लौट रही थी।

उसी दौरान चार लोग उसे सुनसान जगह पर ले गए और उसके साथ दुष्कर्म किया एवं बाद में पीड़िता की हत्या कर दी। यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण कानून (पॉक्सो) अदालत ने दो आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। अदालत ने शेख आसिफ और शेख अलीक को सामूहिक बलात्कार और हत्या सहित अन्य आरोपों में दोषी ठहराया और मौत की सजा सुनाई थी। अदालत ने 27 गवाहों के बयानों पर गौर करने के बाद फैसला सुनाया।

सोमवार, 28 नवंबर 2022

हत्याकांड: आफताब की वैन पर 4-5 लोगों का हमला 

हत्याकांड: आफताब की वैन पर 4-5 लोगों का हमला 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। श्रद्धा हत्याकांड केस के मुख्य आरोपी आफताब की वैन पर सोमवार को हमला हुआ है। पॉलीग्राफ टेस्ट के बाद एफएसएल टीम आफताब को लेकर बाहर निकली थी, तभी 4-5 लोगों ने गाड़ी पर हमला कर दिया। इन लोगों के हाथों में तलवारें थी और ये आफताब को मारने की बात कह रहे थे। तभी एक पुलिसकर्मी वैन से बाहर आया और इन लोगों पर बंदूक तान दी। हमला करने वाले शख्स ने बोला कि उसको दो मिनट बाहर निकालो, मार दूंगा।

जानकारी के मुताबिक लोग उसकी वैन के बाहर तलवारें लेकर खड़े थे। लोगों में श्रद्धा मर्डर केस के बाद से ही आफताब को लेकर भारी गुस्सा है। हमलावरों ने कहा कि अगर कोई ऐसा करता है तो हम उसे बख्शेंगे नहीं। 

पुलिस ने बचाव के लिए निकाली गन

आफताब फिलहाल पुलिस कस्टडी में है और उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की बनती है। ऐसे में जब हमला हुआ तो पुलिस को भी आफताब के बचाव के लिए सरकारी गन निकाल कर हमलावरों को पीछे हटाना पड़ा। पुलिस अब इन हमलावरों की जांच में जुटेगी। पुलिस ने फिलहाल इन हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है। सूत्रों ने बताया कि पूनावाला को पॉलीग्राफ जांच के लिए एफएसएल ले जाया गया था। पुलिस ने बताया कि वैन को मौके से हटा लिया गया है, हमलावरों को हिरासत में ले लिया गया है और हथियार जब्त कर लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि घटना शाम को छह बज कर 45 पर हुई।

पूनावाला ने दक्षिण दिल्ली के महरौली स्थित मकान में वालकर की कथित रूप से गला दबा कर हत्या कर दी और उसके शरीर को 35 टुकड़ों में काटने के बाद 300 लीटर के फ्रिज में करीब तीन सप्ताह तक रखा, और फिर उन टुकड़ों को कई दिनों में शहर के अलग-अलग हिस्सों में फेंका। पुलिस ने पूनावाला को 12 नवंबर को गिरफ्तार किया, जिसके बाद उसे पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा गया। पुलिस हिरासत को 17 नवंबर को पांच दिनों के लिए गढ़ा दिया गया।

अदालत ने 22 नवंबर को फिर से पूनावाला को चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा और उसके बाद 26 नवंबर को उसे 13 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस को अभी तक श्रद्धा वालकर की खोपड़ी और शरीर के अन्य हिस्से नहीं मिले हैं।

रविवार, 27 नवंबर 2022

8 वर्षीय बच्चे के गले में चॉकलेट फंसने से मौंत 

8 वर्षीय बच्चे के गले में चॉकलेट फंसने से मौंत 

इकबाल अंसारी 

हैदराबाद। तेलंगाना के वारंगल में हैरान कर देने वाला एक मामला सामने आया है। यहां आठ साल के बच्चे के गले में चॉकलेट फंसने से उसकी मौंत हो गई। बच्चे की मौत के बाद उसके परिवार में मातम पसर गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उधर, पुलिस मामले की जांच कर रही है। बताया जा रहा है मृतक बच्चे का नाम संदीप सिंह है। जानकारी के मुताबिक संदीप के पिता कंगन ऑस्ट्रेलिया की ट्रिप पर गए थे। वहां से लौटने के बाद कंगन अपने बेटे के लिए कुछ चॉकलेट लेकर आए थे, लेकिन ये चॉकलेट ही उसकी जान की दुश्मन बन गई।

दरअसल, संदीप शनिवार को कुछ चॉकलेट अपने स्कूल लेकर गया था। दूसरी क्लास के छात्र ने एक चॉकलेट संदीप के मुंह में डाली, लेकिन वह गले में फंस गई। कुछ सेकंड में ही संदीप सांस लेने के लिए हांफने लगा और जमीन पर गिर गया। स्कूल अधिकारी फौरन उसे सरकारी अस्पताल ले गए, लेकिन दम घुटने से उसकी मौत हो गई।

शनिवार, 26 नवंबर 2022

मौर्य की शैक्षणिक योग्यता को चुनौती, याचिका खारिज 

मौर्य की शैक्षणिक योग्यता को चुनौती, याचिका खारिज 

संदीप मिश्र/बृजेश केसरवानी 
लखनऊ/प्रयागराज। उत्तर-प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने शनिवार को बड़ी राहत दी है। केशव प्रसाद मौर्य की शैक्षणिक योग्यता को चुनौती देने वाली याचिका को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की शैक्षिक योग्यता को लेकर प्रयागराज में दिवाकर नाथ त्रिपाठी के दाखिल परिवाद को एसीजेएम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ तिवारी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाई कोर्ट ने आज दिवाकर नाथ तिवारी की याचिका को खारिज कर केशव प्रसाद मौर्य को बड़ी राहत दी है।
केशव प्रसाद मौर्य के खिलाफ दिवाकर नाथ त्रिपाठी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों में हेराफेरी की शिकायत अगस्त 2021 में की थी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इसके बाद मौर्य के शैक्षणिक प्रमाणपत्र और ग्रेड शीट की प्रामाणिकता को सत्यापित करने के लिए एक जांच का आदेश दिया था। इसके बाद एसीजीएम प्रयागराज की कोर्ट में इस मामले की सुनवाई की गई।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के विरुद्ध दाखिल उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज किए जाने संबंधी प्रार्थनापत्र को निरस्त करने संबंधी निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी गई थी।
यह आदेश न्यायमूर्ति समित गोपाल ने इलाहाबाद के सामाजिक कार्यकर्ता दिवाकर नाथ त्रिपाठी की याचिका पर अधिवक्ता कमल कृष्ण राय व अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी व एजीए (प्रथम) ए के संड को सुन कर दिया है। न्यायालय ने सुनवाई के पश्चात याची द्वारा मुकदमा वापस लेने के आधार पर यह निर्णय लिया है। याची ने उपमुख्यमंत्री के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के लिए निचली अदालत में 19 जुलाई, 2021 को धारा 156(3) सीआरपीसी के तहत प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। आरोप लगाया कि केशव मौर्य ने 2012 विधानसभा चुनाव व 2007 इलाहाबाद शहर पश्चिमी के विधानसभा चुनाव के समय निर्वाचन आयोग के समक्ष अपने शैक्षिक प्रमाणपत्र के बारे में झूठा शपथपत्र दिया था। इसी प्रकार इंडियन आयल कारपोरेशन से सदोष लाभ प्राप्त करने के लिए कूटरचित शैक्षणिक दस्तावेज प्रस्तुत कर फिलिंग स्टेशन प्राप्त किया है।
निचली अदालत ने चार सितंबर, 2021 को याची के प्रार्थनापत्र को इस आधार पर खारिज किया था कि कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। जिला स्तरीय भाजपा (BJP) पदाधिकारी और सूचना अधिकार कार्यकर्ता दिवाकर नाथ त्रिपाठी ने कोर्ट में कहा कि जब केशव प्रसाद मौर्य ने 2007 में इलाहाबाद पश्चिम विधानसभा चुनावों के लिए अपनी उम्मीदवारी प्रस्तुत की, तो उन्होंने हिंदी साहित्य सम्मेलन के दो अंक पत्र और एक इंटरमीडिएट प्रमाणपत्र प्रदान किया था। जिसे किसी भी शैक्षिक बोर्ड से मान्यता प्राप्त नहीं है। केशव प्रसाद मौर्य ने इसे खारिज कर विधानसभा चुनाव से पहले राजनीति से प्रेरित मामला बताया था।
केशव प्रसाद मौर्य भाजपा में आने से पहले आरएसएस, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद में थे। केशव प्रसाद मौर्य ने 2002, 2007 और 2012 में विधानसभा चुनाव लड़ा। 2012 में सिराथू से विधायक बने। इसके बाद वर्ष 2014 में फूलपुर से लोकसभा के सदस्य बने। फूलपुर में केशव प्रसाद मौर्य की जीत से पहली बार कमल खिला था। केशव प्रसाद मौर्य को आठ अप्रैल 2016 को भारतीय जनता पार्टी, उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष घोषित किया गया। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 उनको सिराथू से समाजवादी पार्टी की पल्लवी पटेल से सात हजार से अधिक वोट से हार झेलनी पड़ी। इसके बाद भी भाजपा ने उनको विधान परिषद सदस्य बनाया और लगातार दूसरी बार प्रदेश के उप मुख्यमंत्री हैं।

युवक ने नाले में डुबोकर मारा चूहा, रिपोर्ट दर्ज 

युवक ने नाले में डुबोकर मारा चूहा, रिपोर्ट दर्ज 

संदीप मिश्र 

बदायूं। एक युवक को चूहे की जान लेना महंगा पड़ गया। मजाक करते हुए पत्थर में रस्सी से चूहे की पूंछ बांधकर नाले में बार-बार डुबोकर हंस रहा था। आसपास खड़े बच्चे हंस रहे थे। प्यूपिल ऑफ एनिमल के अध्यक्षपशु प्रेमी ने वहां से गुजरते समय युवक को ऐसा करने से रोका। युवक नहीं माना और पत्थर सहित चूहा नाले में फेंक दिया। अध्यक्ष ने चूहे को बाहर निकाला लेकिन चूहे की मौत हो गई। अध्यक्ष की तहरीर पर युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

कोतवाली सदर क्षेत्र के मोहल्ला कल्याण नगर निवासी पशु प्रेमी विकेंद्र शर्मा ने तहरीर देकर बताया था कि वह बुधवार को शहर के पनवाड़ी बिजली घर के पास से गुजर रहे थे। पास में एक युवक कुछ बच्चों के साथ हंस रहा था। युवक खुद नाले किनारे पर बैठकर कुछ कर रहा था और आनंदित हो रहा था। विकेंद्र शर्मा युवक के पास गए। देखा युवक ने एक चूहे की पूंछ पत्थर से बांधी है। चूहे को बार-बार नाले में डुबा रहा है।

विकेंद्र शर्मा ने युवक से यह करने को मना किया। युवक नाले किनारे से उठा और पत्थर समेत चूहा नाले में फेंक दिया। विकेंद्र शर्मा उसपर गुस्सा हो गए। नाराजगी जताते हुए वीडियो बनाते हुए युवक का नाम पूछा। उसने अपना नाम मनोज कुमार बताया। उससे नाले से चूहा बाहर निकालने को कहा तो युवक झगड़ा करने लगा। विकेंद्र खुल नाले में घुस गए। चूहे को बाहर निकाल लिया, लेकिन कुछ समय के बाद ही चूहे की मौत हो गई।

विकेंद्र शर्मा कोतवाली सदर गए और तहरीर देकर जानकारी दी। पुलिस ने मनोज कुमार के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोपी मनोज कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। पोस्टमार्टम के लिए चूहा बरेली आईवीआरआई भेजा गया है। सदर कोतवाल हरपाल सिंह बालियान ने बताया कि तहरीर प्राप्त हुई थी। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

शुक्रवार, 25 नवंबर 2022

राज्य के सभी डीएफओ पर 10 हजार का जुर्माना

राज्य के सभी डीएफओ पर 10 हजार का जुर्माना 

पंकज कपूर 

नैनीताल। नैनीताल हाईकोर्ट ने एक बड़ा आदेश सुनाते हुए राज्य के सभी डीएफओ के ऊपर दस हजार रुपए का जुर्माना लगा दिया है। हाईकोर्ट ने ये जुर्माना प्लास्टिक कचरे के निस्तारण में हीलाहवाली करने और ग्राम पंचायतों का मानचित्र अपलोड नहीं करने पर लगाया है। हाईकोर्ट का ये आदेश संपूर्ण अफसरशाही पर सवाल है। हालांकि कोर्ट की ये टिप्पणी उस समय आई जब संपूर्ण अफसरशाही मसूरी में मंथन कर रही है और राज्य के विकास के लिए रोडमैप तैयार कर रही है।

दरअसल अल्मोड़ा हवालबाग निवासी जितेंद्र यादव ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। इस याचिका में बताया गया है कि राज्य सरकार ने 2013 में प्लास्टिक यूज व उसके निस्तारण के लिए नियमावली बनाई थी लेकिन इन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने भी प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स में उत्पादनकर्ता, परिवहनकर्ता व विक्रेता को जिम्मेदारी दी थी कि वह जितना प्लास्टिक निर्मित माल बेचेंगे, उतना ही खाली प्लास्टिक वापस ले जाएंगे। अगर नहीं ले जाते हैं तो संबंधित नगर निगम, नगर पालिका व अन्य को फंड देंगे जिससे कि वे इसका निस्तारण कर सकें।

याचिका में कहा गया है कि उत्तराखंड में इन नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों में प्लास्टिक के ढेर लगे हुए हैं और इसका निस्तारण भी नहीं किया जा रहा है। कोर्ट ने इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य के सभी डीएफओ पर दस दस हजार रुपए का जुर्माना लगा दिया है।

इसके साथ ही कोर्ट ने पीसीसीएफ, सदस्य सचिव प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित गढ़वाल और कुमाऊं आयुक्त को 15 दिसंबर को तलब कर लिया है।
कोर्ट ने प्लास्टिक कचरे का निस्तारण न होने पर सख्त नाराजगी जताई थी। कहा था कि इसे लेकर धरातल पर कोई काम नहीं हो रहा है। अधिकारियों की ओर से प्लास्टिक और अन्य कचरों के निस्तारण के लिए जमीनी स्तर पर कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं,

केवल कागजी काम हो रहे हैं। कोर्ट ने जिलाधिकारियों के रवैये से नाराज होकर कई दिशा निर्देश जारी किए थे। इनमें कहा था कि कोर्ट एक ई मेल आईडी बनाएगा, जिसमें प्रदेश के नागरिक सॉलिड वेस्ट और कचरे की शिकायत दर्ज कर सकेंगे।

ये शिकायतें कुमाऊं-गढ़वाल कमिश्नर को भेजी जाएंगी। दोनों डिवीजन के आयुक्त अपने-अपने क्षेत्र की शिकायतों का निस्तारण 48 घंटे के भीतर कर इसकी रिपोर्ट हाईकोर्ट में देंगे। कुमाऊं-गढ़वाल कमिश्नर संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों के साथ गांव-गांव का दौरा कर पता करेंगे कि वहां सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की क्या व्यवस्था है ? उसका कैसे निस्तारण किया जा सकता है ?

अगले सत्र के लिए प्रयोगशाला पहुंचा पूनावाला 

अगले सत्र के लिए प्रयोगशाला पहुंचा पूनावाला 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। श्रद्धा वालकर की हत्या के मामले में आरोपी आफताब अमीन पूनावाला शुक्रवार को पॉलीग्राफ परीक्षण के अगले सत्र के लिए यहां फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला पहुंचा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इससे पहले, बृहस्पतिवार को आफताब का करीब आठ घंटा लंबा पॉलीग्राफ परीक्षण हुआ था।

हालांकि, उसकी तबियत ठीक नहीं होने के कारण प्रयोगशाला के अधिकारियों को बयान दर्ज करने में परेशानी हुई। अधिकारियों ने कहा कि शुक्रवार को पूनावाला को रोहिणी स्थित फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी में पॉलीग्राफ टेस्ट के एक और सत्र के लिए लाया गया क्योंकि ऐसा लगता है कि उसका स्वास्थ्य बेहतर है।

पॉलीग्राफी में पूछ गए थे ये सवाल--

 -श्रद्धा को क्यों मारा?
 -किस हथियार से श्रद्धा को मारा?
-बॉडी को मैनुअली काटा या किसी और तरीके से?
- श्रद्धा के टुकड़े करते वक्त बिल्कुल भी तरस नहीं आया?
- श्रद्धा की बॉडी के टुकड़ों को कहां कहां फेंका?
- श्रद्धा को मारने के बाद तुमने क्या क्या किया?
-कत्ल वाला हथियार कहां हैं?
- श्रद्धा को दिल्ली मारने की प्लानिंग के तहत लाए?
- श्रद्दा की हत्या करने का पछतावा है?

पॉलीग्राफी ग्राफ कैसे होता है-
पॉलीग्राफी जांच में रक्तचाप, नब्ज और सांस की दर जैसी शारीरिक गतिविधियों को रिकॉर्ड किया जाता है और इन आंकड़ों का इस्तेमाल यह पता लगाने में किया जाता है कि व्यक्ति सच बोल रहा है या नहीं।

ये था पूरा मामला
पूनावाला ने अपनी सह जीवन साथी वालकर (27) की मई में कथित तौर पर गला दबाकर हत्या कर दी थी तथा उसके शव के 35 टुकड़े कर दिए थे और उन्हें करीब तीन सप्ताह तक दक्षिण दिल्ली के महरौली में अपने घर में 300 लीटर के फ्रिज में रखा था और कई दिनों तक उन्हें शहर के अलग-अलग हिस्सों में फेंका था।

घटना ने लिया राजनैतिक मोड़
पुलिस के अनुसार शव को काटने के लिए इस्तेमाल की गई आरी अभी तक बरामद नहीं हो सकी है। इस घटना ने उस समय राजनीतिक मोड़ ले लिया जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आश्वासन दिया कि कम से कम समय में आरोपी के लिए “कड़ी सजा” सुनिश्चित की जाएगी। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने आरोप लगाया है कि मुस्लिम प्रेमी द्वारा वालकर की हत्या की घटना का "सांप्रदायिक दुष्प्रचार" के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

गुरुवार, 24 नवंबर 2022

चेयरपर्सन के संबंध में बर्खास्तगी का आदेश खारिज 

चेयरपर्सन के संबंध में बर्खास्तगी का आदेश खारिज 

भानु प्रताप उपाध्याय 

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर पालिका चेयरपर्सन को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए पालिका चेयरपर्सन अंजु अग्रवाल के संबंध में 10 अक्टूबर को दिये गए बर्खास्तगी के आदेश को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट के ताजा आदेश पर चेयरपर्सन अंजु अग्रवाल ने कहा कि न्याय की जीत हुई। लेकिन विरोधियों ने 4 माह तक उन्हें पालिका से दूर रख शहर की जनता का काफी का नुकसान करा दिया। जिसका उन्हें अफसोस रहेगा।

प्रदेश में निकाय और खतौली विधानसभा सीट के उपचुनाव की सरगर्मियों के बीच ही नगरपालिका परिषद् मुजफ्फरनगर के मामले में भी नया उलटफेर सामने आया। 4 बिन्दुओं पर चल रही जांच में शासन से दोषी ठहराए जाने के बाद बर्खास्त की गई चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। दावा किया जा रहा है कि गुरुवार को हुई सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अंजु अग्रवाल की बर्खास्तगी का आदेश खारिज कर दिया। इससे अब उनके पूरे अधिकार के साथ वापस आने का रास्ता साफ हो गया। हांलाकि विरोधियों का दावा है कि हाईकोर्ट ने शासन को नया निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र किया है, जल्द ही अंजू अग्रवाल के खिलाफ बड़ी कार्यवाही कराते हुए दूसरा आदेश जारी कराया जायेगा।

पालिका चेयरपर्सन अंजु अग्रवाल के खिलाफ भाजपा सभासद राजीव शर्मा और मनोज वर्मा ने प्रशासन और शासन में शिकायत की थी। प्रशासनिक जांच में भी आरोप सही ठहराए गए। तत्कालीन डीएम सेल्वा कुमारी ने रिपोर्ट शासन को भेजी थी। शासन ने 19 जुलाई 2022 की रात्रि में अंजू अग्रवाल पर 4 आरोपों में दोषसिद्ध होने की बात कहते हुए उनके वित्तीय अधिकार सीज कर दिये थे। जबकि प्रशासनिक पावर बहाल रखी गयी थी। इसके बाद अंजु अग्रवाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की और शासन के आदेश के खिलाफ आवाज उठाई। 02 सितम्बर को हाईकोर्ट की खण्डपीठ ने उनकी याचिका पर निर्णय सुनाते हुए 19 जुलाई का शासन का आदेश खारिज करते हुए दो सप्ताह में सुनवाई करते हुए नया निर्णय देने को कहा था। इस बीच चेयरपर्सन अंजु अग्रवाल पालिका में अपना अधिकार वापसी की मांग करती रही, लेकिन शासन व प्रशासन ने अधिकार नहीं लौटाये। चेयरपर्सन ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका डाली, लेकिन समय शेष रहने के कारण उनकी याचिका को निरस्त कर दिया गया। इसी बीच 26 सितम्बर को उनको प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात ने सुनवाई के लिए लखनऊ बुलाया। सुनवाई पूरी होने पर चेयरपर्सन के दिये गये जवाब पर असंतोष जाहिर करते हुए 10 अक्टूबर को राज्यपाल की स्वीकृति के बाद प्रमुख सचिव नगर विकास ने चेयरपर्सन को पद से बर्खास्त करने के आदेश जारी कर दिये। इसके बाद 18 अक्टूबर को पालिका में डीएम चन्द्रभूषण सिंह ने शासन के आदेशानुसार नगर मजिस्ट्रेट अनूप कुमार को प्रशासक नियुक्त कर दिया।

बर्खास्तगी आदेश के खिलाफ चेयरपर्सन एक बार फिर हाईकोर्ट पहुंची और उनकी याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट नम्बर-21 में विद्वान न्यायाधीश मनोज गुप्ता तथा न्यायाधीश श्री बनर्जी के समक्ष सुनवाई के लिए स्वीकृत की गयी। सूत्रों के अनुसार इस मामले में हाईकोर्ट में 04 नवंबर, 09 नवंबर, 11 नवंबर, 21 नवंबर और 22 नवंबर को सुनवाई हुई और आज 24 नवंबर को भी सुनवाई के बाद हाईकोर्ट खण्डपीठ ने अपना निर्णय सुनाया है। सूत्रों ने बताया कि खण्डपीठ में सुनवाई के दौरान चेयरपर्सन की ओर से उनके अधिवक्ता सीके पारिख, विवेक मिश्रा और शशि नन्दन ने पक्ष रखा, जबकि शासन की ओर से एडवोकेट जनरल उपस्थित रहे। सूत्रों ने बताया कि 21 नवंबर को भी शासन की ओर से एक दिन का समय मांगा गया था, इसलिए ही 22 नवंबर को सुनवाई तय की गयी। आज भी शासन की ओर से एडवोकेट जनरल ने अदालत से एक दिन का समय मांगा, तो कोर्ट ने नारजागी जाहिर करते हुए फैसला सुनाकर याचिका निस्तारित कर दी है। बताया कि कोर्ट ने 10 अक्टूबर 2022 को शासन के द्वारा जारी बर्खास्तगी के आदेश को खारिज कर दिया है। कहा गया कि इससे अंजू अग्रवाल के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार बहाल हो गये हैं। जल्द ही पालिका में नया सत्ता हस्तांतरण देखा जा सकता है। सुनवाई के दौरान अंजू अग्रवाल, उनके पुत्र अभिषेक अग्रवाल भी मौजूद रहे। वहीं उनके विरोधियों का दावा है कि कोर्ट ने शासन को सुनवाई के बाद नया निर्णय लेने की स्वतंत्रता दी है। इसमें अधिकार बहाल नहीं किये गये हैं और वह जल्द ही इसमें शासन स्तर से बड़ी गंभीर कार्यवाही कराने का प्रयास करेंगे।

मंगलवार, 22 नवंबर 2022

मजदूरी मांगनेे पर युवक की पीट-पीटकर हत्या, आरोप 

मजदूरी मांगनेे पर युवक की पीट-पीटकर हत्या, आरोप 

भानु प्रताप उपाध्याय 

मुजफ्फरनगर। क्षेत्र के एक गांव में मजदूरी मांगनेे पर एक युवक की पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगाया गया है। दो सगे भाइयों पर आरोप लगाते हुए कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। बसायच निवासी राजेंद्र ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि कहा कि बीस नवंबर को उसका बेटा अक्षय अपने भाई कोशिंद के साथ गांव उमरपुर लिसौड़ा में विक्की व विपिन कुमार पुत्रगण रामपाल के यहां पुताई की मजदूरी के रुपये लेने गया था।

आरोप है कि मजदूरी मांगने पर आरोपी दोनों भाइयों ने जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए मारपीट की। इस दौरान अक्षय को मृतक समझकर आरोपी युवकों ने उसे बिजली के नंगे तारों पर डाल दिया। आरोपियों ने उनके दूसरे पुत्र कोशिंद को भी परिजनों को सूचना नहीं करने दी।

शोरशराबा होने पर आरोपी दोनों भाई वहां से भाग गए। इसके बाद कोशिंद अपने भाई अक्षय को मेरठ ले जाने लगा, लेकिन रास्ते में ही खतौली से कुछ दूर चलने पर उसने दम तोड़ दिया। तब अक्षय के शव को लेकर कोशिंद गांव बसायच पहुंचा। वहां कोशिंद ने परिजनों व अन्य ग्रामीणों को मामले की सूचना दी। मृतक के पिता ने दोनों भाईयों पर अक्षय की पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगाया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर विक्की और विपिन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

दोहरे बुजुर्ग हत्याकांड से क्षेत्र में फैली सनसनी

दोहरे बुजुर्ग हत्याकांड से क्षेत्र में फैली सनसनी

दीपक राणा 

गाजियाबाद। जनपद स्थित लोनी विधानसभा क्षेत्र में डबल मर्डर से सनसनी फैल गई है। थाना ट्रॉनिका सिटी क्षेत्र अंतर्गत दौलत नगर, चर्च कॉलोनी में पति-पत्नी की हत्या की गई है। घर में मृत अवस्था में बुजुर्ग दंपति के शव बरामद होने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस दोहरे हत्याकांड के मामले की जांच में जुटी हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया। उन्होंने सभी बिंदुओं पर जांच कर मामले का जल्द से जल्द खुलासा करने का आश्वासन दिया। 

डॉक्टर इरज रजा एसपी ग्रामीण, क्षेत्र अधिकारी रजनीश उपाध्याय एवं थाना प्रभारी पुनीत कुमार भी मौके पर मौजूद रहे। परिजनों के अनुसार बुजुर्ग दंपत्ति की गला घोट हत्या कर की गई। बगल में रहने वाली बेटी फातिमा को सुबह 6 बजे दूध लेने जाते समय इस घटना की जानकारी मिलीं। बुजुर्ग दंपत्ति कबाड़ी का काम करते थे। मृतक बुजुर्ग दंपति पिछले 15 साल से इसी जगह रह रहे थे।

सत्ताधारी दल के एमएलए का कॉलर पकड़ा, झगडा

सत्ताधारी दल के एमएलए का कॉलर पकड़ा, झगडा

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। कार्यकर्ताओं का सम्मान और उनके मुताबिक कार्य नहीं कराने वाले एमएलए को उस समय भारी फजीहत झेलनी पड़ी, जब सत्ताधारी दल के एमएलए का कार्यकर्ताओं ने कॉलर पकड़ लिया और दे-दनादन घूंसे जड़ दिए। पीछा छुड़ाने को एमएलए ने मंच से कूदकर दौड़ लगा दी। सीएम ने इस मुद्दे को लेकर अभी तक अपनी कोई टिप्पणी नहीं की है। दरअसल मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे राजधानी दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के एमएलए गुलाब सिंह यादव का होना बताया जा रहा है। वायरल हो रहे वीडियो के मुताबिक आम आदमी पार्टी के एमएलए सोमवार की देर रात श्याम विहार में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करते हुए गुफ्तगू कर रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर अचानक से हंगामा होना शुरू हो गया। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एमएलए का कॉलर पकड़कर उनके साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी।

जैसे ही एमएलए ने बाहर निकलने की कोशिश की तो पीछा करते हुए कार्यकर्ताओं ने एमएलए को दे दनादन घूंसे रसीद करने शुरू कर दिए। बैठक में हो रही भारी फजीहत और कार्यकर्ताओं की पिटाई से बचने के लिए एमएलए ने मंच से कूदते ही वहां से दौड़ लगा दी, तब कहीं जाकर एमएलए का पीछा छूट पाया। हालाकि हगामा और एमएलए की हुई फजीहत के कारणों का अभी साफतौर से पता नही चल पाया है, लेकिन पार्टी के मुखिया दिल्ली के इन्वेस्टीगेशन मास्टर बनकर बच्चों को सबक देने वाले सीताराम अब बंदियों में ला रहे सुधार सेहत डिजिलॉकर में रख सकते हैं।

उद्योग पति अंकित बिन्दल ने की डायबिटिक क्लीनिक की स्थापना इस नाम के 4 कफ सिरप को लेकर अलर्ट जारी- नहीं करें इनका इस्तेमाल तेजी से बदलती दुनिया के इस दौर में इंटरनेट क्रान्ति ने अपनी शक्ति से सबको चकित कर दिया है। इस ताकत की वजह से मीडिया संसार में एक ज़बरदस्त बदलाव की बयार बह रही है। कहने का मतलब, मीडिया का एक नया स्वरूप उभर कर सामने आया है। 

सोमवार, 21 नवंबर 2022

पूनावाला की दो दिन से अधिक की हिरासत बढ़ाएं

पूनावाला की दो दिन से अधिक की हिरासत बढ़ाएं

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। सनसनीखेज श्रद्धा वालकर हत्याकांड में आरोपी आफताब पूनावाला का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील ने कहा है कि वह पूनावाला की दो दिन से अधिक की पुलिस हिरासत बढ़ाने का विरोध करेंगे। पूनावाला की पांच दिन की पुलिस रिमांड मंगलवार को समाप्त होने जा रही है और मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस उसकी हिरासत की अवधि बढ़ाने की मांग कर सकती है। क्योंकि 17 नवंबर को अदालत के पांच दिनों के भीतर परीक्षण करने के आदेश के बावजूद नार्को परीक्षण अभी भी नहीं हो सका है।

दिल्ली पुलिस ने श्रद्धा वालकर की हत्या के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला की पॉलीग्राफ जांच के लिए यहां अदालत में सोमवार को आवेदन दाखिल किया। पूनावाला के वकील अविनाश कुमार ने कहा कि पुलिस मंगलवार को उसकी रिमांड बढ़ाने की मांग कर सकती है। उन्होंने कहा, ‘यदि वे (पुलिस) दो दिन से अधिक की रिमांड मांगेंगेतो मैं निश्चित रूप से यह कहते हुए इसका विरोध करूंगा कि वह (पूनावाला) लंबे समय से पुलिस हिरासत में है।’ वकीलों द्वारा बृहस्पतिवार को पूनावाला को अदालत ले जाते समय उसके खिलाफ नारबाजी करने को लेकर कुमार ने आरोप लगाया कि एक वर्ग इसे सस्ती लोकप्रियता’ पाने के एक अवसर के रूप में इस्तेमाल कर रहा है।

आफताब को 12 नवंबर को दिल्ली पुलिस ने दक्षिणी दिल्ली के महरौली इलाके में किराये के अपने फ्लैट में श्रद्धा की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था। पुलिस ने कहा था कि आफताब ने श्रद्धा के शव के करीब 35 टुकड़े किए जिसे उसने घर पर 300 लीटर के फ्रिज में लगभग तीन सप्ताह तक रखा और फिर उन्हें विभिन्न हिस्सों में कई दिनों तक फेंकता रहा।

1 करोड़, 20 लाख रूपए खाते से निकालने का आरोप

1 करोड़, 20 लाख रूपए खाते से निकालने का आरोप

दुष्यंत टीकम 

रायपुर। राजधानी रायपुर में करोड़ो रूपए की ठगी का मामला सामने आया है। महिला ने अपने पति और ससुर पर धोखाधड़ी करते हुए 1 करोड़, 20 लाख रूपए बैंक खाते से निकालने का आरोप लगाया है। पुलिस ने धारा 420, 120बी के तहत मामला दर्ज किया है। मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है।

मिली जानकारी के अनुसार अवंति विहार निवासी राधिका गुप्ता ने थाना तेलीबांधा में शिकायत दर्ज कराया है कि मेरे बैंक खाता एवं पोस्ट आफिस के खाता से मेरे जानकारी बिना के छल व बेईमानी पूर्वक मेरे पति राहुल गुप्ता एवं ससुर पवन गुप्ता द्वारा 1 करोड़ 22 लाख रूपये ट्रान्सफर करके धोखाधड़ी किया गया है। मैं स्वयं ट्युशन व अन्य कारोबार करके अपना आय का स्त्रोत बढ़ायी थी। शादी के समय व शादी के बाद मेरे मायके परिवार से गिफ्ट जेवर व नगदी रकम प्राप्त हुये थे। जिसे बैंक में जमा करके लगभग 1 करोड़ 70 लाख रूपये रखी हुई थी। दिनांक 1 सितंबर 2021 से 31 मार्च 2022 के मध्य कुल 1 करोड़ 22 लाख रूपये अन्य खाताओं मे ट्रान्सफर करके धोखाधड़ी किये है। फिलहाल तेलीबांधा पुलिस ने धारा 420, 120बी के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

यूपी में भी प्रेमिका के 6 टुकड़े कर फेंका: पुनरावृति

यूपी में भी प्रेमिका के 6 टुकड़े कर फेंका: पुनरावृति

शैलेंद्र श्रीवास्तव   

आजमगढ़। दिल्ली के श्रद्धा मर्डर केस की तर्ज पर ही उत्तर प्रदेश में भी ऐसा ही एक हत्याकांड सामने आया है। यहां भी एक सिरफिरे प्रेमी ने प्रेमिका की शादी दूसरी जगह हो जाने से नाराज होकर उसकी हत्या कर शव के छह टुकड़े कर दिए। बाद में उनको अलग-अलग जगह फेंक दिया। श्रद्धा मर्डर केस की तरह दिल को दहला देने वाला यह हत्याकांड उत्तर प्रदेश सूबे के आजमगढ़ जिले में सामने आया है। यहां के अहरौला थाना इलाके में पागल प्रेमी ने पहले प्रेमिका का गला दबाकर हत्या कर दी। बाद में गन्ने के खेत में उसके छह टुकड़े कर दिए।

पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बताया कि 16 नवंबर को गौरी का पूरा गांव के सड़क किनारे एक युवती का शव कई टुकड़ों में मिला था। युवती की शिनाख्त इलाके के इसहाकपुर गांव निवासी केदार प्रजापति की पुत्री आराधना के रूप में हुई। पुलिस ने इस मामले में कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए हत्या के मुख्य आरोपी प्रिंस यादव को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने सच उगला है वह दिल को दहला देने वाला है। एसपी आर्य ने बताया कि आरोपी प्रिंस यादव का आराधना से पहले अफेयर चल रहा था। लेकिन आराधना की शादी दूसरे व्यक्ति से होने से वह नाराज चल रहा था। इसलिए उसने आराधना को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया और फिर उसे अंजाम दे दिया। इस प्लान में उसके माता-पिता, बहन, मामा, मामी, मामा का लड़का और उसकी पत्नी भी शामिल है। पूरी घटना के दौरान प्रिंस के मामा का लड़का सर्वेश भी साथ ही रहा. पुलिस को इस मामले में पांच महिलाओं समेत आठ आरोपियों की और तलाश है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रिंस यादव अरब कंट्री में स्थित शारजाह में लकड़ी काटने का काम करता है। उसका आराधना के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था. लेकिन इसी बीच फरवरी 2022 में उसकी शादी किसी दूसरे व्यक्ति से हुई तो वह शारजहां से घर चला आया। इसके बाद उसने आराधना से बात करने की कोशिश की लेकिन कामयाब नहीं हुआ। इस पर उसने आराधना को मारने की योजना बनाई. इसके लिए उसने अपने परिजनों को भी राजी कर लिया।

वह बीते 9 नवंबर को आराधना को भैरव धाम के दर्शन कराने के लिए उसके घर से गया था। वह उसे एक रेस्टोरेंट ले गया. उसके बाद वह वहां से अपने मामा के गांव स्थित एक गन्ने के खेत में आराधना को जबरन खींचकर ले गया। वहां प्रिंस और उसके मामा के लड़के सर्वेश गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। प्रिंस का सर्वेश की पत्नी से भी अफेयर चल रहा था।

गन्ने के खेत में लकड़ी के बोटे आराधना के शरीर के 6 टुकड़े किए और फिर उसे पॉलिथिन में पैक कर दिया। इसके बाद गौरीपुरा गांव के पास शव को कुंए में फेंक दिया। आराधना के शव को वहां से कुछ दूरी पर स्थित एक तालाब के पास फेंक दिया। फिर दोनों वापस लौट आए और वहीं रुके. पुलिस ने साइंटिफिक तरीके से छानबीन कर सभी सबूतों को इकठ्ठा किया और आरोपी प्रिंस यादव को 19 नवंबर की रात को गिरफ्तार कर लिया।

रविवार, 20 नवंबर 2022

नोटिस: युवक ने अपनी खुशी के लिए आत्महत्या की

नोटिस: युवक ने अपनी खुशी के लिए आत्महत्या की

संदीप मिश्र 

महोबा। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में एक युवक ने फेसबुक पर पोस्ट करने के बाद सुसाइड कर लिया। उसने ट्रेन के कटकर जान दे दी। युवक ने जो पोस्ट किया है, उसमें खुशी से सुसाइड करने की बात लिखी है। पता चला है कि युवक की कुछ ही महीने पहले ही शादी हुई थी। घटना के बाद से ही परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, मामला महोबा जिले के कबरई थाना क्षेत्र के झांसी-मानिकपुर रेलवे ट्रैक का है। यहां कबरई कस्बे के अंबेडकर नगर इलाके के रहने वाले संजय कुशवाहा फेसबुक पर सुसाइड नोट लिखकर घर से गायब हो गया।

एफबी पर संजय का पोस्ट देखकर घरवाले घबरा गए। घर में देखने के बाद उसे पूरे गांव में खोजा गया‌। लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। बदहवास हालत में परिवार के लोग उसे खोज ही रहे थे। तभी एक युवक का शव रेलवे ट्रैक पर पड़े होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे संजय के भाई विनोद ने शव देखा‌। कपड़े और अन्य चीजों की पहचान करते हुए शव संजय का होने की पुष्टि की।

परिवार ने बताया कि 10 महीने पहले उसकी शादी हुई थी। उसने आत्महत्या क्यों की, इस बारे में हमें पता नहीं है। संजय ने कभी कोई परेशानी भी नहीं बताई। आज उसने आत्महत्या कर ली। इस घटना से पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल है। संजय ने आत्महत्या करने से पहले फेसबुक पर पोस्ट किया था। इसमें खुद की फोटो के साथ लिखा, ”मैं अपनी खुशी के लिए आत्महत्या कर रहा हूं, इसमें किसी का कोई दोष नहीं है, मेरा परिवार आत्महत्या के लिए जिम्मेदार नहीं है।”

देह व्यापार का अड्डा शिनाख्त, 2 आरोपी गिरफ्तार 

देह व्यापार का अड्डा शिनाख्त, 2 आरोपी गिरफ्तार 

पंकज कपूर 

भगवानपुर। भगवानपुर कस्बे में स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे देह व्यापार के अड्डे को शिनाख्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही फरार स्पा सेंटर संचालक के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। भगवानपुर थाने के नजदीक जिला पंचायत की मार्केट में स्पा सेंटर की आड़ दे व्यापार चलने की सूचना के बाद पुलिस ने यहां दबिश दी तो अफरा तफरी मच गई स्पा सेंटर संचालक बिट्टू निवासी भगवानपुर वहां से फरार हो गया। जबकि दे व्यापार करते पकड़े गए दो लोगों समेत स्पा सेंटर के संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

थाना भगवानपुर के निरीक्षक अमरजीत सिंह ने बताया कि जब पुलिस ने रेड डाली तो दो महिलाओं के साथ अनैतिक कार्य करते हुए 3 लोग पकड़े गए। जानकारी के अनुसार प्रवीण चौधरी निवासी खेड़ा जिला पाली राजस्थान, नासिर निवासी खेलपुर भगवानपुर तथा शिवा निवासी दयानंद नगर शामली मेरठ के साथ ही स्पा सेंटर संचालक बिट्टू निवासी भगवानपुर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। तथा इन महिलाओं को इनके चुंगल से मुक्त कराया गया। महिलाओं का कहना था कि मसाज सेंटर की आड़ में उनसे अनैतिकदेह कार्य जबरन कराया जाता है। पुलिस ने स्पा सेंटर को सील कर दिया है।

कलाकारों के समूह ने मकान को एक नया रूप दिया 

कलाकारों के समूह ने मकान को एक नया रूप दिया  मिनाक्षी लोढी  कोलकाता।  कोलकाता के कालीघाट में स्थित 120 साल पुराने, जर्जर हो चुक...