सोमवार, 19 दिसंबर 2022

डीएम के द्वारा 'हेल्थ एटीएम' मशीन का शुभारंभ

डीएम के द्वारा 'हेल्थ एटीएम' मशीन का शुभारंभ


जनपद मुज़फ्फरनगर में हेल्थ एटीएम शुरू

जिलाधिकारी महोदय ने फीता काटकर किया शुभारंभ

भानु प्रताप उपाध्याय

मुजफ्फरनगर। सोमवार को जिला चिकित्सालय में हेल्थ एटीएम मशीन का शुभारंभ माननीय जिलाधिकारी महोदय श्री चंद्र भूषण सिंह के द्वारा फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं की भी हेल्थ एटीएम मशीन के द्वारा रक्त जांच कराई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. महावीर सिंह फौजदार ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में जिला चिकित्सालय परिसर स्थित ब्लड बैंक में हेल्थ एटीएम मशीन लगाई गई है। जिसमें 30 से अधिक जांचें निशुल्क कराई जा सकती हैं।

जिनमें से मुख्य जांच हिमोग्लोबिन, ब्लड शुगर, एचबीएएलसी, कोलस्ट्रोल , लिपिड प्रोफाइल आदि है। इसके अलावा  इस मशीन के द्वारा वजन ,लंबाई  ब्लड प्रेशर तथा बीएमआई की भी जांच की जा सकती है। उन्होंने बताया कि इस मशीन पर कोई भी व्यक्ति निशुल्क अपनी जांच करा सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्य रूप से इस मशीन के उपयोग इमरजेंसी के समय तथा उस समय जब ब्लड सैंपल देने का समय अवधि पूर्ण हो गई हो तो ऐसे में यह मशीन अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। इस मशीन पर तुरंत ही रिपोर्ट मिल जाती है। इसके अलावा व्यक्ति के मोबाइल नंबर पर भी जांच रिपोर्ट आ जाती है।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ राकेश कुमार, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ शरण सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अरविंद पवार, वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ योगेंद्र तिरखा, जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डॉ गीतांजलि वर्मा ,डॉ शमशेर आलम, जिला सहायक प्रतिरक्षण अधिकारी प्रदीप शर्मा ,चीफ फार्मेसिस्ट अनिल कुमार, लेखाकार देवेंद्र शर्मा, लैब टेक्नीशियन कामेश कुमार आदि उपस्थित रहे।

शामली: सैनी वरिष्ठ सम्मान समारोह आयोजित किया

शामली: सैनी वरिष्ठ सम्मान समारोह आयोजित किया


शामली सैनी समाज समिति युवा सैनी समिति ने सैनी समाज के वरिष्ठ पुरूष व महिलाओ को सम्मानित किया 

भानु प्रताप उपाध्याय

शामली। सैनी समाज समिति व युवा सैनी कल्याण समिति द्वारा सैनी वरिष्ठ सम्मान समारोह आयोजित किया गया। हर साल की भांति इस साल भी सैनी समाज के वरिष्ठ पुरूष व महिलाओं को सैनी समाज के अध्यक्ष बाबूराम सैनी के लाजपतराय शामली निवास पर सम्मानित किया गया। जिसमे महिलाओ को गर्म शाल देकर सम्मानित किया गया और पुरूषों को गर्म चादर देकर सम्मानित किया गया। दोनो की संख्या 100,के करीब होगी।

बाबूराम सैनी अध्यक्ष जी ने कहा की सैनी समाज के वरिष्ठ पुरूष महिलाओ का आयोजन करने से मनोबल बढ़ता है। सैनी समाज किसान परिवार से आते है। कहने का तात्पर्य यह है की सैनी समाज ही असली किसान है। यह समाज सच्चा ओर,ईमानदार मेहनत करने वाला होता है ओर,यह समाज राजनिति मे हिस्सा नही लेता है। जबकी केराना लोकसभा मे 2 लाख के करीब वोट है। सैनी समाज के बडे इतिहास है।

सैनी समाज मे मुख्य गोत्र यह है। जैसे रेड्डी, गहलोत, कुशवाह, मोर्या , शाक्य,आदि मौजूद है। इस कार्यक्रम की अध्यक्षा ओमप्रकाश सैनी ने की। संचालन प्रवीण सैनी ने किया। दीपक सैनी, बर्जपाल सैनी, आभेराम सैनी ,श्यामलाल सैनी एडवोकेट,सुरेश सैनी,रामकुमार सैनी , श्याम सैनी, रामनिवास सैनी ,पुरण सैनी, सुभाष सैनी ,पवन सैनी,जनेश्वर सैनी,  करपाल सैनी , मोहनलाल सैनी राजेश सैनी, राकेश सैनी, अमरसिंह सैनी,रामनाथ सैनी, सुनील सैनी,सचिन सैनी एडवोकेट, चन्दकीराम सैनी , मनोज सैनी, देविन्दर सैनी आर्टिस्ट, आदि मौजूद रहे।

गृहमंत्री का हस्तक्षेप, दोहरा 'रवैया' अपना रही सरकार 

गृहमंत्री का हस्तक्षेप, दोहरा 'रवैया' अपना रही सरकार 

कविता गर्ग

मुंबई/नागपुर। महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्ष के नेता, अंबादास दानवे ने सोमवार को कहा कि महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद पर केंद्रीय गृह मंत्री के हस्तक्षेप के बावजूद कर्नाटक सरकार दोहरा रवैया अपना रही है। दानवे ने सदन में मांग की कि सरकार को मराठियों की सुरक्षा के लिए कड़ा रुख अपनाना चाहिए और कर्नाटक सरकार को करारा जवाब देने की आवश्यकता है।

दानवे आज बेलगाम में महाराष्ट्र बेलगाम एकता समिति द्वारा आयोजित प्रदर्शन में शामिल हुए और महाराष्ट्र के जनप्रतिनिधियों के कर्नाटक में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का मुद्दा उठाया। गौरतलब है कि महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच सीमा विवाद पिछले 61 वर्षों से लंबित है। दानवे ने कर्नाटक सरकार पर लगातार दोहरा रुख अपनाने का आरोप लगाया।उन्होंने कहा कि कर्नाटक में महाराष्ट्र के जनप्रतिनिधियों को रोका जा रहा है, इसलिए वे सवाल कर रहे हैं कि क्या वे भारत-पाकिस्तान की सीमा पर रह रहे हैं।

बेलगाम कर्नाटक सीमा के 875 गांवों का मुद्दा बहुत पुराना है और कर्नाटक सरकार जत, सोलापुर, अक्कलकोट में उन्हें सुविधाएं प्रदान करने की कोशिश कर रही है जिसके कारण मराठियों में बहुत ज्यादा असंतोष है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के लोगों, विधायिका और सरकार को इसपर एकजुट होना चाहिए और इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

नफरत के बाजार में 'मोहब्बत' की दुकान खोल रहा हूं 

नफरत के बाजार में 'मोहब्बत' की दुकान खोल रहा हूं 

नरेश राघानी 

अलवर। कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी 'भारत जोडो यात्रा' को विचार-धारा के खिलाफ संघर्ष बताते हुये कहा है कि वह नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोल रहे है। गांधी सोमवार को अलवर जिले के मालाखेडा में भारत जोडो यात्रा के तहत प्रदेश में एक मात्र सबसे बडी जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उनको भारतीय जनता पार्टी वाले भी बुरे नहीं लगते बल्कि वह उनकी विचारधारा के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन जिसने देश को आजादी दिलाई। उनके नेता महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, सरदार पटेल, अंबेडकर सबने नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोली थी।

राहुल गांधी ने राजस्थान सरकार द्वारा गरीबों के लिए चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं की प्रशंसा की और कहा कि चिंरजीवी जैसे योजना में किडनी ट्रांसप्लांट जैसी असाध्य बीमारी का मु्फ्त इलाज होता है। इससे प्रदेश में लाखों लोगों का दर्द मिटाया है। ऐसी योजनाओं को सम्पूर्ण देश में लागू करना चाहिए। उन्होंने में प्रदेश में 1700 से अधिक अंग्रेजी माध्यम विद्यालय खोलने एवं दस हजार से अधिक इसके लिए अध्यापक लगाने के लिए गहलोत सरकार की तारीफ करते हुये कहा कि इससे करीब का बच्चा अंग्रेजी पढकर अमेरिका जैसे देशों में प्रतियोगिता के लिए योग्यता हासिल कर सकेंगे। राहुल गांधी ने कहा कि भारत जोडो यात्रा में एक रस्सी है, जिसके अंदर सारे सीनियर नेता रहते हैं।

रस्सी के बाहर स्थानीय जनप्रतिनिधि नेता रहते हैं। इस रस्सी को तोड़ना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हमने अब तक साढ़े तीन हजार किमी चल रहे हैं। चलने से शरीर की कई बीमारियों का इलाज हो जाता है। राजस्थान की पूरी कैबिनेट राजस्थान की सड़कों पर हर महीने में एक बार 15 किमी चलें जिससे पार्टी के आम कार्यकर्ताओं की उनसे दूरी मिटेगी और कार्यकर्ता की समस्या खत्म हो जाएगी।

संक्रमण से अधिक प्रभावित होती है 'गर्भवती' महिलाएं 

संक्रमण से अधिक प्रभावित होती है 'गर्भवती' महिलाएं 

इकबाल अंसारी 

हैदराबाद। तेलांगना की एक प्रसिद्ध स्त्री और प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ विमी बिंद्रा ने कहा कि गर्भवती महिला सामान्य महिला की तुलना में संक्रमण से अधिक गंभीर रूप से प्रभावित होती हैं। एंडोमेट्रियोसिस फाउंडेशन ऑफ इंडिया की संस्थापक डॉ विमी बिंद्रा द्वारा सोमवार को जारी यहां एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गयी। डॉ बिंद्रा ने कहा कि गर्भावस्था में सबसे आम संक्रमण हेपेटाइटिस बी और सी, टॉक्सोप्लाज़मोसिज़, दाद, जननांग दाद, रूबेला और एचआईवी हैं।

रूबेला, एक वायरल संक्रमण है, जिसके शुरूआती चरणों में ही बच्चा प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि रूबेला संक्रमण गर्भपात, मृत जन्म, बहरापन, मोतियाबिंद और मस्तिष्क क्षति का कारण बन सकता है। इस वायरस का प्रसवपूर्व रक्त परीक्षण के माध्यम से पता लगाया जा सकता है। डॉ. बिंद्रा ने कहा कि हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी और एचआईवी ऐसे संक्रमण हैं जो एक बार गर्भावस्था के दौरान पाए जाने के बाद प्रसव तक और उसके बाद भी रहते हैं। गर्भावस्था के दौरान लगने वाले ये संक्रमण जीवन भर बने रहते हैं। इन संक्रमणों के सफल इलाज के बाद भी यह शरीर में लंबे समय तक सुप्त अवस्था में पाया गया है और परीक्षणों द्वारा इसका पता लगाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं में इन बीमारियों की सजगता को लेकर जागरुकता बहुत जरूरी है। डॉ बिंद्रा ने कहा, गर्भवती महिलाओं में कुछ संक्रमण तेजी से फैल जाते हैं। इनमें हेपेटाइटिस बी सेक्स और संक्रमित रक्त उत्पादों के सीधे संपर्क के माध्यम से फैलता है। हेपेटाइटिस बी आमतौर पर लिवर को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिला की समय पर जांच द्वारा इन संक्रमितों को फैलने से रोका जा सकता है और बच्चे को भी इन वायरस से बचाया जा सकता है। डॉ बिंद्रा का कहना है कि हेपेटाइटिस ई दूषित पानी और भोजन के माध्यम से फैलता है, जो यकृत को प्रभावित करता है।

डॉ. विमी ने कहा कि टोक्सोप्लाजमोसिज संक्रमण बिल्ली के मल के कारण उत्पन्न होता है, इसलिए बच्चे को बिल्लियों और कूड़े के संपर्क से दूर रखना चाहिए। डॉ. बिंद्रा ने कहा कि एचआईवी से पीड़ित माँ को बच्चे को स्तनपान नहीं कराना चाहिए, इससे बच्चे के संक्रमित होने का खतरा अधिक रहता है। परवोवायरस बी (जिसे थप्पड़ गाल रोग कहा जाता है) बच्चों में आम है और गाल पर दाने की विशेषता है।

आमतौर पर 60 प्रतिशत से अधिक महिलाएं इससे प्रतिरक्षित होती हैं, लेकिन यह अत्यधिक संक्रामक संक्रमण है जो गर्भावस्था के दौरान हो सकता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान नियमित समय पर जांच कराना चाहिए, जिससे अपने साथ-साथ गर्भ में पल रहे बच्चे को इन घातक संक्रमणों से सुरक्षित रख सकें। 

98 प्रतिशत से अधिक जमीन का अधिग्रहण किया 

98 प्रतिशत से अधिक जमीन का अधिग्रहण किया 

अकांशु उपाध्याय

नई दिल्ली। मुंबई और अहमदाबाद के बीच रेलवे की महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना पर काम तेज हो गया है और मंत्रालय ने सोमवार को दावा किया कि इस परियोजना के लिए महाराष्ट्र में 98 प्रतिशत से अधिक जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है। रेल मंत्रालय ने कहा कि 118 किलोमीटर से अधिक की दूरी के लिए जमीनी ढांचा तैयार किया जा रहा है और बुलेट ट्रेन स्टेशन के निर्माण का काम भी शुरू हो गया है।

ऐसा प्रतीत होता है कि महाराष्ट्र में सरकार बदलने के साथ, वन मंजूरी और भूमि अधिग्रहण के मामले में परियोजना की मुश्किलें दूर हो गई हैं। सिलसिलेवार ट्वीट में मंत्रालय ने दावा किया कि जहां महाराष्ट्र में 98.22 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण हो चुका है, वहीं गुजरात में 98.87 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण किया गया है तथा दादरा और नगर हवेली में परियोजना के लिए शत-प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण हो चुका है।

मंत्रालय ने कहा कि 23 नवंबर तक कार्य में प्रगति 24.1 प्रतिशत थी, जबकि गुजरात में लगभग 30 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जबकि महाराष्ट्र में अब तक लगभग 13 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना 508 किलोमीटर की है और इसका अधिकतर हिस्सा गुजरात में पड़ता है। परियोजना की कार्यान्वयन एजेंसी नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) को महाराष्ट्र में बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स और ठाणे, विरार तथा बोइसर में नेटवर्क विकसित करना है। अधिकारियों ने कहा कि गुजरात में लगभग सभी सिविल कार्य की जिम्मेदारी सौंपी जा चुकी है, साथ ही पाया और नदियों के सभी छोटे और बड़े पुलों का निर्माण किया गया है।

खंभों पर ऊपरी ढांचा लगाने का काम भी शुरू हो गया है। बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में बुलेट ट्रेन स्टेशन और भूमिगत सुरंग के निर्माण के लिए अनुबंध भी दे दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि खंभों और ऊपरी ढांचे से जुड़ा कार्य जल्द ही गुजरात की तरह महाराष्ट्र में भी दिखाई देगा। गुजरात में आणंद, सूरत, वडोदरा, भरूच, विलिमोरा, वापी और नवसारी जिलों में बुलेट ट्रेन स्टेशन का निर्माण शुरू हो गया है। 

महिला की हत्या, घुसपैठियों का हाथ होने का आरोप

महिला की हत्या, घुसपैठियों का हाथ होने का आरोप

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने सोमवार को लोकसभा में झारखंड में एक आदिवासी महिला की हत्या का मुद्दा उठाते हुए इसमें अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों का हाथ होने का आरोप लगाया।झारखंड पुलिस के अनुसार एक महिला की हत्या किये जाने और उसके शव के अनेक टुकड़े कर राज्य में साहिबगंज जिले के विभिन्न इलाकों में फेंके जाने के मामले में 28 साल के एक व्यक्ति तथा उसके परिवार के सदस्यों को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया।

इस मुद्दे को सदन में उठाते हुए झारखंड के गोड्डा से लोकसभा सदस्य दुबे ने कहा, ‘‘मैं इस मुद्दे को सदन में बार-बार उठाता रहा हूं कि मेरे संसदीय क्षेत्र में बांग्लादेशी घुसपैठियों का कब्जा हो गया है। यह सब झारखंड सरकार के सहयोग से हो रहा है।’’

उन्होंने कहा कि दो दिन पहले एक जनजातीय समुदाय की लड़की को जबरदस्ती शादी के लिए बाध्य किया गया और फिर उसकी हत्या कर शरीर के 50 टुकड़े कर दिये गये। दुबे ने कहा, ‘‘लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यदि यह हत्याकांड दिल्ली, कोलकाता या मुंबई जैसे किसी शहर में होता तो मीडिया इसे जोरशोर से उठाता।’’ उन्होंने केंद्र से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया। 

सीमा को लेकर उठ रहे विवादों का मुद्दा उठाया: गोगोई

सीमा को लेकर उठ रहे विवादों का मुद्दा उठाया: गोगोई

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। लोकसभा में कांग्रेस सदस्य गौरव गोगोई ने सोमवार को पूर्वोत्तर क्षेत्र में राज्यों के बीच सीमा को लेकर उठ रहे विवादों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इन्हें सुलझाया जाना बहुत जरूरी हो गया है। गोगोई ने शून्य काल में पूर्वोत्तर क्षेत्र में राज्यों के बीच सीमा को लेकर उठे विवादों को लेकर चिंता जाहिर की और कहा कि असम-मिजोरम के बीच हुए सीमा विवाद के कारण कुछ लोगों की जानें भी गयी हैं। सीमा विवाद को लेकर कर्मचारियों को भी काफी कठिनाई उठानी पड़ती है। 

पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भी सीमा विवाद के मामले सामने आये हैं, इसके मद्देनजर सरकार गंभीरता से इस समस्या पर ध्यान दे, ताकि उस क्षेत्र में शांति बनी रहे। उन्होंने मांग की कि पूर्वोत्तर क्षेत्र को सीमा विवाद में उलझने नहीं दिया जाना चाहिए और सरकार को वहां तत्काल हस्तक्षेप करके इसे दूर करना चाहिए। सदन में नागा पीपुल्स फ्रंट के सदस्य एल एस फ्लोज ने भारत की आबादी में हृदय रोग की शिकायतें बढ़ने का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से इस ओर समुचित ध्यान दिये जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में अधिक वजन वाले लोग हृदय रोग की चपेट में आ रहे हैं,और अब यह रोग अब युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रहा है।

हाथियों का उत्पात, लोगों की मृत्यु पर चिंता जताई 

हाथियों का उत्पात, लोगों की मृत्यु पर चिंता जताई 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। लोकसभा में सदस्यों ने हाथियों के उत्पात के कारण लोगों की मृत्यु पर चिंता जताते हुए सरकार से इस बारे में जरूरी कदम उठाने का आग्रह किया है। लोकसभा में पूरक प्रश्न के माध्यम से सदस्यों ने झारखंड, तमिलनाडु सहित कई अन्य राज्यों में हाथियों के उत्पात का मुद्दा उठाते हुए सरकार से सवाल किए और कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए सरकार किस तरह के कदम उठा रही है।

पर्यावरण एवं वन राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने एक पूरक प्रश्न के जवाब में कहा कि झारखंड में सच में हाथियों का आतंक बहुत अधिक है और उस स्थित से निपटने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। हाथियों के कुचलने से हुई मौतों के सवाल पर उन्होंने कहा कि हाथियों द्वारा लोगों को मारे जाने पर राज्यों से भी मुआवजा दिया जाता है और राज्य सरकारें पांच लाख रुपये मुआवजा देती है।

उन्हें समय पर मुआवजा दिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि फसल के लिए भी मुआवजा दिया जाता है और वह भी समय पर दिया जाना चाहिए। 

सीएम ने राज्य के 'मुक्ति' दिवस के अवसर पर बधाई दी 

सीएम ने राज्य के 'मुक्ति' दिवस के अवसर पर बधाई दी 

इकबाल अंसारी 

पणजी। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने सोमवार को राज्य के मुक्ति दिवस के अवसर पर बधाई दी और कहा कि वे लगातार स्वर्णिम गोवा के सपने को साकार करने की दिशा में बढ़ रहे हैं। राज्य को 19 दिसंबर 1961 में पुर्तगालियों से आजाद कराया गया था, तभी से आज के दिन गोवा मुक्ति दिवस मनाया जाता है।

सावंत ने ट्वीट किया, गोवा के विकास की प्रगतिशील यात्रा का हिस्सा बनना गर्व की बात है। हम लगातार स्वर्णिम गोवा के सपने के करीब पहुंच रहे हैं। गोवा मुक्ति दिवस पर राज्य के लोगों को हार्दिक बधाई।

उन्होंने कहा कि क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा,  मैं इस मौके पर ऑपरेशन विजय का नेतृत्व करने और सदियों पुराने औपनिवेशिक उत्पीड़न से गोवा को मुक्ति दिलाने वाले भारतीय सशस्त्र बल के वीर सैनिकों को नमन करता हूं। 

बैल का दूध निकालने में सफलता पाई: केजरीवाल 

बैल का दूध निकालने में सफलता पाई: केजरीवाल 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक अजीबोगरीब दावा करके सबको हैरान कर दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने बैल का दूध निकालकर दिखाया है। जोकि बेहद मुश्किल काम था। केजरीवाल की इस बात को सुनकर आप भी हैरान हो रहे होंगे, लेकिन चौंकिये मत। उन्होंने स्वयं बताया है कि किस फॉर्मूले से उन्होंने गुजरात में बैल का दूध निकालने में सफलता पाई है। 

बैल का दूध निकालने वाली बात अरविंद केजरीवाल ने क्यों बताई?

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल गुजरात चुनावों पर रविवार को बोल रहे थे। पहले तो उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का वर्षों से गढ़ रहे गुजरात में अपनी पार्टी के प्रदर्शन को एक अभूतपूर्व सफलता बताया। इस दौरान केजरीवाल ने कहा कि पहली बार आम आदमी पार्टी ने गुजरात में चुनाव लड़ा और पांच सीटों पर जीत दर्ज किया। इसके साथ ही राज्य में 13 फीसद के करीब वोट भी हासिल किया। किसी भी नई पार्टी के लिए यह बड़ी उपलब्धि है। क्योंकि यह काम कतई आसान नहीं था। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि पहली बार में गुजरात में 5 विधानसभा की सीटें हासिल करना बैल से दूध निकालने जितना असंभव था। मगर आप पार्टी ने यह कर दिखाया।

अरविंद केजरीवाल ने 2022 के गुजरात विधानसभा चुनावों के दौरान लिखकर दिया था कि इस बार राज्य में आप पार्टी की सरकार बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि था कि मेरी भविष्यवाणी हमेशा सच होती है। अपने दावे के समर्थन में दिल्ली के सीएम ने यह भी कहा था कि उन्हें इंटेलीजेंस ब्यूरो (आइबी) से यह गुप्त रिपोर्ट मिली है कि भाजपा गुजरात में हार रही है और यहां आम आदमी पार्टी की सरकार बनने जा रही है। केजरीवाल का कहना था कि आइबी ने यह रिपोर्ट केंद्र सरकार को दी है। मगर चुनाव संपन्न होने के बाद उनके दावों की हवा निकल गई। पार्टी को सिर्फ 5 सीटों पर जीत मिली। अब केजरीवाल ने अभी से दावा करना शुरू कर दिया है कि 2027 में गुजरात में आम आदमी पार्टी की ही सरकार बनेगी।

आप ने गुजरात में हाल में हुए विधानसभा चुनाव में लगभग 13 फीसदी वोट के साथ पांच सीट पर जीत हासिल की थी। केजरीवाल ने इस उपलब्धि पर पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा, ‘‘हाल में गुजरात के सिलसिले में मुझे किसी व्यक्ति ने कहा था कि आप तो बैल से भी दूध निकाल लाए। गाय से तो दूध सभी निकालते हैं, लेकिन हम विधानसभा चुनाव में पांच सीट जीतकर और 13 फीसदी वोट प्रतिशत हासिल करके बैल से दूध निकाल लाए।

रिपोर्ट: हिमाचल के 'सीएम' कोरोना पॉजिटिव मिलें 

रिपोर्ट: हिमाचल के 'सीएम' कोरोना पॉजिटिव मिलें 

श्रीराम मौर्य 

शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। सीएम सुक्खू की सोमवार को रिपोर्ट आई, जिसमें वह कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। बता दें कि सीएम सुक्खू दिल्ली में हैं और सोमवार को उनके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात होने के आसार थे। वहीं अब सुक्खू फिलहाल पीएम मोदी से नहीं मिलेंगे। जानकारी के अनुसार, 18 दिंसबर को हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का सैंपल लिया गया था। इसके बाद देर शाम को उनकी रिपोर्ट आई है, जिसमें वह पॉजिटिव पाए गए हैं। बताया जा रहा है, कि उनके गले में खराश की दिक्कत थी। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि सुक्खू प्रधानमंत्री से मिलने से पहले अनिवार्य नियमित जांच के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में संक्रमित पाए गए।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री में कोई लक्षण नहीं है और एहतियात के तौर पर उन्होंने खुद को आइसोलेट कर लिया है और उनके सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं। बीते तीन दिन से हिमाचल के सीएम दिल्ली दौरे पर हैं। सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, राज्य कांग्रेस प्रमुख प्रतिभा सिंह और 38 नवनिर्वाचित विधायकों के साथ 16 दिसंबर को राजस्थान में राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए थे। सुक्खू नई दिल्ली में हैं और पिछले कुछ दिनों में हिमाचल प्रदेश के AICC प्रभारी राजीव शुक्ला और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित कांग्रेस के कई नेताओं से मिले थे।

हिमाचल की 14वीं विधानसभा का प्रथम सत्र 22 से 24 दिसंबर तक विधानसभा सदन तपोवन धर्मशाला में होना है। इस बाबत अधिसूचना जारी हो चुकी है। वहीं प्रोटेम स्पीकर चंद्र कुमार को राजभवन शिमला में सोमवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर शपथ दिलाएंगे। सीएम सुक्खू ने इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल होना था लेकिन अब उनकी गैर मौजूदगी में ही शपथ होगी। 22 दिसंबर को शीत सत्र के पहले दिन सुबह 11:00 बजे प्रोटेम स्पीकर चंद्र कुमार नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाएंगे। अब शीत सत्र पर भी संशय बन गया है। क्योंकि मुख्यमंत्री के इसमें शामिल होने के आसार कम हैं।

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प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण


1. अंक-69, (वर्ष-06)

2. मंगलवार, दिसंबर 20, 2022

3. शक-1944, पौष, कृष्ण-पक्ष, तिथि-द्वादशी, विक्रमी सवंत-2079‌‌।

4. सूर्योदय प्रातः 06:44, सूर्यास्त: 05:24। 

5. न्‍यूनतम तापमान- 11 डी.सै., अधिकतम- 19+ डी.सै.।

6. समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है। सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा। सभी पद अवैतनिक है। 

7.स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक राधेश्याम व शिवांशु  (विशेष संपादक) श्रीराम व सरस्वती (सहायक संपादक) संरक्षण-अखिलेश पांडेय, ओमवीर सिंह, वीरसैन पवार, योगेश चौधरी आदि के द्वारा (डिजीटल सस्‍ंकरण) प्रकाशित। प्रकाशित समाचार, विज्ञापन एवं लेखोंं से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं हैं। पीआरबी एक्ट के अंतर्गत उत्तरदायी।

8. संपर्क व व्यवसायिक कार्यालय- चैंबर नं. 27, प्रथम तल, रामेश्वर पार्क, लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102। 

9. पंजीकृत कार्यालयः 263, सरस्वती विहार लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102

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(सर्वाधिकार सुरक्षित)

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