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सोमवार, 24 जनवरी 2022

चुनाव में जीतने के लिए पूरा दम खम लगाया: कांग्रेस

चुनाव में जीतने के लिए पूरा दम खम लगाया: कांग्रेस   
संदीप मिश्र    
लखनऊ। यूपी विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए कांग्रेस ने पूरा दम खम लगा दिया है। चुनाव प्रचार में भी कांग्रेस पीछे नहीं रहना चाहती। पार्टी ने स्टार प्रचारकों कि लिस्ट जारी की है। कांग्रेस ने स्टार प्रचारकों के लिए 30 लोगों के नाम पर मुहर लगाई है। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी शामिल है। यूपी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के स्टार प्रचारकों की लिस्ट में सोनिया गांधी का नाम सबसे ऊपर है। वहीं दूसरे नंबर पर पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का नाम मौजूद है।
वहीं तीसरे नंबर पर राहुल गांधी और चौथे नंबर पर प्रियंका गांधी वाड्रा का नाम स्टार प्रचारकों की लिस्ट में शामिल है। बहन प्रियंका गांधी के साथ अब राहुल गांधी भी यूपी की जनता के बीच पहुंचेंगे। बता दें कि यूपी चुनाव प्रचार के लिए कांग्रेस के स्टार प्रचारकों की लिस्ट में पूर्व सांसद गुलाम नबी आजाद और सलमान खुर्शीद के साथ ही राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत का नाम भी शामिल है। छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल, राज बब्बर, अजय कुमार लल्लू और हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी यूपी में कांग्रेस का चुनाव प्रचार करेंगे।

सपा की सेंध के बीच में बड़ा विकेट गिराया: भाजपा

संदीप मिश्र       लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी के प्रभुत्व वाले अम्बेडकरनगर जिले में समाजवादी पार्टी की सेंध के बीच में भारतीय जनता पार्टी ने समाजवादी पार्टी का बड़ा विकेट गिराया है। अम्बेडकरनगर जिले के जलालपुर से समाजवादी पार्टी के विधायक सुभाष राय ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। इस मौके पर सुभाष राय ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोला। नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय में भाजपा उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह के साथ डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य तथा डा. दिनेश शर्मा ने समाजवादी पार्टी के विधायक सुभाष राय को भाजपा की सदस्यता दिला दी। भाजपा युवा मोर्चा के नेता रहे सुभाष राय की यह घर वापसी हुई है। भाजपा मुख्यालय में उत्तर प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व डा. दिनेश शर्मा के साथ भाजपा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और भाजपा मीडिया विभाग के प्रभारी अनिल बलूनी की मौजूदगी में सुभाष राय ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। सुभाष राय ने अम्बेडकरनगर के जलालपुर विधानसभा उप चुनाव में जीत दर्ज की थी। यहां से 2017 में बहुजन समाज पार्टी के रीतेश पाण्डेय ने विधानसभा का चुनाव जीता था। इसके बाद रीतेश पाण्डेय 2019 में बसपा से ही लोकसभा का चुनाव जीते। इसके बाद जलालापुर सीट पर हुए उपचुनाव में सुभाष राय सपा के टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए थे।

रीतेश पाण्डेय के पिता अम्बेडकरनगर से पूर्व सांसद राकेश पाण्डेय के समाजवादी पार्टी में शामिल होने के बाद से ही सुभाष राय ने घर वापसी का मन बना लिया था। राकेश पाण्डेय 2002 में जलालपुर से बसपा से विधायक थे और माना जा रहा है कि इस बार सपा उनको जलालपुर से चुनाव लड़ाएगी। भाजपा में शामिल होने के बाद सुभाष राय ने कहा कि मैंने भाजपा की नीतियों ने प्रभावित होकर पार्टी की सदस्यता ली है। समाजवादी पार्टी में तो नेता तथा कार्यकर्ता का सम्मान नहीं होता है। सपा को अपने कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड देना चाहिए। विधायक सुभाष राय के भाजपा में शामिल होने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि भाजपा में विधायक सुभाष राय का स्वागत है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में में आज कानून का राज है। राष्ट्रवाद और विकास की बयार चल रही है। आज उत्तर प्रदेश में जो वातावरण निर्मित हुआ है, उसे देखते हुए सुभाष राय भाजपा में शामिल हुए हैं। यह उनकी घर वापसी है। उनके आने से भाजपा अंबेडकरनगर जनपद में और मजबूत होगी। भाजपा ने हमेशा से ही दलित, वंचित तथा शोषित वर्ग को समाज की मुख्यधारा में लाने का काम किया है। अब सुभाष राय भी इसमें लगेंगे।

2019 में हुए मध्यावधि चुनाव में जलालपुर से सपा के टिकट पर पहली बार विधायक बने सुभाष राय ने राजनीति की शुरुआत नब्बे के दशक में भाजपा से की थी। राज्य स्तरीय पहलवान सुभाष शुरुआत में भाजपा से दो बार जिला पंचायत सदस्य रहे। इसके बाद 2002 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस में शामिल हो गए और जलालपुर से विधायकी का चुनाव लड़ा, लेकिन सफलता नहीं मिली। कुछ सालों तक कांग्रेस में रहने के बाद 2007 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा में शामिल हो गए। सन 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में जलालपुर सीट से विधायक बने रितेश पांडेय के 2019 में सांसद बनने से खाली हुई सीट पर इसी साल हुए मध्यावधि चुनाव में सुभाष राय ने सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और बसपा से पूर्व मंत्री लालजी वर्मा की बेटी छाया वर्मा को शिकस्त दी।


उत्तराखंड दौरे पर रवाना सीएम भूपेश, बातचीत की
दुष्यंत टीकम         
रायपुर। सीएम भूपेश बघेल सोमवार को उत्तराखंड दौरे पर रवाना हुए। रवाना होने से पहले सीएम भूपेश बघेल ने पत्रकारों से बातचीत की। और कहा - सोमवार को हम उत्तराखंड में कांग्रेस का कैंपेन सांग लॉन्च करेंगे और वहां हमारी बहुत अच्छी स्थिति है। भाजपा लोगों को धर्म के आधार पर बांटती है। उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश में किया है और अब भी कर रहे हैं। धर्म का इस्तेमाल करके बीजेपी को सत्ता मिली लेकिन वोट देकर लोगों को क्या मिला।
बता दें कि उत्तराखंड चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। पहली लिस्ट में पार्टी की तरफ से 53 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की गई है। पार्टी ने सीएम पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ भुवन चंद्र कापड़ी को मैदान में उतारा है। वहीं बीजेपी से वापस कांग्रेस में आए यशपाल आर्य को बाजपुर से टिकट दिया गया है। उत्तराखंड चुनाव की बात करें तो वहां पर 14 फरवरी को एक ही चरण में वोटिंग होने जा रही है। वहीं 10 मार्च को बाकी राज्यों संग ही उत्तराखंड के नतीजे भी सामने आएंगे। इस बार चुनाव में एक तरफ बीजेपी सत्ता परिवर्तन वाले ट्रेंड को तोड़ना चाहती है तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस फिर उसी ट्रेंड से उम्मीद लगाए सत्ता में वापस आना चाहती है।

महाराष्ट्र: 1 से 12वीं तक की ऑफलाइन कक्षाएं बहाल 
कविता गर्ग    
मुंबई। महाराष्ट्र में कक्षा एक से बारहवीं तक के छात्रों के लिए ऑफलाइन कक्षाएं सोमवार को बहाल कर दी गईं। राज्य सरकार ने उम्मीद जताई कि छात्र सुरक्षित माहौल में स्कूलों में वापसी कर खुशी महसूस करेंगे।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बीते हफ्ते शिक्षा विभाग की ओर से भेजे गए उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी, जिसके तहत स्कूलों को 24 जनवरी से खोलने की सिफारिश की गई थी। 
राज्य में कोरोना वायरस के बेहद संक्रामक स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ की दस्तक और मरीजों की संख्या में जबरदस्त वृद्धि के चलते सभी स्कूल जनवरी के पहले सप्ताह में बंद कर दिए गए थे।
बड़ी संख्या में अभिभावकों, शिक्षा कार्यकर्ताओं और शिक्षकों ने छात्रों पर विपरीत प्रभाव पड़ने का हवाला देते हुए इस कदम का विरोध किया था। मुंबई में प्रशासन ने कक्षा एक से नौवीं तक के स्कूलों को 31 जनवरी तक बंद रखने की घोषणा की थी। लेकिन, बाद में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने अपने विश्लेषण में पाया कि राज्य में ओमीक्रोन के मामले नहीं बढ़ रहे हैं और संक्रमितों की संख्या में भी गिरावट आ रही है। 
बीएमसी ने अधिकारियों को स्कूलों में ऑफलाइन कक्षाओं की बहाली की सिफारिश करने का सुझाव भी दिया था। महाराष्ट्र की स्कूली शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने सोमवार को ऑफलाइन कक्षाओं की बहाली पर छात्रों और अभिभावकों का अभिवादन किया।

वीडियो वैन के इस्तेमाल से जुड़े दिशा-निर्देश जारी 
अकांशु उपाध्याय    
नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में प्रचार के लिए वीडियो वैन के इस्तेमाल से जुड़े दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत वीडियो वैन के किसी भी स्थल पर 30 मिनट से ज्यादा समय तक रुकने पर पाबंदी लगाई गई है। कोरोना संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए निर्वाचन आयोग ने रैलियों के आयोजन पर लगा प्रतिबंध 31 जनवरी तक बढ़ा दिया था।
हालांकि, आयोग ने शनिवार को खुली जगहों पर कोविड प्रोटोकॉल के पालन के साथ अधिकतम 500 दर्शकों की मौजूदगी में वीडियो वैन के जरिये प्रचार करने की इजाजत दी थी। आयोग ने सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को एक पत्र जारी कर राजनीतिक दलों द्वारा वीडियो वैन के इस्तेमाल से जुड़े दिशा-निर्देश भी जारी किए थे। पत्र में कहा गया है, ‘राजनीतिक दलों द्वारा वीडियो वैन का इस्तेमाल उनकी योजनाओं और घोषणाओं के प्रचार के लिए किया जा सकता है।
इनके जरिये किसी प्रत्याशी विशेष के लिए वोट या समर्थन नहीं मांगा जा सकेगा।’ पत्र में स्पष्ट किया गया है कि अगर वीडियो वैन का प्रयोग किसी उम्मीदवार के प्रचार के लिए किया जाता है तो उसका खर्च संबंधित उम्मीदवार के खाते में दर्ज किया जाएगा। चुनाव पर्यवेक्षकों को ऐसे खर्चों पर करीबी नजर रखने का निर्देश दिया गया है। निर्वाचन आयोग ने कहा है कि वीडियो वैन से सुबह आठ से रात आठ बजे के बीच ही प्रचार किया जा सकेगा।
रैलियों और रोड शो के आयोजन में इन वाहनों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी। आयोग के मुताबिक, राजनीतिक दलों के बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में वीडियो वैन के जरिये अपनी प्रचार सामग्री का प्रदर्शन करने पर भी रोक रहेगी। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि वीडियो वैन किसी भी प्रचार स्थल पर 30 मिनट से अधिक समय तक नहीं रुके, यह सुनिश्चित करना संबंधित राजनीतिक दल की जिम्मेदारी होगी। पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में फरवरी-मार्च में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

जनहित याचिका पर 30 अप्रैल को सुनवाई: एचसी
अकांशु उपाध्याय    
नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय प्रधानमंत्री की सुरक्षा से संबंधित एक जनहित याचिका पर 30 अप्रैल को सुनवाई करेगा। अदालत ने उच्चतम न्यायालय में इससे जुड़े मुद्दों के लंबित होने के मद्देनजर सोमवार को यह फैसला लिया। याचिका में मांग की गई थी कि प्रधानमंत्री और उनके परिवार के सदस्यों की सुरक्षा के मामले में असैन्य, सैन्य समेत सभी प्राधिकार विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) की निगरानी में काम करें।
मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने कहा कि वह केंद्र से इस जनहित याचिका को एक अभिवेदन के तौर पर मानने के लिए कहेगी। याचिकाकर्ता आशीष कुमार की ओर से पेश अधिवक्ता वी गोविंद रमणन ने कहा कि यह विशेषकर कानून से जुड़ा सवाल है कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा के मामले में जिम्मेदारी एसपीजी के पास होनी चाहिए और वह गृह मंत्रालय के समक्ष इस बाबत पहले ही अभिवेदन दे चुके हैं।
केंद्र सरकार के अधिवक्ता अमित महाजन ने अदालत को सूचित किया कि उच्चतम न्यायालय इस विषय से जुड़े मुद्दों पर पहले ही विचार कर रहा है। इस पर पीठ ने पीआईएल पर सुनवाई स्थगित कर दी और कहा कि शीर्ष अदालत निर्देश दे चुका है और उसके द्वारा गठित समिति की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।
गत पांच जनवरी को प्रधानमंत्री का काफिला पंजाब के फिरोजपुर में प्रदर्शनकारियों के अवरोध उत्पन्न करने पर एक फ्लाईओवर पर फंस गया था। 12 जनवरी को न्यायालय ने इस मामले की गहन जांच की मांग करने वाली याचिका पर शीर्ष अदालत की एक पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति का गठन किया था।
उच्च न्यायालय में दायर याचिका में कहा गया कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा का विषय राज्यों के विवेक पर नहीं छोड़ा जा सकता है और उनकी सुरक्षा के मामलों की पूरी जिम्मेदारी एसपीजी की होनी चाहिए।

'राकांपा' के प्रमुख शरद की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव

कविता गर्ग          मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पंवार ने सोमवार को बताया कि वह कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं। उनकी कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव पाईं गई हैं। लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है। पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने ट्वीट किया कि, मैं कोरोना वायरस से संक्रमित हो गया हूं, लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है। मैं, मेरे चिकित्सक की सलाह का पालन कर रहा हूं।

शरद पवार (81) ने कहा कि, मैं, पिछले कुछ दिनों में मेरे सम्पर्क में आए, सभी लोगों से जांच कराने और पूरी एहतियात बरतने की अपील करता हूं। महाराष्ट्र की शिवसेना नीत महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार का हिस्सा राकांपा और कांग्रेस भी हैं।

रविवार, 23 जनवरी 2022

न्यायमूर्ति मंजूनाथ का निधन, शोक व्यक्त किया

न्यायमूर्ति मंजूनाथ का निधन, शोक व्यक्त किया     
इकबाल अंसारी    
कर्नाटक। बेंगलुरू उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति के. एल मंजूनाथ का रविवार को उनके आवास पर दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 68 साल के थे। पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई, उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों और पूर्व मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने न्यायमूर्ति मंजूनाथ के निधन पर शोक व्यक्त किया है। 
मंजूनाथ का जन्म 21 अप्रैल, 1953 को हुआ था। सितंबर 1974 में एक अधिवक्ता रूप में कर्नाटक उच्च न्यायालय में उन्होंने वकालत की शुरूआत की थी। उन्हें दिसंबर 2000 में कर्नाटक उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया और अक्टूबर 2001 में स्थायी न्यायाधीश बने।
 कामाक्षीपाल्य स्थित आवास का दौरा किया और उनके पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। बोम्मई ने अपने शोक संदेश में कहा कि न्यायमूर्ति मंजूनाथ बहुत अच्छे अधिवक्ता थे।
बोम्मई ने कहा कि एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, कर्नाटक नदी जल और सीमा विवाद प्राधिकरण के अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष के रूप में उनकी सेवाएं सराहनीय हैं।

रोजगार मिशन के कार्यालय का शुभारंभ: सीएम

दुष्यंत टीकम        रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती के अवसर पर रविवार को यहां अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन के राज्य स्तरीय कार्यालय का राजधानी रायपुर में शुभारंभ किया। छत्तीसगढ़ में आगामी पांच वर्षों में रोजगार के 12 से 15 लाख नये अवसरों का सृजन करने के उद्देश्य से राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन का गठन किया है। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री बघेल ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

अवसर पर उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री एवं छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन के कार्यकारी अध्यक्ष उमेश पटेल, मुख्य सचिव एवं छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन के उपाध्यक्ष अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ.आलोक शुक्ला, वित्त सचिव अलरमेलमंगई डी.,मुख्यमंत्री के सचिव द्वय सिद्धार्थ कोमल परदेशी, डॉ एस. भारती दासन, मुख्यमंत्री की उप सचिव सौम्या चौरसिया भी उपस्थित थी।

कांग्रेसी उम्मीदवारों को ईश्वर के सामने शपथ दिलाई 

मो. रियाज         पणजी। गोवा में अगले महीने विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में भाजपा शासित राज्य में गत पांच साल में दलबदल से परेशान कांग्रेस ने पार्टी उम्मीदवारों को ईश्वर के सामने शपथ दिलाई है कि वे निर्वाचित होने के बाद पाला नहीं बदलेंगे। कांग्रेस शनिवार को अपने सभी 34 उम्मीदवारों को बस के जरिये मंदिर, गिरिजाघर और दरगाह ले गई और उन्हें ”दल बदल के खिलाफ” शपथ दिलाई। उल्लेखनीय है कि पिछले विधानसभा चुनाव से अबतक पार्टी के टिकट पर निर्वाचित अधिकतर विधायक पार्टी छोड़ चुके हैं।

कांग्रेस को वर्ष 2017 में राज्य की 40 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में 17 सीटों पर जीत मिली थी और वह सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन अब उसके केवल दो विधायक सदन में बचे हैं। 2019 में कांग्रेस के 10 विधायक सत्तारूढ़ भाजपा में शामिल हो गए थे जिसके विधायकों की मौजूदा संख्या विधानसभा में 27 है। गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जीपीसीसी) के अध्यक्ष गिरिश चोडानकर ने कहा कि, लोगों के मन में भरोसा पैदा करने के लिए उम्मीदवारों को ईश्वर के समक्ष शपथ दिलाई गई।

उम्मीदवारों को पणजी के महालक्ष्मी मंदिर, बाम्बोलिन के गिरिजाघर और बेटिम गांव की दरगाह में शपथ दिलाई गई। वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी.चिदंबरम जिन्हें पार्टी ने गोवा का चुनाव पर्यवेक्षक बनाया है भी उम्मीदवारों के साथ इन धार्मिक स्थलों पर गए। हालांकि, कांग्रेस राज्य में पहली पार्टी नहीं है जो इस तरह का कार्य कर रही है। पिछले साल गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) अपने तीन विधायकों और पदाधिकारियों को मापुसा स्थित देव बोदगेश्वर मंदिर ले गई थी और उन्हें 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा का समर्थन नहीं करने की शपथ दिलाई थी।

छापेमारी और गिरफ्तारियों का डर नहीं: केजरीवाल

अकांशु उपाध्याय        नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कहा कि उन्हें सूत्रों से पता चला है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) उनके कैबिनेट मंत्री सत्येंद्र जैन को पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले गिरफ्तार कर सकता है। बहरहाल, उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और कार्यकर्ता इन एजेंसियों से नहीं डरते। क्योंकि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया।

केजरीवाल ने यहां डिजिटल संवाददाता सम्मेलन में कहा कि, हमारे सूत्रों से हमें पता चला है कि आने वाले कुछ दिनों में पंजाब चुनाव से ठीक पहले ईडी सत्येंद्र जैन (दिल्ली के स्वास्थ्य एवं गृह मंत्री) को गिरफ्तार करेगा। उनका बहुत स्वागत है। इससे पहले भी केंद्र ने सत्येंद्र जैन के खिलाफ छापेमारी की थी, लेकिन कुछ नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी भाजपा को पता चलता है कि वह हार रही है, तभी वह सभी केंद्रीय एजेंसियों को अपने विरोधियों के खिलाफ काम पर लगा देती है। केजरीवाल ने कहा, “चूंकि चुनाव हैं, छापेमारी और गिरफ्तारी की जाएगी। हमें इस तरह की छापेमारी और गिरफ्तारियों का डर नहीं है। क्योंकि हमने कुछ भी गलत नहीं किया है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले उनके आवास, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के परिसरों और जैन के आवास पर भी छापेमारी गई थी तथा आप के 21 विधायकों को भी गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला। पंजाब में 20 फरवरी को विधानसभा चुनाव के लिये मतदान होना है।

केवल आपात सेवाओं को कार्य करने की मंजूरी 

तिरुवनंतपुरम। केरल में कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा लागू एक दिवसीय लॉकडाउन रविवार को प्रभावी हो गया और इस दौरान केवल आपात सेवाओं को ही कार्य करने की मंजूरी दी गई है। उल्लेखनीय है कि कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा करने के लिए बृहस्पतिवार को उच्च स्तरीय बैठक में फैसला किया गया था कि 23 और 30 जनवरी को केवल आपात सेवाओं को ही मंजूरी दी जानी चाहिए।

बैठक में इन दो रविवार पर आवश्यक वस्तुओं जैसे दूध, अखबार, मछली, मांस, फल, सब्जी और किराना की बिक्री करने वाली दुकानों को सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक खोलने की अनुमति दी गई। फैसले के मुताबिक, इस दौरान निजी वाहनों पर रोक रहेगी। सरकार के अनुसार, जिन यात्रियों हवाई अड्डे जाना है या जिन्होंने पहले ही पर्यटन स्थलों पर जाने की टिकट बुक करा ली हैं, उन्हें टिकट आदि जरूरी दस्तावेज जांच चौकियों पर तैनात पुलिस अधिकारियों को दिखाकर यात्रा करने की अनुमति होगी।

केवल होटल और दवा की दुकानों पर पार्सल सेवा उपलब्ध होगी तथा मीडिया और इंटरनेट-दूरसंचार सेवाएं प्रतिबंध के बावजूद उपलब्ध रहेंगी। उल्लेखनीय है कि केरल में शनिवार को कोविड-19 के 45,136 नए मामले आए थे जिन्हें मिलाकर राज्य में अब तक 55,74,702 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हो चुकी है।

ये वहीं सपा हैं, जिससे जनता खफा हैं: अनुराग

संदीप मिश्र        लखनऊ। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर आज लखनऊ पहुंचे थे। यहां उन्होंने समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'वो कहते हैं कि यह नई सपा हैं। लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि ये वहीं सपा है, जिससे जनता खफा हैं। दस मार्च को नतीजे आने के बाद अखिलेश यादव बोलेंगे ईवीएम बेवफा हैं।' आपको बता दें कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, नवनियुक्त नेता अपर्णा यादव समेत अन्य भाजपा नेताओं ने श्रद्धांजलि दी। इसके बाद अनुराग ठाकुर ने मीडिया से बात की।

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर लखनऊ में डोर-टू-डोर कैंपेन के लिए लखनऊ पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा, ''अखिलेश यादव अपनी सरकार के दौरान 300 घंटे भी बिजली नहीं दे पाए, लेकिन अब 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने की घोषणा की है। उनकी सरकार के दौरान, कपड़े सुखाने के लिए बिजली के तारों का इस्तेमाल किया जाता था।'' हाल ही में भाजपा में शामिल हुईं मुलायम सिंह यादव का बहू अपर्णा यादव ने कहा, ''इस डोर टू डोर अभियान के तहत मैं लोगों से भाजपा को वोट करने की अपील करती हूं। बीजेपी सरकार में मां-बहन सभी सुरक्षित महसूस करते हैं। मैं लोगों से अपील करना चाहती हूं कि एक बार फिर से बीजेपी सरकार बनाइए। 2022 में केसरिया लहराइए।


28 जनवरी को पानी के लिए तरसना पड़ेगा: विभाग
दुष्यंत टीकम     
रायपुर। छत्‍तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के आधे रहवासियों को 28 जनवरी को पीने के पानी के लिए तरसना पड़ेगा। दरअसल नगर निगम की जल विभाग सरिता इंटेकवेल के मेन हेडर में लगे वाल्व, एनआरवी को बदलने के साथ ही 80 और 150 एमएलडी इंटेकवेल रा वाटर इंटर कनेक्शन पाइप लाइन की लीकेज मरम्मत, आइएचपी के अन्य संधारण काम करने जा रही है। लिहाजा 28 जनवरी की शाम को शहर के 33 जलागारों से जलआपूर्ति प्रभावित रहेगी। 
नगर निगम के जल कार्य समिति अध्यक्ष सतनाम सिंह पनाग ने बताया कि सरिता इंटेकवेल के मेन हेडर में लगे वाल्व एवं एनआरवी को बदलने 80 और 150 एमएलडी इंटेकवेल रा वाटर इंटर कनेक्शन पाइप लाइन की लीकेज का मरम्मत के साथ आइएचपी के अन्य संधारण कार्य कराया जाना है। यह कार्य शुक्रवार 28 जनवरी की सुबह आठ बजे से शाम छह बजे तक किया जायेगा।
इस दौरान 10 घंटे का शटडाउन लिया जाना है।इसके चलते 80 एवं 150 एमएलडी फिल्टर प्लांट से भरने वाले 33 जलागारों से पेयजल की आपूर्ति प्रभावित रहेगी।मरम्मत का काम पूरा होने के बाद 29 जनवरी की सुबह से नियमित जलप्रदाय शुरू कर दिया जायेगा।33 जलागारों के अलावा शहर के अन्य जलागारों और पावर पंप से जलप्रदाय यथावत जारी रहेगा।
शहर के डंगनिया, गंज, गुढ़ियारी, राजेंद्रनगर, तेलीबांधा, शंकरनगर, खमतराई, भनपुरी, ईदगाहभाठा पुरानी टंकी, श्यामनगर, भाठागांव, चंगोराभाठा, कुशालपुर, डीडी नगर, ईदगाहभाठा, सरोना, टाटीबंध, कोटा, कबीर नगर, जरवाय, गोगांव, मठपुरैना, लालपुर, अमलीडीह, अवंति विहार, मंडी, मोवा, सड्डू, दलदल सिवनी, रामनगर, कचना, आमासिवनी,देवपुरी ओवरहेड टैंक में 28 जनवरी की सुबह नियमित जलप्रदाय के बाद ही 10 घंटे का शटडाउन लिया जायेगा।इस दौरान ओवरहेड टैंक में जल का भराव नहीं होने से 33 जलागारों से शाम को जलआपूर्ति प्रभावित रहेगी।

शनिवार, 22 जनवरी 2022

'मुसलमानों' से कहो, मदन भैया जीत रहा हैं

'मुसलमानों' से कहो, मदन भैया जीत रहा हैं        
इकबाल अंसारी    
गाजियाबाद। जब गीदड़ का समय खराब आता हैं तो वह गांव की ओर भागता है। क्योंकि वह उसके जीवन का खराब समय होता है। वह जंगल को छोड़कर घनी बसावत में चला जाता है। जहां उसके प्राणों पर संकट का भय बना रहता है, और यह बात बिल्कुल सत्य है। समय किसका, कब खराब शुरू हो जाए? यह समय के अलावा और कोई नहीं जानता है।
बात कर रहे है विधानसभा चुनाव की, यहां लोनी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी व निवर्तमान विधायक नंदकिशोर, एक बैठक में अपने साथियों को निर्देशित कर रहे हैं कि मुसलमानों में यह प्रचार करो कि मदन भैया जीत रहे हैं। विडियों का केवल इतना ही भाग संपादित किया गया है। इस बात के कहने का प्रयोजन स्पष्ट नहीं हो पाता है। किंतु इस विडियों से पहला संदेश जनता मे दर्शाता हैं कि नंदकिशोर एक सफल रणनीतीज्ञ नहीं है, गुप्त मंत्रणा और योजनाओं का सावर्जनिक होना, कमजोर दूर दृष्टिकोण का वाहक हैं। या द्वंद से पहले ही मदन के सामने घुटने टेक दिए हैं। स्वयं का प्रचार छोड़ कर विपक्ष के प्रचार करने का क्या कारण ?
यदि इसे रणनीति कहा जाता हैं तो रणनीतिकारो का इससे ज्यादा परिहास नहीं हो सकता हैं।
दूसरा संदेश भी जनता मे जरुर गया है कि रंजीता धामा के चुनाव समर मे ताल ठोकने के बाद भाजपा की कैडर वोट दो हिस्सों में बट गई हैं। भाजपा के कैडर बोर्ड के बंटवारे से कहीं नंदकिशोर गुर्जर बौखलाहट में तो नहीं आ गए हैं। लेकिन एक सामान्य व्यक्ति, सामान्य स्थिति में एक बैठक में अपने साथी-सहयोगियों को दिशा-निर्देश जारी कर रहा है और चुनावी रणनीति तैयार कर रहा हैं। ऐसी स्थिति में किसी को बौखलाहट से परिभाषित करना न्याय उचित नहीं होगा। किंतु इससे यह साफ हो गया है कि लोनी विधानसभा क्षेत्र भाजपा के खाते से खिसक गया हैं।
रही बात रालोद व सपा के संयुक्त प्रत्याशी पूर्व विधायक मदन भैया की, क्षेत्र में एक लहर हैं, जिसे किसी खास प्रचार की भी जरूरत नहीं है। जीत का सेहरा उस सिर पर सजने के लिए उतावला हैं।

भारत मुक्ति मोर्चा से गठबंधन का ऐलान: औवेसी 

संदीप मिश्र       लखनऊ। उत्तर प्रदेश में तारीखों के नजदीक आते ही सियासी गलियारो में चुनावी बयार कुछ अलग ढंग से बहने लगी है। पार्टियां सत्ता में आने के लिए बड़े से बड़ा ऐलान करने से नहीं चूक रही हैं। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को बाबू सिंह कुशवाहा की पार्टी और भारत मुक्ति मोर्चा के साथ गठबंधन का ऐलान किया है। गठबंधन की घोषणा के वक्त ओवैसी ने कुछ ऐसा फॉर्मूला निकाला, जिसके बारे में शायद इससे पहले आपने कभी नहीं सुना होगा। ओवैसी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बाबू सिंह कुशवाहा और भारत मुक्ति मोर्चा के साथ गठबंधन का एलान करते हुए कहा कि, अगर गठबंधन सत्ता में आता है तो राज्य मे 2 मुख्यमंत्री होंगे। इन दो मुख्यमंत्री में से एक ओबीसी समुदाय से और दूसरा दलित समुदाय से होगा। मुस्लिम समुदाय की बात करने वाले ओवैसी ने यहां 3 डिप्टी सीएम का फॉर्मूला भी निकाल लिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में 3 डिप्टी सीएम होंगे, जो मुस्लिम समुदाय से होंगे।

इससे पहले गुर्जर के सपा का दामन थामने के बाद ओवैसी ने उनकी पुरानी तस्वीरों के बहाने अखिलेश पर करारा तंज कसा है। ओवैसी ने ट्वीट कर लिखा, “एसपी एक वाशिंग मशीन है जिसमें संघी सेक्युलर बन जाते हैं। मरहूम कल्याण सिंह, हिंदू युवा वाहिनी के सुनील, स्वामी प्रसाद और अब ये। उम्मीद है के मुस्लिम एसपी नेता इनकी गुल-पोशी करेंगे और इनके ‘सामाजिक न्याय’ के लिए अपनी ‘जवानी क़ुर्बान’ करेंगे। बाक़ी बी-टीम का ठप्पा तो सिर्फ़ हम पर लगेगा। मुखिया गुर्जर कुछ दिन पहले तक यूपी में कमल के फूल की खुशबू को बिखर रहे थे, लेकिन इस बार चुनाव में दोबारा साइकिल की सवारी करेंगे।

बीते कुछ दिनों से ओवैसी लगातार गाहे-बगाहे अखिलेश को निशाने पर लेते रहे हैं। इसकी वजह है यूपी के मुसलमान यूपी में मुसलमान कुल आबादी का 20 प्रतिशत है। उत्तर प्रदेश विधानसभा की 403 सीटों में से 107 सीटें ऐसी हैं, जहां मुस्लिम मतदाता हार और जीत तय करने की ताकत रखते हैं।

18वीं विधानसभा गठन के लिए तैयारी: बसपा

संदीप मिश्र         लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 18वीं विधानसभा के गठन के लिए बहुजन समाज पार्टी की भी जोरदार तैयारी है। पार्टी की प्रमुख उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को दूसरे चरण के 51 प्रत्याशियों की सूची जारी की। बसपा सुप्रीमो मायावती ने ‘हर पोलिंग में जिताना है’ सत्ता में आना है’ नारे के साथ शनिवार को 51 बसपा प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी की। मायावती ने बसपा के राज्य मुख्यालय में सूची जारी करने के दौरान बसपा के सभी नेता तथा कार्यकर्ताओं से कोविड गाइडलाइन का पालन कर प्रचार करने की अपील भी की। बसपा प्रमुख मायावती ने दूसरे चरण की 55 में से 51 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। बचे हुए 4 उम्मीदवारों के नाम भी जल्द घोषित किए जाएंगे।

मायावती ने कहा कि हमने कार्यकर्ताओं से कहा है कि कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए चुनाव प्रचार करें। मुझे पूरी उम्मीद है कि कोरोना के विकट समय में भी कार्यकर्ता अपने उम्मीदवारों को जिताने के लिए काम करेंगे। इससे पहले 15 जनवरी को मायावती ने पहले चरण के उम्मीदवारों के नाम घोषित किए थे। हालांकि, मायावती ने ये नहीं बताया कि इस बार चुनाव में बसपा किन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी लोग 2022 में बसपा सरकार बनाने के लिए मेहनत करें। उन्होंने कार्यकर्ताओं को नया नारा भी दिया। कहा- हर पोलिंग बूथ को जिताना है, बसपा को सत्ता में लाना है।

जदयू पार्टी ने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की 

अविनाश श्रीवास्तव            पटना। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बिहार की सियासत से बड़ी खबर सामने आ रही है। जनता दल यूनाइटेड ने उत्तर प्रदेश में अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने शनिवार को दिल्ली में 26 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है। इसके साथ ही यह तय हो गया है कि यूपी में बिहार का एनडीए गठबंधन नहीं चल पाएगा।

इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के खिलाफ मैदान में जेडीयू के नेता उतरेंगे और योगी को टक्कर देने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी यूपी का दौरा करेंगे। यूपी में चुनावी रैलियों को नीतीश कुमार संबोधित करेंगे और पार्टी के उम्मीदवारों के लिए प्रचार भी करेंगे। जेडीयू के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि चरणवार उम्मीदवारों की सूची जारी हुई। सूची में जिन इलाकों में पहले फेज और दूसरे फेज में पार्टी चुनाव लड़ाना चाहती है वहां के उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की गई है।

बता दें कि केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और धर्मेंद्र प्रधान से गठबंधन के लिए बात की, लेकिन बात नहीं बनी। नतीजा ये रहा कि जेडीयू को अब अकेले ही चुनावी मैदान में उतरना पड़ रहा है। पार्टी ने 51 प्रत्याशियों की सूची भी तैयार कर ली है। आज 26 सीटों की पहली सूची जारी हुई है। जल्द ही दूसरी सूची भी जारी करेंगे।

चुनाव: कार्यकाल के दौरान 24 विधायकों ने बदला दल

मोहम्मद रियाज 

पणजी। गोवा में 14 फरवरी को विधानसभा चुनाव के लिये मतदान होना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘मौजूदा विधानसभा (2017-2022) के पांच साल के कार्यकाल के दौरान लगभग 24 विधायकों ने दल बदला। जो सदन में विधायकों की कुल संख्या का 60 प्रतिशत हिस्सा है। भारत में इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ। इससे जनादेश के घोर अनादर की बात बिल्कुल साफ नजर आती है और अनियंत्रित लालच नैतिक दृष्टिकोण व अनुशासन पर भारी पड़ता दिखाई देता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 24 विधायकों की सूची में विश्वजीत राणे, सुभाष शिरोडकर और दयानंद सोपटे के नाम शामिल नहीं हैं, जिन्होंने 2017 में कांग्रेस विधायकों के रूप में विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। वे सत्तारूढ़ भाजपा में शामिल हो गए थे और उसके टिकट पर चुनाव लड़ा था। कांग्रेस के 10 विधायक 2019 में पार्टी का दामन छोड़ भाजपा में शामिल हो गए थे। इनमें नेता प्रतिपक्ष चंद्रकांत कावलेकर भी शामिल थे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में जाने वाले कांग्रेस के अन्य विधायकों में जेनिफर मोनसेरेट (तालिगाओ), फ्रांसिस्को सिल्वरिया (सेंट आंद्रे), फिलिप नेरी रोड्रिग्स (वेलिम), विल्फ्रेड नाजरेथ मेनिनो डी’सा (नुवेम), क्लैफसियो डायस (कनकोलिम), एंटोनियो कारानो फर्नांडीस (सेंट क्रूज़), नीलकंठ हलर्नकर (टिविम), इसिडोर फर्नांडीस (कैनकोना), अतानासियो मोनसेरेट (जिन्होंने मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद 2019 में पणजी उपचुनाव जीता था) शामिल हैं।

महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) के विधायक दीपक पौस्कर (संवोर्डेम) और मनोहर अजगांवकर (पेरनेम) भी इसी अवधि के दौरान भाजपा में शामिल हो गए थे। सालिगांव से गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) के विधायक जयेश सालगांवकर भी भाजपा में शामिल हो गए थे। हाल में गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री तथा पोंडा से कांग्रेस विधायक रवि नाइक सत्तारूढ़ भगवा पार्टी में शामिल हुए। एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता लुइजिन्हो फलेरियो (नावेलिम) ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का दामन थामा और वह 14 फरवरी के विधानसभा चुनावों में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।साल 2017 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के टिकट पर जीतने वाले पूर्व मुख्यमंत्री चर्चिल अलेमाओ ने भी हाल में टीएमसी का रुख किया। साल 2017 के चुनावों में, कांग्रेस 40 सदस्यीय सदन में 17 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी, लेकिन सरकार नहीं बना सकी, क्योंकि 13 सीटें जीतने वाली भाजपा ने कुछ निर्दलीय विधायकों और क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन कर सरकार बना ली थी।

पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर ने सरकार पर लगाएं आरोप

अविनाश श्रीवास्तव        

रांची। राज्य में नियुक्तियों को लेकर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर खूब आरोप लगाए हैं। उन्होंने नियुक्ति नियमावलियों में बदलाव को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करते हुए कहा, कि वर्तमान जेएमएम-कांग्रेस सरकार ने राज्य में नियुक्तियों से संबंधित पूर्व में जारी किए गए विज्ञापनों, जिनके संबंध में चयन की प्रक्रिया पूरी भी कर ली गई थी, उसे रद्द कर दिया है। अब नए सिरे से नई नियमावली बनाकर विज्ञापन जारी किया गया है। जिसमें उम्र सीमा से संबंधित कट ऑफ डेट को भी बदल दिया गया है। जिसकी वजह से लाखों अभ्यर्थी परीक्षा देने से वंचित हो रहे हैं। रघुवर दास ने कहा कि हमारी सरकार के दौरान अधिक से अधिक युवा अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल करने के उद्देश्य से 2010, 2016 को कट ऑफ डेट निर्धारित किया गया था, उसी कट ऑफ डेट के आधार पर 2019 तक विज्ञापन निकाले गए थे, जिसमें कई अभ्यर्थी शामिल हुए और सफल भी हुए। लेकिन अब राज्य की हेमंत सरकार ने इसे बदलकर 2021 कर दिया है। जिससे भारी संख्या में अभ्यर्थियों चयन प्रक्रिया से बाहर हो गए हैं।

रघुवर दास ने झामुमो-कांग्रेस की सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, कि नौजवानों को नौकरी देने का वादा कर सत्ता में आए, लेकिन अब नौकरियां देना तोे दूर, उन्हें चयन प्रक्रिया से ही बाहर कर दिया गया है। ताकि अपने मन मुताबिक और अपने फायदे के हिसाब से नियुक्तियां की जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य में  अब लोगों के बीच ये आम धारणा बन गई है, कि राज्य का पूरा तंत्र भ्रष्टाचार, लेनदेन और मनचाही नियुक्तियों को बेचने का काम कर रहे हैं। जबकि हमारी सरकार ने स्थानीय नीति में स्थानीय अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने का काम किया था। लेकिन अब राज्य सरकार ने उसे भी रद्द कर दिया है, इससे संबंधित अनेकों मामले न्यायालय में चल रहे हैं। 

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, कि राज्य सरकार ने सभी विज्ञापनों में ये भी स्पष्ट कर दिया है, कि सारी नियुक्तियां रमेश हांसदा के मामले में होने वाले निर्णय से प्रभावित होंगी। गौरतलब है, कि रमेश हांसदी के मामले में न्यायलय ने भी ये टिप्पणी की थी, कि राज्य के द्वारा बनाई गई नियमावली असंवैधानिक है। ऐसे में नियुक्तियों का विज्ञापन जारी कर और नियुक्तियों के लिए प्रक्रियाओं को आरंभ कर राज्य सरकार झारखंड के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और उनकी आंखों में धूल झोंकने का कार्य कर रही है। न्यायालय द्वारा यदि नियमावली रद्द हो जाएगी, तो सारी नियुक्ति प्रक्रिया स्वतः ही निरस्त हो जाएगी। ऐसा लगता है कि राज्य सरकार की मंशा ही यही है कि नियुक्तियों के मामले को उलझा कर, लटका कर, भटका कर रखा जाए। युवा धोखे में रहे और झामुमो- कांग्रेस सरकार अपना लूटतंत्र चला कर अपना घर भरती रहे। रघुवर दास ने कहा कि मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि यदि भाजपा की सरकार राज्य में आएगी तो सभी अभ्यर्थियों को, जो समय से परीक्षा नहीं होने के कारण वंचित रहे हैं, उनको उम्र सीमा का लाभ देते हुए उनको चयन प्रक्रिया में जरूर मौका दिया जाएगा।

जनसभाओं पर लगीं रोक को 1 हफ्ते और बढ़ाया

अकांशु उपाध्याय         नई दिल्ली। देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय चुनाव आयोग रैलियों और जनसभाओं पर लगी रोक को एक हफ्ते और बढ़ा दिया है। रैलियों, रोड शो और जुलूस पर इस हफ्ते पाबंदी रहेगी। टीकाकरण और संक्रमण की स्थिति की समीक्षा के बाद ये फैसला किया गया है। केंद्रीय चुनाव आयोग के आदेश के मुताबिक रैलियों और जनसभाओं पर लगी रोक 31 जनवरी तक जारी रहेगी, लेकिन इसके साथ ही कुछ रियायत भी दी गई हैं। अब 5 लोगों की जगह 10 लोग डोर टू डोर कैंपेन में हिस्सा ले सकते हैं। कैंपेन करने के दौरान कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। वहीं चुनावी सभाओं में अब 300 की जगह 500 लोग हिस्सा ले सकते हैं।

कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए भौतिक रैलियों और रोड शो पर लगाया गया प्रतिबंध जारी रहना चाहिए या नहीं इसको लेकर निर्वाचन आयोग ने शनिवार को डिजिटल बैठकें कीं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, विशेषज्ञों, चुनाव वाले पांच राज्यों और संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों से परामर्श के बाद ये फैसला किया। पिछले हफ्ते केंद्रीय चुनाव आयोग ने रैलियों और जनसभाओं पर लगी रोक आज यानी 22 जनवरी तक के लिए आगे बढ़ा दी थी। आठ जनवरी को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर में चुनावों की तारीखों की घोषणा करते हुए निर्वाचन आयोग ने 15 जनवरी तक रैलियों, रोड और बाइक शो और इसी तरह के प्रचार कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी।

आयोग ने 15 जनवरी को प्रतिबंध को 22 जनवरी तक बढ़ा दिया था। साथ ही उस वक्त ‘इनडोर’ यानी हॉल में अधिकतम 300 लोगों के साथ या हॉल की क्षमता के अनुरूप 50 फीसदी लोगों के साथ बैठक करने की छूट दी थी। एक बार फिर से इस हफ्ते के बाद कोरोना के हालात की समीक्षा की जाएगी, अगर हालात सुधरते हैं तो उसके मुताबिक फैसला लिया जाएगा. देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के तीन लाख 37 हजार 704 नए केस सामने आए हैं और 488 लोगों की मौत हो गई। वहीं, अबतक कोरोना के। वेरिएंट के 10 हजार 50 मामले सामने आ चुके हैं। देश में दैनिक पॉजिटिविटी रेट अब 17.22% है।

शुक्रवार, 21 जनवरी 2022

एससी की बिल्डिंग के सामने 'आत्मदाह' की कोशिश

एससी की बिल्डिंग के सामने 'आत्मदाह' की कोशिश       

अकांशु उपाध्याय         नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट की नई बिल्डिंग के गेट नम्बर 1 के सामने एक व्यक्ति ने आत्मदाह की कोशिश की है। पीसीआर वैन घायल व्यक्ति को आरएमएल अस्पताल लेकर गई है। फिलहाल मामले की तलाश में जुटी है। व्यक्ति ने आत्मदाह की कोशिश क्यों की फिलहाल इसका खुलासा नहीं हो पाया है। 

सुप्रीम कोर्ट की नई बिल्डिंग के गेट पर हुई इस घटना के बाद वहां हड़कंप मच गया। लोगों में इस घटना को लेकर काफी चर्चा है। पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में अभी कुछ खास जानकारी नहीं दी है। बुजुर्ग से पुलिस की पूछताछ जारी है, आखिर उसने आत्मदाह का प्रयास क्यों किया है ? क्या कारण रहा की वह सुप्रीम कोर्ट के नए गेट पर खुद का दहन करने पहुंच गया ?

नेता कोश्यारी की धमक 'भाजपा' में अब भी बरकरार

कविता गर्ग         मुंबई। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राज्य के कद्दावर नेता भगत सिंह कोश्यारी भले ही महाराष्ट्र के राज्यपाल बनने के बाद सक्रिय सियासत से दूर हों। लेकिन राज्य भाजपा में उनकी धमक अब भी बरकरार है। भाजपा के टिकट वितरण में कोश्यारी की छाप साफ दिखाई दे रही है। कुमाऊं के अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र विधानसभा क्षेत्रों में कोश्यारी के करीबियों पर दाव लगाकर भाजपा ने साफ कर दिया है कि कोश्यारी उनके लिए कितने जरूरी हैं। राज्य बनने से पहले उत्तरांचल इकाई के भाजपा अध्यक्ष रहे कोश्यारी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी से निकटता की वजह से राज्य के पहले मुख्यमंत्री नित्यानंद स्वामी से पिछड़ गए लेकिन अंतरिम सरकार में ही उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया गया। 2002 में कोश्यारी के नेतृत्व में भाजपा ने चुनाव लड़ा लेकिन सरकार नहीं बनी। दिग्गज नेता एनडी तिवारी मुख्यमंत्री बने तो कोश्यारी नेता प्रतिपक्ष।

2007 में भाजपा ने फिर सत्ता हासिल की लेकिन खंडूरी जरूरी के नारे को सार्थक करार देते हुए भुवन चंद्र खंडूरी को मुख्यमंत्री बनाया। फिर असंतोष उभरा तो डॉ निशंक को कमान सौंप दी गई। 2012 के चुनाव में फिर से कांग्रेस सत्ता में आ गई । 2014 में कोश्यारी को नैनीताल सीट से लोकसभा चुनाव लड़ाया। कोश्यारी ने जीत दर्ज की। 2017 में भाजपा 57 सीट के प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आई तो कोश्यारी की पसंद त्रिवेंद्र सिंह रावत को मुख्यमंत्री बनाया गया।चुनाव से ठीक पहले भाजपा हाईकमान ने कोश्यारी के कभी पीआरओ, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंप दी। अब शिष्य पर फिर से सरकार लाने की जिम्मेदारी है तो गुरु की पसंद का रास्ता तैयार कर दिया गया है। भाजपा सूत्रों के अनुसार अल्मोड़ा में द्वाराहाट से अनिल शाही, कपकोट से सुरेश गड़िया, धारचूला से धन सिंह धामी, गंगोलीहाट से फकीर राम टम्टा, अल्मोड़ा से कैलाश शर्मा, लोहाघाट से पूरन सिंह फर्त्याल, चम्पावत से कैलाश गहतोड़ी पर कोश्यारी की पसंद की वजह से दांव खेला गया है। अनिल शाही व सुरेश गड़िया कोश्यारी के भरोसेमंद रहे हैं।

29 को होगा फायरमैन भर्ती परीक्षा का आयोजन: बोर्ड    
नरेश राघानी       
जयपुर। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच 629 पदों के लिए 29 जनवरी को फायरमैन भर्ती परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। जिसमें प्रदेश के 1 लाख 50 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे। एग्जाम में अभ्यर्थियों को सवालों के साथ ही कड़ाके की सर्दी का भी सामना करना पड़ेगा। इसकी वजह है सरकारी ओर से जारी गाइडलाइन। गाइडलाइन के अनुसार अभ्यर्थी कोट, टाई, मफलर, जैकेट, जरकिन, ब्लेजर, पहनकर परीक्षा नहीं दे सकेंगे।
ऐसे में अभ्यर्थी सर्दी से बचने के लिए सिर्फ शर्ट, बिना जेब वाली स्वेटर जिनमें बड़े बटन नहीं लगे हो वहीं पहन सकेंगे। इसके साथ ही महिला अभ्यर्थी भी हेट, स्टॉल, शॉल, मफलर पहनकर परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगी।अभ्यर्थियों के लिए ये गाइडलाइनड्रेस कोड का पालन नहीं करने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षा के दौरान पानी की बोतल, पर्स, बैग, ज्योमैट्री, पेंसिल बॉक्स, प्लास्टिक पाउच, कैल्कुलेटर, तख्ती, पैड, गत्ता, पैन ड्राइव, रबर, टेबल स्कैनर, किताबें, नोटबुक, पर्चियां, व्हाइटनर लाने पर रोक रहेगी।
इसके साथ ही डेढ़ घंटे पहले अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्रों पर रिपोर्टिंग करने के साथ ही परीक्षा समय के बाद प्रवेश नहीं दिया जाएगा। 29 जनवरी को दो पारी में आयोजित होने वाली भर्ती परीक्षा में फायरमैन परीक्षा सुबह पहली पारी 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित होगी। जबकि एएफओ (असिस्टेंट फायर ऑफिसर) परीक्षा दूसरी पारी में दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक आयोजित होगी। एडमिट कार्ड 21 जनवरी के बाद अपलोड किए जाएंगे। भर्ती परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी। ऐसे में कट ऑफ हाई रहने की संभावना है। 33% अंक लाना अनिवार्य फायरमैन और असिस्टेंट फायर ऑफिसर की भर्ती में लिखित और प्रैक्टिकल परीक्षा होगी।
लिखित परीक्षा में न्यूनतम 33 फीसदी नंबर लाने वाले परीक्षार्थियों को ही फिजिकल और प्रैक्टिकल के लिए क्वालिफाइड माना जाएगा। वहीं, अनुसूचित जाति और जनजाति के परीक्षार्थियों के लिए 28 प्रतिशत अंक लाने अनिवार्य होंगे। फिजिकल और प्रैक्टिकल के लिए कैटेगरी वाइज कट ऑफ लिस्ट जारी की जाएगी।

अभ्यर्थियों को निर्धारित अंक प्राप्त करने पर शारीरिक और प्रायोगिक परीक्षा में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जबकि लिखित परीक्षा के बाद 1 पद के मुकाबले 10 अभ्यर्थियों को फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा। परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी।लिखित परीक्षा 70 अंकों की होगी। शारीरिक परीक्षा 60 अंकों की होगी। प्रायोगिक परीक्षा 90 अंकों की होगी। इस तरह से तीनों प्रकार की परीक्षाओं के अधिकतम अंक 220 होंगे। तीनों के अंकों के आधार पर मेरिट बनेगी।

गुड रिटर्न्स वेबसाइट ने सोने-चांदी की कीमतें जारी की
मनोज सिंह ठाकुर       
भोपाल। सोने चांदी की कीमतों में जारी उतार चढ़ाव के बीच शुक्रवार को गुड रिटर्न्स वेबसाइट ने सोने-चांदी की कीमतें जारी की। वेबसाइट के मुताबिक शुक्रवार सुबह सोना महंगी कीमत पर खुला। सोने की कीमत  10 रुपये प्रति दस ग्राम महंगे भाव पर ट्रेंड कर रही है। वहीं चांदी की कीमत  में उछाल देखा गया। चांदी 800 रुपये प्रति किलोग्राम महंगे भाव पर ट्रेंड कर रही है। गौरतलब है कि गुरूवार को सोना 450 रुपये प्रति दस ग्राम महंगे भाव पर खुला था वहीँ चांदी 1400 रुपये महँगी थी।कैरेट, सोने की शुद्धता मापने का अधिकृत पैमाना होता है। जितना ज्यादा कैरेट होगा सोने की शुद्धता उतनी अधिक होगी। यानि बोलचाल की भाषा में सोना उतना ही खरा होगा। सोने की कीमत भी उसकी शुद्धता के हिसाब से ही तय होती है।  24 कैरेट सोना 100 प्रतिशत शुद्ध होता है, ये बहुत नाजुक और नरम होता है इसकी ज्वलेरी बनना मुश्किल होता है इसलिए आमतौर पर ज्वेलरी 18 कैरेट और 22 कैरेट में बनाई जाती है।

गौरतलब है कि सोने चांदी की कीमतों में बदलाव के आधार पर भारत में लोग खरीदारी का मूड बनाते हैं। जब सोना चांदी सस्ते होते हैं तो निवेशक और खरीदार मार्केट पहुँचते हैं लेकिन यदि शादी के लिए या अन्य कोई मांगलिक काम के लिए सोने चांदी की खरीद की जाती है तो फिर बहुत कम लोग रेट देखते हैं।


इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष की मूर्ति लगेगीं: पीएम      
अकांशु उपाध्याय       नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया है कि इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मूर्ति लगाई जाएगी। पीएम मोदी ने ट्वीट कर ये जानकारी दी। पीएम मोदी ने ये ऐलान ऐसे वक्त पर किया, जब भारत सरकार ने इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति पर जलने वाली लौ को नेशनल वॉर मेमोरियल की लौ के साथ मर्ज (विलय) करने का फैसला किया है। इस फैसले पर कांग्रेस समेत विपक्षी दल केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, ऐसे समय में जब पूरा देश नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती मना रहा है, मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि नेताजी की ग्रेनाइट से बनी भव्य प्रतिमा इंडिया गेट पर स्थापित की जाएगी। यह उनके प्रति भारत की कृतज्ञता का प्रतीक होगा। जब तक नेताजी बोस की भव्य प्रतिमा बनकर तैयार नहीं हो जाती, तब तक उनकी होलोग्राम प्रतिमा उसी स्थान पर मौजूद रहेगी। 

मैं 23 जनवरी को नेताजी की जयंती पर होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण करूंगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हमेशा जलती रहने वाली मशाल अब 50 साल बाद हमेशा के लिए बंद हो रही है। अब यह मशाल राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की मशाल के साथ मिला दी जाएगी। यानी अब नेशनल वॉर मेमोरियल में ही ज्वाला जलेगी। केंद्र सरकार के इस फैसले पर कांग्रेस पार्टी सवाल उठा रही है और तरह-तरह के आरोप लगा रही है।

संगीत विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन, हस्ताक्षर 

दुष्यंत टीकम        रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन के लिए प्रस्तुत विधेयक पर हस्ताक्षर कियें है। इस अधिनियम की धारा 12 में संशोधन किया गया है कि ‘‘इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय अधिनियम 1956 (क्र. 19 सन 1956) की धारा 12-क की उपधारा (2) के परंतुक में, अंक ‘‘65’’ के स्थान पर, अंक ‘‘70’’ प्रतिस्थापित किया जाए।’’ अर्थात इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के कुलपति की आयु सीमा 65 वर्ष के स्थान पर 70 वर्ष होगी। यह अधिनियम इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय (संशोधन) अधिनियम, 2021 कहलाएगा। इसका विस्तार सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में होगा। यह राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होगा। राजनांदगांव जिले के खैरागढ़ में स्थित इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के इतिहास के अनुसार खैरागढ़ रियासत की राजकुमारी को संगीत का बड़ा शौक था। राजकुमार की बाल्याकाल में ही असमय मृत्‍यु के बाद राजा साहब और रानी साहिबा ने स्‍वर्गवासी राजकुमारी के शौक को शिक्षा का रूप देकर अमर कर दिया।

इस संस्था की शुरुआत इन्दिरा संगीत महाविद्यालय के नाम से मात्र दो कमरों के एक भवन में हुई थी। जिसमें 4-6 विद्यार्थी और तीन गुरु हुआ करते थे। इस संस्‍था के बढ़ते प्रभाव और लगातार छात्रों की वृद्धि से रानी साहिबा ने इसे अकादमी में बदलने का निर्णय लिया और फिर यह संस्‍था इन्दिरा संगीत अकादमी के नाम से जानी जाने लगी। बाद में इसके लिए बड़े भवन की भी व्‍यवस्‍था की गई। जिसमें कमरों की संख्‍या ज्‍यादा थी। समय के साथ धीरे-धीरे संगीत के इस मंदिर का प्रभाव और बढ़ता गया। इसी बीच राजा साहब और रानी साहिबा मध्‍य प्रदेश राज्‍य के मंत्री बनाये गए। तब उन्‍होंने इसे विश्‍वविद्यालय के रूप में स्‍थापित किए जाने का प्रस्‍ताव तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री पं.रविशंकर शुक्‍ल के सामने रखा। जिसे उन्‍होंने स्‍वीकार कर लिया।

सारी औपचारिकताओं को पूरा कर राजकुमारी इन्दिरा के जन्‍म दिवस 14 अक्‍टूबर 1956 को इन्दिरा कला संगीत विश्‍वविद्यालय की विधिवत स्‍थापना कर दी गई थी। इसका उद्घाटन प्रियदर्शिनी इन्दिरा गांधी द्वारा स्‍वयं खैरागढ़ आकर किया गया और श्री कृष्ण नारायण रातन्जनकर विश्‍वविद्यालय के प्रथम कुलपति के रूप में नियुक्त किए गए थे। वर्तमान में ललित कला के क्षेत्र में यह एक अनोखा प्रयास था। इस विश्‍वविद्यालय के लिए राजा साहब और रानी साहिबा ने अपना महल ‘कमल विलास पैलेस दान कर दिया। यह विश्‍वविद्यालय आज भी इसी भवन से संचालित हो रहा है।

बिहार में शराबबंदी को लेकर बहस, मसौदा तैयार किया

अविनाश श्रीवास्तव          पटना। बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर बहस छिड़ी हुई है। विपक्ष सरकार से इसमें ढील देने की बात कह रहा है तो सरकार के अंदर से भी विरोध के स्वर सुने जा रहे हैं। ऐसे में सरकार ने कानून में कुछ संशोधन करने का मन बनाया है। बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद शुल्क अधिनियम, 2016 में संशोधन के लिए सरकार ने एक मसौदा तैयार किया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में अब पहली बार शराब पीने वालों को गिरफ्तार करने के बजाय जुर्माना लगाया जाएगा। केसों को वापस लिया जा सकेगा। जिस वाहन में शराब पकड़ी गई है उसे जब्त नहीं किया जाएगा और यदि किया जाता है तो जुर्माना वसूलने के बाद उसे छोड़ दिया जाएगा। तत्काल गिरफ्तारी से संबंधित खंड को हटाया जा सकता है। वहीं अवैध तरीके से शराब बनाने, बेचने या वितरित करने वालों को कानून की सख्ती का सामना करना पड़ेगा। कानून में ये नवीनतम संशोधन करने का प्रस्ताव ऐसे समय पर लाया गया है। जब शराबबंदी को लागू करने के सरकार के तरीके की जमकर आलोचना हो रही है। भारत के मुख्य न्यायाधीश एन वी रमन्ना ने पिछले महीने इसे ‘दूरदर्शिता की कमी’ के उदाहरण के तौर पर चिह्नित किया था। उन्होंने कहा कि इसका परिणाम यह है कि उच्च न्यायालय ‘जमानत आवेदनों से भरा हुआ है। एक साधारण जमानत आवेदन को निपटाने में एक वर्ष का समय लगता है।’ बिहार मद्य निषेध और उत्पाद शुल्क मंत्री सुनील कुमार, जिनके मंत्रालय ने प्रस्तावों के मसौदे को तैयार किया है उन्होंने इसपर कुछ नहीं कहा। लेकिन सूत्रों ने कहा कि राज्य सरकार विधानसभा के आगामी बजट सत्र में इसे पेश कर सकती है।

धारा 37 के तहत शराब पीने पर पांच साल से लेकर 10 साल तक की जेल और आजीवन कारावास तक का प्रावधान है। संशोधन राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित जुर्माना लगाने और जुर्माना ना देने की स्थिति में एक महीना कारावास की सजा देने को कहता है। यह आगे कहता है कि आदतन अपराधियों को राज्य सरकार की अधिसूचना के तहत अतिरिक्त जुर्माना या निर्धारित कारावास या दोनों दिए जा सकते हैं। वर्तमान में सभी अपराधों की सुनवाई निचली अदालतों द्वारा की जाती है। संशोधन के तहत, अपराधों को ‘एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट द्वारा सारांश परीक्षण के माध्यम से निपटाया जाएगा, जो डिप्टी कलेक्टर के पद से नीचे का नहीं होगा।’ इससे प्रक्रिया में तेजी आएगी और अदालतों पर भार कम होगा। धारा 55 को हटाया जाएगा। इसे हटाने पर मामलों को वापस लिया जा सकेगा। अदालतों के अंदर या बाहर दो पक्षों के बीच समझौता हो सकता है। धारा 57 को शामिल किया जाएगा ताकि शराब ले जाने के लिए जब्त किए गए वाहनों को जुर्माने के भुगतान पर छोड़ने की अनुमति दी जा सके। अधिनियम के अध्याय वीआईआई को हटाया जाएगा, जो अभियुक्तों के नजरबंदी और बंदी से संबंधित है, इसके तहत उनकी गतिविधियों पर प्रतिबंध था। इसमें इसके प्रमुख खंडों को भी हटाना शामिल होगा, जैसे धारा 67 (बाहरीकरण की अवधि का विस्तार), धारा 68 (अस्थायी रूप से लौटने की अनुमति), धारा 70 (तत्काल गिरफ्तारी)।

छोटे, व्यक्तिगत उल्लंघनों के बजाय आपराधिक नेटवर्क पर ध्यान केंद्रित करने के लिए, एक नई उप-धारा 50 ए जोड़ने की योजना है। जो बूटलेगिंग (आदतन अपराधी) को संगठित अपराध के रूप में परिभाषित करती है। सूत्रों ने बताया कि प्रस्तावित संशोधनों को लाने की मुख्य वजह हाल ही में जहरीली शराब पीने से हुई मौतें हैं। नालंदा, सारण, पश्चिमी चंपारण और गोपालगंज में नवंबर 2021 और मध्य जनवरी 2022 के बीच 50 से अधिक लोगों की मौत हुई है। जदयू अपने गठबंधन सहयोगी भाजपा के भी दबाव में है जो शराबबंदी कानून को लेकर सीएम नीतीश पर हमला करता रहता है।

'डीएसएलएसए' की याचिका पर 3 को सुनवाई: एचसी   

अकांशु उपाध्याय          नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि वह 5जी प्रौद्योगिकी के खिलाफ एक मुकदमें को लेकर अदालत खर्च के तौर पर 20 लाख रुपये जमा करने के लिए अभिनेत्री जूही चावला और दो अन्य को जारी आदेश के क्रियान्वयन के लिए दिल्ली राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकार (डीएसएलएसए) की याचिका पर तीन फरवरी को सुनवाई करेगा। बॉलीवुड अभिनेत्री के वकील ने न्यायमूर्ति अमित बंसल से कहा कि एकल न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ अपील खंडपीठ में लंबित है, जिस पर 25 जनवरी को विचार किया जाएगा। उन्होंने अदालत से क्रियान्वयन याचिका पर सुनवाई फिलहाल टालने का अनुरोध किया। डीएसएलएसए की ओर से पेश हुए वकील सौरभ कंसल ने दलील दी कि अदालत खर्च लगाने का आदेश पिछले साल जून में जारी किया गया था और इसका अनुपालन अभी होना है। उन्होंने दावा किया कि रकम जमा करने के लिए डीएसएलएसए के नोटिस भेजने के बाद ही एकल न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ अपील दायर की गई है और खंडपीठ ने कोई स्थगन आदेश जारी नहीं किया है।

अदालत ने याचिका के क्रियान्वयन पर सुनवाई टालते हुए कहा, ”देखा जाए कि खंडपीठ के समक्ष क्या होता है। ” चावला और अन्य प्रतिवादियों की ओर से पेश हुए अधिवक्ता दीपक खोसला ने कहा कि एकल न्यायाधीश के पास अदालत खर्च लगाने का क्षेत्राधिकार नहीं है। अधिवक्ता सौरभ कंसल और पल्लवी एस. कंसल के मार्फत दायर क्रियान्वयन याचिका में, डीएसएलएसए ने रकम की वसूली के लिए चल व अचल संपत्ति की कुर्की और बिक्री को लेकर वारंट जारी करने या चावला तथा अन्य की दीवानी कैद के लिए निर्देश जारी करने के संबंध में अदालत से सहयोग मांगा है। याचिका में कहा गया है, ”चावला और अन्य पर माननीय अदालत द्वारा अदालत खर्च लगाए सात महीने बीत गये हैं। जिसे (रकम) डीएसएलएसए को सात दिनों को अंदर अदा करने का निर्देश दिया गया था। लेकिन वे लोग इसे जमा करने में नाकाम रहे हैं।  उल्लेखनीय है कि पिछले साल जून में एकल न्यायाधीश ने चावला और दो अन्य लोगों द्वारा 5जी की शुरूआत के खिलाफ दायर वाद खारिज करते हुए कहा था कि यह त्रुटिपूर्ण और कानूनी प्रक्रिया का दुरूपयोग है तथा प्रचार पाने के लिए यह दायर किया गया है। अदालत ने इसके साथ ही, एक हफ्ते के अंदर डीएसएलएसए के पास अदालत खर्च के तौर पर 20 लाख रुपये जमा करने का भी निर्देश दिया था।



गुरुवार, 20 जनवरी 2022

यूपी सीएम योगी के खिलाफ 'चुनाव' लड़ेंगे चंद्रशेखर

यूपी सीएम योगी के खिलाफ 'चुनाव' लड़ेंगे चंद्रशेखर       

संदीप मिश्र          गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में गोरखपुर सदर सीट से बड़ा सियासी मुकाबला देखने को मिल सकता है। भीम आर्मी के संस्थापक और आजाद समाज पार्रटी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद रावण गोरखपुर सदर से भाजपा उम्मीदवार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। आजाद समाज पार्टी ने गोरखपुर सदर सीट (322) से चंद्रशेखर आजाद  को अपना प्रत्याशी बनाया है। 

पार्टी के इस फैसले पर भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा ‘बहुत-बहुत आभार साधुवाद। पिछले 5 साल भी लड़ा हूं और अब भी लड़ूंगा। जय भीम, जय मण्डल। बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय। बता दें कि इस सीट से भाजपा ने सीएम योगी आदित्यनाथ को अपना उम्मीदवार बनाया है। अयोध्या और मथुरा की चर्चाओं के बीच बीते दिनों ही भाजपा ने सीएम योगी के गोरखपुर सदर सीट से लड़ने का ऐलान किया था। अब देखने वाली बात होगी कि इस सीट पर कांग्रेस, सपा और बसपा किसे टिकट देती है।

आप पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे सीएम पर्रिकर

गोवा। बीजेपी गोवा विधानसभा चुनाव के लिए 34 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर चुकी है। इस लिस्ट में गोवा के पूर्व सीएम मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल पर्रिकर का नाम नहीं है। अब ये बात अन्य राजनीति पार्टियों के लिए मुद्दा बन चुकी है। इस बात का फायदा उठाते हुए आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उत्पल पर्रिकर को अपनी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने का ऑफर दे दिया है। उन्होंने ट्वीट में लिखा कि मैंने हमेशा से मनोहर पर्रिकर की इज्जत की है। उत्पल पर्रिकर पार्टी जॉइन करें और आप के टिकट पर चुनाव लड़ें।

'भाजपा' विधायक बृजमोहन ने सीएम को लिखा पत्र

दुष्यंत टीकम        रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर के भाजपा विधायक तथा पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिख कर निर्माणाधीन स्काईवॉक पर तत्काल निर्णय करने एवं अटल एक्सप्रेस वे को तत्काल प्रारंभ करने का आग्रह किया है। अग्रवाल ने अपने पत्र में कहा है कि राजधानी रायपुर के व्यस्ततम जयस्तंभ चौक से शास्त्री बाजार व शास्त्री चौक से जेल रोड तक स्काई वॉक बनाने का निर्णय लेकर पूर्ववर्ती सरकार ने काम प्रारंभ किया था जो 75 प्रतिशत पूर्ण भी हो गया था। लेकिन सत्ता परिवर्तन के कारण कांग्रेस सरकार ने यह कार्य बंद करा दिया है। स्काईवॉक की उपयोगिता को लेकर विभिन्न कमेटियां बनी। आपने स्वयं विधानसभा में कमेटी, की घोषणा करते हुए कहा था कि कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।

कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है लेकिन 3 साल पूर्ण होने के बाद भी सरकार स्काईवॉक को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं ले पा रही है। उसी प्रकार रेल्वे स्टेशन से रायपुर- जगदलपुर नेशनल हाईवे तक बनने वाले अटल एक्सप्रेस वे का काम भी 3 साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। सरकार ने इसमें कुछ खामियां निकालकर इसके कुछ हिस्सो को तोड़कर पुनः निर्माण करा रही है, जो अभी भी पूरा नहीं हो पाया है। अटल एक्सप्रेस वे चालू हो जाता तो लोगों को सुगम यातायात की सुविधा उपलब्ध होती। लेकिन 3 साल से भी अधमय में मरम्मत का कार्य पूर्ण नहीं होने से जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बुधवार, 19 जनवरी 2022

प्रत्याशियों के हिस्से में खर्च की लिस्ट जरूरी: आयोग

प्रत्याशियों के हिस्से में खर्च की लिस्ट जरूरी: आयोग    

अकांशु उपाध्याय            नई दिल्ली। पांच राज्यों में चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने प्रत्याशियों के हिस्से में जुड़ने वाले खर्च की लिस्ट जारी कर दी है। कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए कोविड प्रोटोकॉल के तहत इस बार मतदान होना है। इसलिए मास्क, सैनिटाइजर, पीपीई किट से लेकर साबुन तक को लिस्ट में शामिल किया गया है। इन सब के अलावा चुनाव आयोग ने फर्नीचर से लेकर झंडे, टू व्हीलर, ट्रैक्टर और हाथ रिक्शा के दाम भी तय किए हैं। मर्सिडीज की बात की जाए तो 200 किलोमीटर प्रति दिन के हिसाब से 12,000 का बिल जोड़ा जाएगा। 

ऑडी A3-A4 के रेट 10,000 तय किए गए हैं।इसके अलावा ऑडी A5-A7 के बदले 12,000 रुपए का बिल जोड़ा जाएगा। विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी के लिए अधिकतम 40 लाख खर्च करने की सीमा तय की गई है। इसलिए आयोग ने जिलाधिकारी और सभी दलों के प्रत्याशियों के साथ मीटिंग कर हर खर्चो की रेट लिस्ट तय कर दी है।

आप के मुख्यमंत्री पद का चेहरा होंगे पालेकर, ऐलान 

अकांशु उपाध्याय       नई दिल्ली। सीएम केजरीवाल ने बुधवार को गोवा में पार्टी के मुख्यमंत्री चेहरे का ऐलान कर दिया है। सीएम केजरीवाल ने ऐलान करते हुए कहा अमित पालेकर गोवा में आप के मुख्यमंत्री पद का चेहरा होंगे। केजरीवाल ने कहा गोवा की जनता फिलहाल मौजूदा पार्टियों से तंग आ गई है और गोवा के लोग अब बदलाव चाहते हैं। पहले उनके पास ऑप्शन नहीं थे।

लेकिन अब आम आदमी पार्टी आ गई है। उन्होंने कहा कि, मुझे पूरा भरोसा है कि जनता अमित पालेकर को सपोर्ट करेगी और आम आदमी पार्टी को एक मौका जरूर देगी।

70 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर सकेगीं 'भाजपा'

अमित शर्मा       चंडीगढ़। भारतीय जनता पार्टी पंजाब विधानसभा चुनावों के तहत बुधवार को 70 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर सकती है। पार्टी हाईकमान की ओर से बनाई गई मंथन कमेटी ने सभी नामों पर चर्चा करके फाइनल सूची तैयार कर ली है। जानकारी के अनुसार भाजपा पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह की पंजाब लोक कांग्रेस, बैंस बंधुओं की लोक इंसाफ पार्टी और सुखदेव सिंह ढींडसा की अकाली दल संयुक्त के साथ गठबंधन करके पंजाब में सीटों का बंटवारा करने को तैयार है।

बैंस बंधुओं को 5 सीटें दी जा रही हैं जबकि 42 सीटें कैप्टन अमरेन्द्र सिंह और ढींडसा में बांटी जाएंगी अन्य 70 सीटों पर भाजपा अपने उम्मीदवार उतारेगी।

छापेमारी के दौरान 10 करोड़ रुपये की नकदी: ईडी

अमित शर्मा        चंडीगढ़। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पंजाब में अवैध बालू खनन के खिलाफ जारी धनशोधन निरोधी जांच के सिलसिले में की गई छापेमारी के दौरान 10 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की है। इसमें मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के एक रिश्तेदार के ठिकाने से जब्त किए गए आठ करोड़ रुपये भी शामिल हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि अवैध खनन मामले में पंजाब के चंडीगढ़, मोहाली, लुधियाना और पठानकोट सहित अन्य शहरों में मंगलवार को दर्जनभर ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई शुरू की गई थी, जो बुधवार तड़के खत्म हुई। उन्होंने बताया कि यह छापेमारी धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत की गई थी और इस दौरान जांच एजेंसी ने बड़ी संख्या में दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए।

सूत्रों के मुताबिक, ईडी की छापेमारी के दौरान दस करोड़ रुपये की नकदी भी जब्त हुई, जिसमें भूपिंदर सिंह उर्फ हनी के ठिकाने से मिले लगभग आठ करोड़ रुपये शामिल हैं। हनी रिश्ते में मुख्यमंत्री चन्नी का भतीजा लगता है। सूत्रों ने बताया कि दो करोड़ रुपये की नकदी संदीप कुमार नाम के एक शख्स के ठिकाने से बरामद हुई है। सूत्रों की मानें तो ईडी छापेमारी के दायरे में आए लोगों को विस्तृत पूछताछ के लिए जल्द समन भेज सकती है। उन्होंने बताया कि इन लोगों से बीते चौबीस घंटों में कई दौर की प्रारंभिक पूछताछ की गई है। छापेमारी पर प्रतिक्रिया देते हुए चन्नी ने मंगलवार को मीडिया से कहा था कि, पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान वहां की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कई रिश्तेदारों के ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। अब पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले उन पर, उनके मंत्रियों पर और कांग्रेस पार्टी के सदस्यों पर दबाव बनाने के लिए भी ईडी की ओर से यही रणनीति अपनाई जा रही है।’

चन्नी ने खनन मामले से कोई संबंध नहीं होने का दावा करते हुए कहा, ‘हम दबाव झेलने को तैयार हैं…। सूत्रों ने बताया कि ईडी कुदरतदीप सिंह नाम के एक शख्स से हनी के संबंध खंगाल रही है, जो इस जांच का केंद्र है। उन्होंने कहा कि हनी और कुदरतदीप एक कंपनी में साझेदार हैं। विपक्षी दलों ने चन्नी पर हनी के वित्तीय लेन-देन में शामिल होने के आरोप लगाए हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री ने खारिज किया है। ईडी ने अवैध खनन मामले में बीते साल नवंबर में आपराधिक मामला दर्ज किया था। सूत्रों ने बताया कि जांच एजेंसी ने पाया है कि पंजाब में गैर-अधिसूचित इलाकों में खनन गतिविधियां संचालित की जा रही हैं और ‘खनन माफिया’ इससे अर्जित अवैध धन का शोधन कर निजी व बेनामी संपत्ति खड़ी कर रहे हैं।

त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव को लेकर तैयारियां पूरी 

दुष्यंत टीकम        रायपुर। त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव को लेकर जिला प्रशासन ने पूरी तैयारियां कर ली है। वहीं निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 20 जनवरी को बालोद जिले के 12 सरपंच और 9 पंच पदों पर मतदान किया जाना है। इसमें कुल 16638 मतदाता मतदान करेंगे। इसके लिए हर ब्लाक मुख्यालय की जनपद से पोलिंग पार्टियों को चुनाव सामग्री देकर रवाना कर दिया गया है।

साथ ही तमाम सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी ध्यान रखा गया है। निर्वाचन अधिकारी की मानें तो 80 पंच और सरपंच के रिक्त पद थे, जिनका चुनाव होना था, लेकिन इसमें 56 जगहों पर निर्विरोध चुनाव हो गया जिस वजह से अब सिर्फ 21 जगहों पर ही चुनाव किया जा रहा है। मतदान का समय सुबह 7 से लेकर 3 बजे तक रखा गया है। इसके बाद मतदान स्थल पर ही मतगणना की जाएगी।

मंगलवार, 18 जनवरी 2022

युवाओं आप रोजगार के एजेंडे पर डटे रहना: प्रियंका

युवाओं आप रोजगार के एजेंडे पर डटे रहना: प्रियंका    

अकांशु उपाध्याय            नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी और शिक्षा के बजट में कथित कटौती के मुद्दों को लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा और कहा कि विधानसभा चुनाव में रोजगार एवं शिक्षा ही असली एजेंडे हैं।जिन पर युवाओं को डटे रहना चाहिए। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि ”उत्तरप्रदेश में पिछले 5 सालों में 16.5 लाख युवाओं की नौकरी छिन गई। 4 करोड़ लोगों ने हताश होकर नौकरी की आशा छोड़ दी। लेकिन योगी आदित्यनाथ जी इस पर न बात करते हैं, न ट्वीट … क्योंकि उन्हें मालूम है कि पर्दा जो उठ गया तो राज खुल जाएगा। युवाओं, आप रोजगार के एजेंडे पर डटे रहना।”

कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी ने दावा किया, ”योगी आदित्यनाथ की सरकार ने 5 वर्षों में उप्र के शिक्षा बजट में भारी कटौती की। बजट ज्यादा मिलता तो युवाओं को नए विश्वविद्यालय, इंटरनेट, छात्रवृत्तियां, पुस्तकालय और छात्रावास मिलते।” प्रियंका गांधी ने युवाओं से आह्वान किया, ”युवाओं, यही इस चुनाव का असली एजेंडा है। इस पर सवाल पूछिए तथा जो भटकाए, उसको वोट की ताकत से करारा जवाब दीजिए।” उत्तर प्रदेश में सात चरणों में विधानसभा चुनाव होना है। पहले चरण का मतदान 10 फरवरी को और अंतिम चरण का मतदान सात मार्च को है। 10 मार्च को मतगणना होगी।

सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में 1 नक्सली मारा गया

दुष्यंत टीकम        सुकमा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ में एक नक्सली मारा गया। पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने यहां बताया कि घटना जिले के तोंगपाल थाना क्षेत्र के अंतर्गत मारजुम गांव की पहाड़ी इलाके में हुई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुकमा, दंतेवाड़ा और बस्तर जिले की सीमा से लगने वाले क्षेत्र में नक्सली गतिविधि की सूचना के बाद सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान में रवाना किया गया था।

उन्होंने बताया कि पुलिस को क्षेत्र में कुछ नक्सली नेताओं समेत लगभग 40 की संख्या में नक्सलियों के एकत्र होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद तीनों जिलों से सोमवार रात सुरक्षाबलों को रवाना किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बल के जवान आज सुबह करीब 6.45 बजे मारजुम की पहाड़ी के करीब पहुंचे तब नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी, इसपर सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों ने अभी तक एक नक्सली का शव बरामद किया है, नक्सली पहाड़ी से अभी भी गोलीबारी कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में अधिक जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस अभियान में सुरक्षा बल को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा है।

‘नोंते फोंते’ के रचयिता कार्टूनिस्ट देबनाथ का निधन 

मिनाक्षी लोढी          कोलकाता। कार्टूनिस्ट और बंगाली कॉमिक किरदार ‘ बंतुल द ग्रेट’ , ‘ हांडा-भोंदा’ और ‘नोंते फोंते’ के रचयिता नारायण देबनाथ का मंगलवार की सुबह कोलकाता के एक अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। अस्पताल के सूत्रों ने यह जानकारी दी। देबनाथ को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वह 97 साल के थे। 

अस्पताल के अधिकारी ने बताया कि पद्म श्री से सम्मानित देबनाथ ने पूर्वाह्न 10 बजकर करीब 15 मिनट पर आखिरी सांस ली। उन्हें 24 दिसंबर को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वह जीवनरक्षक प्रणाली (वेंटिलेटर) पर थे।

भगवंत को आप पार्टी के सीएम पद का उम्मीदवार चुना 

अकांशु उपाध्याय         नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ऐलान किया है कि भगवंत मान को आप पार्टी का सीएम पद का उम्मीदवार चुना गया है। कुछ देर में पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के नाम की घोषणा करेंगे। केजरीवाल ने 13 जनवरी को पंजाब की जनता से मुख्यमंत्री पद के लिए अपने पसंदीदा उम्मीदवार का नाम बताने की अपील की थी।

इस बाबत उन्होंने एक मोबाइल नंबर भी जारी किया था। केजरीवाल ने तब कहा था कि वह ‘आप’ सांसद भगवंत सिंह मान को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करना चाहते थे, लेकिन मान ने यह फैसला पंजाब की जनता पर छोड़ने पर जोर दिया। ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने जून 2021 में कहा था कि 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का मुख्यमंत्री पद का दावेदार सिख समुदाय से होगा और पूरे पंजाब को पार्टी के चयन पर नाज होगा। पंजाब की 117 विधानसभा सीटों पर मतदान 14 फरवरी को होगा। वोटों की गिनती 10 मार्च को की जाएगी।

नाना पटोले पर पीएम को गाली देने का आरोप लगाया

कविता गर्ग         मुंबई बीजेपी नेता चंद्रशेखर वाबनक़ूले ने नागपुर में नाना पटोले के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उन पर पीएम मोदी को गाली देने का आरोप है। वहीं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ट्विटर पर लिखा कि महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने जिस प्रकार की अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए किया है, वह निंदनीय है। मेरी पुलिस प्रशासन से विनती है कि पटोले पर एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की जाए।

महाराष्ट्र के भंडारा जिले में नाना पटोले ने कहा कि मैं बताता हूं कि मैं क्यों लड़ता और संघर्ष करता आ रहा हूं? मैं 30 वर्षों से राजनीति में हूं। ये नेता लोग 5 वर्ष में अपनी एक पीढ़ी का उद्धार कर लेते हैं। स्कूल-कॉलेज का निर्माण कर अपनी एक-दो पीढ़ी का उद्धार कर देते हैं। मैं इतने वर्षों से राजनीति कर रहा हूं, परंतु एक स्कूल मेरे नाम पर नहीं है। मैंने एक भी ठेकेदारी नहीं की। जो भी मदद मांगने आया उसे हमेशा मदद की है। इसलिए मैं मोदी को मार सकता हूं और उसे गाली भी दे सकता हूं। इसीलिए मोदी मेरे खिलाफ यहां प्रचार करने भी आया। मेरे रूप में आपके समक्ष एक प्रमाणिक लीडरशिप है। इसलिए ये लोग (विपक्ष) अपनी रणनीति बनाकर मुझे चक्रव्यूह में फंसाने की कोशिश करते हैं।


भाजपा के उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं, रणनीति
पंकज कपूर       
देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में भाजपा बड़ी संख्या में अपने सिटिंग विधायकों का टिकट काटकर नए चेहरे को टिकट दे सकती है। भाजपा सत्ता विरोधी लहर को भांपकर यह रणनीति अपनाने पर विचार कर रही है। हालांकि, भाजपा ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की है।
भाजपा के नेताओं का मानना है कि सिटिंग विधायकों का टिकट कर जनता के असंतोष से पार पाया जा  सकता है। राज्य के भाजपा नेताओं के अनुसार पिछले पांच वर्षों में भाजपा सरकार के द्वारा किए गए काम लोगों के सामने है। इसलिए अब सारा ध्यान इसपर है कि पार्टी किस तरह से टिकट का वितरण करती है और ख़राब प्रदर्शन करने वाले कितने विधायकों का टिकट काटती है।
पार्टी नेताओं का मानना है कि जिस तरह से पांच सालों में तीन बार मुख्यमंत्री बदला गया और जनता के ऊपर इसका सीधा प्रभाव पड़ा, उसी तरह पुराने विधायकों की जगह नए उम्मीदवार को लड़ाकर इस बार के विधानसभा चुनाव में जनता के मूड को बदला जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस बार भाजपा करीब अपने 12 से अधिक विधायकों के टिकट काट सकती है। माना जा रहा है कि इसी वजह से अभी तक भाजपा ने उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान नहीं किया है।
बता दें कि उत्तराखंड में भाजपा ने पांच साल में तीन मुख्यमंत्री बनाए। चुनाव जीतने के बाद सबसे पहले त्रिवेंद्र सिंह रावत को मुख्यमंत्री बनाया गया। उसके बाद पिछले साल मार्च महीने में त्रिवेंद्र रावत को हटाकर तीरथ रावत को मुख्यमंत्री बनाया गया। तीरथ सिंह रावत चार ही महीने मुख्यमंत्री रहे और उनके बाद पुष्कर सिंह धामी को राज्य की कमान सौंपी गई गई। पिछले दिनों उत्तरखंड के दौरे पर आए केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने तीन मुख्यमंत्री बनाए जाने के फैसले पर कहा कि यह पार्टी का आंतरिक मामला है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमारे मुख्यमंत्री में कोई कमी थी। बड़ी पार्टी में कई चीजों को देखकर फैसले लेने पड़ते हैं।
गौरतलब है कि के लिए 14 फरवरी को मतदान कराया जाएगा और 10 मार्च को मतगणना होगी। उत्तराखंड विधानसभा का कार्यकाल 23 मार्च को समाप्त हो रहा है। बता दें कि पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को कुल 70 सीटों में से 57 सीट पर जीत हासिल हुई थी।

इंडिया लिमिटेड ने 972 करोड़ रुपये का भुगतान किया 

अकांशु उपाध्याय          नई दिल्ली। केंद्र को एक दर्जन केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों से लाभांश के रूप में 6,600 करोड़ रुपये से अधिक प्राप्त हुए हैं। इस लाभांश में से न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने 972 करोड़ रुपये का भुगतान किया है और पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने 2,506 करोड़ रुपये का भुगतान किया है, निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग के सचिव, तुहिन कांत पांडे ने सोमवार ट्वीट कर यह बात कही। एक अन्य ट्वीट में कहा गया है, इसके अलावा केंद्र को एनएमडीसी और गेल से क्रमश: 1,605 करोड़ रुपये और 913 करोड़ रुपये लाभांश के रूप में प्राप्त हुए हैं।

लाभांश का भुगतान करने वाले अन्य उद्यमों में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन, नेशनल हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, वैपकोस, एचएलएल लाइफकेयर (पहले हिंदुस्तान लेटेक्स), एफएजीएमआईएल और एनएसआईसी शामिल थे।


हिन्दुओं के खिलाफ घृणा फैलाने की प्रतिस्पर्धा: भाजपा
अकांशु उपाध्याय     
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच हिन्दुओं के खिलाफ घृणा फैलाने वालों को प्रोत्साहित करने की प्रतिस्पर्धा चल रही है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने मीडिया सम्मेलन में इत्तेहाद मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खान द्वारा कांग्रेस को समर्थन किए जाने और सपा द्वारा कई विवादित नेताओं को विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाए जाने का हवाला देते हुए दोनों दलों पर हमला किया।
संबित पात्रा ने कहा कि खान ने हाल में हिंदुओं को निशाना बनाते हुए एक भाषण दिया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए ऐसे लोगों का समर्थन कोई नयी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि केरल, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक विधानसभा चुनावों के दौरान भी कांग्रेस ने हिन्दुओं के खिलाफ आग उगलने वालों से गठजोड़ किया था। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सपा ने जेल में बंद नाहिद हसन और दंगा फैलाने के आरोपी मुहर्रम अली को टिकट दिए है।
उन्होंने कहा कि, हिंदुओं के खिलाफ घृणा फैलाने वालों को कौन अधिक प्रोत्साहित करता है, इसकी कांग्रेस और समाजवादी पार्टी में प्रतिस्पर्धा चल रही है। भाजपा प्रवक्ता ने महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई एक कथित टिप्पणी का भी उल्लेख किया और कहा कि इससे यह स्पष्ट हो गया है कि पंजाब में प्रधानमंत्री की सुरक्षा में जो चूक हुई थी, वह संयोग नहीं था बल्कि एक प्रयोग था।
ज्ञात हो कि एक वायरल वीडियो में पटोले को यह हुए सुना जा सकता है कि वह मोदी को ”पीट सकते हैं” और ”गाली दे सकते हैं”। पंजाब में आम आदमी पार्टी द्वारा सांसद भगवंत मान को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने के बारे में पूछ जाने पर पात्रा ने चुटकी लेते कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राज्यपाल की तरह मान की उम्मीदवारी की घोषणा की और मान ने भी ऐसा किया मानों वह मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहे थे।
पंजाब में हुई ईडी की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, ”इसे राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। 26 ऐसे व्यक्ति हैं, जिनके खिलाफ पंजाब की कांग्रेस सरकार ने प्राथमिकी दर्ज की थी। इसका चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है। भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में राजनीति को कभी हावी नहीं होने देना चाहिए।

'हिंदुस्तान' में 70 साल बाद नौजवानों को मौका मिला
श्रीनगर। जाे डर गया, समझो मर गया। इसलिए डरना नहीं, घबराना नहीं है। हमें मुकाबला करना है-पत्थर से नहीं बल्कि कलम और किताब से। इतिहास कभी-कभी मौका देता है और मंगलवार को हिंदुस्तान में 70 साल बाद नौजवानों को मौका मिला है। इस देश को भाजपा से आजाद कराने के लिए। इसलिए हिंदु-मुस्लिम-सिख ईसाई का भेदभाव मिटाकर एकजुट होकर आगे बढ़ना है।
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को जनजातीय युवा पीडीपी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा। अपने भाषण में महबूबा मुफ्ती ने जनजातीय कल्याण की कम, भाजपा की निंदा ही ज्यादा की। उन्होंने भाजपा पर देश में सांप्रदायिकता बढ़ाने का आरोप लगाते हुए सम्मेलन में मौजूद युवाओं को यह संदेश देने का प्रयास किया कि मुस्लिमों को मुस्लिम होने के कारण तथाकथित तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्हाेंने सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाने के अभियान को भी मजहबी रंग देने की कोशिश की। जम्मू प्रांत के विभिन्न जिलों से पीडीपी के बैनर तले जमा हुए गुज्जर-बक्करवार समुदाय के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज पूरे मुल्क में डर का माहौल है। जम्मू कश्मीर में तो और भी बुरा हाल है। यहां पकड़-धकड़ का माहौल है। जो भी भाजपा या केंद्र के खिलाफ बोलता है, उसे देशद्रोही बता दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि यहां मुस्लिमों को कहा जाता है कि आप बाबर और औरंगजेब की औलाद हो। अगर वह मुस्लिमों का बाप है तो उसे फिर यह लोग क्यों याद कर रहे हैं। इन्हें इसलिए यह याद है। क्योंकि उत्तर प्रदेश में चुनाव हैं और वहां लोगों केा बताने के लिए कुछ नहीं है। वहां कोई अस्पताल नहीं बनाया, वहां कोई तरक्की नहीं हुई। वहां लोगों को कोरोना में गंगा में लाशें बहती देखी हैं।
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि यह लोग हमें गुजरात और दिल्ली दंगों की याद दिलाते हैं। हमें 84 के दंगे याद दिलाते हैं ताकि हम डर जाएं। लेकिन आपको डरना नहीं है, अगर आप डर गए तो समझो मर गए। इनका मुकाबला करना है, लेकिन पत्थर से नहीं। हमें कलम और किताब से इनका मुकाबला करना है। यह चाहते हैं कि हम लोग हिंसा करें ताकि यह हमें हिंसक साबित कर सकें, यूएपीए के तहत गिरफ्तार कर सकें। इसलिए मेरी आप सभी नौजवानों से अपील है कि आप पढ़ो और मजबूती के साथ आगे बढ़ो। इतिहास में कभी-कभी ही युवाओं के योगदान का मौका आता है और आज 70 साल बाद हमें इस देश को भाजपा से आजाद कराने का मौका मिला है।भाजपा से इस देश को छुड़ाना है। यह देश को बांटना और तोड़ना चाहती है। पीडीपी अध्यक्षा ने जम्मू काे धार्मिक सद्भाव का प्रतीक बताते हुए कहा कि अब यह लोग जम्मू में भी लोगों को हिंदु-मुस्लिम, गुज्जर-डोगरा के नाम पर लड़ाने पर तुले हैं। चुप रहना कोई विकल्प नहीं है। हमें बोलना होगा, मुकाबला करना होगा, अन्यथा आने वाले समय में लोग पूछेंगे कि जब मौका था उस समय का नौजवान कहां था। यह सवाल रुपनगर में गुज्जर भाइ्रयों के घरों को तोड़ने का नहीं है, यह सवाल हम सभी का है। इसलिए जाग जाओ।
उन्होंने हरिद्वार में हुई धर्मसंसद में कुछ लोगों के आपत्तिजनक बयानों का हवाला देते हुए कहा किसी भाजपा नेता ने उनकी निंदा नहीं की। जम्मू कश्मीर के लोगों ने गांधी के हिंदुस्तान के साथ हाथ मिलाया था, लेकिन यह तो गोडसे का हिंदुस्तान बना रहे हैं। यह हिंदु नहीं हो सकते, हिंदुओं का ठेकेदार बने यह लोग हिंदु़ का मतलब नहीं जानते। मैं जम्मू मे एक हिंदु परिवार में ही पली हूं और मुझे पता है कि एक हिंदु क्या सोचता है। हिंदु हो या मुसलमान हम सभी की रगों में एक ही रंग का खून बहता है। हमें चारों तरफ दोस्ती फैलानी है। अगर हम घर में बैठ गए तो हमारा वजूद मिट जाएगा।

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