राजनीति लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
राजनीति लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

गुरुवार, 13 जून 2024

सिंह ने रक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला

सिंह ने रक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला 

इकबाल अंसारी 
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को रक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की प्राथमिकता मजबूत और आत्मनिर्भर रक्षा विनिर्माण के साथ एक मजबूत, 'आत्मनिर्भर' सरकार विकसित करना होगी।
राष्ट्रीय राजधानी के साउथ ब्लॉक स्थित अपने कार्यालय में रक्षा मंत्री का कार्यभार संभालने के बाद सिंह ने कहा कि सरकार रक्षा क्षेत्र में निर्यात को बढ़ावा देने का प्रयास करेगी और अगले पांच वर्षों में 50,000 करोड़ रुपए का लक्ष्य रखा है।

हमें अपने तीन सशस्त्र बलों पर गर्व है- राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह ने कहा, "पीएम मोदी ने मुझे फिर से रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी है। हमारी प्राथमिकताएं वही रहेंगी, देश की सुरक्षा। हम एक मजबूत और 'आत्मनिर्भर' भारत विकसित करना चाहते हैं। हम रक्षा निर्माण पर आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं। हमने 21,000 करोड़ रुपये से अधिक के रक्षा उपकरण निर्यात किए हैं। हमारा लक्ष्य अगले पांच वर्षों में इस आंकड़े को 50,000 करोड़ रुपए तक ले जाना है। हमें अपने तीन सशस्त्र बलों, भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना पर गर्व है।" 

2019 को पहली बार रक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभाला था

उत्तर प्रदेश के लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह ने 1 जून, 2019 को पहली बार रक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभाला था। 10 जुलाई, 1951 को उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में जन्मे सिंह ने गोरखपुर विश्वविद्यालय से भौतिकी में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की और पेशे से शिक्षक थे। वे 1977-1980 और 2001-2003 में उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य रहे। वे 1991 से 1992 तक उत्तर प्रदेश सरकार में शिक्षा मंत्री रहे, जबकि 1999 से 2000 तक केंद्रीय मंत्रिमंडल में भूतल परिवहन मंत्री भी रहे। 2000-2002 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे बाद में, वे 2000-2002 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। 2003 में, उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल में कृषि मंत्री के रूप में कार्य किया। वे 1994-1999 और फिर 2003-2008 में दो कार्यकालों के लिए राज्यसभा के लिए चुने गए। 2009 में वे 15वीं लोकसभा के लिए चुने गए। 7 अक्टूबर 2009 को वे आचार समिति के सदस्य भी रहे। गृह मंत्री के रूप में केंद्रीय मंत्रिमंडल में काम किया राजनाथ सिंह को 27 मई 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में गृह मंत्री के रूप में केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। उनकी शादी सावित्री सिंह से हुई है और उनके दो बेटे हैं। झारखंड के रांची से सांसद संजय सेठ को रक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री का पदभार दिया गया है। संजय सेठ 2019 में पहली बार रांची से सांसद बने थे और वे सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी समिति के सदस्य थे। 2024 में भी वे रांची से ही लोकसभा के लिए चुने गए।

बुधवार, 12 जून 2024

आंध्र प्रदेश: नायडू ने 'सीएम' पद की शपथ ली

आंध्र प्रदेश: नायडू ने 'सीएम' पद की शपथ ली

इकबाल अंसारी 
अमरावती। तेलुगु देशम पार्टी चीफ चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। वह चौथे बार राज्य के सीएम बने हैं। उन्हें विजयवाड़ा के गन्नावरम हवाई अड्डे के पास केसरपल्ली आईटी पार्क में आयोजित एक सार्वजनिक समारोह में राज्यपाल एस अब्दुल नजीर ने मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई।
वहीं, पवन कल्याण ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। इसके अलावा टीडीपी के राष्ट्रीय महासचिव नारा लोकेश और केए नायडू ने भी मंत्री पद की शपथ ली है। शपथ समारोह देश की कई हस्तियां शमिल हुईं। इनमें पीएम मोदी भी शामिल हैं। शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नायडू से गले लगाया और उन्हें बधाई दी।
समारोह में शामिल हुए कई नेता
इसके अलावा समारोह में शामिल होने के लिए केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और राम मोहन नायडू भी केसरपल्ली आईटी पार्क पहुंचे। वहीं, एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने भी नायडू के शपथ समारोह में भाग लिया। केंद्रीय मंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा, जी किशन रेड्डी और पूर्व उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू भी प्रोग्राम में शामिल हुए।

चिरंजीवी भी प्रोग्राम में हुए शामिल

समारोह में फिल्म अभिनेता और पद्म विभूषण से सम्मानित कोनिडेला चिरंजीवी और अभिनेता रजनीकांत, नंदमुरी बालकृष्ण और तमिलनाडु के पूर्व सीएम ओ पन्नीरसेल्वम भी मौजूद रहे। इससे पहले मंगलवार को चंद्रबाबू नायडू को एनडीए विधायक दल नेता चुना गया था।

लोकसभा चुनाव में टीडीपी का शानदार प्रदर्शन

बता दें कि हाल ही में संपन्न हुए आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनावों में एनडीए गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य की 175 में से 164 सीटों पर जीत दर्ज की थी। गठबंधन में शामिल टीडीपी ने सबसे ज्यादा 135 सीटें जीती थीं, जबकि जनसेना ने 21 और बीजेपी ने आठ सीट पर जीत हासिल की थी।

सांसद ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया

सांसद ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया 

संदीप मिश्र 
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे अखिलेश यादव के साथ-साथ अयोध्या के सांसद बने अवधेश पासी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। बुधवार को उत्तर प्रदेश की कन्नौज लोकसभा सीट से लोकसभा चुनाव- 2024 के अंतर्गत सांसद निर्वाचित हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे अखिलेश यादव ने राज्य की करहल विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया है। 
समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव के अलावा अयोध्या की फैजाबाद संसदीय सीट से सांसद चुने गए अवधेश पासी ने भी उत्तर प्रदेश विधानसभा से इस्तीफा दे दिया है। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा से इस्तीफा देने वाले समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव तथा अवधेश पासी 18 वीं विधानसभा के गठन के लिए वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य की क्रमशः करहल और मिल्कीपुर विधानसभा सीट से निर्वाचित हुए थे। दोनों ने आज अपनी-अपनी विधानसभा सीटों से इस्तीफा दे दिया है।

एक बार फिर अरुणाचल के सीएम बनेंगे खांडू

एक बार फिर अरुणाचल के सीएम बनेंगे खांडू

इकबाल अंसारी 
ईटानगर। पेमा खांडू एक बार फिर अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे। बुधवार को यहां हुई बैठक में खांडू को भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया। बैठक में भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक रवि शंकर प्रसाद और तरुण चुघ भी शामिल हुए। सूत्रों ने बताया कि खांडू आज ही सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, बीएलपी के नए नेता राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) केटी परनाइक के समक्ष राज्य में अगली सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह ईटानगर में राजभवन के दरबार हॉल में आयोजित किया जाएगा। भाजपा के एक नेता ने बुधवार को बताया कि नए मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिपरिषद गुरूवार सुबह 11 बजे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष की मौजूदगी में शपथ लेंगे।

भाजपा लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश की सत्ता में लौटी 

हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में शानदार जीत हासिल करके भाजपा लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश की सत्ता में लौटी है, जिसने 60 सदस्यीय सदन में 46 सीटें हासिल की हैं। 2019 के चुनावों में चार सीटें जीतने वाली विपक्षी कांग्रेस 2024 में 19 सीटों पर चुनाव लड़ी थी, जिसमें से उसे सिर्फ एक सीट ही मिल पाई। भाजपा के नेतृत्व वाली एनईडीए की घटक नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) को पांच सीटें मिलीं, जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (पीपीए) को क्रमश: तीन और दो सीटें मिलीं। 19 अप्रैल को हुए चुनावों में तीन निर्दलीय उम्मीदवार भी विजयी हुए, जिसके नतीजे 2 जून को घोषित किए गए।

ओडिशा: माझी ने 'सीएम' के रूप में शपथ ली

ओडिशा: माझी ने 'सीएम' के रूप में शपथ ली

इकबाल अंसारी 
भुवनेश्वर। आदिवासी नेता एवं चार बार के विधायक मोहन चरण माझी ने बुधवार को यहां एक समारोह में ओडिशा के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। शपथग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कई केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री शामिल हुए। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पटनागढ़ से विधायक केवी सिंह देव तथा निमापारा विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक बनीं प्रभाती परिदा ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
पिछली विधानसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक रहे माझी हाल में हुए विधानसभा चुनाव में चौथी बार विधानसभा के लिए चुने गए। उन्होंने क्योंझर विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज की। जनता मैदान में राज्यपाल रबघुबर दास ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। यह पहली बार है कि जब ओडिशा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनी है। 
समारोह में मोदी के अलावा भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, भूपेन्द्र यादव, धर्मेंद्र प्रधान, जुएल ओराम, अश्विनी वैष्णव और अन्य शामिल हुए। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश, गोवा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, असम, गुजरात, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड सहित भाजपा शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री भी उपस्थित थे। समारोह में ओडिशा के निवर्तमान मुख्यमंत्री नवीन पटनायक भी शामिल हुए। 
भाजपा को पहली बार ओडिशा में स्पष्ट जनादेश मिला। जिससे बीजू जनता दल (बीजद) का 24 साल पुराना शासन खत्म हो गया। राज्य की 147 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा 78 सीट हासिल करके सत्ता में आई, जबकि पटनायक के नेतृत्व वाली बीजद को 51, कांग्रेस को 14, माकपा को एक सीट मिली तथा तीन सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे।

जनसभा: राहुल ने 'पीएम' मोदी पर निशाना साधा

जनसभा: राहुल ने 'पीएम' मोदी पर निशाना साधा 

इकबाल अंसारी 
मलप्पुरम। केरल के मलप्पुरम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जनता ने प्रधानमंत्री को दिखा दिया है कि संविधान हमारी आवाज है और उन्हें इसे नहीं छूना चाहिए।
वायनाड से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, ‘केरल, उत्तर प्रदेश और अन्य सभी राज्यों के लोगों ने प्रधानमंत्री को दिखा दिया है कि वह भारत के लोगों को यह नहीं बता सकते कि वे क्या चाहते हैं ? भारत के लोगों ने प्रधानमंत्री को यह भी बताया कि संविधान हमारी आवाज है, इसे मत छुओ।’

अयोध्या के लोगों ने दिया संदेश

उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि इस देश का इतिहास और परंपरा हमारे संविधान ने संरक्षित कर रखी है। सच्चाई यह है कि प्रधानमंत्री वाराणसी में हारने से बाल-बाल बचे। अयोध्या में भी भाजपा की हार हुई और वे (पीएम मोदी) खुद भी वाराणसी में हार गए होते। अयोध्या के लोगों ने संदेश दिया है कि हम नफरत और हिंसा को बढ़ावा नहीं देते।
उन्होंने आगे कहा कि चुनाव से पहले आपने देखा कि बीजेपी के नेता कह रहे थे कि वे संविधान को फाड़ देंगे। चुनाव के बाद आपने देखा कि प्रधानमंत्री संविधान को ऐसा करते देखा।

लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार केरल पहुंचे राहुल गांधी

बता दें कि लगातार दूसरी बार वायनाड लोकसभा सीट पर भारी अंतर से जीत हासिल करने वाले राहुल गांधी ने बुधवार को उत्तरी केरल पहुंचे, जहां उन्होंनो एक रोड शो किया लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद यह राहुल गांधी का राज्य का पहला दौरा है।
इस रोड शो के दौरान हजारों की संख्या में यूडीएफ कार्यकर्ता और समर्थक एकत्र हुए‌। इससे पहले कोझिकोड हवाई अड्डे पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी का भव्य स्वागत किया।

मंगलवार, 11 जून 2024

पीएम ने संविधान को माथे से लगाया, कसा तंज

पीएम ने संविधान को माथे से लगाया, कसा तंज 

संदीप मिश्र 
रायबरेली/अमेठी। रायबरेली और अमेठी में मिली शानदार जीत के बाद वहां की जनता और कार्यकर्ताओं का आभार जताने पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए संविधान को माथे से लगाने पर तंज कसा।
राहुल गांधी ने कहा कि आपने देखा होगा कि प्रधानमंत्री ने किस तरह से संविधान को माथे लगाया है। यह उनसे आपने करवाया है। देश के प्रधानमंत्री को आपने मैसेज भेजा है कि आपने (पीएम मोदी) अगर संविधान को छूआ तो देखना हम आपके साथ क्या करते हैं। 
प्रियंका गांधी के साथ रायबरेली पहुंचे राहुल गाधी ने कहा कि पहले नरेंद्र मोदी कह रहे थे कि मैं नहीं हूं। भगवान मुझे आर्डर देते हैं। वह कहते थे कि मैं काम नहीं करता हूं, भगवान मुझे आर्डर देते हैं। राहुल ने कहा कि पता नहीं उनके कैसे भगवान हैं। 24 घंटे अडानी-अंबानी का काम करवाते हैं। राहुल ने कहा कि आपने देखा होगा कि किस तरह से संविधान को माथे लगाया है। यह उनसे आपने करवाया है। देश के प्रधानमंत्री को आपने मैसेज भेजा है कि आपने अगर संविधान को छूआ तो देखना हम आपके साथ क्या करते हैं ?
राहुल गांधी उस दिन की चर्चा कर रहे थे जब पीएम मोदी जीत के बाद पहली बार एनडीए की बैठक में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने सबसे पहले वहां रखे संविधान को उठाकर अपने माथे से लगाया था। राहुल गांधी ने कहा कि यह भी मत सोचिए कि काम खत्म हो गया है। अभी काम शुरू हुआ है। हिन्दुस्तान ने मैसेज भेजा है कि हमें नरेंद्र मोदी जी का काम अच्छा नहीं लगता है। हम हिंसा और नफरत नहीं चाहते हैं। हमें मुहब्बत की दुकान चाहिए। लोगों ने संदेश दिया है कि हमें नया विजन चाहिए। 
राहुल ने कहा कि अगर नया विजन देना है तो उत्तर प्रदेश से ही देना होगा। यूपी ने मैसेज दिया है कि इंडिया गठबंधन, सपा कांग्रेस को हम चाहते हैं। देश में भी हम इंडिया को चाहते हैं और यूपी में भी चाहते हैं। कहा कि हमें सबसे पहला काम यही करना है कि जहां भी यह नफरत फैलाते हैं वहा हमें मुहब्बत की दुकान खोलनी है।

तबादला नीति 2024-25 को मंजूरी दी गई

तबादला नीति 2024-25 को मंजूरी दी गई

संदीप मिश्र 
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में तबादला नीति 2024-25 को मंजूरी दे दी गई है। बैठक में कुल 41 प्रस्ताव रखे गए हैं। बैठक में बुंदेलखंड क्षेत्र की 50 में से 26 परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। जिनकी कुल लागत 10858 करोड़ रुपये है। इसमें 1394 करोड़ रुपये की वृद्धि की गई है।
निजी विश्वविद्यालय को प्रमोट करना और हर मंडल में एक सरकारी विश्वविद्यालय को मंजूरी।
विवि के नाम से राज्य हटा कर नाम छोटा कर दिया गया है। मुरादाबाद विवि का नाम गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय किया गया है।
बरेली में हरित गाजियाबाद और फ्यूचर विश्वविद्यालय खोले जाएंगे। प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ में तैयारियों के मद्देनजर 2019 की तुलना में 2025 में 3200 हेक्टेयर की तुलना में 4000 हेक्टेयर क्षेत्र में विस्तार किया गया है। अनुमान है कि मौनी अमावस्या पर करीब छह करोड़ लोग आएंगे। कुंभ के लिए 2500 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
आईआईटी कानपुर में मेडिकल रिसर्च के लिए स्कूल आफ मेडिकल रिसर्च एंड टेक्नालॉजी बनाया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार हर साल 10 करोड़ रुपये देगी। इस तरह पांच साल में 50 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। शेष मदद केंद्र से आएगी। नई तबादला नीति के तहत प्रदेश में समूह क ख ग घ के सभी कार्मिकों के ट्रांसफर 30 जून तक होंगे। जिलों में तीन साल और मंडल में सात साल से अधिक तैनाती वाले कार्मिक हटाए जाएंगे। पिक एंड चूज की व्यवस्था खत्म होगी। जो ज्यादा पुराना होगा, वह पहले हटेगा। समूह क और ख में अधिकतम 20 प्रतिशत और समूह ग और घ में अधिकतम 10 प्रतिशत कार्मिकों के तबादले होंगे।

सोमवार, 10 जून 2024

मोदी ने 'प्रधानमंत्री' पद का कार्यभार संभाला

मोदी ने 'प्रधानमंत्री' पद का कार्यभार संभाला

इकबाल अंसारी 
नई दिल्ली। पीएम मोदी ने सोमवार को विधिवत तरीके से प्रधानमंत्री पद का कार्यभार संभाला। उन्होंने कार्यभार संभालते ही पीएम किसान निधि सम्मान योजना से जुड़ी फाइल पर साइन किए। पीएम किसान निधि सम्मान योजना की 17वीं किस्त से जुड़ी फाइल को हरी झंडी दी गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपनी पूरी कैबिनेट के साथ लगातार तीसरी बार पद की शपथ ली थी। प्रधानमंत्री पद की शपथ के लगभग 16 घंटे बाद उन्होंने इस कार्यकाल की अपनी पहली फाइल पर हस्ताक्षर किए हैं।  इसके तहत लगभग 20 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे, जिससे देश के 9.3 करोड़ किसानों को लाभ होगा।
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारी सरकार किसान कल्याण के प्रति पूरी तरह से समर्पित है। इसलिए ये वाजिब था कि पहली फाइल जिस पर साइन किया जाना है, वह किसानों के कल्याण से जुड़ी हुई हो। हम आने वाले समय में किसानों के लिए और कृषि सेक्टर के लिए अधिक से अधिक काम करना चाहते हैं।

सीएम के काफिले पर हमला, एक सुरक्षाकर्मी घायल

सीएम के काफिले पर हमला, एक सुरक्षाकर्मी घायल 

इकबाल अंसारी 
इंफाल। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के काफिले पर सोमवार को कांगपोकपी जिले में सशस्त्र उग्रवादियों ने घात लगाकर हमला किया, जिसमें एक सुरक्षाकर्मी घायल हो गया। मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, काफिला इम्फाल से जिरीबाम जिले की ओर जा रहा था, तभी सुबह करीब 10.30 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग-37 पर हमला हुआ।
मुख्यमंत्री जिरीबाम जाने की योजना बना रहे थे, जो पिछले कुछ दिनों से अशांति की चपेट में है, जब 6 जून को अज्ञात बदमाशों ने एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। बीरेन सिंह मंगलवार को इस क्षेत्र का दौरा करने की योजना बना रहे थे। जिरीबाम में व्यक्ति की हत्या के बाद कुछ सरकारी कार्यालयों सहित करीब 70 घरों को आग के हवाले कर दिया गया और सैकड़ों नागरिक क्षेत्र से भाग गए।
मीतेई समुदाय के 59 वर्षीय किसान की हत्या कर दी गई। पुलिस ने बताया कि सोइबाम सरतकुमार सिंह के रूप में पहचाने जाने वाले व्यक्ति को अपने खेत से लौटते समय लापता पाया गया। उसके शरीर पर धारदार वस्तु से घाव के निशान थे।
इस घटना से मणिपुर में चल रहे जातीय तनाव को और बढ़ा दिया 
इस घटना ने पिछले साल से मणिपुर में चल रहे जातीय तनाव को और बढ़ा दिया है। अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार (7 जून) को जिरीबाम के परिधीय इलाकों से करीब 239 मैतेई लोगों को निकाला गया, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे और उन्हें जिले के एक बहु-खेल परिसर में नए बनाए गए राहत शिविर में ले जाया गया। 
स्थानीय लोगों ने किसान की हत्या से गुस्साए कुछ परित्यक्त ढांचों में आग लगा दी, जिसके बाद जिरीबाम में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई। स्थानीय लोगों ने चुनाव के दौरान जब्त किए गए अपने लाइसेंसी हथियारों को वापस करने की मांग करते हुए जिरीबाम पुलिस स्टेशन के सामने विरोध प्रदर्शन भी किया।
मैतेई, मुस्लिम, नागा, कुकी और गैर-मणिपुरी लोगों का घर जिरीबाम पहले जातीय संघर्ष से अप्रभावित रहा है। इंफाल घाटी में रहने वाले मैतेई और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले कुकी के बीच संघर्ष के कारण 200 से अधिक लोगों की मौत हो गई है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।

रविवार, 9 जून 2024

मोदी ने तीसरी बार 'पीएम' पद की शपथ ली

मोदी ने तीसरी बार 'पीएम' पद की शपथ ली 

इकबाल अंसारी 
नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी ने तीसरे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली है। उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शपथ दिलाई। जवाहर लाल नेहरू के बाद लगातार तीसरी बार पीएम बनने वाले वे दूसरे प्रधानमंत्री हैं।

72 मंत्री ले रहे हैं शपथ
बता दें प्रधानमंत्री के साथ-साथ तमाम दिग्गज BJP और NDA नेता भी मंत्री पद की शपथ ले रहे हैं। कुल 72 सांसद मंत्री पद की शपथ ले रहे हैं, जिनमें 30 कैबिनेट मंत्री, 5 स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री और बाकी राज्य मंत्री हैं।

इन मंत्रियों ने ली शपथ
राजनाथ सिंह
अमित शाह
JP नड्डा
शिवराज सिंह चौहान
मनोहर लाल खट्टर
निर्मला सीतारमण
BS येदुरप्पा (JDS)
पीयूष गोयल
धर्मेंद्र प्रधान
एस जयशंकर
जीतन राम मांझी (HAM)
राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) (JDU)
सर्बानंद सोनोवाल
वीरेंद्र कुमार खटीक
राममोहन नायडू (TDP)
कुल मिलाकर 27 OBC, 10 SC, 5 ST और 5 अल्पसंख्यक समुदाय के सांसदों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा रही है। BJP के सहयोगी दलों के कुल 11 मंत्री शपथ ले रहे हैं।

कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे कई देशों और सरकारों के प्रमुख

नई सरकार के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए कई देशों और सरकारों के प्रमुख पहुंचे हैं। 

श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मोइज्जू
सेशेल्स के उपराष्ट्रपति अहमद अफीफी
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना
मॉरीशस की प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जुगनाथ
नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड
भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोग्बे।

कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए सियासी, कॉरपोरेट, सिनेमा, खेल समेत तमाम सार्वजनिक जगत की हस्तियां पहुंची हैं। कॉरपोरेट जगत से गौतम अदाणी, मुकेश अंबानी और अन्य एंटरप्रेन्योर्स कार्यक्रम में आए हैं। जबकि सिनेमा जगत से शाहरुख खान, अक्षय कुमार, अनिल कपूर और रजनीकांत समेत कई हस्तियां शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत करने पहुंची हैं।

4 जून को घोषित हुए थे नतीजे

बता दें 4 जून को को लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे घोषित हुए थे, जिनमें BJP को 240 सीटें मिली थीं। जबकि NDA को कुल 293 सीटें हासिल हुई हैं। दूसरी तरफ INDIA गठबंधन को 233 सीटों पर जीत मिली है, जबकि कांग्रेस के प्रदर्शन में 55 सीटों का इजाफा हुआ है और पार्टी इस बार 99 सीटें जीती है।

ओडिशा: 12 जून को होगा 'शपथ ग्रहण' समारोह

ओडिशा: 12 जून को होगा 'शपथ ग्रहण' समारोह 

इकबाल अंसारी 
भुवनेश्वर। ओडिशा में नवनिर्वाचित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 12 जून को होगा। पार्टी प्रवक्ता जतिन मोहंती ने रविवार को यह जानकारी दी। इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओडिशा में अपनी चुनावी सभाओं के दौरान घोषणा की थी कि यह समारोह 10 जून को होगा। मोदी ने कई रैलियों में कहा था कि चार जून को बीजू जनता दल (बीजद) सरकार का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा और नया भाजपा मुख्यमंत्री, ओडिशा का कोई बेटा या बेटी, 10 जून को भुवनेश्वर में शपथ लेगा। मोहंती ने कहा कि चूंकि मोदी ने रविवार शाम को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली और 10 जून को उनके कई अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रम हैं, इसलिए ओडिशा में भाजपा सरकार का प्रस्तावित शपथ ग्रहण समारोह 12 जून को पुनर्निर्धारित किया गया है। 
उन्होंने बताया कि 10 जून को होने वाली भाजपा विधायक दल की बैठक अब 11 जून को होगी। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा विधायक दल की बैठक में पार्टी का नेता चुना जाएगा, जिसे भाजपा संसदीय बोर्ड मंजूरी देगा। सूत्रों ने बताया कि भाजपा के किसी वरिष्ठ विधायक को मुख्यमंत्री चुना जा सकता है और किसी अन्य वरिष्ठ पार्टी नेता को सरकार में शामिल करने के लिए उपमुख्यमंत्री पद का भी सृजन किये जाने की संभावना है। इस बीच, शहर के प्रसिद्ध जनता मैदान में समारोह की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। मोहंती ने बताया कि मोदी और भाजपा के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ ही भाजपा के कुछ मुख्यमंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का कार्यक्रम है।

शनिवार, 8 जून 2024

कांग्रेस ने पार्टी की कार्य समिति की बैठक बुलाई

कांग्रेस ने पार्टी की कार्य समिति की बैठक बुलाई

इकबाल अंसारी 
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2024 में 99 सीटें जीतकर राष्ट्रीय राजनीति में अपनी भूमिका को मजबूत करने के बाद, कांग्रेस ने शनिवार को पार्टी की कार्य समिति की बैठक बुलाई। कांग्रेस में निर्णय लेने वाली शीर्ष संस्था- सीडब्ल्यूसी की विस्तारित बैठक नई दिल्ली के अशोका होटल आयोजित की गई, जिसमें लोकसभा चुनाव परिणामों और भविष्य की रणनीतियों पर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हुआ।
पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के अलावा पार्टी के अन्य शीर्ष नेता इस बैठक में शामिल हुए।
बैठक के दौरान सर्वसम्मति से राहुल गांधी को लोकसभा में विपक्ष का नेता बनाने की मांग उठीं। कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्यों ने प्रस्ताव पारित किया है, कि राहुल गांधी को लोकसभा में पार्टी का नेता नियुक्त किया जाना चाहिए। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के लिए अपने नाम का प्रस्ताव पारित होने पर राहुल गांधी ने इस बारे में सोचने के लिए कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्यों से कुछ वक्त मांगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपनी प्रारंभिक टिप्पणी में कहा, 'मैं आपका ध्यान इस तथ्य की ओर आकर्षित करना चाहता हूं कि भारत जोड़ो यात्रा जहां भी गई, हमने वहां कांग्रेस पार्टी के वोट प्रतिशत और सीटों की संख्या में वृद्धि देखी।'

खड़गे ने इस चुनाव में कांग्रेस की उपलब्धियों का किया जिक्र

उन्होंने बैठक के दौरान अपने संबोधन में कहा, 'मणिपुर में, हमने दोनों सीटें जीतीं। हमने नागालैंड, असम और मेघालय में भी सीटें जीतीं। महाराष्ट्र में हम सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरे। देश के लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए सभी क्षेत्रों के लोगों ने कांग्रेस पार्टी का समर्थन किया। इसके अलावा, हमने एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक मतदाताओं के प्रभुत्व वाली सीटों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी सीटों में वृद्धि देखी। आगे बढ़ते हुए, हमें शहरी क्षेत्रों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।' उन्होंने आगे कहा कि जब पार्टी अपने पुनरुद्धार का जश्न मना रही है, तो कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को थोड़ा रुकना चाहिए, क्योंकि कुछ राज्यों में हमने अपनी क्षमताओं और अपेक्षाओं के अनुरूप प्रदर्शन नहीं किया है।

जिन राज्यों में अपेक्षित सफलता नहीं मिली उनकी समीक्षा होगी 

मल्लिकार्जुन ने आगे कहा, 'हम उन राज्यों में अपना प्रदर्शन नहीं दोहरा सके जहां हमने पहले विधानसभा चुनावों में अच्छा प्रदर्शन किया था और सरकार बनाई थी... हम जल्द ही ऐसे प्रत्येक राज्य पर अलग-अलग चर्चा करेंगे। हमें तत्काल उपचारात्मक कदम उठाने होंगे। ये वे राज्य हैं, जो परंपरागत रूप से कांग्रेस के समर्थक रहे हैं, जहां हमारे पास अवसर हैं, जिनका उपयोग हमें अपने फायदे के लिए नहीं, बल्कि अपने लोगों के लाभ के लिए करना है। मैं ऐसे राज्यों की समीक्षा बैठक बहुत जल्द आयोजित करने का प्रस्ताव करता हूं। अगर मैं इंडिया एलायंस के साझेदारों की बात नहीं करूंगा, तो मैं अपने कर्तव्य में असफल होऊंगा। इंडिया ब्लॉक में शामिल प्रत्येक पार्टी ने अलग-अलग राज्यों में अपनी भूमिका निभाई, प्रत्येक पार्टी ने दूसरे की जीत में योगदान दिया।'
चुनौतियों के बावजूद हमने 

अद्भुत प्रदर्शन किया है: वेणुगोपाल

कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने सीडब्ल्यूसी मीटिंग के दौरान हुए निर्णयों के बारे में जानकारी देते हुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा, 'लोकसभा चुनावों पर चर्चा के लिए विस्तारित सीडब्ल्यूसी की बैठक हुई, 37 में से 32 नेता बैठक में शामिल हुए। स्थायी सदस्य, विशेष सदस्य भी शामिल हुए। हमने साढ़े तीन घंटे तक चर्चा की। हमने चुनाव प्रचार और हमारी गारंटी योजनाओं के बारे में चर्चा की है। चुनाव के समय नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा हमारे सामने बहुत परेशानियां खड़ी की गईं। हमने पहले ही बताया था कि यह संसदीय चुनाव कुछ मामलों में नया था। हम समान अवसर की मांग कर रहे थे, जो हमें नहीं मिला। उन्होंने हमारा काम रोक दिया, हमारे अकाउंट्स फ्रीज कर दिए। उन्होंने हमारे नेताओं को सीबीआई और ईडी के जरिए ब्लैकमेल किया। कुछ नेता जाल में फंस गए। इन सब चुनौतियों के बावजूद हमने अद्भुत प्रदर्शन किया है।'

मोदी ने 'एनडीए' को सबसे सफल गठबंधन बताया

मोदी ने 'एनडीए' को सबसे सफल गठबंधन बताया

अकांशु उपाध्याय 
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के संसदीय दल की बैठक में नरेंद्र मोदी को नेता चुन लिया गया है। एनडीए संसदीय दल का नेता चुने जाने के बाद नरेंद्र मोदी ने एनडीए को सबसे सफल गठबंधन बताया और विपक्ष पर, खासकर कांग्रेस पर जमकर हमला बोला।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईवीएम को लेकर शोर से लेकर मतगणना तक का जिक्र किया। उन्होंने कि मतगणना के दिन जिस तरह के बयान दिए जा रहे थे, वह बहुत गंभीर है।
उन्होंने चुनाव नतीजों को लेकर कहा कि 2024 के जो नतीजे हैं, हर पैरामीटर से देखेंगे तो दुनिया ये मानती है और मानेगी कि एनडीए की ये महाविजय है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि आपने देखा दो दिन कैसा चला, जैसे हम तो हार चुके हैं। चारो तरफ यही दिखता था क्योंकि उनको अपने कार्यकर्ताओं का मोरल हाई करने के लिए ऐसे काल्पनिक सब करने पड़ रहे थे। उन्होंने कहा कि गठबंधन के इतिहास में अगर आंकड़ों के हिसाब से देखें, तो ये सबसे मजबूत गठबंधन की सरकार है। लेकिन कोशिश ये की गई कि इस विजय को स्वीकार न कर पराजय की छाया में डुबोकर रखा जाए।
पीएम मोदी ने कहा कि देशवासी जानते हैं कि हम न तो हारे थे और ना ही हारे हैं। उन्होंने कहा कि 4 तारीख के बाद हमारा जो व्यवहार रहा है, वह बताता है कि हम विजय को पचाना जानते हैं। हमारे संस्कार ऐसे हैं कि विजय की गोद में उन्माद पैदा नहीं होता है और ना ही पराजित लोगों का उपहास उड़ाते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि आप किसी भी बालक से पूछो कि चुनाव के पहले सरकार किसकी थी, बोलेगा एनडीए। चुनाव के बाद किसकी आई, एनडीए तो हारे कहां से भाई। कल भी एनडीए की सरकार थी, आज भी एनडीए की सरकार है और कल भी एनडीए की रहेगी।
उन्होंने कहा कि 10 साल बाद भी कांग्रेस सौ के आंकड़े को नहीं छू पाई। अगर 2014, 2019 और 2024 तीन चुनाव जोड़कर कहूं तो तीनों में मिलाकर जितनी सीटें कांग्रेस को मिली है, उससे ज्यादा हमें इस चुनाव में मिली है। पीएम मोदी ने कहा कि साफ देख रहा हूं कि इंडी वालों को अंदाजा नहीं है, धीरे-धीरे पहले तो ये डूब रहे थे, अब तेज गति से गर्त में जाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि 4 तारीख के बाद इन लोगों का जो व्यवहार रहा है, आशा करता था कि वे लोकतंत्र का सम्मान करेंगे लेकिन उनके व्यवहार से लगता है कि शायद उनमें ये संस्कार आएं, इसके लिए और इंतजार करना पड़ेगा।
पीएम मोदी ने नाम लिए बिना राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए कहा कि ये वो लोग हैं। जो खुद की पार्टी के पीएम का अपमान करते थे, उनके निर्णयों को फाड़ देते थे। कोई विदेशी मेहमान आ जाए तो चेयर नहीं होती थी। ये सारे दृश्य आपने देखे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र हमें सबका सम्मान करना सिखाता है। विपक्ष में भी जो हमारे सांसद जीतकर आए हैं, उनको बधाई देता हूं। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 10 वर्ष में एक चीज मिस कर रहा था- डिबेट, पार्टिसिपेशन, क्वालिटी ऑफ डिबेट्स। आशा करता हूं कि नया सदन जो बना है, ये कमी मुझे खलेगी नहीं और नए साथी भी राष्ट्रहित की भावना से आएंगे।
उन्होंने कहा कि भले ही वो विपक्ष में हैं। वो राष्ट्र के विपक्ष में नहीं हैं, वो हमारे विपक्ष में हैं। पीएम मोदी ने कहा कि 2024 का जनादेश एक बात को बार-बार मजबूती दे रहा है कि देश को आज के वातावरण में सिर्फ और सिर्फ एनडीए पर ही भरोसा है और जब इतना अटूट विश्वास है, तो स्वाभाविक है कि देश की अपेक्षाएं भी बढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि इसे अच्छा मानता हूं। पहले भी कहा था कि 10 वर्ष काम किया है, वो तो ट्रेलर है। वो मेरा चुनावी वाकया नहीं, कमिटमेंट है और तेजी से देश की आकांक्षाओं को पूर्ण करने में रत्तीभर भी विलंब नहीं करना है। जनता जनार्दन चाहती है कि हम और ज्यादा डिलीवर करें, अपना ही रिकॉर्ड तोड़ें। पीएम मोदी ने एनडीए संसदीय दल की बैठक में अगले 10 साल के रोडमैप की भी चर्चा की और एनडीए का मतलब भी बताया।

सीएम ने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ बैठक की

सीएम ने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ बैठक की

संदीप मिश्र 
लखनऊ। लोकसभा चुनाव के यूपी में निराशाजनक नतीजों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ बैठक की और सभी को निर्देश दिए। उन्होंने मंत्रियों को जनता के बीच जाने, उनकी समस्याएं सुनने और उन्हें सुलझाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सरकार जनता के लिए है। मंत्री लोग जनता के बीच जाएं। हमें वीआईपी कल्चर स्वीकार नहीं है। जनता के साथ संवाद, समन्वय और संवेदनशीलता की नीति अपनाएं।
मुख्यमंत्री योगी ने मंत्रियों से कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों का सोशल मीडिया पर व्यापक प्रचार-प्रसार करें। जनसुनवाई और सीएम हेल्पलाइन को और प्रभावी बनाने पर जोर दें। मंत्रिपरिषद की बैठकों के लिए ई-कैबिनेट व्यवस्था और सभी विभागों में ई-ऑफिस प्रणाली प्रभावी ढंग से लागू करें।
प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन की बनाने का लक्ष्य हर विभाग का है। कार्ययोजना के अनुरूप मंत्रीगण समीक्षा करें। शीघ्र ही पुनः क्षेत्रीय दौरों पर जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रीगण बजट आवंटन और खर्च की समीक्षा करें और परियोजनाओं की समयबद्धता और गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखें। उन्होंने पौधारोपण, स्कूल चलो अभियान और संचारी रोग नियंत्रण के प्रयासों को सफल बनाने के भी निर्देश दिए। बैठक में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक शामिल नहीं हुए।

नई सरकार के शपथ लेते ही शुरू होगा बदलाव का दौर

लोकसभा चुनाव परिणाम आने के बाद पहली बार यूपी में मंत्रिमंडल की बैठक हो रही थी। भाजपा नेतृत्व यूपी में आए चुनाव परिणाम से खुश नहीं है। ऐसे में सरकार व संगठन के स्तर पर समीक्षाओं का दौर शुरू हो चुका है।
कयास लगाए जा रहे हैं कि केंद्र में नई सरकार के शपथ लेते ही यूपी में भी मंत्रिमंडल और पार्टी में बदलाव शुरू हो जाएंगे। लोकसभा चुनाव में भाजपा यूपी में अपने दम पर 33 सीटें ही प्राप्त कर सकी जबकि चुनाव से पहले प्रदेश की सभी 80 सीटों पर जीत के दावे किए जा रहे थे।
2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने यूपी में सपा-बसपा के विपक्षी गठबंधन के बावजूद 62 सीटों पर जीत दर्ज की थी। 2014 में 71 सीटें जीती थीं।

सोनिया को पार्टी संसदीय दल का प्रमुख चुना

सोनिया को पार्टी संसदीय दल का प्रमुख चुना 

इकबाल अंसारी 
नई दिल्ली। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को शनिवार को एक बार फिर से पार्टी संसदीय दल का प्रमुख चुना गया। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
संविधान सदन (पुरानी संसद) के केंद्रीय कक्ष में हुई कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोनिया गांधी को सीपीसी प्रमुख नियुक्त करने का प्रस्ताव पेश किया जिसका पार्टी के सांसदों ने सर्वसम्मति से अनुमोदन किया।
सोनिया गांधी को सीपीसी प्रमुख चुने जाने से पहले पार्टी की कार्य समिति की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर राहुल गांधी से आग्रह किया गया कि वह लोकसभा में नेता विपक्ष की जिम्मेदारी संभालें। इस लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 99 सीट जीती हैं।

शुक्रवार, 7 जून 2024

'शपथ ग्रहण' समारोह में शामिल होंगे राष्ट्रपति मुइज्जू

'शपथ ग्रहण' समारोह में शामिल होंगे राष्ट्रपति मुइज्जू

अकांशु उपाध्याय 
नई दिल्ली। भारत के साथ चल रहे तनाव के बीच मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू 9 जून को नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए नई दिल्ली आएंगे। उन्होंने पीएम मोदी का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। भारत ने पड़ोसी प्रथम नीति के तहत नेपाल, भूटान, श्रीलंका, मॉरीशस, बांग्लादेश और मालदीव जैसे देशों के राष्ट्राध्यक्षों को शपथ ग्रहण समारोह का न्यौता भेजा है। मुइज्जू ने सप्ताहांत में नई दिल्ली में आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शपथग्रहण समारोह में शामिल होने का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है।  रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रपति मुइज्जू कई अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ समारोह के लिए शनिवार को नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे। मुइज्जू की पहली आधिकारिक भारत यात्रा के बारे में मालदीव के राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इससे पहले, मुइज्जू ने बुधवार को मोदी को बधाई दी थी। उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए मोदी के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई थी। मालदीव का राष्ट्रपति बनने के बाद मो. मुइज्जू का यह पहला भारत दौरा होगा। हालांकि मुइज्जू चीन के समर्थक माने जाते हैं। उन्होंने राष्ट्रपति बनने के बाद परंपरा तोड़ते हुए भारत के बजाय इसीलिए चीन का दौरा सर्व प्रथम किया था। इसके अलावा भारतीय सैनिकों को मालदीव से हटाने का फैसला करके उन्होंने भारत के साथ तनाव का बीज बो दिया। हालांकि बाद में उनके रुख में नरमी आने लगी। लिहाजा लगातार बीजेपी और एनडीए की तीसरी जीत पर मुइज्जू ने ‘एक्स’ पर कहा था, ‘‘मोदी, भाजपा और भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को 2024 के आम चुनाव में लगातार तीसरी बार सफलता मिलने पर बधाई।’’ उन्होंने कहा था, ‘‘मैं दोनों देशों की समृद्धि और स्थिरता के लिए अपने साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करना चाहता हूं।’

सरकार बनाने हेतु राष्ट्रपति के सामने दावा पेश किया

सरकार बनाने हेतु राष्ट्रपति के सामने दावा पेश किया

अकांशु उपाध्याय 
नई दिल्ली। एनडीए की ओर से लोकसभा चुनाव 2024 में मिले बहुमत के अंतर्गत गठबंधन सरकार बनाने के लिए राष्ट्रपति के सम्मुख दावा पेश किया गया है। इस बाबत एनडीए की ओर से राष्ट्रपति को घटक दलों का समर्थन-पत्र सौंपा गया है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार तीसरी बार पीएम पद की शपथ ग्रहण की तैयारियां राजधानी में शुरू कर दी गई है। लोकसभा चुनाव 2024 की मतगणना के परिणामों में एनडीए को मिले बहुमत के बाद आज गठबंधन की सरकार बनाने का दावा एनडीए नेताओं की ओर से राष्ट्रपति के सम्मुख पेश किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करने के लिए राष्ट्रपति भवन पहुंचे एनडीए घटक दल के नेताओं ने राष्ट्रपति को समर्थन पत्र का लेटर भी सौंपा है। जिसके चलते अब राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी शुरू कर दी गई है।

एनडीए की बैठक, मोदी के पैर छूते नजर आए नीतीश

एनडीए की बैठक, मोदी के पैर छूते नजर आए नीतीश 

इकबाल अंसारी 
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद बीजेपी की अगुआई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार बनाने वाली है। इसी क्रम में शुक्रवार 7 जून को एनडीए की संसदीय दल की बैठक बुलाई गई। इस बैठक में गजब नजारा देखने को मिला। एनडीए के सहयोगी दल जेडीयू के मुखिया और इस सरकार में ‘किंगमेकर’ की भूमिका निभा रहे नीतीश कुमार नरेंद्र मोदी के पैर छूते नजर आए।
सोशल मीडिया पर यह वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में नीतीश कुमार नरेंद्र मोदी से हाथ मिलते हैं फिर उनके आगे थोड़ा झुकते हुआ हाथ नीचे करते नजर आते हैं। जिसके बाद वो नरेंद्र मोदी के हाथों को चुमते हैं। हालांकि, वीडियो में नीतीश कुमार पूरी तरह नरेंद्र मोदी के पैर छूते हुए नजर नहीं आ रहे पर देखकर ऐसा ही रहा कि वो पैर छूने की कोशिश कर रहे थे।

पहली दफा नहीं हुआ है ऐसा

ये पहला मौका नहीं है, जब नीतीश कुमार ने कुछ ऐसा किया हो। लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान अप्रैल में बिहार की एक रैली में भी सीएम नीतीश मंच पर पीएम मोदी के पैर छूते नजर आए थे। अगर उम्र के तकादे से देखें तो नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी हमउम्र हैं। दोनों ही 73 साल के हैं। हालांकि, नीतीश कुमार का जन्मदिन मार्च में और नरेंद्र मोदी का जन्मदिन सितम्बर में होता है, इस हिसाब से सीएम नीतीश, पीएम मोदी से 6 महीने बड़े हुए।

नीतीश कुमार ने मीटिंग के दौरान क्या कहा?

कार्यक्रम में बोलते हुए, बिहार के सीएम ने कहा, “बिहार के सभी लंबित काम किए जाएंगे। यह बहुत अच्छी बात है से कि हम सभी एक साथ आए हैं और हम सभी आपके (पीएम मोदी) साथ मिलकर काम करेंगे। रविवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे, लेकिन मैं चाहता था कि आप आज ही शपथ लें। जब भी आप शपथ लेंगे, हम आपके साथ होंगे… हम सब आपके नेतृत्व में मिलकर काम करेंगे…”।

NDA गठबंधन के वरिष्ठ नेता मंच पर आए एक साथ नजर

टीडीपी के एन चंद्रबाबू नायडू, शिवसेना के एकनाथ शिंदे, एलजेपी प्रमुख चिराग पासवान, जीतन राम मांझी, अनुप्रिया पटेल, पवन कल्याण जैसे गठबंधन के वरिष्ठ सदस्य भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ मुख्य मंच पर मौजूद एनडीए नेताओं में से थे। एनडीए के पास 293 सांसद हैं, जो 543 सदस्यीय लोकसभा में बहुमत के आंकड़े 272 से काफी ऊपर है।

गुरुवार, 6 जून 2024

राहुल ने 'एग्‍ज‍िट पोल' को घपला करार दिया

राहुल ने 'एग्‍ज‍िट पोल' को घपला करार दिया

अकांशु उपाध्याय 
नई दिल्ली। राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्‍होंने एग्‍ज‍िट पोल को घपला करार दिया। कहा, कि चुनावी एग्‍ज‍िट पोल की वजह से शेयर बाजार में लोगों के 30 लाख करोड़ रुपये डूब गए। इसकी क्रोनोलॉजी समझ‍िए। पहली बार हमने नोट किया की चुनाव के समय प्रधानमंत्री ने, गृहमंत्री ने और फाइनेंस मिनिस्टर ने स्टॉक मार्केट पर टिप्पणी दी। प्रधानमंत्री ने कहा, कि स्टॉक मार्केट तेजी से आगे बढ़ने वाला है। गृहमंत्री और वित्‍तमंत्री ने भी यही कहा है। इससे बाजार में उछाल आया। बाद में यह डूब गया, यह एक घपला है। इसकी संयुक्‍त संसदीय समि‍त‍ि (JPC) से जांच होनी चाह‍िए। राहुल गांधी ने कहा, कि शेयर बाजार पर भ्रम फैलाया गया। पूरे मामले की जेपीसी से जांच होनी चाह‍िए। एग्‍ज‍िट पोल करने वाली कंपन‍ियों पर कार्रवाई की जाए। भारत के शेयर बाजार का यह सबसे बड़ा घोटाला है। भारत के स्‍टॉक मार्केट का यह सबसे बड़ा घोटाला है। पूरा मामला आपराध‍िक है। जांच की जाए और कार्रवाई भी की जाए। जब उनसे पूछा गया क‍ि क्‍या कोर्ट में जाएंगे ? इस पर राहुल गांधी ने कहा, हम जेपीसी जांच की मांग कर रहे हैं। जो भी होगा, हम करेंगे। राहुल गांधी ने कहा, चुनाव से पहले बीजेपी का इंटरनल सर्वे भी उन्‍हें सिर्फ 220 सीटें दे रहा था। इसल‍िए एग्‍ज‍िट पोल के जर‍िये भ्रम फैलाया गया। इसके बाद 3 जून को शेयर बाजार ने रिकॉर्ड तोडा और काफी ऊंचाई पर चला गया। हम जनता को बता रहे हैं क‍ि यहां एक स्‍कैम हुआ है। प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और वित्‍त मंत्री सीधे तौर पर इसके ल‍िए जिम्‍मेदार हैं। जब राहुल गांधी से पूछा गया क‍ि अगर सरकार जेपीसी जांच के ल‍िए नहीं मानी तो क्‍या करेंगे ? इस पर उन्‍होंने कहा क‍ि संसद में विपक्ष काफी मजबूत होगा। इसबार उन्‍हें हमारी बात माननी होगी। हम दबाव बनाएंगे और उन्‍हें जेपीसी की मांग माननी ही होगी। ईमानदार लोगों का पैसा शेयर बाजार में लगा हुआ था।

अगले 4-5 दिनों तक तेज 'हीटवेव' की संभावना

अगले 4-5 दिनों तक तेज 'हीटवेव' की संभावना  अकांशु उपाध्याय  नई दिल्ली। इस समय देश में सभी देशवासियों का गर्मी से हाल बेहाल है और अभी...