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शनिवार, 8 मई 2021

मोदी ने राहुल गांधी व लालू यादव पर बोला हमला

अविनाश श्रीवास्तव   
पटना। कोरोना की दूसरी लहर से पूरे देश में कोहराम मचा हुआ है। कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या थमने का नाम नहीं ले रही है। वही इस महामारी से कई लोगों की जानें भी अब तक जा चुकी है। इस आपदा की घड़ी में राजनीति भी तेज हो गयी है। इस महामारी के दौर में राजनितिक दलों के नेताओं द्वारा आरोप प्रत्यारोप भी जारी है। कभी सत्ता पक्ष विपक्ष पर हमलावर है तो कभी विपक्षी दल सत्ता पक्ष पर हमला बोल रहे हैं। राजनेताओं का हमला ट्विटर पर भी जारी है। 
इसी क्रम में बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम व सांसद सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट किया है। सुशील मोदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी सुप्रीमों लालू प्रसाद यादव पर हमला बोला। सुशील मोदी ने ट्विटर पर लिखा कि राहुल गांधी और लालू यादव कोराना योद्धाओं का मनोबल गिरा रहे हैं।सुशील मोदी ने कहा कि लालू की बयानबाजी ओछी राजनीति है। संकट के समय में राहुल और लालू यादव की बयानबाजी दवा और ऑक्सीजन की कालाबाजारी से भी अधिक खतरनाक है। कोरोना के संक्रमण से निपटने के लिए सरकार ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। बिहटा में सेना ने विशेष कोविड अस्पताल शुरू किया है। वही दूसरी तरफ ऐसे विपदा की घड़ी में राहुल गांधी और लालू प्रसाद नकारात्मक बयान देकर कोरोना योद्धाओं का मनोबल गिरा रहे हैं। सुशील मोदी ने कहा कि महामारी के समय ओछी राजनीति करना ज्यादा खतरनाक है। सुशील मोदी ने यह भी कहा कि रेमडेसिविर इंजेक्शन व ऑक्सीजन की नहीं होगी किल्लत...

शुक्रवार, 7 मई 2021

रंगासामी ने बतौर पुडुचेरी के मुख्यमंत्री शपथ लीं

पुडुचेरी। एआईएनआरसी नेता एन रंगासामी ने शुक्रवार को यहां राज निवास में हुए एक संक्षिप्त समारोह में पुडुचेरी के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। उपराज्यपाल तमिलिसाई सौंदराराजन ने रंगासामी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। वह चौथी बार मुख्यमंत्री बने हैं। उन्होंने ईश्वर को साक्षी मानकर तमिल भाषा में पद की शपथ ली। शुक्रवार को केवल रंगासामी ने शपथ ली।

वह राजग सरकार की अगुवाई करेंगे जिसमें एआईएनआरसी और भारतीय जनता पार्टी शामिल हैं। एआईएनआरसी पार्टी सूत्रों ने बताया कि पार्टी और भाजपा के अन्य मंत्रियों को अगले कुछ दिनों में शपथ दिलाई जाएगी। इससे पहले, मुख्य सचिव अश्विन कुमार ने रंगासामी को मुख्यमंत्री नियुक्त करने वाली, राष्ट्रपति की अधिसूचना को पढ़ा। यह समारोह दोपहर एक बजकर 20 मिनट पर शुरू हुआ और महज पांच मिनट तक चला।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ऑल इंडिया एन आर कांग्रेस के नेता एन रंगासामी को पुडुचेरी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी और नए कार्यकाल के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं। मोदी ने ट्वीट कर कहा, ”पुडुचेरी के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर मैं एन रंगासामी को बधाई देता हूं। उनके कार्यकाल के लिए उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं।”

गुरुवार, 6 मई 2021

पश्चिम बंगाल सरकार पर विवादित टिप्पणी: प्रज्ञा

भोपाल। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की जीत को लेकर मध्यप्रदेश में भी सियासत शुरू हो गई है। भोपाल सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने पश्चिम बंगाल सरकार पर विवादित टिप्पणी की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल को मुमताज का लोकतंत्र बताते हुए हिंदू कार्यकर्ताओं की निर्मम हत्या, बलात्कार की घटनाओं पर नाराजगी जाहिर की और लिखा- अब टिट फॉर टैट करना ही होगा यानी जैसे को तैसा।

उन्होंने कहा कि अब लोगों को असम में शरण लेना पड़ रही है। इसके लिए एकमात्र उपाय राष्ट्रपति शासन और NRC ही है। संतों और वीरों की भूमि पर ताड़का का शासन हो गया।

हालांकि उनकी पोस्ट के बाद लोगों ने प्रतिक्रिया दी है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर बहस भी शुरू हो गई है। किसी ने इसे कश्मीर बनने की शुरुआत बताया, तो किसी ने इसे भाजपा की हार की खीज बताया। लोगों ने इसके लिए भाजपा को भी घेरा है।

दिग्विजय सिंह को हराया था

प्रज्ञा ठाकुर ने पिछले चुनाव में भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को हराया था। इसके बाद से वे कई मुद्दों पर विवादित टिप्पणी कर चुकी हैं। इसके बाद भाजपा को किनारा करना पड़ा। ताजा मामले में इसी तरह की टिप्पणी कंगना रनौत कर चुकी हैं, जिनका ट्वीटर हैंडल सस्पेंड किया गया।

9 मई को विधायकों के साथ वर्चुअल मीटिंग: लालू

 अविनाश श्रीवास्तव  
पटना। बिहार की राजनीतिक गलियारों से बड़ी खबर सामने आ रही है। जेल से जमानत मिलने के बाद अब आरजेडी सुप्रीमों लालू प्रसाद यादव एक्शन मोड में आ गये हैं। लालू यादव अब 9 मई को आरजेडी विधायकों के साथ वर्चुअल मीटिंग करेंगे। इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी मौजूद रहेंगे। 9 मई (रविवार) को दोपहर 2 बजे आरजेडी के सभी विधायक और विधानसभा चुनाव में पराजित हुए सभी राजद प्रत्याशी इस वर्चुअल मीटिंग में शामिल होंगे। आरजेडी के प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने इस बात की जानकारी दी है।ऐसे में लंबे समय से बिहार की राजनीति से गायब हुए लालू यादव अब पार्टी के विधायकों और विधानसभा प्रत्याशियों के साथ बातचीत करेंगे। 
बिहार में बिगड़ते कोरोना के हालात पर लालू यादव चर्चा करेंगे। लालू के साथ इस वर्चुअल मीटिंग में तेजस्वी यादव भी मौजूद रहेंगे जो बिहार के विभिन्न इलाकों में कोरोना से जुझ रहे लोगों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लेंगे। तेजस्वी समेत आरजेडी की तरफ से पहले ही विधायकों को यह निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के लोगों की हर संभव मदद करें। इसे लेकर तेजस्वी समेत पार्टी के कई विधायकों ने अपने इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं बेहतर इंतजामात के लिए विधायक फंड से अनुशंसा भी की है लेकिन अब लालू इसकी कमान खुद संभालने वाले हैं। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए आरजेडी सुप्रीमों लालू प्रसाद यादव ने पार्टी के विधायकों और आरजेडी प्रत्याशियों के साथ वर्चुअल मीटिंग करने का फैसला लिया है। आरजेडी की तरफ से 9 मई की तारीख निर्धारित की गयी है। वर्चुअल मीटिंग के जरीय लालू यादव आरजेडी के विधायकों को संबोधित करेंगे। 

गुरुवार, 25 फ़रवरी 2021

सरकार ने किया मीडिया पर शिकंजा कसने का ऐलान

अकांशु उपाध्याय  
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अब सोशल मीडिया कम्पनियों के लिए नियमों में बदलाव और इंटरमीडियरी जवाबदेही पर नए दिशा निर्देशों का एलान कर दिया है।  केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस संबंध में गुरुवार को प्रेस कांफरेस की है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सोशल मीडिया पर गलत भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन अब सरकार सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री को मंजूरी नहीं देगी। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हमने देखा है कि लोग अब हिंसा फैलाने के लिए भी सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया को दो श्रेणियों में बांटा गया है। एक इंटरमीडरी और दूसरा सिग्निफिकेंट सोशलघ्मीडिया इंटरमीडरी। सिग्निफिकेंट सोशल घ्मीडिया इंटरमीडरी पर अतिरित्तफ कर्तव्य है। हम जल्दी इसके लिए यूजर संख्या का नोटिफिकेशन जारी करेंगे। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अब सोशल मीडिया की तीन स्तरीय निगरानी होगी। एक शिकायत निवारण तंत्र रखना होगा और शिकायतों का निपटारा करने वाले आफिसर का नाम भी रखना होगा। ये अधिकारी 24 घंटे में शिकायत का पंजीकरण करेगा और 15 दिनों में उसका निपटारा करेगा। कंपनियों को महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट 24 घंटों के अंदर हटाने होंगे। कंपनियों को नियमों का पालन करने पर हर महीने सरकार को रिपोर्ट देनी होगी। उन्होंने कहा कि जिसने सबसे पहले आपत्तिजनक पोस्ट डाली, उसके बारे में सरकार को बताना पड़ेगा। तीन महीनों के अंदर नियमों का पालन करना होगा। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि सभी मीडिया प्लेटफाॅम्र्स के लिए अब एक नियम हो। हमें ओटीटी प्लेटफाॅम्र्स के लिए नियम बनाने को लेकर हर दिन सैकड़ों पत्र मिल रहे हैं। जावेड़कर ने कहा कि ओटीटी और डिजिटल मीडिया के लिए तीन स्तरीय व्यवस्था की गई है। टेलीकाॅम मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने एक प्रेस काॅन्स के दौरान सोशल मीडिया कंपनियों के लिए गाइडलाइन तय की है। उन्होंने कहा कि ये गाइडलाइन फाॅलो करने के लिए सोशल मीडिया कंपनियों के पास 3 महीने का समय होगा। हालांकि इसके लिए किसी तरह का नया कानून नहीं बना है और ये आईटी एक्ट के अंदर ही आएगा। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सोशल मीडिया भारत में बिजनेस कर सकता है। इसमें कोई दिक्कत नहीं है। सोशल मीडिया ने आम इंडियन को मजबूत किया है। इसके लिए हम सोशल मीडिया की तारीफ भी करते हैं। रविशंकर प्रसाद के मुताबिक भारत में सोशल मीडिया का दोहरा चरित्र दिखता है। दूसरे देशों में ऐसा नहीं है। हाल ही में लाल किला के मामले पर उन्होंने कहा कि भारत में सोशल मीडिया का डबल स्टैंडर्ड दिखता है। इसलिए ऐसा नहीं चलेगा और उन्हें रेस्ट्रिक्शन फाॅलो करना होगा। सोशल मीडिया प्लैटफाॅर्म रेग्यूलेशन के लिए कई प्वाइंटर्स गिनाए गए हैं। इनमें ग्रिवांस रिड्रेसल, वेरिफिकेशन से लेकर कंटेंट हटाए जाने तक शामिल है। सरकार या कोर्ट आर्डर पर सोशल मीडिया कंपनियों को कंटेंट हटाने होंगे। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ये महत्वपूर्ण है कि सोशल मीडिया यूजर्स को उनकी समस्या का समाधान करने का कोई प्लैटफाॅर्म दिया जाए। ये आप्शन मिले कि टाइम बाउंड मैनर में उनकी समस्या का समाधान मिले। सोशल मीडिया प्लैटफाॅर्म से किसी भी गलत संदेश या ट्वीट का आरिजिन मांगा जाएगा।

किसान संघ पहलें प्रस्ताव पर जवाब दें: तोमर

अकांशु उपाध्याय  
नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार प्रदर्शनकारी किसानों से बातचीत फिर से शुरू करने के लिये तैयार है। लेकिन किसान संघ पहले उसके तीन विवादित कृषि कानूनों को डेढ़ साल के लिये स्थगित रखने और समाधान तलाशने के लिये एक संयुक्त समिति के गठन के प्रस्ताव पर जवाब तो दें। गतिरोध तोड़ने और किसानों के प्रदर्शन को खत्म करने के लिये सरकार और किसान संघों के बीच अब तक 11 दौर की बातचीत हो चुकी है और आखिरी दौर की बातचीत 22 जनवरी को हुई थी। किसानों द्वारा 26 जनवरी को आयोजित ‘ट्रैक्टर परेड’ के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा के बाद बातचीत फिर शुरू नहीं हुई।

मछुआरों को मंत्रालय चाहिए, 1 विभाग नहीं: राहुल

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पलटवार करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि मछुआरों को एक स्वतंत्र मत्स्य पालन मंत्रालय चाहिए, एक मंत्रालय के भीतर केवल एक विभाग नहीं। प्रधानमंत्री ने पुडुचेरी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए गांधी द्वारा पिछले सप्ताह दिये गए उस बयान पर हैरानी जतायी। जिसमें उन्होंने कहा था कि कोई ”समर्पित” मत्स्य मंत्रालय नहीं है। इससे पहले केंद्रीय मंत्रियों सहित भाजपा नेता भी इस बयान को लेकर गांधी पर निशाना साध चुके हैं। प्रधानमंत्री द्वारा किये गए हमले पर पलटवार करते हुए गांधी ने ट्वीट किया, ”प्रिय प्रधानमंत्री, मछुआरों को एक मंत्रालय के भीतर केवल एक विभाग नहीं बल्कि एक स्वतंत्र और समर्पित मत्स्य पालन मंत्रालय की आवश्यकता है।” उन्होंने कहा, ”हम दो हमारे दो’ से निश्चित तौर पर बुरा लगता है। गांधी उस कटाक्ष का उल्लेख कर रहे थे जिसका इस्तेमाल उन्होंने सरकार के खिलाफ यह आरोप लगाने के लिए किया है कि यह सरकार मोदी और उनके ”कॉरपोरेट दोस्तों” द्वारा चलायी जा रही है।” मोदी ने पुडुचेरी में कहा, ”कांग्रेस के नेता कहते हैं कि हम एक मत्स्य पालन मंत्रालय बनाएंगे। मुझे हैरानी हुई। सच्चाई यह है कि यह मौजूदा राजग सरकार है जिसने 2019 में मत्स्य पालन के लिए एक मंत्रालय बनाया था। 2019 में, मोदी सरकार ने मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय बनाया था। गांधी ने एक अन्य ट्वीट में मीडिया की एक खबर को लेकर सरकार पर हमला किया जिसमें दावा किया गया है कि सरकार ने मामले दर मामले के आधार पर चीन से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रस्तावों को मंजूरी देनी शुरू कर दी है। गांधी ने कहा, ”चीन समझ गया है कि श्री मोदी उनके दबाव में झुकते हैं। उन्हें अब यह पता चल गया है कि वे उनसे जो चाहें प्राप्त कर सकते हैं।” गांधी ने एक अन्य ट्वीट में रोजगार के मुद्दे पर भी सरकार पर हमला किया और सरकार से युवाओं के लिए रोजगारों का सृजन करने को कहा।

राजनीतिक पार्टी से जुड़ने का सिलसिला जारी हुआ

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले एक के बाद एक बड़ी हस्तियों का किसी न किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़ने का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में टॉलीवुड की प्रसिद्ध अभिनेत्री पायल सरकार गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गई। अभिनेत्री पायल सरकार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष की उपस्थिति में भाजपा कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पार्टी में शामिल हुई। इससे पहले बंगाली अभिनेता यश दासगुप्ता ने भी भाजपा का हाथ थाम लिया था। वहीं बुधवार को फ़िल्मी हस्तियां राज चक्रवर्ती, सयोनी घोष, कंचन मल्लिक, सुदेशना रॉय, मनाली डे और जून मालिया तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गईं थी तथा बंगाल क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मनोज तिवारी ने भी हुगली जिले के सहागंगे इलाके में एक जनसभा के दौरान पार्टी का झंडा थाम लिया था।

भारत से अलग हुए पाक जैसे देश संकट में: भागवत

हैदराबाद। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने ‘अखंड भारत की आश्यकता’ पर बल देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि भारत से अलग हुए पाकिस्तान जैसे देश अब संकट में हैं। भागवत ने एक पुस्तक के विमोचन के मौके पर कहा कि ‘अखंड भारत’ बल नहीं, बल्कि ‘हिंदू धर्म’ के जरिए संभव है। उन्होंने कहा, ”दुनिया के कल्याण के लिए गौरवशाली अखंड भारत की आवश्यकता है। इसलिए देशभक्ति को जगाए जाने की जरूरत है। छोटे किए गए भारत को (फिर से) एकजुट किए जाने की आवश्यकता है। भारत से अलग हुए सभी हिस्सों, जो स्वयं को अब भारत का हिस्सा नहीं बताते है, उन्हें इसकी अधिक आवश्यकता है।’ भागवत ने कहा कि कुछ लोगों ने देश के विभाजन से पहले इस बात को लेकर गंभीर संदेह जताया था कि इसे बांटा भी जा सकता है या नहीं, लेकिन ऐसा हो गया।

सोमवार, 1 फ़रवरी 2021

योगी ने बजट को सराहा, सपा ने विरोध जताया

संदीप मिश्रा  
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय बजट को समावेशी और 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में एक बड़ा कदम करार दिया है। उन्होंने कहा कि इससे देश के सभी वर्गो, किसानों, गरीब वर्गो, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को फायदा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट से अर्थव्यवस्था को व्यापक गति मिलेगी और लोग सशक्त होंगे।
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता सुनील सिंह साजन ने कहा कि बजट में आंकड़ों की बाजीगरी के अलावा किसानों को देने के लिए कुछ भी ठोस नहीं है।उन्होंने कहा कि बजट में वेतनभोगी वर्गो और बेरोजगार युवाओं को कोई कर राहत नहीं दी गई है।

बंगाल: ओवैसी की पार्टी ने मौलवी से हाथ मिलाया

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव इस बार कई मायने में अनुठा होगा। एक तरफ केंद्र में सत्तारूढ़ मोदी सरकार ने कभी वामदलों का किला रहे सूबे में ममता बनर्जी की तीन पत्तियों को बिखेर केसरिया परचम फहराने के लिए सारा जोर लगा दिया है। वहीं, बिहार विधानसभा चुनाव में तमाम क्षेत्रीय दलों के समीकरण बिगाड़ने और सफलता अर्जित करने वाली एआईएमआईएम बंगाल में भी कदम रखने जा रही है। ओवैसी की पार्टी ने वहां एक मौलवी से हाथ मिलाया है, जिसका असर लगभग सौ सीटों पर पड़ता है।
तीखी हो रही सियासी बयानबाजी...
संभवतः यही वजह है कि भले ही पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीख की घोषणा अभी नहीं हुई हो,लेकिन सियासी बयानबाजी हर गुजरते दिन के साथ तीखी होती जा रही है,इस कड़ी में बिहार विधानसभा चुनाव में अपने प्रदर्शन से सभी को चौंका देने वाले एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी की बी टीम कहे जाने पर कांग्रेस पार्टी पर पलटवार किया है।
ओवैसी का कांग्रेस पर बड़ा हमला...
औवैसी ने कहा कि जबसे हमने बंगाल चुनाव लड़ने की घोषणा करने है बैंड-बाजा पार्टी,जिसे कभी कांग्रेस के रूप में जाना जाता था,ने कहना शुरू कर दिया कि हम भाजपा की बी टीम हैं। ममता बनर्जी भी ऐसी बातें कहने लगीं।ओवेसी ने पूछा कि क्या मैं केवल एक ही हूं जिसके बारे में वे बात कर सकते हैं? उन्होंने कहा कि मैं किसी और का नहीं बल्कि जनता का हूं। हालांकि इसमें कोई दो राय नहीं है कि मु्स्लिम मतों में विभाजन का सीधा-सीधा नुकसान तृणमूल कांग्रेस समेत बची-खुची कांग्रेस पार्टी को ही उठाना पड़ेगा। जाहिर है इसका फायदा भारतीय जनता पार्टी को ही मिलेगा।

लोनी विधायक का अपनी विधानसभा में बहिष्कार

अश्वनी उपाध्याय  
गाजियाबाद। लोनी विधायक नंदकिशोर का बंथला गांव में पंचायत के दौरान बहिष्कार तथा ग्राम वासियों ने मुर्दाबाद के नारे लगाए। लोनी क्षेत्र के गांव बंथला के सम्मानित लोगों व गांव के मुखियाओं ने लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर का गांव मे पंचायत कर बहिष्कार किया।
इस अवसर पर गांव के प्रमुख व बुजुर्ग ने सभी के बीच अपनी बात रखते हुये कहा कि लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने गाजीपुर बार्डर पर चल रहे। शांतिपूर्ण किसान आंदोलन में अपने लोगों को ले जाकर जो किसानों की आवाज को दबाने का काम किया है तथा वंहा पर लोगों को आतंकित करके अराजकता का जो माहौल उत्पन्न किया है। हम गांववासी एक सुर मे इसका विरोध करते हैं एवं लोनी विधायक की निन्दा करते हैं। जो किसान शांतिपूर्ण ढंग से अपना धरना समाप्त करने वाले थे। उसको लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने अपने लोगों के दम पर डराने व धमकाने का जो कायरतापूर्ण काम किया है। सर्वसमाज मे बहुत गलत संदेश गया है। 
किसान कोई एक जाति नही होती । समाज की 36 बिरादरी का ताना-बाना होता है। किसान इस व्यक्ति ने सामाजिक ताने-बाने को बिगाडने का काम किया है। 
हम सभी गांववासी आज इस पंचायत मे ये निर्णय लेते हैं कि लोनी विधायक का बंथला गांव पूर्ण रूप से बहिष्कार कर रहा है।  गांव का जो भी व्यक्ति इसको गांव मे बुलायेगा या उस विधायक से किसी प्रकार का संबंध रखेगा। समाज उसका भी बहिष्कार करेगा तथा सभी गांववासियों ने एक सुर में गाजीपुर बॉर्डर में चल रहे शांतिपुर धरने का समर्थन किया। बंथला गांव का प्रत्येक गांव वासी रोज गाजीपुर जाकर किसानों की हर तरह से मदद करके अपना समर्थन दिखाएगा तथा नन्दकिशोर गुर्जर का बहिष्कार करता है। बंथला ग्राम वासियों ने लोनी विधायक नंदकिशोर का मुर्दाबाद का नारा भी लगाया।
 (लोनी के गांव निस्तौली ने विधायक नन्द किशोर का विरोध किया। जाट-गुर्जर एकता के नारे लगाए। वंही,राकेश टिकैत के समर्थन में खड़ा हुआ पूरा गांव।
किसान आंदोलन के खिलाफ साज़िश रचने वाले लोनी विधायक नन्द किशोर के खिलाफ लगातार लोनी विधानसभा के लोग विरोध कर रहे है। 
इसी कड़ी में ग्राम निस्तौली के सेंकडो लोगो ने पंचायत घर मे इक्कट्ठा होकर नन्द किशोर के खिलाफ नारेबाजी की । 
ग्रामवासियो ने एक आवाज़ में नन्द किशोर का विरोध करते हुए भविष्य में नन्द किशोर को वोट ना देने की कसम खाई। 
इस मौके पर गांव के सभी गणमान्य लोग मौजूद रहे, साथ ही युवाओं ने भी कड़ा विरोध जताया।)
इस अवसर पर बंथला ग्राम महेश प्रधान पूर्व प्रधान मनवीर संजीव रेखा चौधरी ग्राम बंथला युवा पीढ़ी सैकड़ों की संख्या मे गांववासी उपस्थित रहे।
 पंचायत की अध्यक्षता चौधरी चंद्रपाल ने  संचालन, मनवीर प्रधान ने किया चौधरी देवेंद्र चौधरी जसवीर चौधरी, जयपाल महेश प्रधान  हरिया जाटव खिमन्न जाटव  भीषम सिंह बीडीसी अजय पंडित बीडीसी अजय भारद्वाज सोमपाल पंडित, चौधरी प्रवीण चौधरी ज्ञानेंद्र, चौधरी दिनेश चौधरी नगेंद् चौधरी, ओमवीर चौधरी संजीव चौधरी मांगेराम सुरेश प्रजापति दर्शन प्रजापति भोलेराम सेन राजवीर सिंह डॉ विजय सेन डॉक्टर, रामवीर चौधरी राजपाल चौधरी वकील चंद प्रदीप राठी  पूर्व प्रधान रामें वाल्मीकि चौधरी राकेश, चौधरी नरेंद्र चौधरी  रामकेश, पांचाल सोनू प्रजापति रविंदर और समस्त गांव के युवा व सर्व समाज साथ में मौजूद रहे।

रविवार, 24 जनवरी 2021

गठबंधन: कांग्रेस साझा न्यूनतम कार्यक्रम करेगी

गुवाहाटी। असम विधानसभा चुनाव में ऑल इंडिया युनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) और वाम दलों के साथ गठबंधन की घोषणा करने के बाद कांग्रेस जल्द ही साझा न्यूनतम कार्यक्रम तय करने जा रही है। हालांकि सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों को नियमित स्कूल में तब्दील करने के भाजपा सरकार के फैसले से जुड़े मुद्दे को इसमें शामिल करने को लेकर वह दुविधा में है।

 सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस की असम इकाई के नेताओं के एक धड़े का मानना है कि इस तरह के मुद्दों पर जोर देने से चुनाव में भाजपा को ध्रुवीकरण का अवसर मिलेगा। दूसरी तरफ, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रिपुन बोरा का कहना था कि राज्य सरकार के इस ‘असंवैधानिक फैसले’ को अदालत में चुनौती दी जाएगी और इसको लेकर गठबंधन की प्रस्तावित समन्वय समिति में चर्चा भी होगी। राज्य में फिलहाल प्रमुख विपक्षी दल की भूमिका निभा रही कांग्रेस ने मुस्लिम समुदाय के बीच जनाधार रखने वाले एआईयूडीएफ के अलावा माकपा, भाकपा एवं भाकपा(माले) तथा प्रदेश की क्षेत्रीय पार्टी आंचलिक गण मोर्चा के साथ गठबंधन की घोषणा की है। राज्य में अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है। रिपुन बोरा ने बताया, ‘भाजपा को सरकार से बाहर करने और असम के विकास के लिए छह दल साथ आए हैं। हम कुछ और क्षेत्रीय दलों से भी बातचीत कर रहे हैं और उम्मीद है कि इस गठबंधन का और विस्तार होगा।’ उन्होंने कहा, ‘बहुत जल्द हम साझा न्यूनतम कार्यक्रम तय करेंगे और एक समन्वय समिति भी बनाएंगे। यह समिति ही आगे की रणनीति और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेगी।’ यह पूछे जाने पर कि किन मुद्दों को साझा न्यूनतम कार्यक्रम में स्थान मिल सकता है, बोरा ने कहा, ‘सीएए (संशोधित नागरिकता कानून) और एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर), असम के विशेष दर्जे का मुद्दा, प्रदेश को केंद्र से 90:10 के अनुपात में धन नहीं मिलना, राज्य में मौजूद सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण और राज्य के विकास से जुड़े कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर सबकी सहमति है।’ इस सवाल पर कि क्या सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों को नियमित स्कूल में बदलने का मुद्दा भी इसमें शामिल होगा, तो उन्होंने कहा, ‘सरकार का फैसला असंवैधानिक है। यह व्यवस्था अंग्रेजों के समय से चली आ रही थी । फिलहाल इसको न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। इस पर समन्वय समिति में चर्चा भी होगी।’ दूसरी तरफ, असम प्रदेश कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘हमारी कोशिश है कि एआईयूडीएफ से गठबंधन करने के कारण ऐसे किसी मुद्दे को नहीं उठाना है जिससे चुनाव में भाजपा को ध्रुवीकरण का मौका मिले। इसलिए मदरसे वाले मुद्दे को चुनावी एजेंडे में शामिल करने को लेकर हिचकिचाहट है।’ हाल ही में असम की भाजपा सरकार एक विधेयक के माध्यम से प्रदेश के सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों को नियमित स्कूल में तब्दील कर दिया। गठबंधन के घटक दलों में हालांकि अभी सीटों को लेकर कोई बातचीत आरंभ नहीं हुई है। बोरा का कहना था कि सीट बंटवारे में कोई मुश्किल पेश नहीं आएगी क्योंकि सभी पार्टियों का लक्ष्य असम का विकास करना और भाजपा को सत्ता से हटाना है। वैसे, कांग्रेस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पार्टी कुल 126 सीटों में करीब 90 सीटों पर चुनाव लड़ने और शेष 36 सीटें सहयोगी दलों को देने के बारे में विचार कर रही है। इन दलों ने 2016 का विधानसभा चुनाव अलग-अलग लड़ा था। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा की अगुवाई में राजग को 86 सीटें मिली थीं और पहली बार प्रदेश में भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनी। वहीं, 122 सीटों पर चुनाव लड़कर कांग्रेस को 26 और 74 सीटों पर चुनाव लड़कर एआईयूडीएफ को 13 सीटों पर जीत मिली थी। दूसरी तरफ, माकपा और भाकपा कुल 34 सीटों पर चुनाव लड़ी थीं, हालांकि उन्हें कोई सीट नहीं मिली थी।

बुधवार, 20 जनवरी 2021

यूके: कांग्रेसियों ने किया पुतला दहन, आक्रोश व्यक्त

पंकज कपूर
देहरादून। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष माननीय प्रीतम सिंह के आह्वान पर महानगर कांग्रेस कमेटी द्वारा बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी के खिलाफ भाजपा की राज्य सरकार का पुतला दहन कर आक्रोश व्यक्त किया गया। इस मौके पर महानगर अध्यक्ष जगदीश तनेजा ने कहा कि प्रदेश सरकार महंगाई को रोकने में नाकाम साबित हुई है। आज पेट्रोल डीजल व रसोई गैस में बेतहाशा वृद्धि हुई है। जहां पहले गैस की सब्सिडी उपभोक्ता के खाते में ₹200 तक आती थी आज मात्र वह 10 से ₹15 रह गई है और धीरे-धीरे प्रदेश सरकार उसको भी खत्म कर देगी राज्य की सरकार से प्रदेश की आम जनता तंग हो चुकी है और आने वाले 2022 के विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा सरकार को सबक सिखाने के लिए तैयार खड़ी है। तनेबड़ी मंहगाई ,कांग्रेस ने किया पुतला दहन। आरडीपी आज उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष माननीय प्रीतम सिंह जी के आह्वान पर महानगर कांग्रेस कमेटी द्वारा बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी के खिलाफ भाजपा की राज्य सरकार का पुतला दहन कर आक्रोश व्यक्त किया गया इस मौके पर महानगर अध्यक्ष जगदीश तनेजा ने कहा कि प्रदेश सरकार महंगाई को रोकने में नाकाम साबित हुई है। आज पेट्रोल डीजल व रसोई गैस में बेतहाशा वृद्धि हुई है। जहां पहले गैस की सब्सिडी उपभोक्ता के खाते में ₹200 तक आती थी आज मात्र वह 10 से ₹15 रह गई है। और धीरे-धीरे प्रदेश सरकार उसको भी खत्म कर देगी राज्य की सरकार से प्रदेश की आम जनता तंग हो चुकी है। और आने वाले 2022 के विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा सरकार को सबक सिखाने के लिए तैयार खड़ी है तनेजा ने कहा कि आज बेरोजगारी चरम सीमा पर है। और हमारे प्रदेश के मुखिया चैन की बंसी बजा रहे हैं। आज प्रदेश का युवा भाजपा की सरकार को उखाड़ फेंकने को तैयार है। और आने वाले विधानसभा चुनाव में युवा मुख्य भूमिका निभाकर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाएंगे नगर निगम में विपक्ष के नेता मोनू निषाद ने कहा कि हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री रोजगार के झूठे आंकड़े पेश कर अखबारों में बयान देते हैं। और प्रदेश के युवाओं को गुमराह कर रहे हैं पूर्व पालिका अध्यक्ष श्रीमती मीना शर्मा ने कहा कि महंगाई की वजह से महिलाओं के घर का बजट बिगड़ चुका है। खाद्य पदार्थों की महंगाई बहुत बढ़ चुकी है आज सरसों का तेल रिफाइंड सब कुछ बढ़ गया है। जिसकी वजह से महिलाओं का पूरा रसोई का बजट बिगड़ चुका है और महिलाएं भी विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार को सबक सिखाने के लिए तैयार बैठी है 2022 में महिलाएं मुख्य भूमिका निभाकर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनेगी और श्रीमती शर्मा ने वादा किया कि 2022 में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद महंगाई को काबू किया जाएगा जिससे महिलाएं अपने घर का बजट संतुलन में रख सकें इस मौके पर युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुमित्रर भुल्लर पूर्व मंडी समिति अध्यक्ष अरुण पांडे महामंत्री राजीव कामरा पार्षद मोहनखेड़ा विपक्ष के नेता मोनू निषाद वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिलीप अधिकारी बाबू खान, विजय अरोड़ा, पूर्व सभासद इंद्रजीत सिंह पूर्व प्रदेश प्रवक्ता अनिल शर्मा जिला संयोजक राघव सिंह,ब्लाक अध्यक्ष संजीत बिश्वास,नित्यानंद मण्डल, अजय यादव, रवि कठेरिया, कैलाश राठौर, अर्जुन विश्वास, उमा सरकार कमलेश गुप्ता राजीव यादव विरेंद्र शर्मा संदीप थापा मानस बैरागी रामधारी गंगवार उमर अली नत्थू लाल कोली, शिशुपाल यादव मनवीर सिंह, नवाब सिंह, उमर अली, हरेंद्र राठी, मोहन तिवारी,, संजीव रस्तोगी, सुमित राय, अमर सिंह कश्यप, अबरार अहमद, शैलेंद्र, मंगल ,सोनू खान, जक्की रजा,हाजी नबी रजा सोनू अब्बासी जैकी रजा,सोनू अब्बासी आदि कार्यकर्ता थे।

कांग्रेस विधायक शक्तावत का निधन, शोक जताया

नरेश राघानी 

जयपुर। शक्तावत का निधन हो गया है। लीवर संक्रमण के चलते  वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की खबर लगते ही पार्टी में शोक लहर दौड़ गई है।वही सचिन पायलट खेमे के विधायक के असामयिक निधन पर सीएम अशोक गहलोत ने ट्वीट कर दुःख जताया है। शक्तावत वल्लभनगर सीट से विधायक थे। विधायक के निधन की खबर लगते ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत नेआज होने वाली कैबिनेट बैठक स्थगित कर दी है। वहीं प्रस्तावित दिशा समिति की बैठक को भी स्थगित कर दिया गया है।वही गजेंद्र सिंह शक्तावत के निधन से पायलट खेमे को बड़ा झटका लगा है, ऐसे में राजस्थान में एक बार फिर उपचुनाव (By-Election) की स्थिति बन गई है। अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने ट्वीट  कर लिखा है कि कांग्रेस विधायक श्री गजेंद्र शक्तावत के असामयिक निधन पर मेरी गहरी संवेदनाएं। काफी समय से वे बीमार थे, उनके स्वास्थ्य को लेकर पिछले 15 दिन से मैं परिवारजन और डॉक्टर शिव सरीन के संपर्क में था।ईश्वर से प्रार्थना है शोकाकुल परिजनों को इस बेहद कठिन समय में सम्बल दें एवं दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें।वही सचिन पायलट ने भी शोक व्यक्त किया है। बता दे कि गजेंद्र कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे पूर्व गृह मंत्री गुलाब सिंह शक्तावत के बेटे थे । वे उदयपुर की वल्लभनगर विधानसभा सीट (Vallabhnagar assembly seat) से विधायक थे। 2018 से पहले वे 2008 में भी कांग्रेस पार्टी (Congress Party) के टिकट पर जीत हासिल कर राजस्थान विधानसभा पहुंचे थे और उन्हें संसदीय सचिव की भी जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

हरियाणा: पेंशनधारकों की सूची तैयार करने के निर्देश

राणा ओबराय 
चंडीगढ़। वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी.वी.एस.एन. प्रसाद ने सभी जिला खजाना अधिकारियों को पेंशनभोगियों की सूची तैयार करें निर्देश दिए। उन्होने कहा कि अधिकारी ये सूची 15 दिनों के अंदर-अंदर तैयार करें। पेंशन चाहे खजाना कार्यालयों से या बैंकों के माध्यम से दी जा रही हो। उपायुक्तों के माध्यम से पेंशन से संबंधित लंबित मामलों की सूची संबंधित वित्त विभाग को भिजवाना सुनिश्चित करें ताकि ऐसे मामलों का तुरंत निपटान किया जा सके। श्री प्रसाद आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सैक्टर-3 स्थित हरियाणा निवास में हरियाणा के प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) कार्यालय द्वारा आयोजित पेंशन से संबंधित प्रोविजनल एवं न्यायालय में लम्बित मामलों पर आयोजित तीसरी पेंशन अदालत में सभी खजाना अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। सभी उपायुक्तों से अतिरिक्त मुख्य सचिव ने आह्वïन किया कि पेंशन से संबंधित लम्बित मामलों पर कड़ा संज्ञान लें और उनका तत्काल निपटान करने के लिए वित्त विभाग, संबंधित विभाग व प्रधान महालेखाकार कार्यालय को समय-समय पर सूचित करें। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद सरकारी कर्मचारी की आजीवन निर्भरता अपने मूल विभाग की बजाय खजाना कार्यालय पर अधिक रहती है। इसलिए खजाना अधिकारी पेंशनभोगियों की हमारी संस्कृति के अनुरूप बुजुर्गों की सेवा के रूप में नैतिक भाव से अपनी डयूटी का निर्वहन करें। क्योंकि पेंशनभोगियों के लिए खजाना कार्यालय उनके मूल विभाग व बैंकों के बीच एक समन्वयक कड़ी का कार्य करता है।

मंगलवार, 19 जनवरी 2021

तीनों कृषि कानून खेती को बर्बाद कर देंगे: राहुल

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने तीन केंद्रीय कृषि कानूनों को लेकर मंगलवार को एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि तीनों कृषि कानून खेती को बर्बाद कर देंगे, मैं इनका विरोध करता रहूंगा। उन्होंने कहा कि पूरा देश खिलाफ हो जाए, मैं फिर भी सही के लिए लड़ता रहूंगा। मैं नरेंद्र मोदी या बीजेपी से नहीं डरता हूं। राहुल गांधी ने दावा किया कि कृषि क्षेत्र पर तीन-चार पूंजीपतियों का एकाधिकार हो जाएगा जिसकी कीमत मध्यम वर्ग और युवाओं को चुकानी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की कोशिशों के बावजूद किसान थकने वाले नहीं हैं क्योंकि ”वे प्रधानमंत्री से ज्यादा समझदार हैं।” राहुल गांधी ने ‘किसानों की पीड़ा’ पर ‘खेती का खून’ शीर्षक से एक पुस्तिका जारी की। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ”देश में एक त्रासदी पैदा हो रही है। सरकार इस त्रासदी को नजरअंदाज करना चाहती है और लोगों को गुमराह करना चाहती है। किसानों का संकट इस त्रासदी का एक हिस्सा मात्र है।” कांग्रेस नेता ने दावा किया, ”हवाई अड्डों, बुनियादी ढांचे, दूरसंचार, रिटेल और दूसरे क्षेत्र में हम देख रहे हैं कि बड़े पैमाने पर एकाधिकार स्थापित हो गया है। तीन-चार पूंजीपतियों का एकाधिकार है। ये तीन-चार लोग ही प्रधानमंत्री के करीबी हैं और उनकी मदद करते हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि कृषि क्षेत्र अब तक एकाधिकार से अछूता था, लेकिन अब इसे भी निशाना बनाया जा रहा है। ये तीनों कानूनों इसीलिए लाए गए हैं।राहुल गांधी ने कहा, ”नतीजा यह होगा कि तीन-चार लोग पूरे देश के मालिक बन जाएंगे। किसानों को उनकी उपज की वाजिब कीमत नहीं मिलेगी। बाद में मध्यम वर्ग को इसकी वो कीमत अदा करनी होगी, जिसकी उसने कल्पना भी नहीं की होगी।” उन्होंने आरोप लगाया, ”ये कानून सिर्फ किसानों पर हमला नहीं हैं, बल्कि मध्यम वर्ग और युवाओं पर हमला है। युवाओं से कहना चाहता हूं कि आपकी आजादी छीनी जा रही है।” कांग्रेस नेता के मुताबिक, पंजाब और हरियाणा के किसान इस देश के रक्षक हैं। वे कृषि क्षेत्र को कुछ लोगों के हाथ में जाने से रोकने के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, ”सरकार को लगता है कि किसानों को थकाया जा सकता है और उनको बेवकूफ बनाया जा सकता है। किसान प्रधानमंत्री से ज्यादा होशियार हैं। समाधान एक ही होगा कि तीनों कानूनों को वापस लेना होगा।”

कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के लिए कसी कमर

रायपुर/ गुवाहाटी। असम विधानसभा चुनाव की तैयारी जोरो-शोरो से शुरू हो चुकी है। सभी पार्टियां अपनी तैयारियों में जुट गई है। विगत दिनों गृहमंत्री अमित शाह भी असम दौरे पर थे। कांग्रेस ने भी असम विधानसभा चुनाव के लिए अपनी कमर कस ली है। पार्टी ने सभी प्रमुख चेहरों को ग्राऊंड पर उतार दिया है। मंगलवार को विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर पूरे नॉर्थ ईस्ट के दूसरे दौर की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो चुकी है। इस बैठक में समन्वयक व छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, मुकुल वासनिक, सकील अहमद खान, प्रभारी महासचिव जितेंद्र सिंह, प्रभारी सचिव विकास उपाध्याय, पृथ्वीराज साठे व असम कांग्रेस के अध्यक्ष रिपुन वोरा के साथ ही मेघालय, अरुणाचल, त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर और नागालैंड के सभी 7 प्रदेश अध्यक्ष एवं इन प्रदेशों के पूर्व मुख्यमंत्री सम्मिलित हैं।

पीएम मोदी सोमनाथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष नियुक्त

अरविन्द तिवारी 

गांधीनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुजरात में गिर-सोमनाथ जिले के प्रभास पाटन में विश्व प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर का प्रबंधन संभालने वाले न्यास नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वे इस पद पर आसीन होने वाले दूसरे प्रधानमंत्री हैं। पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के बाद मोदी दूसरे ऐसे प्रधानमंत्री हैं। जिन्हें इस मंदिर न्यास का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। न्यास के रिकार्ड के अनुसार मोदी न्यास के आठवें अध्यक्ष बने हैं। गृहमंत्री अमित शाह ने सोमनाथ मंदिर के नये अध्यक्ष हेतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम का प्रस्ताव रखा था। प्रधानमंत्री मोदी ने जिम्मेदारी संभालते हुये सोमनाथ ट्रस्ट टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने उम्मीद जतायी है कि सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के आधारभूत संसाधनों सहित श्रद्धालुओं की सुविधाओं का तेजी से विकास होगा। बता दें यह मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। पीएम मोदी जहाँ न्यास के अध्यक्ष बने हैं वहीं अन्य सदस्यों में भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी , केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह , संस्कृत के रिटायर्ड प्रोफेसर जे०डी० परमार , गुजरात के पूर्व मुख्य सचिव प्रवीण लाहेरी और व्यापारी हर्षवर्द्धन नेवतिया 06 लोग ट्रस्टी बनाये गये हैं। ट्रस्ट मंडल में 08 सदस्यों की जगह है जिसमें फिलहाल दो जगह खाली है। इसमें एक केंद्र सरकार और एक राज्य सरकार का पद है। न्यासी भावी योजना पर चर्चा करने के लिये ट्रस्‍ट की आगामी बैठक सितंबर 2021 में होगी जिसमें 02 नये ट्रस्‍टी चुने जायेंगे। पिछले साल अक्टूबर में न्यास के निवर्तमान अध्यक्ष गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल के निधन के बाद सोमनाथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष का पद रिक्त था. पटेल 16 सालों तक (2004-2020) इस न्यास के अध्यक्ष रहे थे. न्यास के रिकार्ड के अनुसार देसाई ने 1967 से 1995 तक न्यास के अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवा दी थी। बता दें कि सोमनाथ ट्रस्ट की पहली बैठक अक्टूबर 1949 में हुई जिसमें नवानगर के जाम साहब दिग्विजय सिंह को अध्यक्ष चुना गया था।

आंदोलन पर बोले भूपेश, विरोध को दबाने का प्रयास

रायपुर। केंद्र सरकार के कृषि संबंधी कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन से जुड़े नेताओं को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (हृढ्ढ्र) के नोटिस से केंद्र सरकार पर राजनीतिक हमला तेज हो गया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि जब भी कहीं विरोध होता है भाजपा उसे बदनाम करने की कोशिश करती है। लेकिन इस बार सामने किसान हैं, वे डरेंगे नहीं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश भाजपा के प्रस्तावित आंदोलन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि क्चछ्वक्क की प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी हंटर मार रही हैं, इसलिए यहां के भाजपा नेता आंदोलन कर रहे हैं। हकीकत यह है कि भाजपा के पास छत्तीसगढ़ में कोई मुद्दा नहीं बचा है। मुख्यमंत्री ने कहा, भाजपा प्रदेश के 60 लाख मीट्रिक टन चावल लेने के लिए आंदोलन करे तो अच्छा है। उन्होंने पूछा कि भाजपा नेताओं को बताना चाहिए कि क्या वे अपना धान खुली मंडियों में बेचना चाहते थे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक बार फिर पुलवामा हमले को लेकर केन्द्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा से जुड़े इस महत्वपूर्ण मामले की जांच सिटिंग जज की देखरेख में होनी चाहिए। दरअसल सीएम भूपेश ने अर्णब गोस्वामी के चैट के सामने आने के मामले में कहा कि देश की सुरक्षा के लिए यह बेहद खतरनाक है। इतनी गोपनीय जानकारी किसी पत्रकार को कैसे हो गई? अगर यह सच है तो इस मामले की जांच होनी चाहिए। इस मामले में तो एनआईए औैर न्यायालय को स्वत: संज्ञान में लेकर कार्रवाई की जानी चाहिए।

सीएम पुरंदेश्वरी की सक्रियता से परेशान : भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह सिंह ने कहा कि पुरंदेश्वरी की सक्रियता से सीएम बघेल को तकलीफ हो रही है। प्रदेश में अगर किसानों को समस्याएं नहीं है, तो 255 से ज्यादा किसानों ने आत्महत्या क्यों की है? किसानों को रूला-रूला कर धान खरीदी करने का क्या मतलब है? दूसरी ओर पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि पुरंदेश्वरी की सक्रियता से कांग्रेस परेशान हो उठी है। भाजपा लोकतांत्रिक पार्टी है। हमें दो साल विपक्ष में हुए हैं और हम जनता के साथ खड़े हैं। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सीएम भूपेश बघेल को बोलने से पहले सोच लेना चाहिए कि वह क्या कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम लोगों को समझ जाना चाहिए कि मंडियां चालू रहेंगी, सपोर्ट प्राइज में फसल खरीदी जाएगी, केंद्र सरकार सब की मांगों को लेकर सहमत है। इस कानून के विरोध में हरियाणा-पंजाब के कुछ सीमित लोग ही हैं। बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार जो तीन कानून लाई है वह कांग्रेस भी लाना चाहती थी।

भवन बनाये जाने के आदेश पर पाक एससी की रोक

इस्लामाबाद। स्थानीय प्रशासन के एक प्राचीन धर्मशाला को गिराये जाने और उसके स्थान पर नया भवन बनाये जाने के आदेश पर पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ...