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बुधवार, 6 जुलाई 2022

भाजपा पर लोगों को भड़काने का आरोप: सीएम

भाजपा पर लोगों को भड़काने का आरोप: सीएम

नरेश राघानी

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर लोगों को भड़काने का आरोप लगाते हुए कहा है कि हमने इनकी योजना को विफल कर दिया हैं और जनता सब समझ गई हैं। श्री गहलोत ने पूर्वी राजस्थान नहर योजना (ईआरसीपी) को लेकर आयोजित कांग्रेस सम्मेलन में आज यहां यह बात कही। उन्होंने कन्हैयालाल हत्याकांड मामले में भाजपा को कोसते हुए कहा कि इतनी गंभीर घटना हो गई और भाजपा के नेता हैदराबाद चले गए। अब सात दिन बाद उदयपुर कन्हैयाला के घर जा रहे हैं। जबकि मैं घटना के दिन जोधपुर के सभी कार्यक्रम छोड़कर जयपुर आया और भाजपा नेता गुलाबचंद कटारिया से बात की कि इस घटना पर सर्वदलीय बैठक बुलाई है। कटारिया ने बताया कि वह हैदराबाद जा रहे है।

उन्होंने कहा कि इसके बाद मैं खुद उदयपुर जाकर कन्हैयालाल के परिवार से मिला। सात दिन बाद आप कन्हैयालाल के घर जाते हो, यह गंभीर घटना थी और इसमें दोनों मुख्य आरोपियों को तुरंत पकड़ लिया गया और कार्रवाई की गई तथा कोई कमी नहीं रखी गई, लेकिन लोगों को भड़का रहे हो और जगह जगह आंदोलन करा रहे हो, हमने आपकी योजना को विफल कर दिया और आप कुछ नहीं कर पाये, राजस्थान की जनता सब समझ गई। मुख्यमंत्री ने दोहराते हुए कहा “देश में गंभीर हालात हैं और प्रधानमंत्री से मांग कर रहे है कि आप अपील कर दीजिये शांति की देश के अंदर, आज मुख्यमंत्री अपील करता तो असर पड़ता हैं तो प्रधानमंत्री अपील करे उसका असर नहीं पड़ेगा क्या ? शांति एवं भाईचारे से रहो, हिंसा को बर्दाश्त नहीं करुंगा कि अपील करनी है। लेकिन, प्रधानमंत्री एक शब्द नहीं बोल रहे हैं।

कम से कम हैदराबाद में बोल देते, अपनी कार्यकारिणी में प्रस्ताव पास कर देते। प्रधानमंत्री को शांति की अपील करने में तकलीफ क्या है ?” उन्होंने कहा कि कितने पत्रकारों एवं लेखकों को जेल में डाल रहे है, एक मजाक बना रखी है। ईडी एवं सीबीआई की धमकियां मिल रही है। मध्यप्रदेश फिर राजस्थान फिर महाराष्ट्र में अब पता नहीं अगली किसकी बारी हैं ? यह तो इनका लोकतंत्र है, ये लोकतंत्र के हत्यारे हैं। संविधान की धज्जियां उडा रहे हैं।

फिल्म ‘काली’ के पोस्टर पर गृहमंत्री ने जताई नाराजगी

फिल्म ‘काली’ के पोस्टर पर गृहमंत्री ने जताई नाराजगी

मनोज सिंह ठाकुर
भोपाल। विवादित डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘काली’ के पोस्टर पर मध्य प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा है कि इस पोस्टर में हमारी काली माता को सिगरेट पीते हुए दिखाया गया है। मैं निर्देशक से पूछना चाहता हूं कि आखिर वह हमारे देवी-देवताओं पर ही फिल्म क्यों बनाती हैं ?
उनमें हिम्मत है तो किसी और धर्म के देवी-देवता पर फिल्म बनाकर दिखाएं। गृह मंत्री ने कहा कि मैं इस पर एफआईआर कराने के लिए कहूंगा और प्रदेश में यह फिल्म प्रतिबंधित कैसे हो, इस पर विचार किया जाएगा। अगर फिल्म के पोस्टर तत्काल नहीं हटाए गए तो हम दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। बता दें कि डॉक्यूमेंट्री फिल्म काली का पोस्टर हाल ही में रिलीज किया गया है। यह फिल्म लीना मणिमेकलाई ने बनाई है। फिल्म के पोस्टर में हिंदू देवी मां काली के एक किरदार को सिगरेट पीते हुए दिखाया गया है। सारा विवाद इसी पोस्टर को लेकर है।
इस फिल्म को लेकर केवल मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि दिल्ली और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भी बवाल मचा है। मध्य प्रदेश सरकार ने स्पष्ट चेतावनी दे दी है कि अगर फिल्म के पोस्टर वापस नहीं लिए गए तो फिल्म के निर्देशक और निर्माताओं के खिलाफ कानूनी एक्शन लिया जा सकता है।

आत्मसमर्पण: सुरक्षाबलों के प्रयासों की सराहना की

आत्मसमर्पण: सुरक्षाबलों के प्रयासों की सराहना की

इकबाल अंसारी
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को कुलगाम में दो आतंकवादियों को आत्मसमर्पण करने के लिए मनाने पर सुरक्षाबलों के प्रयासों की सराहना की। सुश्री मुफ्ती ने आतंकवादियों के परिजनों की भी तारीफ की। जिन्होंने आत्मसमर्पण में सहयोग देकर अप्रिय घटना से बचा लिया। तलाशी अभियान में मुठभेड़ के दौरान दो स्थानीय आतंकवादियों ने पुलिस और अपने अभिभावकों की अपील पर आत्मसमर्पण करने के लिए मान गए। पुलिस प्रवक्ता ने ट्वीट किया, “मुठभेड़ के दौरान दो स्थानीय आंतकवादी पुलिस और अपने अभिभावकों की अपील पर आत्मसमर्पण के लिएमान गए। पुलिस ने उनके पास हथियार, गोलाबारुद और आपत्तिजनक सामग्री बरामद किए हैं।
मुफ्ती ने भी ट्वीट किया, “सुरक्षाबलों को आतंकवादियों के परिजनों से सहयोग मिलने और आत्मसमर्पण के लिए राजी करने पर दो जिदंगी बचाने के लिए धन्यवाद। इस तरह के प्रयास जारी रहने चाहिए ताकि आतंकवाद में शामिल होने वाले युवाओं को अपना जीवन जीने का दूसरा मौका दिया जा सके।

7 जुलाई को गुरप्रीत से शादी करेंगे, सीएम मान

7 जुलाई को गुरप्रीत से शादी करेंगे, सीएम मान 

अमित शर्मा 
चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान शादी करने जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि भगवंत मान के एक करीबी परिवार में ही यह शादी होने जा रही है। भगवंत मान का अपनी पत्नी से तलाक हो चुका है। उनके दो बच्चे हैं, जो भगवंत मान की पहली पत्नी के साथ अमेरिका में रहते हैं। चंडीगढ़ में आयोजन की तैयारी की गई है। बताया जा रहा है कि इस शादी में बहुत ही खास लोग शामिल होंगे। भगवंत मान जिनसे शादी कर रहे हैं, उनका नाम डॉ. गुरप्रीत कौर है। भगवंत मान की शादी की तैयारियां मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास में किया गया है। गुरुवार (7 जुलाई) को यह शादी बहुत ही लो प्रोफाइल में हो रही है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी अपने परिवार के साथ शादी में शामिल होने पहुंचेंगे।
भगवंत मान की होने वाली पत्नी के बारे में बताया जा रहा है कि वह उनके परिवार की करीबी हैं। काफी लंबे समय से भगवंत मान और उनकी होने वाली पत्नी एक-दूसरे को जानते हैं। भगवंत मान की मां भी लड़की को पसंद करती थीं।

राघव चड्ढा कर रहे तैयारियां...
भगवंत मान की शादी की तैयारियों का जिम्मा आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राघव चड्ढा के हाथ हैं। राघव चड्ढा खुद सारी तैयारियां कर रहे हैं। इस कार्यक्रम को बेहद गुप्त रखा गया। किसी को कार्यक्रम की भनक नहीं लगी।

भगवंत मान खुद उठा रहे शादी का खर्च...
भगवंत मान की शादी सिख रीति-रिवाजों से होगी, इसे देखते हुए ही सारी तैयारियां की गई हैं। बताया जा रहा है कि पंजाब सीएम की होने वाली दुलहनियां भी सिख ही हैं। शादी के आयोजन का खर्च भी खुद भगवंत मान ही उठा रहे हैं।
भगवंत मान 2014 में संगरूर लोकसभा से सांसद चुने गए थे। तब उनकी पहली पत्नी इंद्रजीत ने प्रचार किया था लेकिन 2016 में दोनों के बीच तलाक हो गया था। भगवंत मान ने तब कहा था कि उन्हें पंजाब और परिवार में एक को चुनना था, इसलिए उन्होंने पंजाब को चुना।

ठाकरे पर तंज, रिक्शा ने मर्सिडीज को पीछे छोड़ा

ठाकरे पर तंज, रिक्शा ने मर्सिडीज को पीछे छोड़ा

कविता गर्ग 
मुंबई। महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि रिक्शा ने मर्सिडीज को पीछे छोड़ दिया। शिंदे ने ये भी कहा कि शिवसेना-भाजपा ने एक साथ चुनाव लड़ा था और सरकार बन गई कांग्रेस-एनसीपी के साथ। अब नई सरकार का गठन कर कोई गैरकानूनी काम नहीं किया है। लोकशाही में कानून है, नियम हैं, उसी के मुताबिक ही काम करना पड़ता है।
उद्धव ठाकरे के बयान "आज तीन पहिए वाले ड्राइवर को सरकार चलाने दे दिया है" के जवाब में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि "मैंने कहा है कि उस रिक्शा ने मर्सिडीज को पीछे छोड़ दिया क्योंकि ये सरकार सर्वसामान्य लोगों के लिए सरकार है, ये समाज के हर घटक को न्याय दिलाने वाली सरकार है
उन्होंने कहा कि "बालासाहेब ठाकरे का हिन्दुत्व का जो मुद्दा है, हिन्दुत्व के जो विचार हैं, उनकी जो भूमिका है, उसे आगे ले जाने का फैसला हम लोगों ने किया है। हमारे लगभग 50 विधायक अगर एक साथ ऐसी भूमिका लेते हैं तो इसका कोई बड़ा कारण होगा। इसपर विचार करने की आवश्यकता थी। जनता को लगा था कि भाजपा सत्ता के लिए कुछ भी करती है लेकिन उन्होंने सभी देशवासियों को बता दिया है कि इन 50 लोगों ने एक हिन्दुत्व की भूमिका ली है, इनका एजेंडा हिन्दुत्व का है,विकास का है, इनका समर्थन करना चाहिए। उन्होंने हमें समर्थन किया"
शिंदे ने कहा कि "मैंने कई बार चर्चा की कि महा विकास अघाडी में जो हम बैठे हैं इससे हमें फायदा नहीं हैं, नुकसान है। हमारे विधायक चिंतित हैं कि कल चुनाव कैसे लड़ें। नगर पंचायत चुनाव में हम 4 नंबर पर गए। मतलब सरकार का फायदा शिवसेना को नहीं हो रहा।
देवेंद्र फडणवीस बड़े दिल से उपमुख्यमंत्री बन गए। लेकिन जब पार्टी का आदेश आता है तो पार्टी का आदेश मानते हैं वो और मेरे जैसे बालासाहेब के कार्यकर्ता को मुख्यमंत्री पद पर बैठा दिया। मैं पीएम मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा अध्यक्ष को धन्यवाद करता हूं। जब हम चुनाव में जीतते हैं तो हमारे चुनाव क्षेत्र के मतदाताओं की विकास को लेकर अपेक्षा होती है। लेकिन हमारे विधायक काम नहीं कर पा रहे थे, फंड की कमी थी। हमने इस बारे में हमारे वरिष्ठ से बात कि परन्तु हमे कामयाबी नहीं मिली। इसलिए हमारे 40-50 विधायकों ने ये भूमिका ली।
शिवसेना-भाजपा ने एक साथ चुनाव लड़ा था और सरकार बन गई कांग्रेस-एनसीपी के साथ। इसके कारण जब भी हिन्दुत्व के मुद्दे आए, दाऊद का मुद्दा आया, मुंबई बम ब्लास्ट का मुद्दा और भी कई मुद्दे जब आते थे, हम कोई भी निर्णय नहीं ले पा रहे थे। हम लोग कोई भी गैरकानूनी काम नहीं कर रहे। लोकशाही में कानून है, नियम हैं, उसी के मुताबिक ही काम करना पड़ता है। आज हमारे पास बहुमत है। सुप्रीम कोर्ट में भी हमारे खिलाफ जो लोग गए थे, उन्हें भी कोर्ट ने डांट लगाई है।

दिल्ली में आयोजित किया जाएंगा, शॉपिंग फेस्टिवल

दिल्ली में आयोजित किया जाएंगा, शॉपिंग फेस्टिवल

अकांशु उपाध्याय
नई दिल्ली। देश का सबसे बड़ा शॉपिंग फेस्टिवल दिल्ली में आयोजित किया जाएंगा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को दिल्ली शॉपिंग फेस्टिवल मनाने की घोषणा की है। करीब एक महीने चलने वाले इस शॉपिंग फेस्टिवल की शुरुआत अगले साल 28 जनवरी को होगी।
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि "जो लोग दिल्ली के बाहर हैं, वो भी फरवरी में दिल्ली आने की योजना बना लें। वे अभी से टिकट बुक करा। 28 जनवरी से 26 फरवरी 2023 तक दिल्ली में दिल्ली शॉपिंग फेस्टिवल मनाया जाएगा। ये भारत का सबसे बड़ा फेस्टिवल होगा। ये शुरुआत है और उम्मीद है कि आने वालों सालों में ये दुनिया का सबसे बड़ा फेस्टिवल होगा।
सीएम ने ये भी कहा कि दिल्ली शॉपिंग फेस्टिवल से अर्थव्यवस्था को बड़ा बूस्ट मिलेगा और रोजगार के मौके मिलेंगे। केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली शॉपिंग फेस्टिवल में पूरी दुनिया से लोगों को आमंत्रित किया जाएगा। दिल्ली को दुल्हन की तरह सजाया जाएगा। एक महीने के अंदर 200 कॉन्सर्ट किए जाएंगे। फेस्टिवल में भारी डिस्काउंट मिलेंगे। उन्होंने कहा कि फेस्टिवल में प्रदर्शनी भी लगाई जाएंगी। इसमें युवा, बुजुर्ग, अमीर और गरीब सबके लिए के लिए बहुत कुछ होगा।
अगले साल दिल्ली में 28 जनवरी से 26 फरवरी तक दिल्ली शॉपिंग फेस्टिवल मनाया जाएगा। यह देश का सबसे बड़ा फेस्टिवल होगा। हम इसे दुनिया का सबसे बड़ा फेस्टिवल बनाएंगे। पूरी दुनिया से लोगों को आमंत्रित करेंगे जिससे वे दिल्ली और उसकी संस्कृति का अनुभव कर सकें।

न्यूज एंकर रंजन की याचिका पर 7 को सुनवाई: एससी

न्यूज एंकर रंजन की याचिका पर 7 को सुनवाई: एससी 

अकांशु उपाध्याय 
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के वीडियो को ‘गलत तरीके से दिखाने’ के मामले में घिरे न्यूज एंकर रोहित रंजन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए सहमत हो गया है। (7 जुलाई) यानी गुरुवार को इस मामले में सुनवाई होगी। वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस जे.के. माहेश्वरी से मामले की तत्काल सुनवाई करने का आग्रह किया। लूथरा ने दलील दी कि उनके मुवक्किल ने एक शो के दौरान गलती की और बाद में उन्होंने इसके लिए माफी मांगी‌। हालांकि शो के सिलसिले में उनके खिलाफ कई एफआईआर दर्ज की गई हैं।
लूथरा ने पीठ के समक्ष अपनी दलील में कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही थी, लेकिन उन्हें मंगलवार को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और बाद में जमानत पर रिहा कर दिया‌।मामले में संक्षिप्त दलीलें सुनने के बाद पीठ ने मामले को गुरुवार को सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई।
बता दें कि 1 जुलाई को न्यूज एंकर रोहित रंजन ने राहुल गांधी के केरल में दिए गए एक बयान को उदयपुर की घटना से जोड़कर शो में एक रिपोर्ट दिखाई थी। दरअसल, राहुल गांधी ने वायनाड में अपने संसदीय कार्यालय में तोड़फोड़ करने वाले लोगों को माफ करने की बात कही थी और कहा था कि वे बच्चे हैं। लेकिन टीवी रिपोर्ट में उनके इस बयान को उदयपुर में कन्हैयालाल के हत्यारों से जोड़कर दिखाया गया था।

संस्थापक मुखर्जी की जयंती पर श्रद्धांजलि दी

संस्थापक मुखर्जी की जयंती पर श्रद्धांजलि दी 

अकांशु उपाध्याय 
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने बुधवार को भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उन्हें एक प्रख्यात नेता और उत्साही राष्ट्रवादी बताया। मुखर्जी का जन्म कोलकाता में छह जुलाई 1901 को हुआ था।
नायडू ने कहा कि वह एक प्रतिष्ठित नेता, दूरदर्शी विचारक, प्रख्यात शिक्षाविद् और उत्साही राष्ट्रवादी थे। उपराष्ट्रपति सचिवालय ने ट्वीट किया, ‘‘प्रत्येक भारतीय को राष्ट्रीय एकता और विकास में उनके अमूल्य योगदान से प्रेरणा लेनी चाहिए। उनकी जयंती पर मेरी विनम्र श्रद्धांजलि।

यूपी विधान परिषद में कांग्रेस का एक भी सदस्य नहीं

यूपी विधान परिषद में कांग्रेस का एक भी सदस्य नहीं 

संदीप मिश्र 
लखनऊ। उत्तर-प्रदेश विधान परिषद के 135 साल के इतिहास में बुधवार (6 जुलाई) को ऐसा पहली बार होगा, जब कांग्रेस का कोई सदस्य नहीं रह जाएंगा। उत्तर-प्रदेश विधानमंडल में उच्च सदन कहे जाने विधान परिषद से अब कांग्रेस खाली हो जाएंगी। कांग्रेस पार्टी के एकमात्र सदस्य दीपक सिंह आज रिटायर हो जाएंगे।
इतिहास के झरोखे में जाएं तो पता चलता है कि 5 जनवरी 1887 को उत्तर प्रदेश प्रांत में पहली बार विधान परिषद का गठन हुआ था और 8 जनवरी 1887 को ‘थरनाहील मेमोरियल हॉल इलाहाबाद’ में संयुक्त प्रांत की पहली बैठक हुई थी, तब से कभी भी ऐसा नहीं हुआ कि विधान परिषद में कांग्रेस का प्रतिनिधि ना रहा हो। हालांकि अब बुधवार के बाद यूपी विधान परिषद में कांग्रेस का एक भी सदस्य नहीं रह जाएगा।

कौन-कौन हो रहा है रिटायर...
उत्तर प्रदेश विधान परिषद से आज कुल 10 सदस्य रिटायर हो रहे हैं। इनमें समाजवादी पार्टी के जगजीवन प्रसाद, बलराम यादव, डॉ. कमलेश कुमार पाठक, रणविजय सिंह, रामसुंदर निषाद और शत्रुद्ध प्रकाश शामिल है।इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी के अतर सिंह राव, सुरेश कुमार कश्यप और दिनेश चंद्रा का कार्यकाल भी बुधवार को खत्म हो रहा है।
इसके साथ ही कांग्रेस के दीपक सिंह भी आज ही विधान परिषद सदस्य से रिटायर हो रहे हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी के 2 सदस्य जिनका आज कार्यकाल खत्म हो रहा है। उनको पहले ही विधानपरिषद भेजा जा चुका है।इनमें उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और पंचायती राज्य मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह का नाम शामिल है।

मंगलवार, 5 जुलाई 2022

100 दिन की भाजपा सरकार, यूपी गोरखधंधे से बरबाद

100 दिन की भाजपा सरकार, यूपी गोरखधंधे से बरबाद

संदीप मिश्र 
लखनऊ। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल के 100 दिन नाकामियों से भरे हुए हैं। सरकार ने प्रदेश में कोई विकास नहीं किया है। अखिलेश ने कहा कि सरकार जहां 100 दिन की उपलब्धि बता रही है उनको 5 साल 100 दिन की उपलब्धि बतानी चाहिए।
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे कर लिए। इसको लेकर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए निशाना साधा है। अखिलेश ने कहा कि योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल के 100 दिन नाकामियों से भरे हुए हैं। सरकार ने प्रदेश में कोई विकास नहीं किया है। अखिलेश ने कहा कि सरकार जहां 100 दिन की उपलब्धि बता रही है उनको 5 साल 100 दिन की उपलब्धि बतानी चाहिए। इनकी उपलब्धि की पोल तब खुली जब उनके उपमुख्यमंत्री लखनऊ वापस आए और उनसे बिना पूछे तबादला कर दिया… भ्रष्टाचार, अन्याय चरम पर है।
इससे पहले समाजवादी पार्टी ने योगी 2.0 के 100 दिन पूरे होने पर ट्वीट कर कहा कि 100 दिन की भाजपा सरकार, उत्तर प्रदेश हुआ गोरखधंधे से बरबाद। समाजवादी पार्टी की आधिकारिक हैंडल से एक अन्य ट्वीट में लिखा गया कि सवा 5 साल में यूपी को कर दिया बर्बाद ,सड़कों पे है जलभराव और गड्ढों में गिरकर जा रही नागरिकों की जान, भाजपा सरकार बेपरवाह, झूठे आंकड़ों के सहारे चल रही सरकार, झूठ बोलते हैं मुख्यमंत्री, और झूठी है भाजपा सरकार।
बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दूसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर सरकार की उपलब्धियां गिनाई। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी ने लखनऊ में अपनी सरकार के 100 दिन पूरे होने पर एक पुस्तिका का विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तंज भी कसा। सीएम योगी ने कहा कि विधानपरिषद चुनाव में बीजेपी ने 33 सीट हासिल की।

सरकार पर घोटालों का आरोप लगाने से भड़की, भाजपा

सरकार पर घोटालों का आरोप लगाने से भड़की, भाजपा

अकांशु उपाध्याय

नई दिल्ली। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य द्वारा धामी सरकार पर घोटालों का आरोप लगाने से भाजपा भड़क उठी है। भाजपा अब इस घोटाले के हथियार से आर्य पर हमलाकर रही है। भाजपा का सीधा आरोप है कि सूबे में 500 करोड़ के अधिक के छात्रवृत्ति घोटाला आर्य के समाज कल्याण मंत्री रहते ही हुआ है। भाजपा इसके साक्ष्य एकत्र करके धामी सरकार को देगी और हाईकोर्ट में चल रहे इस घोटाले के मुकदमे में यशपाल आर्य को भी एक पक्ष बनाने की मांग करेगी। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता रवीन्द्र जुगरान ने मीडिया को जारी एक विज्ञप्ति में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की जिसमें उन्होंने कहा है की भाजपा सरकारों में घोटाले ही घोटाले हो रहे हैं। उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग में भी भर्ती परीक्षाओं में घोटाले हो रहे हैं।

प्रदेश प्रवक्ता ने आर्य़ को नसीहत देते हुए कहा कि शीशे के घरों में रहने वालों को दूसरे के घरों पर पत्थर नहीं मारने चाहिए। ने कहा कि पिछले पांच सालों तक वे भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे हैं तब वे चुप क्यों रहे। एकाएक उन्हें कैसे याद आया की भाजपा सरकार में घोटाले हुए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह राजनीतिक दिवालियापन ही है कि उसने भाजपा सरकार में पांच वर्ष कैबिनेट मंत्री रहे यशपाल आर्य को नेता प्रतिपक्ष बनाया। यह फैसला आने वाले दिनों में कांग्रेस के लिए गले की हड्डी बनने वाला है।

'वृक्ष संरक्षण अधिनियम' में संशोधन करेंगी, सरकार

'वृक्ष संरक्षण अधिनियम' में संशोधन करेंगी, सरकार

पंकज कपूर
देहरादून। उत्तराखंड सरकार 'वृक्ष संरक्षण अधिनियम' में संशोधन करने जा रही है। यह संशोधन इसलिए किया जा रहा है कि लोगों को अपनी जमीन पर लगे पेड़ों को काटने के लिए संबंधित विभाग और अधिकारियों के चक्कर काटने पड़ते हैं, जिस वजह से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस वजह से लोगों की रुचि भी पेड़ लगाने में कम होती जा रही है। इसलिए सरकार अब वृक्ष संरक्षण अधिनियम में संशोधन करने का मन बना रही है। इस संशोधन के बाद कुछ प्रजातियों को छोड़कर अन्य के लिए लोगों को अपने घर के आसपास और खेतों में लगे पेड़ों को काटने के लिए परमिशन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। 
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि सरकार वृक्ष संरक्षण अधिनियम को खत्म नहीं कर रही है। बल्कि इसमें संशोधन करने जा रही है। ताकि, लोगों को अपने खेतों में लगे पेड़ काटने में वन विभाग से परमिशन ना लेनी पड़े लेकिन इसके लिए कुछ प्रजातियों के लिए पूर्व की तरह नियम लागू रहेंगे।

हमले की घटनाओं पर भाजपा ने चुप्पी क्यों साधी ?

हमले की घटनाओं पर भाजपा ने चुप्पी क्यों साधी ?

अकांशु उपाध्याय
नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने मंगलवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी सिर्फ दिखावे और चुनावों के वास्ते दलितों एवं आदिवासियों के नाम का इस्तेमाल करती है। उन्होंने यह सवाल भी किया कि दलितों और आदिवासियों पर हमले की घटनाओं पर भाजपा ने चुप्पी क्यों साध रखी है ?
कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘उप्र में एक दलित युवक को दबंगों ने बम से उड़ा दिया। मप्र में एक आदिवासी महिला को दबंगों ने जिंदा जलाया।’’ उन्होंने कहा, दिखावों/चुनावों के वास्ते दलितों-आदिवासियों का नाम इस्तेमाल करने वाली भाजपा ने, दलितों-आदिवासियों पर हमले की इन भयावह घटनाओं को लेकर चुप्पी क्यों साध रखी है।

विरोध: भाजपा विधायकों को सदन से बाहर किया

विरोध: भाजपा विधायकों को सदन से बाहर किया

अकांशु उपाध्याय 
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों की मदद के लिए विधायकों के पत्र लिखने को लेकर जारी चर्चा का विरोध करने पर भाजपा विधायकों को मार्शल ने सदन से बाहर कर दिया। सदन के 10 मिनट के स्थगन के बाद फिर से शुरू होने पर विधानसभा उपाध्यक्ष राखी बिड़ला ने आप विधायकों द्वारा उठाए गए इस मुद्दे पर चर्चा की अनुमति दी।
डीटीसी चालकों की तैनाती के लिए पत्र लिखने के आरोपों के बाद आप विधायकों ने यह मुद्दा उठाया था। आम आदमी पार्टी (आप) विधायक संजीव झा ने यह मुद्दा उठाया था, जिन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि की हैसियत से उन्होंने यह पत्र लिखा। यह देखते हुए कि झा द्वारा उठाया गया मुद्दा गंभीर था, बिड़ला ने इस पर चर्चा की अनुमति दे दी। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने इस मुद्दे पर चर्चा करने का विरोध करते हुए कहा कि चर्चा से पहले एक प्रस्ताव लाने की जरूरत है।
बिड़ला ने कहा कि चर्चा के लिए सदन में आम सहमति थी और वह नियम 293 के तहत चर्चा की अनुमति दे सकती हैं। भाजपा विधायकों के चर्चा के खिलाफ अपना विरोध जारी रखने पर बिड़ला ने कार्यवाही में बाधा डालने और आदेशों की अवहेलना का हवाला देते हुए सदन से सभी भाजपा विधायकों को बाहर करने के लिए मार्शल को निर्देश दिया।

देश को खोखला करने का घिनौना खेल: कांग्रेस

देश को खोखला करने का घिनौना खेल: कांग्रेस 

अकांशु उपाध्याय 
नई दिल्ली। कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी अपने खोखले राष्ट्रवाद की आड़ में देश को खोखला करने का घिनौना खेल खेल रही है। पार्टी के मीडिया एवं प्रचार प्रमुख पवन खेड़ा ने यह दावा भी किया कि जम्मू-कश्मीर में पकड़े गए लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकवादियों में से एक तालिब हुसैन शाह भाजपा का पदाधिकारी है। कांग्रेस के इस आरोप पर फिलहाल भाजपा की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है।
हालांकि भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष रविंद्र रैना ने मंगलवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा था कि तालिब हुसैन पत्रकार बनकर भाजपा कार्यालय में आता था। रैना ने यह भी कहा था कि ऐसा लगता है कि आतंकी भाजपा कार्यालय और नेताओं को निशाना बनाना चाहते थे। खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा, “पिछले एक सप्ताह में घटी दो घटनाओं ने भाजपा के चाल, चरित्र और चेहरे को बेनकाब कर दिया है।
पहले उदयपुर हत्याकांड में शामिल एक आरोपी भाजपा का कार्यकर्ता निकला। उसके बाद जम्मू-कश्मीर में पकड़े गए लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकवादियों में से एक तालिब हुसैन शाह भाजपा का पदाधिकारी निकला, जिसकी देश के गृह मंत्री के साथ तक तस्वीर है।” उनका कहना है, “जब वह पकड़ा गया तब वह, पवित्र अमरनाथ यात्रा के लिए जा रहे श्रद्धालुओं पर हमले की योजना बना रहा था।
उन्होंने कहा, “सोचिए, राष्ट्रवाद की बात करने वालों के लिए क्या यह शर्म की बात नहीं है। और यह कोई पहला या दूसरा मौका नहीं है जब भाजपा के नेता या कार्यकर्ता आतंकी गतिविधियों में लिप्त पाए गए हैं। ऐसी कई घटनाएं हैं।” खेड़ा ने दावा किया, “क़रीब दो साल पहले जम्मू कश्मीर में एक ऐसा ही मामला सामने आया था। जब आतंकियों को हथियार मुहैया कराने के आरोप में भाजपा के पूर्व नेता एवं सरपंच तारिक़ अहमद मीर को गिरफ्तार किया गया था।
” कांग्रेस नेता ने कुछ अन्य मामलों का हवाला देते हुए कहा, “ऐसे में हम मीडिया के माध्यम से देश के लोगों से अपील करते हैं कि आप भाजपा के खोखले राष्ट्रवाद को पहचानिए। राष्ट्रवाद की आड़ में ये देश को खोखला करने का घिनौना खेल खेल रहे हैं।” खेड़ा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए सवाल किया, “नुपुर शर्मा भी आपकी पार्टी की और रियाज़ अख्तारी भी आप ही की पार्टी का तालिब हुसैन भी आपकी पार्टी का। खुद मुख्यधारा में रहने के लिए ऐसे कितने तत्व पाले हैं आपने।

चरणबद्ध तरीके से दोषियों की सजा कम, योजना

चरणबद्ध तरीके से दोषियों की सजा कम, योजना

अकांशु उपाध्याय
नई दिल्ली। सरकार ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ मनाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं के तहत 50 साल से अधिक आयु की उन महिला एवं ट्रांसजेंडर दोषियों की सजा चरणबद्ध तरीके से कम करने की योजना बना रहीं है। जिनका व्यवहार अच्छा है। सरकार 60 वर्ष से अधिक आयु के उन पुरुष कैदियों और दिव्यांग बंदियों को भी इस योजना का लाभ देगी, जिन्होंने अपनी आधी से अधिक सजा पूरी कर ली है।
जो गरीब या निर्धन कैदी सजा पूरी कर चुके हैं, लेकिन धन के अभाव में जुर्माने न भर पाने के कारण अब भी जेल में हैं, उन्हें भी जुर्माने से छूट का लाभ दिया जाएगा। गृह मंत्रालय ने बताया कि यह योजना उन कैदियों पर लागू नहीं होगी, जिन्हें मौत या आजीवान कारावास की सजा दी गई है, या जिन पर बलात्कार, आतंकवाद, दहेज हत्या और धन शोधन के आरोप लगाए गए हैं।
वर्ष 2020 के एक आधिकारिक अनुमान के अनुसार, भारत के कारागारों में क्षमता से अधिक कैदी हैं। देश के कारागारों में 4.03 लाख कैदियों को रखने क्षमता है, जबकि इस समय कारागारों में लगभग 4.78 लाख कैदी हैं, जिनमें करीब एक लाख महिलाएं हैं। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि इन पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले कैदियों को तीन चरणों में 15 अगस्त, 2022, 26 जनवरी, 2023 और 15 अगस्त, 2023 को रिहा किया जाएगा।
मंत्रालय ने कहा है कि 50 साल या उससे अधिक आयु की महिला एवं ट्रांसजेंडर बंदियों, 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के पुरुष कैदियों, 70 प्रतिशत या उससे अधिक अक्षमता वाले दिव्यांगों को स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगांठ के तहत चलाई जा रही योजना के तहत रिहा किया जा सकता है, बशर्ते वे आधी सजा काट चुके हों और उनका व्यवहार अच्छा हो।
इसमें कहा गया है कि वरिष्ठ असैन्य और पुलिस अधिकारियों की राज्य स्तरीय जांच समिति द्वारा गहन जांच किए जाने के बाद कैदियों को रिहा करने पर विचार किया जाना चाहिए। मंत्रालय ने कहा कि अपनी आधी सजा काट चुके जिन व्यक्तियों ने 18 वर्ष से 21 वर्ष तक की उम्र के दौरान अपराध किया है और उनके खिलाफ कोई अन्य आपराधिक मामला नहीं है, उन्हें भी विशेष छूट के लिए विचार किया जाएगा।

राष्ट्रपति पद, पटना पहुंचने पर मुर्मू का जोरदार स्वागत

राष्ट्रपति पद, पटना पहुंचने पर मुर्मू का जोरदार स्वागत

अविनाश श्रीवास्तव
पटना। राष्ट्रपति पद के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का मंगलवार को पटना पहुंचने पर जोरदार स्वागत हुआ। वह 18 जुलाई को होने वाले चुनाव के लिए समर्थन मांगने के लिए यहां आईं हैं। अधिकारियों ने बताया कि मुर्मू विशेष विमान से सुबह 11.13 बजे पटना हवाई अड्डे पहुंचीं। उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, राज्य भाजपा प्रमुख संजय जायसवाल और अन्य राज्य मंत्रियों ने जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मुर्मू का स्वागत किया।
पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी भी हवाई अड्डे पर मौजूद थे। हवाई अड्डा परिसर को फूलों से सजाया गया था जबकि भाजपा कार्यकर्ता पार्टी के झंडे के साथ बाहर सड़कों पर उनके स्वागत के लिए के लिए खड़े थे। पटना में मुर्मू राज्य भाजपा कार्यालय का दौरा करेंगी।
वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी मुलाकात करेंगी। भाजपा के एक नेता ने कहा कि बाद में वह गांधी मैदान के पास एक होटल में जाएंगी जहां वह सांसदों और विधायकों सहित एनडीए के सभी घटक दलों के वरिष्ठ नेताओं से मिलेंगी और चुनाव में उनके समर्थन की अपील करेंगी। उन्होंने कहा कि दोपहर में वह पटना से उड़ान भरकर गुवाहाटी होते हुए अगरतला पहुंचेंगी।

सोमवार, 4 जुलाई 2022

मेडिकल सेफगार्ड्स को संस्थागत बनाने पर विचार

मेडिकल सेफगार्ड्स को संस्थागत बनाने पर विचार

अकांशु उपाध्याय 
नई दिल्ली। सरकार अग्निपथ योजना के तहत भर्ती किए जा रहे सैनिकों के लिए मेडिकल सेफगार्ड्स को संस्थागत बनाने पर विचार कर रही है। ताकि यह सुनिश्चित हो कि ड्यूटी के दौरान घायल हुए जवानों को चार साल बाद भी सहायता मिल सके। मौजूदा नियमों में सर्विस के दौरान चोटों के कारण चिकित्सा देखभाल की जरूरत वाले सैनिकों के लिए छुट्टी के बाद के लाभों का उल्लेख नहीं है। पुरानी योजना के तहत भर्ती किए गए सैनिकों को भूतपूर्व सैनिक स्वास्थ्य योजना के अलावा सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा नेटवर्क से जीवन भर के लिए कवर किया गया था।
सीनियर अधिकारियों ने कहा कि इस मामले पर बातचीत जारी है। अगर लंबे समय तक मेडिकल ट्रीटमेंट की जरूरत होती है तो ड्यूटी के दौरान घायल हुए किसी भी अग्निवीर का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि हम उनकी देखभाल करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें सर्वोत्तम संभव देखभाल मिले।
सर्विस के दौरान घायल होने पर गंभीरता के आधार पर एकमुश्त 44 लाख से 15 लाख रुपये तक देने का प्रावधान है। अभी तक, चार साल की सर्विस पूरी होने पर घायल सैनिकों के छुट्टी के बाद के इलाज की चर्चा नहीं की गई है। युद्ध के मैदान में हताहतों की स्थिति देखी जाए तो कई सैनिकों को लंबे समय तक चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता होती है, जो वर्षों तक भी जा सकती है। कुछ मामलों में जैसे कि युद्ध में गोली लगने से घायल सैनिकों को जीवन भर मेडिकल सपोर्ट की दरकार होती है।अग्निपथ योजना के तहत देश की तीनों सेनाओं में बड़ी संख्या में युवाओं की चार साल के लिए भर्ती की जाएगी। इस योजना के तहत उन लोगों को देश की रक्षा करने का अवसर मिलेगा जो रक्षा सेवा में जाना चाहते हैं। चार साल पूरा होने के बाद अग्निवीर सेना में स्थायी नौकरी के लिए आवेदन कर सकेंगे। सेना के अधिकारी अग्निवीरों को उनकी योग्यता और प्रदर्शन के आधार पर उन्हें स्थायी करने पर विचार करेंगे। 25 फीसदी अग्निवीरों को स्थायी कैडर में भर्ती किया जाएगा।
अग्निवीरों की तैनाती सेना में हर जगह की जाएगी। यूनिट, मुख्यालय तथा संस्थानों में तैनाती होगी। संचालनात्मक-गैर संचालनात्मक दोनों काम करने होंगे। सेना से रिटायर होने वाले 75 फीसदी अग्निवीरों को 11.71 लाख रुपये की सेवा निधि पैकेज दिया जाएगा। इस पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। इसके अलावा उनको मिले कौशल प्रमाणपत्र और बैंक लोन के जरिये उन्हें दूसरी नौकरी शुरू करने में मदद की जाएगी।

सीएम योगी, दूसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे

सीएम योगी, दूसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे 

संदीप मिश्र
लखनऊ। उत्तर-प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के दूसरे कार्यकाल के 100 दिन सोमवार को पूरे हो गए हैं। सीएम योगी आद‍ित्‍यनाथ ने 100 दिन के काम पर बुकलेट जारी कर सरकार की उपलब्‍ध‍ियों को सबके सामने पेश किया। इन 100 दिनों में योगी सरकार की ओर से लिए महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इन 100 दिनों में योगी सरकार ने पहली कैबिनेट में फ्री राशन के फैसले के बाद राज्य में निवेश लाने के लिए पहली ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का आयोजन किया।
बता दें कि सरकार बनने के बाद सीएम योगी ने एक और बड़ा कदम उठाया था। सीएम योगी ने अपने मंत्रियों और विभागों के लिए 100 दिन की कार्ययोजना तैयार की थी। सरकार गठन के बाद 100 दिनों, 6 माह, 1 वर्ष, 2 वर्ष और 5 वर्ष की कार्ययोजना तय की गई हैं।

योगी सरकार के महत्वपूर्ण फैसले...
1- सरकार बनते ही 100 दिन, 6 महीने और पांच वर्ष का लक्ष्य तय किया गया। वहीं सरकार ने गन्ना
2- किसानों का एक लाख 74 हज़ार करोड़ रुपए गन्ना मूल्य भुगतान किया।
3- ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 3 का आयोजन, 80 हज़ार से ज्यादा का निवेश हुआ।
4- युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रदेश भर में लोन मेलों का आयोजन।
5- 100 दिन के अंदर 10 हज़ार पुलिस भर्ती के निर्धारित लक्ष्य को पूरा किया।
6- योगी सरकार ने 100 दिन के अंदर अपराधियों और माफियाओं से 844 करोड़ की अवैध संपत्तियां जब्त की।
7- धार्मिक स्थलों से 74,700 लाउडस्पीकर हटाए गए, जिनमे से 17,816 स्कूल में दिए गए।
8- योगी सरकार ने 68,784 अतिक्रमण स्थलों और 76,196 अवैध पार्किंग स्थलों को मुक्त कराया।
9- महिलाओं को मुफ्त गैस सिलेंडर और मुफ्त बस यात्रा की दी सौगात।
10- युवा शक्ति को किया मजबूत, स्मार्टफोन और टैबलेट का हुआ वितरण।
11- 100 दिन के अंदर 05 नए हवाई अड्डों के संचालन एवं इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि उन्‍होंने मीड‍िया से कहा कि 2017 के पहले प्रदेश में विकास कार्यों को लेकर बड़ी समस्‍या थी। यूपी के सामने पहचान का संकट था। केंद्र की लाभकारी योजनाओं को लागू करने में प्रदेश सरकार रूच‍ि नहीं लेती थी। मगर 2017 के बाद इसमें बदलाव हुआ। आज प्रदेश में केंद्र सरकार की हर योजना का लाभ मुहैया हो रहा है। प्रदेश में गुडों-माफि‍या के खिलाफ व्‍यापक अभ‍ियान चलाया जा रहा है।
योगी ने कहा कि 2017 के बाद से अब तक 844 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियों को बुलडोजर से गिरवाया गया है। पॉस्‍को एक्‍ट के तहत 2273 अपराध‍ियों पर कार्रवाई की गई है। 68,784 अनध‍िकृत कब्‍जे और 76,196 अनध‍िकृत पार्क‍िंग को मुक्‍त कराया गया है। 74,385 लाउडस्‍पीकर्स को धार्म‍िक स्‍थलों से हटाया गया है। वहीं, प्रदेश स्‍तर पर 50 माफि‍या और जिला स्‍तर पर 12 माफ‍िया पर कठोर कार्रवाई की गई है।

एकनाथ ने विधानसभा में विश्वास मत प्रस्ताव जीता

एकनाथ ने विधानसभा में विश्वास मत प्रस्ताव जीता 

कविता गर्ग 

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार को विधानसभा में विश्वास मत प्रस्ताव जीत लिया। एकनाथ शिंदे ने 164 मत हासिल किये, जो बहुमत से 20 अधिक है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सुधीर मुनगंटीवार ने सदन के समक्ष विश्वास प्रस्ताव रखा जिसे श्री भरत गोगावाले ने समर्थन दिया। ध्वनि मत प्रक्रिया के बाद विपक्ष ने मतों के विभाजन की मांग की , जिसके लिये मतदान कराया गया। मतदान में 164 विधायकों ने शिंदे सरकार के पक्ष में मतदान किया, जबकि 99 मत सरकार के खिलाफ गये।

अबू आजमी और एआईएमआईएम के इकलौते विधायक समेत समाजवादी पार्टी के दो विधायक सदन में मौजूद रहे , जबकि पूर्व मंत्री अशोक चव्हाण, विजय वडेट्टीवार सहित कांग्रेस के पांच विधायक मतदान के समय सदन से अनुपस्थित रहे।

संयुक्त तत्वाधान में 'विशाल स्वास्थ्य शिविर' का आयोजन

संयुक्त तत्वाधान में 'विशाल स्वास्थ्य शिविर' का आयोजन  दुष्यंत टीकम  रायपुर। भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की ज...