मंगलवार, 17 अक्तूबर 2023

माता कुष्मांडा को समर्पित 'नवरात्रि' का चौथा दिन

माता कुष्मांडा को समर्पित 'नवरात्रि' का चौथा दिन 

सरस्वती उपाध्याय 
नवरात्र-पूजन के चौथे दिन कूष्माण्डा देवी के स्वरूप की उपासना की जाती है। इस दिन साधक का मन 'अनाहत' चक्र में अवस्थित होता है। अतः इस दिन उसे अत्यंत पवित्र और अचंचल मन से कूष्माण्डा देवी के स्वरूप को ध्यान में रखकर पूजा-उपासना के कार्य में लगना चाहिए।

कूष्मांडा - नवदुर्गाओं में चतुर्थ

जब सृष्टि का अस्तित्व नहीं था, तब इन्हीं देवी ने ब्रह्मांड की रचना की थी। अतः ये ही सृष्टि की आदि-स्वरूपा, आदिशक्ति हैं। इनका निवास सूर्यमंडल के भीतर के लोक में है। वहाँ निवास कर सकने की क्षमता और शक्ति केवल इन्हीं में है। इनके शरीर की कांति और प्रभा भी सूर्य के समान ही दैदीप्यमान हैं।
इनके तेज और प्रकाश से दसों दिशाएँ प्रकाशित हो रही हैं। ब्रह्मांड की सभी वस्तुओं और प्राणियों में अवस्थित तेज इन्हीं की छाया है। माँ की आठ भुजाएँ हैं। अतः ये अष्टभुजा देवी के नाम से भी विख्यात हैं। इनके सात हाथों में क्रमशः कमंडल, धनुष, बाण, कमल-पुष्प, अमृतपूर्ण कलश, चक्र तथा गदा है। आठवें हाथ में सभी सिद्धियों और निधियों को देने वाली जपमाला है। इनका वाहन शेर है।

श्लोक
सुरासंपूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।
दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे ॥
प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रह्मचारिणी। तृतीयं चन्द्रघण्टेति कूष्माण्डेति चतुर्थकम् ।। पंचमं स्कन्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च। सप्तमं कालरात्रीति महागौरीति चाष्टमम् ।।

महिमा
माँ कूष्माण्डा की उपासना से भक्तों के समस्त रोग-शोक मिट जाते हैं। इनकी भक्ति से आयु, यश, बल और आरोग्य की वृद्धि होती है। माँ कूष्माण्डा अत्यल्प सेवा और भक्ति से प्रसन्न होने वाली हैं। यदि मनुष्य सच्चे हृदय से इनका शरणागत बन जाए तो फिर उसे अत्यन्त सुगमता से परम पद की प्राप्ति हो सकती है।

विधि-विधान से माँ के भक्ति-मार्ग पर कुछ ही कदम आगे बढ़ने पर भक्त साधक को उनकी कृपा का सूक्ष्म अनुभव होने लगता है। यह दुःख स्वरूप संसार उसके लिए अत्यंत सुखद और सुगम बन जाता है। माँ की उपासना मनुष्य को सहज भाव से भवसागर से पार उतारने के लिए सर्वाधिक सुगम और श्रेयस्कर मार्ग है।

माँ कूष्माण्डा की उपासना मनुष्य को आधियों-व्याधियों से सर्वथा विमुक्त करके उसे सुख, समृद्धि और उन्नति की ओर ले जाने वाली है। अतः अपनी लौकिक, पारलौकिक उन्नति चाहने वालों को इनकी उपासना में सदैव तत्पर रहना चाहिए।

उपासना
चतुर्थी के दिन माँ कूष्मांडा की आराधना की जाती है। इनकी उपासना से सिद्धियों में निधियों को प्राप्त कर समस्त रोग-शोक दूर होकर आयु-यश में वृद्धि होती है। प्रत्येक सर्वसाधारण के लिए आराधना योग्य यह श्लोक सरल और स्पष्ट है। माँ जगदम्बे की भक्ति पाने के लिए इसे कंठस्थ कर नवरात्रि में चतुर्थ दिन इसका जाप करना चाहिए।

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।'
अर्थ : हे माँ! सर्वत्र [2] विराजमान और कूष्माण्डा के रूप में प्रसिद्ध अम्बे, आपको मेरा बार-बार प्रणाम है। या मैं आपको बारंबार प्रणाम करता हूँ। हे माँ, मुझे सब पापों से मुक्ति प्रदान करें।
अपनी मंद, हल्की हँसी द्वारा अंड अर्थात ब्रह्मांड को उत्पन्न करने के कारण इन्हें कूष्माण्डा देवी के रूप में पूजा जाता है। संस्कृत भाषा में कूष्माण्डा को कुम्हड़ कहते हैं। बलियों में कुम्हड़े की बलि इन्हें सर्वाधिक प्रिय है। इस कारण से भी माँ कूष्माण्डा कहलाती हैं।

पूजन
इस दिन जहाँ तक संभव हो बड़े माथे वाली तेजस्वी विवाहित महिला का पूजन करना चाहिए। उन्हें भोजन में दही, हलवा खिलाना श्रेयस्कर है। इसके बाद फल, सूखे मेवे और सौभाग्य का सामान भेंट करना चाहिए। जिससे माताजी प्रसन्न होती हैं। और मनवांछित फलों की प्राप्ति होती है।

व्रत रखने में कमजोरी, 5 स्वस्थ पेय जानिए

व्रत रखने में कमजोरी, 5 स्वस्थ पेय जानिए 

सरस्वती उपाध्याय 
देशभर में नवरात्रि का त्योहार उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। इस दौरान लोग पूचा-अर्चना के साथ-साथ व्रत रख रहे हैं।
हालांकि, व्रत रखने के 1-2 दिन बाद ही कमजोरी महसूस होने लगती है। ऐसे में आपको अपनी डाइट में पौष्टिक और हाइड्रेटेड पेय को शामिल करना चाहिए।
स्वस्थ पेय आपको दिनभर ऊर्जावान महसूस कराने और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद करेंगे।
आइये, आज व्रत अनुकूल 5 स्वस्थ पेय जानते हैं।

साबूदाना ठंडाई 
कई खनिज और पोषक तत्वों से भरपूर साबूदाना व्रत के लिए एक पसंदीदा विकल्प है। ठंडाई के स्वाद के साथ साबूदाना से बना यह पेय व्रत में पीने के लिए फायदेमंद है।
इलायची, सौंफ और काली मिर्च से युक्त यह पेय पाचन के लिए अच्छा है।
इसके अलावा इसके सेवन से व्रत के दौरान आपको कमजोरी महसूस नहीं होगी और आप दिनभर ऊर्जावान महसूस करेंगे।
घर पर साबूदाना से बने इन व्यंजनों को भी बनाएं।

नारियल और खजूर की स्मूदी 
अगर आप व्रत के दौरान अपने पेट को देर तक भरा हुआ रखना चाहते हैं तो इसके लिए यह पेय एक बेहतरीन विकल्प है।
खजूर, नारियल, इलायची और सेंधा नमक से बनी यह स्मूदी फाइबर, विटामिन और खनिजों से भरपूर है।
यह आपको दिनभर ऊर्जावान महसूस कराने, प्रतिरक्षा प्रणाली और पूरे शरीर को मजबूत बनाने में मदद करता है। इस स्वस्थ पेय को व्रत के दौरान अपनी डाइट का हिस्सा जरूर बनाएं।

छाछ 
यह पेय दही और पानी से बनाई जाती है और इसमें स्वाद के लिए तरह-तरह के मसाले मिलाए जाते हैं।
यह इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर होती है, जो शरीर से पानी की कमी को पूरा करता है।
इसके अलावा छाछ में विटामिन-D और कैल्शियम की अच्छी मात्रा मौजूद होती है, जो हड्डियों को मजबूती प्रदान करने के साथ ही इनके विकास में मददगार है।
यहां जानिए दही और छाछ के बीच का अंतर।

अदरक और नींबू का पानी 
नींबू पानी में ताजा अदरक का रस और चुटकी भर सेंधा नमक मिलाने से यह मसालेदार पेय तैयार हो जाता है।
इसमें कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो आपके शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं इसलिए इस पेय का सेवन व्रत के दौरान किया जा सकता है।
यह स्वस्थ पेय पाचन क्रिया और पेट के स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद है।
मखाने से बने इन व्रत अनुकूल स्नैक्स को भी आजमाएं।

केला और बादाम का शेक
शेक स्वस्थ फलों, दही और दूध से तैयार होने वाला पेय है, जिसका सेवन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है।
इसमें कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो आपके शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं, इसलिए इस पेय का सेवन व्रत के दौरान किया जा सकता है।
नवरात्रि में आप केला और बादाम की स्मूदी को आजमा सकते हैं। क्योंकि यह पेय आपके पेट को देर तक भरा हुआ रखने में मदद करेगा।

18 से 21 तक मौसम शुष्क रहने की संभावना

18 से 21 तक मौसम शुष्क रहने की संभावना 

पंकज कपूर 
देहरादून/नैनीताल। आईएमडी ने एक बार फिर मौसम पूर्वानुमान जारी करते हुए 21 अक्टूबर तक राज्य में मौसम की भविष्यवाणी की है। मंगलवार को उत्तराखंड राज्य में उधमसिंह नगर और हरिद्वार जनपद को छोड़कर शेष जनपदों में जहां येलो अलर्ट जारी कर लोगों को गरजन आकाशीय बिजली गिरने तथा ओलावृष्टि से सचेत किया है। 
वही, मौसम विभाग ने 18 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक राज्य में मौसम शुष्क रहने की बात करते हुए चमोली जनपद में 18 अक्टूबर को बहुत हल्की बरसात तथा पिथौरागढ़ और बागेश्वर जनपद में 18 अक्टूबर और 19 अक्टूबर को बहुत हल्की बरसात की बात कही हैं। इस तरह 21 अक्टूबर तक राज्य के उच्च हिमालय क्षेत्र में जहां हल्की बूंदाबांदी और बर्फबारी की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। उधर उच्च हिमालय क्षेत्र में हो रही बरसात और बर्फबारी के बीच क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। उधर आईएमडी ने सुबह 9.00 बजे से दोपहर 12.00 बजे तक तात्कालिक मौसम पूर्वानुमान जारी करते हुए उत्तराखंड राज्य के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली तथा बागेश्वर जनपदों में कहीं-कहीं गरजन वाले बादल विकसित होने तथा बहुत हल्की वर्षा होने की संभावना जताई है मौसम विभाग ने इस बीच नैनीताल में 27, भडसार में 32, बेतालघाट में 35, चोरगलियां में 27.5, धनोल्टी में 26, असरोरी सतपुली में 24.5, यम्केश्वर में 24, घाट में 23.5, हल्द्वानी में 23.2, बागेश्वर में 23.5, मसूरी में 22.1, कोटद्वार में 22, मोकमपुर में 21, पौड़ी में 21.5, कालाढूंगी रानीचोरी में 21 और द्वाराहाट में 20.5 मिली मीटर बरसात मौसम विभाग ने रिकॉर्ड की है। नैनीताल में मंगलवार को सुबह हल्की वर्षा होने के बाद के बाद बादल छाये रहे। कभी-कभी धूप भी निकली।

डीएम ने समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए

डीएम ने समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए

भानु प्रताप उपाध्याय 
मुजफ्फरनगर। जिला उद्योग बंधु समिति की बैठक में जिलाधिकरी अरविंद मल्लपा बंगारी ने जिले के उद्योगपतियों की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिलो के उद्योगपतियों ने सडक में गड्ढों सहित कईं समस्याएं उठाई।
विकास भवन सभागार में जिला उद्योग बंधु समिति की बैठक में एकल खिड़की योजना, निवेश मित्र योजना की समीक्षा की गई, जिसमें श्रम विभाग, एक्साइज विभाग, विद्युत विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, अग्निशमन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। सरकारी अनुदान परक विभागीय योजनाओ, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम व संधावली रेलवे अंडर पास, यूपीसीडा आदि पर गहन समीक्षा की गई तथा सम्बन्धित अधिकारियों को समस्या के निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। डीएम के समक्ष उद्यमियों ने सड़को के गड्ढे संबंधी समस्याओं से भी अवगत कराया।
जिलाधिकारी ने एक्सईएन पीडब्लूडी को समस्या के निस्तारण के दिशा-निर्देश दिए। बैठक में औद्योगिक संगठनों द्वारा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन एवं बिजली विभाग से संबंधित अन्य समस्याएं भी उठीं। डीएम ने कहा कि सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि उद्यमियों की समस्याओं का समय से निस्तारण हो। बैठक में सीडीओ संदीप भागिया, उपायुक्त उद्योग जैस्मिन सहित उद्यमी एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़

मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ 

राजेश सिंह 
मिर्जापुर। शारदीय नवरात्रि के तृतीया तिथि दिन मंगलवार को भी दर्शनार्थियों की भीड़ मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए उमड़ पड़ी। न्यू वीआईपी की तरफ से मुख्य सड़क से ही मंदिर तक दर्शनार्थियों की दो-दो कतारें लगी रहीं। मां के जयकारे से पूरा विंध्य धाम गूंजता रहा। इसी प्रकार अष्टभुजा माता व काली खोह मंदिर पर भी दर्शनार्थियों की बड़ी भीड़ रही। बहुत से दर्शनार्थियों ने रोपवे का आनंद लिया।
वहीं, परिक्रमा पथ को भी बाहर से आए भक्त व अन्य लोग बड़े ध्यान से देख रहे थे। कई लोग विंध्य कारीडोर के बारे में भी चर्चा करते दिखाई दिए। विंध्य क्षेत्र के मेला में बिक रही विविध सामग्री भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती रही। महिलाओं ने सिंदूर व चूड़ी के साथ अन्य वस्तुओं की खरीदारी की। वही मंदिर के छत पर जगह-जगह बैठ साधकों द्वारा पूजा पाठ कर दर्शन पूजन में लीन रहे। मंदिरों में प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी व्यवस्था का जायजा लेते रहे।
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने मंगलवार की सुबह ही विंध्याचल पहुंच कर शारदीय नवरात्र मेला का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान दर्शन के लिए कतारबद्ध श्रद्धालुओं से भी वार्ता किया तथा भ्रमण कर जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेटों की ड्यूटी प्वाइन्ट को चेक करते हुए भीड़ को नियंत्रित करने के दृष्टिगत आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं कोई असुविधा न हो सुरक्षा व्यवस्थाओं व जन सुविधाओं पर कडी निगरानी रखी जाए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी शिव प्रताप शुक्ला भी उपस्थित रहे।

छात्र के निलंबन के विरोध में हंगामा, जड़ा ताला

छात्र के निलंबन के विरोध में हंगामा, जड़ा ताला 

बृजेश केसरवानी 
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में आंदोलन करने वाले छात्र के निलंबन के विरोध में मंगलवार को हंगामा हो गया। छात्रों ने विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। प्रोक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों और छात्रों के बीच नोक झोंक भी हुई। इविवि के सुरक्षा कर्मियों ने छात्रों पर लाठियां भांजी। हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने पांच छात्रों को हिरासत में ले लिया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने निलंबित छात्र हरेंद्र यादव के परिसर में प्रवेश और परीक्षा में शामिल होने पर भी रोक लगा दी है। विश्वविद्यालय में मिड टर्म की परीक्षाएं चल रही हैं। छात्र सुबह परीक्षा देने पहुंचा तो उसे गेट पर ही रोक दिया गया। इस पर छात्रों और सुरक्षा कर्मियों के बीच झड़प हो गई। छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया और मेन गेट पर ताला लगा दिया।
इस बीच चीफ प्रॉक्टर डॉक्टर राकेश सिंह अपनी टीम के साथ पहुंचे और छात्रों को वहां से हटने के लिए कहा। प्रोक्टोरियल बोर्ड की टीम और विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मियों ने एक छात्र की पिटाई भी कर दी, जिससे मामला बिगड़ गया। वहां मौजूद पुलिस ने पांच छात्रों को हिरासत में ले लिया, जिसमें निलंबित छात्र हरेंद्र यादव भी शामिल है।

कुत्ते को घसीटकर तालाब में ले गया कंगारू, वायरल

कुत्ते को घसीटकर तालाब में ले गया कंगारू, वायरल 

सरस्वती उपाध्याय 
सोशल मीडिया पर आए दिन वाइल्ड लाइफ से जुड़े वीडियो वायरल होते रहते हैं। कुछ वीडियो ऐसे होते हैं, जो सभी को पसंद आते हैं। वहीं कई वीडियो को देखकर हर कोई चौंक जाता है। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक कंगारू एक कुत्ते को अपने पंजों में जकड़ा नजर आ रहा है। वीडियो में कुत्ते की बेबसी साफ नजर आ रही है, जो चाहकर भी कंगारू के चंगुल से खुद को आजाद नहीं कर पा रहा है। 
जब मोलोनी नाम का एक शख्स अपने पालतू कुत्ते को मुर्रे नदी के किनारे सैर पर लेकर गया था। इस बीच डॉगी एकाएक गायब हो गया। इस दौरान शख्स अपने डॉगी को हर जगह ढूंढता रहा, तभी उसकी नजर एक कंगारू पर पड़ी, जो उसके डॉगी को घसीटकर तालाब के अंदर ले जा रहा था। वायरल हो रहा है ये वीडियो ऑस्ट्रेलिया का बताया जा रहा है। वीडियो में आप देख जा सकते हैं कि, दो मीटर लंबा एक कंगारू एक कुत्ते को घसीटकर तालाब के अंदर तक ले जाता है, जिसे वो बेहद बुरी तरह अपने पंजों में जकड़ा हुए है। 
वहीं वीडियो में आप देख सकते हैं कि, मोलोनी किसी तरह अपने कुत्ते को कंगारू की पकड़ से छुड़ा लेता है। वीडियो में देख सकते हैं कि, सीना तानकर खड़ा कंगारू मोलोनी को किस तरह गुस्से में घूर रहा होता है। वहीं इस बीच कंगारू मोलोनी पर हमला भी करता है, लेकिन वह बच निकलता है। वीडियो देख चुके लोग मालिक की अपने पालतू कुत्ते की जान बहादुरी से बचाने के लिए काफी तारीफ कर रहे हैं।

समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने से इंकार

समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने से इंकार 

अकांशु उपाध्याय 
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट उच्चतम न्यायालय की पांच न्यायाधीशों की पीठ ने मंगलवार को ऐतिहासिक फैसला देते हुए समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने से इंकार कर दिया। न्यायालय ने यह भी कहा कि इस बारे में कानून बनाने का काम संसद का है।
समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता दिए जाने का अनुरोध करने संबंधी 21 याचिकाओं पर प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने सुनवाई की। प्रधान न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने कहा कि न्यायालय कानून नहीं बना सकता, बल्कि उनकी केवल व्याख्या कर सकता है और विशेष विवाह अधिनियम में बदलाव करना संसद का काम है।
सुनवाई की शुरुआत में न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि मामले में उनका, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट्ट और न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा का अलग-अलग फैसला है। न्यायमूर्ति हिमा कोहली भी इस पीठ में शामिल हैं।
प्रधान न्यायाधीश ने केंद्र, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि समलैंगिक समुदाय के साथ मतभेद नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि समलैंगिकता प्राकृतिक होती है जो सदियों से जानी जाती है और इसका केवल शहरी या अभिजात्य वर्ग से संबंध नहीं है।
न्यायमूर्ति कौल ने कहा कि वह समलैंगिक जोड़ों को कुछ अधिकार दिए जाने को लेकर प्रधान न्यायाधीश से सहमत हैं। उन्होंने कहा, ‘‘समलैंगिक और विपरीत लिंग के संबंधों को एक ही सिक्के के दो पहलुओं के रूप में देखा जाना चाहिए।’’ न्यायमूर्ति कौल ने कहा कि समलैंगिक संबंधों को कानूनी मान्यता देना वैवाहिक समानता की दिशा में एक कदम है। न्यायमूर्ति भट्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि वह प्रधान न्यायाधीश चंद्रचूड़ के कुछ विचारों से सहमत और कुछ से असहमत हैं।
प्रधान न्यायाधीश ने इस अहम मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा कि विशेष विवाह अधिनियम की व्यवस्था में बदलाव की आवश्यकता है या नहीं, इसका निर्णय लेना संसद का काम है। उन्होंने कहा, ‘‘यह अदालत कानून नहीं बना सकती, वह केवल उसकी व्याख्या कर सकती है और उसे प्रभावी बना सकती है।
’’ न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि न्यायालय सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता का यह बयान दर्ज करता है कि केंद्र समलैंगिक लोगों के अधिकारों के संबंध में फैसला करने के लिए एक समिति गठित करेगा।
उन्होंने अपने फैसले का प्रभावी हिस्सा पढ़ते हुए केंद्र, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देश दिया कि वे समलैंगिक अधिकारों के बारे में आम लोगों को जागरूक करने के लिए कदम उठाएं और यह सुनिश्चित करें कि लिंग-परिवर्तन ऑपरेशन की अनुमति उस आयु तक न दी जाए, जब तक इसके इच्छुक लोग इसके परिणाम को पूरी तरह समझने में सक्षम नहीं हों। प्रधान न्यायाधीश ने पुलिस को समलैंगिक जोड़े के संबंधों को लेकर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने से पहले प्रारंभिक जांच करने का निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि यह सोचना कि समलैंगिकता केवल शहरी इलाकों में मौजूद है, उन्हें मिटाने जैसा होगा तथा किसी भी जाति या वर्ग का व्यक्ति समलैंगिक हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह कहना ‘‘गलत है कि विवाह एक स्थिर और अपरिवर्तनीय संस्था है।’’ प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि जीवन साथी चुनने की क्षमता अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार से जुड़ी है।
उन्होंने कहा कि संबंधों के अधिकार में जीवन साथी चुनने का अधिकार और उसे मान्यता देना शामिल है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के संबंध को मान्यता नहीं देना भेदभाव है। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा, ‘‘समलैंगिक लोगों सहित सभी को अपने जीवन की नैतिक गुणवत्ता का आकलन करने का अधिकार है।’’ उन्होंने कहा कि इस अदालत ने माना है कि समलैंगिक व्यक्तियों के साथ भेदभाव न किया जाना समानता की मांग है।
उन्होंने कहा कि कानून यह नहीं मान सकता कि केवल विपरीत लिंग के जोड़े ही अच्छे माता-पिता साबित हो सकते हैं क्योंकि ऐसा करना समलैंगिक जोड़ों के खिलाफ भेदभाव होगा। न्यायालय ने समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने के अनुरोध वाली याचिकाओं पर अपना फैसला 11 मई को सुरक्षित रख लिया था।
केंद्र ने अपनी दलीलें पेश करते हुए न्यायालय से कहा था कि समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने वाली विभिन्न याचिकाओं पर उसके द्वारा की गई कोई संवैधानिक घोषणा संभवत: ‘‘सही कार्रवाई’’ नहीं हो क्योंकि अदालत इसके परिणाम का अनुमान लगाने, परिकल्पना करने, समझने और इससे निपटने में सक्षम नहीं होगी। न्यायालय ने इस मामले में 18 अप्रैल को दलीलें सुननी शुरू की थीं। 
प्रधान न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए कहा, ‘‘इस मामले में चार अलग-अलग फैसले हैं।’’ उन्होंने कहा कि यह कहना ‘‘गलत है कि विवाह एक स्थिर और अपरिवर्तनीय संस्था है।’’ फैसला सुनाने वाली पांच न्यायाधीशों वाली इस संविधान पीठ में प्रधान न्यायाधीश चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट, न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा शामिल हैं।
प्रधान न्यायाधीश के अलावा न्यायमूर्ति कौल, न्यायमूर्ति भट और न्यायमूर्ति नरसिम्हा ने अलग-अलग फैसले लिखे हैं। प्रधान न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने कहा कि यह अदालत कानून नहीं बना सकती, वह केवल उसकी व्याख्या कर सकती है और उसे प्रभावी बना सकती है।
उन्होंने साथ ही कहा, ‘‘समलैंगिकता केवल शहरी अवधारणा नहीं है या समाज के उच्च वर्ग तक ही सीमित नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘विशेष विवाह अधिनियम की व्यवस्था में बदलाव की आवश्यकता है या नहीं, इसका निर्णय संसद को करना है।
’’ प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘यह कल्पना करना कि समलैंगिकता केवल शहरी इलाकों में मौजूद है, उन्हें मिटाने जैसा होगा। किसी भी जाति या वर्ग का व्यक्ति समलैंगिक हो सकता है।’’ पीठ ने 10 दिन की ‘मैराथन’ सुनवाई के बाद 11 मई को याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

मनोरंजन: अगले साल रिलीज होगी फिल्म इमरजेंसी

मनोरंजन: अगले साल रिलीज होगी फिल्म इमरजेंसी 

कविता गर्ग 
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी अगले साल रिलीज होगी। कंगना रनौत ने फिल्म इमरजेंसी में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का किरदार निभाया है। इस फिल्म का लेखन और निर्देशन कंगना रनौत ने किया है। फिल्म इमरजेंसी पहले 24 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी। कंगना रनौत ने कहा, ”हमने ‘इमरजेंसी’ को 24 नवंबर 2023 को रिलीज करने की घोषणा की थी, लेकिन मेरी एक के बाद एक फिल्मों के रिलीज होने की वजह से हमने फिल्म को अगले साल रिलीज करने का निर्णय लिया है।” रिलीज की नयी तारीख की घोषणा जल्द ही की जाएगी। फिल्म इमरजेंसी में कंगना के अलावा अनुपम खेर, महिमा चौधरी, मिलिंद सोमण, श्रेयस तलपड़े की भी अहम भूमिका है।

₹50,000 की रिश्वत ले रहे थानेदार को अरेस्ट किया

₹50,000 की रिश्वत ले रहे थानेदार को अरेस्ट किया 

संदीप मिश्र 
कानपुर। खाकी निरंतर दागदार हो रही है। एंटी करप्शन टीम के अफसरों ने 50000 रुपए की रिश्वत ले रहे थानेदार को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। जैसे ही यह गिरफ्तारी सोशल मीडिया के प्लेटफार्मों पर वायरल हुई तो जनपद के सभी थानों में हड़कंप मच गया। रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया रिश्वतखोर थानेदार लगे हाथ सस्पेंड कर दिया गया है। 
औद्योगिक नगरी कानपुर के कलेक्टर गंज थाना प्रभारी राम जन्म गौतम को एंटी करप्शन टीम के अफसरों ने देर रात रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। मंगलवार को संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया है कि सोमवार की देर रात उन्हें कलेक्टर गंज थाना प्रभारी राम जन्म गौतम के रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी, वैसे ही उन्होंने रिश्वतखोरी के इस बड़े मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही थानेदार के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। उन्होंने बताया है कि पिछले काफी दिनों से इस बात की सूचना प्राप्त हो रही थी कि थाना प्रभारी रामजन्म गौतम भ्रष्टाचार पर उतरते हुए किसी व्यक्ति से लगातार रुपए देने की मांग कर रहा है।लेकिन अब उन्हें मालूम चला है की थानेदार को 50000 रुपए की रिश्वत लेते हुए कानपुर की एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ दबोचा है। पुलिस आयुक्त डॉक्टर आरके स्वर्णकार ने कहा है कि रिश्वतखोर थाना प्रभारी के खिलाफ अब ऐसी कार्यवाही की जाएगी जो अन्य अफसरों के लिए एक नजीर बन जाएगी। रिश्वतखोर थानेदार के रंगे हाथ पकड़े जाने की जानकारी जैसे ही सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर वायरल हुई तो शहर के सभी थानों में हड़कंप मच गया।

ओवैसी के बयान को बंदर वाली उछल-कूद बताया

ओवैसी के बयान को बंदर वाली उछल-कूद बताया 

संदीप मिश्र 
नई दिल्ली/दिसपुर। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ऑल इंडिया मुत्ताहिदा ए मुस्लिमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद असदुद्दीन ओवैसी के फिलीस्तीन को समर्थन देने के बयान को बंदर वाली उछल कूद बताते हुए कहा है कि हैदराबाद में चिल्लाने की बजाय सांसद फिलिस्तीन जाकर इजराइल का मुकाबला करें।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि हमास की निंदा करना हर भारतीय व्यक्ति का कर्तव्य है। हमास का समर्थन करने वाले कभी भी भारत के शुभचिंतक नहीं हो सकते हैं।उन्होंने कहा है कि जो आज हमास के साथ खड़े हुए हैं वह कल भारत के खिलाफ पाकिस्तान के साथ भी खड़े हो सकते हैं।
उन्होंने कहा है कि दुनिया भर में आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठ रही है और हम भी आतंकी संगठन हमास के खिलाफ आवाज उठाएंगे। देश भर से अलग-अलग लोगों की तरफ से फिलीस्तीन को मिल रहे समर्थन पर उन्होंने हैदराबाद के सांसद असदुदीन ओवैसी के ऊपर निशाना साधते हुए उनके बयान बाजी को कोरा पब्लिसिटी स्टंट बताया है।
असम के मुख्यमंत्री ने कहा है कि सांसद के भारत में हो हल्ला करने से कुछ नहीं होगा। यदि असदुद्दीन ओवैसी वास्तव में ही हमास के साथ हैं तो वह सीधे फिलिस्तीन जाएं और इजराइल का मुकाबला करें। मुख्यमंत्री के इस बयान का वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जिसे लोग इधर से उधर शेयर करते हुए असदुद्दीन ओवैसी की बयानबाजी पर अपने कमेंट भी कर रहे हैं।

दो पटाखा फैक्ट्रियों में विस्फोट, 11 लोगों की मौत

दो पटाखा फैक्ट्रियों में विस्फोट, 11 लोगों की मौत

इकबाल अंसारी 
विरुधुनगर। तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में मंगलवार को दो पटाखा फैक्ट्रियों में विस्फोट होने से नौ महिलाओं सहित 11 लोगों की मौत हो गई और कुछ अन्य घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि आज दोपहर श्रीविल्लिपुथुर के पास रंगमपलयम में कनिष्कर फायरवर्क्स फैक्ट्री में अचानक हुए विस्फोट से नौ महिलाओं सहित 10 श्रमिकों की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। 
जिस समय यह हादसा हुआ उस समय श्रमिक फैंसी किस्म के पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाले अत्यधिक ज्वलनशील रसायनों को मिलाने के काम में जुटे हुए थे। एक अन्य घटना में, शिवकाशी के पास किचनाइकेनपट्टी गांव में एक निजी पटाखा फैक्ट्री में आग लगने से एक कर्मचारी की मौत हो गई और कुछ अन्य घायल हो गए। दोनों फैक्ट्रियों में पहुंचे दमकल ने कुछ घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। वरिष्ठ राजस्व और पुलिस अधिकारी बचाव कार्यों की निगरानी के लिए मौके पर पहुंचे।

डैम में डूबे 6 छात्रों के शव बरामद किए: झारखंड

डैम में डूबे 6 छात्रों के शव बरामद किए: झारखंड 

इकबाल अंसारी 
रांची। हजारीबाग के इचाक थाना क्षेत्र के लोटवा डैम में मंगलवार सुबह डूबे सभी छ: स्कूली छात्रों के शव बरामद कर लिए गए हैं। सभी हजारीबाग के माउंट एग्माउंड स्कूल के प्लस टू के छात्र थे और स्कूल ड्रेस पहनकर डैम साइड में सैर करने पहुंचे थे।
छात्रों के डूबने की खबर पाकर उनके परिजन डैम के पास पहुंचे। उनकी चीत्कार से माहौल बेहद कारुणिक हो उठा। झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन और सीएम हेमंत सोरेन ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। बताया गया कि सात छात्र स्कूटी और बाइक से पहुंचे थे। उन्होंने अपने स्कूल ड्रेस डैम के किनारे उतार दिया और नहाने के लिए पानी में उतर गए। माना जा रहा है कि इनमें से कोई एक गहरे पानी में चला गया, जिसे बचाने के चक्कर में छह छात्र डूब गए। एक छात्र किसी तरह तैरकर बाहर निकला।
घटना की सूचना जैसे ही इचाक पुलिस को मिली, वह घटनास्थल पर पहुंची। डूबने वाले छात्रों में हजारीबाग के ओकनी मोहल्ले का रजनीश पांडे और सुमित कुमार, मटवारी का मयंक सिंह, दीपूगढ़ा का प्रवीण गोप, पीटीसी चौक का ईशान सिंह और मटवारी गांधी मैदान कॉलोनी का शिवसागर शामिल है। सीएम हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “लोटवा डैम में हादसे की दुःखद खबर से मन व्यथित है। परमात्मा, हादसे में मरने वाले बच्चों की आत्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिवारजनों को दुःख की यह विकट घड़ी सहन करने की शक्ति दें।“
राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि हजारीबाग जिले के लोटवा डैम में छह बच्चों के डूबने की सूचना अत्यंत दुखद व पीड़ादायक। उन्होंने परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि ईश्वर उन्हें इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

26 सप्ताह से अधिक के गर्भ को समाप्त न करें

26 सप्ताह से अधिक के गर्भ को समाप्त न करें 

अकांशु उपाध्याय 
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में एक महिला की तरफ से दायर 26 हफ्ते के गर्भ को गिराने की अनुमति को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। महिला अब बच्चे को जन्म देगी और इसे नहीं गिराया जा सकता यही कोर्ट का फैसला है।
जानकारी के अनुसार दो बच्चों की मां एक विवाहित महिला को 26 सप्ताह से अधिक के गर्भ को समाप्त करने की अनुमति देने से इंकार कर दिया। क्योंकि भ्रूण स्वस्थ था और एम्स मेडिकल बोर्ड को बच्चे में को विसंगति नहीं मिली।
पीठ ने गर्भ समाप्त करने की अनुमति से किया इंकार
मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि गर्भावस्था की अवधि 24 सप्ताह से ज्यादा हो गई है, जो मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी की अनुमति की सीमा में नहीं आता है इसलिए टर्मिनेशन की अनुमति नहीं दी जा सकती है। शीर्ष अदालत ने कहा कि भ्रूण 26 सप्ताह और 5 दिन का है और मां को तत्काल कोई खतरा नहीं है। इसमें कहा गया है कि भ्रूण में कोई विसंगति भी नहीं थी। पीठ ने कहा, “गर्भावस्था की लंबाई 24 सप्ताह से अधिक हो गई है और यह लगभग 26 सप्ताह और 5 दिन की है। गर्भावस्था की चिकित्सीय समाप्ति की अनुमति नहीं दी जा सकती है।

राजनीति में वंशवाद को लेकर निशाना साधा: राहुल

राजनीति में वंशवाद को लेकर निशाना साधा: राहुल 

इकबाल अंसारी 
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राजनीति में वंशवाद को लेकर गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर निशाना साधा है‌। दरअसल, राहुल गांधी से सवाल पूछा गया कि बीजेपी उन पर वंशवाद की राजनीति का आरोप लगा रही है।इस सवाल के जवाब में राहुल ने पूछा कि अमित शाह का बेटा क्या करता है? राजनाथ सिंह का बेटा क्या करता है?
उन्होंने आगे कहा,’मुझे जितना पता है, अमित शाह का बेटा भारतीय क्रिकेट को चलाता है। बीजेपी को पहले अपने नेताओं को देखना चाहिए कि उनके बच्चे क्या करते हैं। अनुराग ठाकुर के अलावा और भी लोग हैं, जो वंशवाद की राजानीति का उदाहरण हैं।
राहुल गांधी ने मंगलवार को इजरायल और हमास के बीच जारी जंग पर भी अपनी राय जाहिर की। उन्होंने कहा कि हम (कांग्रेस) हर तरह की हिंसा के खिलाफ है। हम निर्दोष नागरिकों के खिलाफ किसी भी प्रकार की हिंसा की सराहना नहीं करते हैं। हम हर तरह की हिंसा का विरोध करते हैं, इस बात की परवाह किए बिना कि उसे किसने और कैसे अंजाम दिया है ?
उन्होंने आगे कहा कि हमारे संकल्प में यह बात एकदम स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि हिंसा को माफ करने का कोई सवाल ही नहीं उठता। जो भी कोई लोगों की जान लेता है, वह गलत है।नागरिकों को मारना अपराध है।हम निर्दोष नागरिकों की किसी भी हत्या का विरोध करते हैं, चाहे वह कहीं भी हो।

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

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1. अंक-331, (वर्ष-06)

पंजीकरण:- UPHIN/2010/57254

2. बुधवार, अक्टूबर 18, 2023

3. शक-1944, आश्विन, कृष्ण-पक्ष, तिथि-चतुर्थी, विक्रमी सवंत-2079‌‌।

4. सूर्योदय प्रातः 06:11, सूर्यास्त: 06:13।

5. न्‍यूनतम तापमान- 16 डी.सै., अधिकतम- 21+ डी.सै.। बरसात की संभावना बनी रहेगी।

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