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बुधवार, 30 जून 2021

अजमाएं गए उपाय हानिकारक सिद्ध हो सकते हैं ?

अक्सर सही जानकारी के अभाव में सामान्यजन किसी के भी कहने पर ज्योतिषीय उपाय आजमाने लगते हैं। लेकिन, क्या आपको पता है कि इस तरह के आजमाए गए उपाय कई बार हानिकारक सिद्ध हो सकते हैं ?

1. कभी भी उच्च के ग्रहों का दान नहीं करना चाहिए और नीच ग्रहों की कभी पूजा नहीं करनी चाहिए।  
2 . कुंडली में गुरु दशम भाव में हो या चौथे भाव में हो तो मंदिर निर्माण के लिए धन नहीं देना चाहिए। यह अशुभ होता है और जातक को कभी भी फांसी तक पहुंचा सकता है। 
3. कुंडली के सप्तम भाव में गुरु हो तो कभी भी पीले वस्त्र दान नहीं करने चाहिए।  
4 . बारहवें भाव में चन्द्र हो तो साधुओं का संग करना बहुत अशुभ होगा। इससे परिवार की वृद्धि रुक सकती है। 
5 . सप्तम/अष्टम सूर्य हो तो ताम्बे का दान नहीं देना चाहिए, धन की हानि होने लगेगी। 
6. मंत्रोच्चारण के लिए शिक्षा-दीक्षा लेनी चाहिए क्योंकि अशुद्ध उच्चारण से लाभ की बजाय हानि अधिक होती है।  
7. जब भी मंत्र का जाप करें उसे पूर्ण संख्या में करना जरूरी है। 
8. मंत्र एक ही आसन पर, एक ही समय में सम संख्या में करना चाहिए। 
9. मंत्र जाप पूर्ण होने के बाद दशांश हवन अवश्य करना चाहिए तभी पूर्ण फल मिलता है।  
10. कुछ लोग वार के अनुसार वस्त्र पहनते हैं, यह हर किसी के लिए सही नहीं होता है। कुंडली में जो ग्रह अच्छे हैं उनके वस्त्र पहनना शुभ है लेकिन जो ग्रह शुभ नहीं हैं उनके रंग के वस्त्र पहनना गलत हो सकता है। 
11. कई बार किसी से सलाह लिए बिना कुछ लोग मोती पहन लेते हैं, यह गलत है अगर कुंडली में चन्द्रमा नीच का है तो मोती पहनने से व्यक्ति अवसाद में आ सकता है। 
12. अक्सर देखा गया है कि किसी की शादी नहीं हो रही है तो ज्योतिषी बिना कुंडली देखे पुखराज पहनने की सलाह दे देते हैं इसका उल्टा प्रभाव होता है और शादी ही नहीं होती। 
13. कुंडली में गुरु नीच का, अशुभ प्रभाव में, अशुभ भाव में हो तो पुखराज कभी भी नहीं पहनना चाहिए।  
14. कई लोग घर में मनी प्लांट लगा लेते हैं। यह सुनकर कि इससे घर में धन वृद्धि होगी लेकिन तथ्य तो यह है कि अगर बुध खराब हो तो घर में मनी प्लांट लगाने से घर की बहन-बेटी दुखी रहती हैं। 
15. कैक्टस या कांटे वाले पौधे घर में लगाने से शनि प्रबल हो जाता है। अतः जिनकी कुंडली में शनि खराब हो उन्हें ऐसे पौधे नहीं लगाने चाहिए। 
राजेन्द्र गुप्ता

बुधवार, 12 मई 2021

विशेष: 26 मई को लगेगा साल का पहला 'चंद्र ग्रहण'

उज्जैन। 26 मई को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। इस दिन वैशाख और बुद्ध पूर्णिमा भी है। इस बार वैशाख पूर्णिमा का विशेष महत्व होगा। साल का पहला चंद्र ग्रहण उपछाया ग्रहण होगा। इस वजह से इस ग्रहण का धार्मिक प्रभाव नहीं होगा। चंद्र ग्रहण 26 मई को दोपहर 2 बजकर 17 मिनट पर शुरू होगा और शाम 7 बजकर 19 मिनट पर खत्म होगा। इसका प्रभाव वृश्चिक राशि के लोगों पर सबसे ज्यादा होगा।
साल 2021 का पहला चंद्र ग्रहण अमेरिका, उत्तरी यूरोप, पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत महासागर के कुछ क्षेत्रों में पूर्ण रूप से दिखाई देगा। भारत में ये उपछाया की तरह दिखागा। उपछाया ग्रहण में किसी भी तरह के धार्मिक कार्यों पर पाबंदी नहीं होती है। इसलिए 26 मई के दिन सूतक काल नहीं माना जाएगा। ग्रहण काल के दौरान भी मंदिर के कपाट बंद नहीं होंगे। इस दिन किसी भी तरह के शुभ कार्यों पर रोक नहीं रहेगी। चंद्र ग्रहण वृश्चिक राशि और अनुराधा नक्षत्र में लगने जा रहा है। वृश्चिक राशि वाले लोगों पर इस ग्रहण का कुछ न कुछ असर जरूर देखने को मिलेगा। ग्रहण का प्रभाव लंबे समय तक रहता है। इस वजह से वृश्चिक राशि और अनुराधा नक्षत्र के लोगों को हर काम करते समय सतर्क रहना होगा।

रविवार, 21 मार्च 2021

5 चीजें रखने से घर में बढ़ेगा धन, वास्तुशास्त्र

 उमा वर्मा            

वास्तु में हर दिशा का बहुत महत्व माना जाता है। इसी तरह से वास्तु के अनुसार घर की उत्तर और पूर्व-उत्तर दिशा का सीधा संबंध आपकी आर्थिक संपन्नता से होता है। ये दोनों ही दिशाएं सकारात्मक ऊर्जा का भंडार हैं। इन दोनों दिशाओं में यदि किसी भी प्रकार का दोष होता है तो आपको पैसों की किल्लत का सामना करना पड़ता है तो वहीं हीं इन दोनों दिशाओं को लेकर खास सावधानी बरतने पर आप आर्थिक रूप से संपन्न हो सकते हैं। वास्तु के अनुसार, इस दिशा में कुछ चीजें रखने से आप रूपए पैसों से जुड़ी समस्याओं से तो मुक्ति पा ही सकते हैं। इसके साथ ही आपके घर में प्रचुर मात्रा में धन की आवक और वृद्धि होती है तो चलिए जानते हैं, कि वे कौन सी पांच चीजें हैं ? जिन्हें इन दोनों दिशाओं में रखने से आप धन-दौलत और तरक्की प्राप्त कर सकते हैं।उत्तर दिशा के स्वामी धन और समृद्धि के देवता कुबेर हैं। इस दिशा में भगवान कुबेर की प्रतिमा या तस्वीर रखने के साथ तिजोरी का मुहं भी इस दिशा में खुलना चाहिए। इससे आपके घर में कभी धन की कमी नहीं होती हैं और प्रचुर मात्रा में धन बना रहता है। घर की पूर्व-उत्तर दिशा में भगवान का स्थान बनाना उचित माना जाता है। इस दिशा में भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की मूर्ति अवश्य रखनी चाहिए और प्रतिदिन प्रातः या सांय में यहां दीपक जरूर जलाना चाहिए। इससे आपके घर में मां लक्ष्मी और गणेश की कृपा से शुभता और समृद्धि दोनों आते हैं। आपको पैसों की तंगी का सामना नहीं करना पड़ता है।

मंगलवार, 19 जनवरी 2021

हनुमान को मंगल ग्रह का नियंत्रक कहा गया हैं

रायपुर। भगवान हनुमान का जन्म मंगलवार के दिन हुआ था। यही कारण है, कि हनुमान को मंगल ग्रह का नियंत्रक भी कहा गया है। हनुमान की पूजा अर्चना से व्यक्ति के सारे संकट दूर हो जाते हैं। साथ ही वे भक्त जो सच्चे मन से पाठ करता है। वह हमेशा हर आपदा से सुरक्षित रहता है। मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करने से साहस, आत्मविश्वास और शक्ति का वरदान भी प्राप्त होता है। साथ ही मंगलवार के दिन व्रत और 100 बार हनुमान चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति को कर्जे से मुक्ति मिलती है।

चाणक्य नीति: पशु-पक्षियों से सीखने चाहिए 5 गुण

आचार्य चाणक्य को महान अर्थशास्त्री और शिक्षाविद माना जाता है। नीति शास्त्र में चाणक्य ने जीवन से जुड़े अहम पहलु जैसे तरक्की, विवाह, कारोबार, सेहत और परिवार आदि के बारे में भी बात की है। चाणक्य ने जीवन को आसान बनाने के लिए कई नीतियां बताई हैं। कहते हैं कि इन नीतियों को जो अपनाते हैं, उन्हें जीवन में अपार सफलता हासिल होती है। सफलता के रास्ते को आसान बनाने के लिए चाणक्य ने नीति शास्त्र में पशु-पक्षियों से सीखे जाने वाले गुणों का भी जिक्र किया है। जानिए पशु-पक्षियों के किन गुणों को हर व्यक्ति को जीवन में अपनाना चाहिए। 1. बगुला- चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति को बगुले की तरह ही अपनी इंद्रियों पर संयम रखते हुए अपनी शक्ति या क्षमता के हिसाब से काम काम करना चाहिए। 2. मुर्गा- चाणक्य नीति के अनुसार, व्यक्ति को मुर्गे की तरह ही सूर्योदय से पहले उठना चाहिए। रण में पीछे न हटते हुए हटकर मुकाबला करना चाहिए। परिवार या प्रियजनों में मिल बांट कर खाना चाहिए। मुर्गे की तरह ही इंसान को अपने बल पर भोजन को प्राप्त करना चाहिए। 3. कौआ– चाणक्य कहते हैं कि इंसान को कौए की भांति हर वक्त सतर्क और सावधान रहना चाहिए। इसके साथ ही समय-समय पर अपने लिए चीजें भी जुटाना चाहिए।

4. श्वान- चाणक्य के अनुसार, हर इंसान को कुत्ते से स्वामी भक्ति का गुण सीखना चाहिए। इसके साथ ही श्वान निद्रा लेनी चाहिए, ताकि आहट मिलते ही आपकी आंख खुल जाए।

5. शेर- चाणक्य नीति के अनुसार, हर व्यक्ति को शेर की भांति कोई भी काम पूरी शक्ति या ताकत से करना चाहिए। जिस तरह से शेर अपने शिकार पर पूरी ताकत से हमला करता है, चाहे वह छोटा पशु या पक्षी ही क्यों न हो। उसी तरह से व्यक्ति को अपने काम में सफलता पाने के लिए अपनी पूरी शक्ति का इस्तेमाल करना चाहिए।

रविवार, 27 दिसंबर 2020

सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा की चाल महत्वपूर्ण बनेगी

2021 में सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा की चाल दुनियाभर के खगोल प्रेमियों को एक पूर्ण चंद्रग्रहण और एक पूर्ण सूर्यग्रहण समेत ग्रहण के चार रोमांचक दृश्य दिखाएगी। हालांकि, भारत में इनमें से केवल दो खगोलीय घटनाएं निहारी जा सकेंगी। उज्जैन की प्रतिष्ठित शासकीय जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक डॉ. राजेंद्र प्रकाश गुप्त ने रविवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि अगले साल की इन खगोलीय घटनाओं का सिलसिला 26 मई को लगने वाले पूर्ण चंद्रग्रहण से शुरू होगा। उन्होंने कहा, “नववर्ष का यह पहला ग्रहण सिक्किम को छोड़कर भारत के पूर्वोत्तर के राज्यों, पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में दिखाई देगा जहां चंद्रोदय देश के दूसरे इलाकों के मुकाबले जल्दी होता है। इस खगोलीय घटना के वक्त चंद्रमा पृथ्वी की छाया से 101.6 प्रतिशत ढक जाएगा।” पूर्ण चंद्रग्रहण तब लगता है, जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है और अपने उपग्रह चंद्रमा को अपनी छाया से ढक लेती है। चंद्रमा इस स्थिति में पृथ्वी की ओट में पूरी तरह छिप जाता है और उसपर सूर्य की रोशनी नहीं पड़ पाती है। इस खगोलीय घटना के वक्त पृथ्वीवासियों को चंद्रमा रक्तिम आभा लिए दिखाई देता है। लिहाजा इसे “ब्लड मून” भी कहा जाता है।गुप्त ने भारतीय संदर्भ में की गई कालगणना के हवाले से बताया कि 10 जून को लगने वाला वलयाकार सूर्यग्रहण देश में दिखाई नहीं देगा। इस खगोलीय घटना के वक्त सूर्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा आ जाएगा। इस कारण पृथ्वीवासियों को सूर्य “रिंग ऑफ फायर” (आग का चमकदार छल्ला) के रूप में 94.3 प्रतिशत ढका। उन्होंने बताया कि 19 नवंबर को लगने वाले आंशिक चंद्रग्रहण को अरुणाचल प्रदेश और असम के कुछ भागों में बेहद कम समय के लिए निहारा जा सकेगा। इस खगोलीय घटना के चरम पर चंद्रमा का 97.9 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की छाया से ढका दिखाई देगा। तकरीबन दो सदी पुरानी वेधशाला के अधीक्षक ने बताया कि चार दिसंबर को लगने वाले पूर्ण सूर्यग्रहण के दौरान सूर्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा कुछ इस तरह आ जाएगा कि सौरमंडल का मुखिया सूर्य 103.6 प्रतिशत ढका नजर आएगा। हालांकि, वर्ष 2021 के इस अंतिम ग्रहण को भारत में नहीं निहारा जा सकेगा। समाप्ति की ओर बढ़ रहे वर्ष 2020 में दो सूर्यग्रहण और चार चंद्रग्रहण समेत ग्रहण के छह रोमांचक दृश्य देखे गए।

सोमवार, 21 दिसंबर 2020

सूर्य व बुध ग्रह के तेज से होता है बुधादित्य योग

सूर्य और बुध ग्रह से निर्धातिर होता है बुधादित्य योग, यह योग अच्छा भी होता है और खराब भी होता है
सूर्य ग्रहों का राजा, केंद्र बिंदु हैं। बुध उसके सबसे समीप का ग्रह। सूर्य की तरफ से गरम, दूसरी तरफ ठंडा। मतलब सूर्य से निरंतर तेज़ लेता रहता। दोनो मिल के बुधादित्य योग बनाते है जो कि ज्ञान के लिए बेस्ट। बुध विद्या, ग्रहण करने की क्षमता, सरस्वती बुद्धि, तांत्रिक तन्त्र, आन्तड़िया, व्यापर, वाणी आदि आदि। मन बुद्धि के वश में ओर बुद्धि आत्मा के वश में। मतलब सूर्य बुध की युति शुभ की हो तो कितना सुंदर योग बन जाये। भृकुटि के मध्य ध्यान लग जाये। बुध तो सूर्य के 28 डिग्री आगे पीछे घूमता रहता फिर काहे का अस्त का दोष। 
सूर्य बुध दोनो मिल के चार चांद लगा दे। यही योग बिगड़ा हुआ हो तो बुद्धि भृष्ट कर दे मतलब एक अशुभ स्थान का स्वामी हो तो। सूर्य सब ग्रहों का दोष हर ले और बुध राहु का दोष हर ले फिर बचा का शुभ युति व्यापार में ऊंचाईयों तक पहुंचा दी। धन भी तो बुद्ध है। वाणी भी तो बुद्ध है। दोनो दिमाग के भी तो कारक है। इसी लिए तो कहते है। बुध में सूर्य के भी गुण निहित है। बस शर्त यह है। कि अशुभ युति नही होनी चाहिए। अब वो हमारे कर्मो पे करता है। 
वाणी भी आत्म विश्वास से भरपूर रहेगी। सूर्य आत्मा। राजकीय। पिता। ऊर्जा। आत्म विश्वास आदि। दोनो साथ मिल जाये तो मजा आ जाये। युति तो हर किसी की कुंडली मे मिल जाएगी लेकिन अपने कर्मो से निर्धारित होगी कि अछि है। कि बुरी। बुध चंचल ग्रह है। छोटा बच्चा। अब पिता ही तो उसको कन्ट्रोल करता है। इसी लिए तो इसे पिता सूर्य के पास स्थान दिया गया है। ताकि कन्ट्रोल में रहे।

बुधवार, 16 दिसंबर 2020

संक्रांति: 7 राशियों पर पड़ेगा गहरा प्रभाव

पालूराम 
नई दिल्ली। ज्योतिष विद्वानों के अनुसार ग्रहों नक्षत्रों में निरंतर बदलाव होने की वजह से मनुष्य के जीवन पर इसका गहरा प्रभाव पड़ता है। बता दें कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मकर संक्रांति इस माह का सबसे शुभ और पावन दिन था। इस समय बन रहे ग्रह दशा इन 7 राशियों के जीवन में शुभ समय की शुरुआत करने जा रही है
आने वाला समय आपके लिए खुशियां लेकर आएगा। जीवन में खुशियों और धन आगमन होगा। आपकी धन सम्बन्धित सभी समस्या अचानक से समाप्त होगी।आपको सफलता के नए मार्ग मिल सकते है।
इनकी सभी मुरादे पूरी होगी। आपके द्वारा की जा रही मेहनत का आपको पूर्ण फल प्राप्त होगा। कारोबार में अच्छी योजनाए आपके दिमाग में आ सकती है, आपको मनोरंजन के नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं।आपके जीवन में आने वाली सभी तरह की परेशानियां दूर हो जाएंगी। तुला, मकर, मिथुन, सिंह, कन्या, कुंभ और मीन राशि के लोग रहेंगे अधिक भाग्यशाली।

मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में बैठक संपन्न

मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में बैठक संपन्न      अजीत कुशवाहा         कौशाम्बी। मुख्य विकास अधिकारी शशिकांत त्रिपाठी की अध्यक्षता में स...