गुरुवार, 19 मार्च 2020

पीएम संबोधनः बचाव ही उत्तम उपाय

कविता उपाध्याय


नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा देश की जनता को संबोधित किया। वैश्विक महामारी को केंद्रित करते हुए कहा कि देश की जनता को विचलित और भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। यह एक अंतरराष्ट्रीय समस्या है। जिसके लिए हमें सूझबूझ और समझदारी से काम लेना होगा। किसी भी नागरिक को यह समझने की आवश्यकता नहीं है कि वह खुलेआम भीड़भाड़ वाले स्थानों पर घूम सकता है। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से परहेज किया जाए क्योंकि भीड़ से ही कोरोना बीमारी का संक्रमण फैलता है। और आपका जीवन आपके परिजनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए मैं प्रत्येक नागरिक से यह अपील करता हूं कि वह इस लाइलाज बीमारी से बचने का जतन करें। देश में खदान की किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है। अन्य किसी प्रकार की चिंता करने की भी आवश्यकता नहीं है। गवर्नमेंट प्रत्येक व्यक्ति के प्रति चिंतित और जिम्मेदार है। सभी देश वासियों से अनुरोध है कि वह भीड़ से बचे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। समाज को सार्वजनिक समारोह से बचना चाहिए। वृद्ध, दिव्यांग और बच्चे  घर पर ही रहे तो बेहतर होगा।
हमें कुछ नहीं होगा, अत्याधिक आत्मविश्वास वाली सोच से बचें। जितना सम्भव हो सके दफ्तर का काम अपने घर से करें। 22 मार्च रविवार को सुबह 7 से रात 9 बजे तक जनता कर्फ्यू का पालन करने की अपील।कोई भी नागरिक इस दौरान घरों से बाहर ना निकले।घर मे रहने की सलाह। जनता कर्फ्यू के माध्यम से आने वाली चुनोतियों से निपटने में सक्षम होंगे। भारत की सभी राज्य सरकारों से जनता कर्फ्यू लागू करवाने का अनुरोध।


निश्चित समय पर आरोपियों को फांसी

नई दिल्ली। निर्भया के गुनहगारों को 20 मार्च की सुबह फांसी दी जाएगी। चार आरोपियों में से एक पवन की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई क्यूरेटिव पिटिशन को खारिज कर दिया गया है। पवन ने खुद को नाबालिग बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल की थी। लेकिन उसने कोर्ट ने खारिज कर दिया।


निर्भया के गुनहगार अब तक कानूनी हथकंडों का इस्तेमाल कर खुद को फांसी से बचाते रहे हैं। हालांकि अब सुप्रीम कोर्ट से लेकर निचली अदालतों तक को यह खेल समझ में आ गया है। कोर्ट ने बचाव पक्ष के वकील के रवैया पर बुधवार को आपत्ति भी जताई थी। इस मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने गुरुवार की रात 12 बजे तक तिहाड़ जेल के अधिकारियों और राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी और कहा है कि अंतिम समय तक अदालत का रुख किया जाना बिल्कुल हैरत भरा है। निर्भया के चारों दोषियों को फांसी पर लटकाने के लिए नए डेथ वारंट जारी हुआ है। निर्भया के गुनहगारों को 20 मार्च को सुबह साढ़े 5 बजे फांसी दी जाएगी। इससे पहले 22 जनवरी,1 फरवरी और 3 मार्च डेथ वारंट तय हुआ था, लेकिन दोषियों को फांसी नहीं हो पाई।


भारत में इंटरनेशनल फ्लाइट लैंडिंग पर रोक

नई दिल्ली। इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है दिल्ली से जहां भारत सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए भारत में इंटरनेशनल फ्लाइट्स की लैंडिंग पर एक हफ्ते के लिए रोक लगा दी गई है। भारत में 22 मार्च से एक हफ्ते के लिए इंटरनेशन फ्लाइट्स की लैंडिंग पर रोक लगा दी गई है।


देश में कोरोना वायरस से अब तक कुल चार मौतें हो चुकी हैं। आखिरी मौत पंजाब में हुई है। वहीं, भारत में कोरोना वायरस की चपेट में आने वालों की संख्या 180 तक पहुंच गई है। 5 लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं। यानी अभी कोरोना वायरस के एक्टिव केस 167 हैं। कोरोना से महाराष्ट्र में पीड़ितों का आंकड़ा बढ़कर 49 हो गया है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में 2, दिल्ली में 10, हरियाणा में 17, कर्नाटक में 14 ,केरल में 27, पंजाब में 2, राजस्थान में 7, तमिलनाडु में एक, तेलंगाना में 13, जम्मू-कश्मीर में 4, लद्दाख में 8, उत्तर प्रदेश में 19, उत्तराखंड में एक, ओडिशा में एक, छत्तीसगढ़ में एक और पश्चिम बंगाल में एक केस सामने आए हैं। महाराष्ट्र देश के सबसे बड़े कोरोना प्रभावित राज्य में शुमार हो गया है। यहां कोरोना के सबसे ज्यादा 47 केस सामने आए हैं। कोरोना को फैलने से रोकने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। लेकिन पिछले चौबीस घंटे के भीतर कोरोना के सात मामले महाराष्ट्र में सामने आ चुके हैं।इसके अलावा टिफिन सप्लाई करने वाले एशिया के सबसे बड़े समूह डब्बावाला की सेवा भी लोगों को नहीं मिलेंगी।मुंबई डब्बावाला के प्रवक्ता सुभाष तालेकर ने कहा कि एहतियातन हमारी सेवा शुक्रवार से 31 मार्च तक बंद रहेंगी।


स्कूल के विरुद्ध एसडीएम को ज्ञापन

भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष ने उपजिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन


सचिन विशौरिया
गाजियाबाद। लोनी लालबाग स्थित बी ब्लॉक में ब्लूमिंग पब्लिक स्कूल प्रबंधक ने वन-विभाग की भूमि पर कब्जा कर कांटे सैकड़ों पेड़। आवासीय कॉलोनी मे स्कूल चलाने व
बहुत अधिक ऐडमिशन फीस लेकर ऐडमिशन और अवैध रूप से  वन विभाग की जमीन पर कब्जा करना। स्कूलों द्वारा लेट फीस के नाम पर अवैध उगाई के सम्बंध मे भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष पंडित सचिन शर्मा उप जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि ब्लूमिंग पब्लिक स्कूल पर मुकदमा दर्ज कर, मान्यता रद्द की जाए। जबकि गवर्नमेंट ने ऐडमिशन पर एक्स्ट्रा फीस एवं डोनेशन पर रोक लगा रखी है फिर भी प्राइवेट स्कूल कर्मी सरकार के आदेश की अवहेलना कर कार्य कर रहे हैं ऐसे में गरीब व मीडियम वर्क का व्यक्ति अपने बच्चों को अपने पास में अच्छी शिक्षा कैसे दिलवा सकता है  इस दौरान सचिन शर्मा ने बताया कि प्राइवेट स्कूल मैं 1 महीने से ज्यादा फीस लेट होने पर पलेंटी लगाई जाती है  अगर आप जांच करेंगे तो इनके स्कूलों में एक भी गरीब बच्चा शिक्षा नहीं प्राप्त करता है इन लोगों ने सरकार के नियम कायदे ताक पर रख शिक्षा को भी व्यापार बना दिया है 
 लोनी क्षेत्र की अधिसंख्य जनता आज भी अपना जीवन यापन मेहनत मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण कर रहे है केंद्रीय शिक्षा विभाग के मानकों के अनुरूप 25 %कोटा गरीब असहाय,या शहीद परिवार के लिए होता है जिसका कोई भी स्कूल पालन नही कर रहा।
गरीब मीडियम वर्ग के व्यक्तियों के बच्चों को  इन स्कूलों में शिक्षा प्राप्त नहीं हो पा रही।


चीन का दावा, वैक्सीन परीक्षण जारी

नई दिल्ली। कोरोनावायरस के कहर के बीच चीन ने दावा किया है कि उसने कोरोना वायरस का टीका तैयार कर लिया है और इसका इंसानों पर परीक्षण शुरू हो गया है।


यह चीन की पहली वैक्‍सीन है जिसे ‘टर्मिनेटर ऑफ इबोला’ कही जाने वाली देश के शीर्ष सैन्‍य जैव-युद्ध विशेषज्ञ ने तैयार किया है। वुहान से कोरोना वायरस की शुरुआत के बाद चीन अभी तक इस बीमारी से जूझ रहा है। इस बीच विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि चीन में कोरोना वायरस से संक्रमण का दूसरा दौर शुरू हो सकता है। चीन की घोषणा उस वक्त आई है जब दुनिया के देश कोरोनावायरस का टीका खोजने में लगे हैं। इससे कई देशों में गंभीर संकट खड़ा हो गया है। कई देशों में स्थिति बेहद भयानक है। ऐसे में चीन का दावा कितना सही और कारगर है ये तो वक्त ही बताएगा।


रेलवे के 60 परसेंट टिकट कैंसिल

नई दिल्ली। कोरोना ने रेलवे को दिया बड़ा झटका दिया है। कोरोना के डर से यात्री यात्रा करने से बच रहे हैं। जिसके कारण देश में 60 फीसदी टिकट कैंसिल हो गया है। रेलवे के तैयारियों पर लोगों को भरोसा कम हो रहा है। इसलिए यात्रा कम कर रहे हैं। संसदीय समिति ने चेयरमैन को लगाई फटकार: कोरोना को लेकर की गई। तैयारियों को लेकर संसदीय समिति नाराज है। इसमें बड़ी लापरवाही को देखते समिति ने बोर्ड के चेयरमैन को को फटकार लगाई है। संक्रमण के मद्देनजर तैयारियों और इससे निपटने के लिए उठाए गए कदमों को लेकर रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वीके यादव की आलोचना की। बैठक में संसदीय समिति के 20 सदस्य मौजूद थे।


चेयरमैन को हर बात पर घेरा: चेयरमैन ने कहा कि यात्रियों को जागरूक करने के लिए पम्पलेट तैयार किए हैं, जिसमें कोरोनावायरस के प्रति सजगता बरतने के निर्देश हैं। इसको हर यात्रियों को दिए जा रहे हैं। इसके बाद समिति ने चेयरमैन से पूछा कि जो यात्री पढ़ा लिखा नहीं है उसको कैसे जागरूक करेंगे। इस पर वह कुछ नहीं बोल पाए। समिति ने कहा कि वायरस संक्रमण से निपटने न तो आप तैयार हैं और न ही रेलवे। जिसका खामियाजा यात्री को सेहत और रेलवे को आर्थिक नुकसान को लेकर उठाना पड़ रहा है।


सावधान अजमेर, मोटिवेशनल वायरस

मधुकर कहिन


सावधान अजमेर!! इसे कहते हैं मोटिवेशनल वायरस


नरेश राघानी


इन दिनों इंटरनेट के माध्यम से छाए हुए मोटिवेशनल स्पीकर डॉ विवेक बिंद्रा बड़ी चर्चाओं में हैं। वैसे तो डॉ बिंद्रा एक प्रेरणादायक वक्ता है। जिसे अंग्रेजी में मोटिवेशनल स्पीकर बोलते हैं। परंतु इनकी वेबसाइट बड़ा बिजनेस डॉट कॉम इससे भी आगे कई और चीजें करने का दावा करती है। जिसमें यह मोटिवेशन स्पीच के माध्यम से लोगों को प्रेरित करने हेतु फीस लेते हैं। लोग इन्हें सुन भी रहे हैं और फीस भी दे रहे हैं।  विवेक बिंद्रा ने कंपनी भी खोल रखी है। जिसकी  कुल मिलाकर कागजों पर कैपिटल 10 लाख मात्र है। ऐसी तीन कंपनियां रेजिस्टर है। यानी कि कुल मिलाकर 30 लाख ।
                            कंपनी का काम काज देखकर आपको ऐसा बिल्कुल नहीं लगेगा कि यह एक ही सेमिनार या एक कोर्स फ्रैंचाइज़ के 15 लाख ले लेती है। परंतु यहां बात जब पैसे की है तो डॉ बिंद्रा से यह पूछना बहुत आवश्यक हो जाता है कि अगर इसे एक कोर्स कह रहे हैं जो कि किसी पाठ्यक्रम की तरह सुनाई दे रहा है। तो ऐसा पाठ्यक्रम की मान्यता किस यूनिवर्सिटी अथवा कौंसिल से है ? क्या उनके पास इस तरह से बिना किस उपयुक्त मान्यता के शिक्षा को इस तरह से बेचने का कोई वैधानिक अधिकार सरकार द्वारा है या नहीं है ? क्या उनकी कंपनी ने मानव संसाधन मंत्रालय , एआईसीटीई , या किसी भी सरकारी अकादमिक परिषद से इस की अनुमति या मान्यता ली है अथवा नहीं ? क्या उन्हें यह मालूम है कि उनके प्रतिनिधि जिन्हें वह फ्रैंचाइज़ के नाम पर धन लेकर व्यावसायिक अधिकार दे रहे हैं , वह आम लोगों से इसका कितना पैसा ले रहे हैं ? और किस रूप में ले रहे हैं ? पैसे की रसीद भी देते हैं या नहीं ? क्या इंटरनेट पर चल रहे उनके यूट्यूब चैनल को भारतीय प्रसार नियमों के तहत अनुज्ञा प्राप्त है या नहीं ? क्या लोगों से ली गयी राशि पर जीएसटी लिया जा रहा है या नहीं ? क्या सर्विस टैक्स नियमों की पालना हो रही है या नहीं ? फिर जिस मोटिवेशन कोर्स का आपके सहयोगी पैसा ले रहे हैं , वह वीडिओज़ क्या वैसे ही आपके यूट्यूब पर उपलब्ध है या नहीं ?


वगैराह ... वगैराह 


खैर !!!! सुनाई यह दिया है कि अजमेर में 15 से 20 हज़ार की फीस लेकर इस तरह का कोर्स offline बेचा जा रहा है।


देश में आयोजित ऐसे हर एक सेमिनार में सैकड़ों लोग होते हैं। जो फीस देकर डॉ बिंद्रा को सुनते हैं। और ऐसे एक सेमिनार की कमाई लगभग 15000 प्रति श्रोता के हिसाब से ली जा रही है। अब आप यदि 15 हज़ार को सेमिनार में बैठे श्रोताओं की संख्या से गुना करतेहैं तो यह आंकड़ा लाखों पार कर जाता है । यानी कि एक सेमिनार से लगभग 15 लाख रुपये मिलते हैं। और बिंद्रा इस तरह के सैकड़ों सेमिनार कर चुके हैं।  जबकि सरकारी रिकॉर्ड में शायद डॉ बिंद्रा की एक कंपनी की टोटल पेड अप कैपिटल 1 लाख मात्र दिखाई दे रही है । ऐसी और भी कंपनियां सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है परंतु कोई भी कंपनी अब तक डेढ़ साल से ज्यादा पुरानी नहीं हैं। शायद हर साल नई कंपनी बना कर यह किया जाता होगा !!!!


फिर भी जो व्यवसाय कागज पर मात्र 10 लाख का है। वह एक ही फ्रैंचाइज़ शो में 15 लाख छाप रहा है ???  वह भी बिना किसी रसीद के ?? कैसे ???


          और सरकारी महकमों को अब तक आखिर भनक भी क्यूँ नहीं लगी है ? इन सब बातों पर क्या सरकारी जांच की आवश्यकता महसूस नहीं होती ? हमारे सिस्टम की प्रॉब्लम यह है कि यह सिस्टम खुद लोगों को बढ़ावा देता है , और खुद ही कुछ बहुत बड़ा हो जाने के बाद इन्हें रास्ता भी दे देता है बच के निकलने का ...
           मेरे इस कथन का बिल्कुल यह मतलब नहीं है कि डॉ बिंद्रा कोई बहुत गलत काम करने जा रहे हैं। हां यह मतलब अवश्य है की यह पूरा सही दिखाई नहीं दे रहा है। और जितना गलत है उतना पूछने का अधिकार इस देश में हर किसी को है ? वक्त पर हमारे जैसे कुछ सनकी गला फाड़कर लोग चिल्ला लेते हैं। तो कुछ हो जाता है। नहीं तो जो जैसे चल रहा है , बस वैसे ही काम चल जाता है। अब आप सोच रहे होंगे कि मैं यह सब बातें यहां अजमेर में बैठे लोगों को क्यों बता रहा हूँ ??? तो साहब सतर्क हो जाइए और वो इसलिए क्योंकि


 इस कंपनी का अगला निशाना अब अजमेर है । 


अजमेर की कुछ घरेलू महिलाओं का क्लब अब इसका शिकार होने जा रहा है । जिस का संचालन अजमेर के एक राजनीतिक परिवार की ग्रहणी करने जा रही है। जो कि शायद इन सब बातों से खुद भी अनजान है । परंतु जाने या अनजाने यदि कोई नुकसान हुआ तो वह अजमेर वासियों के ही होगा। एक ज़िम्मेदार नागरिक को इस तरह का कोई भी कदम सोच समझ कर पारिवारिक और सामाजिक प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए ही उठाना ज़रूरी होता है। जयपुर में बैठे इस कंपनी के कुशल कारीगरों का इतिहास एमएलएम कंपनियों से जुड़ा है। जो कि अक्सर अपने ही चेंनल पार्टनरों से लेनदेन को लेकर विवाद में उलझे रहने हेतु मशहूर होते है।परंतु इन्हें यह मालूम नहीं है कि ये अजमेर है बाबू।
 अब अजमेर तो !!!! सदा ही मशहूर रहा है क्योंकि अजमेर ने कभी भी आधी सही या पूरी गलत चीज को स्वीकार नहीं किया है। चाहे वह प्रवीण तोगड़िया का त्रिशूल दीक्षा के बहाने त्रिशूल बाँटनां हो या फिर कोई भी छोटे से छोटा घोटाला । किसी भी तरह की कोई थोड़ी सी भी बेवाजिब बात जब जब भी अजमेर की धरा पर हुई है। अजमेर के लोगों ने उछल कर बाउंस बैक किया है।और बड़े से बड़े धुरंधरों को धूल चटाई है। जिन का विजय रथ शायद पूरे हिंदुस्तान में कहीं भी नहीं रुकता था। उनके विजय रथ के परखच्चे अजमेर की धरा पर पढ़ते ही उड़ गए हैं। इसका इतिहास गवाह है।
             प्रशासन को चाहिए कि इस तरह की गतिविधियों और ऐसे आसमानी आयोजन करने वाले बाहरी व्यावसायिक समूहों की हरकतों पर नज़र रखे , ताकि अजमेर की भोली भाली जनता किसी आर्थिक हानि का शिकार न बने।
      मेरा यह मानना है कि पत्रकार को इंसाफ के झगड़े में नहीं पड़ना चाहिए। पत्रकार का काम आवाज उठाना रहा है। सो अपन ने आवाज उठा दी भैया !!! जिस किसी का जमीर आवाज़ सुनकर जागेगा वह अपने आप अपना काम करेगा।
              अपना काम तो हो गया भैया !!! और हां जिस किसी को मेरी यह बातें मनगढ़ंत अफसाना लग रही हो। वह सादर आमंत्रित है मेरे गरीब खाने पर। मैं उसे सब कुछ उपलब्ध करवाने में सक्षम महसूस करता हूँ।


सीएससीए, सीबीएम सहित कई चुनाव टाले

कोविद-19 प्रकोप : बार एसोसिएशन व सीएससीए के बाद व्यापार मंडल के चुनाव भी स्थगित 
•चण्डीगढ़ प्रेस क्लब के चुनाव स्थगित करने के लिए अमित शाह को पत्र लिखा  


चण्डीगढ़। जानलेवा कोविड-19 के प्रकोप के कारण पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन व चण्डीगढ़ सीनियर सिटिज़न्स एसोसिएशन ( सीएससीए ) के चुनाव स्थगित होने के बाद अब चण्डीगढ़ व्यापार मंडल ( सीबीएम ) के चुनाव भी टल गए हैं। बार एसोसिएशन के चुनाव 3 अप्रैल को व सीएससीए के चुनाव 21 मार्च को होने निर्धारित किये गए थे परन्तु गत दिनों नगर प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए ये चुनाव स्थगित कर दिए गए थे जबकि सीबीएम के वर्तमान प्रधान अनिल वोहरा का दो वर्षीय कार्यकाल इसी माह पूरा होने जा रहा है जिसके मद्धेनज़र नए प्रधान के चयन हेतु चुनाव की तिथि निर्धारित करने के लिए आगामी 24 मार्च को जनरल हाऊस की बैठक बुलाई गई थी। संस्था के चेयरमैन चिरंजीव सिंह के मुताबिक प्रशासन के निर्देशों पर अमल करते हुए ये बैठक फिलहाल स्थगित कर दी गई है व नई तारीख तय करने का निर्णय 5 अप्रैल के बाद किया जाएगा।


शहर की तीन बड़ी संस्थाओं के चुनाव स्थगित होने के बाद अब सबकी नजर चण्डीगढ़ प्रेस क्लब के चुनावों पर टिक गई है। क्लब के वार्षिक चुनाव 29 मार्च को होने तय किए गए है परन्तु क्लब के एक वरिष्ठ सदस्य सुरिंदर अवस्थी ने इन चुनावों के स्थगन हेतु केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने लिखा है कि नगर प्रशासन ने शहर के सभी शिक्षण संस्थानों, धार्मिक स्थलों व मॉल्स आदि को बंद करवा दिया है तो क्लब के चुनाव भी फिलहाल रोक देने चाहिए। अवस्थी ने इस बाबत केंद्रीय गृहमंत्री से दखल देने की मांग की है।


चंडीगढ़ में संक्रमण, प्रशासन हुआ सचेत

चंडीगढ़ में कोरोना का मामला सामने आने पर प्रशासन हुआ सचेत : हस्पतालों में गायनी,पीडियाट्रिक एवं ट्रॉमा सेवाओं के अतिरिक्त सभी विभागों का ओ पी डी का काम 31मार्च तक स्थगित


अमित शर्मा


चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने चंडीगढ़ में कोरोना का पहला मामला आने की पुष्टि की है। आज यहां प्रेसवार्ता में उन्होंने बताया कि सेक्टर 21 की फिज़ा रविवार को इंग्लैंड से लौटी। सूचना मिलने पर उसके टेस्ट किये जो पॉज़िटिव आया। उसे तुरंत आइसोलेशन में ले लिया गया। उन्होंने बताया इस बीच उसके संपर्क में जो आये उनको भी सकैनिंग में ले लिया गया है। 
उन्होंने बताया इस मामले के बाद प्रशासन चौकस हो गया। इसके लिए सकैंनिग टीम गठित की गई है कोई भी सूचना


मिलने पर टीम उस घर जाकर संदिग्ध व्यक्ति की जांच की जाएगी। उन्होने बताया कोरोना को देखते हुए हॉस्पिटल में ग्यानी, पेडिएट्रिक और ट्रॉमा की सेवाएं जारी रहेगी। अन्य की ओ पी डी 31 मार्च तक स्थगित रहेगी। शहर के सभी स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स बंद कर दिए है। शहर में अपनी मंडी लगेगी। सब्ज़ी एवं ग्रेन मंडी के भीड़ न हो इसके लिए इंतजाम किए जा रहे है। चंडीगढ़ की मार्किट की सेनिटेशन ले लिए नगर निगम ने तैयारी कर ली है। सरकारी कार्यालयों में भीड़ न हो इसके लिए निर्देश दिए गए हैं। प्राइवेट आफिस को कहा गया है कि कर्मचारियों को घर से काम करवाया जाए।
उन्होंने बताया कि मार्किट में मास्क एवं सेनेटाइजर की कोई कमी नही है। यदि कोई इसकी ब्लैक मार्किटिंग करता है तो उस पर कार्यवाही होगी।


हापुड़ में अवैध खनन पर शिकंजा कसा

अतुल त्यागी जिला प्रभारी
खनन विभाग की कार्यवाही।
हापुड़। खनन विभाग लगातार अवैध खनन/परिवहन करने वालो पर कार्यवाही कर रहा है।इसी क्रम में आज तहसील हापुड़ में जांच की गई। जांच के दौरान उत्तराखंड राज्यों से बालू ला रहे 2 वाहन रोके गए, जिनसे परिवहन से संबंधित पेपर मांगे गए, उनके द्वारा दूसरे राज्य से मिनरल लाने वाला आई. एस. टी. पी. परमिट नहीं दिखाया गया जिसपर उन्हें पकड़कर कोतवाली हापुड़ की सुपुर्दगी में दिया गया। इसी तरह कारवाही जारी रहेगी और दूसरे राज्यों से आ रहे मिनरल को बिना आई. एस. टी. पी. के परिवहन करने नही दिया जाएगा।


आइसोलेशन वार्ड का निरीक्षण किया

अतुल त्यागी जिला प्रभारी
प्रवीण कुमार रिपोर्टर


राज्य वित्त, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रिविधिक शिक्षा/ प्रभारी मंत्री संदीप सिंह ने यूपी सरकार तीन वर्ष पुरे होने पर



हापुुड़। यूपी में योगी सरकार के 3 वर्ष पुरे होने पर जनपद हापुड़ में राज्य वित्त, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रिविधिक शिक्षा/ प्रभारी मंत्री संदीप सिंह ने कोरोना वायरस के पीड़ितों हेतु बनाये गए आइसोलेसन बेड का निरिक्षण किया और फिर विकास भवन में प्रेस वार्ता कर यूपी सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। प्रभारी मंत्री संदीप सिंह ने हापुड़ में हुए विकास कार्यो के साथ साथ यूपी में हुए विकास कार्यो की भी जानकारी दी। प्रभारी मंत्री ने ये भी बताया की इन 3 वर्षो में यूपी में कोई भी दंगा नहीं हुआ है और गरीबो तक सभी योजनाओ का लाभ पहुंचाया जा रहा है।


रेप के बाद महिला की हत्या का आरोप

अतुल त्यागी जिला प्रभारी


महिला के साथ रेप के बाद हत्या का आरोप  


हापुड़। एक जूता फैक्ट्री में कार्यरत एक महिला की हत्या होने से सनसनी फैल गई। आपको बता दें कि जनपद हापुड़ के थाना देहात क्षेत्र के किठौर रोड पर भानु इंडस्ट्रीज नामक जूता बनाने की फैक्ट्री पुलिस चौकी से चंद कदमों की दूरी पर स्थित है।


आरोप है कि इस फैक्ट्री में करीब 30 से 35 वर्षीय असौड़ा निवासी एक महिला पति की मृत्यु के बाद अपने 1 पुत्र के साथ जिसकी आयु करीब 14 से 15 वर्ष बताई जा रही है जीवन यापन कर रही थी। परंतु आरोप है कि फैक्ट्री संचालक अथवा व्यक्ति में कार्यरत कर्मियों द्वारा महिला के साथ किसी आपराधिक घटना को अंजाम देकर मौत की नींद सुला दिया गया। तथा महिला की मौत के बाद महिला के शव को 3 लोगों द्वारा घर के बाहर दरवाजे पर फेंक कर फरार होने की बात सामने आई है। घटना की सूचना मिलते ही जहां पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया तो वहीं क्षेत्र में सनसनी फैल गई। चारों तरफ  मौके पर पहुंचे पुलिस के आला अधिकारियों ने मृतक महिला के शव को कब्जे में लेकर जहां पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया तो वही फैक्ट्री बंद कर फरार हुए आरोपियों की तलाश में भी पुलिस जुट गई।
हालांकि इस सारे मामले में अभी पुलिस का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।


तीनों प्रमुख मंदिर 2 अप्रैल तक बंद

कोरोना के चलते माँ विन्ध्यवासिनी सहित तीनों प्रमुख मन्दिर दो अप्रैल तक पूर्णतया बन्द -पण्डा समाज ।
विन्ध्याचल , मीरजापुर । कोरोना वायरस के संक्रमण के दृष्टिगत माँ विन्ध्यवासिनी मन्दिर दो अप्रैल तक पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया । गुरुवार की अपराह्न पण्डा समाज ने कार्यकारिणी एवं आमसभा की बैठक आहूत की जिसमे सर्वसम्मत से यह निर्णय लिया गया कि 20 मार्च से 2 अप्रैल तक माँ विन्ध्यवासिनी मन्दिर सहित काली खोह व अष्टभुजा मन्दिरों को पूर्णतया बन्द किया जाएगा । इस निर्णय के पीछे पण्डा समाज ने विश्व कल्याण की मंशा जताई । शुक्रवार 20 मार्च की भोर में होने वाली मंगला आरती के पश्चात गर्भगृह में ताला लगा दिया जाएगा तथा माँ विन्ध्यवासिनी विग्रह को आवरण से ढक दिया जाएगा । प्रतिदिन होने वाली चारों आरती के समय माँ का श्रृंगार पूजन निरंतर रूप से जारी रहेगा । पण्डा समाज ने इस अवधि के दरम्यान विश्व विनाशक आपदा कोरोना के शमन के लिए यज्ञ , पाठ , जप , हवन के साथ साथ " जय माँ दुर्गा , जय माँ तारा । दया मयी कल्याण करो ।। " का सकीर्तन का आयोजन भी करेगी । इस आमसभा में नगर विधायक रत्नाकर मिश्र ने पण्डा समाज के पदाधिकारियों के उद्देश्य का समर्थन करते हुए कहा कि कोरोना वायरस से लड़ने में पण्डा समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर चलूंगा , आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य सेवाओं का समुचित प्रबन्ध भी जिलाप्रशासन से कराऊंगा । पण्डा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी व मंत्री भानु पाठक ने संयुक्त रूप से समाज द्वारा इस जनकल्याणकारी निर्णय के लिए समस्त उपस्थितों का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि अभी दो अप्रैल तक बन्दी की गई है । अगर कोरोना पर नियंत्रण नही दिखा तो बन्द की अवधि बढ़ाई भी जा सकती है साथ मे ही श्रद्धालुओं से निवेदन भी किया कि जब तक स्थिति सामान्य न हो जाये तबतक अपने निवास स्थान से ही माँ का वन्दन करे दरबार न आएं । पण्डा समाज के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि समाज द्वारा लिया गया यह निर्णय अत्यंत सराहनीय है , मै समस्त स्थानीयों से निवेदन करता हूँ कि श्रद्धा के साथ सहयोगी की भूमिका का निर्वहन करें । बैठक में कोषाध्यक्ष तेजनगिरी , रघुवर दयाल उपाध्याय , हृदयराम भंडारी , पवन मिश्रा , संगमलाल द्विवेदी , राजू पाठक , प्रहलाद मिश्र , ननका द्विवेदी , पशुपति मिश्रा सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे ।


बीएचयू छात्रावास छोडने का आदेश

बीएचयू-आइआइटी में 21 मार्च को रात आठ बजे तक छात्रावास छोडऩे का आदेश 
वाराणसी। कोरोना वायरस (कोविड-19) से बचाव और रोकथाम के लिए आइआइटी (बीएचयू) में छात्रों को 21 मार्च रात 8 बजे तक छात्रावास खाली करने का आदेश आ चुका है। मेस की सुविधा भी शनिवार के लंच के बाद बंद कर दिया जाएगा। सभी छात्रों को सलाह दी जा रही है कि भारत सरकार व संस्थान द्वारा जारी नियमों का पालन करे। वहीं जो छात्र घर चले गए हैं उन्हें अगले आदेश तक छात्रावास में वापस आने की अनुमति न दी जाए।यही नहीं संस्थान स्थित कैफे कॉफी डे और आइआइटी कैफेटेरिया को भी अगली सूचना तक बंद कर दिया गया है। साथ ही छात्रों व कर्मचारियों को मेस, टी-स्टाल, पुस्तकालय व अन्य सार्वजनिक जगहों पर समूह में न रहने के की भी सलाह दी गई है। यह निर्णय बुधवार को कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए गठित टास्क फोर्स की बैठक में ली गई। बैठक की अध्यक्षता कर रहे संस्थान के निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार जैन ने कहा कि  शोधार्थियों और एम.टेक के छात्रों को अपना शोध कार्य ईमेल के माध्यम से अपने सुपरवाइजर से संपर्क करके किया जाए। बैठक में सर सुंदरलाल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक  प्रो. एस के माथुर, कुलसचिव डा. एसपी माथुर व स्टूडेंट पार्लियामेंट के वाइस प्रेसीडेंट हर्षित चौधरी सहित आइआइटी के कई बड़े पदाधिकारी व प्रोफेसर मौजूद थे।कोरोना के संक्रमण से बचाव के चलते बीएचयू प्रशासन ने रेजीडेंट डाक्टरों के अलावा सभी छात्रों से छात्रावास खाली कर घर चले जाने की अपील की है। छात्रों व कर्मचारियों की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए अब छात्रावासों में मेस चलाना संभव नहीं है। कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए यह अपील विवि के कुलसचिव की ओर से जारी की गई है। हालांकि शोधार्थियों को कुछ दिशा-निर्देशों के साथ शोध आधारित गतिविधियां करने की छूट दी गई है। इस संबंध में शोध छात्रों या पोस्ट डॉक्टोरल शोधार्थियों को फैलोशिप भुगतान के लिए उपस्थिति बाध्यता से भी छूट दी जाएगी।कुलसचिव की ओर से जारी इस अपील में बताया गया कि भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सोशल डिसटेन्सिंग के बारे में दिशानिर्देश व परामर्श जारी किये हैं। इन दिशानिर्देशों के आलोक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी सलाह में विश्वविद्यालयों को बंद करने और छात्रों को घरों पर रहने की सलाह दी गई है। 31 मार्च तक बीएचयू में पठन-पाठन व अन्य शैक्षणिक गतिविधियां खत्म कर दी गई हैं। अगर इस तारीख को बढ़ाया गया तो उसकी सूचना भविष्य में दी जाएगी। विवि की ओर से सरकारी कर्मचारियों के स्वास्थ्य हित को ध्यान में रखते हुए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी दिशानिर्देशों को भी अधिसूचित किया है।कोरोना के संक्रमण पर नियंत्रण व इस के संभावित मामलों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए वाराणसी जिला प्रशासन और बीएचयू के बीच बुधवार को एक बैठक की गई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोविड-19 के संदिग्ध मामलों की जांच को लेकर अस्पताल द्वारा उठाए जा रहे कदमों की जानकारी जिला प्रशासन को दी। एडीएम सिटी विनय कुमार सिंह व सीएमओ डा. बीबी सिंह ने विश्वविद्यालय को आश्वस्त किया कि कोविड-19 से निपटने में बीएचयू को हर जरूरी मदद दी जाएगी। बैठक में आने वाले समय में कोरोना वायरस की स्थिति को देखते हुए तैयारियों की समीक्षा की गई और जिला प्रशासन व बीएचयू ने एक दूसरे को हर संभव सहयोग देने को आश्वस्त किया। बैठक में विवि की ओर से रेक्टर प्रो. वीके शुक्ला, कुलसचिव डा. नीरज त्रिपाठी, आइएमएस के निदेशक प्रो. आर के जैन सहित विवि के कई पदाधिकारी इस बैठक में उपस्थित रहे।


शहीद के नाम का शिलापट्ट तोड़ा, हगांमा

शहीद देसराज मावी का शिलापटट गिराकर नष्ट किया
टीला गांव के लोगों ने सड़क पर जाम लगाकर विरोध प्रकट किया
जावली गांव के लोग कर रहे हैं शिलापटट का विरोध
पुलिस अधिकारियों ने रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई का आश्वासन दिया
अश्वनी उपाध्याय


गाजियाबाद। टीलाशहबाजपुर गांव के सामने लोनी गाजियाबाद मार्ग के डिवाइडर पर चार दिन पूर्व लगाई गई शहीद देशराज मावी की शिलापटट को बुधवार रात शरारती तत्वोें ने तोड दिया। घटना के विरोध में गुरुवार सुबह सैकडों ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए तथा सड़क पर जाम लगाकर विरोध प्रकट करने लगे। इसी दौरान जावली गांव के भी कुछ लोग मौके पर एकत्र होकर शिलापटट लगाने का विरोध करने लगे। जिससे वहां तनाव की स्थिति बन गई। साहिबाबाद व लोनी सीओ ने आरोपियोें के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। टीला मोड थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।       
         13 दिसम्बर 2001 को संसद के आतंकी हमले में लोनी के टीलाशहबाजपुर गांव निवासी देसराज मावी शहीद हो गए थे। करीब चार दिन पूर्व टीला गांव के लोगों ने उनके नाम की शिलापटट गांव के सामने लोनी गाजियाबाद मार्ग के डिवाइडर पर लगाकर चोक का नामकरण देसराज मावी के नाम पर कर दिया था। जिसका जावली गांव के लोग तभी से विरोध कर रहे थे तथा उसी दिन रात में शिलापटट की कुछ ईंटे गिरा दी गईं थीं। जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से भी की थी।
        बुधवार रात शरारती तत्वों ने शिलापटट को तोडकर नष्ट कर दिया। गुरुवार सुबह टीला गांव के लोगों को घटना की जानकारी हुई तो  सैकडों ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए तथा लोनी गाजियाबाद मार्ग पर जाम लगाकर विरोध प्रकट करने लगे।  इसी दौरान जावली गांव के कुछ लोग व पूर्व विधायक मदन भैया भी मौके पर पहुंच गए। जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। जाम की सूचना पर लोनी सीओ राजकुमार पांडेय व सीओे साहिबाबाद डा0 राकेश मिश्रा कई थानों की पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने लोगों को समझाबुझाकर शांत किया। जबकि शिलापटट तोडने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद जाम खुला। टीला गांव के लोगों की तहरीर पर पुलिस ने टीला मोड थाने में आशीष कसाना, ईशू, सुन्दर, दीपक, लीलू एवं वेदप्रकाश निवासीगण जावली व कुछ अज्ञात लोगों के विरुद्ध 147, 427 व 506 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है तथा जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
-पुलिस प्रशासन सजग होता तो नही टूटता शिलापटट
टीला गांव के सामने सड़क के डिवाइडर पर जिस स्थान पर शहीद देसराज मावी का शिलापटट लगाया गया है उस चोक से एक रास्ता टीला गांव के अंदर तो दूसरा रास्ता जावली गांव को जाता है। चोक के नामकरण को लेकर ही दोनो गांवों के लोगों में विवाद है। चार दिन पूर्व जब टीला गांव के लोगों ने शहीद का शिलापटट सड़क के डिवाइडर पर लगाया था उसी दिन रात में अज्ञात शरारती तत्वों ने शिलापटट की दीवार की कुछ ईंटे गिरा दी थी। मामले की शिकायत टीला गांव के लोगों ने टीला मोड थाने में कर दी थी, लेकिन पुलिस प्रशासन ने कोई कार्रवाई नही की। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन उस दिन हरकत में आ गया होता तो बुधवार रात शिलापटट को नही गिराया जाता।


अधिशासी-अधिकारी पर कार्रवाई तय

सचिन विशौरिया


गाजियाबाद। लोनी नगर पालिका अधिशासी-अधिकारी द्वारा सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य की कोई परवाह नहीं है। लापरवाही के चलते शिकायत के बाद केंद्रीय मंत्री राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य मंजू दिलेर उत्तर-प्रदेश सरकार के द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखा पत्र। उत्तर-प्रदेश में सभी सफाई कर्मचारियों को प्रॉपर किट उपलब्ध कराई जाए। वहीं केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि किसी सफाई कर्मचारी को किसी प्रकार की बीमारी का सामना करना पड़ा तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। वही, आपको बता दें लोनी नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों को बिना प्रॉपर कीट के सफाई करने के लिए गंदे नाले में उतरना पड़ता है। जिससे उन्हें कोरोनावायरस होने का खतरा बना रहता है।


पुलिस के द्वारा बैठक का आयोजन

अश्वनी उपाध्याय


गाजियाबाद। लोनी क्षेत्र में अपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस के द्वारा जनता में विश्वास कायम कर, सामंजस्यता उत्पन्न करने का प्रयास किया गया है। जनता और पुलिस ककी सामजस्यता ही अपराधिक प्रवृत्ति एवं घटनाओं पर अंकित करने का कार्य कर सकती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए स्थानीय पुलिस के द्वारा संभ्रांत लोगों के साथ शांति बैठक का आयोजन किया गया।
लोनी कोतवाली में एसपी देहात नीरज कुमार जादौन के द्वारा शांति सौहार्द बनाए रखने के लिए मीटिंग का आयोजन किया। जिसमें लोनी के सभासद व ग्राम प्रधान मौजूद रहें।  एसपी देहात ने आगामी ग्राम पंचायत चुनाव एवं आये दिन क्षेत्र में होने वाली गौकशी की घटनाओं को लेकर क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपील की


भागवत से पूर्व निकाली कलश यात्रा

अश्वनी उपाध्याय


गाजियाबाद। लोनी नगर स्थित राजीव गार्डन 100 फुटा रोड दुर्गा मंदिर से गाजे-बाजे के साथ कॉलोनी की सैकड़ों महिलाओं व पुरुषों ने श्रीमद् भागवत कथा से पहले कलश यात्रा निकाली। जोकि राजीव गार्डन 100 फुटा रोड से संगम विहार, विष्णु गार्डन, लक्ष्मी गार्डन, परमहंस बिहार होते हुए राजीव गार्डन दुर्गा मंदिर पर समापन हुआ। इस मौके पर वार्ड सभासद कमल शर्मा ने कहा कि भागवत कथा मन वचन और कर्म से किए गए समस्त पापों को नष्ट करती है और साथ ही मनुष्य को सरल और सहज जीवन जीने की प्रेरणा देती है। इस मौके पर कथावाचक पंडित मोहन श्याम गोवर्धन वाले ठाकुर जगपाल सिंह, विजय सेन, पंडित भगवत प्रसाद, सुनील सेन, मनोज पांचाल, भूपेंद्र सेन, कविता, संतोष, हंसमुख, कौशल्या सहित कॉलोनी की सैकड़ों महिलाएं व पुरुष मौजूद रहे।


भाजपा विधायक डिफाल्टर घोषित किया

बीजेपी विधायक को बैंक ने 75 लाख का डिफॉल्टर घोषित किया


प्रयागराज। उन्नाव से भाजपा विधायक पंकज गुप्ता को एचसीबीएल कॉपरेटिव बैंक ने 75 लाख रुपये का डिफॉल्टर घोषित किया। सन 2013 में विधायक ने बैंक से 2 करोड़ 25 लाख का लोन लिया था। लोन फैंटेसी मोटेल्स प्राइवेट लिमिटेड ने नाम से ली गई।


कर्ज की किस्तो के लिए दिए गए चेक बाउंस होने लगे।
2016 में तहसीलदार ने पंकज गुप्ता के खिलाफ कुर्की व गिरफ्तारी का नोटिस जारी किया था। उन्नाव से बीजेपी के सदर विधायक पंकज गुप्ता का कहना है कि बैंक द्वारा 1 करोड़ 40 लाख की आरसी काटी गई थी, उसे तहसील में जमा करा दिया था जबकि बैंक का दावा है कि 75 लाख का ब्याज बकाया है,जितना लोन था उसे अदा कर दिया है। अब बैंक ज़बरदस्ती कर रहा है।


( - उन्नाव सदर विधायक श्री पंकज गुप्ता से फोन संपर्क द्वारा बात हुई। उन्होंने बताया कि 2017 में मैंने बैंक का सारा पैसा जमा कर दिया। मेरे पास प्रमाण और रसीद उपलब्ध है। ना जाने कहां से बैंक ने यह पैसा निकाला है।- )


नई चुनौती.. 'संपादकीय'

नई चुनौती  'संपादकीय' 


विश्व में कोरोना वायरस संक्रमण का भीषण प्रकोप जारी है। लाखों लोग संक्रमण की जद में है। 9000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। निकट भविष्य में इससे छुटकारा मिलने का कोई आसार नहीं नजर नहीं आता है। भारत में भी संक्रमण अपने गंतव्य की ओर बे रोक-टोक बढ़ता जा रहा है। देश के कुछ राज्यों पर अंदेशा है, ज्यादातर राज्यों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है।
 सरकार का समस्या के समाधान की चिंता करना स्वभाविक है। सरकार के पास चिंता करने की ठोस वजह भी है। लेकिन समाधान का कोई ठोस आधार नजर नहीं आता है। विकसित राष्ट्रों की तुलना में विकासशील राष्ट्रों को महामारी की अधिक कीमत चुकानी पड़ती है। जिस प्रकार चीन में जनता को संकट और कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। भारत में यह कहीं ज्यादा भयावह और पीड़ादायक हो सकता है। जिस प्रकार से व्यावसायिक केंद्र, उद्योग-धंधे, सरकारी संस्थान अथवा गैर सरकारी संस्थान प्रतिबंधित किए जा रहे हैं। रोक लगाई जा रही है, बंद किया जा रहा है। इन सब की कड़ियां जुड़ती जा रही है। नगरों में निवास करने वाले लाखों सामान्य 'मजदूर वर्ग' को इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा। अभाव और ग्रस्त की व्यथा सुनने वालों का भीरू तोड़ा है। वहीं अगर कोई ज्ञात-अज्ञात है भी तो उनके पास ना मास्क है और न अन्य सुरक्षित रसायन है।
 इस वैश्विक महामारी का भविष्य में क्या दुष्प्रभाव पड़ेगा ? यह तो भविष्य के गर्भ में स्थित है। परंतु रोज मजदूरी करके कमाने-खाने वाले एवं उन पर आश्रित लोगों पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ना शुरू हो गया है। राज्य अथवा केंद्र की सरकार के पास स्थिति से निपटने की कोई भी योजना धरातल पर प्रतिपादित नहीं है। यदि ऐसी कोई योजना है तो बेरोजगारी की मार झेल रहे, भुखमरी के कगार पर खड़े, मजदूर वर्ग को उसका लाभ कब दिया जाएगा ? कोरोना वायरस तो उन पर कोई असर करें या ना करें। क्योंकि अखबार खरीदने की कोई स्थिति नहीं है और समाचार देखना उन्हें पसंद ही नहीं है। जिसके कारण ज्यादातर स्थिति की वास्तविकता से अनभिज्ञ है। उसका भय और संताप कैसा ? लेकिन उनकी जटाग्नि उन्हें भस्म ना कर दें। कोरोना वायरस कुछ ऐसी ही चुनौतियां लेकर आया है। अब देखना यह है कि इन्हें स्वीकार कौन करता है ?


कुछ लोग...
लावा के सागर में, खुद से झगड़ते हैं। 
आसमां में लीक खींचकर, हवा को पकड़ते हैं। 


राधेश्याम 'निर्भयपुत्र' 


'फ्लोर टेस्ट' से गुजरेगी एमपी सरकार

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार को कल फ्लोर टेस्ट से गुजरना होगा। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया। कोर्ट ने फ्लोर टेस्ट की पूरी प्रक्रिया कल शाम 5 बजे तक पूरी करने को भी कहा है। कोर्ट ने कहा कि बहुमत का फैसला विधायकों के हाथ उठवाकर कराया जाए। फ्लोर टेस्ट की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाए। अगर बागी विधायक विधानसभा आना चाहें, तो कर्नाटक और मध्य प्रदेश के डीजीपी उन्हें सुरक्षा दें।


इससे पहले, भाजपा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने लगातार दूसरे दिन सुनवाई की। शीर्ष अदालत ने स्पीकर एनपी प्रजापति से पूछा, ‘क्या वे वीडियो लिंक के जरिए बागी विधायकों से बात कर सकते हैं और फिर उनके बारे में फैसला कर सकते हैं?’ इस पर स्पीकर की तरफ से पेश वकील अभिषेक सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया- ‘नहीं, ऐसा संभव नहीं है। स्पीकर को मिले विशेषाधिकार को सुप्रीम कोर्ट भी नहीं हटा सकता।’ स्पीकर ने 16 बागी विधायकों के इस्तीफों पर फैसला लेने के लिए 2 हफ्ते का वक्त मांगा। इस पर कोर्ट ने कहा कि इतना समय देना सोने की खदान जैसा होगा, इससे हॉर्स ट्रेडिंग बढ़ेगी। कोर्टरूम में क्या हुआ : स्पीकर ने कहा- कोर्ट ने निर्देश दिए तो संवैधानिक दिक्कतें पैदा होंगी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर : बेंच का सुझाव था कि हम बेंगलुरु या कहीं और पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर सकते हैं ताकि बागी विधायक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्पीकर से बात कर सकें। स्पीकर ने इस सुझाव को ठुकरा दिया।


इटलीः वायरस से एक दिन में 475 मौत

रोम। कोरोना वायरस से इटली में एक ही दिन में 475 मौत हो गई है। इधर चीन से अपना सफ़र शुरू करना वाले कोरोना वायरस ने आज पुरे विश्व को अपना शिकार बनाना शुरू कर है। चीन के बाद कोरोना का सबसे ज्यादा कहर इटली पर बरपा है और मौत के मामले में यह चीन के करीब पहुंच गया है। बुधवार को जारी हुए आंकड़े के मुताबिक इटली में मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,978 हो गई है और संक्रमित लोगों की संख्या 35,713 है।


इटली में लॉकडाउन है और लोगों को सार्वजनिक जगहों पर एक दूसरे से 3 फुट की दूरी पर रहने को कहा गया है। स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, रेस्तरां, सिनेमा हॉल में ताले लगे हैं तो लोगों को घरों में रहने के निर्देश दिए गए हैं। यहां लाखों लोग घरों में बंद है।


योजना प्रचार-प्रसार को समझें पदाधिकारी

हरीश सिंह 


सन्तकबीर नगर। प्रदेश सरकार के निर्देशन के क्रम मे सभी विधायक सांसद मंत्री अधिकारी को अपने- अपने क्षेत्रो मे शासन द्वारा चलायी जा रही लोककल्याणकारी योजनाओ का भौतिक व स्थलीय निरीक्षण करते हुए जनता से व्यक्तिगत तौर पर मिले व संचालित योजनाओ को पात्र व्यक्तियो तक पहुंचाने का काम करे। इसी क्रम मे सन्त कबीर नगर के प्रभारी मंत्री रवीन्द्र जायसवाल का प्रेस से मिलिए कार्यक्रम के तहत प्रेस वार्ता मे प्रश्न उठने से पहले ही माननीय मंत्री जी द्वारा नये भारत का नया उत्तर प्रदेश , सुशासन के तीन वर्ष , सबका साथ सबका विकास पुस्तक का विमोचन किया। पत्रकार वार्ता के दौरान पत्रकारो द्वारा उठाये गये सवाल खलीलाबाद मेहदावल मार्ग की दयनीय स्थिति , बाइस साल बाद भी नही मिला जनपद को बस डीपो एवं जनपद के अन्तर्गत गड्डा युक्त सड़को पर किये गये सवाल के जबाब मे एन एच की दुहाई देते हुए पूरी तरह से बच निकलने की कोशिश किये गये वही बस डिपो के लिए जिलाधिकारी को इस निर्देश के साथ कि शासन को अपने स्तर से एक पत्र भेजे। ऐसे ज्वलंत और सवाल न खड़े इसके पहले ही कोरोना वायरस की दुहाई देते हुए खड़े हो और चलते बने। इस अवसर पर जिलाधिकारी , मुख्य विकास अधिकारी , अर्थ संख्या अधिकारी , सदर विधायक , विधायक मेहदावल , नगर पालिका अध्यक्ष , वर्तमान और निवर्तमान भाजपा जिला अध्यक्ष सहित तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


'लाल निशान' पर बंद हुआ शेयर बाजार

नई दिल्ली। शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार चौथे दिन गिरावट देखने को मिली है। गुरूवार के कारोबार में सेंसेक्स 581 अंक की गिरावट के साथ 28288 के स्तर पर बंद हुआ है। वहीं निफ्टी 205 अंक की गिरावट के साथ 8263 के स्तर पर बंद हुआ। बाजार में आज शुरुआती गिरावट के बाद दोपहर के कारोबार तक सधी हुई रिकवरी देखने को मिली थी। हालांकि दोपहर के बाद आई बिकवाली से बाजार अपनी पूरी बढ़त गंवा कर लाल निशान में बंद हुआ। बाजार में फिलहाल देश में बढ़ते कोरोना वायरस को लेकर डर है। आज के कारोबार में सबसे ज्यादा गिरावट ऑटो और मेटल सेक्टर में देखने को मिली है। मांग में तेज गिरावट की आशंका से दोनो सेक्टर इंडेक्स 5 फीसदी से ज्यादा गिरावट के साथ बंद हुए हैं।


डीएम के अधिकारियों को सख्त आदेश

प्रदीप कुमार तिवारी


उन्नाव। उन्नाव जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने समस्त विभागाध्यक्ष एवं कार्यालय अध्यक्ष को निर्देशित किया है कि कोविड वायरस से इस समय रोकथाम हेतु अति गंभीर है तथा इस संबंध शासन से लगातार निर्देश प्राप्त हो रहे हैं कि इसकी रोकथाम हेतु जन जागरूकता लाई जाए। अपने आसपास व शरीर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। हाथ धुल कर ही पानी अथवा अन्य खाद सामग्री का प्रयोग किया जाए ।उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि अपने कार्यालयों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें तथा जिस स्थान पर पीने का पानी उपलब्ध है। वहां साबुन हैंड वास सेनीटाइजर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी तथा उस स्थान पर इस आशय का फ्लेक्स आज भी लगवाया जाए कि हाथ साबुन से धुलने के पश्चात ही पानी और खाद सामग्री का प्रयोग करे।


स्वास्थ्य मंत्री ने किया औचक निरीक्षण

नई दिल्ली। भारत में कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप की रोकथाम के लिए सरकार की ओर से कई कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। इसी क्रम में औचक निरीक्षण करने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन बुधवार देर रात दिल्ली के अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पहुंचे और यहां व्यवस्थाओं का जायजा लिया।


दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने टर्मिनल-3 पर की जा रही स्क्रीनिंग का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को उचित निर्देश दिए। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने यात्रियों और डॉक्टरों से बातचीत की। गौरतलब है कि देश के सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर प्रवेश के दौरान हर व्यक्ति की स्क्रीनिंग हो रही है। पहले सिर्फ कुछ चुनिंदा देशों से आ रहे यात्रियों की ही निगरानी की जा रही थी, लेकिन अब नए नियमों को लागू करने के साथ ही हवाईअड्डे पर आने वाले सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा रही है। भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण के मामलों में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है। देश में अबतक कोविड-19 के 169 मामले सामने आ चुके हैं। केंद्र व राज्य सरकारों की ओर से इस संदर्भ में लगातार निगरानी करने के साथ ही जगह-जगह पर व्यवस्था की जांच भी की जा रही है।


लोकल ट्रेन में एसी कोच पर रोक

मुंबई। कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए सरकार ने मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली मुंबई लोकल ट्रेन की एसी सेवा को फिलहाल के लिए रोक दिया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पहले ही राज्य के लोगों से सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल से परहेज की अपील की थी।


देशभर में जितने भी कोरोना वायरस मामले सामने आए हैं। उनमें सबसे अधिक मामले महाराष्ट्र में ही हैं, ऐसे में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए सरकार ने मुंबई लोकल सेवा को रोकने का फैसला किया है। हालांकि अभी सिर्फ एसी सेवा को बंद करने का फैसला किया गया है और जिन रूट्स पर एसी सेवा चलती है। उनकी जगह पर सामान्य रेलगाड़ियों को चलाया जाएगा। देशभर में कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र में ही हैं, राज्य में अबतक कुल 49 मामले पॉजिटिव पाए गए हैं और इनमें एक मामला ऐसा भी है जहां पर कोरोना वायरस की वजह से 1 व्यक्ति की मौत हुई है। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा कोरोना वायरस मामले हैं और उसे और फैलने से रोकने के लिए राज्य सरकार ने कई कदम उठाए हैं। महाराष्ट्र स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक राज्य में खाड़ी देशों से लगभग 26000 लोग पहुंच रहे हैं और उन्हें आइसोलेशन में रखने की पूरी तैयारी कर ली गई है।


दो अमेरिकी सांसद भी पॉजिटिव मिले

वाशिंगटन। कोरोना वायरस की चपेट में दुनिया के 150 से अधिक देश आ गए हैं। अबतक करीब 2 लाख से अधिक पॉजिटिव मामले सामने आए हैं और 9000 लोग अपनी जान गंवा बैठे हैं। चीन से निकला ये कोरोना वायरस हर किसी को अपनी चपेट में ले रहा है, फिर चाहे कोई आम हो या खास। अब अमेरिका में दो कांग्रेस मैन में भी कोरोना वायरस के पॉजिटिव लक्षण पाए गए हैं, जिनके बाद उन्हें निगरानी में रख दिया गया है।


अमेरिकी मीडिया सीएनएन के मुताबिक, फ्लोरिडा से रिपब्लिकन के सेनेटेर मारियो डियाज़ कोरोना वायरस के टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं। उन्होंने खुद ट्विटर पर बयान भी जारी किया है और लोगों से अपील की है कि वो सरकार की इसमें मदद करें। इसके अलावा डेमोक्रेट्स सेनेटर बेन मैकएडम्स भी पॉजिटिव पाए गए हैं। ट्विटर पर उन्होंने बताया कि वॉशिंगटन से आने के बाद उन्हें बुखार हुआ और उसके बाद जब टेस्ट हुआ तो वो पॉजिटिव पाए गए।गौरतलब है कि अमेरिका में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो गई है। अब तक सभी 50 राज्य इसकी चपेट में आ गए हैं और कुल मामलों की संख्या 8000 के पार पहुंच गई है। अमेरिका में कोरोना की वजह से 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई है और इसे नेशनल इमरजेंसी घोषित किया गया है।


भारत में एक्टिव केस 167, चार की मौत

नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है पंजाब से जहां एक और मरीज ने दम तोड़ दिया है। यह भारत में कोरोना से चौथी मौत है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस मौत की पुष्टि की है।


देश में कोरोना वायरस से अब तक कुल चार मौतें हो चुकी हैं। आखिरी मौत पंजाब में हुई है। वहीं, भारत में कोरोना वायरस की चपेट में आने वालों की संख्या 180 तक पहुंच गई है। 5 लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं। यानी अभी कोरोना वायरस के एक्टिव केस 167 हैं। कोरोना से महाराष्ट्र में पीड़ितों का आंकड़ा बढ़कर 49 हो गया है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में 2, दिल्ली में 10, हरियाणा में 17, कर्नाटक में 14 ,केरल में 27, पंजाब में 2, राजस्थान में 7, तमिलनाडु में एक, तेलंगाना में 13, जम्मू-कश्मीर में 4, लद्दाख में 8, उत्तर प्रदेश में 19, उत्तराखंड में एक, ओडिशा में एक, छत्तीसगढ़ में एक और पश्चिम बंगाल में एक केस सामने आए हैं। महाराष्ट्र देश के सबसे बड़े कोरोना प्रभावित राज्य में शुमार हो गया है। यहां कोरोना के सबसे ज्यादा 47 केस सामने आए हैं। कोरोना को फैलने से रोकने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। लेकिन पिछले चौबीस घंटे के भीतर कोरोना के सात मामले महाराष्ट्र में सामने आ चुके हैं।इसके अलावा टिफिन सप्लाई करने वाले एशिया के सबसे बड़े समूह डब्बावाला की सेवा भी लोगों को नहीं मिलेंगी।मुंबई डब्बावाला के प्रवक्ता सुभाष तालेकर ने कहा कि एहतियातन हमारी सेवा शुक्रवार से 31 मार्च तक बंद रहेंगी।


अजय दीप चौहान


वायरस से पोल्ट्री व्यवसाय हुआ ध्वस्त

नई दिल्ली। कोरोना को लेकर मुर्गा व अंडा का कारोबार खासा प्रभावित हुआ है। बाजार में मुर्गा व अंडा की कीमतें कम होने के बाद भी ग्राहक इनसब चीजों से तौबा कर रहे हैं। वहीं कई सब्जियों की कीमतों में उछाल आया है, जबकि कुछ के दाम कम हुए हैं।


कारोबारियों को न सिर्फ मुर्गा या अंडा न बेच पाने को लेकर सिरदर्दी बढ़ी है, बल्कि मुर्गा को रोज दाना-पानी देना मुश्किल हो रहा है। पोलट्री फॉर्म संचालक के अनुसार एक मुर्गा को तैयार करने में करीब 50 से 60 रुपए तक का खर्च आता है। वर्तमान हालत यह है कि 30 रुपए तक में भी बाजार में मुर्गा सप्लाई नहीं हो रहा। फॉर्म से 25 से 35 दिन तक में मुर्गा को निकाल लेना है, लेकिन 45 से 50 दिन बाद भी मुर्गा का स्टॉक बरकरार है। एक मुर्गा का खुराक छह रुपए के करीब आ रहा है। ऐसे में एक हजार मुर्गा रखने वालों को हर रोज छह हजार रुपए अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। दाना-पानी में कटौती करना भी उनके लिए नुकसानदेह है।
बाजार में मुर्गा की कीमतें कम जबकी सब्जी की अधिक--
बाजार में मुर्गा की कीमतें काफी कम हो गई। यहां 20 से लेकर 50 रुपए किलो तक मुर्गा की बिक्री हो रही है। मुर्गा की कीमतों में कमी ने सब्जी का बाजार गर्म कर दिया है। हालांकि अधिक स्टॉक के कारण कीमतों में बहुत अधिक वृद्धि नहीं हुई है। वहीं ग्राहकों को रूलाने वाले प्याज ने लोगों को राहत दी है। प्याज की कीमत घटकर करीब 25 से 30 रुपए हो गई है। बताया जा रहा है मुर्गा की कीमतें कम होने के कारण ही प्याज की कीमतें भी कमी है। अंडा का बाजार भी पड़ा सुस्त: अंडा का बाजार भी काफी सुस्त पड़ गया है। फॉर्म से अंडा पिछले कुछ दिनों से ढाई रुपए तक भी निकलना मुश्किल हो गया है। फॉर्म संचालक के मुताबिक 1050 से 11 सौ रुपए कार्टन तक अंडा की बिक्री होती थी, लेकिन कोरोना के बाद लोग 650 से 700 तक में भी नहीं ले रहे हैं। उनके मुताबिक अंडा तैयार करने में 3.70 रुपए आता है, जो ढाई रुपए में भी नहीं बिक रहा। वहीं बिक्री नहीं होने अंडों का स्टॉक करना भी मुश्किल हो गया है। कारोबारियों की मानें तो इस बार धंधे में घाटा लगना तय है। मार्केट में कबतक सुधार होगा इस बारे में कहा नहीं जा सकता।


कॉन्वेंट स्कूलों में निर्देश की अवहेलना

कान्वेन्ट स्कूलो में धड़ल्ले से स्वास्थ व सरकारी विभागों के निर्देशों की हो रही अनदेखी


प्रयागराज। कोरोना वॉयरस को लेकर लगातार स्वास्थ विभाग, केन्द्र व उ०प्र०सरकार की तरफ से एडवाईज़री जारी कर सभी शिक्षण संस्थानो को ३अप्रैल तक बन्द रखने और सभी तरहा की परिक्षाओं को स्थगित कर दिया गया है।उच्च न्यायालय ने भी भीड़ भाड़ वाले किसी भी तरहा के आयोजन को स्थगित करने को कहा है।मॉल,जिम,शादी घर को भी एडवाईज़री जारी कर बन्द रखने की बात कही गई है।लेकिन कान्वेन्ट स्कूल फरमान की अन्देखी करते हुए शिक्षक और शिक्षिकाओं को प्रतिदिन बुला रहे हैं।जबकि प्रशासन द्वारा १५ की संख्या वाले सरकारी या ग़ैर सरकारी कार्यालयों के कर्मचारियों को घर बैठ कर कार्य सम्पादित करने को कहा गया है।सवाल उठता है की शिक्षक व शिक्षिकाएँ जो कार्य घर बैठ कर भी सम्पादित कर सकती है तो फिर क्यूं  उनको स्कूलों में जाने से नहीं रोका जा रहा।सै०मो०अस्करी ने कान्वेन्ट स्कूलों व कोचिंग संस्थानों की मनमानी को रोकने की ज़िला प्रशासन से मांग की है। कहा हमेशा की तरहा कान्वेन्ट स्कूल संचालक कोरोना वॉयरस के संक्रमण और महामारी का रुप ले चूके इस आपदा के प्रति गम्भीर नहीं हैं।इनकी मनमानी के कारण संक्रमण को फैलने से रोकने में यह संचालक लोगों की परेशानी का सबब न बन जाएँ इस से पहले इन पर अंकुश लगाने की आव्यश्कता है।


बृजेश केसरवानी


खनन के विरोध में 24 घंटे का धरना

लाल सलाम के बैनर तले इकट्ठा हुए सैकड़ों मजदूर पट्टा क्षेत्र में भी नाव व बोट से सूखी बालू निकालने की रोक का किया विरोध 


लालापुर। बुधवार को लालापुर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव में सैकड़ों की संख्या में अखिल भारतीय किसान मजदूर लाल सलाम के बैनर तले बालू मजदूर इकट्ठा हुए। सभा में बोलते हुए महासचिव राज कुमार पथिक ने कहा की प्रदेश सरकार द्वारा यमुना नदी में नाव व बोट बालू खनन पर लगाए गए। गैर कानूनी रोक का विरोध करते हुए 24 घंटे का धरना आयोजित किया गया है।


सरकार के निदेशक भूगर्भ एवं खनन विभाग के निदेशक ने 24 जून 2019 को बोट से बालू खनन पर रोक का आदेश पारित किया था।और झूठा दावा किया था कि उक्त आदेश एन जी टी ने पारित किया है। एन जी टी ने ऐसा कोई आदेश नहीं पारित किया है। सरकार ऐसा कोई आदेश नहीं दिखा सकी है। जिसमें सरकार द्वारा करोड़ों रुपये लेकर दिये गये पट्टा क्षेत्र में बोट व नाव से सूखी रेत निकालने पर भी रोक लगी हो।सरकार का यह नियम उच्च न्यायालय के आदेशों और सरकारी मानक के विपरित है। साथ ही सरकार द्वारा मज़दूरों की रोज़ी रोटी छीनकर लोडर व बड़ी बड़ी मशीनों से नदी के तट बंधों की सूखी बालू उठाने के लिए आदेश पारित किए गए है। लोडर व मशीनों द्वारा सूखी बालू उठने से तट बंधों को भारी नुकसान पहुंचेगा।नदी का बहाव व पारिस्थितिकी भी नष्ट होगी।एआईकेएम के वक्ताओं ने कहा है कि यमुना नदी किनारे बसे सभी गांवों में इस तरह की सभायें लगातार आयोजित की जाएगी। और सरकार को झूठ बोलने से रोकने माफिया पक्ष के आदेश वापिस लेने व सरकार द्वारा मजदूरों व मजदूर नेताओ पर दर्ज फर्जी मुकदमे,गेंगेस्टर जैसे केस वापस लेने के लिए एक बड़ा संघर्ष शुरू किया जाएगा। साथ ही सभा में सीएए,एनआरसी, एनपीआर के विरूद्ध नारे लगाए और मांग किया गया की सरकार इन कानूनों को वापस ले। राजकुमार पथिक महासचिव,,सुरेश निषाद उपाध्यक्ष,फूलचंद निषाद महासचिव कौशांबी,आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।इस मौके पर श्यामू निषाद,रामतीरथ निषाद,बब्बू निषाद,रामरूप,रामभवन,श्याम कली निषाद, बिटोला देवी,अनीता देवी सहित सैकड़ों की संख्या में बालू मजदूर उपस्थित रहे।धरने को खत्म कराने के लिए उपजिलाधिकारी बारा इंद्रभान तिवारी,क्षेत्राधिकारी बारा आरपी दोहरे,थानाध्यक्ष लालपुर संतोष कुमार सिंह शंकरगढ़, बारा की पुलिस बल मान मनव्वल करते रहे।देर रात तक धरना नहीं समाप्त हुआ।


बृजेश केसरवानी


'फूल और कांटे' की रीमेक चाहते हैं अजय

मुंबई। बॉलीवुड के सिंघम स्टार अजय देवगन अपनी सुपरहिट फिल्म फूल और कांटे का रीमेक बनाना चाहते हैं। अयज देवगन ने वर्ष 1991 में प्रदर्शित सुपरहिट फिल्म फूल और कांटे से बॉलीवुड में अपने करियर की शुरूआत की थी। बॉलीवुड में इन दिनों रीमेक फिल्मों का चलन जोरों पर है। अजय देवगन से पूछा गया कि वह अपनी किसी एक फिल्म का रीमेक बनाना चाहेंगे। अजय ने ‘फूल और कांटे’ का नाम लिया है।


अजय देवगन का कहना है, कि मैं फूल और कांटे को प्रोड्यूस करना चाहूंगा। इसे किस तरह से पेश किया जाएगा, वो मैंने सोच रखा है। मैं इसे नए चेहरे के साथ बनाऊंगा। प्रस्तुतिकरण अलग हो सकता है, लेकिन इमोशन वैसा ही होगा।


करिश्मा की बेटी ने एक्टिंग डेब्यू किया

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर की बेटी समायरा कपूर ने एक्टिंग डेब्यू कर लिया है। करिश्मा कपूर की बेटी समायरा कपूर ने अपना एक्टिंग में डेब्यू कर दिया है। समायरा कपूर ने शॉर्ट फिल्म दौड़ से एक्टिंग की शुरुआत की है। फिल्म को चंकी पांडे की बेटी रीसा पांडे ने डायरेक्ट किया है। करिश्मा की बेटी समायरा के साथ संजय कपूर के छोटे बेटे जहान कपूर ने भी एक्टिंग डेब्यू किया है। चंकी पांडे ने इस फिल्म को प्रोडयूस किया है।


करीब साढ़े सात मिनट की शॉर्ट फिल्म दौड़ मुंबई की एक गरीब घर की बेटी मीरा की मुख्य भूमिका वाली कहानी है। मीरा मुंबई की लोकल में पेंसिंल बेचा करती है। लेकिन अचानक एक दिन बड़े घर के बच्चों के स्टेडियम दौड़ता देख उसको भी भागने का मन होता है। बड़े घर के बच्चों में तीन प्रमुख भूमिकाएं हैं, जिन्हें समायरा कपूर, जहान कपूर और धानिति पारेख ने निभाया है।


साथ नहीं छोड़ती ड्रेसिंग स्टाइल

कॉलेज लाइफ के दौरान स्टूडेंट्स अक्सर अपनी स्टडीज़ के साथ-साथ ढेरों रोचक अनुभव हासिल करते हैं। लेकिन इसी बीच लड़कियां खुद को स्टाइलिश दिखाने में भी कोई कसर नहीं छोड़तीं। पढ़ाई के साथ-साथ मौज मस्ती, दोस्तों के साथ उठना-बैठना, नए-नए लोगों से मिलना और तो और, कई बार अपना शहर छोड़कर नई जगह भी जाना पड़ता है। एक्साइटमेंट और नर्वसनेस के बीच आप कई नई चीज़ों से वाकिफ होती हैं। लेकिन इस बीच भी जो एक चीज आपका साथ नहीं छोड़ती वह है आपकी ड्रेसिंग स्टाइल। कॉलेज में पढाई के साथ-साथ खुद को स्टाइलिश दिखाने के भी ढेरों मौके मिलते हैं। ऐसे में आज हम बता रहे हैं कुछ ऐसे ही ट्रेंड्स के बारे में, जिन्हें पहनकर आप अपनी कॉलेज लाइफ में धूम मचा सकती हैं…
क्यूलॉट्स
बीते कुछ दिनों में क्यूलॉट्स का फैशन बहुत बढ़ गया है, ज्यादातर इस तरह के बॉटम को लड़कियां कूल दिखने वाली टीशर्ट या फिर ऑफ शोल्डर टॉप के साथ ट्राई कर रही हैं। यह काफी फ्लोई और कंफर्टेबल होता है। ऐसे में अगर आप पलाज़ो जैसा ही कोई दूसरा ऑप्शन ढूंढ रही हैं, तो ये आपके लिए एकदम परफेक्ट है। नी-लेंथ होने की वजह से इसमें आपको चलने या बैठने में भी कोई परेशानी नहीं आएगी। साथ ही साथ आप चाहें तो इसे अपने क्रॉप टॉप, ऑफ या कोल्ड शोल्डर के साथ पेयर करके भी पहन सकती हैं। 
वाइड लेग्ड पैंट्स
वाइड लेग्ड पैंट्स का फैशन बहुत तेजी से आगे बढ़ा है। करीना कपूर खान से लेकर से दीपिका पादुकोण तक बॉलीवुड डीवाज़ भी अपनी गर्मियों को इन पैंट्स के साथ काफी कूल और स्टाइलिश बना रही हैं। इन पैंट्स की सबसे अच्छी बात यह है कि यह आपको कॉटन से लेकर डेनिम तक हर फैब्रिक में बाजार में आसानी से मिल जाएंगे। इनकी पॉपुलैरिटी का ही तो नतीजा है कि बाजार में फ्लेयर्ड जींस को उतरा गया। लेकिन जनाब जब हमारे पास एक से एक बेहतरीन कलर्स में वाइड लेग्ड पैंट्स मौजूद हैं तो फिर जींस का रुख क्यों करना। इन पैंट्स को आप अपनी वाइट शर्ट (टक-इन करके) या फिटेड टॉप के साथ पेयर करें। लेकिन एक बात का ध्यान रखें कि अगर हाइट कम है तो ज़्यादा फ्लेयर्ड वाली पैंट ना चुनें। 
सिगरेट पैंट्स
अगर आप लगातार चूड़ीदार या लैगिंग्स पहनकर बोर हो गईं हैं, तो मैडम ये पैंट्स केवल और केवल बस आपके लिए हैं। जी हां, सिगरेट पैंट्स को आप अपनी लॉन्ग शर्ट या कुर्ती के साथ कैरी कर सकती हैं। इतना ही नहीं, अगर आप कालेज में होने वाले जॉब इंटरव्यू के लिए पहनकर जाने वाली हैं, तो फॉर्मल लुक के लिए नॉर्मल नी-लेंथ कुर्ते के साथ इस पैंट को कैरी करें।
धोती पैंट्स
सलवार-पटियाला सलवार और चूड़ीदार को थोड़ा सा ब्रेक देकर आप इस बार अपनी कुर्ती के साथ उससे मिलता-जुलता धोती पैंट्स को ट्राई करें। हमारा यकीन मानिए ये आपके लुक को परफेक्ट बनाने में कोई कोताही नहीं बरतेंगे। यही नहीं इसे व्हाइट शर्ट के साथ टक-इन करके भी पहन सकती हैं। अपने लुक को और स्टाइलिश बनाने के लिए आप उसके साथ सिल्वर नेकपीसे-बैंगल्स को भी अपनी लिस्ट में शामिल कर सकती हैं।
प्लाजो
आज के समय में हर महिलाएं और लड़कियों की जरूरत बन चुका प्लाज़ो एक बेहद कम्फर्टेबल बॉटम है। इस बॉटम को आप टी-शर्ट, शर्ट को टक-इन करके लॉन्ग कुर्ती के साथ या फिर किसी लूज़ टीशर्ट-टॉप के साथ भी कैरी कर सकती हैं। इन गर्मियों के लिए ये बॉटम एक लाजवाब ऑप्शन है।


पीड़ितों के खातों में आएगा पैसा

नई दिल्ली। कोरोना (Coronavirus) के कहर ने दुनियाभर में भारी तबाही मचा दी है, जिस कारण अर्थव्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। जहां कई कंपनियां बंद होने की कगार पर भी आ गई हैंं तो वहीं कुछ ने अपने कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति दे दी है। ऐसे में रोजगार का संकट भी गहरा गया है, लोगों को अपना परिवार का खर्च उठाने की चिंता सता रही है। लोगों को इस संकट से उबारने के लिए अब मोदी सरकार ने कमर कस ली है। वह जल्द ही एक स्कीम लागू करने जा रही है, जिससे लोगों के खातों में पैसा आ जाएगा। लाइव मिंट की रिपोर्ट के मुताबिकस रकार कोरोना (Coronavirus) से प्रभावित लोगों को यूनिवर्सल बेसिक इनकम (Universal Basic Income- UBI) के जरिए मदद कर सकती है। यूनिवर्सल बेसिक इनकम एक निश्चित आय है, जो देश के सभी नागरिकों- गरीब, अमीर, नौकरीपेशा, बेरोजगार को सरकार से मिलती है। इस आय के लिए किसी तरह का काम करने या पात्रता होने की शर्त नहीं रहती।


आदर्श स्थिति है कि समाज के हर सदस्य को जीवन-यापन के लिए न्यूनतम आय का प्रावधान होना चाहिए। कई अर्थशास्त्रियों का ये मानना है कि यूबीआई से लाखों कर्मियों को इस वक्त मदद मिल सकती है। जिन्हें खुद को घर पर आइसोलेशन में रखना पड़ रहा है। ये हर राज्य में सभी व्यस्कों के लिए बिना शर्त नियमित भुगतान का एक विकल्प है। अगर इस स्कीम की शुरुआत भारत में हो जाती है तो प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का रूप ले सकती है।


बता दें कि लंदन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर गाय स्टैंडिंग ने सबसे पहले गरीबी हटाने के लिए अमीर-गरीब, सबको निश्चित अंतराल पर तयशुदा रकम देने का विचार पेश किया है। उनका मानना है कि इस स्कीम का लाभ लेने के लिए किसी भी व्यक्ति को अपनी कमजोर सामाजिक-आर्थिक स्थिति अथवा बेरोजगारी का सबूत नहीं देना पड़े।


मचा हाहाकार 8,953 से अधिक मौत

नई दिल्ली। कोरोना दुनिया में बेकाबू होता जा रहा है। चीन के वुहान से शुरू हुए कोरोना से मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। अबतक कोरोना की चपेट में आकर दुनिया में कुल 8,953 लोगों की मौत हो चुकी है। चीन के बाद इटली में कोरोना ने सबसे ज्यादा जान ली है। एक दिन में कोरोना से मौत का आंकड़ा चीन से भी आगे बढ़ गया है।


कोरोना के कहर से पूरी दुनिया में दहशत है। दुनिया भर में कुल 2 लाख से ज्यादा लोग कोरोना की चपेट में हैं जबकि 8,953 लोगों की मौत हो चुकी है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने एएफपी के हवाले से बताया है कि इटली में बुधवार को कुल 475 लोगों की मौत हो गई। यह एक दिन में कोरोना से दुनिया में मौत का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इटली में कोरोना से अब तक कुल 2,978 लोगों की मौत हो चुकी है। दुनिया में चीन के बाहर जितनी मौत हुई है, उसमें आधा से ज्यादा इटली में हुई है। जबकि कुल संक्रमित लोगों की संख्या 35,713 तक पहुंच गई है। इससे पहले रविवार को इटली में 368 लोगों की मौत हो गई थी।


वहां सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। इटली में 25 मार्च तक लोगों के एक साथ जमा होने पर रोक लगी है। इटली के कई शहरों में लॉकडाउन है। व्यापार पर बुरा असर पड़ा है। स्कूल-कॉलेजों में पहले ही छुट्टी घोषित की जा चुकी है। इटली के बड़े अधिकारी ने संकेत दिए हैं कि इसे और आगे बढ़ाया जा सकता है। चीन में कोरोना का संक्रमण धीरे-धीर कम हो रहा है। कोरोना से चीन में अबतक 3,237 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि अब भी वहां कुल 80,894 लोग कोरोना की चपेट में हैं।


चीन में अबतक 69,614 लोगों को इलाज के बाद छुट्टी भी दी चुकी है। बता दें कि चीन का हुबेई प्रांत सबसे ज्यादा प्रभावित था और यहां का वुहान शहर कोरोना का केंद्र था। चीन के बाहर यूरोप में कोरोना का कहर सबसे ज्यादा बरपा है और अब एशियाई देश इसकी चपेट में आ रहे हैं। ईरान में कोरोना से 147 और लोगों की मौत हो गई। इस तरह ईरान में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1135 हो गई है, जबकि इस बीमारी की चपेट में आने वालों की संख्या 17,336 हो गई है।


खतरे के बीच 'अयोध्या' मेला आयोजन

अयोध्या। 25 मार्च से अयोध्या में रामनवमी का मेला शुरू हो रहा है जो कि 2 अप्रैल तक चलेगा। एक ओर जहां दुनिया के 117 देश कोरोना वायरस से संक्रमित है। आए दिन कोरोना से संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे है। भारत में सरकार ने लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल, कॉलेजों, शॉपिंग मॉल, सिनेमा हॉल, स्विमिंग पूल, जिम सभी 2 अप्रैल तक बंद कर दिए हैं, कई जगह धारा 144 तक लागू कर दी है। ऐसे में अयोध्या में रामनवमी के मेले की शुरूआत होने जा रही है और अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस मेले में करीब 10 लाख श्रद्धालु जुटेंगे। ज्यादा भीड़ का मतलब है संक्रमण की ज्यादा संभावना लेकिन योगी आदित्यनाथ की सरकार इन सब बातों को नजरअंदाज करती दिख रही है। श्रद्धालुओं की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है।


24 मार्च से 2 अप्रैल तक अयोध्या में रामनवमी के मेले का आयोजन किया जाएगी साथ ही तैयारियां भी शुरू हो गई है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  भी इस मेले में शामिल होंगे। 24 मार्च के दिन वे अयोध्या में किए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। 25 मार्च को मुख्यमंत्री अस्थायी मंदिर में रामलला के विराजमान होने पर प्राण प्रतिष्ठा का पूजन करेंगे। इस दौरान अयोध्या के संत और केन्द्र सरकार द्वारा गठित अयोध्या ट्रस्ट के सभी प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। अयोध्या विवाद अदालत की दहलीज पर पहली बार सन् 1885 में पहुंचा था और 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट से आए फैसले के बाद 25 मार्च से शुरू होना वाले मेले को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह है इसीलिए कहा जा सकता है कि इस बार हर वर्ष से ज्यादा भक्तगण मेले में शामिल होंगे।


जिलाधिकारी अनुज कुमार झा का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने महामारी अधिनियम अधिसूचित कर कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए जिला प्रशासन को सभी प्रकार के उपाय करने की शक्ति प्रदान की है. कोरोना वायरस के प्रति एहतियात बरतने संबंधी 50,000 पोस्टर छपवाए हैं और उन्हें सार्वजनिक स्थलों पर लगाया जा रहा है. सिर्फ जागरूकता ही नहीं इस समय देश को सुरक्षित रहने की भी जरूरत है। ज्यादा भीड़ का मतलब है संक्रमण की ज्यादा संभावना।


मोदी आइडिया को जी-20 की स्वीकृति

नई दिल्ली। जी20 ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आइडिया स्वीकार करते हुए कोरोना वायरस के खिलाफ साझी रणनीति पर विचार के लिए संगठन में शामिल देशों के प्रतिनिधियों के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के आयोजन लेकर सहमति दे दी है। जी20 का मौजूदा अध्यक्ष सऊदी अरब है।


ज्ञात रहे कि प्रधानमंत्री मोदी के आव्हान पर सार्क देशों ने कोरोना वायरस को लेकर वीडियो कांफे्रेंसिंग के जरिये चर्चा की थी, इसी तर्ज पर अब जी20 के सदस्य वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कोरोना वायरस से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिये साझा रणनीति पर चर्चा करेंगे।


सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने भी प्रधानमंत्री के इस विचार पर आगे बढऩे का फैसला किया और कहा कि इस संबंध में सऊदी अरब और भारत के अधिकारी करीबी संपर्क में रहेंगे। इस बातचीत के बाद जी20 की तरफ से आधिकारिक बयान जारी किया गया है, जिसमें नेताओं का असाधारण सम्मेलन बुलाए जाने का आह्वान किया गया है।


इस आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अध्यक्ष सऊदी अरब जी20 देशों से अगले हफ्ते एक्स्ट्राऑर्डिनरी वर्चुअल जी20 समिट बुलाने की सूचना दे रहा है। ताकि कोविड-19 महामारी, इसके मानवीय और आर्थिक प्रभावों को लेकर समन्वित जवाबदेही पर विचार किया जा सके।


गौरतलब है कि जी20 के सदस्य देशों में अर्जेंटिना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, जर्मनी, फ्रांस, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, यूके और अमेरिका सहित 19 देशों के अलावा यूरोपियन यूनियन हैं।


5 करोड़ मौत की वजह 'स्पेनिश फ्लू'

स्पेनिश फ्लू ने 1918 में दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया था। कम से कम 5 करोड़ लोगों की मौत इसकी वजह से हुई थी। यह दुनिया के हर हिस्से में फैल गई थी। जापान, अर्जेंटिना और अन्य दर्जनों देशों में इससे लोग प्रभावित हुए थे। इस वक्त कई देशों में कोरोना वायरस की वजह से हेल्थ इमर्जेंसी जैसी हालत पैदा हो गई है। बड़ी संख्या में इसके कारण मौतें हो चुकी हैं और भारत में भी 40 से ज्यादा कोरोना के मामले सामने आ चुके हैं।


कोरोना वायरस से पहले भी दुनिया में एक फ्लू ने कहर ढाया था जिसका नाम स्पैनिश फ्लू था। आइए आज स्पेनिश फ्लू के बारे में जानेंगे कि यहां कहां से शुरू हुआ और कैसे पूरी दुनिया में फैल गया, कैसे करोड़ों लोगों की इसकी वजह से मौत हो गई। कब और कैसे फैली? अमेरिका में स्पेनिश फ्लू के शुरुआती मामले मार्च 1918 में सामने आए थे।


अभी की तरह उस समय दुनिया आपस में नहीं जुड़ी हुई थी। समुद्री मार्गों से ही एक देश से दूसरे देश आना-जाना होता था। फिर भी यह बीमारी काफी तेजी से फैली। तुरंत ही यह महामारी अलास्का के सुदूर इलाकों में पहुंच गई। करीब दो सालों तक इसका कहर जारी रहा। ऐसा माना जाता है कि इस बीमारी की शुरुआत सैनिकों से हुई थी। उस समय पहला विश्वयुद्ध चल रहा था।


सैनिकों के बंकरों के आसपास गंदगी की वजह से यह महामारी सैनिकों में फैली और जब सैनिकों अपने-अपने देश लौटे तो वहां भी यह बीमारी फैल गई। स्पेनिश फ्लू की शुरुआत कहां से हुई? स्पेनिश फ्लू की शुरुआत कहां से हुई, इसको लेकर इतिहासकारों का अलग-अलग विचार है। कुछ का मानना है कि फ्रांस या अमेरिका स्थिति ब्रिटिश आर्मी के बेस से इसकी शुरुआत हुई थी।


हाल ही में एक नई थ्‍यौरी आई है जिसमें इसके लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया गया है। इस थ्‍यौरी के मुताबिक स्पेनिश फ्लू की शुरुआत साल 1917 के आखिरी हिस्से में उत्तरी चीन में हुई। वहां से यह बीमारी पश्चिमी यूरोप में फैली।


सीएम की बेटी ने नामांकन दाखिल किया

निजामाबाद। पूर्व सांसद और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी के कविता ने विधान परिषद के लिए निजामाबाद स्थानीय निकाय के कोटे से दो सेट में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। कविता ने नेता और कार्यकर्ताओं के साथ बुधवार को नामांकन पत्र दाखिल किया। गुरुवार को नामांकन पत्र दाखिल करने का आखिर दिन है। इससे पहले टीआरएस ने के कविता के नाम की आधिकारिक रूप से घोषणा की।


आपको बता दें कि तेलंगाना राष्ट्र समिति के अनेक नेताओं ने निजामाबाद विधान परिषद के स्थानीय निकाय के कोटे से टिकट की आस लगाये बैठे थे। मगर मुख्यमंत्री केसीआर ने अपनी बेटी कविता को ही उम्मीदवार बनाया है। पूर्व सांसद के कविता के नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया की जिम्मेदारी मंत्री वेमुला प्रशांत रेड्डी ने पूरी की है।


कविता के नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान टीआरएस के विधायक और पार्टी के नेताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि के कविता को जल्द ही मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा। मगर सूत्र ने यह बताने से इंकार किया कि कविता को कौन सा मंत्री पद दिया जाएगा। गौरतलब है कि पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव में के कविता निजामाबाद निर्वाचन से हार गई थी। तब से वह राजनीति के कार्यकलाप से दूर दिखाई दी।


मगर गत 13 फरवरी को राज्यसभा उम्मीदवारों के नामांकन पत्र दाखिल करने के कार्यक्रम में भाग लिया। इसी क्रम में राज्यपाल कोटे के उम्मीदवार के नाम की घोषणा की जाएगी। पता चला है कि सीएम कार्यालय के ओएसडी देशपति श्रीनिवास, पार्टी के महासचिव तक्कल्लपल्ली रवींदर राव और टीएसआईआीसी चेयरमैन गैदरी बालमल्लू के नाम सीएम केसीआर के पास विचाराधीन हैं।


गोगोई ने राज्यसभा की शपथ ली

नई दिल्ली। भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने आज राज्यसभा सदस्यता की शपथ ले ली है। रंजन गोगोई की शपथ दौरान विपक्ष ने राज्यसभा में हंगामा किया। हालांकि शपथ लेने के बाद वे राज्यसभा के सदस्य बन गये हैं।


पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने 3 अक्टूबर 2018 को देश के 46वें प्रधान न्यायाधीश के तौर पर शपथ ग्रहण की थी। वे 17 नवंबर 2019 को सेवानिवृत्त हुए थे। वहीं रंजन गोगोई के राज्यसभा सदस्य मनोनित होने का विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस ने रंजन गोगोई के मनोनीत होने पर हमला बोलते हुए से पांच सवाल पूछे थे।


रंजन गोगोई के शपथ लेने के दौरान कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष के सांसद शेम-शेम के नारे भी लगाए। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पलटवार करते हुए कहा कि पूर्व में भी कई पूर्व सीजेआई एवं मशहूर हस्तियां इस सदन का हिस्सा बन चुके हैं। इसके बाद सभापति ने कहा कि सदन के बाहर किसी की भी राय की हम चिंता नहीं करते। लेकिन यहां हमें यह समझना होगा कि राष्ट्रपति के नामांकन को सच्ची भावना से माना जाना चाहिए।


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दिल्ली में सोमवार को 131 नए मामलें सामने आएं

अकांशु उपाध्याय               नई दिल्ली।  दिल्ली में सोमवार को 22 फरवरी के बाद से कोविड-19 के सबसे कम 131 नए मामले सामने आए तथा 16 मरीजों की...