रविवार, 25 जून 2023

सपा: जनपद कार्यकारिणी का अनुमोदन किया 

सपा: जनपद कार्यकारिणी का अनुमोदन किया 

इकबाल अंसारी 

गाज़ियाबाद। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देशानुसार एवं प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम की संस्तुति से समाजवादी पार्टी जनपद गाजियाबाद व महानगर गाजियाबाद की 51 सदस्यीय जिला और महानगर कार्यकारिणी अनुमोदित की गयी, तथा उसकी घोषणा भी पत्रकार वार्ता में की गई, फैसल हुसैन एडवोकेट जिलाध्यक्ष, वीरेन्द्र यादव एडवोकेट महानगराध्यक्ष की घोषणा जितेन्द्र यादव पूर्व विधान परिषद सदस्य उ0प्र0, असलम चौधरी पूर्व विधायक ने इंपीरियल फार्म हाउस गोविंदपुरम गाजियाबाद में की, सभी जिला महानगर कार्यकारिणी के सदस्य गण महिला कार्यकर्ता, वरिष्ठ समाजवादी पार्टी के नेता गणों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, पूर्व मुख्यमंत्री, समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल का आभार व्यक्त करते हुए नई समाजवादी पार्टी जनपद गाजियाबाद की कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों को बधाई दी।

पूरे जोश के साथ पार्टी की नीतियों, सिद्धांतों को जन-जन में पहुचाने तथा किसी प्रकार के जनहित के मुद्दे पर संघर्ष में भाग लेने का संकल्प लिया, प्रमुख रूप से शामिल रहे,  जितेन्द्र यादव पूर्व विधान परिषद सदस्य उ0प्र0, असलम चौधरी पूर्व विधायक, धर्मवीर डबास, नाहर सिंह यादव, मधु चौधरी, साजिद हुसैन, राज देवी चौधरी, अभिषेक गर्ग, आनंद चौधरी, रश्मि चौधरी, संतोष यादव, आदिल मलिक, विकास यादव, बाबू सिंह आर्य, रमेश यादव एडवोकेट आदि|  जिला कार्यकारिणी गाजियाबाद व महानगर कार्यकारिणी समाजवादी पार्टी उ0प्र0 द्वारा प्रेषित संलग्न है|सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया, उत्साह देखते ही बनता था।

स्वास्थ्य वर्धक, गुणकारी फल 'जामुन‌'

स्वास्थ्य वर्धक, गुणकारी फल 'जामुन‌'

सरस्वती उपाध्याय   

जामुन का प्रयोग कई सारी बिमारियों के उपचार मे किया जाता है। गर्मियों के दिनों मे जामुन के सेवन करने से लू नहीं लगती है। यह कैंसर की संभावना को कम करने मे भी काफी मददगार है।

जामुन खाने से शुगर के रोगी को फायदा होता है। यह रक्त के अंदर शक्कर की मात्रा को नियंत्रित करता है। डायबिटिज के रोगी को रोजाना जामुन का सेवन करना चाहिए। रोज 100 ग्राम जामुन का सेवन करना चाहिए। जामुन की गुठली ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने मे काम आती है।

पेट से जुड़ी समस्या को दूर करने के लिए जामुन फायदे मंद है। रोज सुबह खाना खाने के बाद  जामुन खाने से पेट साफ होता है। पेट के अंदर ऐंठन की समस्या दूर करने के लिए जामुन की छाल का काढा बनाकर पीने से दूर हो जाती है।

जामुन हमारे शरीर के अंदर खून की कमी को दूर करते हैं। जिस व्यक्ति के शरीर के अंदर खून की कमी हो उसे जामुन का सेवन करना चाहिए । जामुन के अंदर कैल्शियम, पो‌‌‌टैशियम और आयरन पाये जाते हैं। जो हमारे शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढाते हैं।

जामुन के पत्ते मसूड़ों के लिए फायदेमंद हैं। यदि मसूंडों के अंदर खून आता है तो जामून की गुंठली पीस कर नमक के साथ मसूडों पर लगाने से फायदा होता है। यदि मसूड़ों के अंदर सूजन आ रही है तो जामुन के पत्तों को उबाल कर कूल्ला करना चाहिए।

यदि लिवर के अंदर किसी प्रकार की समस्या है तो सुबह शाम जामुन का रस पीना चाहिए जिससे लिवर की समस्या ठीक हो जाएगी ।

यदि किसी व्यक्ति को पत्थरी की समस्या है तो जामुन के बीज का पाउडर दही के साथ मिलाकर रोज खाने से पत्थरी की समस्या भी दूर हो जाती है।

जिस व्यक्ति को गठिया होता है। उसे जामुन की छाल को पीस कर जोड़ों पर लेप करने से फायदा होता है।

जामुन के बीजों का प्रयोग चेहरे के पिंपल्स को हटाने के लिए किया जाता है। बीजों को पीस कर दूध मिलाकर पेस्ट बनाकर सोने से पहले चेहरे पर लगाएं ऐसा कई दिनों तक करें जिससे चेहरा साफ होगा और चेहरे के दाग दब्बे दूर होंगे।

आवाज को सूरीली बनाने मे भी जामुन मददगार होता है। जामुन का चूर्ण रोज चाटने से आवाज साफ और सूरीली बनती है।

जामुन छोटे बच्चों के लिए भी अच्छे रहते हैं।

यदि बच्चों को दस्त की समस्या हो तो जामुन की ताजी छाल को पिस कर बकरी के दूध के साथ मिलाकर पीने से लाभ होता है। यदि बच्चे बिस्तर पर पेशाब करते हैं तो जामुन का चूर्ण खिलाने से लाभ होता है।

'जिला योजना समिति' के सदस्य का चुनाव संपन्न 

'जिला योजना समिति' के सदस्य का चुनाव संपन्न 


जिला योजना समिति के सदस्य निर्वाचित हुए अंशुल केसरवानी

कौशाम्बी। जिला योजना समिति के सदस्य का चुनाव रविवार को संपन्न हुआ। नगर पालिका मंझनपुर के नवनिर्वाचित सदस्य अंशुल केसरवानी जिला योजना समिति के लिए निर्वाचित हुए है। अंशुल केसरवानी को कुल 97 मत मिले है वही नगर पालिका परिषद भरवारी के शानू कुशवाहा दूसरे स्थान पर रहे उन्हे 42 मत ही मिल सके है।

वही, दो अन्य दावेदारों को 07 और 01 मत ही मिल सके है। अंशुल केसरवानी ने कड़े मुकाबले में जीत दर्ज की है। जैसे ही उनके समर्थकों को अंशुल केसरवानी के जिला योजना समिति में निर्वाचन की जानकारी मिली, उन्होंने जोरदार तरीके से स्वागत किया है।

सुशील केसरवानी 

बारिश: पानी में करंट उतरने से महिला की मौत 

बारिश: पानी में करंट उतरने से महिला की मौत 

इकबाल अंसारी 

नई दिल्ली। दिल्ली से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बता दें नई दिल्ली रेलवे स्टेशन परिसर में बारिश की वजह से पानी में करंट उतरने से एक महिला की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि शनिवार देर रात शुरू हुई बारिश का पानी स्टेशन परिसर के आसपास जमा हो गया था, जिससे पानी में करंट दौड़ गया, जिससे महिला की मौत हो गई। महिला की पहचान पूर्वी दिल्ली के प्रीत विहार निवासी साक्षी आहूजा के रूप में हुई है।

बता दें महिला आज सुबह अपने पति के साथ चंडीगढ़ जाने के लिए ट्रेन पकड़ने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंची थी। इस दौरान स्टेशन परिसर में बिजली के एक खंभे के संपर्क में आने पर महिला की मौत हो गई। वहीं रेलवे स्टेशन परिसर में करंट दौड़ने की जानकारी मिलते ही एफएसएल टीम मौके पर पहुंच गई है। महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए लेडी हार्डिंग अस्पताल भेज दिया है। रेलवे और पुलिस मामले की जांच की जा रही है।

प्रोफेसर का वीडियो बनाकर, 5000 डॉलर मांगे   

प्रोफेसर का वीडियो बनाकर, 5000 डॉलर मांगे   

सत्येंद्र ठाकुर  

पुणे। गुरु शिष्य के पवित्र एवं भविष्य निर्माण के रिश्ते को शर्मसार करने वाला कारनामा अंजाम देते हुए यूनिवर्सिटी के छात्र ने अपनी ही महिला प्रोफेसर का वीडियो बनाया और बाद में उस वीडियो को प्रोफ़ेसर के पति को भेजकर वायरल करने की धमकी दी। बदले में 5000 अमेरिकी डॉलर की डिमांड किए जाने पर पुलिस स्टेशन पहुंचे दंपत्ति ने तुरंत कार्यवाही की गुहार लगाई।

पुलिस इस संबंध में छात्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश में जुट गई है। महाराष्ट्र के पुणे स्थित मशहूर यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे बिहार के पटना के रहने वाले 26 वर्षीय मयंक सिंह ने यूनिवर्सिटी की महिला प्रोफेसर का न्यूड वीडियो बना लिया। क्योंकि मयंक सिंह नाम का यह छात्र इंस्टाग्राम अकाउंट के माध्यम से हमेशा महिला प्रोफ़ेसर के संपर्क में रहता था। इसके बाद वह मोबाइल एवं व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से महिला प्रोफ़ेसर के संपर्क में रहने लगा।

एक बार छात्र ने महिला को वीडियो कॉल कर धमकी दी कि अगर वह उसके कहे अनुसार काम नहीं करेगी तो वह उन दोनों के बीच हुई बातचीत का यूनिवर्सिटी में जिक्र कर देगा। छात्र की धमकी के बाद डरी महिला प्रोफेसर उसके कहे मुताबिक करने को तैयार हो गई। मामला पका पकाया देखकर आरोपी छात्र ने महिला प्रोफेसर को कपड़े उतारने के लिए कहा। इस दौरान छात्र ने प्रोफेसर का न्यूड वीडियो बना लिया और महिला के पति को दूसरी आईडी से उक्त वीडियो भेज दिया। 

 इस वीडियो को हर जगह भेजने की धमकी देते हुए आरोपी छात्र द्वारा दंपत्ति से 5000 अमेरिकी डॉलर की डिमांड की गई। छात्र की डिमांड से डरे दंपति ने तुरंत हडपसर पुलिस स्टेशन पहुंचकर पुलिस से मदद की गुहार लगाई। पुलिस उपनिरीक्षक अशोक गांधले को इस मामले की जांच सौंपी गई है।

दिन और रात में बिजली की दरें अलग-अलग 

दिन और रात में बिजली की दरें अलग-अलग   

हरिओम उपाध्याय  

लखनऊ। केंद्र सरकार की ओर से दिन और रात के लिए बिजली की दरें अलग-अलग किए जाने के फैसले का विरोध शुरू हो गया है। उपभोक्ता परिषद ने केंद्र सरकार के इस फैसले को तुगलकी फरमान होना बताते हुए इसके विरोध का झंडा बुलंद कर दिया है। देश के अन्य उपभोक्ता संगठनों को एकजुट कर नियामक आयोग से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जाने की उत्तर प्रदेश राज्य उपभोक्ता परिषद की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई है।

दरअसल, केंद्र सरकार की ओर से विद्युत उपभोक्ता अधिकार नियम 2022 में संशोधन करते हुए बिजली टैरिफ प्रणाली में दो बदलाव पेश किए गए हैं। केंद्र सरकार की ओर से लाए जा रहे इस बदलाव के अंतर्गत दिन और रात की बिजली दर में अंतर रखा गया है। केंद्र सरकार की ओर से लाए गए इस कानून को 1 अप्रैल 2025 से देशभर में लागू करने की तैयारियां शुरू कर दी गई है। केंद्र की ओर से लाए गए इस प्रस्ताव के बाद दिन में जहां लोगों को 10 से 20 प्रतिशत सस्ती बिजली मिलेगी। वही रात के समय बिजली के दामों में 10 से 20 फीसदी महंगी बिजली दी जाएगी। 

उत्तर प्रदेश में विद्युत नियामक आयोग ने घरेलू एवं उद्योगों के लिए अलग-अलग टैरिफ लागू कर रखा है। उपभोक्ता संगठनों की नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी के अध्यक्ष एवं राज्य उपभोक्ता परिषद के प्रेसिडेंट अवधेश कुमार वर्मा ने कहा है कि घरेलू उपभोक्ता अपने कुल उपभोक्ता 30 प्रतिशत दिन में और 70 फीसदी रात में उपभोग करते हैं। उन्होंने कहा है कि इस कानून के जरिए दो रूपये का फायदा दिखाकर सरकार उपभोक्ताओं से पांच रूपये वसूलने की बैक डोर से तैयारी कर रही है।

मोदी की ‘तानाशाही’ को ही समर्थन मिलेगा

मोदी की ‘तानाशाही’ को ही समर्थन मिलेगा

अविनाश श्रीवास्तव   

पटना। पटना में विपक्षी दलों की बैठक के मद्देनजर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने कहा कि अगर 2024 के बाद लोकतंत्र जीवित रखना है तो राजनीतिक दलों को मतदाताओं के बीच विश्वास पैदा करने के लिए राष्ट्रीय हित में बड़ा दिल दिखाना होगा।

पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित संपादकीय में उद्धव बालासाहेब ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) और के चंद्रशेखर राव नीत भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाएं हैं। लेकिन इससे अप्रत्यक्ष रूप से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मदद मिलेगी और उनकी ‘तानाशाही’ को ही समर्थन मिलेगा।

सत्ता में वापसी हेतु, कोई सियासती समझौता 

सत्ता में वापसी हेतु, कोई सियासती समझौता 

अकांशु उपाध्याय   

नई दिल्ली। देश की आजादी के बाद पहली बार कांग्रेस 9 साल से अधिक समय से सत्ता में नहीं है। सत्ता में वापसी करने के लिए कांग्रेस विपक्षी एकता का हिस्‍सा बनने के लिए हर तरह के सियासी समझौते करने के लिए तैयार है। खासकर सीटों को बटवारे को लेकर बेहद नरम रवैया अपनाए हुए है। इसको लेकर जब राज्‍यवार लोकसभा सीटों को लेकर छानबीन की, तो चौंकाने वाले नतीजे सामने आ रहे हैं। विपक्षी एकता के लिए कांग्रेस के हाथ से देश के 10 बड़े राज्‍य निकल सकते हैं, जहां कांग्रेस की स्थिति भविष्य में दोयम दर्जे वाली बन जाएगी। हालांकि अभी भी इन राज्‍यों में कांग्रेस की सरकार नहीं है। इनमें से दिल्‍ली, पंजाब और केरल ऐसे तीन राज्‍य हैं, जहां आम आदमी पार्टी व वाम दलों से लेकर कांग्रेस से सीटों को बंटवारा करना आसान नहीं होगा। इन राज्‍यों में संभवत कांग्रेस अकेले ही चुनाव में जाए।

उत्तर प्रदेश की 80 सीटों पर सपा व आरएलडी, बिहार की 40 सीटों पर जेडीयू व आरजेडी, महाराष्ट्र की 48 सीट पर  शिवसेना (ठाकरे) व एनसीपी, पश्चिम बंगाल की 42 सीटों पर  तृणमूल कांग्रेस, तमिलनाडु की 39 सीटों पर  डीएमके, केरल की 20 सीटों पर सीपीआई (एम), जम्मू कश्मीर की 6 सीटों पर पीडीपी व नेशनल कॉन्फ्रेंस, झारखंड की 14 सीटों पर  झारखंड मुक्ति मोर्चा, पंजाब की 13 और दिल्‍ली की 7 सीटों पर आम आदमी पार्टी की ओर से ज्‍यादातर सीटों पर दावेदार की जाएगी। जिससे कांग्रेस की स्थिति दोयम दर्जे वाली हो जाएगी। इन राज्‍यों में लोकसभा की 309 सीट हैं।

अरुणाचल प्रदेश की 2, असम की 14, आंध्र प्रदेश की 25, तेलंगाना 17, चंडीगढ़ की 1, छत्तीसगढ़ की 11, दादर एंड नगर हवेली की 1, दमन एंड दीयू की 1, गोवा की 2, गुजरात की 26, हरियाणा की 10, हिमाचल की 4, कर्नाटक की 28, लक्षद्वीप की 1, मध्य प्रदेश की 29, मणिपुर की 2,मेघालय की 2, मिजोरम की 1, नागालैंड की 1, उड़ीसा की 21, पांडिचेरी की 1, राजस्थान की 25, सिक्किम की 1, त्रिपुरा की 2, उत्तराखंड की 5 सीटों पर कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ पाएगी। इन राज्‍यों में लोकसभा की 233 सीटें है।

कांग्रेस को करीब से जानने वाले पत्रकार रशीद किदवई का कहना है कि विपक्षी एकता के कारण कांग्रेस को कई राज्‍यों में काफी नुकसान हो सकता है। कांग्रेस को विपक्षी एकता कायम रखने के साथ ही साथ अपने हितों को भी ध्यान में रखना चाहिए, जिससे क्षेत्रीय दल उस पर भारी न पड़ जाएं।

ईरान को बदनाम करने का राजनीतिक षड्यंत्र

ईरान को बदनाम करने का राजनीतिक षड्यंत्र

अखिलेश पांडेय 

वाशिंगटन डीसी। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के प्रतिनिधित्व ने संयुक्त राज्य अमेरिका, यूक्रेन और तीन यूरोपीय देशों के ड्रोन और ईरान विरोधी दावों को यूक्रेन युद्ध में ईरान को बदनाम करने का एक राजनीतिक षड्यंत्र बताया है।

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2231 और जेसीपीओए के कार्यान्वयन के संबंध में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव की 14वीं रिपोर्ट 19 दिसंबर, 2022 को पेश की गई थी और राष्ट्र संघ के महासचिव की 15वीं रिपोर्ट निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी महीने अर्थात जून में पेश की जानी थी। ऐसे समय में कि जब सुरक्षा परिषद के इस दौर की अध्यक्षता संयुक्त अरब इमारात के पास है। लेकिन अमेरिका, ब्रिटेन और उनके पश्चिमी समर्थकों ने इस रिपोर्ट की प्रस्तुति को अगले महीने जुलाई तक के लिए टाल दिया है। उस समय कि  जब ब्रिटेन सुरक्षा परिषद का घूर्णन अर्थात रोटेटिंग अध्यक्ष होगा। बता दें कि जिस समय यूक्रेन युद्ध में तनाव काफ़ी बढ़ गया था उस समय से संयुक्त राज्य अमेरिका के नेतृत्व में पश्चिम ने ईरान विरोधी दावे करने आरंभ कर दिए थे, जबकि तेहरान स्पष्ट रूप से हर तरह के आरोपों को पूरी तरह ख़ारिज कर दिया था।

ईरान का मानना ​​है कि पश्चिमी देश मनगढ़ंत, झूठी और भ्रामक व्याख्याओं के आधार पर सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2231 और यूक्रेन युद्ध में ड्रोन के इस्तेमाल के बीच ग़लत संबंध स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। जबकि संकल्प 2231 ने न तो हथियारों के निर्यात पर रोक लगाई और न ही संयुक्त राष्ट्र कार्यालय को इस जांच को करने के लिए आवश्यक निर्देश और शक्ति दी है। इस बीच संयुक्त राष्ट्र संघ में इस्लामी गणराज्य ईरान के प्रतिनिधित्व ने शुक्रवार को एक बयान जारी करके यह घोषणा की है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मीडिया साइट पर अमेरिका, अल्बानिया, फ्रांस, ब्रिटेन और यूक्रेन की कार्यावही यूक्रेन युद्ध में ईरान को बदनाम करने का एक राजनीतिक षड्यंत्र है। वे ऐसा करके सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2231 के कार्यान्वयन पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की छह महीने की आवधिक रिपोर्ट को प्रभावित करना चाहते हैं।

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने सभी बेबुनियाद आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि ईरान ने बार-बार कहा है कि वह रूस-यूक्रेन युद्ध में किसी भी तरह शामिल नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि इस युद्ध में कोई विजेता या पराजित नहीं हो सकता है। ईरानी प्रतिनिधि ने कहा कि सभी प्रयासों का उद्देश्य इस युद्ध को जल्द से जल्द समाप्त करना, स्थायी शांति स्थापित करना और युद्ध के मूल कारणों को हल करना होना चाहिए।

बगावत को कुचल दिया जाएगा: पुतिन   

बगावत को कुचल दिया जाएगा: पुतिन   

सुनील श्रीवास्तव   

मॉस्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वागनर ग्रुप की बग़ावत पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बग़ावत को कुचल दिया जाएगा। टीवी पर प्रसारित होने वाले अपने भाषण में पुतीन ने कहा कि स्वार्थों का नतीजा ग़द्दारी के रूप में सामने आया है और यह बग़ावत पीठ में छुरा घोंपने के समान है। उन्होंने कहा कि यह रूस और हमारी जनता के लिए एक धचका है और इस तरह के ख़तरे से अपनी मातृभूमिक की रक्षा के लिए की जाने वाली कार्यवाही कठोर होगी।

पुतीन ने कहा कि वो सारे लोग जिन्होंने जान बूझ कर ग़द्दारी की राह पर क़दम रखा है, जिन्होंने बग़ावत की है, जिन्होंने ब्लैकमेलिंग और आतंकवाद का रास्ता चुना है उन्हें सज़ा दी जाएगी।

पहले रूस समर्थक कही जाने वाली वागनर फ़ोर्स ने बग़ावत कर दी है और ग्रुप के प्रमुख प्रीगज़ीन ने मांग की है कि रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शुइगो और चीफ़ आफ़ जनरल स्टाफ़ वालेरी गीरासीमोफ़ यूक्रेन के क़रीब स्थित शहर रूस्तोफ़ में उनसे मिलें जिसका कंट्रोल वागनर ने ले लिया है।

रूसी सैनिक आप्रेशन का नेतृत्व संभालने वाले डिप्टी कमांडर जनरल सर्गेई सर्वोकीन ने वागनर ग्रुप से कहा कि वे राष्ट्रपति पुतीन की बात मानें और रूसी कमांडरों के निर्देश पर अमल करें और अपने अड्डों पर वापस चले जाएं।

सबरीना को दक्षिण एशियाई पत्रकार संघ का समर्थन

सबरीना को दक्षिण एशियाई पत्रकार संघ का समर्थन

अकांशु उपाध्याय/अखिलेश पांडेय 

नई दिल्ली/वाशिंगटन डीसी। सोशल मीडिया पर उत्पीड़न का सामना कर रहीं ‘द वाल स्ट्रीट जर्नल’ की पत्रकार सबरीना सिद्दीक़ी का दक्षिण एशियाई पत्रकार संघ ने समर्थन किया है। संघ ने ट्वीट करते हुए लिखा, “हम अपनी सहयोगी सबरीना सिद्दीक़ी के प्रति अपना समर्थन जाहिर करना चाहते हैं जो कई दक्षिण एशियाई और महिला पत्रकारों की तरह, केवल अपना काम करने के लिए उत्पीड़न का सामना कर रही हैं। प्रेस की स्वतंत्रता किसी भी लोकतंत्र की पहचान है और पीएम मोदी दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का नेतृत्व करते हैं।”

पीएम मोदी के अमेरिकी दौरे के दौरान सबरीना ने उनसे भारत में अल्पसंख्यकों के अधिकार, लोकतंत्र और प्रेस पर कथित हमले से जुड़ा सवाल किया था। सवाल करने के बाद से सबरीना को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है। उन्हें पाकिस्तानी बताया जा रहा है। बीजेपी नेता अमित मालवीय ने भी सबरीना के सवाल को दुर्भावना से प्रेरित सवाल बताया था।

वहीं इंडियन अमेरिकन्स नाम के ट्विटर हैंडल ने सबरीना को पाकिस्तानी इस्लामिस्ट बताया था और कहा था कि उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में घात लगाकर पीएम मोदी पर हमला किया है। उनका आरोप था कि सबरीना ने पाकिस्तान में महिलाओं और अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार पर आज तक एक शब्द भी नहीं बोला है। वे सिर्फ भारत हमला करती हैं और नफरत पाकिस्तानियों के डीएनए में है। शनिवार को खुद सबरीना ने ट्रोल करने वालों को जवाब दिया था।

उन्होंने लिखा था, ” कुछ लोग मेरी व्यक्तिगत पृष्ठभूमि को मुद्दा बना रहे हैं, ऐसे में मैं पूरी तस्वीर साफ़ करना सही समझती हूं। कई बार पहचान जैसी दिखती है, उससे कहीं अधिक जटिल होती है।” ‘द वाल स्ट्रीट जर्नल’ के मुताबिक, सबरीना सिद्दीक़ी वाशिंगटन डी0सी0 में उनके लिए व्हाइट हाउस रिपोर्टर हैं, जहां वे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को कवर करती हैं। 2019 में ‘द वाल स्ट्रीट जर्नल’ में शामिल होने से पहले उन्होंने गार्जियन अखबार के लिए व्हाइट हाउस और 2016 के राष्ट्रपति चुनाव को कवर किया था। सिद्दीक़ी, नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट हैं और फिलहाल अपने पति के साथ अमेरिका के वाशिंगटन में रहती हैं।

बताते चले कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमेरिका के प्रतिष्ठित अख़बार वॉल स्ट्रीट जर्नल की पत्रकार सबरीना सिद्दीक़ी ने पीएम मोदी से सवाल पूछा। सिद्दीक़ी ने पीएम मोदी से पूछा, “आप और आपकी सरकार आपके देश में मुसलमानों समेत दूसरे समुदायों के अधिकारों को बेहतर बनाने और अभिव्यक्ति की आज़ादी को सुनिश्चित करने के लिए कौन से क़दम उठाने के लिए तैयार हैं।”

इस पर पीएम मोदी ने कहा, “मुझे आश्चर्य हो रहा है कि आप कह रहे हैं कि लोग कहते हैं…लोग कहते हैं नहीं, भारत एक लोकतंत्र है। और जैसा राष्ट्रपति बाइडन ने कहा कि भारत और अमेरिका दोनों के डीएनए में लोकतंत्र है।”

बाढ़ से कई इलाकों में हालात बेहद खराब

बाढ़ से कई इलाकों में हालात बेहद खराब 

आदिल अहमद

गुवाहाटी। असम में लगातार हो रही बारिश के कारण आई बाढ़ से कई इलाकों में हालात बेहद ख़राब बने हुए हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के 24 जून की शाम को जारी की गई दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार, इस समय राज्य के 15 ज़िलों के 1 हज़ार 118 गांव बाढ़ के पानी में डूबे हुए है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल यह प्रथम चरण की बाढ़ है, जिसमें 4 लाख से ज़्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। अब तक बाढ़ के कारण कुल 3 लोगों की मौत हो चुकी है। असम सरकार ने बेघर हुए लोगों के लिए 101 राहत शिविर स्थापित किए हैं, जबकि 119 राहत वितरण केंद्र खोले गए हैं।

आपदा विभाग की एक जानकारी के अनुसार, बाढ़ के कारण अपना घर-बार गंवा चुके 81 हज़ार 352 लोग इन राहत शिविरों में रह रहे हैं। इस साल बाढ़ के कारण सबसे ज़्यादा नुकसान बजाली, बारपेटा, कामरूप, दरंग और नलबाड़ी ज़िले में हुआ है। बजाली में बाढ़ के कारण 2 लाख 21 हज़ार से ज़्यादा लोग प्रभावित हुए है और 70 हज़ार से अधिक बेघर हुए लोगों को अपने परिवार के साथ राहत शिविरों में रहने के लिए आना पड़ा है।

राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ज़िला प्रशासन बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन, दवा और अन्य आवश्यक चीज़ें उपलब्ध करवा रहा है। बाढ़ प्रभावित सभी ज़िलों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और एसडीआरएफ की टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। दरअसल लगातार हो रही बारिश के कारण ब्रह्मपुत्र नदी कई जगहों पर अपने खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

भारी बरसात के कारण धार्मिक यात्रा स्थगित   

भारी बरसात के कारण धार्मिक यात्रा स्थगित   

पंकज कपूर 

देहरादून। मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून सचिवालय स्थित आपदा कन्ट्रोल रूम का औचक निरीक्षण कर प्रदेश में बारिश की स्थिति का लिया जायजा।

उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते केदारनाथ यात्रा रोक दी गई है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि गौरीकुंड से लेकर केदारनाथ तक तेज बारिश हो रही है। सुबह 10.30  बजे से सोनप्रयाग और गौरीकुंड से यात्रियों को आगे नहीं भेजा जा रहा है।

भारी बारिश के कारण प्रदेशभर से सड़कों के बंद होने सहित नुकसान की तस्वीरें सामने आ रही है। इसी बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम पहुंचे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को सचिवालय स्थित राज्य आपदा प्रबंधन कन्ट्रोल रूम का औचक निरीक्षण कर प्रदेश भर में जारी भारी बारिश की स्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा कंट्रोल रूम से प्रदेश में मौसम की वर्तमान स्थिति, बारिश की स्थिति, बारिश से हुए जलभराव एवं नुकसान के बारे में जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि राज्य के अंतर्गत जिन जिलों में अत्यधिक बारिश जारी है एवं आगे भी भारी वर्षा की संभावना है। उन सभी जिलों के साथ परस्पर संवाद एवं समन्वय बनाकर रखें। ताकि आपातकाल की स्थितियों से समय रहते निपटा जा सके। उन्होंने अधिकारियों को आपदा राहत एवं बचाव कार्यों हेतु हमेशा अलर्ट मोड के रहने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश भर में नदी एवं नालों के इर्द-गिर्द रहने वाले लोगों को सतर्कता बरतने को कहा जाए। लोगों को पुनर्वास करने की स्थिति में प्रत्येक जिले में पर्याप्त मात्रा में रैन बसेरा, राहत सामग्री हो। इसका भी विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा जलभराव की स्थिति में पानी निकासी की पर्याप्त व्यवस्था हो। आपदा की दृष्टि से संवेदनशील स्थलों पर एडवांस में जेसीबी मशीन की भी व्यवस्था हो। उन्होंने कहा स्वास्थ्य, पुलिस, एस.डी.आर.एफ कर्मियों की आपदा की दृष्टि से पर्याप्त व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारों धामों में यात्रियों की संख्या, भारी बारिश के बीच चार धामों की वर्तमान स्थिति का भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने श्री केदारनाथ धाम का ऑनलाइन माध्यम से लाइव अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला अधिकारी हरिद्वार, जिलाधिकारी पिथौरागढ़, जिलाधिकारी चमोली से फोन में वार्ता कर वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार शहर के विभिन्न इलाकों में हो रहे जलभराव की स्थिति से जल्द निपटने के निर्देश दिए। उन्होंने आपदा की दृष्टि से संवेदनशील सीमांत क्षेत्र चमोली एवं पिथौरागढ़ में भी अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए।

देश के 50 शीर्ष यूट्यूबर से की बातचीत   

देश के 50 शीर्ष यूट्यूबर से की बातचीत   

अकाशुं उपाध्याय  

नई दिल्ली। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने देश के 50 से अधिक शीर्ष यूट्यूबर से विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की। एक अधिकारी ने बताया कि इस दौरान हस्तकला को लोकप्रिय बनाने, मोटे अनाज (श्री अन्न) के लाभ और उपभोक्ता जागरूकता जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

यह बातचीत 23 जून को हुई। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि इसमें शामिल होने वाले विभिन्न यूट्यूबर्स में विवेक बिंद्रा, गौरव चौधरी (टेक्निकल गुरुजी), विराज सेठ (मोंक एंटरटेनमेंट के सह-संस्थापक), गणेश प्रसाद (थिंक स्कूल), श्लोक श्रीवास्तव (टेक बर्नर), प्रफुल बिल्लोर (एमबीए चाय वाला) और अनुष्का राठोड़ (अनुष्का राठोड़ फाइनेंस) प्रमुख थे। उन्होंने बताया, “केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने विभिन्न क्षेत्रों के शीर्ष यूट्यूबर के साथ सार्थक संवाद किया।

संवाद के दौरान उपभोक्ता जागरूकता, साइबर सुरक्षा, पर्यटन बढ़ाने के तरीकों, हथकरघा और हस्तशिल्प को लोकप्रिय करने और मोटे अनाज के फायदों पर चर्चा हुई और गोयल ने इन विषयों और अधिक कंटेंट तैयार करने को कहा। केंद्रीय मंत्री ने कंटेंट क्रिएटरों को अगले 25 वर्षों में भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने सहित पांच संकल्पों का प्रचार करने के लिए भी आमंत्रित किया।

सेना प्रमुख ने हरमंदिर साहिब में माथा टेका

सेना प्रमुख ने हरमंदिर साहिब में माथा टेका

अकांशु उपाध्याय/अमित शर्मा

नई दिल्ली/अमृतसर। भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने रविवार को हरमंदिर साहिब में माथा टेका। उनके साथ धर्मपत्नी अर्चना पांडे और ब्रिगेडियर सीबीके बनर्जी भी मौजूद थे। जनरल मनोज पांडे ने सचखंड हरमंदिर साहिब में माथा टेकने के अवसर पर अपनी भावनाओं को यात्रा पुस्तिका में दर्ज किया, हरमंदिर साहिब में माथा टेकने और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला।

हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि वह भारतीय सेना के सभी रैंकों को अच्छा स्वास्थ्य और खुशी प्रदान करें।'' इस अवसर पर शिरोमणि समिति के उप सचिव शाहबाज सिंह एवं सूचना अधिकारी अमृतपाल सिंह ने सचखंड  हरमंदिर साहिब के शिष्टाचार, सिख परंपराओं और यहां स्थित तीर्थों के इतिहास के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने कुछ देर गुरबानी कीर्तन किया और  अकाल तख्त साहिब पर मत्था टेका। उन्हें सचखंड  हरमंदिर साहिब का मॉडल, शाल और धार्मिक पुस्तकें दे कर सम्मानित किया गया। शिरोमणि कमेटी के सदस्य एडवोकेट भगवंत सिंह सियालका ने सेना प्रमुख का ध्यान कुछ सिख मुद्दों की ओर दिलाया।

4 राज्यों का पूंजीगत व्यय उनके लक्ष्यों से ज्यादा 

4 राज्यों का पूंजीगत व्यय उनके लक्ष्यों से ज्यादा 

इकबाल अंसारी  

नई दिल्ली/मुंबई। बीते वित्त वर्ष 2022-23 में ज्यादातर बड़े राज्य पूंजीगत व्यय के अपने लक्ष्यों से बड़े अंतर से पिछड़ गए। एक विश्लेषण के अनुसार 2022-23 में कुल पूंजीगत व्यय 7.4 लाख करोड़ रुपये आंका गया था, लेकिन वास्तव में इसके मुकाबले सिर्फ 76.2 प्रतिशत या 5.71 लाख करोड़ रुपये ही खर्च हो सके।

बैंक ऑफ बड़ौदा के अर्थशास्त्रियों की ओर से कराए गए विश्लेषण के अनुसार, सिर्फ चार राज्यों- कर्नाटक, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और बिहार का पूंजीगत व्यय उनके लक्ष्यों से ज्यादा रहा। इसके अलावा झारखंड और मध्य प्रदेश का पूंजीगत व्यय लक्ष्य के मुकाबले 98-98 प्रतिशत रहा। देश के 11 राज्यों ने 80 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर बेहतर प्रदर्शन किया। वित्त वर्ष 2020-21 में तय लक्ष्य के मुकाबले पूंजीगत व्यय 72 प्रतिशत था।

इसके बाद 2021-22 में कोविड-19 महामारी के कारण यह बढ़कर 95 प्रतिशत हो गया। पूंजीगत व्यय का लक्ष्य से कम रह जाना इसलिए भी आश्चर्यजनक है क्योंकि केंद्र सरकार ने समीक्षाधीन वित्त वर्ष जरूरी धनराशि जारी कर दी थी। वित्त वर्ष 2022-23 में खराब प्रदर्शन में सबसे आगे आंध्र प्रदेश रहा, जो लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 23.1 प्रतिशत या 6,917 करोड़ रुपये व्यय कर सका।

इसके बाद हरियाणा ने 48.1 प्रतिशत और राजस्थान ने 50.2 प्रतिशत व्यय किया। आंकड़ों के अनुसार त्रिपुरा ने 5,285 करोड़ रुपये के बजट में सिर्फ 2,185 करोड़ रुपये या 41.3 प्रतिशत व्यय किए और नगालैंड ने 16,650 करोड़ रुपये में से 7,936 करोड़ रुपये या 47.7 प्रतिशत व्यय किए। महाराष्ट्र ने तय लक्ष्य का 72.4 प्रतिशत, केरल ने 69.4 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश ने 69 प्रतिशत राशि खर्च की।

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

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1. अंक-255,(वर्ष-06) पंजीकरण:- UPHIN/2010/57254

2. सोमवार, जून 26, 2023

3. शक-1944, आषाढ़, शुक्ल-पक्ष, तिथि- अष्टमी, विक्रमी सवंत-2079‌‌।

4. सूर्योदय प्रातः 05:22, सूर्यास्त: 07:17। 

5. न्‍यूनतम तापमान- 21 डी.सै., अधिकतम- 35+ डी.सै.। बरसात की संभावना बनी रहेगी।

6. समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है। सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा। सभी पद अवैतनिक है। 

7.स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक राधेश्याम व शिवांशु  (विशेष संपादक) श्रीराम व सरस्वती (सहायक संपादक) संरक्षण-अखिलेश पांडेय, ओमवीर सिंह, वीरसैन पंवार, योगेश चौधरी आदि के द्वारा (डिजीटल सस्‍ंकरण) प्रकाशित। प्रकाशित समाचार, विज्ञापन एवं लेखोंं से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं हैं। पीआरबी एक्ट के अंतर्गत उत्तरदायी।

8. संपर्क व व्यवसायिक कार्यालय- चैंबर नं. 27, प्रथम तल, रामेश्वर पार्क, लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102। 

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