रविवार, 19 अप्रैल 2020

रॉयल बेंगलुरु के खिलाफ 'शतक'

ऑकलैंड। न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ब्रेंडन मैक्कुलम ने कहा कि 12 साल पहले आईपीएल के शुरुआती मुकाबले में 73 गेंद में 158 की पारी ने उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी। आईपीएल का पहला मुकाबला खेला गया था। इसमें कोलकाता नाइटराइडर्स के इस खिलाड़ी ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के खिलाफ शतक ठोका था।


ब्रेंडन मैक्कुलम ने केकेआर डाट इन से कहा, ‘उस रात को तीन घंटे में के खेल में या मैं कहूंगा कि सिर्फ डेढ़ घंटे में मेरी जिंदगी पूरी तरह से बदल गई। मैक्कुलम एक बार फिर केकेआर कोच के तौर पर जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि टीम के तत्कालीन कप्तान सौरव गंगुली ने भी कहा कि अब तुम्हारी जिंदगी पूरी तरह से बदल जाएगी। उन्होंने कहा, ‘दादा ने कहा था कि अब तुम्हारी जिंदगी पूरी तरह से बदल गई है। मुझे उस समय इसका मतलब समझ नहीं आया था लेकिन बाद में मैं उनसे पूरी तरह सहमत था।
क्रिकेटप्रेमी जानते हैं। 2020 में होने वाले आईपीएल पर कोरोना वायरस की नजर लग गई है। इस वायरस के चलते देश में लॉकडाउन लागू है। इस कारण आईपीएल 2020 एक बार स्थगित होने के बाद दूसरी बार अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है।


रोग ग्रस्त क्षेत्र घोषित, गाइडलाइन जारी

चंडीगढ़ रोगग्रस्त क्षेत्र घोषित


अमित शर्मा


चंडीगढ़। चंडीगढ़ संसदीय क्षेत्र को रोगग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। इसकी पुष्टि करते हुए प्रशासक के सलाहकार मनोज परीदा ने बताया कि शहर को रोगग्रस्त क्षेत्र घोषित करने के संबंध में गाइडलाइन शीघ्र जारी कर दी जाएगी। इसी के साथ उन्होंने ट्वीट पर भी यह जानकारी दे दी है। सलाहकार मनोज परिदा ने कहा कि गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार एक विस्तृत कंटोनमेंट योजना तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि कहा कि शहर में प्रवेश करने वाले बाहरी लोगों की स्क्रीनिंग व 14 दिनों के लिए या तो घर में या सरकारी सुविधाओं में रखा जाएगा ताकि संक्रमण फैलने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि यह सरकारी शुल्क या आवश्यक सेवा के लिए आने वाले पड़ोसी राज्यों से लोगों पर भी लागू होगा।


अब रोगग्रस्त क्षेत्र घोषित होने के साथ चंडीगढ़ में कोई छूट नहीं मिलेगी और सख्ती की जाएगीए क्योंकि केंद्र सरकार ने पहले ही चंडीगढ़ को हॉटस्पॉट जिला घोषित कर रखा है। दूसरी ओर शुक्रवार को कोरोना संक्रमण के 2 नए मरीज मिलने के बाद धनास व सेक्टर 30 का एरिया पूरी तरह से सील कर दिया गया और सैनिटाइज किया गया आने जाने वालों से पुलिस पूछताछ कर दूसरी तरफ सी आने के लिए बोला जा रहा है। पुलिस सेक्टर 30 की रहने वाली 53 साल की महिला और पीजीआई में तैनात धनास निवासी 50 साल के हेल्थ वर्कर है। चंडीगढ़ में 2 नए मरीजों के सामने आने के बाद मरीजों की संख्या 23 हो गई है। जिसमें 10 मरीज ठीक हो कर घर जा चुके हैं। जबकि अन्य मरीज अस्पताल में इलाज चल रहा है। जिनकी हालत स्थिर बताई गई है। वही पॉजिटिव महिला और हेल्थ वर्कर के परिवार रिश्तेदारों कवारटीन किया गया।


दुनिया के कई देशों में सन्नाटा पसरा

बैंकॉक। लाॅकडाउन के कारण दुनिया के कई देशों में सन्नाटा पसरा हुआ है। विश्व की अर्थव्यवस्थाएं चरमरा गई हैं और कई उद्योगों पर ताले लग गए हैं। इसी दौर में कोरोना की मार ऑर्किड के फूलों को भी झेलनी पड़ रही है। थाईलैंड ऑर्किड के फूलों का विश्व में सबसे बड़ा निर्यातक है। यहां के पर्यटन उद्योग में इन फूलों का काफी महत्व है क्योंकि इन्हें हाॅस्पिटेलिटी का प्रतीक माना जाता है लेकिन लाॅकडाउन के दौरान पर्यटन उद्योग के ठप हो जाने के कारण ये फूल मुरझा गए हैं। ऑर्किड के फूलों का प्रयोग होटल और रेस्तरां आदि में सजावट के लिए किया जाता है।


लेकिन अब बैंकाॅक में इन फूलों को रोजाना काटकर फेंक दिया जा रहा है क्योंकि इन्हें खरीदने वाला कोई नहीं। थाई ऑर्किड्स गार्डन एंटरप्राइज एसोसिएशन के उपाध्यक्ष सोमपांग थेवसुक के अनुसार, उन्हें कोई खरीदार नहीं मिल रहा, ऐसे में इन्हें फेंकने के सिवा कोई विकल्प नहीं। सोमपांग ने कहा, "बमुश्किल कोई खरीदार हैं, और अगर हम फूल निर्यात करना चाहते हैं, तो भी हम ऐसा नहीं कर सकते, क्योंकि ज्यादातर यात्री उड़ानें, जो आमतौर पर उन्हें ले जाती हैं, रद्द कर दी गई हैं।" थाईलैंड अपने निर्यात का एक तिहाई से अधिक यूरोप और यू.एस. को बेचता है। थाईलैंड लाखों डॉलर से अधिक के वैश्विक उद्योग में उगने वाले सभी ऑर्किड का आधे से अधिक निर्यात करता है। लेकिन यह सिर्फ उन निर्यातकों के लिए नहीं है जो संघर्ष कर रहे हैं। घरेलू खरीदारों की मांग भी कम हो गई है क्योंकि पर्यटन, जो सामान्य रूप से अर्थव्यवस्था के पांचवें हिस्से में योगदान देता है, एक ठहराव पर है। थाई ऑर्किड जो कि 50,000 श्रमिकों को रोजगार देता है, वे सभी हालात के सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं क्यूंकि वर्तमान में कोरोना की वजह से मरने वालों की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है।


अफगानः 20 लोगों में वायरस की पुष्टि

काबुल। कोरोना वायरस के संक्रमण में दुनियाभर में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी के पैलेस में काम करने वाले करीब 20 लोगों में कोरोना संक्रमण की बात सामने आई है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि राष्ट्रपति अशरफ गनी भी कोरोना वायरस के संक्रमण के शिकार हुए हैं या नहीं।


अफगानिस्तान के एक सरकारी अधिकारी के मुताबिक, राष्ट्रपति के पैलेस में काम करने वाले करीब 20 लोग कोरोना से संक्रमित हैं, लेकिन इस बात को जाहिर नहीं किया जा रहा है ताकी लोगों में पैनिक न हो। हालांकि गनी के प्रवक्ता और अफगानिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।


सरकारः 20 अप्रैल तक नहीं मिलेगी छूट

पंजाब सरकार ने स्पष्ट किया 20 अप्रैल से नहीं मिलेगी कोई छूट, रमजान पर भी नहीं दी गई रियायत


अमित शर्मा


चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने एक बार फिर से अपना आदेश वापस ले लिया है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने रविवार शाम ऐलान किया है कि 20 अप्रैल से किसी तरह की कोई छूट नहीं मिलेगी। कैप्टन अमरिंदर ने सभी डीसी को जिलों में कर्फ्यू को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया। इसके साथ रमजान के दौरान भी कोई छूट या रियायत नहीं दी गई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रमजान के कारण लोगों को कोई विशेष कर्फ्यू पास जारी नहीं किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने सभी डीसी को कड़े कदम उठाने का निर्देश दिया है। बता दें कि आज सुबह ही कैप्टन सरकार ने सभी उद्देगों समेत कुछ दुकानों को खोलने की अनुमति दी थी।


सफाई कर्मचारियों को किया सम्मानित

बृजेश केसरवानी


प्रयागराज। धूमनगंज थाना अंतर्गत कंधईपुर में समाजसेवी सोनू राज के नेतृत्व में कोरोना जैसे महामारी को देखते हुए लॉक डाउन का पालन करते हुए एवं सोशल डिस्टेंस बनाते हुए सफाई कर्मचारी जो कठिन परिस्थितियों में देश-प्रदेश में अपना काम पूरी जिम्मेदारी से कर रहे हैं। उन्हें आज सम्मानित किया गया और खाद सामग्री का पैकेट का भी वितरण किया गया। इसी क्रम में क्षेत्र में जिनके पास राशन कार्ड नहीं है उन्हें अनाज वितरण किया गया। जिसमें आटा, तेल, कद्दू, नमक, प्याज, आलू आदि दिया गया। इस कार्यक्रम में रॉबिन, विहार राम यादव ,राजू सिंह ,सचिन यादव ,अमन अजीत यादव, सूरज ,राकेश यादव, विजय ,सिवा, नीरज आदि उपस्थित थे।


कर्तव्य के लिए पुलिस का सम्मान

बृजेश केसरवानी


प्रयागराज। कीडगंज थाना अंतर्गत शंकरलाल भार्गव पुलिस बूत पर तैनात नई बस्ती चौकी इंचार्ज रणजीत सिंह एवं चौकी इंचार्ज राम बहादुर साहनी एवं उनके साथ कांस्टेबल एवं महिला कांस्टेबल का कोरोना जैसी महामारी के चलते हुए निर्धारित लॉक डाउन में जिस तरह 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात होकर लोगों को बीमारी से बचने का उपाय बता रहे है। वह प्रशंसा के योग्य है। पुलिस इस समय ड्यूटी के साथ-साथ राष्ट्र सुरक्षा का कार्य भी कर रही है। लोगों की मदद के लिए तत्पर रहते हैं। इसलिए इनकी जनता के प्रति अच्छे व्यवहार को देखते हुए समाजसेवी क्षमा दुबे के नेतृत्व में सम्मान किया गया। जिसमें मुख्य रूप से डॉ रमा सिंह, जय श्री जयसवाल, पूर्व पार्षद आभा द्विवेदी, गिरजेश मिश्रा ,नरेंद्र जयसवाल, एवं वार्ड 50 पार्षद किरण जयसवाल ने भी स्वागत किया।


सीएम कोष में जमा करने का निर्णय

प्रयागराज। कोरोना (कोविद-19) वैश्विक महामारी को देखते हुए अखिल भारतीय पंचायत परिषद (उ0प्र0) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मा0 सुबोध कांत सहाय व प्रदेश अध्यक्ष अशोक जादौन की अपील पर संगठन से जुड़े सभी ग्राम प्रधानों ने एक माह का मानदेय मुख्यमंत्री कोष में जमा करने का निर्णय लिया। संगठन की अपील और ग्राम विकास सचिव राज कुमार सिंह के कहने पर ग्राम पंचायत कसेरूआ कलां, विकास खण्ड बहादुरपुर, तहसील फूलपुर, जनपद प्रयागराज के ग्राम प्रधान लक्ष्मी चन्द्र गुप्ता ने स्वीकृति दे दी। मुख्यमंत्री कोष में मानदेय जमा करने के लिए ग्राम सचिव कसेरूआ कलां ने पड़ोस के गांव महरौड़ा के सचिव दिनेश प्रताप सिंह के पास जानबूझकर मिलीभगत कर मानदेय का भुगतान करा लेने के लिए भेज दिया और कहा कि अपना डोगल देकर आप मानदेय का भुगतान करा लीजिए। ग्राम प्रधान लक्ष्मी चन्द्र गुप्ता ने दिनेश प्रताप सिंह के पास जाकर अपना डोगल दे दिया। ग्राम प्रधान के मानेदय के भुगतान के बजाय दिनेश प्रताप सिंह व राज कुमार सिंह की मिलीभगत होने के कारण दिनेश प्रताप सिंह ने कसेरूआ कलां ग्राम पंचायत निधि के खाते से 952602 (नौ लाख, बावन हजार, छः सौ दो रूपयें) फर्म यूनिक एंटर प्राइजेज एवं सुपर कन्ट्रक्सन में खातें में कर लिया। यह दोनो फर्म शकील अहमद फारूकी तकनीकी सहायक वि0खं0 बहादुरपुर के परिवार रिश्तेदार की है। ग्राम पंचायत कसेरूआ कलां का समस्त निर्माण कार्य श्री सिद्ध विनायक ट्रेडर्स से निर्माण सामाग्री लेकर कराया गया है। निर्माण कार्य में प्रयुक्त ईट का पैसा छोड़कर सभी भुगतान सिद्ध विनायक ट्रेडर्स को होना चाहिए था।   
ग्राम पंचायत सचिव कसेरूआ कलां राज कुमार सिंह, ग्राम पंचायत सचिव महरौड़ा दिनेश प्रताप सिंह एवं शकील अहमद फारूकी ने साढ़गाढ़ कर ग्राम पंचायत कसेरूआं कला के खाते से कूटरचना, हेराफेरी व जालसाजी करते हुए बेइमानी और कपटपूर्ण तरीके से लाभ प्राप्त करने के लिए ग्राम प्रधान कसेरूआं कला लक्ष्मी चन्द्र गुप्ता की सहमति के बेगैर सरकारी धनराशि का भुगतान अपने चाहने वाले फर्म यूनिक एंटरप्राइजेज व सुपर कन्ट्रक्शन में कर लिया। जबकि कोरोना वैश्विक महामारी के चलते दो जून की रोटी के लिए परेशान गांव के मजदूरों के पारिश्रमिक का भुगतान न करके उक्त लोगों ने फर्म को अवैध तरीके से लाभ पहुंचाने का कार्य किया है। पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने और फर्जी तरीके से कागजों पर संचालित हो रही फर्मो द्वारा की जा रही कर की चोरी की जांच कराया जाना न्यायहित में है।


रिपोर्ट- बृजेश केसरवानी


संक्रमण की जांच में जल्द लाएं तेजी

अतुल त्यागी, मुकेश सैनी


प्रदेश में तेजी के साथ बढ़ाई जानी चाहिए कोरोना वायरस की जांच


हापुड़। कोरोना वायरस महामारी दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है ऐसे में जांच ही सिर्फ उसको  रोकने का एक माध्यम है।आज इस संदर्भ में हमारे संवाददाता मुकेश सैनी द्वारा जब हापुड  के पूर्व विधायक गजराज सिंह द्वारा जब यह जानकारी की गई कि कोरोना वायरस महामारी से बचने के लिए क्या किया जाए तो उन्होंने कहा कि प्रत्येक दशा में शासन प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस महामारी की जांच अधिक से अधिक कराए जाएं। जिससे कोरोना वायरस से संक्रमित रोगियों की पहचान की जा सके और यह जांच का दायरा सरकार को तेजी से बढ़ाना चाहिए साथ ही जिस प्रकार कोटा राजस्थान से छात्रों को लाया जा रहा है उसी प्रकार उत्तर प्रदेश सरकार को मजदूरों को उनके निवास तक पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए। समाजवादी पार्टी के  नेता  पुरुषोत्तम वर्मा ने बताया कि कोरोना वायरस की जांच कुछ बड़ी है लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। कोरोना वायरस की जांच तेजी के साथ बढ़ानी होगी क्योंकि अभी जांच एवं संख्या में हो रही हैं जिसके कारण कोरोना के मरीजों की सही संख्या सही जानकारी अभी नहीं मिल पाती। बहुजन समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष डॉक्टर ऐ के कर्दम ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार सील इलाकों में तो जांच करा रही है लेकिन उसके अलावा कहीं अन्य स्थान पर जांच अभी नहीं हो रही है जबकि जांच का दायरा उत्तर प्रदेश सरकार को बढ़ाना होगा तभी जाकर कोरोना के मरीजों की पहचान पुष्टि की जा सकती है। कोरोना वायरस की जांच के लिए निम्न वर्गीय परिवारों पर विशेष ध्यान देना होगा क्योंकि यदि एक बार यह वायरस निम्न वर्ग के लोगों में फैल गया तो संभालना अत्यंत कठिन हो जाएगा। आनंदी मेल समाचार पत्र के जिला प्रभारी  रिँकू सैनी ने कहा कि कोरोना वायरस की जांच के लिए लोगों के घर तक अधिक टीमें पहुंचे तथा पत्रकारों की भी कोरोना की जांच की जानी चाहिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी रेखा शर्मा ने बताया कि हमारे द्वारा प्राथमिकता के आधार पर जांच की जा रही है। सिर्फ प्रथम जो कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। उसके जो आसपास व्यक्ति रह रहे हैं पहले उनकी जांच की जाती है। उसके बाद उस एरिया में संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की जाती है या किसी व्यक्ति में कोरोना वायरस के लक्षण दिखाई देते हैं तो उसकी जांच की जा रही है यह सभी जांचें निशुल्क कराई जा रही हैं अभी तक जनपद हापुड़ में अब तक 870 जांचें जिसमें 192  मरीजों की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है जांच सभी हॉट हॉट स्पॉट इलाकों में रैंडम तरीके से कराई जा रही है।


मृतक गोवंश खोल रहा है सबकी पोल

अतुल त्यागी , प्रवीण कुमार


हापुड़ वन विभाग की खुलती पोल कोटेश्वर रोड नो चौपला के पास शाहपुर जट रोड पर पड़े मृतक गोवंश पर पड़े गोवंश पर अभी तक भी वन विभाग की नजर- आखिर कब


हापुड़। यूपी के माननीय मुख्यमंत्री जी के आदेश के उड़ाते धज्जियां हापुड़ के वन विभाग कर्मचारी जहां पर गोवंश के लिए माननीय योगी जी ने किए हुए हैं सख्त आदेश वहीं पर आया हापुड़ से दिल दहलाने वाला मामला सामने, जनपद हापुड़ के थाना बाबूगढ़ क्षेत्र के हाईवे 9 मृतक पड़े गोवंश की नहीं ली अभी तक भी वन विभाग ने कोई सुध, कोटेश्वर रोड चौपला के शाहपुर जट रोड के सामने का मामला, हापुड़ वन विभाग  सोया कुंभकरण की नींद गोवंश पड़ा रोड पर आखिर कब तक।


जिले से असंतुष्ट, एक्शन में प्रशासन

अतुल त्यागी, मुकेश सैनी


शासन से आए पत्र मैं हापुड़ का नाम असंतोष की श्रेणी में आने पर एडीएम सहित आला अधिकारी आये एक्सन मे।


हापुड़। हापुड़ में लॉक डाउन का पालन सही प्रकार ना हो पाने की श्रेणी में जब एक पत्र शासन से आया जिसमें हापुड़ असंतोष की स्थिति लॉक डाउन को लेकर दर्शाई गई। जिसको प्रशासन द्वारा गंभीरता से लेते हुए आज एडीएम हापुड़ द्वारा सख्त कदम उठाए गए आज एडीएम,उपजिलाधिकारी, क्षेत्रीय पुलिस अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने रोड पर उतर कर लॉक डाउन का पालन कराने के लिए जनता को प्रेरित किया तथा जो लोग अनावश्यक रूप से सड़कों पर घूम रहे हैं या अनावश्यक रूप से गाड़ियां लेकर इधर से उधर घूम रहे हैं आज उनके चालान किए गए इस अवसर पर एडीएम ने कहा कि किसी को भी लॉक डाउन में छूट नहीं दी जाएगी लॉक ड़ाउन का  पालन सख्ती पूर्वक कराया जाएगा यदि कोई व्यक्ति लॉक डाउन का पालन नहीं करता है तो उसके विरुद्ध धारा 188 के तहत कार्यवाही की जाएगी।


इंग्लैंडः मैक्सवेल ने किया करार रद्द

लंदन। इंग्लैंड़ क्रिकेट बोर्ड ने 28 मई तक सभी तरह की क्रिकेट गतिविधियों को रद्द कर दिया है। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के विस्फोटक बल्लेबाज ग्लेन मैक्सवेल तेज गेंदबाज जेम्स फॉकनर और न्यूजीलैंड के बल्लेबाज वेलिंगटन के साथ इंग्लैंड के क्रिकेट क्लब लंकाशायर ने इन तीनों खिलाड़ियों के साथ करार रद्द करने का फैसला लिया है। बता दें, इससे पहले आईपीएल 2020 को भी अनिश्चितकाल के लिए रद्द कर दिया गया है, ऐसे में मैक्सवेल के लिए दोहरा झटका है। न्यूज एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, एलॉट ने कहा, 'सभी वित्तीय और परिचालन रूप से सभी काउंटी टीमों के लिए स्पष्ट रूप से बहुत अनिश्चित और चुनौतीपूर्ण समय है और यह स्पष्ट है कि इस समय हम जिन मुद्दों का सामना कर रहे हैं, उनका असर घरेलू सीजन के लिए तैयार करने के तरीके पर पड़ेगा। उन्होंने कहा,'विदेशी खिलाड़ी के साथ इस स्थिति में एक ऐसी नीति है जिस पर देशव्यापी चर्चा की गई है और हमें लगता है कि जिन खिलाड़ियों के साथ हमने मूल रूप से करार किए थे उनके साथ पारस्परिक रूप से समझौता करना समझदारी है। निदेशक ने कहा,'हम खिलाड़ियों और उनके प्रतिनिधियों के साथ संपर्क में रहेंगे और हम जिस समझौते पर आए हैं, उसके तहत हमारे पास 2021 अभियान के लिए उनके साथ करार करने का एक विकल्प है। गौरतलब, है कि न्यूजीलैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज बीजे वाटलिंग के साथ लंकाशायर ने कांउटी चैंपियनशिप के पहले नौ मैचों के लिए करार किया था जबकि मैक्सवेल और फॉक्नर ने के साथ टी-20 ब्लास्ट टूर्नामेंट के लिए करार किया था। बता दें, इससे पहले भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा के साथ भी काउंटी क्लब ग्लोसेस्टरशायर ने करार तोड़ लिया था। पुजारा के साथ कल्ब ने छह मुकाबले खेलने के लिए फरवरी में करार किया था, लेकिन कोरोना वायरस के कारण इसे रद्द किया गया। कोरोनावायरस महामारी के कारण पूरे विश्व में अभी तक डेढ़ लाख से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं जबकि 23 लाख से अधिक लोग इस वजह से संक्रमित हो चुके हैं. इस वायरस का असर इंग्लैंड में भी देखा गया है जहां 10000 से अधिक व्यक्ति अपनी जान गवा चुके हैं।


भयावहः एक दिन में 1,891 की मौत

न्यूयॉर्क। अमेरिका में कोरोना का कहर जारी है। दुनिया भर के संक्रमित देशों में सबसे ज्यादा बुरा हाल अमेरिका का है। पिछले 24 घंटे में यहां कोरोना से 1,891 लोगों की मौत दर्ज की गई है। अमेरिका में कोरोना महामारी की चपेट में 7 लाख 32 हजार से ज्यादा लोग हैं। वहीं अब तक 38 हजार से ज्यादा लोगों की इस बीमारी से मौत हो चुकी है।


अमेरिका के न्यूयॉर्क राज्य में कोरोना ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है। हालांकि, शनिवार को न्यूयॉर्क से राहत देने वाली खबर आई। वहां इस संक्रमण से मरने वालों का आंकड़ा शनिवार को कम दर्ज किया गया। न्यूयॉर्क के गवर्नर एंड्रयू कुओमो ने कहा, कोरोना का कहर कम होता दिखाई दे रहा है, क्योंकि अस्पताल में इस बीमारी की चपेट में आने वाले लोगों की संख्या में गिरावट आई है। लगभग दो हफ्ते में यह पहली बार है जब शनिवार को कोरोना से मौत का आंकड़ा 550 से कम है।


पीड़ित राष्ट्रों ने भारत से मांगी मदद

आकाशु उपाध्याय


नई दिल्ली/थिंपू प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी से फोनवार्ता के माध्यम से मॉरीशस, भूटान और सेशेल्स ने कोरोना वायरस की महामारी से निपटने में मदद मांगी है। प्रधानमंत्री ने इन तीनो ही देशों को यथासंभव सहायता का आश्वासन दिया है। लोटे शेरिंग ने कोरोना पर चर्चा कीः भूटान के सर्वोच्च नेता प्रधानमंत्री लोटे शेरिंग ने भारतीय प्रधानमंत्री को फोन करके उनके साथ कोरोना संक्रमण की महामारी को लेकर चर्चा की। इस फोन वार्ता के बाद शेरिंग ने ट्वीट करके कहा कि 'भूटान के नरेश जिग्मे नामग्याल वांगचुक और प्रधानमंत्री लोटे शेरिंग कोरोना के खिलाफ जंग में भूटान को सराहनीय नेतृत्व प्रदान कर रहे हैं।' उन्होंने आगे लिखा कि भारत देश अपने करीबी मित्र भूटान, जो उसका पड़ोसी भी है, के साथ इस महामारी के खिलाफ जंग में खड़ा रहेगा। पीएम मोदी को दिया धन्यवादः भूटान के प्रधानमन्त्री ने ट्वीट में आगे लिखा कि मुसीबत के इस वक्त भूटान का साथ देने के लिये उन्होंने पीएम मोदी को धन्यवाद दिया है। भूटान के प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी किये गये वक्तव्य के मुताबिक भूटान के प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी को कोरोना संक्रमण से निपटने के खिलाफ क्षेत्रीय समन्वय को बढ़ावा देने के प्रयास की अगुआई के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। दोनों देशों के सर्वोच्च नेताओं ने दक्षिण क्षेत्रीय संगठन के नेताओं के बीच 15 मार्च को निर्धारित की गई विशेष व्यवस्था लागू करने की दिशा में हुई प्रगति पर प्रसन्नता जाहिर की।


जिलाध्यक्ष ने एसडीएम को सौंपा पत्र

भाजयुमो जिलाध्यक्ष ने एसडीएम को सौंपा धन्यवाद पत्र
कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान बेहतर सेवा के लिए


स्वास्थ्य कर्मियों पुलिसकर्मी सफाई कर्मी तथा पत्रकार बंधुओं के प्रति भी जताया आभार


बिंदकी फतेहपुर। कोरोना वायरस संक्रमण के चलते लॉक डाउन की स्थिति में बेहतर व्यवस्था के लिए भाजयुमो जिला अध्यक्ष ने एसडीएम को एक धन्यवाद पत्र दिया जिसमें उन्होंने समस्त पुलिसकर्मी चिकित्सक सफाई कर्मी पत्रकार बंधुओं तथा बैंक कर्मचारियों को भी आभार प्रकट किया है जिसका परिणाम है कि फतेहपुर इस वैश्विक महामारी पर भी विजय की ओर अग्रसर है।


कोरोनावायरस संक्रमण के दौरान लॉक डाउन के 25 वें दिन भी बेहतर व्यवस्था के लिए खासकर क्षेत्र ही नहीं पूरा जनपद इस वैश्विक महामारी से दूर रहने पर भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष मधुराज विश्वकर्मा ने कोतवाली परिसर पहुंचकर इस मामले को लेकर उप जिलाधिकारी प्रहलाद सिंह को धन्यवाद पत्र सौंपा है उन्होंने इस मामले में पुलिस क्षेत्राधिकारी योगेंद्र सिंह मलिक कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नंदलाल सिंह सहित समस्त पुलिस कर्मचारी चिकित्सक नगर पालिका परिषद के अधिकारी कर्मचारी पत्रकार बंधुओं एवं बैंक कर्मचारियों के प्रति भी आभार जताया जिसमें कहा कि ऐसे संकट में भी अपनी चिंता छोड़ निस्वार्थ भाव से देश और समाज हित में अनवरत काम करने का काम किया है जिसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम है पत्र में कहा गया है कि मानवता की सच्ची सेवा कर रहे आप लोगों की जितनी सराहना की जाए वह कम है ऐसी स्थिति में आप लोगों के स्वास्थ्य सुरक्षा की ईश्वर से कामना है। एसडीएम पहलाद सिंह तथा सीओ योगेंद्र सिंह मलिक तथा भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष मधुराज विश्वकर्मा की मौजूदगी में मेडिकल स्टोर एसोसिएशन के साथ एक बैठक हुई तय किया गया कि सभी मेडिकल स्टोर सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक खुलेंगे जबकि कुछ मेडिकल स्टोर चिन्हित किए जाएंगे जो ज्यादा समय के लिए खुलेंगे जिससे लोगों को कोई समस्या ना होने पाए।


जिला अध्यक्ष ने हाकरों को किया सम्मानित

सपा पूर्व जिला अध्यक्ष ने हाकरों को अंग वस्त्र भेंट कर किया सम्मानित


मास्क भी प्रदान किया और बेहतर स्वास्थ्य बने रहने की कामना की


बिंदकी फतेहपुर। कोरोना वायरस संक्रमण जैसी वैश्विक महामारी के चलते भी अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए प्रतिदिन समाचार पत्रों को घर-घर पहुंचाने का काम करने वाले हाकरों समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष ने अंग वस्त्र भेंट कर तथा मास्क लगाकर सम्मानित करने का काम किया और उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना की। कोरोनावायरस संक्रमण के बावजूद अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए साहस दिखाते हुए घर-घर तक दैनिक समाचार प्रतिदिन पहुंचाने वाले हाकरो समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष रामेश्वर दयाल दयालू ने रामलीला मैदान के निकट अपने आवास पर अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित करने का काम किया इस मौके पर उन्होंने सभी को मास्क भी लगाए और इस वैश्विक महामारी के चलते उनका स्वास्थ्य बेहतर रखने की ईश्वर से कामना की इस मौके पर हाकर सरजू प्रसाद तिवारी रमेश कुमार महेंद्र सिंह पंकज को सम्मानित किया गया सम्मान पाकर हाकरों ने कहा इस स्थिति में भी अपने कर्तव्य का पालन करते हुए प्रतिदिन लोगों के घरों तक समाचार पत्र पहुंचाने का काम करते रहेंगे।


बिंदकी में रहा पूरी तरह लॉक डाउन

बिंदकी में रहा पूरी तरह लॉक डाउन भीड़भाड़ वाली किराना गली में पसरा रहा सन्नाटा


बिंदकी फतेहपुर। प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देशानुसार शनिवार व बुधवार को होने वाली पूरी तरह से बंदी का प्रभाव दिखाई दिया। भीड़भाड़ वाली किराना बाजार में भी सन्नाटा छाया रहा जगह-जगह पुलिस बल भी मौजूद रहा। नगर में वैसे तो सामान्य रूप से शनिवार को साप्ताहिक बंदी होती है लेकिन लोगों की जरूरतों को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने अभी तक सुबह 10:00 बजे से 4:00 बजे तक प्रतिदिन दुकान खोलने की बात कही थी जिसके चलते नगर के विभिन्न स्थानों में किरणों की दुकानों में भीड़ लगी रहती थी इसी के चलते एसडीएम पहलाद सिंह ने निर्णय लेते हुए निर्देश दिया था कि आप शनिवार को बुधवार को दुकानें पूरी तरह से किराना की बंद रहेंगे इसी के निर्देश अनुसार शनिवार को पूरी तरह से किराना की दुकानें बंद रही भीड़ भाड़ वाली किराना गली में भी सन्नाटा छाया रहा नगर के ललौली चौराहा गांधी चौराहा खजुआ चौराहा से तमाम स्थानों पर पुलिस बल मौजूद रहा केवल मेडिकल स्टोर में खुले रहें जहां पर मरीजों और तीमारदारों ने दवाइयां ली।


धूप से जल्दी वायरस होता है खत्म

वाशिंगटन। अमेरिकी सरकार के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के एक प्रयोग में पता चला है कि धूप से कोरोना वायरस ‘बहुत जल्द’ खत्म हो गया। हालांकि, प्रयोग का ये शुरुआती परिणाम है। विभाग ने कहा है कि प्रयोग के अंतिम नतीजे आने बाकी हैं। याहू न्यूज ने प्रयोग से जुड़े कुछ विवरण हासिल किए हैं जिससे ये बात सामने आई है। इससे पहले भी साइंटिस्ट ये मानते रहे हैं कि अधिक तापमान में कोरोना वायरस का प्रभाव कम हो सकता है या फिर खत्म हो सकता है। हालांकि, आधिकारिक रूप से अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है।


अमेरिकी सरकार के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के प्रयोग में ये देखा गया कि उच्च तापमान और अधिक ह्यूमिडिटी में कोरोना वायरस अधिक देर तक नहीं टिकता। प्रयोग के विवरण में जिक्र किया गया है- ‘दिन की रोशनी में बाहरी वस्तुओं की सतह से कोरोना संक्रमण का खतरा कम पाया गया,’ वहीं ‘धूप में वायरस जल्दी ही खत्म हो गया। हालांकि, इस बात का भी जिक्र किया गया है कि जिस जगह पर ह्यूमिडिटी कम रहती है, वहां संक्रमण के खतरे कम करने के लिए अतिरिक्त सावधानी की जरूरत है। अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के एक प्रवक्ता ने डेली मेल से कहा कि विभाग कोरोना के खिलाफ लड़ाई में काम कर रहा है।हालांकि, विभाग की नीति की वजह वे लीक हुए डॉक्युमेंट के संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं देंगे। वहीं, कुछ ही दिन पहले फ्रांस के यूनिवर्सिटी में किए गए एक प्रयोग में पाया गया था कि 60 डिग्री सेल्सियस तापमान में वायरस का प्रभाव कुछ कम जरूर होता है, लेकिन अधिक तापमान में भी वे संक्रमण फैलाने में सक्षम रहते हैं।


प्रवासियों ने मलेशिया लौटने पर किया अनुरोध

कुआलालम्पुर। प्रवासी जिन्होंने मलेशिया को अपना स्थायी घर बना लिया है, वे सरकार से लंबी अवधि के पास धारकों- मलेशिया माई सेकेंड होम (एमएम 2 एच), वीजा धारकों, रोजगार पास और आश्रितों के उत्तीर्ण होने पर विचार करने की गुहार लगा रहे हैं।


संपत्ति खरीदने और मलेशिया में बसने के बाद, कई MM2H वीजा धारक जो यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, थाईलैंड, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका, भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे देशों में फंसे हुए हैं, उन्हें आवास की लागत वहन करने के लिए पैसे देने पड़ते हैं, दूसरों के बीच में। इस बीच, वैध आश्रितों के पास के साथ विदेश में पढ़ने वाले उनके बच्चों का स्कूल जाना बंद हो गया है और उन्हें अपने माता-पिता के पास लौटने की अनुमति नहीं है। 2004 से मलेशिया में प्रवासी जैमी ली, जो वर्तमान में ब्रिटेन में लॉकडाउन का पालन कर रहा है, ने दावा किया कि जबकि विदेशों में MM2H वीजा धारकों की सही संख्या अज्ञात थी, सौ से अधिक लोग थे जिन्हें वह जानता था।


फ्रांसः 24 घंटे में 642 लोगों की मौत

पेरिस। फ्रांस में कोरोना वायरस से एक दिन में 642 लोगों क मौत हो गई है। नेशनल पब्लिक हेल्थ एजेंसी ने शनिवार को बताया कि फ्रांस में 24 घंटों में 642 लोगों की मौत हुई है। जिसके बाद देश में मरने वालों का आंकड़ा 19,323 तक पहुंच गया है।


एजेंसी ने एक बयान में कहा, " मार्च से अब तक फ्रांस में कोरोना वायरस से 19,323 मौतें दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें से 11,842 अस्पतालों में मरे हैं और 7,481 लोगों की जान नर्सिंग होम में गई है।" एजेंसी ने आगे बताया कि 24 घंटों में देश में कोरोना वायरस के 2,569 नए मामले दर्ज किए गए हैं जिसके बाद देश में अब तक कुल संक्रमितों का आंकड़ा 111,821 तक पहुंच गया है। सोमवार को फ्रेंच राष्ट्रपति इमेनुअल मैक्रोन ने सोशल डिस्टेंसिंग उपायों के विस्तार की घोषणा की थी। इसके चलते रेस्टोरेंट, पार्क, म्यूजियम और दुकानें 11 मई तक के लिए बंद कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि इसके बाद धीरे-धीरे प्रतिबंधों को हटाना शुरू किया जाएगा।


ट्रंप की चीन को धमकी, जिम्मेदार कौन

वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से चीन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वे कोरोना वायरस के लिए जिम्मेदार हैं तो उन्हें इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत में चीन पर एक बार फिर से हमला बोला। साथ ही उन्होंने अमेरिका में उठाए जा रहे तमाम कदमों की भी तारीफ की।


ट्रंप ने कहा, 'जर्मनी को छोड़कर अमेरिका ने किसी और देश की तुलना में स्वास्थ्य के क्षेत्र में शानदार काम किया है, प्रति व्यक्ति के आधार पर हमारे यहां की मृत्यु दर दूसरे देशों खासकर पश्चिमी यूरोप की तुलना में बहुत कम है। अमेरिका की तुलना में फ्रांस, इटली, यूके और स्पेन जैसे देशों में मृत्यु दर बहुत ज्यादा है लेकिन आप वहां के बारे में नहीं सुनेंगे और सिर्फ अमेरिका के बारे में ही बात करेंगे।


नेपाल में 14 मस्जिदों को किया सील

काठमांडू। नेपाल में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच सुनसारी जिले में अधिकारियों ने 14 मस्जिदों को सील कर दिया तथा वहां शरण लिए 33 भारतीयों एवं सात पाकिस्तानियों को पृथक वास में भेज दिया। स्थानीय मीडिया ने यह खबर दी है। नेपाल में फिलहाल कोविड-19 के मामले बढ़कर 31 हो गए, जिनमें से 3 मरीज ठीक हो चुके हैं।


पूर्वी नेपाल के इटहरी महानगरपालिका में इन मस्जिदों को सील किया गया है। निजी समाचार चैनल एवेन्यूज टेलीविजन के अनुसार इन मस्जिदों में शरण लिए हुए 33 भारतीयों और सात पाकिस्तानियों को पृथक वास में भेज दिया गया।


इंडोनेशियाः भूस्खलन में 9 की मौत

जकार्ता। सोने की अवैध खदान में भूस्खलन में नौ लोगों की मौत हो गई है। इंडोनेशिया के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। यह दुर्घटना पश्चिम सुमात्रा प्रांत के दक्षिण सोलोक में शनिवार को हुई जब 12 लोगों का एक समूह एक खाली पड़ी खदान में सोने की खुदाई कर रहा था।इस इलाके में औपनिवेशिक काल की कई बेकार पड़ी खदानें हैं।जिला प्रवक्ता फिरदौस फिरमान ने बताया, ‘‘आठ पुरुष और एक महिला इसकी खुदाई के लिए गए थे और भूस्खलन में दब गए। हमने आज सुबह उनके शव बाहर निकाले।’’जब ये लोग खदान से बाहर नहीं निकले तो उन पर नजर रख रहे तीन लोगों ने घटना की जानकारी स्थानीय अधिकारियों को दी।पीड़ित स्थानीय किसान थे जो बिना उचित उपकरण या रक्षात्मक सामान के सोने की खुदाई कर रहे थे।


एएफपी गोला


पश्चिम बंगालः 233 संक्रमित, 12 की मौत

कोलकाता। कोविड-19 ने जहां पूरे भारत और विश्व में तबाही मचाना जारी रखा हुआ है वहीं पश्चिम बंगाल में इसे लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है जहां कई चिकित्सीय समुदाय और विपक्षी पार्टी दावा कर रही हैं कि राज्य बहुत कम मामलों की जानकारी दे रहा है क्योंकि संक्रमण के लिए बहुत कम आबादी की जांच की जा रही है।


राज्य में कोविड-19 के 233 मामले सामने आए हैं और 12 लोगों की मौत हुई है जो महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों से बहुत कम है। राज्य में जो मौत हुई हैं वे कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के चलते हुई हैं या पहले से जारी किसी गंभीर बीमारी के कारण हुई हैं, यह जांचने के लिए उनका इलाज करने वाले चिकित्सकों की बजाए विशेषज्ञ ऑडिट समिति का गठन करना राज्य सरकार के डेटा की विश्वसनीयता के बारे में संदेह पैदा करता है।


तमिलनाडुः 15 की मौत, 1500 जांच

चेन्नई। देश में कोविड-19 के संक्रमण के मामलों के लिहाज से अगर देखा जाए तो शीर्ष चार राज्यों में से एक तमिलनाडु है। जहां पिछले हफ्ते के दौरान नए मामलों की संख्या में कमी आनी शुरू हो गई और अब उसे आने वाले दिनों में संक्रमण के केसों में गिरावट आने की उम्मीद है। अधिकारियों ने इस गिरावट की वजह सरकार द्वारा अपनाए गए रुख को बताया है। राज्य में इस संक्रामण से अभी तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है।


स्वास्थ्य मंत्री सी. विजय भास्कर ने शनिवार को कहा, 'पिछले तीन दिनों में कोविड-19 के मामलों में कमी देखी गई है जो यह दिखाता है कि बीमारी पर प्रभावी रूप से निगरानी की हमारी कोशिशों, उचित एहतियाती कदम उठाने और नियंत्रण की योजनाओं के नतीजे मिलने शुरू हो गए हैं। तमिलनाडु में स्वास्थ्य अधिकारियों ने इसके पीछे की एक वजह सरकार द्वारा नई दिल्ली में तबलीगी जमात के कार्यक्रम से लौटे सभी करीब 1,500 लोगों की जांच करना बताया है। इस बीमारी से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों जैसे कि चेन्नई में नगर निकाय, निवासियों पर नजर रख रहा है, घर-घर जाकर नए मामलों का पता लगाया जा रहा है और इसके अलावा इलाकों को सील करने जैसे कदम उठाए गए हैं।


मेघालय-असम में ओले गिरने का अनुमान

पुणे। असम और मेघालय के अलग-अलग स्थानों पर अगले 24 घंटे के दौरान 50-60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से तूफान के आने तथा गरज के साथ बारिश और ओले गिरने का अनुमान हैं।


इसके साथ ही नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर 50-60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार के साथ हवा चल सकती है और साथ ही बिजली गिरने के भी आसार हैं। जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगिट-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर 30-40 किमी प्रति घंटे तक की गति से हवा के साथ बिजली और ओले गिर सकते हैं। झारखंड और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर 40-50 किमी प्रति घंटे तक की गति के साथ हवा चलने और बिजली गिरने का अनुमान है। पंजाब, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, मराठावाड़ा, कोंकण, गोवा, तटीय आंध्र प्रदेश, यमन और मध्य महाराष्ट्र में अलग-अलग स्थानों पर 30-40 किमी प्रति घंटे तक की गति से हवा चलने और बिजली चमकने का अनुमान है।


23 किमी पैदल चली घायल वृद्ध महिला

लॉकडाउन में अस्पताल-पुलिस ने नहीं की मदद 23 किमी पैदल चली वृद्ध घायल महिला


दिसपुर। कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन जारी है लेकिन इस दौरान लोगों को काफी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है। असम में 75 साल की घायल वृद्ध महिला को अस्पताल और पुलिस से मदद नहीं मिलने की वजह से मजबूरी में 23 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा।


घटना असम के जोरहाट की है, जहां 75 वर्षीय कदमी गोगोई और उनकी बहू शिवसागर जिले के मेडिकल कॉलेज अस्पताल से अपने घर तक पैदल जाने के लिए मजबूर हो गईं क्योंकि किसी ने उनकी मदद नहीं की।


करतारपुर गुरुद्वारा के 4 गुबंद क्षतिग्रस्त

पाकिस्तान स्थित सिख धर्म के पवित्र स्थल करतारपुर साहिब गुरुद्वारे केचार गुंबद तेज आंधी में क्षतिग्रस्त हो गए। गुरुनानक देव जी के 550वें जन्मोत्सव पर करतारपुर गलियारा खोला गया था।


इस्लामाबाद। छह माह पहले गलियारा खुलने के वक्त आठ नए गुंबद पाकिस्तान सरकार ने स्थापित करवाए थे। शुक्रवार देर रात तेज आंधी में इनमें से चार गुंबद गिर गए। दो गुंबद म्यूजियम की तरफ जबकि एक दर्शन ड्येढ़ी और एक देवनिस्थान की तरफ थे। इस घटना के बाद सिख समुदाय के लोगों ने इस गुंबद के गिरने पर अफसोस जताया है। आरोप लग रहे हैं कि गुंबद फाइबर का था, जिसके कारण तेज आंधी में यह गिर गया।उधर, शनिवार देर शाम पाकिस्तान के कैबिनेट मंत्री चौधरी फवाद हुसैन ने अमृतसर के पत्रकार रविंदर सिंह के ट्वीट पर अपनी बात रखते हुए कहा कि मंत्री नूर उल हक को इस मामले की जांच केआदेश दे दिए गए हैं।


सब्जियों की कमी की सलाह, समीक्षा

ईटानगर। देश में चल रहे लॉकडाउन के बीच राज्य कृषि विभाग ने बाजारों में सब्जियों की कमी से निपटने के लिए सभी जिलों के उपायुक्तों को कृषि उत्पादन विपणन समिति ऐपीएमसी कामकाज की समीक्षा करने की सलाह दी है।
उपायुक्तों को लिखे पत्र में कृषि सचिव बिडोल तायेंग ने कहा कि असम से सब्जियों का आयात या तो रोक दिया गया है या परिवहन की कमी के कारण आ नहीं पा रहा है। इसके कारण राज्य में सब्जियों की कमी हो रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से सब्जियां कस्बों के बाजार में आने के कारण अधिकतर जिलों में स्थिति अभी ठीक है लेकिन राजधानी में स्थिति बिगड़ रही है।


कहीं-कहीं ओलावृष्टि के साथ भारी बारिश

देहरादून। उत्तराखंड में मौसम शनिवार को भी बदला रहा। सुबह से ही पहाड़ों से लेकर मैदान तक बादलों के बीच धूप की आंख-मिचौनी चलती रही। दोपहर बाद गरज वाले बादल विकसित हुए और पहाड़ी इलाकों में कहीं-कहीं ओलावृष्टि के साथ बारिश हुई। जबकि, मैदानों में तेज हवाओं के साथ बौछार पड़ीं। वहीं, चारधाम समेत उच्च हिमालयी क्षेत्रों में देर शाम हिमपात हुआ।


मौसम के बिगड़े तेवर से तापमान में भी दो से तीन डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबिक रविवार को प्रदेश में मौसम साफ रहने से लेकर आंशिक रूप से बादल छाये रह सकते हैं। शनिवार को कुमाऊं के नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के मैदानी क्षेत्रों में बादल घिरे रहे, लेकिन हल्की बूंदाबांदी के बाद मौसम साफ हो गया।पिथौरागढ़ की ऊंची चोटियों पंचाचूली, छिपलाकेदार, राजरंभा, नंदा देवी आदि में हिमपात हुआ। बागेश्वर जिले में भी तेज हवाओं के साथ बौछार पड़ीं। नैनीताल में ओलावृष्टि के साथ तेज बारिश हुई। इधर, चारधाम में भी हल्की धूप खिलने के बाद बादलों का डेरा रहा और हल्की बर्फबारी हुई। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार मौसम के करवट लेने से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में मामूली गिरावट आई है।


झारखंडः संक्रमित 38, 2 लोगों की मौत

कोरोना वायरसः झारखंड में कोरोना के 4 नए मामले, कुल 38 संक्रमितों में दो की मौत


रांची। झारखंड में कोरोना वायरस का मामला बढ़ता ही जा रहा है। रविवार को राज्‍य में कोरोना वायरस के 4 नए मामले सामने आए। रविवार को दोपहर तक 93 टेस्‍ट किए गए। इसमें 89 निगेटिव और चार पॉजिटिव पाए गए। इस तरह से झारखंड में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्‍या 38 हो गई है। मिल रही जानकारी के अनुसार एक मामला रांची के हिंदपीढ़ी, एक मेन राेड, एक रांची के बेडो प्रखंड और एक सिमडेगा का है। बता दें कि रांची का हिंदपीढ़ी इलाका कोरोना मरीजों का हब बनता जा रहा है। अधिकतर मामले यहीं से सामने आ रहे हैं।


रविवार को सामने आए कोरोना के चार नए मरीजों में एक 42 वर्षीय शख्स रांची के हैदरी अपार्टमेंट पंजाब स्वीट हाउस, मेन रोड के पीछे रहता है। वहीं 17 वर्षीय युवक खैरिया टोली सिमडेगा का है। तीसरा कोरोना पॉजिटिव 24 वर्षीय युवक हिंदपीढ़ी तथा 58 वर्षीय बुजुर्ग बेड़ो का रहनेवाला है। बेड़ो बुजुर्ग कोरोना मरीज तब्‍लीगी जमात से जुड़े हैं।


भारतः संक्रमितो की संख्या- 15700

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में कोरोना तेजी से फैल रहा है लेकिन स्थिति नियंत्रण से बाहर नहीं है। घबराने की जरूरत नहीं है।


लगातार बढ़ रही कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या 15700


नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस के नए संक्रमित मरीजों की हर रोज पुष्टि हो रही है। राजधानी दिल्ली में कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इस दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लॉकडाउन में किसी भी तरह की छूट देने से इनकार किया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि राजधानी में कोरोना तेजी से फैल रहा है लेकिन स्थिति नियंत्रण से बाहर नहीं है। घबराने की जरूरत नहीं है।साथ ही फैसला लिया गया है कि लॉकडाउन के दौरान दिल्ली में किसी तरह की छूट नहीं दी जाएगी। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हालात को देखते हुए लॉकडाउन जरूरी है। वहीं दिल्ली में शनिवार को मिले कोरोना संक्रमित मरीजों को लेकर मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा, 'शनिवार को दिल्ली में मिले सभी 186 मरीजों में कोरोना के लक्षण नहीं दिखे। उन्हें पता ही नहीं था कि उन्हें कोरोना वायरस है। यह ज्यादा चिंताजनक है। बता दें कि देश में लगातार कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। देश में अब तक 15700 से ज्यादा कोरोना मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। वहीं दिल्ली में करीब 1900 लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं। साथ ही दिल्ली में अभी तक 42 लोगों की कोरोना के कारण मौत हो चुकी है। वहीं कोरोना संकट को देखते हुए देश में 3 मई तक लॉकडाउन लागू है।


पुणे आश्रम में 1300 लोग हुए एकत्र

पुणे। लॉकडाउन के कारण देश के कई इलाकों में लोग जहां-तहां फंसे हैं। प्रदेश की सरकारें इनके लिए उचित प्रबंध कर रही हैं ताकि कोरोना के संक्रमण का खतरा पैदा न हो। कुछ राज्यों में लोगों को वहीं रोक कर खाने-पीने का इंतजाम किया जा रहा है तो कहीं लोगों को उनके गृह प्रदेश भेजने का भी काम हो रहा है। कुछ ऐसा ही वाकया महाराष्ट्र के लातूर जिले का है। यहां राठोडा गांव में लॉकडाउन में फंसे करीब 1300 लोगों को निजी बस से उनके गांव जाधववाडी भेजा जा रहा है। जाधववाडी पुणे जिले में आता है।


जिन लोगों को निजी बसों से भेजा जा रहा है वे सभी सभी लोग राठोडा गांव में महानुभव पंथ के सत्संग कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए थे। बता दें, फरवरी महीने से यहां सत्संग चल रहा था। सत्संग के चलते लॉकडाउन की घोषणा की गई तो ये लोग यहीं फंस गए। चार-पांच दिन पहले यहां जोरों से बारिश हुई और बरसात में सत्संग का मंडप उखड़ गया। खाना बनाने का सामान भी खराब हो गया। इसकी वजह से इन महानुभवी साधकों को सिर छुपाने के लिए मंदिर और स्कूलों का सहारा लेना पड़ा।


इनकी स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने निजी बसों से इन सभी लोगों को इनके गांव जाधववाडी आश्रम लौटने की अनुमति दे दी है। इन लोगों को भेजने के लिए 44 सीट वाली एक बस में 22 यात्रियों को बैठाकर पुणे की जाधववाडी भेजा जा रहा है। फिलहाल 32 बसें उपलब्ध हुई हैं। इन बसों से सभी साधकों को वापस भेजने के लिए तीन दिन लगेंगे। इन सभी साधकों पर प्रशासन ध्यान दिए हुए है। इन सभी साधकों के टेस्ट करने के बाद ही उन्हें आगे जाने की अनुमति दी जा रही है।


स्तनपान से कैंसर का खतरा कम

अध्ययन में सामने आया है कि जो महिलाएं स्तनपान करवाती हैं उनमें ओवेरियन कैंसर का खतरा काफी कम रहता है। इसमें हाई-ग्रेड ट्यूमर भी शामिल है। कई अध्ययनों में स्तनपान और ओवेररियन कैंसर के खतरे के बीच संबंध की बात सामने आई है। इनमें से कुछ रिसर्च में पता चला कि स्तनपान करवाने वाली महिलाओं में अंडाशय के कैंसर का खतरा कम होता है जबकि कुछ रिसर्च में इन दोनों के बीच कोई संबंध नहीं पाया गया। 
13 ओवेरियन कैंसर एसोसिएशन कंसोरटियम अध्ययनों के आंकड़ों का इस्तेमाल हुए शोधकर्ताओं ने स्तनपान और ओवेरियन कैंसर के खतरे के बीच संबंध की जांच की। इस पूरी रिसर्च में लगभग 24,000 महिलाओं को शामिल किया गया जिनमें से 57.4 साल की उम्र की 9,973 महिलाएं ओवेरियन कैंसर से ग्रस्त थीं। वहीं 56.4 साल की 13,843 महिलाएं कंट्रोल ग्रुप में थीं। 
स्तनपान का प्रसार कंट्रोल ग्रुप के बीच 41त्न से 93त्न तक था और स्तनपान के लिए औसत अवधि 3.4 से 8.7 महीने तक थी। 
कंट्रोल ग्रुप की तुलना में ओवेरियन कैंसर से ग्रस्त महिलाओं की उम्र अधिक थी और इनमें से ज्यादा महिलाएं मेनोपॉज से गुजर चुकी थीं, इनका एक बच्चा था और इन महिलाओं ने कभी भी गर्भ निरोधक दवाओं का इस्तेमाल नहीं किया था और न ही एंडोमेट्रियोसिस या ओवेरियन कैंसर की हिस्ट्री रही थी। शोधकर्ताओं ने जाना कि स्तनपान करवाने से 24 फीसदी ओवेरियन कैंसर और 28 प्रतिशत बॉर्डरलाइन ट्यूमर का खतरा कम हो जाता है। जिन महिलाओं ने अपने जीवन में कभी भी स्तनपान करवाया था उनमें ओवेरियन कैंसर खासतौर पर हाई ग्रेड एंडोमेट्रियल कैंसर का खतरा कम पाया गया। 
जिन प्रतिभागियों ने एक से तीन महीने तक स्तनपान करवाया था उनमें 18 फीसदी और एक या इससे ज्यादा समय तक दूध पिलाने वाली महिलाओं में 34 फीसदी ओवेरियन कैंसर का खतरा कम था।
स्तनपान के फायदे 
मां के दूध से शिशु को संपूर्ण पोषण मिलता है।
मां के दूध में एंटीबॉडीज भरपूर होते हैं जो कि शिशु को वायरस एवं बैक्टीरिया से बचाने में मदद करते हैं।
स्तनपान करवाने से शिशु में कान में संक्रमण, श्वसन मार्ग में इंफेक्शन, जुकाम और इंफेक्शन, पेट में इंफेक्शन और सडन इंफैंट डेथ सिंड्रोम से बचाता है। कुछ अध्ययनों में सामने आया है कि मां का दूध पीने वाले बच्चों के मस्तिष्क का विकास फॉर्मूला दूध पीने वाले बच्चों की तुलना में बेहतर होता है।
इसके अलावा स्तनपान करवाने से मां और शिशु को और भी कई तरह के लाभ होते हैं जिनमें से ओवेरियन कैंसर से बचाव भी शामिल है। हम सभी जानते हैं कि स्तनपान से मां और शिशु की सेहत को कई तरह के लाभ मिलते हैं। शिशु को दूध पिलाने से मां को सबसे बड़ा यह फायदा होता है कि उनमें ओवेरियन कैंसर का खतरा कम हो जाता है।


सिर के दर्द में नींबू का प्रयोग रामबाण

मनोज सिंह ठाकुर


माइग्रेन सिर दर्द की एक ऐसी अवस्था होती है जिससे पीडि़त व्यक्ति को असहनीय दर्द होता है और वह इसे रोकने के लिए या फिर उसके उपचार हेतु हर संभव कोशिश करता है। या दर्द व्यक्ति के आधे सिर में महसूस होता है और कभी-कभी पीडि़त को मतली और कमजोरी भी महसूस होती है। इतना ही नहीं, माइग्रेन से पीडि़त लोगों को तेज रोशनी और तेज आवाज से भी घबराहट महसूस होती है, इसलिए ऐसे लोगों को विशेष तौर पर सावधानी बरतनी चाहिए। 
जिन व्यक्तियों को माइग्रेन की समस्या है उनके लिए यहां पर एक ऐसा ही घरेलू उपचार बताया जा रहा है, जिसे अपनाकर लोग काफी हद तक आराम पा सकते हैं। 
कौन-सा है घरेलू उपचार
यह घरेलू उपचार बेहद सरल और आसान है और इसका सकारात्मक फायदा भी थोड़ी ही देर में देखने को मिल सकता है। यह ड्रिंक के रूप में पीने के लिए इस्तेमाल भी किया जा सकता है जिसे आप घर पर किसी भी वक्त बना सकते हैं। नींबू से तैयार होने वाली इस ड्रिंक में ऐसे गुण मौजूद होते हैं जो माइग्रेन से राहत दिलाने का प्रभाव दिखा सकते हैं। 
रिसर्च में हुआ है दावा 
माइग्रेन के इलाज में नींबू का सेवन कितना असरकारी है। इसको लेकर नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इनफॉर्मेशन के अनुसार एक अध्ययन किया गया है। इसमें इस बात की पुष्टि भी की गई है कि नींबू रस का सेवन करने से माइग्रेन अटैक में तुरंत राहत दिलाने का गुण पाया जाता है। इसलिए माइग्रेन की स्थिति में अगर आप चाहें तो नींबू रस से तैयार की गई ड्रिंक का भी सेवन कर सकते हैं जिससे आपको कम समय में ही काफी हद तक आराम मिल सकता है 
घर पर ऐसे तैयार करें ये ड्रिंक – 
सामग्री – 1 गिलास 
1 नींबू 
1 चुटकी नमक 
1 गिलास पानी 
कैसे बनाएं 
सबसे पहले नींबू को काट लें और स्क्वीजर के जरिए इसका रस निकाल लें। 
अब पानी में इस रस को डालें और इसे अच्छी तरह मिक्स कर लें।
अब ऊपर से नमक डालें और चम्मच के सहारे इसे ड्रिंक में मिला लें। 
अब माइग्रेन से पीडि़त व्यक्ति को इसका सेवन काराया जा सकता है।
दरअसल, माइग्रेन से बचे रहने के लिए कुछ दवाओं का सेवन आपके शरीर पर दुष्प्रभाव भी छोड़ सकता है। इसलिए बिना किसी डॉक्टर की सलाह के किसी भी प्रकार की दवा का सेवन करने से बचें। इसकी जगह आप चाहें तो प्राथमिक उपचार के तौर पर इस ड्रिंक का सेवन कर सकते हैं।


संक्रमित टीआई की 19 दिन बाद मौत

इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में स्वास्थ्यकर्मियों के मौत के बाद अब एक पुलिसकर्मी की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई है। इंदौर के जुनी थाना प्रभारी देवेंद्र चंद्रवंशी कोरोना संक्रमण से पीड़ित है। जहाँ उनका इलाज इंदौर के ही अरविंदो अस्पताल में हो रहा था। जिसके बाद शनिवार देर रात टीआई देवेंद्र चंद्रवंशी की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनकी मृत्यु पर शोक जताया है और उनकी पत्नी को एस आई पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने की बात कही है। इसके अलावा सरकार द्वारा 50 लाख रुपए की सुरक्षा राशि भी दी जाएगी।


इंदौर में 45 वर्षीय थाना प्रभारी की शनिवार रात 2 बजे मौत हुई। इंस्पेक्टर देवेंद्र चंद्रवंशी जूनी थाने के प्रभारी थे। वे पिछले 19 दिन से अरविंदो अस्पताल में भर्ती थे। टीआई चंद्रवंशी की पहली कोरोना रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई थी, लेकिन बाद में13 और 15 अप्रैल की रिपोर्ट निगेटिव आईं। अस्पताल प्रबंधन के प्रमुखडॉ. विनोद भंडारी का कहना है किचंद्रवंशी की मौत का मुख्य कारण पल्मोनरी एम्बोलिज्म है। रविवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिलनी थी। वहीं, टीआई के साथ तैनात रहा एएसआई भी संक्रमित है। इंदौर में अब तक कोरोना के 890 पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं, जबकि 48 लोगों की मौत हुई। इसी बीच पुलिसकर्मियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए शिवराज सरकार ने जांच के आदेश दिए थे। जिसके बाद पुलिस एवं स्वास्थ्य कर्मियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वह कोरोना संक्रमण के बीच स्वयं का खासा ध्यान रखें। राज्य सरकार ने इसके मद्देनजर पुलिस एवं स्वास्थ्य कर्मियों के लिए पीपीई किट की उपलब्धता के साथ अन्य व्यवस्था पर भी नजर बनाए हुए है।


पुलिस की पिटाई से मजदूर की मौत

प्रदीप कुमार पाठक


टांडा (अम्बेडकरनगर)l टाण्डा कोतवाली अन्तर्गत छज्जापुर दक्षिण निवासी इसराइल पुत्र गरीबउल्लाह टांडा कोतवाली में तहरीर देकर दोषी पुलिस कर्मियो के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत करने की गुहार लगाई है तहरीर मे पुलिस द्वारा पिटाई का मामला सामने आ रहा हैl


दिए गए प्रार्थना पत्र ने बताया कि उसका पुत्र रिजवान(22 )जो दिहाडी मजदूर था दिनांक 15 अप्रैल को दिन में घरेलू सामान लेने निकला था पोस्ट ऑफिस के पास पहुंचा था कि इतने में पुलिस का एक वाहन आया जिसमें एक महिला दरोगा व अन्य पुलिसकर्मी थे और प्रार्थी के पुत्र को गाड़ी से उतरकर रोककर उसे लाठी से पीटना शुरू कर दिया जिससे उसके पुत्र को काफी चोटें आई हैंंl किसी तरह वह गिडते-पड़ते घर पर पहुंचा लाकडाउन होने के नाते घर पर ही पुत्र का देसी इलाज शुरू कर दिया गया हालत मे सुधार नहीं हुआ तो उसे सामुदायिक स्वास्थ्य टांडा ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यहो गई। क्षेत्राधिकारी अमर बहादुर ने बताया मामले की जांच कराई जा रही है जो भी दोषी होगा बख्शा नही जायेगा । घटना की जानकारी होते ही जिले के आला अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया। पीड़ित परिवार को कार्रवाई का आश्वासन दियाl


प्रशासन से बदसलूकी महंगी पड़ेगी

लखनऊ। चीन से निकलने के बाद जानलेवा कोरोना वायरस संक्रमण के मामले भारत के साथ उत्तर प्रदेश में बेहद तेजी से बढ़े हैं। देश भर में लॉकडाउन के बीच में तब्लीगी जमात से जुड़े लोगों के कारण इसपर अंकुश नहीं लग पा रहा है। इसी बीच लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराने वाली पुलिस टीम तथा स्वास्थ्य परीक्षण करने वाली मेडिकल टीम के साथ बदसलूकी भी बढ़ी है। मामला हद से अधिक होने के कारण अब यूपी पुलिस इस तरह के लोगों से दंगाइयों की तरह निपटेगी।


सीएम योगी आदित्यनाथ लगातार प्रदेश की हर गतिविधि पर नजर रखने के साथ ही मामलों का निस्तारण भी कर रहे हैं। मुरादाबाद में हॉटस्पॉट में स्वास्थ्यकर्मियों और पुलिस पर हमले तथा पथराव के बाद मुख्यमंत्री बेहद खफा है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश है कि इस तरह के उपद्रवियों के साथ अब दंगा करने वाले लोगों की तरह ही निपटा जाएगा। अगर कहीं पर भी अभद्रता तथा पथराव या अन्य हिंसा की घटना होने पर पुलिस अब सभी उपद्रवियों के खिलाफ सख्त से सख्त एक्शन लेगी। प्रदेश में तेजी से बढ़ते कोरोना वायरस संक्रमण के मामले में भी लॉकडाउन तोडऩे वालों और पुलिस के साथ बदसलूकी करने वाले उपद्रवियों से अब यूपी पुलिस दंगाइयों की तरह निपटेगी। अब प्रदेश पुलिस बॉडी प्रोटेक्टर और दंगा रोकने के पूरे संसाधनों से लैस होगी। डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने पुलिस आयुक्तों, एडीजी जोन, आईजी जोन और पुलिस कप्तानों को निर्देश दिए हैं कि वह सभी लोग अपनी तैयारी पूरी रखें।


पुलिस को सलाह दी गई है कि तलाशी अभियान या फिर मेडिकल टीम के साथ गली-मोहल्ले में दंगारोधी उपकरणों, बैटन, हेलमेट और बॉडी प्रोटेक्टर पहनकर ड्यूटी दें। पुलिसकर्मियों को सलाह दी गई है कि चाहे गली मोहल्ला हो, या फिर संवेदनशील इलाका, पुलिसकर्मी सभी सुरक्षा उपकरणों के साथ तलाशी और गश्त करे। स्वास्थ्यकर्मियों से बदसलूकी इस एक्शन की बड़ी वजह मानी जा रही है। मुरादाबाद में कोरोना जांच करने गई मेडिकल टीम पर हुए हमले के मामले में 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने बताया कि ड्रोन कैमरों की मदद से पकड़े गए लोगों की पहचान की गई थी। डीजीपी अवस्थी ने कहा कि प्रदेश में तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी लोग सामने आ जाएं और मेडिकल टेस्ट करा लें। यह तो समाज के हित में है और उनके स्वयं के भी हित में है। ऐसे सभी लोग अपना मेडिकल टेस्ट करा लें, जिनका लिंक मरकज से है। अगर किसी भी जिले में इसको छुपाने की बात पता चली या फिर किसी ने ऐसे लोगों को आश्रय दिया है तो कानूनी एक्शन होगा।


20 अप्रैल से चालू यूपी की अदालते

बृजेश केसरवानी


प्रयागराज। उत्तर प्रदेश की जिला अदालतें 20 अप्रैल से खुल जाएंगी। केवल वही अदालतें बंद रहेंगी जो कोरोना वायरस के कंटेनमेंट (हॉटस्पॉट) जोन में स्थित हैं। ऐसी अदालतें पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्य करती रहेंगी। वहां केवल अति आवश्यक मुकदमों की ही सुनवाई होगी। जो अदालतें कोरोना वायरस हॉटस्पॉट जोन मे नहीं हैं, वे अदालतें कार्य करना शुरू कर देंगी। इन अदालतों में हॉट स्पॉट जोन के भीतर रहने वाले कर्मचारियों को ड्यूटी न करने की छूट रहेगी। शेष भागों के कर्मचारी कार्यालय ज्वाइन करेंगे।


15 अप्रैल, 2020 को केंद्र सरकार और 16 अप्रैल, 2020 को राज्य सरकार की ओर से जारी दिशा निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा, जिसमें कर्मचारियों की उपस्थिति व शारीरिक दूरी की गाइडलाइन दी गयी है। इस आशय की अधिसूचना इलाहाबाद हाई कोर्ट के महानिबंधक अजय कुमार श्रीवास्तव ने जारी की है। प्रदेश के सभी जिला न्यायाधीशों, पीठासीन अधिकारियों को निर्देश का पालन करने का आदेश दिया गया है। ये आदेश सभी जिला अदालतों, कामर्शियल कोर्ट, वाहन दुर्घटना दावा अधिकरण, भूमि अधिग्रहण व पुनर्वास अधिकरण पर लागू होगा। जिला जज, जिलाधिकारी से अदालत की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर कार्रवाई करेंगे।


हाई कोर्ट में ई फाइलिंग से अतिआवश्यक मुकदमों की ही सुनवाई


इलाहाबाद हाई कोर्ट में ई फाइलिंग प्रक्रिया के जरिये अतिआवश्यक मुकदमों की ही सुनवाई होती रहेगी। किसी भी अधिवक्ता या मुंशी को न्यायालय परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं रहेगी, जो अधिवक्ता याचिका दायर करना चाहते हैं उन्हें ई-मेल के जरिये शीघ्र सुनवाई की सकारण अर्जी देनी होगी। पासवर्ड के साथ कार्यालय द्वारा अधिवक्ता के जरूरी सूचना दी जाएगी। यह व्यवस्था अगले आदेश तक अनवरत जारी रहेगी। हाई कोर्ट की ओर से कहा गया है कि इसके लिए न्यायालय परिसर में अधिवक्ता या मुंशी या वादकारी को आने की जरूरत, नहीं होगी। बिना वैध अनुमति के किसी भी अधिवक्ता या अधिवक्ता लिपिक परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह जानकारी निबंधक शिष्टाचार आशीष कुमार श्रीवास्तव ने दी है।


प्रदेश के न्यायिक अधिकारियों के तबादलेइस वर्ष नहीं होंगे 


इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कोरोना महामारी के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए इस साल न्यायिक अधिकारियों के स्थानांतरण पर रोक लगा दी है। हाई कोर्ट के महानिबंधक अजय कुमार श्रीवास्तव की ओर से प्रदेश के सभी जिला जजों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि महामारी के संक्रमण और लॉक डाउन से उत्पन्न स्थिति के कारण राज्य सरकार के सामने आर्थिक संकट आ खड़ा हुआ है। इस स्थिति में वर्ष 2020 में प्रदेशभर के न्यायिक अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग पर रोक लगाई जा रही है।


अब अधिकारियों के ट्रांसफर पोस्टिंग 2021 में ही किए जाएंगे। महानिबंधक ने जिला जजों से इसकी सूचना सभी न्यायिक अधिकारियों, कामर्शियल कोर्ट के पीठासीन अधिकारियों, मोटर एक्सीडेंट ट्रिब्यूनल के पीठासीन अधिकारियों और लैंड एग्जीविशन रिहैबिलिटेशन एंड रिसेटेलमेंट अधिकारियों को भी देने का निर्देश दिया है।


लॉक डॉउन का पालन सुनिश्चित करें

लखनऊ। पुलिस और प्रशासन के बीच तालमेल गड़बड़ था, जिसकी वजह से गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में कोरोना संक्रमण बढ़ गया। नाराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वहां के जिलाधिकारी को हटा दिया, लेकिन अफसरों ने सबक नहीं लिया।


हैरत की बात है कि जब सरकार इतनी गंभीरता और सख्ती बरत रही है, तब 75 में से 40 जिलों की स्थिति असंतोषजनक मिली है। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने पत्र लिखकर अधिकारियों को लॉकडाउन का पालन कराने के कड़े निर्देश दिए हैं। कानून व्यवस्था और अन्य स्थितियों की समीक्षा करते हुए अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने कोरोना संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए और प्रभावी कार्रवाई करने को कहा है। लखनऊ व गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट के अलावा मेरठ व बागपत में पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी पाई गई है। कई जगह पुलिस में आपसी तालमेल का अभाव पाया गया है।सरकार ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है। माना जा रहा है कि कई जिलों के अधिकारियों पर जल्द कार्रवाई भी हो सकती है। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी का कहना है कि कोरोना प्रभावित जिलों की समीक्षा के बाद व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं।


उत्तर प्रदेश में 49 जिले कोरोना संक्रमण से प्रभावित हैं। इनमें मेरठ, बागपत, हापुड़, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, आगरा, मथुरा, फीरोजाबाद, मैनपुरी, बरेली, बदायूं, मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर, अमरोहा, संभल, लखनऊ, खीरी, रायबरेली, सीतापुर, बाराबंकी, सुलतानपुर, कानपुर नगर, कानपुर देहात, कन्नौज, जालौन, प्रयागराज, प्रतापगढ़, वाराणसी, गाजीपुर, आजमगढ़, कुशीनगर, बस्ती, गोंडा, बहराइच व बलरामपुर में स्थिति असंतोषजनक पाई गई है। इन जिलों में कोरोना पीड़ितों की संख्या बढ़ने के साथ ही पुलिस व स्वास्थ्य टीम तथा सफाईकर्मियों पर हुए हमले की घटनाओं को गंभीरता से लिया गया गया है। इनमें कई जिलों में जमातियों की संख्या भी अधिक है। ऐसे में इन जिलों में लॉकडाउन के नियमों का और कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।


डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने भी हॉटस्पॉट क्षेत्रों में लॉकडाउन का पालन और सख्ती से कराने का निर्देश दिया है। डीजीपी ने कई अधिकारियों को अल्टीमेटम देने के साथ ही कार्रवाई के संकेत भी दिए हैं। डीजीपी ने एडीजी जोन लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर व आगरा, आइजी/डीआइजी रेंज लखनऊ, कानपुर, बस्ती, आगरा तथा एसएसपी/एसपी उन्नाव, कन्नौज, संतकबीरनगर व मैनपुरी को निर्देश दिया है कि हॉटस्पॉट क्षेत्रों में किसी भी दशा में आवाजाही पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए।


जमातियो पर हो देशद्रोह की कार्रवाई

अयोध्या। देश में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामलों के लिए तबलीगी जमात में शामिल लोगों को काफी हद तक जिम्मेदार माना जा रहा है। अब इस पर बाबरी मस्जिद के प्रमुख पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने चिंता जाहिर करते हुये देश में कोरोना संक्रमण फैलाने के लिए जमातियों को जिम्मेदार ठहराया है। इकबाल अंसारी ने जमातियों को देशद्रोही बताते हुए कठोर कार्यवाही की मांग की है। उन्होंने कहा कि बीमारी को फैला रहे जमातियों की वजह से मुसलमानों की बदनामी हो रही है। इकबाल अंसारी ने कहा है कि हम देश के वफादार मुसलमान हैं, हम कोरोना की बीमारी को अपने देश में नहीं फैलने देंगे। कोरोना हारेगा और देश जीतेगा। देश में कोरोना संक्रमण के बढऩे के लिए जमाती जिम्मेदार हैं और इन्हें देश का गद्दार करार दिया जाना चाहिए। इकबाल अंसारी ने जमातियों के ऊपर कार्यवाही करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जमातियों की वजह से देश का मुस्लिम बदनाम हो रहा है। इन लोगों को खोज कर के उनपर कार्यवाही करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में अभी भी सच्चे हिंदू और मुसलमान दोनों हैं। देश को बचाने के लिए हम आगे आएंगे। देश करोना को भगा कर पूरी दुनिया में सबसे आगे आएगा। बाबरी मस्जिद मामले के पक्षकार रहे इकबाल अंसारी का कहना है कि कोरोना का नामोनिशान भारत से मिटा देना है। इसके लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करें। अपने घरों में साफ सफाई से रहें।


'लॉक डाउन' में इन सेवाओं को छूट

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के चलते देशव्यापी लॉकडाउन में केंद्र सरकार ने कुछ छूटों का ऐलान किया है। सरकार ने लॉकडाउन से जिन गतिविधियों और सेवाओं को छूट दी है उनकी एक नई सूची जारी की है, जो कल यानी 20 अप्रैल से देश के सबसे कम कोरोना प्रभावित इलाकों में शुरू की जाएंगी। सूची में स्वास्थ्य सेवा, कृषि, बागवानी, मत्स्यपालन और पशुपालन शामिल है। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ट्वीट कर कहा कि कुछ गतिविधियों को करने की सरकार ने छूट दी है, जिसकी सूची जारी की गई है। हालांकि कंटनेमेंट जोन में इनकी इजाजत नहीं रहेगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रियों के एक समूह की बैठक के बाद कहा गया है कि लॉकडाउन के दौरान किसी भी तरह की छूट गृह मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन के मुताबिक ही होगी। हालांकि राज्य सरकारें अपने तरीके से नियमों को सख्ती से भी लागू कर सकती हैं। ग्रामीण इलाकों में आने वाली को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी और ग़ैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों को भी न्यूनतम स्टाफ़ के साथ ऑपरेट करने की अनुमति दी गई है। इसके अलावा सरकार ने यह भी स्पष्ट किया गया है कि ग्रामीण इलाकों में निर्माण कार्यों को 20 अप्रैल से छूट मिलेगी। वहीं, ग्रामीण में पानी की सप्लाई, बिजली और कॉम्युनिकेशंस से जुड़ी परियोजनाओं और गतिविधियों को भी लॉकडाउन से छूट दी गई है। सरकार ने बांस, नारियल, सुपारी, कोको और मसालों की खेती, कटाई, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, बिक्री के साथ-सााथ लेन-देन को भी लॉकडाउन से छूट दी है।
कल से शुरू होंगी ये सेवाएं और दुकानें
फल-सब्जी के ठेले, साफ-सफाई का सामान की दुकानें।
 किराना और राशन की दुकानें।
डेयरी और मिल्क बूथ, पोल्ट्री, मीट, मछली की दुकानें।
इलेक्ट्रीशियन, आईटी रिपेयर्स, प्लंबर, मोटर मैकेनिक, कारपेंटर, कुरियर, डीटीएच और केबल सर्विसेस।
ई-कॉमर्स कंपनियां काम शुरू कर सकेंगी।
केवल सरकारी गतिविधियों के लिए काम करने वाले डेटा और कॉल सेंटर।
आईटी और इससे जुड़ी सेवाओं वाले दफ्तर।
 ऑफिस और आवासीय परिसरों की प्राइवेट सिक्योरिटी और मैंटेनेंस सर्विसेस।
ट्रक रिपेयर के लिए हाईवे पर दुकानें और ढाबे खुलेंगे।
गांवों और खेती-किसानी से जुड़ी ये सेवाएं और उद्योग होंगे शुरू
गांवों में ईंट भट्टों और फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री में काम शुरू किया जाएगा।
 ग्राम पंचायत स्तर पर सरकार की मंजूरी वाले कॉमन सर्विस सेंटर खुल सकेंगे।
कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस सर्विस शुरू होगी।
 फिशिंग ऑपरेशन (समुद्र और देश के अंदर) जारी रहेंगे।
चाय, कॉफी, रबर और काजू की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग
दूध का कलेक्शन, प्रोसेसिंग, डिस्ट्रिब्यूशन और ट्रांसपोर्टेशन हो सकेगा। पोल्ट्री फॉर्म समेत अन्य पशुपालन गतिविधियां चालू रहेंगी। पशुओं का खाना मसलन मक्का और सोया की मैन्युफेक्चरिंग और डिस्ट्रिब्यूशन हो सकेगा। पशु शेल्टर और गौशालाएं खुलेंगी।
ये उद्योग होंगे शुरू ड्रग, फार्मा और मेडिकल डिवाइस बनाने वाली कंपनियों खुलेंगी।
 मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और स्पेशल इकोनॉमिक जोन, इंडस्ट्रियल टाउनशिप में स्थित कंपनियों को अपने यहां काम करने वाले स्टाफ के रुकने की व्यवस्था कंपनी परिसर में करनी होगी। अगर स्टाफ बाहर से आ रहा है तो सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए उनके आने-जाने के इंतजाम करने होंगे।
आईटी हार्डवेयर बनाने वाली कंपनियों में कामकाज होगा। कोल, माइन और मिनरल प्रोडक्शन, उनके ट्रांसपोर्ट और माइनिंग के लिए जरूरी विस्फोटक की आपूर्ति जारी रहेगी।ऑयल और जूट इंडस्ट्री, पैकेजिंग मटेरियल की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को भी छूट मिलेगी।
शहरी क्षेत्र के बाहर सड़क, सिंचाई, बिल्डिंग, अक्षय ऊर्जा और सभी तरह के इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट में कंस्ट्रक्शन शुरू हो सकेगा। अगर शहरी क्षेत्र में कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट शुरू करना है तो इसके लिए मजदूर साइट पर ही उपलब्ध होने चाहिए। कोई मजदूर बाहर से नहीं लाया जाएगा।
बैंक भी रहेंगे खुले
बैंक, एटीएम खुले रहेंगे. पेट्रोल, डीजल, केरोसीन, सीएनजी, एलपीजी और पीएनजी की सप्लाई जारी रहेगी। डाक घर खुले रहेंगे, डाक सेवाएं जारी रहेंगी। कैपिटल और डेट मार्केट सेबी के निर्देशों के अनुसार काम करेगा। मनरेगा के कामों को सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन करते हुए किया जाएगा। मनरेगा के काम की इजाजत रहेगी और सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन करना होगा। मनरेगा में सिंचाई और वॉटर कंजर्वेशन से जुड़े कामों को प्राथमिकता दी जाएगी।


इंटर्न की गलती से लीक हुआ वायरस

वॉशिंगटन। पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है और इससे दुनिया के लगभग सभी देश संकट में हैं। इस बीच एक अमेरिकी न्यूज चैनल ने दावा किया है कि ब्रिटेन, रूस और अमेरिका समेत दुनिया से कई देशों ने कोरोना वायरस को दुनियाभर में चीन ने फैलाया है। चैनल का दावा है कि कोरोना वायरस चीन के वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में काम करने वाली एक इंटर्न से गलती से लीक हुआ था। चैनल के इस दावे के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप में इस पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है.चैनल में जो रिपोर्ट पेश की गई है, उसमें बताया गया है कि सूत्रों के अनुसार दुनिया को भले ही लगे कि कोरोना वायरस प्राकृतिक है, लेकिन ऐसा नहीं है। यह वुहान के बायरोलॉजी लैब से निकला है। शोध के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन न करने के कारण यह वायरस लीक हो गया और इंटर्न खुद भी इससे संक्रमित हो गई। इसके बाद उसके संपर्क में आने से उसका बॉयफ्रेंड संक्रमित हुआ और बाद में यह वायरस तेजी से बढ़ता हुआ जानवरों के बाजार जा पहुंचा। चैनल की ओर से दावा किया जा रहा है कि वेट मार्केट जहां से कोरोना वायरस के आने की बात कही जा रही है, वहां पर कभी चमगादड़ बेचे ही नहीं गए। चैनल के अनुसार चीन, लैब से वायरस के निकलने की बात को छुपा रहा है और जानबूझकर वेट मार्केट को कसूरवार ठहरा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी दुनिया की प्रमुख पी-4 लेवल की लैब है। इस लैब में दुनियाभर के खतरनाक वायरस का परीक्षण किया जाता है।


सर्दी-जुकाम के मरीजों का रखें रिकॉर्ड

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुये कुछ राज्यों ने दवा दुकान संचालकों को आदेश दिया है कि वे बुखार, सर्दी और जुकाम की दवा खरीदने वालों का रिकॉर्ड रखें। इसके तहत दवा दुकानदारों को ग्राहक का नाम, पता और मोबाइल नंबर नोट करने को कहा गया है। महाराष्ट्र, आंधप्रदेश, तेलंगाना, बिहार आदि राज्यों की सरकार ने दवा दुकान संचालकों से कहा है कि लिस्ट देखकर दवा खरीदने वालों को ट्रैक किया जाएगा, जिससे कि उसका कोरोना टेस्ट किया जा सके।


बताया जा रहा है कि कोरोना के कई मरीज इसके लक्षण को कम करने के लिए इन दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। दरअसल ऐसे लोग कोरोना के टेस्ट से डर रहे हैं। उन्हें लगता है कि पॉजिटिव पाए जाने पर उन्हें कम से कम दो हफ्ते के लिए अस्पतालों में रहना पड़ सकता है या फिर उन्हें क्वारंटाइन में भेजा जा सकता है। इसी डर से लोग पैरासिटामोल और सर्दी जुकाम की बाकी दवाइयां खा रहे हैं। जानकारी के अनुुसार तेलंगाना में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां पता चला कि लोग खुद बुखार की दवा खा कर घर में थे, लेकिन बाद में टेस्ट होने पर उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। ऐसे में राज्य सरकार ने मेडिकल स्टोर चलाने वालों की तुरंत बैठक बुलाई और फिर यहां ये फैसला लिया गया कि आगे से ऐसी दवा खरीदने वालों का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा। वहीं महाराष्ट्र के पुणे में भी दवा दुकानदारों को ऐसे रिकॉर्ड रखने को कहा गया गया है। साथ ही यहां ये भी आदेश दिया गया है कि बिना डॉक्टर की पर्ची के ऐसी दवा न दी जाए। हर मेडिकल स्टोर को रात 8 बजे तक रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। बिहार सरकार ने भी समय-समय पर ये रिपोर्ट भेजने को कहा है।


राजस्थानः संक्रमित ओं की संख्या 1395

नई दिल्ली। दुनिया वैश्विक महामारी कोरोना के संकट से जूझ रही है। भारत में भी जानलेवा कोरोना वायरस का कहर जारी है। देश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अभी तक भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या 15 हजार के पार पहुंच गई है। राजस्थान में भी कोरोना का कहर जारी है। राज्य में कोविड-19 का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदेश में रविवार को 44 नए कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई है। राजस्थान स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि राज्य में आज यानि रविवार को 44 नए कोरोना पॉजिटिव मामले दर्ज किए गए हैं और एक की मौत हुई है। इसके बाद राज्य में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 1395 हो गई है। राज्य में कोरोना की चपेट में आने से अब तक 22 लोग अपनी जान गंवा चुके है।


चीन का हाथ हुआ तो भुगतेगा अंजाम

नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ-साफ चेतावनी दी है कि यदि कोरोना वायरस के फैलने के पीछे चीन का हाथ पाया गया तो उसे अंजाम भुगतना होगा। अमेरिका के राष्ट्रपति का बयान अब सामने आ रहा है जब अमेरिका कोरोना वायरस से बुरी तरह संक्रमित हो चुका है। अपने एक सिपाही की जान के बदले किसी दूसरे देश पर हमला तक कर देने वाला अमेरिका इस मामले में अभी तक खामोश क्यों रहा यह सवाल बहुत बड़ा है? फिर विश्व स्वास्थ्य संगठन से लेकर अन्य सारे मामलों में बड़े-बड़े बयान देने वाले डोनाल्ड ट्रंप चीन के मामले में अब तक खामोश क्यों रहे यह भी एक बड़ा सवाल है? उनकी ये चेतावनी अब सामने आ रही है जब कोरोना वायरस अमेरिका को हिला कर रख चुका है और स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है।


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अभियान, सैकड़ों अरब डॉलर की परियोजनाएं: मंजूर

वाशिंगटन डीसी। दुनिया के सबसे संपन्न सात देशों (जी 7) के शिखर सम्मेलन में शनिवार को चीन मुख्य मुद्दा रहा। चीन की विस्तारवादी नीतियों के खिला...