रविवार, 2 जुलाई 2023

पूर्व सैनिकों ने धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल की

पूर्व सैनिकों ने धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल की


पूर्व सैनिकों ने किया धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल, रक्षा मंत्री को भेजा पत्र

बृजेश केसरवानी 

प्रयागराज। वन रैंक वन पेंशन में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर जिले के भूतपूर्व सैनिकों ने सिविल लाइंस धरना स्थल पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल की। इसके बाद रक्षा मंत्री को संबोधित ज्ञापन सिविल लाइंस थाना प्रभारी को सौंपा। वीर सेनानी पूर्व सैनिक कल्याण समिति प्रयागराज के संरक्षक और पूर्व सूबेदार श्यामसुंदर सिंह पटेल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पूर्व फौजियों ने वन रैंक वन पेंशन की विसंगतियां दूर करने के लिए हुंकार भरी। धरना प्रदर्शन के दौरान पूर्व सैनिकों ने नारे लगाए भारत माता की जय, वंदे मातरम, पूर्व सैनिक आए हैं नई रोशनी लाए हैं। पूर्व सैनिक की क्या पहचान सेवा साहस और सम्मान, पूर्व सैनिक जिंदाबाद, हमारी मांगे पूरी हो पूरी हो। 

संरक्षक श्याम सुंदर सिंह पटेल ने कहा कि वन रैंक वन पेंशन में लगभग सात विसंगतियां हैं, जिन्हें दूर करने के लिए 20 फरवरी 23 से पूर्व सैनिक जंतर मंतर दिल्ली में धरना दे रहे हैं। पूरे देश के सभी जनपद के मुख्यालयों पर आज पूर्व सैनिक धरना प्रदर्शन व भूख हड़ताल पर बैठ कर अपनी मांगों का ज्ञापन रक्षा मंत्री को संबोधित करते हुए दिया गया है। पहले भेजे गए ज्ञापनों का जवाब रक्षा मंत्रालय, वित्त मंत्रालय व प्रधानमंत्री कार्यालय से डाक द्वारा हमे मिले हैं, जिसमें हमारी मांग की जांच पड़ताल कर आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन मिला है।

इस मौके पर पूर्व न्यायाधीश कैप्टन डीपीएन सिंह ने मंच पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया। कहा कि आप लोगों की मांग जायज है। विसंगतियों पर सरकार को ध्यान देना चाहिए और शीघ्र निर्णय लेकर पूर्व सैनिकों के साथ न्याय हो। ईश्वर चंद्र तिवारी, जेबी राय, सत्यपाल श्रीवास्तव, राम शिवहरे तथा आरके जायसवाल ने अपने विचार रखें।

शिक्षकों को अगले आदेश तक कार्यमुक्त न करें 

शिक्षकों को अगले आदेश तक कार्यमुक्त न करें 


69,000 भर्ती के शिक्षकों के ट्रांसफर पर रोक

बृजेश केसरवानी 

प्रयागराज। परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के अंतर जनपदीय स्थानान्तरण को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव प्रताप सिंह बघेल ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि 69,000 शिक्षक भर्ती में चयनित शिक्षकों को अगले आदेश तक कार्यमुक्त न किया जाए। एक जुलाई के पत्र में सचिव ने लिखा है कि 69,000 भर्ती को लेकर हाईकोर्ट के 13 मार्च के आदेश के खिलाफ स्पेशल अपील दायर की गई है।

फिलहाल हाईकोर्ट का आदेश प्रभावी है। ऐसे में एक जून 2020 की चयन सूची संशोधित होने पर अभ्यर्थियों के जिला आवंटन में परिवर्तन होने की संभावना को देखते हुए 69000 भर्ती के शिक्षकों को कार्यमुक्त न किया जाए।

बैठक, कांवड़ यात्रा की तैयारीयों पर चर्चा की

बैठक, कांवड़ यात्रा की तैयारीयों पर चर्चा की

शाहनवाज हुसैन

मुजफ्फरनगर। जहां एक तरफ कांवड़ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड़ पर है तो वही योगी सरकार मे मंत्री कपिल देव अग्रवाल भी जिला प्रशासन की तैयारियों पर नजर बनाए हुए है। इसी क्रम में आज मेरठ रोड स्थिति विकास भवन के सभागार में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल और केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने नगर पंचायतयों के अध्यक्षों और आला अधिकारियों के साथ बैठकर कांवड़ यात्रा की तैयारी पर चर्चा की और आवश्यक निर्देश भी दिए। इस बैठक में चरथावल नगर पंचायत के चेयरमैन हाजी अकरम, जानसठ नगर पंचायत के चेयरमैन आबिद हुसैन, पुरकाजी नगर पंचायत के चेयरमैन ज़हीर फारुकी, चरथावल नगर पंचायत के चेयरमैन मास्टर इस्लाम मौजूद रहे।

बैठक में राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि कांवड़ यात्रा मुजफ्फरनगर में शानदार तरीके से निकले और किसी भी शिव भक्त भोले को कोई समस्या ना हो इसके लिए सड़कें पानी की सप्लाई और विद्युत सप्लाई बेहतर की जाए और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यदि कांवड़ियों को किसी तरह की असुविधा होती है तो उसकी जिम्मेदारी हमारी होगी। उन्होंने कहा कि यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है क्योंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन सब की मॉनिटरिंग स्वयं करते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कांवड़ियों के प्रति श्रद्धा रहती है।

 मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि सबसे बड़ा सेंटर मुजफ्फरनगर है जितने भी शिव भक्त कावड़िए गौमुख और हरिद्वार से जल लेकर चलते हैं। वह हरियाणा दिल्ली पुरा महादेव जैसे स्थलों पर जाते हैं जिसकी वजह से उन्हें मुजफ्फरनगर आना पड़ता है। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि हम पूरे दिल से उनका स्वागत करेंगे उनका अभिनंदन करेंगे। उनको किसी प्रकार की असुविधा ना हो इसकी तैयारी हम सब लोग मिलकर कर रहे हैं। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने डीजे संचालक और शिव भक्त कावड़ियों से अपील करते हुए कहा कि वह अपने डीजे का साइज कम रखें जिससे कि शहरी क्षेत्रों में किसी असुविधा का सामना ना करना पड़े।

सरकारी महकमे में भ्रष्टाचार चरम पर: यादव 

सरकारी महकमे में भ्रष्टाचार चरम पर: यादव 

बृजेश केसरवानी  

बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने महागठबंधन को लेकर कहा है कि लोकसभा चुनाव में मेरा प्रयास रहेगा कि अधिक से अधिक दल साथ आये। उन्होंने कहा कि समान विचारधारा वाली पार्टियां गठबंधन का हिस्सा बन सकती हैं।

यह बातें अखिलेश यादव लखनऊ पब्लिक स्कूल बाराबंकी शाखा के शुभारंभ के बाद पत्रकारों से वार्ता के दौरान कही। उन्होंने प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था पर भी प्रश्न उठाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार मेडिकल कॉलेजों के सपने दिखा रही थी लेकिन जिला अस्पताल भी सुचारू रूप से संचालित नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि केन्द्र सरकार भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म करने का दावा कर नोटबंदी की लेकिन आज सरकारी महकमों में भ्रष्टाचार चरम पर है।

इस मौके पर पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप, रामगोविन्द चौधरी,राकेश वर्मा सहित पार्टी के कई नेता मौजूद रहे।

भाजपा में सभी वर्गों का भाईचारा खतरे में है 

भाजपा में सभी वर्गों का भाईचारा खतरे में है 

श्रीराम मौर्य  

हल्द्वानी। रविवार को हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में आयोजित सद्भावना सम्मेलन में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा शासन में हर वर्ग को खतरे में बताते हुए इसके खिलाफ हर मोर्चा खोलने की अपील की। सर्वोदई नेता भुवन पाठक के संचालन में आयोजित सम्मेलन में कांग्रेस नेता करन मेहरा ने कहा कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ घृणा का अभियान मदरसे से शुरू होकर मजार से करते हुए भाजपा अब देश के संविधान के लिए भी खतरा बन चुकी है। आज प्रदेश में थारू-बुक्सा, अनुसूचित जाति सहित हर वर्ग खतरे में है। सात सौ किसानों की मौत पर चुप्पी साधने वाली सरकार अपने एक सांसद को जेल जाने से बचाने के लिए पद्मश्री पहलवानों को सड़क पर घसीटने से भी बाज नहीं आ रही है। देश की बेटियां भी खतरे में हैं। पूरा जोशीमठ खतरे में है। सिर छिपाने की झोंपड़ी तक को अतिक्रमण बताकर गरीबों को उजाड़ा जा रहा है। जबकि जो मोदी के मित्र हजारों करोड़ों का गबन कर देश से भाग चुके हैं, उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। कांग्रेस नेता ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के विरोधी और गांधी को मारने वाली विचारधारा के लोग जब तक सत्ता में रहेंगे, तब तक देश में कुछ भी अच्छा होने की उम्मीद नहीं की जा सकती। आज केवल सामाजिक धार्मिक भाई-चारे को ही नहीं, देश के संविधान को ही नष्ट किया जा रहा है।

स्थानीय कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी-शाह युग में खुले नफरत के बाजार में कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व में मुहब्बत की दुकान खोल रही है। फासीवादियों के खिलाफ सत्य और तथ्य के साथ लड़ी कांग्रेस की लड़ाई के चलते ही दक्षिण भारत में भाजपा अपने पैर नहीं जमा पाई है। कर्नाटक के बाद दक्षिण भारत भाजपा मुक्त हो गया है। अब इसी तरह उत्तर भारत से भी भाजपा को मुक्त करना होगा। वर्तमान काल की तुलना हिटलर काल से करते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के लिए हिटलर ने अपनी ही संसद तक में आग में लगवा दी थी। ऐसा ही कोई षड्यंत्र भाजपा चुनाव जीतने के लिए कर सकती है। ऐसे षड्यंत्रों के प्रति भी हमें सचेत रहना होगा।

क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के सुप्रीमों पीपी आर्य ने कहा कि केंद्र सरकार ने आज सभी नागरिक अधिकारों पर चोट करके लोगों को अधिकारविहीन कर दिया है। चार श्रम कानूनों की आड़ में पचास करोड़ की श्रमिक आबादी को गुलामी की ओर धकेल दिया है। जिसके खिलाफ एनआरसी के खिलाफ हुए व्यापक आंदोलन की तरह ही सड़कों पर उतरना पड़ेगा। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने पहाड़ की लूट पर चर्चा करते हुए कहा कि पहाड़ों की जमीनों को पूंजीपतियों को लुटाई जा रही हैं। लोगों को प्रतिरोध तक नहीं करने दिया जा रहा है। 71 प्रतिशत जंगल होने के बाद भी राज्य में वनाधिकार कानून लागू नहीं किया जा रहा है। हिमालयी राज्यों में केवल उत्तराखंड ही ऐसा प्रदेश है, जहां भूमि खरीद पर कोई नियंत्रण नहीं है। देश अघोषित आपातकाल के कुचक्र में फंस चुका है। जिसकी लड़ाई प्रदेश के लिए नीति निर्धारण तय होने तक लड़नी होगी। खबर लिखे जाने तक सम्मेलन जारी था।

यूसीसी जबरन थोपे जाने के पक्ष में नहीं: माया

यूसीसी जबरन थोपे जाने के पक्ष में नहीं: माया  

हरिओम उपाध्याय

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने देश में समान नागरिक संहिता के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि उनकी पार्टी देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड को लागू करने के खिलाफ नहीं है। परंतु देश की विविधता को देखते हुए इसे किसी के ऊपर जबरिया थोपे जाने के पक्ष में भी नहीं है।

रविवार को राजधानी लखनऊ में पार्टी मुख्यालय पर बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया कर्मियों के साथ बातचीत करते हुए बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने समान नागरिक संहिता कानून को लेकर अपने रुख की जानकारी देते हुए कहा है कि उनकी पार्टी यूसीसी का पूरी तरह से समर्थन करती है और बसपा समान नागरिकता कानून के विरोध में नहीं है। 

उन्होंने कहा है कि देश में समान नागरिकता कानून बनने और उसके लागू होने से देश मजबूती प्राप्त करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी यूसीसी को किसी के ऊपर जबरिया थोपने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि समान नागििकता कानून लागू करने को लेकर आपसी सहमति का रास्ता अपनाया जाना चाहिए और इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।  बीएसपी सुप्रीमों मायावती ने कहा कि भारत की विशाल आबादी में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध और पारसी सहित विभिन्न धर्मों के मानने वाले लोग रहते हैं जिनके अलग-अलग रस्म और रिवाज हैं। जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा है कि अगर देश में सभी के लिए एक जैसा कानून लागू होगा तो इससे देश कमजोर नहीं बल्कि मजबूत होगा और इससे आपसी सौहार्द बढ़ेगा। इसीलिए संविधान में समान नागरिक संहिता का जिक्र किया गया है। लेकिन उसे जबरन थोपने का प्रावधान संविधान में निहित नहीं है। इसके लिए जागरुकता व आम सहमति का रास्ता अपनाया जाना चाहिए।

दिल्ली मेट्रो से शराब लाने पर जुर्माना व जेल   

दिल्ली मेट्रो से शराब लाने पर जुर्माना व जेल    

अश्वनी उपाध्याय   

गाजियाबाद। दिल्ली मेट्रो में दो बोतल शराब ले जाने की छूट से शौकीन लोग काफी खुश हैं। लेकिन सावधान, यदि मेट्रो में दो बोतल शराब लेकर आप नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम या फरीदाबाद के किसी स्टेशन पर उतरते हैं तो आपको गिरफ्तार भी किया जा सकता है। बहुत संभव है कि इसी दो बोतल शराब की वजह से आपको जेल की हवा भी खानी पड़े। जी हां, इस तरह की दिक्कत उत्तर प्रदेश और हरियाणा में लागू आबकारी कानूनों की वजह से हो सकती है। दरअसल उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कानून में प्रावधान है कि आप किसी गैर राज्य से एक बोतल से अधिक शराब नहीं ला सकते।

उत्तर प्रदेश आबकारी एक्ट की धारा 63 के मुताबिकयदि ऐसा करते हुए पकड़ा जाता है तो इसे शराब की तस्करी का मामला समझा जाएगा और आबकारी कानून के तहत आपको जेल हो सकती है। दिल्ली मेट्रो द्वारा दी गई छूट की घोषणा के बाद उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग की टीम सक्रिय हो गई है।

विभाग की ओर से नोएडा और गाजियाबाद के मेट्रो स्टेशनों पर इस तरह की चेतावनी लगा भी दी है। इसी तरह गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी आबकारी विभाग की ओर से मेट्रो यात्रियों को अपने राज्य के कानून के प्रति आगाह किया गया है। आबकारी विभाग के अधिकारियों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में एक्साइज पॉलिसी के मुताबिक किसी भी राज्य से शराब लाना अवैध है। आबकारी टैक्स में अंतर की वजह से इसे पॉलिसी में राजस्व को नुकसान बताया गया है।

हालांकि इसमें व्यवस्था दी गई है कि यदि कोई भी व्यक्ति किसी अन्य राज्य से शराब की एक खुली बोतल लेकर आता है तो उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। नोएडा जिला आबकारी अधिकारी सुबोध श्रीवास्तव ने दिल्ली मेट्रो की छूट को लेकर कहा कि दिल्ली मेट्रो की छूट केवल दिल्ली में लागू होगी। यूपी में तो यूपी का अपना आबकारी एक्ट ही लागू होगा और इसी एक्ट के मुताबिक कार्रवाई भी होगी। उन्होंने बताया कि दिल्ली मेट्रो के नए आदेश के बाद उत्तर प्रदेश के स्टेशनों पर विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है।

इस दौरान जो कोई भी दो बोतल शराब के साथ पकड़ा जाएगा, उसके खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में नोएडा गाजियाबाद से दिल्ली आने जाने वाले यात्रियों को विभाग की ओर से सचेत भी किया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि इस तरह की गलती कर वह खुद अपने लिए परेशानी मोल ना लें।

बता दें कि उत्तर प्रदेश में दिल्ली और हरियाणा की अपेक्षा शराब महंगी है। ऐसे में अक्सर लोग दिल्ली या हरियाणा से खरीद कर उत्तर प्रदेश में शराब लाते हैं। ऐसा करते हुए कई बार लोग पकड़े भी गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक चूंकि कानून में इसे गैर जमानती अपराध माना गया है। इसलिए जुर्माना लगाने के साथ इन सभी लोगों को जेल भी भेजना पड़ा है।

ट्रेनों की स्पीड 130 किमी प्रति घंटा करेंगे 

ट्रेनों की स्पीड 130 किमी प्रति घंटा करेंगे   

नरेश राघानी   

जयपुर। रेवाडी रेलवे तकनीकी और इन्फ्रा में सुधार कर कुछ समय में दिल्ली-रेवाडी-जयपुर सेक्शन पर ट्रेनों की स्पीड 130 किमी प्रति घंटा तक बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। अजमेर मंडल में इसकी शुरुआत के बाद रेलवे ने अजमेर से पालनपुर सेक्शन पर स्पीड बढ़ा दी है। इसके बाद बाकी अनुभागों में भी सुधार शुरू किया जाएगा। 

दिल्ली-रेवाड़ी-जयपुर होते हुए।

गुजरात और महाराष्ट्र जाने वाला रेलवे का यह खंड सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है। फिलहाल इस रेलखंड पर 170 से अधिक ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। वंदे भारत भी इस ट्रैक पर आ चुकी है और अन्य स्पेशल ट्रेनों की संख्या भी लगातार बढ़ाई जा रही है। ऐसे में रेलवे की ओर से इस सेक्शन पर ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं। इसके तहत रेलवे द्वारा वर्षों पहले इस खंड के लिए गोल्डन कॉरिडोर प्रोजेक्ट भी तैयार किया गया था, जिसके तहत इस खंड पर ट्रेनों की गति 130 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक करने की योजना है।

इसके तहत अजमेर से पालनपुर सेक्शन तक करीब 350 किमी के रूट को अपग्रेड कर यहां ट्रेनों की स्पीड 130 किमी प्रति घंटा कर दी गई है। इसके लिए कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी के ट्रायल और सीआरएस का सेफ्टी सर्टिफिकेट मिलने के बाद जयपुर मंडल में यह काम करने की तैयारी की जा रही है। वंदे भारत की रफ्तार फिलहाल कम अजमेर से दिल्ली कैंट के बीच संचालित वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन रेलवे प्रशासन कर रहा है।

इस ट्रेन की स्पीड 130 किलोमीटर प्रति घंटा तक है, लेकिन इसके मुताबिक ट्रैक नहीं होने के कारण इसे 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ही चलाया जा रहा है। ऐसे में इस ट्रेन को अजमेर से दिल्ली तक का सफर पूरा करने में अभी भी करीब 6 घंटे का समय लगता है। ट्रैक अपग्रेड होने के बाद इसकी स्पीड बेहतर हो जाएगी, जिससे इसकी स्पीड भी 130 किमी प्रति घंटा तक हो जाएगी। इलेक्ट्रिक सेक्शन के बाद बढ़ी स्पीड दिल्ली-रेवाड़ी-जयपुर का यह रूट अजमेर तक पूरी तरह इलेक्ट्रिक हो गया है, जिसके बाद इस रूट पर ज्यादातर ट्रेनें इलेक्ट्रिक इंजन से संचालित हो रही हैं।

इलेक्ट्रिक इंजन की गति 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक होती है, जबकि यात्री ट्रेनों के इलेक्ट्रिक इंजन की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक होती है। रेलवे की कोशिश इस स्पीड को 110 किमी प्रति घंटे से बढ़ाकर 130 करने की है. इसके लिए सबसे जरूरी है कि ट्रैक को इसी स्पीड के हिसाब से तैयार किया जाए। इसकी शुरुआत अजमेर डिविजन में की गई थी, जिसका ट्रायल पूरी तरह से सफल रहा है, अब बाकी सेक्शन को भी इसी तर्ज पर अजमेर से दिल्ली तक अपग्रेड किया जाएगा।

हरियाणा: 57 कैदियों को समय से पहले रिहाई   

हरियाणा: 57 कैदियों को समय से पहले रिहाई   

सुरेश ओबेरॉय   

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने कैदियों के लिए एक अच्छी खबर दी है। हरियाणा की जेलों में उम्रकैद काट रहे 57 कैदियों को समय से पहले ही रिहाई मिल सकती है। यह वे कैदी हैं, जो संगीन मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।

अच्छे आचरण को देखते हुए लिए गया फैसला

पिछले कई सालों से इनके अच्छे आचरण को देखते हुए हरियाणा सरकार की राज्य स्तरीय कमेटी ने इन कैदियों को समय पूर्व रिहाई देने की संभावनाओं पर विचार विमर्श किया। कमेटी अपनी सिफारिश मुख्यमंत्री मनोहर लाल को भेजेगी, जिसके बाद इन कैदियों की समय पूर्व रिहाई पर निर्णय हो सकता है। 

मुख्यमंत्री के स्तर पर लिया जाएगा निर्णय

मुख्यमंत्री के स्तर पर निर्णय लिया जाएगा कि इनमें से कितने कैदियों को समय पूर्व रिहाई का लाभ मिलता है और कितनों को नहीं। संविधान में भी इस तरह के नियम हैं कि उम्रकैद वाले कैदियों की सजा को कम किया जा सकता है। सरकार के पास भी ऐसे अधिकार हैं। इसीलिए स्टेट लेवल की कमेटी बनाई हुई है। 

कमेटी के चेयरमैन और जेल मंत्री की अध्यक्षता में बैठक

शुक्रवार को कमेटी के चेयरमैन और जेल मंत्री रणजीत सिंह चौटाला की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन कैदियों के आचरण पर चर्चा की गई। बैठक में कमेटी सदस्यों के रूप में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद, जेल विभाग के महानिदेशक मोहम्मद अकील व कानूनी सलाहकार हरियाणा के जेल मंत्री रणजीत सिंह चौटाला उम्रकैद की सजा काट रहे अच्छे आचरण वाले कैदियों की रिहाई पर अधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए। (एलआर) नरेंद्र सूरा मौजूद रहे।

51 कैदियों की जल्द रिहाई पर मंथन

जेल विभाग की ओर से आईजी (जेल) जगजीत सिंह भी इस बैठक में उपस्थित रहे। बैठक के मुख्य एजेंडो में 51 कैदियों की जल्द रिहाई पर मंथन हुआ। इसी दौरान एडीशन एजेंडे के रूप में 6 और कैदियों को लेकर चर्चा हुई। कमेटी ने सभी 57 मामलों में एक-एक कर मंथन किया। अब कमेटी सिफारिश के साथ रिपोर्ट सरकार को भेजेगी।

सीटी स्कैन कराते समय एक महिला की मौत

सीटी स्कैन कराते समय एक महिला की मौत

इकबाल अंसारी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटर में सीटी स्कैन कराने आई महिला की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। आरोप है कि महिला पेट के सीटी स्कैन के लिए एक निजी डायग्नोस्टिक सेंटर में आई थी। डॉक्टर के सुझाव के अनुसार, सलेमा को सीटी स्कैन से पहले ‘नॉन-आयनिक कंट्रास्ट’ दिया गया था। हालांकि, दवा लगाने के कुछ देर बाद महिला बीमार पड़ गई और उसकी मौत हो गई।

यह घटना कोलकाता के हाजरा इलाके के एक निजी डायग्नोस्टिक सेंटर में हुई। इस घटना की जानकारी मिलते ही बालीगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद कई लोग डरे हुए हैं। लेकिन ऐसा क्यों हुआ ये सवाल उठने लगा है। साउथ कोलकाता में ऐसी घटनाएं सुनकर कई लोग हैरान हैं। पुलिस को क्या मिली जानकारी पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मृत महिला का नाम सलेमा बीबी (47) है। वह सरशुना के वासुदेवपुर इलाके का रहने वाली हैं। वह पेट का सीटी स्कैन कराने के लिए हाजरा के निजी डायग्नोस्टिक सेंटर में आई थी।

‘नॉन-आयनिक कंट्रास्ट’ देने के बाद बिगड़ी महिला की तबीयत

प्राप्त जानकारी के अनुसार सलेमा को सीटी स्कैन से पहले ‘नॉन-आयनिक कंट्रास्ट’ दिया गया था. परीक्षा केंद्र के प्राधिकारी ने पुलिस को सूचित किया। हालांकि, दवा लगाने के कुछ देर बाद महिला बीमार पड़ गई। उनका रक्तचाप तेजी से गिरने लगा और इसके बाद महिला की जांच केंद्र में ही मौत हो गई।

इस घटना से उनके परिजन आक्रोशित हो गये। हालांकि, बाद में परिजन शव लेकर लौट आए, हालांकि इस बाबत अभी तक कोई पुलिस शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। लेकिन इस घटना को लेकर मेडिकल जगत में काफी चर्चा है। डॉक्टरों का मानना ​​है कि महिला की मौत ‘एनाफिलेक्टिक शॉक’ के कारण हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि नॉन-आयनिक कंट्रास्ट देने के बाद महिला को गंभीर एलर्जी हो गई और उसी से बाकी सब घटित होता हुआ प्रतीत होता है। उस एलर्जी की वजह से महिला का खून और उसकी नसों में मौजूद प्लाज्मा बाहर आ गया। उनकी मृत्यु नसों में खून की कमी के कारण हुई।

महिला की मौत से मचा हड़कंप

कई डॉक्टरों के अनुसार, एनाफिलेक्टिक शॉक तब होता है जब शरीर में अधिकांश रक्त वाहिकाएं फैल जाती हैं। इसकी वजह से शरीर का रक्तचाप सामान्य से काफी नीचे चला जाता है। नतीजतन, शरीर के अंगों में रक्त की आपूर्ति बाधित हो जाती है और अपंग होने लगा। डॉक्टर का कहना है कि ये बेहद दुर्लभ घटना है। लेकिन जब होता है, तो डॉक्टरों को कुछ करने का मौका ही नहीं मिलता। फलतः मरीज मौत हो जाती है। कुछ दिन पहले कोलकाता में एक और इसी तरह की घटना घट चुकी है।

अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली

अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली   

इकबाल अंसारी   

मुंबई। नेशनल कांग्रेस पार्टी के नेता अजित पवार ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में राजभवन में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है और शरद पवार की एनसीपी टूट के कगार पर पहुंच गई है। महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता के पद से इस्तीफे की पेशकश करने वाले अजित पवार ने (रविवार) अपने आवास पर समर्थक विधायकों के साथ बैठक की और इसके बाद 17 विधायकों के साथ शिंदे सरकार को समर्थन देने के लिए राजभवन रवाना हो गए।

सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र में एनसीपी की ओर से अजित पवार को मिलाकर कुल 5 से ज्यादा मंत्री शपथ ले सकते हैं। मंत्री बनने वालों में हसन मुशरीफ, छगन भुजवल, अनिल पाटिल, दिलीप पाटिल, अदिति तटकरे आदि का नाम शामिल है।

नम्रता का ग्लैमरस देख फैंस की धड़कनें तेज 

नम्रता का ग्लैमरस देख फैंस की धड़कनें तेज 

कविता गर्ग   

पटना। भोजपुरी इंडस्ट्री की हसीना नम्रता मल्ला का ग्लैमरस अंदाज देखकर सोशल मीडिया पर फैंस की धड़कनें तेज हो जाती हैं। सिर्फ सिजलिंग तस्वीरों से ही नहीं, बल्कि नम्रता मल्ला का डांस भी इतना कमाल का होता है, जिसे देखकर अक्सर निगाहें हटाना लोगों के लिए मुश्किल हो जाता है। एक बार फिर नम्रता मल्ला ने अपने लेटेस्ट फोटोशूट से इंटरनेट का टेम्प्रेचर हाई कर दिया है। इन तस्वीरों में एक्ट्रेस ब्लू ब्रालेट पहनकर पोज देती हुई नजर आ रही हैं। नम्रता मल्ला ने अपना लेटेस्ट फोटोशूट इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। एक ओर जहां काउच पर बैठकर नम्रता मल्ला सिजलिंग पोज देती दिखी हैं, वहीं दूसरी ओर इस पॉपुलर हसीना के कातिलाना एक्सप्रेशंस भी दिल लूटने के लिए काफी है। नम्रता मल्ला ने इस ग्लैमरस लुक के साथ बालों को ओपन रखा और सटल मेकअप से रूप को निखारा है।

नम्रता मल्ला का स्टाइल शुरुआत से बिल्कुल एक जैसा ही है, हालांकि गले में लॉक वाले नेकपीस ने लोगों का ध्यान जरूर खींचा है। भोजपुरी इंडस्ट्री का जाना-माना नाम नम्रता मल्ला की इन तस्वीरों को देखने का फैंस बेसब्री से इंतजार भी करते हैं। सिजलिंग अदाएं दिखाने के लिए जितना नम्रता मल्ला को फैंस का प्यार मिलता है, वहीं कुछ यूजर्स एक्ट्रेस को जमकर ट्रोल भी करते हैं।

ये पॉपुलर हसीना जितना स्टाइल के लिए लोगों की तारीफ हासिल करती हैं, वहीं फिटनेस भी काफी लाजवाब है। इंस्टाग्राम पर 2 मिलियन का आंकड़ा छू चुकीं नम्रता मल्ला की तस्वीरें, रील्स और वीडियो आते ही सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगता है। नम्रता मल्ला भी अपने स्टाइल को लेकर नए-नए एक्सपेरिमेंट्स करती नजर आ जाती हैं। लुक इंडियन हो या फिर वेस्टर्न, सिजलिंग अंदाज, भरपूर ग्लैमर और कातिलाना एक्सप्रेशंस दिखाकर एक्ट्रेस उसे खास बना देती है। डांसर और एक्ट्रेस नम्रता मल्ला का साड़ी लुक भी काफी वायरल हुआ था।

23 साल बाद हत्या आरोपी गिरफ्तार किया

23 साल बाद हत्या आरोपी गिरफ्तार किया

दुष्यंत टीकम   

सूरत। कहते हैं ना कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं। अपराधी चाहे लाख कोशिश कर ले लेकिन वह पकड़ा ही जाता है। इस कहावत को सूरत पुलिस ने चरितार्थ कर दिखाया है। दरअसल, सूरत पुलिस ने 23 साल से हत्या के मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को मथुरा के नन्दगांव से गिरफ्तार किया है। पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए अपराधी साधु का भेष धारण करके रह रहा था। उसे मथुरा के एक आश्रम से गिरफ्तार करने के लिए खुद सूरत पुलिस को भी साधु और पुजारी जैसा भेष धारण करना पड़ा। आरोपी का नाम पदम उर्फ राकेश पांडा है।

दरअसल, इन दिनों सूरत पुलिस द्वारा वांटेड अपराधियों की सूची तैयार कर उन्हें पकड़ने की मुहिम चलाई जा रही है। खासकर उन्हें तलाशा जा रहा है जो लंबे समय से पुलिस की लिस्ट में वांटेड चल रहे हैं। ऐसे वांटेड अपराधी जिन पर पुलिस ने इनाम भी घोषित किए हैं। पुलिस की गिरफ्त में आए पदम उर्फ राकेश पांडा पर भी पुलिस ने 45 हजार का इनाम रखा था।

जानकारी के मुताबिक, पदम उर्फ राकेश पांडा ने साल 2001 में सूरत के रहने वाले विजय साचीदास नामक शख्स की हत्या कर दी थी। वो भी सिर्फ इसलिए क्योंकि वह उसकी कथित गर्लफ्रेंड के घर आता-जाता था। पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए पदम उर्फ राकेश पांडा मथुरा पहुंच गया था और वहां उसने साधु का भेष धारण कर लिया। फिर मथुरा के नंद गांव में स्थित कुंजकुटी आश्रम में साधु बनकर रहने लगा। उसने अपने बाल और दाढ़ी भी बढ़ा ली ताकि कोई उसे पहचान न सके।

सूरत पुलिस की प्रिवेन्टिव ऑफ क्राइम ब्रांच की टीम ह्यूमन सर्वेलान्स तथा अन्य रिसोर्सेज के आधार पर मूलतः उड़ीसा के गंजाम जिले के रहनेवाले इस हत्यारे को गिरफ्तार करने के लिए मथुरा के कुंजकुटी आश्रम पहुंची। उसे गिरफ्तार के लिए पुलिस ने खुद साधु और पुजारी जैसा भेष धारण किया। फिर दो दिन की कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

सूरत के पुलिस कमिश्नर अजय कुमार तोमर ने बताया कि सूरत शहर एक औद्योगिक शहर है। यहां देश के अन्य राज्यों से लोग रोजगार के लिए आते हैं। जिनमें कुछ अपराधी किस्म के लोग भी शामिल होते हैं। मूलतः उड़ीसा गंजाम जिले का रहने वाला पदम उर्फ राकेश पांडा सूरत में भजिया बनाने का काम करता था। साल 2001 में आरोपी पदम उर्फ राकेश पांडा सूरत शहर के उधना इलाके के शांतिनगर सोसायटी में किराए पर रहता था। उसका अपने पड़ोस में रहने वाली एक महिला से अफेयर था। विजय शांतिदास नाम का शख्स भी अक्सर उस महिला के घर आता-जाता था।

आरोपी पदम उर्फ राकेश पांडा को यह सब पसंद नहीं था। इसलिए उसने 3 सितंबर 2001 के दिन अन्य दोस्तों के साथ मिलकर विजय का अपहरण कर लिया। फिर उसे उधना खाड़ी के किनारे ले जाकर गला दबाकर हत्या कर डाली। इसके बाद शव को नाले में फेंककर सभी आरोपी फरार हो गए थे।

अमरनाथ: 7,900 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

अमरनाथ: 7,900 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन 

अकाशुं उपाध्याय   

श्रीनगर। जय बाबा बर्फानी और बम-बम भोले के जयघोष के बीच शनिवार को श्री अमरनाथ की पवित्र गुफा में तकरीबन 7,900 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। बता दें कि बाबा के दरबार में भक्तों के जोश से पूरा माहौल शिवमय बना रहा।

शनिवार तड़के बालटाल और पहलगाम रूट से पवित्र गुफा के लिए 5,600 श्रद्धालुओं को रवाना किया गया था। बाकी श्रद्धालु हेलीकॉप्टर से पहुंचे थे। यात्रा मार्ग के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल निगरानी कर रहे हैं। इस बार यात्रा 62 दिन की होगी जो 31 अगस्त को समाप्त होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमरनाथ यात्रा को देश की विरासत का दिव्य और भव्य स्वरूप बताते हुए कहा, मेरी कामना है कि बाबा बर्फानी के आशीर्वाद से सभी श्रद्धालुओं के जीवन में नए उत्साह एवं नई ऊर्जा का संचार हो, साथ ही अमृतकाल में हमारा देश संकल्प से सिद्धि की ओर तेजी से आगे बढ़े। जय बाबा बर्फानी।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अमरनाथ यात्रियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्हंने कहा कि अमरनाथ यात्रा सनातन संस्कृति की अटूट परंपरा व मान्यताओं का प्रतीक है। आधार शिविर संगम के पास हादसे के शिकार हुए एक यात्री की सैन्य जवानों जान बचाई है। जैसे ही वह गुफा की ओर रवाना हुआ था गिर गया। उसे जवानों ने निकालकर अस्पताल पहुंचाया।

सतचंडी शक्तिपीठ, श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना  

सतचंडी शक्तिपीठ, श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना  

दीनानाथ मौहार   

औरंगाबाद। जिला के एक छोटी सी रियासत रायपुर ग्राम के दक्षिण बटाने नदी के तट पर एक छोटी पहाड़ी पर बसी शतचण्डी शक्ति पीठ के दरबार मे आज आद्रा नक्षत्र के अंतिम रविवार को लेकर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन तथा प्रसाद अर्पण किया। बताते चलें की माता रानी का यह दरबार आदि अनादि काल से चला रहा है। लोगों का मानना है की जब यहां कोलभील समुदाय का साम्राज्य हुआ करता था। उस समय भी माता रानी के दरबार में पूजा अर्चना किया जाता था। माता रानी के दरबार में मौजूद पुरोहित एवं जानकार लोगों से जब माता रानी की दरबार के बिषय में बातचीत की गई तो उन्होंने बताया की माता शतचंडी का दरबार यहां आदि अनादि काल से है।

उन्होंने यह भी बताया की माता रानी के 108 खंडपीठ में एक शतचंडी खंडपीठ भी है। जहां माता रानी सती की हाथ का उंगली गिरी थी। जिसका वर्णन कई वेदों और पुराणों में वर्णित है। खास करके आद्रा नक्षत्र तथा नवरात्रा के वक्त जो भी श्रद्धालु श्रद्धा भक्ति के साथ माता रानी के दरबार में आते हैं और सच्चे ह्रदय से जो भी मुरादे लेकर आते हैं। उनकी मुरादे जरुर पूरी होती है। उन्होंने यह भी बताया कि आज माता रानी के दरबार से कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटा है। 

बताया की आसपास के इलाकों की बात की जाए तो आद्रा नक्षत्र में तकरीबन 10 कोस के क्षेत्र में बसे गाँव के हर घर से माता रानी की पूजा अर्चना के भक्त आते है जो आदि अनादि काल से होता आ रहा है।

75 हजार श्रद्धालु और 2 एंबुलेंस 10 शौचालय

75 हजार श्रद्धालु और 2 एंबुलेंस 10 शौचालय 

5 जुलाई से शुरू होने वाली शिव पुराण कथा को सुनने के लिए 10 जुलाई को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी आएंगे। सीएम गहलोत भी आ सकते हैं।

प्रदीप मिश्रा की कथा की व्यवस्थाओं को लेकर चिंताएं। पास की मारा मारी। 

नरेश राघानी   

पुष्कर। हिन्दुओं के तीर्थ स्थल पुष्कर में पांच से ग्यारह जुलाई तक सुप्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा शिव पुराण का वाचन करेंगे। अनुमान है कि शिव पुराण सुनने के लिए 75 हजार श्रद्धालु प्रतिदिन आएंगे। लेकिन इन श्रद्धालुओं और कथा के लिए जो इंतजाम किए जाने हैं वे पर्याप्त नहीं है। अब जब कथा शुरू होने में मात्र दो दिन शेष हैं। तब प्रशासन का कहना है कि एक फायर बिग्रेड, दो एंबुलेंस और 10 मोबाइल शौचालयों का इंतजाम कर लिया गया है। सवाल उठता है कि क्या इन व्यवस्थाओं से सात  दिनों तक 75 हजार श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध करवा दी जाएंगी। पुष्कर के एसडीएम निखिल कुमार पोद्दार का कहना है कि कथा का आयोजन निजी स्तर पर हो रहा है, इसलिए श्रद्धालुओं की अधिकांश व्यवस्थाएं आयोजकों को ही करनी है।

चूंकि कथा में श्रद्धालुओं की भीड़ रहेगी। इसलिए पुष्कर के भाजपा विधायक सुरेश रावत और आरटीडीसी के अध्यक्ष धर्मेन्द्र राठौड़ भी आयोजकों की भूमिका में शामिल हो गए हैं। पुष्कर के मेला मैदान पर होने वाली कथा के संबंध में विधायक रावत ने कहा कि उनकी पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट से बात हो गई है। इस कथा के लिए पुलिस की वैसी ही व्यवस्था होगी जैसी पुष्कर मेले के समय होती है। एसपी ने विधायक रावत को भरोसा दिलाया है कि कथा में कानून व्यवस्था के माकूल इंतजाम होंगे। कांग्रेस की ओर से आरटीडीसी के अध्यक्ष राठौड़ सक्रिय हैं इसलिए उन्होंने भी आयोजकों को भरोसा दिलाया है कि सभी इंतजाम कथा से पूर्व करवा दिए जाएंगे। जानकारों के अनुसार राठौड़ चाहते हैं कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एक दिन पुष्कर आकर कथा सुने। सूत्रों के अनुसार दस जुलाई को लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिड़ला का पुष्कर आना तय हो गया है।

पास को लेकर मारा-मारी...

पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा के लिए पासेज की भी मारा-मारी है। जिस तरह से वीआईपी पास की मांग हो रही है, उसे देखते हुए आयोजकों ने पास का सिस्टम की समाप्त कर दिया है। आयोजकों की ओर से कहा गया है कि अब किसी को भी वीआईपी पास नहीं मिलेगा। अलबत्ता व्यवस्थाओं में लगे कार्यकर्ताओं को परिचय पत्र दिया जाएगा। इस कथा के मुख्य यज्ञमान अजमेर के कारोबारी अमित खंडेलवाल हैं। अपनी माता जी की इच्छा को पूरा करने के लिए अमित खंडेलवाल इस कथा को करवा रहे हैं।

चूंकि अमित वैश्य समाज से जुड़े हुए हैं, इसलिए वैश्य समाज भी सहयोग कर रहा है। लेकिन कथा की व्यवस्था को लेकर जो दबाव बना है, उससे अब अमित खंडेलवाल का परिवार भी परेशानी महसूस कर रहा है। पुष्कर नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष कमल पाठक ने भी दावा किया है कि कथा की व्यवस्थाएं सुचारू होंगी। वहीं ऐसे धार्मिक आयोजनों के जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी कथा के लिए जो व्यवस्थाएं की जानी है, वे नहीं हो पा रही है। हालांकि आयोजकों ने अपनी ओर से वाटरप्रूफ पंडाल बनाया है और श्रद्धालुओं के लिए कूलर पंखे आदि भी लगाए गए हैं। इतना ही नहीं पांडाल के भर जाने के बाद बाहर एलईडी स्क्रीन लगाई जा रही है ताकि श्रद्धालु कथा सुन सके।

अब्दुल हमीद के नाम से एक रेजिमेंट बनाएं

अब्दुल हमीद के नाम से एक रेजिमेंट बनाएं

शहीद वीर अब्दुल हमीद नाम से एक रेजिमेंट बनाए और मुस्लिम एट्रोसिटी एक्ट एससी, एसटी एक्ट की तरह से बनाए-गादरे

सत्येंद्र पवार

नई दिल्ली। परमवीर चक्र से सम्मानित शहीद वीर अब्दुल हमीद के 90 वीं जयंती समारोह कांस्टीट्यूशन क्लब दिल्ली में धूमधाम से मनाया गया।

90 वां यौमे पैदाइश एवं शहीद सम्मान समारोह का आयोजन रफी मार्ग कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में मनाया गया। जिसकी सदारत जनाब इकरार अहमद इदरीसी ने की और संचालन मो रफत आलम ने किया। संयोजक नसीर अहमद राष्ट्रीय अध्यक्ष युवा जन क्रान्ति पार्टी रहे।

बहुजन मुक्ति पार्टी के राजुद्दीन गादरे ने अपने वक्तव्य में कहा कि देश में आज देश में संविधान नाम मात्र के लिए है और न्याय व्यवस्था चरमरा गई है। देश की जीडीपी माइनस में है, लेकिन 2 से 3% की जनसंख्या वाला वर्ग सत्ता के चारों स्तंभों पर काबिज होकर एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक मूलनिवासी समाज को हिंदू मुस्लिम की आग में झोंक कर सत्ता का मजा ले रहा है। जबकि मुस्लिम समाज ने पाखंडवाद ऊंच-नीच, काला गोरा, छोटा बड़ा का भेदभाव हटाने में अहम भूमिका अदा की है। 

पाकिस्तान मुस्लिम देश से भारत की लड़ाई मे लोहा मनवाया है। मुस्लिम समाज के परमवीर चक्र विजेता शहीद वीर अब्दुल हमीद ने अपने अंदर देश प्रेम की भावना से ओत-प्रोत देश के नाम कुर्बान हो गए। लेकिन अफसोस वर्तमान में खुद षड्यंत्रकारियों ने इनका ही नहीं बहुत से दिग्गजों का इतिहास से नाम ही हटा दिया। आज तक अनेको घोटाले हुए लेकिन इतिहास के घोटालों से समाज को गुमराह करने का काम किया जा रहा है। राजुद्दीन गादरे ने कहा कि बीजेपी सरकार 'सबका साथ सबका विकास' केवल एक ढोंग है। यदि वास्तव में वह मुस्लिमों के लिए कोई कानून बनाना चाहती है तो एससी-एसटी एक्ट की तरह मुस्लिम एट्रोसिटी एक्ट बनाए और आर्मी में वीर अब्दुल हमीद रेजिमेंट भी बनाएं। 

कार्यक्रम में जनाब साबिर अली पूर्व अल्पसंख्यक सांसद, जनाब जमील आलम पुत्र शहीद वीर अब्दुल हमीद, मेजर दानिश अली, श्याम जाजू पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उत्तराखंड, इकरार अहमद, समर, नसीब अहमद, इकरार अहमद, मोहम्मद जफर, एजाज अली, मोहम्मद सलाउद्दीन, कलीम आदि ने अपनी अपनी बात रखी।

23 को अग्रवाल समाज करेगा शक्ति प्रदर्शन

23 को अग्रवाल समाज करेगा शक्ति प्रदर्शन

राजस्थान में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अब 23 जुलाई को अग्रवाल समाज भी करेगा शक्ति प्रदर्शन। 

प्रदेश में 200 में से मात्र चार विधायक हैं। सांसद एक भी नहीं। भाजपा कांग्रेस संगठन में भी प्रतिनिधित्व बेहद कम। जबकि 50 लाख की आबादी है। 

नरेश राघानी   

जयपुर। राजस्थान में अग्रवाल समाज की आबादी पचास लाख से ज्यादा की है, लेकिन प्रदेश में 200 में से मात्र चार विधायक है। भाजपा और कांग्रेस का तो मात्र एक एक विधायक ही है। प्रदेश के धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक आदि आयोजनों में आर्थिक दृष्टि से अग्रवाल समाज की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

लेकिन राजनीति में अग्रवाल समाज को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिलता है। राजनीति में प्रतिनिधित्व मिले इसके लिए ही 23 जुलाई को जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में अग्रवाल समाज भी शक्ति प्रदर्शन कर रहा है। अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल शरण गर्ग और प्रदेश अध्यक्ष गिरीश गर्ग व केके गुप्ता का प्रयास है कि 23 जुलाई के सम्मेलन में राजस्थान के अग्रवाल परिवार का एक व्यक्ति अवश्य भाग ले। इसके लिए जिला स्तर पर अग्रवाल समाज के सभी संगठनों को एकजुट किया जा रहा है। गिरीश गर्ग और केके गुप्ता का मानना है कि जब तक अग्रवाल समाज अपनी ताकत का प्रदर्शन नहीं करेगा, तब तक राजनीति में प्रतिनिधित्व नहीं मिलेगा। कई जातियां अपने दम खम की वजह से राजनीति में दबदबा बनाए हुए हैं। अग्रवाल सम्मेलन के पदाधिकारियों ने 23 जुलाई के सम्मेलन में सभी अग्रवाल बंधुओं से भाग लेने की अपील की है

अजमेर में बैठक:

23 जुलाई के शक्ति प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए अजमेर में दो जुलाई को अग्रवाल समाज के प्रतिनिधियों की एक बैठक हुई। इस बैठक में निर्णय लिया गया कि अजमेर से 20 बसें जयपुर जाएंगी। इस बैठक में अशोक पंसारी, गिरधारी मंगल, गिरिराज अग्रवाल, रेणु मित्तल, शैलेंद्र अग्रवाल आदि उपस्थित रहे। 23 जुलाई को होने वाले सम्मेलन की और अधिक जानकारी 9414280962 पर शैलेंद्र अग्रवाल से ली जा सकती है।

सड़क के बीच बने मंदिर-मस्जिद को हटाया   

सड़क के बीच बने मंदिर-मस्जिद को हटाया   

अकाशुं उपाध्याय   

नई दिल्ली। तीन साल पहले सांप्रदायिक दंगे से प्रभावित पूर्वी दिल्ली के भजनपुरा इलाक़े में रविवार की सुबह सड़क पर बने एक हनुमान मंदिर और मजार दोनों को प्रशासन ने हटा दिया। पुलिस के अनुसार, अभी तक यह अभियान शांतिपूर्ण है। दोनों निर्माण को हटाने का काम स्थानीय लोगों की सहमति से हुआ है।

उत्तर पूर्वी दिल्ली के डीसीपी जॉय तिर्की के अनुसार, ‘‘भजनपुरा चौक पर अतिक्रमण हटाने की मुहिम शांतिपूर्वक चल रही है। दिल्ली की धार्मिक समिति ने सहारनपुर हाइवे के लिए सड़क को और चौड़ा करने के लिए वहां बने एक हनुमान मंदिर और मजार को हटाने का फैसला लिया था। दोनों स्ट्रक्चर को शांतिपूर्वक यहां से हटा दिया गया है।’’

उनके अनुसार, ‘‘भजनपुरा चौक पर एक ओर हनुमान मंदिर और दूसरी तरफ एक मजार थी। दिल्ली की धार्मिक समिति ने फैसला लिया था कि इन दोनों को हटाया जाएगा क्योंकि सड़क चौड़ी होनी है। यहां के स्थानीय नेताओं ने प्रशासन से कुछ समय की मांग की थी। आज हमने सभी के साथ बातचीत कर दोनों स्ट्रक्चर को हटा दिया। इसमें हमें सभी का सहयोग मिला है।’’

वही अब पूर्वी दिल्ली के भजनपुरा इलाक़े में मंदिर और मजार हटाने के बाद राजनीति ज़ोर पकड़ने लगी है। आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली सरकार की वित्त और शिक्षा मंत्री आतिशी ने इस कार्रवाई के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल विनय सक्सेना को घेरा है। आतिशी ने उपराज्यपाल को संबोधित करते हुए अपने ट्वीट में लिखा, ‘‘एलजी साहबः मैंने कुछ दिनों पहले आपसे पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि दिल्ली में मंदिरों एवं अन्य धार्मिक स्थलों को तोड़ने का जो आपका निर्णय है, वो आप वापस ले लें। परंतु आज फिर से आपके आदेश पर भजनपुरा में एक मंदिर तोड़ दिया गया।’’

उन्होंने उपराज्यपाल से अनुरोध किया है कि दिल्ली में मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों को न तोड़ा जाए, क्योंकि इनसे लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। इस ट्वीट के साथ आतिशी ने 22 जून को उपराज्यपाल को लिखा वो पत्र भी ट्वीट किया है, जिसका ज़िक्र उन्होंने आज के ट्वीट में किया है। इस पत्र में आतिशी ने उपराज्यपाल से मांग की थी कि 11 मंदिरों और तीन मजारों सहित कुल 14 धार्मिक स्थानों को तोड़ने का जो आदेश दिया गया है, उसे वापस ले लिया जाए।

हिंसा करने का आरोप, 486 ताज़ा गिरफ्तारियां

हिंसा करने का आरोप, 486 ताज़ा गिरफ्तारियां 

अखिलेश पांडेय   

पेरिस। कई दिनों से फ़्रांस में हो रही हिंसा थमने का नाम ही नहीं ले रही है। वही पेरिस के बाद देश के दूसरे बड़े शहर मस्से से सामने आ रहे वीडियोज में पुलिस आंसू गैस के गोले छोड़ती हुई और लोग इधर-उधर भागते हुए दिखाई दे रहे हैं। हिंसा फैलाने के आरोप में इस शहर में अब तक 56 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। वहीं सेंट्रल पेरिस में भारी पुलिस बल तैनात है। इस वजह वहां अब प्रदर्शनकारी बाहर निकल कर उपद्रव नहीं कर पा रहे हैं।

इस बीच, पुलिस की गोली से मारे गए किशोर नाहेल एम के अंतिम संस्कार में भारी तादाद में लोग शामिल हुए। एक ट्रैफिक स्टॉप पर न रुकने पर नाहेल को एक पुलिसकर्मी ने बिल्कुल नजदीक से गोली मार दी थी। पेरिस के उप शहर नानतेरे में इस मौत के बाद पूरा फ्रांस हिंसा और आगजनी में डूब गया है। बताते चले कि देश की सड़कों पर लगभग 45 हजार पुलिसकर्मी हालात काबू करने में जुटे हैं।

गृह मंत्री जेराल्ड दारमेनिन ने हिंसा रोकने में जुटे पुलिसकर्मियों की तारीफ की है और कहा कि उनकी वजह से पिछली रात ‘तुलनात्मक’ रूप से शांत रही। गृह मंत्रालय ने कहा है हिंसा करने के आरोप में 486 ताज़ा गिरफ्तारियां हुई हैं। शुक्रवार को 1300 गिरफ़्तारियां हुई थीं। वहीं गुरुवार को 900 लोगों को पकड़ा गया था।

इस बीच, मस्से में शनिवार शाम पुलिसकर्मी और उपद्रवी भिड़ते रहे। इंटरनेट पर वायरल एक वीडियो फुटेज में पुलिस आंसू गैस छोड़ती दिख रही है। इसमें शहर के बीचोबीच ला केनबिये में पुलिसकर्मी और उपद्रवी एक दूसरे पर हमला करते दिख रहे हैं। फ्रेंच मीडिया की रिपोर्टों में पुलिस और हिंसा, आगजनी पर उतारू लोगों के बीच पिछले एक घंटे से टकराव चल रहा है। पेरिस में, मशहूर चैंप्स-एलिसfस के पास बड़ी संख्या में पुलिस देखी गई।

सोशल मीडिया पर प्रदर्शनकारियों की ओर एकजुटता की अपील की वजह से भी लोग बड़ी तादाद में सड़कों पर निकल रहे हैं। इससे पुलिस का काम और मुश्किल होता जा रहा है। हालांकि पुलिस के जोर लगाने की वजह से प्रदर्शनकारियों की संख्या घटी है। पेरिस पुलिस ने 126 लोगों को गिरफ़्तार किया है। हिंसा और आगजनी की वजह से लगातार दूसरे दिन रात नौ बजे के बाद बसें और ट्रामें नहीं चलीं।

उत्तरी शहर में स्पेशल पुलिस फोर्स फ्लैग मार्च करती दिखी। कई जगह पर दमकलकर्मी आग बुझाते दिख रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने शहर में कई जगहों पर आग लगा दी थी। बड़ी संख्या में गाड़ियों के आग के हवाले कर दिया गया था। अधिकारियों के मुताबिक़ लियोन शहर में हिंसा भड़काने के आरोप में 21 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। नाइस और स्ट्रासबर्ग में भी झड़पें जारी हैं।

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण


1. अंक-262, (वर्ष-06) पंजीकरण:- UPHIN/2010/57254

2. सोमवार, जुलाई 3, 2023

3. शक-1944, आषाढ़, शुक्ल-पक्ष, तिथि- पुर्णिमा, विक्रमी सवंत-2079‌‌।

4. सूर्योदय प्रातः 05:18, सूर्यास्त: 07:13। 

5. न्‍यूनतम तापमान- 20 डी.सै., अधिकतम- 34+ डी.सै.। बरसात की संभावना बनी रहेगी।

6. समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है। सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा। सभी पद अवैतनिक है। 

7.स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक राधेश्याम व शिवांशु  (विशेष संपादक) श्रीराम व सरस्वती (सहायक संपादक) संरक्षण-अखिलेश पांडेय, ओमवीर सिंह, वीरसैन पंवार, योगेश चौधरी आदि के द्वारा (डिजीटल सस्‍ंकरण) प्रकाशित। प्रकाशित समाचार, विज्ञापन एवं लेखोंं से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं हैं। पीआरबी एक्ट के अंतर्गत उत्तरदायी।

8. संपर्क व व्यवसायिक कार्यालय- चैंबर नं. 27, प्रथम तल, रामेश्वर पार्क, लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102। 

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