खानपान लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
खानपान लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

गुरुवार, 10 जून 2021

पौष्टिक भी स्वादिष्ट भी, आंध्रा का 'रवा पोंगल'

रवा पोंगल आन्ध्रा का बहुत ही प्राचीन नाश्ता है। रवा पोंगल को मसाला चाय के साथ नाश्ते के लिए परोस सकते हैं। रवा पोंगल पौष्टिक और स्वादिष्ट पकवान है जो सूजी और मूंगदाल से बनता है। 
सामग्री :
सर्विंग: 4
1/2 कप : मूंग दाल
1 कप : सूजी
3 कप : गुनगुना पानी
2 तबसप : घी
2 तबसप : तेल
1/4 टीएसपी : राई
1/4 टीएसपी : जीरा
1/4 टीएसपी : काली मिर्च
1/4 टीएसपी : हल्दी
3 से 4 : हरी मिर्ची
1/2 टीएसपी : अदरक बारीख कटी हुई
1/4 कप : गाजर कटी हुई
1/4 कप : मटर
5 से 6 : कड़ी पत्ता
नमक स्वाद अनुसार
2 तबसप : पुदीना के पत्ते कटी हुई
2 तबसप : काजू भुनी हुई

विधि :
-रवा पोंगल बना ने के लिए पहले आप दाल को अच्छे से साफ कर के धो लीजिए और कुकर में उबाल कर रख लीजिए। 
-सूजी को धीमी आँच पर खुशबू आने तक भून कर रख लीजिए। 
-एक कड़ाई को गरम करके इसमें तेल डाल लीजिए। राई, जीरा, काली मिर्ची, कड़ी पत्ता डाल के तडका कर लीजिए। 
-अब इस में कटी हुई गाजर,हरि मिर्ची,पुदीना,अदरक,मटर डाल के भून लीजिए और धीमी आँच पर पका लीजिए। 
-बाद में हल्दी, भुने हुए काजू भी डाल कर मिला लीजिए। 
-अब इस में उबला हुआ दाल और पानी डाल कर मिलाइए और ढक कर उबाल लीजिए। 
-उबाल आने पर आँच धीमी करिए और नमक डाल कर मिलाइए। 
-अब भुनी हुई सूजी को धीरे-धीरे डाल ते हुए अच्छे से मिलाइए। सावधान रहें क्योंकि यह बहुत जल्दी लपत्ता जाता है। 

-थोड़ी ही देर में यह पानी सोख लेगा और घाड़ा हो जाएगा।ऐसा होते ही आँच बंद करके घी डालिए और मिलाइए। एक मिनट के लिए ढक कर रखिए। 
-बाद में एक और बार मिला लीजिए और यह अब परोस ने के लिए तैयार हैं। 
-आप रवा पोंगल को नारियल की चटनी के साथ खा कर उसका आनंद लीजिए।

कविता पंवार

बुधवार, 23 दिसंबर 2020

पनीर स्वास्थ्य के लिए लाभदायक और स्वादिष्ट भी

पनीर का सेवन करना हर किसी को अच्छा लगता है क्योंकि इसका टेस्ट बहुत अच्छा होता है। इसलिए ज्यादातर लोग पनीर का सेवन करना पसंद करते हैं। लेकिन जब बात आती है कि क्या पनीर खाना सेहत के लिए लाभदायक है । अधिकतर लोगों के मन में यह बात आती है कि पनीर मैं फैट और कैलरी की मात्रा अधिक होती है इसलिए इसका सेवन से परहेज करना चाहिए।

लेकिन बिल्कुल गलत है क्योंकि हेल्दी फूड में ढेर सारे न्यूट्रीएंट्स होते हैं जो हमारे शरीर के लिएफायदेमंद होते हैं। पनीर में मौजूद प्रोटीन की मात्रा शाकाहारियों के लिए बहुत अच्छी है। ऐसा इसलिए, क्योंकि शाकाहारियों को दैनिक प्रोटीन की आवश्यक मात्रा की आपूर्ति पनीर से हो जाती है।

पनीर में पाया जाने वाला कैल्शियम और फॉस्फोरस गर्भवती महिलाओं और बच्चों के संपूर्ण शारीरिक और मानसिक विकास के लिए भी लाभदायक है।पनीर में उपलब्ध प्रचुर मात्रा में ओमेगा -3 फैटी एसिड हड्डियों को न केवल मजबूत बनाता है बल्कि अर्थराइटिस की रोकथाम में भी सहायक है।

रोज खाए लाभकारी, गुणकारी भुने हुए चने

आपने भुने हुए चने तो खाए ही होंगे। अगर आप भुने हुए चनों को केवल स्वाद के लिए कभी-कभी खाते हैं तो इन्हें रोजाना खाना शुरू कर दीजिए। भुने हुए चने खाने से शरीर को जबरदस्त स्वास्थ्य लाभ होता है। हो सकता है आपको भी चने खाने से होने वाले फायदों के बारे में जानकारी न हो। ध्यान रखें कि बाजार में भुने हुए चने दो तरह के होते हैं छिलके वाले और बिना छिलके वाले। आपको बिना छिलके वाले चने ही खाने हैं, चने के छिलके भी सेहत के लिए अच्छे होते हैं। भुने हुए चने को यदि सही तरीके से चबा चबाकर खाया जाएं तो यह मर्दाना कोई मोटापे से ग्रस्त हैं तो भुने हुए चने खाना उनके लिए बहुत ही फायदेमंद रहेगा। रोजाना भुने हुए चने खाने से मोटापे की समस्या में राहत मिलती है। इसका सेवन शरीर से अतिरिक्त चर्बी को पिघलाने में मदद करता है। इसके सेवन से ब्लड प्रेशर भी नियंत्रण रहने में मदद मिलती है। यह शरीर में खून का संचार बेहतर करने में मदद करता है। ऐसे में ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहने के साथ दिल से जुड़ी परेशानियों के बचाव रहता है।

क्या आपको पता है भुने चनों प्रोटीन, नमी, कैल्शियम, आयरन, कैल्शियम, विटामिन, फाइबर आदि पोषक तत्व होते हैं। ऐसे में रोजाना 2 मुट्ठी भुने चने खाने से सुस्ती दूर होकर एनर्जी बूस्ट होती है।इसमें आयरन होने से खून की मात्रा बढ़ने में मदद मिलती है। ऐसे में एनिमिया के मरीजों को इसे अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।आजकल गलत खानपान के चलते लोगों को कब्ज की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में भुने चनों का सेवन करना काफी फायदेमंद होता है। इससे कब्ज की परेशानी कम होने के साथ पाचन तंत्र में सुधार आता है। ऐसे में पेट से जुड़ी अन्य समस्याओं से भी राहत मिलती है।

मंगलवार, 22 दिसंबर 2020

दही बेहद फायदेमंद, रात में खाने से बचें

 दही सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। लेकिन दही को रात को खाने से बचना चाहिए। दरअसल रात के वक्‍त हमारे शरीर में कफ की प्राकृतिक प्रबलता बढ़ जाती है। इसके अलावा रात को दही खाने से पेट की बीमारी होने के भी खतरे रहते हैं। रात के समय दही खाने से शरीर में इंफैक्शन होने का डर रहता है। इससे खांसी और जुखाम हो सकता है। वहीं गठिया या जोड़ों के दर्द से परेशान हैं। तो रात के समय इसका सेवन करने से परहेज करें। इससे दर्द कम होने की बजाए बढ़ जाएगा। दही टेस्‍ट में खट्टी, तासीर में गर्म और पचाने में भारी होती है। यह वसा, ताकत, कफ, पित्त, पाचन शक्ति बढ़ाती है। वहीं, खट्टी दही को कभी भी गरम कर के नहीं खाना चाहिये। दही को ना केवल रात में ही बल्‍कि बसंत में भी नहीं खाना चाहिए।

लोबिया के कबाब हैं स्वादिष्ट और पौष्टिक

 लोबिया के कबाब में प्रोटीन बहुतायत में होता है। और यह बहुत पौष्टिक होते हैं। ये बनाने में जितनी आसान है। खाने और पौष्टिकता में उससे बढ़कर है। ये अच्छा नाश्ता है। ये बनाने में तो आसान हैं। ही खाने में भी बहुत स्वादिष्ट होते हैं।
 सामग्री 
1 कप- लोबिया
1 उबला आलू
1 प्याज (बारीक कटी)
2 छोटे चम्मच अदरक (बारीक कटी)
2- हरी मिर्च (बारीक कटी)
2 बड़े चम्मच हरा धनिया (बारीक कटा)
½- छोटा चम्मच जीरा
लगभग 1 ½ छोटे चम्मच- नमक
लगभग एक चौथाई चम्मच- लाल मिर्च पाउडर
½ चम्मच- गरम मसाला
½ छोटा चम्मच- चाट मसाला
सेंकने के लिए तेल
विधि 
नाश्ता बनाने से पहली रात लोबिया को अच्छी तरह से धो लें। इसे लगभग 4 कप पानी में रातभर के लिए भिगोकर दें। इसे 1 छोटा चम्मच नमक डालकर मध्यम आंच पर उबाल लें। एक सीटी में ये गल जाता है। ठंडा होने पर लोबिया को छलनी पर पलट कर अतिरिक्त पानी निकाल दें। अब लोबिया को एक बर्तन में डालकर अच्छी तरह से मसल लें, साथ ही साथ उबले आलू को भी छीलकर मैश कर लें। कड़ाही में 2 छोटे चम्मच तेल गरम करें। इसमें जीरा डालें। जब जीरा तड़क जाए तो इसमें कटी हुई प्याज डाल 2 मिनट के लिए भूनें। अब इसमें अदरक और हरी मिर्च डाल एक मिनट के लिए भूनें। इसमें लोबिया, आलू, आधा छोटा चम्मच नमक, धनिया, लाल मिर्च, गरम मसाला और चाट मसाला डालें। अच्छी तरह से मिलाकर मिश्रण का पानी सूखते तक भूनें। अब इसमें कटा हरा धनिया डाल गैस से हटा दें। मिश्रण थोड़ा ठंडा हो जाए तो अंदाजे से इसके छोटे-छोटे कबाब तैयार कर लें। कबाब को सेट करने के लिए ढंककर लगभग 20 मिनट के लिए फ्रिज में रख सकते हैं। अब एक नॉनस्टिक पैन को गर्म कर तेल डालें और और कम आंच पर दोनों तरफ ब्राउन होन तक सेकें। लोबिया के कबाब तैयार हैं। इन्हें हरे धनिए की चटनी या सॉस के साथ खा सकते हैं।

रविवार, 13 दिसंबर 2020

खाली पेट लहसुन की चाय पीने के अनेक फायदे

राहुल चौबे 

इंडियन फुड में लहसुन का उपयोग बेहद तादात में किया जाता है। लहसुन खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ ही सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है। इसके लिए सबसे पहले लहसुन की कुछ कलियां छील लें। एक बर्तन में 3 कप पानी लें और इसे उबलने दें। अब इस पानी में लहसुन को काट कर डालें। इसे कुछ मिनट तक उबलने दें। इसे गैस से निकाल लें और इसमें कुछ बूंदे शहद और नींबू की डालें। अब तैयार है आपकी गार्लिक टी । 

लहसुन की चाय के फायदे : लहसुन की चाय को खाली पेट पीने से मेटाबॉलिज्म बढ़ता है। इसके अलावा यह पाचन के लिए काफी फायदेमंद होती है। शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थ लहसुन की चाय पीने से बाहर निकल जाते हैं। कोलेस्ट्रॉल के मरीजों के लिए लहसुन की चाय काफी फायदेमंद होती है। स्वस्थ कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बनाए रखने में मदद करती है। यह शरीर में रक्त शर्करा के स्तर को बराबर रखने में मदद करती है।

दुनिया में सबसे अधिक परेशान देश है 'अमेरिका'

वाशिंगटन डीसी। कोरोना महामारी की शुरुआत के साथ ही दुनिया भर में सबसे अधिक परेशान देश अमेरिका है। वैश्विक मामलों का आंकड़े की लिस्ट में पहले ...