रविवार, 8 जनवरी 2023

'हसीन दिलरुबा 2' में नजर आएंगे विक्रांत व तापसी 

'हसीन दिलरुबा 2' में नजर आएंगे विक्रांत व तापसी 

कविता गर्ग 

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता विक्रांत मैसी और तापसी पन्नू की जोड़ी फिल्म 'हसीन दिलरुबा 2' में नजर आएंगी। तापसी पन्नू और विक्रांत मैसी अभिनीत फिल्म हसीन दिलरुबा पिछले वर्ष ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई थी। विक्रांत मैसी और तापसी पन्नू अब हसीन दिलरुबा 2 में नजर आएंगे। विक्रांत मैसी ने बताया कि  हसीन दिलरूबा 2 में बहुत कुछ सच में अलग होने वाला है। मेरे और तापसी के अलावा इस बार फिल्म में कई चीजें नई होने वाली हैं। यह पार्ट बहुत ही अलग होने वाला है। हमें पहली पार्ट की कहानी से उम्मीद नहीं थी कि यह लोगों को पसंद आएगी।

जितना प्यार हमें इस फिल्म के लिए मिला, हमने सोचा... हमने दूसरे भाग को शुरू करने के लिए एक दिलचस्प ओपन एंड मोड़ पर कहानी को छोड़ा था, जिसपर लोगों ने खूब प्रतिक्रिया दी थी और अब मैं 15 दिनों में इस फिल्म की शूटिंग शुरू करने जा रहा हूं। उल्लेखनीय है कि विनी मैथ्यू द्वारा निर्देशित और कनिका ढिल्लन द्वारा लिखित 'हसीन दिलरुबा' में विक्रांत, तापसी पन्नू और हर्षवर्धन राणे ने मुख्य भूमिका निभाई थी।

33वीं स्क्वाड्रन ने राष्ट्रसेवा के 60 साल पूरे किए 

33वीं स्क्वाड्रन ने राष्ट्रसेवा के 60 साल पूरे किए 

अकांशु उपाध्याय/इकबाल अंसारी 

नई दिल्ली/चेन्नई। कोयंबटूर के सुलूर में वायुसेना स्टेशन पर तैनात 33वीं स्क्वाड्रन ने राष्ट्रसेवा के 60 साल पूरे कर लिए और यह सोमवार को यहां अपना 60वां स्थापना दिवस मनाएगी। भारतीय वायुसेना के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, दक्षिणी वायु कमान एयर मार्शल जे चलपति ने रविवार को वायु सेना स्टेशन सुलूर का दौरा किया। उनके आगमन पर वायु योद्धाओं ने एयर मार्शल को प्रभावशाली गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया। समारोह में कोयम्बटूर शहर पुलिस बैंड भी शामिल हुआ।

एयर मार्शल ने सुलूर वायु सेना स्टेशन में “33 स्क्वाड्रन” का दौरा किया जो कल अपनी स्थापना के 60 वर्ष मना रहा है। “33 स्क्वाड्रन” एएन 32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट का है, जिसे “सोअरिंग स्टॉर्क” कहा जाता है। एयर मार्शल ने सभी वायु योद्धाओं को संबोधित किया और मानव सहायता ,आपदा राहत और नागरिक प्राधिकरण को सहायता प्रदान करने के लिए उनके विभिन्न ऑपरेशनों में गई उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सराहना की। उन्होंने वायु योद्धाओं से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन जारी रखने का आग्रह किया और हीरक जयंती के अवसर पर सभी कर्मियों और उनके परिवारजनों को शुभकामनाएं दी। 

''भय और नफरत'' के खिलाफ है 'भारत जोड़ो यात्रा'

''भय और नफरत'' के खिलाफ है 'भारत जोड़ो यात्रा'

अकांशु उपाध्याय/राणा ओबरॉय 

नई दिल्ली/कुरुक्षेत्र। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को कहा कि उनके नेतृत्व में जारी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को देश में हर जगह लोगों की शानदार प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी पदयात्रा भय और नफरत के खिलाफ है, जो समाज में फैलाई जा रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि यह यात्रा बेरोजगारी और महंगाई के खिलाफ भी है।

राहुल गांधी ने कहा कि यात्रा का एक मकसद यह भी है कि लोग देश की वास्तविक आवाज को सुनें। कुरुक्षेत्र के नजदीक समाना में मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ भारत जोड़ो यात्रा को हर जगह शानदार प्रतिक्रिया मिली है।’’ तमिलनाडु के कन्याकुमारी से कश्मीर तक निकाली गई यह यात्रा इस समय हरियाणा से गुजर रही है। इस बारे में पूछे जाने पर गांधी ने कहा कि उन्होंने इस यात्रा के दौरान बहुत कुछ सीखा है। उन्होंने कहा, ‘‘देश के दिल में क्या है वह सीधे तौर पर लोगों से संवाद कर सुनने को मिला। यात्रा को हरियाणा में बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। यह प्रतिक्रिया ऊर्जा और उत्साह से लवरेज है।’’

यात्रा के आलोचकों पर हमला करते हुए गांधी ने कहा कि जब इसकी शुरुआत हुई थी ‘‘ तब लोगों ने कहा था कि जो प्रतिक्रिया केरल में मिली, वैसी प्रतिक्रिया कर्नाटक में नहीं मिलेगी, जहां पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का शासन है; लेकिन हमें उससे (केरल) भी अच्छी प्रतिक्रिया वहां (कर्नाटक) मिली। फिर जब यात्रा महाराष्ट्र पहुंची तो लोगों ने कहा कि जिस तरह का उत्साह दक्षिण भारत में देखने को मिला वह इस पश्चिमी राज्य में नहीं देखने को मिलेगा। जब हम महाराष्ट्र पहुंचे तो दक्षिण से भी बेहतर प्रतिक्रिया मिली। ’’ राहुल गांधी ने कहा, ‘‘ तब कहा गया कि यात्रा जब हिंदी भाषी क्षेत्रों से गुजरेगी तब लोगों की अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिलेगी, लेकिन मध्य प्रदेश में पहले से भी अच्छा माहौल मिला।

जब हम हरियाणा पहुंचे तो कहा गया कि यह भाजपा शासित राज्य है, लेकिन यहां मिली प्रतिक्रिया शानदार रही। हम जैसे-जैसे बढ़ रहे हैं, लोगों का समर्थन बढ़ रहा है।’’ एक सवाल के जवाब में गांधी ने कहा, ‘‘भारत की आवाज को दबाया जा रहा है और नफरत व भय फैलाया जा रहा है। एक जाति को दूसरी जाति के खिलाफ, एक धर्म को दूसरे धर्म के खिलाफ किया जा रहा है और यह यात्रा इसके खिलाफ है।’’

उन्होंने कहा कि इस यात्रा के अन्य उद्देश्यों को जो हम देख रहे हैं, वह ‘तपस्या’ की तरह है। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हम अपने देश से, लोगों से, किसानों से और गरीबों से प्यार करते हैं और हम उनके साथ चलना चाहते हैं। इसलिए इस यात्रा का उद्देश्य इस देश के लोगों की वास्तविक आवाज को भी सुनना है।’’ उन्होंने कहा कि देश में आर्थिक असमानता है और धन, मीडिया और अन्य संस्थानों को कुछ लोगों द्वारा नियंत्रित किया जा रहा है। गांधी ने कहा कि यह यात्रा बेरोजगारी और महंगाई के खिलाफ है।

भारतीय इतिहास को ‘विकृत’ करने का आरोप: सीएम 

भारतीय इतिहास को ‘विकृत’ करने का आरोप: सीएम 

इकबाल अंसारी 

दिसपुर/गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने वामपंथी इतिहासकारों पर भारतीय इतिहास को पराजय और समर्पण की कहानी बताकर उसे ‘विकृत’ करने का आरोप लगाया और कहा कि देश की विजयगाथा को दर्ज करने के लिए इतिहास फिर से लिखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वामपंथी विचारधारा के लोग दशकों तक राज्य को भाषायी आधार पर विभाजित करने की कोशिश करते रहे हैं और लोगों को अपनी ‘‘धार्मिक समानताएं’’ अपनाकर ऐसी कोशिशों को हराना चाहिए। यहां अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के 28वें राज्य सम्मेलन को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा, ‘‘वामपंथियों ने हमेशा हमारे इतिहास को विकृत करने की कोशिश की है क्योंकि वह भारत को पराजित ‘जाति’ के रूप में दिखाना चाहते हैं।’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘उन्होंने उन राजाओं और नायकों को नजरअंदाज किया जिन्होंने विरोध किया और मुगल हमलों को सफलतापूर्वक शिकस्त दी और केवल उनके बारे में लिखा जो पराजित हुए थे।’’ उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह, छत्रपति शिवाजी, दुर्गा दास राठौड़ और लंचित बोरफुकान के उदाहरण दिए जिन्होंने मुगल सेनाओं के खिलाफ सफल अभियान चलाया। उन्होंने आरोप लगाया कि वामपंथी इतिहासकारों ने इतिहास लिखते समय उनके कारनामों को छोड़ दिया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि इतिहास को नए सिरे से लिखा जाए। 

उन्होंने कहा, ‘‘हमें इतिहास के छात्रों को इसे फिर से लिखने के लिए प्रेरित करना चाहिए जो पराजय और गुलामी की कहानी न हो बल्कि गौरव और उपलब्धि की कहानी हो। इससे हमारी नयी पीढ़ी को देश निर्माण की ओर बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।’’ शर्मा ने वामपंथी बुद्धिजीवियों पर असम के लोगों को भाषायी आधार पर बांटने का भी आरोप लगाया क्योंकि राज्य में कई भाषाएं बोली जाती हैं। उन्होंने कहा कि भाषा एक महत्वपूर्ण तत्व है लेकिन यह किसी समुदाय और धर्म की इकलौती पहचान नहीं हो सकती तथा इतिहास भी समान रूप से अहम भूमिकाएं निभाता है।

उन्होंने कहा, ‘‘भाषा तभी जीवित रहेगी जब हमारा धर्म और संस्कृति जीवित रहेगी।’’ उन्होंने असमी भाषी वक्ताओं से राज्य की अन्य भाषाओं को अपनाने तथा यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि सभी जनजातियों और समुदायों को समान महत्व मिले। मुख्यमंत्री ने आर्थिक आत्म-निर्भरता की आवश्यकता पर भी जोर दिया और युवाओं से कौशल विकास, उद्यमशीलता तथा कृषि पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘‘एक समुदाय को सांस्कृतिक पहचान और राजनीतिक गौरव की आवश्यकता होती है। लेकिन अगर हम आर्थिक रूप से प्रगति नहीं करते हैं तो हम ‘आत्म निर्भर’ नहीं बन सकते जिस पर हमारे प्रधानमंत्री ने बहुत जोर दिया है।’’ शर्मा ने युवाओं से खेती का बीड़ा उठाने तथा अपनी जमीन खेती के लिए दूसरों को न देने का भी अनुरोध किया।

उन्होंने दावा कि गलत तरीके से यह धारणा बनायी गयी कि असम और पूर्वोत्तर ऐतिहासिक रूप से भारत के शेष हिस्से से जुड़ा हुआ नहीं है जिसने आजादी के बाद देश के इस हिस्से में ‘‘विचारों की एक अलग धारा’’ को जन्म दिया। शर्मा ने कहा, ‘‘हम अब असम में विशेष भौगोलिक और राजनीतिक चरण में है। हमारे सामने कई चुनौतियां हैं और हमें इतिहास की सही समझ के साथ इनसे निपटना होगा।’’

भील समुदाय, सुनीता को उपाध्यक्ष के पद पर चुना 

भील समुदाय, सुनीता को उपाध्यक्ष के पद पर चुना 

नरेश राघानी 

उदयपुर। राजस्थान साहित्य अकादमी में आदिवासी वर्ग के भील समुदाय की डॉ. सुनीता घोगरा को उपाध्यक्ष के पद पर चुना गया है। अकादमी अध्यक्ष डॉ दुलाराम सहारण की अध्यक्षता में शनिवार को 19वीं सरस्वती सभा की बैठक में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए आदिवासी वर्ग के भील समुदाय की डॉ. सुनीता घोगरा को उपाध्यक्ष के पद पर चुना गया।अकादमी अध्यक्ष डा सहारण ने बताया कि पहली बार किसी महिला एवं जनजाति समुदाय की महिला को अकादमी का उपाध्यक्ष चुना गया है। अकादमी के इस कदम की साहित्य प्रेमियों ने प्रशंसा की है। लेखिका डॉ घोगरा डूंगरपुर जिले में राजकीय शिक्षिका के तौर पर सेवाएं दे चुकी हैं।

उपाध्यक्ष डॉ घोगरा ने कहा है कि वे अपना अधिकतम योगदान देते हुए अकादमी की अपेक्षाओं पर खरा उतरेंगी। अपनी पुस्तक ‘मताई’ के लिए चर्चित रहीं डॉ. घोगरा ने कहा कि उन्हें शुरू से ही साहित्य से गहरा लगाव रहा लेकिन कभी सोचा नहीं था कि अकादमी उपाध्यक्ष के पद पर सेवाएं देने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि वे इस पद पर आकर गौरवान्वित महसूस कर रही हैं। इसी प्रकार से चूरू जिले के कमल कुमार शर्मा को कोषाध्यक्ष पद पर चुना गया। दोनों ही पदाधिकारियों का अकादमी की सरस्वती सभा के सदस्यों ने स्वागत किया और शुभकामनाएं दी।

पानी पीना भी बन सकता है 'मौंत का कारण'

पानी पीना भी बन सकता है 'मौंत का कारण'

सरस्वती उपाध्याय 

आमतौर पर ये माना जाता है, कि हम सभी को ज्यादा पानी पीना चाहिए। लोग एक-दूसरे को ज्यादा पानी पीने की भी सलाह देते हैं। लोगों का ये मानना होता है कि इससे हमारी हेल्थ ठीक रहती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ज्यादा पानी पीना आपके लिए मौंत का कारण बन सकता है ?हालांकि, सर्दी में लोग वैसे भी कम पानी पीते हैं, लेकिन कई लोग ऐसे भी हैं, जो हर दिन जरूरत से ज्यादा पानी ये सोच कर पीते हैं कि इस वजह से वह फिट रहेंगे। लेकिन हम आपको बता दें कि एक रिसर्च के मुताबिक, मार्शल आर्ट्स किंग ब्रूस ली की मौत भी ज्यादा पानी पीने से हुई थी। आज हम बताने जा रहे हैं कि ज्यादा पानी पीना आपके सेहत के लिए कितना हानिकारक हो सकता है और विज्ञान क्यों आपको मना करता है कि आप हद से ज्यादा पानी ना पिएं ?

बता दें कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि जब आप एक तय मात्रा से ज्यादा रोजाना पानी पीने लगते हैं तो आपके किडनी पर इसकी वजह से ज्यादा बोझ पड़ता है। आपकी किडनी इस एक्स्ट्रा लोड को बर्दाश्त नहीं कर पाती और इस वजह से वह फेल कर जाती है। मार्शल आर्ट्स किंग ब्रूसली के साथ भी ऐसा ही हुआ था। पहले उनकी मौत पर कहा गया कि उनकी मौत स्लो प्वाइजन की वजह से हुई है।

हालांकि, नए शोध में पता चला कि उनकी मौत के पीछे की वजह स्लो प्वाइजन नहीं बल्कि ज्यादा पानी पीना था, जिस वजह से उनकी किडनी फेल हो गई थी। आपको ये भी बता दें कि विज्ञान कहता है कि जब आप जरूरत से ज्यादा पानी पीने लगते हैं तो आप ओवरहाइड्रेशन का शिकार हो जाते हैं।दरअसल, ज़्यादा पानी पीने की वजह से आपके शरीर में तापमान, अपशिष्ट निष्कासन और अपच जैसे कई लक्षण दिखाई देने लगते हैं, इन्हें ही ओवरहाइड्रेशन कहा जाता है। ओवरहाइड्रेशन के बाद इंसान का शरीर हायपोनाट्रेमिया की स्थिति में आ जाता है। इसकी वजह से होता ये है कि शरीर में से इलेक्ट्रोलाइट्स तेज़ी से काफी मात्रा में घटने लगते हैं, जो आपके लिए जानलेवा साबित हो सकती है।

आपने अक्सर कई लोगों को ये कहते हुए सुना होगा कि वह दिन भर में 8 गिलास पानी पीते हैं। लेकिन, क्या एक इंसान को इतने पानी की जरूरत होती है ? दरअसल, विज्ञान कहता है कि एक पुरुष के लिए औसतन 15.5 कप यानि लगभग 3.7 लीटर पानी की जरूरत रोज होती है। वहीं महिलाओं के लिए 11.5 कप यानि 2.7 लीटर पानी की जरूरत होती है। 

भारत में पहला रिटेल स्टोर खोलने की तैयारी: एप्पल 

भारत में पहला रिटेल स्टोर खोलने की तैयारी: एप्पल 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। भारत में अपना पहला रिटेल स्टोर खोलने की टेक दिग्गज एप्पल ने तैयारी कर ली है। रिटेल स्टोर के लिए कंपनी ने कर्मचारियों की भर्ती भी शुरू कर दी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एपल के करियर पेज ने "भारत में विभिन्न स्थानों" में विभिन्न नौकरियों की जानकारी को लिस्ट कर दिया है। बता दें कि टाटा ग्रुप भी देशभर में करीब 100 छोटे एपल स्टोर्स खोलने की तैयारी कर रहा है। इन स्टोर्स में आईफोन और आईपैड जैसे एपल के लोकप्रिय प्रोडक्ट्स की बिक्री की जाएगी। जबकि एपल रिटेल स्टोर, टाटा एपल स्टोर से काफी बड़े होने वाले हैं।  

रिपोर्ट के अनुसार, एपल जल्द भारत में फ्लैगशिप रिटेल स्टोर खोलने वाला है। हालांकि, कंपनी ने अब तक भारत में रिटेल स्टोर खोलने को लेकर कोई भी आधिकारिक बयान नहीं दिया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, एपल लंबे समय से भारत में फिजिकल रिटेल स्टोर्स स्थापित करने की योजना बना रही है। बता दें कि भारतीय स्मार्टफोन मार्केट दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते स्मार्टफोन मार्केट में से एक है। एप्पल के बारे में फाइनेंशियल टाइम्स ने बताया कि भारत में अपना पहला फ्लैगशिप रिटेल स्टोर खोलने की तैयारी कर रहा है और उसने रिटेल स्टोर के कर्मचारियों को काम पर रखना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी बिजनेस एक्सपर्ट, ऑपरेशंस एक्सपर्ट और टेक्नीकल स्पेशलिस्ट जैसी पदों पर भर्ती कर रही है। 

जानकारी के मुताबिक, टाटा ग्रुप भी जल्द देशभर में करीब 100 छोटे एपल स्टोर्स खोलने की तैयारी कर रहा है। इन स्टोर्स में आईफोन और आईपैड जैसे एपल के लोकप्रिय प्रोडक्ट्स की बिक्री की जाएगी। इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, एपल स्टोर्स के लिए टाटा के स्वामित्व वाली इनफिनिटी रिटेल के साथ बातचीत कर रही है।इनफिनिटी रिटेल भारत में क्रोमा स्टोर चलाती है। रिपोर्ट के अनुसार, एपल स्टोर मॉल के साथ-साथ हाई-स्ट्रीट और पड़ोस के स्थानों में खोले जाएंगे और यह स्टोर्स एपल के प्रीमियम रिसेलर स्टोर से छोटे होंगे। आमतौर पर, प्रीमियम रिसेलर स्टोर 1,000 वर्ग फुट में फैले होते हैं, लेकिन टाटा के इन स्टार्स को देशभर में 500-600 वर्ग फुट में बनाया जाएगा। छोटे स्टोर आईफोन, आईपैड और एपल वॉच बेचेंगे।

परियोजना को पुनर्जीवित करने की अपील: तमिलनाडु 

परियोजना को पुनर्जीवित करने की अपील: तमिलनाडु 

इकबाल अंसारी 

चेन्नई। तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने रामेश्वरम में रामसेतु के वास्तविक स्वरूप की मौजूदगी के केंद्र के दावे के मद्देनजर सेतुसमुद्रम जहाज नहर परियोजना को पुनर्जीवित करने की अपील की है। मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने राष्ट्र की आर्थिक समृद्धि के लिए परियोजना को पुनर्जीवित करने और भारतीय बंदरगाहों की माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने की बात कही।

इस परियोजना को दो जुलाई, 2005 को 2,500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से शुरू किया गया था, लेकिन सांस्कृतिक धरोहर के प्रतीक रामसेतु के विध्वंस के खिलाफ पर्यावरणविदों और हिंदू कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद यह परियोजना ठप पड़ गई थी। पार्टी ने 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान दावा किया था कि सत्ता में आने पर वह परियोजना को पूरा करेगी, ताकि तमिलनाडु के दक्षिणी इलाकों का आर्थिक लाभ हो सके।

केंद्र की भाजपा सरकार पर धार्मिक आधार पर परियोजना को ठंडे बस्ते में डालने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर यूपीए शासन के दौरान शुरू की गई परियोजना जारी रहती तो जबरदस्त विकास होता। उन्होंने शनिवार रात यहां पूर्व केंद्रीय मंत्री और द्रमुक के वरिष्ठ नेता टी. आर. बालू की आत्मकथा ‘पथिमारा पायनम’ का विमोचन करने के बाद कहा, “आप जानते हैं कि सेतुसमुद्रम जहाज नहर परियोजना को किसने रोका था।

यह भाजपा थी। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा को सूचित किया था कि यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता है कि रामेश्वरम में रामसेतु मौजूद था।” तत्कालीन केंद्र सरकार द्वारा परियोजना शुरू करने में बालू की प्रमुख भूमिका थी। स्टालिन ने इस कार्यक्रम में दावा किया, “अगर इस परियोजना को स्थगित नहीं किया गया होता, तो तमिलनाडु को बहुत फायदा होता।” उन्होंने कहा, “तमिलनाडु ही नहीं, बल्कि यह परियोजना भारत का गौरव होती।” उन्होंने कहा कि देश के विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि होती, इससे औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलता और माल ढुलाई की राज्य की क्षमता में वृद्धि होती।

त्रिपुरा: प्रवासी पक्षियों की नई प्रजातियां देखी 

त्रिपुरा: प्रवासी पक्षियों की नई प्रजातियां देखी 

इकबाल अंसारी 

अगरतला। त्रिपुरा के गोमती जिले की सुखसागर झील में इस साल साइबेरिया और यूरोप के प्रवासी पक्षियों की नई प्रजातियां देखी गईं। एक पक्षी विज्ञानी ने यह जानकारी दी। इस साल पहली बार देखे गए यूरोपीय पक्षियों में ‘रफ’, ‘ओरिएंटल प्रिटिनकोल’ और साइबेरियाई ‘कॉमन क्रेन’ हैं।पक्षी विज्ञानी और राज्य जैव विविधता बोर्ड के सदस्य दीपांकर सिन्हा ने  बताया, “सुखसागर झील में साइबेरिया और यूरोप के पक्षियों की तीन नयी प्रजातियां देखी गई हैं। इस साल प्रवासी पक्षियों का झील में आना भी अद्भुत है।” संपर्क करने पर, उप वन संरक्षक, के. जी. रॉय ने कहा, “हमने यह भी देखा है कि अच्छी संख्या में प्रवासी पक्षी झील में आ रहे हैं।

इस साल की पक्षी गणना अगले महीने की जाएगी, इसलिए अभी हम राज्य में प्रवासी पक्षियों की सही संख्या नहीं बता सकते हैं।” सहायक वन संरक्षक अनीमा दास ने कहा कि पिछले साल की गणना के अनुसार राज्य की झीलों और जल निकायों में कम से कम 1,45,008 प्रवासी पक्षी देखे गए थे।प्रवासी पक्षी सिपाहीजला वन्यजीव अभयारण्य, गोमती जलाशय, गोमती वन्यजीव अभयारण्य, अगरतला में कॉलेज टिल्ला झील, सिपाहीजला जिले में रुद्रसागर झील, तृष्णा वन्यजीव अभयारण्य, एनआईटी कॉलेज जलाशय में आते हैं। वन अधिकारियों ने कहा कि हर साल यूरोपीय, अफ्रीकी और उत्तरी अमेरिकी देशों से प्रवासी पक्षियों की 100 से अधिक प्रजातियां त्रिपुरा आती हैं। 

अंतरराष्ट्रीय पतंगोत्सव से पर्यटकों की संख्या बढ़ी 

अंतरराष्ट्रीय पतंगोत्सव से पर्यटकों की संख्या बढ़ी 

इकबाल अंसारी 

गांधीनगर/अहमदाबाद। गुजरात के पर्यटन मंत्री मुलुभाई बेरा ने रविवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय पतंगोत्सव से विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। बेरा ने अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव के शानदार शुभारंभ अवसर पर स्वागत संबोधन में रविवार को यहां कहा कि ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ़्रांस, रूस, जर्मनी, ग्रीस, इज़राइल, मिस्र, कोलम्बिया, डेनमार्क, न्यूज़ीलैण्ड, इंडोनेशिया, इटली, मेक्सिको, दक्षिण अफ़्रीका, बेल्जियम, बहरीन, इराक़, मलेशिया, पॉलैण्ड, मॉरिशस, पुर्तगाल, स्विट्ज़रलैण्ड, नीदरलैण्ड, श्रीलंका, नेपाल, जॉर्डन, ज़िम्बाब्वे, अल्जीरिया, बेलारूस सहित 68 देशों तथा भारत के 14 राज्यों के पतंगबाज इस अंतरराष्ट्रीय पतंगोत्सव में सहभागी बने हैं।

अहमदाबाद सहित वडोदरा, वडनगर, सोमनाथ, राजकोट, धोलेरा, धोरडो में पतंगोत्सव-2023 का आयोजन किया गया है। यहां के साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित पतंगोत्सव में कुल 850 से अधिक पतंगबाज हिस्सा ले रहे हैं। पर्यटन मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि 14 जनवरी को मनाए जाने वाले मकरसंक्रांति पर्व की महिमा है। उत्तरायण पर्व को बच्चे-बड़े-बूढ़े सभी साथ मिलकर मनाते हैं तथा इस पर्व का आनंद उठाते हैं। उन्होंने कहा कि 14 जनवरी को सूर्यनारायण के उत्तरार्ध की ओर आने के कारण हम आकाश में पतंग उड़ा कर इस उत्सव को मनाते हैं। उत्तरायण के उत्सव में प्रकृति के जतन का संदेश है। उत्तरायण में आकाश स्वच्छ बनता है, जो ईश्वर एवं मानव के बीच संचार को तेज़ बनाता है।

उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग ने अपने कैलेण्डर में उत्तरायण को विशेष स्थान देकर हमारी संस्कृति तथा सभ्यता को एक विशिष्ट पहचान देने का प्रयास किया है। श्री बेरा ने कहा कि पिछले दो दशकों में राज्य के विकास की चहुँओर हो रही प्रशंसा में पतंगोत्सव भी अभिन्न है। पतंगोत्सव में देश-विदेश के पतंगबाज़ सहभागी होते हैं। अहमदाबाद सहित विभिन्न स्थानों पर पतंगोत्सव का आयोजन होता है।अहमदाबाद सहित वडोदरा, वडनगर, सोमनाथ, सोमनाथ, राजकोट, धोलेरा, धोरडो में पतंगोत्सव-2023 का आयोजन किया गया है। अंतरराष्ट्रीय पतंगोत्सव से विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। ऐसे उत्सवों के माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था को वेग मिलने के साथ-साथ रोज़गार के अवसर भी बढ़े हैं। उत्तरायण के त्योहार पर आकाश में विभिन्न रंग छा जाते हैं, जो धार्मिक विविधता में एकता व उल्लास के रंगों का प्रतीक है।

पर्यटन मंत्री ने कहा कि अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ़्रंट पर आयोजित पतंगोत्सव में कुल 68 देशों के लगभग 125 पतंगबाज, देश के 14 राज्यों के 65 पतंगबाज तथा गुजरात के विभिन्न जिलों के 660 से अधिक पतंगबाज़ सहभागी हुए हैं। यह आवश्यक है कि इस अंतरराष्ट्रीय पतंगोत्सव से अन्य राज्य सीख लेकर संस्कृति व प्रकृति का जतन करें। इस अवसर पर अहमदाबाद के महापौर किरीटभाई परमार, पर्यटन सचिव हारित शुक्ला, पर्यटन आयुक्त आलोककुमार पाण्डेय, अहमदाबाद ज़िला कलेक्टर अनिल धामेलिया, देश-विदेश से आए आमंत्रित अतिथि, पतंगबाज़, राजनयिक प्रतिनिधि, स्थानीय विधायक, अहमदाबाद मनपा के पदाधिकारी, पार्षद और अन्य महानुभाव भी उपस्थित रहे।

सार्वजनिक सूचनाएं एवं विज्ञापन

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प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण


1. अंक-89, (वर्ष-06)

2. सोमवार, जनवरी 9, 2023

3. शक-1944, पौष, कृष्ण-पक्ष, तिथि-तीज, विक्रमी सवंत-2079‌‌।

4. सूर्योदय प्रातः 07:24, सूर्यास्त: 05:33। 

5. न्‍यूनतम तापमान- 10 डी.सै., अधिकतम- 19+ डी.सै.।

6. समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है। सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा। सभी पद अवैतनिक है। 

7.स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक राधेश्याम व शिवांशु  (विशेष संपादक) श्रीराम व सरस्वती (सहायक संपादक) संरक्षण-अखिलेश पांडेय, ओमवीर सिंह, वीरसैन पवार, योगेश चौधरी आदि के द्वारा (डिजीटल सस्‍ंकरण) प्रकाशित। प्रकाशित समाचार, विज्ञापन एवं लेखोंं से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं हैं। पीआरबी एक्ट के अंतर्गत उत्तरदायी।

8. संपर्क व व्यवसायिक कार्यालय- चैंबर नं. 27, प्रथम तल, रामेश्वर पार्क, लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102। 

9. पंजीकृत कार्यालयः 263, सरस्वती विहार लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102

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संपर्क सूत्र :- +919350302745--केवल व्हाट्सएप पर संपर्क करें, 9718339011 फोन करें।

(सर्वाधिकार सुरक्षित)

गणतंत्र दिवस    'संपादकीय'

गणतंत्र दिवस    'संपादकीय' 'भारत' देश है हमारा, संविधान पर विवाद नहीं। 'सभ्यता' सबसे पहले आई, ...