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गुरुवार, 14 जनवरी 2021

गजब: सीएम की मीटिंग में घुस लेती एसडीएम

रिश्वतखोर अफसरों का चेहरे बेनकाब: सीएम की मीटिंग मे एसडीएम मोबाइल फोन पर ले रही थी। घूस, फिर हुआ ये जिसके बाद सैल्यूट करने वाले हुए हैरान
नरेश राघानी  
जयपुर। भ्रष्ट अफसरों के हौंसले कितने बुलंद हैं। इस बात का अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है। कि जिस वक्त राजस्थान में भ्रष्ट अफसरों के हौंसले कितने बुलंद हैं। इस बात का अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है। कि जिस वक्त राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कलेक्टर कांफ्रेंस में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने पर बोल रहे थे। उसी वक्त, उसी मीटिंग में बैठी एक एसडीएम फोन पर रिश्वत ले रही थी। राजस्थान की एंटी करप्शन ब्यूरो ने राजस्थान के दौसा जिले के दो एसडीएम और पूर्व एसपी के दलाल को घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम द्वारा आईपीएस और दौसा के पूर्व एसपी मनीष अग्रवाल के दो मोबाइल फोन को भी जब्त कर लिया गया है। एसपी भी एंटी करप्शन ब्यूरो टीम के सिकंजे में आ सकते हैं।
दरअसल मामला ये है। कि राजस्थान के दौसा जिले से एक नेशनल हाईवे गुजर रहा है। जहां पर किसानों की भूमि के अधिग्रहण का काम चल रहा है। दौसा जिले के दो एसडीएम एक बांदीकुई की पिंकी मीणा और दूसरे दौसा के पुष्कर मित्तल को कंपनी के लिए जमीन अधिग्रहण करवाने का काम दिया गया था। अधिग्रहण को लेकर हुए विवादों की वजह से कंपनी पर मुकदमा चल रहा था। जिसकी सुनवाई एसपी मनीष अग्रवाल कर रहे थे। लेकिन इस मामले की सुनवाई के संबंध में भ्रष्टाचार की शिकायत आने लगीं, इसके बाद एसपी को दौसा जिले से हटा दिया गया, मगर इसके बावजूद एसपी का दलाल नीरज, अधिग्रहण करने वाली कंपनी पर घूस देने के लिए दबाव बना रहा था। दलाल नीरज, एसपी मनीष अग्रवाल के लिए कंपनी से 30 लाख रुपए की मांग कर रहा था। जिसे एंटी करप्शन की टीम द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है।
दूसरी तरफ बाँदीकुई की एसडीएम पिंकी मीणा की पहली पोस्टिंग हुई थी। पिंकी मीणा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ कलेक्टर कांफ्रेंस में बैठी हुई थीं। तभी जमीन अधिग्रहण के लिए 10 लाख रुपये घूस देने के लिए कंपनी वालों का फोन आया, एसडीएम ने फोन पर कहा कि ''कंपनी के लायजनिंग अधिकारी को दे दो मैं मीटिंग से निकलने के बाद ले लूंगी।'' एसडीएम को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम दो घंटे तक बैठी रही, जैसे ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मीटिंग से एसडीएम बाहर निकलीं और पैसे लिए, तभी एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
इसी प्रकार दौसा के एसडीएम पुष्कर मित्तल ने कंपनी के अधिकारियों को कहा था कि पैसे देने के लिए घर आ जाओ। मामले पर पहले से ही पैनी नजर रखी हुई एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम एसडीएम के घर पहुंच गई और रंगे हाथों एसडीएम को पकड़ लिया। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने दौसा के एसपी के जो मोबाइल जब्त किए हैं। उन दोनों मोबाइल में उनकी लोकेशन दौसा आ रही है। सूत्रों के मुताबिक एसपी को दौसा से बाहर भेज दिया गया था। फिर भी रिश्वत मांगने के लिए वे दौसा पहुंच गए थे। एसडीएम और दलाल की गिरफ्तारी के बाद, आईपीएस मनीष अग्रवाल भाग कर जयपुर स्थित अपने श्याम नगर आवास पर पहुंच गए, फिलहाल एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम उनके घर पहुंच रही है। जहां उनसे इस मामले के बारे में गहन पूछताछ होगी।

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