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बुधवार, 13 जुलाई 2022

कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर समेत अन्य कई पदों पर भर्तियां

कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर समेत अन्य कई पदों पर भर्तियां 

अमित शर्मा          
चंडीगढ़। अगर सरकारी नौकरी की तलाश में हैं, तो ये आपके लिए शानदार मौका हो सकता है। दरअसल, पंजाब में कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर समेत अन्य कई पदों पर भर्तियां निकली हैं। वे कैंडिडट्स जो नेशनल हेल्थ मिशन के इन पदों पर आवेदन करना चाहते हों, वे एनएचएम पंजाब की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। बता दें इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। वहीं, इनके लिए अप्लाई करने और परीक्षा की तारीख अलग अलग है। सीएचओ पद पर आवेदन 12 जुलाई से शुरू हुए हैं और अप्लाई करने की लास्ट डेट 25 जुलाई 2022 है। वहीं फार्मासिस्ट, मेडिकल ऑफिसर और क्लीनिक असिस्टेंट पदों पर आवेदन 11 जुलाई से शुरू हुए हैं और अप्लाई करने की लास्ट डेट 20 जुलाई 2022 है।
वहीं शैक्षिक योग्यता की बात करें तो इन पदों के लिए शैक्षिक योग्यता और आयु सीमा पद के अनुसार अलग है। बेहतर होगा हर पद के विषय में डिटेल में जानकारी पाने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर दिया नोटिस चेक कर लें। हर पद के लिए अलग-अलग नोटिस चेक किया जा सकता है।

शनिवार, 18 जून 2022

मकान की छत गिरने से 2 की मौंत, 3 अन्य घायल

मकान की छत गिरने से 2 की मौंत, 3 अन्य घायल

अमित शर्मा

चंडीगढ़/लुधियाना। पंजाब में बारिश के दौरान लुधियाना की भोरा कालोनी में एक मकान की छत गिरने से परिवार के 2 सदस्याें की मौंत हो गयी तथा 3 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गये। घायलों को अस्पताल भर्ती कराया गया। पश्चिमोत्तर क्षेत्र में पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश होने से झुलसाती गर्मी से राहत मिली तथा अगले तीन दिन भी बारिश के आसार हैं। मौसम केन्द्र के अनुसार हरियाणा में अगले दो दिन कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है तथा कहीं- कहीं भारी बारिश,गरज-चमक और तेज हवा चलने के आसार हैं।

पंजाब में अगले 48 घंटे में कुछ स्थानों पर तथा 20 -21 जून को अनेक स्थानों पर बारिश होने और कहीं-कहीं भारी बारिश,गर्जन और तेज हवा चलने के आसार हैं। चंडीगढ़ में पिछले 24 घंटों में हल्की बारिश हुई जिससे पारे में गिरावट आने से मौसम सुहावना बना रहा। शहर में एक मिमी वर्षा हुई। पंजाब में कुछ स्थानों पर बारिश हुई।लुधियाना में 30 मिमी,पटियाला 27 मिमी, पठानकोट पांच मिमी, बठिंडा 16 मिमी, फतेहगढ़ साहिब 26 मिमी, गुरदासपुर 13 मिमी, फरीदकोट 14 मिमी सहित कुछ स्थानों पर हल्की से औसत बारिश हुई। बारिश सूख रहीं फसलों के लिये वरदान साबित हुई । हरियाणा में भी तेज हवा के साथ हल्की बारिश हुई। अंबाला सात मिमी, हिसार चार मिमी, करनाल 39 मिमी, रोहतक छह मिमी ,भिवानी आठ मिमी, सिरसा दो मिमी सहित कुछ इलाकों में हल्की बारिश तथा बूंदाबांदी हुई।

शनिवार, 11 जून 2022

मूसेवाला का जन्मदिन, समाधि पर पहुंचें प्रशंसक

मूसेवाला का जन्मदिन, समाधि पर पहुंचें प्रशंसक

अमित शर्मा
मानसा। पंजाब में मानसा जिले के मूसेवाला गांव का नाम देश-विदेश में रोशन करने वाले प्रसिद्ध पंजाबी गायक शुभदीप उर्फ सिद्धू मूसेवाला के शनिवार को जन्मदिन पर बड़ी संख्या में उनके प्रशंसक उनकी समाधि पर पहुंचें। पाकिस्तान से लेकर देश के कई राज्यों से आये उनके प्रशंसकों में बच्चे से लेकर नौजवान और बुजुर्ग ही नहीं, बल्कि माताएं और बहनें भी उनको अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि दे रही हैं। उनके अंतिम संस्कार मेंं जिस तरह जन सैलाब उमड़ा था। वैसे ही उनके भोग पर दिखाई दिया और आज वह 29 साल के हो गये। उनकी समाधि पर फूल माला अर्पित करने वाले रूंधे गले से उनको सजदा कर उनकी याद में पौधा रोपित कर रहे हैं और मूसेवाला की निर्मम हत्या के लिये सरकार को जिम्मेदार बताते हैं।
उनका कहना था कि यदि उनकी सुुरक्षा कटौती की बात सार्वजनिक न होती और गैंगस्टरों पर पहले ही नकेल कस दी जाती तो आज हमारा प्यारा गायक हमारे बीच होता। समाधि पर आये लोगों का कहना है कि ऐसा होनहार ,जमीन से जुड़ा ,हर एक को सम्मान देने वाला बालक हमने नहीं देखा। जिसने छोटी-सी उम्र में दुनिया में बड़ा नाम कमाया। उसके फैन पंजाब से लेकर पूरे देश में ही नहीं, पूरी दुनिया में हैं। बुलंदियों को छूने के बाद लोग शहरों या विदेश की ओर रूख करते हैं। लेकिन उसने अपने गांव में बसने का फैसला किया और गांव में बड़ी आलीशान कोठी बनाईं। उसने अपनी खेती खुद की और माता पिता के साथ रहना ही पसंद करता था।
कातिलों ने ऐसे सूरमा को मारकर मां की गोद सूनी कर दी। बुढ़ापे में माता पिता का दर्द सहा नहीं जाता। गौरतलब है कि मूसेवाला जब पास के गांव अपनी बीमार मौसी का हालचाल लेने जा रहे थे तो उनकी रेकी कर रहे केकडा नाम के दुष्ट ने उनके जाने की बात गैंगस्टर कनाडा में बैठे गोल्डी बराड़ को दी और उसने शार्प शूटरों को उसे खत्म करने के हुक्म दिये। गांव से कुछ ही दूरी पर जवाहरके गांव में उनकी थार गाड़ी को घेर कर उनपर ताबड़तोड़ गाेलियों से शरीर छलनी कर दिया था।

बुधवार, 8 जून 2022

भोग कार्यक्रम में भाग लेने के लिए एकत्रित हुए, लोग

भोग कार्यक्रम में भाग लेने के लिए एकत्रित हुए, लोग

अमित शर्मा  
मानसा। पंजाब के मानसा में सिद्धू मूसेवाला के भोग कार्यक्रम (मृत्यु के बाद की रस्म) में भाग लेने के लिए बुधवार को बड़ी संख्या में लोग यहां अनाज मंडी में एकत्रित हुए। ये लोग पंजाब, हरियाणा और अन्य जगहों से आए थे। इस दौरान कई लोगों ने मूसेवाला की तस्वीरों वाली टी-शर्ट पहन रखी थी। कई बच्चे दिवंगत गायक जैसे कपड़े पहन रखे थे। कई लोगों के हाथों में पोस्टर थे जिन पर ’29 मई काला दिन’ और ‘मूसेवाला अमर रहें’ लिखा था।
कई लोग ‘मूसेवाला के लिए न्याय’ की मांग कर रहे थे। कुछ लोगों के हाथों में गायक की तस्वीरों वाले झंडे थे। इस मौके पर भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। अंतिम अरदास में भाग लेने आए जालंधर के एक वकील ने मांग की कि राज्य सरकार गायक के परिवार को न्याय दिलाए। उन्होंने कहा, “मूसेवाला की हत्या की जांच जल्दी की जानी चाहिए और हत्या में शामिल लोगों को फांसी की सज़ा मिलनी चाहिए।
राजस्थान के गंगानगर से तीन दोस्त बुधवार सुबह चार बजे मूसेवाला को श्रद्धांजलि देने मानसा पहुंचे। उनमें से एक ने कहा “जब हमें मूसवाला की मौत के बारे में पता चला तो हम स्तब्ध रह गए।” मूसेवाला की तस्वीर वाले पोस्टर लेकर हरियाणा के फतेहाबाद और सिरसा जिलों से युवाओं का एक समूह कार्यक्रम में शामिल होने आया। उन्होंने मांग की कि इस जघन्य अपराध के दोषियों को जल्द से जल्द सज़ा दी जानी चाहिए। लुधियाना के एक परिवार ने मूसेवाला की तस्वीरों वाले बैज लोगों को बांटे।
गौरतलब है कि पंजाब के मानसा जिले में 29 मई को अज्ञात हमलावरों ने मूसेवाला की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मूसेवाला की हत्या के बाद राज्य पुलिस ने इस घटना को आपसी रंजिश का मामला करार दिया। हत्या के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का हाथ बताया जा रहा है।

शनिवार, 4 जून 2022

सरिया के दामाें में 9 हजार रुपये प्रति टन की गिरावट

सरिया के दामाें में 9 हजार रुपये प्रति टन की गिरावट

अमित शर्मा  
लुधियाना। पंजाब में सरिया की कीमतें लगातार धड़ाम हाे रही हैं। पिछले एक महीने में सरिया के दामाें में 9 हजार रुपये प्रति टन की गिरावट आई है। इससे महंगाई से जूझ रहे आम लाेगाें काे बड़ी राहत मिली है। अगर बात लोहा मार्केट मंडी गाेबिंदगढ़ की करें तो शनिवार काे लोहे के रेट काफी गिर गए हैं। पिछले 4 दिन से कीमताें में उतार-चढ़ाव नहीं आया है। भवन निर्माण में सबसे अहम सरिया और सीमेंट ही हाेता है। हालांकि पंजाब में रेत अब भी महंगी ही मिल रही है। आने वाले दिनाें में इसमें भी कमी देखने काे मिल सकती है।
केंद्र सरकार ने पिछले दिनाें कोयला और स्क्रैप पर ड्यूटी घटाई थी। इसका असर अब लाेहा मार्केट पर पड़ना शुरू हाे गया है। इसके साथ ही स्पंज और स्पंज प्लेट पर निर्यात शुल्क बढ़ाया गया है। इन दोनों कच्चे माल पर शून्य से बढ़ाकर 45 प्रतिशत निर्यात शुल्क कर दिया गया है। इससे राॅ मटीरियल देश के बाहर जाना कम हो गया है और देश में उपलब्धता बढ़ गई है। इन वजहों से सरिया की निर्माण लागत कम हुई है। काराेबारियाें का कहना है कि महंगाई के दाैर में सरिया और सीमेंट की कीमतें कम हाेने से खरीद अचान बढ़ गई है।
23 मई काे ब्रांडेड सरिया 71,000 रुपये प्रति टन और लोकल ब्रांड सरिया 67,000 तक बिका।
25 मई काे ब्रांडेड सरिया 66,000 रुपये प्रति टन और लाेकल ब्रांड सरिया 62,000 रुपये बिका
1 जून काे ब्रांडेड सरिया 67,000 रुपये प्रति टन और लाेकल ब्रांड सरिया 62,000 रुपये बिक रहा है।

शनिवार, 21 मई 2022

'शिअद' के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री का निधन

'शिअद' के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री का निधन 

अमित शर्मा       
चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के वरिष्ठ नेता और पंजाब के पूर्व मंत्री 81 वर्षीय तोता सिंह का शनिवार को मोहाली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। सिंह लंबे समय से बीमार थे। सिंह शिअद के नेतृत्व वाली सरकार में कृषि और शिक्षा मंत्री थे। वह वरिष्ठ उपाध्यक्ष और शिअद की कोर कमेटी के सदस्य थे।
सिंह शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य भी थे। सिंह 1997 में पहली बार मोगा विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे। उन्हें उस समय प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व वाली सरकार में शिक्षा मंत्री के रूप में शामिल किया गया था। वह 2002 के विधानसभा चुनावों में मोगा से फिर से चुने गए लेकिन 2007 में वह हार गए। सिंह 2012 में धर्मकोट विधानसभा सीट से चुने गए और कृषि मंत्री बने।

शनिवार, 14 मई 2022

मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पताल में लगीं आग

मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पताल में लगीं आग 

अमित शर्मा
अमृतसर। पंजाब में अमृतसर मेडिकल कॉलेज से जुड़े गुरु नानकदेव अस्पताल में शनिवार दोपहर अचानक आग लग गई। एक्स-रे यूनिट के पिछली ओर रखे दो ट्रांसफार्मरों में ब्लॉस्ट के बाद आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। आग के कारण चारों तरफ धुआं ही धुआं फैल गया। इसके बाद अस्पताल के वार्डों में भर्ती 650 मरीजों को वार्डों से बाहर निकालकर सड़कों पर लाना पड़ा। घटना दोपहर 2:00 बजे के करीब गुरु नानक देव अस्पताल में हुई। 
शनिवार होने के कारण ओपीडी में मरीज नहीं थे, लेकिन अस्पताल में 650 के करीब मरीज भर्ती हैं। ओपीडी के पिछली ओर और एक्स-रे यूनिट के पास दो ट्रांसफार्मर लगे हैं। इनसे पूरे अस्पताल को बिजली सप्लाई हो रही है।

रविवार, 6 मार्च 2022

बैंक में सरकारी नौकरी करने का मौका, आवेदन

बैंक में सरकारी नौकरी करने का मौका, आवेदन     

अमित शर्मा    

चंडीगढ़। अगर आप भी बैंक में सरकारी नौकरी करने का सपना देख रहे हैं तो यह आपके लिए एक बेहतरीन मौका हो सकता है। दरअसल, पंजाब नेशनल बैंक ने चपरासी के पदों पर भर्ती करने के लिए अधिसूचना जारी की है। जिसके अनुसार 12वीं पास कर चुके युवा इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकते है। भर्ती अभियान के तहत चपरासी के 21 पदों को भरा जाना है। वहीं चयनित अभ्यर्थियों को चंपारण की अलग-अलग शाखाओं में नियुक्त किया जाएगा। बता दें इन पदों के लिए आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक साइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इच्छुक अभ्यर्थी 21 मार्च 2022 तक इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। बता दें चपरासी के पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास 12वीं पास का प्रमाण पत्र होना चाहिए। इसके अलावा उन्हें अंग्रेजी पढ़ना और लिखना भी आना चाहिए। खास बात यह है कि किसी भी आवेदक के पास 1 जनवरी 2022 तक किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री नहीं होनी चाहिए। 12वीं कक्षा से अधिक योग्यता वाले आवेदकों के आवेदन को खारिज कर दिया जाएगा।

इस पद के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की आयु सीमा 18 वर्ष से 24 वर्ष के बीच होनी चाहिए। वहीं एससी/एसटी उम्मीदवारों को उम्र में 5 साल और ओबीसी को 3 साल की छूट प्रदान की जाएगी। भर्ती में उम्मीदवारों का चयन कक्षा 10 और 12 में प्राप्त मार्क्स के आधार पर होगा। अभ्यर्थियों को भरे हुए फॉर्म के साथ शैक्षिक योग्यता, जन्म तिथि, मतदाता कार्ड, पैन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, डोमिसाइल सर्टिफिकेट आदि दस्तावेजों की स्व-सत्यापित फोटोकॉपी लगानी होगी। सभी अभ्यर्थियों को डाक्यूमेंट्स मुख्य प्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक, मंडल कार्यालय, उज्ज्वल कॉम्प्लेक्स, चांदमारी, मोतिहारी, पूर्वी चंपारण – 845401 को भेजने होंगे।

मंगलवार, 12 अक्तूबर 2021

पंजाब के नये प्रदेशाध्यक्ष का हो सकता है ऐलान

राणा ओबराय        
चडीगढ़। पंजाब कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इससे पूर्व में पंजाब के सीएम कैप्टन ने भी इस्तीफा दे दिया था। सिद्ध का हाईकमान ने इस्तीफा स्वीकारा नहीं था। लेकिन अब बताया जा रहा है कि हाईकमान सिद्धू का इस्तीफे को स्वीकार कर सकती है। पंजाब के नये प्रदेशाध्यक्ष का ऐलान हो सकता है।
मिली जानकारी के अनुसार सिद्धू ने मतभेद के चलते सोशल मीडिया के माध्यम से इस्तीफा देने का ऐलान किया था। पार्टी संभावित उम्मीदवारों की तलाश कर रही है। हालांकि, यह अभी भी एक खुला मुद्दा है। यदि कांग्रेस वास्तव में सिद्धू को पंजाब के अध्यक्ष के रूप में हटा देती है, तो यह पिछले कुछ महीनों में राज्य की राजनीतिक घटनाओं में एक नया मोड़ होगा। तत्कालीन सीएम अमरिंदर सिंह ने सिद्धू पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

बुधवार, 6 अक्तूबर 2021

संविधान की भावनाओं का उल्लंघन, आरोप लगाया

राणा ओबराय     
चंडीगढ़। कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने पार्टी नेता प्रियंका गांधी वाद्रा को हिरासत में लेने पर उत्तर प्रदेश पुलिस पर बुधवार को हमला बोला और पुलिस पर संविधान की भावनाओं का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। सिद्धू ने पिछले दिनों पंजाब इकाई के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था, हालांकि उसे पार्टी ने अभी तक स्वीकार नहीं किया है।
सिद्धू ने मंगलवार को भी चेतावनी दी थी कि यदि उनकी पार्टी की नेता प्रियंका गांधी वाद्रा को बुधवार तक नहीं छोड़ा गया और किसानों की हत्या के सिलसिले में केन्द्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो कांग्रेस की पंजाब इकाई उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के लिए कूच करेगी।
सिद्धू ने बुधवार को ट्वीट किया, ” 54 घंटे हो चुके हैं। प्रियंका गांधी जी को अदालत के समक्ष पेश नहीं किया गया। गैरकानूनी तरीके से 24 घंटे से अधिक समय तक हिरासत में रखना मौलिक अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है। भाजपा और उत्तर प्रदेश पुलिस आप संविधान की भावना का हनन कर रहे हैं, हमारे बुनियादी मानवाधिकारों को ठेस पहुंचा रहे हैं।”

गौरतलब है कि पिछले रविवार को लखीमपुर खीरी जिले के तिकोनिया इलाके में केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के पैतृक गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को किसानों द्वारा काले झंडे दिखाए जाने के मामले में भड़की हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी।

वाद्रा सोमवार तड़के पार्टी के वरिष्ठ नेता दीपेंद्र हुड्डा तथा कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू समेत कुछ नेताओं के साथ मृतक किसानों के परिजन से मिलने के लिए लखीमपुर खीरी जा रही थीं, लेकिन उन्हें रास्ते में सीतापुर जिले में हिरासत में ले लिया गया था।

गुरुवार, 30 सितंबर 2021

सीएम चन्नी से मुलाकात करेंगे नवजोत सिंह सिद्धू

अमित शर्मा       
चंडीगढ़। कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि वह बातचीत के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से बृहस्पतिवार को मुलाकात करेंगे। यह पहल चन्नी के सिद्धू के पास जाने और बातचीत के जरिए मुद्दों को सुलझाने की पेशकश करने के एक दिन बाद आई है।
प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष के पद से मंगलवार को इस्तीफा दे चुके सिद्धू ने कहा, “मुख्यमंत्री ने बातचीत के लिए मुझे बुलाया है। आज दोपहर तीन बजे चंडीगढ़ में पंजाब भवन पहुंच जाउंगा, किसी भी चर्चा के लिए उनका स्वागत है।” सिद्धू ने बुधवार को पुलिस महानिदेशक, राज्य के महाधिवक्ता और ‘दागी’ नेताओं की नियुक्ति पर सवाल उठाया था।
अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने के बाद और राज्य में अगले साल की शुरुआत में महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सिद्धू के अपने पद से इस्तीफा दे देने से कांग्रेस की पंजाब इकाई में उथल-पुथल मची है। नई कैबिनेट और अन्य शीर्ष अधिकारियों की हालिया नियुक्तियों को लेकर पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी खुल कर सामने आ गई ।
बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए चन्नी ने कहा था, “मैंने आज सिद्धू साहब से टेलीफोन पर बात की है। पार्टी सर्वोच्च है, सरकार पार्टी की विचारधारा को स्वीकार करती है और उसका पालन करती है। (मैंने उनसे कहा कि) आप आओ, बैठो और बात करो।” उन्होंने कहा, “अगर आप (सिद्धू) को लगता है कि कुछ गलत है, तो बता सकते हैं।” सिद्धू की प्रतिक्रिया के बारे में पूछे जाने पर चन्नी ने कहा कि नेता ने उनसे कहा कि वह बैठेंगे और बात करेंगे, और उन्हें बैठक के लिए समय देंगे।
चन्नी ने कहा कि उनकी सरकार अदालतों में मुकदमे लड़ने के लिए एक विशेष अभियोजक के नेतृत्व में एक टीम गठित करेगी। उन्होंने कहा, “हम एक विशेष अभियोजक और 10 सदस्यों की एक टीम बना रहे हैं और यह हमारे (राज्य सरकार) महत्वपूर्ण मामलों को संभालेगी।” उन्होंने कहा, “एक विशेष टीम नियुक्त की जाएगी। इसलिए मुझ पर कोई संदेह नहीं होना चाहिए। सब कुछ पारदर्शी होगा।

बुधवार, 29 सितंबर 2021

दूसरे दल में शामिल होने की बात खारिज: कैप्टन

अमित शर्मा       
चडीगढ़। पंजाब सियासी घमासान जारी है। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दावा करते हुए कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू चन्नी सरकार पर हावी होना चाहते थे, परंतु कोई भी सीएम यह सहन नहीं कर पा सकता। उन्होंने किसी और दल में जाने से इंकार किया है। बताया है कि मीडिया अपनी तरफ से खबरें दिखा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार चन्नी सरकार के बनने के पश्चात कई लीडरों व मिनिस्टरों के इस्तीफे के बाद एक निजी चैनल से वार्ता करते हुए कहा कि सिद्धू चन्नी पर हावी होना चाहते थे। इसको कोई भी सीएम सहन नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि राजय चलाने के लिये हर किसी को पूरी छूट होनी चाहिए। अगर सिद्धू का लगता है कि वह चन्नी के माध्यम से सरकार चलायेंगे, तो प्रतिक्रिया इसी तरह की होगी। उन्होंने कहा कि मैंने इस्तीफे का पत्र देखा है मुझे पता चला है कि दूसरे दलों में भी लोगों से वार्ता कर रहे हैं। कैप्टन ने दूसरे दल में शामिल होने की बात को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि मीडिया स्वयं उनके अन्य पार्टी में शामिल होने की बात कर रही है लेकिन यह सही नहीं है।

चन्नी को सीएम बनाने पर सिद्धू ने इस्तीफा दिया

अमित शर्मा     
चंडीगढ। पंजाब में सियासी घमासान रूकने का नाम ही नहीं ले रहा है। कैप्टन के इस्तीफा के बाद चन्नी को सीएम बनाने को लेकर नाराज सिद्धू ने भी इस्तीफा दे दिया। इससे हाईकमान नाराज है और उनके विरूद्ध एक्शन भी ले सकती है। चन्नी सरकार में सिद्धू के इस्तीफा के पश्चात से इस्तीफे की लाइन लग गई है।
मिली जानकारी के अनुसार नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे से कांग्रेस हाईकमार नाराज है और उनके विरूद्ध कड़ा रूख अपनाया जा सकता है। बताया जा रहा है कि अभी तक दोनों पक्षों के बीच कोई वार्ता नहीं हुई है। इतना ही नहीं अभी तक सिद्धू का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया हे। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने आज कैबिनेट बैठक भी बुलाई हे। मिली जानकारी के अनुसार आज की कैबिनेट में जो मिनिस्टर नहीं आयेंगे, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जायेगी। सिद्धू के इस्तीफा के पश्चात प्रदेश अध्यक्ष हेतु मंथन भी प्रारंभ हो गया है और इस दौड़ में रवनीत सिंह बिट्टू का नाम सबसे ऊपर चल रहा है।
गौरतलब है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के विरोध के बाद सिद्ध को इसी साल 23 जुलाई को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया था। नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे के पश्चात चन्नी सरकार के मिनिस्टर समेत कई बड़े लीडरेां के इस्तीफों लाइन लग गई है।

मंगलवार, 28 सितंबर 2021

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से सिद्धू ने इस्तीफा दिया

राणा ओबराय         
चंडीगढ़। पंजाब में बड़ा सियासी घटनाक्रम हुआ है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से नवजोत सिंह सिद्धू ने इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे की खबर ने सियासी हलकों में हडक़ंप मचा दिया है। बहुत ही संक्षिप्त त्याग पत्र में नवजोत सिद्धू ने लिखा है कि वह पंजाब के भविष्य को लेकर किसी से समझौता नहीं करेंगे। उनका एक ही एजेंडा है, वो है पंजाब का भला करना। सिद्धू ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपना इस्तीफा भेज दिया है। उधर एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में आज पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह दिल्ली जा रहे हैं और कयास लगाए जा रहे हैं। उनकी मुलाकात गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से होने वाली है।

सोमवार, 27 सितंबर 2021

300 से अधिक स्थानों पर विरोध प्रदर्शन शुरू किया

अमित शर्मा         
जालंधर। केन्द्र सरकार के तीन विवादित कृषि कानूनों के विरोध का सोमवार को एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य में किसान संगठनों के ‘भारत बंद’ के आह्वान पर पंजाब में किसानों ने 300 से अधिक स्थानों पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। राज्य में राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, लिंक रोड और रेलवे ट्रैक गंभीर रूप से अवरुद्ध होने से सड़क और रेल यातायात ठप हो गया है।
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने हड़ताल की अवधि के दौरान सरकारी और निजी कार्यालयों, शैक्षणिक और अन्य संस्थानों, दुकानों, उद्योगों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को बंद रखने का आह्वान किया है। अस्पताल, मेडिकल स्टोर, राहत और बचाव कार्य और व्यक्तिगत आपात स्थिति में शामिल लोगों सहित सभी आपातकालीन प्रतिष्ठानों और आवश्यक सेवाओं हालांकि छूट दी गई है।
इस दौरान एंबुलेंस, सेना और पत्रकारों के वाहनों को आने जाने की छूट रहेगी। मोर्चा ने किसानों के लिए व्यापारियों, कर्मचारियों समेत सभी वर्गों से समर्थन का आह्वान किया है। हड़ताल को विभिन्न राजनीतिक दलों का समर्थन मिल रहा है। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने जहां बंद को समर्थन दिया है।
प्रदर्शनकारियों ने बरनाला में सुबह छह बजे से शहर की ओर जाने वाली सड़कों के अलावा रेल ट्रैक को जाम कर दिया, जबकि बाजार बंद रहे। भारती किसान यूनियन, डकौंडा के प्रेस सचिव बलवंत सिंह उप्ली ने कहा “हमने जिले में 10 सड़कों को अवरुद्ध कर दिया है।
जालंधर, अमृतसर, होशियारपुर, गुरदासपुर और वेरका बस अड्डा चौक में जिन जगहों पर किसान धरना प्रदर्शन कर रहे हैं वहां सुबह पांच बजे से सुरक्षाबलों को तैनात कर दिया गया है। जालंधर के पीएपी चौक और जालंधर फगवाड़ा राष्ट्रीय मार्ग पर किसानों ने धरना लगा कर सड़क यातायात को रोक दिया है।
जालंधर के दकोहा में किसानों ने रेलगाड़ियों को रोक कर रेल यातयात भी रोक दिया है। पंजाब के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने राज्य के पुलिस बलों को विरोध स्थलों पर कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। सभी धरना स्थलों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

रविवार, 26 सितंबर 2021

नए मंत्री पद के लिए शपथ ग्रहण लेगें 15 विधायक

अमित शर्मा            
चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी नए मंत्रिमंडल का विस्तार रविवार शाम हो जाएगा। करीब 15 विधायक नए मंत्री पद के लिए शपथ ग्रहण लेगें। कसूत्रों के अनुसार राहुल गांधी और केंद्रीय आलाकमान के साथ हुई बैठक के बाद पंजाब के नवनियुक्त सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने कैबिनेट के नामों पर सहमति जता दी है। शपद गवर्नर हाउस में होगी।
वहीं सुखजिंदर रंधावा (उपमुख्यमंत्री), ओपी सोनी (उपमुख्यमंत्री), पर पहले ही मोहर लग चुकी है। इसके अलावा परगट सिंह, राज कुमार वेरका, गुरकीरत सिंह कोटली, संगत सिंह गिलजियान, कुलजीत सिंह नागर, राणा गुरजीत सिंह और अमरिंदर सिंह, राजा वारिंग,  मनप्रीत सिंह बादल, ब्रह्म मोहिन्द्रा, त्रिपत राजिंदर सिंह बाजवा, रजिया सुल्ताना, सुखबिंदर सिंह सरकारिया, भारत भूषण आशु, अरुणा चौधरी और विजय इंदर सिंगला में से कुछ को पद मिल सकता है।

शनिवार, 25 सितंबर 2021

राज्यपाल बनवारीलाल से मुलाकात करेंगे सीएम

अमित शर्मा        
चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी नए मंत्रिमंडल के लिए विधायकों की सूची को अंतिम रूप देने के बाद शनिवार दोपहर राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित से मुलाकात करेंगे। सूत्रों ने बताया कि ऐसी उम्मीद है कि चन्नी दोपहर में राज्यपाल से मिलेंगे और नए मंत्रियों के लिए शपथ ग्रहण समारोह रविवार को आयोजित होने की संभावना है।
चन्नी के दिल्ली से लौटने के कुछ घंटे बाद यह घटनाक्रम सामने आया है। वहां उन्होंने नए मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले चेहरों को लेकर पार्टी के आलाकमान के साथ अंतिम चरण की चर्चा की। सूत्रों ने बताया कि चन्नी नीत मंत्रिमंडल में सात नए चेहरों को शामिल किए जाने की संभावना है जबकि अमरिंदर सिंह की सरकार में मंत्री रहे पांच विधायकों का पत्ता कट सकता है। मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा करने के लिए चन्नी को कांग्रेस आलाकमान ने शुक्रवार को दिल्ली तलब किया था।

गुरुवार, 23 सितंबर 2021

चैकिंग के दौरान तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया

अमित शर्मा        
चंडीगढ़। पंजाब की तरनतारन पुलिस ने मोगा जिले के सीमावर्ती भिखीविंड इलाके में बुधवार रात चैकिंग के दौरान तीन आतंकवादियों को गिरफ्तार किया।
फिरोजपुर रेंज के महानिरीक्षक जतिंदर सिंह औलख ने यह पुष्टि करते हुये आज यहां बताया कि गिरफ्तार आतंकवादियों की शिनाख्त कुलविंदर सिंह, कंवरपाल सिंह और कोमलप्रीत सिंह के रूप में की गई है। इनके कब्जे से पुलिस ने नौ एमएम का पिस्तौल, गोलाबारूद और हथगोले बरामद किये हैं। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आतंकवादियों को अदालत में पेश कर इन्हें पूछताछ के लिये रिमांड पर लिया जाएगा।

बुधवार, 22 सितंबर 2021

किसी दलित नेता को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाया

अमित शाह          
चडींगढ। पंजाब में कांग्रेस के प्रभारी मंत्री हरीश रावत ने ठीक उसी समय यह बयान क्यों दिया ? जब चरणजीत सिंह चन्नी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। पंजाब में पहली बार किसी दलित नेता को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाया गया है। कांग्रेस ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री के पद से हटाकर गलती की, ऐसा सभी लोग मानते हैं लेकिन वहां के नेताओं ने ऐसे हालात ही पैदा कर दिये थे जिससे कैप्टन को कुर्सी से उतारना ही पड़ा। कांग्रेस के पास कैप्टन के कद का कोई नेता नहीं है और 6 महीने बाद ही विधानसभा के चुनाव होने हैं। इस सब के बाद भी दलित मुख्यमंत्री का कार्ड भारी पड़ रहा था। हरीश रावत ने बयान दिया कि विधानसभा के चुनाव नवजोत सिद्धू के चेहरे पर लड़े जाएंगे। इसका सीधा मतलब कि दलित नेता को सिर्फ दिखाने के लिए सीएम बनाया गया है। अकाली दल और पंजाब में उसकी सहयोगी बसपा प्रमुख मायावती ने इस मामले को तुरंत उठाया। इस प्रकार पंजाब में हरीश रावत ने कांग्रेस का सारा गुड़ गोबर कर दिया है। हरीश रावत के बयान को हाईकमान का मंतव्य समझा जा रहा है। यदि हाईकमान ने नवजोत सिद्धू को है। साधारण राजनीति भी यही बताती है कि दलित मुख्यमंत्री बनाते ही सवर्ण जाट का चेहरा आगे करने से पूरी रणनीति बिखर गयी है। सिद्धू के मन का ही तो सब कुछ हो रहा था, फिर बयान देने की हरीश रावत को इतनी जल्दी क्यों हुई।
इसमें कोई संदेह नहीं कि पंजाब के नए सीएम ने अच्छी छाप छोड़ी। पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने पदभार संभालने के बाद किसानों और आम लोगों को बड़ा तोहफा दिया है। चन्नी ने शपथ ग्रहण करने के बाद अपने पहले संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘हम किसानों के पानी और बिजली के बिल माफ करेंगे।’ पंजाब के सीएम ने कहा, ‘पंजाब सरकार किसानों के साथ खड़ी है। हम केंद्र से तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की अपील करते हैं। अगर ये तीनों कानून वापस नहीं लिए गए तो किसानी खत्म हो जाएगी और पंजाब के हर परिवार पर फर्क पड़ेगा।’  उन्होंने इसके साथ ही कहा किसानों पर अगर किसी तरह की आंच आई तो वह अपनी गर्दन पेश कर देंगे। उन्होंने अपने को आम आदमी (कामन मैन) बताया।
चंडीगढ़ में अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए चन्नी भावुक हो गए। उन्होंने खुद के गरीब परिवार में पैदा होने का जिक्र करते हुए कहा कि वह इस बड़ी जिम्मेदारी देने के लिए कांग्रेस नेतृत्व का धन्यवाद करते हैं। उन्होंने कहा कि ‘कांग्रेस ने एक आम आदमी को मुख्यमंत्री बना दिया है।’ उन्होंने कहा कि पार्टी सुप्रीम है। सीएम या एमएलए सुप्रीम नहीं है।’ उन्होंने कहा कि सरकार कांग्रेस की विचारधारा पर चलेगी, जो सबको साथ लेकर चलने की है। उन्होंने कहा कि जाति या संप्रदाय के नाम पर कोई तोड़ नहीं सकता। उन्होंने कहा, ‘पंजाब की एकता, अखंडता और भाईचारा को कायम रखना है। हम सबको मिलकर रहना है। पंजाब को आगे बढ़ाना है। चन्नी ने यह भी कहा कि रेत माफिया के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और सभी मुद्दों का समाधान होगा। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व की ओर से तय 18 सूत्री कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि वह राज्य के लोगों का भरोसा दिलाते हैं कि आने वाले दिनों में सभी मसलों का हल होगा। नवनियुक्त सीएम ने कहा, ‘मैं पंजाब के आम लोगों की आवाज बनूंगा। कैप्टन अमरिंदर सिंह पर चन्नी ने कहा ‘वह हमारे नेता हैं। उन्होंने कहा कि कैप्टन सरकार के अधूरे काम हम पूरे करेंगे।’ चन्नी ने कहा, ‘राहुल गांधी एक क्रांतिकारी नेता हैं। मैं पंजाब प्रदेश कांग्रेस, कैप्टन अमरिंदर सिंह और पंजाब के लोगों का शुक्रगुजार हूं।’ चन्नी ने कहा, ‘मैं खुद एक रिक्शा चालक रहा हूं? मैं किसी को भी कृषि क्षेत्र को चोट नहीं पहुंचाने दूंगा। मैं केंद्र से काले कानूनों को निरस्त करने की अपील करूंगा। मैं किसानों के संघर्ष का पूरा समर्थन करता हूं।’ चन्नी ने इतना अच्छा माहौल बनाया था लेकिन हरीश रावत के बयान ने किये धरे पर पानी फेर दिया। अभी कुछ दिन पहले ही पंज प्यारे कहकर वे कांग्रेस की फजीहत करवा चुके हैं।

गौरतलब है कि राज्य में विपक्षी दल आम आदमी पार्टी ने ऐलान किया था कि अगर वह आगामी चुनावों के बाद सरकार में आई तो फ्री बिजली और पानी का इंतजाम करेगी। ऐसे में कांग्रेस सरकार की कोशिश है कि वह अपने विपक्षियों को जनता के बीच कोई खास मौका न दे इसीलिए पंजाब में कांग्रेस पार्टी ने एक दलित चरनजीत सिंह चन्नी को सीएम की कुर्सी पर बैठाया और इधर यूपी में मायावती ने कांग्रेस पार्टी पर हमला बोल दिया। कांग्रेस और बसपा का दलित वोट बैंक से रिश्ता ही ऐसा है। एक का प्लस दूसरे का माइनस बन जाता है। दलित पहले कांग्रेस के साथ थे। जैसे जैसे उसका साथ छोड़ते गये, बसपा के साथ जुड़ते गये। इसीलिए कांग्रेस खत्म होती गयी और बसपा खिलती गयी। अब मायावती सशंकित रहती हैं कि कहीं दलित फिर से न कांग्रेस की ओर रूख कर लें। कांग्रेस की यही लालसा है कि उसका घर फिर से दलित बसा दें। झगड़ा इसी का है। पंजाब और यूपी में अगले साल एक साथ विधानसभा के चुनाव होने हैं। पंजाब में तो कांग्रेस ने दलित कार्ड चल दिया है लेकिन, इसे यूपी में भी खूब प्रचारित किया जायेगा। दलित वोट बैंक की गोलबंदी के लिए कांग्रेस पार्टी यूपी की अपनी रैलियों और सभाओं में भी इसे जोर जोर से बताएगी कि उसने एक दलित को सीएम बनाया।
दलित वोट बैंक से कांग्रेस और बसपा का क्या रिश्ता रहा है। आंकड़े बताते हैं कि 1985 के बाद से कांग्रेस का ग्राफ गिरता चला गया। 1985 में यूपी में कांग्रेस का वोट शेयर 39 फीसदी था। 1989 में ये गिरकर 29 फीसदी रह गया। 1991 में तो मात्र 18 फीसदी ही बचा। 1993 में और गिरकर 15 फीसदी पर आ टिका। यही वो चुनाव था जिसमें दलित वोटबैंक पूरी तरह कांग्रेस से टूटकर बसपा के खेमे में जा खड़ा हुआ। बसपा के आंकड़े देखिए। 1989 और 1991 के चुनाव में बसपा को मात्र 10 फीसदी वोट मिले थे लेकिन, 1993 में उसका वोट शेयर बढ़ गया। पार्टी को 28 फीसदी से ज्यादा वोट मिले। बसपा के लिए यही चुनाव टर्निंग प्वाइंट था। इस चुनाव में दलित वोट बैंक कांग्रेस से पूरी तरह टूटकर बसपा के खेमें में आ चुका था। तब से लेकर आजतक बसपा गिरती हालत में भी 20 फीसदी से ज्यादा वोट हासिल करती रही है और कांग्रेस 10 फीसदी से कम (2012 के चुनाव को छोड़कर)। बता दें कि इसी के बाद बसपा को सत्ता में आने का मौका हासिल हुआ। मायावती इसी वोट बैंक के सहारे चार बार सीएम बनीं। भले ही ये कहा जाए कि मायावती को सीएम बनाने में और भी कई समुदायों का वोट बैंक शामिल रहा है लेकिन, कोर वोट बैंक तो दलित समुदाय ही माना जाता है। 
अब कांग्रेस बसपा से इस वोट बैंक की छीनाझपटी में लगी है। ऐसा होते देख मायावती भला चुप कैसे रह सकती हैं। उन्हें भी तो अपना घर बचाना है। लिहाजा वे भाजपा पर हमला बोलते-बोलते कांग्रेस को लपेटे में लेना नहीं भूलतीं। चरणजीत सिंह चन्नी के राज्य का सीएम चुने जाने के बाद हरीश रावत ने सिद्धू के चेहरे पर चुनाव लड़ने की बात कह दी। पंजाब राज्य कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने पार्टी के पंजाब के प्रभारी हरीश रावत के उस बयान को लेकर असहमति जताई है। जिसमें उन्होंने (रावत) ने कहा था कि अगले वर्ष होने वाले राज्य के विधानसभा चुनाव नवजोत सिंह सिद्धू की अगुवाई में लड़े जाएंगे। 

सोमवार, 20 सितंबर 2021

पंजाब में नेता चन्नी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लीं

अमित शर्मा          
चंडीगढ़। पंजाब में कांग्रेस विधायक दल के नेता चरणजीत सिंह चन्नी ने सोमवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। चन्नी पंजाब में मुख्यमंत्री बनने वाले दलित समुदाय के पहले व्यक्ति हैं। उनके साथ सुखजिंदर सिंह रंधावा और ओम प्रकाश सोनी ने मंत्री पद की शपथ ली जो राज्य के उप मुख्यमंत्री हो सकते हैं। रंधावा जट सिख और सोनी हिंदू समुदाय से आते हैं।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी शपथ ग्रहण होने के कुछ मिनटों के बाद राजभवन पहुंचे और तीनों नेताओं को बधाई दी। 
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी को पहुंचने में कुछ मिनटों का विलंब हो गया था। चन्नी दलित सिख (रामदासिया सिख) समुदाय से आते हैं और अमरिंदर सरकार में तकनीकी शिक्षा मंत्री थे। वह रूपनगर जिले के चमकौर साहिब विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वह इस क्षेत्र से साल 2007 में पहली बार विधायक बने और इसके बाद लगातार जीत दर्ज की।
वह शिरोमणि अकाली दल-भाजपा गठबंधन के शासनकाल के दौरान साल 2015-16 में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी थे। रंधावा गुरुदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वह अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली सरकार में कारागार मंत्री थे। सोनी अमृतसर (मध्य) विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और पिछली सरकार में स्कूली शिक्षा मंत्री थे। रंधावा और सोनी को इस सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपकर कांग्रेस ने सामाजिक समीकरण को साधने की कोशिश की है।
अमरिंदर सिंह के इस्तीफा देने के बाद चन्नी को कांग्रेस विधायक दल का नया नेता चुना गया। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि चन्नी मुख्यमंत्री पद के लिए राहुल गांधी की पसंद हैं। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री चन्नी आज दिन में पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह से मुलाकात कर उन्हें मनाने की कोशिश कर सकते हैं।
अमरिंदर सिंह ने शनिवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और कहा था कि विधायकों की बार-बार बैठक बुलाए जाने से उन्होंने अपमानित महसूस किया, जिसके बाद उन्होंने यह कदम उठाया। इस्तीफा देने से पहले अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर हालिया राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर पीड़ा व्यक्त की और इस बात को लेकर चिंता जताई कि इन घटनाक्रम से राज्य में अस्थिरता आ सकती है।

अरक पंचायत में वार्षिक आम सभा का आयोजन

अरक पंचायत में वार्षिक आम सभा का आयोजन  अविनाश श्रीवास्तव  चक्की। प्रखंड की अरक पंचायत में वार्षिक आम सभा का आयोजन किया गया। जि...