मंगलवार, 7 जुलाई 2020

भारत-चीन सीमा विवादः शांति प्रयास

नई दिल्ली/ बीजिंग। भारत चीन सीमा विवाद के बाद दोनों तरफ से शांति बहाल करने की कोशिशें शुरू हो चुकी है। ये कोशिशें भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच रविवार को टेलीफ़ोन पर बातचीत के बाद शुरू हुई हैं। इस शांति बहाल प्रक्रिया को लेकर दोनों देशों की तरफ से बयान जारी किए गए हैं। भारत की तरफ़ से जारी बयान में तीन मुख्य बिंदु में बात कही गई है।


भारत सरकार का बयान


भारत की तरफ से बयान में सबसे पहले कहा गया है कि दोनों देशों के प्रतिनिधि, भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच रविवार को टेलीफ़ोन पर बातचीत हुई। दोनों देशों ने पूर्वी सीमा पर हाल के दिनों में हुई गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की। इसके बाद ही भारत-चीन के बीच इस बात पर सहमति बनी कि आपसी रिश्तों को बनाए रखने के लिए सीमा पर शांति ज़रूरी है। बयान के दूसरे हिस्से में कहा गया है कि रविवार को हुई बातचीत के बाद भारत-चीन के प्रतिनिधि इस बात पर सहमत हुए कि जल्द से जल्द वास्तविक नियत्रंण रेखा पर सैनिकों के  डिस-एंगेजमेंट की प्रक्रिया शुरू होगी।


चंद्रमौलेश्वर शिवांशु 'निर्भयपुत्र'


चूहों का शिकार रोकने के लिए गश्त बढ़ा

मास्को/ बिजिंग। उत्तरी चीन के एक शहर में रविवार को खतरनाक ब्यूबोनिक प्लेग का एक संदिग्ध केस मिलने के बाद अलर्ट जारी किया है। इस बीच रूस ने भी अपनी चीन और मंगोलिया सीमा के पास जंगली चूहों के शिकार को रोकने के लिए गश्त बढ़ा दिया है।


रूस ने सोमवार को एक बयान में कहा कि ब्यूबोनिक प्लेग के संभावित केसों के सामने आने के बाद चीन और मंगोलिया सीमा पर शिकार को रोकने के लिए गश्त बढ़ा दिया गया है।वहीं, चीन के इलाके में चूहों के शिकार और खाने पर रोक लगाई गई है। इसके साथ ही जनता से किसी भी संदिग्ध मामलों के साथ-साथ किसी भी बीमार या मृत व्यक्ति की जानकारी देने के लिए कहा गया है।          


श्रीराम 'निर्भयपुत्र'


'शहीद-ए-आजम' से प्रेरणा लेनी चाहिए

आज के युवाओं को शहीद-ए-आजम भगतसिंह के शहादत से प्रेरणा लेनी चाहिए। मनोज सौरोत


रतन सिंह चौहान
पलवल। आज मर्रोली गांव में शहीद भगत सिंह की मूर्ति की स्थापना की गई। इस अवसर इस अवसर पर टीम के मुख्य कार्यकर्ता मनोज ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के युवा वर्ग को भगतसिंह के शहादत को याद करते हुए उसके जीवनकाल से प्रेरणा लेनी चाहिए। युवाओं को देश पर कुर्बानी देने वाले उन बहादुर बांकुरों से सीख लेनी चाहिए जिन्होंने अपना सब कुछ देश की आजादी के खातिर बलिदान कर दिया है। आज राजनीति के दलदल में फंसे हुए लोगों ने देश की अस्मिता को ताक पर रख दिया है। देश की आजादी चरखा चलाने से नहीं बल्कि युवाओं ने अपने लहु से सींच कर प्राप्त की है। 
आज देश के युवाओं को राजनीति में बदलाव लाने की जरूरत है। यह भी सच है कि आधुनिक युग में काफी बदलाव आ गया है, हमें भी समय के साथ कदमताल करते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को जागरूक करना चाहिए और समाज में व्याप्त समाज की कुरुतियों को  दूर करने में अहम भूमिका निभानी चाहिए। युवा देशहित में कार्य करने की क्षमता लोगों में जागरूक करें और देश के लिए काम करें। उन्होंने कहा कि आज देश के हालात बदल रहे हैं देश को युवा वर्ग की जरूरत है युवा अपने आप को देशहित के ढांचे में परिवर्तन कर देश पर कुर्बानी देने का जज्बा पैदा करने का हौसला अफजाई करें।
इस अवसर पर सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करते हुए युवा संगठन टीम के सदस्य मनोज सौरोत, गौरव सौरोत, काशीराम, जोगेन्द्र, अशोक, राजू, पिंटू आदी मौजूद थे। मनोज सौरौत ने कहा की आज हमारे देश के युवा देश की आजादी में अपनी शहादत देने वाले शहीदों को भूलते जा रहे हैं। शहीदों की शहादत को याद रखने व उनसे प्रेरणा लेने के लिए ही गांव में शहीद भगतसिंह की प्रतिमा की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा की इनसे युवा प्रेरणा ले कर देशभक्ति की भावना को अपने मन में ला कर ईमानदारी से कार्य करने की बीड़ा उठाऐगें। इस अवसर पर युवाओं ने नशा ना करने व देश के प्रति कार्य करने की शपथ ली।             



तत्काल प्रभाव से पटवारी निलंबित

पुलिस महानिरीक्षक पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। गुप्तचर विभाग की शिकायत पर 


रतन सिंह चौहान


पलवल। जिला उपायुक्त नरेश नरवाल ने गांव दीघोट हलका के पटवारी डोर सिंह को निलंबित कर दिया है। उपायुक्त ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस महानिरक्षक गुप्तचर विभाग हरियाणा से शिकायत प्राप्त हुई थी कि पटवारी डोर सिंह अपने पास कार्य को करवाने के लिए नीजि व्यक्ति रखता है और अपने मुख्यालय पर हाजिर नहीं रहता है, जिसकी जांच तत्कालीन अतिरिक्त उपायुक्त द्वारा की गई, जांच में पाया गया था कि पटवारी डोर सिंह गांव में नहीं बैठता है जबकि उसे ग्राम सचिवालय दीघोट में एक कमरा अपना कार्य करने के लिए दिया हुआ था। इस लापरवाही के दृष्टिïगत वित्तायुक्त राजस्व विभाग एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव हरियाणा द्वारा पटवारी डोर सिंह को निलंबित करने के आदेश प्राप्त हुए थे।दीघोट हल्का के पटवारी को निलंबित किए जाने के बाद होडल,हसनपुर, हथीन में अपने पास प्राइवेट आदमी रखने वाले पटवारियों में हड़कंप मच गया है। अधिकांश पटवारियों के पास कार्यरत प्राइवेट व्यक्ति राजस्व रिकार्ड को खंगालते रहते हैं। उल्लेखनीय है कि होडल उपमंडल के अधिकांश पटवारियों ने अपने पास निजी व्यक्तियों की नियुक्ति कर रखी हैं। पटवारियों के सभी पिछले दरवाजे से होने वाले कार्यों को निजी व्यक्तियों के द्वारा ही अमलीजामा पहनाया जाता है। पैसों का लेन-देन का खेल इन्हीं निजी व्यक्तियों के द्वारा ही खेला जाता है। जैसे कि सरकारी तौर पर दाखिल खार्ज चढ़ाने की फीस मात्र दो-ढाई सौ रुपए होती है लेकिन पटवारियों के द्वारा रखे गए निजी व्यक्ति 2000 से 2500 रुपए तक वसूलते हैं। नगर परिषद कार्यालय में भी यह खेल जारी है। रिहायशी प्रमाणपत्र बनवाने के लिए लोगों से मकान की रजिस्ट्री मांगी जाती है जबकि पैतृक मकान के जमीन की रजिस्ट्री नहीं होती ऐसे हालात में होडल नगर परिषद कार्यालय के कर्मचारी लोगों से सीधे पैसे की मांग करते हुए कहा जाता है कि उन्हें सरकार से कोई वेतन नहीं मिलता है हमें तो आप लोगों से ही अपने वेतन की पूर्ति करनी होती है। लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि ऐसे लोगों का वेतन कितना होना चाहिए और ऐसे लोग आम आदमी से कितना पैसा वसूल रहे हैं। ऐसा नही है कि उच्च अधिकारियों को इस  अवैध काले कारनामों की जानकारी नहीं है। आम नागरिकों को भी यह महसूस होने लगा है कि सरकार चाहे किसी भी पार्टी की हो अधिकारी तो यही रहने है और सरकार भी इन मामलों से अनभिज्ञ नहीं है नेताओं को भी इन मामलों से से कोई सरोकार नहीं है उनका काम तो चेहरा देखकर ही कर दिया जाता है। सरकार के स्वच्छ और पारदर्शिता तो सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने वाले आम नागरिकों को से अधिक कौन जानता है।             



कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने में फैल

अतुल त्यागी


कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के मुख्यमंत्री के आदेशों को खुलेआम दिखाया जा रहा हैं ठेंगा झाड़ियों में नवजात बच्ची का मिला शव


गढ़मुक्तेश्वर/ हापुड़। कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के सूबे के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के आदेशों को क्षेत्र के अस्पतालों में डॉक्टरों के द्वारा खुलेआम धत्ता बताया जा रहा है। गौरतलब रहे कि बड़े हॉस्पिटल से लेकर छोटे हॉस्पिटलों तक के दरवाजों पर लिंग अनुपात की जांच नहीं करने के बड़े-बड़े स्लोगन लिखकर टंगे हुए हैं जो मात्र एक दिखावा बनकर रह गए हैं। और क्षेत्र में कन्या भ्रूण हत्या का सिलसिला जारी है इसी घटनाक्रम के चलते सिंभावली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली नहर की पटरी पर झाड़ियों में पड़ी नवजात बच्ची का शव मिलने पर हड़कंप मच गया घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने नवजात बच्ची के शव को कब्जे में लेकर अग्रिम जांच करते हुए कार्यवाही शुरू कर दी है।           


 


महिलाओं के साथ अभद्रता का आरोप

अतुल त्यागी


हापुड़। थाना देहात क्षेत्र गांव लालपुर का मामला
गांव छपकोली में बिजली का बिल बकाया मिलने के बाद बिजली विभाग के जेई पर 1लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप,पीड़ित गांव लालपुर के बिजली घर पर आत्महत्या करने को हुआ मजबूर,पीड़ित के घर में घुसकर मिहलाओं के साथ अभद्रता करने का आरोप। लालपुर के गाँव लगी भीड़।जेई की दबंगई आई सामने।             


जगबीर ने पंचायत का निरीक्षण किया

अतुल त्यागी


जनपद हापुड़ के नगर पंचायत बाबूगढ़ चेयरमैन जगबीर सिंह ने नगर पंचायत का औचक निरीक्षण किया


हापुड़। नगर पंचायत बाबूगढ़ चेयरमैन जगबीर सिंह ने नगर पंचायत का औचक निरीक्षण किया औचक निरीक्षण में पंचायत के अंदर और आसपास गंदगी का ढेर लगा था जिससे नाराज पंचायत अध्यक्ष ने पंचायत कर्मचारियों को जल्द से जल्द सफाई करने के निर्देश दिए जिसके बाद पंचायत के रजिस्टर वगैरह की जानकारी उन्होंने कार्य कर रहे कर्मचारियों से मांगी तो उन्होंने जानकारी देने से मना कर दिया इसके बाद मौके पर पहुंची अधिशासी अधिकारी ने पंचायत अध्यक्ष को कोई भी जानकारी देने से इंकार कर दिया। कवरेज करने पहुंचे मीडियाकर्मियों से भी अधिशासी अधिकारी और वहां मौजूद कर्मचारी ने अभद्रता की और उनको कवरेज करने से रोका गया जिसके बाद पंचायत चेयरमैन जगबीर सिंह ने बाबूगढ़ थाने में एक प्रार्थना पत्र दिया है जिसमें उन्होंने पंचायत के कार्यालय से जरूरी कागजात और फाइलें गायब होने की आशंका जताई है और अपनी जान को भी खतरा बताया है आपको बता दें की नगर पंचायत के अध्यक्ष बसपा पार्टी से हैं जब मीडिया ने वहां मौजूद क्षेत्र को सैनिटाइज करने वाले कर्मचारी से बात की तो कर्मचारी ने बताया कि क्षेत्र को महीनों से सैनिटाइज नहीं किया गया है बाबूगढ़ नगर पंचायत अध्यक्ष जगबीर सिंह का कहना है कि कोरोना संक्रमण तेजी के साथ फैल रहा है बाबूगढ़ क्षेत्र में कोरोना से हुई मौत के बाद मेरा मन बहुत दुखी था जिसके कारण मैंने नगर पंचायत का निरीक्षण किया क्योंकि सफाई और अन्य कार्यों को लेकर क्षेत्र के लोगों की बहुत शिकायतें आ रही थी जिसके बाद निरीक्षण करने पर पता चला कि क्षेत्र में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं सफाई नहीं हो रही है और क्षेत्र को सैनिटाइज भी नहीं किया जा रहा है पंचायत अध्यक्ष जगबीर सिंह का आरोप है कि पंचायत अधिशासी अधिकारी अधिकारियों की बात भी नहीं मानती हैं और अपनी मनमर्जी से कार्य करती हैं उनकी लापरवाही के कारण क्षेत्र में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल सकता है जिससे जानमाल का काफी नुकसान हो सकता है।           


टैक्स हो माफ, व्यापारियों ने दिया ज्ञापन

रुडकी/हरिद्वार। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अजय गुप्ता द्वारा संयुक्त रुप से मेयर गौरव गोयल तथा नगर आयुक्त नूपुर वर्मा को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि कोरोना महामारी के कारण पूरे देश में लॉकडाउन के कारण बाजार पूरी तरह से बंद रहे तथा अब आवश्यक सेवा हेतु कुछ व्यापारिक प्रतिष्ठान खोले गऐ हैं। लगातार दो माह से भी अधिक समय तक बंद रहे बाजार के कारण व्यापारी इस समय मंदी की मार झेल रहे हैं तथा आर्थिक नुकसान भी उठा रहे हैं।लॉकडाउन के कारण इन सब कठिनाइयों के वजह से बाजारों में व्यापारिक गतिविधियां कम होने के कारण व्यापारीगण आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं,जिसके चलते प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल द्वारा दिए गए ज्ञापन में मांग की गई कि व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष कमर्शियल तथा आवासीय हाउस टैक्स का ऋण माफ किया जाए।इस अवसर पर सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट के अलावा अनेक लोग मौजूद रहे।               


9 बच्चों की मां, 22 वर्षीय युवा से इश्क

हरिद्वार/ पिरान कलियर। कहते हैं इश्क न उम्र देखता है और न धर्म और बिरादरी। इश्क जिससे हो जाये बस उसमें ही सारी दुनिया नजर आने लगती है। मामला कलियर थाना क्षेत्र का है।जहां एक नौ बच्चों की 55 वर्षीय मां एक 22 वर्ष के युवक से इश्क लड़ा बैठी। मामला इश्क मोहब्ब्त से आगे बढ़ा तो दोनों एक दूसरे का हाथ थामकर घर से फरार हो गए। लेकिन बदकिस्मती से कुछ ही दिनों में पकड़े भी गए।


थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 55 वर्षीय महिला जिसके 9 बच्चे है और पोता-पोती भी हैँ वह एक 22 वर्ष के युवक के साथ कुछ दिनों पहले फरार हो गयी। बताया गया है कि दोनों एक ईंट भट्ठे पर काम करते थे और अलग अलग समुदाय से हैं। भट्टे पर काम करते समय दोनों की आंखे चार हुई और फिर मोहब्बत आगे बढ़ी। उसके बाद दोनों घर छोड़कर फरार हो गए। परिजनों अपने स्तर से तलाश शुरू की लेकिन लाख कोशिशों के वावजूद भी दोनों का पता नही चल पाया। आज किसी ने परिजनों को सूचना दी कि दोनों कलियर में घूम रहे हैं सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। और महिला से घर चलने की बात कही। लेकिन महिला घर जाने को तैयार नही थी वह अपने युवा आशिक के साथ ही रहने की जिद्द पर अड़ी थी। महिला के बच्चों और पति ने काफी समझाया और फिर महिला को मनाने में कामयाब रहे। अंत में युवक अपने घर और महिला अपने घर चले गए।                


मुठभेड़ के बाद बदमाश अरेस्ट किया

 इनामी बदमाश से पुलिस की मुठभेड़ इनामी बदमाश गिरफ्तार


प्रयागराज। अपर पुलिस महानिदेशक प्रयागराज प्रेम प्रकाश ने बताया कि हमीरपुर जनपद के राठ कोतवाली अन्तर्गत 50 हजार रुपये का इनाम घोषित एक शातिर अपराधी ने बीती रात हमीरपुर जनपद के राठ कोतवाली पुलिस पर फायरिंग कर दी है। अपने का बचाव करते हुए पुलिस ने बदमाश की गोलीबारी पर जवाबी फायरिंग की जिससे इनामिया बदमाश घायल हो गया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल बदमाश को कब्जे में ले लिया है और इलाज के लिए अभिरक्षा में उसे अस्पताल में भर्ती कराया है। गम्भीर अपराध कर इलाके में आतंक का पर्याय बने बदमाश पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है  क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने इनामी बदमाश की गिरफ्तारी पर इलाके की जनता ने राहत की सांस ली है।


अपर पुलिस महानिदेशक 
प्रयागराज जोन ने बताया कि हमीरपुर के राठ कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत एक ₹50000 का इनामी बदमाश दिनेश जो कि इंटर डिस्ट्रिक्ट लूट करने वाले गैंग का गैंग लीडर है। पुलिस पार्टी पर फायरिंग करने पर रीटेलिएटरी फायर में घायल हुआ है। एसपी हमीरपुर मौके पर पहुंच रहे हैं।


बृजेश केशरवानी 


कौशाम्बी रेलवे ट्रैक पर मिला अज्ञात शव

रेलवे ट्रैक पर मिली अज्ञात लाश


अझुवा कौशाम्बी। सैनी कोतवाली क्षेत्र  के आदर्श नगर पंचायत अझुवा के संकरा बाबा के पास कानपुर से प्रयागराज जाने वाले  ट्रैक पर एक अज्ञात व्यक्ति उम्र लगभग 56 वर्ष वीभत्स लाश मिली उसके शरीर पर कोई कपड़ा नही था लुंगी और पैर दूर तक  ट्रैक में घिसट गए थे !मौके पर रेलवे पुलिस कर्मचारी प्रदीप यादव ने बताया मामला भोर 5.30 बजे का है ट्रेन ड्राइवर ने ट्रैक के ऊपर लाश पड़ी होने की सूचना दी।


 सूचना पर चौकी इंचार्ज विजय कुशवाहा हमराहियों के साथ मौके पर पहुंचकर लाश शिनाख्त करवाने का प्रयास किया !लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया! संकरा बाबा मंदिर में बीती शाम बैठे प्रत्यक्ष दर्शियों ने बताया ये बुजुर्ग कल शाम को मंदिर में दर्शन को भी आया था बड़ा उदास दिख रहा था कुछ लोगों ने पूंछा भी था क्या बात है लेकिन किसी से उसने कुछ बताया नही।


सन्तलाल मौर्य 


...... रिमझिम सावन आया है।

🥦🥦  सावन आया  🥦🥦


सखी रिमझिम फुहारे मदमस्त, पुरवाई पुलकित बहती।


वर्षा की बूँद बन अमृत सावन आया है ।
पेड़-खेत, बाग-बगीचे, हरे-भरे करने, मन हरने सावन आया है ।
नदी-तालाब, ताल-तलाईया, कूए भरने सावन आया है ।
मोर-पपीहा, कोयल-दादुर बागों में, कलरव सुनने सावन आया है ।
माँ की परदेस में ब्याही बिटिया को नैहर बुलाने सावन आया है ।
 तीज ,रक्षाबंधन ,नाग पंचमी प्रकृति-प्रेम सजाने सावन आया है। 
सखी संग कजरी हिंडोल, मल्हार-गीत सुनने सावन आया है ।
हरी-हरी चुनरिया, चूड़ियाँ मेहंदी पायल को झंकार करने सावन आया है ।
राधा कृष्ण,गौरा भोला की प्रीत को बढाने सावन आया है ।
कवरिया के गंगा जल से शिव जी को मनाने सावन आया है ।
आनन्द, दुख, प्रणय, विरह, कवि के लेखनी को लिखने सावन आया है ।
बचपन की सब सखियाँ उनके सुख-दुख सुनने-सुनाने सावन आया है ।
आई बागों में बहार सखी, रश्मि को सावन सजाने आया है ।
कोरोना महामारी में मास्क पहनकर सामाजिक दूरी साथ में गाईड लाईन का पालन करना, ये बताने सावन आया है ।
जागरुकता ही बचाव है सब स्वस्थ रहें। यही निवेदन करने सावन आया है ।


डॉ रश्मि शुक्ला 
           


आडंबर छोड़े, संजीदगी से पेड़ लगाएं

अश्वनी उपाध्याय


गाजियाबाद। वर्ष 2002 में लोनी नगर क्षेत्र में एक मंच बना था जिसका नाम युवा चेतना विकास समिति रखा गया इसके तत्कालीन अध्यक्ष हमारे संजीव चौधरी इंदिरा मार्केट वाले साजिद हसन,स्वयं प्रदीप वर्मा ,पवन पंडित, विकास चौधरी और सतवीर सभासद गढ़ी जस्सी वाले व अन्य लोगों ने मिलकर यह मंच बनाया था। जिसके माध्यम से 2001, 2002, 3 में लगातार 3 सालों तक पेड़-पौधे स्वयं लगाए गये थे व वितरण किया था। अपने पैसे से ही कुछ ट्री गार्ड की व्यवस्था की थी। ₹61,000 कारगिल युद्ध में पीड़ित योद्धाओं को दिए गए थे। ₹80,000 भुज में आए भूकंप के दौरान सेवा के लिए दिए गए थे। इस संस्था के द्वारा जो पेड़ मेरे हाथों से लगे थे। वह मेरे बलराम नगर स्थित घर से लेकर बलराम नगर गेट तक मेरे द्वारा पौधे लगाए गए थे। आज वह वृक्ष बन चुके हैं। जिनकी लंबाई 15 से 20 फीट है। इन पेड़ों को पालने में मैंने जितनी मेहनत की है। मैं ही जान सकता हूं। बिना ट्री गार्ड के पेड़ों का बचना असंभव है।
 80000 पेड़ों का संकल्प लेने वाली हमारी नगर पालिका 8000 पेड़ों का भी संकल्प लें और ट्री गार्ड द्वारा उनकी घेराबंदी करें और जितना पैसा और समय 80000 पेड़ों में खर्च होना है। 8,000 पेड़ों में करें तो कम से कम 4,000 तो पेड़ बचेंगे। पेड़ और मनुष्य का बहुत गहरा जैविक संबंध है। दोनों ही एक दूसरे के पूरक है। दोनों ही एक-दूसरे पर निर्भर रहते हैं। यदि वातावरण में अधिक वृक्ष होंगे तो मानव का जीवन अधिक सदृड बना रहेगा। इसीलिए नगर पालिका को इन बातों का ध्यान रखना होगा। लापरवाही से लगाए गए पौधे जीवित नहीं रह पाएंगे। यदि सुरक्षित ढंग से वृक्षारोपण किया जाएगा तो वह एक वृक्ष बनकर फल-फूल और छाया देने के योग्य बन सकेगा।               


गाजियाबाद-लोनी कार्यकारिणी की बैठक

विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल जिला गाजियाबाद और लोनी प्रखंड की कार्यकारिणी की बैठक हुई
  अश्वनी उपाध्याय


गाजियाबाद।आज विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल जिला गाजियाबाद की कार्यकारिणी और लोनी नगर कार्यकारिणी की बैठक ओम के उचारण के साथ शुरू हुई। जिसमे लोनी नगर और देहात के सभी कार्यकर्ता शामिल हुए। जिसमे हमारे गाजियाबाद विभाग के संयोजक श्री नीरज मावी ने सभी कार्यकर्ताओं को अलग अलग उनके दायित्वो की कार्यशैली और कार्य करने की रूप रेखा समझाई। जिसमे उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को सनातन धर्म और हिंदुतत्व पर चलने के लिए आवाहान किया और अपने घर से हिंदू संस्कार को बढावा देने के लिए अग्रसर किया। जिसमे उन्होंने एक क्रांतिकारी सुझाव दिया कि अगर हिंदू की कोई लडका या लडकी घर से भागकर शादी कर लेते है तो हम सभी उसका तो बहुत विरोध और अत्याचार करते है। जबकि अगर कोई गैर धर्म का व्यक्ति हमारी बहु-बेटियों को भगा कर उन्हे झांसा देकर विवाह या धर्म परिवर्तन कराता है तो उस पर हिंदू समाज के लोग चुपी साध लेते है। आखिर क्यो और यह कब तक चालू रहेगा। हमे अपने हिंदू समाज मे सहमति की पद्धति दुबारा शुरू करनी होगी और जातिवाद के बंधन तोड़ कर विवाह जैसी पवित्र परम्परा के माध्यम से जातिवादी सोच और दूषित मानसिकता को खत्म करना होगा। एक दूसरी जातियो से विवाह कर हिंदू समाज को मजबूती देनी होगी और उसके बाद हमारे जिला अध्यक्ष श्री भोपाल प्रधान ने सभी कार्यकर्ताओं से आवाहान किया कि आज कल हिंदू समाज को दूषित करने के लिए जो लव जिहाद जैसी मानसिकता के गैर धर्म के लोगो का कडा विरोध करना होगा। अपने हिंदू समाज की बहिन बेटी को जागरूक करना भी होगा। उन्हे खुद भी जागरूक होना होगा इसी बीच हमारे जिला मंत्री पंडित जय भोले ने सभी कार्यकर्ताओं को संगठन के नियमो से अवगत कराया और पांचो प्रखंडों मे प्रत्येक मंगलवार हनुमान चालीसा पाठ होना गांवो और वार्डो मे होना निश्चित किया।


बैठक मे उपस्थित सदस्य गण गाजियाबाद विभाग संयोजक नीरज मावी, जिला अध्यक्ष गाजियाबाद भोपाल प्रधान जी, जिला उपाध्यक्ष श्री मुकेश नागर ,जिला मंत्री पंडित जय भोले ,जिला सह मंत्री कुलदीप सिंह ,जिला संयोजक हरदीप सिंह, जिला प्रचार प्रसार प्रमुख संदीप गुप्ता , जिला प्रचार प्रसार सह प्रमुख प्रशांत पंडित जिला सह सयोजक धीरज सैनी ,नगर सह संयोजक मोहित सैन,नगर अध्यक्ष अभय चौहान जी,नगर संयोजक इंद्रपाल तेवतिया, मनोज कोहली , 
मनोज कश्यप नगर गौरक्षा प्रमुख ,टीटू गौतम जी देहात राहुल नागर आदि नगर के सारे दायित्व वान कार्यकर्ता शामिल हुए और वंदेमातरम और भारतमाता जय श्री राम के नारो के साथ बैठक का समापन हुआ।


मुख्यमंत्री के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपा

 अज्ञात बदमाशों के द्वारा अपहरण किये गये विक्रम त्यागी गाजियाबाद की तलाश 


 अश्वनी उपाध्याय


गाजियाबाद। विक्रम त्यागी पुत्र श्री प्रदीप त्यागी राजनगर एक्टेंशन,   जनपद गाजियाबाद का एक सम्मानित व्यापारी है। विक्रम त्यागी को 26 जून की रात अज्ञात बदमाशों के द्वारा उनकी गाड़ी सहित अपहरण कर लिया गया था। जिसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई थी और जिस पर 27 जून को मुकदमा दर्ज हुआ था। 27 जून को ही तितावी शुगर मिल मुजफ्फरनगर में उनकी कार लावारिस हालात में बरामद हुई जिसमें खून के धब्बे लगे हुए थे। 
आज 11 दिन बीत जाने के बाद भी गाजियाबाद पुलिस अभी तक खाली हाथ है व घटना के बारे में बेहद ढुलमुल रवैया अपनाए हुए हैं। परिजनों को आशंका है पुलिस की गंभीर लापरवाही के कारण कही विक्रम त्यागी के साथ कोई अनहोनी घटित ना हो जाए। इस प्रकरण को अपने संज्ञान में लेते हुए गाजियाबाद पुलिस के अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करते हुए विक्रम त्यागी को सकुशल बरामद करने के लिए आदेशित करने की कृपा करें।  घटना से जनपद गाजियाबाद और अन्य आसपास के जिलों में त्यागी समाज में बहुत ज्यादा रोष व्याप्त है। पुलिस के द्वारा विक्रम त्यागी का अब तक कोई सुराग नहीं लगा पाने के कारण उनके परिवार के लोग व समाज के लोग बेहद चिंतित हैं। तत्काल ठोस कार्रवाई करवाने की सख्त आवश्यकता है। पुलिस ने अगर समय से ठोस कारगर कार्रवाई धरातल पर नहीं की और अगर विक्रम त्यागी के साथ कोई घटना घटित हो जाती है तो इस परिवार के साथ गाजियाबाद और आसपास के जिलों के त्यागी समाज के लोगों को सड़कों पर उतरना पड़ेगा और आंदोलन के लिए मजबूर होना पडेगा। जिसकी सारी जिम्मेदारी गाजियाबाद पुलिस की होगी ।
     


भाजपा के द्वारा क्षेत्र में वृक्षारोपण किया

बलराम नगर मंडल पूजा कॉलोनी लोनी में किया गया वृक्षारोपण


अश्वनी उपाध्याय


गाजियाबाद। प्रदेश सरकार द्वारा घोषित 25 करोड़ पौधे लगाने का सकल्प के अंतर्गत लोनी विधानसभा लोनी के पूजा कॉलोनी में वृक्षारोपण किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से भाजपा जिला महामंत्री राजेन्द्र बाल्मीकि, मंडल मंत्री कपिल पांचाल, मंडल मंत्री डॉo रवीश शर्मा ने प्रदूषण मुक्त करने के लिए पीपल का पेड़, अमरूद, गुलमोहर, जामुन, आम सीसम आदि के दर्जनों पेड़ लगाए गए एवं पौधे वितरण किये गए। उन्होंने बताया आज के समय में वृक्षारोपण करना बड़ा आवश्यक है। पर्यावरण मुक्त करने के बाद ही आने वाली पीढ़ी को बचाया जा सकता है पेड़ पौधों को लगाने के बाद पेड़ पौधों की देख भाल भी जरूरी है और वृक्षारोपण के बाद लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक होने का संदेश देते हुए पिछली बार की तरह वृक्षारोपण किया गया।
इस मौके पर भाजपा जिला महामंत्री राजेन्द्र बाल्मीकि मंडल मंत्री कपिल पांचाल मंडल मंत्री डॉ रवीश शर्मा सेक्टर संयोजक सतीश कडेरा सेक्टर संयोजक राकेश उपाध्याय शिवम भारद्वाज रितेश कुमार मनीष कुशवाहा आसिष रॉठोर आदि मौजूद रहे।               


'कावड़-यात्रा' के लिए नहींं जाए श्रद्धालु

इस बार कावड़ यात्रा की अनुमति नहीं : जिलाधीश
वैश्विक महामारी कोरोना के चलते उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश सरकार ने कावड़ यात्रा पर लगाई पाबंदी


रतन सिंह चौहान
पलवल। जिलाधिकारी नरेश नरवाल ने कहा कि प्रत्येक वर्ष श्रावण मास में आयोजित होने वाली कावड़ यात्रा को इस वर्ष उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश सरकार ने वैश्विक महामारी कोरोना के दृष्टिगत स्थगित कर दिया है। उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश की सरकारों ने कोरोना संक्रमण की वजह से कावडिय़ों के रहने व ठहरने की व्यवस्था करने में असमर्थता जताते हुए यह निर्णय लिया है। इसलिए जिला से कोई भी श्रद्धालु इस बार कावड़ लेने के लिए न जाए।
जिलाधीश ने बताया कि उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश सरकार के निर्णय के मध्यनजर हरियाणा सरकार ने आदेश जारी किए हैं कि हरियाणा के किसी भी जिले से कोई भी शिव भक्त कावड़ लेने के लिए न जाएं। उत्तराखंड व यूपी सरकार ने हरियाणा सरकार को इस संबंध में आमजन को जागरूक करने का आग्रह किया है ताकि शिव भक्त कावड़ लेने के लिए न जाएं। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद यदि कोई व्यक्ति कावड़ लेने के लिए उत्तर प्रदेश या उत्तराखंड जाता है तो वहां की सरकार द्वारा आरोपी के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कानूनन कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।  
         श्री नरवाल ने जिलावासियों से आह्वïान किया कि वे इस बार कावड़ यात्रा का कार्यक्रम न बनाएंं। उन्होंने जिले की विभिन्न कावड़ समितियों, भक्त मंडलियों व धार्मिक संस्थाओं के  पदाधिकारियों आदि से अपील की है कि वे अपने-अपने अनुयायियों को कावड़ यात्रा न करने बारे में जागरूक करें। जिलाधीश ने कहा कि इस संबंध में संबंधित अधिकारियों व पुलिस प्रशासन को भी निर्देश दे दिए गए हैं कि कावड़ यात्रा करने वालों पर निगरानी रखें और उन्हें कावड़ यात्रा पर न जानेे दें। जिलाधीश ने कहा कि लोगों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए हरियाणा सरकार ने इस वर्ष श्रावण मास के दौरान हरिद्वार से पवित्र गंगा जल प्रदेश के मंदिरों में पंहुचाने की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है।               


विधायक ने 'समाधान एप' लॉन्च किया

अब समाधान एप से ‌होगा समस्याओं का समाधान। विधायक मंगला ने किया एप लांच।


रतन सिंह चौहान


होडल पलवल। जिले के लोगों की समस्याओं का समाधान समय पर हो इसी उद्देश्य को लेकर पलवल के भाजपा विधायक दीपक मंगला ने ऑनलाईन एप्प *Samaadhaan App* लॉन्च किया है । विधायक मंगला चाहते हैं कि क्षेत्र के लोगों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर हो सके। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस एप्प को अधिक से अधिक संख्या में डाऊनलोड करें ताकी आपकी समस्याओं शीघ्र निराकरण किया जा सके।


विधायक दीपक मंगला ने विडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से समाधान एप लांच करते हुए जनता को संबोधित करते हुए कहा कि साथियों जैसा की आप सभी जानते हैं इस समय पूरा विश्व कोरोना माहामारी से त्रस्त है जिसके चलते हमने आपकी समस्याओं के समाधान के लिए एक एप लांच किया है अतः आप सभी से निवेदन है की आप अपनी समस्याओं को एप पर अपलोड करें और भीड़ भाड़ वाले जगह न जाकर सोशल डिस्टेंन्सिंग का पालन करें। एप पर डाली गई शिकायतों और समस्याओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि अब सोशल मीडिया का जमाना है।आज देश का युवा सोशल मीडिया के माध्यम से बहुत कुछ जानकारियां हासिल कर रहे हैं। सोशल मीडिया युवाओं की पहली पसंद बन गई है। कर्मचारियों की कार्यशैली से युवा वर्ग नाराज नजर आए हैं इसलिए आम नागरिकों को समस्याओं से निजात दिलाने के लिए इस एप को लांच किया गया है। एप्लिकेशन को प्लेस्टोर एप से डाउनलोड किया जा सकता है। क्षेत्र के युवा वर्ग में भी विधायक मंगला के एप की खूब चर्चा हो रही है। विधायक दीपक मंगला ने इस अवसर पर लोगों से  सोशल डिस्टेंन्सिंग और मास्क लगाने की अपील की है।             


विकास कार्य पूर्ण करने के निर्देश

विधायक ने उपमंडल होडल के अधिकारियों के साथ विकास कार्यों को लेकर की बैठक, विकास कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश


रतन सिंह चौहान
पलवल। विधानसभा होडल के विधायक जगदीश नायर ने सोमवार को लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सडक़े) विश्राम गृह में उपमंडल होडल के अधिकारियों के साथ विकास कार्यों को लेकर बैठक ली।
विधायक ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा विकास कार्यों में कोताही बिल्कुल भी सहन नहीं की जाएगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने विधानसभा बैठक में सभी विधायकों को निर्देश दिए की सभी विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में लोगों की समस्याएं सुने और मौके पर उनका समाधान करवाएं। इसी कड़ी में सोमवार को हसनपुर खंड के स्थानीय विश्राम गृह में लोगों की बिजली, पानी व सीवर आदि की समस्याओं को सुनकर मौके पर ही अधिकारियों को संबंधित समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उनके समाधान तत्परता से करें। लंबित पडे विकास कार्यों को बिना किसी देरी शीघ्र पूर्ण करें।
बैठक में होडल की खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी पूजा शर्मा, होडल के डीएसपी दलवीर सिंह, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता रमेशचंद, मार्केट कमेटी के सचिव संदीप कुमार, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के कार्यकारी अभियंता एस.एस. दलाल, एस.एच.ओ. हसनपुर जितेंद्र कुमार, जिला बागवानी अधिकारी अब्दुल रज्जाक, हसनपुर के नायब तहसीलदार मोहम्मद इब्राहिम, होडल के नायब तहसीलदार मानसिंह, एसडीओ पीडब्ल्यूडी अशोक कुमार, पूर्व नगरपालिका चेयरमैन मनोहर, हसनपुर के सरपंच दीपक मंगला, मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय, भाजपा मंडल अध्यक्ष हेमदत्त पाठक, नंबरदार इलियास खान, बीजेपी नेता भारतपाल गोयल, वनय सिंह सहित कई गांवों के पंच-सरपंच और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।              


सिविल सर्जन की बैठक दिए दिशा-निर्देश

सिविल सर्जन ने कम्प्यूटर ऑपरेटर व लेखा सहायकों की बैठक लेकर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश


रतन सिंह चौहान।
पलवल। सिविल सर्जन डा. ब्रह्मदीप व उपसिविल सर्जन मलेरिया डा. राजीव बातिस की अध्यक्षता मे जिला अस्पताल पलवल मे एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सिविल सर्जन द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए कि पिछले दो दिन पहले बारिश होने के बाद मच्छरों के पनपने की पूरी-पूरी संभावना है। क्योकि बारिश का पानी छोटे-छोटे गड्ढïों मे भर जाता है, जिस कारण मच्छर उस ठहरे हुए पानी मे अंडे देते है, जिससे मलेरिया व डेंगू की बीमारी फैलाने वाले मच्छरों की बढ़ोतरी तेजी से होती है। इसलिए उन्होंने तुरंत प्रभाव से मलेरिया उन्मूलन की टीमो द्वारा ठहरे हुए पानी मे काला तेल व टेमिफोस की दवाई डलवाने के दिशा-निर्देश दिए हैं, जिससे मच्छरों कि उत्पत्ति पर रोक लग सके।
सिविल सर्जन ने बताया कि बायोलॉजिस्ट की टीमो द्वारा शहर में लार्वा चेक करने के लिए सर्वे करवाया जा रहा है, जिसमे ब्रीडिंग चेकर व फील्ड वर्कर द्वारा घर-घर जाकर मलेरिया उन्मूलन सम्बन्धी सभी आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। डा. बातिश ने बताया कि वर्ष 2019 मे मलेरिया के 182 मामले तथा डेंगू के 45 मामले सामने आए थे। जोकि वर्ष 2018 की तुलना मे 50 प्रतिशत कम  थे। अब 2020 में मलेरिया व डेंगू का अभी तक किसी भी प्रकार का कोई भी मामला सामने नही आया है। फिर भी जिला पलवल का स्वास्थ्य विभाग मलेरिया व डेंगू को लेकर पूरी तरह से सतर्क होकर अपने कार्य मे लगा हुआ है। डा. ब्रह्मïदीप ङ्क्षसह ने बताया कि अब तक जिला में मलेरिया की जांच के लिए पिछले महीने तक 43 हजार 679 से अधिक बुखार के मरीजों की जांच की जा चुकी है, जिसमें 9 मलेरिया के मरीज पाए गए है। सभी मरीजो के घर पर फोगिंग व फोकल स्प्रे करवा दिया गया है व एंटी मलेरिया एक्टिविटीज भी करवा दी गई हैं।
मलेरिया विभाग की टीमों द्वारा घरों मे लार्वा जांच के दौरान मच्छरों का लार्वा पाए जाने पर 270 घरों में चेतावनी संबंधी नोटिस भी दिए जा चुके है। पलवल शहर के सभी 32 वार्डों में नगर परिषद के साथ मिलकर फोगिंग करवाई गई है तथा कुछ कॉलोनियों में जहा पर मलेरिया व डेंगू के ज्यादातर मामले आते है, उन सभी में दोबारा से फोगिंग की एक्टिविटीज करवा दी गई है। इसके साथ ही 248 तालाब व जोहड़ो में लार्वाभक्षी गाम्बुजिया मछली भी डलवा दी गई है और जो तालाब व नाले गंदे है उनकी सफाई के लिए नगर परिषद को सूचित कर दिया गया है। जिले में डेंगू संभावित क्षेत्रो की सूची तैयार कर ली गई है, जिनमें स्वास्थ्य विभाग की टीमो द्वारा एंटी लार्वा संबंधित जरूरी गतिविधियां करवाई जा रही है। जिले में जून के महीने को एंटी मलेरिया माह के रूप मे मनाया गया, जिसमे सभी गांवो मे आशा व एम.पी.एच.डब्ल्यू (मेल) द्वारा घर-घर जाकर मलेरिया रोधी एक्टिविटीज की गई, जिसमे लोगो को मलेरिया व डेंगू के प्रति जागरूक करना आदि शामिल रहा। इसके साथ-साथ कोविड-19 के बारे मे भी लोगो को दो गज की शारीरिक दूरी रखने व फेस मास्क लगाने के लिए जागरूक किया गया।
जिला मे सभी बुखार से पीडि़त मरीजो की जांच एम.पी.एच.डब्ल्यू.(मेल) व  आशा के द्वारा मुफ्त में की जा रही है और जिले मे अब तक पी. वी. मलेरिया बुखार के नौ मरीज पाए गए, जिनका तुरंत प्रभाव से 14 दिन का ईलाज किया जा रहा है, जिसमे से छ मरीज बिलकुल ठीक हो चुके है। इसका फॉलोअप किया जा चुका है। बाकी बचे हुए तीन मलेरिया के मरीजों का ईलाज चल रहा है। जिला मलेरिया कार्यालय पलवल में मलेरिया व डेंगू की लार्वीसयिडल एक्टिविटीज के लिए दस डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर विभाग के द्वारा अलग से लगाए जा रहे है, जो जुलाई से घर-घर जाकर मच्छर पनपने वाले सोर्स को चेक करेंगे। घरों में मच्छर की ब्रीडिंग पाए जाने पर टेमिफोस दवाई डालना या काला तेल डालने सम्बन्धी कार्य करेंगे व मच्छरों से बचने के लिए लोगों को जागरूक करेंगे। इसी के साथ जिले के सभी खंडों में बैठक भी की जा चुकी है, जिसमे मलेरिया व डेंगू की रोकथाम सम्बन्धी टारगेट्स पूरा करने के लिए सख्त निर्देश दे दिए गए हैं।
     आमजन को जागरूक करने के लिए सिविल सर्जन डा. ब्रह्मदीप ने बताया कि मलेरिया के शुरूआती लक्षणों मे तेज ठंड के साथ बुखार आना, सर दर्द होना व उल्टी आना है। इसलिए कोई भी बुखार आने पर अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर मलेरिया की जांच करवाए और अगर जांच में मलेरिया पाया जाता है तो उसका 14 दिन का ईलाज स्वास्थ्यकर्मी की देखरेख मे करें।
मलेरिया का उपचार व बचाव
कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है, इसलिए बुखार होने पर अपने नजदीक स्वास्थ्य केन्द्र में तुरंत अपने रक्त की जांच करवाएं। मलेरिया होने पर तुरंत पूर्ण आमूल उपचार लें क्योकि आमूल उपचार न लेने से मलेरिया बुखार बार-बार होता है। मलेरिया बुखार बार-बार होने से शरीर में रक्त की कमी हो जाती है, जोकि बहुत घातक होती है। घरो में मच्छरनाशक दवाई का छिडकाव करवाएं। मच्छरदानी का प्रयोग करें। पूरी बाजू के कपडें पहनें। घर के आस-पास पानी इक_ïा न होने दें। बरसात का मौसम शुरु होने से पहले घर के आस-पास के गड्ढïों को मिट्टïी से भर दिया जाए ताकि उसमें बरसात का पानी एकत्रित न होने पाए, जिसमें मच्छर पनपते है। क्योंकि पानी ठहरेगा जहां मच्छर पनपेगा वहां।           


सवा 5 किलो गांजा पत्ती की बरामद

पांच किलोग्राम 252 ग्राम गांजा पत्ती बरामाद


रतन सिंह चौहान
होडल पलवल। कैंप थाना पुलिस ने गश्त के दौरान एक व्यक्ति को मादक पदार्थ सहित गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी यादराम ने बताया कि उनकी टीम आगरा चौक पर गश्त पर मौजूद थी। उसी दौरान मुकबिर खास से सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति अलीगढ़ यूपी से मादक पदार्थ लेकर आया है और आशियाना होटल के समीप खड़ा होकर सवारी का इंतजार कर रहा है। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे तो उक्त युवक पुलिस को देख तेज गति से वापस जाने लगा जिसके हाथ में प्लास्टिक का कट्टा था। शक होने पर उक्त व्यक्ति को काबू किया गया जिसने पूछताछ में अपना नाम हीरालाल निवासी निवासी गांव रिबड़ बताया। उच्चाधिकारी नायब तहसीलदार अशोक कुमार मौजूदगी में प्लास्टिक कट्टे की तलाशी ली तो उससे 5 किलोग्राम 252ग्राम गांजा पत्ती को बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।              


बरसात शुरू, स्वास्थ्य विभाग हुआ सतर्क

बारिश होने के साथ ही पलवल में मलेरिया व डेंगू के लिए स्वास्थ्य विभाग सतर्क


रतन सिंह चौहान।
पलवल। सिविल सर्जन डा. ब्रह्मदीप व उपसिविल सर्जन मलेरिया डा. राजीव बातिस की अध्यक्षता मे जिला अस्पताल पलवल मे एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सिविल सर्जन द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए कि पिछले दो दिन पहले बारिश होने के बाद मच्छरों के पनपने की पूरी-पूरी संभावना है। क्योकि बारिश का पानी छोटे-छोटे गड्ढïों मे भर जाता है, जिस कारण मच्छर उस ठहरे हुए पानी मे अंडे देते है, जिससे मलेरिया व डेंगू की बीमारी फैलाने वाले मच्छरों की बढ़ोतरी तेजी से होती है। इसलिए उन्होंने तुरंत प्रभाव से मलेरिया उन्मूलन की टीमो द्वारा ठहरे हुए पानी मे काला तेल व टेमिफोस की दवाई डलवाने के दिशा-निर्देश दिए हैं, जिससे मच्छरों कि उत्पत्ति पर रोक लग सके।
सिविल सर्जन ने बताया कि बायोलॉजिस्ट की टीमो द्वारा शहर में लार्वा चेक करने के लिए सर्वे करवाया जा रहा है, जिसमे ब्रीडिंग चेकर व फील्ड वर्कर द्वारा घर-घर जाकर मलेरिया उन्मूलन सम्बन्धी सभी आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। डा. बातिश ने बताया कि वर्ष 2019 मे मलेरिया के 182 मामले तथा डेंगू के 45 मामले सामने आए थे। जोकि वर्ष 2018 की तुलना मे 50 प्रतिशत कम  थे। अब 2020 में मलेरिया व डेंगू का अभी तक किसी भी प्रकार का कोई भी मामला सामने नही आया है। फिर भी जिला पलवल का स्वास्थ्य विभाग मलेरिया व डेंगू को लेकर पूरी तरह से सतर्क होकर अपने कार्य मे लगा हुआ है। डा. ब्रह्मïदीप ङ्क्षसह ने बताया कि अब तक जिला में मलेरिया की जांच के लिए पिछले महीने तक 43 हजार 679 से अधिक बुखार के मरीजों की जांच की जा चुकी है, जिसमें 9 मलेरिया के मरीज पाए गए है। सभी मरीजो के घर पर फोगिंग व फोकल स्प्रे करवा दिया गया है व एंटी मलेरिया एक्टिविटीज भी करवा दी गई हैं।
मलेरिया विभाग की टीमों द्वारा घरों मे लार्वा जांच के दौरान मच्छरों का लार्वा पाए जाने पर 270 घरों में चेतावनी संबंधी नोटिस भी दिए जा चुके है। पलवल शहर के सभी 32 वार्डों में नगर परिषद के साथ मिलकर फोगिंग करवाई गई है तथा कुछ कॉलोनियों में जहा पर मलेरिया व डेंगू के ज्यादातर मामले आते है, उन सभी में दोबारा से फोगिंग की एक्टिविटीज करवा दी गई है। इसके साथ ही 248 तालाब व जोहड़ो में लार्वाभक्षी गाम्बुजिया मछली भी डलवा दी गई है और जो तालाब व नाले गंदे है उनकी सफाई के लिए नगर परिषद को सूचित कर दिया गया है। जिले में डेंगू संभावित क्षेत्रो की सूची तैयार कर ली गई है, जिनमें स्वास्थ्य विभाग की टीमो द्वारा एंटी लार्वा संबंधित जरूरी गतिविधियां करवाई जा रही है। जिले में जून के महीने को एंटी मलेरिया माह के रूप मे मनाया गया, जिसमे सभी गांवो मे आशा व एम.पी.एच.डब्ल्यू (मेल) द्वारा घर-घर जाकर मलेरिया रोधी एक्टिविटीज की गई, जिसमे लोगो को मलेरिया व डेंगू के प्रति जागरूक करना आदि शामिल रहा। इसके साथ-साथ कोविड-19 के बारे मे भी लोगो को दो गज की शारीरिक दूरी रखने व फेस मास्क लगाने के लिए जागरूक किया गया।
जिला मे सभी बुखार से पीडि़त मरीजो की जांच एम.पी.एच.डब्ल्यू.(मेल) व  आशा के द्वारा मुफ्त में की जा रही है और जिले मे अब तक पी. वी. मलेरिया बुखार के नौ मरीज पाए गए, जिनका तुरंत प्रभाव से 14 दिन का ईलाज किया जा रहा है, जिसमे से छ मरीज बिलकुल ठीक हो चुके है। इसका फॉलोअप किया जा चुका है। बाकी बचे हुए तीन मलेरिया के मरीजों का ईलाज चल रहा है। जिला मलेरिया कार्यालय पलवल में मलेरिया व डेंगू की लार्वीसयिडल एक्टिविटीज के लिए दस डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर विभाग के द्वारा अलग से लगाए जा रहे है, जो जुलाई से घर-घर जाकर मच्छर पनपने वाले सोर्स को चेक करेंगे। घरों में मच्छर की ब्रीडिंग पाए जाने पर टेमिफोस दवाई डालना या काला तेल डालने सम्बन्धी कार्य करेंगे व मच्छरों से बचने के लिए लोगों को जागरूक करेंगे। इसी के साथ जिले के सभी खंडों में बैठक भी की जा चुकी है, जिसमे मलेरिया व डेंगू की रोकथाम सम्बन्धी टारगेट्स पूरा करने के लिए सख्त निर्देश दे दिए गए हैं।
     आमजन को जागरूक करने के लिए सिविल सर्जन डा. ब्रह्मदीप ने बताया कि मलेरिया के शुरूआती लक्षणों मे तेज ठंड के साथ बुखार आना, सर दर्द होना व उल्टी आना है। इसलिए कोई भी बुखार आने पर अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर मलेरिया की जांच करवाए और अगर जांच में मलेरिया पाया जाता है तो उसका 14 दिन का ईलाज स्वास्थ्यकर्मी की देखरेख मे करें।
मलेरिया का उपचार व बचाव
कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है, इसलिए बुखार होने पर अपने नजदीक स्वास्थ्य केन्द्र में तुरंत अपने रक्त की जांच करवाएं। मलेरिया होने पर तुरंत पूर्ण आमूल उपचार लें क्योकि आमूल उपचार न लेने से मलेरिया बुखार बार-बार होता है। मलेरिया बुखार बार-बार होने से शरीर में रक्त की कमी हो जाती है, जोकि बहुत घातक होती है। घरो में मच्छरनाशक दवाई का छिडकाव करवाएं। मच्छरदानी का प्रयोग करें। पूरी बाजू के कपडें पहनें। घर के आस-पास पानी इक_ïा न होने दें। बरसात का मौसम शुरु होने से पहले घर के आस-पास के गड्ढïों को मिट्टïी से भर दिया जाए ताकि उसमें बरसात का पानी एकत्रित न होने पाए, जिसमें मच्छर पनपते है। क्योंकि पानी ठहरेगा जहां मच्छर पनपेगा वहां।             


सीएम से जुड़े है 30 किलो सोने के तार

कविता गर्ग


तिरुवंतपुरम। केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार को अधिकारियों ने एयर कार्गो के जरिए पहुंचे सामान में 30 किलोग्राम से अधिक सोना बरामद किया। बताया जा रहा है कि इसके तार यूएई के महावाणिज्य दूतावास से संबंधित एक राजनयिक खेप से जुड़े हुए हैं। वहीं, अब इसमें केरल के मुख्यमंत्री कार्यालय का नाम भी सामने आ रहा है। 


यूएई की एक पूर्व वाणिज्य अधिकारी स्वप्ना सुरेश इस मामले की मुख्य आरोपी हैं। फिलहाल वह केरल राज्य सूचना प्रौद्योगिकी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (केएसआईटीआईएल) के तहत स्पेस पार्क की विपणन संपर्क अधिकारी भी हैं। जैसे ही यह मामला सामने आया, भाजपा राज्य प्रभारी के सुरेंद्रन ने मुख्यमंत्री कार्यालय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने तुरंत प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की और आरोप लगाते हुए कहा कि जैसे ही स्वप्ना सुरेश के इस मामले में आरोपी होने का पता चला, मुख्यमंत्री कार्यालय और आईटी सचिव ने सीमा शुल्क विभाग पर उसे रिहा करने का दबाव बनाया। 


सुरेंद्रन ने कहा कि मुख्यमंत्री और आईटी सचिव के कार्यालय के फोन रिकॉर्ड की जांच करके मामले में उसकी संलिप्तता को जाना जा सकता है। इसी बीच, सीमा शुल्क विभाग ने बताया है कि स्वप्ना सुरेश फरार चल रही है, जबकि एक पूर्व वाणिज्य दूतावास पीआर सारथ को भी मामले में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। अपराध कबूल करने के बाद उसे सीमा शुल्क कार्यालय कोच्चि ले जाया गया। 


संदेह है कि, सारथ को कार्यालय से निष्कासित कर दिया गया था, लेकिन वह स्वप्ना सहित वाणिज्य दूतावास में कुछ अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए हुए था। चूंकि वह जानता था कि राजनयिक सामान की विस्तृत जांच नहीं की जाती है, इसलिए उसने राजनयिक चैनल का उपयोग करके राज्य में बड़ी मात्रा में सोने की तस्करी की। स्वप्ना वाणिज्य दूतावास में अपने कार्यकाल तक सारथ के साथ सहयोग करती रही थी। हालांकि, उसने कार्यालय छोड़ने के बाद भी तस्करी में अपना सहयोग जारी रखा। उसने कथित तौर पर इस अपराध से बचने के लिए अपने कनेक्शन का भी इस्तेमाल किया है। वहीं, यूएई के वाणिज्य दूतावास ने यह स्पष्ट किया कि तस्करी में उनकी कोई भूमिका नहीं है और उनके कर्मचारी किसी भी तरह के दुर्भावना में शामिल नहीं हैं।


विश्वः 1 करोड़ 17 लाख कोरोना संक्रमित

नई दिल्ली। दुनियाभर में कोरोना संक्रमण से एक करोड़ 17 लाख 31 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हैं, जबकि मरने वालों की संख्या पांच लाख 40 हजार के पार पहुंच गई है। हालांकि, 66 लाख से ज्यादा लोग ठीक भी हुए हैं। 45 लाख 68 हजार एक्टिव के हैं यानी कि कोरोना से संक्रमित इन लोगों का इलाज जारी है। अमेरिका अभी भी कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों की लिस्ट में सबसे ऊपर है। यहां अबतक 30 लाख लोग संक्रमण के शिकार हो चुके हैं, जबकि एक लाख 32 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। वहीं ब्राजील में भी कोरोना का कहर बरकरार है।


यहां अमेरिका के बराबर केस और मौतें दर्ज की जा रही हैं। ब्राजील में कुल 16 लाख लोग वायरस से संक्रमित हैं। ब्राजील के बाद भारत और रूस में संक्रमितों की संख्या दुनिया में सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ रही है। ब्राजील, रूस, स्पेन, यूके, इटली, भारत, पेरू, चिली, इटली, ईरान, मैक्सिको, पाकिस्तान, टर्की, साउथ अरब और साउथ अफ्रीका में कोरोना मामलों की संख्या दो लाख पार हो चुकी है। वहीं जर्मनी में भी 1 लाख 90 हजार से ज्यादा मामले आए हैं। भारत दुनिया में सबसे ज्यादा केस के मामले में तीसरे नंबर पर पहुंच गया है, जबकि सबसे ज्यादा मौत की लिस्ट में आठवें नंबर पर है।


यूजीसीः परीक्षाओं की गाइड लाइन जारी

अकांशु उपाध्याय


नई दिल्ली। गृह मंत्रालय की अनुमति के बाद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सोमवार देर रात विश्वविद्यालयों और कालेजों की परीक्षाओं को लेकर संशोधित गाइड लाइन जारी की है। जिसमें जुलाई में परीक्षाओं को कराने जैसी अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। साथ ही अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को अनिवार्य बताते हुए इन्हें सितंबर के अंत तक कराने की अनुमति दी है। जो ऑनलाइन और ऑफलाइन किसी भी माध्यम से कराई जा सकेंगी। यूजीसी ने इसके साथ ही विश्वविद्यालयों और कालेजों को यह भी छूट दे दी है, वह इन परीक्षाओं की स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए 30 सितंबर तक कभी भी करा सकते हैं। हालांकि यूजीसी को इसकी जानकारी देनी होगी।


स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने की छूट


यूजीसी ने इससे पहले 29 अप्रैल को जारी गाइडलाइन में सभी विवि और कालेजों से एक से पंद्रह जुलाई के बीच अंतिम वर्ष की परीक्षाएं कराने को कहा था। जबकि पहले और दूसरे वर्ष की परीक्षाएं कराने के लिए 15 से 30 जुलाई तक का समय तय किया था। इस बीच कोरोना के तेजी से बढ़ते संक्रमण को देखते हुए कई राज्यों और विश्वविद्यालयों ने मौजूदा परिस्थितियों में परीक्षाएं कराने से हाथ खड़े कर दिए थे। जिसके बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने यूजीसी से परीक्षाओं को लेकर जारी गाइडलाइन की नए सिरे से समीक्षा करने के निर्देश दिए थे।


यूजीसी ने इसके बाद हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति की अगुवाई में एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की थी। जिसकी रिपोर्ट के बाद यूजीसी बोर्ड ने यह फैसला लिया है।यूजीसी ने इसके साथ ही सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को निर्देश दिया है, कि यदि इसके बाद भी कोई छात्र अंतिम वर्ष की परीक्षाएं नहीं दे पाता है तो उचित कारण पाए जाने पर उसे बाद में परीक्षा का मौका दिया जाए।


संशोधित गाइडलाइन में यूजीसी का सबसे ज्यादा जोर अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को लेकर है। जबकि पहले और दूसरे वर्ष के लिए यूजीसी ने पहले ही विश्वविद्यालयों से आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर प्रमोट करने के निर्देश दिए हैं। यूजीसी बोर्ड की बैठक में इस दौरान नए शैक्षणिक सत्र और प्रवेश परीक्षाओं को लेकर बाद में अलग से गाइडलाइन जारी करने को लेकर सहमति बनी है। बाद में गृह मंत्रालय से अनुमति के बाद गाइडलाइन जारी कर दी गई। बता दें कि यूजीसी की संशोधित गाइडलाइन आने से पहले देश के कई राज्य और विश्वविद्यालय जुलाई में परीक्षाएं कराने की योजना को रद कर चुके हैं।


कौनसी कार पर मिल रही है कितनी छूट

नई दिल्ली। कोरोना काल में हुई मंदी के बाद सेल्स बढ़ाने के लिए कंपनियां कारों पर कई तरह के डिस्कांउट ऑफर कर रही हैं। जून की तरह जुलाई में भी Maruti Suzuki की अरीना डीलरशिप से बेची जानी वाली कारों पर 53 हजार रुपये तक का डिस्काउंट मिल रहा है। आइए जानते हैं कंपनी किन कारों पर कितने का फायदा दे रही है।


मारुति सुजुकी अपनी सस्ती कार ऑल्टो पर 35 हजार रुपये तक का डिस्काउंट दे रही है। कंपनी इसमें 18 हजार रुपये की नकद छूट, 15 हजार रुपये ऐक्सचेंज बोनस और दो हजार रुपये कॉर्पोरेट डिस्काउंट दे रही है। ये ऑफर ऑल्टो के पेट्रोल और सीएनजी, दोनों ही वर्जन पर मिल रहा है। मारुति सुजुकी ऑल्टो की कीमत 2.94 लाख से 4.36 लाख रुपये तक है।


मारुति सुजुकी माइक्रो-एसयूवी एस-प्रेसो पर 48 हजार रुपये तक के फायदे दे रही है। इस ऑफर में 25 हजार रुपये का कैश डिस्काउंट, 20 हजार रुपये ऐक्सचेंज बोनस और तीन हजार रुपये कॉर्पोरेट डिस्काउंट दिया जा रहा है। अगर प्राइस की बात करें तो मारुति एस-प्रेसो की प्राइस 3.70 लाख से 5.13 लाख रुपये तक है।


इस लिस्ट में मारुति ईको भी शामिल है। कंपनी इस कार पर जुलाई के महीने में 32 हजार रुपये तक का डिस्काउंट दे रही है। इसमें दस हजार रुपये कैश डिस्काउंट, 20 हजार रुपये ऐक्सचेंज बोनस के अलावा दो हजार रुपये कॉर्पोरेट डिस्काउंट ऑफर दिया जा रहा है। ईको के दाम 3.80 लाख रुपये से 4.95 लाख रुपये तक हैं।


मारुति सुजुकी की सेलेरियो पर ग्राहक 53 हजार रुपये तक के फायदे हासिल कर सकते हैं। इसमें 30 हजार रुपये कैश डिस्काउंट, 20 हजार रुपये ऐक्सचेंज बोनस और तीन हजार रुपये कॉर्पोरेट डिस्काउंट दिया जा रहा है। ये ऑफर सिलेरिया और सिलेरियो एक्स, दोनों पर मिल रहा है। इस कार की कीमत 4.41 लाख से 5.68 लाख रुपये तक है।


मारुति सुजुकी वैगनआर पर 32 हजार रुपये तक का फायदा मिल रहा है। इस ऑफर में 10 हजार रुपये की नकद छूट, 20 हजार ऐक्सचेंज बोनस के अलावा दो हजार रुपये कॉर्पोरेट डिस्काउंट दिया जा रहा है। इस कार की कीमत 4.45 लाख से 5.94 लाख रुपये तक है।


मारुति के इस डिस्काउंट ऑफर में स्विफ्ट पर 37 हजार रुपये तक के बेनिफिट्स मिल रहे हैं। इस ऑफर में 15 हजार रुपये का कैश डिस्काउंट, 20 हजार रुपये ऐक्सचेंज बोनस के साथ-साथ दो हजार रुपये कॉर्पोरेट डिस्काउंट मिल रहा है। मारुति सुजुकी स्विफ्ट के दाम 5.19 लाख से 8.02 लाख रुपये तक हैं।


जुलाई में खरीदने पर मारुति की एसयूवी पर 20 हजार रुपये तक का डिस्काउंट दिया जा रहा है, ये छूट ऐक्सचेंज बोनस के रूप में दी जा रही है. इस कार की प्राइस 7.34 लाख से 11.15 लाख रुपये तक है।


नई मारुति सुजुकी डिजायर पर 37 हजार रुपये तक का फायदा मिल रहा है. ऑफर के तहत 10 हजार रुपये की नकद छूट, 25 हजार ऐक्सचेंज बोनस और दो हजार रुपये कॉर्पोरेट डिस्काउंट मिल रहा है. इस कार की कीमत 5.89 लाख से 8.80 लाख रुपये तक है. इसके अलावा ग्राहक डिजायर के पुराने मॉडल पर 52 हजार रुपये तक की छूट हासिल कर सकते हैं. इस मॉडल पर 25 हजार रुपये कैश डिस्काउंट मिल रहा है।


मारुति सुजुकी की कारों पर ये ऑफर शहर, डीलरशिप, कार के वेरियंट और कलर के आधार पर अलग-अलग दिए जा सकते हैं. कंपनी की इस स्कीम के बारे में ज्यादा जानकारी हासिल करने के लिए मारुति की डीलरशिप से कॉन्टैक्ट करना होगा।


अमेरिका में संक्रमण 30 लाख 40 हजार

वाशिंगटन। अमेरिका में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या मंगलवार सुबह तक बढ़कर 30 लाख 39 हजार पार हो गई। कुल 1 लाख 32 हजार 961 लोगों की मौत हो चुकी है।


हालांकि 13 लाख 10 हजार लोग ठीक भी हुए हैं, जो कुल संक्रमितों का 43 फीसदी है। 15 लाख 96 हजार लोगों का अस्पतालों में अभी इलाज चल रहा है, जो कुल संक्रमितों का 52 फीसदी है। अमेरिका में कुल 4.44 फीसदी कोरोना संक्रमित लोगों की मौत हुई है। अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में सबसे ज्यादा 422,851 केस सामने आए हैं। सिर्फ न्यूयॉर्क में ही 32,267 लोग मारे गए हैं। इसके बाद कैलिफॉर्निया में 277,433 कोरोना मरीजों में से 6,445 लोगों की मौत हुई। इसके अलावा न्यू जर्सी, टेक्सस, मैसाचुसेट्स, इलिनॉयस, फ्लोरिडा भी सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोना महामारी को लेकर एक बार फिर चीन पर निशाना साधा है। ट्रंप ने कहा है कि चीन ने संयुक्त राष्ट्र अमेरिका समेत पूरी दुनिया को भयानक नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि दुनिया को ‘कोरोना महामारी’ देने की पूरी जवाबदेही चीन को उठानी ही होगी। इससे पहले भी ट्रंप कोरोना वायरस को लेकर चीन की कई बार आलोचना कर चुके हैं। रविवार को ही ट्रंप ने कहा था कि चीन से वायरस के हमले से पहले अमेरिका बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहा था। लेकिन हम अब कोरोना वायरस से लड़ रहे हैं. ट्रंप ने कहा कि दुनिया को ‘कोरोना महामारी’ देने की पूरी जवाबदेही चीन को उठानी ही होगी।


चीन के खिलाफ उतरेगी अमेरिकी सेना

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति भवन व्हाइट हाउस के एक बेहद सीनियर अधिकारी ने कहा कि, दुनिया में कहीं भी विवाद होने पर हम मजबूती से सही पक्ष के साथ खड़े रहेंगे। हम किसी भी देश को वो चीन ही क्यों ना हो, हम मनमानी नहीं करने देंगे। हम दुनिया की सबसे ताकतवर सेना हैं और हम चीन की गलत हरकतों का विरोध करने के साथ युद्ध की हालत में उसके खिलाफ सीधी लड़ाई लड़ेंगे और उसे सबक सिखाएंगे।


गौरतलब है कि दक्षिणी चीन सागर में अपनी उपस्थिति और मजबूत करने के लिए ही अमेरिका ने वहां दो विमान वाहक पोत तैनात किए हैं। व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ मार्क मेडोस ने कहा कि हमारा संदेश बिल्कुल साफ है। ऐसा बिल्कुल नहीं होगा कि सबसे ताकतवर सेना होने के बावजूद हम दूर खड़े होकर हालात को चीन या किसी के हाथ में जाने दें। चाहे वो जिस क्षेत्र में हो। इसलिए यह साफ होना चाहिए कि हमारी सेना सबसे ताकतवर है और रहेगी। हम अपने सहयोगियों की हिफाजत के लिए उनके पक्ष में युद्ध के मैदान में उतरेंगे।


सोने से बनाया पूरा होटल, सारा फर्नीचर

हनोई। आपने सोने को लेकर लोगों की दीवानगी तो खूब देखी होगी लेकिन आपसे अगर कोई कहे कि एक होटल ही सोने से बना है तो यकीन करना मुश्किल होगा।

इन दिनों एक ऐसा ही होटल वियतनाम की राजधानी हनोई में खुला है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है। इस होटल की खास बात ये है कि इसकी दीवारें गोल्ड प्लेटेड हैं और होटल की हर चीज पर सोने की परत चढ़ी है। इस होटल के दरवाजे, खिड़कियां, फर्नीचर, नल, वॉशरूम समेत सभी चीजें गोल्ड प्लेटेड हैं। खास बात ये है कि इस होटल में खाने के बर्तन भी सोने के बने हुए हैं। ये होटल खुलते ही लोगों की चर्चा का केंद्र बन गया।

वियतनाम की राजधानी हनोई में बने इस होटल का नाम डोल्से हनोई गोल्डन लेक है। पच्चीस मंजिला  इस फाइव स्टार होटल में पांच सौ के करीब कमरे हैं। इस होटल की दीवारों पर गोल्ड प्लेटेड टाइल्स लगी हुई हैं। होटल की एक एक चीज गोल्ड प्लेटेड है ताकि लोगों को हर तरफ सोना ही सोना नजर आए। खास बात ये है कि होटल के कर्मचारियों का ड्रेस कोड भी रेड और गोल्डन रखा गया है। होटल के वॉशरूम तक में टायलेट शीट, बाथटब, सिंक, शॉवर सभी गोल्ड प्लेटेड हैं। इस होटल में एक रात का किराया बीस हजार रूपये से शुरू होता है।

शहीद की पत्नी को दिया नियुक्ति-पत्र

समस्तीपुर। भारत-चीन सीमा के गलवन घाटी में चीनी सेना के साथ झड़प में शहीद हुए मोहिउद्दीननगर के सुल्तानपुर निवासी अमन कुमार की पत्नी वीरांगना मीनू कुमारी को जिलाधिकारी ने नियुक्ति पत्र दिया। उसकी नियुक्ति समाहरणालय संवर्ग में की गई है। सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प के द्वारा निदेशक,सैनिक कल्याण निदेशालय के पत्र के आलोक में यह नियुक्ति सरकार के निर्देश पर की गई है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की थी कि शहीद जवानों के परिवार के एक सदस्य को बिहार सरकार नौकरी देगी। इसी के आलोक में नियुक्ति करते हुए सोमवार को नियुक्ति पत्र दिया गया। समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में निम्न वर्गीय लिपिक के पद पर उसे नियुक्त करते हुए पत्र दिया गया। मीनू को अंचल कार्यालय मोहिउद्दीननगर में पदस्थापित किया गया है।


पत्र बांट कर सरकारी असफलता बताई

वाराणसी। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पत्र को आज नैपुरा , नरोत्तमपुर , तारापुर टिकरी में पूर्व पार्षद वरुण सिंह , युवजनसभा पूर्व प्रदेश सचिव सत्यप्रकाश सोनकर सोनू , कैंट विधानसभा सचिव संजय यादव और नगर सचिव आलोक गुप्ता के नेतृत्व में बाँट कर सरकार की असफलताओं को बताने का कार्य किया । टिकरी गाँव मे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए एक संवाद का कार्यक्रम किया गया । उपस्थित लोगों को सरकार के असफलताओं को बताते हुए पूर्व पार्षद वरुण सिंह ने कहा आज भाजपा सरकार में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है आये दिन हत्या , लूट , बलात्कार , छेड़खानी , मारपीट की घटनाएं घटित हो रही और पुलिस को केवल विपक्ष के दमन में लगाया गया है जिससे अपराध पर अंकुश नही लग पा रहा । युवजनसभा पूर्व प्रदेश सचिव सत्यप्रकाश सोनकर सोनू ने कहा युवाओं के हाथों में सरकार को रोजगार देने चाहिए तो सरकार उन्हें धार्मिक भावनाओं में उलझा दे रही है । कैंट विधानसभा सचिव संजय यादव ने कहा प्रदेश सरकार को पिछली सरकार के कल्याणकारी योजनाओं को फिर से चालू करना चाहिए । भेदभाव करने में यह सरकार किसी का भला नही कर पा रही है । नगर सचिव आलोक गुप्ता ने कहा व्यापारियों को जी यस टी को सरलीकरण करना चाहिए , किसानों को पैदावार बढ़ाने के लिए सिंचाई के संसाधन सहजता से उपलब्ध कराना चाहिए । माली समाज के अध्यक्ष जीवन माली ने कहा सावन का पवित्र महीना शुरू है और ज्यादातर मंदिर बन्द होने से हम माली समाज के सामने जीवन यापन का संकट उतपन्न हो गया है सरकार मदिरा को बढ़ावा दे रही और मंदिर पर अंकुश लगा रही जो समझ से परे है । युवा नेता वीरेन्द्र यादव ने कहा अखिलेश सरकार ने 300 किलोमीटर की सड़क 23 महीने में बनाकर प्रदेश को समर्पित कर दिया जबकि वर्तमान सरकार इस आंकड़े के आस पास भी नही दिखती । काशी वेलफेयर चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष राकेश कुमार पॉल ने भी अखिलेश यादव सरकार के किए कार्य की सराहना करते हुई 2022 में बदलाव के लिए तैयार होने की अपील किया । आह्वान पत्र वितरण में प्रमुख रूप से वरुण सिंह , सत्यप्रकाश सोनकर सोनू , वीरेन्द्र यादव , संजय यादव , आलोक गुप्ता , जीवन माली ,राकेश कुमार पॉल , सतीश पाल , बाबू सोनकर , राजेश वर्मा गुड्डू , ब्यूटी सोनकर , विनय भट्ट मौजूद रहे।


एमपी के राज्यपाल की हालत बनी नाजुक

भोपाल। मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन की हालत नाजुक बनी हुई है। वे फिर से वेंटिलेटर आ गए हैं। लखनऊ स्थित मेदांता अस्पताल के डायरेक्टर डा. राकेश कपूर ने हेल्थ बुलेटिन जारी कर कहा है कि लालजी टंडन की हालत नाजुक है, लेकिन नियंत्रण में है। इधर, अन्य बड़े डाक्टरों की भी सलाह ली जा रही है। मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन पिछले 11 जून से लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती है। 13 जून को टंडन को वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया गया था। बीच में दो दिन बाई-पैप मशीन पर भी रहे। इसके बाद फिर हालत बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया गया।गौरतलब है कि टंडन की हालत पिछले 30 जून से नाजुक बनी हुई है। हालांकि डाक्टरों ने उनकी हालत को स्थिर बताया है।


आनंदीबेन ने दिलाई शपथ


इससे पहले मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन की हालत खराब होने के कारण मध्यप्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार के लिए आनंदी बेन पटेल को मध्यप्रदेश का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। आनंदीबेन पटेल उत्तर प्रदेश की राज्यपाल हैं। पिछले दो-तीन दिन मध्यप्रदेश में रहने के बाद वे शनिवार को ही लखनऊ रवाना हुई हैं।


11 जून को हुए थे भर्ती


राज्यपाल लालजी टंडन को 11 जून को तबीयत बिगड़ने पर लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 13 जून को पेट में रक्तस्राव होने के कारण उनका ऑपरेशन किया गया। इसके बाद से वे लगातार क्रिटिकल केयर वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे। बीच-बीच में दो तीन बार डाक्टरों ने वेंटिलेटर हटाया था, लेकिन फिर से श्वास लेने में दिक्कतों के कारण दोबारा वेंटिलेटर पर रखा गया। 27 जून को उन्हें प्रेशर में ऑक्सीजन देने के लिए बाई-पैप मशीन पर रखा गया था। लेकिन, उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ।


मेदांता अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. राकेश कपूर ने उनका हेल्थ बुलेटिन जारी कर बताया था कि राज्यपाल को कोमोर्बिटीज और न्यूरो मस्कुलर की समस्या है। सांस लेने में दिक्कत हो रही है। ऐसे में फिर उन्हें वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया गया है।


बाई-पैप और वेंटिलेटर में अंतर


विशेषज्ञों के मुताबिक बाई-पैप और वेंटिलेटर दोनों मैके निकल वेंटिलेशन मशीनें हैं। मरीज यदि गंभीर हालत में है और बेहोशी में नहीं है। मगर, सांस लेने में असमर्थ है। कार्बन डाई ऑक्साइड बाहर नहीं निकाल पा रहा है तो बाई-पैप मशीन का सपोर्ट लगाया जाता है। इसमें मुंह-नाक पर मास्क लगाकर प्रेशर में ऑक्सीजन दी जाती है। वहीं, मरीज में बेहोशी आने लगे, शरीर में अम्लता बढ़े, कॉर्बन डाई ऑक्साइड और बढ़ने लगे तो मरीज अति गंभीर होने लगता है। ऐसी स्थिति में उसे वेंटिलेटर सपोर्ट ही देना पड़ता है। इसमें मरीज के गले के पास ट्रैकियोस्टमी की जाती है। उसमें इंडोट्रैकियल ट्यूब डाल दी जाती है। इसके जरिए सीधे ऑक्सीजन पहुंचाई जाती है।


संक्रमित पत्रकार ने कर ली खुदकुशी


दैनिक भास्कर के पत्रकार ने एम्स से कूदकर दे दी जान




आकाश नागर


नई दिल्ली। गत 18 मई को जो पत्रकार कोरोना महामारी के साथ जीने का ढंग बता रहा था और अपने अखबार दैनिक भास्कर में काफी बड़ा आर्टिकल लिख रहा था। वह आज कोरोना महामारी के सामने हिम्मत हार गया। आखिर में वह दिल्ली स्थित एम्स की चौथी बिल्डिंग से कूदकर आत्महत्या कर लेता है। अभी कुछ दिन पहले की ही बात है जब वह पत्रकार दिल्ली सरकार का सच उजागर कर रहा था कि दिल्ली में कोरोना से जितनी मौत हो रही है, उन सभी मौतों का आंकड़ा सरकार पेश नहीं कर रही है।


बकायदा तथ्य और सबूत के साथ खबर पेश कर अपनी तटस्थ और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए जाने जाने वाले दिल्ली के पत्रकार तरुण सिसोदिया में आखिर आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसको लेकर हर कोई हतप्रभ है। हालांकि, कहा जा रहा है कि दैनिक भास्कर संस्थान ने उसे पूर्व में नौकरी से बाहर कर दिया था। इसके बाद से ही वह तनाव में रहने लगा था। हालांकि उसके बाद फिर संस्थान ने उसे अपने आप नौकरी पर रखा। लेकिन अपनी नौकरी जाने का भय उसको अंत समय तक सताए रहा। एक तो नौकरी जाने का अंदेशा और दूसरा कोरोना से पीड़ित होना पत्रकार की मौत का कारण बताया जा रहा है।


दैनिक भास्कर के प्रमुख संवाददाता तरुण सिसोदिया ( 37 ) दिल्ली के भजनपुरा में रहते थे। अभी 4 साल पूर्व भी उनकी शादी हुई थी। वह दिल्ली में दैनिक भास्कर की सामाजिक सरोकारों की पत्रकारिता के लिए जाने जाते थे। गत 27 मई को तरुण सिसोदिया को एम्स में एडमिट कराया गया था।


बताया जा रहा है कि तरुण को कोरोना महामारी की कवरेज करने के काम पर लगाया गया था। जहां पर उसको बीमारी ने अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद वह एम्स में अपना इलाज करा रहा था आज दोपहर 2 बजे एम्स की चौथी मंजिल से उसने अचानक खिड़की से कूदकर अपनी जान दे दी। बताया जा रहा है कि तरुण सिसोदिया को कोरोना बीमारी के पहले एक बीमारी ने भी अपनी चपेट में लिया हुआ था।


तरुण सिसोदिया के बारे में बता दें कि उन्होंने पिछले कुछ दिनों में कोरोना वायरस से होने वाली मौतों को लेकर ही रिपोर्टिंग की थी। उनकी अंतिम खबर 10 जून की है। जिसमे उन्होंने ख़बर में बताया था कि दिल्ली सरकार कह रही है कि अब तक 982 मौत कोरोना से हुई है, जबकि 1500 से ज्यादा डेडबॉडी का अंतिम संस्कार श्मशान और कब्रिस्तानों में हो चुका है। उन्होंने प्राइवेट अस्पतालों के खिलाफ भी सोशल मीडिया में कुछ ट्वीट्स का समर्थन किया था। कहा जा रहा है कि तरुण दोहरे डिप्रेशन में आ गए थे। उन्हें कोरोना तो हुआ ही, साथ ही दैनिक भास्कर से छंटनी की आशंका सता रही थी। गौरतलब है कि दैनिक भास्कर प्रबंधन तेजी से अपने कर्मियों की नौकरियों से निकाल रहा है।


बताया जा रहा है कि तरुण सिसोदिया का भी नंबर आने वाला था। इसी आशंका ने उसे बेहद कमजोर कर दिया। वह इन पूरे हालात से बेहद घबरा गए और तनाव व डिप्रेशन की हद पार कर गए। तरुण को हालांकि नौकरी से अभी निकाला नहीं गया था। लेकिन उसे लग रहा था कि शायद निकाल देंगे। इसी टेंशन में शायद उसने सुसाइड के लिए छत से कूदने जैसा कदम उठाया है।साथी पत्रकारों का कहना है कि ‘दैनिक भास्कर’ ने 2 महीने पहले उनका इस्तीफा ले लिया था । लेकिन बाद में उनकी नौकरी बच गई थी। दैनिक भास्कर’ के पत्रकार तरुण सिसोदिया के साथियों की मानें तो वह काफी मिलनसार व्यक्ति थे और सबसे हँस-बोल कर मिला करते थे। इससे पहले वह ‘संडे टाइम्स’ में कार्यकर्त थे। ‘दैनिक भास्कर’ में उन्हें सामान्यतः एमसीडी और एजुकेशन से जुड़ी बीट कवर करनी होती थी। फिलहाल वह दैनिक भास्कर में कोरोना महामारी के की खबरे भी लिख रहे थे। साथ ही वह अपने सोशल मीडिया हैंडल पर भी खबरें पोस्ट करते रहते थे।



नंदी के पेट से निकाली 150 किलो पॉलिथीन

रोहतक। बहादुरगढ़ के विवेकानन्द नगर में एक नंदी की हालत खराब होने की सूचना पर गोधन सेवा समिति की एम्बुलेंस से नंदी को सांखोल गोउपचार केंद्र लाया गया। पशु चिकित्सकों की टीम ने देखा कि नंदी के मुंह से लगातार पानी व लार बह रहा है। उन्होंने देखा कि नंदी के पेट का सारा दबाव उसकी छाती पर आ रहा है और उसको सांस लेने में काफी परेशानी हो रही है. इसके बाद नंदी का ऑपरेशन किया गया।


ऑपेरशन में नंदी के पेट से 150 किलो पॉलीथिन


इसके पश्चात पशु चिकित्सक डॉ. राहुल भारद्वाज (वीएस) ने टीम के वीएलडीए रविन्द्र कुमार, रमेश, कृष्ण और ओम प्रकाश के सहयोग से नंदी का ऑपरेशन शुरू किया। करीब पांच घंटे चले इस सफल ऑपेरशन में नंदी के पेट से 150 किलो पॉलीथिन, लोहे की स्क्रैप व सिक्के निकले. इस तरह नंदी की जान बचा ली गई। पशु चिकित्सक डॉ. राहुल भारद्वाज ने बताया कि अगर नंदी को समय पर गोधन सेवा समिति के उपचार केंद्र में नहीं लाया जाता तो कुछ समय पश्चात यह नंदी सड़क पर ही दम तोड़ देता।


गोवंश की आंतों में फस जाती है पॉलीथिन


पशु चिकित्सक डॉ. राहुल भारद्वाज ने बताया कि पॉलीथिन तो गोवंश की आंतों के लिए इस कदर जानलेवा है कि इन्हें तिल-तिलकर मारने जैसा काम करती है। पॉलीथिन गोवंश की आंतों में फंस जाती है। इससे इनका समूचा पाचन तंत्र गड़बड़ा जाता है। इनके द्वारा खाया जाने वाला चारा पच नहीं पाता। शरीर में पॉलीथिन की संख्या बढ़ने के साथ-साथ इनका पेट फूलता रहता है, जो अंत में इन गोवंश की असमय मौत का कारण बनता है।


डॉक्टरों ने लोगों से की यह अपील


डॉक्टर ने बताया कि लोगों द्वारा खाने की चीजों को पॉलीथिन में बांधकर सड़कों पर फेंक दिया जाता है। बेसहारा भूखा गोवंश पॉलीथिन समेत इन खाने की चीजों को खा जाते हैं। इस प्रकार धीरे-धीरे इन गोवंशों के पेट में यह पॉलीथिन बढ़ती जाती है और अंत में इनकी मौत का कारण बन जाती है। हम भी लोगों से अपील करते है कि वे खाने की चीजों को पॉलीथिन में बांधकर ना फेंके। पॉलीथिन के प्रयोग को अपने जीवन में पूरी तरह बंद कर दें। इसके अलावा बेसहारा गोवंश के लिए हम सभी को हरे चारे की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि भूखे बेसहारा गोवंश कूड़ा-कर्कट ब पॉलीथिन खाने को विवश ना हो।


सोने-चांदी की मांग के साथ भाव गिरा

कविता गर्ग


नई दिल्ली। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने सोमवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने-चांदी की कीमतों के बारे में जानकारी दे दी है। आज दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने के दाम में 42 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, आज चांदी के भाव में 1,217 रुपये प्रति किलोग्राम की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज दोनों ही कीमती धातुओं के भाव में तेजी देखने को मिल रही है।


सोने की नई कीमतें सोमवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने के भाव में 42 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद यहां सोने का नया भाव 48,964 रुपये हो गया है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के अनुसार, इसके पहले 10 ग्राम सोने का भाव 49,006 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था।चांदी की नई कीमतें चांदी की बात करें तो आज ​इसकी कीमतों में 1,217 रुपये प्रति किलोग्राम की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इसके बाद चांदी का नया भाव लुढ़ककर 49,060 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गया है। इसके पहले कारोबारी दिन चांदी का भाव 50,277 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुआ था।


अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो यहां दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज सोने का भाव 1,776 डॉलर प्रति आउंस रहा जबकि चांदी का भाव 18.10 डॉलर प्रति आउंस रहा। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियन एनालिस्ट (कमोडिटीज) तपन पटेल ने बताया कि अमेरिका समेत दुनिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्था में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों की वजह से सोने के भाव को सपोर्ट मिलेगा।


सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में इन्वेस्ट करने का मौका


बता दें कि आज सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड  के 2020-21 सीरीज के चौथे चरण के स​ब्सक्रिप्शन भी खुल चुका है। ऐसे में अगर आप भी इसमें सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में इन्वेस्ट करना चाहते हैं तो आपके पास 10 जुलाई तक का मौका है। इस बार इश्यू प्राइस 4,852 रुपये प्रति ग्राम तय किया गया है। साथ ही, ऑनलाइन आवेदन करने और पेमेंट करने वाले इन्वेस्टर्स के लिए हर ग्राम के सोने पर 50 रुपये की छूट भी मिलेगी। ऑनलाइन इन्वेस्टर्स के लिए इश्यू प्राइस 4,802 रुपये प्रति ग्राम होगा।


सुशांत की आत्महत्या में आया नया मोड़

मुंबई। सोशल मीडिया में ये मैसेज बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है कि सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर दिशा सालियान (Disha Salian) बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली के बच्चे की मां बनने वाली थी, इसलिए उन्होंने 14 मंजिला इमारत से कूदकर अपनी जान दे दी। इस पर दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान (Disha Salian) के परिवार ने सोशल मीडिया पर दिवंगत मैनेजर (दिशा) के बारे में लगाए जा रहे कयासों पर प्रतिक्रिया देते हुए एक बयान जारी किया है।


बयान में कहा गया है, “जो कोई भी यह पढ़ रहा है, आप शायद हमें और दिशा को व्यक्तिगत रूप से जानते होंगे या नहीं जानते होंगे, लेकिन हम सभी में एक चीज समान है। हम सभी इंसान हैं और महसूस करने की क्षमता रखते हैं। इस प्रकार हम आशा करते हैं कि आप सभी हमारे दर्द को समझते हैं।


लालू यादव के डॉक्टर भी निकले संक्रमित

रायपुर। झारखंड में सोमवार को 9 जिलों में कोरोना के 39 नए संक्रमित मरीज मिलने के साथ ही राज्य में कोरोना पॉजिटिव की संख्या बढ़कर 2854 हो गई है। 6 जुलाई को मिले 39 नए कोरोना पॉजिटिव में लोहरदगा के सिविल सर्जन भी Covid-19 पॉजिटिव पाए गए हैं। लोहरदगा सिविल सर्जन के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद कोरोना के राडार पर लोहरदगा जिले का पूरा स्वास्थ्य महकमा के साथ-साथ जिला प्रशासन भी आ गया है, क्योंकि कोरोना काल में सिविल सर्जन कई महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लेते रहे हैं। ऐसे में उनकी कांटेक्ट ट्रेसिंग लिस्ट काफी लंबी हो सकती है। वहीं, इलाज के दौरान अभी तक 20 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत हुई है। सोमवार को प्रदेश में मिले 39 कोरोना पॉजिटिव मरीजों में से 4 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, इनमें से एक RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद की सुरक्षा में तैनात जवान भी शामिल है। गनीमत यह रही कि पुलिसकर्मी छुट्टी से लौटा था और ड्यूटी जॉइन करने से पहले उसकी जांच कराई गई तो वह कोरोना पॉजिटिव निकल गया।


किस-किस जिले में मिले कितने मरीज


चतरा में 03, पूर्वी सिंहभूम में 12, हजारीबाग में 04, कोडरमा में 02, लातेहार में 01, लोहरदगा में 02, पलामू में 01, रांची में 10 और सरायकेला में 04 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। हालांकि, लोहरदगा में 03 और पॉजिटिव केस मिले हैं पर उसकी पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने अभी नहीं की है।


राज्य में कोरोना के अभी 766 एक्टिव मरीज


सोमवार को जहां कोरोना के 39 नए केस मिले हैं, वहीं अलग-अलग जिलों के 23 कोरोना पॉजिटिव मरीज ठीक भी हुए हैं। इस तरह अभी राज्य में कोरोना के 766 एक्टिव केस है और सभी का इलाज अलग-अलग कोविड सेंटर में चल रहा है। राज्य में आज ठीक हुए 23 संक्रमितों को मिलाकर 2068 कोविड संक्रमित ठीक होकर घर लौट गए हैं।


राज्य में सबसे ज्यादा संक्रमित हैं प्रवासी


राज्य में कोरोना संक्रमितों में सबसे अधिक संख्या प्रवासियों की है। 2854 संक्रमितों में से 2109 प्रवासी हैं जो कि लॉकडाउन में अपने राज्य लौटे और कोरोना पॉजिटिव पाए गए। राज्य में 45643 संदिग्ध को संस्थागत क्वारंटाइन सेंटर में जबकि 281305 संदिग्ध को होम क्वारंटाइन में रखा गया है।


झारखंड में कोरोना के आंकड़े


राज्य में कोरोना का 7डेज ग्रोथ रेट है 2.32. वहीं देश में यह 3.5 प्रतिशत है। राज्य में अभी 30.17 दिन में दुगुणा होने की रफ्तार है, जबकि देश का आंकड़ा 20.17 दिन का है। राज्य में कोरोना का रिकवरी रेट 72.46 प्रतिशत है. वहीं, देश का औसत कोरोना रिकवरी रेट 60.86 प्रतिशत है। सूबे कोरोना पीड़ितों की मृत्यु दर 0.70 प्रतिशत है जबकि देश का यह 2.82 प्रतिशत है।


अपराधियों को उनकी जगह पहुंचाइए

बृजेश केसरवानी


लखनऊ। कानपुर कांड के बाद शनिवार रात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माफिया और आपराधिक गिरोह पर टूट पड़ो की नीति के तहत कठोरतम कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस दुर्दांत वारदात के बाद सीएम योगी ने एक बार फिर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से साफ कहा कि अपराधियों को वहीं पहुंचाइए, जहां उनकी जगह है।


उन्होंने माफिया को नए सिरे से सूचीबद्ध कर अभियान के तहत उन पर शिकंजा कसने का भी कड़ा निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर कांड में फरार हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे व उसके साथियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए पुलिस को एक सप्ताह का समय दिया है। कानपुर कांड के बाद अब एक बार फिर सूबे में अपराधियों के खिलाफ ऑपरेशन क्लीन चलने के साफ संकेत हैं।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार रात डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी व सभी एडीजी जोन के साथ समीक्षा बैठक की। सभी जोन में अपराधियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की समीक्षा भी की। वाराणसी जोन व गौतमबुद्धनगर में अपराधियों के विरुद्ध हुई कार्रवाई पर संतोष जताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अन्य जोन में भी इसी तर्ज पर कार्रवाई का कड़ा निर्देश दिया। जिन जोन में कार्रवाई कम रही, उन्हें अल्टीमेटम भी दिया। कहा कि कोरोना के चलते बीते दिनों बहुत कुछ प्रभावित रहा। अब पुलिस माफिया को नए सिरे से सूचीबद्ध करे और लगातार कार्रवाई की जाए। अपराधियों में पुलिस का भय कायम रहना चाहिए।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सभी एडीजी जोन फील्ड में जाएं। जिलों में जाकर बैठक करें और अपराधियों की सूची व उनके विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की नियमित समीक्षा भी जरूर करें। डीजीपी ने भी अधीनस्थों को बड़े से लेकर छोटे अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने का कड़ा निर्देश दिया है। कहा कि वांछित आरोपितों से लेकर पुराने अपराधियों के विरुद्ध दर्ज मामलों की समीक्षा के साथ ही कोर्ट में प्रभावी पैरवी की जाए। डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कानपुर कांड में अब तक 150 से अधिक स्थानों पर दबिश दिए जाने से लेकर अन्य बिंदुओं पर की जा रही कार्रवाई की पूरी जानकारी दी। बताया कि हर स्तर पर फरार आरोपितों की तलाश कराई जा रही है।


महिला पीसीएस ने फांसी लगा दी जान

ड्राइवर से किसी बात पर नाराज थीं मणि मंजरी…


लखनऊ/बलिया। बलिया में पीसीएस अधिकारी मणिमंजरी ने फांसी लगाकर जान दे दी। उनकी तैनाती मनियर नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी (ईओ) के पद पर थी। आवास विकास कालोनी में पंखे के हुक से लटकती उनकी लाश मिली। सूचना मिलते ही डीएम हरि प्रताप शाही व एसपी देवेन्द्र नाथ के साथ ही फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया एवं साक्ष्य जुटाए। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट भी मिला है। सुसाइड नोट और अधिशासी अधिकारी की कॉल डिटेल के जरिए आत्महत्या की वजह की जांच में जुट गई है।
गाजीपुर के भांवरकोल की रहने वाली (30 वर्षीय) मणिमंजरी राय की तैनाती करीब दो साल पहले मनियर नगर पंचायत के ईओ पद पर हुई थी। वह जिला मुख्यालय पर आवास विकास कॉलोनी में किराये के मकान में रहती थी और यहीं से मनियर आना-जाना था।
दरवाजा तोड़कर फंदे से उतारा गया शव…..
कई फ्लैट वाले बड़े मकान में तीसरे तल पर अधिशासी अधिकारी मणि मंजरी राय का फ्लैट था। सोमवार को वह घर में अकेले ही थी। उनके फ्लैट के बगल वाले फ्लैट में रहने वाली एक महिला को ईओ के कमरे की खिड़की के शीशे से कुछ हिलता हुआ दिखाई दिया। आसपास के लोगों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। उसके बाद डायल 112 और पुलिस को इसकी सूचना दी गई। दरवाजा तोड़कर पुलिस अंदर पहुंची तो बेड के ऊपर ही फंदे पर मणि मंजरी राय का शव लटक रहा था। टीम ने पूरी जांच पड़ताल करने के बाद शव को नीचे उतारा। देर रात तक डीएम-एसपी मौके पर मौजूद रहे।
शव के पास ही मिला सुसाइड नोट…..
पीसीएस अधिकारी द्वारा आत्महत्या किए जाने की खबर मिलने पर संयुक्त मजिस्ट्रेट विपिन कुमार जैन व अन्नपूर्णा गर्व के अलावा सदर तहसीलदार शिवसागर दुबे, नायब तहसीलदार जया सिंह, ईओ बांसडीह सीमा राय, ईओ सिकंदरपुर संजय राव समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिशासी अधिकारीके शव के पास एक सुसाइड नोट मिला। इसमें उन्होने लिखा- मैं दिल्ली-मुंबई से बचकर बलिया में चली आई। लेकिन, यहां मुझे रणनीति के तहत फंसाया गया है। इससे मैं काफी दुखी हूं, लिहाजा मेरे पास आत्महत्या करने के लिए अलावा कोई विकल्प नहीं है। हो सके तो मुझे माफ कर दीजिएगा।पुलिस सूत्रों के मुताबिक अधिशासी अधिकारी को किसने जान-बूझकर और किस मामले में फंसाया, इसमें कौन-कौन लोग हैं, यह सब जांच का विषय है।
ड्राइवर को भगा दूसरे चालक को बुलाया था…..
मनियर नगर पंचायत से जुड़े लोगों के अनुसार बीते शनिवार को अधिशासी अधिकारी मणि मंजरी राय व उनके चालक के बीच कोई बात हुई थी, वह अपने चालक से काफी नाराज थीं। नगर पंचायत पहुंचते ही उन्होने अपने चालक को भगा दिया था और नगर पंचायत अध्यक्ष को फोन कर दूसरा चालक बुलाया था। वह चालक राय को मनियर से लगभग चार किलोमीटर दूर छितौनी ग्राम सभा तक छोड़कर लौट गया था। वहां से मणि मंजरी राय अपनी गाड़ी स्वयं ड्राइव करते हुए बलिया स्थित आवास विकास कॉलोनी के अपने मकान में पहुंची थी। इसके बाद वह मनिया नगर पंचायत नहीं गईं और सोमवार की देर रात फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया।
पीसीएस अधिकारी मणि मंजरी राय ने सुसाइड क्यों किया यह अभी स्पष्ट नहीं है। हालांकि उन्होने कमरे में सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें स्वयं को साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया है। एसपी देवेंद्रनाथ का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है, जल्द खुलासा किया जाएगा। (8 जुलाई 2020)


विशेष संवाददाता विजय आनंद वर्मा


नेपाल ने तटीय बांध तोड़ने की धमकी दी

कविता गर्ग


नई दिल्ली। नेपाल के रौतहट जिला प्रशासन ने बंजरहा के पास भारतीय सीमा में नो मेंस लैंड से सटे हुए लालबकेया नदी के तटबंध के एक हिस्से को हटाने को कहा है। नेपाल ने इसे नहीं हटाने पर इसे तोडऩे की धमकी दी है।


नेपाल का दावा है कि बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग ने दो मीटर चौड़ा और 200 मीटर लंबा तटबंध नो-मेंस लैंड को अतिक्रमित कर बनाया है। नेपाल ने कहा है कि इसे हटाया नहीं गया तो इसे तोड़ कर हटा देंगे। इधर खतरा इस बात का है कि बरसात के इस मौसम में अगर तटबंध को हटाया गया, तो इलाके के लोगों को बाढ़ से जान-माल का भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। रौतहट के डीएम वासुदेव घिमिरे ने प्रेस कॉन्फे्रंस कर नेपाली मीडियाकर्मियों से कहा है कि दोनों देशों की भू-मापक टीम द्वारा की गयी पैमाइश में पाया गया है कि  11 स्थानों पर पिलर बनाया गया है। मापी में पाया गया है कि बांध को कहीं दो मीटर तो कहीं एक मीटर नो-मेंस लैंड को अतिक्रमित कर बनाया गया है।


बताया कि दोनों देशों के सुरक्षाकर्मियों व अधिकारियों की उपस्थिति में नो-मेंस लैंड को अतिक्रमण कर बागमती तटबंध बनाने की पुष्टि के बाद नो-मेंस लैंड को खाली करने पर सहमति बनी है। नो-मेंस लैंड के बीच में बने पिलर से 9.1 मीटर उत्तर व दक्षिण अथाज़्त 18.2 मीटर नो-मेंस लैंड की जमीन पहले से ही निर्धारित है। नो-मेंस लैंड की जमीन पर कोई निर्माण कार्य नहीं होना है। इसके बावजूद भी वहां तटबंध बना दिया गया है। रौतहट डीएम ने यहां तक कह दिया कि नो-मेंस लैंड पर बने बांध को हटाने पर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच सहमति बन गयी है। इसके बावजूद भी बांध को नहीं हटाया गया, तो नेपाल सरकार स्वयं बांध हटा देगी।


अंतरराष्ट्रीय कोर्ट पहुंचा उइगर मामला

कविता गर्ग


बीजिंग। चीन में उइगर समुदाय पर जारी मानवाधिकार उल्लंघन और शोषण का मामला अब इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट पहुंच गया है। उइगर समुदाय से जुड़ी संस्था ईस्ट टर्किश गर्वमेंट और ईस्ट तुर्किस्तान नेशनल अवेकनिंग मूवमेंट ने चीन के खिलाफ कोर्ट में उइगर समुदाय के नरसंहार, मानवाधिकार उल्लंघन और शोषण का मामला दर्ज कराया है।


उइगर समुदाय की निर्वासित सरकार ने कोर्ट से कहा है कि वह बीजिंग को उइगर नरसंहार और क्राइम अगेंस्ट ह्यूमैनिटी के मामलों में सवाल करे। ये पहला मामला है जब चीन से अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अंतर्गत उइगर समुदाय पर जारी अत्याचार से संबंधित पूछताछ की जा सकती है।


लंदन के वकीलों के एक समूह ने चीन में उइगर समुदाय पर जारी अत्याचार और हजारों उइगरों को कानून का उल्लंघन कर कंबोडिया और तजिकिस्तान डिपोर्ट किये जाने के संबंध में शिकायत दर्ज कराई है। इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने भी मामले में रूचि जाहिर की है और चीन पहली बार जांच के घेरे में आ सकता है। इस केस में जिनपिंग समेत कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार से जुड़े 80 लोगों पर उइगर समुदाय के नरसंहार का आरोप लगाया गया है। वहीं आशंका जतायी जा रही है कि इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट में नरसंहार, युद्ध अपराध और अन्य मानवाधिकार हनन के अंतरराष्ट्रीय मामलों की सुनवाई होती है। तो इस बात का पूरा शक है कि चीन इस कोर्ट के अधिकार क्षेत्र को नहीं मानेगा और जांच के लिए तैयार होगा।


अपील दायर करने वाले वकीलों में से एक रॉनडी डिक्सन ने कहा कि नरसंहार के मामलों में कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में चीन भी आता है। चीन और कंबोडिया दोनों देश कोर्ट के सदस्य हैं और इस नजर से ये एक निजी नहीं अंतरराष्ट्रीय मामला भी है। उन्होंने कहा कि ये बेहद अहम केस साबित हो सकता है।क्योंकि चीन को मानवाधिकारों के हनन और उइगर नरसंहार के लिए अभी तक किसी भी जवाबदेही का सामना नहीं करना पड़ा है।


मुठभेड़ में जवान शहीद, आतंकी मारा

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के गुसो सेक्टर में मंगलवार सुबह से ही भारतीय सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच जारी है। सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में एक आतंकी को मार गिराया है। हालांकि इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों का एक जवान भी शहीद हो गया है।


बताया जा रहा है कि आतंकियों के साथ हो रही मुठभेड़ में फायरिंग के दौरान दो जवान घायल हो गये थे, जिसमें से एक जवान ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे की हालत गंभीर बताई जा रही है। अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार सुरक्षाबलों ने गुसो के एक घर में तीन आतंकियों को घेर रखा है और दोनों ओर से फायरिंग जारी है। सुरक्षाबलों को खुफिया सूचना मिली थी कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के गुसो सेक्टर में कुछ आतंकी छुपे हुए हैं। खबर थी कि आतंकी एक घर में छुपकर किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की योजना तैयार कर रहे हैं।


सूचना के आधार पर सेना ने स्थानीय पुलिस और सीआरपीफ की एक टोली के साथ मिलकर एक टीम तैयार की और इलाके को घेरना शुरू कर दिया। खुद को घिरता देख आतंकियों ने घर के अंदर से ही फायरिंग शुरू कर दी। इस घटना में सेना क एक जवान और जम्मू-कश्मीर पुलिस का एक जवान घायल हो गए। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाके के दौरान एक जवान शहीद हो गया। वहीं सुरक्षा बलों ने भी एक आतंकी को मार गिराया गया है। भारतीय सुरक्षाबलों ने अभी भी पूरे इलाके को घेर रखा है।


मलाईदार पदों को लेकर हुई खींचतान

शंभू नाथ गौतम


नई दिल्ली/भोपाल। कई दिनों की जद्दोजहद करके केंद्रीय नेतृत्व ने पिछले दिनों सीएम शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच मंत्री पद पाने के लिए मची खींचतान को केंद्रीय नेतृत्व बड़ी मुश्किल से सुलझा पाया था । हाल ही में हुए मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल गठन में सिंधिया शिवराज सिंह से बाजी मार ले गए थे । सिंधिया का राज्य सरकार में बढ़ता जा रहा कद सीएम शिवराज सिंह के लिए नाक का सवाल बन गया है । मंत्रिमंडल गठन को 4 दिन पूरे हो गए हैं उसके बाद भी विभागों का अभी तक बंटवारा नहीं हो सका है । एक बार फिर सिंधिया ने अपने गुट के बने मंत्रियों को मलाईदार विभाग देने के लिए केंद्रीय नेतृत्व पर दबाव डाल रखा है । सिंधिया के इस कदम से चौहान एक बार फिर मुश्किल पड़ गए हैं । इस मामले को सुलझाने के लिए चौहान एक बार फिर दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं । रविवार शाम अचानक मुख्यमंत्री चौहान दिल्ली पहुंच गए । राजधानी में शिवराज ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की है । उसके बाद उन्होंने केंद्रीय संगठन के नेताओं से भी मिलकर इस मसले को सुलझाने की पैरवी कर रहे हैं। लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया की भाजपा केंद्रीय नेतृत्व में इतनी गहरी पैठ हो चुकी है कि शिवराज सिंह को ही मुख्यमंत्री बनने के बाद कई बार समझौता भी करना पड़ा है । मंत्री नहीं बनाए जाने से नाराज व एक दिन पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को पत्र लिखने वाले पूर्व मंत्री व विधायक अजय विश्नोई ने फिर पार्टी की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं।


ज्योति राजे सिंधिया मध्यप्रदेश सरकार में अपनी हिस्सेदारी बराबर चाहते हैं—


ज्योतिरादित्य सिंधिया जब से भाजपा का दामन थामा है तभी से मध्य प्रदेश की राजनीति को लेकर बहुत ही एक्टिव नजर आ रहे हैं । सिंधिया शिवराज सिंह चौहान की सरकार में अपनी बराबर की हिस्सेदारी चाहते हैं, लेकिन यह शिवराज को हजम नहीं हो रहा है । तभी मध्य प्रदेश सरकार के हर एक फैसले को लेकर दोनों नेता आए दिन दिल्ली में अपनी-अपनी फरियाद लेकर पहुंच जाते हैं । हम आपको बता दें कि शिवराज सिंह सरकार में सिंधिया समर्थकों के 12 विधायक मंत्रिमंडल में शामिल किए गए हैं । जिनमें से सात को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है । इन्हीं कैबिनेट मंत्रियों को लेकर सिंधिया अहम विभाग पाने के लिए केंद्रीय भाजपा आलाकमान पर दबाव बढ़ा रहे हैं । मंत्रिमंडल के गठन के बाद अभी तक राज्य सरकार के मंत्रियों को विभागों का बंटवारा नहीं किया जा सका है । सिंधिया के जबरदस्त हस्तक्षेप होने से शिवराज सिंह चौहान इस बार खुलकर अपनी सरकार नहीं चला पा रहे हैं । भाजपा के सामने यह मुश्किल भी है कि सिंधिया खेमे के साथ कांग्रेस से भाजपा में लौटे हरदीप डंग, बिसाहूलाल सिंह और एंदल सिंह कंसाना को भी विभाग देने हैं। ये तीनों कैबिनेट मंत्री बने हैं।


गठबंधन हो या समर्थन वाली सरकारों में नहीं बैठ पाता है सामंजस्य–


हम आपको देश की राजनीति में 24 वर्ष पीछे लिए चलते हैं । वर्ष 1996 में जब केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार गिर गई थी । उसके बाद एच डी देवगौड़ा के नेतृत्व में कई दलों ने मिलकर सरकार बनाई थी, देवगौड़ा उस समय प्रधानमंत्री बने थे । कुछ समय बाद ही केंद्र सरकार में खींचतान शुरू हो गई थी । आखिरकार सरकार को देवगौड़ा चला नहीं पाए और एक साल के अंदर ही उन्होंने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था । उसके बाद कांग्रेस समेत कई दलों ने इंद्र कुमार गुजराल को प्रधानमंत्री बनाया था । गुजराल भी अपनी सरकार खुलकर नहीं चला पाए थे उन्हें भी लगभग 1 साल के अंदर का प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था । उसके बाद वर्ष 1998 में लोकसभा चुनाव हुए थे फिर अटल बिहारी वाजपेयी ने कई दलों के साथ सरकार बनाई थी । लेकिन अगले साल वर्ष 1999 में अटल की भी सरकार गिर गई थी । हम अगर बात करें उत्तर प्रदेश में तो भाजपा-बसपा की भी मिली-जुली सरकार बनी थी, यह भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सकी । उसके बाद सपा और बसपा ने जब यूपी में अपनी सरकार बनाई उसका भी यही हाल रहा था । मौजूदा समय में अगर महाराष्ट्र की बात करें तो वहां भी शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन की सरकार चल रही है । महाराष्ट्र सरकार में तीनों दलों के बीच खींचतान मची रहती है।


'आप' ने बिगाड़ा, भाजपा संभाल रही

डॉ दिलीप अग्निहोत्री
नई दिल्ली। दिल्ली में आप सरकार कोरोना आपदा प्रबंधन में पूरी तरह विफल साबित हुई है। इसलिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह स्थिति संभालने के लिए निकलना पड़ा। उन्होंने दिल्ली की बेहाल स्वास्थ सेवाओं व जांच पर ध्यान दिया। अनेक सुधार किए। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के सीमावर्ती यूपी व हरियाण सरकार से संवाद किया। अब साझा रणनीति के तहत स्थिति को संभालने का प्रयास किया जाएगा। दिल्ली से जिस प्रकार एक साथ लाखों श्रमिकों का पलायन शुरू हुआ,उसके पीछे तो लापरवाही ही नहीं बल्कि साजिश की भी आशंका व्यक्त की जा रही है। ऐसी भयावह स्थिति में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिम्मेदारी  से काम किया। उन्होंने करीब चालीस लाख श्रमिकों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने का कार्य किया। इसी के साथ दूसरे राज्यों से आने वाले श्रमिकों की जांच की गई। उनको आवश्यकता के अनुरूप चिकित्सा,राशन किट व एक हजार रुपये भी दिए गए। इसी दौरान उत्तर प्रदेश में श्रमिक कामगार सेवायोजन आयोग गठित हो गया। सवा करोड़ श्रमिकों कामगारों को रोजगार भी मिल गया। योगी ने यह सब ना किया होता तो अरविंद केजरीवाल सरकार की अदूरदर्शिता बहुत दिल्ली के साथ ही उत्तर प्रदेश,हरियाणा, बिहार आदि के लिए भारी समस्या पैदा कर देती। स्पष्ट है कि आप के द्वारा पैदा की गई विकट समस्या का समाधान योगी आदित्यनाथ ने किया। उधर दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह ने मोर्चा संभाला। उन्होंने दिल्ली की सीमा से लगे उत्तर प्रदेश व हरियाणा के मुख्यमंत्रियों से बात की। अब सभी लोग समन्वय के साथ आप सरकार द्वारा बिगाड़ी गई स्थिति का समाधान करेंगे। योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली से पलायन करने वाले श्रमिकों की समस्या का बेहतरीन समाधान करके दिखा दिया। दिल्ली की आप सरकार ने समस्या का समाधान नहीं कर सकी। कुछ दिन तो विज्ञापन के बल पर निकल गए। लेकिन जनता की नाराजगी के बाद उनको सच्चाई स्वीकार करनी पड़ी।  उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने कहा कि अकेले दिल्ली में लाख से ज्यादा कोरोना केस हो जाएंगे। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि  दिल्ली के अलावा अन्य राज्यों के लोगों का इलाज नहीं किया जाएगा। बिडम्बना देखिए अरविंद केजरीवाल स्वयं दिल्ली के नहीं है। फिर दिल्ली सरकार ने इलाज की बात भी बन्द कर दी। कहा कि  बीमार व्यक्ति घर पर ही कवारन्टीन रहें। केजरीवाल का कथित प्रबंधन देखिए,उन्होंने दिल्ली के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक तक नहीं की। यह कार्य भी अमित शाह ने किया। केजरीवाल सरकार कोरोना काल में जरूरतमन्दों के लिए भोजन दवा तक की व्यवस्था करने में विफल रही थी। दिल्ली के अलावा महाराष्ट्र,पश्चिम बंगाल की सरकार भी राजनीति करती रहीं,ये सभी आपदा प्रबंधन में फेल रही। अपनी वोटबैंक राजनीति के कारण इन्होंने केंद्र सरकार की गाइडलाइन के विपरीत आचरण किया। इसी के तहत तबलीगी जमात पर नकेल नहीं कसी गई।  प्रवासी मजदूरों को सहायता नहीं दी गई,इस कारण वह पलायन के लिए विवश हुए। जब केंद्र सरकार ने मजदूरों के हित में ट्रेन चलाने की घोषणा की तो ममता बनर्जी ने ट्रेन लेने से इनकार कर दिया। लॉकडाउन के समय दिल्ली में  साजिश के तहत मजदूरों के बीच भ्रामक सूचना पहुंचाई गई कि बॉर्डर पर बसें खड़ी हैं। आप सरकार की लापरवाही के चलते एक सौ सात देशों से ज्यादा कोरोना केस अकेले दिल्ली में हो गए।
आप संस्थापको में एक कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली सरकार आपदा प्रबंधन की जगह विज्ञापन और मीडिया मैनेजमेंट में लगी रही। जबकि अमित शाह ने राजनीति से ऊपर उठकर प्रबंधन पर अमल शुरू किया। उन्होंने दिल्ली के स्वास्थ व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। अस्पतालों का निरीक्षण किया। इसके बाद दिल्ली एनसीआर की  बैठक बुलाई। इसमें दिल्ली,हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री शामिल हुए। इसमे केंद्र व तीनों राज्यों की साझा रणनीति बनाई गई। रैपिड एंटीजन टेस्टिंग का उपयोग कर संक्रमण फैलने की दर कम करने और मरीजों को जल्द से जल्द अस्पताल में भर्ती करने पर जोर दिया।


पागल सियार में 19 को किया घायल

पागल सियार ने 19 को किया घायल


विकी कुमार


गाजीपुर। नंदगंज थाना क्षेत्र के कोरयाडीह सम्मनपुर गांव में सोमवार की रात पागल सियार हमला कर लगभग दो दर्जन लोगों को घायल कर दिया। घायलों का उपचार प्राथिमक स्वास्थ्य केंद्र पर कराया गया। घटना के संबंध में ग्राम प्रधान इरफान अहमद की माने तो कोरयाडीह सम्मनपुर गांव में सोमवार की रात करीब 9 से 12 के बीज घर के बाहर सोए लोगों के ऊपर पागल सियार ने हमला कर दिया। इस हमले में चन्द्रिका यादव (60),पंकज कुमार (20), तारा देवी (40),अंचल राम (25), शैलेन्द्र कुमार (30),अमरनाथ (45), संजय यादव (35),सनोज यादव (28), अभिषेक यादव (15), धर्मपाल यादव (35),सीमा यादव (30),वीनीत यादव (30), अजीत यादव (25),परमजीत कुमार (18),आनन्द राम (20), शुभम राम (20), मुकेश कुमार (20),जंगबहादुर यादव (50), रमेश पाल (55) घायल हो गए। आनन-फानन में लोग घायलों को प्राथमिक स्वास्थय केन्द्र देवकली लाए। डा. धर्मेन्द्र कुमार पांडेय, मुकर्रम जसीम ने सभी घायलों को एआरबी इन्जेक्शन लगाकर मरहम पट्टी किया। सियार के इस हमले से ग्रामीणों में भय व्याप्त है।



हाइब्रिड बीजों पर नहीं मिलेगी सब्सिडी

हाइब्रिड बीजों पर किसानों को नहीं मिलेगी सब्सिडी ।

अमानीगंज/अयोध्या। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि तथा लॉकडाउन की मार झेल रहे किसानों को सरकार ने एक और झटका दिया है। प्रदेश सरकार ने हाइब्रिड धान के बीज पर मिलने वाली सब्सिडी खत्म कर दी है। अब किसानों को सिर्फ केंद्र सरकार की ही सब्सिडी मिलेगी। पिछले वर्ष तक इन पर 50 फीसदी सब्सिडी मिली थी। अयोध्या जनपद में हाइब्रिड धान का बीज मुहैया कराने वाली अनुबंधित कंपनियों द्वारा किसानों को बिल न दिए जाने से यह मुसीबत और भी बढ़ गई है। बिल न मिलने से किसान सब्सिडी के लिए आवेदन ही नहीं कर पा रहे हैं।

किसानों की आय और उपज बढ़ाने के लिए विगत वर्षों में अनुदान पर दिए जाने वाले धान के हाइब्रिड बीजों पर इस वर्ष सब्सिडी न मिलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। महंगे दामों पर मिलने वाले हाइब्रिड बीजों का प्रचलन किसानों में बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा हाइब्रिड बीजों की खरीद पर सब्सिडी दी जाती थी। हाइब्रिड बीजों पर किसानों को 50% तक की सब्सिडी डीवीटी के माध्यम से उनके खातों में दी जाती थी।

घटौली निवासी किसान रमापति पाण्डेय ने बताया कि उन्होंने कृषि विभाग द्वारा अधिकृत शुभम बीज भंडार खंडासा से पायनियर कंपनी का 27 पी 31 बीज क्रय किया था लेकिन दुकानदार द्वारा बताया जा रहा है कि इस वर्ष कंपनी द्वारा बिल बुक नहीं मुहैया कराई गई है जिससे बिल नहीं दिया जाएगा। कोटिया निवासी किसान योगेंद्र प्रताप ने बताया कि उन्होंने भी उक्त दुकान से ही हाइब्रिड बीज क्रय किया था लेकिन दुकानदार ने बताया कि इस बार सब्सिडी नहीं मिलेगी।

अमानीगंज बीज गोदाम के प्रभारी राजकुमार सिंह ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा अधिकृत दुकानों से बीज क्रय करने वाले किसानों को खरीद का बिल न दिए जाने से अनुदान के लिए उनका प्रस्ताव नहीं भेजा जा रहा है। 

जिला कृषि अधिकारी अयोध्या ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी खत्म कर दी गई है सिर्फ केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी ही किसानों को मिल सकेगी वह भी इस वर्ष लक्ष्य कम होने के कारण कम किसानों को ही सब्सिडी मिल सकेगी।

रिलायंस पूंजीकरण 12 लाख करोड़ पार

नई दिल्ली। लाकडाउन में जियो प्लेटफॉर्म्स में एक लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश और जियोमीट ऐप के आमजन को उपलब्ध कराये जाने के बीच मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सोमवार को नया धमाल किया और उसका बाजार पूंजीकरण 12 लाख करोड़ को पार कर गया।


शेयर बाजारों में देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस के शेयरों में आज कारोबार की शुरुआत से ही रिकार्ड तेजी देखने को मिली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर रिलायंस के शेयर ने अब तक के शिखर 1858 रु के स्तर को छुआ। बाजार बंद होने पर कंपनी का बाजार पूंजीकरण 12 लाख 16 हजार करोड़ रुए आंका गया। बारह लाख करोड़ का मार्केट कैप आंकड़ा आज तक देश की कोई भी कंपनी नहीं छू सकी है। सोमवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर रिलायंस के दो करोड़ 16 लाख से अधिक शेयरों की खरीद फरोख्त हुई। शेयर शुक्रवार के बंद भाव से 3.75 प्रतिशत ऊपर 1855 रु पर बंद हुआ।


रिलायंस के शेयर का बाजार पूंजीकरण 11.76 लाख करोड रुपये और 957 रुपये कीमत से आंशिक भुगतान वाले शेयर का 40442 करोड रुपये मिलाकर 12.16 लाख करोड रुपये यानी 163.1अरब डालर हो गया। कंपनी ने 19 जून को लक्ष्य से पहले पूरी तरह कर्जमुक्त होने की घोषणा की थी। उसी दिन कंपनी का बाजार पूंजीकरण 11 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गया था। उसके बाद मात्र 11 कारोबारी सत्रों में कंपनी का बाजार पूंजीकर 11 से 12 लाख करोड़ रु को पार कर गया। ब्रोकरेज हाउस भी रिलायंस के शेयर को लेकर तेजी के पक्ष में हैं। एंजेल ब्रोकिंग ने रिलायंस इंडस्ट्रीज को एक्युमुलेट रेटिंग दी है और इसके 1937 रु तक का लक्ष्य तय किया है।


रिलायंस का आंशिक भुगतान वाला शेयर भी सोमवार को अपने उच्चतम स्तर पर था। शेयर 896 रु के भाव पर खुला और 958.70 रु के उच्चतम स्तर को छुआ। बाजार बंद होने पर रिलायंस के आंशिक भुगतान शेयर का भाव 952.90 रु था। रिलायंस जियो ने अपना वीडियो कांफ्रेंसिंग ऐप जियोमीट गुरूवार को लॉन्च किया था। वहीं रिलायंस की अनुषंगी जियो प्लेटफॉर्म्स में शुक्रवार को 12 वें विदेशी निवेश की घोषणा हुई थी। मशहूर कम्प्यूटर चिप निर्माता इंटेल के जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेश की घोषणा के बाद सोमवार को कंपनी के शेयर में खासी तेजी देखने को मिली।


पिछले दो माह में जियो प्लेटफॉर्म्स में हिस्सेदारी बेच कर रिलायंस समूह ने करीब 1.17 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं। कंपनी ने राइट्स इश्यू भी ओवर सब्सक्राइब हुआ था और इसके तहत कंपनी ने 53,124.20 करोड़ रु बाजार से इकट्ठा किए थे। कंपनी डिजिटल कारोबार एवं जियोमार्ट के विस्तार और कर्ज में कमी लाने के लिए इस राशि का इस्तेमाल करना चाहती है। गत ग्यारह सप्ताह में रिलायंस के बाजार पूंजीकरण में 3.7 लाख करोड रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है।


हुड्डा ने विधायक दल की बैठक ली

राणा ओबरॉय


चंडीगढ़। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आज कांग्रेस विधायक दल की बैठक ली। इसमें बरोदा उप चुनाव जीतने की रणनीति पर मंथन किया गया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज बरोदा की जनता पूरी तरह कांग्रेस पार्टी के साथ खड़ी है। क्योंकि कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान बरोदा में खूब विकास के कार्य हुए लेकिन बीजेपी के पास गिनाने के लिए आज कोई भी काम नहीं है। बैठक में एक-एक करके सभी विधायकों ने अपने सुझाव दिए। किरण चौधरी और कुलदीप वत्स ने digital app के जरिए बैठक में हिस्सा लिया और अपने सुझाव दीजिए।


आदमपुर से विधायक कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने उपचुनाव के लिए मुख्यमंत्री खट्टर को चुनौती देकर दमदार शुरुआत की है। इससे पार्टी के तमाम नेताओं और कार्यकर्ताओं में जोश बढ़ा है। इसी जोश, एकजुटता और रणनीतिक प्रबंधन के साथ कांग्रेस इस चुनाव को जीतेगी। किरण चौधरी ने कहा कि आज प्रदेश की जनता बीजेपी से पूरी तरह त्रस्त हो चुकी है। इससे जनता को निजात दिलवाने की जिम्मेदारी कांग्रेस की है। इसलिए कांग्रेस को बरोदा उपचुनाव में धमाकेदार जीत दर्ज करनी है। रघुवीर कादयान ने कहा कि जनता आज महंगाई, अपराध, बेरोजगारी और घोटालों से परेशान है। इस चुनाव में बीजेपी की नाकामियों को जनता के सामने रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव में कांग्रेस की जीत तो तय है। लेकिन हमें जीत का अंतर इतना बड़ा देना है कि बीजेपी दूर-दूर तक मुकाबले में नजर ना आए।


बैठक में कई विधायकों ने राज्यसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा को बरोदा उपचुनाव का इंचार्ज बनाने का सुझाव बैठक में रखा। विधायकों का कहना था कि हल्के में दीपेंद्र सिंह हुड्डा की पकड़ मजबूत है और तमाम नौजवान उनसे जुड़े हुए हैं। इसलिए वह पूरे चुनाव को अच्छे से मैनेज कर पाएंगे।


राव दान सिंह ने कहा कि चुनाव जीतने के लिए बीजेपी सरकार हर तरह के हथकंडे अपनाएगी, जिनका मजबूती से जवाब देना जरूरी है।


बैठक में वरुण मुलाना ने एक शैडो केबिनेट बनाने का सुझाव रखा। सभी विधायकों ने इस पर सहमति जताई। विधायकों का कहना है कि शैडो केबिनेट के ज़रिए तमाम सरकारी महकमों की कारगुजारियों को जनता के सामने अच्छे से एक्सपोज किया जा सकेगा। इससे सरकार की विफलताओं के बारे में जनता को बेहतर तरीके से पता चल पाएगा।


बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष ने प्रेस वार्ता को भी संबोधित किया। इसमें उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में सरकार नाम की चीज नजर नहीं आती। क्योंकि हरियाणा बेरोजगारी, अपराध और घोटालों से घिरा हुआ है। प्रदेश में ना आमजन सुरक्षित है और ना ही पुलिस वाले। बर्खास्त पीटीआई के मुद्दे पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने दोहराया कि सरकार को इनका रोजगार बचाने के लिए अपनी विधाई शक्तियों का इस्तेमाल करना चाहिए। लेकिन सरकार अगर ऐसा नहीं करती है तो कांग्रेस सरकार बनने पर उन्हें वापिस रोजगार दिया जाएगा।


पत्रकारों पर मामला दर्ज कर भेजेंगे जेल

पत्रकारों पर FIR दर्ज कर भेजा जाएगा जेल?जानिए,केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने क्या कहा



नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर तरह-तरह का कुछ न कुछ  आग की तरह फैलता रहता है।जहां इस क्रम में यहां एक यह खबर फैल रही है कि RNI व केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से जो भी अखबार, टीवी न्यूज चैनल और इंटरनेट पर चल रहे वेब पोर्टल रजिस्ट्रर्ड नहीं हैं और वह पत्रकारों की नियुक्ति कर रहे हैं। उनपर कड़ी कार्रवाई होगी। क्योंकि RNI व केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से रजिस्टर्ड न होने पर पत्रकारों को नियुक्त करना और उन्हें प्रेस आईडी कार्ड जारी करना दंडनीय है। इसके अलावा इनसे सम्बन्ध रख और इनके प्रेस आईडी कार्ड लिए जो भी पत्रकार पत्रकारिता कर रहे हैं। उनपर FIR दर्ज करने के साथ उन्हें जेल भेजा जाएगा।यह सभी फर्जी पत्रकार की श्रेणी में आएंगे।


सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस पोस्ट में यह भी दावा किया जा रहा है कि केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ऐसा ऐलान किया है।वहीं, इस दावे में कितना दम है यह फेक खबरों की जांच करने वाली प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो ने बताया है।


PIBFactCheck में यह दावा एकदम गलत पाया गया है।PIBFactCheck के अनुसार, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ऐसा कोई ऐलान नहीं किया है और न ही मंत्रालय में इस प्रकार के प्रस्ताव पर कोई चर्चा है।इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल होने वालीं इस प्रकार की खबरों से सावधान रहें।इनके चक्कर में न फंसे।



बिना काम निगम कर्मचारियों को वेतन

हीरेन्द्र सिंह राठौड़


नई दिल्ली। राजधानी के तीनों नगर निगमों में भ्रष्टाचार जोरों पर है। कहीं टेंडर घोटाले तो कहीं बिना काम किये फर्जी कर्मचारियों को वेतन दिया जा रहा है। यहां तक कि कुछ कर्मचारियों को तो अफसरों ने अपनी निजी सेवा में लगा रखा है। एटूजैड न्यूज को मिले दस्तावेजों में दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के अधिकारियों ने खुद माना है कि कुछ कर्मचारियों को बिना काम के वेतन दिया गया है।


 दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के नजफगढ़ जोन के उप स्वास्थ्य अधिकारी (डीएचओ) कार्यालय ने स्वीकार किया है कि कुछ कर्मचारियों को बिना काम के वेतन जारी किया गया है। मांगी गई जानकारी के जवाब में अधिकारियों ने यह भी कहा है कि ऐसे कर्मचारियों के वेतन से यह राशि भविष्य में काट ली जाएगी। अधिकारियों की नींद तब खुली जब आला अधिकारियों से सबूतों के साथ शिकायत की गई।


निगम के वरिष्ठ अधिकारियों की मिलीभगत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फर्जीवाड़ा स्वीकारे जाने के बावजूद आला अधिकारियों ने संबंधित कनिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ काई कार्रवाई नहीं की। यहां तक कि निगम अधिकारी यह भी नहीं बता पा रहे हैं कि उन्होंने साक्ष्य मिलने और मामला सामने आने के बाद उन कर्मचारियों का वेतन काटा या नहीं।


8 करोड़ सालाना का फर्जीवाड़ा
बताया जा रहा है कि दिल्ली के तीनों नगर निगमों में चल रहा ‘फर्जी हाजिरी घोटाला’ करीब 8 करोड़ रूपये सालाना का है। हर वार्ड में कुछ कर्मचारियों की फर्जी हाजिरी लगाकर वेतन उठाया जा रहा है। बिना काम के भुगतान की जा रही इस करोड़ों रूपये की राशि को नीचे से ऊपर तक बांटा जा रहा है। यही कारण है कि नगर निगमों के आला अधिकारी इस मामले में कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं हैं। ताजा मामला दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के वेस्ट जोन से सामने आया था।
फर्जीवाड़े की भेंट चढ़ीं पौने चार करोड़ की बायोमैट्रिक
बताया जा रहा है कि करीब पौने चार करोड़़ रूपये की बायोमैट्रिक मशीनें नगर निगमों के आला अधिकारियों के फर्जी हाजिरी घोटाले की भेंट चढ़ गई हैं। तीनों नगर निगमों में करीब 4 हजार बायोमैट्रिक मशीनें लगाई गई थीं। लेकिन 2017 के निगम चुनाव के बाद से ही अधिकारियों ने पहले फील्ड और बाद में निगम कार्यालयों से इन बायोमैट्रिक मशीनों को हटाना शुरू कर दिया था। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के अधिकारियों ने एक सवाल के जवाब में खुद माना है कि यहां 1498 बायोमैट्रिक मशीनें लगाई गई थीं, जो कि अब काम नहीं कर रही हैं।
लगाई जा रही हाजिरी रजिस्टर में हाजिरी
तीनों नगर निगमों में अब कर्मचारियों से हाजिरी रजिस्टर में हाजिरी लगवाई जा रही है। इस मामले में भी दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के अधिकारी फर्जीवाड़े में पहले स्थान पर साबित हुए हैं। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के वेस्ट और नजफगढ़ जोन में हाजिरी रजिस्टर में तो हाजिरी लगाई जा रही हैं, लेकिन कर्मचारियों के द्वारा नहीं बल्कि सर्कल इंचार्ज अपनी मर्जी से ए और पी के जरिए हाजिरी और गैर हाजिरी लगाते हैं। ताकि करोड़ों की कमाई के इस फर्जीवाड़े के कोई सबूत सामने नहीं आ सकें।
छिपाए किट, दवाई और मूवमेंट के रजिस्टर
प्राप्त जानकारी के मुताबिक वेस्ट जोन और नजफगढ़ जोन में पिछले सप्ताह तक मूवमेंट रजिस्टर, किट-दवाई व मास्क रजिस्टर में कर्मचारियों से साइन कराए जा रहे थे। लेकिन अब यह रजिस्टर भी छिपा दिए गए हैं। अधिकारी खुद कर्मचारियों के रजिस्टर में मूवमेंट आदि चढ़ा रहे हैं। ताकि यह साबित नहीं हो सके कि कौन कर्मचारी कब आया था और कब नहीं। कर्मचारियों सवाल पर सर्कल इंचार्ज का कहना होता है कि यह डीएचओ के आदेश पर किया जा रहा है।
आरोपी के हाथों में मामले की जांच!
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के वेस्ट जोन में चल रहे फर्जी हाजिरी घोटाले की जांच की जिम्मेदारी उप स्वास्थ्य अधिकारी (डीएचओ) डॉक्टर सौरभ मिश्रा को सोंपी गई है। बता दें कि निगम के आला अधिकारियों को दी गई शिकायत में डॉक्टर सौरभ मिश्रा के ऊपर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पहले तो निगम अधिकारी मामले को दबाए बैठे रहे, लेकिन मामला मीडिया में आने के बाद इसकी जांच की खानापूर्ति की जा रही है। निगमकर्मियों ने सवाल उठाए हैं कि किसी भी आरोपी को अपने खिलाफ जांच की जिम्मेदारी कैसे दी जा सकती है? क्या कोई व्यक्ति अपने खिलाफ जांच करने के बाद खुद को दोषी कह सकता है।


शराब: डब्ल्यूटीओ में शिकायत दर्ज करेंगा आस्ट्रेलिया

सिडनी/ बीजिंग। ऑस्ट्रेलिया ने कहा है कि वो उनके यहाँ बनी शराब पर चीन के शुल्क बढ़ाने के खिलाफ डब्ल्यूटीओ में शिकायत दर्ज करेगा। चीन ने पिछले...