बुधवार, 13 जुलाई 2022

जर्जर अवस्था में चक्की मुख्यालय जाने वाली सड़क

जर्जर अवस्था में चक्की मुख्यालय जाने वाली सड़क

अरक चक्की प्रखंड मुख्यालय मुख्य मार्ग जर्जर अवस्था में
अविनाश श्रीवास्तव
पटना/बक्सर/बेगूसराय। अरक से चक्की प्रखंड मुख्यालय जाने वाली सड़क जर्जर अवस्था में है। आलम यह है, कि सड़क मैं आने जाने में बहुत परेशानी हो रही है। शासन-प्रशासन वहीं से गुजरता है, लेकिन उस पर कोई ध्यान नहीं रहता। ग्रामीणों का कहना है, कि सड़क निर्माण होने के बाद कभी भी उसका सही ढंग से मरम्मत नहीं किया गया। पास में ही धर्मावती नदी होने के कारण बरसात के समय में जब बाढ़ आती है, तब नदी का सारा पानी सडक पर चल जाता है और सडक डूब जाता है। जिससे वह रास्ता बंद हो जाता है और नौका के द्वारा लोग इस पार से उस पार जाते हैं।
पानी में डूबे होने के कारण उस रास्ते का जर्जर स्थिति बना हुआ है। शासन प्रशासन के कई नुमाइंदे आते-जाते हैं, लेकिन किसी की नजर नहीं है। उस सड़क पर अगर इस बार भी बरसात हुई, तो धर्मावती नदी का जल स्तर बढ़ जाएगा और फिर से सडक डूब जाएगी। आने-जाने वाले ग्रामीणों का कहना है कि सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है।

वायु प्रदूषण के खतरे को कम करने के लिए नीति तैयार

वायु प्रदूषण के खतरे को कम करने के लिए नीति तैयार

अकांशु उपाध्याय

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने पृथक करने वाली भौगोलिक पहुंच और कार्य की समयसीमा के माध्यम से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की वायु गुणवत्ता के सम्पूर्ण सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के खतरे को कम करने के लिए एक व्यापक नीति तैयार की है। इस नीति में उद्योगों, वाहनों/परिवहन, निर्माण और विध्वंस (सी एंड डी), सड़कों और खुले क्षेत्रों से धूल, नगरपालिका के ठोस कचरे को जलाने, फसलों की पराली जलाने आदि सहित एनसीआर में वायु प्रदूषण को रोकने, नियंत्रित करने और कम करने के लिए केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और एनसीआर के राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) के साथ केन्द्र सरकार, एनसीआर राज्य सरकारों और जीएनसीटीडी की एजेंसियों और विभागों के लिए क्षेत्रवार सिफारिशें शामिल हैं। सीएक्यूएम द्वारा बनाई गई नीति में ताप बिजली संयंत्रों (टीपीपी), स्वच्छ ईंधनों और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, सार्वजनिक परिवहन, सड़क यातायात प्रबंधन, डीजल जनरेटरों (डीजी), पटाखे फोड़ने से निपटना तथा हरियाली और वृक्षारोपण के माध्यम से वायु प्रदूषण को कम करना शामिल हैं। सीएक्यूएम द्वारा इस व्यापक योजना का दायरा मुख्य रूप से दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण को कम करना है। एनसीआर के उप-क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और प्रणालियों में कमी के कारण, आधारभूत कार्यों में व्यापक बदलाव और शहरीकरण के विभिन्न स्तरों के कारण, विभिन्न उप-क्षेत्रों के लिए एक अलग दृष्टिकोण और समय-सीमा का सुझाव दिया गया है। इन उप-क्षेत्रों में शामिल हैं:-दिल्ली का राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटी)।

दिल्ली के पास एनसीआर जिले – गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, झज्जर, रोहतक, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर और बागपत व अन्य एनसीआर जिले।पंजाब के पूरे राज्य और हरियाणा के गैर-एनसीआर जिलों में, मुख्य रूप से पराली जलाने की घटनाओं का समाधान करने के लिए। भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने आदित्य दुबे (नाबालिग) बनाम एएनआर/यूओआई और अन्य के मामले में डब्ल्यूपी (सिविल) संख्या 1135 ऑफ़ 2020 में दिनांक 16.12.2021 के अपने आदेश में सीएक्यूएम को निर्देश दिया था कि “दिल्ली और एनसीआर में हर साल होने वाले वायु प्रदूषण के खतरे का स्थायी समाधान खोजने के लिए, आम जनता के साथ-साथ क्षेत्र के विशेषज्ञों से भी सुझाव आमंत्रित किए जा सकते हैं।” इसके अलावा, सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, आयोग ने दिनांक 7.1.2022 के आदेश में एक विशेषज्ञ समूह का गठन किया। विशेषज्ञ समूह ने प्राप्त सुझावों पर विचार किया, हस्तक्षेपकर्ताओं और विशेषज्ञों के साथ-साथ विभिन्न हितधारकों और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की। विशेषज्ञ समूह ने प्राप्त सुझावों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में केंद्र और राज्य सरकारों के मौजूदा वैज्ञानिक साहित्य, प्रासंगिक नीतियों, विनियमों, कार्यक्रमों और वित्त पोषण रणनीतियों, कार्रवाई की वर्तमान स्थिति और सर्वोत्तम अभ्यास दृष्टिकोण की समीक्षा और जांच की। प्राप्त सुझाव नागरिक समाज, अनुसंधान निकायों, उद्योग, विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, व्यक्तियों आदि से थे और वायु प्रदूषण, वायु गुणवत्ता प्रबंधन, निगरानी ढांचे और कार्यान्वयन के लिए संस्थागत सुदृढ़ीकरण के प्रमुख क्षेत्रों में शमन से संबंधित थे।

इस बहु-क्षेत्रीय मूल्यांकन के दायरे में उद्योग, बिजली संयंत्र, वाहन और परिवहन, डीजल जनरेटर सेट, निर्माण/विध्वंस परियोजनाएं/सड़कें और खुले क्षेत्रों जैसे नगरपालिका का ठोस कचरा/बायोमास जलाना, पराली जलाने, पटाखे जलाने, अन्य बिखरे हुए स्रोत जैसे धूल के स्रोत, शामिल हैं। हितधारक परामर्श की एक श्रृंखला में प्राप्त इनपुट और सुझावों को संबंधित वर्गों में उचित रूप से शामिल किया गया था और इस भागीदारी दृष्टिकोण ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए एक व्यापक नीति का सुझाव देने की कवायद को समृद्ध किया है।

विशेषज्ञ समूह ने शामिल मुद्दों और जटिलताओं पर विचार करते हुए, अल्पकालिक (एक वर्ष तक), मध्यम अवधि (एक-तीन वर्ष), और दीर्घकालिक (तीन-पांच वर्ष, अधिमानत) कार्यों का सुझाव दिया है। इस समय-सीमा को विभिन्न उप-क्षेत्रों/क्षेत्रों/जिलों/शहरों के लिए अलग-अलग किया गया है ताकि सभी को सामान्य वायु गुणवत्ता लक्ष्य को पूरा करने के लिए परिवर्तन के लिए स्थान प्रदान किया जा सके। मोटे तौर पर, राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों को पूरा करने के उद्देश्य से परिवर्तन के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शामिल हैं:- उद्योग, परिवहन और घरों में किफायती स्वच्छ ईंधन और प्रौद्योगिकी तक व्यापक पहुंच। बड़े पैमाने पर पारगमन, वाहनों के विद्युतीकरण, पैदल चलने और साइकिल चलाने के बुनियादी ढांचे के निर्माण और व्यक्तिगत वाहन के उपयोग को कम करने आदि सहित गतिशीलता परिवर्तन। डंपिंग और जलने को रोकने के लिए कचरे से सामग्री की वसूली के लिए सर्कुलर अर्थव्यवस्था। सी एंड डी कार्यों, सड़कों/मार्गों के अधिकार (आरओडब्ल्यू) और उपयुक्त प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढांचे और हरित उपायों के साथ खुले क्षेत्रों से धूल प्रबंधन। सख्त समयबद्ध कार्यान्वयन, बेहतर निगरानी और अनुपालन। आयोग पहले ही इस नीति को केंद्र सरकार के मंत्रालयों/विभागों, एनसीआर राज्य सरकारों, जीएनसीटीडी और विभिन्न एजेंसियों के साथ इस नीति को साझा कर चुका है ताकि एनसीआर में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए नीति पर व्यापक कार्य किया जा सके।

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का औचक निरीक्षण

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का औचक निरीक्षण

हरिशंकर त्रिपाठी

देवरिया। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बुधवार को उसरा में निर्माणाधीन सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर खामियां मिली, जिस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जनपद में व्यापक लोकहित में चल रही शासन की विभिन्न निर्माण परियोजनाओं को मूल भावना के साथ पूरी पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए।जिलाधिकारी बुधवार को अपराहन उसरा स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट का निरीक्षण करने पहुंचे। 1.59 हेक्टेयर में 75 टीपीडी क्षमता के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का निर्माण नगर पालिका परिषद देवरिया द्वारा कार्य साढ़े सात करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है। इस परियोजना में वेब ब्रिज, प्लेटफार्म, कवर्ड कंपोस्ट शेड आदि का निर्माण कार्य चल रहा है।

जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य में प्रयुक्त ईंटों की गुणवत्ता एवं जुड़ाई में प्रयुक्त बालू सीमेंट के मसाले के अनुपात को मानक के अनुरूप नहीं पाया। इस पर उन्होंने सीएनडीएस के सहायक अभियंता एके सिंह को ठेकेदार की देयता में से 15% की कटौती करने का निर्देश दिया। खराब वर्कमेनशिप एवं पर्यवेक्षण के लिए उन्होंने सीएनडीएस के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि परियोजना की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। इस दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशासन कुँवर पंकज, इओ नगर पालिका रोहित सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद थे।

जिलाधिकारी ने परियोजना के भूमि चयन की जांच एडीएम प्रशासन को सौंपी। जिलाधिकारी ने उक्त परियोजना के लिए भूमि चयन पर कई सवाल पूछे, जिनका संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर उन्होंने एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में एक जांच समिति का गठन किया है। इस समिति में एसडीएम ध्रुव शुक्ला, इओ रोहित सिंह और अधिशासी अभियंता सिंचाई दुर्गेश गर्ग सदस्य होंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि उक्त परियोजना हेतु वर्ष 2018 में 2 करोड़ 41 लाख रुपये की भूमि का क्रय किया गया। शहर से इसकी दूरी 13 किलोमीटर की है। मुख्य मार्ग से सॉलिड वेस्ट प्लांट तक पहुंचने के लिए सड़क बनाने के लिए भी जमीन का क्रय करना होगा, जिसकी लागत का बोझ भी नगर पालिका को उठाना होगा। डीएम ने कहा कि भूमि चयन में प्रथम दृष्टया लापरवाही परिलक्षित हो रही है। भूमि चयन की वजह से परियोजना की कुल लागत अंतिम रूप से काफी बढ़ गई है। उन्होंने जांच समिति को 22 जुलाई तक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

लगातार तीसरे दिन गिरावट, 372 अंक टूटा सेंसेक्स

लगातार तीसरे दिन गिरावट, 372 अंक टूटा सेंसेक्स 

कविता गर्ग 

मुंबई। यूरोपीय बाजारों के कमजोर रुख के बीच स्थानीय शेयर बाजार में बुधवार को लगातार तीसरे दिन गिरावट आई और सेंसेक्स 372 अंक टूट गया। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 372.46 अंक यानी 0.69 प्रतिशत गिरकर 53,514.15 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक का निफ्टी भी 91.65 अंक यानी 0.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16,000 अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे 15,966.65 अंक पर आ गया।

सेंसेक्स कारोबार की शुरुआत में मजबूती पर खुला और दिन चढ़ने के साथ यह 54,211.22 अंक की ऊंचाई तक पहुंच गया। लेकिन यह अपनी बढ़त को कायम नहीं रखा पाया और यूरोपीय बाजारों के नरम पड़ने से 750 अंक तक लुढ़क गया। अंत में यह 53,514.15 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में इंडसइंड बैंक, एचडीएफसी, भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टीसीएस, टाइटन और एचसीएल टेक्नोलॉजीज सर्वाधिक नुकसान में रहीं। वहीं हिंदुस्तान यूनिलीवर, एशियन पेंट्स, सन फार्मा, कोटक महिंद्रा बैंक, एनटीपीसी और नेस्ले फायदे के साथ बंद हुईं।

युवती के साथ गैंगरेप होने का मामला, 1 पकड़ा

युवती के साथ गैंगरेप होने का मामला, 1 पकड़ा 

नरेश राघानी  

जयपुर/भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिलें में कॉलेज परीक्षा देने के लिए आई एक युवती के साथ गैंगरेप होने का मामला सामने आया है। युवती कॉलेज में परीक्षा देने के लिए आई हुई थी। जहां दो आरोपी उसे अपने साथ एक होटल में ले गए। दोनों ने वहां उसके साथ गैंगरेप किया। लेकिन, पीड़िता के शोर मचाने पर आस-पास के लोगों ने एक युवक को पकड़ लिया। जिसकी उन्होंने भरे बाजार जमकर धुनाई की। वहीं, होटल के नीचे खड़ी उसकी गाड़ी को आग के हवाले करने की भी कोशिश की। इस घटना का विरोध इतना बड़ा की भीलवाड़ा के आसींद कस्बे में बाजार पूरी तरह बंद हो गए। मौके पर भारी पुलिस जाब्ता भी तैनात किया गया।

भीलवाड़ा के पुलिस अधीक्षक आदर्श सिद्धू ने बताया कि मामले में पीड़िता ने रिपोर्ट दर्ज कर करवाई की। वह भीलवाड़ा के आसींद में अपनी कॉलेज में परीक्षा देने के लिए आई हुई थी। इसी दौरान खटोला के रहने वाले अजीज और अब्दुल उसके सामने कार लेकर आए। जिन्होंने उसे गांव छोड़ने के बहाने अपने साथ गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद दोनों आरोपी उसे कोई काम बता कर बस स्टैंड के पास जीया पैलेस होटल में ले गए। जहां आरोपियों ने युवती को पानी में कोई नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। जिसके बाद युवती को चक्कर आने लगे। इसी का फायदा उठाकर दोनों आरोपियों ने उसके साथ गैंग रेप किया। अचानक जब युवती को हल्का सा होश आया तो वह जोर से चिल्लाई। जिसके बाद होटल में मौजूद लोग वहां पहुंचे। जिन्होंने अजीज नाम के एक आरोपी को पकड़ लिया। मोहम्मद अब्दुल वहां से बचकर भाग निकला। आरोपी मोहम्मद अजीज को होटल से नीचे लेकर आए जहां उन्होंने उसकी जमकर धुनाई की। और सड़क में खड़ी आरोपी की गाड़ी को आग लगाने के लिए कोशिश की। इस बात की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। जहां आक्रोशित भीड़ के साथ समझाइश की गई। और आरोपी की गाड़ी को जब्त करते हुए आरोपी अजीत को गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल पुलिस मामले में फरार चल रहे दूसरे आरोपी की तलाश में जुटी है।

भीलवाड़ा से आसींद कस्बे में दिनदहाड़े गैंगरेप की इस घटना से लोगों में आक्रोश इतना बढ़ा कि लोगों ने स्वत ही अपनी दुकानें बंद कर दी। कुछ ही मिनटों में आसींद कस्बे का पूरा बाजार बंद हो गया। लोग सड़कों पर इकट्ठे होकर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग पर अड़े रहे। इसको देखते हुए एसपी सिद्दू, एडिशनल एसपी मिश्रा समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। जिन्होंने आक्रोशित भीड़ से समझाइश करने की कोशिश की। जिसके बाद पुलिस ने गैंगरेप का मामला दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। वही मामले में पुलिस का कहना है कि दूसरे आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

पानी में डूबने के कगार पर 229 बटालियन कैंप

पानी में डूबने के कगार पर 229 बटालियन कैंप 

संदीप मिश्र 
गाजीपुर। जिलें में बारिश थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 10 दिनों से हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। लगातार बारिश होने से एक बार फिर मिंगाचल सीआरपीएफ 229 बटालियन कैंप पानी में डूबने के कगार पर है। मिंगाचल नदी का पानी लगातार बढ़ रहा है। बाढ़ से कैंप में तैनात जवानों और कैंप को एक बड़ा नुकसान हो सकता है। जिले में लगातार बारिश से कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है। बारिश से जन-जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। सड़कें पानी में डूब चुकी हैं। बारिश से रोजमर्रा के काम के लिए लोग अपनी जान को जोखिम में डालकर नदी-नाले पार करने पर मजबूर हैं। लगातार बारिश होने से इंद्रावती नदी के आसपास के कई गांव डूबने के कगार पर हैं।

10वीं बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार

10वीं बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार

अकांशु उपाध्याय
नई दिल्ली। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट का छात्रों को बेसब्री से इंतजार है। लेकिन अब तक रिजल्ट जारी होने की डेट्स घोषित नहीं की गई है। बता दें कि रिपोर्ट्स में सीबीएसई 10वीं के नतीजे 15 जुलाई तक जारी होने की बात कही जा रही है। वहीं, कुछ रिपोर्ट्स नतीजे जुलाई माह के अंत तक घोषित होने की जानकारी दे रहे हैं। हालांकि सीबीएसई ने इस मामले में अभी तक किसी भी प्रकार की आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।
ऐसे में छात्रों को सलाह दी जाती है, कि वे सीबीएसई 10वीं बोर्ड रिजल्ट की स्पष्ट तिथियां के लिए बोर्ड के आधिकारिक एलान का इंतजार करें। इधर, शिक्षा मंत्री ने कुछ दिनों पहले ही सीबीएसई को 10वीं, 12वीं बोर्ड का रिजल्ट जल्द जारी करने के निर्देश दिए गए थे। ऐसे में माना यही जा रहा है कि नतीजे इसी माह घोषित किए जाएंगे।
सीबीएसई 10वीं, 12वीं बोर्ड के रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र आधिकारिक वेबसाइट cbseresults.nic.in पर जाकर इसे चेक कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें रिजल्ट लिंक पर जाकर अपने रोल नंबर और जन्मतिथि दर्ज करने होंगे। जिसके बाद रिजल्ट उनकी स्क्रीन पर आ जाएगा।
गौरतलब है कि इस वर्ष सीबीएसई 10वीं, 12वीं बोर्ड परीक्षा 2 टर्म में आयोजित की गई थी। जिसमें दूसरे टर्म की परीक्षा 26 अप्रैल से 15 जून 2022 तक हुई थी। परीक्षा में 35 लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया था। सीबीएसई की ओर से टर्म 1 एवं टर्म 2 के अंकों को मिलाकर अंतिम नतीजे तैयार किए जाएंगे।

कानपुर: सावन का महीना शुरू, 4 बजे से कपाट खुलेंगे

कानपुर: सावन का महीना शुरू, 4 बजे से कपाट खुलेंगे 

संदीप मिश्र
कानपुर। सावन का महीना बृहस्पतिवार से शुरू होने जा रहा है। सावन के पहले दिन भक्तों के लिए कानपुर में सुबह 4 बजे से कपाट खुल जाएंगे। सभी शिवालयों में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। वहीं, सुरक्षा के भी कड़े बंदोबस्त किए जा रहे हैं। इस बार भक्त अपने भगवान का जलाभिषेक कर छू सकेंगे। कोविड के चलते शिवलिंग को स्पर्श करना बीते साल भी प्रतिबंधित था।
सुबह 4 बजे होगी आरती...
सभी शिवालयों में पट सुबह 4 बजे मंगला आरती के बाद खोल दिए जाएंगे। इसके बाद पूरा दिन भक्त दर्शन कर सकेंगे। दोपहर आरती व भोग के लिए जरूर कुछ देर पट बंद रहेंगे। इसके बाद भक्त रात 10 बजे तक दर्शन कर सकेंगे। वहीं गंगा घाटों को भी सजाया जा रहा है।
मंदिर में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग लेन बनाई जाएगी। मंदिर में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग लेन बनाई जाएगी।
परमट मंदिर में सावन में रोजाना लाखों भक्त आते हैं। इस बार मंदिर में आने और जाने के लिए अलग-अलग रास्ते हो सकते हैं। हालांकि इस पर अभी पुलिस-प्रशासन विचार कर रहा है। वहीं मंदिर में सीआरपीएफ और पुलिस के जवान तैनात रहेंगे। सीसीटीवी कैमरों के साथ कंट्रोल रूम बनाया गया है। मजिस्ट्रेट भी तैनात होंगे।
कानपुर के प्रमुख शिवालय आनंदेश्वर मंदिर, सिद्धनाथ मंदिर, बलखंडेश्वर मंदिर, जागेश्वर मंदिर, खेरेश्वर मंदिर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

बहुत तेजी से अपनी एटमी ताकत को बढ़ा रहा है, भारत

बहुत तेजी से अपनी एटमी ताकत को बढ़ा रहा है, भारत 

अकांशु उपाध्याय/सुनील श्रीवास्तव
नई दिल्ली/बीजिंग/इस्लामाबाद। चीन और पाकिस्‍तान के परमाणु हथियारों से चौतरफा घिरा भारत बहुत तेजी से अपनी एटमी ताकत को बढ़ा रहा है। अमेरिकी वैज्ञानिकों की संस्‍था फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्‍ट ने अपनी ताजा रिपोर्ट में खुलासा किया है कि भारत ने 140 से लेकर 210 परमाणु बम बनाने के लिए जरूरी सैन्‍य प्‍लूट‍ोनियम पैदा कर लिया है। हालांकि भारत के पास अभी 160 परमाणु बम ही हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत लगातार लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलें बना रहा है जिससे उसे जल्‍द ही नए परमाणु हथियारों की जरूरत होगी। यही नहीं भारत परमाणु बम को दागने के लिए 4 नए हथियार सिस्‍टम का भी निर्माण कर रहा है। भारत के निशाने पर पाकिस्‍तान था लेकिन अब चीन पर भी पूरा फोकस हो गया है और यही वजह है कि अग्नि- 5 जैसी परमाणु मिसाइल का निर्माण किया जा रहा है।
अमेरिका के दिग्‍गज वैज्ञानिकों ने अपने ताजा परमाणु नोटबुक में कहा कि भारत लगातार तेजी से अपने परमाणु हथियारों के जखीरे को बढ़ा रहा है। उन्‍होंने कहा कि भारत कम से कम 4 नए हथियार सिस्‍टम का निर्माण कर रहा है ताकि वर्तमान परमाणु बम गिराने वाले फाइटर जेट, जमीन और समुद्र आधारित डिल‍िवरी सिस्‍टम को या तो मजबूत बनाया जा सके या उन्‍हें बदला जा सके। इनमें से कई सिस्‍टम पूरा होने की कगार पर हैं और जल्‍द ही युद्ध में अपना लोहा मनवाने के लिए तैयार हो जाएंगे। भारत कथित रूप से 210 परमाणु बम के लिए जरूरी प्‍लूटोनियम के अलावा भी प्‍लूटोनियम को पैदा कर रहा है। भारत के पास अभी 70 से लेकर 150 किलोग्राम प्‍लूटोनियम है। माना जा रहा है कि भारत चीन को ध्‍यान में रखकर जिन मिसाइलों को बना रहा है, उनके लिए परमाणु बम बनाने में अतिरिक्‍त प्‍लूटोनियम का इस्‍तेमाल किया जाएगा।

भारत ने चीन के खिलाफ बढ़ाया फोकस, बढ़ा रहा परमाणु ताकत...

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत पहले अपने परमाणु रणनीति में पाकिस्‍तान को केंद्र में रखता था लेकिन अब उसने चीन पर अपना फोकस काफी बढ़ा दिया है। यही नहीं भारतीय मिसाइलों की रेंज में अब चीन के ज्‍यादातर इलाके आ गए हैं। भारत के पास अब जमीन, हवा और पानी तीनों से ही परमाणु दागने की क्षमता है। वैज्ञानिकों ने कहा कि भारत 8 अलग-अलग तरह के परमाणु क्षमता वाले सिस्‍टम का इस्‍तेमाल कर रहा है। इसमें दो एयरक्राफ्ट, 4 जमीन आधारित और दो समुद्र आधारित मिसाइलें शामिल हैं। इसके अलावा 4 सिस्‍टम अब बनकर तैयार होने की स्थिति में हैं। भारत के सैन्‍य प्‍लूटोनियम को मुंबई में भाभा परमाणु शोध संस्‍थान में बनाया जा रहा है। भारत एक और प्‍लूटोनियम पैदा करने रिएक्‍टर को बनाने की योजना बना रहा है।
अमेरिकी वैज्ञानिकों ने कहा कि भारत सैन्‍य रूप से अपने से ज्‍यादा ताकतवर चीन के खिलाफ परमाणु सैन्‍य बल को बढ़ाने के फैसले से अगले एक दशक में भारत कई नई सैन्‍य क्षमताओं को विकसित करेगा। यह विकास संभावित रूप से भारत के परमाणु हथियारों को लेकर पाकिस्‍तान के प्रति दृष्टिकोण को भी प्रभावित करेगा। भारत अभी परमाणु बम के पहले इस्‍तेमाल नहीं करने की नीति का पालन करता है। विश्‍लेषकों का कहना है कि भारत अपनी परमाणु नीति को चीन और पाकिस्‍तान में बांट रहा है। भारत को चीन के खिलाफ विश्‍वसनीय परमाणु पलटवार की ताकत की जरूरत है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत अपने परमाणु हथियार और लॉन्‍चर को अलग-अलग रखता है। लेकिन पिछले एक दशक में उसने इसको लॉन्‍च करने के लिए जरूरी तैयारी को बढ़ा दिया है। कुछ व‍िश्‍लेषकों का कहना है कि भारत अपने परमाणु बमों को एयरबेस के अंदर रख रहा है।

भारत की परमाणु बम दागने की ताकत...

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत साल 2003 केवल फाइटर जेट और बॉम्‍बर की मदद से ही परमाणु बम गिरा सकता था लेकिन इसके बाद पृथ्‍वी-2 परमाणु बम दागने वाली मिसाइल को तैनात किया गया। कई मिसाइलों के विकास के बाद भी भारत की परमाणु ताकत में अभी भी लड़ाकू विमानों की अहमियत सबसे ज्‍यादा है। भारत के पास मिराज 2000 फाइटर जेट, जगुआर बॉम्‍बर पाकिस्‍तान और चीन के खिलाफ परमाणु पलटवार के लिए तैनात किए गए हैं। इसके अलावा भारत ने हाल ही राफेल फाइटर जेट खरीदा है जो फ्रांस की वायुसेना में परमाणु बम गिराने में सक्षम विमान है। भारत के पास मिसाइल के जरिए परमाणु बम गिराने की क्षमता है।
कम दूरी के लिए पृथ्‍वी-2 और अग्नि-1, मध्‍यम दूरी के लिए अग्नि-2 और अग्नि-3 हैं। भारत तीन और अग्नि सीरिज की मिसाइलों का निर्माण कर रहा है। ये मध्‍यम दूरी की अग्नि-पी, अग्नि-4 और अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल अग्नि-5 है। अग्नि-5 मिसाइल चीन के ज्‍यादातर हिस्‍से में तबाही मचा सकती है। भारत के पास समुद्र से भी परमाणु बम दागने की क्षमता है। इसके लिए दो मिसाइलें भारत के पास हैं। ये हैं धनुष (रेंज 400 किमी) और के-15 हैं। भारत के-4 मिसाइल भी बना रहा है जिससे लंबी दूरी तक हमला किया जा सकेगा। भारत के मुकाबले पाकिस्‍तान के पास 160 और चीन के पास 350 परमाणु बम हैं। चीन अपने बमों की संख्‍या को 1000 तक ले जाने में जुटा हुआ है।

'ट्विटर' ने मस्क के खिलाफ मुकदमा दायर किया

'ट्विटर' ने मस्क के खिलाफ मुकदमा दायर किया 

अखिलेश पांडेय 
वाशिंगटन डीसी। ट्विटर ने टेस्ला के सीईओ एलन मस्क के खिलाफ उनकी तरफ से सोशल मीडिया फर्म खरीदने के सौदे को खत्म करने के लिए मुकदमा दायर किया है।
यह कदम टेस्ला के सीईओ एलन मस्क द्वारा 44 अरब अमेरिकी डॉलर के अधिग्रहण सौदे को समाप्त करने के बाद उठाया गया।
स्पूतनिक के मुताबिक, एलन मस्क ने ट्विटर पर अपने फर्जी (बॉट) अकाउंट्स की सही संख्या छिपाने और इस बारे में मांगी गई पूरी जानकारी नहीं देने का आरोप लगाया है और उन्होंने इसी आधार पर डील कैंसल करने का ऐलान किया है।
इसके जवाब में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर ने कहा कि 44 अरब अमेरिकी डॉलर के अधिग्रहण सौदे को समाप्त करने के फैसले पर मस्क के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस डील के मुताबिक, अगर कोई भी पार्टी इसे रद्द करती है, तो उसे 1 बिलियन डॉलर यानि लगभग 7,904 करोड़ रुपये की टर्मिनेशन फी भरनी होगी।
ट्विटर ने डेलवेयर कोर्ट से गुजारिश की है कि वह मस्क को आदेश दे कि ट्विटर डील उसी कीमत (54.20 डॉलर प्रति शेयर) पर पूरी की जाए।

समस्या, मोबाइल नंबर को अपडेट रखना आवश्यक

समस्या, मोबाइल नंबर को अपडेट रखना आवश्यक 

अकांशु उपाध्याय 
नई दिल्ली। ओटीपी आधारित सेवाओं के लिए लिंक किए गए मोबाइल नंबर को अपडेट रखना आवश्यक है। यदि आपने अपना मोबाइल नंबर अपडेट नहीं किया है, तो ओटीपी के माध्यम से सत्यापन में समस्या हो सकती है।
आजकल के लोग, ख़ासकर युवा अपनी ज़रूरत के हिसाब से अपने मोबाइल नंबर बदलते रहते हैं। इससे सबसे बड़ी समस्या तब होती है जब उन्हें ओटीपी आधारित सेवाओं का उपयोग करना पड़ता है और उन्हें नहीं पता होता है कि इस योजना के लिए पंजीकृत संख्या क्या थी।
सरकार लगातार सलाह देती है कि आधार जैसे महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों में, वे अपना मोबाइल नंबर लगातार अपडेट रखते हैं ताकि किसी भी सेवा के लिए ओटीपी प्राप्त करने में कोई समस्या न हो। आइए आपको आधार से जुड़े मोबाइल नंबर के मामले में दो सबसे महत्वपूर्ण समस्याओं का हल बताते हैं।
अगर आप भूल गए हैं, आधार से लिंक मोबाइल नंबर। इसके लिए आपको सबसे पहले uidai.gov.in पर जाना होगा।
अब यहाँ आपको क्लिक करें।
यहां आपको मोबाइल नंबर या ईमेल को आधार नंबर से भरना होगा।
ईमेल भरने पर, आपको एक ओटीपी ईमेल मिलेगा। वही मोबाइल नंबर देने पर मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा।
आप इसे भरने के लिए उपयोग किए गए मोबाइल नंबर की जांच यहां कर सकते हैं, अगर ओटीपी इस्तेमाल किए जा रहे नंबर पर नहीं आता है, तो इसका मतलब है कि पंजीकृत संख्या वह है जिसका आप अब उपयोग नहीं करते हैं। ऐसी स्थिति में आप अपना मोबाइल नंबर अपडेट कर सकते हैं।
आधार कार्ड में मोबाइल नंबर कैसे अपडेट करें।
आधार सेवा केंद्र पर जाकर आप अपना मोबाइल नंबर अपडेट कर सकते हैं।
इसके लिए आपको सबसे पहले आधार की वेबसाइट पर जाकर समय निकालना होगा। जाकर अपॉइंटमेंट बुक करें।
आप यहां पर जाकर समय ले सकते हैं।
इसके अलावा आप नजदीकी आधार नामांकन / अपडेट सेंटर पर जा सकते हैं। वहां आपको आधार कार्ड अपडेट फॉर्म भरना होगा। उस नंबर फॉर्म को भरें जिसे आप मोबाइल नंबर को अपडेट करना चाहते हैं। फिर आपको अपना बायोमेट्रिक प्रदान करना होगा। कर्मचारी आपको एक रसीद देगा जिसमें एक अनुरोध अनुरोध संख्या (URN) होगी। यूआरएन का उपयोग करके आधार अपडेशन स्टेटस को ट्रैक किया जा सकता है। मोबाइल नंबर अपडेट करने के लिए, आपको शुल्क का भुगतान करना होगा।

खरीददारी: अब तक की सबसे अच्छी कार 'एसयूवी'

खरीददारी: अब तक की सबसे अच्छी कार 'एसयूवी'

अकांशु उपाध्याय
नई दिल्ली। वैसे तो कंपनी की सभी कारें बेहतरीन होती हैं। लेकिन, अब तक की सबसे अच्छी कार मध्यम आकार की 'एसयूवी' है। बेहतरीन होने के कारण बाजार में इसकी अच्छी मांग है, जिससे हर महीने हजारों यूनिट्स बिकती हैं। इसके फीचर्स ही नहीं, बल्कि लुक्स भी कमाल के हैं। जिससे ग्राहक टाटा और मारुति जैसी कंपनियों की कारों को छोड़कर क्रेटा को घर लाना पसंद कर रहे हैं।
अगर आप भी कार खरीदने का प्लान कर रहे हैं। ऐसे में क्रेटा आपके लिए बेस्ट ऑप्शन हो सकता है। इसके साथ ही इस गाड़ी के दोनों वेरिएंट डाउन पेमेंट पर भी उपलब्ध हैं, तो आइए जानते हैं, इस गाड़ी के फीचर्स के बारे में और कैसे आप इसे डोम पेमेंट पर अपने घर ला सकते है ?

हुंडई क्रेटा की विशेषताएं...
Hyundai Creta की कीमत की बात करें तो यह 10 लाख 23 हजार रुपये से शुरू होती है और अलग-अलग वेरिएंट और फीचर्स के आधार पर इसकी कीमत 17 लाख 94 हजार तक जाती है। इसी गाड़ी में 1497cc का पेट्रोल और डीजल इंजन है। इसके साथ ही इसमें ऑटोमैटिक और मैनुअल ट्रांसमिशन के भी विकल्प दिए गए हैं। इसके माइलेज की बात करें तो यह 21.4 kmpl का माइलेज देती है। आज के समय को देखते हुए इसमें सिक्योरिटी से लेकर कनेक्टिविटी तक सभी फीचर्स दिए गए हैं। के फाइनेंस की बात करें तो के पेट्रोल वेरिएंट की भारत में ऑन-रोड कीमत 11 लाख 83 हजार रुपये है। वही अगर इस एसयूवी को 1.5 लाख रुपये का डाउन पेमेंट लिया जाता है और ब्याज दर 9 प्रतिशत है। तो आपको करीब 10 लाख 34 हजार रुपये का कर्ज मिल जाएगा। जिसके बाद आपको अगले 5 साल तक हर महीने 21 हजार 457 रुपए किश्त के तौर पर जमा करने होंगे।
अब अगर क्रेटा के डीजल वेरिएंट की बात करें तो इस गाड़ी की भारतीय बाजार में काफी अच्छी मांग है। इस मॉडल की ऑन-रोड कीमत 12 लाख 37 हजार रुपये है। अगर आप इस वाहन को 1.5 लाख रुपये की डाउन पेमेंट और 9% की ब्याज दर के साथ घर लाते हैं, तो आपको अगले 5 वर्षों के लिए 10 लाख 87 हजार 278 रुपये का ऋण मिलेगा। इसके बाद आपको अगले 5 साल तक हर महीने 22 हजार 570 रुपये किश्त के तौर पर जमा करने होंगे।

कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर समेत अन्य कई पदों पर भर्तियां

कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर समेत अन्य कई पदों पर भर्तियां 

अमित शर्मा          
चंडीगढ़। अगर सरकारी नौकरी की तलाश में हैं, तो ये आपके लिए शानदार मौका हो सकता है। दरअसल, पंजाब में कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर समेत अन्य कई पदों पर भर्तियां निकली हैं। वे कैंडिडट्स जो नेशनल हेल्थ मिशन के इन पदों पर आवेदन करना चाहते हों, वे एनएचएम पंजाब की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। बता दें इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। वहीं, इनके लिए अप्लाई करने और परीक्षा की तारीख अलग अलग है। सीएचओ पद पर आवेदन 12 जुलाई से शुरू हुए हैं और अप्लाई करने की लास्ट डेट 25 जुलाई 2022 है। वहीं फार्मासिस्ट, मेडिकल ऑफिसर और क्लीनिक असिस्टेंट पदों पर आवेदन 11 जुलाई से शुरू हुए हैं और अप्लाई करने की लास्ट डेट 20 जुलाई 2022 है।
वहीं शैक्षिक योग्यता की बात करें तो इन पदों के लिए शैक्षिक योग्यता और आयु सीमा पद के अनुसार अलग है। बेहतर होगा हर पद के विषय में डिटेल में जानकारी पाने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर दिया नोटिस चेक कर लें। हर पद के लिए अलग-अलग नोटिस चेक किया जा सकता है।

सेहत के लिए 'विटामिन के' का सेवन, बेहद फायदेमंद

सेहत के लिए 'विटामिन के' का सेवन, बेहद फायदेमंद 

सरस्वती उपाध्याय 
सेहत के लिए 'विटामिन के' का सेवन बेहद फायदेमंद होता है। यहां कुछ ऐसी ही हरी सब्जियों का जिक्र है जिनसे शरीर को पर्याप्त मात्रा में विटामिन के मिलता है। जब बात विटामिन की आती है तो 'विटामिन के' का नाम कम ही सुनने को मिलता है। लेकिन यह शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होता है। जिन लोगों में विटामिन के की कमी पाई जाती है। उनमें लीवर से जुड़ी बीमारियां और आंतों के रोग आमतौर पर देखे जाते हैं। वहीं, शरीर में पर्याप्त मात्रा में विटामिन के होने पर यह हड्डियों की सेहत दुरुस्त रखता है, घाव जल्दी भरता है और पेट की दिक्कतों को भी दूर करता है। विटामिन के अत्यधिक हरी सब्जियों में पाया जाता है। इसीलिए चलिए जानते हैं, किन चीजों से पूरी होती है ? विटामिन के की कमी या किनसे मिलता है भरपूर मात्रा में विटामिन के ?

इन फूड्स में पाया जाता है विटामिन के...

चमकदार हरा पालक विटामिन के ही नहीं, बल्कि बीटा कैरोटीन का भी अच्छा स्त्रोत है। जो मजबूत इम्यूनिटी सिस्टम, आंखों की तेज रोशन, हेल्दी स्किन और हड्डियों की सेहत के लिए उत्तरदायी है। इसमें विटामिन ई और सी जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स की भी अच्छी मात्रा पाई जाती है।
विटामिन के, विटामिन सी और डाइटरी फाइबर से भरपूर होती है, ब्रोकोली। आप इसे अपनी डेली डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।
विटामिन के  के साथ-साथ पत्ता गोभी विटामिन सी और विटामिन ए और पोलिफेनोल्स से भी भरपूर होती है। इसे कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों को कम करने में मदद मिलती है।
फूल गोभी पाचन को दुरुस्त करने में सहायक है। यह मोटापा कम करने में भी असर दिखाती है।विटामिन के ही नहीं, इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी पाए जाते हैं। जो सेहत के लिए अच्छे साबित होते हैं।
हरी पत्तेदार केल विटामिन के से भरपूर होती है।दिन में शरीर को जितने विटामिन के की जरूरत होती है उससे 500 फीसदी ज्यादा विटामिन के केल से मिलता है। यह फाइबर, प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड्स की अच्छी स्त्रोत है।विटामिन के से भरपूर होने के चलते यह हड्डियों को मजबूती देने वाली और घाव भरने वाली सब्जी है।

नेताओं के अन्य पार्टी में जाने से कांग्रेस नेतृत्व को झटका

नेताओं के अन्य पार्टी में जाने से कांग्रेस नेतृत्व को झटका 

अकांशु उपाध्याय 
नई दिल्ली। कांग्रेस नेतृत्व से नाराज वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल सहित कई और वरिष्ठ नेताओं के कांग्रेस छोड़ कर और अन्य पार्टी में चले जाने से कांग्रेस नेतृत्व को बड़ा झटका लगा है और कांग्रेस आलाकमान डरी हुई है। संकट के दौर से गुजर रही कांग्रेस पार्टी रूठे हुए नेताओं को मानाने में जुट गई है। कांग्रेस के असंतुष्ट समूह कहे जाने वाले जी-23 के नेता गुलाम नबी आजाद को पार्टी एक बार फिर से अहम भूमिका में ला सकती है। बीते सप्ताह ही जम्मू-कश्मीर के प्रदेश अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था और अब नए अध्यक्ष की तलाश जारी है।
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि इसमें गुलाम नबी आजाद की अहम भूमिका हो सकती है और उन्हें पार्टी राज्य में संगठन को खड़ा करने के लिए फ्रीहैंड दे सकती है। साफ है कि प्रदेश अध्यक्ष चुनने में भी उनकी अहम भूमिका होगी। फिलहाल इसके लिए मीटिंगों का दौर जारी है। कल इसके लिए बैठक हुई थी और आज एक बार फिर से दिल्ली में केसी वेणुगोपाल के साथ गुलाम नबी आजाद और प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल की मीटिंग है।
बीते दिनों दिल्ली में हुई बैठक में शामिल हुए नेताओं ने कहा कि बैठक में प्रदेश अध्यक्ष को लेकर किसी नेता के नाम पर बात नहीं हुई, लेकिन यह चर्चा रही कि कैसे केंद्र शासित प्रदेश में संगठन को मजबूती दी जाए। कयास हैं कि इस साल के अंत तक या फिर अगले बरस के शुरुआती महीनों में जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। ऐसे में पार्टी चुनाव से पहले अपने संगठन को कस लेना चाहती है। अब इसी सिलसिले में दूसरे राउंड की मीटिंग दिल्ली में होनी है। इस बैठक के बाद राज्य को लेकर पार्टी कोई बड़ा ऐलान कर सकती है।

प्रदेश अध्यक्ष पर फैसले में लग सकता है कुछ वक्त...
केसी वेणुगोपाल और रजनी पाटिल के साथ मंगलवार की बैठक में जो नेता शामिल हुए थे, उनमें कार्यकारी अध्यक्ष रमन भल्ला, पूर्व डिप्टी सीएम तारा चंद, मूला राम, बलवान सिंह, बलबीर सिंह, रविंदर शर्मा, मनोहर लाल, योगेश साहनी और विकार रसूल थे। इस बैठक में सभी नेताओं को 15 से 20 मिनट का वक्त दिया गया था और व्यक्तिगत बातचीत की गई थी। उस मीटिंग में गुलाम नबी आजाद और अंबिका सोनी मौजूद नहीं थे, लेकिन आज वह भी रहेंगे। इस मीटिंग के बाद कुछ ऐलान हो सकता है। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर फैसला लेने में कुछ वक्त लग सकता है। इसकी वजह गुटबाजी है और सभी को साधते हुए कुछ फैसला लेने का प्रयास किया जाएगा।

गुटबाजी के चलते ही गुलाम अहमद मीर ने दिया था इस्तीफा...

गौरतलब है कि बीते सप्ताह ही प्रदेश अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने 8 साल तक पद पर रहने के बाद इस्तीफा दिया था। गुलाम नबी आजाद के भरोसेमंद नेताओं से उनकी अदावत थी और माना जा रहा है कि इसी गुटबाजी के चलते उन्हें पद छोड़ना पड़ा था। उनके विरोध में कुछ महीने पहले गुलाम नबी आजाद के करीबी नेताओं ने सामूहिक इस्तीफे दिए थे और पदों को छोड़ दिया था। इन नेताओं में जुगल किशोर शर्मा, मनोहर लाल शर्मा, गुलाम नबी मोगा, नरेश गुप्ता, सुभाष गुप्ता, विकार रसूल और जीएम सरूरी आदि शामिल थे।

भाजपा के कई नेता कांग्रेस में शामिल होना चाहतें: सिंह

भाजपा के कई नेता कांग्रेस में शामिल होना चाहतें: सिंह

गीता गोवंडके
शिमला। कांग्रेस की हिमाचल प्रदेश इकाई की अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने बुधवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई नेता कांग्रेस में शामिल होना चाहतें हैं, क्योंकि अपनी पार्टी में उन्हें ‘‘घुटन’’ महसूस हो रही है। भाजपा की हिमाचल प्रदेश इकाई के पूर्व अध्यक्ष खीमी राम के मंगलवार को कांग्रेस में शामिल होने के एक दिन बाद सिंह ने यह टिप्पणी की है।
प्रतिभा ने एक बयान में कहा कि भाजपा के कई नेता कांग्रेस में शामिल होना चाहते हैं, क्योंकि अपनी पार्टी के भीतर जारी कलह के कारण उन्हें घुटन महसूस होती है। अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के हिमाचल प्रदेश के प्रभारी राजीव शुक्ला, एआईसीसी के सचिव सुधीर शर्मा और तिजेंद्र बिट्टू की मौजूदगी में खीमी राम कांग्रेस में शामिल हो गए थे।
खीमी राम का पार्टी में स्वागत करते हुए प्रतिभा सिंह ने कहा कि उनके आने से पार्टी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि लोग भाजपा की नीतियों तथा फैसलों से ‘‘आजिज आ चुके’’ हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरी शक्ति से आगे बढ़ रही है।

राष्ट्रपति चुनाव, एनडीए ने मुर्मू को अपना प्रत्याशी बनाया

राष्ट्रपति चुनाव, एनडीए ने मुर्मू को अपना प्रत्याशी बनाया 

अकांशु उपाध्याय  
नई दिल्ली। देश में राष्ट्रपति का चुनाव 18 जुलाई को होना है। इसके लिए सभी राजनीतिक दलों की ओर तैयारी की जा रही है। एनडीए ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए द्रौपदी मुर्मू को अपना प्रत्याशी बनाया है। एनडीए की ओर से द्रौपदी मुर्मू को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद से मुर्मू चुनाव प्रचार में जुटी हुईं है और उन्हें कई विपक्षी दलों का समर्थन भी मिलने लगा है। कांग्रेस राष्ट्रपति पद के लिए कोई प्रत्याशी घोषित नहीं करने का फैसला पहले ही कर चुकी है और अन्य विपक्षी दलों के साथ सूर में सूर मिलाने की बात कही है। राष्ट्रपति चुनाव प्रक्रिया के बीच कांग्रेस नेता अजय कुमार ने एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को लेकर विवादित बयान दिया है जिससे बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि हमें मुर्मू को आदिवासी का प्रतीक नहीं बनाना चाहिए। साथ ही उन्होंने एनडीए उम्मीदवार की विचारधारा पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी ने भी पलटवार किया है और इसे मुर्मू का अपमान बताया है। भारतीय निर्वाचन आयोग की तरफ से जारी कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति चुनाव 18 जुलाई को होने हैं।
विवाद बढ़ने की आशंका को देखते हुए उन्होंने कहा कि यह द्रौपदी मुर्मू के बारे में नहीं है। यशवंत सिन्हा अच्छे उम्मीदवार हैं और मुर्मू जी भी शालीन हैं। लेकिन वह भारत की बड़ी दुष्ट विचारधारा को दिखाती हैं। हमें उन्हें आदिवासी का प्रतीक नहीं बनाना चाहिए। हमारे पास राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद हैं और हाथरस हो गया। क्या उन्होंने एक भी शब्द कहा? अनुसूचित जाति की स्थिति बदतर हो गई है।’
उन्होंने कहा है कि समान विचारधारा वाली सभी पार्टियों को विपक्षी उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के लिए वोट करना चाहिए। कुमार ने कहा कि प्रतीक बनाना और देश के लोगों को बेवकूफ बनाना ही मोदी सरकार का काम है। यह देश की आत्मा की लड़ाई है और एक जैसी विचारधारा वाली सभी पार्टियों को यशवंत सिन्हा के लिए वोट देना चाहिए।
खास बात है कि अगर मुर्मू राष्ट्रपति चुनाव जीत जाती हैं, तो वह देश की पहली आदिवासी और दूसरी महिला राष्ट्रपति होंगी। साल 2015 से 2021 तक वह झारखंड की पहली महिला राज्यपाल भी रह चुकी हैं। उनका जन्म ओडिशा के मयूरभंज में हुआ था। इसके अलावा वह भाजपा में साल 2002 से लेकर 2015 तक कई एसटी मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य समेत कई अहम पदों पर रह चुकी हैं।

दर्शन: 6,415 तीर्थयात्रियों का 14वां जत्था रवाना

दर्शन: 6,415 तीर्थयात्रियों का 14वां जत्था रवाना  

इकबाल अंसारी 
श्रीनगर। कड़ी सुरक्षा के बीच 6,415 तीर्थयात्रियों का 14वां जत्था दक्षिण कश्मीर में 3,880 मीटर ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा के दर्शन के लिए बुधवार की सुबह रवाना हुआ। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अमरनाथ गुफा के पास आठ जुलाई को बादल फटने पर हुई भीषण बारिश के कारण अचानक बाढ़ आने से कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 40 से अधिक लोग अब भी लापता हैं।
इसके बाद यात्रा को रविवार को स्थगित कर दिया गया था और सोमवार को यात्रा फिर बहाल की गई। अधिकारियों ने बताया कि केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की कड़ी सुरक्षा के बीच 258 वाहनों में कुल 6,415 तीर्थयात्री यहां भगवती नगर यात्री निवास से रवाना हुए। उन्होंने बताया कि इन श्रद्धालुओं में 4,545 पुरुष, 1,744 महिलाएं, 43 बच्चे, 79 साधु और चार साध्वी हैं। उन्होंने बताया कि बालटाल आधार शिविर के लिए जाने वाले 2,428 तीर्थयात्री 88 वाहनों में तड़के करीब साढ़े तीन बजे सबसे पहले रवाना हुए।
इसके बाद कश्मीर में पहलगाम शिविर के लिए 3,987 तीर्थयात्रियों को लेकर 170 वाहनों का दूसरा काफिला सुबह करीब साढ़े चार बजे रवाना हुआ। बाबा बर्फानी के दर्शन के लिये 43 दिन की वार्षिक यात्रा दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में पारंपरिक 48 किलोमीटर के नुनवान मार्ग और मध्य कश्मीर के गांदरबल में 14 किलोमीटर के बालटाल मार्ग से 30 जून को शुरू हुई थी। अधिकारियों ने बताया कि अभी तक 1.30 लाख से अधिक तीर्थयात्री पवित्र गुफा में बर्फ से बने शिवलिंग के दर्शन कर चुके हैं। अमरनाथ यात्रा 11 अगस्त को रक्षा बंधन के अवसर पर समाप्त होगी।

भगवान शिव की पूजा में सक्षम नहीं है, यह चीजें

भगवान शिव की पूजा में सक्षम नहीं है, यह चीजें 

सरस्वती उपाध्याय
देवों के देव महादेव का प्रिय महीना सावन भी 14 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। हिंदू धर्म में देवी-देवाताओं को प्रसन्न करने के लिए पूजा सामग्री का विशेष महत्व है। धर्म ग्रंथों में विस्तार से बताया गया है कि किस देवता को पूजा में कौन-सी सामग्री अर्पित करनी चाहिए और किन वस्तुओं का पूजा में होना वर्जित माना जाता है। देवों के देव महादेव का प्रिय महीना सावन भी 14 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। शिवपुराण के अनुसार कुछ ऐसी सामग्री हैं। जिन्हें शिवजी की पूजा में शामिल नहीं करना चाहिए। मान्यता है, जितनी जल्दी शिव प्रसन्न होते हैं। उतनी ही तीव्र गति से उन्हें क्रोध भी आता है। आइए जानते हैं, सावन में शिवलिंग पर कौन-सी चीजें अर्पित नहीं करनी चाहिए ?

शिवलिंग पर केतकी के फूल अर्पित करने पर भगवान शिव नाराज हो जाते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार केतकी के फूल ने ब्रह्मा जी का झूठ में साथ दिया था, इसलिए क्रोधित होकर भगवान शिव ने श्राप दे दिया था कि उनकी पूजा में कभी केतकी के फूल का उपयोग नहीं होगा।

शिवजी की पूजा में न शंख बजाया जाता है, न ही शंख से उनका जलाभिषेक किया जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार भगवान शंकर ने त्रिशुल शंखचूड़ नामक राक्षस का वध किया था। उसकी राख से शंख की उत्पन्न हुआ था।

सावन में भोलेभंडारी की पूजा में तुलसीदल का पत्ता भी नहीं चढ़ाया जाता। कथा के अनुसार भगवान शिव ने तुलसी के पति जालंधर का संहार किया था। तब से ही तुलसी ने खुद को भगवान शिव की पूजन सामग्री में शामिल न होने की बात कही थी।

भगवान भोलेनाथ तो वैरागी हैं, जो अपने पूरे शरीर पर राख लगाते हैं। कुमकुम और सिंदूर विवाहित महिलाएं लगाती है और पुराणों के अनुसार शिव विनाशक हैं। सावन में शिवजी की पूजा में कभी सिंदूर या कुमकुम को शामिल न करें।
भगवान शिव को छोड़कर लगभग सभी देवी-देवताओं की पूजा में हल्दी का इस्तेमाल किया जाता है। हल्दी को सौभग्य का प्रतीक माना जाता है और शिव तो वैरागी हैं। शास्त्रों के अनुसार, शिव को हल्दी चढ़ाने से चंद्रमा कमजोर होता है।

केदारनाथ धाम, श्रद्धालुओं की संख्या में बड़ा इजाफा

केदारनाथ धाम, श्रद्धालुओं की संख्या में बड़ा इजाफा 

पंकज कपूर 
देहरादून। उत्तराखंड स्थित विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद से चारधाम की यात्रा शुरू हो गई है, जो अब तक जारी है। केदारनाथ धाम की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में इस साल बड़ा इजाफा हुआ है। क्योंकि, इस साल कोरोना महामारी को लेकर केंद्र सरकार की ओर से नियमों में ढील दी गई है। फिर भी मास्क लगाने सहित दो गज की दूरी को अनिवार्य किया गया है।
अभी बारिश का मौसम है और देश के कई राज्यों में भारी बारिश हो रही है जिसमें उत्तराखंड राज्य भी शामिल है। चारधाम यात्रा के दौरान भगवान शंकर के भव्य शिवलिंग के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धलुओं को प्राकृतिक आपदा से बचाने के लिए उत्तराखंड की सरकार सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर केदारनाथ धाम में मौसम बदलने की पल-पल की जानकारियों के लिए जिला प्रशासन ने नया ऑटोमैटिक वैदर सिस्टम स्थापित किया गया है। यात्रियों की सुविधाओं के लिए IIT कानपुर के सहयोग से जिला प्रशासन ने इसे लगवाया है।
इस सिस्टम से शीघ्र ही मौसम संबंधी गतिविधियों की रीडिंग प्राप्त की जा सकेगी। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि सिस्टम स्थापित होने से केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यों, यात्रा संचालन, हैलीकॉप्टर संचालन इत्यादि महत्वपूर्ण कार्यों में काफी सहायता प्राप्त हो सकेगी।
साथ ही केदारनाथ धाम में दर्शन करने आने वाले तीर्थयात्रियों को मौसम की जानकारी समय से प्राप्त होगी, जिसके चलते श्रद्धालु अपनी यात्रा सुगमता के साथ कर सकेंगे। एक सप्ताह के भीतर केदारपुरी क्षेत्र में मौजूद लोगों को केदारनाथ मौसम की पल-पल की जानकारी मोबाइल पर भी मिलने लगेगी।

एक समुदाय के न्याय के लिए निष्पक्ष कार्रवाई नहीं

एक समुदाय के न्याय के लिए निष्पक्ष कार्रवाई नहीं 

संदीप मिश्र 
लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट में बुलडोजर कार्रवाई मामले में सुनवाई के दौरान जमीयत के वकील दुष्यंत दवे ने दलील देते हुए कहा कि देश में एक समुदाय के खिलाफ पिक एंड चॉइस की तरह बर्ताव हो रहा है। उन्होंने कहा कि एक समुदाय के न्याय के लिए निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो रही है।
उत्तर प्रदेश में बुलडोजर कार्रवाई मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज एक बार फिर से सुनवाई हुई। इस दौरान दोनों पक्षों में जोरदार बहस हुई। जमीयत के वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि देश में एक समुदाय के खिलाफ पिक एंड चॉइस की तरह बर्ताव हो रहा है। उन्होंने कहा कि एक समुदाय के न्याय के लिए निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो रही है। इसपर सोलिसिटर जेनरल ने कहा कि देश में कोई अन्य समुदाय नहीं है और केवल भारतीय समुदाय है। सॉलिसीटर जनरल ने कहा कि कानूनी कार्रवाई को बेवजह सनसनीखेज बनाया जा रहा है।
वहीं दलील सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को राज्यों में विध्वंस पर रोक लगाने का अंतरिम निर्देश पारित करने से इनकार कर दिया और कहा कि वह अधिकारियों को कार्रवाई करने से रोकने के लिए एक सर्वव्यापी आदेश पारित नहीं कर सकता है।

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प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण  

1. अंक-278, (वर्ष-05)
2. बृहस्पतिवार, जुलाई 14, 2022
3. शक-1944, श्रावण, कृष्ण-पक्ष, तिथि-प्रतिपदा, विक्रमी सवंत-2079।
4. सूर्योदय प्रातः 05:22, सूर्यास्त: 07:15।
5. न्‍यूनतम तापमान- 30 डी.सै., अधिकतम-34+ डी.सै.। उत्तर भारत में बरसात की संभावना।
6. समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है। सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा। सभी पद अवैतनिक है।
7.स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक राधेश्याम व शिवांशु, (विशेष संपादक) श्रीराम व सरस्वती (सहायक संपादक) संरक्षण-अखिलेश पांडेय, ओमवीर सिंह, वीरसेन पवार, योगेश चौधरी आदि के द्वारा (डिजीटल सस्‍ंकरण) प्रकाशित। प्रकाशित समाचार, विज्ञापन एवं लेखोंं से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं हैं। पीआरबी एक्ट के अंतर्गत उत्तरदायी।
8. संपर्क व व्यवसायिक कार्यालय- चैंबर नं. 27, प्रथम तल, रामेश्वर पार्क, लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102।
9. पंजीकृत कार्यालयः 263, सरस्वती विहार लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102
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संपर्क सूत्र :- +919350302745--केवल व्हाट्सएप पर संपर्क करें, 9718339011 फोन करें।
           (सर्वाधिकार सुरक्षित)

अरक पंचायत में वार्षिक आम सभा का आयोजन

अरक पंचायत में वार्षिक आम सभा का आयोजन  अविनाश श्रीवास्तव  चक्की। प्रखंड की अरक पंचायत में वार्षिक आम सभा का आयोजन किया गया। जि...