शनिवार, 13 जुलाई 2019

प्रधानमंत्री मोदी सितंबर में अमेरिका का दौरा करेंगे

सितंबर में अमेरिका जाएंगे PM मोदी, संयुक्त राष्ट्र महासभा को दोबारा कर सकते हैं संबोधित



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सितंबर में अमेरिका का दौरा करेंगे।


नई दिल्ली ! जहां वो संयुक्त राष्ट्र महासभा(UNGA) में शामिल होंगे।माना जा रहा है कि इस बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एकबार फिर संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित कर सकते हैं। यह दूसरे कार्यकाल में पीएम मोदी की संयुक्त राष्ट्र महासभा(UNGA) की पहली बैठक है। इससे पहले 2014 में भी पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया था। अपने दूसरे कार्यकाल में यह पीएम मोदी की पहली अमेरिका यात्रा होगी। वह 2015 में वर्ल्ड सस्टेनेबल डेवलपमेंट समिट में शामिल होने के लिए न्यूयॉर्क गए थे।सके अलावा वहां वे संयुक्‍त राष्‍ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस द्वारा आयोजित किए जाने वाले जलवायु कार्रवाई सम्‍मेलन (क्‍लाइमेट एक्‍शन समिट) में हिस्‍सा लेंगे। इस दौरान वे ह्यूस्‍टन में भारतीय समुदाय को भी संबोधित कर सकते हैं।


गुटेरस द्वारा जलवायु सम्‍मेलन का आयोजन 23 सितंबर को किया जाएगा। जलवायु सम्‍मेलन में उनके हिस्‍सा लेने की योजना उनके आगामी दौरे की लिस्‍ट में सूचिबद्ध है लेकिन ह्यूस्‍टन मीटिंग के बारे में आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। पीएम मोदी न्‍यूयार्क में होने वाली संयुक्त राष्‍ट्र महासभा की बैठक में हिस्‍सा लेने के लिए 20-23 सितंबर को अमेरिका का दौरा करेंगे। इसके बाद वह ह्यूस्‍टन भी जाएंगे, वहां वे टेक्‍सास में रहने वाले भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे। वह वाशिंगटन डीसी जाएंगे या नहीं, इस बारे में कुछ भी स्‍पष्‍ट नहीं है, पर माना जा रहा है कि संयुक्‍त राष्‍ट्र के विभिन्‍न सत्रों से इतर पीएम मोदी की ट्रंप सहित दुनिया के कई देशों के नेताओं से मुलाकात होगी।


अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय के नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका के दो शहरों शिकागो और ह्यूस्‍टन में भारतीय-अमेरिकी लोगों से मुलाकात कर सकते हैं। अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय के सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी जलवायु परिवर्तन पर 23 सितंबर को होने वाली संयुक्‍त राष्‍ट्र की विशेष बैठक से पहले ह्यूस्‍टन में होंगे और यूएन सत्र को संबोधित करने के लिए वह ह्यूस्‍टन से ही न्‍यूयार्क जाएंगे। 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार जब उन्‍होंने अमेरिका का दौरा किया था, तब भी न्‍यूयार्क के मेडिसन स्‍क्वायर पर भारी संख्‍या में लोगों की भीड़ जुटी थी। यहां तकरीबन 20,000 भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोग जुटे थे, जिनमें भारतीय प्रधानमंत्री से मुलाकात को लेकर जबरदस्‍त उत्‍साह देखा गया।_


2010 की जनगणना के अनुसार, टेक्‍सास इस मामले में चौथे नंबर पर है जहां सबसे अधिक भारतीय मूल के लोग रहते हैं। अपने विदेशी दौरे में वहां रह रहे भारतीय समुदाय से जुड़ने का मौका तलाशने वाले प्रधानमंत्री मोदी न्‍यू यार्क सैन जोस और वाशिंगटन में तीन बड़े भारतीय समुदायों से मुलाकात कर चुके हैं। प्रधानमंत्री के तौर पर उनका ये छठा अमेरिका दौरा होगा।


जीजेयू के वीसी का नियंत्रण हुआ फेल: हरियाणा

राणा ओबराय
जीजेयू के वीसी का नियंत्रण हुआ फेल*
जीजेयू द्वारा संचालित दूरस्थ शिक्षा केंद्र एफसी कॉलेज केंद्र में आज फिर हुआ हंगामा" 85 बच्चों को नहीं मिला शिक्षा देने का अभी तक मौका!
हिसार ! जीजेयू द्वारा संचालित दूरस्थ शिक्षा परीक्षा केंद्र में आज फिर हुआ हंगामा" 85 बच्चों को नहीं मिला शिक्षा देने का अभी तक मौका! परीक्षार्थी और उनके माता पिता का आरोप है कि परीक्षा केंद्र के अधीक्षक और उनके स्टाफ ने उनके साथ धक्के मुक्की की और केंद्र से बाहर निकलने के लिए कहा। बच्चो के माता पिता ने इस दुर्व्यवहार का दोषी यूनिवर्सिटी के वाईस चांसलर टंकेशेवर सचदेवा को माना है। एक बच्चे की माता ने कहा जीजेयू के उपकुलपति का नियंत्रण।बिल्कुल ही फेल है।


नए नियम -नियमावली से होगी पत्रकारिता

देशभर में पत्रकारों के लिए लागू होने जा रही है नियमावली,प्रेस कार्ड जारी करने से लेकर पंजीकरण और शैक्षणिक योग्यता का होगा निर्धारण



नईदिल्ली ! पत्रकारिता जगत में असामाजिक तत्वों के प्रवेश से चिंतित केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा समाचार पत्रों के पंजीकरण, समाचार पत्र-पत्रिका व टीवी चैनल तथा न्यूज एजेंसी द्वारा जारी प्रेस कार्ड के लिए नियमावली तैयार की जा रही है तथा मौजूदा नियमावाली में संशोधन किए जाने पर गंभीरता से मंथन चल रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार देशभर में बढ़ रहे अखबारी आंकड़े और पत्रकारों की बढ़ रही संख्यां से पाठकों की जागरूकता में वृद्धि हुई है। वहीं कुछ ऐसे चेहरों ने भी पत्रकारिता जगत में दस्तक दे दी है, जिसके कारण पत्रकारिता पर सवालिया निशान लगने शुरू हो गए है।
*पत्रकारिता क्षेत्र में होगी शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य*
बता दें कि समाचार पत्र, पत्रिका के पंजीकरण के बाद प्रकाशक व संपादक एक-दो अंक प्रकाशित कर अनगिनत लोगों को प्रेस कार्ड जारी कर देते है, जिनका पत्रकारिता से कोई लेना देना नहीं होता। ऐसे चेहरों की बदौलत पत्रकारिता पर जरूर उंगलियां उठती है।
हर गावं शहर मे कुछ तथाकथित पत्रकार या समाचार पत्र मालिको ने कुछ लोगो को पैसे लेकर प्रेस कार्ड जारी कर रखे है जो पुलिस एवं टोलटेक्स नाको पर धोंस जमाते हैं. एेसे तथाकथित पत्रकारो से असली पत्रकार भी परेशान हो रहे है । पुलिस, प्रशासन एवं टोलटेक्स नाके वाले असली नकली मे फर्क नही कर पाते है। अब इस नियम के लागू होने पर तथाकथित फर्जी पत्रकारो से पुलिस प्रशासन पुछताछ कर उन सरगनाओ तक पहुचं सकेगी जिन्होने पैसे लेकर प्रेसकार्ड जारी कर रखे हैं.।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय समाचार पत्र, पत्रिका के पंजीकरण के लिए आवेदक की शैक्षणिक योग्यता पत्रकारिता में डिग्री की शर्त को अनिवार्य करने जा रहा है।
*समाचार पत्रों का प्रकाशन बंद कर सकती है केंद्र सरकार*
दैनिक समाचार पत्रों, न्यूज एजेंसियों व टीवी चैनल के रिपोर्टर के लिए संबंधित जिला मैजिस्ट्रेट की स्वीकृति उसकी पुलिस वैरीफिकेशन होने उपरांत जिला सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा प्रेस कार्ड तथा प्रैस स्टीकर जारी किए जाने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अन्य समाचार पत्र, पत्रिकाओं के प्रकाशक व संपादक का प्रैस कार्ड सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी किया जाएगा। सरकारी तंत्र द्वारा जारी प्रेस कार्ड व प्रेस स्टीकर ही मान्य होंगे।
केंद्र सरकार द्वारा उन समाचार पत्र व पत्रिकाओं का प्रकाशन बंद किया जा सकता है जिन्होंने पिछले तीन वर्ष से अपनी वार्षिक रिपोर्ट जमा नहीं करवाई।
*प्रेस कार्ड बेचने वालों पर दर्ज होगा अपराधिक मामला*
चर्चा तो यह भी है कि किसी भी क्षेत्र से अपना प्रतिनिधि नियुक्त करने वाला दैनिक समाचार पत्र, न्यूज चैनल, न्यूज एजेंसीज को प्रतिनिधि नियुक्त करने के लिए जिला मैजिस्ट्रेट को आवेदन करना होगा, जो जिला सूचना व संपर्क अधिकारी की तस्दीक उपरांत स्वीकृति प्रदान करेंगे।
जिला सूचना व संपर्क अधिकारी अपनी रिपोर्ट में दर्शाएंगे कि अमूक दैनिक समाचार पत्र, न्यूज चैनल, न्यूज एजेंसीज को इस क्षेत्र से प्रतिनिधि की जरूरत है।
संशोधित नियमावाली के चलते प्रैस कार्ड की खरीद-फरोख्त तथा प्रेस लिखे वाहनों पर सरकारी तंत्र की नजर रहेगी। तथ्य पाए जाने उपरांत अपराधिक मामला कार्ड धारक, कार्ड जारी करने वाले हस्ताक्षर तथा प्रैस लिखे वाहन के मालिक पर दर्ज होगा। जाहिर है केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की इस संभावित योजना पर अमल होने से पत्रकारिता का मानचित्र बदल जाएगा।
क्या कहती है पुलिस?
हम खुद प्रेस कार्ड वालो से परेशान है कैसे पता किया जाये की कौन सही पत्रकार है और कौन फर्जी इसके लिये जैसे ही आदेश आते है प्रेस लिखे सभी वाहनों की जाँच की जायेगी और जो भी सूचना जनसम्पर्क विभाग की लिस्ट मै नही होगा उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा।


लेखन का लाभ? (संपादकीय)

 


अपनी किस से यारी है , आज इसकी तो कल उसकी बारी है - ब्लॉग लेखन विशेष


एक मित्र ने मुझसे कहा कि - क्या मधुकर जी आप गाय पर भी ब्लॉग लिख सकते हो ?क्या शहर में दूसरी कोई समस्या या विषय नहीं मिला क्या आपको ?


मैंने कहा भाई ! गाय ?तुम गाय कह रहे हो मैं तो कुत्ते पर भी ब्लॉक लिख सकता हूं । बशर्ते कोई शहर का नेता अथवा अधिकारी कुत्ते से भी गई गुजरी कोई हरकत कर दे तो । अपनी किस से यारी है आज इसकी तो कल उसकी बारी है।


गाय तो फिर भी एक 'धार्मिक' पशु है। और यदि मेरे ब्लॉग लिखने से एक घायल पशु का भला होने की संभावना उत्पन्न होती है, तो इसमें हर्ज ही क्या है ?और वैसे भी लिखने के लिए मुझे कौन से पैसे देने पड़ते हैं । शहर में लोग पैसे दे देकर ब्लॉग लिखवा रहे हैं । किराये के पत्रकार साथ बिठाकर।और अपने नाम से चला रहे हैं। ऐसे में मैं अगर खुद प्रयास करके रोज एक दो ब्लॉग लिख लेता हूं । तो उसमें विषय क्या है , इस पर मेरे ख्याल से कोई बहुत विशेष सोचने वाली बात नहीं है।
क्या घटित हुआ है वह तो लोग अन्य मीडिया माध्यमों से जान हीं लेते हैं । और उन माध्यमों में जिस तरह से लिखा जाता है वह केवल घटना का ब्यौरा मात्र होता है। जिसमें केवल यह बताया जाता है कि क्या घटित हुआ है। और कहां घटित हुआ है । थोड़ा और अच्छा लिखने वाले यह भी लिख देते हैं कि कैसे और किन कारणों से घटित हुआ है। परंतु जो घटित हो रहा है उसके बारे में अपने विचार रखना मेरे ख्याल में ब्लॉग लेखन है। और यह कर पाना उसी के लिए संभव है जो सब खबरें पड़ता है , और उन पर विचार करके अपना मत या नजरिया लिख कर लोगों तक पहुंचाता है। ताकि लोग उस नजरिया से उस घटना को देखकर अपनी राय बना सके। सच पूछो तो खबर लिखने वाले और ब्लॉग लिखने वाले में यही एक बहुत बड़ा अंतर है। जो कि अधिकांश लोग नहीं समझ पाते हैं। और अपुन तो ठहरे कलाकार आदमी ... जो ब्लॉग लिखने से पहले ग़ज़ल और कविताएं ही लिखा करते थे। वह भी कितनी अच्छी लिखते थे, उसका अता पता नहीं । बस अपना मन खाली करने के लिए लिखा करते थे। जब देखा कि सोशल मीडिया पर लोग कविताएं और ग़ज़ल जैसी चीजें पढ़कर हल्की-फुल्की तारीफ करने लगे। तो एक दिन विचार आया कि क्यों ना ज्वलंत मुद्दों पर भी अपना विचार लिखकर सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जाए। यह यात्रा कोई 3 साल पहले शुरू हुई होगी। जिसके अंतर्गत तकरीबन 21 सौ ब्लॉग अब तक लिख चुका हूँ। बहुत संतुष्टि का अनुभव करता हूं। इस यात्रा के बीच में मैंने यह पाया है कि जो कुछ भी आपके आसपास घटित हो ,उसे यदि आप ध्यानपूर्वक देखकर उसके बारे में लिखकर लोगों तक पहुंचाएं , तो भी वह एक तरह से आपके अनुभव को लोगों से साझा करने से लोगों का ज्ञान बढ़ाने के ही काम आता है। और कुछ नहीं तो अपने अनुभव साझा करने से असीम संतुष्टि ज़रूर मिलती है।ब्लॉग लेखन के दौरान अब महसूस होने लगा है की , लोग अपनी समस्याएं कॉल कर के मुझ तक पहुंचाने लगे हैं । और उम्मीद भी करते हैं कि मैं उनके दिए हुए विषय पर भी कुछ लिखूं।अधिकांश लोगों के दिए हुए विषयों पर मैं पूरा प्रयास करता हूं कि जल्द से जल्द लिख कर आप लोगों के साथ साझा करूं। परंतु सभी पर नहीं लिख पाता हूँ। क्योंकि अकेले इंसान के लेखन की भी कुछ सीमाएं होती हैं। इसलिए बाकी लोगों से माफी मांग लेता हूँ।फिर भी मैं राजनीति के दल दल से दूर हटकर इस लेखन क्षेत्र में आकर बहुत खुश हूँ। क्योंकि राजनीति की तरह इस क्षेत्र में आपको आपसे कम योग्य इंसान के सामने शीश झुकाना नही पड़ता। और आपकी अंतरात्मा सदैव जीवित रहती है।


नरेश राघानी


बारिश ने ली 15 लोग,23 जानवरों की जान

कई राज्यों में भारी बारिश से बिगड़े हालात


लखनऊ ! जहां देश में कई इलाके मानसून की बारिश के लिए तरस रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई राज्यों में बारिश आफत बन गई है। भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित होने के साथ जान-माल का भी नुकसान हुआ है। उत्तर प्रदेश के 14 जिलों में बीते तीन दिन में आई तेज बारिश और तूफान के चलते 15 लोगों की मौत हो गई है। इसके अलावा 23 जानवरों की भी मौत हो गई है और 133 इमारतों को नुकसान पहुंचा है।


बिहार में बाढ़ के कारण जीवन अस्तव्यस्त हो चुका है। उत्तर बिहार की हालत सबसे ज्यादा खराब है। यहां शुक्रवार को भी लगातार पांचवें दिन भारी बारिश हुई है। नदियों के उफान के चलते निचले इलाकों में पानी भर गया है। बारिश के कारण घरों के गिरने से 11 लोगों की मौत हो गई है। पूर्वोत्तर के राज्य भी बारिश और बाढ़ से प्रभावित हैं। जिसमें अब तक 10 लोगों की मौत हो गई है। सबसे अधिक छह लोगों की मौत असम में हुई है। असम में आई बाढ़ के कारण 21 जिले और साढ़े आठ लाख लोग प्रभावित हैं।


पानी भर जाने के कारण लंबडिंग-बदरपुर रेल मार्ग से यातायात को रोक दिया गया है। बारिश के कारण हुई घटनाओं से मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश में भी दो-दो लोगों की मौत हो गई है। हिमाचल में बारिश के कारण छह सड़कें बंद पड़ी हैं। जिसमें शिमला में पांच सड़क और एक कांगड़ा जोन में है। शिमला के सोलन सर्कल में एक, नाहन में तीन और कांगड़ा के डलहौजी में एक सड़क बंद पड़ी है।


100 करोड़ का घोटाला,मुकदमा,सीबीआई जांच

100 करोड़ के विज्ञापन घोटाले में रेलवे अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा


नई दिल्ली ! सीबीआई ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) और कुछ कर्मचारियों के खिलाफ 100 करोड़ रुपये के विज्ञापन घोटाले में मामला दर्ज किया है। सीबीआई के मुताबिक, रेलवे अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने ऐसे पत्र-पत्रिकाओं के नाम से बिल भुगतान किया, जिनका प्रसार ही नहीं था।


जांच एजेंसी ने वरिष्ठ पीआरओ दिलीप चंद्र बोरा, कार्यालय अधीक्षक हर्धन डे और बाबुल चंद्र मेधी, मुख्य प्रचार निरीक्षक एमएमवाई आलम, लेखा सहायक हितेश डेका और वरिष्ठ कैशियर प्रबीर दास पुरकायस्थ को नामजद किया है। घोटाला 2014-18 के बीच का बताया जा रहा है।


लोकसभा अध्यक्ष की पहल संसद में सफाई-अभियान


लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर संसद परिसर में सफाई अभियान।
काश! भाजपा के सांसद अपने संसदीय क्षेत्रों में ऐसा करते।

 नई दिल्ली ! लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के नेतृत्व में संसद भवन परिसर में सफाई और ड्रीमगर्ल के नाम से विख्यत फिल्म अभिनेत्री हेमा मालिनी से लेकर केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाथ से झाडू लेकर संसद परिसर में सफाई की। यह अभियान 14 जुलाई रविवार को भी जारी रहेगा। ओम बिरला की इस पहल की प्रशंसा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रेडियो पर मन की बात के अगले संस्करण में या फिर किसी सार्वजनिक समारोह में कर देंगे। वैसे बिरला की इस पहल में कोई बुराई भी नहीं है, लेकिन अच्छा होता कि भाजपा के सभी सांसद अपने अपने संसदीय क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाते। भाजपा के सांसद अपने क्षेत्र के हालात देखेंगे तो उन्हें पता चलेगा कि कितनी गंदगी फैली हुई है। वर्षों से नालों की सफाई नहीं हुई है तो बीच सड़क पर कचरा डिपो बना रखे हैं। संसद भवन तो दिल्ली के गिने चुने सरकारी भवनों में से एक है और वैसे भी इन दिनों संसद चल रही है, इसलिए गंदगी होने का सवाल ही नहीं उठता। ऐसे में सांसदों को अपने अपने क्षेत्रों में जाकर हालात देखने चाहिए। सांसदों को स्वच्छता अभियान के प्रति जागरुक करने में ओम बिरला महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। लोकसभा में भाजपा और सहयोगी दलों के सांसदों की संख्या 250 है और इसी प्रकार राज्यसभा में 100 सांसद हैं। यानि देश के 450 लोकसभा क्षेत्रों में सांसदों के भरोसे स्वच्छता अभियान चलाया जा सकता है। संसद परिसर में स्वच्छता अभियान तभी सफल होगा, जब ओम बिरला 450 सांसदों को सक्रिय कर देशभर में स्वच्छता अभियान चलवाएं। ओम बिरला इस काम को सही अंजाम दे सकते हैं। इस अभियान की शुरुआत ओम बिरला अपने कोटा संसदीय क्षेत्र से कर सकते हैं। यदि भाजपा और सहयोगी दलों के सांसद अपने-अपने क्षेत्रों में झाडू लेकर सफाई करते हैं तो देशभर में सकारात्मक संदेश जाएगा। इससे लोगों में सफई के प्रति जागरुकता भी होगी।
एस.पी. मित्तल


चुनाव में रखी पगड़ी,अब मिलने में गुरेज


चुनाव में तो पगड़ी तक रख दी थी, लेकिन मंत्री बनने के बाद समाज के लोगों से मिलने में भी गुरेज। अजमेर के ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधि दो दिन तक इंतजार के बाद भी चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा से नहीं मिल सके।

अजमेर ! चुनाव के दौरान और चुनाव जीतने के बाद मंत्री बन जाने पर राजनेताओं का चरित्र कैसा होता है इसका आभास अजमेर के सर्व ब्राह्मण महासभा के प्रतिनिधियों को 11 व 12 जुलाई को जयपुर में हुआ। महासभा के जिला अध्यक्ष पंडित बलराम शर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा से मिलने के लिए 11 जुलाई को जयपुर गया। इस प्रतिनिधि मंडल में संजय तिवारी, कपिल व्यास, नरेश मुदगल, पवन आदि पदाधिकारी शामिल थे। चूंकि गत परशुराम जयंती के मौके पर रघु शर्मा ने समाज का कार्य बताने के लिए कहा था इसलिए प्रतिनिधि मंडल जयपुर गया। 11 जुुलाई को दोपहर को जयपुर पहुंचते ही पंडित बलराम शर्मा ने मंत्री के पीए को मोबाइल पर सूचना दे दी। मंत्री के पीएम ने कहा कि फुर्सत मिलते ही आपको बुलवा लिया जाएगा। चूंकि मसूदा के विधायक राकेश पारीक भी समाज के ही हैं इसलिए प्रतिनिधि मंडल जयपुर स्थित उनके सरकारी आवास पर पहुंच गया। परीक ने समाज के लोगों का पूरा मान सम्मान किया और मंत्री के बुलाने तक उनके घर पर ही इंतजार करने के लिए कहा। रात आठ बजे तक समाज के प्रतिनिधि मंत्री को फोन करते रहे, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। 12 जुलाई को सुबह समाज के लोग मंत्री रघु शर्मा के सिविल लाइन स्थित सरकारी आवास पर पहुंच गए। समाज के लोगों को उम्मीद थी कि अब तो मंत्रीजी से मुलाकात हो ही जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मंत्री प्रभावशाली लोगों से लगातार मिलते रहे लेकिन समाज के लोगों को मिलने के लिए नहीं बुलाया। जब बेबस समाज के बेबस प्रतिनिधि इंतजार कर रहे थे कि तभी रघु शर्मा सरकारी कार में बैठ कर बंगले से चले गए। मंत्री के इस रवैये पर महासभा के जिला अध्यक्ष बलराम शर्मा ने अफसोस जताया है। शर्मा ने बताया कि लोकसभा के उपचुनाव में रघु शर्मा को जिताने के लिए ब्राह्मण समुदाय ने पूरी ताकत लगाई थी। तब एक समारोह में शर्मा ने अपनी पगड़ी समाज के सामने रखी और वायदा किया कि जीतने पर समाज का गुलाम बनकर सेवा करूंगा। उपचुनाव में शर्मा की जीत हुई और फिर केकड़ी में भी विधानसभा चुनाव के दौरान जीत हासिल हुई। लेकिन अब जब रघु शर्मा मंत्री बन गए हैं तो समाज के लोगों को ही सम्मान नहीं दे रहे हैं। बलराम शर्मा ने कहा कि रघु शर्मा उन्हें अच्छी तरह जानते हैं। वे शहर कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष भी हैं। यह बात भी रघु शर्मा को पता है। अपनी पीड़ा को लेकर बलराम शर्मा ने फेसबुक पर पोस्ट डाली है। अब इस पोस्ट पर ब्राह्मण समुदाय के लोग नाराजगी जता रहे हैं। लोगों का गुस्सा मंत्री के व्यवहार को लेकर है। जानकारों की माने तो रघु शर्मा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ भी ऐसा ही व्यवहार कर रहे हैं। बलराम शर्मा का कहना है कि जब रघु शर्म को समाज और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से मलने की फुर्सत नहीं है तो फिर उनके मंत्री होने का क्या फायदा है।



एस.पी.मित्तल


शासन की मंशा अनुरूप हो कानून व्यवस्था: डीएम

 


माननीय आबकारी मंत्री एवं जनपद के प्रभारी मंत्री जय प्रताप सिंह के द्वारा कलेक्ट्रेट के सभागार में बैठक करते हुए अधिकारियों को सरकार एवं शासन की मंशा के अनुरूप जनपद में कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से दिये आवश्यक दिशा निर्देश।

गौतमबुद्धनगर ! जनपद में उत्तर प्रदेश शासन एवं सरकार की मंशा के अनुरूप कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण करने के उद्देश्य से आज कलैक्ट्रेट सभागार में माननीय आबकारी मंत्री एवं जनपद के प्रभारी मंत्री जय प्रताप सिंह के द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक में अध्यक्षता करते हुए समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी अधिकारियों के द्वारा इस प्रकार कार्य योजना बनाकर उसे अंतिम रूप प्रदान किया जाए ताकि शासन एवं सरकार की मंशा के अनुरूप जनपद गौतम बुद्ध नगर में कानून-व्यवस्था मानकों के अनुरूप बनी रहे और अपराधों पर नियंत्रण करने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


माननीय मंत्री जी के द्वारा जनपद की कानून व्यवस्था एवं अपराधों के नियंत्रण के संबंध में समीक्षा बैठक करते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप भू माफियाओं के विरूद्ध निरंतर रूप से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार महिला अपराध पर संबंधित अधिकारियों के द्वारा विशेष ध्यान देकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने जनपद के यातायात को सुगम बनाने के संबंध में भी विस्तार परक रूप से चर्चा की और इस संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने अपराध नियंत्रण के संबंध में लंबित विवेचनाओं में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए अपराध नियंत्रण करने के लिए निर्देशित किया गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी बीएन सिंह ने माननीय मंत्री जी को आश्वस्त किया कि उनके द्वारा अपराध नियंत्रण तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के संबंध में जो दिशा निर्देश प्रदान किए गए हैं अधिकारियों के माध्यम से अक्षर से पालन सुनिश्चित कराते हुए कार्रवाई की जाएगी। आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में जेवर विधानसभा क्षेत्र के माननीय विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण, मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह, माननीय सांसद प्रतिनिधि संजय बाली, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व मुनींद्र नाथ उपाध्याय, अपर जिलाधिकारी प्रशासन दिवाकर सिंह, उप जिलाधिकारी दादरी, उप जिलाधिकारी सदर, उप जिलाधिकारी जेवर, एस0पी0 ट्रेफिक ए0के0 झाॅ तथा अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों के द्वारा भाग लिया गया।


राकेश चैहान जिला सूचना अधिकारी गौतम बुध नगर।


स्वास्थ्य-शिक्षा शिविर में 470 मरीजों की जांच,दवा वितरित

अमरोहा-गजरौला ! वेंकटेश्वरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल  प्रबंधन के द्वारा गजरौला ब्लॉक के तिगड़ी गांव में निशुल्क बहुउद्देशीय स्वास्थ्य शिक्षा शिविर का आयोजन किया गया !


प्रबंधक डॉ राजीव त्यागी के द्वारा बताया गया, प्रबंधन का मूल उद्देश्य जनता को महत्‌वाक्षीं और स्वस्थ बनाना है! जिस में लंबे समय से प्रबंधन कार्य कर रहा है! समय-समय पर शिविर और कैंपों का आयोजन कर जनता से जुड़ने का प्रयास कर रहे हैं! ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग शिविरों में आ सके और इस प्रयास का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठा सकें ! आयोजित शिविर कैंप में 470 मरीजों की जांच करने के बाद निशुल्क दवाइयां वितरण की गई ! इस बहुउद्देशीय स्वास्थ्य शिक्षा शिविर में लोगों का विश्वास बढ़ रहा है, लोग लाभ भिंत हो रहे हैं ! जिसे हम सुचारू और संचालित करने का प्रयास करेंगे! स्वास्थ्य एवं शिक्षा शिविर में चिकित्सकों एवं मार्गदर्शक का धन्यवाद है !इसी तरह जनता के मार्गदर्शन का कार्य करते रहें


राष्ट्रीय लोक अदालत का जिला जज ने किया उद्घाटन

राष्ट्रीय लोक अदालत का जिला जज ने किया उद्घाटन


 



गोरखपुर। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार राष्ट्रीय लोक अदालत दीवानी न्यायालय गोरखपुर में जनपद न्यायाधीश- अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गोरखपुर गोविंद बल्लभ शर्मा के अध्यक्षता में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गोरखपुर सचिव तारकेश्वरी सिंह की देखरेख में विधवत जिला जज ने उद्घाटन किया! इस मौके पर दीवानी न्यायालय के न्यायाधीश गण व अधिवक्ता संघ के मंत्री अजय कुमार शुक्ला उपस्थित रहे। जिला जज ने कहा कि अधिवक्ता व वादकारियों के बिना हम न्यायाधीश बेकार है हमारे दो बच्चे अधिवक्ता व वादकारी है! आज दोनों की संख्या नहीं के बराबर राष्ट्रीय लोक अदालत में है राष्ट्र के हित के कार्यों के-लिए राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाता है !ताकि ज्यादा से ज्यादा वादकारियों का हित हो सके इस लिये सभी को आपसी विवादों को भूलकर एकजुट होकर राष्ट्रीय लोक अदालत में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। ताकि ज्यादा से ज्यादा वाद कार्यों का निस्तारण हो सके।


विधायक - सांसद ने सुनी जन समस्याएं

 गाजियाबाद- मोदीनगर! बागपत लोकसभा क्षेत्र से सांसद डॉ श्री सत्यपाल सिंह एवं स्थानीय विधायक डॉ मंजू शिवाच  के द्वारा क्षेत्र का दौरा किया ! नगर पालिका स्थित सभागार में माननीय सांसद जी ने जनता दरबार लगाया ! जिसमें लगभग 150 शिकायत कर्ता सभागार में मौजूद रहे! माननीय सांसद से अपनी-अपनी शिकायत लेकर शिकायतकर्ता मिले !


जनता दरबार में विभाग के सभी अधिकारी मौजूद थे!  मौके पर सांसद के द्वारा लगभग 50 शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही करवा  दिया गया ! और जो अन्य शिकायत रह गई थी भिन्न-भिन्न विभागों के अधिकारियों जैसे कि मोदीनगर के उप जिला अधिकारी तहसीलदार बिजली विभाग के एक्शन एसडीओ मोदीनगर थाना प्रभारी, निवाड़ी, भोजपुर एवं नगर पालिका के ईओ अनुज कौशिक को निस्तारण करने के लिए दे दिया और उन्होंने कहा कि 1 सप्ताह के अंदर सभी शिकायतों का निस्तारण हो जाना चाहिए! इस पर अधिकारियों ने समय रहते सभी समस्याओं का निस्तारण करने का आश्वासन दिया !


अंतरिक्ष उड़ान मिशन 'गगनयान' लक्ष्य की ओर

नई दिल्ली ! भारत और रूस ने भारत के पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान मिशन 'गगनयान' में सहायता देने सहित अंतरिक्ष के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को अगले स्तर तक बढ़ाने के लिए यहां उच्च-स्तरीय वार्ता की। विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और रूस की अंतरिक्ष एजेंसी रॉसकॉस्मोस के महानिदेशक दिमित्री रोगोजिन ने गुरुवार को हुई बैठक में दोनों पक्षों का नेतृत्व किया!


विदेश मंत्रालय के एक बयान में शुक्रवार को कहा गया कि भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर, 2022 में भारतीय अंतरिक्ष यात्री को अंतरिक्ष में भेजने का लक्ष्य रखने वाले गगनयान मिशन के ब्यौरों को अंतिम रूप देने के लिए दोनों अंतरिक्ष एजेंसियां लगातार संपर्क में हैं। बयान में कहा गया है कि रूस ने भारत के मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान मिशन के लिए हर प्रकार की सहायता प्रदान करने का वादा किया है ! गगनयान मिशन के लिए सहयोग से संबंधित जानकारियों पर चर्चा की। साथ ही अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में भाग लेने को लेकर भारत को समर्थन देने की पेशकश भी की गई है।


उत्तर भारत में जमकर बरसात होगी

अब जमकर बरसेंगे मानसूनी बादल


नई दिल्ली ! इस महीने मानसून के पहले से बेहतर रहने की संभावना है। इसकी वजह है अल-नीनो का पिछले महीने से कमजोर होना। अमेरिकी मौसम एजेंसी के अनुसार यह अगले एक या दो महीने में गायब हो जाएगा। दरअसल, प्रशांत महासागर के भूमध्यीय क्षेत्र के समुद्र के तापमान और वायुमंडलीय परिस्थितियों में आए बदलाव के लिए उत्तरदायी समुद्री घटना को अल-नीनो कहा जाता है।


इसके परिणाम स्वरूप समुद्र के सतह के जल का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है। इसका विस्तार 3 डिग्री दक्षिण से 18 डिग्री दक्षिण अक्षांश तक रहता है। इससे अमूमन भारतीय मानसून कमजोर हो जाता है। भारतीय मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अल-नीनो की मौजूदगी से जून में मानसून पर प्रभाव पड़ा जिसमें 33 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।


पिछले महीने कमजोर अल-नीनो का मानसून के मौसम (सितंबर-अंत) और उसके बाद भी जारी रहने का अनुमान था। हालांकि क्लाइमेट प्रीडिक्शन सेंटर और अमेरीका की राष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा बीते गुरुवार को जारी बयान के अनुसार पिछले महीने अल-नीनो काफी कमजोर हुआ है। मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मानसून पर छाई अल-नीनो की छाया अब घट रही है जो मानसून के लिए अच्छी खबर है।


(यूए)


प्रारब्ध क्या है ? ( अध्यात्म)

आध्यात्मिक चिकित्सा एक समग्र उपचार पद्धति (भाग 25)
प्रारब्ध का स्वरूप एवं चिकित्सा में स्थान


प्रारब्ध के सुयोग- दुर्योग जीवन में सुखद- दुःखद परिस्थितियों की सृष्टि करते हैं। प्रारब्ध का सुयोग उदय होने से अनायास ही सुख- सौभाग्य एवं स्वास्थ्य की घटाएँ छा जाती है। जबकि कहीं यदि प्रारब्ध का दुर्योग उदय हुआ तो जीवन में दुःख- दुर्भाग्य एवं रोग- शोक की घटाएँ घिरने लगती हैं। मानव जीवन में प्रारब्ध का यह सिद्धान्त भाग्यवादी कायरता नहीं बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि की सूक्ष्मता व पारदर्शिता है। यह ऐसा सच है जिसे हर पल- हर क्षण सभी अनुभव करते हैं। सुख- दुःख के हिंडोले में झूलते हुए इनमें से कुछ इस सच्चाई को पारम्परिक रूप से स्वीकारते हैं। जबकि कई अपनी बुद्धिवादी अहमन्यता के कारण इसे सिरे से नकार देते हैं। थोड़े से तपस्वी एवं विवेकी लोगों को आध्यात्मिक दृष्टि प्राप्त होती है, वे इस सूक्ष्म सत्य को साफ- साफ देख पाते हैं। इसे पूरी पारदर्शिता के साथ अनुभव करते हैं।


जिन्हें यह अनुभूति होती है और हो रही है वे इस सम्बन्ध में सभी के सभी तरह के सवालों का जवाब देने में सक्षम हैं। ज्यादातर जनों की जिज्ञासा होती है- प्रारब्ध है क्या? तो इसका सरल समाधान है- प्रारब्ध का अर्थ है- परिपक्व कर्म। हमारे पूर्वकृत कर्मों में जो जब जिस समय परिपक्व हो जाते हैं, उन्हें प्रारब्ध की संज्ञा मिल जाती है। यह सिलसिला कालक्रम के अनुरूप चलता रहता है। इसमें वर्ष भी लगते हैं और जन्म भी। कई बार क्रिया भाव में और विचारों का इतना तीव्रतम संयोग होता है कि वे तुरन्त, प्रारब्ध कर्म का रूप ले लेते हैं। और अपना फल प्रकट करने में सक्षम सिद्ध होते हैं। ये पंक्तियाँ अपने पाठकों को थोड़ा अचरज में डाल सकती है।किन्तु यह सभी तर्कों से परे अनुभूत सत्य है। आध्यात्मिक चिकित्सा में प्रारब्ध के स्वरूप एवं सिद्धान्त को समझना बहुत महत्त्वपूर्ण है।


इस क्रम में सबसे प्रथम बिन्दु यह है कि हमारे द्वारा किया जाने वाला प्रत्येक कर्म अविनाशी है। यह अच्छा हो या बुरा समयानुसार परिपक्व होकर प्रारब्ध में बदले बिना नहीं रहेगा। और प्रारब्ध का अर्थ ही है वह कर्म जिसका फल भोगने से हम बच नहीं सकते। इसे सामान्य जीवन क्रम के बैंक और उसके फिक्स डिपॉजिट के उदाहरण से समझा जा सकता है। हम सभी जानते हैं कि बैंक में अपने धन को निश्चित समय अवधि में जमा करने की प्रथा है।


इस प्रक्रिया में अलग- अलग जमा पूंजी एक निश्चित अवधि में डेढ़ गुनी- दो गुनी हो जाती है। इस प्रकार बैंक में हम अपने ढाई हजार रुपये जमा करके पांच साल में पांच हजार पाने के हकदार हो जाते हैं।


बस यही प्रक्रिया कर्मबीजों की है- जो जीवन चेतना की धरती पर अंकुरित, पल्लवित और पुष्पित होकर अपना फल प्रकट करने की स्थिति में आते रहते हैं। कौन कर्म किस समय फल बनकर सामने आएगा? इसमें कई कारक क्रियाशील होते हैं। उदाहरण के लिए सबसे पहले कर्म की तीव्रता क्या है? कितनी है? ध्यान देने की बात यह है कि प्रत्येक क्रिया कर्म नहीं होती। जो हम अनजाने में करते हैं, जिसमें हमारी इच्छा या संकल्प का योग नहीं होता, उसे कर्म नहीं कहा जा सकता। इसका कोई सुफल या कुफल भी नहीं होगा। इसके विपरीत जिस क्रिया में हमारी इच्छा एवं संकल्प का सुयोग जुड़ता है, वह कर्म का रूप धारण करती है।और इसका कोई न कोई फल अवश्य होता है।


डॉ. प्रणव पण्ड्या


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