रविवार, 30 जुलाई 2023

यूजर्स को लक्षित करने, 2 फैमिलीज की खोज

सोशल मीडिया: 2 नए मैलवेयर फैमिलीज की खोज
डॉ. सुभाषचंद्र गहलोत 
सैन फ्रांसिस्को। गूगल प्ले पर एंड्रॉइड यूजर्स को लक्षित करने वाले दो नए मैलवेयर फैमिलीज की खोज की गई है, जिनका नाम चेरीब्लोस और फेकट्रेड है, जो क्रिप्टोकरेंसी क्रेडेंशियल और फंड चुराने या ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन (ओसीआर) का उपयोग कर घोटाले करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। साइबर सुरक्षा सॉफ्टवेयर कंपनी ट्रेंड माइक्रो के अनुसार, दोनों मैलवेयर एक ही नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्टिफिकेट्स का उपयोग करते हैं, जो दर्शाता है कि समान व्यक्तियों ने उन्हें बनाया है। 
ऐप्स अलग-अलग चैनलों के माध्यम से वितरित किए जाते हैं, जिनमें सोशल मीडिया, फिशिंग वेबसाइट और गूगल प्ले पर शॉपिंग ऐप्स शामिल हैं। चेरीब्लोस मैलवेयर को पहली बार अप्रैल 2023 में एपीके (एंड्रॉइड पैकेज) फाइल के रूप में टेलीग्राम, ट्विटर और यूट्यूब पर एआई टूल या क्रिप्टोकरेंसी माइनर्स के रूप में विपणन करते हुए देखा गया था।  रिपोर्ट के मुताबिक, एपीके के लिए इस्तेमाल किए गए नाम जीपीटॉक, हैप्पी माइनर, रोबोट999 और सिंथनेट हैं। डाउनलोड किया गया मैलवेयर चेरीब्लोस (एंड्रॉइडओएस_चेरीब्लोस डॉट जेलीएल), जिसका नाम इसके हाइजैकिंग फ्रेमवर्क में उपयोग की जाने वाले यूनिक स्ट्रिंग के कारण रखा गया है, क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट-संबंधित क्रेडेंशियल चुरा सकता है, और विथड्रावल करते समय पीड़ितों के एड्रेस को बदल सकता है। इसके अलावा, एक और दिलचस्प फीचर इनेबल किए जा सकते है, जो फोटो और इमेज से टेक्स्ट हटाने के लिए ओसीआर का उपयोग करती है। रिसर्चर्स ने लिखा, "एक बार अनुमति मिलने के बाद, चेरीब्लोस दो काम करेगा- एक्सटर्नल स्टोरी से पिक्चर रीड करेगा और इन पिक्चर्स से टेक्स्ट निकालने के लिए ओसीआर का उपयोग करेगा, और नियमित अंतराल पर ओसीआर रिजल्ट सी एंड सी सर्वर पर अपलोड करें।"

लुभावना: आशा-उषा कार्यकर्ताओं को तोहफा दिया

लुभावना: आशा-उषा कार्यकर्ताओं को तोहफा दिया   
ओम प्रकाश दुबे   
भोपाल। चुनाव से पहले सीएम शिवराज ने आशा-उषा कार्यकर्ताओं को दिया बड़ा तोहफा, मानदेय में वृद्धि, रिटायरमेंट में भी वृद्धि
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की है। शनिवार को आशा, उषा कार्यकर्ताओं की महापंचायत सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आशा और उषा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाया जाएगा। उनका कहना था कि आशा और ऊषा कार्यकर्ताओं का मानदेय दो हजार रुपये से छह हजार रुपये होगा। उन्हें रिटायरमेंट पर एक लाख रुपये भी मिलेंगे। सीएम शिवराज की इस घोषणा से प्रदेश के आशावादी और ऊषा कार्यकर्ताओं में उत्साह का भाव है। इसी साल राज्य में विधानसभा चुनाव भी होंगे।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कई आशा और उषा बहनें अभी भी मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना में शामिल नहीं हैं। मुख्यमंत्री लाडली पेरहा योजना में प्रत्येक आशा और उषा बहन को सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आपात्कालीन अवकाश है. हालाँकि, जरूरत के समय हमारा काम भी ऐसा ही होता है, लेकिन फिर भी इंसान होने के नाते हमें किसी भी स्थिति में आपातकालीन छुट्टी सुनिश्चित करने के लिए एक प्रणाली बनानी चाहिए।
बीमा की भी सुविधा मिलेगी
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि आशा और ऊषा कार्यकर्ताओं को पांच लाख रुपये का स्वास्थ बीमा भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से ऊषा बहनों और हमारी आशा को स्वास्थ्य की चिंता नहीं होगी। सीएम ने कहा कि आशा के वेतन और सत्यापन तत्काल ब्लॉक स्तर पर आशा डायरी के आधार पर किया जाएगा। कोई समय सीमा नहीं है। लेकिन मेरी बहन आपको एक इंसेंटिव देती है और दूसरा मानदेय में दो हजार रुपये देती है। मैं आपके काम का स्तर जानता हूँ। अब जनता के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए लगभग पूरा समय गुजरता है। 2 हजार रुपये का मानदेय अत्यंत कम है। मैं इसे बढ़ाकर छह हजार करने का आदेश देता हूँ।
सीएम ने कहा कि कई आशा बहनें सेवा से पृथक कर दी जाती हैं, हालांकि आम कामों में भी कोई कमी नहीं होती है। मैं ये निर्देश दे रहा हूँ कि ये बहनें बिना किसी गंभीर कारण के सेवा से नहीं निकाली जाएंगी। ताकि आशा बहनें और पर्यवेक्षकों की सेवानिवृत्ति 60 वर्ष से 62 वर्ष में की जाएगी, जिससे वे स्वस्थ रहकर और बेहतर काम कर सकें। CM ने कहा कि आशाओं और आशाओं के पर्यवेक्षक बहनों को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ मिलेगा।

अविश्वास प्रस्ताव लाकर विपक्ष ने क्यों खेला जुआ ?

अविश्वास प्रस्ताव लाकर विपक्ष ने क्यों खेला जुआ ?
अकांशु उपाध्याय
नईदिल्ली। मॉनसून सत्र की शुरुआत से ही विपक्षी दल मांग कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मणिपुर में हिंसक स्थिति पर संसद में बयान दें। कई दिनों के विरोध और हंगामे के बाद, विपक्ष ने बुधवार को सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए दो अलग-अलग नोटिस दिए, मकसद सीधा सा है कि प्रधानमंत्री को जवाब देने के लिए मजबूर किया जाए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नियमों के तहत आवश्यक 50 सांसदों की संख्या के बाद लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई द्वारा सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। इस प्रस्ताव को विपक्षी भारत गठबंधन और भारत राष्ट्र समिति के घटकों ने समर्थन दिया है। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई द्वारा बुधवार को लोकसभा में पीएम मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के एक दिन बाद, सीपीआई सांसद बिनॉय विश्वम ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन के कई दलों को लगता है कि प्रस्ताव मजबूत और अधिक प्रभावी होता। यदि इसने अन्य भारतीय पार्टियों का प्रतिनिधित्व किया होता। बिनॉय विश्वम ने कहा कि केवल सीपीआई ही नहीं, बल्कि कई अन्य दलों ने जिम्मेदार तरीके से आपत्ति जताई। कांग्रेस नेतृत्व ने इसे समझा और वे इतने लोकतांत्रिक हैं कि वे सहमत हुए कि यह जल्दबाजी में हुआ। मॉनसून सत्र की शुरुआत से ही विपक्षी दल मांग कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मणिपुर में हिंसक स्थिति पर संसद में बयान दें। कई दिनों के विरोध और हंगामे के बाद, विपक्ष ने बुधवार को सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए दो अलग-अलग नोटिस दिए, मकसद सीधा सा है कि प्रधानमंत्री को जवाब देने के लिए मजबूर किया जाए। संविधान निर्दिष्ट करता है कि प्रधानमंत्री मंत्रिपरिषद का प्रमुख होता है। इसलिए, जब भी सांसद लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करते हैं तो पीएम बहस का जवाब देते हैं। विपक्षी दलों के इस कदम के लिए पीएम को चर्चा के दौरान उनके द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देना होगा। संसद के रिकॉर्ड बताते हैं कि 2019 में शुरू हुए मौजूदा लोकसभा के कार्यकाल के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सात बहसों में हिस्सा लिया है। इनमें से पांच हस्तक्षेप तब आए जब उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर वार्षिक बहस का जवाब दिया। अन्य दो अवसर थे (i) फरवरी 2020 में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की स्थापना के बारे में सदन को सूचित करना, और (ii) 2019 में नवनिर्वाचित अध्यक्ष, ओम बिड़ला को सम्मानित करते हुए भाषण। विपक्ष ने इस बात की भी आलोचना की है कि पीएम ने मणिपुर पर सदन के बजाय संसद के बाहर बोलने का विकल्प चुना. अतीत में, जब सत्र चल रहा था तो प्रधानमंत्रियों और मंत्रियों ने संसद के बाहर नीति और अन्य घोषणाएँ की थीं। लोकसभा के लगातार अध्यक्षों ने फैसला सुनाया है कि ऐसी घोषणाएं करने से संसदीय विशेषाधिकार का उल्लंघन नहीं होता है। भारत की कैबिनेट सरकार में, मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है।
लोकसभा के नियम यह जांचने के लिए अविश्वास प्रस्ताव की व्यवस्था प्रदान करते हैं कि मंत्रिपरिषद को सदन का विश्वास प्राप्त है या नहीं। अब तक सत्ताईस अविश्वास प्रस्ताव लाए जा चुके हैं। इनमें से कोई भी प्रस्ताव, जिसमें 2018 में पहली मोदी सरकार के ख़िलाफ़ प्रस्ताव भी शामिल है, सफल नहीं हुआ है। मौजूदा सरकार के पास लोकसभा में बड़ा बहुमत है और मौजूदा अविश्वास प्रस्ताव के भी खारिज होने की संभावना है। 1979 में प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई को एहसास हुआ कि उनके पास अधिकांश सांसदों का समर्थन नहीं है और इसलिए सदन ने प्रस्ताव पर मतदान करने से पहले इस्तीफा दे दिया। विपक्षी दलों ने सरकार को जवाबदेह ठहराने के लिए अविश्वास प्रस्ताव पर जोर देना जारी रखा है। 
1963 में जेबी कृपलानी ने लोकसभा में पहला अविश्वास प्रस्ताव पेश किया, भले ही प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू की सरकार के पास पर्याप्त बहुमत था। आचार्य कृपलानी ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा, “ऐसी सरकार के खिलाफ यह प्रस्ताव लाना मेरे लिए बेहद अफसोस की बात है, जो मेरे लगभग 30 साल पुराने कई पुराने दोस्तों के साथ चलाया जा रहा है। लेकिन कर्तव्य की पुकार और अंतरात्मा की आवाज सर्वोपरि है। यहां किसी भी भावना का कोई सवाल ही नहीं हो सकता है। अपने उत्तर में नेहरू ने कहा कि सरकारों का समय-समय पर परीक्षण किया जाना अच्छा है, तब भी जब उनके पराजित होने की कोई संभावना न हो। लोकसभा की प्रक्रिया के नियम निर्दिष्ट करते हैं कि अविश्वास प्रस्ताव स्वीकार होने के बाद, अध्यक्ष उस तारीख को निर्दिष्ट करेगा जिस दिन बहस शुरू होगी। यह तारीख सदन में प्रस्ताव स्वीकार होने की तारीख से 10 दिन के भीतर होनी चाहिए। 1987 से अब तक छह अविश्वास प्रस्ताव आ चुके हैं। चार मौकों पर, बहस उसी तारीख को शुरू हुई जब प्रस्ताव स्वीकार किया गया था। बहस आयोजित करने में सबसे लंबा समय छह दिनों का रहा है। 
1992 में, जब प्रधान मंत्री पी वी नरसिम्हा राव की सरकार को अपने पहले अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ा था। 2018 का अविश्वास प्रस्ताव 18 जुलाई को स्वीकार किया गया और चर्चा 20 जुलाई को शुरू हुई। बहस कई घंटों, कई दिनों तक चल सकती है। 2018 की बहस लगभग 12 घंटे की थी।  2003 में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के खिलाफ सोनिया गांधी के एक प्रस्ताव पर, दो दिनों में 21 घंटे लग गए।

डीजल-पेट्रोल का मुनाफा जनता में बांटे सरकार

डीजल-पेट्रोल का मुनाफा जनता में बांटे सरकार   
अकांशु उपाध्याय  
नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि मोदी सरकार सस्ती दर पर पेट्रोल और डीजल का आयात कर देश में उसे महंगे दाम पर बेचकर भारी मुनाफा कमा रही है और इस कमाई का फायदा देश की जनता को मिले इसलिए कीमत कम से कम 35 प्रतिशत तक की कम की जानी चाहिए।
कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश रविवार को यहां जारी एक बयान में कहा कि मोदी सरकार पेट्रोल-डीज़ल पर निर्दयी तरीके से मुनाफाखोरी कर रही है और पिछले एक साल में कच्चा तेल 35 प्रतिशत तक सस्ता हुआ है लेकिन पेट्रोल-डीज़ल के दाम नहीं घटाए गए। उन्होंने कहा “देशवासी महंगाई और बेरोज़गारी की मार झेलते हुए आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार देशवासियों की खून-पसीने की कमाई लूटने में लगी है। कच्चे तेल की कीमत कम होने के बावजूद उसका लाभ देशवासियों को देने की बजाए सरकार पेट्रोल और डीज़ल पर निर्दयी तरीके से टैक्स लगाकर सस्ते में ईंधन को महंगे में बेचकर मुनाफाखोरी कर रही है।
सरकार ने पेट्रोल व डीज़ल में न केवल स्वयं भयानक मुनाफ़ाख़ोरी की है, बल्कि मित्र पूँजीपतियों के भी वारे न्यारे करवाए हैं। टैक्स बढाने से पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई और गरीबों, मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों की जेब पर डाका डाला गया है। बीते एक साल में कच्चा तेल 35 प्रतिशत सस्ता हो चुका है, मगर पेट्रोल-डीज़ल के दाम नहीं घटाए गए हैं।
” कांग्रेस नेता ने कहा “सरकारी और प्राइवेट तेल कंपनियों को पेट्रोल-डीज़ल बेचने पर 10 रुपए प्रति लीटर से ज्यादा का मुनाफा हो रहा है। इसके बावजूदजनता को राहत नहीं दी जा रही है। क्रिसिल की एक रिपोर्ट के अनुसार देश की तीन सरकारी तेल कंपनियों आईओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल को मौजूदा वित्त वर्ष मे एक लाख करोड़ रुपये के करीब ऑपरेटिंग प्रॉफिट होने का अनुमान है जो बीते वर्ष के 33 हजार करोड़ रुपए से तीन गुना है।
पहली तिमाही में भी उनके रिफाइनिंग मार्जिन में इजाफे का अनुमान है। यदि सरकारी कंपनियां मुनाफा कमा रही हैं तो प्राइवेट कंपनियों को भी यह भारी लाभ दिया जा रहा है।” उन्होंने कहा “इस सरकार के कार्यकाल में औसतन कच्चे तेल की कीमत 65 डॉलर प्रति बैरल से कम रही है।
पिछले तीन महीने से भी लगातार 70-80 डॉलर के बीच में रही लेकिन जनता के लिए पेट्रोल, डीज़ल के दाम कम नहीं किए जा रहे हैं। देश के अधिकतर हिस्सों में पेट्रोल 100 रुपए प्रति लीटर से ज्यादा और डीज़ल 90 रुपए के ऊपर हैं। सरकार ने देश को महंगाई में झोंक रखा है। सब्जी, फल, मसाले समेत अन्य चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं।
सरकार जनता को कोई राहत देने की बजाय मुनाफाखोरी कर रही है।”  रमेश ने कहा “केंद्र सरकार यदि देश में बढ़ रही महंगाई से राहत देना चाहे तो पेट्रोल और डीज़ल के टैक्स बंद कर पेट्रोल और डीज़ल के मूल्यों को 25-30 रुपए प्रति लीटर कम कर सकती है। सरकार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के मूल्यों में आई कमी के अनुरूप पेट्रोल- डीज़ल के मूल्यों को 35 प्रतिशत कम करनी चाहिए, ताकि देश की जनता को कमर तोड़ महंगाई से कुछ राहत मिल सके।

यूपी, एपी व बिहार में सर्वाधिक बच्चों की तस्करी

यूपी, एपी व बिहार में सर्वाधिक बच्चों की तस्करी    
अकांशु उपाध्याय  
नई दिल्ली। वर्ष 2016 से 2022 के बीच बच्चों की तस्करी की सर्वाधिक घटनाओं के लिहाज से उत्तर प्रदेश, बिहार और आंध्र प्रदेश शीर्ष तीन राज्यों में शामिल हैं, जबकि दिल्ली में कोविड-19 से पहले के मुकाबले महामारी के बाद के चरण में बाल तस्करी के मामलों में 68 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) के नये अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है। 'चाइल्ड ट्रैफिकिंग इन इंडिया : इनसाइट फ्रॉम सिचुएशनल डेटा एनालिसिस एंड नीड फॉर टेक-ड्रिवन इंटरवेंशन स्ट्रेटजी' शीर्षक वाली एक व्यापक रिपोर्ट में इन आंकड़ों का खुलासा किया गया है। इस रिपोर्ट को ‘गेम्स 24x7’ और कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन (केएससीएफ) ने संयुक्त रूप से मिलकर तैयार किया है।
कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन (केएससीएफ) के संस्थापक शांति के लिए नोबेल पुरस्कार जीतने वाले कैलाश सत्यार्थी हैं। यह रिपोर्ट रविवार को 'विश्व मानव तस्करी निरोधक दिवस' के मौके पर जारी की गई, जो देश में बाल तस्करी की चिंताजनक स्थिति को बयां करती है। रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, बिहार और आंध्र प्रदेश तीन ऐसे शीर्ष राज्य हैं, जहां 2016 से 2022 के बीच सबसे ज्यादा बच्चों की तस्करी हुई।
रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में कोविड-19 से पहले के मुकाबले महामारी के बाद बच्चों की तस्करी के मामलों में 68 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। जिलावार देखें तो बाल तस्करी में सबसे ऊपर जयपुर शहर है, जबकि सूची के अन्य शीर्ष चार स्थान पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के इलाके शामिल हैं।
‘गेम्सx24’ की टीम ने बाल तस्करी से जुड़े ये आंकड़े केएससीएफ और उसके सहयोगियों से जुटाए हैं। ये अध्ययन 2016 से 2022 के बीच 21 राज्यों के 262 जिलों में किया गया, जो कि बाल तस्करी के मौजूदा चलन और तरीकों पर व्यापक जानकारी मुहैया कराता है। अध्ययन के मुताबिक, इस अवधि के दौरान 18 साल से कम उम्र के कम से कम 13549 बच्चों को बचाया गया।
रिपोर्ट में बताया गया कि बचाए गए 80 फीसदी बच्चे 13 से 18 साल की उम्र के हैं जबकि 13 फीसदी नौ से 12 साल की उम्र के और दो फीसदी नौ साल से भी कम उम्र के हैं। रिपोर्ट दर्शाती है कि बाल तस्करी ने अलग-अलग उम्र सीमा के बच्चों को प्रभावित किया है, जिसकी वजह से यह एक व्यापक मुद्दा बन गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक विभिन्न राज्यों में बाल तस्करी के मामलों में महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की गई है, लेकिन उत्तर प्रदेश में बाल तस्करी के मामलों में सर्वाधिक बढ़ोतरी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड-19 से पहले (2016 से 2019) दर्ज घटनाएं 267 थीं, लेकिन महामारी के बाद के चरण(2021 से 2022) में इनमें भारी वृद्धि देखी गई और 1214 मामले दर्ज किए गए।
रिपोर्ट में बताया कि कर्नाटक में 18 गुना वृद्धि दर्ज की गई और दर्ज मामलों की संख्या छह से बढ़कर 110 हो गई। रिपोर्ट में इन चिंताजनक आंकड़ों के बावजूद पिछले एक दशक में सरकार और प्रवर्तक एजेंसियों द्वारा उठाए गए सकरात्मक कदमों को भी रेखांकित किया गया है। हालांकि, रिपोर्ट में बाल तस्करी से प्रभावी रूप से निपटने के लिए एक व्यापक तस्करी निरोधक कानून की जरूरत पर जोर दिया गया है।

मंत्री ने सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम को संबोधित किया

मंत्री ने सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम को संबोधित किया  
इकबाल अंसारी  
गांधीनगर। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को कहा कि अगर महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियां (सीईटी) शक्ति के नए आयाम के रूप में उभरें, तो इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं होगी। उन्होंने साथ ही जोड़ा कि सीईटी क्षेत्र में चिंता इस बात की है कि बाजार हिस्सेदारी किस तरह प्रभावित होती है और उत्पादन में प्रभुत्व का अन्य क्षेत्रों में क्या लाभ उठाया जाता है।
जयशंकर ने यहां आयोजित ‘सेमीकॉन इंडिया-2023’ कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये संबोधित करते हुए कहा कि सीईटी के संबंध में आविष्कार और विनिर्माण, बाजार हिस्सेदारी, संसाधन और कौशल जैसे पहलू महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं।
मंत्री ने यह भी कहा कि भारत जितना अधिक आत्मनिर्भर होगा, सेमीकंडक्टर उत्पादन में भी उसकी आत्मनिर्भरता उतनी अधिक होगी। उन्होंने ‘महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों में भारत की भूमिका’ विषय पर अपने संबोधन में कहा, यह (सीईटी) ज्ञान अर्थव्यवस्था का एक आंतरिक तत्व है, जिसका प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।
इसकी प्रमुख विशेषताओं में एक है कि यह प्रौद्योगिकियों को इतनी गहराई से जोड़ता है कि हमारे जीवन के सभी हिस्से इससे बहुत अधिक प्रभावित होते हैं।उन्होंने कहा, ‘‘इसके चलते अगर हमारी आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों की प्रकृति में बदलाव आता है, तो यह आश्चर्य की बात नहीं है कि महत्वपूर्ण और उभरती हुई प्रौद्योगिकियां (सीईटी) ताकत के सबसे महत्वपूर्ण आयाम के रूप में उभरें। जयशंकर ने कहा कि सीईटी आज कई प्रमुख भागीदारों के साथ बातचीत का एक महत्वपूर्ण विषय है।

सीमा के चक्कर में खाने-पीने के पड़ गए लाले

सीमा के चक्कर में खाने-पीने के पड़ गए लाले   
अश्वनी उपाध्याय   
गौतमबुध नगर। पिछले कुछ दिनों से सीमा हैदर और उसके प्रेमी सचिन की कहानी चर्चा का विषय बनी हुई है। इन दोनों का मामला सोशल मीडिया पर भी काफी सुर्खियों में रहा है। वहीं अब इनको लेकर एक और खबर सामने आ रही है। दरअसल इन दिनों सीमा और सचिन अपना घर छोड़कर रबूपुरा के दूसरे घर में रह रहे हैं। इसी बीच सचिन के पिता का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वे बता रहे हैं कि पुलिस केस होने की वजह से पूरा परिवार घर में ही रह रहा है। वे लोग काम करने के लिए घर से बाहर नहीं जा पा रहे हैं। जिसके चलते घर के हालात खराब हो गए हैं। खाने-पीने की चीजों की काफी दिक्कत हो रही है। 
वहीं, सचिन के पिता ने आगे कहा, हम लोग रोज कमाकर खाने वाले लोग हैं। लेकिन जब से पुलिस ने घर से बाहर न जाने के लिए कहा तब से वे लोग कुछ भी नहीं कमा पा रहे हैं। बस दिनभर घर में ही रहते हैं। ऐसे में खाने-पीने के लाले पड़ गए हैं। घर में राशन भी नहीं बचा है। हमने लोकल एसएचओ को भी इसके लिए पत्र लिखा है। ताकि वे हमारी बात आगे सीनियर अधिकारियों तक पहुंचाएं।

हरियाणा-हिमाचल सीमा पर डैम बनाने का आदेश

हरियाणा-हिमाचल सीमा पर डैम बनाने का आदेश   
राजेश ओबरॉय    
चंडीगढ़। हर बार बरसात से आने वाली बाढ़ से लोगो को छुटकारा दिलाने के लिए  हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा हिमाचल सीमा पर डैम बनाने के लिए आदेश जारी कर दिए हैं। ये डैम 7000 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा। आपको बता दें की  हरियाणा सिंचाई विभाग के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर आर एस मित्तल ने बताया कि मुख्यमंत्री एवं सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के बाद इस काम में तेजी लाई जा रही है। 
हरियाणा सरकार ने लिखा है एनओसी के लिए 
उन्होंने बताया कि इसके लिए  हरियाणा सरकार ने हिमाचल सरकार को डैम बनाने के लिए एनओसी के लिए लिखा हुआ है। अभी तक हिमाचल ने एनओसी नहीं दी है। एनओसी  के बाद एमओयू साइन होगा उसके बाद प्रक्रिया में और तेजी लाई जा सकेगी। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर  डैम बनने से सिंचाई विभाग को भी भारी लाभ होगा। जिसे हर साल करोड़ों रुपए की राशि बाढ़ रोकथाम कार्यों पर खर्च करनी पड़ती है। 
हरियाणा मुख्यमंत्री ने दिए आदेश 
सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने कहा है कि जल्द से जल्द हरियाणा हिमाचल सीमा पर डैम बनाया जाए, ताकि हर साल हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश एवं हिमाचल में होने वाली बाढ़ से तबाही से बचा जा सके। डैम बनाने को लेकर पांच राज्यों हरियाणा, हिमाचल, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान को जहां एमओयू साइन करना है वही डैम के निर्माण को लेकर हरियाणा हिमाचल को अन्य कई कदम भी उठाने हैं।
हरियाणा हिमाचल की सीमा पर बनने वाले इस डैम के कारण हरियाणा एवं  हिमाचल के कुछ गांव प्रभावित होंगे। जिन्हें अन्य स्थानों पर बसाया जाना प्रस्तावित है। इनमें हरियाणा के चार एवं हिमाचल के पांच गांव शामिल हैं। दरअसल मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को 2 वर्ष पूर्व हथिनी कुंड बैराज से लगभग 5 किलोमीटर पहले हरियाणा हिमाचल सीमा पर डैम बनाने की संभावना का पता लगाने के निर्देश दिए थे।
जिसके बाद सिंचाई विभाग हरियाणा के वरिष्ठ अधिकारियों की एक कमेटी का गठन हुआ था। जिसने इस मामले की प्राथमिक रिपोर्ट तैयार की और उसे मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री इस रिपोर्ट से सहमत हुए और उन्होंने इस कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
7000 करोड़ हो चुकी है डैम के निर्माण राशि 
आपको बता दें की   इस डैम के निर्माण पर हालांकि डेढ़ वर्ष पहले करीब, 6134 करोड़ रुपए की राशि खर्च होने का अनुमान था लेकिन वर्तमान में यह राशि बढ़कर करीब 7000 करोड़ हो चुकी है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि डैम के स्थान का चयन कर लिया गया है, जो 5400 एकड़ भूमि पर बनेगा। इस डैम के बनने से हथिनी कुंड बैराज से क्रॉस होने वाला पानी इस डैम में रोका जा सकेगा। जिसे वर्ष के 9 महीनों में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान की मांग के अनुसार उसकी पूर्ति हो सकेगी। 
बाढ़ रोकथाम कार्यों पर यमुना के किनारों को पक्का करने, स्टड लगाने पर हर साल करोड़ों रुपए की राशि खर्च होती है, अगर यमुना में पानी मांग के अनुसार छोड़ा जाएगा तो बाढ़ रोकथाम के लिए लगाए जाने वाले करोड़ों रुपए की भी लगाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके अलावा बाढ़ से होने वाले नुकसान की पूर्ति के लिए भी  सरकार  हर साल करोड़ों रुपए का मुआवजा देती है, सरकार को वह भी नही देना पड़ेगा। हर साल यमुना में हजारों एकड़ भूमि फसलों सहित समा जाती है उससे भी बचाव हो सकेगा।
बाढ़ आने के कारण भारी मात्रा में पानी होता है क्रॉस
यमुनानगर के हथिनी कुंड बैराज से हर साल जून से सितंबर तक के महीने में बाढ़ आने के कारण भारी मात्रा में पानी क्रॉस होता है। जो हरियाणा और दिल्ली को बुरी तरह प्रभावित करता है। इसी के चलते इस पर राजनीति होती है। दिल्ली हरियाणा पर पानी छोड़ने का आरोप लगाता है। जबकि हरियाणा कहता है कि हथनी कुंड बैराज है, डैम नहीं। जहां पानी रोका जा सके। अगर डैम बनता है तो इस तरह की बयानबाजी से भी हमेशा के लिए छुटकारा मिलेगा। 
जानिए क्यों है बांध की आवश्यकता 
हथिनी कुंड बैराज की स्थापना बंसीलाल सरकार में 1999 में हुई थी। यह रिकॉर्ड 3 वर्ष में बनकर तैयार हुआ था। देश के 5 राज्यों हरियाणा, हिमाचल, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश में पानी के बंटवारे को लेकर इस बैराज की स्थापना की गई थी।
इनमें इन सभी 5 राज्यों का पानी का हिस्सा रहता है जो सामान्य परिस्थितियों में नियम मुताबिक दिया जाता है। यहां मानसून के दिनों में अधिक वर्षा होने के बाद पानी को  नापने का सिस्टम है जिससे पता चल सके कि यहां से कब-कब कितना पानी क्रॉस हुआ है। बैराज में 18 गेट लगे हुए हैं। 
95000 क्यूसेक पानी झेलने की है क्षमता  
आपको ता दें की इस बैराज की क्षमता 9 लाख 95000 क्यूसेक पानी को झेलने की है। पानी कब कितना आता है यह सब हर 1 घंटे में नापने के बाद कागजों में नोट किया जाता है। और इसकी सूचना  हरियाणा सिंचाई विभाग के साथ-साथ दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश और राजस्थान सरकारों को भी भेजी जाती है।
9 महीनों में इसमें 10 से 12000 क्यूसेक पानी ही होता है
इस बैराज मे वह पानी आता है जो उत्तराखंड हिमाचल के पहाड़ी इलाकों में हुई वर्षा के बाद मैदानी इलाकों में नीचे उतरता है। वर्ष के 9 महीनों में यहां सामान्य 10 से 12000 क्यूसेक पानी ही होता है। जिनमें सभी राज्यों का अलग अलग हिस्सा होता है और उसे समझौते के मुताबिक बांटा जाता है।  इस मानसून में पहाड़ी एवं मैदानी इलाकों में अन्य वर्षो की तुलना में बहुत अधिक वर्षा हुई।

3 दिनों तक आसमान साफ रहने की संभावना

3 दिनों तक आसमान साफ रहने की संभावना
राणा ओबरॉय 
चंडीगढ़। हरियाणा में अब तीन दिनों तक मौसम साफ रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन दिन हरियाणा के किसी हिस्से में बारिश नहीं होगी, हालांकि 3 अगस्त के बाद फिर मौसम में बदलाव आएगा।
मौसम :- मानसून ट्रफ सामान्य स्तिथि के उत्तर की तरफ थोड़ा बढ़ने से बंगाल की खाड़ी से नमी वाली मानसूनी हवाओं तथा अरब  सागर की तरफ से भी नमी आने से हरियाणा राज्य में 25 जुलाई से 29 जुलाई के दौरान ज्यादातर स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। 
भारत मौसम विज्ञान विभाग के दर्ज आंकड़ों के अनुसार राज्य में मानसून के प्रवेश से लेकर 29 जुलाई के दौरान हरियाणा राज्य में 312.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है जो सामान्य बारिश (197 मिलीमीटर) से 58% ज्यादा दर्ज हुई है। 
हरियाणा के 19 जिलों में सामान्य या सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है परंतु 3 जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है।राज्य में सबसे ज्यादा बारिश वाले उत्तरी जिले कुरूक्षेत्र (+232%), पानीपत (+131%), सोनीपत (+119%), , करनाल (+92%),  यमुनानगर (+88%), है तथा कम बारिश हिसार (-27%), जींद (-14%) व फतेहाबाद (-8%) जिलों में दर्ज की गई है।
मौसम पूर्वानुमान:
मानसून टर्फ़ का अब पश्चिमी छोर उत्तर की तरफ बढ़ रहा है जो सामान्य स्तिथि में आने की संभावना है। 
राज्य में कल 30 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान मानसून की सक्रियता में थोड़ी कमी आने की संभावना है जिससे राज्य में मौसम परिवर्तनशील व कहीं कहीं हल्की या छिटपुट बारिश होने की संभावना है।
परंतु 2 अगस्त रात्रि से मानसून की सक्रियता राज्य में फिर से बढ़ने की संभावना है जिससे राज्य  के ज्यादातर क्षेत्रों में 2 अगस्त रात्रि से 6 अगस्त के दौरान बीच बीच में हल्की से मध्यम  बारिश होने की संभावना है तथा इस दौरान कुछ एक स्थानों पर तेज बारिश की भी संभावना है।

'अंतर्राज्यीय वाहन चोर' गिरोह के 3 सदस्य अरेस्ट

'अंतर्राज्यीय वाहन चोर' गिरोह के 3 सदस्य अरेस्ट 
भानु प्रताप उपाध्याय 
मुजफ्फरनगर। जनपद पुलिस ने एक ऐसे अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो अपनी मौज मस्ती के शौक को पूरा करने के लिए वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया करते थे। जिम का खौफ उत्तराखंड से लेकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में फैला हुआ था। 
पुलिस ने इन शातिर चोरों के कब्जे से 10 चोरी की मोटरसाइकिल तमंचा और कारतूस बरामद किया है।
दरअसल नगर कोतवाली पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर शनिवार देर रात तीन शातिर अंतर्राज्यीय वाहन चोर गौतम उर्फ गोपी ,राहुल और एक बाल अपचारी को गिरफ्तार किया है। जिनके कब्जे से पुलिस ने चोरी की 10 मोटरसाइकिल एक तमंचा और कारतूस भी बरामद किए हैं।
पुलिस पूछताछ में इन शातिर वाहन चोरों ने बताया है कि वह उत्तराखंड के विकास नगर जनपद में एक दवाई की कंपनी में नौकरी करते हैं।
 लेकिन मौज मस्ती के शौक को पूरा करने के लिए वह उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में वाहन चोरी की घटनाओं को पिछले लंबे समय से अंजाम देते आ रहे हैं। इन शातिर वाहन चोरों की माने तो वह चोरी किए गए वाहनों को सस्ते दामों में कबाड़ी को बेच कर जो पैसे मिलते थे उसे वह अपनी मौज मस्ती और अपने शौक पूरा करने में लुटा दिया करते थे।
इस घटना के बारे में अधिक जानकारी लेते हुए सीओ सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि अवगत कराना है कि थाना नगर कोतवाली पुलिस द्वारा वाहन चोरी की घटना का सफल अनावरण करते हुए एक अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह के 3 लोगों को पकड़ा है एवं पकड़े गए गिरोह में एक बालम चार्य तथा दो तितावीं के रहने वाले हैं और यह दोनों गौतम उर्फ गोपी पुत्र अशोक व राहुल पुत्र रणबीर यह दोनों ही तितावीं के रहने वाले हैं। इनके ऊपर 7 से अधिक मुकदमे पंजीकृत है एवं यह पहले भी चोरी के मामले में जेल जा चुके हैं। इनके पास से 10 मोटरसाइकिल, एक तमंचा व दो मोटरसाइकिल बरामद हुई है। एवं पूछताछ में उन्होंने बताया कि यह मौज-मस्ती के लिए चोरी किया करते थे और यह मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, उत्तराखंड में चोरी किया करते थे, यह चोरी करने के बाद रहा चलते व्यक्तियों एवं कबाड़ियों को यह बहुत ही कम दामों पर बाइक बेच दिया करते थे एवं इन तीनों ही अभियुक्त गणों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा तथा अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।

यूपी में एमपी चुनाव लड़ सकते हैं सीएम नीतीश

यूपी में एमपी चुनाव लड़ सकते हैं सीएम नीतीश 
हरिओम उपाध्याय 
लखनऊ। सपा नेतृत्व पश्चिम बंगाल में अपने नेता किरणमय नंदा को लोकसभा चुनाव लड़ाने के लिए एक सीट मांगेगा। अगर विपक्षी समावेशी गठबंधन इंडिया ने वहां सपा को एक सीट दी तो इसके एवज में यूपी में एक सीट तृणमूल कांग्रेस के लिए दी जा सकती है। इसी तरह से राजस्थान और हरियाणा में भी सपा इंडिया से दो-दो सीट मांगने की तैयारी में है।
सपा की तरह ही तृणमूल कांग्रेस भी राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करना चाहती है। इसी साल अप्रैल में चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस का राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा वापस ले लिया था। इसके लिए तृणमूल कांग्रेस और सपा, दोनों ही अपने-अपने आधार वाले राज्य के अलावा दूसरे राज्यों में भी पैर फैलाना चाहती हैं। 
सपा सूत्रों के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस यूपी में एक सीट पर अपने सिंबल पर प्रत्याशी उतारना चाहती है। इसके लिए कांग्रेस छोड़कर तृणमूल का दामन थामने वाले पूर्व विधायक ललितेश पति त्रिपाठी काफी समय से प्रयासरत भी बताए जाते हैं।
बताते हैं कि इस मुद्दे को लेकर सपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच काफी हद तक सहमति बन चुकी है, लेकिन सपा ने भी किरणमय नंदा के लिए पश्चिम बंगाल में एक सीट मांगी है। किरणमय नंदा वर्तमान में सपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं और लंबे समय से पश्चिम बंगाल की वाम मोर्चा सरकार में मंत्री रहे हैं। दोनों पक्षों के लिए एक-दूसरे के राज्य में कौन सी सीट मुफीद रहेगी, इस पर विचार चल रहा है। यूपी में तृणमूल को पूर्वांचल में एक सीट मिलने की उम्मीद है।
इंडिया गठबंधन के तहत बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को यूपी से चुनाव लड़ाया जा सकता है। इस पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। नीतीश कुमार कुर्मी बहुल मिर्जापुर या प्रयागराज की फूलपुर लोकसभा सीट से लड़ सकते हैं।
समाजवादियों का मानना है कि नीतीश कुमार के यूपी से लड़ने पर उनके सजातीय कुर्मी वोट पूरे प्रदेश में इंडिया गठबंधन के साथ आ सकता है। हालांकि, नीतीश के यूपी से लोकसभा चुनाव लड़ने पर सपा बिहार में एक सीट पर अपने प्रत्याशी को लड़ाना चाहेगी।
इंडिया के घटक दल कांग्रेस के लिए यूपी में गठबंधन के तहत कुछ सीटें दी जाएंगी, तो बदले में सपा भी राजस्थान और हरियाणा में दो-दो सीटों पर अपना दावा प्रस्तुत करेगी। राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है तो हरियाणा में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस है।
सपा नेताओं का तर्क है कि राजस्थान के अलवर, जयपुर देहात, सीकर और भरतपुर लोकसभा क्षेत्रों में यादव मतदाताओं की संख्या अच्छी खासी है। इसलिए इनमें से दो सीटों पर सपा के सिंबल पर उम्मीदवार उतारे जाने चाहिए। इसी तरह से हरियाणा में यादव बहुल गुड़गांव और रोहतक सीटों पर सपा दावा करेगी।

सड़क दुर्घटना में 5 लोगों की मौत, 20 घायल हुए

सड़क दुर्घटना में 5 लोगों की मौत, 20 घायल हुए 
सुनील श्रीवास्तव 
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में पंजाब प्रांत के राजनपुर जिले में रविवार को एक सड़क दुर्घटना में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए। रेस्क्यू-1122 के जिला प्रमुख असलम ने मीडिया को बताया कि पंजाब के दक्षिण क्षेत्र में सूफी संत सखी सरवर की दरगाह से यात्रियों को जैकोबाबाद जिले वापस जा रही बस राजनपुर के फाजिलपुर इलाके में वाहन चालक के नियंत्रण खोने के बाद एक बस पलट गई।
 पुलिस और बचाव दल घटनास्थल पर पहुंचे और शवों और घायलों को नजदीकी अस्पताल में पहुंचाया। उन्होंने आशंका जताई कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि घायलों में से कई की हालत गंभीर है। स्थानीय पुलिस ने दुर्घटना में घायल हुए बस चालक के यात्रा शुरू करने से पहले कोई नशीले पदार्थ का सेवन करने की आशंका पर उसके रक्त परीक्षण का आदेश दिया है।

मासूम के मुंह से बिना ऑपरेशन के निकाला सिक्का

मासूम के मुंह से बिना ऑपरेशन के निकाला सिक्का 
नरेश राघानी 
करौली। राजस्थान के करौली जिले के हिंडौन सिटी सरकारी अस्पताल में एक सामान्य परिवार के लिए दूरबीन पद्धति कारगर साबित हुई है। समय रहते दूरबीन पद्धति के प्रयोग से एक परिवार के चिराग की जान लौट आई है। जानकारी के अनुसार शेखपुरा गांव का साढ़े 3 साल का एक बच्चा खेलते खेलते एक रुपए के सिक्के को मुंह से निगल गया। जब रात को बच्चे ने सोते वक्त उल्टी की तो उसके परिवार जनों ने सुबह तुरंत ही अपने बच्चे को राजकीय अस्पताल हिंडौन में भर्ती कराया था। जिसके बाद डॉक्टरों ने जांच के लिए एक्सरा किया तो उसमें निकल कर आया कि बच्चे के गले में 1 रुपए का सिक्का अटका हुआ है।
हिंडौन के राजकीय अस्पताल में कार्यरत डॉ मनीष अग्रवाल ने बताया कि बच्चे के गले में सिक्का मिलने के बाद सबसे पहले हमने दूरबीन की मदद से बच्चे के गले में सिक्के की लोकेशन कंफर्म की। जिसके बाद 4 डॉक्टरों की टीम और तीन चिकित्सा कर्मियों की मदद से समय के रहते दूरबीन पद्धति से ऑपरेशन के बिना ही बच्चे के गले से सिक्के को हाइपो फेरिंगों स्कोप के उपयोग से सिक्के को बाहर निकाला। सिक्के के गले से निकलने के बाद से अब बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है और अस्पताल में भर्ती है।
सिक्का फंसने का पहला मामला
वहीं, राजकीय सामान्य अस्पताल हिंडौन सिटी के पीएमओ डॉ पुष्पेंद्र गुप्ता ने बताया कि सरकारी अस्पताल में सिक्का फसने का ऐसा पहला मामला आया था। जिसे अस्पताल के डॉक्टरों ने बिना किसी ऑपरेशन के दूरबीन पद्धति से सफलतापूर्वक सही किया है। उन्होंने यह भी बताया कि प्राइवेट अस्पताल में इस तरह के ऑपरेशन में 20 से ₹25000 खर्च होते हैं। मगर सरकारी अस्पताल में यह सुविधा निशुल्क उपलब्ध है।
ऐसी स्थिति में इस तकनीक का करें प्रयोग
हिंडौन सिटी के राजकीय अस्पताल के ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष अग्रवाल बताते हैं कि अगर गलती से बच्चा सिक्का या फिर कोई ऐसी चीज गले में अटका लेता है तो तुरंत उसे आगे की तरफ झुकाना चाहिए। फिर बच्चे के सीने को एक हाथ से दबाना और दूसरे हाथ से पीठ को थपथपाना चाहिए। इस प्रक्रिया को एक दो बार दोहराने से गले में अटका सिक्का निकलने की संभावना रहती है। यदि सिक्का फिर भी बाहर नहीं आए तो तुरंत बच्चे को अस्पताल में ले जाना चाहिए।

खाद बनाने की फैक्ट्री व प्रतिष्ठानों पर छापा मारा

खाद बनाने की फैक्ट्री व प्रतिष्ठानों पर छापा मारा
भानु प्रताप उपाध्याय
मुजफ्फरनगर। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी के आदेश पर जिले में चार टीम बनाकर खाद बनाने की फैक्टरी और खाद विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर छापा मारा गया। विभाग की टीमों ने 33 स्थानों में जांच करते हुए 12 जगह से नमूने लिए और पांच को चेतावनी दी।
जिला कृषि अधिकारी सतेंद्र कुमार की टीम ने सदर तहसील क्षेत्र में 15 जगह छापे मारे गए। पांच जगह से नमूने लिए गए और चार को चेतावनी दी गई। जिला कृषि रक्षा अधिकारी यतेंद्र कुमार की टीम ने बुढ़ाना में छह स्थानों पर जांच की, दो जगह नमूने भरे।
भूमि संरक्षण अधिकारी गौरव प्रकाश की टीम ने जाससठ पांच जगह जांच की और दो नमूने लिए। 
उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी कपिल कुमार ने खतौली में सात स्थानों पर छापे मारे और तीन नमूने लिए। एक को चेतावनी दी। सभी नमूने जांच के लिए लैब को भेजे गए है।

मुजफ्फरनगर: 11 गांवों को शुद्ध पानी की आपूर्ति

मुजफ्फरनगर: 11 गांवों को शुद्ध पानी की आपूर्ति 
भानु प्रताप उपाध्याय 
मुजफ्फरनगर। नगरपालिका के विस्तार में शहर में शामिल हुए 11 गांवों को शुद्ध पानी दिया जाएगा। नगर पालिका ने इन गांवों के ओवरहैड टैंक और नलकूपों का पेयजल नेटवर्क अपने कब्जे में ले लिया है। इस पर प्रतिवर्ष एक करोड़ 11 लाख 32 हजार 772 खर्च किया जाएगा।
नगर पालिका ने शहर में शामिल सभी 11 गांवों के हितों के लिए भी काम करना प्रारंभ कर दिया है। नगरीय सीमा विस्तार में शामिल गांवों और कालोनियों में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्लान तैयार कर दिया है। यहां पहले से संचालित पेयजल नेटवर्क को पालिका ने अपने अंडर में ले लिया है। समस्त ओवरहैड टैंक और नलकूपों पर पानी की नियमित व्यवस्था हो रही है।
कुल 22 नलकूप इन क्षेत्रों में चल रहे हैं। इनमें छह ओवर हैंड टैंक के पास और 16 दूरी पर हैं। पेयजल आपूर्ति नियमित बनी रहे इसके लिए पालिका का प्रतिमाह नौ लाख 24 हजार 731 रुपये खर्च आने का अनुमान है। एक वर्ष में कुल एक करोड़ 11 लाख 31 हजार 772 का खर्च पालिका का होगा।
चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप का कहना है कि फिलहाल पालिका के पास विस्तार के हिसाब से कर्मचारी नहीं है इसलिए आउटसोर्सिंग फर्म के माध्यम से पेयजल आपूर्ति कराई जाएगी। जिन कालोनियों में पाइप लाइन नहीं है, वहां अलग से व्यवस्था की जा रही है।

बुजुर्ग को घसीटते हुए ले गई कार, दर्दनाक मौत

बुजुर्ग को घसीटते हुए ले गई कार, दर्दनाक मौत 
भानु प्रताप उपाध्याय 
मुजफ्फरनगर। कौशल विकास राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल के निजी सहयोगी अनुज गोयल के ससुर राजेश कुमार (60) बारिश के दौरान कार की चपेट में आ गए। कार बुजुर्ग को काफी दूर तक घसीटते हुए ले गई। इससे उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद चालक कार लेकर फरार हो गया। पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया है।
नई मंडी क्षेत्र के तुलसी नगर निवासी राजेश कुमार शहर के लोहिया बाजार में दुकान करते थे। शुक्रवार देर रात दुकान बंद करने के बाद वह साइकिल से घर जा रहे थे। बारिश भी हो रही थी। शांतिनगर गेट के पास पीछे से तेज गति के साथ आईकार ने उनकी साइकिल में टक्कर मार दी। राजेश कुमार कार के नीचे फंस गए। कार चालक उन्हें काफी दूर तक घसीटते हुए ले गई।
राहगीरों ने शोर मचाकर कार को रोकने की कोशिश की, लेकिन चालक नहीं रुका। राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। नई मंडी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को राजेश कुमार भोपा रोड पर आगे जाकर बुरी तरह घायल हालत में पड़े मिले। पुलिस ने उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई थी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया। राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने शोक जताया हैं।

वहां तक जा सकती हूं, तू सोच नहीं सकता: अंजू

वहां तक जा सकती हूं, तू सोच नहीं सकता: अंजू
अखिलेश पांडेय 
इस्लामाबाद। पाकिस्तान पहुंची अंजू के पति अरविंद ने फोन पर बात की। इस दौरान वह अरविंद को धमकाती हुई नजर आई। साथ ही बहुत ही बुरा-भला बोलती नजर आई। दोनों के बीच हुई तीखी नोकझोंक एक्सक्लूसिव बातचीत आजतक के पास है।
इसके अलावा भी दोनों ने एक-दूसरे को काफी कुछ भला-बुरा कहा है। अंजू ने अरविंद को धमकाते हुए यह भी कह डाला है कि मैं किस हद तक जा सकती हूं, तू (अरविंद) सोच भी नहीं सकता।''
पाक मीडिया रिपोर्टों के अनुसार धर्म बदलने के बाद अंजू का इस्लामिक नाम फातिमा रखा गया। शादी जिला अदालत में हुई और अंजू ने इस्लाम अपना लिया है। मालकुंड डिवीजन के डीआइजी नासिर महमूद दस्ती ने अंजू और नसरुल्लाह की शादी की पुष्टि की।
दोनों की शादी जिला और सत्र न्यायाधीश डीआइजी मालकुंद की अदालत में करायी गयी जिसके बाद अंजू को पुलिस सुरक्षा में घर पहुंचाया गया।
पाकिस्तान के एक बिजनेसमैन ने अंजू से फातिमा बनी भारतीय महिला को प्लॉट (भूखंड) भेंट किया है। साथ ही मदद के तौर पर एक चेक भी सौंपा है‌। हालांकि, चेक में कितने पाकिस्तानी रुपए अंकित हैं, इसका जिक्र नहीं है। राजधानी इस्लामाबाद से खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में नसरुल्ला के घर तोहफा लेकर पहुंचे बिजनेसमैन ने अंजू उर्फ फातिमा को अपनी कंपनी में भी नौकरी देने का वादा किया है।
पाक स्टार ग्रुप ऑफ कंपनीज के सीईओ मोहसिन खान अब्बासी ने कहा कि दूसरे मुल्क से आई महिला ने इस्लाम को अपनाया है। इसलिए हमारी जिम्मेदारी बनती है कि उसको किसी भी तरह की दिक्कत न हो। 
पाकिस्तान में कोई कमी महसूस न हो। बिजनेमैन अब्बासी ने बताया कि उनकी पाक सिटी कंपनी रियल एस्टेट के क्षेत्र में काम करती है। हमारे बोर्ड मेंबर्स ने तय किया कि अंजू उर्फ फातिमा को शहर में 10 मरला (272.251 वर्ग फीट) साइज का प्लॉट घर के लिए दिया जाए। इसके साथ ही पाकिस्तान में भारतीय महिला के दस्तावेजों की कानूनी प्रक्रिया पूरी होते ही उसे पाक स्टार ग्रुप नौकरी भी देगा और साथ ही घर बैठे सैलरी देगा।

खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के ऊपरी दीर जिले पहुंचे बिजनेसमैन अब्बासी ने इस्लाम के अंदर दाखिल होने पर ईसाई महिला अंजू का तहेदिल से इस्तकबाल किया। उन्होंने पाकिस्तानी सरकार से भी अंजू और नसरुल्ला की फैमिली को सपोर्ट करने की गुहार लगाई। यही नहीं, बिजनेसमैन अब्बासी ने पाकिस्तान के दूसरे अमीर लोगों से भी अंजू को तोहफे देने की गुजारिश की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में भी बहुत पैसे वाले लोग है। उनको भी मदद के लिए आगे आना चाहिए.
मोहसिन खान अब्बासी ने आगे कहा कि भारत से अपना घर-बार छोड़कर पाकिस्तान आई और मुस्लिम बनी अंजू उर्फ फातिमा को अच्छा महसूस कराने की कोशिश की जाए, ताकि अंजू को देखकर दूसरे लोग इस्लाम अपनाएं।
उन्होंने पाकिस्तान के जिम्मेदार लोगों से गुजारिश करते हुए उसे कभी यह महसूस न हो कि किस मुल्क में आ गई, या फिर कभी ऐसा न लगे कि कैसे मजहब में आ गई, जहां कोई अपना नहीं है।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में जन्मी और उत्तर प्रदेश के कैलोर गांव में पली-बढ़ी अंजू राजस्थान के भिवाड़ी (अलवर) में रहती थी। बीते 21 जुलाई को राजस्थान के भिवाड़ी की रहने वाली अंजू अपने पति अरविंद और दो बच्चों को छोड़कर चली गई थी. अंजू ने पति से कहा था कि वह जयपुर अपनी सहेली से मिलने जा रही है। वहीं, अंजू जिस कंपनी में काम करती थी, वहां उसने बताया था कि वह बहन के पास गोवा जा रही है।
इसके बाद भिवाड़ी से अंजू दिल्ली पहुंची, दिल्ली से अमृतसर और फिर वाघा-अटारी बॉर्डर होते हुए पाकिस्तान पहुंच गई। इस दौरान अंजू अपने पति अरविंद से वॉट्सएप पर बात करती रही। जब वह पाकिस्तान पहुंची तो उसने पति को बताया, मैं लाहौर में हूं। कुछ दिन में आ जाऊंगी।जब अंजू पाकिस्तान पहुंची तो उसे वहां खैबर पख्तूनख्वा के रहने वाले 29 साल के नसरुल्ला ने आकर रिसीव किया। नसरुल्ला और अंजू की दोस्ती 2019 में फेसबुक के माध्यम से हुई थी।
उधर, पाकिस्तान में इस्लाम अपनाने के बाद अंजू का इस्लामिक नाम फातिमा रखा गया। अंजू और नसरुल्ला की शादी जिला कोर्ट में हुई, जिसका निकाहनामा भी सामने आ चुका है. मालकुंड डिवीजन के डीआईजी नासिर महमूद दस्ती ने अंजू और नसरुल्ला की शादी की पुष्टि की थी. दोनों की शादी जिला और सत्र न्यायाधीश डीआइजी मालकुंद की कोर्ट में कराई गई, जिसके बाद अंजू को पुलिस सुरक्षा में नसरुल्ला के घर पहुंचाया गया था।

श्रीलंका की महिला ने भारत आकर शादी की

श्रीलंका की महिला ने भारत आकर शादी की
अखिलेश पांडेय/इकबाल अंसारी 
कोलंबो/विजयवाड़ा। इन दिनों देश में सीमा हैदर और अंजू मीणा से फातिमा बनी महिला की चर्चा जोरों पर है। एक तरफ जहां पबजी पर दोस्ती करके सीमा हैदर पाकिस्तान से भारत आ गईं तो वहीं अंजू फेसबुक पर दोस्ती करके पाकिस्तान चली गईं। अब एक और इसी तरह का केस समाने आया है। 
श्रीलंका की एक 25 साल की महिला ने भारत आकर 28 साल के लक्ष्मण से शादी कर ली। लक्ष्मण आंध्र प्रदेश के चित्तूर के रहने वाले हैं। महिला का नाम विग्नेश्वरी बताया गाय है। जानकारी के मुताबिक 6 साल पहले दोनों की फेसबुक पर ही दोस्ती हुई थी। इसके बाद वह टूरिस्ट वीजा पर भारत आईं और यहीं शादी भी कर ली। सोशल मीडिया पर शादी की यह खबर वायरल होने लगी तो पुलिस ने विग्नेश्वरी पर सख्ती की। दरअसल उनका वीजा खत्म हो चुका है। पुलिस ने कहा है कि उन्हें 15 अगस्त तक या तो वीजा बढ़वाना होगा या फिर देश छोड़ना होगा। सीमा-सचिन और अंजू-नसरुल्लाह का मामला पहले से ही चल रहा था। ऐसे में विग्नेश्वरी और लक्ष्मण के इस रिश्ते पर लोगों की और निगाहे हैं। विग्नेश्वरी 8 जुलाई को आंध्र प्रदेश आई थीं और 20 जुलाई को शादी कर ली। उन्होंने चित्तूर के ही वी कोटा मंदिर में हिंदू परंपरा के हिसाब से शादी की। बता दें कि लक्ष्मण राजमिस्त्री का काम करते हैं। फेसबुक पर 2017 में उन दोनों की दोस्ती हुई थी। 8 जुलाई को जब विग्नेश्वरी चेन्नई पहुंचीं तो लक्ष्मण उन्हें रिसीव करने गए थे। वह विग्नेश्वरी को अपने घर ले आए और परिवार वालों की सहमति से शादी कर ली। इसके बाद चित्तूर जिले की पुलिस को जब जानकारी हुई तो एसपी वाई रिशंत रेड्डी ने उन्हें नोटिस जारी कर दिया। पुलिस ने कहा कि 15 अगस्त तक उन्हें श्रीलंका लौटना है। विग्नेश्वरी ने अपने देश वापस जाने से इनकार कर दिया। विग्नेश्वरी अपना वीजा एक साल तक बढ़ाने के लिए आवेदन कर चुकी हैें। वहीं पुलिस का कहना है कि विग्नेश्वरी को शादी का रजिस्ट्रेशन करवाने की भी सलाह दी गई है ताकि आगे वह किसी तरह की मुसीबत में ना फंसें।

सीएम ने अपने प्रयासों का जिक्र किया, सफलता

सीएम ने अपने प्रयासों का जिक्र किया, सफलता
दुष्यंत टीकम 
रायपुर। 12 जातियों को जनजातियों की सूची में शामिल किए जाने के पीछे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के द्वारा पत्र लिखा गया था, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। मैने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा, जिसके बाद यह सफलता हासिल हुई है। डबल इंजन की सरकार थी, लेकिन रमन सिंह की चलती नहीं थी। हमने प्रयास किया, तब जाकर सफलता मिली है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया से चर्चा में कहा कि आदिवासियों जातियों की सूची में शामिल किए जाने पर अरुण साव बोल रहे हैं कि 10 लाख लोगों को लाभ मिलेगा, वहीं केंद्रीय मंत्री 72,000 लोगों को लाभ मिलने की बात कह रहे हैं. भाजपा केवल लाभ लेने का काम कर रही है, पर हमने कई पत्र लिखे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि UPA सरकार ने 2008 में ही गारंटी दी थी, जिसमें 5 योजनाएं थी। केंद्र के रेशियो का अंतर पहले ज़्यादा था, अब बहुत कम हो गया है। एक अप्रैल से हमने आर्थिक सर्वेक्षण कराया, जिसमें सबको लाभ मिलेगा. दिल्ली की सरकार ने महंगाई, काला धन, रोज़गार देने जैसे तमाम बातें कही थी, लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं।
मणिपुर में विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ के दौरे पर कहा कि यदि दौरा दिखावा है तो स्वयं क्यों कमेटी बनाते हैं।हवहीं प्रदेश में बाघों की संख्या को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र छत्तीसगढ़ का ट्रांजिट बना हुआ है। बाघ आते-जाते रहते हैं। वहीं गौठान को लेकर कहा कि मिनरल्स का पैसा हम ज़्यादा देते हैं, पर हमें कम मिलता है। भाजपा के दो मज़बूत साथी ED और IT हैं।
विधायकों के रिपोर्ट कार्ड को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हमारे अधिकांश विधायकों की रिपोर्ट ठीक है, तभी तो हमारी सरकार रिपीट होगी। भाजपा समझ गई है कि राज्य सरकार के लिए खिलाफ जो भी करेंगे वो उल्टा ही पड़ेगा, इसलिए अब विधायकों को टारगेट किया जा रहा है।

जापान के व्यक्ति ने खुद को कुत्ते में बदला: रिसर्च 

जापान के व्यक्ति ने खुद को कुत्ते में बदला: रिसर्च 

अखिलेश पांडेय 

टोक्यो। जापान के एक व्यक्ति ने खुद को कुत्ते में बदल लिया है। टोको नाम के इस व्यक्ति को इंसान से कुत्ते में परिवर्तित होने में दो मिलियन येन (11 लाख रुपये से ज्यादा) का खर्च आया। दरअसल, जापान की कंपनी जेतेट, जोकि टीवी विज्ञापनों और फिल्मों के लिए कपड़े बनाती है। उस ने इस व्यक्ति के लिए कुत्ते की पोशाक डिजाइन की है।

जानकारी के अनुसार कंपनी को इसे बनाने में 40 दिन का समय लगा है। व्यक्ति ने इस का वीडियो अपने यूट्यूब चैनल पर 'आई वांट टू बी एन एनिमल' नाम से अपलोड भी किया है। 

वीडियो में देखा जा सकता है कि व्यक्ति कह रहा है मेरा बचपन से ही सपना था कि जानवर बनूं। वीडियो में टोको को पार्क में सैर के लिए  जा रहा है। टोको पार्क में अन्य कुत्तों को सूंघता है और जानवरों की तरह फर्श पर लोटता भी है। पिछले साल  टोको ने एक न्यूज चैनल से बात की थी उस ने बताया कि  उसने मानव कुत्ता बनने का फैसला क्यों किया।

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण


1. अंक-288, (वर्ष-06)

पंजीकरण:- UPHIN/2010/57254

2. सोमवार, जुलाई 31, 2023

3. शक-1944, श्रावण, शुक्ल-पक्ष, तिथि-त्रयोदशी, विक्रमी सवंत-2079‌‌।

4. सूर्योदय प्रातः 05:16, सूर्यास्त: 07:09।

5. न्‍यूनतम तापमान- 25 डी.सै., अधिकतम- 36+ डी.सै.। बरसात की संभावना बनी रहेगी।

6. समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है। सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा। सभी पद अवैतनिक है। 

7.स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक राधेश्याम व शिवांशु  (विशेष संपादक) श्रीराम व सरस्वती (सहायक संपादक) संरक्षण-अखिलेश पांडेय, ओमवीर सिंह, वीरसैन पंवार, योगेश चौधरी आदि के द्वारा (डिजीटल सस्‍ंकरण) प्रकाशित। प्रकाशित समाचार, विज्ञापन एवं लेखोंं से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं हैं। पीआरबी एक्ट के अंतर्गत उत्तरदायी।

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