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रविवार, 20 जून 2021

हरियाणा: हुड्डा व खट्टर के बीच पलटवार तेज हुआ

राणा ओबराय           
चंडीगढ। सीएम हरियाणा मनोहरलाल के बयान के बाद तिलमिलाए पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा ने बताया, उन्हें किस बात की पीड़ा है। आजकल हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा और मुख्यमंत्री मनोहरलाल के बीच आजकल वार और पलटवार तेज हो गया है। इसका कारण कोरोना काल से निपटने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा अपनाए गए तरीके पर हुड्डा के सवाल उठाने से शुरू हुआ था। दोनों नेता एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। हुड्डा ने अब सीएम मनाेहरलाल के पीड़ा वाले बयान का जवाब दिया है। हुड्डा ने कहा कि उनकी पीड़ा भाजपा सरकार के शासन में हरियाणा के फिसड्डी राज्‍य बनने के कारण है। हमने हरियाणा को नंबर वन बनाया और इस सरकार ने इसे फिसड्डी बना दिया है। 
हुड्डा ने सीएम मनोहर लाल के दिल में राजनीतिक पीड़ा के बयान पर किया पलटवार।बता दें कि मुख्‍यमंत्री मनोहरलाल उन्होंने कहा था कि हुड्डा के दिल में राजनीतिक पीड़ा छिपी है। इसलिए वह सरकार के हर काम का विरोध करते हैं। हुड्डा ने मुख्यमंत्री के इस बयान पर कहा कि हमें इस बात की पीड़ा है कि जिस हरियाणा को हमने साढ़े नौ साल की कड़ी मेहनत से देश का नंबर वन राज्य बनाया था। उसे पहले भाजपा और अब भाजपा-जजपा गठबंधन के कुशासन ने देश के फिसड्डी राज्यों की श्रेणी में लाकर खड़ा कर दिया है। हुड्डा का कहना है कि कांग्रेस के शासन में हरियाणा प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति निवेश, रोजगार सृजन, किसानों के हित, खिलाड़ियों के मान-सम्मान समेत तमाम पैमानों पर देश का अग्रणी राज्य था। लेकिन, भाजपा व जजपा गठबंधन के कार्यकाल में यह राज्य अपराध, बेरोजगारी, प्रदूषण, कर्ज, घोटाले, किसानों पर अत्याचार और बदहाली के मामले में अग्रणी हो गया है। हुड्डा ने कहा कि आज हरियाणावासी एक-एक दिन गिनकर निकाल रहे हैं। 
सत्ता में बैठे हुए लोगों को प्रदेश के ऐसे हालात देखकर पीड़ा होनी चाहिए। कम से कम हमें तो हरियाणा का यह हाल देखकर पीड़ा हो रही है।हुड्डा ने कहा कि उन्हें प्रदेश के किसानों की हालत देखकर पीड़ा होती है। हमें इस बात की पीड़ा है कि आज हरियाणा के युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहे। हमें बढ़ते अपराधों की पीड़ा है। हमें अस्पताल में बेड, आक्सीजन और दवाइयों के अभाव में मरते हुए लोगों को देखकर पीड़ा हुई है। लोगों की कराह और उनका दु:ख देखकर पीड़ा होना एक मानवीय सरोकार है।

शनिवार, 19 जून 2021

पंचकर्मा वेलनेस सेंटर का उद्घाटन करेंगे सीएम खट्टर

राणा ओबराय           
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से एक दिन पूर्व 20 जून को मोरनी हिल्स के पास टिक्करताल क्षेत्र में पैराग्लाइडिंग और ट्रेकिंग जैसी एडवेंचर गतिविधियों का निरीक्षण करेंगे और इनका ट्रायल भी देखेंगे तथा थापली में पंचकर्मा वेलनेस सेंटर का उद्घाटन करेंगे। एक सरकारी प्रवक्ता ने इस संबंध में अधिक जानकारी बताया कि शिवालिक पहाड़ियों के बीच बसे पंचकूला को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। पंचकूला आसपास के क्षेत्र में ऐसा स्थान होगा। जहां इस तरह के एडवेंचर खेलों की शुरुआत होगी।
प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री 20 जून को एडवेंचर खेलों का निरीक्षण करेंगे। इसके उपरांत वह थापली में पंचकर्मा वेलनेस सेंटर का उद्घाटन करेंगे। तत्पश्चात नक्षत्र वाटिका, राशि वन, सुगंध वाटिका की आधारशिला रखेंगे और नेचर ट्रैक का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री थापली नेचर कैंप से थापली गांव तक छोटे से ट्रैक के लिए बच्चों के एक समूह को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार ने ‘स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का वास होता है’ के मंत्र पर जोर देते हुए पैराग्लाइडिंग, कयाकिंग, रोलर ज़ोरबिंग, हॉट एयर बैलून, पैरा-सेलिंग, ट्रेकिंग जैसे एडवेंचर खेल शुरू करने का लक्ष्य रखा है। साथ ही, दैनिक तनाव से आगंतुकों के तन और मन को तनाव मुक्त करने के लिए पंचकर्मा वेलनेस सेंटर की शुरुआत की है।

गुरुवार, 17 जून 2021

मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार की संभावनाएं तेज

राणा ओबराय             

चंडीगढ़। हरियाणा में मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार की संभावनाएं तेज हो गई है। बुधवार शाम को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य से मुलाकात की है। वहीं, आज शाम से दो दिवसीय दिल्ली दौरे पर सीएम जा रहे हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल थोड़ी ही देर में भाजपा सरकार के 600 दिन पूरे होने के अवसर पर एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे और उसके बाद माना जा रहा है कि दोपहर बाद दिल्ली रवाना हो सकते हैं। 

इधर, हरियाणा में मंत्रिमंडल में बदलाव और विस्तार की अटकलें कई दिनों से चल रही है। इसी बीच जहां मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर चुके हैं। वहीं, जेजेपी की तरफ से दुष्यंत चौटाला भी गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करके आ चुके हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि जल्द ही कैबिनेट में विस्तार हो सकता है। जजपा कोटे से एक मंत्री अभी बनना बाकी है।

सहकारिता मंत्री ने फसल बीमा कंपनियों को निर्देश दिएं

राणा ओबराय          
चंडीगढ़। हरियाणा के सहकारिता मंत्री डाॅ. बनवारी लाल ने फसल बीमा कंपनियों को निर्देश दिएंं हैं कि वे किसानों के मुआवजे के भुगतान में किसी भी प्रकार की कोई कोताही न बरतें, अन्यथा ऐसी कंपनियों के खिलाफ कार्यवाही अमल लाई जा सकती है। इसके अलावा, उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट लहजे में कहा कि कष्ट निवारण समिति की बैठक में विवादों के समाधान की सही रिपोर्ट ही प्रस्तुत करें। यदि किसी ने गलत रिपोर्ट पेश की, तो उसके विरूद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी। डाॅ. बनवारी लाल आज नूंह जिला में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। 
इस बैठक में सुनवाई के लिए कुल 13 परिवाद रखे गए। जिनमें से 8 शिकायतों का मौके पर ही हल किया गया है तथा 5 शिकायतें लंबित हैं। जिनकी दोबारा जांच के आदेश दिए गए हैं। इस मौके पर सोहना तावडू के विधायक कंवर संजय सिंह, विधायक अफताब अहमद, विधायक फिरोजपुर झिरका मामन खान, जिला भाजपा अध्यक्ष नरेन्द्र पटेल, पूर्व विधायक जाकिर हुसैन सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

कब्जाधारकों को मालिकाना हक, नीति तैयार की

राणा ओबराय            
चंडीगढ। हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज ने बताया, कि राज्य सरकार ने नगर निकायों की संपति पर कब्जाधारकों को मालिकाना हक देने के लिए एक नीति तैयार की है। इस नीति के अंतर्गत उन्हें कब्जा की हुई संपति का मालिकाना हक देने के लिए संबंधित संपति के कलैक्टर रेट में अधिकतम 50 प्रतिशत तक की छूट भी दी जाएगी। यह नीति 1 जुलाई, 2021 से लागू हो जाएगी। ब्यौरा देते हुए उन्होंने बताया, कि इस नीति का लाभ लेने के इच्छुक पात्र कब्जाधारी को वेबपोर्टल पर निगम के संबंधित आयुक्त/कार्यकारी अधिकारी/संबंधित नगर निकाय के सचिव को एक महीने के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। विज ने बताया कि इस नीति के तहत आने वाले कब्जाधारियों की सुविधा के लिए एक वेबपोर्टल का डिजाइन किया जा रहा है। 
जोकि आगामी 20 जून, 2021 तक तैयार हो जाएगा। क्योंकि इस नीति के तहत बड़े पैमाने पर कब्जाधारियों के शामिल होने की संभावना है। शहरी स्थानीय मंत्री विज ने बताया, कि इस नीति के तहत शहरी स्थानीय निकाय विभाग के कब्जाधारियों, जो 20 साल से अधिक समय से किराया, लीज अथवा लाइसेंस फीस पर संपत्ति पर काबिज है। उनके लिए हरियाणा सरकार मालिकाना देने का काम कर रही है। इन कब्जाधारियों को संपति की डीड हेतू वर्तमान कलेक्टर रेट पर अधिकतम 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। विज ने बताया कि जिन कब्जाधारियों के पास ऐसी संपति को 20 वर्ष से अधिक परंतु 25 वर्ष से कम की अवधि हो गई है। उन्हें संबंधित श्रेणी की संपति के कलैक्टर रेट का 80 प्रतिशत का भुगतान करना होगा। 
इसी प्रकार, जिन कब्जाधारियों के पास ऐसी संपति को 25 वर्ष से अधिक परंतु 30 वर्ष से कम की अवधि हो गई है। उन्हें संबंधित श्रेणी की संपति के कलैक्टर रेट का 75 प्रतिशत का भुगतान करना होगा। ऐसे ही, जिन कब्जाधारियों के पास ऐसी संपति को 30 वर्ष से अधिक परंतु 35 वर्ष से कम की अवधि हो गई है, उन्हें संबंधित श्रेणी की संपति के कलैक्टर रेट का 70 प्रतिशत का भुगतान करना होगा। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री ने बताया कि जिन कब्जाधारियों के पास ऐसी संपति को 35 वर्ष से अधिक परंतु 40 वर्ष से कम की अवधि हो गई है। 
उन्हें संबंधित श्रेणी की संपति के कलैक्टर रेट का 65 प्रतिशत का भुगतान करना होगा। इसी तरह, जिन कब्जाधारियों के पास ऐसी संपति को 40 वर्ष से अधिक परंतु 45 वर्ष से अधिक की अवधि हो गई है। उन्हें संबंधित श्रेणी की संपति के कलैक्टर रेट का 60 प्रतिशत का भुगतान करना होगा। उन्होंने बताया कि जिन कब्जाधारियों के पास ऐसी संपति को 45 वर्ष से अधिक परन्तु 50 वर्ष से अधिक की अवधि हो गई है। उन्हें संबंधित श्रेणी की संपति के कलैक्टर रेट का 55 प्रतिशत का भुगतान करना होगा। विज ने बताया कि जिन कब्जाधारियों के पास ऐसी संपति को 50 वर्ष से अधिक की अवधि हो गई है। उन्हें संबंधित श्रेणी की संपति के कलैक्टर रेट का 50 प्रतिशत का भुगतान करना होगा।

कार्यकर्ताओं को अगुवाई में 'जिल्लत' उठानी पड़ीं

राणा ओबराय              
चंडीगढ। 2014 विधानसभा चुनावों में हरियाणा में भाजपा पार्टी ने पूर्ण बहुमत हासिल किया था। मुख्यमंत्री मनोहरलाल व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला की जुगलबंदी से सरकार का ग्राफ दिन प्रतिदिन नीचे आता चला गया। उसका कारण था, प्रदेश में अफसरशाही का सरकार पर भारी पड़ना। जिसके कारण कार्यकर्ता उदास होते चले गए। हरियाणा में 4 विधायकों वाली भाजपा को प्रदेश में पूर्ण बहुमत वाली सरकार जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं के कारण ही मिली थी। फिर, उसी कार्यकर्ताओं को पहली बार बनी खट्टर सरकार व प्रदेशाध्यक्ष बराला की अगुवाई में जिल्लत उठानी पडी। उसका परिणाम यह निकला कि 2019 विधानसभा चुनावों में भाजपा की खट्टर सरकार 40 सीटों पर आकर अटक गयी। 
नतीजा यह निकला आज हरियाणा प्रदेश में मनोहरलाल खट्टर सरकार जेजेपी पार्टी की बैसाखी के सहारे चल रही है। धनखड़ ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का पद संभालने के बाद शायद पहला बढ़िया कार्य यह किया है, कि संगठन में हर वर्ग के लोगो और ज़मीन से जुड़े कार्यकर्ताओं को स्थान दिया है। धनखड़ ने प्रदेश में कमजोर होते संगठन के कारण को ढूंढ निकाला। यदि इसी तरह प्रदेशाध्यक्ष कार्यकर्ताओं को मान सम्मान देने व दिलाने के लिए कार्य करेंगे, तो हो सकता है। 2019 चुनाव में हुई खुद उनकी हार का दाग भी धूल जाएगा और 2024 में होने वाले विधानसभा चुनावों में हरियाणा में उनके नेतृत्व में भाजपा पार्ट की पूर्ण बहुमत से सरकार भी बन जाये।

मंगलवार, 15 जून 2021

भाजपा समर्पित वीरेंद्र को कोषाध्यक्ष की कमान सौंपी

राणा ओबराय              
चंडीगढ। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़ ने भाजपा समर्पित कार्यकर्ता वीरेंद्र गर्ग को प्रदेश सह कोषाध्यक्ष की कमान सौंपी है। पूर्व में मीडिया विभाग देख रहे गर्ग ने अपने दायित्व को बड़ी ईमानदारी व मेहनत के साथ निर्वहन करते हुए शिखर तक पहुंचाया था। अब पुनः प्रदेश अध्यक्ष धनखड़ ने गर्ग के पूर्व के किये कार्य को देखते हुए उन्हें प्रदेश भाजपा के सह कोषाध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। 
अपनी नियुक्ति पर गर्ग ने कहा प्रदेश संगठन ने मुझ पर विश्वास करते हुए जो जिम्मेदारी सौंपी है। उसको मैं पूरी निष्ठा व ईमानदारी से निभाउंगा। इस अवसर पर वीरेंद्र गर्ग ने विशेष रूप से हरियाणा भाजपा अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़, मुख्यमंत्री मनोहरलाल केंद्रीय राज्य मंत्री रतन लाल कटारिया, हरियाणा स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता सहित पार्टी संगठन के शीर्ष नेतृत्व का हार्दिक धन्यवाद व आभार प्रकट किया।

लॉकडाउन की पाबंदियों को 1 हफ्ते तक बढ़ाया गया

राणा ओबराय                 
चंडीगढ़। हरियाणा में महामारी अलर्ट, सुरक्षित हरियाणा यानि लॉकडाउन की पाबंदियों को एक हफ्ते के लिए आगे बढ़ा दिया है। कोरोना महामारी के लिए हरियाणा सरकार की तरफ से नई गाइंडलाइन के मुताबिक स्कूलों, कोचिंग संस्थानों और कॉलेजों को अगले आदेशों तक बंद रखा जाएगा। इधर प्रदेश में 15 जून को स्कूलों को छुट्टियां खत्म हो रही थी। राज्य में शिक्षा विभाग की तरफ से ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया था। अब स्कूलों में फिर से छुट्टियां आगे बढ़ा दी गई है। अब 30 जून तक छुट्टियां आगे बढ़ाई गई है। इसकी जानकारी शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर ने दी। 
प्रदेश में स्कूली बच्चे अवसर एप व एजुसेट के जरिये अपनी पढाई की शुरुआत कर देंगे। इधर शिक्षामंत्री ने पहली से लेकर आठवीं तक के बच्चों की पढाई के लिए किताबों के पैसे खातों में भेजने का ऐलान कर दिया है इसके अलावा किताबों को आगे की कक्षा के छात्रों को देने के निर्देश भी दिये हैं। स्कूलों में फिलहाल रोटेशन के हिसाब से 50 फीसदी स्टाफ ड्यूटी पर आ रहा है। प्रदेश में 22 अप्रैल से 31 मई तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया गया था, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते इसे 15 जून तक बढ़ाया गया था, लेकिन अब इसे 30 जून तक आगे बढ़ा दिया है। स्कूलों में अब बुधवार से हिंदी और इंग्लिशन मीडियम के छात्रों को अलग अलग माध्यम से शिक्षा दिये जाने की तैयारी है। इंग्लिश के लिए स्वयं प्रभा के 12 चैनल रखे गए हैं, वहीं इस बार खास बात यह भी है कि शिक्षक सप्ताह में एक दिन बच्चों को अभिभावकों से फीडबैक भी लेंगे।

सोमवार, 14 जून 2021

प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा के प्रबंध किए जा रहे

राणा ओबराय                   
पानीपत। डीसी सुशील सारवान ने कहा कि कोरोना से बचाव की दिशा में प्रशासनिक स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा प्रबंध किए जा रहे है। इसलिए स्थानीय लघु सचिवालय में जितने भी कार्यालय हैं। वे यह सुनिश्चित करें कि कोविड गाइडलाइन की अनुपालना सुनिश्चित हो। प्रत्येक कार्यालय में मास्क की उपलब्धता, निरंतर सैनिटाइजर प्रक्रिया सहित एक दूसरे से उचित शारीरिक दूरी की पालना करते हुए स्वास्थ्य के प्रति सुरक्षात्मक व जागरूकता भरा माहौल हो। 
उन्होंने कहा कि वे शीघ्र ही इसी सप्ताह लघु सचिवालय के विभिन्न कार्यालयों का दौरा करेंगे। इसलिए सरकारी विभागों में आमजन के साथ सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखते हुए लोगों के प्रशासनिक स्तर पर किए जाने वाले कार्यों का तत्परता से पूरा करने की दिशा में काम किया जाए। उन्होंने कहा कि सरल केन्द्र में मुख्य द्वार पर हाथों को सैनिटाइज करने के उपकरण लगवाए गए हैं। इसलिए सभी आगन्तुक सरल केन्द्र में प्रवेश करते समय अपने हाथ सैनिटाईज कर के आए।
डीसी सुशील सारवान ने कहा कि सरल केंद्र आमजन की सुविधा के लिए बनाए गए हैं। जहां ऑनलाइन डिजीटल प्लेटफार्म से निर्धारित समयावधि में आमजन को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। इसमें आने वाले लोगों के स्वास्थ्य सुरक्षा के दृष्टिगत समय-समय पर पूरे परिसर को सैनिटाईज करवाया जाता हैं। सभी लोग मास्क पहनकर ही सरल केन्द्र में आए और वैटिंग हॉल में कोविड गाइडलाइन की पालना करते हुए शारिरिक दूरी बनाकर बैठे।

शनिवार, 12 जून 2021

इक़बाल बानो ने फैज़ अहमद को गाया, विरोध झेला

राणा ओबराय               
रोहतक। एक मध्यवर्गीय परिवार में जन्मी दसक साल की उस दुबली मुस्लिम लड़की की एक सबसे पक्की हिंदू सहेली थी। सहेली और उसकी बहन अपने संगीतप्रेमी पिता के निर्देशन में क्लासिकल गाना सीख रही थीं। एक दिन उस लड़की ने उनके सामने ऐसे ही कुछ गा दिया। शाम को सहेली के पिता उसे घर छोड़ने गए और उसके पिता से बोले,“मेरी बेटियां अच्छा गा लेती हैं पर आपकी बेटी को ईश्वर से गायन का आशीर्वाद मिला हुआ है। संगीत की तालीम दी जाए तो वह बहुत नाम कमाएगी।”1945 के आसपास उस लड़की के लिए दिल्ली घराने के एक बड़े उस्ताद की शागिर्दी में भर्ती किये जाने की राह खुली। उस्ताद की संगत में जल्द ही उसने दादरा और ठुमरी जैसी शास्त्रीय विधाओं में प्रवीणता हासिल कर ली। 
पार्टीशन के 4-5 साल तक वह दिल्ली में गाना सीखती रही। 17 की हुईं तो उम्र में उनसे काफी बड़े एक पाकिस्तानी जमींदार को उनसे इश्क हो गया। जल्द ही इस शर्त पर दोनों का निकाह हो गया कि शादी के बाद भी उस की संगीत यात्रा पर कोई रोक नहीं आने दी जाएगी। पति ने अपना वादा अपनी मौत यानी 1980 तक निभाया। हमें इक़बाल बानो नसीब हुईं। हम देखेंगे वाली इक़बाल बानो। इक़बाल बानो की गायकी का सफर उनकी जिंदगी जैसा ही हैरतअंगेज रहा। कौन सोच सकता था दादरा और ठुमरी जैसी कोमल चीजें गाते-गाते वह दुबली लड़की उर्दू-फारसी की गजलें गाने लगेगी और भारत-पाकिस्तान से आगे ईरान-अफगानिस्तान तक अपनी आवाज का झंडा गाड़ देगी। उसकी आवाज में एक ठहराव था और गायकी में शास्त्रीयता को बरतने की तमीज। 1977 उसके मुल्क में अपने साथ जिया उल हक जैसा क्रूर तानाशाह लेकर आया। धार्मिक कट्टरता के पक्षधर इस निरंकुश फौजी शासक ने तय करना शुरू किया कि क्या रहेगा और क्या नहीं। इस क्रम में सबसे पहले उसने अपने विरोधियों को कुचलना शुरू किया। उसके बाद डेमोक्रेसी और स्त्रियों की बारी आई। जिया उल हक ने यह तक तय कर दिया कि औरतें क्या पहन सकती हैं और क्या नहीं। पाकिस्तान की औरतों के साड़ी पहनने पर इसलिए पाबंदी लग गयी कि वह हिंदू औरतों का पहनावा थी। 
कला-संगीत-कविता जैसी चीजों को गहरा दचका भी इस दौर में लगा। फैज़ अहमद फैज को मुल्कबदर कर दिया गया। हबीब जालिब को जेल भेज दिया गया। उस्ताद मेहदी हसन का एक अल्बम बैन हुआ। शायरों-कलाकारों को सार्वजनिक रूप से कोड़े लगे। करीब बारह साल के उस दौर की पाशविकताओं और अत्याचारों की फेहरिस्त बहुत लम्बी है। ऐसे माहौल में इक़बाल बानो ने विद्रोह और इंकलाब के शायर फैज़ को गाना शुरू किया। सन 1981 में जब उन्होंने पहली बार फैज़ को गाया, निर्वासित फैज़ बेरूत में रह रहे थे और उनकी शायरी प्रतिबंधित थी। उसके बाद जमाने ने इक़बाल बानो का जो रूप देखा उसकी खुद उन्हें कल्पना नहीं रही होगी। बीस साल पहले उनकी आवाज कोमल, तीखी और सुंदर हुआ करती थी। अनुभव और संघर्ष के ताप ने अब उसे किसी पुराने दरख्त के तने जैसा मजबूत, दरदरा और पायेदार बना दिया था। अचानक सारा मुल्क पिछले ही साल विधवा हुई इस प्रौढ़ औरत की तरफ उम्मीद से देखने लगा था। गुप्त महफ़िलें जमाई जातीं। प्रतिबंधित कविताएं गाई जातीं। स्कूल-युनिवर्सिटियों में पर्चे बांटे जाते। इक़बाल बानो हर जगह होतीं। 
महफिल में जिसे जहां जगह मिली वहीं बैठते गए
फिर 1986 की 13 फरवरी को लाहौर के अलहमरा आर्ट्स काउंसिल के ऑडीटोरियम में वह तारीखी महफिल सजी। पूरा हॉल भर चुकने के बाद भी भीड़ बढ़ती जा रही थी। आयोजकों ने जोखिम उठाते हुए गेट खोल दिए। सीढियों पर, फर्श पर, गलियारों मेंं, जिसे जहां जगह मिली वहीं बैठ गया। कुछ हजार सुनने वालों के सामने इक़बाल बानो ने फैज़ अहमद फैज़ को गाना शुरू किया।

शुक्रवार, 11 जून 2021

10वीं का परिणाम जारी करेंगा शिक्षा बोर्ड: हरियाणा

हरियाणा शिक्षा बोर्ड आज घोषित करेगा हरियाणा 10वीं बोर्ड का रिजल्ट, टॉपर की नही होगा घोषणा...
राणा ओबराय          
चंडीगढ। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड शुक्रवार दोपहर ढाई बजे 10वीं की कक्षा का परिणाम जारी करेगा। खास बात यह है कि इस बार कोई भी टॉपर घोषित नहीं किया जाएगा और न ही कोई विद्यार्थी फेल किया जाएगा। परिणाम स्कूलों द्वारा दी गई इंटरनल असेसमेंट के आधार पर दिया जाएगा। वहीं, ओपन और प्राइवेट से आवेदन करने वाले बच्चों का परिणाम होल्ड किया जाएगा। शिक्षा बोर्ड ने परिणाम को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं।

गुरुवार, 10 जून 2021

कमांडो विंग में कांस्टेबल के पद पर 520 वैकेंसी

सुनील चौहान  

चंडीगढ़। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ( एचएसएससी ) ने हरियाणा पुलिस की कमांडो विंग में कांस्टेबल के पद पर 520 वैकेंसी निकाली हैं। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया hssc.gov.in पर 14 जून 2021 से शुरू होगी। इच्छुक युवा 29 जून तक इन पदों के लिए एप्लाई कर सकेंगे। कुल 520 पदों में से 187 पद अनारक्षित हैं। जबकि 93 पद एससी, 72 बीसीए, 42 बीसीबी, 52 ईडब्ल्यूएस, 37 ईएसएम जनरल, 11 ईएसएम एससी, 11 ईएसएम बीसीए, 15 ईएसएम बीसीबी के लिए आरक्षित हैं।

शैक्षणिक योग्ता
किसी भी स्ट्रीम से 12वीं पास। एवं 10वीं में हिन्दी या संस्कृत विषय पढ़ा होना जरूरी।

आयु सीमा
18 वर्ष से 21 वर्ष । (सभी वर्गों के लिए) आयु की गणना 1 जून 2021 से की जाएगी।

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शारीरिक कदकाठी
लंबाई – मार्क्स
175 सेमी – 05
178 सेमी से अधिक – 06
181 सेमी से अधिक – 08
184 सेमी से अधिक – 10

छाती कम से कम 83 सेमी हो। फुलाकर कम से कम 87 सेमी हो।

चयन
सबसे पहले शारीरिक मापतौर परीक्षा (पीएसटी) व शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) होगी। इसमें सफल उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा।
फाइनल चयन पीएससी, पीईटी व लिखित परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर बनी मेरिट से होगा।

शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीएसटी)
हाई जंप – 137 सेमी से अधिक – 10 मार्क्स
चिन-अप – कम से कम 8 – 10 मार्क्स
दौड़ 2 किमी – 7 मिनट 30 सेकेंड में। – 10 मार्क्स

लिखित परीक्षा 60 मार्क्स की होगी जिसमें 100 ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्न पूछे जाएंगे। इसमें 90 मिनट दिए जाएंगे।

आवेदन फीस
जनरल – 100 रुपये
एससी, बीसी, ईडब्ल्यूएस – 25 रुपये

मंगलवार, 8 जून 2021

लोगो को फ्री वैक्सिनेशन देने पर आभार व्यक्त किया

राणा ओबराय                   
पंचकूला। हरियाणा मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने प्रेसवार्ता में बताया कि कल प्रधानमंत्री ने जो घोषनाये वैक्सिनेशन के लिए की है। 75 फीसदी वैक्सिनेशन भारत सरकार खरीदेगी, जो राज्यो को मुफ्त में दी जाएगी। उन्होंने कहा 21 तारीख से तमाम लोगो को वैक्सिनेशन फ्री देने पर पीएम का आभार व्यक्त करता हूँँ। सीएम ने कहा दीपावली तक सभी गरीब परिवारों को मुफ्त राशन की घोषणा को लेकर भी पीएम का आभार व्यक्त करता हूं।उन्होंने कहा नीति आयोग की 2020 की रिपोर्ट में हरियाणा मोस्ट परफार्मिंग स्टेटस में बड़े राज्यों में हरियाणा का नाम प्रथम आया है। 15 कैटगरी में 8 में हरियाणा 65 फीसदी से ऊपर है। अफोर्डेबल क्लीन एनर्जी के लिए भी हरियाणा नम्बर 1 पर है।

मीडिया पॉलिसी को लेकर बातचीत, उन्मुक्त विचार

राणा ओबराय                 
चंडीगढ। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सही वक्त पर बेहतरीन निर्णय लेते हुए वरिष्ठ पत्रकार विनोद मेहता को अपना प्रधान मीडिया सलाहकार बनाना उनकी अच्छी सोच को दर्शाता है। यूं तो उनके पास पहले से ही मीडिया सलाहकार अमित आर्या अच्छे तरीके से कामकाज को संभाल रहे है। कल शाम सम्पादक राणा ओबराय व प्रधान मीडिया सलाहकार विनोद मेहता की सरकार के कामकाज औऱ मीडिया पॉलिसी को लेकर खास बातचीत हुई। विनोद मेहता ने एक सवाल के जवाब में बताया मेरा लक्ष्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों को मीडिया के जरिए जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया मेरे मीडिया साथियों के सामने आ रही उनकी दिक्कतों को दूर करना ही मेरी पहली प्राथमिकता है।

रविवार, 6 जून 2021

कई दर्जन आईएएस अधिकारियों के तबादले किए

राणा ओबराय              
चंडीगढ़। गत दिवस हरियाणा सरकार ने कई दर्जन आईएएस अधिकारियों के नियुक्ति एवं तबादले किए। यह सरकार का विशेष अधिकार है। किस-किस अधिकारी को कहाँ नियुक्त करना है। परंतु एक बात कहना अतिअवश्यक है कि जब किसी आईएएस या अन्य अधिकारी को जिले की कमान सौंपी जाती है।उसको डीसी जैसे महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया जाता है। उस समय शायद अधिकारी की कार्यप्रणाली, ईमानदारी व कर्तव्य परायणता के बारे जरूर जांच पड़ताल की जाती होगी। 
परन्तु ऐसा क्या होता है कि कुछ ही महीनों की बात आईएएस अधिकारी को बदल दिया जाता है? क्या नियुक्ति से पहले जो अधिकारी की रिपोर्ट ली जाती है वह सत्य नही होती? क्या डीसी जैसे अहम पद पर आईएएस अधिकारी कुछ ही समय मे भ्रष्ट हो जाता है, तो यह गलती उस रिपोर्ट बनाने वाले की है ? यदि अधिकारी कर्तव्यपरायणता, ईमानदारी व लग्न से काम नही करता तो उसे सिर्फ बदलना ही नही चाहिए बल्कि उसकी विभागीय जांच करवानी चाहिए। यदि सरकार रूटीन कार्य समझ कर तबादला करती है तो वह अशोभनीय है। 
क्योंकि जब तक अधिकारी को जिले की भगोलिक स्तिथि समझ आती है या वह जिले में विकास को बढ़ावा देने के लिए तैयार होता हैं तो उसको बदल दिया जाता है। इसके कारण जिले में विपरित असर पड़ता है विकास रुक जाता है। आने वाला नया अधिकारी क्या पहले वाले अधिकारी द्वारा तैयार स्कीमो को लागू करेगा। यदि नही करता तो यह जिले का हर तरह से नुकसान होगा। इसलिए हमारा मानना है की अधिकारी किसी भी स्तर का हो उसको कम से कम एक वर्ष तक एक ही पोस्ट पर लगाये रखना चाहिये। उसके बाद यदि अधिकारी में कोई कमी पाई जाती है तो सरकार को उस अधिकारी के खिलाफ कठोर निर्णय भी लेना चाहिए।

शुक्रवार, 4 जून 2021

इंस्पेक्टर के बाद फर्जी एसएचओ को दबोचा: अपराध

राणा ऑबराय               
जींद। अपराध करने वाले लोग किसी भी हद तक जा सकते हैं। ऐसा ही मामला जिला जींद से जुड़ा है। एक नकली एसएचओ व एक नकली सीबीआई इंस्पेक्टर बनकर दो लोग पुलिस स्टेशन में ही पुलिस अधिकारियों पर रॉब झाड़ने लगे। हरियाणा की जींद पुलिस ने कार्यवाही करते हुए फर्जी सीबीआई इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी के बाद अब फर्जी एसएचओ को भी दबोच लिया है। नकली एसएचओ अनिल दहिया ने अमन से अवैध हथियार खरीदे थे। सफीदों सदर पुलिस ने मामले में कार्रवाई की है। नकली सीबीआई इंस्पेक्टर बनकर सफीदों पुलिस को धौंस दिखाने वाले अनिल दहिया से पुलिस ने गहनता से पूछताछ की तो उसने बताया कि उसके जिस साथी अमन ने लड़की के परिवार को एसएचओ गोहाना बनकर धमकी दी थी। वह भी नकली है और उसी से उसने यह नाजायज हथियार खरीदा था। उसके बाद पुलिस ने दबिश दी और अमन को हिरासत में लेकर सफीदों ले आई। 
गौरतलब है कि उपमंडल सफीदों के गांव हाट की एक लड़की का अपने सुसराल वालों से तनाव चल रहा था और वह अपने मायके में आकर रह रही थी। अनिल दहिया नामक युवक लड़की वालों पर अपने आप को सीबीआई इंस्पेक्टर बतलाकर दबाव बना रहा था कि अपनी लड़की को गोहाना भेज दो अन्यथा लड़की को जबरदस्ती गांव से उठाकर ले जाएंगे। उसके बाद अमन ने लड़की के पिता के पास अपने आप को एसएचओ गोहाना बतलाकर फोन किया तथा कहा कि गोहाना थाना आ जाओ अन्यथा गांव से उठाकर ले जाऊंगा। जिस पर लड़की वालों ने कहा कि थाना सदर सफीदों में आ जाओ, वहीं बैठकर बातचीत करेंगे। वह धमकी देने वाला सफीदों सदर थाने में आया और अपने आप को अनिल दहिया सीबीआई इंस्पेक्टर बताया और उसके पास पिस्तौल भी था। 
खुद को बता रहा था सीबीआई इंस्पेक्टर पुलिस ने जब लड़की वाले मामले में दोनों पक्षों को बुलाकर पूछताछ शुरू की तो अनिल दहिया ने रौब झाड़ते हुए कहा कि मैं सीबीआई इंस्पेक्टर हूं और इन लड़की वालों पर कार्रवाई करो। अनिल दहिया द्वारा बार-बार अपने आप को सीबीआई इंस्पेक्टर बताने पर एएसआई मलकीत को शक हुआ तो उसने अनिल दहिया की पिस्तौल व आई कार्ड चेक किया तो दोनों नकली पाए गए। पुलिस ने नकली पिस्तौल व फर्जी आईकार्ड के साथ आरोपी अनिल दहिया को काबू करके उससे पूछताछ शुरू की तो उसने बताया कि उसके साथ गोहाना का अमन भी शामिल है और उसी ने फर्जी एसएचओ गोहाना बनकर लड़की वालों को फोन किया था और उसी से उसने नाजायज हथियार लिया था। इसी पूछताछ के आधार पर पुलिस ने गोहाना के अमन को काबू किया।

पत्नी-बच्चे की गला दबाकर हत्या, फिर आत्महत्या

राणा ओबरॉय   

पानीपत। पत्नी की शक की आदत ने एक हँसते खेलते परिवार को खत्म कर दिया l पत्नी के शक करने की आदत से परेशान युवा बाउंसर ने अपने एक साल के बेटे और पत्नी की गला दबाकर हत्या कर डाली और स्वयं भी ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। दोनों की हत्या के बाद उसने अपने ससुर, जीजा और मालिक के बेटे को कॉल कर वारदात की जानकारी दी थी। जीआरपी ने मामला दर्ज कर बाउंसर के शव और पुलिस ने पत्नी व बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

गांव सिवाह निवासी 28 वर्षीय रमेश कादियान उर्फ मैसी दिल्ली में एक प्रॉपर्टी डीलर पद्म पंवार का बाउंसर था। दिल्ली में लॉकडाउन लगने से वह गांव में घर बनवाने के लिए पानीपत आ गया था। डेढ़ माह से वह यहीं पर था। वीरवार की दोपहर करीब दो बजे उसने प्रापर्टी डील पद्म पंवार के बेटे नितिन को कॉल किया। बताया कि बेटे कविश (1) और पत्नी अनु (27) को उसने मार दिया है। अब रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या करने के लिए जा रहा है। इसके बाद रमेश ने सोनीपत निवासी अपने जीजा नितिन और ससुर रणबीर को भी कॉल कर यही बातें कहीं। नितिन ने तुरंत ससुर पाले राम को कॉल कर यह सूचना दी। जब वे दूसरे बेटे सुरेश के साथ रमेश के कमरे पहुंचे तो वहां पर बहू और पौत्र की लाश मिली लेकिन रमेश वहां नहीं था। सुरेश ने बताया कि रमेश भागता दिखा तो उसे पकड़ने का प्रयास किया। वह भागकर सिवाह के पास रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया। पहले उसे बचा लिया गया लेकिन वह भागकर ईख की फसल में छिप गया। इस बीच आई दूसरी ट्रेन के सामने कूदकर उसने जान दे दी।

गुरुवार, 3 जून 2021

रामदेव को गैर जिम्मेदाराना बयान नहीं देने चाहिए

राणा ओबराय            
हिसार। एलोपैथी व डॉक्टरों के बारे में बाबा रामदेव के कथित अपमानजनक बयान से आहत इंडियन मेडिकल ऐसोसिएशन (आईएमए) ने कहा कि बाबा रामदेव को ऐसे गैर जिम्मेदाराना बयान नहीं देने चाहिए। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर से बोलते हुए डॉ. संदीप कालड़ा ने कहा कि एलोपेथी, आयुर्वेद, होम्पयोपेथी व यूनानी आदि चिकित्सा प्रणालियों का अपना अलग महत्व है। बाबा रामदेव के बयानों से अस्थिरता व अशांति पैदा हो रही है और विदेशों में वैज्ञानिक उनके बयानों की खिल्ली उड़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे अनुचित बयानों से भ्रांति फैलती है।
डॉ. जेपीएस नलवा ने कहा कि बाबा रामदेव पहले योग गुरू थे, फिर भोग गुरू बन गए हैं और अब उद्योग गुरू बन गए हैं। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव ने कोविड का कोई अस्पताल नहीं खोला और न ही उपचार किया। चिकित्सा की दूसरी पद्धतियों को गलत कहना अनुचित है। वे अपराधपूर्ण कार्य कर रहे हैं। उनके खिलाफ केस दर्ज करके गिरफ्तार किया जाना चाहिए।इस अवसर पर डॉ. एपी सेतिया ने कहा कि बाबा रामदेव को तो सहयोग करते हुए टीकाकरण के पक्ष में प्रचार करना चाहिए, क्योंकि आम जनता उनकी बातों को मानती है। उन्होंने कहा कि आईएमए की 1750 शाखाएं हैं। वह बाबा रामदेव पर मानहानि और क्षतिपूर्ति का केस करेंगे। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव के भ्रामक प्रचार से कोविड के खिलाफ राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान को नुकसान हुआ है। इस टीकाकरण के कारण लोग ठीक होकर घर लौट रहे हैं।

'बाबा' आपातकालीन पैरोल पर पीजीआई लाये गए

राणा ओबरॉय   
चंडीगढ़। सुनारिया जेल से सुबह ही रोहतक पीजीआई लेकर पहुंचा है, जिसके बाद राम रहीम का टेस्ट करवाया गया है। आज सुबह जल्दी ही गुरमीत राम रहीम को पीजीआई लेकर पहुंचे थे, जिसके बाद चेकअप के बाद वापस जेल लेकर जाया गया।
बताया जा रहा है कि राम रहीम को पेट दर्द के चलते पीजीआई रोहतक लेकर पहुंचे थे। जहां पर टेस्ट करवाने के बाद फिर से सुरक्षित तरीके से जेल लेकर पहुंच गए हैं। आपको बता दें कि इससे पहले राम रहीम को इमरजेंसी पैरोल दी गई थी। राम रहीम को 48 घंटे की पैरोल दी गई थी। लेकिन 12 घंटे में ही वापस लौटना पड़ा था। राम रहीम को अपनी बीमार मां की देखभाल के लिए इमरजेंसी पैरोल मिली थी।

बुधवार, 2 जून 2021

राज्य बोर्ड की परीक्षाएं रद्द करने का फैसला किया

राणा ओबराय                

चंडीगढ़। सीबीएसई और सीआईएसई के नक्शे कदम पर चलते हुए हरियाणा सरकार ने राज्य बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं रद्द करने का फैसला किया है। जिसके चलते एक नीति बनाकर बारहवीं कक्षा के छात्र प्रमोट कर दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद सीबीएसई और सीआईएसई की 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं रद्द कर दिए जाने का फैसला लिए जाने के बाद हरियाणा सरकार ने भी केंद्र की तर्ज पर चलते हुए राज्य बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं रद्द किए जाने का ऐलान किया है। शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने यह जानकारी देते हुए बताया है कि हमने भी राज्य में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं रदद करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा है कि हम केंद्र द्वारा सीबीएसई और सीआईएसई बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं रद्द किए जाने के फैसले के साथ हैं। जिसके चलते हमने भी छात्र-छात्राओं के जीवन को ध्यानार्तगत रखते हुए राज्य बोर्ड की परीक्षाएं रद्द करने का फैसला किया है।

शराब: डब्ल्यूटीओ में शिकायत दर्ज करेंगा आस्ट्रेलिया

सिडनी/ बीजिंग। ऑस्ट्रेलिया ने कहा है कि वो उनके यहाँ बनी शराब पर चीन के शुल्क बढ़ाने के खिलाफ डब्ल्यूटीओ में शिकायत दर्ज करेगा। चीन ने पिछले...