बुधवार, 4 सितंबर 2019

सरकारी योजनाओं के विरुद्ध किया प्रदर्शन

तुषार सक्सेना-ब्यूरो चीफ


सरकारी योजनाओं का लाभ ना मिलने पर गरीब किसानों ने किया विरोध प्रदर्शन


रामपुर। तहसील सदर के गांव सिंघन खेड़ा का मजरा हसमतगंज ब्लॉक सेदनागर के ग्राम वासियों का कहना है कि हमारे गांव में किसी भी प्रकार का विकास कार्य नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जो आवास गरीबों को दिए जा रहे हैं। वह आज तक हमको नहीं दिए गए। हम गरीब मजदूर व्यक्ति हैं। इसके अलावा जितनी भी सरकारी योजनाएं सरकार द्वारा चलाई जा रही हैं। उनका लाभ हमारे गांव के किसी व्यक्ति को नहीं मिल रहा है। ग्राम वासियों का कहना है कि हम बहुत ही गरीब मजदूर व्यक्ति हैं और हम बड़ी ही मुश्किलों का सामना करके यहां निवास करते हैं। बरसात के मौसम में जब बारिश पड़ती है। तब हमने जो अपने घरों के ऊपर छप्पर लगा रखी है। वह छप्पर उड़ जाते हैं जिससे हमें बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हमने अपने ग्राम प्रधान से शिकायत भी की थी तो उसने ग्राम वासियों को डांट फटकार कर बाहर कर दिया और हमारी समस्याओं का कोई भी सुध नहीं ली है । हमने अपने ग्राम प्रधान से कई बार शिकायत की थी। लेकिन हमारी समस्या का समाधान अभी तक नहीं किया गया है। इन सारी बातों को मध्य नजर रखते हुए आज हम यहां विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रेम सिंह प्रजापति वार्ड मेंबर सदस्य का कहना है कि हमारे गांव में कोई विकास कार्य ग्राम प्रधान के द्वारा नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा हम लोगों को किसी भी प्रकार के कोई आवाज नहीं मिले हैं। गांव की सड़कें टूटी फूटी पड़ी है। जिसके कारण पूरे गांव में पानी का भंडार लगा रहता है। जिससे गांव के लोग 2 किलोमीटर का चक्कर काटकर मुकाम तक पहुंचते हैं। जिससे काफी समय नष्ट होता है और इससे बच्चों की शिक्षा पर काफी प्रभाव पड़ता है। ग्राम प्रधान से जब भी शिकायत की है, उन्‍होने हमारी शिकायतों पर कोई करवाई नहीं की है।


अवैध वसूली करने वाले दो युवक गिरफ्तार

अकरम सैफी


सरकारी योजनाओं के नाम पर अवैध वसूली करते दो युवकों को पुलिस ने धर दबोचा


गाजियाबाद। लोनी थाना ट्रॉनिका सिटी क्षेत्र के अंतर्गत राधे श्याम पार्क आजाद एनक्लेव पूजा कॉलोनी पुलिस ने दो सरकारी योजनाओं के नाम पर अवैध वसूली करते पब्लिक ने दबोचा। पुलिस को100नंबर सूचना देकर की शिकायत मौके पर पहुंची। पीआरबी4783सवार महिपाल सिंह पायलट एवं मनोज राठी सिपाही द्वारा दोनों शातिर युवकों को थाना ट्रॉनिका सिटी में छोड़ा गया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई के दौरान स्कूल के फार्म भरवा कर बच्चों के परिजनों से ₹50से ₹300अवैध वसूली कर रहे थे। जिसकी सूचना क्षेत्रवासियों ने पुलिस से की। महिलाओं को जब इन पर शक हुआ जब उन्होंने इन दोनों के आईडेंटिकार्ड मांगे और इनके पास कोई भी आइडेंटी प्रूफ महिलाओं को नहीं मिला। इसी बात को लेकर महिलाओं में हड़कंप मच गया आनन-फानन में देवेंद्र नामक युवक ने100नंबर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से दोनों अभियुक्तों को धर दबोचा। वहीं थाना ट्रॉनिका सिटी प्रभारी सुभाष सिंह ने बताया। कि दोनों के पास से कुछ रजिस्टर जिसमें महिलाओं सहित युवकों के और मासूम बच्चों के फोटो लगे हुए हैं। जिनके आगे नाम व एड्रेस एवं मोबाइल नंबर लिखकर उनसे पैसे लेकर अवैध वसूली कर रहे थे। पुलिस ने दस्तावेजों को जप्त कर जांच कर रही है।


पुतिन और मोदी ने की गर्म जोशी से मुलाकात

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के साथ मुलाकात की। दोनों नेताओं ने गले मिलकर गर्मजोशी से मुलाकात की और इसके बाद ज्वेज्दा शिप बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स का दौरा किया और यहां उन्होंने कुछ प्रदर्शनी भी देखी। ज्वेज्दा रूस का सबसे बड़ा पोतनिर्माण परिसर है। दोनों के बीच आज द्विपक्षीय वार्ता होगी। इससे पहले पीएम मोदी अपने दो दिवसीय दौरे पर बुधवार को सुबह 4:30 बजे रूस के व्लादिवोस्तोक शहर पहुंचे। रूस के उप विदेश मंत्री इगोर मोर्गुलोव की उपस्थिति में पीएम मोदी को व्लादिवोस्तोक अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।


पीएम मोदी इस 36 घंटे के दौरे पर ईस्टर्न इकनॉमिक फोरम में शामिल होंगे। भारत ईस्टर्न इकनॉमिक फोरम का सदस्य नहीं है, लेकिन पीएम मोदी राष्ट्रपति पुतिन के विशेष आमंत्रण पर पांचवें ईस्टर्न इकनॉमिक फोरम की बैठक में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। व्लादिवोस्तोक में फार इस्टर्न फेडरल यूनिवर्सिटी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रूस में भारतीय प्रवासियों ने स्वागत किया।


3अभियुक्त डोडा-पोस्त के साथ गिरफ्तार

सरसावा थाना पुलिस को चेकिंग के दौरान मिली सफलता। अलग-अलग स्थान से तीन अभियुक्तों को डोडा पोस्त के साथ किया गिरफ्तार।


सहारनपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी के आदेशानुसार नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे धरपकड़ अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक ग्रामीण क्षेत्राधिकारी नकुल के कुशल नेतृत्व में सरसावा थाना प्रभारी प्रमोद कुमार व उनकी टीम ने चेकिंग के दौरान 3 अभियुक्तों को अलग-अलग स्थान से 12 किलो डोडा पोस्ट के साथ गिरफ्तार कर  जेल भेज दिया है।


थाना प्रभारी प्रमोद कुमार ने बताया कि सरसावा थाना पुलिस अलग अलग मार्ग पर चेकिंग कर रही थी। वही चेकिंग के दौरान तीन अभियुक्तों से डोडा पोस्त बरामद किया है। पुलिस टीम ने रायपुर रोड से शलिम पुत्र सादिक निवासी मौहल्ला मिरधान सरसावा के पास से 5 किलो 500 ग्राम डोडा पोस्त बरामद हुआ है।  वहीं वसीम पुत्र वाजिद निवासी मोहल्ला हरिजनान सरसावा को रायपुर रोड से तीन किलो 500 ग्राम डोडा पोस्त बरामद हुआ है। व पुलिस ने चेकिंग के दौरान ही रेलवे स्टेशन के समीप से देवेंद्र पुत्र राजेंद्र निवासी बदरपुर थाना छप्पर जिला मुजफ्फरपुर को 3 किलो डोडा पोस्त के साथ पकड़ा है। पुलिस ने तीनों अभियुक्तों को  मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा दिया है।


रिपोर्ट:- योगेश आर्य


एनआरसी के खिलाफ ममता ने भरी हुंकार

कोलकाता। राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ पश्चिम बंगाल सरकार प्रस्ताव लाएगी। इस हफ्ते लाए जाने वाले प्रस्ताव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सभी विपक्षी दलों को एकजुट करने की कोशिश कर रही हैं, हालांकि भारतीय जनता पार्टी ने इसका विरोध किया है। इससे पहले सीएम ममता ने ऐलान किया था कि वह 12 सितंबर को एनआरसी के खिलाफ विरोध मार्च निकालेंगी। राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के तहत 19 लाख से अधिक लोग घुसपैठियों की श्रेणी में आ गए हैं। जिससे राजनीतिक पार्टियों को काफी नुकसान होने की संभावना प्रबल हो गई है। इस गहरी खाई को पाटने के लिए सभी राजनीतिक दल अपनी नीतियों से घुसपैठियों को साधने का प्रयास कर रहे हैं। जबकि यह राष्ट्र के हित में नहीं है। लेकिन सत्ता पक्ष अपने अधिकारों का दुरुपयोग करने से बाज नहीं आ रहा है।


शैलजा बनी हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष

राणा ओबराय


सांसद कुमारी शैलजा हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष मनोनीत, पूर्व सीएम हुड्डा की चाल गयी बेकार

चंडीगढ़। आखिरकार अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एक निर्णायक भूमिका निभाते हुए हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर सांसद कुमारी सैलजा को मनोनीत को मनोनीत किया है। हरियाणा कांग्रेस में पिछले 5 वर्षों से कांग्रेस अध्यक्ष को बदलने की मांग को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के नेतृत्व में विधायक एवं कई नेता कई बार कांग्रेसी आलाकमान से मिल चुके थे। सभी नेता कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं के सामने अपना दुखड़ा बयान करते हुए कहते थे अशोक तंवर कांग्रेस में जान डालने में नाकामयाब साबित हुए हैं। इसलिए यदि हरियाणा कांग्रेस को बचाना है तो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा को कमान सौंपी जाए। परंतु आज कांग्रेस आलाकमान सोनिया गांधी ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा की दबाव की राजनीति को एकतरफा करते हुए सांसद कुमारी शैलजा को हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर मनोनीत किया है। अनुसूचित जाति के वोट बैंक में सेंध लगाने को शैलजा को प्रधान नियुक किया है। वैसे इसकी चर्चा पिछले लगभग 10 दिनों से चल रही थी।यदि हरियाणा में गुटबाजी खत्म होती है तो सीधे मुकाबले में कांग्रेस भाजपा को टक्कर देने में सक्षम साबित हो सकती है।


मकान गिरने से एक की मौत 4 घायल

तुषार सक्सेना-ब्यूरो चीफ 
आंधी बारिश से भरभरा कर गिरा मकान एक की मौत चार घायल आला अधिकारी मौके पर


रामपुर। थाना सिविल लाइन क्षेत्र के मढैया नादर बाग स्‍थित बरेली गेट के पास बारिश से पक्का बना हुआ मकान भरभरा कर गिर गया। जिसमें मकान में सो रहे एक ही परिवार के 5 लोग दब गए। जिसमें एक लड़की जिसका नाम सलीना  की मौत हो गई। चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। बचाव कार्य शुरू किया गया जिसमें मृतिका के शव को बाहर निकालकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। घायलों को 108 की मदद से जिला अस्पताल भेजा गया है। फिलहाल इस दुर्घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ हैै। सलीना ,सायरा बी ,गुलफिसा, अब्दुल रहमान, अदीबा यह पांचो बरेली गेट निवासी बता जा रहा है। परिजन नईम ने बताया बारिश मकान गिर गया। घर में सो रहे एक ही परिवार के पांच लोग, जिसमें 1 की मौत हो गई। 4 गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।  एसडीएम सदर पी तिवारी ने बताया बारिश मे एक छोटा सा मकान गिर गया। जिसमें एक बच्ची सलीना की मौत हो गई ।सायराबी, अब्दुल रहमान,गुलफिसा,अदीबा यह चारों घायल है। अस्पताल में भर्ती करा दिया है। इनके पिताजी मेहनत मजदूरी का काम करते हैं। गरीब परिवार से हैं जो भी होगा मदद की जाएगी।


डीएम-एसएसपी ने गंगनहर का किया निरीक्षण

गाजियाबाद। मुरादनगर गंगनहर पर जहाँ गाजियाबाद के डीएम व कप्तान गंगनहर का निरीक्षण करने पहुंचे ।वही कुछ लोग गंगनहर पर गणेश मूर्ति विसर्जन कर रहें थे।मुरादनगर पुलिस को ओर लोगों को जरा भी अर्लट अधिकारी का खौफ नहीं रहा ।मात्र पांच दस मिनट करने आये डीएम व एसएसपी गंगनहर का निरीक्षक जल्द से जल्द हो गये थे ।गाजियाबाद के लिए रवाना नहीं तो अधीनस्थ अधिकारियों पर जमकर फटकार लगती । गणपति बाबा का आशिर्वाद अपने सर्द्धालु भक्तों पर बन गया ।


गाजियाबाद पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी

अविनाश श्रीवास्तव


गाजियाबाद।  पुलिस को आज एक बड़ी कामयाबी मिली है,जब पुलिस मुठभेड़ में 50 हजार का ईनामी बदमाश गोली लगने से घायल हो गया, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार बदमाश के कब्जे से 1 पिस्टल व चोरी की बाईक बरामद हुई है।


मिली जानकारी के मुताबिक थाना कविनगर पुलिस द्वारा आज करीब 11:25 बजे थाना क्षेत्र कविनगर में चैकिंग की जा रही थी। 2 बाईक सवार संदिग्ध व्यक्ति आते दिखायी दिये। जिन्हें रोकने का इशारा किया गया पर नही रुके साथ ही जान से मारने की नियत से पुलिस पार्टी पर फायर करते हुए भागने लगे।पुलिस पार्टी की जवाबी फायरिंग में बदमाश प्रदीप पुत्र रतिराम निवासी हैदर नगर जनपद हापुड़ पैर में गोली लगने से घायल हो गया।


जिसको पुलिस ने गिरफ्तार कर उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती किया गया।1 फरार है जिसकी तलाश की जा रही है।गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से मसूरी थाने से चोरी की बाइक व कविनगर थाना से संबंधित 1पिस्टल लाइसेंसी 32 बोर 3 जिंदा 2 खोखा कारतूस बरामद हुए है। गिरफ्तार अभियुक्त थाना ट्रॉनिका सिटी के मुकदमा व थाना कविनगर के केस में वांछित है। गिरफ्तार अभियुक्त पर करीब 1 दर्जन लूट, हत्या, डकैती आदि के मुकदमे पंजीकृत है। अभियुक्त के अन्य अपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है।


नगर-पालिका में लचर सफाई व्यवस्था

गाजियाबाद। मुरादनगर शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की गई हैं। जिसमें शहर की सफाई व्यवस्था को सुचारू कराने की मांग की गई हैं।कच्ची सराय निवासी एवं सौंदर्य प्रसाधन के दुकानदार मिल्लत खान ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर जनसुनवाई के तहत शिकायत दर्ज कराई हैं।की मुरादनगर में सफाई व्यवस्था चौपट होने के कारण जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। उन्होंने कहा की शहर की गंदगी को डालने के लिए नगर पालिका परिषद के पास कोई निश्चित स्थान नहीं हैl नगर पालिका परिषद शहर के कूड़े को गंग नहर किनारे सड़क पर डाल रहा हैं l जिस कारण वहां से गुजरने वाले लोगों को तो भारी परेशानियों का सामना करना ही पड़ा हैं।वही बदबू से ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में स्थिति स्कूल में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है l मिल्लत खान ने कहा हैं। कि शहर की गंदगी को डालने के लिए नगर पालिका परिषद एक निश्चित स्थान तय करेंl जिससे कि लोगों को परेशानी का सामना ना करना पड़े l उन्होंने इस समस्या के समाधान की मांग की हैं।


वसुंधरा को खाली करना पड़ेगा बंगला

तो अब राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को सरकारी बंगला संख्या 13 खाली करना पड़ेगा। हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को मिलने वाली आजीवन सुविधाओं पर रोक लगाई। राजे ने मुख्यमंत्री रहते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश दर किनार किए थे।

भगवान के यहां देर है पर अंधेर नहीं। यह कहावत अब राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती वसुंधरा राजे पर चरितार्थ हो रही है। 2013 से 2018 के कार्यकाल में वसुंधरा राजे और उनके दलाल किस्म के चमचों ने जो ज्यादतियां की उसी का परिणाम है कि अब राजे को जयपुर में सिविल लाइंस स्थित सरकारी बंगाल संख्या 13 खाली करना पड़ेगा। 4 सितम्बर को जोधपुर स्थित हाईकोर्ट के जज प्रकाश चंद गुप्ता ने राजस्थान मंत्री वेतन संशोधन अधिनियम 2017 को अवैध घोषित कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि किसी भी पूर्व मुख्यमंत्री को मिलने वाली सुविधाओं को सुप्रीम कोर्ट के आदेश में देखा  जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व में आदेश दे रखा है कि पूर्व मुख्यमंत्री आजीवन सुविधा लेने के हकदार नहीं है। ऐसे में राजस्थान में भी किसी पूर्व मुख्यमंत्री को सरकारी बंगला और अन्य सुविधाएं नहीं दी जा सकती है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को भी सिविल लाइंस  स्थित बंगला संख्या 13 खाली करना पड़ेगा तथा सरकारी सुविधाएं भी लौटानी पड़ेगी। हालांकि वसुंधरा राजे के पास अरबों रुपए की सम्पत्ति है, लेकिन अब उन्हें सरकारी सुविधाओं का मोह छोडऩा पड़ेगा। यहां यह खासतौर से उल्लेखनीय है कि वसुंधरा राजे जब मुख्यमंत्री थी तभी उन्होंने 2017 में विधानसभा में प्रस्ताव स्वीकृत करवाया। इस प्रस्ताव में पूर्व मुख्यमंत्री को जयपुर के सिविल लाइंस क्षेत्र में केबिनेट मंत्री को मिलने वाला बंगला देने के साथ साथ निजी सचिव, 2 स्टेनोग्राफर, एक कार्यालय अधीक्षक, ड्राइवर, तीन चपरासी तथा देशभर में मुफ्त हवाई यात्रा आदि की सुविधा स्वीकृत करवा ली। कांग्रेस इस बिल पर कोई ऐतराज नहीं करे, इसके लिए तबके पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी ऐसी सुविधाएं दी गई। इतना ही नहीं पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा नहीं होने के बावजूद नियमों के विरुद्ध पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ पहाडिय़ा को भी ऐसी सुविधा उपलब्ध करवाई गई। सब जानते हैं कि मुख्यमंत्री के पद पर रहते हुए वसुंधरा राजे ने मुख्यमंत्री के सरकारी निवास बंगला संख्या 8 को तो बनाए रखा, साथ ही सिविल लाइंस के बंगला संख्या 13 पर भी अवैध तौर पर काबिज रहीं। मुख्यमंत्री रहते हुए राजे ने बंगला संख्या 13 में सरकारी खर्चे पर तमाम तरह की सुविधाएं उपलब्ध करवा ली। इसे राजनीति का घालमेल ही कहा जाएगा कि अशोक गहलोत के सीएम बनने पर वसुंधरा राजे को पूर्व मुख्यमंत्री की हैसियत से बंगला संख्या 13 ही अलॉट कर दिया गया। कांग्रेस सरकार बन जाने के बाद विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने अपने अंतिम दिनों के कार्यकाल में विधायकों को सरकारी आवास आवंटित कर दिए थे, लेकिन नए विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने मेघवाल के आवंटन आदेश को पलट दिया, लेकिन वसुंधरा राजे के बंगले से कोई छेड़छाड़ नहीं की। यानि राजनीति में दिखता है कुछ और होता कुछ अलग है। वसुंधरा राजे को उम्मीद थी कि वे बंगला संख्या 13 में आजीवन रहेंगी, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश से अब राजे को इस बंगले से बाहर निकलना होगा। यहां यह उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी जब उत्तर प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री मायावती और अखिलेश यादव ने लखनऊ के सरकारी बंगले खाली नहीं किए थे, तो सामान बाहर फिकवाने की नौबत आ गई थी। बाद में अखिलेश यादव पर बंगले को क्षतिग्रस्त करने और नालों की टोंटी तक ले जाने के आरोप लगे। आखिलेश ने भी वसुंधरा की तरह मुख्यमंत्री रहते हुए अपने लिए सरकारी बंगला तैयार करवाया था। पूर्व होते ही अखिलेश ने इस बंगले को आवंटित करवा लिया। लेकिन बाद में बेईज्जत होकर अखिलेश को बंगला खाली करना पड़ा। राजस्थान के मौजूदा मुख्यमंत्री चाहते हुए भी वसुंधरा राजे के प्रति कोई नरम रुख नहीं अपना सकेंगे, क्योंकि यदि राजे ने बंगला खाली नहीं किया तो हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर होगी। 
एस.पी.मित्तल


कश्मीर में ना गोली चली ,ना पत्थर

एक माह में कश्मीर घाटी में न गोली चली, न पत्थर। 
सरकार की यही सबसे बड़ी उपलब्धि है। 
जम्मू और लद्दाख में तो जश्न का माहौल।

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटे पूरा एक माह हो गया। इस एक माह में ईद का पर्व भी मना और चार शुक्रवार को जुमे की नमाज भी हुई। इस माह में सुरक्षा बलों को किसी भी स्थान पर गोली चलाने की जरुरत नहीं हुई और न ही किसी कश्मीरी ने जवानों पर पत्थर फेंके। 1980 के बाद से ही आए दिन आतंकी वारदातें तथा सुरक्षा बलों पर हमले हो रहे थे। लेकिन पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद जम्मू कश्मीर के हालात पूरी तरह बदल गए हैं। सरकार की यह सबसे बड़ी उपलब्धि है कि कश्मीर घाटी पूरी तरह शांत हैं। पाकिस्तान परस्त कुछ लोग कह सकते हैं कि घाटी में पाबंदियां सख्त है, इसलिए शांंति है। पाकिस्तान परस्त लोगों का यह तर्क बेमानी है, क्योंकि चरमपंथ के समय घाटी के आतंकियों की हरकतों का खामियाजा जम्मू और लद्दाख के लोगों को बेवजह उठाना पड़ता था। 5 अगस्त के बाद से जम्मू और लद्दाख में तो जश्न का माहौल है। यहां सरकार ने भी सारी पाबंदियां हटा ली है। कश्मीर घाटी के पांच सात जिलों में पाबंदियां लगी हुई है। यानि चरमपंथ सिर्फ पांच-सात जिलों में ही रह गया है। धीरे-धीरे इन जिलों में भी पाकिस्तान में बैठे हाफिज सईद और भारत में बैठे उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती जैसे नेताओं का असर खत्म हो जाएगा, तब घाटी भी देश की मुख्य धारा से जुड़ जाएगी। चरमपंथ के समय जम्मू कश्मीर में चार चार माह तक कफ्र्यू के हालात रहे हैं, जबकि 370 हट तो मात्र एक माह हुआ है। सरकार पहले ही कह चुकी है कि ऐसे हालातों के लिए फिलहाल एक वर्ष तक की व्यवस्था है। जो पाकिस्तान परस्त अभी भी घाटी में अशांति होने के इंतजार में बैठे हैं। उन्हें मौजूदा हालातों से सबक लेना चाहिए। 3 सितम्बर को ही सैकड़ों कश्मीरी युवकों ने सेना का प्रशिक्षण लेकर देश सेवा का संकल्प लिया है। अब ऐसे कश्मीरी युवक ही सीमा पर जाकर पाकिस्तान को सबक सिखाएंगे। हाफिज सईद, अजहर मसूद जैसी आतंकी पाकिस्तान में बैठ कर कश्मीरी युवकों को हमारे सुरक्षा बलों के विरुद्ध इस्तेमाल करते थे, अब वो कश्मीरी युवक पाकिस्तान की सेना से मुकाबला करने को तैयार है। असल में अब कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान और उसके समर्थक अब्दुल्ला व मुफ्ती खानदान का खेल खत्म हो गया है। कश्मीर का अपना कानून होगा और अपना अलग झंडा होगा, यह बीते जाने की बात हो गई। जम्मू कश्मीर प्रांत से लद्दाख को अलग हो चुका है तथा जम्मू कश्मीर भी केन्द्र शासित प्रदेश है। यहां भी भारत का कानून लागू होता है। अब पाकिस्तान जिंदाबाद, हिन्दुस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाना, राष्ट्रीय ध्वज जलाना आदि कृत्य देशद्रोह माना जाएगा। सरकार की यह भी उपलब्धि है कि कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को किसी भी देश का साथ नहीं मिला है। उल्टे अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान और उसके प्रधानमंत्री इमरान खान की फजीहत हो रही है। 
एस.पी.मित्तल


राजस्थान में संघ का संपर्क

संघ प्रमुख मोहन भागवत और निम्बार्क पीठाधीश्वर श्यामशरण का मिलना, भक्ति और शक्ति का संगम है। पुष्कर में 11 सितम्बर तक रहेंगे भागवत। 

राष्ट्रीय स्वयं संघ के सरसंघ चालक मोहन भागवत 3 सितम्बर को हिंदुओं के तीर्थ स्थल पुष्कर पहुंच गए हैं। भागवत अब 11 सितम्बर तक पुष्कर स्थित माहेश्वरी सेवा सदन में ही प्रवास करेंगे। इस दौरान 7 से 9 सितम्बर के बीच संघ के राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों से भागवत का विचार विमर्श होगा। माना जा रहा है कि इन तीन दिनों की अवधि में एक दिन केन्द्रीय मंत्री अमित शाह और भाजपा के कार्यवाहक अध्यक्ष जेपी नड्डा भी भागवत से मुलाकात करेंगे। संघ के कामकाज में भागवत के पुष्कर प्रवास को सामान्य प्रक्रिया माना जा रहा है। संघ प्रमुख का वर्ष प्रवास रहता है। राष्ट्रीय बैठक भी पहले से तय रहती है। भागवत के साथ संघ के राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी भी पुष्कर में मौजूद हैं। ऐसी बैठकों में संघ के विभिन्न क्षेत्रों में होने वाले कार्यों की समीक्षा भी होती है। संघ के लिए राजनीति शाखा भाजपा और स्वदेशी जागरण मंच में कोई फर्क नहीं होता है। 
भक्ति और शक्ति का संगम:
तीन सितम्बर को पुष्कर पहुंचने पर भागवत ने वैष्णव सम्प्रदाय की निम्बार्क पीठ के आचार्य श्री श्यामशरण महाराज से मुलाकात की। बाद में आचार्य के साथ ही पुष्कर सरोवर की पूजा अर्चना भी की। पुष्कर स्थित निम्बार्क पीठ के परिसर में आचार्य और भागवत के बीच बंद कमरे में लम्बी मंत्रणा हुई। हालांकि मंत्रणा की कोई जानकारी बाहर नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि यह मुलाकात भक्ति और शक्ति का संगम है। जहां देश भर के हिन्दू समुदाय की आस्था निम्बार्क पीठ से जुड़ी हुई है तो वहीं संघ की भूमिका को शक्ति के तौर पर देखा जाता है। जब भक्ति और शक्ति का संगम होता है तो फिर राष्ट्र को मजबूती मिलती है। संभवत: दोनों व्यक्तियों में राष्ट्र को मजबूत करने को लेकर ही मंथन हुआ है।  निम्बार्क पीठ के मौजूदा आचार्य श्यामरण के पूर्ववर्ती आचार्य श्रीजी महाराज से भी संघ का जुड़ाव रहा है। श्रीजी भी कई मौकों पर संघ की कार्यप्रणाली की प्रशंसा कर चुके हैं। श्रीजी महाराज के देव लोक गमन के बाद श्याम शरण महाराज आचार्य की गद्दी पर आसीन हुए हैं। अब सम्पूर्ण निम्बार्क पीठ की कमान आचार्य श्यामशरण के पास है। ऐसे में संघ प्रमुख से उनकी मुलाकात बहुत मायने रखती है। आचार्य श्यामशरण भी संघ के कामकाज के प्रशंसक हैं और उन्होंने संघ को देशभक्त संस्था बताया है। 
एस.पी.मित्तल


श्रद्धालुओं से सेवा शुल्क (संपादकीय)

जियारत के लिए अजमेर आने वाले पाकिस्तानियों पर जब कोई शुल्क नहीं तो फिर करतारपुर साहब जाने वाले सिक्ख श्रद्धालुओं से सेवा शुल्क की वसूली क्यों? यही है भारत और पाकिस्तान की मानसिकता में फर्क। 
करतारपुर स्थित गुरुद्वारे में जाने वाले सिक्ख श्रद्धालुओं से अब पाकिस्तान सेवा शुल्क लेने पर जोर देर रहा है। करतारपुर कोरिडोर के पूरा होने तथा भारत से करतारपुर जाने वाले श्रद्धालुओं को लेकर इन दिनों भारत और पाकिस्तान के बीच उच्चाधिकारियों के मध्य वार्ता का दौर चल रहा है। पाकिस्तान की ओर से जो शर्तें बताई जा रही है उन्हीं में कहा गया है कि सिक्ख श्रद्धालुओं से सेवा शुल्क की वसूली भी पाकिस्तान के द्वारा की जाएगी। हालांकि भारत के विदेश मंत्रालय ने सेवा शुल्क वसूलने पर साफ इंकार कर दिया है। भारत सरकार का कहना है कि सिक्ख समुदाय के लोग धार्मिक दृष्टि से करतारपुर साहब जा रहे हैं ऐसे में शुल्क वसूली करना उचित नहीं है। हालांकि श्रद्धालुओं की संख्या को लेकर भी दोनों देशों के बीच विवाद बना हुआ है। पाकिस्तान का प्रस्ताव है कि एक दिन में पांच हजार से ज्यादा श्रद्धालु न आए। इन श्रद्धालुओं में सरकारी अधिकारियों के आने पर भी रोक लगाई गई। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के इस प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया है। एक ओर पाकिस्तान सिक्ख श्रद्धालुओं से सेवा शुल्क वसूलने की बात कर रहा है तो दूसरी ओर अजमेर स्थित सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में आने वाले पाकिस्तान के जायरीन से किसी भी प्रकार कर शुल्क नहीं लिया जाता है। सरकारी स्तर पर सालाना उर्स में पाकिस्तान से आने वाले जायरीन को तो अजमेर के पुरानी मंडी स्थित सेंट्रल गल्र्स स्कूल में ठहराया जाता है। पांच सौ से भी अधिक जायरीन कोई पांच दिनों तक इस स्कूल में नि:शुल्क ठहरते हैं। यानि प्रशासन की ओर से पाक जायरीन से कोई किराया नहीं लिया जाता, यह बात अलग है कि करीब दस दिनों तक स्कूल को बंद करना पड़ता है। प्रशासन की ओर से पाक जायरीन को अनेक प्रकार की सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाती है। रेलवे स्टेशन से लाने ले जाने की व्यवस्था भी प्रशासन की ओर से नि:शुल्क की जाती है। पाक जायरीन दल पर प्रशासन के द्वारा लाखों रुपया खर्च किया जाता है। एक ओर भारत में पाक जायरीन को इतनी सुविधाएं दी जाती है तो दूसरी ओर करतारपुर साहब जाने वाले सिक्ख श्रद्धालुओं से सेवा शुल्क की वसूली की बात कही जा रही है। असल में भारत और पाकिस्तान की मानसिकता में यही फर्क है। भारत हमेशा पाकिस्तान के प्रति सद्भावना दिखाता है, जबकि पाकिस्तान भारत के श्रद्धालुओं के प्रति भी दुरभावना दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ता है। इसका ताजा उदाहरण करतारपुर साहब जाने वाले श्रद्धालुओं से सेवा शुल्क की वसूली का प्रस्ताव है। 
एस.पी.मित्तल


मुख्यमंत्रियों को नहीं मिलेगी सुविधा:एचसी

जयपुर । राजस्थान से पूर्व मुख्यमंत्रियों के बुरी खबर आ रही है। पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सुविधा दिये जाने के फैसले को हाईकोर्ट ने अवैध घोषित कर दिया है। राजस्थान हाईकोर्ट का पूर्व मुख्यमंत्रियों का ये बड़ा झटका कहा जा सकता है। जस्टिस प्रकाश गुप्ता ने आज राजस्थान मंत्री वेतन संशोधन अधिनियम 2017 को अवैध घोषित कर दिया है। इस अधिनियम के तहत पूर्व मुख्यमंत्रियों को राजस्थान में कई सुविधाओं का प्रावधान था, जिसमें आजीवन बंगला, टेलीफोन समेत कई सुविधाएं शामिल हैं।


याचिकाओं में पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सुविधा देने के राजस्थान सरकार के कानून को चुनौती दी गई थी। उत्तर प्रदेश में ऐसे ही मामले में सुप्रीम कोर्ट पहले ही विधेयक को अवैध ठहरा चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी सुविधाओं को लेकर यूपी सरकार के विधेयक को असंवैधानिक ठहराते हुए रद्द कर दिया था। राजस्थान में वर्तमान में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और जगन्नाथ पहाड़िया इस तरह की सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं। मिलापचंद डांडिया एवं अन्य की याचिकाओं में सरकार के इस अधिनियम के तहत पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सुविधा देने के प्रावधान को चुनौती दी गई थी। याचिकाओं में सुप्रीम कोर्ट की ओर से पहले ही यूपी के मामले में इस तरह के विधेयक को अवैध ठहराने का हवाला भी दिया गया। फिलहाल अभी राजस्थान में पूर्व मुख्यमंत्रियों को मिलने वाले सरकारी सुविधाओं को लाभ वसुंधरा राजे और जगन्नाथ पहाड़िया ले रहे हैं। बता दें कि कुछ दिन पहले उत्तराखण्ड हाईकोर्ट ने भी ऐसा ही आदेश दिया था। उस आदेश में पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन बंगला नहीं दिया जा सकने की बात थी। याचिकाओं में सुप्रीम कोर्ट की ओर से पहले ही उत्तर प्रदेश के मामले में इस तरह के विधेयक को अवैध ठहराने का हवाला भी दिया गया। वहीं कुछ दिन पहले उत्तराखंड हाईकोर्ट ने भी ऐसा ही आदेश दिया था। उस आदेश में पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन बंगला नहीं दिए जा सकने की बात थी।राजस्थान में पूर्व मुख्यमंत्रियों को मिलने वाले सरकारी सुविधाओं का लाभ फिलहाल वसुंधरा राजे और जगन्नाथ पहाड़िया ले रहे हैं। हालांकि याचिकाकर्ता की ओर से वकील विमल चौधरी और योगेश टेलर की पैरवी के बाद इन तमाम सुविधाओं पर पाबंदी लग गई है। जो राजस्थान मंत्री वेतन संशोधन अधिनियम 2017 के तहत पूर्व मुख्यमंत्रियों को मिल रही थी।


सब्सिडी खाता धारको के लिए खुशखबरी

यदि आपके खाते में आती है सब्सिडी, तो आपके लिए आई बहुत बड़ी खुशखबरी, तुरंत क्लिक कर जाने।


नई दिल्ली। यदि आपके खाते में आती है सब्सिडी तो जरूर जाने यह बातें। यह बातें जानना सभी के लिए बेहद जरूरी है। दोस्तों जैसा कि आप सभी जानते हैं मोदी सरकार शुरुआत से ही नई-नई योजनाएं लेकर लोगों के समक्ष आ रही है। घरों में महिलाओं को धुएं वाले चूल्हों से छुटकारा दिलाने और पर्यावरण को बचाने के लिए गैस सिलेंडर योजना शुरू की थी। जिसके इस्तेमाल के लिए मोदी सरकार द्वारा कुछ अभियान भी चलाए गए हैं। इसके अलावा लोगों को गैस सिलेंडर के इस्तेमाल के प्रोत्साहन के लिए खाते में गैस सब्सिडी दी जा रही है।


आप बता दें कि गैस सब्सिडी वाले ऐसे बहुत से लोग हैं जो हर महीने गैस सिलेंडर खरीदते हैं।लेकिन उनके खाते में सब्सिडी नहीं आ पाती है।
ऐसे में उन्हें गैस दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। बावजूद इसके उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाता है।
इसलिए मोदी सरकार ने इसके लिए ऑनलाइन सर्विस शुरू की है। जिसमें सिलेंडर धारक ऑनलाइन वेबसाइट के माध्यम से अपने गैस सिलेंडर की जानकारी और सब्सिडी की जानकारी हासिल कर पाएंगे। इसके लिए धारक के पास लॉग इन आईडी होनी आवश्यक है। जिसके माध्यम से धारक वेबसाइट पर जाकर अपने गैस सिलेंडर की सब्सिडी के स्टेटस को जान पाएंगे। साथ ही इसके एड्रेस में भी बदलाव कर सकेंगे। हालांकि, इसके लिए आपका मोबाइल नम्बर गैस एजेंसी में रजिस्टर कराना होगा।


अशोक सरकार ने बताया अव्यावहारिक कानून

आम जनता के लिए कल्याणकारी योजनाए चलाने वाली अशोक गहलोत सरकार ने राजस्थान में मोटर वाहन संशोधन अधिनियिम के नाम पर ,भारी जुर्माना वसूली का खौफ बताकर आम जनता को लूटने के मंसूबों पर पानी फेर दिया
 
कोटा। राजस्थान सरकार ने फ़िल्मी नौसिखिया स्टाइल में केंद्र सरकार द्वारा अव्यवाहारिक रूप से वाहन चालकों के खिलाफ जजियाकर वसूली को  मानने से इंकार कर दिया है ,,केंद्र सरकार राजस्थान सरकार  पर ऐसी अवैध   कार्यवाही  को लागू करने के लिए दबाव बना रही है ,, सभी को पता  है  डेशिंग चीफ मिनिस्टर ,दक्षिणी भारत की एक नौसिखिया फिल्म में ,मोटर वाहन चालकों से जुर्माना मनमाना वसूली का एक आदेश मुख्यमंत्री ने किया था ,बस वही नौसिखिया पन देश की केंद्र सरकार ने किया है ,,मोटर वाहन अधिनियम के संशोधन  को 1 सितंबर से लागू होने  के बारे में  घोषणा के बाद ,सभी पुलिसकर्मियों ,, आर टी ओ के अधिकारीयों और इन सभी लोगों के साथ अखबारी ,मिडिया खबरे बनाकर माहौल बनाने की साज़िश में लगे  लोगों  की लूट योजनाओं पर  पानी फिर गया है ,,, सड़कों पर कैमरे लगाना ,आसान है ,लेकिन क्राइम कंट्रोल करना उन केंद्रों असंभव तो नहीं ,मुश्किल होने के बाद भी नामुमकिन नहीं ,लेकिन हमारे यहाँ  कैमरों से अपराधी नहीं पकड़े जाते ,सिर्फ हेलमेट और ओवर स्पीड के चालान बनाये जाते है ,,आम लोग खुद ही बताये  क्या ,सड़को पर किसी ने केंद्र सरकार ,या राजस्थान सरकार की गति सीमा वाली अधिसूचना कहीं लिखी हुई देखी है ,सांकेतिक चिन्ह देखे है ,नहीं न तो फिर आम जनता को क्या  पता की किस सड़क पर कितनी गति सीमा पर वाहन चलाना है ,फिर भी मनमानी चालांन बाज़ी नियम तो सभी  जानते है ,अधिसूचना का उलंग्घन ही अपराध है ,और किसी भी अधिसूचना को साक्षर करने के लिए चिन्ह के रूप में भी लगाना ज़रूरी है ,,  लेकिन ऐसा नहीं  है  किसी को गति सीमा की अधिसूचना ,ठहराव की अधिसूचना की जानकारी हो तो  प्लीज़ बताना ज़रूर ,,यहाँ तो संकेतक चिन्हों पर ,नेताओं के स्वागत सत्कार , बधाईयों के पोस्टर रोज़ लगे मिलते है ,किसी भी यातायात अधिकारी ने ऐसे लोगों के खिलाफ मुक़दमा दर्ज करने की हिम्मत नहीं  दिखाई , किसी भी पुलिस थानाधिकारी ,,यातायात अधिकारी ,पुलिस कर्मी  ने  यातायात व्यवस्था को छिन्नभिन्न  कर सड़कों पर मोत बाँट रहे आवारा जानवरों को लेकर नगर निगम को पत्र नहीं लिखा  ,,  नगर निगम ज़िम्मेदार  अधिकारीयों के खिलाफ विधि की  अवज्ञा की  एफ आई  आर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार नहीं ,किया सड़को  पर  जानलेवा  खड्डे ,,   या यूँ कहिये सड़क ही नहीं ,सड़क गायब है ,ऐसे लापरवाह  अधिकारीयों के खिलाफ यातायत व्यवस्था में लगे किसी भी पुलिस अधिकारी ने ज़िम्मेदार ठेकेदार या  अधिकारी को  मुक़दमा दर्ज करवाकर जेल में  नहीं डाला ,,दृष्टिभ्रम ,विज्ञापन जो  सड़को के  आसपास ,वाहन चालकों  को भर्मित कर दुर्घटना  का कारण बनते है ,उन्हें सड़कों के आसपास   दोनों किनारों ,सामने के विज्ञापन बोर्डों से हटवाने के लिए ,उनके खिलाफ फौजदारी  कार्यवाही ,नेशनल ,स्टेट हाइवे एक्ट के तहत  कोई कार्यवाही   नहीं की  गयी है ,,,  सड़को पर ट्रेक्टर ट्रॉलियां है , कोई  जांच नहीं  कर रहा ,,  हीरो  हौंडा ,स्कूटर की   ठेला रिक्शा गाड़ियां सड़को पर दौड़ रही है ,खुद यातायात  विभाग के नियंत्रण में  दुपहिया वाहन उठाने वाली गाड़ियों का पंजीयन,उनकी बॉडी बदलाव को लेकर क्या अनुमति लेकर पंजीयन  करवाय गया , है  कोई देखने वाला नहीं है। बसों का ठहराव ,ऑटो  चालकों ,मैजिक,मिनीबस ,टेम्पों ,का सड़कों पर मनमाना राज ,ओवर लोड  वाहनों का संचालन ,, मंज़िली ठहराव  की बसें  ,कॉन्ट्रेक्ट केरीज परमिट  होने पर  भी टिकिट लेकर चलाने के खिलाफ  इनका ध्यान  नहीं  है ,बस दोपहियां वाहन ,,, अधिकतम कर चालक कभी कभार ,ज़्यादातर दो पहिया वाहन चालकों की घोड़ी कसने ,, कभी हेलमेट के  नामा पर ,कभी कागज़ात जांच के नाम पर  उन पर गाज गिरती है ,अगर टूटी सड़क ,, खडडे में गिर जाने से मोटर साइकल  स्लिप होती है ,तो खबर आती है। हेलमेट पहना होता तो बच जाता ,यह खबर नहीं आती के सड़क पर खड्डे अगर नहीं होते तो मोटर साइकल सवार बाच सकता  था। गांय से टकराकर कोई गिरे तो खबर आती है। हेलमेट अगर होता तो, गांय के उत्पात गांय मालिकों के खिलाफ कार्यवाही की खबर गोण  हो जाती है। आप सभी जानते है ,कोटा शहर में कई दर्जन लोग आवारा जानवरों के कारण मोत का शिकार हुए है ,कई सैकड़ों लोग गंभीर घायल हुए है ,लकिन  कोई माई का लाल यातायात पुलिस अधिकारी  जो दुपहिया वाहन चालकों को शिकारी की तरह  दबोचने की कोशिश में लगा रहता है। ऐसा नहीं आया ,जिसने किसी लापरवाह अधिकारी के  खिलाफ मुक़दमा दर्ज करवाकर उसे गिरफ्तार करवाया हो ,किसी जानवर के मालिक के  खिलाफ मुक़दमा दर्ज करवाकर उसे गिरफ्तार करवाया हो ,अपने कर्तव्य तो निभाते नहीं और दुसरो के खिलाफ सुर्खियां बटोरने के लिए छोटे लोगों  को प्रताड़ित किया जाता है। खैर, वाहन व्यवस्थित होना चाहिए। क़ानून की पालना होना चाहिए , के मोटर वाहन अधिनियम में जुरमाना और वाहन  मालिकों के खिलाफ कार्यवाही के लिए हेलमेट चेकिंग के अलावा पवाली चास से भी अधिक ऐसी चाराये है ,जिन पर अगर ध्यान दिया जाए ,तो यातायात व्यवस्था में सुधार होगा ,,राजस्थान की कल्याणकारी सरकार ,वाहन पार्किंग सहित कई व्यवस्थाओं के लिए अतिरिक्त बजट दे रही है ,अगर यातायत पुलिसकर्मियों की संख्या कम कर उनसे क़ानून व्यवस्था का काम लिया जाए तो यक़ीनन वाहन  चालकों खासकर दुपहिया वाहन चालकों से लूट की शिकायतें कम होंगी और अतिरिक्त पुलिस कर्मी होने से थाना क्षेत्रों में गश्त बढ़ेगी ,अपराधों  में नियंत्रण व्यवस्थाएं लागू होंगी ,, अपराधियों की निगरानी ,उनकी धरपकड़ के लिए पूइसकर्मियों की कमी भी पूरी की जा सकेगी। केंद्र सरकार  का दायित्व है के पहले वोह देश के हर राज्य,हर ज़िले,हर कस्बे ,गाँव की सड़के,अतिक्रमण मुक्त ,आवारा जानवर मुक्त दृष्टि भ्रम विज्ञापन मुक्त सड़कें साफ़ सुथरी , छोड़ी बिना खड्डे वाली आम जनता की आवाजाही के लिए सुरक्षित रहे। इसके लिए पहले अतिरिक्त बजट देकर व्यवस्थाएं करे ,फिर जुर्माने की लूट को लागू करे ,यह  भारत देश है। यह देश की व्यवस्थाएं है यहाँ फिल्मों से नौसिखिया अव्यवहारिक  सीख लेकर कार्यवाही अमल में लाना एक छोटी सोच से अधिक कुछ नहीं।


एडवोकेट अख्तर खान "अकेला"


भाजपा-कांग्रेस करेगी शक्ति-प्रदर्शन

जगदलपुर। दंतेवाड़ा उपचुनाव के नामांकन का आज अंतिम दिन है और दोनों ही मुख्य दल के प्रत्याशी आज अपने अपने बड़े नेताओं के साथ शक्ति प्रदर्शन करते हुए नामंकन भरने पहुचेंगे। जिसकी तैयारी कोंग्रेस व भाजपा दोनों ही दलों ने कर ली है। कोंग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने बताया कि आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश प्रभारी पुनिया समेत मंत्री व बस्तर के सभी कोंग्रेसी विधायक व कार्यकर्ताओं के साथ प्रत्याशी देवती कर्मा का नामांकन भरने पहुचेंगे। वही देवती कर्मा के अनुसार पिछले चुनाव में मिली हार से हमने सिख ली है और सरकार रहने का फायदा भी इस उपचुनाव में मिलेगा। वही भाजपा की बात करें तो पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंग संघटन मंत्री सौदान सिंह नेता प्रतिपक्ष समेत सभी बड़े नेता दंतेवाड़ा प्रत्याशी ओजस्वी मंडावी के नामांकन में शामिल होने पहुचेंगे। जो अपने कार्यकर्ताओ के साथ शक्ति प्रदर्शन कर रैली के रूप में नामांकन भरने पहुचेंगे।


सलमान ने की गणपति की पूजा-आरती

नई दिल्ली। एक वीडियो बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें पूजा की थाली लिए सलमान खान को गणपति बप्पा की आरती करते हुए देखा जा सकता है। वहीं बगल में अर्पिता खान खड़ी है। इस मौके पर पूरा परिवार साथ नजर आया। सलमान खान के अलावा सोहेल खान, अरबाज खान, जॉर्जिया एंड्रियानी जैसे लोग भी अर्पिता खान के घर नजर आए। खास बात यह है कि अर्पिता खान ने शादी करने के बाद बप्पा की स्थापना अपने ससुराल और पति आयुष शर्मा के घर करने लगी है। शादी के पहले अर्पिता खान सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट पर बप्पा की विधिवत पूजा-अर्चना करती थी। लेकिन अब अपने ससुराल में बप्पा को ले आई है। सलमान खान भी बड़े तन मन से गणपति बप्पा की आराधना करते नजर आते हैं।


'वैष्णो देवी मंदिर' सर्वश्रेष्ठ स्वच्छ-स्थल

नई दिल्ली। जल शक्ति मंत्रालय ने मंगलवार को 'स्वच्छ भारत मिशन' के तहत देश के स्‍वच्‍छ प्रतिष्ठित स्‍थानों की रैंकिंग जारी की। इसमें जम्‍मू कश्‍मीर के माता वैष्णों देवी मंदिर को देश का 'सर्वश्रेष्‍ठ स्‍वच्‍छ स्‍थल' घोषित किया गया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 6 सितंबर को स्वच्छता महोत्सव के दौरान अवॉर्ड प्रदान करेंगे। यह कार्यक्रम पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय द्वारा आयोजित किया जाएगा। वैष्णों देवी मंदिर को स्वच्छता के सभी क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर स्वच्छ प्रतिष्ठित स्थल घोषित किया गया है। यहां पर पिछले कुछ वर्षों में स्वच्छता को लेकर कई कदम उठाए गए थे। वैष्णो देवी को महाराष्ट्र के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, आगरा के ताजमहल, आंध्र प्रदेश स्थित तिरुपति मंदिर, पंजाब के स्वर्ण मंदिर, वाराणसी के मणिकर्णिका घाट आदि स्थलों से कड़ी टक्कर मिल रही थी। इस सम्मान के लिए माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने बोर्ड के सीईओ और सभी कर्मचारियों को बधाई दी है। इससे पहले 2017 में श्राइन को पेयजल और स्वच्छता में स्पेशल अवॉर्ड मिला था। 2017 में यह स्वर्ण मंदिर के बाद दूसरे स्थान पर रही थी। 2018 में इसे इंडिया डुडे ग्रुप की तरफ से सबसे स्वच्छ धार्मिक स्थल घोषित किया गया था।


नवरात्रों से चलेगी,पहली प्राइवेट ट्रेन 'तेजस'

नई दिल्ली। देश की पहली प्राइवेट ट्रेन तेजस नवरात्र के शुभ मुहूर्त में दिल्ली से लखनऊ के बीच शुरू हाेगी। टिकट बुकिंग से लेकर ट्रेन के संचालन तक की पूरी जिम्मेदारी आईआरसीटीसी संभालेगा। किराया अगले सप्ताह तय हाेगा। संभावना है कि किराया शताब्दी की तुलना में 20% तक महंगा रहेगा। इसमें फ्लेक्सी फेयर लागू हाेगा और काेई छूट नहीं मिलेगी। सप्ताह में एक दिन मंगलवार को ट्रेन नहीं चलेगी। यह सुबह लखनऊ से चलकर दोपहर 12 बजे दिल्ली पहुंचेगी और दाेपहर बाद 3-4 बजे दिल्ली से चलकर 6 घंटे बाद लखनऊ पहुंचेगी। माेदी सरकार के 100 दिन के एजेंडे में प्राइवेट आपरेटर्स काे ट्रेन सौंपना भी शामिल है। ट्रेन की ओर यात्रियाें काे आकर्षित करने के लिए आईआरसीटीसी अतिरिक्त सुविधाएं भी मुहैया करवाएगा। इस ट्रेन में दो बार नाश्ता मिलेगा। यात्री स्टेशन में बने लाउंज का मुफ्त में इस्तेमाल कर सकेंगे। इसका किराया 200 रुपए प्रति घंटा है। इस ट्रेन में ड्राइवर और इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस का जिम्मा रेलवे के पास ही रहेगा। गार्ड्स और टीटीई काे आईआरसीटीसी रखेगा। एक अधिकारी के अनुसार रेलवे के रिटायर्ड कर्मचारी इसके लिए रखे जाएंगे। आईआरसीटीसी के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सुविधाओं काे लेकर यात्रियाें से मिलने वाले सुझाव भी लागू किए जाएंगे। हादसे की स्थिति में आईआरसीटीसी वही सुविधएं देगा, जो रेलवे देता है। दूसरी प्राइवेट तेजस अहमदाबाद से मुंबई के बीच चलेगी।


बस-ट्रक की भिड़ंत,1 मौत 30 घायल

बैतूल। यात्री बस और ट्रक की जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में साइकिल सवार एक व्यक्ति की ट्रक की चपेट में आकर मौत हो गई, जबकि करीब 30 लोग घायल हो गए। घायलों में स्कूली बच्चे भी शामिल है। घायलों को इलाज के लिए चिचोली स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी अनुसार घटना बैतूल-इंदौर नेशनल हाइवे 59 पर चिचोली थाना क्षेत्र के निकट मंडाई घाट की है। बुधवार सुबह 10 बजे यात्री बस क्रम एमपी 48 पी 0577 यात्रियों को लेकर जा रही थी। इसी दौरान हरदा की ओर जा रहे ट्रक क्रमांक एमपी 09 एचएच 6406 की बस से आमने सामने सीधी भिड़ंत हो गई।


'स्कूटी' का 23 हजार का चालान काटा

नई दिल्ली। देशभर में एक सितंबर से नया ट्रैफिक नियम लागू हो गया है। इसके तहत जुर्माने की राशि में के गुना बढ़ोत्तरी की गई है। इसका एक नमूना गुड़गांव में देखने को मिला, जहां दिल्ली निवासी दिनेश मदान की स्कूटी का 23 हजार रुपए का चालान काट दिया गया। चालान की कॉपी भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।


बिना हेलमेट और कागजात के चला रहे थे स्कूटी


दिनेश बिना हेलमेट के गाड़ी चला रहे थे, साथ ही उनके पास स्कूटी का रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस, एयर पॉल्यूशन एनओसी, और थर्ड पार्टी इंश्योरेंस नहीं था। हालांकि उन्होंने कागजात घर पर रखे होने की बात कही और उसे ट्रैफिक पुलिस को मुहैया कराने का वादा किया। लेकिन तब तक ट्रैफिक पुलिस ने दिनेश का 23 हजार रुपए का चालान काट दिया था।


ट्रैफिक पुलिस ने सीज की स्कूटी


दिनेश ने बताया कि ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने चालान काटने के बाद स्कूटी को सीज कर दिया। अब गाड़ी को कोर्ट से छुड़ाना होगा। इसके लिए पहले थाने में जाकर के केस बनेगा और फिर उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके साथ ही चालान भरने के अलावा जमानत भी देनी होगी। दिनेश ने कहा यह होने के बाद से वो बहुत परेशान हैं। हालांकि अब वो इस स्कूटी को छुड़ाने के लिए नहीं जाएंगे।


15 हजार रुपए है स्कूटी की कीमत


दिनेश मदान ने सोमवार को गुड़गांव किसी काम से गए थे। जिला अदालत कॉम्पलेक्स के सामने स्थित सर्विस रोड पर उन्होंने हेलमेट उतार दिया। वहां पर खड़े पुलिसकर्मियों ने उनसे गाड़ी के कागजात मांगे। कागजात न होने की स्थिति में पुलिस कर्मियों ने 23 हजार रुपये का चालान कर दिया। दिनेश ने कहा कि उनकी स्कूटी की कीमत फिलहाल 15 हजार रुपए है।


लूट के आरोपियों को 7 वर्ष की सजा

जांजगीर-चांपा। करीब दो वर्ष पूर्व 26 नवंबर 17 को चाँपा थाना क्षेत्र में रायटर सेफ गार्ड कंपनी से हुई 57 लाख की लूट मामले में गिरफ्तार 3 आरोपियों को न्यायालय ने 7-7 वर्ष की सजा और 11-11 हजार रुपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। वही दो आरोपियों को मामले से दोषमुक्त कर दिया है। दरअसल दो वर्ष पूर्व 26 नवंबर को चाँपा थाना क्षेत्र के जगदल्ला में शराब दुकानों का कैश कलेक्शन करने वाली राइटर सेफ गार्ड कंपनी के कार्यालय में देर रात 8 नकाबपोशों के द्वारा कट्टे की नोक पर करीब 57 लाख रुपये लूट कर फरार हो गए थे। इसमें से 5 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था।


अफसोस,सरकार को हैरानी नहीं होती

मुबंई। शिवसेना ने सामना में लिखा है, 'नोटबंदी और जीएसटी जैसे निर्णय देश में आर्थिक मंदी की वजह बन रहे हैं, ऐसा मनमोहन सिंह कह रहे हैं। देश की विकास दर गिर रही है। उत्पादन क्षेत्र में बढ़ोत्तरी घट गई है तथा लाखों लोगों पर नौकरी गंवाने का संकट आ गया है। फिर भी यह हालात सरकार को भयावह नहीं लगते, ऐसी व्यवस्था हैरान करने वाली है। देश की पहली महिला रक्षा मंत्री सीतारमण की पहले सराहना हुई। देश की पहली महिला वित्त मंत्री के रूप में उन पर की गई पुष्पवर्षा के फूल अभी भी सूखे नहीं हैं। परंतु सक्षम महिला होना तथा देश की अर्थनीति को पटरी पर लाने में फर्क होता है।


मंदी की आहट को लेकर शिवसेना ने मोदी सरकार पर निशाना साधा हैं। शिवसेना ने सामना में लिखा है, 'अनुच्छेद 370 हटाकर सरकार ने साहसी कदम आगे बढ़ाया और देश इसे लेकर प्रसन्न है। लेकिन, कश्मीर और आर्थिक मंदी दो अलग विषय हैं। कश्मीर में विद्रोही सड़क पर उतरें तो उन्हें बंदूक के जोर पर पीछे ढकेला जा सकता है लेकिन आर्थिक मंदी पर बंदूक वैसे तानोगे? मंदी के कारण बेरोजगारी बढ़ेगी और लोग 'भूख-भूख' करते सड़क पर आएंगे तब उन्हें भी गोली मारोगे क्या? आर्थिक मंदी पर भक्त चाहे कितना भी उल्टा-पुल्टा कहें तब भी सच के मुर्गे ने बांग दे दी है और मौनी बाबा मनमोहन द्वारा सौम्य शब्दों में कहे गए सच से भी धमाका हो ही गया।


यात्रा में सावधानी आवश्यक:कुंभ

राशिफल


वृष-धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। सत्संग का लाभ होगा। धार्मिक कृत्यों पर व्यय होगा। कारोबार लाभदायक रहेगा। विवेक से कार्य करें। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नौकरी में चैन रहेगा। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड इत्यादि में जल्दबाजी न करें।


मिथुन-चोट व दुर्घटना से शारीरिक हानि संभव है। पुराना रोग उभर सकता है। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। वाणी पर संयम आवश्यक है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। कारोबार अच्‍छा चलेगा। नौकरी में कार्यभार रहेगा। सहकर्मी साथ नहीं देंगे। जल्दबाजी न करें।


कर्क-राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। रुके कार्यों में गति आएगी। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। नए काम मिल सकते हैं। थकान व कमजोरी रह सकती है। नौकरी में चैन रहेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। निवेश शुभ रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।


सिंह-स्थायी संपत्ति में वृद्धि के योग हैं। बड़े लाभदायक सौदे हो सकते हैं। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। भाग्य का साथ मिलेगा। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। शारीरिक कष्ट की आशंका है। जल्दबाजी न करें।


कन्या-विद्यार्थी वर्ग अपने कार्य में सफलता प्राप्त करेगा। एकाग्रता बनी रहेगी। कारोबार में वृद्धि होगी। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। कारोबार लाभदायक रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।


तुला-किसी अपने व्यक्ति से कहासुनी हो सकती है। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। बुरी खबर मिल सकती है। स्वास्‍थ्य का पाया कमजोर रहेगा। व्यर्थ भागदौड़ रहेगी। नौकरी में कार्यभार रहेगा। दूसरे अधिक अपेक्षा करेंगे। धैर्य रखें।


वृश्चिक-घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। मेहनत का फल पूरा-पूरा मिलेगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। मित्रों व रिश्तेदारों की मदद करने का अवसर प्राप्त होगा। कार्यसिद्धि से प्रसन्नता रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है।


धनु-शुभ समाचार प्राप्त होंगे। यात्रा सफल रहेगी। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। घर में अतिथियों का आगमन होगा। व्यय होगा। नए मित्र बनेंगे। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। धन प्राप्ति सुगम होगी। दूसरों के कार्य में दखल न दें।


मकर-नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। किसी बड़े काम के होने से प्रसन्नता रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। सुख के साधन जुटेंगे। नवीन वस्त्राभूषण पर व्यय होगा। कारोबार में वृद्धि होगी। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड से मनोनुकूल सफलता प्राप्त होगी। प्रमाद न करें।


कुंभ-स्वास्थ्य पर बड़ा खर्च हो सकता है। कर्ज लेना पड़ सकता है। निर्णय लेने में जल्दबाजी न करें। अकारण विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। यात्रा में सावधानी आवश्यक है। कारोबार ठीक चलेगा। बेचैनी रहेगी। ईर्ष्यालु व्यक्तियों से सावधान रहें। धैर्य रखें।


मीन-व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। रुका हुआ पैसा मिल सकता है। धन प्राप्ति सुगम होगी। किसी बड़े काम को करने की इच्छा बनेगी। कारोबार अच्छा चलेगा। रोजगार में वृद्धि होगी। भाग्य का साथ मिलेगा। निवेश शुभ रहेगा। पार्टनरों से मतभेद दूर होंगे।


निर्धन जनता का प्रमुख फल

अमरुद


भारत की जलवायु में अमरूद इतना घुल मिल गया है कि इसकी खेती यहाँ अत्यंत सफलतापूर्वक की जाती है। पता चलता है कि 17वीं शताब्दी में यह भारतवर्ष में लाया गया। अधिक सहिष्ण होने के कारण इसकी सफल खेती अनेक प्रकार की मिट्टी तथा जलवायु में की जा सकती है। जाड़े की ऋतु में यह इतना अधिक तथा सस्ता प्राप्त होता है कि लोग इसे निर्धन जनता का एक प्रमुख फल कहते हैं। यह स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभदायक फल है। इसमें विटामिन "सी' अधिक मात्रा में पाया जाता है। इसके अतिरिक्त विटामिन "ए' तथा "बी' भी पाए जाते हैं। इसमें लोहा, चूना तथा फास्फोरस अच्छी मात्रा में होते हैं। अमरूद की जेली तथा बर्फी (चीज) बनाई जाती है। इसे डिब्बों में बंद करके सुरक्षित भी रखा जा सकता है।


अमरूद के लिए गर्म तथा शुष्क जलवायु सबसे अधिक उपयुक्त है। यह गरमी तथा पाला दोनों सहन कर सकता है। केवल छोटे पौधे ही पाले से प्रभावित होते हैं। यह हर प्रकार की मिट्टी में उपजाया जा सकता है, परंतु बलुई दोमट इसके लिए आदर्श मिट्टी है। भारत में अमरूद की प्रसिद्ध किस्में इलाहाबादी सफेदा, लाल गूदेवाला, चित्तीदार, करेला, बेदाना तथा अमरूद सेब हैं।


अमरूद का प्रसारण अधिकतर बीज द्वारा किया जाता है, परंतु अच्छी जातियों के गुणों को सुरक्षित रखने के लिए आम की भाँति भेटकलम (इनाचिंग) द्वारा नए पौधे तेयार करना सबसे अच्छी रीति हैं। बीज मार्च या जुलाई में बो देना चाहिए। वानस्पातिक प्रसारण के लिए सबसे उतम समय जुलाई अगस्त है। पौधे 20 फुट की दूरी पर लगाए जाते हैं। अच्छी उपज के लिए दो सिंचाई जाड़े में तथा तीन सिंचाई गर्मी के दिनों में करनी चाहिए। गोबर की सड़ी हुई खाद या कंपोस्ट, 15 गाड़ी प्रति एकड़ देने से अत्यंत लाभ होता है। स्वस्थ तथा सुंदर आकर का पेड़ प्राप्त करने के लिए आरंभ से ही डालियों की उचित छँटाई (प्रूनिग) करनी चाहिए। पुरानी डालियों में जो नई डालियाँ निकलती हैं उन्हीं पर फूल और फल आते हैं। वर्षा ऋतु में अमरूद के पेड़ फूलते हैं और जाड़े में फल प्राप्त होते हैं। एक पेड़ लगभग 30 वर्ष तक भली भाँति फल देता है और प्रति पेड़ 500 से अधिक फल प्राप्त होते हैं। कीड़े तथा रोग से वृक्ष को साधारणात: कोई विशेष हानि नहीं होती।


अमरूद के अद्भुत गुण 
अमरूद मीठा और स्वादिष्ट फल होने के साथ-साथ कई औषधीय गुणों से भरा हुआ है। सर्दियों में अमरूद खाने के फायदे ही फायदे हैं। दंत रोगों के लिए अमरूद रामबाण साबित होता है। अमरूद के पत्तों को चबाने से दांतों के कीड़ा और दांतों से सम्बंधित रोग भी दूर हो जाते हैं। इसके अलावा भी ये कई औषधीय गुणो के लिए जाना जाता है।


राजनीतिक सिद्धांत और दर्शन

राजनीति विज्ञान अध्ययन का एक विस्तृत विषय या क्षेत्र है और राजनीतिक सिद्धान्त उसका एक उप -क्षेत्र भर है। राजनीति विज्ञान में ये तमाम बातें शामिल हैं: राजनीतिक चिंतन, राजनीतिक सिद्धान्त, राजनीतिक दर्शन, राजनीतिक विचारधारा, संस्थागत या संरचनागत ढांचा, तुलनात्मक राजनीति, लोक प्रशासन, अंतर्राष्ट्रीय कानून और संगठन आदि। कुछ चिंतकों ने राजनीति विज्ञान के विज्ञान पक्ष पर बल दिया है। उनका कहना है कि जब राजनीति विज्ञान का अध्ययन एक विज्ञान के रूप में वैज्ञानिक पद्धतियों से किया जाता है तब राजनीतिक सिद्धान्त जिस हद तक राजनीतिक दर्शन का हिस्सा है उस हद तक वह राजनीति विज्ञान नहीं माना जा सकता, क्योंकि राजनीति विज्ञान में तो अमूर्त्त और अंतःप्रेरणा से उद्भूत निष्कर्षों या चिंतनों के लिए कोई स्थान नहीं है लेकिन राजनीतिक दर्शन ठीक इन्हीं अयथार्थ पद्धतियों पर भरोसा करके चलता है। राजनीतिक सिद्धान्त न तो शुद्ध चिंतन है, न शुद्ध दर्शन और न शुद्ध विज्ञान।


राजनीतिक सिद्धान्त की आधारभूत विशेषताएँ 
कोई राजनीतिक सिद्धान्त सामान्यतः किसी एक व्यक्ति की सृष्टि होता है, जो उसके नैतिक और बौद्धिक रुख पर आधारित होता है और जब वह अपने सिद्धान्त का प्रतिपादन कर रहा होता है तब वह सामान्यतः मानव जाति के राजनीतिक जीवन की घटनाओं, संघटनाओं और रहस्यों की व्याख्या करने की कोशिश कर रहा होता है। उस सिद्धान्त को सच माना या न माना जा सकता है, लेकिन उसे एक सिद्धान्त के रूप में हमेशा मान्य किया जा सकता है। आमतौर पर हम देखते हैं कि किसी चिंतक का राजनीतिक सिद्धान्त किसी-किसी मानक कृति में प्रस्तुत किया जाता है, जैसे अफलातून ने रिपब्लिकमें या रॉल ने ए थिओरी ऑफ़ जस्टिसमें प्रस्तुत किया।
राजनीतिक सिद्धान्त सामान्यतः मानव जाति, उसके द्वारा संगठित समाजों और इतिहास तथा ऐतिहासिक घटनाओं से संबंधित प्रश्नों के उत्तर देने का प्रयत्न करता है। वह विभेदों को मिटाने के तरीके भी सुझाता है और कभी-कभी क्रांतियों की हिमायत करता है। बहुधा भविष्य के बारे में पूर्वानुमान भी दिए जाते हैं।
राजनीतिक सिद्धान्त सामान्यतः विद्या की किसी-न-किसी शाखा पर आधारित होता है और यद्यपि अध्ययन का विषय वही रहता है, तथापि सिद्धान्तकार कोई दार्शनिक, अर्थशास्त्री, धर्मतत्वज्ञ या समाजशास्त्री आदि हो सकता है।
इस प्रकार राजनीतिक सिद्धान्त केवल व्याख्याएँ एवं पूर्वानुमान ही नहीं प्रस्तुत करता है बल्कि कभी-कभी वह ऐतिहासिक घटनाओं को प्रभावित और उनमें भागीदारी भी करता है, खास कर तब जब वह किसी खास ढंग की राजनीतिक कार्यवाही प्रस्तावित करता है और जिस ढंग की कार्यवाई वह सुझाता है उसे व्यापक स्वीकृति प्राप्त होती है। महान सकारात्मक उदारवादी चिंतक हेरॉल्ड लास्की ने कहा था कि राजनीतिक सिद्धान्तकार का काम केवल वर्णनकरना नहीं बल्कि जो होना चाहिए उसका सुझाव देना भी है।
राजनीतिक सिद्धान्त बहुधा पूरी विचारधारा का आधार भी होता है। उदारवादी सिद्धान्त उदारवाद का आधार बन गए और मार्क्स का सिद्धान्त मार्क्स की छाप की समाजवादी विचारधारा का किसी चिंतक द्वारा प्रस्तावित कोई राजनीतिक सिद्धान्त सामान्यतः हमेशा उस चिंतक की राजनीतिक विचारधारा को प्रतिबिंबित कर रहा होता है। यही कारण है कि जब विचारधाराओं के बीच विभेद होते हैं तो उसके फलस्वरूप विचारधाराओं में अंतर्निहित सिद्धान्तों के बारे में बहस चलती है।


यमाचार्य नचिकेता वार्ता-कर्तव्यवाद

गतांक से ....
एक समय ऋषि साक्‍लय मुनि महाराज कात्‍यागं के गृह में भ्रमण करते हुए जा पहुंचे। ग्रह में वह उनकी कन्या थी, उस कन्या ने कहा, प्रभु! मुझे कुछ उपदेश दीजिए। उन्होंने कहा कि उन्हें क्या उपदेश दूं? कन्या ने कहा, भगवान! आप तो बड़े महान तपस्वी है वैद्ज्ञ है। दर्शनों के गर्भ को जानते हैं। उन्होंने कहा कि देखो मैंने तो यह पाया है। अब तक मुझे जो भी शिक्षा प्राप्त हुई है। उसी के अनुसार में तुमसे कहता हूं किसी से भी हिंनता के वाक्यों का उच्चारण मत करो। तुम कन्या हो कात्यागं के ग्रह में तुम्हारा जन्म हुआ है। अपने कुल का तुम्हारा परिवर्तन हो। तुम अपने हृदय में इच्छा प्रकट मत करो कि मेरी जो माता है या पित्र है। मेरे पालन-पोषण के लिए कुछ प्रदान करें। क्योंकि इच्छा करना तुम्हारे लिए हीनता है । मेरे पूज्य पिता जी ने,माता का उपदेश और आचार्यों का मुझे यह उपदेश रहा है। यदि कन्या की इच्छा रहती है। कोई परिवर्तन होने पर पति को, पति को न प्रवेश होने पर,क्या मेरे लिए कोई इच्छा होनी चाहिए । यह मेरी आत्मा उससे मृत्यु को प्राप्त हो जाएगी। ऐसा ऋषि साक्‍लय ने देखो कात्‍यांग की कन्या को उपदेश दिया। कात्यागं की कन्या स्वाति ने यह कहा हे भगवान, बहुत प्रियतम उपदेश मुझे शिरोमणि है। क्योंकि वाक्यों में यह इच्छा प्रकट नहीं करनी चाहिए। मानव को अपने क्रियाकलापों में, तपस्या में रहना चाहिए। जब उन्होंने कहा प्रभु मुझे कोई उपदेश दीजिए। मेरा उपदेश तो केवल यही है मानव को वेद का अध्ययन करना चाहिए। वेद में रत रहना चाहिए। वेद: अमृता ब्रह्मलोकम यह जो वेद है यह अमृत है ।यह परम पिता परमात्मा ने हमारे लिए जो वेद का निर्माण किया है। सृष्टि का सृष्टि को उत्पन्न करने वाला जो निर्माणवेता है। सृष्टि के प्रारंभ में मानव के ज्ञान और विज्ञान को और अपने संस्कारों को उपलब्ध करने के लिए ज्ञान और विज्ञान की धाराओं में रत होने के लिए उन्होंने पवित्र वेद का ज्ञान हमें दिया है। इस वैदिक ज्ञान को वैदिक प्रकाश को अपना करके हम अपने मानत्व को देखो उधरवा में ले जाए और मोक्ष की पगडंडी ग्रहण करें। देखो कात्यागं की पत्नी ने कहा प्रभु आप उपदेश दे रहे हैं मेरी कन्या को यह तो बड़ा प्रिय है। परंतु मोह के संबंध में आपका क्या विचार है? मोह होना चाहिए अथवा नहीं होना चाहिए। कात्यागं की पत्नी ने ऋषि से कहा कि मेरा एक प्रसंग हैं । मैं हूं नहीं होना चाहिए।मुनी ने कहा,परंतु कर्तव्य का पालन होना चाहिए कर्तव्य में मानव की प्रवृत्तियां नहीं रहती है। एक माता के गर्भ में बालक है परंतु माता जानती है कि निर्माण करने वाला प्रभु है। यह परमपिता परमात्मा की संपदा है। यह मेरी संपदा नहीं है। यह मेरी संपदा नहीं है यह संपदा प्रभु की है। मेरे गर्भ से उत्पन्न होने वाला बालक मानव प्रभु की आज्ञा है। उसके नियमों का पालन करने वाला हो। मेरा यह जीवन सार्थक बन जाएगा ।जब माता के हृदय में यह विचार रहते हैं तो मानो माता अपने बालक को जन्म दे करके स्वयं में प्रसन्न है कि मेरा बालक पूर्ण आयु होगा। क्योंकि माता यह जानती है मेरे विचारों में एक निष्ठा रहेगी तो मेरे गर्भ से उत्पन्न होने वाला बालक भी पूर्ण आयु को प्राप्त होगा और जब पूर्ण आयु में होगा तो माता-पिता को उसका शौक नहीं होगा। शौक उस काल में प्राणी होता है जब प्राणी का मिलन हो करके, विच्छेद हो जाता है। हमारे यहां उस काल में मुनिवर माता-पिता से पूर्व बालक का विच्छेद नहीं होता है। क्योंकि माता अपने कर्तव्य का पालन करती है और मृत्यु के रूप को जान लेती है। अपने बालक को माता कहती है। हे बालक! यह जो संसार है जिस संसार में हम और तुम सब विधमान है। यह निसार है इसमें कोई सार नहीं है। यह तो केवल विडंबना का क्षेत्र बना हुआ है। मुनिवरो, माता कहती है हे बालक इस संसार से उपराम होना। इस संसार को अपने उपांगों से जानना ही हमारा कर्तव्य है। हे बालक तू मुझे जानू मैं तुझे जानू। संसार में देखो मृत्यु का अभाव हो जाता है। माताजी अपने बालक को बाल्यकाल में शिक्षा-संस्कारों को उपलब्ध करा देती है। तो मुनिवरो, माता ब्रह्म कहलाती है। बालक तेरा अज्ञान होना ही मृत्यु है। शोकाकुल होना ही मृत्यु है। हे बालक संसार में निराशा ही तेरी मृत्यु है। मेरे प्यारे बालक देखो गौरव के जो वाक्य प्रकट करती है। माता कर्तव्य का पालन करती है और कर्तव्य का उपदेश है। वह माता को महान और पवित्र बना देता है। उसी आभा में नियुक्त हो जाता है। मुनिवर के गृह में जब साक्‍लय मुनि महाराज ने उपदेश दिया तो मुनिवर कात्यागं की पत्नी चरणों को स्पर्श करके बोली, धन्य है प्रभु। परंतु मेरा एक प्रसंग और है। बालक जब गृह स्वामी बन जाए बन जाए और वह ग्रह स्वामी वादी बन जाए तो माता-पिता को क्या करना चाहिए। मेरे प्यारों उस समय ऋषि ने कहा कि माता-पिता को मानो प्रभु की गोद में चला जाना चाहिए। याग में रत हो जाए और ब्रह्मा बन जाए। ब्रह्मा भी प्राणी होते हैं। जो ब्रह्मा का चिंतन करते रहते हैं और ब्रह्म ज्ञान जो प्रकृति के गर्भ में ब्रह्मा की आभा निहित हो रही है उस आधा में माता-पिता जागृत हो जाते हैं। तो वह उसके ग्रह में बालक बालिका माता-पिताओ उस ब्रह्म ज्ञान के ब्रह्मा ज्ञान का देवत्व जानने का बालक प्रयास करता है। अनुसरण करता है तो गृह में मानो स्वर्ग की स्थापना हो जाती है। स्वर्ग आ जाता है। वायुमंडल दूषित नहीं होता। वायुमंडल जब दूषित होता है जब ग्रह स्वामी और ग्रह स्वामीनी ग्रह में निहित रहते हैं। देखो बालक ग्रह स्वामी हो जाता है गृह स्वामी रत हो जाता है। उस समय देखो वे माता-पिता उसकी आभा में उसके क्रियाकलाप में जब बालक बनते हैं। उस समय गृह प्रवेश सत्यवादी विचार में रह करके कलह हमें गृह हो जाते हैं। और वह ग्रह नर्क बन जाते हैं। वहीं नारकिक विचार वायुमंडल में प्रवेश होते हैं तो वायुमंडल भी दूषित हो जाता है।


प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण
september 05, 2019 RNI.No.UPHIN/2014/57254
1.अंक-33 (साल-01)
2.  बृहस्पतिवार,05सितबंर 2019
3.शक-1941,भादप्रद शुक्‍लपक्ष सप्‍तमी,विक्रमी संवत 2076
4. सूर्योदय प्रातः 5:56,सूर्यास्त 6:44
5.न्‍यूनतम तापमान -27 डी.सै.,अधिकतम-35+ डी.सै., हवा की गति धीमी रहेगी, उमस बनी रहेगी।
6. समाचार पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है! सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा।
7. स्वामी, प्रकाशक, मुद्रक, संपादक राधेश्याम के द्वारा (डिजीटल सस्‍ंकरण) प्रकाशित।


8.संपादकीय कार्यालय- 263 सरस्वती विहार, लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102


9.संपर्क एवं व्यावसायिक कार्यालय-डी-60,100 फुटा रोड बलराम नगर, लोनी,गाजियाबाद उ.प्र.201102
email:universalexpress.editor@gmail.com
cont.935030275


जेडीयू को भी मंत्रिमंडल में हिस्सेदारी मिलनी चाहिए

अविनाश श्रीवास्तव    पटना। केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार और उसमें जनता दल यूनाइटेड के शामिल होने की अटकलों के बीच जेडीयू अध्यक्ष आरसीपी सिं...