शुक्रवार, 18 अक्तूबर 2019

दमखम के साथ नेता उतरे मैदान में

चंडीगढ़। हरियाणा में चुनाव प्रचार आखिरी दौर में है। अब केवल 48 घटें से भी कम समय बचा है। आज चुनाव के आखिरी वक्त में दिग्गज नेता पसीना बहाने के लिए हरियाणा की धरती पर आ रहे हैं। हरियाणा में 21 अक्टूबर को वोटिंग होनी है। सभी पार्टियों के नेता पूरे दमख़म के साथ चुनाव मैदान में डटे है।


आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिसार और गोहाना में रैलियां करेंगे। नरेंद्र मोदी की साढे बारह बजे गोहाना और ढाई बजे हिसार में रैली होगी। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की आज हरियाणा में तीन जनसभाए हैं। राजनाथ सिंह की बेरी विधानसभा में सुबह साढे दस बजे, साढ़े बारह बजे पृथला विधानसभा और ढाई बजे तावडू में रैली होनी है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की भी आज मुलाना विधानसभा, लाडवा विधानसभा, चरखी दादरी, भिवानी, झज्जर, और रोहतक में रैलियां होगी। वहीं स्टार प्रचारक हेमामालिनी ओर सन्नी देओल भी आज रैलियां करेंगे।


सीताफल का स्वाद कौन लेना चाहता है

रायपुर। सीताफल का स्वाद आखिर कौन नही लेना चाहता। इसकी मिठास और स्वाद इतना बढ़िया है कि सीजन में इस फल को हर कोई स्वाद चखना चाहता है। यह फल जितना मीठा है, उतना ही स्वादिष्ट और पौष्टिक भी है। कांकेर जिले में इस फल की न सिर्फ प्राकृतिक रूप से खूब पैदावार हो रही है, हर साल उत्पादन एवं विपणन भी बढ़ रहा है। कांकेर के सीताफल की अपनी अलग विशेषता होने की वजह से ही अन्य स्थानों से भी इस फल की डिमांड आ रही है। स्थानीय प्रशासन द्वारा सीताफल को न सिर्फ विशेष रूप से ब्रांडिंग, पैकेजिंग एवं मार्केटिंग में सहयोग कर इससे जुड़ी महिला स्व सहायता समूह को लाभ पहुंचाने का काम किया जा रहा है। उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी दिया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि इस वर्ष सीताफल का ग्रेडिंग और संग्रहण करने वाली स्व सहायता की महिलाओं एवं इससे जुड़े पुरुषों को लगभग 25 लाख रुपये तक की आमदनी होने की उम्मीद है। प्रशासन द्वारा कांकेर वैली फ्रेश सीताफल के रूप में अलग-अलग ग्रेडिंग कर 200 टन विपणन का लक्ष्य रखा गया हैं।


वैसे तो सीताफल का उत्पादन अन्य जिलों में भी होता है लेकिन कांकेर जिला का यह सीताफल राज्य में प्रसिद्ध है। यहाँ प्राकृतिक रूप से उत्पादित सीताफल के 3 लाख 19 हजार पौधे हैं, जिससे प्रतिवर्ष अक्टूबर से नवम्बर माह तक 6 हजार टन सीताफल का उत्पादन होता है। यहां के सीताफल के पौधौ में किसी भी प्रकार के रासायनिक खाद या कीटनाशक का प्रयोग नहीं किया जाता है। यह पूरी तरह जैविक होता है। इसलिए यह स्वादिष्ट होने के साथ पौष्टिक भी होता हैं। यहां से प्राकृतिक रूप से उत्पादित सीताफल को आसपास की ग्रामीण महिलाएं एवं पुरूष संग्रह कर बेचते आ रहे हैं। इससे थोड़ी बहुत आमदनी उनको हो जाती थी। लेकिन उन्हें पहले कोई ऐसा मार्गदर्शक नही मिला जो मेहनत का सही दाम दिला सके। कुछ कोचिए और बिचौलियों द्वारा औने-पौने दाम में वनवासी ग्रामीण संग्राहकों से सीताफल खरीदकर अधिक दाम में बेचा जाता था। इसे देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा संग्राहकों को आर्थिक लाभ के साथ आत्मनिर्भर बनने की राह बताई गई। स्वसहायता समूह के माध्यम से सीताफल को बाजार तक पहुचाने के उपाय बताए गए। इसके लिए महिलाओं को प्रशिक्षण और साधन उपलब्ध कराकर स्थानीय लोगों को वास्तविक फायदा पहुंचाने की पहल की गई।


अब स्थानीय संग्राहक गांव में ही सीधे स्वसहायता समूह की महिलाओं को सीताफल विक्रय कर उचित दाम प्राप्त करते है। समूह से जुड़ी महिलाएं रायपुर, धमतरी सहित दुर्ग भिलाई के मरीन ड्राइव, मंडी एवं अन्य शहरों में सीताफल बेचकर लाभ कमा रही है। शासन की पहल पर वन विभाग द्वारा स्वसहायता समूह की महिलाओं को पैकेजिंग और वाहन की सुविधा प्रदान की गई है। एक अलग मिठास लिए इस सीताफल का स्वाद अन्य राज्यों के लोगों तक भी पहुंच चुकी है। यही वजह है कि कुछ बड़े व्यवसायी इसे कोलकाता तक विक्रय के लिए ले जाना चाहते है। इस संबंध में शासन की ओर से कलकत्ता और वारंगल में सीताफल विक्रेताओं की बात हो रही है, वहां लगभग 5 से 10 टन सीताफल की मांग की गई है।


राज्य सरकार द्वारा स्वसहायता समूह की महिलाओं को सीताफल के पैकेजिंग, विपणन और सीताफल पल्पिंग के प्रशिक्षण के लिए कार्यशालाओं का आयोजन भी किया गया। सीताफल संग्रहण के लिए 28 सीताफल कलेक्शन सेंटरो में विशेष ट्रैनिंग दिया गया है। वर्तमान में काँकेर, चारामा और नरहरपुर विकासखंड के 77 ग्रामों में कलेक्शन पॉइन्ट बनाकर महिला समूहों के माध्यम से सीताफल संग्रह का कार्य शुरू कर दिया गया है तथा सड़क के किनारे बैठने वाले सीताफल विक्रेताओं को भी स्वसहायता समूह के माध्यम से सीताफल बेचने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष सीताफल का दुगुना व्यवसाय महिला स्वसहायता समूह के माध्यम से किया जाएगा।


काँकेर वेली फ्रेश सीताफल के ब्रांड नाम से सीताफल की ग्रेडिंग कर मार्केटिंग के लिए प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जा रहा है। काँकेर वेली फ्रेश का सीताफल 20 किलोग्राम के कैरेट और एक किलोग्राम के बॉक्स में बिक्री के लिए उपलब्ध है। प्रशासन द्वारा सीताफल की खरीदी महिला स्वसहायता समूह के माध्यम से हो सके इसके लिए विशेष व्यवस्था की गई हैं। संग्राहकों के साथ ग्रेडिंग करने वाली महिलाओं को लाभ पहुंचाने और सीताफल आसानी से सभी लोगों तक पहुंच सके इस दिशा में भी कदम उठाया गया हैं। यहाँ संग्रहण एवम ग्रेडिंग से जुड़े लोगों के अलावा कांकेर के लोगों को भी खुशी है कि प्रशासन के इस पहल से स्थानीय लोगों को लाभ मिलने के साथ उनके जिले के सीताफल की पहचान लगातार बढ़ती जा रही है।


मतदाता सूची में नाम अंकित कराएं

इलाहाबाद-झाँसी खण्ड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावली में अपना नाम रजिस्ट्रीकृत किये जाने के लिए प्रत्येक हकदार व्यक्ति फार्म-18 भरकर 06 नवम्बर तक अपना नाम सम्मिलित करायें


 प्रयागराज। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लिये इलाहाबाद-झाँसी खण्ड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावलियों को तैयार करने हेतु 01 नवम्बर, 2019 की अर्हता दिनांक के आधार पर् नामावली तैयार कराये जाने के निर्देश दिये गये है। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम-1960 के नियम-31 (3) के अधीन दिनांक 01 अक्टूबर, 2019 को लोक सूचना जारी करने करने के बाद दिनांक 15 अक्टूबर, 2019 को नियम-31 (4) के अधीन समाचार पत्रों में सूचना का पहला पुनः प्रकाशन, नियम-31 (4) के अधीन समाचार पत्रों में सूचना का दूसरा पुनः प्रकाशन 25 अक्टूबर, 2019 को, फाॅर्म-18 में नामों को सम्मिलित करने का अंतिम दिनांक 06 नवम्बर, 2019 निर्धारित की गयी है। हस्तलिखित प्रतियों की तैयारी एवं मतदाता सूचियों का मुद्रण 19 नवमबर, 2019 कराया जाना निर्धारित है। निर्वाचक नामावलियों का आलेख्य प्रकाशन 23 नवम्बर, 2019 को, दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि 23 नवम्बर, 2019 से 09 दिसम्बर 2019 निर्धारित की गयी है। दावे और आपत्तियों का निस्तारण और पूरक सूचियों की तैयारी एवं निर्वाचक नामवलियों की छपाई दिनांक 26 दिसम्बर, 2019 निर्धारित की गयी है। निर्वाचक नामावली के अंतिम प्रकाशन का दिनांक 30 दिसम्बर, 2019 कराया जायेगा।
निर्वाचक नामावली में रजिस्ट्रीकृत किये जाने के हकदार प्रत्येक व्यक्ति से यह अपेक्षा की जाती है कि अपना नाम सम्मिलित किये जाने के लिये निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम-1960 के अन्तर्गत फाॅर्म-18 में अपना आवेदन पत्र 06 नवम्बर, 2019 (बुधवार) तक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के कार्यालय (आयुक्त कार्यालय, झाँसी) एवं संबंधित जिला निर्वाचन कार्यालयों/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र)/पदाभिहित केन्द्रों में भेज दें या परिदत्त कर दें। अर्हक तारीख के संदर्भ में निर्वाचक नामावलियां निर्धारित तरीके से नयी बनायी जायेंगी।
आवेदन पत्र फाॅर्म-18 संबंधित जिला निर्वाचन कार्यालयों एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/पदाभिहित अधिकारियों के कार्यालयों से प्राप्त किये जा सकते हैं। पाण्डुलिपि, टंकित, साईक्लोस्टाइल किये गये अथवा व्यक्तिगत रूप से मुद्रित/डाउनलोड किये गये फाॅर्म भी स्वीकार किये जायेंगे।
पात्र व्यक्तियों को सहायक दस्तावेज, जो आयोग की वेबसाइट  http://eci.nic.in/ecimain/ form/ form18E.pdf पर उपलब्ध है, के साथ निर्धारित फाॅर्म (फाॅर्म-18 स्नातकों के लिये) में अपने नामों के नामांकन के लिये आवेदन करना चाहिये। आवेदन पत्र सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/पदाभिहित अधिकारी, जिनकी विशिष्टियां प्रथम अनुसूची में दर्शायी गयी हैं, को भेजे जा सकते हैं।
ऐसा प्रत्येक व्यक्ति जो भारत का नागरिक है, उस निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य रूप से निवासी है तथा 01 नवम्बर 2019 से कम से कम तीन वर्ष पहले या तो भारत के राज्य क्षेत्र में किसी विश्वविद्यालय का स्नातक है अथवा समतुल्य अर्हता रखता है तो वह निर्वाचक नामावली में शामिल होने का पात्र है। तीन वर्ष की अवधि का परिकलन उस तारीख से किया जायेगा जब से विश्वविद्यालय या अन्य संबंधित प्राधिकरण द्वारा अर्हक डिग्री परीक्षा का परिणाम घोषित और प्रकाशित किया गया हो।
निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा थोक में प्राप्त आवेदनों, चाहे डाक द्वारा भेजा गया हो अथवा स्वयं जमा किया गया हो, पर नाम सम्मिलित करने के लिये विचार नहीं किया जायेगा। फिर भी, संस्थानों के प्रमुख अपने अधीन कार्य करने वाले सभी कर्मचारियों के आवेदन पत्रों को अग्रसारित कर सकते हैं। परिवार का एक सदस्य उस परिवार के अन्य सदस्यों के फाॅर्म-18 को जमा कर सकते हैं तथा प्रत्येक सदस्य के संदर्भ में मूल प्रमाण-पत्रों को प्रस्तुत करके प्रमाण-पत्र सत्यापित करा सकते हैं।
यह भी ध्यान मे रखा जाये कि यदि कोई व्यक्ति अपने आवेदन में ऐसी कोई सूचना या घोषणा प्रस्तुत करता है जो गलत हो तथा जिसे वह या तो गलत समझता है, या गलत मानता हो अथवा जिसे वह सही नहीं समझता हो उस स्थिति में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के अधीन दण्डनीय होगा। यह जानकारी अपर जिलाधिकारी प्रशासन/उप जिला निर्वाचन अधिकारी, प्रयागराज ने दी है।
रिपोर्ट-बृजेश केसरवानी


क्षय रोगियों की पहचान के लिए सक्रिय

204 टीम घर घर जाकर सक्रिय कर रही सक्रीय क्षय रोगियों की पहचान 
अब तक 41 चिन्हित हुए सक्रिय क्षय रोगी   


प्रयागराज। सक्रिय क्षय रोगियों की पहचान के लिए चलाये गये सक्रिय टीबी खोज अभियान की शुरुवात की गयी |
इस अभियान के अंतर्गत गठित 201 टीमों ने घर–घर जाकर प्रत्येक व्यक्ति की जाचं कर रही हैं , अगर टीम द्वारा किसी व्यक्ति में टीबी के लक्षण प्रतीत हुए तो उनका बलगम लेकर जाचं के लिये भेजा गया। अभियान के अंतर्गत पूरे जनपद की जनसंख्या के 10% जनसंख्या का लक्ष्य निर्धारित किया गया जिसमे  6 लाख 64 हज़ार 405 लोगो को कवर करने का लक्ष्य रखा गया।
पब्लिक प्राइवेट मिक्स कोऑर्डिनेटर आशीष सिंह ने बताया की इस अभियान को सफल बनाने के लिए जनपद में कुल 204 टीमों का गठन किया गया था, जो घर घर जाकर प्रत्येक व्यक्ति की जाचं कर रही हैं  एक टीम एक दिन में पचास घरो का भ्रमण करेगी साथ ही इन टीमों की निगरानी करने के लिए 45 सुपरवाइजरो को लगाया गया हैं। इसके अलावा उन्होंने बताया की ऐसे क्षेत्र जहाँ पहले से ही टीबी के मरीज चिनिह्त थे, उन क्षेत्रो में जाकर समूह बैठक करके लोगो को जागरूक किया गया | उन्होंने बताया की जिस व्यक्ति में टीबी की पुष्टि होती है, उस मरीज को तुरंत दवा उपलब्ध कराई जाती है। इस अभियान के तहत कुल 31 टीयू (ट्रीटमेंट यूनिट) में सक्रिय टीबी खोज का कार्यक्रम चलाया गया था | उन्होंने बताया कि अब तक 175582 लोगो की स्क्रीनिग की गई जिसमे से 41 सक्रीय मरीज पायें गए सबसे ज्यादा  11 सक्रिय मरीज शंकरगढ़ में पाए गए हैं |
डॉ. ए. के जिला क्षय रोग अधिकारी प्रयागराज ने बताया की सक्रिय टीबी खोज कार्यक्रम को स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा बहुत मेहनत कार्य को करते हुए लोगो को टीबी के प्रति जागरूक किया जा रहा हैं निगरानी टीम द्वारा समय समय पर निरक्षण तथा सहयोग भी डोर टू डोर की टीम को दिया जा रहा हैं |  पिछले चरण में समुदाय के लोगो ने बहुत अच्छा सहयोग किया और विभागीय स्टाफ ने कड़ी मेहनत से कार्य को करते हुए लोगो को टीबी के प्रति जागरूक किया।
रिपोर्ट-बृजेश केसरवानी


मुंह पोतना,मल-मूत्र खिलाना,आरोप दर्ज

भिलाईनगर। शहर के एक उद्योगपति ने दूसरे उद्योग पति के साथ  मारपीट कर  मुंह पर कालिख पोतने और उसे जबरदस्ती मल खिलाने व चेहरे पर पेशाब  करने के मामले मे काफी मशक्कत के बाद खुर्शीपार पुलिस ने उद्योग पति व भिलाई अग्रवाल समाज के अध्यक्ष नेहरू नगर पूर्व निवासी बंशी अग्रवाल, होटल संचालक उद्योग पति आशीष गुप्ता सहित 5_6 लोगों के खिलाफ भादवि की धारा 323,341,342,355,506,व34 के तहत अपराध दर्ज कर मामले की विवेचना कर रही है ।घटना की लिखित शिकायत पीड़ित ने की है मामला दो औधोगिक घरों का पारिवारिक मामला है।आरोपी की एमबीबीएस कर रही पुत्री ने पीड़ित के पायलट पुत्र के साथ ग्वालियर मध्यप्रदेश मे विगत दिनो शादी कर ली थी।


डीआरडीओ के प्रौद्योगिकी से जुड़े 30 समझौते


डीआरडीओ ने प्रौद्योगिकी हस्‍तातंरण से जुड़े 30 समझौते किये
नई दिल्ली। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने तीन स्‍टार्टअप्‍स सहित 16 भारतीय कंपनियों के साथ प्रौद्योगिकी हस्‍तांतरण के 30 समझौतों पर हस्‍ताक्षर किये हैं। यह करार गोवा में चल रहे वाइब्रेंट गोवा ग्‍लोबल एक्‍सपो एंड समिट 2019 के मौके पर किये गये। यह एक्‍स्‍पो 17 से 19 अक्‍टूबर, 2019 तक गोवा विश्‍वविद्यालय में आयोजित किया गया है।
डीआरडीओ देश के सशस्‍त्र बलों के लिए प्रौद्योगिकी विकसित करने के साथ ही सैन्‍य बलों के अंतिम उपयोग के लिए रक्षा उद्योग को प्रौद्योगिकी का हस्‍तांतरण भी करता है।


भारतीय सशस्‍त्र बल तैयार खाना और आपा‍त स्थितियों के लिए राशन आदि जैसी चीजें डीआरडीओ से प्रौद्योगिकी हासिल करने वाली कंपनियों से खरीदते हैं। ये चीजें उन सैनिकों के लिए खास काम में आती है, जिनकी तैनाती विपरीत मौसम और दुर्गम स्‍थानों में होती है। ऐसे खाद्य उत्‍पाद पौष्टिक होने के साथ ही काफी दिनों तक खराब भी नहीं होते।


वाइब्रेंट गोवा समिट ने ऐसी प्रौद्योगिकी विकसित करने वाले डीआरडीओ के वैज्ञानिकों के साथ दूसरी कंपनियों को जुड़ने का अवसर दिया है। समिट का उद्घाटन कल गोवा के मुख्‍यमंत्री श्री प्रमोद सावंत ने किया। इस अवसर पर राज्‍य सरकार और डीआरडीओ के कई वरिष्‍ठ अधिकारी भी मौजूद थे।


कबड्डी में हाथ आजमाते कलेक्टर-एसपी

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में पदस्थ कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने एसपी डॉ अभिषेक पल्लव को पटखनी दी तो मौके पर मौजूद लोग दंग रह गए। मौका था जिले के नक्सल प्रभावित गांव चिकपाल में आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता का


दक्षिण बस्तर के धुर नक्सल प्रभावित इस गांव में गुरूवार को पुलिस विभाग द्वारा कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इसमें शिरकत करने कलेक्टर, एसपी से लेकर तमाम अफसर पहुंचे थे। कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा और एसपी अभिषेक पल्लव ने यहां कबड्‌डी प्रतियोगिता का उद्घाटन किया।


 कबड्‌डी के मैदान में हाथ आजमाते कलेक्टर व एसपी


 कबड्‌डी स्पर्धा के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित लोगों के अनुरोध पर कलेक्टर और एसपी भी मैदान में दो-दो हाथ करने उतर गए। अफसरों को 'कबड्‌डी-कबड्‌डी' बोलते देख लोग भी खुश हो रहे थे। इसी बीच कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने एसपी डॉ अभिषेक पल्लव को ऐसी पटखनी दी कि सभी देखते रह गए


बता दें कि कटेकल्याण ब्लाक के चिकपाल गांव में पहली बार जिले के कलेक्टर पहुंचे थे। बुधवार कोे यहां सीएएफ कैम्प का उद्घाटन भी किया गया। वहीं कलेक्टर और एसपी समेत अन्य अफसरों ने आश्रम के बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन भी किया। इस दौरान सीआरपीएफ के डीआईजी डीएन लाल, जिला पंचायत सीईओ एस. आलोक समेत अन्य अफसर मौजूद रहे।


भारत-नेपाल सीमा पर अलर्ट जारी

नई दिल्ली। दीपावली पर आतंकी हमले की आशंका और गोरखपुर के पास 5 संदिग्ध देखे जाने की सूचना के बाद भारत-नेपाल बॉर्डर और उससे सटे यूपी के 7 जिलों में पुलिस व अन्य सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट कर दिया गया है। 16 सितंबर को इन पांचों को नकहा जंगल रेलवे स्टेशन के पास देखा गया था। इसे लेकर रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स ने पहले 5 और फिर 14 अक्टूबर को नेपाल से सटे यूपी, बिहार के जिलों के लिए अलर्ट जारी किया था।


जानकारी के मुताबिक, आरपीएफ को सूचना मिली थी कि 16 सितंबर को नकहा रेलवे स्टेशन के पास अंकित सर्विस सेंटर पर 5 संदिग्ध लोग एकत्र हुए हैं। सूचना के मुताबिक, इन पांचों की उम्र 35 से 45 वर्ष के बीच थी। उनमें से 4 ने कुर्ता-पायजामा और एक ने जींस व कुर्ता पहना हुआ था। 3 ने दाढ़ी रखी हुई थी और 2 क्लीन शेव थे। एक व्यक्ति के दाहिने गाल पर कटे का निशान था।
डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि बिहार के समस्तीपुर के आरपीएफ के डिविजनल सिक्यॉरिटी कमिश्नर द्वारा इस संबंध में अलर्ट जारी किया गया था। एटीएस और एसटीएफ से अलर्ट में दी गई जानकारियां सत्यापित करने को कहा गया है। नेपाल सीमा से सटे जिलों में खास सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।


'धमाकेदार होगी दिवाली'
आरपीएफ सूत्रों के मुताबिक, ये लोग आपस में बात कर रहे थे कि इस बार दिवाली काफी धमाकेदार होगी। पूरा हिंदुस्तान देखेगा और याद रखेगा। ये लोग नेपाल जाने और फिर 17 अक्टूबर को दिल्ली में मीटिंग करने की भी बात कर रहे थे। बातचीत के मुताबिक, दिल्ली की मीटिंग में कुछ लोगों को कश्मीर से भी आना था। ये लोग सफेद रंग की कार से यहां आए थे।


अनियंत्रित बस पलटी, 22 बच्चे घायल

होशंगाबाद। मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले में एक स्कूल बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। छात्रों से भरी यह स्कूल बस अनियंत्रित होकर पलट गई। यह घटना शुक्रवार सुबह बाबई के सांगाखेड़ा तिराहे के पास हुई। बताया जा रहा है कि होशंगाबाद कैंपियन स्कूल की यह बस बच्चों को लाने गई थी। इस बस में तकरीबन 35 बच्चे सवार थे।
बस में सवार 22 स्कूली बच्चों को इस दुर्घटना में चोट लगी है। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बस पहले पेड़ से टकराई फिर अनियंत्रित होकर पलट गई। प्रथम दृष्टया यह बताया जा रहा है कि कैंपियन स्कूल की बस में सुरक्षा साधनों का अभाव था। तेज गति के कारण बस अनियंत्रित होकर पलट गई।
 


सैनिक पर छोड़ा हाथ, दरोगा की मरम्मत

मऊ। पुलिस का गैर व्यवहारिक रवैया उस पर ही कभी कभी भारी पड़ जाता है। कुछ ऐसा ही एक मामला गुरुवार को मऊ जिले में सामने आया जब दारोगा ने सेना के सिपाही पर हाथ छोड़ा तो आर्मी मैन ने चौकी  में ही चैकी प्रभारी की जमकर पिटाई कर दी। पूरा मामला सोशल मीडिया में वायरल हुआ तो महकमे में हड़कंप मच गया। पूरे मामले में चौकी  में दारोगा दल प्रताप सिंह की पिटाई होते देखकर मौके पर लोगों ने हस्तक्षेप कर दारोगा को और पिटने से बचाया।


दरअसल किसी वाहन को पुलिस द्वारा उठाने के मामले में आर्मी मैन पुलिस चौकी  में शिकायत करने गया था तो चैकी प्रभारी दल प्रताप सिंह ने अभद्रता करते हुए लड़ाई झगड़ा शुरू कर दिया और विवाद शुरू होने के बाद पहला थप्पड़ आर्मी मैन को जड़ दिया। इसके बाद आर्मी मैन का भी गुस्सा पुलिस पर फूट पड़ा और थप्पड़ के बदले दारोगा को चौकी  में ही जमकर पीट दिया। पिटाई में आर्मीमैन के भारी पड़ने के बाद दारोगा पीछे हटते गए और भारी साबित हो रहे आर्मी मैन ने जमकर चौकी  प्रभारी की पिटाई कर दी। वहीं मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद महकमे में चौकी  इंचार्ज के पहले थप्पड़ की गूंज और पुलिस कर्मी की पिटाई चर्चा का केंद्र बनी हुई है। मामले की पंचायत इसके बाद कोतवाली में शुरू हुई तो देर शाम तक आपसी विवाद का नतीजा नहीं निकल सका।
पूरा मामला मऊ में नगर कोतवाली के सारहू चौकी  का है जहां पर किसी वाहन को उठा ले जाने की बात पर विवाद बढ़ गया और चौकी  इंचार्ज ने आर्मी मैन से अभद्रता करते हुए हाथ छोड़ दिया। वहीं दारोगा के हाथ छोड़ने के बाद मिलिट्रीमैन ने भी ताबड़तोड तरीके से दारोगा पर घूंसों और थप्प्ड़ों की बौछार कर दी। इस अप्रत्याशित पलटवार की उम्मीद दारोगा को भी नहीं रही होगी। देखते ही देखते आर्मी मैन ने दारोगा को पीटकर बेदम कर दिया। इस दौरान एक मोबाइल कैमरे में पूरी वारदात कैद हो गई। जिसमें साफ दिख रहा है कि पहला वार दारोगा ने आर्मी मैन पर किया इसके बाद सामने से दारोगा पर पलटवार किया गया।


सर सैयद डे:कश्मीरी छात्रों ने किया बहिष्कार

अलीगढ। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में हर साल की तरह इस बार भी सर सैयद डे का आयोजन किया जा रहा है, जिसका विश्वविद्यालय के कश्मीरी छात्रों ने बहिष्कार किया है। आयोजन का विरोध करते हुए अमुवि छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष व कश्मीरी छात्र सज्जान सुभान राथर बाबे सैयद गेट पर भूख हड़ताल पर बैठ गए। उनका कहना है कि पिछले चार महिनों से कश्मीर की हालत बेहद खराब है, इसलिए वो विश्वविद्यालय के इस आयोजन का बहिष्कार कर रहे हैं और उसके खिलाफ हड़ताल कर रहे हैं ।


दरअसल विश्वविद्यालय में आज एएमयू के संस्थापक सैयद अहमद खान की याद में सर सैयद डे मनाया जा रहा है। इस कार्यक्रम में तमाम छात्र-प्रोफेसर इत्यादि शामिल होते हैं। लेकिन कुछ कश्मीरी छात्रों ने इस कार्यक्रम का बहिष्कार करते हुए विश्वविद्यालय के बॉबे सैयद गेट पर जाकर धरने पर बैठ गए। छात्रों ने गेट को भी बंद कर दिया।


इसके बाद हरकत में आए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों ने जबरदस्ती उन कश्मीरी छात्रों को वहां से हटाकर गाड़ी में बिठाकर कहीं और भेज दिया। हिरासत में लिए गए छात्रों में पूर्व छात्रसंघ नेता सज्जाद शुभान राथर भी हैं। उन्हें प्रॉक्टर कार्यालय में रखा गया है। कश्मीरी छात्र लगातार कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाये जाने के बाद से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।


चंदौली अब से पंडित दीनदयाल नगर

लखनऊ। योगी सरकार एक और जिले का नाम बदलने जा रही है। जल्द ही जिले का नाम चंदौली की जगह पंडित दीनदयाल नगर होगा। नाम बदलने के लिए शासन से रिपोर्ट मांगी गई, जिसे जिला प्रशासन ने भेज दिया है। शासन की अंतिम मुहर लगने की औपचारिकता भर रह गई है। उम्मीद की जा रही है कि राजकीय मेडिकल कालेज के शिलान्यास कार्यक्रम में प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ इसकी घोषणा कर सकते हैं।कुछ दिनों पहले शासन स्तर से जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी गई थी कि जिले का नाम दीनदयाल नगर में परिवर्तित करने में कोई दिक्कत तो नहीं है। जिला प्रशासन ने भी रिपोर्ट भेजकर स्थानीय स्तर से मुहर लगा दी है। साथ ही अपनी ओर से किसी प्रकार की दिक्कत या परेशानी का उल्लेख नहीं किया है।


चंदौली के डीएम नवनीत सिंह चहल ने बताया कि जिले का नाम परिवर्तित करने के लिए शासन की ओर से भेजे गए पत्र के क्रम में स्थानीय स्तर से रिपोर्ट बनाकर भेज दी गई है। नाम परिवर्तन करने की घोषणा शासन स्तर से होनी है। वहां से जो भी निर्देश होगा उसका पालन कराया जाएगा।


कब क्या गलत हुआ, याद रखें:निर्मला

वाशिंगटन। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी खास अवधि में कब और क्या गलत हुआ, इसे याद करना बेहद जरूरी है। सीतारमण ने यह टिप्पणी सिंह के उस आरोप के जवाब में की है जिसमें उन्होंने कहा था कि राजग सरकार हमेशा अपने प्रतिद्वंद्वियों पर दोष मढ़ने की कोशिश करती है। सिंह ने अपने शासन में कुछ ''कमजोरियां होने'' की बात स्वीकार करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि मोदी सरकार को प्रत्येक आर्थिक संकट के लिए संप्रग सरकार को दोष देना बंद करना चाहिए क्योंकि समाधान निकालने के लिए पांच साल का समय पर्याप्त होता है।


सीतारमण ने बृहस्पतिवार को यहां भारतीय संवाददाताओं से कहा, “मैं आरोप-प्रत्यारोप में नहीं उलझने की बात कहने के लिए डॉ मनमोहन सिंह का सम्मान करती हूं, लेकिन किसी बाद का संदर्भ समझाने के लिए किसी खास अवधि में कब और क्या गलत हुआ, यह याद करना अत्यावश्यक है क्योंकि अब आरोप मुझ पर लग रहे हैं कि अर्थव्यवस्था को लेकर कोई विमर्श है ही नहीं।” सीतारमण, सिंह के उन आरोपों का जवाब दे रहीं थीं जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार समाधान ढूंढने की बजाए हमेशा अपने प्रतिद्वंद्वियों पर दोष मढ़ने की कोशिश करती है।


मुंबई में हुए संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता की यह टिप्पणी सीतारमण के एक बयान के बाद आई थी। सीतारमण ने न्यूयॉर्क के कोलंबिया विश्वविद्यालय में कहा था कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को उनके सबसे “बुरे दौर” में पहुंचाने के लिए मनमोहन सिंह-रघुराम राजन की जोड़ी जिम्मेदार है। सीतरामण ने कहा कि सरकार सुनती है और फिर प्रतिक्रिया देती है। अगर यह बताना है कि किसी क्षेत्र में क्यों परेशानी है, तो आज की सरकार को याद करना होगा कि पहले क्या गलत हुआ है। वित्त मंत्री ने क्या गलत हुआ था, यह याद करते हुए कहा किनिश्चित तौर पर इसका कारण वह दौर है जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे और रघुराम राजन आरबीआई के गवर्नर थे।


इतिहास के पुन॔लेखन की आवश्यकता

वाराणसी। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के भारत अध्ययन केंद्र द्वारा 'गुप्तवंश के वीर : स्कंदगुप्त विक्रमादित्य का ऐतिहासिक पुन: स्मरण एवं भारत राष्ट्र का राजनीतिक भविष्य' विषय पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पहुंचे।


उन्होने इस अवसर पर कहा कि “कब तक हम वामपंथियों को गाली देंगे और अंग्रेज इतिहासकारों को दोष देंगे? हमें अंग्रेज, वामपंथी और मुगलकालीन इतिहासकारों को दोष देना बंद कर इतिहास लेखन में अपनी मेहनत करने की दिशा को केंद्रित करना होगा। अब जरूरत है कि देश के गौरवशाली उस इतिहास को सत्य के आधार पर लिखें, जिनके साथ अन्याय हुआ, उन्हें न्याय दिलाएं।”


उन्होंने कहा, “इतिहास के पुनर्लेखन की जिम्मेदारी देश के विद्वानों और जनता की है। क्या हमारे देश के इतिहासकार 200 व्यक्तित्व और 25 साम्राज्यों को इतिहास का हिस्सा नहीं बना सकते? हम कब तक दूसरों को कोसते रहेंगे?” शाह ने कहा, “1857 की क्रांति को वीर सावरकर ने पहला स्वतंत्रता संग्राम का नाम न दिया होता, तो आज हम उसे विप्लव के नाम से जानते। सावरकर के कारण ही यह क्रांति इतिहास का हिस्सा बन पाई। नहीं तो हम अंग्रेजों द्वारा लिखे गए इतिहास को ही सत्य मानते।


उन्होंने कहा कि चंद्रगुप्त विक्रमादित्य को इतिहास में बहुत प्रसिद्धि मिली है, लेकिन सम्राट स्कंदगुप्त के साथ इतिहास में अन्याय हुआ है। उनके पराक्रम की जितनी प्रशंसा होनी चाहिए थी, उतनी शायद नहीं हुई है। इसी कालखंड में देश में शाकुंतलम्, पंचतंत्र जैसे अनेक उत्कृष्ट साहित्यों की रचना हुई थी।


संयुक्त राष्ट्र आम सभा में 50 मिनट भाषण

रवांडा। संयुक्त राष्‍ट्र आमसभा (UNGA) की बैठक में सबसे लंबा भाषण देने का रिकॉर्ड लीबिया के तानाशाह कर्नल गद्दाफी के नाम दर्ज है. उन्‍होंने 2009 में 9 घंटे से भी अधिक समय तक संयुक्‍त भाषण में अपना भाषण दिया।


वहीं इस साल सबसे लंबा भाषण देने का दर्जा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को मिला है, जिन्होने 50 मिनट लंबा भाषण दिया। वहीं सबसे छोटा भाषण अफ्रीकी देश रवांडा का रहा। रवांडा के प्रतिनिधि ने केवल 7 मिनट का भाषण दिया। यूएनजीए में कुल 190 देशों के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी।


इस बीच संयुक्त राष्ट्र (यूएन) महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से गरीबी खत्म करने के लिए बच्चों को सशक्त बनाने का आग्रह किया है। गुरुवार को अंतर्राष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस के अपने संदेश में संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा कि बच्चे वयस्कों की तुलना में गरीबी की दोगुना मार झेल रहे हैं और गरीबी कई बच्चों को आजीवन नुकसान पहुंचाती है।


उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि लड़कियां विशेष रूप से जोखिम में हैं, लेकिन वे भी बदलाव की एक बड़ी वाहक हैं. उन्होंने कहा, “हर अतिरिक्त वर्ष एक लड़की के स्कूल में रहने के साथ उसकी जीवन भर की औसत आय बढ़ जाती है, उसकी शादी जल्दी होने की संभावना कम हो जाती है, और उसके बच्चों के लिए स्पष्ट रूप से स्वास्थ्य और शिक्षा लाभ होते हैं, जिससे यह गरीबी के चक्र को तोड़ने में महत्वपूर्ण कारक बन जाता है।


भारत ने दक्षिण अफ्रीका को पछाड़ा

रांची। दक्षिण अफ्रीकी कप्तान फाफ डू प्लेसिस टेस्ट सीरीज के दोनों मैचों में टॉस हार चुके हैं। उन्होंने हार का ठीकरा टॉस पर तो नहीं फोड़ा, लेकिन इशारों में इसे एक वजह जरूर माना।शायद यही कारण है कि वे शनिवार से शुरू हो रहे तीसरे टेस्ट में टॉस से बचना चाहते हैं। डू प्लेसिस रांची मे होने वाले तीसरे टेस्ट मैच में टॉस के दौरान खुद मैदान पर नहीं आएंगे। दक्षिण अफ्रीकी कप्तान फाफ डू प्लेसिस एशिया में अब तक लगातार नौ बार टॉस हार चुके हैं। जब मैच में पिच और मौसम निर्णायक भूमिका निभाते हैं, तब टॉस अहम हो जाता है। लेकिन फाफ डू प्लेसिस यह भरोसा खो चुके हैं कि वे टॉस जीत सकते हैं।


शायद यही वजह है कि वे तीसरे टेस्ट मैच में अपनी जगह किसी और खिलाड़ी को टॉस के लिए भेजेंगे। फाफ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वह टॉस के लिए मैदान पर नहीं जाएंगे। फाफ डू प्लेसिस ने कहा कि उनके बल्लेबाजों को पहली पारी का लाभ उठाना होगा। उन्होंने कहा, 'हमें पहली पारी में बड़े रन बनाने होंगे। जब आप पहली पारी में रन बनाते हैं तो वहा से कुछ भी संभव है।


हमारे लिए पहली पारी में रन बहुत महत्वपूर्ण है और दूसरी पारी में कुछ भी हो सकता है।' भारत तीन मैचों की यह सीरीज पहले ही अपने नाम कर चुका है। मेहमान टीम की नजरें अखिरी मैच को जीतकर अपने खोए हुए सम्मान को पाने पर होगी। भारतीय टीम तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले दोनों मैच जीतकर 2-0 से अजेय बढ़त बना चुकी है। उसने पहला मैच 200 रन से अधिक के अंतर से जीता था। फिर दूसरा टेस्ट मैच पारी व 137 रन के अंतर से अपने नाम किया था।


 


ट्रंप का टि्वटर अकाउंट नहीं होगा बंद

वॉशिंगटन। ट्विटर ने कैलीफोर्निया की सीनेटर और डेमोक्रेट पार्टी में राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस की अनुरोध को मानने से इनकार कर दिया है। ट्विटर ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अकाउंट बंद नहीं किया जाएगा।


कमला हैरिस के अभियान ने बुधवार को सीएनएन को बताया, 'ट्विटर उनके मंच पर ट्रंप द्वारा लोगों को धमकाने और हिंसक व्यवहार करने के लिए उकसाने का उन्हें जिम्मेदार नहीं मान रहा है।


ट्विटर ने हैरिस को एक पत्र में लिखा, 'हम हां या ना में निर्णय लेने में सक्षम नहीं है, क्योंकि यह इतना आसान नहीं है। हमने उन ट्वीट्स की समीक्षा की जिसका जिक्र आपने पत्र में किया था, वे अपमानजनक व्यवहार, लक्षित उत्पीड़न या हिंसा से संबंधित हमारी नीतियों के खिलाफ नहीं है।


ट्रम्प अक्सर ही अपने राजनीतिक विरोधियों पर हमला बोलने के ट्विटर का इस्तेमाल करते रहते हैं। ऐसे में विवादास्पद ट्वीट्स पोस्ट करने के चलते ट्विटर पर ट्रम्प के खिलाफ कदम उठाने का दवाब है, लेकिन इस सोशल नेटवर्किं ग साइट ने अब तक ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है।


मुठभेड़ में लाख के इनामी को लगी गोली

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और स्पेशल ब्रांच ने आज सुबह तड़के दिल्ली के अमर कॉलोनी इलाके में लेडी श्री राम कॉलेज के पीछे जॉइंट ऑपेरशन चलाकर एक लाख के ईनामी बदमाश पकड़ा। इस बदमाश इकबाल के पैर में गोली लगी है।


दरअसल स्पेशल ब्रांच के इंस्पेक्टर राजेन्द्र पहलवान की टीम को जानकारी मिली थी कि इकबाल एक ब्रीज़ा कार में सवार होकर किसी वारदात को अंजाम देने के लिए आने वाला है। सूचना मिलने के बाद स्पेशल ब्रांच और क्राइम ब्रांच एसटीएफ के एसीपी पंकज सिंह और इंस्पेक्टर जतन सिंह की टीम ने ट्रेप लगाकर जब उसे रोका तो उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जबाब में पुलिस ने भी फायरिंग की जिसमें इकबाल के पैर में गोली लगी, कुल 10 राउंड फायरिंग हुई।


इकबाल मूलरूप से बुलंदशहर का रहने वाला था और उस पर यूपी और दिल्ली में हत्या ,हत्या की कोशिश और लूट जैसे 25 से ज्यादा केस दर्ज हैं,हाल ही में इकबाल और उसके साथियों ने मिलकर ग्रेटर नोएडा में 65 लाख की लूट की थी,जिसमें गौतमबुद्धनगर पुलिस ने उसके एक साथी को पुलिस ने मार गिराया था जबकि एक साथी पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया था।


इकबाल महमूद पांडे और महरून मुल्ला गैंग का शार्पशूटर है,पुलिस ने ब्रीज़ा कार और एक पिस्टल के अलावा कुछ कारतूस मौके से बरामद की है,दिल्ली में बीते एक महीने में ये 11 वां एनकाउंटर है,जिसमें कुल 16 बदमाश पुलिस की गोली से घायल हो चुके हैं।


हर महीने 10 करोड के नोट हो रहे रिप्लेस

धमतरी। भारतीय मुद्रा की देख-रेख को लेकर नागरिकों में अभी भी जागरूकता नहीं आई है। इसी का नतीजा है कि 50, 100 समेत 500 के कटे-फटे नोट बड़ी तादाद में बैंकोंं में रिप्लेस होने के लिए आ रहे हैं। बैंक सूत्रों की मानें तो शहर के विभिन्न बैंकों में प्रत्येक माह करीब 10 करोड़ का कटा-फटा नोट रिप्लेस के लिए आ रहा है।


एक जानकारी के अनुसार शहर में भारतीय स्टेट बैंक, सेंट्रल बैंक, एचडीएफसी, देना बैंक समेत करीब 15 से अधिक बैंक संचालित हो रही है। इन बैंकों में उपभोक्ताओं की संख्या करीब साढ़े 4 लाख से अधिक हैं। इनके द्वारा ही बैंकों में लेन-देन किया जाता है। देखा गया है कि नोटबंदी के बाद से बैंकों मेंं कटे-फटे नोट रिप्लेस के लिए Óयादा आ रहे हैं। ऐसे मेंं बैंक प्रबंधकों की परेशानी बढ़ गई है।


बैंक के एक अधिकारी का कहना है कि भारतीय मुद्रा का उचित रख-रखाव और इसकी देख-रेख की जिम्मेदारी बैंक के अलावा आम नागरिकों की भी है, लेकिन अधिकांश लोग इसका पालन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आरबीआई के नियमानुसार बैंक से 50, 100, 200, 500 और 2 हजार रूपए की नई करेंसी में किसी तरह की कोई लिखावट नहीं करना है।
यह है नियम : विशेषज्ञों की मानेंं तो 50 रूपए के नोट की लंबाई 14.7 सेंमी और चौड़ाई 7.6 सेमी होती है। आरबीआई के नियमानुसार नोट कटा-फटा होने की स्थिति में यदि नोट का कुल क्षेत्रफल 107.&1 वर्गसेमी तथा नोट की लंबाइ-चौड़ाई 86 वर्गसेमी होता है, तो संबंधित उपभोक्ता को इस नोट के बदले पूरा पैसा दिया जाता है। इसी तरह 100, 500 और 2 हजार के कटे-फटे नोट के लिए अलग-अलग नियम लागू किया गया है।


वार ने किए कमाई के रिकॉर्ड ध्वस्त

मुंबई। 2019 की सबसे बड़ी हिट Kabir Singh थी। इसने 278.24 करोड़ रुपए कमाए थे। केवल 40 करोड़ में बनी इस फिल्म में शाहिद कपूर ने लीड रोल किया था। यह साउथ में बनी Arjun Reddy की रीमेक थी। छह हफ्ते तक यह सिनेमाघरों में बनी रही थी। इस फिल्म को लेकर काफी बहस भी थी क्योंकि शाहिद का कैरेक्टर इसमें काफी अलग था।सकी कमाई चार करोड़ के आंकड़े से नीचे गई है। इस मुकाम को पाने के लिए लिए फिल्म को करीब 14 दिन मेहनत करना पड़ी। अब इसकी कुल कमाई 280.60 करोड़ रुपए है। इसमें तमिल और तेलुगु भाषा के वर्जन से मिले करीब 12 करोड़ शामिल कर लिए गए हैं। दो दिन बाद इस फिल्म का तीसरा वीकेंड शुरू होने वाला है, इसमें यह 300 करोड़ का आंकड़ा पार कर सकती है।


WAR ने यह मिसाल अपने शानदार एक्शन सीन और दो हीरो के दम पर हासिल की है। War को सिद्धार्थ मल्होत्रा ने बनाया है, जो रितिक के साथ 'बैंग बैंग' बना चुके हैं। यह फिल्म विदेश में भी बढ़िया कर रही है। दुनियाभर की कमाई के मामले में यह 400 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी है। ग्रॉस कमाई 411.5 करोड़ रुपए है।


अभी इस फिल्म के दूसरे हफ्ते की कमाई जारी है। 'यश राज' बैनर की WAR 14 दिन पहले बुधवार को रिलीज हुई थी। पहले दिन से यह अच्छी कमाई कर रही है और इसे ही भारत की सबसे बड़ी ओपनिंग हासिल हुई।


चिदंबरम की न्यायिक हिरासत बढ़ी

नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने सीबीआई द्वारा दर्ज आईएनएक्स मीडिया मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की न्यायिक हिरासत अवधि गुरुवार को बढ़ा दी। 
विशेष न्यायाधीश अजय कुमार कुहाड़ ने सीबीआई द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में चिदंबरम की हिरासत बढ़ा दी। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दायर आईएनएक्स मीडिया धन शोधन मामले में सुनवाई चल रही है और निदेशालय ने 74 वर्षीय कांग्रेस नेता से पूछताछ के लिये 14 दिन की हिरासत मांगी है। अदालत ने बुधवार को उनके खिलाफ पेशी वारंट जारी किया था।


ठगी करने वाले,महिला सहित 4 गिरफ्तार

लुधियाना। साइबर सेल ने लाइफ इंश्योरेंस में ज्यादा मुनाफा देने के लालच में भोले भाले लोगो को ठगने वाले दिल्ली में चल रहे एक फर्जी काल सेंटर का खुलासा कर युवती सहित 4 आरोपियों को गिरफ़्तार किया है। मालिक फरार है चल रहा है पुलिस उसकी तलाश में छापामारी कर रही हैं ।सिंगल विंडो लुधियाना में प्रैस वार्ता के दौरान पुलिस कमिश्नर श्री राकेश अग्रवाल,एडीसीपी सचिन गुप्ता,एसीपी रुपिंदर कौर भट्टी, एसीपी अमनदीप सिंह बराड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि एक वर्ष पहले थाना सराभा नगर में लुधियाना निवासी जगदेव सिंह ने इंश्योरेंस के नाम पर 3 करोड़ 40 लाख़ की ठगी होने की शिकायत दर्ज़ करवाई थी। जिसके चलते लुधियाना साइबर सैल की पुलिस ने 4-5 महीने की कड़ी मेहनत से आरोपियों के सुराग निकाल गिरफ्तारी कर लुधियाना पुलिस ने बहुत बड़ी सफ़लता हासिल की। पुलिस ने इनके पास से 12 मोबाईल फोन,डाटा, मोबाईल चार्जर, बरामद किया। सीपी ने बताया कि यह अलग अलग नंबरों से अलग अलग नाम बताकर भोले भाले लोगो को फोन पर इंश्योरेंस पर 15 परसेंट ब्याज ओर पैसे को दोगुना करने का लालच देकर ठगी करते थे। 3-4 रुपए के हिसाब से लोगो का डाटा खरीदा करते थे। उत्तर प्रदेश के दस्तावेज और वहां के प्रूफ पर फर्जी मोबाइल नंबर और बैंक खाता खुलवाए हुए थे। लगभग 8 सालो में यह आम लोगो 100 करोड़ की ठगी कर चुके है। पुलिस आम लोगो का डाटा बेचने वालो पर वी सख़्त कारवाई कर उनको जल्द गिरफ़्तार करेगी। आरोपियों की पहचान योगेश कुमार पुत्र जगमोहन निवासी 774/75 ए पहली मंजिल मंगोलपुरी दिल्ली,सुनील कुमार पुत्र जय नारायण निवासी P-4 627 सुल्तानपुरी न्यू दिल्ली,आकाश कुमार पुत्र जगमोहन A-774/75 पहली मंजिल मंगोलपुरी दिल्ली,मोस्मी पुत्री विनोद सिंह निवासी 11/78 मोती बाग न्यू दिल्ली के रूप में हुई। पकड़े गए चार आरोपियों में से 2 सगे भाई हैंपुलिस ने आरोपियों खिलाफ मुकदमा नंबर 212 दिनांक 11-10-2018 धारा 420 120 बी आईपीसी के तहत सराभा नगर थाना दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।


पुलिस कमिश्नर श्री राकेश अग्रवाल लुधियाना ने लोगों से अपील की है। कॉल सेंटर से आने वाले फोन पर लेनदेन करने से पहले उसके विभाग की जांच करें। कोई भी पॉलिसी का अगर भुगतान करना है जा नई पॉलिसी करवानी है उसी विभागीय के दफ्तर में जाकर करवाएं और ठगी का शिकार होने से बचे।


इंडोर स्टेडियम में देसी टॉक कवि सम्मेलन

रायपुर। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने कल इंडोर स्टेडियम में आयोजित देसी टॉक कवि सम्मेलन का शुभांरभ किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की। इस अवसर पर राज्यपाल सुश्री उइके ने संबोधित करते हुए कहा कि साहित्य जगत में ऐसा माना जाता है कि जहां रवि नहीं पहुंच पाता है, वहां कवि पहुंच जाते हैं। कवि और उसकी कविता समाज का दर्पण होता है।


समाज में जो भी घटना घटती है या परिवर्तन आता है उसे वह देखता है उसको अपनी कविता के माध्यम से सभी के समक्ष प्रस्तुत करता है। कविता के माध्यम से कही गई बातें सभी व्यक्तियों के दिलों-दिमाग तक पहुंच जाती है और व्यक्ति उस पर आचरण करना प्रारंभ कर देता है। इसलिए कवियों को चाहिए कि वे समाज के समक्ष उन सभी बातों और परिवर्तनों को लाएं जो आदर्श समाज के निर्माण के लिये आवश्यक हों।


 


मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कई प्रतिष्ठित कवि हुए हैं, जिन्होंने प्रदेश का मान बढ़ाया है, उन्हें मैं नमन करता हूं। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव, वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत, रायपुर के महापौर श्री प्रमोद दुबे, पूर्व मंत्री एवं विधायक श्री सत्यनारायण शर्मा, श्री बृजमोहन अग्रवाल, श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, विधायक श्री कुलदीप जुनेजा, श्री विकास उपाध्याय सहित राज्यपाल के सचिव श्री सोनमणि बोरा भी उपस्थित थे। आयोजकों ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री सहित अन्य अतिथियों को प्रतीक चिन्ह भेंट किया। कवि सम्मेलन में विख्यात कवि डॉ. कुमार विश्वास ने काव्यपाठ से समा बांधा। साथ ही पद्मश्री श्री सुरेंद्र दुबे, सर्वश्री मीर अली मीर, विनीत चौहान, रमेश मुस्कान, अंकिता सिंह, किशोर तिवारी, पद्मलोचन शर्मा अपनी रचनाओं की प्रस्तुति दी।


महानायक की तबीयत बिगड़ी,भर्ती

मुंबई। महानायक अमिताभ बच्चन की तबीयत बिगड़ गयी है। अमिताभ को मुंबई के नानावटी अस्पताल  में भर्ती कराया गया है। अस्पताल के बाहर खड़े पुलिसवालों का कहना है कि उन्हें रूटीन चेकअप के लिए यहां लाया गया है। लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें लीवर की समस्या है।अमिताभ को नानावती अस्पताल में जहां भर्ती कराया गया है उसे काफी सीक्रेट रखा गया है। इतना सीक्रेट कि किसी सेलेब्स को भी नहीं पता चला कि बिग बी अस्पताल में भर्ती हैं। किसी को भी वहां जाने नहीं दिया जा रहा है। इसे रुटीन चेकअप बताया जा रहा है. लेकिन सवाल ये है कि अगर रुटीन चेकअप है तो क्यों उन्हें सुबह 3 बजे अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल नानावती अस्पताल ने किसी तरह का ऑफिशियल हेल्थ बुलेटिन शेयर नहीं किया है।


मंगलावर रात 2 बजे तबीयत बिगड़ने के बाद अमिताभ बच्चन को नानावटी अस्पताल में भर्ती कराया गया। कहा जा रहा है कि अमिताभ बच्चन की लीवर सिर्फ 25 फीसदी काम कर रही है और उन्हें आईसीयू में रखा गया है। बॉलीवुड जगत से जुड़े लोग उनका हाल-चाल लेने के लिए हॉस्पिटल पहुंच रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक मशहूर गेस्ट्रोन्ट्रोलॉजिस्ट डॉ बारवे उनका इलाज कर रहे हैं।अमिताभ को अस्पताल में 1-2 दिन और लग सकते हैं। माना जा रहा है कि उन्हें रविवार को डिस्चार्ज किया जा सकता हैै।


एयर इंडिया को मिली राहत की सांस

नई दिल्ली। एअर इंडिया के ईंधन बकाया को निपटाने के लिए नियमित भुगतान के वादे के बाद सरकारी तेल कंपनियों ने शुक्रवार को उसकी ईंधन आपूर्ति रोकने का फैसला टाल दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। एअर इंडिया को अल्टीमेटम देते हुए सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने बीते 10 अक्टूबर को एअर इंडिया को महीने का एकमुश्त भुगतान 18 अक्टूबर तक करने को कहा था और चेतावनी दी थी कि ऐसा नहीं करने पर वे उसके छह घरेलू हवाईअड्डों पर ईंधन की आपूर्ति रोक देंगी। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने एअर इंडिया को पत्र लिखकर कहा था, ''एकमुश्त मासिक भुगतान न होने के कारण बकाये (ईंधन का बचा हुआ बिल) में कमी नहीं आयी है। इस पत्र को पीटीआई-भाषा ने देखा है।" तीनों तेल कंपनियां पहले बता चुकी हैं कि एअर इंडिया पर उनका 5 हजार करोड़ रुपये का भुगतान बकाया है। इसमें से कुछ बकाया आठ महीने पुराना हो चुका है। अधिकारियों ने कहा कि एअर इंडिया ने पत्र लिख कर उसकी ईंधन आपूर्ति ना रोकने का अनुरोध किया और नियमित भुगतान करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ईंधन आपूर्ति रोकने के फैसले को टाल दिया गया है।


पाक की अमन एंबुलेंस सेवा समाप्त

इस्लामाबाद। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था इस समय चरमराई हुई है। उसके नागरिक पैसे की तंगी से जूझ रहे हैं। वहीं खाने-पीने की चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। इसी बीच पड़ोसी देश ने अमन एंबुलेंस की सेवाओं को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है क्योंकि सिंध सरकार के पास फंड की कमी है। इस खबर की पुष्टि अमन फाउंडेशन के एक अधिकारी ने की।सिंध सरकार और अमन फाउंडेशन के बीच हुई सरकारी निजी भागीदारी के बाद एंबुलेंस सेवा का नाम बदलकर सिंध मेडिकल एंड रेस्क्यू सर्विस रखा गया था। अमन फाउंडेशन के स्वास्थ्य सेवा के निदेशक खकान सिकंदर ने कहा कि वह कुछ महीनों के लिए अपनी सेवाओं को घटा रहे हैं।
सिकंदर ने गुरुवार को कहा कि सेवाओं को शुक्रवार से अस्थायी तौर पर बंद कर दी गई हैं। हालांकि उन्हें उम्मीद है कि आने वाले कुछ दिनों में फंड जारी कर दिए जाएंगे। सिंध के मुख्यमंत्री मुर्तजा वहाब ने एक वीडियो मैसेज में कहा कि एंबुलेंस सेवाओं को बंद करने वाली खबरें गलत है।
वहाब ने कहा कि धन से संबंधित एक सारांश मुख्यमंत्री मुराद अली शाह को भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद फंड को जल्द ही जारी कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिंध सरकार चाहती है कि सेवा जारी रहे।


शुभ समाचार प्राप्त होंगे: कर्क

राशिफल


मेष-किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। शिक्षा के क्षेत्र में सफलता प्राप्त होगी। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें। बेवजह विवाद हो सकता है। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। उत्साह व प्रसन्नता से काम कर पाएंगे।


वृष-कामकाज में अधिक ध्यान देगा पड़ेगा। दूर से दु:खद समाचार मिल सकता है। भागदौड़ रहेगी। समय पर काम नहीं होने से तनाव रहेगा। गुस्से पर काबू रखें। व्यापार-व्यवसाय में उतार-चढ़ाव रहेगा। नौकरी में अधिकारी अधिक की अपेक्षा करेंगे। किसी व्यक्ति के उकसाने में न आएं।


मिथुन-पहले किए गए प्रयास का लाभ अब मिलेगा। समय पर कर्ज चुका पाएंगे। प्रतिस्पर्धियों पर विजय प्राप्त होगी। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देंगे। निवेश शुभ फल देगा। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। भाग्य का साथ मिलेगा। खोई हुई वस्तु मिल सकती है। प्रमाद न करें।


कर्क-आय में सुगमता रहेगी। घर में मेहमानों का आगमन होगा। व्यय होगा। दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। प्रसन्नता बढ़ेगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। आनंद और उल्लास के साथ जीवन व्यतीत होगा। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। चोट व रोग से हानि संभव है।


सिंह-जीवनसाथी के स्वास्थ्य संबंधी चिंता बनी रहेगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। किसी बड़ी समस्या से छुटकारा मिल सकता है। व्यावसायिक प्रवास हो सकता है। काम में अनुकूलता रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति हो सकती है। पार्टनरों से सहयोग मिलेगा। लाभ होगा।


कन्या-कोई बड़ा खर्च अचानक सामने आ सकता है। व्यवस्था में मुश्किल होगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। गुस्से पर काबू रखें। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। धनहानि की आशंका बन सकती है। व्यापार ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी।


तुला-पहले किसी व्यक्ति को दिए गए कर्ज की वसूली हो सकती है। व्यावसायिक प्रवास सफल रहेगा। धन प्राप्ति सु्गम होगी। घर-परिवार की चिंता बनी रहेगी। कोई नई समस्या आ सकती है। शारीरिक कष्ट भी आशंका है, लापरवाही न करें। नौकरी में चैन रहेगा। उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे।


वृश्चिक-आर्थिक वृद्धि के लिए नई योजना बनेगी। तत्काल लाभ नहीं होगा। किसी सामाजिक कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर प्राप्त हो सकता है। मान-सम्मान मिलेगा। कार्यकारी नए अनुबंध हो सकते हैं। उत्साह व प्रसन्नता से कार्य कर पाएंगे। शारीरिक शिथिलता रहेगी।


धनु-गृहस्थ जीवन में आनंद का वातावरण रहेगा। जीवनसाथी को भेंट व उपहार देना पड़ सकता है। किसी अनहोनी की आशंका रह सकती है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। लापरवाही न करें। कोर्ट व कचहरी तथा सरकारी कामों में अनुकूलता रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। प्रमाद न करें।


मकर-कोई पुराना रोग परेशानी का कारण बन सकता है। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में लापरवाही न करें। शारीरिक हानि की आशंका बनती है। किसी व्यक्ति के व्यवहार से दिल को ठेस पहुंच सकती है। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। आय में निश्चितता रहेगी, धैर्य रखें।


कुंभ-किसी लंबे मनोरंजक प्रवास का कार्यक्रम बन सकता है। आंखों का विशेष ध्यान रखें। चोट व रोग से बचें। सुख के साधन जुटेंगे। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। सरकारी कामकाज में अनुकूलता रहेगी। स्थिति नियंत्रण में रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। जोखिम न उठाएं।


मीन-कुबुद्धि हावी रह सकती है इसलिए कोई भी निर्णय सोम-समझकर करें। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। कार्य के प्रति उत्साह रहेगा। जल्दबाजी न करें। भूमि व भवन इत्यादि की खरीद-फरोख्त की योजना सफल रहेगी। बड़ा लाभ हो सकता है। प्रमाद न करें।


बंगाली रसगुल्ला

रसगुल्ला बनाने के लिये मुख्य सामग्री छैना है, जिसे हम ताजी छैना कह कर डेयरी से ला सकते हैं या दूध से हम इसे घर पर बना सकते हैं। यदि हमको छैना घर पर बनाना हैं तो सबसे पहले हम रसगुल्ले बनाने के लिये छैना बनायेगे।


छैना बनाने के लिये दूध को किसी भारी तले वाले बर्तन में निकाल कर गरम कीजिये। दूध में उबाल आने के बाद नीबू का रस डालते हुये चमचे से चलाइये। दूध जब पूरा फट जाय, दूध में छैना और पानी अलग दिखाई देने लगे तो तुरन्त आग बन्द कर दीजिये। छैना को कपड़े में छानिये और ऊपर से ठंडा पानी डाल दीजिये ताकि नीबू का स्वाद छैना में न रहे। कपड़े को हाथ से दबा कर अतिरिक्त पानी निकाल दीजिये। रसगुल्ला बनाने के लिये छैना तैयार है।


छैना को बड़ी थाली में निकाल लीजिये, एरोरूट मिला कर छैना को अच्छी तरह मथिये। छैना को इतना मथिये कि वह चिकना गुथे हुये आटे की तरह दिखाई देने लगे। रसगुल्ला बनाने के लिये छैना तैयार है। इस छैने से थोड़ा थोड़ा छैना निकाल कर। पौन इंच से लेकर एक इंच व्यास के छोटे छोटे गोले बना कर प्लेट में रख लीजिये। सारे रसगुल्ले के लिये गोले इसी तरह बना लीजिये और इन्हें आधे घंटे के लिये किसी गीले कपड़े से ढक कर रख दीजिये।


300 ग्राम चीनी और 1 लीटर पानी किसी बर्तन में डाल कर गरम कीजिये। जब पानी खौलने लगे तो छैने से बने गोले पानी में डाल दीजिये। बर्तन को ढक दीजिये, इन छैना के गोलों को, 20 मिनिट तक मीडियम आग पर उबलने दीजिये। रसगुल्ले पक कर फूल जायेंगे, गैस बन्द कर दीजिये। रसगुल्ले सीरप में ही ठंडे होने दीजिये।


लीजिये छैना के रसगुल्ले तैयार हैं। ठंडा होने के बाद, रसगुल्लों को फ्रिज में रख दीजिये और अब ठंडा ठंडा रसगुल्ला परोसिये और खाइये।


भारतीय हाथी लुप्तता की कगार पर

भारतीय हाथी लंबाई में ६.४ मीटर (२१ फ़ुट) तक पहुँच सकता है; यह थाईलैंड के एशियाई हाथी से लंबा व पतला होता है। सबसे लंबा ज्ञात भारतीय हाथी २६ फ़ुट (७.८८ मी) का था, पीठ के मेहराब के स्थान पर इसकी ऊँचाई 11 फीट (3.4 मी॰), ९इंच (३.६१मी) थी और इसका वज़न ८ टन (१७९३५ पौंड) था। भारतीय हाथी अफ़्रीकी हाथियों जैसे ही दिखते हैं पर उनके कान छोटे होते हैं और दाँत छोटे होते हैं।


शारीरिक ढाँचा:-चूँकि भारतीय हाथी एशियाई हाथियों की ही उपजाति हैं, अतः इनमें कोई खास फ़र्क नहीं है। भारतीय हाथियों के अफ़्रीकी हाथियों के मुकाबले कान छोटे होते हैं और माथा चौड़ा होता है। मादा के हाथीदाँत नहीं होते हैं। नर मादा से ज़्यादा बड़े होते हैं। सूँड अफ़्रीकी हाथी से ज़्यादा बड़ी होती है। पंजे बड़े व चौड़े होते हैं। पैर के नाखून ज़्यादा बड़े नहीं होते हैं। अफ़्रीकी पड़ोसियों के मुकाबले इनका पेट शरीर के वज़न के अनुपात में ही होता है, लेकिन अफ़्रीकी हाथी का सिर के अनुपात में पेट बड़ा होता है।


जनसंख्या व लुप्तप्रायता:-विश्व वन्यजीव कोष भारतीय हाथी को काफ़ी जगह प्राप्य लेकिन विलुप्तप्राय मानता है। भारतीय हाथी की मौजूदा जनसंख्या २०,००० से २५,००० के बीच होगी। एशियाई हाथी विशेषज्ञ समूह द्वारा भारतीय हाथी को १९९६ में एक विलुप्तप्राय जाति के तौर पर वर्गीकृत किया गयाा। भारतीय हाथियों को हाथीदाँत के लिए किए गए शिकार से, तथा जंगली इलाकों में इंसानी रिहायिश की वजह से रिहायिश की जगह में कमी तथा इंसानों के युद्धों से खतरा है। अलग अलग वन्यप्राणी अभयारण्यों में मौजूद जंगली हाथियों की पृथक संख्याओं को भी आनुवंशिक विविधता न होने से खतरा है। हाल ही में वन्यप्राणी अभियारण्यों के बीच कुछ गलियारे बनाए गए हैं ताकि जंगली हाथियों का देशांतरण हो सके।


बर्ड ऑफ पैराडाइस

बर्ड ऑफ़ पैराडाइज़ का शरीर आम तौर पर कौवे जैसा होता है तथा वास्तव में ये कॉर्विड्स प्रजाति (कौवे तथा नीलकंठ) से संबंधित हैं। बर्ड ऑफ़ पैराडाइज़ पक्षी विभिन्न आकारों में पाए जाते हैं जो किंग बर्ड ऑफ़ पैराडाइज़ 50 ग्राम (1.8 औंस) और 15 से॰मी॰ (5.9 इंच) से ले कर कर्ल-क्रेस्टेड मनुकोड 44 से॰मी॰ (17 इंच) व 430 ग्राम (15 औंस) तक के आकार के होते हैं। अपनी लंबी पूंछ के साथ नर ब्लैक सिक्लेबिल सभी प्रजातियों में सबसे लंबी प्रजाति है।110 से॰मी॰ (43 इंच) सभी प्रजातियों में नर मादा से बड़े और लंबे होते हैं, तथा यह अंतर मामूली से लेकर विशाल आकार तक का हो सकता है। पंख गोल होते हैं और कुछ प्रजातियों में ध्वनि निकालने के लिए संरचनात्मक रूप से संशोधित होते हैं। पूरी जाति में चोंच के आकार में विविधता पाई जाती है। सिक्लेबिल व राइफ़लबर्ड प्रजातियों में चोंच लंबी तथा अवक्राकार हो सकती है तथा एस्ट्रापिया में छोटी और पतली हो सकती है। लिंग के आधार पर शरीर के साथ-साथ चोंच का औसत आकार बदलता रहता है, हालांकि आम तौर पर नरों की तुलना में लंबी चोंच वाली मादाओं की प्रजातियां अधिक हैं और ऐसा विशेष रूप से कीट खाने वाली प्रजातियों में है। नरों के भड़कीले आकर्षक रंगों वाले पंखों की तुलना में मादाओं के छद्मावरण पंख विशेष रूप से अपने निवास के रंगों में अच्छी तरह घुल मिल जाते हैं।


विभिन्न लिंगों के बीच पंखों में भिन्नता प्रजनन प्रणाली से बारीकी से संबंधित है। मनुकोड और पैराडाइज़ क्रो, जो सामाजिक रूप से एक मादा के साथ रहते हैं, लैंगिक तौर पर मोनोमोर्फिक (अर्थात जिनका जीनोटाइप एक ही प्रकार का होता है) होते हैं। इसी तरह पैराडिगाला की दो प्रजातियां हैं जो एक से अधिक मादा के साथ रहती हैं। इन सभी प्रजातियों के हरे और नीले रंग की घटती बढ़ती मात्रा के साथ आम तौर पर काले पंख होते हैं।


निवास और विस्तार


ब्राउन सिकेलबिल्स पर्वतीय प्रजातियां हैं
न्यू गिनी का विशाल द्वीप बर्ड ऑफ़ पैराडाइज़ पक्षियों की विविधता का प्रमुख केंद्र है; केवल दो को छोड़ कर बाकी सभी प्रजातियां न्यू गिनी पर पाई जाती हैं। जो दो प्रजातियां यहां नहीं पाई जातीं, वे हैं मोनोटाइपिक श्रेणी की लाइकोकॉरेक्स तथा सेमिप्टेरा, जो न्यू गिनी के पश्चिम में स्थित मोलुक्कास की निवासी हैं। टिलोरिस वर्ग के राइफलबर्ड पक्षियों की दो प्रजातियां पूर्वी ऑस्ट्रेलिया के तटीय जंगलों में पाई जाती हैं, एक ऑस्ट्रेलिया तथा न्यू गिनी दोनों जगहों पर पाई जाती हैं, तथा एक प्रजाति केवल न्यू गिनी में मिलती है। केवल मनुकोडिया एक वर्ग है जिसकी प्रजातियां न्यू गिनी के बाहर पाई जाती हैं, तथा इनका एक प्रतिनिधि क्वींसलैंड के उत्तरी छोर पर पाया जाता है। शेष प्रजातियां न्यू गिनी और आसपास के द्वीपों तक सीमित हैं। कई प्रजातियां अत्यधिक सीमित क्षेत्रों में मिलती हैं, विशेष रूप से मध्य-पर्वतीय वन (जैसे ब्लैक सिक्लेबिल) या द्वीप स्थलों (जैसे विल्सन बर्ड ऑफ़ पैराडाइज़) जैसे सीमित निवास स्थानों में पाई जाने वाली कुछ प्रजातियां।


बर्ड ऑफ़ पैराडाइज़ की अधिकांश प्रजातियां वर्षा वनों, दल-दली जगहों, तथा काई के वनों सहित उष्णकटिबंधीय वनों में पाई जाती हैं, लगभग सभी प्रजातियां एकांत रूप से वृक्षों पर निवास करती हैं। तटीय सदाबहार वनों में कई प्रजातियां पाई जाती हैं। सुदूर दक्षिण में पाई जाने वाली ऑस्ट्रेलिया की पैराडाइज़ राइफलबर्ड प्रजातियां उप उष्णकटिबंधीय और शीतोष्ण नम वनों में रहती हैं। एक समूह के रूप में मनुकोड अपने निवास स्थलों के प्रति सबसे अधिक अनुकूलित स्वभाव वाले होते हैं, जिसमे से विशेष रूप से ग्लॉसी-मेंटल्ड मनुकोड वनों तथा सवाना वुडलैंड, दोनों जगहों पर निवास करते हैं। मध्य-पर्वतीय निवास स्थल सर्वाधिक आबादी वाले निवास स्थल हैं, चूंकि 40 में से 30 प्रजातियां 1000-2000 मीटर की ऊंचाइयों पर पाई जाती हैं।


गाजर घास की आक्रामकता

गाजर घास या 'चटक चांदनी' (Parthenium hysterophorus) एक घास है जो बड़े आक्रामक तरीके से फैलती है। यह एकवर्षीय शाकीय पौधा है जो हर तरह के वातावरण में तेजी से उगकर फसलों के साथ-साथ मनुष्य और पशुओं के लिए भी गंभीर समस्या बन जाता है। इस विनाशकारी खरपतवार को समय रहते नियंत्रण में किया जाना चाहिए। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस घास को चिड़िया बाड़ी के नाम से भी पुकारते है।


गाजर घास का उपयोग अनेक प्रकार के कीटनाशक, जीवाणुनाशक और खरपतवार नाशक दवाइयों के र्निमाण में किया सकता है। इसकी लुग्दी से विभिन्न प्रकार के कागज तैयार किये जा सकते हैं। बायोगैस उत्पादन में भी इसको गोबर के साथ मिलाया जा सकता है।


परिचय:-इस खरपतवार की बीस प्रजातियां पूरे विश्व में पाई जाती हैं। अमेरिका, मैक्सिको, वेस्टइंडीज, भारत, चीन, नेपाल, वियतनाम और आस्ट्रेलिया के विभिन्न भागों में फैली खरपतवार का भारत में प्रवेश तीन दशक र्पूव अमेरिका या कनाडा से आयात किये गये गेहूं के साथ हुआ। अल्पकाल में ही लगभग पांच मिलियन हैक्टेयर क्षेत्र में इसका भीषण प्रकोप हो गया। यह खरपतवार जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर-प्रदेश, मध्यप्रदेश, उडीसा, पश्चिमी बंगाल, आन्ध्रप्रदेश, र्कनाटक, तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश और नागालैण्ड के विभिन्न भागों में फैली हुई है।


एक से डेढ मीटर तक लम्बी गाजर घास के पौधे का तना रोयेदार अत्यधिक शाखा युक्त होता है। इसकी पत्तियां असामान्य रूप से गाजर की पत्ती की तरह होती हैं। इसके फलों का रंग सफेद होता है। प्रत्येक पौधा 1००० से 5०००० अत्यंत सूक्ष्म बीज पैदा करता है, जो शीघ्र ही जमीन पर गिरने के बाद प्रकाश और अंधकार में नमी पाकर अंकुरित हो जाते हैं। यह पौधा 3-4 माह में ही अपना जीवन चक्र पूरा कर लेता है और र्वष भर उगता और फलता फूलता है। यह हर प्रकार के वातावरण में तेजी से वृद्धि करता है। इसका प्रकोप खाद्यान्न, फसलों जैसे धान, ज्वार, मक्का, सोयाबीन, मटर तिल, अरंडी, गन्ना, बाजरा, मूंगफली, सब्जियों एवं उद्यान फसलों में भी देखा गया है। इसके बीज अत्यधिक सूक्ष्म होते हैं, जो अपनी दो स्पंजी गद्दि्यों की मदद से हवा तथा पानी द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान तक आसानी से पहुंच जाते हैं।


गाजर घास मनुष्य और पशुओं के लिए भी एक गंभीर समस्या है। इससे खाद्यान्न फसल की पैदावार में लगभग 4॰ प्रतिशत तक की कमी आंकी गई है। इस पौधे में पाये जाने वाले एक विषाक्त पर्दाथ के कारण फसलों के अंकुरण एवं वृद्धि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। दलहनी फसलों में यह खतरपतवार जड ग्रंथियों के विकास को प्रभावित करता है तथा नाइट्रोजन स्थिरीकरण करने वाले जीवाणुओं की क्रियाशीलता को भी कम कर देता है। इसके परागकण बैंगन, र्मिच, टमाटर आदि सब्जियों के पौधे पर एकत्रित होकर उनके परागण अंकुरण एवं फल विन्यास को प्रभावित करते हैं तथा पत्तियों में क्लोरोफिल की कमी एवं पुष्प र्शीषों में असामान्यता पैदा कर देते हैं।


महर्षि वशिष्ठ का राष्ट्रवाद उपदेश

गतांक से...
 भगवान राम ने कहा प्रभु मेरी दृष्टि में तो वही प्रसंग पुन: बना रहा कि यह राष्ट्रवाद क्या है, राष्ट्रवाद किसे कहते हैं? भगवान राम के शब्दों को श्रवण करते हुए महर्षि वशिष्ठ मुनि बोले राष्ट्रवाद का यह कर्तव्य कहलाता है कि वह मोह नहीं करें। अपने पुत्र-पुत्री वह ग्रह ऐसे स्वीकार करें जैसे राजा के राष्ट्र में और अन्य प्रजा होती है। प्रजा की भांति जब उसे दृष्टिपात करोगे तो प्रजा तुम्हारी हितकर बनकर तुम्हारे राष्ट्र को उन्नत करेगी। प्रजा और पुत्र दोनों में अंतर्द्वंद है, पुत्र तो कहते हैं ममता की मौह की कुंजी को और ग्रहणी 'सुथनम ब्रह्मा:' प्रजा कहते हैं। जो अपने कर्तव्य का पालन करते हैं, वही तो प्रजा कहलाती है। माता-पिता को संतान देने से पूर्व संसार को संतान देने से पूर्व यह विचारना है। राष्ट्रवाद में यह आया है कि राजा पुत्र को उत्पन्न न करें, वह प्रजा को उत्पन्न करने वाला, वही प्रजा राष्ट्रवाद का चिंतन करने वाली बनती है। मेरे प्यारे उन्होंने कहा कि तुम्हारी राष्ट्र में प्रजा होनी चाहिए और पालक उसका राजा होना चाहिए। जिससे राष्ट्र अपनी आभा में उन्नत हो जाए। देखो विचार आता रहता है। वशिष्ठ ने कहा है कि हे राम, राष्ट्रवाद वह कहलाता है जब राजा अपने नियमों में पूर्णतव को प्राप्त होता है। प्रातकाल जब अंतरिक्ष तारामंडल अपनी छटा में हो उस समय राजा को भ्रमण करना चाहिए। उसके पश्चात अपनी शारीरिक क्रियाओं से निवृत्त होकर, व्यायाम करें, योगासनों में अारुड हो इन क्रियाकलापों को करने के पश्चात राजा अपनी स्थली पर आता है। और वह चाहता है कि मेरे राष्ट्र में प्रत्येक प्राणी याज्ञिक बने और सुगंध का देने वाला हो। मेरे प्यारे देखो महात्मा ब्राह्मण कर्तम: देवात्मा:, हे राम ,बड़े प्रसन्न हुए उन्होंने कहा जब तक हम अपनी शारीरिक क्रियाओं को और जीवन को उन्नत नहीं कर सकते। विचारों में सुगंधी नहीं ला सकते। हम समाज को, राष्ट्र को ऊंचा नहीं बना सकते। उन्होंने कहा संभवत: प्रव्हे कृतम' जो वाणी में है वही क्रिया में है। जो क्रिया में है वही बॉणी में है। वही उसके हृदय में सदा बन करके रहती है। मेरे प्यारे, जब यह वाक्य उद्गीत रूप में गाया और यह कहा कि राजा में सबसे प्रथम नैतिकता होनी चाहिए। वैदिक विधाओं में उसे रमण करना चाहिए। जैसे देखो राष्ट्रवाद में नाना प्रकार की विधाओं का वर्णन आता रहता है। मेरी प्यारी माता में अपनी विद्या में पूर्ण हो कुछ संतान को जन्म देने वाली हो तो राष्ट्र उन्नत बनता है। मेरे प्यारे जब मैं त्रेता के काल में जाता हूं तो महात्मा दुर्वासा वेद के दृष्टा रहे हैं। वेद का दृष्टा वह होता है जो वेद के प्रत्येक मंत्र के गुणों को जानने वाला हो और उसको क्रिया मे लाने वाला हो। महात्मा दुर्वासा मुनि उसी प्रकार अपने में रत होते रहे हैं। मैं द्वापर में या दुर्वासा ऋषि के स्थान में नहीं जा रहा हूं। विचार केवल यह है कि वशिष्ठ की ही चर्चा कर रहा था। वशिष्ठ मुनि महाराज भी इस विद्या को जानते थे और इस विद्या को महाराज नल भी जानते थे। जिस विद्या को मृर्चीका रेणूकेतू भी जानते थे। वह विद्या कौन सी है। मेरे प्यारे देखो वेद मंत्रों का उदगीत गा रहा है और प्राण भी विद्या को जान रहा है। प्राण विद्या में आता है कि जब प्राण का अपन से मिलान किया जाता है। और उदान से सामान का और सामान को प्राण की प्रतिष्ठा में परिणत किया जाता है। तो हृदय में जो अग्नि का जो स्वरूप है वह अग्नि अपने में प्रचंड हो जाती है। और अग्नि प्राण रूप बनकर के दीपक राग के रूप में परिणत हो जाती है। गृह दीपावली बन जाता है। उसका राष्ट्र भी दीपावली बन जाता है। तो दीप मालिका बन करके एक माला बन जाती है। मेरे प्यारे मुझे स्मरण आता रहता है। इस विद्या को वशिष्ठ मुनि भी जानते थे। एक एक विद्या वह भी कहलाई जाती है माता के गर्भ स्थल में जब हम जैसे शिशु विद्यमान हो जाते हैं। तो माता यह चाहती है कि मेरा बालक पवित्र बन जाए। वह गुरुओं के समीप जाती है और कहती है। प्रभु मैं अपने गर्म से एक ब्रह्मावेता को जन्म देना चाहती हूं। एक तो वह पुत्र है, जो पुत्र है एक वह पुत्र है जो प्रजा है। और एक वह जो मुनि प्रवृत्ति वाले पुत्र को जन्म देने वाली है। जिसे हम ब्रह्मवेता कहते हैं। ब्रह्मनिष्ट कहते हैं।


प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

यूनिवर्सल एक्सप्रेस


हिंदी दैनिक


प्राधिकृत प्रकाशन विवरण


October 19, 2019 RNI.No.UPHIN/2014/57254


1. अंक-76 (साल-01)
2. शनिवार,19 अक्टूबर 2019
3. शक-1941,अश्‍विन,कृष्णपक्ष, षष्ठी-तिथि, संवत 2076


4. सूर्योदय प्रातः 06:18,सूर्यास्त 06:00
5. न्‍यूनतम तापमान -20 डी.सै.,अधिकतम-30+ डी.सै., हवा की गति धीमी रहेगी।
6. समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है। सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा।
7. स्वामी, प्रकाशक, मुद्रक, संपादक राधेश्याम के द्वारा (डिजीटल सस्‍ंकरण) प्रकाशित।


8.संपादकीय कार्यालय- 263 सरस्वती विहार, लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102


9.संपर्क एवं व्यावसायिक कार्यालय-डी-60,100 फुटा रोड बलराम नगर, लोनी,गाजियाबाद उ.प्र.,201102


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दुनिया में सबसे अधिक परेशान देश है 'अमेरिका'

वाशिंगटन डीसी। कोरोना महामारी की शुरुआत के साथ ही दुनिया भर में सबसे अधिक परेशान देश अमेरिका है। वैश्विक मामलों का आंकड़े की लिस्ट में पहले ...