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रविवार, 26 जून 2022

भूमि अधिकार आंदोलन सम्मेलन, 28 को पेस्टोरल सेंटर

भूमि अधिकार आंदोलन का सम्मेलन 28 को पेस्टोरल सेंटर, रायपुर में ; हन्नान मोल्ला, मेधा पाटकर, सुनीलम होंगे शामिल

दुष्यंत टीकम
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जल, जंगल, जमीन, खनिज और अन्य प्राकृतिक संसाधनों की कॉरपोरेट लूट तथा इसके खिलाफ लड़ रहे संगठनों और कार्यकर्ताओं पर दमन के खिलाफ भूमि अधिकार आंदोलन का राज्य स्तरीय सम्मेलन 28 जून को पेस्टोरल सेंटर, बैरन बाजार, रायपुर में आयोजित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में छत्तीसगढ़ में भूमि से विस्थापन, पुनर्वास, पर्यावरण संरक्षण, आदिवासियों, दलितों व कमजोर तबकों के अधिकार और आजीविका जैसे मुद्दों पर काम कर रहे अनेक संगठनों और उनके प्रतिनिधियों के भाग लेने की संभावना है। इन आंदोलनों से जुड़े हन्नान मोल्ला, मेधा पाटकर, सुनीलम, बादल सरोज, प्रफुल्ल समंत्रा जैसे राष्ट्रीय नेता भी इस सम्मेलन में शिरकत करेंगे।

यह जानकारी एक विज्ञप्ति में छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के संयोजक आलोक शुक्ल और छत्तीसगढ़ किसान सभा के अध्यक्ष संजय पराते ने दी। उन्होंने बताया कि भूमि अधिग्रहण कानून में मोदी सरकार द्वारा प्रस्तावित कॉरपोरेटपरस्त और किसान विरोधी संशोधनों के खिलाफ संघर्ष के दौरान भूमि अधिकार आंदोलन का जन्म हुआ था, जिसने पूरे देश में चल रहे भूमि संघर्षों को संगठित और एकजुट करके मोदी सरकार के किसान विरोधी कदमों को मात दी थी। प्रदेश में भूमि संघर्षों को विकसित करने और प्राकृतिक और सामुदायिक संसाधनों की लूट के खिलाफ छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन से जुड़े संगठन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस समय छत्तीसगढ़ में हसदेव, सिलगेर, रावघाट, बेचाघाट, कोरबा, चांपा, रायगढ़, जशपुर व नया रायपुर में किसानों और आदिवासियों के महत्वपूर्ण संघर्ष चल रहे हैं। ये सभी संघर्ष भूमि की रक्षा, विस्थापन, पुनर्वास सुविधा, रोजगार व ग्रामीण समुदायों की आजीविका जैसे मुद्दों पर चल रहे है। भूमि अधिकार आंदोलन के सम्मेलन में इन संघर्षों में शामिल कार्यकर्ता अपने अनुभवों का आदान-प्रदान करेंगे और इन संघर्षों को समन्वित तरीके से चलाने की रणनीति पर विचार-विमर्श करेंगे, ताकि इन मुद्दों पर साझा आंदोलन विकसित किया जा सके और उसे मजबूत बनाया जा सके। सम्मेलन में शामिल होने वाले भूमि अधिकार आन्दोलन से जुड़े राष्ट्रीय नेता भी इसके लिए आवश्यक मार्गदर्शन करेंगे।

उन्होंने बताया कि सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों पर चल रहे संघर्षों के साथ एकजुटता जाहिर करते हुए इन आंदोलनों पर राज्य प्रायोजित दमन के खिलाफ भी आवाज बुलंद की जाएगी। ये दमन स्थानीय समुदायों को डराने-धमकाने, संविधान में निहित स्वशासन की अवधारणा को कुचलने तथा कॉरपोरेट लूट को सुगम बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है, जिसके खिलाफ प्रदेश की सभी जनतांत्रिक ताकतों को लामबंद किया जाएगा। प्रदेश की काँग्रेस सरकार ने लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों पर जो गैर-कानूनी प्रतिबंध लगाए हैं, उसके खिलाफ भी आवाज़ बुलंद की जाएगी।

मंगलवार, 21 जून 2022

लापरवाही: बिजली के तार टूटने से 5 मवेशियों की मौंत

लापरवाही: बिजली के तार टूटने से 5 मवेशियों की मौंत 

दुष्यंत टीकम
गरियाबंद। गरियाबंद जिले के धुरसा गाँव मे मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। मिली जानकारी के मुताबिक तालाब के करीब ट्यूबवेल के लिए गए बिजली के तार टूटने से चारा चरने गए मवेशी करेंट की चपेट में आ गए। जिसके चलते मौके पर ही 5 मवेशियों की मौंत हो गई। इस पूरे मामले में विद्युत विभाग की लापरवाही सामने आई है।
ट्यूबवेल के लिए गए तार के टूटने के चलते ये बड़ा हादसा हुआ है। जिसके चलते 5 बेजुबान जानवरों की मौंत हो गई। बता दें, कि ग्रामीण क्षेत्र में इन दिनों खेती किसानी का कार्य भी प्रारंभ है।
ऐसे में ग्रामीण भी खेतों की ओर जाते है। विद्युत विभाग की इस लापरवाही का नतीजा और भी भयावह हो सकता था। वक़्त रहते अगर विभाग टूटे हुए बिजली के तार हटा लेता, तो ये हादसा नही होता।

गुरुवार, 2 जून 2022

महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर, चर्चा की

महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर, चर्चा की 

दुष्यंत टीकम  
कोरबा। वीरों की भूमि राजस्थान में 482 वर्ष पहले जन्मे वीर योद्धा और पराक्रमी राजा महाराणा प्रताप, उनकी जयंती के अवसर पर कोरबा में याद किया गया। राजपूत क्षत्रिय समाज के द्वारा महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के साथ देश के लिए किए गए कार्यों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर यहां काफी संख्या में नागरिकों ने उपस्थिति दर्ज कराई।
अपने अद्भुत शौर्य और पराक्रम से दुश्मनों के दांत खट्टे करने वाले परम प्रतापी महाराणा प्रताप की शौर्य गाथा सैकड़ों वर्षो के बाद भी हर तरफ सुनी जा रही है।
भारत भूमि में हर तरफ उनके रण कौशल की चर्चा जारी है। कोरबा में महाराणा प्रताप के 482 वे जन्मदिवस पर राजपूत क्षत्रिय समाज सहित अन्य वर्ग के लोगों ने अपने सरोकार दिखाएं और उनका जय जयकार किया। बताया गया कि महाराणा प्रताप अपने अपने समय में जो योगदान दिया, वह चिरस्थायी है। महापुरुषों का स्मरण वर्ष के 2 दिन ही करने की परंपरा विभिन्न क्षेत्रों में बनी हुई है। जरूरत इस बात की है कि महापुरुषों के बताए हुए रास्ते पर चलने के साथ उनसे कुछ सीखने का काम भी किया जाए।

सोमवार, 30 मई 2022

जोगी की प्रतिमा स्थापित, स्थान आवंटित करने की मांग

जोगी की प्रतिमा स्थापित, स्थान आवंटित करने की मांग 

दुष्यंत टीकम  
जगदलपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ ने 29 मई को छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री माननीय अजीत जोगी की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में 30 मई को उनकी स्मृत्ति अजीत जोगी का स्मरण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनकी जनसेवा को याद किया।
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के बस्तर जिला, अध्यक्ष व बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक नवनीत चांद के नेतृत्व, शहर, एवं जिला ब्लाक के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री माननीय अजीत जोगी की प्रतिमा स्थापित करने के लिए स्थान आवंटित करने की मांग, सरकार से की।  
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के जिला अध्यक्ष व मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक नवनीत चांद ने  कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री माननीय अजीत जोगी एक युग पुरुष थे। छत्तीसगढ़ की माटी में एक गरीब आदिवासी के यहाँ जन्मे श्री जोगी ने गरीबी, लाचारी और असहाय से भरे विषम काल में पल-बढ़ कर, परिस्थितियों से लड़ कर, एक दक्ष गोल्ड मेडलिस्ट इंजीनियर, प्रोफेसर, आईपीएस एवं आईएएस बने और छत्तीसगढ़ राज्य बनने के उपरान्त प्रथम मुख्यमंत्री बनकर उन्होंने छत्तीसगढ़ की अस्मिता का मान बढ़ाया और सदैव किसानों व गरीबों का मसीहा बने रहें, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, असहाय और पिछड़ों के उत्थान और सेवा के लिए कार्य किया एवं संपूर्ण जीवन न्यौछावर किया।
नवनीत चांद ने कहा कि युगपुरुष माननीय अजीत जोगी जी छत्तीसगढ़ महतारी के सच्चे पुत्र थे।छत्तीसगढ़ के लोगों को जोगी से अपार स्नेह था और आम लोगों ने उन्हें कभी भी नेता नहीं, बल्कि घर के एक सदस्य के रूप में मान दिया। छत्तीसगढ़ के ढाई करोड़ जनता की जनभावनाओं का सम्मान करते हुए, छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री माननीय अजीत जोगी की प्रतीमा के लिए सरकार  सार्वजनिक स्थान पर जमीन आवंटित करें‌। ताकि उनकी प्रतीमा के स्वरुप से उनके आदर्श लोगों के हृदय में अविस्मरणीय बने रहें। माननीय अजीत जोगी जी की जीवनी, उनका परिश्रम और जनसेवा भाव उनकी प्रतीमा के प्रतीक के रूप में आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बने। उक्त कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जिला अध्यक्ष नवनीत चांदमुक्ति मोर्चा जिला अध्यक्ष भरत कश्यप जिला उपाध्यक्ष , जगदलपुर विधानसभा प्रभारी नीलाम्बर सेठिया जगदलपुर ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष अजय बघेल ,शैलेन्द्र वर्मा,धनशाय बघेल ,मोहन मौर्य, कमल गजविर, गीता भारती,पाकलू, पीतम ,दयतारी, गुरमीत कौर, पिंकी तिलक, गीता नाग, कृष्णा, हीरालाल धर्मेंद्र, कुंदन ,बौद्धनाथ आदि सैकड़ों की संख्या में उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़: टमाटर के भाव में इजाफा देखने को मिला

छत्तीसगढ़: टमाटर के भाव में इजाफा देखने को मिला 

दुष्यंत टीकम           
जशपुर। आम आदमी पर महंगाई की मार लगातार जारी है। लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही। कुछ दिन पहले जहां नींबू का भाव आसमान छू रहा था तो वहीं अब टमाटर भी अपने लाल तेवर दिखा रहा है। 5 दिन पहले टमाटर 25 से 30 रुपये किलो मिल रहा था, जो अब फुटकर में 60 से 80 रुपये प्रति किलो मिल रहा है।
छत्तीसगढ़ के पत्थलगांव में पानी के मोल बिकने वाले टमाटर के भाव में इजाफा देखने को मिला है। 60 रुपये प्रति किलोग्राम बिकने वाला टमाटर आज 80 से 100 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया है। इसका मुख्य कारण ये है कि प्रदेश में रेल सेवाओं की कमी होने से सब्जी व्यापारियों को परिवहन खर्च ज्यादा हो रहा है, जिसके कारण महंगे दामों पर टमाटर बेचने पड़ रहे है।
वहीं सर्वाधिक उपज लेने के लिए प्रसिद्ध पत्थलगांव सब्जी मंडी में स्थानीय किसानों के खेतों के बजाय बैंगलुरू और नागपुर से टमाटर मंगाया जा रहा है। ग्राहकों का भी कहना है कि छत्तीसगढ़ की रेल सेवाओं में कमी की वजह से उन्हें साग सब्जियों में भारी मंहगाई की मार झेलनी पड़ रही है।पत्थलगांव, लुड़ेग, बगीचा सब्जी मंडी से पहले हर दिन टमाटर दूसरे राज्यों में भेजा जाता था, लेकिन अब बाहर से टमाटर मंगाना पड़ रहा है। इसकी वजह से भी टमाटर महंगे दामों में बेचा जा रहा है। जिसका सीधा असर जनता की जेब पर पड़ा रहा है।

शुक्रवार, 27 मई 2022

राजकीय दमन के खिलाफ आंदोलन, 390 दिन पूरे

राजकीय दमन के खिलाफ आंदोलन, 390 दिन पूरे  

संजय पराते 
रायपुर/बस्तर। छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर में बीजापुर-सुकमा जिले की सीमा पर स्थित सिलगेर गांव में उन पर हुए राजकीय दमन के खिलाफ चल रहे प्रतिरोध आंदोलन के एक साल, या ठीक-ठीक कहें तो 390 दिन, पूरे हो चुके हैं। बीजापुर-जगरगुंडा मार्ग पर पहले से स्थापित दर्जनों सैनिक छावनियों की श्रृंखला में पिछले साल ही 12-13 मई की मध्य रात्रि को, तर्रेम में स्थापित एक छावनी के दो किमी. बाद ही, सिलगेर में चार आदिवासी किसानों की जमीन पर कब्जा करके बना दिये गए एक और छावनी के खिलाफ शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन कर रहे आदिवासियों के प्रतिरोध को कुचलने के लिए पुलिस और सैन्य बलों द्वारा अंधाधुंध फायरिंग में एक गर्भवती महिला सहित 5 लोग शहीद हो गए थे और 300 आदिवासी घायल हो गए थे। 
तब से इस सैन्य छावनी को हटाने और उस इलाके में खनिज दोहन के लिए बन रहे लंबे-चौड़े सड़क निर्माण को रोकने, इस फायरिंग के जिम्मेदार लोगों को सजा देने और हताहतों को मुआवजा देने की मांग पर पूरा दक्षिण बस्तर आंदोलित है। वास्तव में यह नरसंहार प्राकृतिक संसाधनों की कॉर्पोरेट लूट को सुनिश्चित करने के लिए राज्य प्रायोजित जनसंहार था और कांग्रेस सरकार इसकी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। एक साल बीत जाने के बाद भी आज तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, घायलों और शहीदों के परिवारों को मुआवजा मिलना तो दूर की बात है। आदिवासी एक "अंतहीन न्याय" की प्रतीक्षा कर रहे हैं। 13 मई 2021 को अचानक उगे इस अर्ध सैनिक बलों की इस छावनी ने पेसा और वनाधिकार कानून और मानवाधिकारों को कुचलने के सरकारी पराक्रम पर तीखे सवाल खड़े किए हैं।
इस जनसंहार को दबाने और आदिवासी प्रतिरोध को कुचलने की सरकार ने जितनी भी कोशिश की, यह आंदोलन तेज से तेज हो रहा है और इस बीहड़ क्षेत्र में आदिवासियों की लामबंदी बढ़ती ही जा रही है। यह आंदोलन पूरे बस्तर और छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाकों में प्राकृतिक संसाधनों की लूट के खिलाफ प्रतिरोध के प्रतिनिधि चेहरे के रूप में विकसित हो रहा है। मूलवासी बचाओ मंच द्वारा संचालित इस आंदोलन ने देशव्यापी किसान आंदोलन के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए जब अपनी सभा का आयोजन किया, 26 नवंबर को दस हजार से ज्यादा आदिवासी पुरुष-महिला, नौजवान-नवयुवतियां शामिल थे, जिनकी संख्या शहीदों की बरसी पर आयोजित इस सभा में बीस हजार तक पहुंच गई थी। इन दोनों सभाओं का किसान सभा प्रतिनिधि के रूप में हम लोग गवाह हैं।
इस जनसंहार के बाद कांग्रेस पार्टी ने एक प्रतिनिधिमंडल सिलगेर भेजा, लेकिन उसकी रिपोर्ट आज तक सामने नहीं आई। भाजपा के जनप्रतिनिधियों ने भी वहां का दौरा किया और चुप्पी साध ली। जन आक्रोश के दबाव में सरकार को दंडाधिकारी जांच की भी घोषणा करनी पड़ी, लेकिन एक साल बाद भी उसकी जांच का कोई अता-पता नहीं है। सिलगेर आंदोलन का संचालन कर रहे नौजवान आदिवासियों ने दो बार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से बात की है, लेकिन थोथा आश्वासन ही मिला है, ठोस कार्यवाही कुछ नहीं हुई है। 
इस आंदोलन स्थल से सीधी रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकार पूर्णचन्द्र रथ ने अपने डिस्पैच में लिखा है, कि "कैम्प हटाने का कोई प्रयास सरकार का नहीं दिखाई देता, बल्कि आंदोलन को कमजोर करने की तमाम कोशिशें की जाती रही। पास के तर्रेम थाने को पार करते ही सभी तरह के मोबाइल नेटवर्क का समापन हो जाता है और संचार के लिए सिर्फ पुलिस का वायरलेस सेट काम करता है। साल भर के इस प्रदर्शन में सर्दी, गर्मी, बरसात जैसी सारी प्राकृतिक विपदाओं के बीच आंदोलन जारी रहा। हालांकि कोरोना काल में सरकार द्वारा धारा 144 लगा कर इकट्ठा होने को अपराध घोषित किया गया, बीते साल से अब तक बाहर से आने वालों को बार-बार रोका गया, बातचीत में समाधान न होने पर भी आंदोलन खत्म होने की कहानियां फैलाई गई, पर आंदोलन उसी जोश से जारी रहा।
इसमें भागीदारी कर रहे ग्रामीणों की संख्या 17 मई 2022 को 20 हजार से ज्यादा नज़र आ रही थी और उनमें 90% 12 से 35 वर्ष के युवा थे, जिनमे युवतियों की संख्या सर्वाधिक थी। कुछ लोगों से ही हिंदी में संवाद हो पाता था, जिनके अनुसार वे 40 से 50 किमी. दूर गांवों से आये थे और बारी-बारी से आंदोलन में अपनी क्षमता अनुसार समय और धन का योगदान करते हैं। भोजन और चाय की व्यवस्था कर रहे युवाओं के बीच सुनीता से बात हुई, तो उसने कहा कि पंचायत स्तर पर घूम-घूम कर चावल और रुपयों की व्यवस्था करते है। यहां तक कि छोटी-मोटी बीमारियों, चोट, दस्त के लिए दवाइयां भी यहां आने-जाने वालों के लिए फ्री में उपलब्ध है। किसी भी लंबे चलने वाले आंदोलन के लिये जरूरी सभी व्यवस्थाएं अपने स्थानीय संसाधनों से करने की पूरी कोशिश की गई थी। 
तेज गर्मी में लोगों के बैठने के लिये ताड़ के पत्तों से ढका मात्र 6 फ़ीट ऊंचा तकरीबन 80,000 वर्ग फ़ीट का मंडप बनाया गया था। मिट्टी की लिपाई से बना मंच, जिसकी लंबाई करीब 40 फ़ीट और चौड़ाई करीब 20 फ़ीट होगी, रंग-बिरंगे कागजों के फूलों से सजाया गया था। मंच पर सोलर फोटोवोल्टिक शीट से ऊर्जा प्राप्त माईक सिस्टम और लैपटॉप, प्रिंटर की व्यवस्था थी, जिससे मूलवासी मंच की विज्ञप्ति और सूचनाएं प्रिंट करके बांटी जा रही थी। इस दूरस्थ स्थल पर कवरेज के लिए आने वाले पत्रकारों को लिखित धन्यवाद पत्र भी बांटा गया।
मूलवासी बचाओ मंच के पर्चे में आंदोलन की अब तक की घटनाओं को सिलसिलेवार ढंग से रखने की कोशिश की गई है। पूरे आयोजन में कम से कम 5 मोबाइल कैमरे निरंतर वीडियो रिकार्डिंग करते रहते हैं, कोई भी कार्यकर्ता जब बयान देता या बातचीत करता है, तो बेहद गंभीरता से एक-एक मुद्दे को बताता है, जिसे रिकार्ड करने उनका कोई साथी भी मौजूद रहता है।" किसी भी आंदोलन में जनता की उपस्थिति और उसमें लगने वाले जोशीले नारे महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लेकिन लंबे समय तक चलने वाले ऐसे आंदोलनों में, जिसका कोई ओर-छोर दिखाई नहीं देता और जिसकी सफलता-असफलता की कोई निर्णायक भविष्यवाणी नहीं की जा सकती, पर्दे के पीछे का सांस्कृतिक हस्तक्षेप इससे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। देशव्यापी किसान आंदोलन में भी हमने यह देखा, सिलगेर आंदोलन की ताकत के पीछे भी यही सांस्कृतिक हस्तक्षेप है, जो व्यापक जन लामबंदी और जोश को संगठित करने में और इस पूरे आंदोलन को आत्मिक बल देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इस आंदोलन से जुड़े और 8वीं तक पढ़े आज़ाद ने बताया कि अन्य दिनों में उपस्थिति 200-500 तक रहती है। सबसे ज्यादा पढ़ाई रघु ने की है 12वीं तक और वे इस आंदोलन के असली चेहरा है। हमने देखा कि सैन्य बलों की भारी उपस्थिति के बीच भी वे निर्भीकता से अपनी बात पत्रकारों के बीच रख रहे थे। इस दौरान आदिवासियों के शोषण और लूट के खिलाफ संघर्ष की चमक और जीत का आत्मविश्वास उनके चेहरे पर स्पष्ट देखा जा सकता था। रघु के साथी गजेंद्र ने भी केवल 12वीं तक पढ़ाई की है। 
कला संस्कृति मंच इस आंदोलन में लगातार सक्रिय है। इससे जुड़े साथी यहां के आंदोलनकारियों के साथ मिलकर गीत लिख रहे हैं। आज़ाद बताते हैं कि लिखने की इस प्रक्रिया में हिंदी गानों ने उनकी बहुत मदद की है। वे उचित शब्द की खोज में डिक्शनरी का भी सहारा लेते हैं। सभी मिलकर इन गीतों की धुनें भी बनाते हैं और किसी भी बड़े कार्यक्रम के आयोजन के हफ्ता-दस दिन पहले सब मिलकर नृत्य की रिहर्सल भी करते है। हमने देखा कि उनका सांस्कृतिक प्रदर्शन मंत्र मुग्ध करने वाला और पोलिटिकल कंटेंट लिए हुए होता है। इन गीतों में वे अपने दुश्मनों की पहचान कर रहे हैं। उनके लिए नरेंद्र मोदी, अमित शाह देशद्रोही हैं, तो भूपेश बघेल-कवासी लखमा राजद्रोही हैं। पिछले एक साल से धरना स्थल पर हर रात उनका सांस्कृतिक अभ्यास चल रहा है। 
जब हम लोग 17 मई की सुबह सिलगेर पहुंचे, हजारों आदिवासी सैन्य छावनी के सामने अपने नारों और गीतों के साथ प्रदर्शन कर रहे थे। इस छावनी के सामने ही उन्होंने अपने शहीदों की याद में स्मारक बनाया है। हरे रंग से पुते हुए इस स्मारक पर हंसिया-हथौड़ा अंकित "हरा झंडा" शान से लहरा रहा है। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने नृत्य के साथ अपने प्रतिरोधी गीत गाये। एक आदिवासी कार्यकर्ता एक चैनल के सामने अपना बयान दर्ज करा रहा है कि यदि सरकार उनके जल-जंगल-जमीन छीनना ही चाहती है, तो उन सबको लाइन से खड़ा करके गोलियों से उड़ा दें और कब्जा कर लें। आदिवासियों के इस साहसपूर्ण प्रदर्शन के सामने सैनिकों के बंदूकों की नोकें झुकी हुई है। असल में आदिवासी संस्कृति अपनी मृत्यु का शोक नहीं मनाती, उसका उत्सव मनाती है। यह आत्मबल उन्हें इसी उत्सवी संस्कृति से मिलता है।
पिछले एक साल से बीजापुर को जगरगुंडा से जोड़ने वाले सड़क निर्माण का काम रुका हुआ है। सिलगेर में जो छावनी बनाई गई है, उससे आगे काम बढ़ नहीं पाया है। साफ है कि जब तक आंदोलन जिंदा है, तब तक कॉर्पोरेट लूट का रास्ता भी आसान नहीं है। सामूहिक उपभोग की आदिवासी संस्कृति कॉर्पोरेट लूट के खिलाफ एक प्रतिरोधक शक्ति है, जिसे सत्ता में बैठे दलाल राम और कृष्ण के नाम पर खत्म करने की मुहिम चला रहे हैं। इस बीच इस आंदोलन के 'नक्सल प्रायोजित' होने का सरकारी दुष्प्रचार भी खूब हुआ है, लेकिन इस आंदोलन की धार तेज ही हुई है। वर्ष 1910 के भूमकाल आंदोलन के बाद व्यापक जन लामबंदी के साथ यह पहला आंदोलन है, जिसकी धमक पूरी देश-दुनिया में फैली है। इस आंदोलन ने आदिवासियों को इस देश का नागरिक ही न मानने की, कॉर्पोरेट लूट के लिए अपने ही बनाये संविधान और कानूनों को और नागरिक अधिकारों को अपने पैरों तले कुचलने वाली कांग्रेस-भाजपा की सरकारों का असली चेहरा बेनकाब कर दिया है।

शनिवार, 14 मई 2022

10वीं-12वीं का रिजल्ट घोषित किया: मंडल

10वीं-12वीं का रिजल्ट घोषित किया: मंडल  

दुष्यंत टीकम       
रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं-12वीं का रिजल्ट घोषित कर दिया है। स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने परिणाम जारी किया है। माशिमं के अध्यक्ष डॉ आलोक शुक्ला, सचिव वीके शुक्ला और संसदीय सचिव विनोद चंद्राकार भी उपस्थित है। छात्र अपनी रिजल्ट शिक्षा मंडल की ऑफिशियल वेबसाइट cgbse.nic.in पर चेक कर सकते हैं।छत्तीसगढ़ बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की परीक्षा मार्च में आयोजित की गई थी। जिसमें 10वीं में करीब 3 लाख 80 हजार और बारहवीं में 2 लाख 93 हजार से अधिक छात्रों ने भाग लिया था।

ऐसे चेक करें अपना रिजल्ट...
स्टेप 1- छात्र सबसे पहले बोर्ड की ऑफिशिय वेबसाइट cgbse.nic.in पर विजिट करें‌।
स्टेप 2- वेबसाइट के होमपेज पर रिजल्ट के लिंक पर क्लिक करें।
स्टेप 3- अब एक नया पेज खुलेगा, जिसमें रोल नंबर और डेट ऑफ बर्थ की जानकारी दर्ज करें।स्टेप 4- रिजल्ट स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा।

ये है एसएमएस से 10वीं का रिजल्ट चेक करने का तरीका...
स्टेप 1- मोबाइल में CG10 'स्पेस' रोल नंबर टाइप करें।
 स्टेप 2-अब टाइप किया मैसेज 56263 पर भेज दें।
स्टेप 3- रिजल्ट एसएमएस के जरिए आपके मोबाइल पर आ जाएगा।

बुधवार, 4 मई 2022

नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में 1 जवान शहीद

नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में 1 जवान शहीद  

दुष्यंत टीकम         
नारायणपुर। छत्तीसगढ़ में जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई है। इस घटना में एक जवान शहीद हो गया हैं। ये मुठभेड़ नारायणपुर एवं दंतेवाड़ा के सीमावर्ती क्षेत्र तुलारगुफा और मंगारी के मध्य जंगल मे हुई है। शहीद जवान भानुप्रतापपुर के रहने वाला था और डीआरजी में पदस्थ था। जवान का नाम सालिकराम बताया जा रहा है।
बता दें नारायणपुर पुलिस को नारायणपुर एवं दंतेवाड़ा के सीमावर्ती क्षेत्र तुलारगुफा और मंगारी के जंगल मे नक्सलियों के होने की जानकारी मिली थी। इस सूचना के बाद डीआरजी के जवान सर्चिंग अभियान में जंगल पहुंचे हुए थे। जवानों को आता देखकर नक्सलियों में उनपर फायरिंग कर दी। दोनों तरफ से हुई फायरिंग में एक जवान शहीद हो गया है। वहीं जानकारी मिली है कि अभी भी मुठभेड़ जारी है।

सोमवार, 25 अप्रैल 2022

हादसा: ईंट भट्टी से टकराई कार, 2 युवकों की मौंत

हादसा: ईंट भट्टी से टकराई कार, 2 युवकों की मौंत  

दुष्यंत टीकम     
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में एक तेज रफ्तार कार सोमवार को सड़क किनारे ईंट भट्टी से टकराने से कार में सवार दो युवकों की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि नगरनार थाना क्षेत्र के सेमरा के पास सुबह एक तेज रफ्तार कार सड़क किनारे ईंट भट्टी से टकरा गई, इस हादसे में कार में सवार मध्यप्रदेश के सतना निवासी मनीष सोनी और जबलपुर के तिलवारा घाट निवासी कुलदीप सिंह की मौत हो गई। घटना की जानकारी लगते ही पुलिस मौके पर पहुँचकर शव को मेकाज भिजवाया गया। थाना प्रभारी बीआर नाग ने बताया कि राजनांदगांव पासिंग वाहन में दोनों युवक जगदलपुर से ओडिसा की ओर जा रहे थे। यह दोनों जगदलपुर में एक कंपनी में काम करते है और रात में खाना खाने के लिए ढाबा जा रहे थे, सड़क हादसे के चलते इनकी मौत हो गई।

रविवार, 3 अप्रैल 2022

खैरागढ़ विधानसभा उपचुनाव, फ्लैग मार्च निकाला

खैरागढ़ विधानसभा उपचुनाव, फ्लैग मार्च निकाला     

दुष्यंत टीकम          
राजनांदगांव। पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव संतोष सिंह के निर्देशन में आगामी खैरागढ़ विधानसभा उपचुनाव सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण संपन्न कराने हेतु जिला पुलिस बल एवं पैरामिलेट्री फोर्स की संयुक्त टीम के साथ थाना गंडई क्षेत्र में फ्लैग मार्च निकाला गया। साथ ही साथ कॉबिंग गश्त, एरिया डॉमिनेशन, रोड पेट्रोलिंग एवं स्थैतिक चेक पोस्ट लगाकर वाहनों की चेकिंग भी कर रही है। जिससे चुनाव के दौरान आसामाजिक तत्वों द्वारा गड़बड़ी फैलाने हेतु हथियार, अवैध रूपये, अवैध शराब व नशीले पदार्थ आदि विधानसभा क्षेत्र में ना ला सके। 
जिससे उक्त चुनाव निष्पक्ष एवं सुरक्षित तरीके से सम्पन्न किया जा सके। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस अधिकारियों द्वारा लोगों से अपील भी किया जा रहा है कि मतदान के समय किसी प्रकार की अशांति फैलाने या असंवैधानिक कृत्य करने का प्रयास न करें, यदि कोई अप्रिय स्थित घटित होने की संभावना हो तो तत्काल पुलिस को सूचित करें संबंधित आरोपियों के खिलाफ दंडात्मक कार्यावाही की जाएगी। मतदान दिवस के दिन अपने मतदान के अधिकार का प्रयोग अवश्य करें।

गुरुवार, 31 मार्च 2022

महिलाओं को अधिक गौठान गतिविधियों से जोड़े

महिलाओं को अधिक गौठान गतिविधियों से जोड़े   

दुष्यंत टीकम         
महासमुंद। कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर ने बृहस्पतिवार को जनपद पंचायत बागबाहरा के सभाकक्ष में गौठान समिति के अध्यक्ष और सचिवों की संयुक्त बैठक लेकर कहा कि स्व-सहायता समूह की महिलाओं को अधिक से अधिक गौठान गतिविधियों से जोड़े। जिससे कि उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके। गौठान में विभिन्न प्रकार के आजीविका मूलक कार्य कराएं जा रहें हैं। जिससे उन्हें गांवों में ही रोजगार एवं स्व-रोजगार प्राप्त होगा।
उन्होंने बताया कि गोधन न्याय योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा पशुपालकों, स्व-सहायता समूहों एवं गौठान समितियों को अब तक प्रदेश में 226.18 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। कलेक्टर ने गौठान में वर्मी कम्पोस्ट का अधिक से अधिक बिक्री करवाने तथा गौठान समिति के अध्यक्ष एवं सचिवों को बेहतर कार्य करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस. आलोक, एसडीएम बागबाहरा स्निग्धा तिवारी, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पूजा बंसल सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। 

मंगलवार, 29 मार्च 2022

आईईडी ब्लास्ट में डीआरजी के दो जवान घायल

आईईडी ब्लास्ट में डीआरजी के दो जवान घायल   

दुष्यंत टीकम         
रायपुर। छत्‍तीसगढ़ के नक्‍सल प्रभावित नारायणपुर जिले के झारावाही के जंगल में आईईडी ब्लास्ट में डीआरजी के दो जवान घायल हो गए हैं। बस्तर आइजी सुंदरराज पी ने बताया कि इन दिनों नक्सलियों की धरपकड़ के लिए जंगल में लगातार गश्त की जा रही है। बस्तर के नक्सल प्रभावित जिलों में सभी संवेदनशील कैंपों से जवान रोज नक्सलियों की तलाश में निकलते हैं।
इसी सिलसिले में मंगलवार सुबह नारायणपुर जिले के कुरुषनार थाना व कैंप से आइटीबीपी व डिस्ट्रक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के जवानों का संयुक्त दल कोडोली और झारावाही के जंगल की ओर रवाना हुआ था। दल में कुछ जवान दो-दो की संख्या में बाइक पर थे जबकि कुछ पैदल जंगल की सर्चिंग कर रहे थे। सुबह करीब 9.15 बजे नक्सलियों ने जवानों को टारगेट में लेकर सीरियल आइइडी ब्लास्ट किया।ब्लास्ट की चपेट में डीआरजी के जवानों की एक बाइक आ गई। इससे दो जवान सनाऊ वड्डे व रामजी पोटाई घायल हो गए। रामजी पोटाई की आंख में चोट आई है। उन्हें समुचित उपचार के लिए रायपुर रवाना किया गया है। सनाऊ के बाएं हाथ में चोट आई है। दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। फोर्स इलाके की सघन सर्चिंग कर रही है।

रविवार, 13 मार्च 2022

नक्सलियों से मुठभेड़ में 'डीआरजी' के 2 जवान घायल

नक्सलियों से मुठभेड़ में 'डीआरजी' के 2 जवान घायल 

दुष्यंत टीकम      

रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में रविवार को नक्सलियों से मुठभेड़ में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के दो जवान घायल हो गए। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। 
बस्तर रेंज के महानिरीक्षक पी. सुंदरराज ने बताया कि मुठभेड़ सुबह केरलापाल पुलिस थाने के अंतर्गत चिछोरगुडा गांव के नजदीक जंगल में उस समय हुई जब राज्य के नक्सलरोधी बल डीआरजी के जवान सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गश्त कर रहे थे।उन्होंने बताया कि मुठभेड़ में डीआरजी कांस्टेबल सोमदु पयम और सहायक कांस्टेबल मेहरु राम कश्यप घायल हुए हैं। 

मंगलवार, 10 अगस्त 2021

विधायक के नेतृत्व में पौधारोपण का आयोजन किया

दुष्यंत टीकम           
रायपुर। रायपुर पश्चिम विधानसभा के ठाकुर प्यारेलाल वार्ड में आज कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के द्वारा क्षेत्रीय विधायक विकास उपाध्याय के नेतृत्व में पौधारोपण कार्यक्रम "हरितांजली" का आयोजन किया गया। वार्ड के अंतर्गत आने वाले डंगनिया क्षेत्र के शासकीय स्कूल में पौधारोपण किया गया। कोरोनाकाल में दिवंगत हुए दिव्य आत्माओं की स्मृति में चलाए जा रहे पौधारोपण  कार्यक्रम "हरितांजली" में परिजनों के द्वारा अपने प्रियजन की स्मृति में पौधा लगाकर श्रद्धान्जलि दी जा रही हैं। दिवगन्त सदस्यों के स्मृतियों में पौधा लगाने के लिए परिजनों के द्वारा बताए गए स्थान पर,उनके पसन्द का पौधा लगाकर उसे ट्री-गार्ड से सुरक्षित भी किया जा सकता हैं। 
ताकि पौधें को किसी भी प्रकार की क्षति न पहुँचे। विधायक विकास उपाध्याय ने बताया कि "हरितांजली" के इस कार्यक्रम के माध्यम से हमारी कोशिश हैं उन दिवंगतों को स्मरण करने की जिन्होनें बीते कोरोनाकाल में अपनी जान गंवाई हैं। हम उन दिवंगत आत्माओं को पौधें के रूप में जीवंत रखने का प्रयास कर रहे हैं। पौधा लगाने के बाद हमारी टीम के द्वारा पौधें के रख-रखाव की जिम्मेदारी दिवंगत परिवार के सदस्यों को ही दी जा रही हैं। ताकि अपनत्व की भावना के साथ लगातार वे पौधें की रक्षा करते रहे। आज के इस "हरितांजली" कार्यक्रम में स्व. सुभऊराम यादव,स्व. विट्ठल राव भोंसले,स्व. सोनी बाई यादव,स्व. चंद्रप्रकाश साहू,स्व. कृष्णलाल कटारिया,स्व. विष्णु कटारिया,स्व. भोजराज बिसेन,स्व. दशरथ लाल वर्मा,स्व. गोरेलाल ठाकुर जी,स्व. प. छैल कुमार शास्त्री,स्व. सुशांत कुमार अवस्थी,स्व. डॉ. मनोहर दात,स्व. विजय शर्मा,स्व. परसूति ठाकुर जी,स्व. गौरीशंकर दुबे,स्व. अशोक शर्मा,स्व. सीताराम चन्द्रवंशी,स्व. रामनारायण चंद्रवंशी जी,स्व. अश्विनी शुक्ला,स्व. ओमप्रकाश शर्मा जी,स्व. शकुंतला दीवान,स्व. सनत वर्मा,स्व. संध्या शर्मा,स्व. रेणुका नायक की स्मृति में पौधा लगाकर श्रद्धाजंलि अर्पित की गई। 

रविवार, 13 जून 2021

भयानक सड़क हादसा, 5 महिलाओं की मौत 7 गंभीर

दुष्यंत सिंह टीकम   
राजिम। रायपुर से गरियाबंद जा रही तेज रफ्तार ईको स्पोर्ट्स कार राजिम के कोपरा बस्ती के पास पेड़ से टकराई। कार में सवार 5 महिलाओं की मौके पर मौत, 7 लोगो को आई गंभीर चोटे, 6 गंभीर घायलों को रायपुर के मेकाहारा किया रेफर। 13 साल की नाबालिग को आयी हल्की चोटे। कार में 12 लोग थे सवार। रायपुर के अभनपुर खट्टी गांव से दशग्रात्र कार्यक्रम से वापस गरियाबंद के मालगांव के एक ही परिवार के थे लोग। वापस घर जाते समय हुए हुआ दर्दनाक हादसा।
राजिम थाना इलाके का मामला पुलिस अधीक्षक गरियाबंद भोजराम पटेल ने बताया कि जानकारी मिलते ही पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर घायलो को अस्पताल भेजने की व्यवस्था मे लग गई।गरियाबंद जिले  एक सड़क हादसे में एक ही परिवार के 5 महिलाओं की मौत हो गई है वही छह अन्य लोग घायल हुए हैं । यह सड़क दुर्घटना ईको वाहन के अनियंत्रित होकर रोड किनारे पेड़ से जा टकराने के कारण हुई है। उसके मुताबिक मृतक व घायल गरियाबंद ,मालगांव के निवासी हैं। यह सभी एक पारिवारिक कार्यक्रम से अपने घर को वापस आ रहे थे इसी दौरान NH 130 कोपरा  के समीप यह जिस इको वाहन में सवार थे वह अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मौके पर ही 5 महिलाओं की मौत हो गई जबकि, छह अन्य लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं। गाड़ी में  वाहन चालक सहित 12 लोग सवार थे  पुलिस मौके पर पहुचकर घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इन घायलों मेंं से चार की हालत चिंताजनक बताई जा रही हैंं।

गुरुवार, 10 जून 2021

प्यार में हारे प्रेमी युगल ने फंदा लगाकर की आत्महत्या

दुष्यंत सिंह टीकम   

जशपुर। जिले से एक दहला देने वाला मामला सामने आया है यहां एक प्रेमी युगल ने फांसी के फंदे पर झुलकर आत्महत्या कर ली है। बताया जा रहा हैं कि, युवक की शादी किसी और युवती से तय हो गयी थी, इसी के चलते उसने अपनी नाबालिग प्रेमिका के साथ फांसी लगा कर जान दे दी है। फिलहाल घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की शिनाख्त कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार यह घटना पत्थलगांव के ग्राम पाकेरटिकरा की है। यहां के रहने वाले युवक इंदर साय 21 वर्ष को पड़ोस के गांव इला की रहने वाली एक नाबालिग लड़की 16 वर्ष से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों एक दूसरे के साथ शादी करना चाहते थे, लेकिन लड़की के नाबालिग होने के कारण दोनों की शादी नहीं हो पा रही थी। इस बीच प्रेमी युवक की शादी एक दूसरी युवती संग तय हो गया था। इस बात से परेशान प्रेमी युगल ने बीती रात गांव के एक पेड़ से लटक कर जान दे दी। आज सुबह जब ग्रामीणों ने दोनों को फंदे पर लटका देखा तो इसकी जानकारी पत्थलगांव पुलिस को दी।

मंगलवार, 8 जून 2021

36 जिलों में बरसात व तेज हवाओं का अलर्ट जारी

दुष्यंत सिंह टीकम   

रायपुर। छत्तीसगढ़ के 23 जिलों में गरज चमक के साथ अंधड चलने और आकाशीय बिजली गिरने की सम्भावना है। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों में अलर्ट जारी किया गया है, उनमें सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, जशपुर, पेण्ड्रा, मुंगेली, बिलासपुर, कोरबा, कवर्धा, बेमेतरा, बलौदाबाजार, राजनांदगाँव, दुर्ग, रायपुर, बालोद, धमतरी, कांकेर नारायणपुर, कोण्डागांव, बीजापुर, दन्तेवाड़ा, बस्तर और सुकमा शमिल है।

एक द्रोणिका माध्य समुद्र तल पर पूर्वी उत्तर प्रदेश से बंगाल की खाड़ी तक स्थित है। दूसरा द्रोणिका उप हिमालयन पश्चिम बंगाल से दक्षिण छत्तीसगढ़ तक स्थित है। प्रदेश में अरब सागर से प्रचुर मात्रा में नमी आ रही है। इन सब परिस्थितियों के कारण प्रदेश में कल अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ अंधड़ चलने तथा आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है प्रदेश में अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट के साथ विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है।

रविवार, 6 जून 2021

नाबालिक को लेकर भागी, पोक्सो एक्ट में कार्रवाई

दुष्यंत सिंह टीकम   

कोरबा। मानिकपुर चैकी क्षेत्र में बलात्कार से जुड़ी एक ऐसी घटना सामने आई है जिसे सुनकर आप भी हैरत में पड़ जाएंगे। दो बच्चों की मां को नाबालिग से इस कदर मुहब्बत हुई कि वह उसे लेकर फरार हो गई। परिजनों की सूचना पर पुलिस ने दोनों को जांजगीर से बरामद कर लिया। इस मामले में पुलिस महिला के खिलाफ पाॅक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई कर रही है।

बलात्कार से जुड़े अधिकतर मामलों में आपने युवक या फिर किसी पुरुष के खिलाफ ही कार्रवाई की बात सुनी होगी लेकिन मानिकपुर चैकी में एक महिला के खिलाफ पुलिस ने पाॅक्सो एक्ट का अपराध कायम किया है। शासकीय नौकरी में पदस्थ व्यक्ति की पत्नी और दो बच्चों की मां को एक 14 वर्षीय किषोर से इस कदर मुहब्बत हो जाती है,कि बिना कुछ सोचे समझे नाबालिग को लेकर घर से भाग जाती है। परिजनों के माध्यम से पुलिस को जब यह बात पता चली तब दोनों की खोजबीन शुरु की गई। इस दौरान दोनों की मौजूदगी जांजगीर जिला स्थित नवागढ़ में नाबालिग के मामा के घर में होने का पता चला पुलिस की टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई और दोनों को बरामद कर लिया।

शुक्रवार, 4 जून 2021

आवासहीनो को सर्वसुविधायुक्त आवास की घोषणा

दुष्यंत सिंह टीकम   

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा प्रदेश में शहरी गरीब आवासहीनों को सर्वसुविधायुक्त पक्का मकान उपलब्ध कराने की घोषणा पर त्वरित अमल करते हुए 36 हजार 177 आवासों के निर्माण के लिए 1 हजार 188 करोड़ 28 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रस्तावों पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित राज्य स्तरीय स्वीकृति और निगरानी समिति की बैठक में यह स्वीकृति दी गई। शहरी गरीबों को आवास उपलब्ध कराने की स्वीकृति मिलने पर नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए  मुख्यमंत्री श्री बघेल के प्रति आभार व्यक्त किया है।

बैठक में स्वीकृत किए गए आवासों में नगरीय क्षेत्रों में ”मोर जमीन-मोर मकान“ घटक अन्तर्गत विभिन्न नगरीय निकायों की 138 परियोजनाओं अन्तर्गत 34 हजार 308 आवास निर्माण हेतु 1 हजार 66 करोड़ 18 लाख रूपए एवं रायपुर विकास प्राधिकरण की परियोजना अन्तर्गत 1869 आवास निर्माण के लिए 122 करोड़ 10 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई। योजनान्तर्गत राज्य शासन द्वारा शहरी गरीब आवासहीनों को सर्वसुविधायुक्त आवास देकर उनके जीवन को बेहतर बनाने एवं सामाजिक और आर्थिक स्थिति में बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है। आवासों के साथ-साथ हितग्राहियों को मूलभूत सुविधाएं, बिजली, पानी, सड़क आदि की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
बैठक में आवास एवं पर्यावरण विभाग के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू एवं वित्त एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुश्री अलरमेलमंगई डी. भी सम्मिलित हुईं।

रविवार, 23 मई 2021

पति-पत्नी की पत्थरों से कुचल कर निर्मम हत्या

दुष्यंत सिंह टीकम   

धमतरी। जिले के कुरूद इलाके में पति-पत्नी की निर्मम हत्या का मामला सामने आया है। वारदात के दौरान दंपती के दोने बच्चे सो रहे थे। सुबह उठने के बाद वे मम्मी पापा को खोजने लगे। फिर वे छत पर पहुंचे। यहां दोनों की लाश देखकर वे पड़ोसियों के पास पहुंचे और घटना की सूचना दी। मामला कुरूद थाना इलाके के श्रीराम टाउन कॉलोनी का है। दंपती के चेहरों को पत्थरों से कुचला गया है। उधर, डबल मर्डर की सूचना के बाद रायपुर से डॉग स्क्वायड,फॉरेंसिक की टीम की टीम मौके पर पहुंची है। पुलिस के बड़े अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं। फिलहाल हत्या के कारणों और हत्यारों की तलाश की जा रही है।

सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही पुलिस
पुलिस के मुताबिक, तुलेश चंद्राकर (32) और सुमित्रा चंद्राकर (29) की हत्या 22-23 मई की दरमियानी रात करीब 2 से 3 बजे के बीच की गई है। तुलेश धमतरी जिले के एक ट्रेनिंग सेंटर में मास्टर ट्रेनर का काम करता था और उसकी पत्नी कुछ साल पहले तक स्कूल में टीचर थी। दंपती के दो बच्चे हैं, जो वारदात के वक्त नीचे सो रहे थे।
सुबह जब उनकी नींद खुली तो देखा कि घर पर उनके मम्मी-पापा नहीं है। इसके बाद उन्होंने आस-पास जाकर देखा, जहां दोनों की लाश सुबह घर के छत पर मिली। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस के मुताबिक हत्या की वजह का पता अब तक नहीं चल सका है लेकिन मामले में जल्द खुलासा कर दिया जाएगा। वहीं पुलिस मामले को लेकर आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है और आस-पास के सीसीटीवी कैमरे भी खंगाल रही है। शव के पास ही पुलिस को खून से सना पत्थर भी बरामद हुआ है।

एक दिन पहले भी इसी तरह की वारदात

इससे एक दिन पहले बिलासपुर में भी कोनी घाट पर रेत मुंशी का काम करने वाले युवक की हत्या भी इसी तरह की गई थी। उसकी लाश आसपास के लोगों ने देखा था जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई थी। उसकी पहचान उसके कपड़ों से मिले दस्तावेजों से हो सकी थी। फिलहाल पुलिस उस मामले में भी जांच कर रही है।

कविता गर्ग  मुंबई। शिवसेना नेता संजय राउत ने बृहस्पतिवार को कहा कि बागियों ने स्वयं अपना रास्ता चुना है और पार्टी की ओर से उनके भाजपा से गठब...