गुरुवार, 3 अगस्त 2023

लखनऊ में नाबालिक के साथ गैंगरेप की वारदात

लखनऊ में नाबालिक के साथ गैंगरेप की वारदात  

संदीप मिश्र 
लखनऊ। जानकीपुरम में नाबालिग के साथ क्लिनिक में गैंगरेप का मामला सामने आया है। आरोप है कि क्लीनिक में तैनात एक कंपाउंडर ने एक अन्य नाबालिग के साथ मिलकर पीड़िता को जबरदस्ती दवा खिलाकर बेहोश कर दिया, फिर वारदात को अंजाम दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्य आरोपी ने वारदात के दौरान घटना का वीडियो बना लिया और वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर दोबारा रेप करने की कोशिश की।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्य आरोपी ललित ने जब दूसरी बार वारदात को अंजाम देने की फिराक में था, तभी पीड़िता का भाई घटनास्थल पर पहुंच गया। उसने मामले की जानकारी पुलिस को दी जिसके बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो समेत अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया। मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि नाबालिग आरोपी को बाल सुधार गृह भेजा गया है।
क्लीनिक पर काम करती थी पीड़िता
पीड़िता की मां की ओर से दर्ज कराई एफआईआर के मुताबिक, उनकी बेटी जानकीपुरम सेक्टर तीन में एक डॉक्टर के क्लीनिक पर काम करने जाती थी। करीब दो हफ्ते पहले जब क्लीनिक पर डॉक्टर नहीं आए थे, तब दोनों आरोपियों ने जबरदस्ती दवा पिलाकर उसके साथ गैंगरेप किया। पीड़िता के मुताबिक, आरोपियों ने वारदात का वीडियो बना लिया था और वायरल करने की धमकी देते थे, इसलिए पीड़िता ने अपने घरवालों को कुछ नहीं बताया था।
जबरन ले जाने लगा क्लीनिक तो पीड़िता के भाई ने देखा
पीड़िता ने अपनी मां को बताया कि पहली बार वारदात को अंजाम देने और फिर वीडियो बना लेने के बाद दोनों आरोपी लगातार उसे ब्लैकमेल करने लगे और उसका यौन उत्पीड़न करने लगे। इससे परेशान पीड़िता ने क्लीनिक जाना छोड़ दिया। 31 जुलाई को जब पीड़िता घर से किसी काम के लिए निकली तो आरोपियों ने उसे रोक लिया और जबरन क्लीनिक ले गए। इस दौरान पीड़िता के भाई ने अपनी बहन को देखा तो उसे कुछ गड़बड़ लगा और क्लीनिक पहुंच गया। यहां उसने अपनी बहन के साथ गंदी हकरत होते देखा, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ।

शाइस्ता व जैनब, विदेश फरार होने की कोशिश

शाइस्ता व जैनब, विदेश फरार होने की कोशिश  

बृजेश केसरवानी   
प्रयागराज। भले ही माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की मौत को महीनों बीत गए हों, लेकिन अभी भी इस मामले में खुलासे होने का सिलसिला जारी है। खबर मिली है कि माफिया अतीक के भाई अशरफ की पत्नी जैनब पर जल्द ही पुलिस इनाम घोषित करने जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जेठ और पति की बनाई बेनामी संपत्तियों को बेचने में नाम सामने आने के बाद अब अशरफ की पत्नी रूबी उर्फ जैनब पर भी इनाम घोषित किया जा सकता है। ऐसा कहा जा रहा है कि जल्द ही पुलिस की ओर से इस मामले में कार्रवाई की जा सकती है। बता दें कि लखनऊ के प्रसिद्ध होटल हयात में अतीक के भाई अशरफ की पत्नी जैनब, अतीक के वकील विजय मिश्रा के साथ ठहरी हुई थी। यहां वकील विजय मिश्रा, अतीक की बेनामी संपत्ति की डील जैनब के साथ कर रहा था, तभी वहां पुलिस पहुंच गई।
पुलिस के आते ही फरार हुई जैनब
जानकारी के मुताबिक, डील चल ही रही थी कि वहां पुलिस आ गई। बताया जा रहा है कि इससे पहले ही जैनब वहां से फरार हो गई। जब पुलिस होटल पहुंची तब वहां अतीक का वकील विजय मिश्रा था। पुलिस ने विजय मिश्रा को बेनामी संपत्तियों के कागजों के साथ पकड़ लिया। जैसे ही पुलिस को वहां जैनब के होने की खबर लगी, वहां हड़कंप मच गया। पुलिस अलर्ट हो गई। सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। मगर तब तक जैनब फरार होने में कामयाब हो चुकी थी। ऐसे में एक बार फिर जैनब पुलिस के हत्थे चढ़ते-चढ़ते रह गई।
लखनऊ के आस-पास छिपी हुई है जैनब?
मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस पूछताछ में विजय मिश्रा ने बताया है कि वह बेनामी संपत्ति का सौदा करने लखनऊ पहुंचा था। इसके लिए उसने अशरफ की पत्नी जेनब और उसके भाई सद्दाम को भी लखनऊ बुलाया था। पुलिस जांच में सामने आया है कि अतीक का वकील विजय मिश्रा लखनऊ जेल में उमर से भी मिला था। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक उमर और असद को अतीक की बेनामी संपत्ति जानकारी है। पुलिस उमर से लखनऊ जेल जाकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही जैनब की भी तलाश शुरू कर दी गई है, जो लखनऊ के आसपास छुपी हुई मानी जा रही है।
आखिर जैनब और शाइस्ता की योजना क्या है?
जैनब पुलिस के हत्थे तो नहीं चढ़ी मगर अब पुलिस और एसटीएफ को शाइस्ता और जैनब को लेकर अहम बात पता चली है। पुलिस को पता चला है कि बेनामी संपत्ति की डील से 12 करोड़ रुपये का भुगतान होना था। जैनब और शाइस्ता हर कीमत पर देश से फरार होना चाहती हैं। जैनब और शाइस्ता के फरार होने में इस रकम का इस्तेमाल होना था।

यूपी पुलिस का चेहरा, कोस्टेबल ने आत्महत्या की

यूपी पुलिस का चेहरा, कोस्टेबल ने आत्महत्या की   

संदीप मिश्र 
बरेली। थाना शाही क्षेत्र के दुनका चौकी में तैनात एक हेड कांस्टेबल ने सरकारी राइफल से खुद को गोली मार ली। गंभीर हालत में उसे मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। बता दें सिपाही ने खुद को गोली मारने से पहले एक पत्र लिखा है। पत्र में चौकी इंचार्ज और एक सिपाही पर आरोप लगाए हैं। घटना के बाद एसएसपी ने चौकी इंचार्ज और सिपाही को निलंबित कर दिया है। 
बता दें जिला बिजनौर के रहने वाले कांस्टेबल नीरज कुमार 2021 से थाना शाही के दुनका चौकी में तैनात हैं। बीती रात 1 बजे के समय उन्होंने दुर्गा चौकी में सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली। जिसके बाद उन्हें भोजीपुरा के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। वहीं हालत गंभीर होने पर उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। 
पत्र में ये लिखा
ठाकुर साहब राम-राम यह नोट मैं आपको इसलिए भेज रहा है। ताकि इन दोनों चौकी इंचार्ज अरविंद कुमार और कांस्टेबल अमित शर्मा ने मुझे काफी दिनों से परेशान कर रखा है। हर समय मेरी बेइज्जती करते हैं। जिसे में बर्दाशत नहीं कर पा रहा। यह हर गलत काम में लिप्त हैं। यह मुझे चौकी से भी हटाना चाहते है। मैं इनकी प्रताड़ना (हरैसमेंट) काफी दिनों से झेल रहा हूं। थाना प्रभारी भले आदमी हैं और बेहतर अधिकारी हैं। इसलिये इन्हें कुछ पता नहीं है। ठाकुर साहब लेकिन आप से उम्मीद  करता है कि इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जरूर होनी चाहिए। ताकि आने वाले समय में ये लोग किसी और के साथ ऐसा अभद्र व्यवहार न कर सकें। आप सच्चे पत्रकार हैं।
वहीं इस मामले पर एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने बताया कि दुनका चौकी में तैनात हेड कांस्टबेल ने आत्महत्या का प्रयास किया था। घायल सिपाही का मेरठ में उपचार कराया जा रहा है। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। वहां उनके परिजन और पुलिस टीम भी है। घायल हेड कांस्टबेल ने चौकी इंचार्ज और एक सिपाही पर आरोप लगाए हैं। चौकी इंचार्ज और सिपाही को निलंबित कर दिया गया है। मामले में जांच के आदेश दिए हैं।

सोशल मीडिया को मजबूत करने के लिए नियुक्तियां

सोशल मीडिया को मजबूत करने के लिए नियुक्तियां

अकांशु उपाध्याय   
नई दिल्ली। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के द्वारा महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को निभाने के लिए दायित्वों का आवंटन शुरू कर दिया गया है। इसी कड़ी में कांग्रेस के सोशल मीडिया को सशक्त बनाने के लिए नियुक्तियां की गई हैं।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, सोशल मीडिया विभाग की राष्ट्रीय प्रभारी व राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत की अनुशंसा पर सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफार्म के लिए नई और पुनर्गठित टीम की नियुक्ति के प्रस्ताव को कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा तत्काल प्रभाव से मंजूरी दे दी गई। 
इनमें दिल्ली राज्य से युवा और सक्रिय नेता गीत सेठी पर संगठन ने भरोसा जताया है और उन्हें सोशल मीडिया का राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर नियुक्त किया गया है।गीत सेठी सोशल मीडिया एक्सपर्ट हैं और पार्टी के विभिन्न कैंपेन से जुड़े रहे हैं। गीत सेठी ने आरएसएस भाजपा को लेकर क्या कहा? जो आरएसएस वाले युवाओं को गलत ट्रैक पर ले जाते हैं, उन्हें धर्म और मजहब की ओर ले जाकर अपने अजेंडे के तहत भटकाते हैं, कांग्रेस का फोकस है कि नौजवान गलत दिशा में न जाकर सोशल मीडिया वारियर बने और अपने विचार रखे। गीत सेठी ने अपील करते हुए कहा कि भाजपा की विभाजनकारी नीतियों को जवाब देने के लिए कांग्रेस सोशल मीडिया से जुड़ें एव आने वाले कुछ ही समय में और भी समर्थकों को एवं अलग-अलग साथियों को इसमें जोड़ा जाएगा।

इश्क ने किया ऐसा हाल, कोई मालामाल कोई कंगाल

इश्क ने किया ऐसा हाल, कोई मालामाल कोई कंगाल 

मदन प्रजापति   
नई दिल्ली/इस्लामाबाद। पड़ोसी देश पाकिस्तान कल तक दाने-दाने को मोहताज था। आटे से लेकर दाल-चावल खरीदने के लाले पड़े हुए थे। अब उसी पाकिस्तान में भारत से भागकर गई अंजू पर दौलत बरसाई जा रही है। वहीं दूसरी तरफ सीमा हैदर जो पाकिस्तान से भागकर भारत आई है उसके खाने के लाले पड़े हुए हैं। सचिन के घर की माली हालत ठीक नहीं है। दरअसल प्रेमी की खातिर भारत से पाकिस्तान गई अंजू को वहां के एक बिजनेसमैन ने फ्लैट और ढेरों गिफ्ट तोहफे के रूप में दिए हैं। अंजू को पाकिस्तान की पांच-पांच कंपनियों से जॉब के लिए ऑफर दिए गये हैं।
अलवर की अंजू के पाकिस्तान पहुंचने की पीछे खुफिया साजिश होने की आशंका एक बार फिर से साबित होती दिख रही है। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान कल तक दाने-दाने को मोहताज था। लोगों को एक वक्त का भी खाना नसीब नहीं हो रहा था। अब उसी पाकिस्तान में भारत से भागकर गई अंजू पर दौलत बरसाई जा रही है। ऐसे में पाकिस्तानी साजिश का शक और गहराता जा रहा है।
अंजू को कथित तौर पर पाकिस्तानी नसरुल्ला से फेसबुक पर प्यार हुआ था। अंजू के पाकिस्तान पहुंचने के बाद दोनों ने निकाह भी कर लिया है। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, एक स्थानीय व्यापारी ने अंजू को करीब 40 लाख रुपये का एक फ्लैट तोहफे में दिया है। अंजू को घर के कागजात सौंपने की तस्वीरें भी सामने आई हैं। उर्दू में लिखे कागजात पर अंजू की तस्वीर लगी है।

हारी हुई सीटें सहयोगियों के हिस्से में आएगी: यूपी

हारी हुई सीटें सहयोगियों के हिस्से में आएगी: यूपी    

हरिओम उपाध्याय 
लखनऊ। आगामी लोकसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 80 सीटें जीतने की मुहिम में भाजपा कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। 2019 के चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने प्रदेश में 64 सीटें जीती थीं, 16 सीटें विपक्ष के हिस्से में थीं। भाजपा इस बार इन सीटों को गठबंधन के सहयोगियों अपना दल, सुभासपा और निषाद पार्टी के हिस्से में देना चाहती है, लेकिन उससे पहले इन इलाकों में उनके राजनीतिक हैसियत का आंकलन भी करेगी।
मिशन 80 के तहत भाजपा हारी हुई सीटों पर पिछले दो साल से मंथन कर रही है। भाजपा के स्थानीय रणनीतिकारों का मानना है कि अपना दल (एस) को उनकी मौजूदा मिर्जापुर और रॉबर्टसगंज सीट मिलना लगभग तय है। यदि इससे अधिक सीटें देने पर निर्णय हुआ तो वर्तमान में पूर्वांचल में हारी हुई एक-दो सीटें उन्हें और मिल सकती हैं। सुभासपा को घोसी, जौनपुर या गाजीपुर में से दो सीटें मिल सकती हैं। वहीं, निषाद पार्टी को संतकबीरनगर, लालगंज या श्रावस्ती में से कोई दो सीटें मिल सकती है।
पिछली बार संतकबीरनगर से निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद के बेटे प्रवीण निषाद भाजपा के टिकट पर जीते थे। पार्टी के नेताओं का मानना है कि हारी हुई सीटें सहयोगी दलों को देने से पार्टी के पास जोखिम कम रहेगा। साथ ही सहयोगी दलों के सामाजिक समीकरण से पिछड़े वर्ग में भाजपा की स्थिति और भी मजबूत होगी।
विधानसभा चुनाव-2022 में निषाद पार्टी को 15 सीटें मिली थीं। इनमें से पांच सीटों पर निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं को भाजपा के चुनाव चिह्न पर लड़ाया गया था। शेष 10 में से 7 सीटें वह थीं, जहां 2017 के विस चुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। निषाद पार्टी ने इनमें से छह सीटें जीतीं थीं। पिछले लोकसभा चुनाव में राजग को प्रदेश की 80 में से 64 सीटों पर जीत मिली थी। बसपा ने 10, सपा ने पांच और कांग्रेस ने एक सीट पर चुनाव जीता था। भाजपा ने 2022 में रामपुर और आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव में दोनों सीटें सपा से छीन ली। अब संभल, मैनपुरी और मुरादाबाद सपा के पास हैं। बिजनौर, घोसी, गाजीपुर, जौनपुर, सहारनपुर, अमरोहा, लालगंज, श्रावस्ती, अंबेडकरनगर और नगीना में बसपा का कब्जा है। कांग्रेस के पास मात्र रायबरेली सीट है।

बकरियां चराने गई बच्ची का भट्टी में शव मिला

बकरियां चराने गई बच्ची का भट्टी में शव मिला

नरेश राघानी   
जयपुर। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में एक अजीब और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। खबरों के अनुसार, जिले के गिरडिया पंचायत समिति क्षेत्र में स्थित शाहपुरा पंचायत समिति क्षेत्र की एक नाबालिग लड़की बुधवार को बकरियां चराने गई थी। जब तक वह शाम तक घर नहीं लौटी, गांव वालों ने बालिका की खोज की। लड़की का शव आज सुबह क्षेत्र में संचालित कोयले की भट्टी में खोजते हुए मिला। स्थानीय लोगों में इससे काफी रोष फैल गया। आशंका जताई जा रही है कि बच्ची का गैंगरेप कर आरोपियों ने बेरहमी से हत्या के बाद उसके शव को कोयले की भट्टी में जता दिया है। 
वहीं, राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने भीलवाड़ा जिले में कोटडी थाना क्षेत्र के नृसिंहपुरा गांव में नाबालिग लड़की को कोयले की भट्टी में जलाने की घटना को राज्य सरकार के माथे पर कलंक बताया है। राठौड़ ने इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर कहा कि नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के बाद कोयले की भट्टी में उसका शव जलाने की लोमहर्षक घटना सरकार के माथे पर कलंक है। 
उन्होंने कहा " गहलोत के जंगलराज की दास्तां देखिये, जब बच्ची का पिता एफआईआर दर्ज कराने थाने पहुंचता है तो गहलोत सरकार की पुलिस कई घंटों तक एफआईआर नहीं लिखती। मैंने स्थानीय भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं को घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़ित परिजनों को न्याय दिलाने के लिए निर्देशित किया है।" उन्होंने कहा कि राजस्थान में हर दिन निर्भया कांड आकार ले रहा है लेकिन दुर्भाग्य है कि जिम्मेदार गृह विभाग के मुखिया अशोक गहलोत जो राजस्थान के मुख्यमंत्री भी है वो हर बार बहन बेटियों को सुरक्षित परिवेश मुहैया कराने की बजाय अन्य प्रदेशों की घटनाओं को लेकर बयानवीर बने रहते हैं।
उन्होंने कहा कि एक भी दिन ऐसा नहीं गुजरता है जब प्रदेश में कहीं ना कहीं बच्चियों के साथ दरिंदगी की खबरें सामने ना आती हो। इसी तरह उपनेता प्रतिपक्ष डा सतीश पूनियां ने कहा कि कोई ऐसी सुबह नहीं आती जब अत्याचार, बलात्कार, कत्लेआम की इस तरह की असीम पीड़ा वाली खबर ना आती हो। अपनी कुर्सी बचाने में खोए हुए गृहमंत्री को प्रदेश में अत्याचार का क्रूरतम चेहरा भी दिखाई नहीं दे रहा है। यह सरकार नरभक्षी हो चुकी है, इन बहन बेटियों के कत्ल का सीधा जिम्मा प्रदेश के गृहमंत्री का है। 
इसके अलावा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सी पी जोशी ने इस घटना को लेकर एक प्रदेश स्तरीय कमेटी का गठन किया है जो घटनास्थल पर जाकर संपूर्ण तथ्यों की जांच कर रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष को सौंपेंगी। पार्टी के प्रदेश महामंत्री भजनलाल शर्मा ने बताया कि कमेटी में प्रदेश प्रवक्ता एवं विधायक अनिता भदेल, महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रक्षा भंडारी एवं संभाग सह प्रभारी एवं पूर्व विधायक अंतर सिंह भडाणा शामिल हैं।

लैपटॉप, टेबलेट व कंप्यूटर के इंपोर्ट पर रोक लगाईं

लैपटॉप, टेबलेट व कंप्यूटर के इंपोर्ट पर रोक लगाईं   

अकांशु उपाध्याय    
नई दिल्ली। सरकार ने लैपटॉप, टैबलेट, कंप्यूटर के इंपोर्ट पर रोक लगा से जुड़े आइटम्स पर बड़ा फैसला लिया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) के मुताबिक सरकार ने लैपटॉप, टैबलेट, कंप्यूटर के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है जब सरकार मेक इन इंडिया पर जोर दे रही है।
मंत्रालय ने कहा कि यह प्रतिबंध समय-समय पर संशोधित बैगेज नियमों के तहत आयात पर लागू नहीं होगा। हालांकि, आरएंडी और पर्सनल यूज आदि के मकसद से प्रति खेप 20 आइटम को छूट दी जाएगी। इन आयातों को केवल इस आधार पर अनुमति दी जाएगी कि उनका उपयोग उक्त उद्देश्यों के लिए किया जाएगा और बेचा नहीं जाएगा। मंत्रालय ने कहा कि एक बार उद्देश्य पूरा हो जाने पर फिर से निर्यात किया जाएगा।
नोटिफिकेशन के मुताबिक- HSN 8741 के तहत आने वाले लैपटॉप, टैबलेट, ऑल-इन-वन पर्सनल कंप्यूटर और अल्ट्रा स्मॉल फॉर्म फैक्टर कंप्यूटर और सर्वर का आयात 'प्रतिबंधित' होगा। इसके आयात को प्रतिबंधित आयात के लिए वैध लाइसेंस के खिलाफ अनुमति दी जाएगी। यह प्रतिबंध सामान नियमों के तहत आयात पर लागू नहीं होगा।
बीते मई महीने आर्थिक थिंक टैंक जीटीआरआई ने अपनी एक रिपोर्ट जारी की थी। इस रिपोर्ट में बताया था कि वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान चीन से लैपटॉप, पर्सनल कंप्यूटर, इंटीग्रेटेड सर्किट और सोलर सेल जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामानों का आयात घटा है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं में आयात में गिरावट उन क्षेत्रों में ज्यादा हुई है, जहां पीएलआई (उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन) योजना शुरू की गई है। इसके अलावा सोलर सेल का आयात 70.9 प्रतिशत घटा। इस अवधि में लैपटॉप, पर्सनल कंप्यूटर (पीसी) का आयात 23.1 प्रतिशत और मोबाइल फोन का आयात 4.1 प्रतिशत घटा।

दिल्ली न तो पूर्ण राज्य, न संघ शासित प्रदेश: शाह

दिल्ली न तो पूर्ण राज्य, न संघ शासित प्रदेश: शाह   

अकांशु उपाध्याय     
नई दिल्ली। लोकसभा में विवादास्पद ‘राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली क्षेत्र सरकार संशोधन विधेयक 2023′ पर बहस के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि दिल्ली न तो पूर्ण राज्य है, न संघ शासित प्रदेश है। शाह ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी होने के नाते संविधान के अनुच्छेद 239 एए में इसके लिए अलग प्रावधान है। शाह ने कहा कि हमें दिल्ली में कानून बनाने का पूरा अधिकार है। शाह ने कहा कि पट्टाभि सीतारमैया समिति की दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की सिफारिश का पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, राजाजी (राजगोपालाचारी), डॉ राजेंद्र प्रसाद और डॉ भीमराव आंबेडकर ने विरोध किया था।

क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा की

क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा की  

मीनाक्षी लोढी  
कोलकाता। भारत और बंगाल के अनुभवी बल्लेबाज मनोज तिवारी ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी है। तिवारी ने 12 एकदिवसीय और तीन टी20में भारत का प्रतिनिधित्व किया, जिसमें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनकी सर्वश्रेष्ठ पारी 2011 में चेन्नई में 50 ओवर के मैच में वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 104 रन थी। भारत के लिए अपने छिटपुट प्रदर्शनों के अलावा, तिवारी बंगाल की बल्लेबाजी लाइन-अप में एक शानदार शख्सियत थे, उन्होंने 141 प्रथम श्रेणी मैचों में 48.56 के औसत से 9908 रन बनाए, जिसमें 29 शतक और 45 अर्धशतक शामिल थे। नाबाद 303 रन उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर रहा। 
उन्होंने 2022-23 रणजी ट्रॉफी फाइनल में पहुंचने के लिए बंगाल की कप्तानी भी की, जहां टीम सौराष्ट्र से हारकर उपविजेता रही। तिवारी ने 169 लिस्ट ए गेम्स में 5581 रन और 183 टी20 गेम्स में 3436 रन भी बनाए। तिवारी वर्तमान में पश्चिम बंगाल सरकार में युवा मामले और खेल राज्य मंत्री हैं। तिवारी ने गुरुवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक नोट में कहा, “क्रिकेट के खेल को अलविदा। इस खेल ने मुझे सब कुछ दिया है, मेरा मतलब है कि हर एक चीज़ जिसके बारे में मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था, उस समय से लेकर जब मेरे जीवन को विभिन्न प्रकार की कठिनाइयों से चुनौती मिली थी। मैं इस खेल और भगवान का हमेशा आभारी रहूंगा, जो हमेशा मेरे साथ रहे।''

यूपी के जेल मंत्री पर शारीरिक शोषण का आरोप

यूपी के जेल मंत्री पर शारीरिक शोषण का आरोप     

हरिओम उपाध्याय   
लखनऊ। जेल मंत्री धर्मवीर प्रजापति पर भाजपा की महिला नेता ने शारीरिक शोषण का आरोप लगाया है। महिला ने सोमवार को सीएम और पार्टी पदाधिकारियों को शिकायत भेजी है। महिला का कहना है, मंत्री धर्मवीर ने मेरे साथ मार्च 2019 में लखनऊ आवास में गलत काम किया था। वो मुझसे कहते थे, राजनीति में ये सब चलता है और आगे बढ़ने का यही एक रास्ता है।
महिला ने कहा, मंत्री धर्मवीर मामले में शिकायत न करने का लगातार मुझ पर दबाव बना रहे थे। पति की बीमारी के कारण इस मामले की शिकायत नहीं कर पा रही थी। मंत्री ने शिकायत करने पर जान से मारने की भी धमकी दी है। बता दें, महिला ने अभी इस मामले में FIR दर्ज नहीं करवाई है।
पार्टी एक्शन नहीं लेगी तो पुलिस पास जाऊंगी
महिला का कहना है, मंत्री इस काम के लिए मुझसे माफी मांगें। मैं न्याय चाहती हूं। भाजपा मेरे लिए परिवार की तरह है। सीएम योगी, डिप्टी सीएम केशव मौर्या, ब्रजेश पाठक, प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और प्रदेश संगठन मंत्री को पत्र भेजकर मामले की जानकारी दे दी है। अगर पार्टी राज्यमंत्री धर्मवीर प्रजापति पर एक्शन नहीं लेती है तो मैं पुलिस के पास जाऊंगी। महिला ने आरोप लगाया है, राज्यमंत्री धर्मवीर प्रजापति ने उसका राजनैतिक भविष्य बर्बाद करने की धमकी दी है। उन्होंने कहा था, शिकायत करने पर तुमको झूठे केस में फंसा दूंगा। उन्होंने अपने आदमी भेजकर मुझे लालच देने की कोशिश भी की है।
मंत्री शिकायत न करने का प्रेशर बनाते रहे
महिला ने बताया, मेरे पति साल 2019 से काफी बीमार हैं। उनके घुटनों का ऑपरेशन हुआ है। उनको फालिज का अटैक भी पड़ चुका है। वो उठने बैठने में सक्षम नहीं हैं। उन्हें हर समय अपने पति के साथ ही रहना पड़ता है। ऐसे में इस मामले की शिकायत नहीं कर पाई। राज्यमंत्री धर्मवीर प्रजापति उस पर शिकायत न करने का प्रेशर बनाते रहे। वो कहते थे, शिकायत की तो तुम्हारा परिवार बर्बाद कर देंगे, खत्म कर देंगे।
मैं साल 2019 में राज्यमंत्री धर्मवीर प्रजापति से लखनऊ के भाजपा कार्यालय में मिली थीं। मैं उनके पास अपने पति के इलाज के लिए मदद की बात करने गई थी। तब वो मुझे एक कार्यक्रम में शामिल करवाने के लिए अपनी गाड़ी से ले गए थे। उसके बाद उन्होंने अपने आवास पर मेरे साथ गलत काम किया था। मैंने उनका बहुत विरोध भी किया था।
राज्यमंत्री धर्मवीर प्रजापति बोले- साजिश के तहत फंसाया जा रहा है।
मामले में राज्यमंत्री धर्मवीर प्रजापति का कहना है इस पूरे मामले को तथ्यों के साथ सबके सामने रखूंगा। इस पर चुप नहीं रहूंगा। एक बहुत बड़ी साजिश के तहत मुझे फंसाने की कोशिश की जा रही है। तथ्यों के साथ ही इस पूरे मामले पर बोलूंगा। उनका कहना है, पार्टी के तमाम कार्यकर्ताओं से अलग-अलग कार्यक्रमों में मिलते रहते हैं। कार्यकर्ता के तौर पर उनसे कोई भी मिल सकता है।
साल 2000 से भाजपा के साथ जुड़ी है पीड़ित महिला
बता दें, जिस महिला ने राज्यमंत्री धर्मवीर प्रजापति पर आरोप लगाया है, वो साल 2000 से बीजेपी से जुड़ी हुई है। वो साल 2012 में भाजपा महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष रही हैं। दो बार भाजपा जिला मंत्री रही हैं। साल 2019 में उसने सिद्धार्थनगर में लोकसभा चुनाव के प्रभारी पद का दायित्व निभाया है। साल 2021 में वो पश्चिम बंगाल के चुनावों में भी प्रभारी बन कर गई थीं।
बारात लेकर नहीं पहुंचा मंत्री का बेटा:दुल्हन करती रही इंतजार; कारागार मंत्री बोले- डेंगू होने से बीमार है बेटा
योगी सरकार में कारागार और होमगार्ड राज्यमंत्री धर्मवीर प्रजापति के बेटे दिलीप की शादी 2 दिसंबर को होनी थी। शादी के लिए लड़की पक्ष ने पूरी तैयारी कर ली थी। दुल्हन हाथों में मेहंदी लगाए दूल्हे का इंतजार करती रही। मगर, न दूल्हा आया और न ही बारात। बैंड-बाजे वाले भी इंतजार कर लौट गए।

न्याय हित में वैज्ञानिक सर्वेक्षण जरुरी: ज्ञानवापी

न्याय हित में वैज्ञानिक सर्वेक्षण जरुरी: ज्ञानवापी 

बृजेश केसरवानी 
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक अहम फैसले में वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के एएसआई सर्वेक्षण को हरी झंडी दे दी है। अदालत ने अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी (मुस्लिम पक्ष) की याचिका पर अपना आदेश सुनाया, जिसमें वाराणसी जिला अदालत द्वारा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को यह निर्धारित करने के लिए सर्वेक्षण करने के निर्देश को चुनौती दी गई थी कि क्या ज्ञानवापी मस्जिद एक मंदिर पर बनाई गई थी।
फैसला सुनाते समय, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि ‘न्याय के हित में वैज्ञानिक सर्वेक्षण आवश्यक है।’ इस फैसले पर मथुरा से भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने प्रतिक्रिया देते हुए कृष्ण जन्मभूमि के भी वैज्ञानिक सर्वेक्षण की बात कही।
हेमा मालिनी ने कहा, ‘अच्छा ह सर्वे होना ही चाहिए। इसका डिसीजन जल्द से जल्द होना चाहिए, पूरे देश के लिए अच्छा है। कृष्ण जन्मभूमि का भी सर्वे होना चाहिए। जल्दी से जल्दी सब क्लीयर होना चाहिए। फैसला जल्द से जल्द आना चाहिए अन्यथा बातचीत होती रहेगी। अगर अंतिम निर्णय जल्द आता है तो यह देश के लिए अच्छा होगा। इधर मुस्लिम पक्ष इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने पर विचार कर रहा है। अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी हाई कोर्ट के फैसले का अध्यन कर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकीलों से चर्चा कर रही है। गौरतलब है कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इंतजामिया कमेटी की ASI सर्वे पर रोक लगाने की याचिका खारिज करते हुए वाराणसी जिला अदालत के 21 जुलाई 2023 के आदेश को बरकरार रखा।
उच्च न्यायालय ने इससे पहले दोनो पक्षों को सुनने के बाद 28 जुलाई को फैसला सुरक्षित रख लिया था। ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के एएसआई सर्वेक्षण की अनुमति देने वाले इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर वरिष्ठ वकील हरिशंकर जैन ने कहा, ‘वहां मौजूद कई सबूत हैं जो कहते हैं कि यह एक हिंदू मंदिर था। एएसआई सर्वेक्षण से तथ्य सामने आएंगे। मुझे यकीन है कि मूल शिवलिंग को वहां मुख्य गुंबद के नीचे छिपा दिया गया है।
इस सच्चाई को छिपाने के लिए, उन्होंने (मुस्लिम पक्ष) बार-बार आपत्ति जताई है। वे जानते हैं कि इसके बाद यह मस्जिद नहीं रहेगी और वहां एक भव्य मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा।’ इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा, ‘चाहे वह मंदिर हो या मस्जिद, भगवान एक है। आप उसे (भगवान) किसी मंदिर या मस्जिद में कहीं भी देख सकते हैं।

हरियाणा हिंसा: यूपी के 11 जिलों में अलर्ट जारी

हरियाणा हिंसा: यूपी के 11 जिलों में अलर्ट जारी 

अकाशुं उपाध्याय   
नई दिल्ली। यूपी में प्रवेश करने वालों और गाड़ियों का ब्यौरा तैयार किया जा रहा है। सोमवार रात से ही बिड़ौली और कैराना बॉर्डर पर पुलिस चेकिंग तेज कर दी गई है। जिसकी लगातार डीजीपी मुख्यालय से नजर रखी जा रही है।
11 जिलों में अलर्ट भी जारी, हर आने-जाने वालों पर नजर
स्पेशल डीजी लॉ एण्ड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि सोमवार को हरियाणा के नूह में भड़की हिंसा को देखते हुए यूपी में पुलिस अलर्ट मोड पर है।क्योंकि हिंसा का प्रभाव उत्तर प्रदेश में न हो, इसके लिए सीमा पर गश्त और चौकसी बढ़ी दी गई।
मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, सहारनपुर, मुजफ्फर नगर, मेरठ, बागपत, हापुड़, अलीगढ़, शामली के अलावा नोएडा में पुलिस को खास सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। वहीं मुरादाबाद मण्डल को अलर्ट भी जारी किया गया है। हरियाणा की ओर से आने वाले इन जिलों में वाहनों और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है।
साथ ही नाम पता और मोबाइल नम्बर भी नोट किया जा रहा है। नूंह से यूपी में प्रवेश होने आसान रास्ता कैराना हो सकता है, लिहाजा यहां पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश का अलर्ट

उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश का अलर्ट   

अकांशु उपाध्याय   
नई दिल्ली। इन दिनों देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून का दौर जारी है। जिसके चलते उत्तर भारत के ज्यादातर राज्यों में झमाझम बारिश हो रही है। वहीं मौसम विभाग की मानें तो बारिश का ये दौर आगे भी जारी रहेगा। बता दें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। भारत मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पश्चिम मध्य प्रदेश, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
वहीं पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और तटीय कर्नाटक में अलग-अलग जगहों पर भी भारी बारिश हो सकती है। वहीं अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर तूफान, बिजली गिरने और आंधी चलने का आशंका जताई गई है। वहीं हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, झारखंड, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में अलग-अलग स्थानों पर आंधी और बिजली गिरने की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश में 4 और 5 अगस्त को सुदूर इलाकों में भारी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में 06 अगस्त तक लगातार गरज के साथ बारिश का पूर्वानुमान लगाया गया है।

बेरहम मां-बाप ने 4 बेटियों की निर्मम हत्या की

बेरहम मां-बाप ने 4 बेटियों की निर्मम हत्या की   

दुष्यंत टीकम  
जांजगीर चांपा। जिले के बलौदा थाना क्षेत्र अंतर्गत देवरी गांव में 4 लोगों की हत्या के हत्या की खबर है। खबरों के मुताबिक एक ग्रामीण ने अपनी पत्नी और तीन बेटियों को फावड़ा से मार डाला। पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया है। वह मानसिक रोगी बताया जा रहा है। हत्या का कारण अब तक साफ नहीं हो सका है।
खबर मिल रही है कि छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले में बलौदा थाना क्षेत्र अंतर्गत पंतोरा पुलिस चौकी में देवरी गांव है। वहां देशराज कश्यप ने के घर से बुधवार की रात चार लोगों की लाश मिली। जिसमें देशराज कश्यप की पत्नी मोंगरा बाई और उसकी तीन बेटियां पूजा , भाग्यलक्ष्मी और याचना शामिल हैं। गांव वाले बताते हैं कि पिछले एक और दो अगस्त को दिन भर उस परिवार में किसी तरह की हलचल दिखाई नहीं दी । घर का कोई सदस्य बाहर नहीं आया। जिससे लोगों को किसी अनहोनी का शक हुआ। इस मामले के बारे में पड़ोसियों ने पहले सरपंच को बताया। सरपंच ने मौके पर जाकर देखा और पुलिस को खबर दी।
पुलिस ने घर पहुंच कर दरवाजा खुलवाया तो भीतर का मंजर देखकर सभी कांप उठे। घर के भीतर एक कमरे में मोंगरा बाई और उसकी तीन बेटियों की लाश पड़ी थी और चारों ओर सभी खून से लथपथ थे। मौके का हालात देखकर माना जा रहा है कि बेटियों ने अपने बचाव के लिए भागने की कोशिश की होगी ।लेकिन सभी चपेट में आ गए। खबर मिल रही है कि देश राज कश्यप ने फावड़ा मारकर चारों को मौत की नींद सुला दी। फिर वह घर को बाहर से बंद कर भाग गया था। पुलिस के मुताबिक आरोपी देशराज को बलौदा बस स्टैंड से बुधवार की शाम गिरफ्तार किया गया ।पुलिस जांच में जुट गई है । इस दौरान यह बात भी सामने आई है कि देशराज कश्यप मानसिक रोगी था और उसका इलाज भी चल रहा था। हत्या की वजह अब तक सामने नहीं आई है।

नाबालिक लड़के-लड़की की सड़क पर पिटाई

नाबालिक लड़के-लड़की की सड़क पर पिटाई   

अविनाश श्रीवास्तव  
मोतिहारी। हम भले हीं 21 वीं सदी में पहुंच गए हों, हम चांद पर पैर भी रख चुके हैं, हम सभ्य समाज में रहने का दंभ भी भरते हों। लेकिन हमारे ही समाज में ऐसा मामला सामने आता है जहाँ शर्म को भी शर्मिदगी आ जाए। ताजा मामला मोतिहारी में कानून अपने हाथ में लेने और तालिबानी फैसले से जुड़ा हुआ है, जिसने सभ्य समाज पर दाग तो लगा ही दिया है।
मोतिहारी में तालिबानी सजा के एक मामले की आग अभी ठंड़ी भी नहीं हुई थी कि दूसरा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति भरी पंचायत में एक युवक पर डंडा बरसा रहा है, तो एक महिला एक युवती पर डंडा बरसा रही है। इसका किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो बंजरिया थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। वायरल वीडियो खूब ट्रोल भी हो रहा है। लोग सोशल मीडिया पर यह कहते नहीं थक रहे कि आदापुर का तालिबानी सजा का वायरल वीडियो का मामला अभी शांत भी नही हुआ था कि बंजरिया में कानून अपने हाथ मे लेने का वीडियो वायरल हो रहा है। क्षेत्र में वायरल वीडियो को लेकर कई तरह की चर्चाएं जोरों पर हैं।
वीडियो में साफ दिख रहा है कि भरी पंचायत में एक युवक और युवती को एक व्यक्ति और महिला डंडे से जमकर पीट रहे हैं। पीड़ित लड़का लड़की नाबालिक बताए जा रहे है। सोशल मीडिया पर कानून हाथ मे लेकर तालिबानी सजा देने की चर्चा जोरों पर है। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो ने कई सवाल तो खड़े कर ही दिए हैं।

2 रुपए की रिश्वत, 37 साल बाद फैसला आया

2 रुपए की रिश्वत, 37 साल बाद फैसला आया   

अविनाश श्रीवास्तव   
पटना। पुलिस पर अवैध वसूली करने  का आरोप अक्सर लगता रहता है। खासकर वाहन चेकिंग और ओवरलोडिंग जैसे मामलों में हर दिन पुलिस पर कई लोग अलग अलग तरह के आरोप लगाते हैं। ऐसे में एक मामले में ट्रक से 2 रुपए की अवैध वसूली करने वाले पुलिसवालों से जुड़े एक मामले में 37 साल बाद कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। यह मामला बेगूसराय के लाखो पोस्ट से जुड़ा था, जहाँ 5 पुलिसवालों को 2 रुपए की अवैध वसूली करते एसपी ने खुद पकड़ने का दावा किया था।
दरअसल, 10 जून 1986 को बेगूसराय के  तत्कालीन एसपी अरविंद वर्मा को सूचना मिली कि लाखो चेक पोस्ट पर वाहनों से अवैध वसूली की जाती है। आरोप सीधे पोस्ट पर तैनात पुलिसवालों पर लगा था तो खुद एसपी ने इसकी जांच और पुलिस वालों को रंगेहाथों पकड़ने की चुनौती ली। उस दिन एसपी अरविंद वर्मा खुद एक ट्रक पर सवार हुए। उन्होंने ट्रक के खलासी को एक 2 रुपए का नोट दिया जिस पर उनका हस्ताक्षर था। जैसे ही ट्रक लाखो चेक पोस्ट पहुंचा वहां मौजूद पुलिसवालों ने खलासी से 2 रुपए ले लिए।
हालांकि ट्रक पर सवार एसपी जब सिविल ड्रेस में नीचे आए तो पुलिसवालों की जांच शुरू हो गई। कहा गया कि उस दिन पुलिसवाले के पास से 8 रुपए मिले। इसमें 2 रुपए का वह नोट भी शामिल था जिसे एसपी ने हस्ताक्षर कर दिया था। अवैध उगाही के इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने बड़ी कार्रवाई की। होमगार्ड जवान रामरतन शर्मा सहित कैलाश शर्मा, राम बालक राय, ग्यानी शंकर सिंह और युगेश्वर महतो को आरोपी बनाया गया। इस मामले में उस समय बेगूसराय के तत्कालीन नगर अंचल निरीक्षक सरयुग बैठा ने केस दर्ज किया था।
वहीं अब 37 साल के बाद इस मामले में भागलपुर के विजिलेंस कोर्ट के विशेष जज सह एडीजे-2 की अदालत ने सभी पांच आरोपी पुलिसवालों को बरी कर दिया है। ऐसे में 37 साल पहले जहाँ 2 रुपए की वसूली के चक्कर में पांच पुलिसवालों को आरोपित बनाया गया था, वहीं अब उन्हीं पुलिसवालों के बाइज्जत बरी हो जाने से फिर से यह मामला सुर्खियों में बन गया है।

इंफाल: 2 समुदायों के बीच भड़की हिंसा, कर्फ्यू

इंफाल: 2 समुदायों के बीच भड़की हिंसा, कर्फ्यू    

इकबाल अंसारी   
इंफाल। हिंसा की आग में झुलस रहे मणिपुर में शांति स्थापित होती दिखाई नहीं दे रही है। बिष्णुपुर जनपद के कई स्थानों पर कुकी एवं मैतेई समुदाय के लोगों के बीच फिर से झड़प होने की खबरें सामने आ रही है। दो समुदायों के बीच झडपे होने के बाद सेना और त्वरित कार्यवाही बल ने आंसू गैस के गोले छोड़कर उपद्रव पर उतारू भीड़ को तितर-बितर किया। सेना की इस कार्यवाही में घायल हुए 17 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। 
एहतियात के तौर पर इंफाल घाटी में अब एक बार फिर से कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। बृहस्पतिवार को मणिपुर के बिष्णुपुर जनपद के कांगवई एवं फोउगाकचाओ में एक बार फिर से कुकी एवं मैतेई समुदाय के बीच जोरदार झड़प हो गई है। मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची सेना और त्वरित कार्य बल के जवानों ने मोर्चा संभालते हुए एक दूसरे की जान लेने पर उतारू दोनों समुदाय के लोगों की भीड़ पर आंसू गैस के गोले छोड़कर उन्हें तितर-बितर किया।
सेना की इस कार्यवाही के दौरान 17 लोग घायल हुए हैं जिन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने हिंसा की घटनाओं को थामने के लिए इंफाल घाटी में एहतियात के तौर पर एक बार फिर से कर्फ्यू को लागू कर दिया है। 
उल्लेखनीय है कि मणिपुर में अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मैतेई समुदाय की मांग के विरोध में पर्वतीय जनपदों में 3 मई को आदिवासी एकजुटता मार्च के आयोजन के बाद राज्य में भड़की जातीय हिंसा में अभी तक 160 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।

मुनादी कराकर सपा नेता के फ्लैट की कुर्की: सख्ती

मुनादी कराकर सपा नेता के फ्लैट की कुर्की: सख्ती 

आदर्श श्रीवास्तव    
एटा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के करीबी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के ऊपर अपना शिकंजा कसते हुए पुलिस और प्रशासन ने मुनादी कराकर सपा नेता के फ्लैट को अपने कब्जे में लेते हुए कुर्क कर लिया है। बृहस्पतिवार को पुलिस और प्रशासन की ओर से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बेहद करीबी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट समेत कई अन्य मामलों में कार्रवाई करते हुए उसकी आगरा स्थित संपत्ति को अपने कब्जे में ले लिया है।
जनपद आगरा के थाना हरी पर्वत क्षेत्र स्थित नालंदा प्राईड रेजिडेंसी हनुमान मंदिर के फ्लैट नंबर 101 जो जुगेंद्र यादव की पत्नी रेखा यादव के नाम दर्ज है और उसकी वर्तमान कीमत तकरीबन 2 करोड 50 लाख रूपये है, उसे पुलिस और प्रशासन ने बाकायदा इलाके में मुनादी कराकर कुर्क कर लिया है। कुर्की की इस कार्यवाही से पहले बाकायदा पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में ढोल नगाड़े और डुगडुगी पिटवाकर जुगेंद्र सिंह यादव द्वारा अर्जित की गई इस संपत्ति को कुर्क किया गया है। इससे पहले 2 दिन पूर्व ही पुलिस और प्रशासन द्वारा आगरा जनपद के सिकंदरा स्थित जुगेंद्र सिंह यादव की संपत्ति को कुर्क किया गया था।

हिमाचल में बरसात से 187 लोगों की मौत हुई

हिमाचल में बरसात से 187 लोगों की मौत हुई  

पंकज कपूर   
शिमला। हिमाचल में 24 जून को मानसून शुरू होने के बाद से बारिश से संबंधित घटनाओं और यातायात दुर्घटनाओं में कम से कम 187 लोगों की मौत हो गई l हिमाचल में मानसून से होने वाली बारिश और यातायात दुर्घटनाओं से कई लोगों को नुकसान हुआ है। लापता और घायल हुए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना है। सरकारी विभागों को जल्द से जल्द सहायता प्रदान करने के लिए कार्रवाई करने की जरूरत है ताकि इससे जुड़े लोगों को मदद मिल सके। सुरक्षा उपायों को मजबूत करना भविष्य में इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं से बचने में मदद कर सकता है।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुक्खू  जल्द ही प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मिलने की योजना बना रहे हैं। वे हिमाचल प्रदेश में हुए नुकसान की जानकारी देने की योजना बना रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को कहा कि वह जल्द ही दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे और उन्हें हिमाचल प्रदेश में बारिश के बारे में जानकारी देंगे। यहां प्रकाशित एक बयान में मंत्री ने कहा कि नुकसान का आकलन करने के लिए एक केंद्रीय टीम राज्य में पहुंची है। वह जल्द ही रिपोर्ट दर्ज कराएंगे। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जल्द ही दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे और हिमाचल प्रदेश में हुए बारिश के बारे में जानकारी देंगे। उन्होंने एक केंद्रीय टीम को भी राज्य में भेजा है ताकि नुकसान का आकलन किया जा सके। 
उन्हें जल्द ही रिपोर्ट दर्ज करने की योजना है। सीएम सुक्खू ने कहा है कि वे जल्द ही दिल्ली जाएंगे और भारी बारिश से हुए नुकसान की रिपोर्ट प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को पेश करेंगे। हिमाचल प्रदेश को बारिश के कारण 8,000 करोड़ रुपये का बड़ा नुकसान हुआ है। उन्हें अगस्त के पहले सप्ताह तक दिल्ली जाने की योजना है।अधिकारियों ने बताया कि सुक्खू अगस्त के पहले सप्ताह तक दिल्ली आ सकते हैं। सुक्खू ने रविवार को चंबा जिले के दौरे के दौरान 82.14 करोड़ रुपये की 14 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया l 34 लोग अभी भी लापता हैं इस बयान में कहा गया है कि उन्होंने शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थानों, आवासीय क्षेत्रों और अन्य कार्यालयों के लिए भवनों का उद्घाटन किया और सड़कों और चिकित्सा सुविधाओं की आधारशिला रखी l 24 जून को मानसून शुरू होने के बाद से हिमाचल प्रदेश में बारिश से संबंधित घटनाओं और यातायात दुर्घटनाओं में कम से कम 187 लोग मारे गए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 34 लोग लापता हैं।

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण


1. अंक-292, (वर्ष-06)

पंजीकरण:- UPHIN/2010/57254

2. शुक्रवार, अगस्त 4, 2023

3. शक-1944, श्रावण, कृष्ण-पक्ष, तिथि-तीज, विक्रमी सवंत-2079‌‌।

4. सूर्योदय प्रातः 05:16, सूर्यास्त: 07:09।

5. न्‍यूनतम तापमान- 25 डी.सै., अधिकतम- 37+ डी.सै.। बरसात की संभावना बनी रहेगी।

6. समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है। सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा। सभी पद अवैतनिक है। 

7.स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक राधेश्याम व शिवांशु  (विशेष संपादक) श्रीराम व सरस्वती (सहायक संपादक) संरक्षण-अखिलेश पांडेय, ओमवीर सिंह, वीरसैन पंवार, योगेश चौधरी आदि के द्वारा (डिजीटल सस्‍ंकरण) प्रकाशित। प्रकाशित समाचार, विज्ञापन एवं लेखोंं से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं हैं। पीआरबी एक्ट के अंतर्गत उत्तरदायी।

8. संपर्क व व्यवसायिक कार्यालय- चैंबर नं. 27, प्रथम तल, रामेश्वर पार्क, लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102। 

9. पंजीकृत कार्यालयः 263, सरस्वती विहार लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102

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(सर्वाधिकार सुरक्षित)

विधानसभा का पांच दिवसीय बजट सत्र शुरू

विधानसभा का पांच दिवसीय बजट सत्र शुरू  पंकज कपूर  देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा का पांच दिवसीय बजट सत्र राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू हो गय...