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सोमवार, 31 मई 2021

11 पान मसालों पर लगे बैन को साल तक बढ़ाया

इकबाल अंसारी                

रांची। झारखंड में राज्य सरकार ने रजनीगंधा, पान पराग समेत 11 पान मसालों पर लगे बैन को एक साल के लिए बढ़ा दिया है। झारखंड सरकार के फूड सेफ्टी कमिश्नर अरुण कुमार की ओर जारी हुए इस आदेश के मुताबिक इन पान मसालों में मैग्नीशियम कार्बोनेट मिला है। इससे हार्ट अटैक का खतरा रहता है। 

झारखंड में 11 पान मसालों पर बैन 8 मई 2020 को लगाया गया था। इसे अब एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है। झारखंड के फूड सेफ्टी कमिश्नर अरुण कुमार ने इस आदेश को जारी किया है। आदेश में कहा गया कि अगर कोई उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ आईपीसी के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आदेश में कहा गया है कि 2019-20 में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से 41 प्रकार के पान मसाला के सैंपल्स लिये गए थे। 

जांच में इनमें मैग्नीशियम कार्बोनेट होने की पुष्टि हुई थी। फूड सेफ्टी कमिश्नर अरुण कुमार ने इस आदेश में कहा कि मैग्नीशियम कार्बोनेट से लोगों को हाइपर मैग्निशया की शिकायत होती है। इससे हार्ट अटैक का खतरा रहता है। झारखंड सरकार ने जिन 11 पान मसालों पर एक साल के लिए बैन बढ़ाया है। उनमें पान पराग मसाला, शिखर पान मसाला, रजनीगंधा, दिलरुबा, राज निवास पान मसाला, मुसाफिर, मधु, बिमल, बहार, सेहरत और पान पराग प्रीमियम पान मसाला शामिल है।

मंगलवार, 25 मई 2021

सरकार ने लॉकडाउन की अवधि 3 जून तक बढ़ाईं

रांची। झारखंड में कठोर प्रावधानों के साथ लॉकडाउन की अवधि तीन जून तक बढ़ायी गई है। इस बात की जानकारी एक अधिकारी ने दी। यह तीसरी बार है, जब राज्य में लॉकडाउन की अवधि बढ़ाई गई है। राज्य में पहली बार 22 अप्रैल को लॉकडाउन लगाई थी।मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से जानी बयान में कहा गया। ''स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह अब पहले लगाए गए सभी प्रतिबंधों के साथ 3 जून तक बढ़ा दिया गया है।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में यह फैसला किया गया।अधिकारी ने कहा, राज्य सचिवालय दोपहर दो बजे तक 33 प्रतिशत कर्मचारियों की संख्या के साथ काम करेगा और लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध होगा। अधिकारी ने आगे कहा,'' सरकारी अधिकारियों, मीडियाकर्मियों और फैक्टरी कर्मियों को अनिवार्य काम के लिए ई-पास से छूट दी गई है।

आर्थिक तंगी के कारण मिट्टी में दबा रहे हैं 'शव'

रांची। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बीच विभिन्न राज्यों से मौतों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। कई जगह देखने में आया है कि शव का अंतिम संस्कार भी नहीं हो पाया। किसी के पास पैसे की दिक्कत थी तो कुछ शवो को आर्थिक तंगी के कारण मिट्टी में दबाना पड़ा।

कोरोना के इस संकट के बीच राजनीतिक पार्टियां एक-दूसरे पर निशाना साधने से नहीं चूकते। जब भी मौका मिलता है, राजनीतिक पार्टियां एक-दूसरे पर निशाना साधती रहती हैं।अब एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में मरने वाले लोगों के लिए अंतिम संस्कार के लिए मुफ्त में कफन मुहैया कराने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा से भारतीय जनता पार्टी आक्रामक हो गई और भारतीय जनता पार्टी ने जमकर मुख्यमंत्री पर निशाना साधा। भाजपा ने वार करते हुए कहा कि अच्छा होता अगर सीएम साहब दवाइयों की बात करते।

सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों के बीच संघर्ष शुरू हो गया है। भाजपा नेता दीपक प्रकाश ने ट्वीट के जरिए झारखंड के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए लिखा कि 'यह अजीब विडंबना है कि जहां एक और केंद्र सरकार देशवासियों की जान बचाने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रही है। वहीं दूसरी और झारखंड की सरकार जनता को फ्री में कफन बाटने में जोर लगा रही है। उन्होंने कहा कि अच्छा होता अगर सरकार कफन की बात करने की वजह दवाइयां और इलाज उपलब्ध कराने पर जोर देती।

भाजपा के इस वार पर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने तीखा पलटवार करते हुए लिखा कि 'आपकी घटिया राजनीति के कारण आपको सिर्फ कफ़न ही नजर आ रही हैं। हेमंत सरकार निशुल्क वैक्सीन भी दे रही है। पर आप और आपकी घटिया राजनीति की आपको सिर्फ कफ़न नजर आते है। वैसे आपके उत्तर प्रदेश में मां गंगा में तैरते शव, रेत में दबे गरीब के शव का नजारा ही शायद पसंद है

मंगलवार, 20 अप्रैल 2021

झारखंड में 22 से 29 अप्रैल तक रहेगा लॉकडाउन

मनोज सिंह ठाकुर          
रांंची। लॉकडाउन की घोषणा झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक बैठक के बाद की। उन्होंने मंगलवार को अपने आवास में राज्य के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह समेत अन्य अधिकारियों  के साथ हुई बैठक में यह बड़ा फैसला लिया। राज्य में सख्ती से लॉकडाउन का पालन करने के आदेश दिए गए हैं ताकि कोरोना के प्रसार को रोका जा सके।
झारखंड में 22 से 29 अप्रैल तक लॉकडाउन लागू रहेगा। हालांकि, प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन के दौरान आवश्यक सेवाओं के साथ ही धार्मिक स्थानों को खुला रखने की अनुमति दी है। गौरतलब है कि सरकार ने इस बार राज्य में लागू किए गए लॉकडाउन को सुरक्षा सप्ताह नाम दिया है।
कोरोना वारयस की दूसरी लहर का प्रकोप देशभर में जारी है। राज्य में आए दिन कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने अहम फैसला ले लिया है।

सोमवार, 19 अप्रैल 2021

झारखंड में जेपीएससी सहित कई परीक्षाएं स्थगित

मनोज सिंह ठाकुर            
रांची। झारखंड सरकार ने कोरोना से बिगड़ती स्थिति को देखते हुए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। झारखंड पब्लिक सर्विस कॉमिशन (जेपीएससी) समेत कई परीक्षाओं को स्थगित करने के साथ ही स्कूल, कॉलेज, कोचिंग, तकनीकी शिक्षा संस्थान व आंगनबाड़ी केंद्रों को अगले आदेश तक बंद रखने का फैसला लिया गे है। शादी समारोह में 50 से अधिक लोगों के शामिल होने पर भी पाबंदी लगा दी गयी है। 
 झारखंड पब्लिक सर्विस कॉमिशन की दो मई को होने वाली परीक्षा में करीब पांच लाख अभ्यर्थी शामिल होने थे। कोरोना संक्रमण के और फैलने का खतरा देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेने की अगुवाई में रविवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में जेपीएससी की परीक्षा स्थगित करने का फैसला लिया गया। इस परीक्षा रद्द करने के लिये झारखंड लोक सेवा आयोग पर दबाव बनाया जा रहा था। सरकार की ओर से कहा गया है कि राज्य में कोरोना का खतरा तेजी से बढ़ा है। इसे देखते हुए व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करते हुए काम किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ायी जा रही हैं। जीवनरक्षक दवाओं और जरूरी बेड की व्यवस्था की जा रही है। मेडिकल सेंटर में बेडों की संख्या बढ़ाने का भी काम चल रहा है। 
 मुख्यमंत्री हेमंत ने राज्य के लोगों से अपील करते हुए कहा है कि संक्रमण को रोकने में सबों की मदद चाहिये. इसे हल्के में ना लें। यह घातक रूप में सामने आ रहा है। नौजवान, बुजूर्ग और हर उम्र के लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। नौजवान वर्ग के लोग बेवजह मौज मस्ती करना और घूमना बंद करें।अगले को संक्रमित मानकर चलें। ऐसा नहीं करने पर आपके आपके परिजन भी चपेट में आ सकते हैं। बेवजह अभी कोई ना घूमें। जरूरी होने पर मास्क लगाकर ही निकले। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि संक्रमण के खतरे को रोकने के लिए और भी निर्णय लिये जा सकते हैं। इस महीने के बाद इसकी फिर से समीक्षा की जायेगी। बैठक में वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता और श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता सहित अन्य भी शामिल थे। 

शनिवार, 17 अप्रैल 2021

दुमका कोषागार मामलें से लालू को मिलीं जमानत

मनोज सिंह ठाकुर     
रांची। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रमुख लालू यादव के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। लालू यादव को दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ रुपये की निकासी के मामले में जमानत मिल गई है।
चारा घोटाला मामले से संबंधित अन्य मामलों में लालू यादव को पहले से जमानत मिली हुई है। चईबासा और देवघर कोषागार मामले में लालू को पहले से ही जमानत मिली हुई है। दोरांडा कोषागार के मामले में अब भी ट्रायल जारी है। अब लालू यादव के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।

रविवार, 28 मार्च 2021

झारखंड में सार्वजनिक स्थानों पर नहीं मनेगी 'होली'

रांची। झारखंड सरकार ने राज्य में कोरोना संक्रमण के खतरे पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सार्वजनिक स्थानों पर होली नहीं मनाने और रामनवमी-सरहुल में जुलूस पर रोक लगाई है। आधिकारिक सूत्रों ने आज यहां बताया कि राज्य के मुख्य सचिव सचिव सुखदेव सिंह के हस्ताक्षर से कल रात गृह एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने कोविड-19 दिशा-निर्देश को लेकर एक नया आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत त्योहरों में भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की गयी है। जारी आदेश के तहत कोरोना के बढ़ते सक्रमण को देखते हुए राज्य में सार्वजनिक स्थानों पर होली खेलने पर रोक लगा दी गयी है। इसके अलावा सरहुल, शब-ए-बरात, नवरात्र, रामनवमी, ईस्टर एवं अन्य सभी त्योहारों के सार्वजनिक आयोजनों पर रोक है। सरकार ने राज्यवासियों से अपील की है कि वे अपने पारिवारिक सदस्यों के साथ ही अपने घरों में ही होली मनाएं।

बुधवार, 24 मार्च 2021

प्रेमी युगल का जंगल में पेड़ से लटका मिला शव

नौडीहा। प्यार में साथ जीने-मरने की कसमें खाने वाले एक प्रेमी जोड़े ने फांसी के फंदे पर झूल कर आत्महत्या कर ली। मामला मंगलवार का झारखंड के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि दोनों के परिजन उनकी शादी के लिए राजी नहीं थे। इसके बाद प्रेमी जोड़े ने यह कदम उठाया।
दोनों ही सोमवार की सुबह 10 बजे अपने घर से मनसाटांड में हो रहे महायज्ञ को देखने की बात कह कर घर से निकले थे। इसके बाद उनकी आज जंगल में एक पेड़ से बने फंदे से लटकी लाश बरामद की गई।

गुरुवार, 11 मार्च 2021

झारखंड: ईडी ने जब्त की अपराधियों की संपत्ति

रांची। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड के जामताड़ा जिले में दर्ज साइबर धोखाधड़ी मामले में 66 लाख रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है। एजेंसी ने गुरुवार को कहा, धन शोधन रोकथाम अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के तहत कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने जामताड़ा जिले में साइबर अपराधियों प्रदीप कुमार मंडल, पिंटू मंडल, अंकुश कुमार मंडल, संतोष मंडल और गणेश मंडल की संपत्तियों को जब्त कर लिया है।
जब्त संपत्ति में मिरगा गांव में तीन आवास, चार वाहन व साइबर अपराधियों के बैंक खाते में जमा रुपये शामिल हैं।
प्रवर्तन निदेशालय ने जुलाई, 2016 में जामताड़ा पुलिस द्वारा दर्ज चार्जशीट के आधार पर साइबर अपराधियों प्रदीप और उसके अज्ञात सहयोगियों के खिलाफ मामले में छानबीन की शुरुआत की थी। इन पर अवैध तरीके से बैंक मैनेजर या अधिकारी बनकर बैंक ग्राहकों के खातों, एटीएम से पैसे जुटाने के आरोप हैं। इन रुपयों का उपयोग इन्होंने घर बनाने और वाहनों को खरीदने में किया।
सितंबर, 2018 में ईडी ने आरोपियों के खिलाफ जामताड़ा में दो गांवों - मिरगा और पबाया के छह स्थानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान इन्हें कई संदिग्ध बैंक अकाउंट मिले जिन्हें फ्रीज कर दिया गया था।
एजेंसी ने पीएमएलए की विशेष अदालत के समक्ष अभियुक्तों के खिलाफ 27 मई, 2019 को अभियोजन की शिकायत पहले ही दर्ज कर ली है। सभी आरोपियों पर आरोप पहले ही तय हो चुके हैं और ट्रायल चल रहा है।

सोमवार, 8 मार्च 2021

झारखंड: गांव में अक्सर दिव्यांग पैदा होते है बच्चे

रांची। झारखंड के घाटशिला के डुमरिया प्रखंड के चाईडीहा गांव मे कई ऐसे बच्चे है। जो कुपोषित के शिकार है। आज सोमवार को ये बच्चे दिव्यांग होकर लाचार और बेवश होकर खाट पर पड़े हैं। कई ऐसे कुपोषित बच्चे थे। जिनकी मौत हो चुकी है। चाईडीहा के रहने वाले जगदीश सिंह के दो पुत्र और पुत्री है। दो पुत्री तो ठीक है। लेकिन दो पुत्र दोनों कुपोषित के शिकार होने पर दो में से एक की मौत हो चुकी है और दूसरा घाट पर पड़े पड़े अपनी लाचार अपनी जिन्दगी के दिन गिन रहा है। कुपोषित बच्चा कृष्णा सिंह दिनभर अपने घाट पर ही पड़े रहते है। ना बोल पाते है। और ना ही चल पाते है। उसकी मां बसंती सिंह दिनभर अपने बेटे की देखभाल में लगी रहती है। पहले दो पुत्र कृष्णा सिंह और मेघनात सिंह - जिसमें छोटा मेघनाथ सिंह की मौत हो चुकी है। पहले दोनों भाई एक ही खाट पर पड़ा रहते थे। लेकिन अब मेघनाथ सिंह की मौत के बाद कृष्णा सिंह अकेल ही खाट पर पड़ा रहता है। चाईडीहा गांव में रूद्ध सिंह की पुत्री यशोदा सिंह भी कुपोषण का शिकार है। अभी वह तीन साल की है। लेकिन चल नही पाती है। और ना ही बोल पाती है। अपनी मां की गोद में ही वह खेलती रहती है। रूद्ध सिंह ने अपनी पुत्री को डॉक्टरों को दिखाया जिस पर डॉक्टरों ने कहा कि आने वाले समय में बच्ची चलेगी और बोलेगी भी। लेकिन तीन साल होने को है बच्ची ना ही चल पाती है। और ना ही बोल पाती है। इस गांव में विशेश्वर सिंह जिनका एक हाथ दिव्यांग है। विशेश्वर सिंह भी बताते है। कि उनका एक हाथ बचपन से ही खराब है। एक हाथ खराब होने पर वह कही काम भी नही कर पाता है। दिव्यांग से जो पेंशन 1000 रूपय मिलता है। उसी से वह अपना घर चलाता है। इसी गांव में कुपोषित बच्चा जिनकी मौत हो गई है। वह दशरथ सिंह के 14 वर्षीय पुत्र, मिलू सिंह के 3 वर्षीय पुत्री और कृष्णा पातर के 4 वर्षीय पुत्र की मौत हो चुकी है। ग्रामीण बताते है। कि इस गांव में अक्सर दिव्यांग बच्चा ही पैदा हुआ, किस कारण से उन्हें नहींं पता नहीं है।

बुधवार, 24 फ़रवरी 2021

झारखंड: गुमला में 1 ही परिवार के 5 लोगों की हत्या

गुमला। झारखंड में गुमला जिले के कामडरा थाना क्षेत्र में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की हत्या कर दी गयी है। पुलिस सूत्रों ने बुधवार को यहां बताया कि ग्रामीणों से मिली सूचना के आधार पर बुरूहातू आम टोली गांव में एक घर से आज एक ही परिवार के पांच सदस्यों का शव बरामद किया गया। शवों को देखकर ऐसा लगता है कि सभी की लाठी-डंडे से पिटाई के बाद धारदार हथियार से हत्या की गयी है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।सूत्रों ने बताया कि मृतकों में नीकुदीन टोपनो (55), उसकी पत्नी जोस्फिना टोपनो (45), बेटा विंसेन्ट टोपनो (35), बहु सिल्वन्ति टोपनो (30) और पोता आसविन टोपनो (5) शामिल हैं। हत्या की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। डॉग स्क्वॉयड की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। इस सिलसिले में संबंधित थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

गुरुवार, 4 फ़रवरी 2021

4 पुलिसकर्मियों की मौत का आरोप,नक्सली अरेस्ट

एनआईऐ को बड़ी कामयाबी। खूंखार नक्सली गिरफ्तार, 4 पुलिसकर्मियों को उतारा था। मौत के घाट

रांची। केंद्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। एनआईए ने झारखंड के लातेहार में डेढ़ साल पहले एक हमले में 4 पुलिसकर्मियों की हत्या के मुख्यारोपी को गिरफ्तार किया है। एनआईए की प्रवक्ता जया रॉय ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान मृत्युंजय कुमार सिंह उर्फ सोनू सिंह के रूप में की गई है। मृत्युंजय सीपीआई माओवादी संगठन का सक्रिय सदस्य है। मृत्युंजय का नाम खतरनाक नक्सलियों में लिया जाता है। नवंबर, 2019 को झारखंड के लातेहार में 4 पुलिसकर्मियों की घात लगाकर हत्या कर दी गई थी। गश्त के दौरान पुलिस पार्टी पर हमला किया गया था। चंदवा के लुकईया मोड़ के समीप पुलिस गश्ती की टीम खड़ी थी। इसी दौरान भाकपा माओवादियों के मोटरसाइकिल दस्ते ने वाहन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमले में चार पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। जिसके बाद पुलिस स्टेशन चंदवा, जिला लातेहार, झारखंड, में केस दर्ज हुआ था। हालांकि, शुरुआती तफ्तीश में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनके खिलाफ चार्जशीट भी दायर की गई थी। हमलावरों ने पुलिस पार्टी के हथियार और गोला-बारूद भी लूट लिया था। मामला बेहद संगीन था। लिहाजा मामले की जांच एनआईए को सौंपी गई। एनआईए की प्रवक्ता जया रॉय के मुताबिक, जांच करने के दौरान एनआईए ने लातेहार, लोहरदग्गा और पलामू जिलों के कई जगहों पर तलाशी ली। चंदवा में मृत्युंजय कुमार सिह के ठिकानों में से एक पर तलाशी के दौरान 2.64 करोड़ रुपये की बेहिसाब धनराशि भी बरामद की गई। मृत्युंजय भाकपा माओवादियों का जोनल कमांडर है। उसपर भंडरिया में हत्या, आर्म्स एक्ट, नक्सल कांड सहित कई मामले दर्ज हैं।
मृत्युंजय भुईयां लातेहार जिले के छिपादोहर थाना क्षेत्र के चकलवा टोला नावाडीह का निवासी है। जांच से यह भी पता चला है। कि घटना से एक दिन पहले मृत्युंजय कुमार सिंह उर्फ सोनू सिंह ने भालूजंगा जंगल में भाकपा (माओवादी) के क्षेत्रीय समिति सदस्य रवींद्र गंझू से मुलाकात की थी। और उन्हें हमले के लिए पैसे मुहैया कराए थे। गिरफ्तार आरोपी को एनआईऐ की स्पेशल कोर्ट, रांची में पेश किया गया।

रविवार, 31 जनवरी 2021

झारखंड: कलयुगी बेटे ने अपनी वृद्ध मां की हत्या की

रांची। झारखंड में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक बेटे ने खाना मिलने में हुई देरी पर अपनी वृद्ध मां को ही मार डाला। इतना ही नहीं मरने के बाद घर के आंगन में उसका शव जलाकर चिता पर चिकन बनाकर भी खाया। एक बेटे के इस कुकर्म की खबर जब ग्रामीणों को हुई तो गांव वालों ने आरोपी के हाथ-पैर रस्सी से बांध कर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।जानकारी के मुताबिक यह घटना झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के जोजोगुट गांव की है। यहां 35 वर्ष्रीय प्रधान सोय नशे की हालत में घर पंहुचा तो मां से खाना मांगा, खाना मिलने में देरी हुई तो उसने अपनी 60 वर्षीय मां सुमी सोय को लाठी से पीटने लगा और मां को तब तक मारता रहा, जबतक उनकी मौत नहीं हो गई। इसके बाद आरोपी ने घर के आंगन में ही लकड़ी और धान की भूसे से चिता जलाकर उस पर मुर्गा सेक कर खाया। खाना खाने के बाद उसने अधजली लाश को छोड़कर घर में ही सो गया।आरोपी की भाभी सोमवारी सोय ने बताया कि रात को हम और उसकी मां खाना खाकर सोने जा रहीं थी, तभी प्रधान सोय घर पंहुचा और उस मारने-पीटने लगा।

अपनी जान बचाने के लिए उसने अपने एक महीने के बच्चे को लेकर घर से भागकर एक पेड़ के नीचे रात काटी। सुबह होने के बाद जब वह घर पहुंची तो देखा कि प्रधान अपनी मां की अधजली लाश को चूल्हे में डालकर जलाने जा रहा है, उसे देखने के बाद वह भागने लगा,जिसके बाद उन्होंने चिल्लाकर ग्रामीणों को आवाज लगाई। गुस्साए गांव वालों ने दौड़ाकर उसे पकड़ लिया और हाथ–पैर रस्सी से बांध दिए। ग्रामीणों ने बताया कि इसी तरह वह 5 वर्ष पहले अपने पिता की भी हत्या कर चुका है और दो वर्ष पहले ही जेल से छूटकर घर आया है।

40,000 ₹ कीमत, 500 से ज्यादा लड़कियां बेची

अविनाश श्रीवास्तव  
रांची। झारखंड में मानव तस्करी के मामले में गिरफ्तार पूनम बारला को जेल भेज दिया गया। पुलिस का दावा है कि पूनम प्लेसमेंट एजेंसी संचालित कर बड़े ही शातिराना अंदाज में लड़कियों की तस्करी कर रही थी। पूनम को रंगे हाथ पुलिस ने रांची एयरपोर्ट से ह्यूमन ट्रैफिकिंग के आरोप में गिरफ्तार किया। पुलिसिया पूछताछ में ह्यूमन ट्रैफिकिंग की आरोपी ने पुलिस के सामने कई राज खोले और बताया कि एक बच्ची को दिल्ली ले जाने के एवज में उसे 40 हज़ार रुपए बतौर कमीशन मिलता था। रांची पुलिस के द्वारा रांची एयरपोर्ट से पूनम बारला नामक एक महिला को 7 लड़कियों के साथ गिरफ्तार किया था। सभी बच्चियां खूंटी जिले की हैं, जिन्हें काम दिलाने के नाम पर हवाई जहाज से दिल्ली ले जाया जा रहा था। इन सभी लड़कियों को पूनम अपने साथ ले जा रही थी। आरोपी ने पुलिस के समक्ष जो बयान दिया है उसके मुताबिक, वह पिछले 8 साल से इस धंधे में है और दिल्ली में बाकायदा उसका ऑफिस भी है। उसकी प्लेसमेंट एजेंसी का नाम पुनम प्लेसमेन्ट सर्विस है। पूछताछ में पूनम ने बताया कि हर लड़की की एवज में उसे 40 हज़ार रुपए बतौर कमीशन के रूप में मिलते थे और अब तक वह 500 से ज्यादा लड़कियों की तस्करी कर अपने साथ दिल्ली ले गई है।

शनिवार, 23 जनवरी 2021

झारखंड: आरजेडी सुप्रीमो लालू की हालत गंभीर

रांची। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की हालत गंभीर है। ये जानकारी खुद उनके बेटे तेजस्वी यादव ने पिता से मुलाकात करने के बाद दी है। लालू की तबीयत खराब होने की खबर सुनकर शुक्रवार को उनका पूरा परिवार उनसे मिलने रांची रिम्स में पहुंचा। राबड़ी देवी अपने दोनों बेटों और बेटी मीसा के साथ लालू से मुलाकात करने के बाद देर रात बाहर निकलीं। तेजस्वी यादव ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनके पिता की हालत गंभीर है। उनके लंग्स में पानी आ गया है। मेडिकल टेस्ट की रिपोर्ट और डॉक्टरों की सलाह पर आगे कदम उठाया जाएगा। लालू यादव को देखने पहुंचे तेजस्वी यादव ने रिम्स से निकलने के बाद समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "हमारा परिवार उनके (लालू प्रसाद यादव) लिए बेहतर इलाज चाहता है। सभी रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टरों को यह विश्लेषण करना है कि उन्हें यहां इलाज दिया जा सकता है। उनकी हालत गंभीर है। मैं मुख्यमंत्री से कल (शनिवार) मुलाकात करूंगा। वहीं, रिम्स के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि लालू यादव के फेफड़ों में संक्रमण है और हम उनका इलाज कर रहे हैं। हमने एम्स में फेफड़ों के एचओडी के साथ उनकी हालत पर बातचीत की है। ताजा अपडेट के अनुसार लालू यादव का स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा है। इसे देखते हुए उन्हें दिल्ली स्थित एम्स शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है। डॉक्टरों के बोर्ड से रिपोर्ट मिलते ही जेल प्रशासन लोअर कोर्ट से इसकी स्वीकृति लेगा। संभव है कि आज ही लालू यादव को दिल्ली शिफ्ट किया जाएगा। इस बीच राबड़ी देवी एक बार फिर लालू के वार्ड में पहुंचीं हैं।

शुक्रवार, 15 जनवरी 2021

महिला पर डायन का आरोप लगा कर हत्या की

रांची। झारखंड के बोकारो में एक महिला को डायन बताकर पीट-पीटकर मार डालने का मामला सामने आया है। इस घटना में 11 लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। साथ ही, उन सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। पुलिस मामले की जांच भी कर रही है। साथ ही, पूरी घटना की वजह पता लगाने की कोशिश में जुटी हुई है। जानकारी के मुताबिक, यह पूरा घटनाक्रम बोकारो जिले के बेरमो अनुमंडल में आने वाले तेनुघाट ओपी थाना क्षेत्र के उलगड़ा पंचायत स्थित बारू टुंगरी टोला का है। यहां 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला रुक्मिणी देवी को गांव के कुछ लोगों ने डायन बताया। इसके बाद उसे पीट-पीटकर मार डाला। 

शुक्रवार, 1 जनवरी 2021

टिकट होने के बावजूद मजदूरों को ट्रेन से किया बाहर

टीटीई का कारनामा: कंफर्म टिकट होने के बावजूद मजदूरों को ट्रेन से किया बाहर, कहा- तुम्हारी औकात नहीं है की

कोडरमा। कोडरमा में एक टीटीई की गुड़ागर्दी देखने को मिली है। टीटीई ने मजदूरों को टिकट कन्फर्म होने के बाद भी ट्रेन से नीचे उतार दिया। इस दौरान कोच में बैठे लोग देखते रहे मगर किसी ने टीटीई की गुंड़ागर्दी का विरोध नहीं किया. मजदूरों का आरोप है। कि टीटीई ने कहा तुम सब छोटा आदमी हो, तुम्‍हारी औकात नहीं है। राजधानी एक्‍सप्रेस ट्रेन में सफर करने की। ज्‍यादा बोलोगे तो पांच हजार रुपये का जुर्माना लगा देंगे।
टीटीई के खिलाफ यह शिकायत है। उन दो मजदूरों की, जो राजधानी एक्‍सप्रेस ट्रेन से वैध टि‍कट पर भुवनेश्‍वर जा रहे थे। दोनों मजदूरों ने कोडरमा स्टेशन की शिकायत पुस्तिका में इस मामले की लिखित शिकायत की है। दोनों मजदूर नई दिल्ली भुवनेश्वर राजधानी एक्‍सप्रेस के बी2 कोच में सफर करने के लिए चढ़े थे। उन्‍होंने मामले में टीटीई पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। मजदूरों ने बताया कि बुधवार को अहले सुबह 5. 22 बजे वे लोग कन्फर्म टिकट लेकर कोडरमा से भुवनेश्वर जाने के लिए ट्रेन में सवार हुए थे। लेकिन टीटीई ने उन्हें यह कहते हुए धक्का देकर उतार दिया कि तुम लोग मजदूर हो तुम्हारी औकात नहीं है। इस ट्रेन में सफर करने की ज्यादा बोलोगे तो ₹5000 का फाइन काट देंगे. इसके बाद वे लोग कोडरमा स्टेशन मास्टर के कार्यालय में गए और वहां शिकायत पुस्तिका में कम्प्लेन दर्ज कराई।
शिकायत करने वाले मजदूर रामचंद्र यादव और अजय यादव ने बताया कि दोनों विजयवाड़ा में पोकलेन ऑपरेटर का काम करते हैं। दोनों बरही के बरसोत के निवासी हैं। कोडरमा से भुवनेश्वर जाने के लिए बुधवार को ट्रेन में सवार हो रहे थे। इसके लिए उन्होंने ऑनलाइन टिकट बुक कराया था। इस संबंध में बात करने पर कोडरमा स्टेशन प्रबंधक एके सिंह ने बताया कि दोनों यात्रियों की शिकायत धनबाद रेल मंडल के वरीय अधिकारियों के पास भेज दी गई है।

मंगलवार, 15 दिसंबर 2020

झारखंड: दो नाबालिग बहनों के साथ किया रेप

रांची। झारखंड में रेप और गैंगरेप की लगातार घटनाएं सामने आ रही है। एक बार फिर बंधक बनाकर दो नाबालिग बहनों के साथ रेप करने की घटना सामने आई है। इस घटना को दो युवकों ने अंजाम दिया है। यह घटना रंका थाना क्षेत्र की है। घटना के बारे में बताया जा रहा है कि दोनों चचेरी बहनें साग तोड़ने के लिए अपने खेत गई थी।इस दौरान ही दोनों को दो युवकों ने अगवा कर लिया और पूरेगाड़ा जंगल ले जाकर दोनों के साथ रेप किया। 6 घंटे तक दोनों को बंधक बनाए रखा। घटना की जानकारी किसी को देने पर जाने से मारने की धमकी भी दी। दोनों युवकों ने कहा कि पूरे परिवार को खत्म कर देंगे।


शराब: डब्ल्यूटीओ में शिकायत दर्ज करेंगा आस्ट्रेलिया

सिडनी/ बीजिंग। ऑस्ट्रेलिया ने कहा है कि वो उनके यहाँ बनी शराब पर चीन के शुल्क बढ़ाने के खिलाफ डब्ल्यूटीओ में शिकायत दर्ज करेगा। चीन ने पिछले...