शुक्रवार, 20 जनवरी 2023

राम रहीम को एक बार फिर 40 दिन की पैरोल 

राम रहीम को एक बार फिर 40 दिन की पैरोल 

राणा ओबरॉय 

चंडीगढ़/रोहतक। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को शुक्रवार को एक बार फिर 40 दिन की पैरोल दे दी गई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। दरअसल, अपनी दो शिष्याओं के साथ रेप के आरोप में 20 साल की सजा काट रहे राम रहीम को इससे पहले अक्टूबर में भी 40 दिन की पैरोल दी गई थी। जो 25 नवंबर को ही खत्म हुई थी। एजेंसी के मुताबिक, रोहतक के डिविजनल कमिश्नर संजीव वर्मा ने बताया, कि 40 दिनों के लिए पैरोल दी गई है।

इससे पहले, हरियाणा के जेल मंत्री रंजीत सिंह चौटाला ने डेरा प्रमुख की ताजा पैरोल याचिका पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि डेरा प्रमुख ने 40 दिनों के पैरोल के लिए एक आवेदन दायर किया था, जिसे रोहतक संभागीय आयुक्त को भेज दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि पैरोल अवधि के दौरान डेरा प्रमुख 25 जनवरी को पूर्व डेरा प्रमुख शाह सतनाम सिंह की जयंती कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।
बता दें कि अक्टूबर में पैरौल से आने के बाद 55 वर्षीय सिरसा डेरा प्रमुख ने यूपी के बरनावा आश्रम में कई ऑनलाइन सत्संग आयोजित किए थे। इनमें से कुछ में हरियाणा के भाजपा नेता भी शामिल हुए थे। उन्हें पंजाब विधानसभा चुनाव से बमुश्किल दो सप्ताह पहले 7 फरवरी, 2022 से तीन सप्ताह की पैरोल भी दी गई थी।

कांग्रेस की मांग, डब्ल्यूएफआई को भंग किया जाए

कांग्रेस की मांग, डब्ल्यूएफआई को भंग किया जाए

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष ब्रज भूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों के बीच कांग्रेस ने शुक्रवार को मांग की, कि डब्ल्यूएफआई को भंग किया जाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जवाब देना चाहिए कि उन्होंने क्या कार्रवाई की ? जब 2021 में एक पहलवान ने कथित तौर पर उनके समक्ष मुद्दे उठाए थे।

ओलंपिक खेलों के कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज विजेंदर सिंह और राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता चक्का फेंक खिलाड़ी कृष्णा पूनिया के साथ कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि यह ‘‘शर्मनाक’’ है कि 72 घंटे बाद भी सिंह ने इस्तीफा नहीं दिया और सरकार ‘‘स्पष्ट रूप से मौन’’ धारण किए हुए है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की पहली और प्रमुख मांग यह है कि महासंघ को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाए। श्रीनेत ने यहां अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ब्रज भूषण सिंह को कल ही इस्तीफा दे देना चाहिए था, लेकिन जनहित में सबसे बड़ी मांग हम यह उठाते हैं कि महिलाओं को सुरक्षित माहौल दिए जाने की आवश्यकता है।’’

उन्होंने कहा कि भारत के कुछ पदक विजेता एथलीट हैं, जो खुलकर सामने आए हैं और यौन उत्पीड़न के बारे में बात की है। श्रीनेत ने कहा, ‘‘देश के सामने आज सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब श्रीमान मोदी को अक्टूबर 2021 में पता चला था कि भारतीय कुश्ती महासंघ में क्या चल रहा है तथा विनेश फोगाट ने कहा कि उन्होंने अपने परिवार के साथ प्रधानमंत्री को जानकारी दी थी तो उन्होंने क्या किया, उन्होंने जांच क्यों नहीं करायी?’’ उन्होंने कहा, ‘‘क्या कोई अंतर-विभागीय जांच की गयी, क्या श्री ब्रज भूषण सिंह को बुलाया गया, उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया, आज कई सवाल हैं और हमारी प्रमुख मांग यही है।

देश सच जानना चाहता है।’’ राजस्थान से कांग्रेस विधायक पूनिया ने कहा कि महिला एथलीट के लिए पहले से ही बहुत मुश्किलें हैं तथा ऐसे मामलों के सामने आने के साथ ही उनकी मुश्किलें और बढ़ने जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं से जुड़ी घटनाएं लगातार सामने आने के कारण भाजपा ने ‘बेटी बचाओ’ नारे की धज्जियां उड़ा दी हैं।विजेंदर सिंह ने कहा कि वह पहलवानों के प्रति एकजुटता जताने गए थे तथा मामले में फौरन सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दौरान नेताओं को खेल प्रशासन से दूर रखने का विधेयक लाने में नाकाम रहने तथा क्या भाजपा को अब ऐसा करना चाहिए, इस बारे में पूछने पर श्रीनेत ने कहा, ‘‘हम अपना समर्थन देने के लिए तैयार हैं और आपका यह कहना सही है कि तब राजनीतिक सहमति नहीं बन सकी थी।’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘आपके (भाजपा) पास बहुमत है...कई खेल संघ हैं, जहां भाजपा नेताओं ने कब्जा जमा लिया है, एक विधेयक लाकर इस पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन यह एक अलग मुद्दा है। जितना कम राजनीतिक हस्तक्षेप होगा, उतना ही बेहतर होगा।’’ गौरतलब है कि जानी-मानी पहलवान विनेश फोगाट ने एक चौंकाने वाले खुलासे में बुधवार को रोते हुए आरोप लगाया कि डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह कई वर्षों से महिला पहलवानों का यौन शोषण कर रहे हैं। लेकिन, इस खेल के प्रशासक और भाजपा सांसद ने इन आरोपों को खारिज किया।

विनेश ने दावा किया था कि उन्हें डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष के इशारे पर उनके करीबी अधिकारियों से जान से मारने की धमकी मिली थी, क्योंकि उन्होंने तोक्यो ओलंपिक खेलों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान उनका ध्यान इन मुद्दों की ओर आकर्षित करने की हिम्मत दिखाई थी।

मालीवाल की घटना से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज बरामद

मालीवाल की घटना से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज बरामद

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की प्रमुख स्वाति मालीवाल से एम्स के बाहर नशे में धुत एक कार सवार द्वारा कथित छेड़छाड़ करने और फिर उन्हें अपनी गाड़ी से 10-15 मीटर तक घसीटने की कथित घटना से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज पुलिस ने बरामद की है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस वीडियो क्लिप में देखा जा सकता है कि मालीवाल फुटपाथ पर इंतजार कर रहीं हैं और एक कार चालक उनसे कार में बैठने को कहता है। मालीवाल ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया था कि एम्स के बाहर नशे में धुत एक कार सवार ने उनके साथ छेड़छाड़ की और फिर उन्हें अपनी गाड़ी से 10-15 मीटर तक घसीटा। उनका दावा है कि गाड़ी की खिड़की में उनका हाथ फंस गया था, तभी वाहन चालक ने कार आगे बढ़ा दी।

सामने आई वीडियो में मालीवाल को यह कहते सुना जा सकता है कि ‘‘ आप मुझे कहां छोड़ोगे। मुझे घर जाना है। मेरे रिश्तेदार आने वाले हैं।’’ वीडियो में दिखाई दे रहा है कि इसके बाद वह दूर हट जाती हैं और कार चली जाती है जबकि कार चालक कुछ देर बाद फिर लौटता है और मालीवाल को कार में बैठने को कहता है। पुलिस ने बृहस्पतिवार तड़के हुई घटना के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है जिसकी पहचान दक्षिण दिल्ली के संगम विहार निवासी 47 वर्षीय हरीश चंद्र के तौर पर हुई है। आयोग की प्रमुख ने कहा कि वह कंझावला की घटना के मद्देनजर दिल्ली में महिला सुरक्षा का जायज़ा लेने के लिए अपनी टीम के साथ राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर थीं। घटना के वक्त उनकी टीम उनसे कुछ दूर थी।

दक्षिण दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) चंदन चौधरी ने बृहस्पतिवार को कहा था कि गश्ती वाहन ने तड़के करीब 3:05 बजे एम्स के सामने मालीवाल को देखा और उनसे पूछा कि क्या वह किसी परेशानी में हैं। उनके अनुसार, मालीवाल ने उन्हें अपनी आपबीती सुनाई जिसके बाद उस कार का पता लगाया गया और कार चालक चंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया। चौधरी ने बताया कि महिला आयोग की प्रमुख की शिकायत पर कार चालक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 341 (गलत तरीके से बयान), 354 (महिला की शील भंग करने के इरादे से हमला करना या आपराधिक बल का उपयोग) और 509 (शब्द, मुद्रा या कार्य के माध्यम से महिला के शील भंग का इरादा) के साथ-साथ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कोटला मुबारकपुर थाने में मामला दर्ज किया गया है।

जंतर-मंतर: सिंह ने पद छोड़ने से साफ इनकार किया

जंतर-मंतर: सिंह ने पद छोड़ने से साफ इनकार किया

अकांशु उपाध्याय/संदीप मिश्र 

नई दिल्ली/गोंडा। दिल्ली के जंतर-मंतर पर देश के नामी पहलवानों द्वारा जारी धरने को '‘शाहीन बाग का धरना’ बताते हुए भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) अध्यक्ष व कैसरगंज से भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने पद छोड़ने से साफ इनकार किया। यूपी के कैसरगंज निर्वाचन क्षेत्र से छठी बार लोकसभा सांसद रहे सिंह ने यहां अपने पैतृक स्थान पर पत्रकारों से कहा, "मेरे खिलाफ पहलवानों का विरोध शाहीन बाग का धरना है।" 

उन्होंने अपने खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर में हुए विरोध प्रदर्शन को कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रायोजित भाजपा पर हमला करार दिया। इससे पहले एक टीवी चैनल से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि धरना दे रहे खिलाड़ी कांग्रेस और दीपेंद्र हुड्डा के हाथ का खिलौना बन चुके हैं। भाजपा सांसद ने कहा कि इस प्रकार की साजिश करीब तीन दशक पूर्व भी कांग्रेस द्वारा मेरे साथ की गई थी। एक बार पुनः वही साजिश दुहरायी जा रही है। मैने पहले ही कहा था कि यह कोई षड्यंत्र है और इसके पीछे बड़ी ताकतें लगी हैं। अब वह ताकतें खुलकर सामने आ गईं हैं। 

उन्होंने कहा था कि कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी और हरियाणा के नेता दीपेंद्र हुड्डा के बयान और ट्वीट के बाद तस्वीर साफ होती जा रही है। सिंह शुक्रवार शाम को गोंडा के नंदिनी नगर स्टेडियम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं। शीर्ष भारतीय पहलवानों की केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ गुरुवार रात हुई बैठक बेनतीजा रही क्योंकि उन्होंने सरकार के डब्ल्यूएफआई को तुरंत भंग करने की अपनी मांग से पीछे हटने से इनकार कर दिया। 

ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक, विश्व चैम्पियनशिप पदक विजेता विनेश फोगट और अन्य सहित प्रतिष्ठित भारतीय पहलवान पिछले दो दिनों से जंतर-मंतर पर डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाते हुए धरना दे रहे हैं। डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पहलवानों के विरोध के दूसरे दिन गुरुवार को रात करीब 10 बजे मैराथन बैठक शुरू हुई। पहलवान रात एक बजकर 45 मिनट पर ठाकुर के घर से निकले और बाहर इंतजार कर रहे पत्रकारों से बात नहीं की। 

ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पूनिया, रवि दहिया, साक्षी मलिक और विश्व चैम्पियनशिप की पदक विजेता विनेश फोगाट बैठक का हिस्सा थे। सरकारी अधिकारियों और विरोध कर रहे पहलवानों के बीच पूर्व में हुई बैठक बेनतीजा रहने के बाद ठाकुर हिमाचल प्रदेश से दिल्ली पहुंचे। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक पहलवान शुक्रवार को फिर से खेल मंत्री से मिलेंगे।

बंगारी ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कार्यभार ग्रहण किया 

बंगारी ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कार्यभार ग्रहण किया 

भानु प्रताप उपाध्याय 

मुजफ्फरनगर। शासन की ओर से किए गए तबादले के बाद जिलाधिकारी नियुक्त किए गए आईएएस अरविंद मलप्पा बंगारी ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है। शुक्रवार को जनपद मुजफ्फरनगर के जिला अधिकारी नियुक्त किए गए आईएएस अरविंद मलप्पा बंगारी दोपहर बाद जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट पहुंचे और कोषागार पहुंचकर चार्ज पुस्तिका पर अपने दस्तखत किए। जिलाधिकारी ने अपना चार्ज संभालते हुए कामकाज भी शुरू कर दिया है। 

आईएएस अरविंद मलप्पा बंगारी को शासन की ओर से जनपद मुजफ्फरनगर का नया जिलाधिकारी बनाकर भेजा गया है। वर्ष 2011 बैच के आईएएस अरविंद मल्लप्पा बंगारी मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी का चार्ज संभालने से पहले पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड मेरठ के प्रबंध निदेशक के पद पर तैनात थे। वर्ष 2019 से अरविंद मलप्पा बंगारी पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के पद पर तैनात चल रहे थे।

30 मार्च 1981 को जन्मे आईएएस अरविंद मलप्पा बंगारी उत्तर प्रदेश के मथुरा और जौनपुर के जिलाधिकारी भी रह चुके हैं। जिला अधिकारी के रूप में जनपद मुजफ्फरनगर में उनकी तीसरी तैनाती होना बताई जा रही है। एग्रीकल्चर में मास्टर की डिग्री हासिल करने वाले आईएएस अफसर अरविंद मल्लप्पा बंगारी को सख्त मिजाज और सीधी कार्यप्रणाली वाला अवसर माना जाता है।

निर्दयी मां ने 5 माह के बच्चे को बेड पर पटका, मौंत

निर्दयी मां ने 5 माह के बच्चे को बेड पर पटका, मौंत

संदीप मिश्र 

संभल। 5 माह के दूध मुंहे बच्चे को निर्दयी बनी मां ने बेड पर पटक-पटक कर मौत के घाट उतार दिया है। पीड़ित पति की शिकायत पर मुकदमा दर्ज करते हुए पुलिस ने हत्यारोपी मां को गिरफ्तार कर लिया है। जनपद संभल के बहजोई कोतवाली क्षेत्र के बर्तन बाजार स्थित मायके में रह रही ऋचा यादव ने अपने परिजनों को जानकारी दी कि उसके 5 माह के बच्चे की बेड से गिरकर मौत हो गई है। परिजनों ने महिला की इस बात पर विश्वास करते हुए हरियाणा के जिला मेवात में रहने वाले पति कुलदीप यादव को इस मामले की जानकारी दी।

लेकिन उसे अपने बच्चे की बेड से गिरकर मौत होने की बात पर विश्वास नहीं हुआ। जिसके चलते वह सीधा ससुराल पहुंचा और मामले की जानकारी हासिल करने के बाद कोतवाली पहुंचकर पुलिस को तहरीर देते हुए उसने अपनी पत्नी ऋचा यादव के ऊपर 5 माह के बेटे की हत्या करने का आरोप लगाया। पति का कहना है कि उसकी सास ने फोन करके उसे बताया है कि उसके मासूम बेटे की हत्या उसकी पत्नी ने ही बेड पर पटक पटक कर की है। पुलिस ने पीड़ित पिता की तहरीर पर आरोपी मां के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

11 साल में पहली बार अपना लुक बदला: विकिपीडिया 

11 साल में पहली बार अपना लुक बदला: विकिपीडिया 

अकांशु उपाध्याय/सुनील श्रीवास्तव 

नई दिल्ली/वाशिंगटन डीसी। विकिपीडिया ने अपनी 22वीं वर्षगांठ के मौके पर 11 साल में पहली बार अपना लुक बदला है। अंग्रेज़ी विकिपीडिया के डेस्कटॉप इंटरफेस में बेहतर सर्च ऑप्शन के साथ आर्टिकल के कंटेंट के लिए नया टेबल और भाषा बदलने के लिए दाईं ओर डेडिकेटेड टूल दिया गया है। विकिमीडिया फाउंडेशन के स्वामित्व वाले विकिपीडिया की शुरुआत 15 जनवरी 2001 को हुई थी।इंटरनेट पर सबसे लोकप्रिय साइटों में से एक विकिपीडिया है। हमने कई सालों से विकीपीडिया को बस एक ही रूप में देखा है। लेकिन अब कई सालों का इंतजार खत्म हुआ और अब विकिपीडिया को एक नया रूप मिल गया है। 11 वर्षों में पहली बार, विकिपीडिया को एक नया रूप मिल रहा है। विकिपीडिया के डेस्कटॉप इंटरफ़ेस में सुधारों की एक सीरीज साइट को उपयोग करने में आसान बनाएगी और सभी का स्वागत करेगी, विकिमीडिया फ़ाउंडेशन ने कहा।

सबसे पहली बात, प्लेटफॉर्म अब पूरी तरह से नए रूप में है, साथ ही हर जानकारी में एक साइड मेन्यू पॉप-अप होता है, जिससे आपको आसानी से नेविगेट करने में मदद मिलती है। विकिमीडिया फाउंडेशन का कहना है कि भाषा-स्विचिंग टूल्स को अब रखा गया है जिससे यूजर्स आसानी से अपनी पसंदीदा भाषा सर्च सकते हैं और आवश्यकतानुसार 300 से अधिक भाषाओं के बीच स्विच कर सकते हैं।

विकिपीडिया के सर्च अनुभव को भी अपग्रेड मिला। क्योंकि सर्च विकल्प अब फोटो और डिटेल्स का लाभ उठाता है, जिससे आपके लिए आवश्यक लेखों को सर्च आसान हो जाता है। विकिपीडिया ने एक नया बंधनेवाला साइडबार जोड़ा है। यह यूजर्स को हर एक कंटेंट के बाईं ओर पाए जाने वाले लंबे मेनू को दिखाने में मदद करेगा, जिससे उन्हें बिना विचलित हुए आवश्यक जानकारी देखने में मदद मिलेगी।

कंटेंट की एक नई टेबल है, जो यूजर्स को यह जानने में सहायता करती है कि वे वर्तमान में कौन सा सेक्शन पढ़ रहे हैं। इसके अलावा, यह पेज को नीचे स्क्रॉल करने पर भी दिखाई देता है, जिससे विभिन्न सेक्शंस में नेविगेट करना आसान हो जाता है। एक अपडेटेड हेडर है जो स्क्रॉल करते ही आपके साथ चलेगा। विकिमीडिया फाउंडेशन ने कहा, आप जो सर्च रहे हैं उसे सर्च के लिए अब आपको पेज के टॉप पर स्क्रॉल करने की आवश्यकता नहीं होगी, और आप इसके बजाय पढ़ने पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।

आज अगरतला में रैली करेंगी 'माकपा और कांग्रेस'

आज अगरतला में रैली करेंगी 'माकपा और कांग्रेस'

इकबाल अंसारी 

अगरतला। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर त्रिपुरा में संविधान को बचाने तथा लोकतंत्र बहाल करने की कवायद के तौर पर शनिवार को अगरतला में एक रैली करेंगी। माकपा के प्रदेश सचिव जितेंद्र चौधरी और कांग्रेस विधायक सुदीप रॉय बर्मन ने बृहस्पतिवार को एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि रैली में शामिल होने वाले लोग किसी राजनीतिक दल का झंडा लेकर नहीं चलेंगे।

रॉय बर्मन ने कहा, त्रिपुरा में संविधान बचाने और लोकतंत्र की रक्षा करने के इच्छुक लोग रबींद्र भवन के सामने इस विशाल रैली में हिस्सा लेंगे और किसी राजनीतिक दल का झंडा लेकर नहीं चलेंगे। वे राष्ट्रीय ध्वज थामे नजर आएंगे। वहीं, चौधरी ने राज्य में बढ़ती चुनाव पूर्व हिंसा पर चिंता जताई और दावा किया कि पूर्वोत्तर राज्य में 2018 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता में आने के बाद लोग वोट नहीं दे पाए।

टिपरा मोथा के लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष ताकतों के साथ हाथ मिलाने के बारे में पूछे जाने पर चौधरी ने कहा कि इस क्षेत्रीय दल के प्रमुख प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा ने भाजपा को हराने के लिए माकपा-कांग्रेस गठबंधन का समर्थन किया है। इस बीच, सूत्रों ने बताया कि माकपा और कांग्रेस नेताओं ने दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे पर अपनी पहली बैठक की, लेकिन कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया। दोनों दलों ने विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ने की घोषणा की थी। त्रिपुरा की 60 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान 16 फरवरी को होगा, जबकि वोटों की गिनती दो मार्च को की जाएगी।

'सारस' पक्षी ने कई वर्षो से भारत आना बंद किया

'सारस' पक्षी ने कई वर्षो से भारत आना बंद किया 

अखिलेश पांडेय/नरेश राघानी 

टोमस्क/उदयपुर/जयपुर। सर्दियों में आने वाली साईबेरियन सारस पक्षी ने कई वर्षो से भारत आना बंद कर दिया है। पक्षी विशेषज्ञ एवं पूर्व वन संरक्षक डा सतीश शर्मा के अनुसार संसार में क्रेनों की 15 प्रजातियां ज्ञात है जो तीन वशों एन्टीगोन, बालिएरिका तथा ग्रूस में सम्मिलित की गई हैं। ज्ञात 15 प्रजातियों में कभी 5 भारत में मिलती थी लेकिन कई वर्षो से साइबेरिया क्षेत्र से सर्दियों में आने वाली साईबेरियन सारस ने आना बंद कर दिया और हमारे देशो में केवल 4 सारस या क्रेन प्रजातियां ज्ञात है। साईबेरियन सारस राजस्थान के केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान में आती थी लेकिन अब वे नहीं आ रही है।

उन्होंने बताया कि जानी पहचानी सारस क्रेन जिसे वैज्ञानिक भाषा में ग्रूस एन्टीगोन कहते है, स्थानीय प्रजाति है तथा देश छोड कर नहीं जाती। काली गर्दन की सारस की संख्या जम्मू कश्मीर एवं हिमाचल प्रदेश के कुछ क्षैत्रों में गर्मी में तो उत्तर पूर्व भारत में सर्दी में पहुंचती है। कुरजां (ग्रूस विरगो) तथा कॉमन क्रेन (ग्रूस-ग्रूस) हमारे यहां हिमालय के उस पार के सूदूर क्षेत्रों में सर्दी की ऋतु में देशान्तर गमन कर अक्टूबर के आस-पास आने लगती है तथा फरवरी मार्च में गर्मी प्रारंभ होने पर प्रवास समाप्त कर वापस लौट जाती है। कुरजां को राजस्थान का जन-जन जानता है।

जोधपुर जिले का खीचन गांव कुरजां प्रवास के लिये न केवल देश बल्कि विदेशों में भी जाना जाता है। खीचन के लोग बडे स्नेह व आत्मीयता से सदियों से कुरजां के प्रवास को सुरक्षित एवं यादगार बनाते आ रहे है। खीचन में उनके रहने तक उनको भोजन के रुप में नियमित चुग्गा दिया जाता है। कुरजां के साथ कॉमन क्रेन को भी देखा जा सकता है। ये दोनो क्रेन बडे झूण्ड बनाकर रहने, उड़ने, खाना खाने एवं आराम करने की प्रवृति रखती है। क्रेन या सारस जब उड़ान भरती है तो यह अपनी गर्दन आगे एवं पैर पीछे की तरफ लम्बे फैलाकर उड़ते है। उड़ान में पंक्ति या वी आकार में उड़ने से ये अपना ईंधन बचाती है।

क्रेन अपना जोड़ा बनाने के बाद वफादारी से स्थायी रिश्ते निभाते है। कहते है जोड़े में एक की मृत्यु होने पर दुसरा साथी खाना पीना छोड मृत्यु को गले लगा लेता है। इसी प्रवृति के कारण न केवल भारत में बल्कि दूसरे देशों में भी क्रेनों को आदर दिया जाता है। हिमालय के उस पार बौध धर्म के अनुयायी भी क्रेनों का आदर करते है। हमारे धर्म ग्रंथों एवं लोक गीतों में सारस एवं कुरजा की बडी महिमा है। 

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प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण


1. अंक-101, (वर्ष-06)

2. शनिवार, जनवरी 21, 2023

3. शक-1944, पौष, कृष्ण-पक्ष, तिथि-चतुर्दशी, विक्रमी सवंत-2079‌‌।

4. सूर्योदय प्रातः 07:28, सूर्यास्त: 05:40। 

5. न्‍यूनतम तापमान- 11 डी.सै., अधिकतम- 20+ डी.सै.।

6. समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है। सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा। सभी पद अवैतनिक है। 

7.स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक राधेश्याम व शिवांशु  (विशेष संपादक) श्रीराम व सरस्वती (सहायक संपादक) संरक्षण-अखिलेश पांडेय, ओमवीर सिंह, वीरसैन पवार, योगेश चौधरी आदि के द्वारा (डिजीटल सस्‍ंकरण) प्रकाशित। प्रकाशित समाचार, विज्ञापन एवं लेखोंं से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं हैं। पीआरबी एक्ट के अंतर्गत उत्तरदायी।

8. संपर्क व व्यवसायिक कार्यालय- चैंबर नं. 27, प्रथम तल, रामेश्वर पार्क, लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102। 

9. पंजीकृत कार्यालयः 263, सरस्वती विहार लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102

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(सर्वाधिकार सुरक्षित)

गणतंत्र दिवस    'संपादकीय'

गणतंत्र दिवस    'संपादकीय' 'भारत' देश है हमारा, संविधान पर विवाद नहीं। 'सभ्यता' सबसे पहले आई, ...