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रविवार, 17 दिसंबर 2023

झुग्गी में भीषण आग, 1 झुलसा 3 जिंदा जलें

झुग्गी में भीषण आग, 1 झुलसा 3 जिंदा जलें
पंकज कपूर 
ऊना। बीती रात ऊना जिले के हरोली में एक झुग्गी में आग लगने से जहाँ पिता बुरी तरह झुलस गया, तो वहीँ  9 महीने के बेटे, पांच साल की बच्ची और मां की दर्दनाक मौत हो गई। आग में झुलसे व्यक्ति को प्राथमिक चिकित्सा दी गई और  उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे यहां से पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हरोली तहसील के बाथू के कोलिया नामक गांव में बीती रात करीब 12:30 बजे इस झुग्गी में  आग लगी। उस समय परिवार के चार सदस्य झुग्गी के अंदर सो रहे थे । जब तक कि ये लोग इस बारे में नहीं जान पाते तब तक झुग्गी आग की लपटों में घिर गई  । हालाँकि आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।
जानकारी के मुताबिक , उत्तरप्रदेश का रहने वाला विजय शंकर का परिवार रोजाना की तरह रात को खाना खाने के बाद सो गया। आधी रात को इनकी झुग्गी में अचानक ही अज्ञात कारणों से आग भड़क उठी। गहरी नींद में सो रहे परिवार को विकराल आग ने अपनी चपेट में ले लिया। जिसमें दो मासूम बच्चों व महिला की दर्दनाक मौत हो गई। मामले की सूचना मिलते ही टाहलीवाल पुलिस मौके पर पहुंची और मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए क्षेत्रीय अस्पताल ऊना पहुंचाया। मृतकों में  सुमित्रा देवी (25) पत्नी विजय शंकर निवासी उत्तर प्रदेश हाल रिहायश बाथु और उसका  9 महीने का बेटा अंकित और  पांच  साल की एक अन्य मासूम बच्ची नैना शामिल हैं।

रविवार, 27 अगस्त 2023

लड़कियों की तस्करी रोकने के लिए प्लान बनाया

लड़कियों की तस्करी रोकने के लिए प्लान बनाया

पंकज कपूर
शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश से लकड़ियों की तस्करी से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए वन विभाग की चौकियों को पुलिस सीमा चौकियों के साथ एकीकृत करने के निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने आज यहां वन विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए इमारती लकड़ी की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए इन एकीकृत चौकियों पर सीसीटीवी निगरानी सहित अत्याधुनिक तकनीक अपनाने पर बल दिया।
ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इमारती लकड़ी की तस्करी से राज्य सरकार को राजस्व की हानि होती है। उन्होंने वन विभाग को लकड़ी के अवैध व्यापार पर रोक लगाने के लिए सक्रिय एवं कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वन और पुलिस चौकियों के एकीकरण से व्यापक निगरानी एवं इमारती लकड़ी चोरी के विरूद्ध प्रभावी कदम सुनिश्चित होंगे।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के जंगल उत्तरी भारत को प्राणवायु प्रदान करते हैं और वन राज्य की मूल्यवान संपत्ति हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई भारी बारिश से प्रदेश की वन सम्पदा को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने वन विभाग को वन भूमि में गिरे पेड़ों को तुरंत हटाने और उनका उचित निपटान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

गुरुवार, 24 अगस्त 2023

भूस्खलन के साथ कनिष्ठ अभियंता बह गया

भूस्खलन के साथ कनिष्ठ अभियंता बह गया 

पंकज कपूर 
कांगड़ा। हिमाचल में भारी बारिश से बिगड़े हालातों का विभागो के बड़े अधिकारी भी फिल्ड में उतर कर जायजा ले रहे हैं। इसी तरह का जायजा ले रहे जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता के खड्ड में बहने की सूचना मिली है।  मामला सूबे के जिला कांगड़ा से सामने आया है, जहां जल शक्ति विभाग के एक कनिष्ठ अभियंता राजेश चौधरी पेयजल योजना का जायजा लेते समय खड्ड में बह गए। बताया जा रहा है कि हादसे के समय उनके साथ अन्य तीन कर्मचारी भी साथ में थे।
कांगड़ा के दौलतपुर से सामने आया मामला
मिल रही जानकारी के अनुसार जिला कांगड़ा के तहत आते दौलतपुर के पास जलाड़ी गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता राजेश चौधरी अपने अन्य तीन कर्मचारियों के साथ पेयजल दुरुस्ती व नुक्सान के आंकलन का कार्य कर रहे थे।
लैंडस्लाइड से घबराए खड्ड में गिरे कनिष्ठ अभियंता
इस बीच जब कनिष्ठ अभियंता राजेश चौधरी नुक्सान की रिपोर्ट अपनी डायरी पर लिख रहे थे उस समय अचानक उनके पास में लैंडस्लाइड हुआ। अपने काम में व्यस्त कनिष्ठ अभियंता लैंडस्लाइड से हुई आवाज से हड़बड़ा गए। इसी हड़बड़ाहट के चलते वो अपना संतुलन खो बैठे और साथ बह रही बनेर खड्ड में बह गए।

सोमवार, 21 अगस्त 2023

सुबह से शाम तक करते हैं खोज, मिलती है निराशा

सुबह से शाम तक करते हैं खोज, मिलती है निराशा   

वीरेंद्र भारद्वाज   
मंडी। सुबह होते ही प्रशासन की मशीनरी बड़े-बड़े पत्थरों और मलबे को हटाने में जुट जाती है। देर शाम तक काम चलता रहता है। अपने खोए परिजनों को ढूंढ़ने के लिए लोग हर रोज मशीनों के पास इसी उम्मीद के साथ बैठे रहते हैं कि आज उनके लापता परिजनों का पता चल जाएगा। लेकिन रात होने से पहले उम्मीदें टूट जाती हैं। जिले में प्राकृति आपदा में जो 6 लोग 14 अगस्त से लापता हैं, उसमें 6 महीने की दुधमुंही बच्ची भी शामिल है।
मशीनों पर भरोसा है
लापता लोग मंडी सदर उपमंडल के तहत आने वाले मसेरना और सांबल गांव में रहते थे। मसेरना गांव में 17 वर्षीय कृतिका ठाकुर अपनी 61 वर्षीय नानी मीना देवी के साथ तड़के गरही नींद में घर समेत बह गई। परिजन बता रहे हैं कि वे अपने स्तर पर हर जगह दोनों की तलाश कर चुके हैं। फिलहाल सिर्फ मशीनों पर भरोसा है। घर के साथ वाली गौशाला में बहे पशुओं के शव मिल गए, लेकिन इनका पता नहीं चल पा रहा है।
मां, बेटी और घर सब बह गए
मसेरना की तरह ही सांबल गांव में भी रोजाना सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। गांव के 4 लोग अभी भी लापता हैं। हाल में दो प्रवासी मजदूरों के शव बरामद हो गए थे। लापता 4 लोगों में एक 6 महीने की दुधमुंही बच्ची भी शामिल है।
लापता लोगों में तीन एक ही परिवार के हैं। इनमें 18 वर्षीय मोनिका, उसकी 6 महीने की बच्ची सानिया और 17 वर्षीय ननद रविता कुमारी शामिल हैं। मोनिका अपनी 6 महीने की बच्ची को लाने के लिए घर के अंदर गई और इतने में पूरा घर ढह गया। एक प्रवासी मजदूर भी यहां पर लापता है। इन सभी को तलाश करने के लिए सर्च ऑपरेशन चला हुआ है।

गुरुवार, 3 अगस्त 2023

हिमाचल में बरसात से 187 लोगों की मौत हुई

हिमाचल में बरसात से 187 लोगों की मौत हुई  

पंकज कपूर   
शिमला। हिमाचल में 24 जून को मानसून शुरू होने के बाद से बारिश से संबंधित घटनाओं और यातायात दुर्घटनाओं में कम से कम 187 लोगों की मौत हो गई l हिमाचल में मानसून से होने वाली बारिश और यातायात दुर्घटनाओं से कई लोगों को नुकसान हुआ है। लापता और घायल हुए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना है। सरकारी विभागों को जल्द से जल्द सहायता प्रदान करने के लिए कार्रवाई करने की जरूरत है ताकि इससे जुड़े लोगों को मदद मिल सके। सुरक्षा उपायों को मजबूत करना भविष्य में इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं से बचने में मदद कर सकता है।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुक्खू  जल्द ही प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मिलने की योजना बना रहे हैं। वे हिमाचल प्रदेश में हुए नुकसान की जानकारी देने की योजना बना रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को कहा कि वह जल्द ही दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे और उन्हें हिमाचल प्रदेश में बारिश के बारे में जानकारी देंगे। यहां प्रकाशित एक बयान में मंत्री ने कहा कि नुकसान का आकलन करने के लिए एक केंद्रीय टीम राज्य में पहुंची है। वह जल्द ही रिपोर्ट दर्ज कराएंगे। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जल्द ही दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे और हिमाचल प्रदेश में हुए बारिश के बारे में जानकारी देंगे। उन्होंने एक केंद्रीय टीम को भी राज्य में भेजा है ताकि नुकसान का आकलन किया जा सके। 
उन्हें जल्द ही रिपोर्ट दर्ज करने की योजना है। सीएम सुक्खू ने कहा है कि वे जल्द ही दिल्ली जाएंगे और भारी बारिश से हुए नुकसान की रिपोर्ट प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को पेश करेंगे। हिमाचल प्रदेश को बारिश के कारण 8,000 करोड़ रुपये का बड़ा नुकसान हुआ है। उन्हें अगस्त के पहले सप्ताह तक दिल्ली जाने की योजना है।अधिकारियों ने बताया कि सुक्खू अगस्त के पहले सप्ताह तक दिल्ली आ सकते हैं। सुक्खू ने रविवार को चंबा जिले के दौरे के दौरान 82.14 करोड़ रुपये की 14 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया l 34 लोग अभी भी लापता हैं इस बयान में कहा गया है कि उन्होंने शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थानों, आवासीय क्षेत्रों और अन्य कार्यालयों के लिए भवनों का उद्घाटन किया और सड़कों और चिकित्सा सुविधाओं की आधारशिला रखी l 24 जून को मानसून शुरू होने के बाद से हिमाचल प्रदेश में बारिश से संबंधित घटनाओं और यातायात दुर्घटनाओं में कम से कम 187 लोग मारे गए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 34 लोग लापता हैं।

गुरुवार, 27 जुलाई 2023

बादल फटने से आई बाढ़, गांव को खतरा बना  

बादल फटने से आई बाढ़, गांव को खतरा बना  

भूषण गुरुंग  

कुठेड। होली घाटी की ग्राम पंचायत चन्हौता के उपरी हिस्से में गुरुवार को फिर बादल फटा है। इसके चलते मच्छेतर नाले में बाढ़ आ गई और पूरे गांव को खतरा पैदा हो गया। सैलाब में दो दुकानें और इसके भीतर रखा सारा सामान सैलाब में बह गया, जबकि तीन कमरे व स्टोर समेत तीन घराट बह गए हैं। गुरुवार को सुबह अढ़ाई बजे के आसपास की घटना है।

जोरदार धमाके के साथ नाले में आई बाढ़ से पूरा मच्छेतर गांव हिल गया। लिहाजा लोग घरों के भीतर से निकल कर सडक़ पर आ गए। नतीजतन लोगों की पूरी रात बच्चों के साथ सडक़ पर ही बितानी पड़ी। बाढ़ से मच्छेतर पुल को भी नुकसान पहुंचा है। बहरहाल सूचना मिलते ही तहसीलदार होली प्रकाश चंद, जिला परिषद सदस्य अनिल कुमार और पंचायत प्रधान मौके पर पहुंच गए हैं। साथ ही राजस्व विभाग की टीम नुकसान का आकलन करने में जुट गए हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि कुठेड़ हाइड्रो प्रोजेक्ट का काम कर रही कंपनी द्वारा यहां बनाए रोड से नाला सिकुड़ गया है और इसके कारण पानी का बहाव गांव की ओर मुड़ गया।

जन्म के बाद 5 घंटे गड्ढे में रही प्रसिद्ध नर्तकी

जन्म के बाद 5 घंटे गड्ढे में रही प्रसिद्ध नर्तकी  

नितिश पठानियां

शिमला। जन्म के बाद पांच घंटे तक मिट्टी में दबी रही और फिर कालबेलिया नर्तकी के रूप में वह देशभर में मशहूर हुईं। अब 165 देशों का भ्रमण कर चुकी इस नर्तकी ने कई संघर्ष झेले लेकिन कभी हार नहीं मानी।

यहां बात हो रही है पद्मश्री गुलाबो सपेरा की। गेयटी थियेटर में आकाशवाणी शिमला की ओर से आयोजित लोक संगीत सभा में भाग लेने पहुंची पद्मश्री गुलाबो सपेरा ने बताया कि जन्म के तुरंत  बाद उन्हें दाई ने मिट्टी के गड्ढे में दफना दिया था। लेकिन मां और मौसी ने अपनी सूझबूझ से उन्हें गड्ढे से बाहर जिंदा निकाला। बताया कि इनका जन्म राजस्थान के कालबेलिया समुदाय में हुआ था। यहां के लोग बेटी के जन्म को बुरा मानते थे लेकिन मां को जैसी ही पता चला मुझे जन्म के बाद गड्ढे में दफना दिया तो वह तुरंत मौसी के साथ वहां पहुंची तथा मुझेे गड्ढे से बाहर निकाला।

गड्ढे से निकालते ही मेरी सांसे फिर चल पड़ीं। इसके बाद में गुलाबों ने पिता के साथ घूमकर सपेरा डांस किया। इनकी मेहनत और लगन ही थी कि उन्हें एक दिन अपने संघर्षों का फल मिला। राजस्थान सरकार ने उनका साथ दिया और इस साथ के चलते उन्होंने अपने नृत्य के हुनर को सुधारा। आज इन्हें कालबेलिया नृत्य के अविष्कार के रूप में जाना जाता है। वर्ष 2016 में उन्हें तत्कालीन राष्ट्रपति ने पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया। गुलाबो सपेरा ने कहा कि चौथी बार प्रस्तुति देने के लिए वह शिमला आई हैं। वह शिमला में आकर पहाड़ों के बीच शांति महसूस करती हैं। आगे जब भी शिमला आने का मौका मिलेगा तो वह जरूर आएंगी।

कई फिल्मों में कर चुकी हैं काम 

गुलाबो देश-विदेश में भी अपनी कला का प्रदर्शन कर चुकी हैं। इतना ही नहीं, वह कुछ बॉलीवुड फिल्मों में काम कर चुकी हैं। इनमें बंटवारा, गुलामी, क्षत्रिय, अजूबा सहित अन्य फिल्में शामिल हैं। गुलाबो सपेरा टीवी के सबसे चर्चित रियलिटी शो बिग बॉस में भी आ चुकी हैं। गुलाबो बिग बॉस-5 में बतौर कंटेस्टेंट हिस्सा ले चुकी हैं।

रविवार, 23 जुलाई 2023

शिमला: धमाके की जांच के लिए एनएसजी पहुंचे 

शिमला: धमाके की जांच के लिए एनएसजी पहुंचे 

नितिश पठानिया

शिमला। राजधानी शिमला के मिडल बाजार में बीते मंगलवार को शिवमंदिर के समीप हिमाचली रसोई रेस्तरां के अंदर हुए धमाके के मामले में रविवार को एनएसजी कमांडो डॉग स्क्वॉयड के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। टीम ने धमाके की जद में आए क्षेत्र को सील कर साक्ष्य जुटाए। डॉग स्क्वॉयड के साथ एनएसजी कमांडो।

धमाके से प्रभावित क्षेत्र और पूरे माल रोड को सील कर दिया गया है। एनएसजी कमांडो सुरक्षा पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रहे हैं। डॉग स्क्वॉयड भी प्रभावित क्षेत्र में छानबीन कर रहा। स्थानीय पुलिस भी इस संबंध में पूछताछ की जा रही है।

बता दें कि यह धमाका 18 जुलाई की शाम 7 बजकर 12 मिनट पर हुआ था। इस धमाके में एक कारोबारी अवनीश सूद की मौत हो गई थी, जबकि 13 अन्य घायल हुए थे।

25 को राज्य का सबसे बड़ा रोजगार मेला   

25 को राज्य का सबसे बड़ा रोजगार मेला   

श्रीराम मौर्य 

शिमला। नगरोटा में बाल मेले के उपलक्ष्य पर 25 जुलाई को राज्य का सबसे बड़ा रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा जिसमें 42 के करीब नामी गिरामी कंपनियां 3184 युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाएंगी।

इसमें आठवीं पास, दसवीं तथा जमा दो पास बेरोजगारों के साथ साथ आईटीआई, डिप्लोमा धारकों, स्नातक, स्नातकोत्तर, फार्मा बीटेक,एमबीए, जीएनएम इत्यादि प्रशिक्षितों को रोजगार के अवसर मिलेंगे इस बाबत कंपनियों ने अपनी वैंकसी रिपोर्ट भी भेजी है। यह जानकारी पर्यटन निगम के अध्यक्ष कैबिनेट रैंक आरएस बाली ने देते हुए बताया कि मेले की तैयारियां लगभग पूर्ण कर ली गई हैं।

उन्होंने बताया कि बाल मेले का 25 जुलाई को ले जनरल एसपी सिंह शुभारंभ करेंगे जबकि 26 जुलाई को स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल मेगा मेडिकल कैंप तथा पदमश्री ललिता वकील रोजगार मेला में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करेंगे। उन्होंने बताया कि 27 जुलाई को बाल मेले के समापन पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु बतौर मुख्यातिथि उपस्थित होंगे।

आरएस बाली ने कहा कि मेले में तीनों दिन लोगों के लिए धाम का आयोजन भी किया जाएगा जबकि बच्चों के लिए आईसक्रीम, जलेबियां तथा विभिन्न पकवान भी तैयार किए जाएंगे इसके साथ ही निशुल्क झूले भी स्थापित किए जाएंगे ताकि बच्चों का भरपूर मनोरंजन हो सके। उन्होंने कहा कि नगरोटा के विकास पुरूष जीएस बाली हमेशा लोगों के दिलों में बसते हैं तथा इस बाल मेले की शुरूआत जीएस बाली ने ही की थी इसी पंरपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

आरएस बाली ने कहा कि गत वर्ष संघर्ष रोजगार यात्रा 27 जुलाई को नगरोटा से आरंभ की गई थी तथा पूरे प्रदेश भर के युवाओं को इसके साथ जोड़ा गया था।

उसी संघर्ष यात्रा के दौरान युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने का संकल्प लिया था तथा इसी दिशा में पहला विशाल रोजगार मेला नगरोटा में आयोजित किया जा रहा है ताकि युवाओं को घर द्वार पर रोजगार उपलब्ध करवाने की दिशा में आगे बढ सकें।

आरएस बाली ने कहा कि बाल मेले के दौरान मेडिकल कैंप का भी आयोजन किया जा रहा है जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सक निशुल्क तौर पर रोगियों का चेकअप करेंगे तथा साथ ही दवाइयां तथा टेस्ट भी निशुल्क किए जाएंगे।

शनिवार, 15 जुलाई 2023

कुल्लू में फटा बादल, आफत की बरसात

कुल्लू में फटा बादल, आफत की बरसात

अजय सूर्या

कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की लगवैली में शनिवार को बादल फटने की सूचना से अफरा-तफरी मच गई। बादल फटने के बाद सरवरी खड्ड में बाढ़ आ गई। कुल्लू में सुबह से मौसम खराब चल रहा है।

गांव के लोगों ने घटना की सूचना प्रशासन को दी और एहतियातन कुल्लू जा रही बस को तुरंत खाली करवाया गया। अन्य वाहनों को भी सड़क के एक तरफ किया गया।सरवरी खड्ड में आई बाढ़।

उपायुक्त कुल्लू के बोल

उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने कहा कि आज सुबह लगवैली के गोरु डुग, फाटी, पिछली पतवार में बादल फटने के कारण छोरक पुल के पास दो मकान के अलावा पांच गोशाला बहने की सूचना है। उन्होंने बताया कि इस घटना में किसी भी प्रकार के जानमाल व पशुधन को नुकसान नहीं हुआ है।

एसडीएम कुल्लू के बोल

एसडीएम कुल्लू विकास शुक्ला ने कहा कि सुबह लगभग सात बजे लगवैली के समालंग में बादल फटने की सूचना मिली थी। जानकारी के मुताबिक, सरवरी खड्ड का पानी जरूर बढ़ा है, लेकिन खतरे वाली बात नहीं है।

गुरुवार, 13 जुलाई 2023

पीजी परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग की

पीजी परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग की

नीतीश पठानिया   

शिमला। बीते दिनों भारी वर्षा के कारण आई बाढ़ व भूस्खलन जैसी त्रासदियों से प्रदेशभर के सभी वर्गों के लोगों को भारी नुकसान हुआ है। ऐसे में प्रदेश के प्रभावित क्षेत्रों सहित अन्य कई इलाकों के छात्र-छात्राओं को भी कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

इस विषम स्थिति को मद्देनजर रखते हुए एनएसयूआई ने पीजी परीक्षाओं को स्थगित कर दस दिन बाद आयोजित करवाने की मांग प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन से की है। इस बारे में एनएसयूआई इकाई द्वारा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक जे एस नेगी को ज्ञापन सौंपा।

एनएसयूआई इकाई अध्यक्ष योगेश यादव ने कहा कि आज पूरा प्रदेश बाढ़ व भूस्खलन जैसी आपदा से जूझ रहा रहा है, जिससे प्रदेशभर में जान व माल का भारी नुकसान हुआ है। प्रदेश के कई जिलों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ी है।

जिससे प्रदेश के विभिन्न जिलों से हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र छात्राएं अपने घरों में फंसे हुए है। दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पीजी की परीक्षा तिथि घोषित कर दी है जोकि 17 जुलाई से है। ऐसे में कई छात्र- छात्राओं को परीक्षा से वंचित रहना पड़ेगा।

गौरतलब है कि मौसम विभाग द्वारा 14 से 17 जुलाई तक फिर से प्रदेश के कई जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। ऐसे में एनएसयूआई ने छात्रों के हितों व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विवि प्रशासन से परीक्षा को स्थगित करने की मांग रखी है।

ये रहे उपस्थित

इस मौके पर एनएसयूआई राज्य उपाध्यक्ष वीनू मेहता, राज्य महासचिव प्रवीण मिन्हास, यासीन भट, अरविंद ठाकुर, पवन नेगी, अक्षिता भरोटा, रमेश कुमार, रणदीप ठाकुर, चंदन महाजन, ईशान शर्मा, सचिन, राकेश सिंगटा, यशवंत ठाकुर, गिरीश, गौरव नेगी आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।

60 घंटे, 60 हजार पर्यटकों की घर वापसी 

60 घंटे, 60 हजार पर्यटकों की घर वापसी   

पंकज कपूर  

शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में भारी बारिश से बाढ़ एवं भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाई गई है। सबसे अधिक प्रभावित कुल्लू जिला तथा लाहौल-स्पिति में फंसे पर्यटकों एवं अन्य लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए पिछले लगभग 60 घण्टे से निरन्तर बचाव अभियान चलाया गया।

मुख्यमंत्री ने कुल्लू एवं मण्डी में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि वह गत तीन दिनों से कुल्लू, लाहौल-स्पिति तथा मण्डी में प्रभावित क्षेत्रों का दौरे पर हैं। उन्होंने कहा कि कुल्लू एवं लाहौल-स्पिति जिला के विभिन्न स्थानों पर लगभग 70 हजार पर्यटक एवं अन्य लोग फंसे हुए थे, इनमें से 60 हजार लोगों की सुरक्षित वापसी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इस बचाव अभियान में एक हजार कर्मचारी एवं अधिकारियों ने चौबीसों घण्टे युद्धस्तर पर कार्य करते हुए इसे संभव बनाया।

उन्होंने कहा कि इस विपदा में सबसे चुनौतिपूर्ण बचाव अभियान के तहत लाहौल-स्पिति के चन्द्रताल में फंसे पर्यटकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई है। लैंडिंग स्थल उपलब्ध न होने के कारण यहां वायुसेना के लिए हैलीकाप्टर उतारना संभव नहीं था।

प्रदेश सरकार की ओर से राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी तथा मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी बचाव अभियान की निगरानी के लिए भारी बर्फबारी के बीच शून्य से नीचे तापमान में तीन जेसीबी मशीनों के साथ तड़के सुबह दो बजे ग्राउंड जीरो (चन्द्रताल) पर पहुंचे। इसके उपरान्त 57 वाहनों के माध्यम से लगभग 250 पर्यटकों को वहां से सुरक्षित काजा लाने के साथ ही यह अभियान पूरा हुआ। उन्होंने अभियान से जुड़े सभी लोगों का उनके सक्रिय सहयोग एवं अथक प्रयासों के लिए आभार भी व्यक्त किया।

सोमवार, 10 जुलाई 2023

मानसून के प्रकोप से 55 लोगों की जान गई

मानसून के प्रकोप से 55 लोगों की जान गई  

पंकज कपूर 

शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून के प्रकोप से मरने वालों की संख्या सोमवार को एक और मौत की सूचना के साथ 55 हो गई, क्योंकि पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश से सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बाढ़ और भूस्खलन में आधा दर्जन लोगों के लापता होने की सूचना है।

ऐसी आशंका है कि वे अचानक आई बाढ़ में डूब या भूस्खलन में दब गए होंगे। राज्य सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि खराब मौसम के कारण राहत एवं बचाव अभियान प्रभावित हुआ है। इसके अलावा अधिकांश लिंक और प्रमुख सड़कें, राष्ट्रीय राजमार्ग, रेल, वायु, जल आपूर्ति और बिजली सेवायें अचानक आई बाढ़, भूस्खलन और भारी पत्थरों से उत्पन्न बाधाओं के कारण बाधित हो गई हैं।

किन्नौर से आ रही रिपोर्टों में कहा गया है कि इस जनजातीय जिले में लगातार बारिश के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने के कारण शिमला और किन्नौर जिलों के बीच सड़क संचार बाधित हो गया है। लुहरी आनी बंजार रोड पर राष्ट्रीय राजमार्ग 305 की स्थिति जोखिम मुक्त यातायात के लिए उपयुक्त नहीं है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के कार्यकारी अभियंता के एल सुमन ने कहा कि शिमला और किन्नौर को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर अवरुद्ध है और आनी बंजार एनएच की हालत भी खराब है।

शिमला, कुल्लू और किन्नौर के जिला प्रशासन ने लोगों और प्रवासी श्रमिकों को उफान पर चल रही सतलज और ब्यास नदियों के पास न जाने की चेतावनी दी है। अचानक आई बाढ़ और लगातार बारिश के अलावा, बांधों से गाद पनबिजली परियोजनाओं में पानी छोड़े जाने से स्थिति गंभीर हो गई है। सतलज नदी इसके किनारे बने मकानों के लिए भी खतरा पैदा कर रही है।

लगातार 48 घंटे से बरसात, सीएम चिंतित 

लगातार 48 घंटे से बरसात, सीएम चिंतित   

पंकज कपूर   

शिमला। हिमाचल प्रदेश में पिछले 48 घंटे से लगातार हो रही भारी बारिश से जन-जीवन व्यापक तौर पर प्रभावित हुआ है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू राहत एवं बचाव कार्यो की स्वयं निगरानी कर रहे हैं और प्रदेश तथा जिला प्रशासन के साथ निरन्तर सम्पर्क में हैं ताकि आपातकाल की स्थिति में लोगों को समय पर मदद पहुंचाई जा सके। रविवार को देर सायं सीएम ने सभी उपायुक्तों से बात की और संबंधित जिलों में हुए नुकसान का जायजा लिया तथा प्रभावितों को तुरन्त मदद पहुंचाने के निर्देश दिए। सीएम ने तड़के सुबह चार बजे तक विभिन्न स्थानों में फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव कार्यों पर नज़र बनाए रखी और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे।

हरियाणा के सीएम खट्टर ने भी की सीएम सुक्खू से बात

सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने भी रविवार देर शाम फोन पर बात की और भारी बारिश के कारण प्रदेश के विभिन्न भागों में फंसे हरियाणा के लोगों को सहायता उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। सीएम ने मनोहर लाल खट्टर को आश्वस्त किया कि वह निजी तौर पर इस मामले को देखेंगे। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को इस संबंध में तत्काल आवश्यक कदम उठाने के दिशा-निर्देश भी दिए।मंडी जिला के नगवाईं में फंसे छह लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए चलाए गए बचाव अभियान पर भी नज़र बनाए रखी। इन सभी छह लोगों को देर रात लगभग दो बजे सुरक्षित निकाल लिया गया। सीएम ने बचाव दल और स्थानीय प्रशासन के प्रयासों की सराहना भी की।

मनाली में फंसे 29 लोगों को आज सुबह आठ बजे निकाला

सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू मनाली के आलू ग्राउंड में फंसे 29 लोगों और लाहौल स्थित चंद्रताल झील के पास फंसे लगभग दो सौ पर्यटकों के बारे में भी पल-पल की जानकारी लेते रहे। मनाली में फंसे 29 लोगों को आज सुबह आठ बजे सुरक्षित निकाल लिया गया। चंद्रताल झील के पास फंसे पर्यटकों के लिए खाने-पीने की सामग्री, दवाएं और अन्य आवश्यक सामान भेजने के निर्देश दिए और जिला प्रशासन से उनके बारे में पल-पल की जानकारी लेते रहे, ताकि समय पर राहत एवं बचाव कार्यों का संचालन किया जा सके। सीएम कहा कि राज्य प्रशासन को विभिन्न स्थानों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हरसंभव कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि वह स्थानीय प्रशासन और जन प्रतिनिधियों के लगातार सम्पर्क में हैं और व्यक्तिगत रूप से स्थिति का जायजा ले रहे हैं। आपदा की इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार सभी लोगों के साथ हैं। उन्होंने लोगों से अनावश्यक यात्राओं से बचने और नदी-नालों के नजदीक न जाने की अपील भी की है।

गुरुवार, 6 जुलाई 2023

सिंह ने दलाई लामा को जन्मदिन की बधाई दी 

सिंह ने दलाई लामा को जन्मदिन की बधाई दी 

पंकज कपूर

धर्मशाला। तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा आज 88वां जन्म दिन मना रहे हैं। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मैक्लोडगंज में तिब्बती आध्यात्मिक गुरु को उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने दलाई लामा को सम्मानित भी किया।

कार्यक्रम के दौरान सीएम ने कहा कि तिब्बती समुदाय के लोगों और प्रदेश के बीच 75 वर्षों का गहरा रिश्ता है। उन्होंने दोनों समुदायों के बीच सौहार्दपूर्ण सह-अस्तित्व पर प्रकाश डाला और आश्वस्त किया कि राज्य सरकार तिब्बती समाज के कल्याण के लिए सदैव तत्पर रहेगी। सीएम सुक्खू ने कहा कि आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा की जीवन यात्रा, दृढ़-निश्चय समर्पण और संघर्षों से भरी है। उन्होंने सभी से दलाई लामा की शिक्षाओं और अनुभवों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया और कहा कि उनके विचारों को आत्मसात करते हुए हमें अध्यात्म के पथ पर आगे बढ़ना चाहिए।

आध्यात्मिक गुरू के संदेश का विश्वभर में अनुसरण किया जाता है

सीएम ने कहा कि दलाई लामा अहिंसा, करुणा और भाईचारे का प्रतीक हैं तथा दुनियाभर में प्रेम, शांति और भाईचारे के अग्रदूत के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने तिब्बत और वहां के लोगों के अधिकारों के लिए दलाई लामा के अथक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक गुरू के संदेश का विश्वभर में अनुसरण किया जाता है। वैश्विक स्तर पर उनकी शिक्षाओं को लोगों का अपार स्नेह और समर्थन मिला है। शांति के क्षेत्र में दलाई लामा के योगदान के लिए उन्हें 150 से अधिक पुरस्कार मिले हैं।केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के अध्यक्ष पेंपा त्सेरिंग, निर्वासित तिब्बती संसद के अध्यक्ष खेंपो सोनम तेनफाल, सीएम पत्नी कमलेश ठाकुर, कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार, डीसी डॉ. निपुण जिंदल और अन्य गणमान्य इस अवसर पर उपस्थित थे।

मंगलवार, 27 जून 2023

चंडीगढ़-मनाली राजमार्ग यातायात के लिए बहाल

चंडीगढ़-मनाली राजमार्ग यातायात के लिए बहाल

पंकज कपूर  

शिमला। भूस्खलन और बाढ़ के कारण करीब 24 घंटे तक बंद रहने के बाद चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग सोमवार रात यातायात के लिए बहाल कर दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। राजमार्ग अवरुद्ध होने के कारण रविवार शाम से हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में पर्यटकों सहित सैकड़ों यात्री फंस गए थे।

अचानक आई बाढ़ के बाद मंडी शहर से करीब 40 किलोमीटर दूर औट के पास खोतीनल्ला में राजमार्ग का 70 किलोमीटर लंबा मंडी-पंडोह-कुल्लू मार्ग अवरुद्ध हो गया, जबकि भूस्खलन के बाद मंडी-पंडोह खंड 6-माइल्स के पास अवरुद्ध हो गया था। हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी है।

मौसम विज्ञान विभाग ने 28-29 जून को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश, आंधी चलने तथा बिजली कड़कने और 30 जून तथा एक जुलाई को आंधी चलने तथा बिजली कड़कने का पूर्वानुमान लगाया है। भारी बारिश के बाद राज्य में कुल 301 सड़क मार्ग बंद हो गए थे, जबकि 140 बिजली ट्रांसफार्मर इससे प्रभावित हुए।

भारी बारिश के कारण मंडी शहर से करीब 40 किलोमीटर दूर पंडोह-कुल्लू मार्ग पर औट के पास खोतिनल्ला में अचानक बाढ़ आ गई थी। राज्य आपदा अभियान केंद्र की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, भूस्खलन, बारिश संबंधी घटनाओं और डूबने से राज्य में अभी तक नौ लोगों की मौत हुई है। आंकड़ों के अनुसार, बारिश से जुड़ी घटनाओं में राज्य को 102 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

सोमवार, 26 जून 2023

भारी बरसात के कारण कई नदियां उफान पर

भारी बरसात के कारण कई नदियां उफान पर

लक्ष्मण बिष्ट

लोहाघाट। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते चंपावत जिले के लोहाघाट ब्लॉक के नेपाल सीमा पर पंचेश्वर में बहने वाली महाकाली व सरयू नदियां उफान में आ गई है। नदियों के अचानक बढ़े जलस्तर व बारिश के रेड अलर्ट के बाद चंपावत प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से नदियों के किनारे ना जाने तथा सुरक्षित स्थानों में रहने के आदेश जारी किए हैं, तथा टनकपुर बनबसा बैराज को भी अलर्ट जारी किया है।

मालूम हो पंचेश्वर में महाकाली व सरयू नदी का संगम होता है, जिसके बाद नदियों का जलस्तर काफी बढ़ जाता है। बारिश के चलते दोनों नदिया काफी उफान में है। जिस कारण नेपाल बॉर्डर पर एसएसबी को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है अभी नदियों के जलस्तर में और वृद्धि होने की पूरी संभावना है। प्रशासन नदियों के जल स्तर पर नजरें बनाए रखे हुए हैं तथा प्रशासन के द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से इन नदियों में होने वाली राफ्टिंग व एंग्लिंग को भी बंद करवा दिया गया है।

शनिवार, 24 जून 2023

नदी-नालों में उफान, पहाड़िया टूट कर गिरी 

नदी-नालों में उफान, पहाड़िया टूट कर गिरी 

पंकज कपूर  

शिमला। हिमाचल में मौसम काफी खराब हो रखा है। राजधानी शिमला सहित अन्य तमाम हिस्से भारी बारिश से जलमग्न हैं। नदी-नालों में उफान है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि, वे सावधानी बरतते हुए नदी-नालों से हर हाल में दूरी बनाकर रखें। नदी-नालों के पास से गुजरने में परहेज करें।  

बता दें कि, बारिश से आए नदी-नालों में उफान के सैलाब और मलबे के चलते कई रास्ते क्षतिग्रस्त और अवरुद्ध हो गए हैं। वहीं बारिश से लैंडस्लाइड की घटनाएं भी हो रहीं हैं। पहाड़ियां टूटकर सड़कों पर आ गईं हैं। पहाड़ियों का मलबा सड़कों पर बिखरा हुआ है। यहां तक कि, बारिश से कालका-शिमला रेल ट्रैक को भी नुकसान पहुंचा है। ट्रक बाधित होने से रुट पर टॉय ट्रेनों का आवागमन बाधित हो रहा है।  बहराल, बारिश के चलते यहां लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।  

शिमला में लैंडस्लाइड ये रुट बंद

हिमाचल प्रदेश ट्रैफिक पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया है कि, शिमला संजौली लक्कड़ बाजार बस स्टॉप के पास भू स्खलन होने के कारण पहाड़ी का आधिकांश हिस्सा (मलबा) रोड पर आ गया है जिस कारण यातायात व्यवस्था दोनों तरफ बंद हो गई है। सभी लोग शिमला से संजौली आने जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग का प्रयोग करें।

ट्रैफिक पुलिस ने सलाह दी कि, लोग छोटा शिमला या ढली बाई पास, भटाकुफ्फर रोड का अधिक से अधिक प्रयोग कर सकते हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग को भू स्खलन के बारे में सूचित कर दिया गया है। रोड को बहुत जल्दी खुलवा दिया जायेगा। सभी सावधानी से अपने वाहनों को चलाएं।

हिमाचल में येलो अलर्ट जारी

जानकारी के अनुसार, हिमाचल में मौसम अभी सही नहीं होने वाला है। मौसम विज्ञान ने आगे को मौसम को लेकर भी भारी बारिश येलो अलर्ट जारी किया है। अगले करीब तीन दिनों तक हिमाचल के शिमला सहित कई हिस्सों में मौसन बिगड़ा रह सकता है। हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में शनिवार को रात भर भारी बारिश की संभावना है।

सोमवार, 19 जून 2023

20 नई ई-बसों को हरी झंडी, रवाना किया

20 नई ई-बसों को हरी झंडी, रवाना किया

पंकज कपूर

शिमला। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज चौड़ा मैदान शिमला से हिमाचल पथ परिवहन निगम की 20 नई ई-बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे शहर में अब ई-बसों की कुल संख्या 50 से बढ़कर 70 हो गई है। सीएम ने कैबिनेट की बैठक में भाग लेने के लिए चौड़ा मैदान से प्रदेश सचिवालय तक की यात्रा ई-बस से की।

इस अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएम ने कहा कि वर्तमान में हिमाचल पथ परिवहन निगम 90 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। इनमें 17 ई-बसें कुल्लू में, 5 मंडी में, 3 बिलासपुर तथा 50 ई-बसे शिमला जिले के ढली डिपो में हैं। वर्तमान में धर्मशाला में निगम के बेड़े में 15 अतिरिक्त ई-बसें शामिल की गईं हैं। इन ई-बसों की परिचालन लागत डीजल बसों की तुलना में बेहद कम लगभग 25 रुपये प्रति किलोमीटर है। उन्होंने कहा कि ई-मोबिलिटी को बढ़ावा देने से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी जिससे पर्यावरण संरक्षण में भी सहयोग प्राप्त होगा।

हरित ऊर्जा राज्य के रूप में विकसित किया जाएगा

सीएम सुक्खू ने कहा कि परिवहन निगम ने शिमला स्थानीय और नादौन में उपयोग की जाने वाली 75 टाइप-1 ई-बसों के लिए निविदा प्रक्रिया जारी है और मौजूदा डीजल बसों को बदलने के लिए 225 टाइप-2 ई-बसों के लिए तकनीकी विनिर्देशों को अंतिम रूप दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चरणबद्ध तरीके से हिमाचल पथ परिवहन निगम की 1500 बसों के पूरे बेड़े को ई-बसों से बदलेगी जिसके लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा भी स्थापित किया जा रहा है। इसके अलावा इन ई-बसों को पर्यटन वृत्त (सर्कट) पर भी चलाया जाएगा।

सोमवार, 13 मार्च 2023

14 मार्च से 6 अप्रैल तक चलेगा विधानसभा का सत्र 

14 मार्च से 6 अप्रैल तक चलेगा विधानसभा का सत्र 

श्रीराम मौर्य 

शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र कड़ी सुरक्षा के बीच मंगलवार से शुरू हो रहा है। यह बजट सत्र 14 मार्च से 06 अप्रैल तक चलेगा। इस बजट सत्र में कुल 18 बैठकें होंगी। सुक्खू सरकार को सत्ता संभाले हुए अभी तीन माह का ही समय हुआ है, लेकिन विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। विपक्ष ने आज सरकार द्वारा डीनोटिफाई किए गए संस्थानों के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश में हस्ताक्षर अभियान और जन आक्रोश रैलियां कर रही है। शिमला में भी भाजपा ने आज शेर ए पंजाब से सीटीओ चौक तक रैली निकाली और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा कि सुखविंदर सिंह सुक्खू हिमाचल के लोकप्रिय मुख्यमंत्री है।

जब से उन्होंने सत्ता संभाली है, तब से केवल संस्थानों पर ताले लगाने का कार्य किया जा रहा है। ठाकुर ने सोमवार को मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि प्रदेश में डि-नोटिफाई किए संस्थानों का मुद्दा निश्चित रूप से विधानसभा सत्र में उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा जनहित का मुद्दा है। इस मुद्दे को भाजपा द्वारा विधानसभा के अंदर और बाहर दोनों जगह उठाया जाएगा। इसको लेकर शिमला में प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है। भाजपा के हस्ताक्षर अभियान के तहत इकट्ठा किए गए लोगों के लाखों हस्ताक्षर करवा राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि पहला बजट अभी पेश नहीं हुआ पर सरकार का हाल ऐसा लग रहा है कि सरकार का अंतिम वर्ष चल रहा है।

उन्होंने कहा कि आक्रोश रैलियों के माध्यम से लोग रोष व्यक्त कर रहे हैं। लोगों के गुस्से का अंदाजा मंडी, कुल्लू और कांगड़ा जिला में भाजपा की हुई आक्रोश रैलियों में इकट्ठा हुए जनसमूह से लगाया जा सकता है। ओल्ड पेंशन स्कीम को लेकर पूछे सवाल पर ठाकुर ने कहा कि विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस पार्टी द्वारा पहली कैबिनेट में ओपीएस बहाली की गारंटी दी गई थी, लेकिन आज कांग्रेस सत्ता में आने के बाद अपने वादे से मुकर रही है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा हर कैबिनेट में ऑफिस को लेकर बात की जा रही है, लेकिन कर्मचारियों को ओपीएस कब और कैसे मिलेगी इसके बारे में आज तक सरकार नहीं बता पाई है।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांग ओपीएस है, इसमें कर्मचारी किसी भी तरह हेर-फेर नहीं चाहते हैं। सरकार कर्मचारियों की मांग को लेकर अभी तक ओपीएस नहीं दे पाई है। उन्होंने कहा कि 25 साल से हिमाचल प्रदेश में इतना निराशा का माहौल नहीं देखा। उन्होंने कहा कांग्रेस सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 11 दिसंबर 2022 को हुआ और 12 दिसंबर से इस सरकार ने बदला बदली के साथ काम करना शुरू कर दिया। हमने सोचा कि यह अनुचित कार्य सरकार से गलती से हो गया है, पर जब हमने सरकार से बात की तो हमने यह देखा कि सरकार ने सोच-समझकर किया है। सरकार एक षड्यंत्रकारी सरकार कार्य कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें यह समझ नहीं आ रहा है कि सरकार के सलाहकार कौन है, आज प्रदेश में 620 से अधिक सरकारी संस्थान बंद हो चुके हैं, 19 डिग्री कॉलेज बंद कर दिए हैं और 286 स्कूल बंद हो गए है।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने सारे संस्थानों को गरीबों के हक में खोला था, इस कांग्रेस सरकार ने संस्थानों को बंद कर दिया इसका मतलब यह सरकार गरीबों के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि यह सरकार व्यवस्था परिवर्तन की बात करती है, हिमाचल एक छोटा सा प्रदेश है और यहां एक उप मुख्यमंत्री बनने की क्या आवश्यकता पड़ गई। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सरकार की स्थिति स्थिर नहीं है, जिस प्रकार से इस सरकार के विधायक अपनी सरकार के विरुद्ध भी बोल रहे चीजें ठीक नहीं लग रही।

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