शुक्रवार, 16 दिसंबर 2022

चुनाव के लिए बनाए गए मतदान केंद्रों का निरीक्षण 

चुनाव के लिए बनाए गए मतदान केंद्रों का निरीक्षण 

भानु प्रताप उपाध्याय 

मुजफ्फरनगर। आगामी निकाय चुनाव को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए पुलिस अभी से अपनी तैयारियों में जुटी हुई है। शुक्रवार को एसएसपी विनित जायसवाल ने शाहपुर थाना क्षेत्र में निकाय चुनाव के लिए बनाए गए मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। एसएसपी ने पुलिस को निरोधात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए है। एसएसपी ने चुनाव हेतु की गयी तैयारियों की समीक्षा भी की।

आगामी नगर निकाय चुनाव को जनपद में सकुशल सम्पन्न कराने व सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ रखने हेतु एसएसपी विनीत जायसवाल द्वारा पुलिस अधिकारियों के साथ थाना शाहपुर क्षेत्रान्तर्गत शाहपुर कन्या इंटर कॉलेज स्थित मतदान केन्द्र का निरीक्षण किया गया। इस दौरान थानाध्यक्ष शाहपुर कर्मवीर सिंह व अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। एसएसपी ने मतदान केन्द्र पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेेते हुए अपराधियों व हिस्ट्रीशीटर पर कार्रवाई के निर्देश दिए। निकाय चुनाव को लेकर पुलिस लगातार तैयारियों में जुटी हुई है।

कमजोर वर्गों के बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित, निर्देश

कमजोर वर्गों के बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित, निर्देश

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को दिल्ली सरकार को निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों में समाज के कमजोर वर्गों के बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि यह इसके लिए उपयुक्त समय है, कि न्यायपालिका लोगों द्वारा उससे सम्पर्क करने का इंतजार किये बिना उन तक पहुंच बनाएं।

अदालत ने कहा कि इन बच्चों को शिक्षा के अपने मौलिक अधिकार का लाभ उठाने के लिए अदालत का रुख करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। अदालत ने कहा कि संबंधित सभी निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूल यह सुनिश्चित करेंगे कि शिक्षा के अधिकार (आरटीई) अधिनियम में परिभाषित "कमजोर वर्गों" से संबंधित और शिक्षा निदेशालय (डीओई) द्वारा किसी शैक्षणिक सत्र में प्रवेश के लिए अनुशंसित किसी भी छात्र को प्रवेश से वंचित नहीं किया जाए या उनसे ऐसा व्यवहार नहीं किया जाए जो उनके लिए अप्रिय हो।

कई स्कूलों द्वारा प्रवेश से वंचित किए गए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) से संबंधित बच्चों की ओर से पेश वकील ने बताया कि यहां तक कि चयनित छात्रों और उनके माता-पिता के लिए स्कूल के गेट बंद कर दिए गए। न्यायमूर्ति चंद्र धारी सिंह ने अपने फैसले में कहा, ‘‘कोई भी छोटे बच्चों और उनके माता-पिता द्वारा सामना किए गए अपमान की कल्पना कर सकता है।

यह अदालत, संविधान के संरक्षक के रूप में, शिक्षा प्रदान करने की महान सेवा में संलग्न संस्थाओं द्वारा मानवाधिकारों के उल्लंघन पर मूकदर्शक नहीं बनी रह सकती।’’ अदालत ने कहा कि इन याचिकाओं से यह पता चलता है कि आरटीई अधिनियम के प्रावधानों के साथ-साथ डीओई द्वारा जारी निर्देशों या परिपत्रों का उल्लंघन किया जा रहा है। अदालत ने कहा, ‘‘इन बच्चों ने और कोई अपराध नहीं किया है, सिवाय इसके कि वे गरीबी में पैदा हुए हैं। इस अदालत की अंतरात्मा पर गरीब बच्चों और उनके माता-पिता के कष्टों का भार है। स्थिति भयावह और पीड़ादायक है। यह न्याय का उपहास और सरकार द्वारा अपने कर्तव्यों के निर्वहन में पूरी तरह से विफलता है।’’

अदालत ने कहा, ‘‘पूर्वोक्त विश्लेषण के साथ-साथ प्राथमिक शिक्षा स्तर पर आरटीई अधिनियम के कार्यान्वयन को लेकर दिल्ली एनसीटी में दयनीय स्थिति में सुधार करने के वास्ते कमजोर वर्ग से संबंधित गरीब बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित करने के संबंध में डीओई को निर्देश जारी करने को लेकर इस अदालत द्वारा संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करना उचित है।’’

याचिकाएं प्राथमिक स्तर पर विभिन्न निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों में आरटीई अधिनियम की धारा 2 (ई) के तहत ईडब्ल्यूएस श्रेणी से संबंधित छात्रों के प्रवेश के लिए दायर की गईं थीं। ईडब्ल्यूएस श्रेणी के इन छात्रों को दिल्ली सरकार के डीओई द्वारा पत्र दिया गया है, जिसमें आरटीई अधिनियम की योजना के तहत राष्ट्रीय राजधानी में संबंधित स्कूलों में उनके प्रवेश की पुष्टि की गई है।

ये पत्र डीओई द्वारा आयोजित ड्रा के अनुसार जारी किए गए थे और परिणाम सभी स्कूलों के साथ-साथ ईडब्ल्यूएस श्रेणी से संबंधित कुछ भाग्यशाली बच्चों को सूचित किए गए थे, जो इस तरह के ड्रॉ द्वारा चुने गए थे। बच्चों के पास डीओई से प्रवेश के लिए पत्र होने के बावजूद, स्कूलों ने उन्हें प्रवेश देने से मना कर दिया। 

पीएम के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी, आलोचना 

पीएम के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी, आलोचना 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए पाकिस्तानी नेता बिलावल भुट्टो की आलोचना करते हुए शुक्रवार को कहा कि पड़ोसी देश के विदेश मंत्री ‘‘नैतिक, बौद्धिक और आर्थिक रूप से दिवालिया’’ देश का प्रतिनिधित्व करते हैं और आतंकवाद को समर्थन देने के कारण, उसकी (पाकिस्तान की) कोई विश्वसनीयता नहीं है।

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि भुट्टो की यह टिप्पणी इस दिन भारत से मिली हार पर पाकिस्तान के दर्द का नतीजा हो सकती है। उनका इशारा 1971 के युद्ध में आज ही के दिन पाकिस्तान पर हुई भारत की जीत की ओर था। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी विदेश मंत्री का बयान बहुत ही घृणित और शर्मनाक है। उन्होंने कहा, ‘‘यह आज के ही दिन भारत से हारने के पाकिस्तान के दर्द का नतीजा हो सकता है। हार के बाद उनके नाना जोर-जोर से रोए। इसके बावजूद पाकिस्तान की धरती लगातार आतंकियों को संरक्षण देने की कोशिश कर रही है। चाहे वह जम्मू-कश्मीर में हो या भारत के विभिन्न हिस्सों में, यह दुनिया से छिपा नहीं है।’’

मोदी पर ‘‘गुजरात के कसाई’’ वाले बयान के लिए भुट्टो की आलोचना करते हुए विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने कहा कि पाकिस्तान से इससे बेहतर की उम्मीद नहीं की जा सकती, क्योंकि ये वे लोग हैं जिन्होंने बलूचिस्तान में लोगों की हत्या की है। उन्होंने कहा, ‘‘आम तौर पर किसी भी संप्रभु देश के विदेश मंत्री इस तरह से नहीं बोलते हैं। लेकिन यह पाकिस्तान है। आप इससे क्या उम्मीद कर सकते हैं? ये वो लोग हैं, जिन्होंने बलूचिस्तान में लोगों की हत्या की है। ये वे लोग हैं जिन्होंने कश्मीर में लोगों को मारा है। ये पंजाब के कसाई हैं। ये कराची के कसाई हैं।’’

भुट्टो ने यह टिप्पणी भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर द्वारा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में आतंकवाद को समर्थन देने को लेकर पाकिस्तान पर तीखा हमला करने के बाद की। भाजपा के विदेश मामलों से संबंधित विभाग के प्रमुख विजय चौथाईवाले ने कहा कि पाकिस्तान में भी भुट्टो की टिप्पणियों को कोई गंभीरता से नहीं लेता।

उन्होंने कहा, ‘‘वह पाकिस्तान के पप्पू हैं और एक ही हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान नैतिक, बौद्धिक और आर्थिक रूप से दिवालिया देश है। अपने स्वयं के कृत्यों के कारण, जिसमें आतंकवादियों को समर्थन देना और सीमा पार आतंकवाद को एक नीति बनाना शामिल है, उन्होंने सभी प्रकार की विश्वसनीयता खो दी है, जो उनके पास हो सकती थी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भुट्टो की टिप्पणी स्पष्ट रूप से निंदनीय है। लेकिन विश्व मंच पर उनकी कोई विश्वसनीयता नहीं है और उनसे इससे बेहतर की उम्मीद नहीं की जा सकती।’’ लेखी ने कहा कि पाकिस्तानी मंत्री की टिप्पणी उनकी खुद की ‘‘मानसिक कमी और दिवालियेपन’’ को दर्शाती है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत स्टार्टअप और इनक्यूबेशन पर काम कर रहा है, जबकि पाकिस्तान को आतंकवाद के लिए इनक्यूबेटर के रूप में जाना जाता है। एक दिवालिया देश का प्रतिनिधित्व बौद्धिक रूप से दिवालिया लोगों द्वारा किया जाता है, जो यह भी नहीं जानते कि पाकिस्तान कितनी बार वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) की ग्रे सूची में शामिल रहा है।’’

चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों पर पाबंदी, प्रस्ताव विचाराधीन नहीं 

चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों पर पाबंदी, प्रस्ताव विचाराधीन नहीं 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा को बताया कि चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों (ओपिनियन पोल) पर पाबंदी का कोई प्रस्ताव उसके विचाराधीन नहीं है। गौरतलब है कि चुनावों की घोषणा के बाद ओपिनियन पोल पर प्रतिबंध लगाने की मांग कई वर्ग करते आ रहे हैं। क्या सरकार चुनाव की घोषणा होने और आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद ओपिनियन पोल और एक्जिट पोल पर रोक लगाने पर विचार कर रही है, इस प्रश्न के लिखित उत्तर में विधि मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि ओपिनियन पोल पर पाबंदी के संबंध में ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

निर्वाचन आयोग ने चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा और मतदान के अंतिम चरण के बीच ओपिनियन पोल के प्रकाशन और प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की थी।रीजीजू ने अपने जवाब में कहा कि देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए सभी राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों में मतदान शुरू होने से लेकर मतदान समाप्त होने के आधे घंटे बाद तक की अवधि में किसी तरह का एक्जिट पोल करने और इसके नतीजे किसी भी माध्यम से प्रकाशित और प्रसारित करने पर पाबंदी है।

'सीयूईटी-यूजी' के दूसरे संस्करण का आयोजन होगा 

'सीयूईटी-यूजी' के दूसरे संस्करण का आयोजन होगा 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। विश्वविद्यालयीन सामान्य प्रवेश परीक्षा-स्नातक (सीयूईटी-यूजी) के दूसरे संस्करण का आयोजन 21 से 31 मई 2023 के बीच किया जाएगा। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने शुक्रवार को यह घोषणा की। एनटीए ने बताया कि विश्वविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया जुलाई 2023 तक पूरी कर ली जाएगी और नया शैक्षणिक सत्र एक अगस्त से शुरू हो सकता है।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने पिछले साल मार्च में घोषणा की थी कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों दाखिले एक संयुक्त प्रवेश परीक्षा के माध्यम से किए जाएंगे, न कि कक्षा 12 के अंकों के आधार पर। यूजीसी अध्यक्ष एम जगदीश कुमार के मुताबिक, सीयूईटी-यूजी के लिए आवेदन प्रक्रिया फरवरी 2023 के पहले सप्ताह में शुरू होगी। उन्होंने बताया, “विषयों की संख्या और प्रश्न पत्रों का पैटर्न समान रहेगा।

एक अभ्यर्थी सामान्य परीक्षा के अलावा छह डोमेन विषयों और एक या दो भाषाओं की परीक्षा दे सकता है। परीक्षा निम्नलिखित भाषाओं में आयोजित की जाएगी-असमिया, बांग्ला, अंग्रेजी, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू।” कुमार के अनुसार, एनटीए देशभर में 1,000 परीक्षा केंद्र तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है, जिनमें से 450 से 500 केंद्रों पर रोजाना परीक्षा होगी।

उन्होंने बताया कि सीयूईटी-पीजी परीक्षा की तारीखें भी अगले हफ्ते घोषित की जा सकती हैं। कुमार ने कहा, “सीयूईटी-पीजी परीक्षा जून 2023 के पहले या दूसरे सप्ताह में होने की संभावना है। सीयूईटी-यूजी परीक्षा के नतीजे जून 2023 के तीसरे सप्ताह में घोषित करने की योजना है। वहीं, सीयूईटी-पीजी के परिणाम जुलाई 2023 के पहले हफ्ते में घोषित किए जा सकते हैं।”

उन्होंने कहा, “सीयूईटी-यूजी और सीयूईटी-पीजी के निर्धारित परीक्षा कार्यक्रम के साथ विश्वविद्यालय जुलाई 2023 के अंत तक अपनी प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं और एक अगस्त 2023 तक नया शैक्षणिक सत्र शुरू किया जा सकता है।” सीयूईटी-यूजी के पहले संस्करण का आयोजन इस साल जुलाई में किया गया था और इसमें कई खामियां व शिकायतें सामने आने के बाद एनटीए को विभिन्न केंद्रों पर परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी।

कई अभ्यर्थियों को परीक्षा से एक रात पहले उसे रद्द किए जाने की जानकारी दी गई थी, जबकि कई को परीक्षा केंद्रों से लौटा दिया गया था। सीयूईटी-यूजी औसत 14.9 लाख पंजीकरण के साथ अब देश में होने वाली दूसरी सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा है। इसने जेईई-मेन को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की, जिसमें हर साल औसतन नौ लाख पंजीकरण होते हैं। नीट-यूजी (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक) भारत की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा है, जिसमें हर साल औसतन 18 लाख पंजीकरण होते हैं।

जहरीली शराब त्रासदी, डीजीपी को नोटिस जारी 

जहरीली शराब त्रासदी, डीजीपी को नोटिस जारी 

अकांशु उपाध्याय/अविनाश श्रीवास्तव 

नई दिल्ली/पटना। बिहार में जहरीली शराब त्रासदी को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने बिहार सरकार और राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को नोटिस जारी किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। गौरतलब है कि जहरीली शराब पीने से बिहार में 30 लोगों की मौत हो गई है। आयोग ने अपने बयान में कहा कि बिहार में अप्रैल, 2016 से शराब के सेवन और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध है, हालांकि इसका क्रियान्वयन सही तरीके से नहीं हुआ है।

सारण जहरीली शराब त्रासदी मामले में मृतकों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर 30 हो गई, जो बिहार में छह साल पहले लागू मद्य निषेध की नीति के बाद से जहरीली शराब से मरने वालों की सर्वाधिक संख्या है। इस घटना का असर राज्य विधानसभा में भी दिखना जारी है, जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों ने राजभवन भवन मार्च से पहले दोनों सदन की कार्यवाही को बाधित किया। हालांकि, अपुष्ट खबरों में दावा किया गया है कि अवैध रूप से तैयार देशी शराब पीकर मरने वालों की संख्या करीब 50 है। आयोग ने मीडिया रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लिया है, जिसमें कहा गया है कि बिहार के सारण जिले में कथित रूप से जहरीली शराब पीने के कारण कई लोगों की मौत हो गई।

आयोग ने कहा कि यदि मीडिया में आई खबरें सही हैं, तो इससे मानवाधिकार को लेकर चिंता पैदा होती है। आयोग के बयान के मुताबिक, उसने बिहार के मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस जारी करके विस्तृत ब्योरा तलब किया है, जिसके तहत पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी, अस्पताल में भर्ती पीड़ितों का चिकित्सा उपचार और पीड़ित परिजनों को दी गई क्षतिपूर्ति (यदि की गई है तो) की जानकारी मांगी गई है।

आयोग ने यह भी जानना चाहा कि इस त्रासदी को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। आयोग ने सरकार से इस बारे में यथा शीघ्र जवाब मांगा है, लेकिन यह जवाब आदेश जारी होने के बाद से चार हफ्ते के अंदर देना होगा। पंद्रह दिसंबर को जारी चिकित्सा रिपोर्ट के मुताबिक, छपरा इलाके में मरौढ़ा थाना अंतर्गत मशरख, इशुआपुर और अमनौर गांवों में ये मौतें हुईं।

बयान में कहा गया है कि पुलिस को संदेह है कि ग्रामीणों ने आस-पास के इलाकों में एक सामान्य दुकान से शराब खरीदी होगी। मृतकों के परिजनों ने कथित तौर पर कहा है कि 50 से अधिक लोगों ने देशी शराब पी थी। 

दिल्ली के कोने-कोने की सफाई कर रहे हैं पार्षद 

दिल्ली के कोने-कोने की सफाई कर रहे हैं पार्षद 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के नवनिर्वाचित पार्षद सफाई कर्मचारियों के साथ दिल्ली के कोने-कोने की सफाई कर रहे हैं। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने यह बात शुक्रवार को कही और माना कि सभी पार्षदों को सफाई कार्य में शामिल होना चाहिए। केजरीवाल ने हिंदी में किये गये ट्वीट के अलावा अपनी पार्टी की एक महिला पार्षद का पोस्ट साझा किया जिसने अपने वार्ड में एक स्थान की सफाई से पहले और इसके बाद की तस्वीर ट्वीटर पर साझा की थी।

दिल्ली नगर निगम का चुनाव गत चार दिसंबर को हुआ था जिसमें आप को 250 में से 134 सीट पर जीत मिली। केजरीवाल ने ट्वीट किया, कई दिनों से इस तरह की तस्वीरें कई इलाकों से मिल रही हैं। आप के नवनिर्वाचित पार्षद दिल्ली के कोने. कोने को सफाई कर्मचारियों के साथ मिलकर साफ कर रहे हैं। इन कर्मचारियों को पहले खराब कहा जाता था, लेकिन अब वे इतना अच्छा काम कर रहे हैं।

इसी तरह सभी पार्षदों को अपने क्षेत्र की सफाई में शामिल होना चाहिए। नगर निकाय चुनाव में स्वच्छता आप का एक अहम चुनावी वादा था।

मलेशिया को करीब 90 हजार अंडों का निर्यात किया

मलेशिया को करीब 90 हजार अंडों का निर्यात किया

इकबाल अंसारी/सुनील श्रीवास्तव 

चेन्नई/कुआलालंपुर। तमिलनाडु के नामक्कल जिले से पहली बार मलेशिया को करीब 90 हजार अंडों का निर्यात किया गया है। मलेशिया पिछले कुछ महीनों से अंडों की कमी का सामना कर रहा था और वहां के कृषि एवं खाद्य सुरक्षा मंत्री ने कुआलालंपुर में भारतीय दूतावास से संपर्क भारत से अंडे निर्यात करने की मांग की थी। 

मलेशिया में चिकन और अंडे मुख्य भोजन का हिस्सा हैं। इसलिए मलेशियाई सरकार द्वारा इसे एक गंभीर खाद्य सुरक्षा मुद्दा माना गया। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) की क्षेत्रीय प्रमुख शोभना कुमार ने बताया कि मलेशियाई मंत्री के अनुरोध के आधार पर, कुआलालंपुर में भारत के उच्चायुक्त ने 12 दिसंबर को केंद्र सरकार को एक पत्र भेजा जिसमें मलेशिया में अंडों की कमी और भारत से अंडे के आयात में उनकी रुचि के बारे में बताया गया।

एपीईडीए और एनिमल क्वारंटाइन एंड सर्टिफिकेशन सर्विसेज (एक्यूसीएस) ने प्रमाणन प्रक्रिया में तेजी लाते हुए तमिलनाडु के नमक्कल से मलेशिया को परीक्षण के तौर पर अंडों की पहली खेप भेजी। तिरुचिरापल्ली हवाई अड्डे से 14 दिसंबर करीब 90 हजार अंडे विमान द्वारा भेजे गए थे और विमान कल सुबह मलेशिया पहुंच गया। मलेशियाई लोगों की स्वीकृति के बाद इसके निर्यात जारी रहने के आसार है।

एक्स-रे मशीनों की संख्या बढ़ाने से भीड़ कम, मदद

एक्स-रे मशीनों की संख्या बढ़ाने से भीड़ कम, मदद

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली हवाईअड्डे के टर्मिनल-3 पर सामान (बैगेज) की जांच के लिए एक्स-रे मशीनों की संख्या बढ़ाने से भीड़ कम करने के लिए मदद मिली है। यहां पर मशीनों की संख्या बढ़ाकर 18 कर दिया गया है। हाल के हफ्तों में राष्ट्रीय राजधानी में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (आईजीआईए) भारी भीड़ की समस्या से जूझ रहा है। इसकी वजह से यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कई यात्रियों सोशल मीडिया पर इस स्थिति की जानकारी दी।

इसी के मद्देनजर सभी संबंधित एजेंसियां उपाय कर रही हैं। प्रवेश द्वार पर सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाने जैसे उपाय किए गए हैं। सिंधिया ने ट्वीट में कहा, ‘‘दिल्ली हवाई अड्डे पर सुरक्षा जांच क्षेत्र में नौ दिनों के अंदर पांच एक्स-रे मशीनें लगाई गई है। अब यहां मशीनों की कुल संख्या 18 हो गई है जिससे टी-3 पर भीड़ कम करने में मदद मिली है।’’

मुरगांव बंदरगाह पर हुई घटना की निंदा की: खुंटे

मुरगांव बंदरगाह पर हुई घटना की निंदा की: खुंटे

इकबाल अंसारी 

पणजी। गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन खुंटे ने मुरगांव बंदरगाह पर हुई घटना की शुक्रवार को निंदा की, जिसमें कुछ टैक्सी संचालकों ने अमेरिकी पर्यटकों को तटीय राज्य के दर्शनीय स्थलों की यात्रा के लिए बसों में सवार होने से रोक दिया।

उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं में शामिल टैक्सी संचालकों के परमिट रद्द किए जाएंगे। करीब 100 पर्यटक बुधवार को एक क्रूज पोत से उतरे थे और टैक्सी संचालकों ने उन्हें बस में सवार नहीं होने दिया तथा उन्होंने एक बस चालक के साथ कथित तौर पर मारपीट भी की। इस घटना के कारण पर्यटकों को अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी। खुंटे ने कहा, "इस घटना ने पूरे पर्यटन क्षेत्र में खलबली मचा दी है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

यह पर्यटकों का विशेषाधिकार है कि वे अपने परिवहन का तरीका चुनें।" उन्होंने कहा, "टैक्सी संचालक पर्यटकों को अपने वाहनों का उपयोग करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। हम ऐसी घटनाओं में लिप्त टैक्सी संचालकों के परमिट रद्द करने के लिए कदम उठाएंगे। इस घटना के बाद परिवहन, पर्यटन और पुलिस जैसे विभाग मिलकर काम करेंगे।

भारत-ऑस्ट्रेलिया मुक्त व्यापार समझौता 29 से प्रभावी 

भारत-ऑस्ट्रेलिया मुक्त व्यापार समझौता 29 से प्रभावी 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को राज्यसभा में कहा कि भारत-ऑस्ट्रेलिया मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) 29 दिसंबर से प्रभावी हो जाएगा और ब्रिटेन, कनाडा सहित कई देशों के साथ इस संबंध में बातचीत चल रही है। गोयल ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के जवाब में यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात के साथ एफटीए मई से प्रभावी हो गया है और ऑस्ट्रेलिया के साथ ऐसे समझौते पर हस्ताक्षर पहले ही हो गए थे तथा अब यह 29 दिसंबर से प्रभावी होगा।

वस्त्र मंत्री गोयल ने कहा कि वियतनाम और बांग्लादेश ने सूती वस्त्र एवं परिधान के मामले में बढ़त बना ली है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में बांग्लादेश के आगे निकलने का एक बड़ा कारण उसका अल्पविकसित देश (एलडीसी) होना है और वह 2026 तक इस सूची में रहेगा। गोयल ने कहा कि एलडीसी देश होने के नाते उसे सीमा शुल्क में छूट मिलती है। जबकि भारतीय उत्पादों पर 10 प्रतिशत तक सीमा शुल्क लगता है।

उन्होंने कहा कि इसी प्रकार वियतनाम का यूरोपीय संघ के साथ एफटीए है। जिससे उसके उत्पादों पर भी सीमा शुल्क नहीं लगता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के विभिन्न कदमों से दुनिया भर में अपने देश का प्रभाव बढ़ा है और कई देश भारत का व्यापारिक साझाीदार बनना चाहते हैं। क्योंकि उन्हें भारत में एक भरोसेमंद व्यापारिक सहयोगी दिखता है। गोयल ने कहा कि ब्रिटेन, कनाडा के साथ ही खाड़ी परिषद के छह देशों के साथ भी बातचीत चल रही है। 

निजी संचालकों की सेवा नहीं ली जा रही है: सरकार 

निजी संचालकों की सेवा नहीं ली जा रही है: सरकार 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। सरकार ने शुक्रवार को बताया कि वर्तमान में भारतीय रेल में किसी भी नियमित गाड़ी के परिचालन के लिए निजी संचालकों की सेवा नहीं ली जा रही है और न ही ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित जवाब में यह जानकारी दी।

उन्होंने यह भी बताया कि बेहतर सुविधाओं, सेवा, गति और समयपालन वाली यात्री ट्रेनों... राजधानी, शताब्दी तथा दुरंतो गाड़ियों में फ्लेक्सी फेयर योजना शुरू की गई है। ताकि रेलवे के घाटे की भरपाई की जा सके, साथ ही यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव मिल सके। वैष्णव ने बताया कि फिलहाल फ्लेक्सी फेयर योजना को बंद करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

हिप्पो ने बच्चे को निगलने के बाद जिंदा उगला

हिप्पो ने बच्चे को निगलने के बाद जिंदा उगला

डॉक्टर सुभाषचंद्र गहलोत 

कंपाला। युगांडा में घर के पास खेलते समय 2 वर्षीय एक बच्चे को एक हिप्पो ने निगल लिया और फिर बाद में उसे ज़िंदा उगल दिया। पुलिस ने बताया कि बच्चे को बचाने के लिए एक शख्स ने हिप्पो पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया था। बाद में बच्चे को इलाज के लिए एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अफ्रीका के युगांडा की एक घटना ने लोगों को चौंका दिया है, जहां एक 2 साल के बच्चे को दरियाई घोड़े (Hippo) ने निगल लिया। हालांकि, जब वहां मौजूद शख्स ने उसे पत्थर मारना शुरू किया तो हिप्पो ने उसे उगल दिया। गनीमत रही कि इस घटना में बच्चा जिंदा बच गया। 

कैपिटल एफएम युगांडा के अनुसार, यह बच्चा रविवार को कैटवे कबाटोरो (Katwe Kabatoro) के शहर की एक झील किनारे अपने घर के पास खेल रहा था, तभी एक भूखे दरियाई घोड़े ने उसे अपने जबड़ों से पकड़ लिया। इससे पहले कि हिप्पो बच्चे को पूरी तरह से निगलता, वहां मौजूद एक शख्स ने समझदारी दिखाई और जानवर को पत्थर फेंक कर मारने लगा। ऐसे में हिप्पो ने बच्चे को उगल दिया।

इसके बाद बच्चे को तुरंत इलाज के लिए पास के शहर बवेरा (कांगो) स्थित एक अस्पताल ले जाया गया और हिप्पो वापस झील में चला गया। 'यूके टेलीग्राफ' को पुलिस ने बताया कि शख्स ने जब हिप्पो को पत्थर मारे तो वह डर गया, जिसकी वजह से उसने बच्चे को मुंह से बाहर फेंक दिया। Chrispas Bagonza नाम के शख्स की समझदारी और बहादुरी ने बच्चे की जान बचा ली।

यह घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। 13 दिसंबर को ट्विटर हैंडल @gorillasights से बच्चे और हिप्पो की तस्वीर पोस्ट की गई। उन्होंने कैप्शन में लिखा- हैरान करने वाली खबर!!! तस्वीर में जो हिप्पो नजर आ रहा है, वह क्वीन एलिजाबेथ नेशनल पार्क का है। उन्होंने आगे लिखा- एक दरियाई घोड़े ने इस बच्चे को निगला और फिर उगल दिया। मां उसे तुरंत अस्पताल लेकर भागी, जहां उसे पता चला कि वह जीवित है।

सबसे छोटे कद वाले जीवित शख्स बनें 'अफशिन'

सबसे छोटे कद वाले जीवित शख्स बनें 'अफशिन'

अखिलेश पांडेय 

तेहरान। ईरान के 20-वर्षीय अफशिन एस्माइल गैडरजेदह  65.24 सेंटीमीटर (2 फीट 1.6 इंच) की लंबाई के साथ दुनिया के सबसे छोटे कद वाले जीवित शख्स बन गए हैं। अफशीन पिछले रिकॉर्ड धारक कोलंबिया के 36-वर्षीय एडवर्ड नीनो हर्नांडेज से करीब 7 सेंटीमीटर (2.7 इंच) छोटे हैं। 700 ग्राम वज़न के साथ पैदा हुए अफशीन अब लगभग 6.5 किलोग्राम के हैं।  2 फीट 1 इंच लंबाई और 6.5 किलोग्राम वजन वाले ईरानी युवक अफशिन का शरीर बेहद कमजोर है. इसकी वजह से मोबाइल जैसी छोटी चीज भी वे यूज नहीं कर पाते हैं।

अफशिन का जब जन्‍म हुआ था तो उनका वजन 700 ग्राम था। वे ईरान के वेस्‍ट अजरबेजान प्रोविंस के बुकान काउंटी के रहने वाले हैं। उनकी लंबाई 2 फीट 1 इंच (65.24 सेमी) है। अफशिन ने कहा कि गिनीज वर्ल्‍ड रिकॉर्ड में नाम आने के बाद उम्‍मीद है कि लोग उन्‍हें जानेंगे और लोग उनकी मदद भी कर सकेंगे। अफशिन ने कहा कि उन्‍हें उम्‍मीद है कि वह अपने सारे सपने पूरे कर सकेंगे। 

अफशिन ने कोलंबिया के 2.7 इंच वाले 36 साल के Edward Niño Hernandez का कम लंबाई का रिकॉर्ड तोड़ा है। अफशिन ने कहा कि वह शारीरिक तौर पर इतने कमजोर रहे कि कभी स्‍कूल भी नहीं जा पाए. उन्‍हें अपने स्‍थानीय गांव में कोई काम भी नहीं मिला। 

मोबाइल फोन भी उनके शरीर के लिहाज से भारी रहता है। यही कारण है कि वह मोबाइल भी नहीं पकड़ पाते हैं। अफशिन के पिता Esmaeil Ghaderzadeh ने कहा शारीरिक रूप से कमजोर होने की वजह से ही उनका बेटा पढ़ नहीं पाया। पर वह मानसिक तौर पर पूरी तरह से स्‍वस्‍थ्‍य है। अफशिन ने हाल ही में अपना नाम लिखना सीखा है। अफशिन ने बताया कि उनके नाप के कपड़े उन्‍हें नहीं मिल पाते हैं. यही वजह है कि वह तीन साल की उम्र के बच्‍चों  के साइज के कपड़े पहनते हैं।

अफशिन अपना ज्‍यादातर समय कार्टून देखने में बिताते हैं। उनका फेवरेट कार्टून टॉम एंड जेरी है। हाल में उन्‍होंने इंस्‍टाग्राम पर @mohamadghaderzadeh_official अकाउंट भी बनाया है। गिनीज वर्ल्‍ड रिकॉर्ड के एडिटर इन चीफ क्रेग ग्‍लेंडे ने भी अफशिन और उनके परिजनों से मिलने के बाद खुशी जताई। उन्‍होंने कहा अफशिन बतौर सेलिब्रिटी, अपना आने वाला सफर इंजॉय करने के लिए तैयार हैं। वहीं अफशिन ने कहा कि वह दुबई में मौजूद बुर्ज खलीफा इमारत के टॉप पर जाना चाहते हैं।

सार्वजनिक सूचनाएं एवं विज्ञापन

सार्वजनिक सूचनाएं एवं विज्ञापन


प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण


1. अंक-66, (वर्ष-06)

2. शनिवार, दिसंबर 17, 2022

3. शक-1944, पौष, कृष्ण-पक्ष, तिथि-नवमी, विक्रमी सवंत-2079‌‌।

4. सूर्योदय प्रातः 06:44, सूर्यास्त: 05:24। 

5. न्‍यूनतम तापमान- 11 डी.सै., अधिकतम- 19+ डी.सै.।

6. समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है। सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा। सभी पद अवैतनिक है। 

7.स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक राधेश्याम व शिवांशु, (विशेष संपादक) श्रीराम व सरस्वती (सहायक संपादक) संरक्षण-अखिलेश पांडेय, ओमवीर सिंह, वीरसैन पवार, योगेश चौधरी आदि के द्वारा (डिजीटल सस्‍ंकरण) प्रकाशित। प्रकाशित समाचार, विज्ञापन एवं लेखोंं से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं हैं। पीआरबी एक्ट के अंतर्गत उत्तरदायी।

8. संपर्क व व्यवसायिक कार्यालय- चैंबर नं. 27, प्रथम तल, रामेश्वर पार्क, लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102। 

9. पंजीकृत कार्यालयः 263, सरस्वती विहार लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102

http://www.universalexpress.page/ www.universalexpress.in 

email:universalexpress.editor@gmail.com 

संपर्क सूत्र :- +919350302745--केवल व्हाट्सएप पर संपर्क करें, 9718339011 फोन करें।

(सर्वाधिकार सुरक्षित)

गणतंत्र दिवस    'संपादकीय'

गणतंत्र दिवस    'संपादकीय' 'भारत' देश है हमारा, संविधान पर विवाद नहीं। 'सभ्यता' सबसे पहले आई, ...