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शनिवार, 12 जून 2021

रिकवरी के बाद मरीजों में सुनाई देने की शक्ति कम

अकांशु उपाध्याय  
नई दिल्ली। कोरोना वायरस से रिकवर होने वाले बहुत से मरीजों में सुनाई देने की शक्ति कमजोर हो रही है और कुछ लोगों में तो यह बीमारी ला-इलाज हो चुकी है. यानी आपको पहले की तरह नहीं सुन पाएंगे। दिल्ली के एक ही सरकारी अस्पताल के ईएनटी विभाग में ऐसे 15 मरीज अब तक आ चुके हैं।
दिल्ली के रहने वाले डॉक्टर सौरभ नारायण पिछले साल कोरोना वायरस की चपेट में आए थे। इसी के चलते उन्हें एक प्राइवेट अस्पताल के आईसीयू में 21 दिन बिताने पड़े, जिसके बाद वे रिकवर हो गए। हालांकि उसके बाद से अब इन्हें पहले की तरह सुनाई नहीं देता। लेकिन यह बात इन्हें इतनी देर से समझ में आई कि अब हियरिंग एड के बिना इनका इलाज नहीं हो सकता यानी यह कभी पहले की तरह ठीक तरीके से नहीं सुन पाएगें। वे दाएं कान से सुनने की शक्ति लगभग खो चुके हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो राजधानी दिल्ली के सरकारी अस्पताल अंबेडकर अस्पताल में पिछले 2 महीने में ऐसे 15 मरीज आ चुके हैं जिनके कान में या तो दर्द है या फिर उन्हें सुनाई देना बहुत कम हो चुका है। यह सभी मरीज कोरोना वायरस की बीमारी से रिकवर हुए मरीज है। ज्यादातर मामलों में मरीज इतनी देरी से डॉक्टर तक पहुंच रहे हैं कि उनकी सुनाई देने की शक्ति को वापस लौटाने का, यानी समय पर इलाज का वक्त जा चुका है।
ऐसा होने पर 72 घंटे में इलाज जरूरी
अंबेडकर अस्पताल में ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि, अगर आपके कान में भी दर्द होता है, कान में भारीपन महसूस होता है, सीटी बजती है या आपको लगता है कि आपको कम सुनाई दे रहा है तो 72 घंटे के अंदर डॉक्टर से मिलना बेहद जरूरी है। शुरुआत में इस हियरिंग लॉस को दवाओं से रोका जा सकता है। लेकिन अगर ज्यादा वक्त बीत जाता है तो फिर रिकवरी मुमकिन नहीं है।

तीनों नेताओं की बैठक से कयासों का बाजार गर्म

हरिओम उपाध्याय   
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दो दिवसीय दिल्ली दौरे के बाद राष्ट्रीय राजधानी की सियासत में जून माह की तपिश का पारा ऊपर ही चढ़ता जा रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिल्ली दौरे और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात के बाद भी बैठकों का दौर थमा नहीं। इस मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री ने अमित शाह और जेपी नड्डा को अपने आवास पर बुलाया। इन तीनों नेताओं की बैठक से कयासों का बाजार गर्म है।
 हालांकि, चर्चा तो केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार की है, किंतु इसके गर्भ में उतर प्रदेश के वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के साथ ही कांग्रेस नेतृत्व की पंजाब और राजस्थान राज्यों की सियासी उठापटक भी शामिल है। मोदी, शाह और नड्डा की इस तीन सदस्यीय बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर हो रही है। इसमें उत्तर प्रदेश से लेकर केंद्रीय मंत्रिमंडल की विस्तार तक की बात शामिल है। 
 खासकर, पश्चिम बंगाल में भाजपा से तृणमूल कांग्रेस में मुकुल रॉय की वापसी ने केंद्रीय नेतृत्व को सोचने के लिए विवश कर दिया है। भाजपा नेतृत्व को इस बात की चिंता सता रही कि पद की आस में कांग्रेस या अन्य प्रमुख दलों से आए बड़े नेताओं को सही समय पर खुश नहीं किया गया तो मुकुल राय जैसी घटनाएं और भी देखने को मिल सकती हैं। सबसे बड़ी चिंता मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया के समायोजन को लेकर है। साथ ही उत्तर प्रदेश के आगामी वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जितिन प्रसाद को लेकर भी भाजपा पर दबाव है। प्रसाद को यूपी मंत्रिमंडल में तो सिंधिया को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह देने की बात कही जा रही है। 
 वहीं सूत्रों का कहना है कि तीनों दिग्गज नेताओं की हुई बैठक में सरकार की छवि को राजनीतिक, सामाजिक व सियासी रूप से दुरूस्त करने को लेकर मंथन हुआ। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव ही नहीं, बल्कि अगले वर्ष के शुरूआत में होने वाले पांचों राज्यों के चुनाव पहले करने की रणनीति पर चर्चा की गई। इसके लिए सरकार के स्तर पर कुछ आम जनता को खुश करने वाली घोषणाएं और संगठन स्तर पर नीचे तक कार्यकर्ताओं को काम सौंपे जाने को लेकर रणनीतिक मंथन हुआ। सूत्र बताते हैं कि मोदी, शाह और नड्डा की बैठक में अव्वल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ तीनों नेताओं की अलग-अलग हुई बैठक पर चर्चा की शुरूआत हुई। तीनों नेताओं ने सियासी रूप से देश के सबसे बड़े सूबे में सभी को साथ लेकर चलने के लिए ज्यादा से ज्यादा कदम उठाने पर जोर दिया।
 इसके अलावा, तीनो दिग्गज नेताओं की बैठक में कोरोना के बाद उपजे हालात को लेकर सरकार की गंभीरता पर गहन मंथन हुआ। सूत्रों के मुताबिक टीकाकरण अभियान पर पूरा जोर दिया जाएगा। इस अभियान को सरकार की उपलब्धियों के रूप में राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर प्रचारित भी किए जाने को लेकर चर्चा हुई। बैठक में कांग्रेस नेतृत्व के पंजाब और राजस्थान के सियासी घटनाक्रम पर भी मंथन किया गया। राजस्थान में कांग्रेस के असंतुष्ट नेता सचिन पायलट अपने कुछ विधायकों के साथ आज दिल्ली में ही मौजूद है। 

गर्भवती महिलाओं को टीका, सुनवाई से इंकार किया

रवि चौहान  

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर कोरोना का वैक्सीन लगाने की मांग करने वाली याचिका पर कोई भी आदेश देने से इनकार कर दिया है। केंद्र सरकार ने जब जस्टिस अमित बंसल की बेंच को बताया कि इस मामले पर विचार चल रहा है तब कोर्ट ने कहा कि इस मामले में कोई भी आदेश देने की जरूरत नहीं है।

 यह याचिका गर्भवती प्रियाली सुर ने दायर की थी। याचिकाकर्ता की ओर से वकील वसुधा जुत्शी ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर कोरोना वैक्सीन देने के लिए केंद्र सरकार को दिशा-निर्देश देने चाहिए। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से एएसजी चेतन शर्मा और अनुराग अहलूवालिया ने कहा कि इसे लेकर नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्युनाइजेशन (एनटीएजीआई) ने कई अनुशंसाएं की हैं। उन अनुशंसाओं को नेशनल वैक्सीन एडवाइजरी कमेटी को भेज दिया गया है।

 चेतन शर्मा ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि इस तरह के फैसले विशेषज्ञों पर छोड़ देना चाहिए। अनुराग अहलूवालिया ने एनटीएजीआई की बैठक के मिनट्स साझा करते हुए कहा कि इस बात के सुझाव दिए गए हैं कि गर्भवती महिलाओं को उनके नजदीकी वैक्सीनेशन सेंटर पर वैक्सीन दी जा सकती है। बैठक में ये भी सुझाव दिया गया कि गर्भवती महिलाओं को वैक्सीन देने के पहले उन्हें वैक्सीन के नफा-नुकसान के बारे में भी बताया जाए। बैठक में इस बात का भी सुझाव आया कि गर्भवती महिलाओं पर कोविशील्ड और कोवैक्सीन का असर जानने के लिए अध्ययन किया जाए। केंद्र सरकार की इस दलील के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि इस याचिका पर कोई आदेश देने की जरूरत नहीं है। 

कोरोना के नए मामलों में 78 प्रतिशत की कमी दर्ज

अकांशु उपाध्याय  
नई दिल्ली। देश में कोरोना के नए मामलों व एक्टिव मामलों में कमी दिखाई दे रही है। देश में नए मामलों में 78 प्रतिशत की कमी दर्ज की जा रही है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार पिछले एक हफ्ते में नए मामलों में औसतन 31 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। 17 अप्रैल को जहां देश में 2.81 लाख नए मामले सामने आ रहे थे, वो घटकर 11 जून तक एक लाख से भी नीचे आ गए है। पिछले चार दिनों से देश में कोरोना के नए मामले एक लाख के नीचे है। 
 
 शुक्रवार को कोरोना की स्थिति व उसके लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देने के लिए आयोजित प्रेसवार्ता में स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि मई के महीने में जहां 531 जिलों में 100 से अधिक मामले सामने आ रहे थे। ऐसे जिलों की संख्या जून में घटकर 196 जिले रह गए । उन्होंने बताया कि देश में एक्टिव मामलों में भी तेजी से कमी आई है। देश में एक्टिव मामले 70 फीसदी तक कम हुए हैं। वहीं, पॉजिटिविटी दर भी 5 प्रतिशत से नीचे आ गई है।
 
 देश में 15 राज्यों में पॉजिटिविटी दर 5 प्रतिशत से कम है। उन्होंने बताया कि देश में 19.85 करोड़ लोगों को कोरोना टीके की पहली डोज लगाई जा चुकी है। वहीं, 4.76 करोड़ लोगों को टीके की दूसरी खुराक भी लगाई जा चुकी है। अब तक कुल 24.61 करोड़ खुराक लोगों को दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि देश में हालात बेहतर हो रहे हैं लेकिन वायरस अभी गया नहीं है। लोगों को सावधानी बरतना बंद नहीं करना है, लापरवाही बरतने से देश में फिर पहले जैसे हालत हो सकते हैं।

आतंकी अब्दुल मजीद की जमानत याचिका खारिज

अकांशु उपाध्याय              

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आतंकी हाफिज अब्दुल मजीद की जमानत याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस इंदिरा बनर्जी की अध्यक्षता वाली वेकेशन बेंच ने मजीद की जमानत याचिका खारिज करने का आदेश दिया।मजीद ने अपने माता-पिता की सेवा करने के लिए जमानत की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि जब आपकी जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है तो हाईकोर्ट ने पैरोल पर रिहा कैसे कर दिया। आपको सुप्रीम कोर्ट आना चाहिए था। 

मजीद समेत आठ आरोपितों को हथियार रखने, पाकिस्तान में आतंकी ट्रेनिंग देने के लिए टीम तैयार करने और नकली भारतीय करंसी का परिचालन करने के मामले में जयपुर की निचली अदालत ने 2017 में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा दी थी। राजस्थान हाईकोर्ट ने मजीद की सजा को बरकरार रखा था।

महामारी को मात देने वालों की संख्या में निरंतर इजाफा

अकांशु उपाध्याय             

नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी पड़ने और इस महामारी को मात देने वालों की संख्या में निरंतर इजाफे से रिकवरी दर बढ़कर 95.7 फीसदी हो गयी है। वहीं सक्रिय मामलों की दर घटकर 3.68 प्रतिशत रह गयी है। इस बीच शुक्रवार को 34 लाख 33 हजार 763 लोगों को कोरोना के टीके लगाये गये। देश में अब तक 24 करोड़ 96 लाख 304 लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शनिवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में 84,332 नये मामले आने के साथ ही संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर दो करोड़ 93 लाख 59 हजार 155 हो गया। इस दौरान एक लाख 21 हजार 311 मरीज स्वस्थ हुए हैं। जिसे मिलाकर देश में अब तक दो करोड़ 79 लाख 11 हजार 384 लोग इस महामारी को मात दे चुके हैं। सक्रिय मामले 40 हजार 981 कम होकर 10 लाख 80 हजार 690 रह गये हैं।

पिछले 24 घंटों के दौरान 4002 मरीज अपनी जान गंवा बैठे और इस बीमारी से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर तीन लाख 67 हजार 81 हो गयी है। देश में कोरोना से मृत्यु दर अभी 1.25 फीसदी है। महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों में सक्रिय मामले 1041 बढ़कर 1,64,629 हो गये हैं। इसी दौरान राज्य में 8104 और मरीजों के ठीक हाेने के बाद कोरोनामुक्त होने वालों की तादाद बढ़कर 5616857 हो गयी है। जबकि 2619 और मरीजों की मौत होने से मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 106367 हो गया है। केरल में इस दौरान सक्रिय मामले 1295 कम हुए हैं और इनकी संख्या अब 1,34,422 रह गयी है तथा 15355 मरीजों के स्वस्थ होने से कोरोना को मात देने वालों की संख्या बढ़कर 2557597 हो गयी है। जबकि 173 और मरीजों की मौत होने से मृतकों की संख्या 10804 हो गयी है।

कर्नाटक में कोरोना वायरस के सक्रिय मामले 6883 घटे हैं। जिससे इनकी संख्या 203790 रह गयी है। वहीं 159 और मरीजों की मौत से मृतकों का आंकड़ा 32644 हो गया है। राज्य में अब तक 2511105 मरीज स्वस्थ हुए हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना के सक्रिय मामले 290 कम हुए हैं और अब इनकी संख्या 3922 रह गयी है। यहां 24 और मरीजों की मौत के साथ इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 24,772 हो गयी है। वहीं 1401977 मरीज कोरोना को मात दे चुके हैं। तेलंगाना में सक्रिय मामले 802 घटकर 22759 रह गये हैं। जबकि अब तक 3456 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 574103 लोग इस महामारी से ठीक हुए हैं। आंध्र प्रदेश में सक्रिय मामले 96100 रह गये हैं। राज्य में कोरोना को मात देने वालों की तादाद 1688198 हो गयी है जबकि 11,824 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

तमिलनाडु में सक्रिय मामलों की संख्या 13862 घटकर 174802 रह गयी है तथा 378 और मरीजों की मौत होने से मृतकों की संख्या 28,906 हो गयी है। वहीं 2120889 मरीज संक्रमण मुक्त हुए हैं। आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान 1116 सक्रिय मामले कम हुए हैं और इनकी संख्या अब 11127 रह गयी है। राज्य में इस महामारी से 70 और मरीजों की मौत होने से मृतकों की संख्या 21,667 हो गयी है तथा 16,66,001 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। छत्तीसगढ़ में कोरोना के सक्रिय मामले 1343 घटकर 15932 रह गये हैं। वहीं 956459 लोग कोरोनामुक्त हो चुके हैं। जबकि 15 और मरीजों की मौत होने से मृतकों की संख्या बढ़कर 13,300 हो गयी है। 

मध्य प्रदेश में सक्रिय मामले 878 घटकर 5447 रह गये हैं तथा अब तक 773615 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। जबकि 8510 लोगों की इस बीमारी से मौत हो चुकी है। पंजाब में सक्रिय मामले 938 घटकर 15306 रह गये हैं तथा संक्रमण से निजात पाने वालों की संख्या 555245 हो गयी है। जबकि 15,435 मरीजों की जान जा चुकी है। गुजरात में सक्रिय मामले 1054 घटकर 11657 रह गये हैं तथा अब तक 9,985 लोगाें की मौत हुई है। वहीं 797734 मरीज संक्रमण मुक्त हुए हैं। हरियाणा में सक्रिय मामले 616 घटकर 5749 हो गये हैं। राज्य में इस महामारी से 8,904 लोगों की मौत हो चुकी है तथा अब तक 7,50,443 लोग संक्रमण से ठीक हो चुके हैं।

पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस के सक्रिय मामले 473 बढ़कर 15192 हो गये हैं और इस महामारी के संक्रमण से कुल 16,731 लोगों की मौत हुई है। राज्य में अब तक 1421064 स्वस्थ हुए हैं। बिहार में सक्रिय मामले कम 552 बढ़कर 5596 हो गए हैं। राज्य में कोरोना वायरस से पिछले 24 घंटों के दौरान 14 लोगों की मौत हुई है जिसके साथ ही मृतकों का कुल आंकड़ा 9466 पर पहुंच गया है। राज्य में 701234 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।

ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को मजबूती देनी चाहिए

अकांशु उपाध्याय         

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी में लगाए गए लॉकडाउन से पैदा हुई आर्थिक तंगी से निपटने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को मजबूती दी जानी चाहिए। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में मनरेगा से लोगों को मदद मिलने से जुड़ी खबरों का हवाला देते हुए कहा कि इस समय जनहित सबकी जिम्मेदारी है। राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘देश के कमज़ोर वर्ग को अबकी बार भी मनरेगा से राहत मिल रही है। लॉकडाउन से पैदा हुई आर्थिक तंगी से निबटने के लिए इस योजना को और मज़बूत करना ज़रूरी है। सरकार किसी की भी हो, जनता भारत की है और जनहित हमारी ज़िम्मेदारी है।’’ कांग्रेस ने कुछ महीने पहले भी सरकार से आग्रह किया था, कि मनरेगा का बजट बढ़ाया जाए। ताकि रोजगार छिन जाने के कारण शहरों से गांवों का रुख करने वाले ज्यादा से ज्यादा लोगों को जीविका का साधन मिल सके।

मानसून: यूपी के कुछ भागों में सुबह से बारिश शुरू

अकांशु उपाध्याय               

नई दिल्ली। बंगाल की उत्तरी खाड़ी और उससे सटे गंगीय पश्चिम बंगाल और उड़ीसा तट पर एक कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। कुछ राज्यों में मानसून दस्तक दे सकता है। आज बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ भागों में सुबह से ही बारिश शुरू भी हो गई। वहीं कई राज्यों में सुबह से तेज धूप ने दर्शन दिए तो कहीं बादलों की आवाजाही बनी रही। मौसम विभाग ने कई राज्याें में ऑरेंट और येलो अलर्ट भी जारी कर दिया है। 

मध्य प्रदेश मौसम विभाग द्वारा 11 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट और 2 दर्जन जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। ओडिशा, छत्तीसगढ़, विदर्भ के कुछ हिस्सों और कोंकण और गोवा में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण पूर्व मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और असम के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

मध्य प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश, केरल, तटीय कर्नाटक, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों, दक्षिण गुजरात, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, रायलसीमा और आंतरिक कर्नाटक में हल्की बारिश की संभावना है। वहीं पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली में धूल भरी आंधी और गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। दिल्ली में इस साल मानसून सामान्य तिथि से 12 दिन पहले यानी 15 जून को दस्तक दे सकता है।

शुक्रवार, 11 जून 2021

'भारत को लूट रही है भाजपा' अभियान, निशाना साधा

अकांशु उपाध्याय                    
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा है कि भारतीय जनता पार्टी भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार डीजल पेट्रोल के दाम बढ़ाकर देश को लूट रही है और ढहती अर्थव्यवस्था, आसमान छूती महंगाई और रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची बेरोजगारी को रोकने के लिए कदम नहीं उठा रही है। कांग्रेस नेता ने 'भारत को लूट रही है भाजपा' अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा और कहा कि वह सच बोलने, सवाल पूछने और आलोचना से डरते हैं। उनके नेतृत्व वाली सरकार में हो रही लूट से देश मुश्किल हालात में पहुंच गया है। लेकिन इसकी उन्हें कोई परवाह नहीं है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया, कि "सच से, सवालों से, कार्टून से- वह सब से डरता है।" एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, "देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) धराशाई हो रही है, बेरोजगारी चरम पर है, ईंधन की कीमतें आसमान छू रही है। और कितने तरीके से भाजपा देश को लूटेगी।" गौरतलब है कि हाल ही में पिछले दिनों पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के बाद से देश में लगभग रोजाना डीजल पेट्रोल की कीमतें बढ रही है। पेट्रोल डीजल की कीमतों पर रोष व्यक्त करने के लिये उत्तर प्रदेश कांग्रेस के साथ समूचे देश में आक्रोश दिवस मनाते हुए कांग्रेस द्वारा जगह जगह विरोध प्रदर्शन किये जा रहे है। अनेक स्थानों पर पुलिस द्वारा कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज करने के आरोप भी कांग्रेस की तरफ से लगाये गये है।

दिहाड़ी या ठेके पर काम कर रहे हैं भारत के योग गुरु

अकांशु उपाध्याय                    
नई दिल्ली। योग के नाम पर बाबा रामदेव भले ही करोड़ों के वारे-न्यारे कर रहे हो, मगर भारत के भावी योग गुरुओं की हालत यह है कि वह दिहाड़ी या ठेके पर काम कर रहे हैं। जिसके चलते बड़ी संख्या में उनका विदेशों में पलायन हो रहा है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, सफदरजंग, रोहतक मेडिकल कॉलेज व चौधरी ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेद संस्थान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में योग के डिग्री धारी शिक्षक ठेके पर काम कर रहे हैं। देशभर के केंद्रीय विद्यालयों में भी योग शिक्षकों को ठेके पर रखा जा रहा है और उन्हें 10 माह का वेतन दिया जाता है। उन्हें अवकाश एवं अन्य सुविधाएं भी नहीं दी जा रही हैं। इनमें से ज्यादातर पीएचडी एवं नेट क्वालीफाई कर चुके योग गुरु हैं।
डॉ योगेंद्र सिंह ने योग से पीएचडी किया था जब उन्हें नौकरी नहीं मिली तो वे सिंगापुर चले गए। इसी तरह डॉ गणेश सेमवाल व डॉ मनीष ठाकुर सहित तमाम मास्टर डिग्री व पीएचडी कर चुके लोगों को जब देश के किसी भी संस्थान कॉलेज या अस्पताल में काम नहीं मिला तो वे देश छोड़कर चले गए।अब वह लाखों रुपए कमा रहे हैं। जबकि भारत में केंद्रीय विद्यालयों में काम करने वाले योग गुरुओं को 22, हजार 500 रुपए मिलते हैं। इसमें भी उन्हें 70 दिन का कोई वेतन नहीं मिलता है।योग विज्ञान से एमएससी करने वाले राम नरेश यादव ने बताया कि उन्होंने एक वर्ष तक केंद्रीय विद्यालय में काम किया लेकिन जब उन्हें स्थाई नहीं किया गया तो अब वे यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं और ऑनलाइन योग सिखाते हैं जिसमें वे 25 से 30 हजार रुपए कमा लेते हैं।
आयुष मंत्रालय एवं शिक्षा मंत्रालय की पहल पर कई विश्वविद्यालयों, डिग्री कॉलेजों एम्स जैसे अस्पतालों में योग विभाग खोल तो दिए गए हैं मगर वहां पर स्थाई नौकरियां नहीं है। देशभर के केंद्रीय विद्यालयों में भी योग शिक्षक की नियुक्ति हो रही है।
मगर उन्हें 10-10 माह के ठेके पर रखा जाता है। जिसके चलते बड़ी संख्या में भारत के प्रशिक्षित योग गुरु कनाडा, अमेरिका, वियतनाम, सिंगापुर, चीन, मलेशिया, सऊदी अरब, रूस व कतर सहित कई देशों में जा रहे है।
प्रतिभा पलायन का यह खेल तब से चल रहा है जब से संयुक्त राष्ट्र की पहल पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत हुई और विदेशों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग योग को पसंद करने लगे।

भाजपा ने यूपी विधानसभा चुनाव के लिए कमर कसी

विनोद मिश्रा   
लखनऊ। एक तरफ पिछले लंबे समय से कोरोना का प्रकोप चल रहा है और वहीं उत्तर प्रदेश में अब जल्द ही विधानसभा चुनाव आने को हैं। विधानसभा चुनावों में करीब नौ महीने का समय बचा है। और कोरोना के प्रकोप के चलते बीजेपी के लिए भी मुश्किल समय चल रहा था। इसके चलते अभी तक पार्टी जमीनी स्तर पर उतरने में नाकाम थी और काफी परेशानियां भी थीं। लेकिन अब बीजेपी ने अपनी कमर कस ली है। कोरोना काल को ही एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने की योजना बनाते हुए अब पार्टी ने जमीनी स्तर पर उतरने की तैयारी कर ली है। पार्टी संगठन ने अब सेवा संगठन कार्यक्रम के माध्यम से पांच प्रोग्राम तय किए हैं। पांचों कार्यक्रमों की जिम्मेदारी पार्टी महामंत्रियों को दी गई हैं। खास बात ये है कि इन महामंत्रियों के साथ एक प्रदेश मंत्री भी लगाए गए हैं।

इसके तहत पहला कार्यक्रम प्राथमिक स्वास्‍थ्य केंद्र को गोद लेने का है। इस कार्यक्रम की जिम्मेदारी महामंत्री प्रियंका रावत को दी गई है। प्रदेश के मंत्री त्रयंबक नाथ त्रिपाठी भी उनके साथ इस कार्यक्रम में सहयोगी की भूमिका में रहेंगे। पीएचसी कार्यक्रम में सभी लोकसभा, राज्यसभा सांसद अपने संसदीय क्षेत्र की विधानसभा में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को गोद लेंगे। सभी विधायक और एमएलसी भी अपने क्षेत्र का एक-एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोद लेंगे। इतना ही नहीं सभी निगम बोर्ड आयोग के चेयरमैन समेत प्रमुख पदों पर मनोनीत लोगों को भी एक-एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोद लेना है। पार्टी का उद्देश्य है कि उत्कृष्ट सक्षम स्वास्थ्य केंद्र बने।

दूसरा कार्यक्रम पोस्ट कोविड सेंटर को लेकर है। इसके माध्यम से बीजेपी के कार्यकर्ता लोगों की सेवा कर सकेंगे। इसकी जिम्मेदारी महामंत्री अनूप गुप्ता और प्रदेश मंत्री रामचंद्र कन्नौजिया को दी गई है। पार्टी का निर्देश है कि कोरोना से ठीक होने के बाद दुष्प्रभावों से आमजन को बचाने के लिए कार्यकर्ता सामाजिक भूमिका का निर्वहन करें। इसके लिए पोस्ट कोविड सेंटर बनाकर जरुरतमंदों को चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराएं। हर जिले में पोस्ट कोविड सेंटर चिकित्सकों को जोड़कर एक टीम तैयार करेगा जो जरुरतमंदों की मदद कर सकें। तीसरा बड़ा कार्यक्रम वैक्सीनेशन को लेकर जागरुकता लाना है। 

जिसकी जिम्मेदारी गोविंद नारायण शुक्ला को दी गई है। इनके साथ प्रदेश मंत्री संजय राय रहेंगे। वैक्सीनेशन जागरुकता के माध्यम से बीजेपी के आईटी और युवा मोर्चा के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को जागरुक करेंगे।चौथा कार्यक्रम यूपी स्कीम है जिसकी जिम्मेदारी अमरपाल मौर्य को दी गई है और उनके साथ प्रदेश मंत्री सुभाष यदुवंश रहेंगे। इसके माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ जनता को दिलवाया जाएगा। कोई भी व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा। पांचवा कार्यक्रम पंचायत चुनाव को लेकर है। इसमें एजेंडा तैयार किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी महामंत्री जे पी एस राठौर को दी गई है। इनके साथ प्रदेश मंत्री शंकर लोधी को रखा गया है।

बीजेपी के चुनावी तैयारियों के बारे में महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला कहते हैं कि यह केवल चुनावी तैयारी नहीं है बल्कि सेवा ही संगठन के भाव को लेकर अपने अपने क्षेत्र में पार्टी के कार्यकर्ता कोरोना के संकट काल में जनता की सेवा में लगे रहें।कार्यकर्ताओं की प्राथमिकता रहेगी कि सभी अपने क्षेत्र में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित अलग अलग योजनाओं का लाभ जरुरतमंद लोगों तक पहुचाएं। बीजेपी ने सेवा को हथियार बनाकर जमीन पर अपने कार्यकर्ताओं को उतारने का प्लान तैयार कर लिया है ताकि लोगों के बीच में पैठ बनाई जा सके।

शेयर बाजार शिखर छूने के बाद रिकॉर्ड स्तर पर बंद

मनोज सिंह ठाकुर   
मुंबई। घरेलू शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन चढ़ते हुए आज नए शिखर को छूने के बाद रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुए। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 174.29 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की छलांग लगाकर 52,474.76 अंक पर पहुंच गया। यह पहली बार 52,400 अंक के पार बंद हुआ है। दोपहर से पहले यह 52,641.53 अंक तक चढ़ गया था जो बीच कारोबार का ऐतिहासिक उच्चतम स्तर है।नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी पहली बार 15,835.55 अंक के शिखर को छूने के बाद 61.60 अंक यानी 0.39 प्रतिशत की बढ़त के साथ 15,799.35 अंक के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ। आईटी, टेक और बिजली क्षेत्र की कंपनियों के साथ रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में हुई लिवाली से बाजार को बल मिला। कोविड-19 के मामलों में लगातार आ रही कमी और कई राज्य सरकारों द्वारा प्रतिबंधों में ढील देने से अर्थव्यवस्था को लेकर निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है।मझौली और छोटी कंपनियों के शेयर भी बढ़त के साथ नये रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुये। बीएसई का मिडकैप 0.14 फीसदी की​ बढ़त के साथ 22,927.83 अंक पर और स्मॉलकैप 0.40 प्रतिशत उछलकर 25,116.30 अंक पर पहुंच गया। सेंसेक्स की कंपनियों में डॉ. रेड्डीज लैब का शेयर 3.03 प्रतिशत मजबूत हुआ।

पावरग्रिड में 1.97 प्रतिशत, टीसीएस में 1.73 प्रतिशत, इंफोसिस में 1.56 प्रतिशत, एचसीएल टेक्नोलॉजीज में 1.54 प्रतिशत और रिलायंस इंडस्ट्रीज में 1.39 प्रतिशत की तेजी रही। एलएंडटी का शेयर 1.07 फीसदी लुढ़क गया। अधिकतर विदेशी बाजारों में तेजी देखी गई। एशिया में चीन का शंधाई कंपोजिट 0.58 प्रतिशत और जापान का निक्केई 0.03 प्रतिशत टूट गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.77 प्रतिशत और हांगकांग का हैंगसेंग 0.36 प्रतिशत की मजबूती में बंद हुआ। यूरोप में शुरुआती कारोबार में ब्रिटेन का एफटीएसई 0.58 प्रतिशत और जर्मनी का डैक्स 0.19 प्रतिशत की बढ़त में रहा।

बीआरओ के 2 उत्कृष्टता केंद्रों का उद्घाटन, सुरक्षा

हरिओम उपाध्याय  
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के दो उत्कृष्टता केंद्रों का उद्घाटन किया। बीआरओ की स्थापना सड़कों, पुलों, सुरंगों आदि के निर्माण को बढ़ावा देने के साथ ही सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई थी। अधिकारियों ने बताया कि एक उत्कृष्टता केंद्र देश के पूर्वी और पश्चिमोत्तर हिस्सों में लगभग 60,000 किलोमीटर सड़कों, 56,000 मीटर पुलों, 19 हवाई पट्टियों और चार सुरंगों के विकास के क्रम में बीआरओ को मिले अनुभव को संस्थागत रूप देगा।
दोनों केंद्र राष्ट्रीय राजधानी में बीआरओ मुख्यालय में स्थापित किए गए हैं। रक्षा मंत्रालय ने कहा, “इन केंद्रों की स्थापना सड़क सुरक्षा के साथ-साथ सड़कों, पुलों, हवाई पट्टियों और सुरंगों के निर्माण में बढ़ावा देने में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए की गई है।” इस अवसर पर अपने संबोधन में रक्षा मंत्री सिंह ने दोनों केंद्रों की स्थापना में बीआरओ के प्रयासों की सराहना की और भेरासा जताया कि वे लोगों की कीमती जान को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
सिंह ने सड़क दुर्घटनाओं को मूक महामारी बताया जिसमें हर साल करीब 1.5 लाख लोगों की मौत हो जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा नीति, मोटर वाहन कानून 2020 और राष्ट्रीय राजमार्गों पर खतरनाक स्थानों की पहचान जैसी कई पहल की हैं ताकि इस संकट का सामना किया जा सके। सिंह ने दूरदराज के इलाकों में सड़कों, सुरंगों और अन्य आधारभूत ढांचे का विकास कर देश की प्रगति में बीआरओ की भूमिका की भी सराहना की।

उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में, खासकर कोविड महामारी के दौरान सड़क संपर्क बढ़ाने के लिए कठिन मौसम में भी अथक रूप से काम करने के लिए बीआरओ की सराहना की। उन्होंने कहा कि बीआरओ सशस्त्र बलों की जरूरतों को पूरा करने के साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास की दिशा में भी काम कर रहा है।

उन्होंने विशेष रूप से बीआरओ की हालिया उपलब्धियों का जिक्र किया, जिनमें रोहतांग और जोजिला दर्रे में अटल सुरंग का निर्माण शामिल है। सिंह ने बीआरओ के विकास के लिए सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों की भी चर्चा की। इनमें बीआरओ के बजट में वृद्धि, संगठन के कर्मियों के लिए विशेष ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पहने जाने वाले कपड़ों की मंजूरी के साथ ही कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए कैडर समीक्षा शामिल हैं।

सुशील की न्यायिक हिरासत 25 जून तक बढ़ा दी

अकांशु उपाध्याय   
नई दिल्ली। छत्रसाल स्टेडियम में कथित तौर पर हुई एक झड़प में एक पहलवान की मौत के सिलसिले में दिल्ली की एक अदालत ने ओलंपिक पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार की न्यायिक हिरासत 25 जून तक के लिए शुक्रवार को बढ़ा दी। सुशील कुमार को नौ दिन न्यायिक हिरासत में रखने के बाद मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट रीतिका जैन के सामने पेश किया गया था।कुमार पर हत्या और अपहरण के मामले दर्ज हैं। संपत्ति के एक कथित विवाद में चार और पांच मई की दरम्यानी रात में स्टेडियम में कुमार और उसके कुछ दोस्तों ने कथित तौर पर सागर धनखड़ और उसके दो दोस्तों पर हमला कर दिया था। इस घटना में धनखड़ की मौत हो गई थी।
पुलिस का आरोप है कि सुशील कुमार हत्या का “मुख्य दोषी और साजिशकर्ता” है। पुलिस के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मौजूद हैं जिनमें कुमार और उसके साथियों को धनखड़ को पीटते देखा जा सकता है। कुमार और सह आरोपी अजय कुमार सहरावत को 23 मई को गिरफ्तार किया गया था। घटना के संबंध में अब तक कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

पहली बार पेट्रोल 102, डीजल 94 रुपये के पार

अकांशु उपाध्याय  
नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल के दाम एक दिन स्थिर रहने के बाद शुक्रवार को फिर बढ़कर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गये। देश के चार बड़े महानगरों में आज पेट्रोल 29 पैसे तक और डीजल 30 पैसे तक महंगा हुआ। इससे मुंबई में पहली बार पेट्रोल 102 रुपये और डीजल 94 रुपये के पार पहुंच गया। चेन्नई में पेट्रोल पहली बार 97 रुपये से ऊपर निकल गया। अग्रणी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 29 पैसे महंगा होकर 95.85 रुपये और डीजल 28 पैसे महंगा होकर 86.75 रुपये प्रति लीटर हो गया। गत 04 मई से अब तक 22 दिन पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाये गये हैं जबकि शेष 17 दिन कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
इस दौरान दिल्ली में पेट्रोल 5.45 रुपये तथा डीजल 6.02 रुपये महंगा हो चुका है। मुंबई में पेट्रोल में 28 पैसे और डीजल में 30 पैसे की बढ़ोतरी की गई। इसके साथ ही पेट्रोल की कीमत 102.04 रुपये और डीजल की कीमत 94.15 रुपये प्रति लीटर के पार निकल गई। चेन्नई में पेट्रोल 25 पैसे महंगा होकर 97.19 रुपये और डीजल 27 पैसे महंगा होकर 91.42 रुपये प्रति लीटर के भाव बिका।

कोलकाता में दोनों ईंधनों के दाम 28-28 पैसे बढ़े। वहां एक लीटर पेट्रोल 95.80 रुपये और डीजल 89.60 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया। पेट्रोल-डीजल के मूल्यों की रोजाना समीक्षा होती है और उसके आधार पर हर दिन सुबह छह बजे से नई कीमतें लागू की जाती हैं।

गुरुवार, 10 जून 2021

बजट और रोजगार देने में निरन्तर गिरावट दर्ज: लल्लू

हरिओम उपाध्याय                  

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि भाजपा सरकार के गठन के बाद महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के बजट और रोजगार देने में निरन्तर गिरावट दर्ज हो रही है। अजय कुमार लल्लू ने गुरूवार को कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में मनरेगा में 48 फीसदी रोजगार घटा है। वही इसमें भ्रटाचार भी बढ़़ा है। मनरेगा श्रमिको के भुगतान में भी संकट आ रहा है, उन्होंने अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि ग्रामीण परिवारों के समक्ष रोजी रोटी का संकट विकरालता की तरफ जा रहा है। उनकी क्रय शक्ति कम होने के कारण खर्च कम करने की वजह से आर्थिक मंदी बढ़ रही है। 

दूसरी तरफ ग्रामीणों को अनेक दुश्वारियो का सामना करना पड़ रहा है। जबकि सरकार रोजगार व मनरेगा के मुद्दे पर लगातार झूठ के सहारे गुमराह कर सवालों के जवाब देने से बच रही है। उन्होने कहा कि भाजपा कुछ भी देने का वादा करती हैं, वही जनता से छीन लेते है। कोरोना संकटकाल में जिस तरह कुशल व अकुशल कामगारों की अपने गृह प्रदेश में वापसी पर मनरेगा में काम देने की घोषणाएं पूरी तरह झूठी साबित हुई हैं। स्थित यह रही कि आवंटित बजट में पिछले वर्ष की तुलना में 35 प्रतिशत की कटौती करके ग्रामीण रोजगार को संकट ग्रस्त बनाने में कोई कसर नही छोड़ी, आज यही कारण है कि मनरेगा बेहाल होकर लोगो को काम देने में असमर्थ हुई है। वही जिनको काम मिल भी रहा है उनके भुगतान समय से नही हो रहे है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के धन में हुई कटौती से ग्रामीण रोजगार में भारी गिरावट से एक बड़ी आबादी के समक्ष बर्बादी का दरवाजा खोलकर चंद औद्योगिक घरानो के हवाले धन के केन्द्रीयकरण का मार्ग खोल दिया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में पिछले वर्ष के 19 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान के मुकाबले 14070 करोड़ करना यह साबित करता है कि ग्रामीणों की भलाई के लिए वह कुछ नही करना चाहती। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी में सरकार रोजगार देने में पूरी तरह विफल साबित हो चुकी है। वह ग्रामीणों को को रोजगार नही देना चाहती उन्होंने सरकार की ग्रामीण विरोधी नीतियो पर हमला करते हुए कहा कि वह जनविरोधी नीतियों से बाज आकर रोजगार देने की दिशा में काम करे।

राजनीति: सीएम ने गृहमंत्री शाह से मुलाकात की

अकांशु उपाध्याय                  
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। दो दिवसीय दौरे पर राजधानी पहुंचे योगी आदित्यनाथ के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात की भी संभावना है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर सकते हैं। जबकि नड्डा से उनकी मुलाकात आज ही संभावित है। 
योगी आदित्यनाथ का यह दौरा उत्तर प्रदेश से ही आने वाले पूर्व कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद के भाजपा में शामिल होने के एक दिन बाद हुआ है। योगी की इस दिल्ली यात्रा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। अभी कुछ दिन पहले ही भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बी एल संतोष और पार्टी के प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह ने लखनऊ का दौरा किया था और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की तैयारियों की समीक्षा की थी।

लोगों के बीच सम्पर्क टूट जाने के कारण पार्टी छोड़ी

अकांशु उपाध्याय               
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के एक दिन बाद जितिन प्रसाद ने गुरुवार को बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी व्यक्ति के चलते या किसी पद के लिए नहीं बल्कि पार्टी और उत्तर प्रदेश के लोगों के बीच ”सम्पर्क टूट जाने” के कारण छोड़ी। जितिन प्रसाद कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार में केंद्रीय मंत्री के तौर पर काम किया है और उनका परिवार तीन पीढ़ियों से पार्टी से जुड़ा रहा है। प्रसाद बुधवार को भाजपा में शामिल हो गए और भाजपा को देश में ”एकमात्र सच्ची राष्ट्रीय पार्टी” करार दिया। प्रसाद कांग्रेस के उन 23 नेताओं में शामिल थे जिन्होंने पिछले साल अक्टूबर में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी में संगठनात्मक बदलाव की मांग की थी।
उन्होंने पार्टी छोड़ने के लिए किसी भी व्यक्ति को दोष नहीं दिया। उन्होंने बृहस्पतिवार को मीडिया से कहा, ”मैंने कांग्रेस किसी व्यक्ति के चलते या किसी पद के लिए नहीं छोड़ी। मेरे कांग्रेस छोड़ने का कारण यह था कि पार्टी और लोगों के बीच सम्पर्क टूट गया था और यही कारण है कि उत्तर प्रदेश में इसका वोट प्रतिशत कम हो रहा है और पार्टी को फिर से पटरी पर लाने के लिए कोई योजना नहीं है।”
उन्होंने कहा कि भाजपा में शामिल होने का उनका निर्णय चर्चा और विचार-विमर्श के बाद लिया गया। उन्होंने कहा कि वह अपने लोगों, अपने राज्य और राष्ट्र की सेवा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में रहते हुए वह अपने लोगों के हितों की रक्षा नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि भाजपा देश में एकमात्र संस्थागत राष्ट्रीय पार्टी है।

दिल्ली: 24 घंटे में संक्रमण के 305 नए मामलें मिलें

अकांशु उपाध्याय                    
नई दिल्ली। दिल्ली में बृहस्पतिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 305 नए मामले सामने आए और 44 रोगियों की मौत हो गई। जबकि संक्रमण दर 0.41 प्रतिशत रही। यहां जारी स्वास्थ्य बुलेटिन में यह जानकारी दी गई है। बुलेटिन के अनुसार बीते 24 घंटे के दौरान लगभग 560 लोग संक्रमण मुक्त हुए हैं। संक्रमण से उबरने वालों की संख्या नए संक्रमितों से अधिक रही। एक दिन में 44 रोगियों की मौत के बाद मृतकों की कुल संख्या बढ़कर 24,748 हो गई। मृत्युदर 1.73 प्रतिशत है।
बुलेटिन के अनुसार बीते 24 घंटे के दौरान 75,133 जांच की गईं। इनमें से 53,266 आरटीपीसीआर/सीबीएनएएटी/ट्रूनेट जबकि शेष रैपिड एंटीजेन जांच थीं। राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को संक्रमण के 337 नए मामले सामने आए थे और 36 रोगियों की मौत हुई थी। संक्रमण की दर 0.46 प्रतिशत थी।बुलेटिन के अनुसार राजधानी में उपचाराधीन रोगियों की संख्या 4,212 है जो मंगलवार को 4,511 थी। 1,369 रोगी घर में पृथकवास में हैं। बुधवार को इनकी संख्या 1,795 थी। दिल्ली में अब तक कुल 14,30,433 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जा चुके हैं। इनमें से 14.01 लाख से अधिक ठीक हो चुके हैं।
बुलेटिन के अनुसार बीते 24 घंटे में 48,022 लोगों को टीके लगाए गए। इनमें से 22,485 को पहली खुराक दी गई। दिल्ली में अब तक कुल 58,29,167 लोगों को टीके लगाए जा चुके हैं। इनमें से 13,63, 163 दोनों खुराकें ले चुके हैं।

सियासी उठा-पटक को दूर करने की कावायद तेज की

अकांशु उपाध्याय                

नई दिल्ली। कांग्रेस की पंजाब इकाई की सियासी उठा-पटक को दूर करने की कावायद तेज कर दी गई है। इसको दूर करने के मकसद से गठित तीन सदस्यीय समिति ने गुरूवार को अपनी रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंप दी। अगले कुछ दिनों में आलाकमान की ओर से राज्य में कोई नया फार्मूला तय किए जाने की संभावना है।

सूत्रों ने बताया कि राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता वाली समिति ने पंजाब में सरकार में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कोई सिफारिश नहीं की है, हालांकि उसने यह जरूर कहा है कि पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को सरकार या संगठन में उपयुक्त स्थान दिया जाए। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, समिति ने कांग्रेस के प्रदेश संगठन में बदलाव के समय सभी क्षेत्रों और समाज के सभी वर्गों को जगह देने की पैरवी भी की है। समिति ने हाल ही में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू, कई मंत्रियों, सांसदों और विधायकों समेत कांग्रेस के पंजाब से ताल्लुक रखने वाले 100 से अधिक नेताओं से उनकी राय ली थी।

जेडीयू को भी मंत्रिमंडल में हिस्सेदारी मिलनी चाहिए

अविनाश श्रीवास्तव    पटना। केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार और उसमें जनता दल यूनाइटेड के शामिल होने की अटकलों के बीच जेडीयू अध्यक्ष आरसीपी सिं...