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रविवार, 14 अगस्त 2022

'तिरंगा' की बिक्री ने पिछले 74 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ा 

'तिरंगा' की बिक्री ने पिछले 74 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ा 

अकांशु उपाध्याय/मिनाक्षी लोढी 

नई दिल्ली/कोलकाता। आजादी के जश्न का उत्साह तो हर साल ही होता है मगर इस बार बात ही अलग है। इस बार देश 75वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है और आजादी के अमृत महोत्सव को लेकर लोगों में उत्साह चरम पर है। हर घर तिरंगा लहराने का जोश इस बार लोगों में इस तरह है कि बाजारों में डिमांड इतनी बढ़ गई है कि दुकानदार पूरी तरह से सप्लाई नहीं दे पा रहे हैं। इस बार तिरंगा की बिक्री ने पिछले सभी 74 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 100 गुणा ज्यादा राष्ट्रीय ध्वज की बिक्री हो रही है। सन्मार्ग की टीम ने बड़ाबाजार की कई दुकानों का दौरा किया जहां पता चला कि दुकानदार अब नया ऑडर्र नहीं ले रहे हैं। बल्कि जो उनके पास स्टॉक में है, उसे ही बिक्री कर रहे हैं। यहां तक कि एक सप्ताह में 2 करोड़ तिरंगा की डिमांड आयी मगर हम सप्लाई नहीं कर पा रहे हैं।
इस साल की बिक्री ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिये हैं। बिक्री इतनी कि अब नये ऑर्डर नहीं लिये जा रहे हैं। राजाकटरा तिरपालपट्टी के एक कारोबारी संजय अग्रवाल ने बताया कि यह सब मोदी जी का कमाल है। उन्होंने इस तरह हर घर तिरंगा फहराने का जोश भरा है कि हर व्यक्ति ही तिरंगा फहराना चाहता है। दुकानदार ने कहा कि अभी सप्लाई नहीं कर पा रहे हैं। एक सप्ताह में करीब 20 लाख तिरंगा की बिक्री हुई है। जो कि अब तक सबसे ज्यादा है। लोग 5000 से 10000 तक अलग-अलग साइज में तिरंगे खरीद रहे हैं।
कोलकाता के अलावा अहमदाबाद, सूरत, दिल्ली सहित कई शहरों से तिरंगा मंगाया गया है। एक दुकानदार राहुल गंभीर ने कहा डिमांड इतना ज्यादा है कि पिछले कई सालों के स्टॉक में रखे गये तिरंगे सभी बिक गये हैं। इस बार बाजार ने पिछले सारे रिकार्डों को तोड़ दिया है। एक सप्ताह में 2 करोड़ तिरंगे की मांग आयी मगर हम उतनी सप्लाई नहीं कर पाये। केवल कोलकाता ही नहीं बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों से मांग बहुत ही ज्यादा है। स्कूल से लेकर कॉलेज, शिक्षण संस्थान, कार्यालय, हर एक व्यक्ति में इस बार तिरंगा फहराने का उत्साह खूब नजर आ रहा है।
तिरंगा के अलावा, आई लव इंडिया वाली टी शर्ट, उत्तरीय, हैंड फ्लैग, बैच, बाइक हैंड फ्लैग व अन्य कई सामानों की खूब डिमांड है।

सॉफ्टवेयर: वीएलसी को भारत में प्रतिबंधित किया 

सॉफ्टवेयर: वीएलसी को भारत में प्रतिबंधित किया 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। सबसे लोकप्रिय मल्टी मीडिया प्लेयर सॉफ्टवेयर और स्ट्रीमिंग मीडिया सर्वर में से एक वीएलसी को भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, VideoLAN प्रोजेक्ट द्वारा विकसित लोकप्रिय मीडिया प्लेयर सॉफ़्टवेयर को लगभग 2 महीने पहले भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया था। हालांकि, यदि सॉफ़्टवेयर पहले से ही किसी डिवाइस पर स्थापित है, तो यह अभी भी काम करना चाहिए। अभी तक, न तो कंपनी और न ही भारत सरकार ने प्रतिबंध के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी किया है।

रिपोर्ट के अनुसार, यह एक सॉफ्ट बैन था, क्योंकि न तो कंपनी और न ही भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर मीडिया प्लेटफॉर्म को ब्लॉक करने की घोषणा की है। वर्तमान में, देश में केवल वीएलसी मीडिया प्लेयर वेबसाइट और डाउनलोड लिंक प्रतिबंधित हैं। सीधे शब्दों में कहें तो, अब भारत में कोई भी किसी भी काम के लिए वीएलसी मीडिया प्लेयर का उपयोग नहीं कर सकता है। जो कि उन उपयोगकर्ताओं के मामले में प्रतीत होता है जिनके पास पहले से ही अपने उपकरणों पर सॉफ़्टवेयर स्थापित है और अन्य सहित सभी प्रमुख इंटरनेट सेवा प्रदाताओं पर प्रतिबंधित है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, वीएलसी मीडिया प्लेयर को प्रतिबंधित कर दिया गया है।

क्योंकि इसका इस्तेमाल चीन समर्थित हैकिंग समूह सिकाडा द्वारा साइबर हमलों के लिए किया जा रहा था। कुछ महीने पहले, सुरक्षा विशेषज्ञों ने पाया कि सिकाडा लंबे समय से चल रहे साइबर हमले अभियान के हिस्से के रूप में एक दुर्भावनापूर्ण मैलवेयर लोडर को तैनात करने के लिए वीएलसी मीडिया प्लेयर का उपयोग कर रहा था। सरकार अब तक 270 से अधिक चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगा चुकी है। ऐसे कई ऐप ने भारत में प्रवेश करने के लिए खुद को नए अवतार में फिर से नाम दिया लेकिन फिर से प्रतिबंधित कर दिया गया। हाल ही में, PUBG के भारतीय संस्करण बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया (BGMI) को भी भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया है और इसे Google Play स्टोर और Apple ऐप स्टोर से हटा दिया गया है। इन ऐप्स को ब्लॉक करने के पीछे की वजह यह है कि सरकार को डर था कि ये प्लेटफॉर्म चीन को यूजर डेटा भेज रहे हैं। हालांकि, वीएलसी मीडिया प्लेयर एक चीनी कंपनी द्वारा समर्थित नहीं है। इसे पेरिस स्थित फर्म VideoLAN द्वारा विकसित किया गया है।

शनिवार, 13 अगस्त 2022

देश के नागरिकों से 'हर घर झंडा' फहराने की अपील

देश के नागरिकों से 'हर घर झंडा' फहराने की अपील 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। देश में स्वतंत्रता दिवस को भव्य रूप में मनाने के साथ ही “आजादी का अमृत महोत्सव” मनाया जा रहा है। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देश के नागरिकों से “हर घर झंडा” फहराने की अपील की गई है। उन्होंने खुद सोशल मिडिया के डीपी में तिरंगा डालकर अभियान की शुरुआत की। इसी अभियान के तहत स्वतंत्रता दिवस से पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ सरसंघचालक मोहन भागवत ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट की प्रोफाइल तस्वीरों पर संगठन के झंडे की जगह तिरंगे की तस्वीर लगाई है। यह बदलाव ऐसे समय में किया गया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी से सोशल मीडिया में अपने डीपी में तिरंगा लगाने की अपील के बाद भी संघ और सरसंघचालक की डीपी में बदलाव नहीं करने पर कांग्रेस ने निशाना साधा था।

इसके बाद केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, विपक्षी नेताओं और आम लोगों ने अपनी डीपी पर तिरंगे की फोटो लगाई। लेकिन आरएसएस और मोहन भागवत ने अपने सोशल मीडिया पर डीपी नहीं बदली थी, जिसके बाद बीजेपी और आरएसएस विपक्षी पार्टियों के निशाने पर आ गई थी। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने अपने ट्वीट में सवाल किया था कि क्या नागपुर में अपने मुख्यालय पर 52 साल तक राष्ट्रध्वज नहीं फहराने वाला संगठन अपने सोशल मीडिया खातों की प्रोफाइल तस्वीर पर तिरंगा लगाने के प्रधानमंत्री के आग्रह को मानेगा। वहीं कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने ट्विटर पर आरएसएस और उसके प्रमुख मोहन भागवत की प्रोफाइल फोटो के स्क्रीनशॉट को शेयर कर लिखा था कि संघ वालों, अब तो तिरंगा को अपना लो।

दिल्ली में 'मंकीपॉक्स' का पांचवां मामला सामने आया

दिल्ली में 'मंकीपॉक्स' का पांचवां मामला सामने आया 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, मंकीपॉक्स एक वायरल जूनोसिस (जानवरों से मनुष्यों में फैलने वाला वायरस) है, जिसमें चेचक के रोगियों में अतीत में देखे गए लक्षणों के समान लक्षण होते हैं। दिल्ली में 'मंकीपॉक्स' का पांचवां मामला सामने आया है। नाइजीरिया की यात्रा कर चुकी अफ्रीकी मूल की एक 22 वर्षीय महिला को मंकीपॉक्स की पुष्टि होने के बाद इलाज के लिए एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की टीम सभी संक्रमित और संदिग्ध मरीजों का इलाज कर रही है।

लोक नायक जय प्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. सुरेश कुमार ने शनिवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया, कि दिल्ली में मंकीपॉक्स का 5वां मामला सामने आया है। डॉ. सुरेश कुमार ने कहा कि एक 22 वर्षीय महिला के नमूने शुक्रवार को पॉजिटिव पाए गए और वर्तमान में वह अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में है।डॉ. ने बताया कि एक मरीज को एलएनजेपी में भर्ती कराया गया है और उसके नमूने पॉजिटिव पाए गए हैं। वर्तमान में 4 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं और एक को छुट्टी दे दी गई है। दिल्ली में मंकीपॉक्स के कुल पांच मामले सामने आए हैं। वह कल पॉजिटिव आई थी। डॉक्टरों की टीम उसका इलाज कर रही है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि महिला की हाल ही में कोई ट्रैवल हिस्ट्री भी नहीं है, लेकिन एक महीने पहले उसने यात्रा की थी।

विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किए जाने के एक दिन बाद दिल्ली में इस साल 24 जुलाई को मंकीपॉक्स के पहले मामले की पुष्टि हुई थी।केंद्र सरकार ने भारत में फैले वायरस की जांच के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिनमें से एक देश के प्रवेश बिंदुओं पर निगरानी भी शामिल था।अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों को बीमार व्यक्तियों, मृत या जीवित जंगली जानवरों और अन्य लोगों के निकट संपर्क में आने से बचने की सलाह दी गई है। भारत में मंकीपॉक्स का पहला मामला केरल के कोल्लम जिले में 14 जुलाई को सामने आया था।विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, मंकीपॉक्स एक वायरल जूनोसिस (जानवरों से मनुष्यों में फैलने वाला वायरस) है, जिसमें चेचक के रोगियों में अतीत में देखे गए लक्षणों के समान लक्षण होते हैं, हालांकि यह चिकित्सकीय रूप से कम गंभीर है।

शुक्रवार, 12 अगस्त 2022

बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग खारिज: एससी 

बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग खारिज: एससी 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग खारिज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के उस प्रावधान की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका शुक्रवार को रद्द कर दी, जिसके तहत देश में मतदान के लिए मतपत्र की जगह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के इस्तेमाल की शुरुआत हुई थी। जस्टिस एस के कौल और जस्टिस एम एम सुंदरेश की बेंच ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा-61ए को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया, जो कि चुनावों में ईवीएम के इस्तेमाल से संबंधित है।

याचिका दायर करने वाले वकील एम एल शर्मा ने संविधान के अनुच्छेद 100 का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि यह एक अनिवार्य प्रावधान है। अनुच्छेद 100 सदन में मतदान और रिक्तियों के बावजूद सदन के कार्य करने के अधिकार से संबंधित है। शर्मा ने कहा, ‘मैंने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा-61ए को यह कहते हुए चुनौती दी है कि इसे लोकसभा या राज्यसभा में मतदान के जरिए पारित नहीं किया गया है।

बेंच ने याचिकाकर्ता से पूछा यह सवाल...

बेंच ने पूछा, ‘क्या आप सदन में जो कुछ होता है, उसे चुनौती दे रहे हैं? या आप आम मतदान को चुनौती दे रहे हैं? आप किस चीज को चुनौती दे रहे हैं।’ शर्मा ने कहा कि वह अधिनियम की धारा-61ए को चुनौती दे रहे हैं, जिसमें ईवीएम के उपयोग की इजाजत है, जबकि इसे मतदान के माध्यम से सदन में पारित नहीं किया गया था। पीठ ने कहा कि हमें इसमें कोई गुण-दोष नहीं मिला… इसलिए इसे खारिज किया जाता है। याचिका में केंद्रीय कानून मंत्रालय को एक पक्ष बनाया गया था। इसमें ईवीएम के इस्तेमाल से संबंधित प्रावधान को ‘अमान्य, अवैध और असंवैधानिक’ घोषित करने की मांग की गई गई थी।

एक साल में सीएनजी-पीएनजी के दाम 70 प्रतिशत बढ़े

एक साल में सीएनजी-पीएनजी के दाम 70 प्रतिशत बढ़े 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। आयातित ईंधन के इस्तेमाल से पिछले एक साल में सीएनजी और पीएनजी के दाम 70 प्रतिशत बढ़े। तीन महीने पहले सीएनजी-पीएनजी की बढ़ी मांग को पूरा करने के लिए महंगी आयातित एलएनजी के इस्तेमाल का निर्देश दिया था।11 अगस्त (भाषा) पेट्रोलियम मंत्रालय ने सीएनजी और पाइप वाली रसोई गैस (पीएनजी) के दामों में नरमी लाने के लिये प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को उद्योगों से शहर गैस वितरण कंपनियों की तरफ मोड़ने का आदेश दिया है। आयातित ईंधन के इस्तेमाल की वजह से पिछले एक साल में सीएनजी और पीएनजी के दाम 70 प्रतिशत बढ़े हैं।मंत्रालय ने करीब तीन महीने पहले वाहन ईंधन सीएनजी और रसोई में इस्तेमाल होने वाले ईंधन पीएनजी की बढ़ी मांग को पूरा करने के लिए महंगी आयातित एलएनजी के इस्तेमाल का निर्देश दिया था।

मंत्रालय हालांकि, दस अगस्त को शहर के गैस संचालन के लिए मुख्य रूप से घरेलू स्तर पर उत्पादित गैस की आपूर्ति की पुरानी नीति पर वापस लौट आया है।अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली की इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड और मुंबई की महानगर गैस लिमिटेड (एमजीएल) जैसी शहर गैस वितरण कंपनियों के लिये आवंटन 1.75 करोड़ घन मीटर प्रतिदिन से बढ़ाकर 2.078 करोड़ घन मीटर कर दिया गया है।अधिकारियों के अनुसार, बढ़ा हुआ आवंटन देश में पाइप के जरिये रसोई गैस और वाहनों के लिये सीएनजी आपूर्ति की 94 प्रतिशत मांग को पूरा करेगा।उन्होंने बताया कि अबतक करीब 83 प्रतिशत मांग इसके जरिये पूरी की जाती थी और शेष आवंटन गेल द्वारा एलएनजी के आयात के जरिये पूरी किया जाता था।

पूर्व व्यवस्था के तहत गेल एलएनजी के साथ घरेलू स्तर पर उपलब्ध गैस की औसत कीमत के आधार पर उसकी आपूर्ति करता थी।अधिकारियों ने बताया कि आयातित ईंधन के बजाय घरेलू गैस के इस्तेमाल से कच्चे माल की लागत घटेगी और सीएनजी तथा पीएनजी के दाम नीचे आएंगे।परिचालकों द्वारा महंगी एलएनजी का इस्तेमाल करने से पिछले एक साल के दौरान सीएनजी और पीएनजी की कीमतों में जोरदार उछाल आया है। दिल्ली में सीएनजी का दाम जुलाई 2021 में 43.40 रुपये प्रति किलोग्राम था, जो अब 74 प्रतिशत बढ़कर 75.61 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। वहीं इस दौरान पीएनजी की कीमतें 70 प्रतिशत बढ़कर 29.66 प्रति घनमीटर से 50.59 प्रति घनमीटर हो गई हैं।

बुधवार, 10 अगस्त 2022

दर्ज मुकदमें दिल्ली ट्रांसफर करने का आदेश: एससी 

दर्ज मुकदमें दिल्ली ट्रांसफर करने का आदेश: एससी 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ देश भर में दर्ज तमाम मुकदमों को दिल्ली ट्रांसफर करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को हुई सुनवाई के बाद कहा कि इन तमाम एफआईआर को लेकर जांच अब दिल्ली पुलिस करेगी। बता दें कि नूपुर शर्मा के खिलाफ पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, तेलंगाना, असम और कर्नाटक में कई मामले दर्ज हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि जब तक जांच किसी नतीजे तक नहीं पहुंचती नुपुर शर्मा को मिली गिरफ्तारी से अंतरिम राहत बरकरार रहेगी। कोर्ट ने कहा कि अगर भविष्य में कोई नई एफआईआर होती है, तो उसकी भी जांच दिल्ली पुलिस ही करेगी।

गौरतलब है कि नुपुर शर्मा ने सर्वोच्च आदालत से अपने खिलाफ दर्ज नौ एफआईआर में गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी। नुपुर शर्मा मे सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा अप्रत्याशित और कड़ी आलोचना के बाद, उनके जीवन के लिए खतरा पैदा हो गया है और उन्हें बलात्कार की धमकी मिल रही है। उन्होंने कहा था कि चूंकि दिल्ली में FIR पहली थी। इसलिए अन्य स्थानों पर दर्ज FIR को दिल्ली के मामले के साथ जोड़ दिया जाए।

सरकार ने अडानी को जेड़ कैटेगरी की सुरक्षा दी

सरकार ने अडानी को जेड़ कैटेगरी की सुरक्षा दी 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। एशिया के सबसे अमीर शख्स गौतम अडानी को सरकार ने जेड़ कैटेगरी की सुरक्षा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया है कि गौतम अडानी को जो सुरक्षा दी गई है, उसका खर्च वो खुद निर्वहन करेंगे। अडानी की जेड़ कैटेगरी की सुरक्षा में कुल 33 सुरक्षागार्ड तैनात किए जाएंगे। इनको आर्म्ड फ़ोर्स सुरक्षा देगी‌। गृह मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक 10 आर्म्ड स्टैटिक गार्ड गौतम अडानी के घर पर रहेंगे। 6 राउंड द क्लॉक पीएसओ,12 तीन शिफ्ट में आर्म्ड स्कॉर्ट के कमांडो, 2 वाचर्स शिफ्ट में और 3 ट्रेंड ड्राइवर राउंड द क्लॉक मौजूद रहेंगे।

इससे पहले मुकेश अंबानी और उनकी पत्नी नीता अंबानी को भी गृह मंत्रालय ने केंद्रीय सुरक्षा दे रखी है। मुकेश अंबानी और नीता अंबानी प्रतिमाह अपनी सुरक्षा में खर्च हुई रकम को संबंधित फोर्स को चुकता करते हैं। सूत्रों ने बताया है कि जैसे मुकेश अंबानी को पेमेंट बेसिस पर केंद्र सरकार की वीआईपी सुरक्षा मिली है, कुछ इसी तर्ज पर गौतम अडानी को गृह मंत्रालय ने सुरक्षा दी है।

‘एशियन रीजनल फोरम’ की बैठक आयोजित होगी 

‘एशियन रीजनल फोरम’ की बैठक आयोजित होगी 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग बृहस्पतिवार को ‘एशियन रीजनल फोरम’ की बैठक डिजिटल तरीके से आयोजित करेगा, जिसका विषय ‘चुनावों को समावेशी, सुगम और सहभागिता पूर्ण बनाना’ होगा। आयोग ने बुधवार को कहा कि यह बैठक आने वाले महीने में मेक्सिको में राष्ट्रीय मतदाता संस्थान द्वारा आयोजित ‘लोकतंत्र के लिए वैश्विक सम्मेलन’ से पहले आयोजित की जा रही है।

उसने कहा कि वैश्विक सम्मेलन और क्षेत्रीय फोरम की बैठकों का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों और दुनिया के निर्वाचन निकायों के बीच तालमेल बनाना है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार और निर्वाचन आयुक्त अनूप चंद्र पांडेय 'एशियन रीजनल फोरम' की बैठक की अध्यक्षता करेंगे।

मंगलवार, 9 अगस्त 2022

'तिरंगे झंडे की विकास यात्रा' डाक टिकट पर दिखाई 

'तिरंगे झंडे की विकास यात्रा' डाक टिकट पर दिखाई 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। देश में आजादी के 75 साल पूरे होने पर देशभर में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। इस अवसर पर डाक विभाग ने तिरंगे झंडे की विकास यात्रा डाक टिकट पर दिखाई है। इस डाक टिकट की कीमत 75 रुपये रखी गई है। ये टिकट सभी मुख्य डाकघरों में उपलब्ध करा दिया गया है। इस टिकट पर तिरंगा अपनाने से लेकर अब तक जितने भी बदलाव हुए हैं, उनको दर्शाया गया है। 1905 से लेकर तिरंगा अपनाने तक छह बार इसमें बदलाव हुए हैं।

वहीं, इस डाक टिकट पर छह तस्वीरें छापी गई हैं। इसके पहले फोटो में झंडे पर बांग्ला भाषा में वंदे मातरम लिखा हुआ है। झंडे के बीच में हिंदू देवता इंद्र के शस्त्र बज्र की आकृति को दिखाया गया है। इस भारतीय झंडे को पहली बार साल 1905 में अपनाया गया था। इस झंडे को स्वामी विवेकानंद की शिष्या और सिस्टर निवेदिता ने डिजाइन किया था।

लालकिले की सुरक्षा में 10 हजार से अधिक 'जवान'

लालकिले की सुरक्षा में 10 हजार से अधिक 'जवान' 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस पर आतंकी हमले की धमकी को देखते देश भर में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्‍ता इंतेजाम किये गये हैं। इस बीच राजधानी दिल्‍ली की पुलिस भी हाई अलर्ट पर है। लाल किले की सुरक्षा में अभी से सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। दिल्ली पुलिस के 10 हजार से ज्यादा जवान जमीन से लेकर आसमान तक लालकिले की सुरक्षा में लगाएं गए है।

आसमान में उड़ने वाले पतंग व गुब्बारे पर विशेष नजर...

स्‍वतंत्रता दिवस के पूर्व से ही दिल्ली के आसमान में उड़ने वाले पतंग व गुब्बारे पर विशेष नजर रखने का काम किया जा रहा है। पतंगबाजों को रोकने के लिए 400 जवान अलग से तैनात किये गये हैं। लालकिले के आसपास स्थित ऊंची इमारतों को पुलिस अपने कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू कर देगी। उन पर दिल्ली पुलिस के कमांडो व शूटर तैनात कर दिया जाएगा। इन बिल्डिंग को सील कर दिया जाएगा, इनपुट के बाद दिल्ली में स्थित रोहिंग्याओं की कॉलोनियों पर खास नजर रखने का काम किया जा रहा है।

10,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात...

75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 15 अगस्त को ऐतिहासिक लाल किले के आसपास 10,000 से ज्यादा पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वतंत्रता दिवस पर मुगलकालीन स्मारक की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करेंगे। हर साल की तरह शहर की पुलिस ने कहा कि उसने स्वतंत्रता दिवस के लिए सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था की है, जो “फुलप्रूफ’ होगी । विशेष पुलिस आयुक्त दीपेंद्र पाठक ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर, लाल किले और आयोजन स्थल की ओर जाने वाले मार्गों पर 10,000 से अधिक पुलिस कर्मियों को विभिन्न भूमिकाओं में तैनात किया जाएगा। हमने दिन के लिए फुलप्रूफ सुरक्षा व्यवस्था की है।

400 से ज्यादा पतंगबाज तैनात...

दीपेंद्र पाठक ने कहा कि इस वर्ष उप-पारंपरिक हवाई वस्तुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और खुफिया एवं केंद्रीय एजेंसियों के साथ ही अंतरराज्यीय स्तर पर भी समन्वय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम आईईडी की मौजूदगी का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर जांच कर रहे हैं कर्मचारियों को योजना के अनुसार पर्याप्त सुरक्षा, प्रशिक्षण और तैनाती के बारे में जानकारी दी जा रही है। पाठक ने कहा कि गुब्बारे और पतंग उड़ाने से रोकने के लिए लाल किले और इसके आसपास के इलाकों में 400 से ज्यादा पतंगबाज़ों को तैनात किया गया है। हम निवास कल्याण संघों और बाजार कल्याण संघों के माध्यम से भी जागरूकता फैला रहे हैं। हम लोगों से अपील कर रहे हैं कि 15 अगस्त को स्मारक के आसपास पतंग, गुब्बारे या किसी भी तरह की उड़ने वाली वस्तु न दिखे, इसके लिए जारी परामर्श का पालन करें।

रविवार, 7 अगस्त 2022

भारत: संक्रमण के मामलों की संख्या-4,41,45,732 

भारत: संक्रमण के मामलों की संख्या-4,41,45,732 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। भारत में एक दिन में 18,738 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद देश में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 4,41,45,732 हो गई है। जबकि, उपचाराधीन मरीजों की संख्या 1,34,933 पर पहुंच गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के रविवार सुबह आठ बजे तक अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण से 40 और मरीजों के दम तोड़ने के कारण मृतकों की संख्या बढ़कर 5,26,689 हो गई है। इसमें केरल में मौत के आठ मामले भी शामिल हैं, जिनका बाद में पुनर्मिलान किया गया है।

आंकड़ों मुताबिक, उपचाराधीन मरीजों की संख्या संक्रमण के कुल मामलों का 0.31 प्रतिशत है, जबकि कोविड-19 से स्वस्थ होने वालों की राष्ट्रीय दर 98.50 प्रतिशत है। बीते 24 घंटे में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 140 की वृद्धि दर्ज की गई है। मंत्रालय के अनुसार, संक्रमण की दैनिक दर 5.02 प्रतिशत और साप्ताहिक दर 4.63 प्रतिशत दर्ज की गई है। वहीं, कोविड-19 से स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 4,38,84,110 हो गई है, जबकि मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत आंकी गई है।देशव्यापी कोविड-19 रोधी टीकाकरण अभियान के तहत भारत में अभी तक 206.21 करोड़ खुराक लगाई जा चुकी हैं। गौरतलब है कि देश में सात अगस्त 2020 को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गई थी। संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्टूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्टूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे।

देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ से अधिक हो गए थे। पिछले साल चार मई को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गई थी। इस साल 25 जनवरी को संक्रमण के कुल मामले चार करोड़ के पार हो गए थे। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बीते एक दिन में संक्रमण से जिन मरीजों ने जान गंवाई है, उनमें से नौ की मौत महाराष्ट्र, चार-चार की छत्तीसगढ़ तथा पश्चिम बंगाल, तीन की मणिपुर, दो की मध्य प्रदेश और एक-एक मरीज की मौत बिहार, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मेघालय, ओडिशा, पंजाब और त्रिपुरा में हुई है।

शनिवार, 6 अगस्त 2022

10,196.94 करोड़ का रिकॉर्ड घाटा हुआ: एचपीसीएल 

10,196.94 करोड़ का रिकॉर्ड घाटा हुआ: एचपीसीएल 

अकांशु उपाध्याय/कविता गर्ग 

नई दिल्ली/मुंबई। सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) को रिकॉर्ड घाटा हुआ है। कंपनी के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 10,196.94 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड घाटा हुआ। यह किसी भी तिमाही में एचपीसीएल को हुआ सबसे बड़ा घाटा है। एक साल पहले की समान अवधि में उसे 1,795 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा हो सकता है। इसकी वजह है, देश की सरकारी तेल कंपनियां को हो रहा घाटा। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) को वित्त वर्ष 2022-2023 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में 10,196.94 करोड़ का नुकसान हुआ है। ये किसी भी तिमाही में कंपनी को हुआ सबसे ज्यादा घाटा है।

पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी को 1,795 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। वहीं जनवरी-मार्च तिमाही में यह आंकड़ा 1,900.80 करोड़ रुपए पहुंच गया था। इससे पहले इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने भी अप्रैल-जून में 1,992.53 करोड़ रुपए का नेट लॉस दर्ज किया था, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में नेट प्रॉफिट 5,941.37 करोड़ रुपए और जनवरी-मार्च तिमाही में 6,021.9 करोड़ रुपए था। देश की दो दिग्गज सरकारी कंपनियों को सैकड़ों करोड़ के घाटे से उबरने के लिए सख्त कदम उठाने होंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में कंपनियां पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ा सकती हैं, ताकि इस नुकसान की भरपाई की जा सके। अप्रैल-जून क्वार्टर में भारत में कच्चे तेल का इंपोर्ट औसतन 109 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर था, लेकिन रिटेल पंप की पेट्रोल-डीजल के दाम लगभग 85-86 डॉलर प्रति बैरल के हिसाब से थीं। इससे कंपनियों को नुकसान हुआ। IOCL ने अप्रैल-जून तिमाही के दौरान पेट्रोल और डीजल 10 रुपए और 14 रुपए प्रति लीटर के नुकसान पर बेचा। रूस-यूक्रेन जंग के कारण कच्चे तेल के दामों में भारी अस्थिरता बनी हुई है। कच्चा तेल लंबे समय से 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा है। इस कारण भारतीय कंपनियों को भी महंगा कच्चा तेल इंपोर्ट करना पड़ रहा है। हालांकि भारत ने रूस से डिस्काउंट वाला कच्चा तेल भी खरीदा है। कितना खरीदा और किस रेट में खरीदा है। इसका जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

सरकार ने कहा है कि तेल कंपनियां खुदरा कीमतों में संशोधन करने के लिए स्वतंत्र हैं। हालांकि तीनों सरकारी तेल कंपनियों ने दरों को फ्रीज करने के कारणों के बारे में जानकारी नहीं दी है। जून 2010 तक सरकार पेट्रोल की कीमत निर्धारित करती थी और हर 15 दिन में इसे बदला जाता था। 26 जून 2010 के बाद सरकार ने पेट्रोल की कीमतों का निर्धारण ऑयल कंपनियों के ऊपर छोड़ दिया। इसी तरह अक्टूबर 2014 तक डीजल की कीमत भी सरकार निर्धारित करती थी, लेकिन 19 अक्टूबर 2014 से सरकार ने ये काम भी ऑयल कंपनियों को सौंप दिया। इसके बाद से ही ऑयल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल की कीमत, एक्सचेंज रेट, टैक्स, पेट्रोल-डीजल के ट्रांसपोर्टेशन का खर्च और बाकी कई चीजों को ध्यान में रखते हुए रोजाना पेट्रोल-डीजल की कीमत निर्धारित करती हैं। पेट्रोल-डीजल कीमतों में आखिरी बार 6 अप्रैल को बढ़ोतरी की गई थी। यानी 4 महीनों से पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े हैं। वहीं, मई में सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए पेट्रोल पर 8 और डीजल पर 6 रुपए एक्साइज ड्यूटी में कटौती की थी। इससे पेट्रोल के दाम 9.5 रुपए और डीजल 7 रुपए सस्ता हो गया था।

अखिल भारतीय ऑपरेशन का शुभारंभ: आरपीएफ

अखिल भारतीय ऑपरेशन का शुभारंभ: आरपीएफ

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। रेल मंत्रालय के अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल एक केंद्रीय सशस्त्र बल है, जिसे रेलवे संपत्ति, यात्री क्षेत्रों और यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। भारतीय रेलवे के माध्‍यम से यात्रा करने वाले यात्रियों की सुरक्षा में सुधार के उद्देश्य से आरपीएफ ने “ऑपरेशन यात्री सुरक्षा” कोड नाम के तहत एक अखिल भारतीय ऑपरेशन का शुभारंभ किया है। इस पहल के एक अंग के रूप में यात्रियों को पूर्ण सुरक्षा प्रदान करने के लिए ट्रेन एस्कॉर्टिंग, स्टेशनों पर उपस्थिति, सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी, ​​सक्रिय अपराधियों पर निगरानी, ​​अपराधियों के बारे में खुफिया जानकारी एकत्र करना और उस पर कार्रवाई, ब्लैक स्पॉट और अपराध की पहचान करने के साथ-साथ यात्रियों के खिलाफ अपराध को कम करने के लिए एक कार्रवाई योग्य रणनीति तैयार करने हेतु अपराध संभावित ट्रेनों/खंडों और अन्य स्‍थलों के साथ-साथ इनमें सुरक्षा बढ़ाने जैसे कई कदम उठाए जा रहे हैं। सभी हितधारकों के साथ निरंतर समन्वय किया जा रहा है और नियमित रूप से यात्री सुरक्षा में सुधार के लिए संयुक्त कार्रवाई की योजना बनाई गई है।

ऑपरेशन यात्री सुरक्षा को गति देने के लिए आरपीएफ द्वारा जुलाई 2022 में यात्रियों को निशाना बनाने वाले अपराधियों के खिलाफ एक महीने के अखिल भारतीय अभियान का शुभारंभ किया गया था। अभियान के दौरान 365 संदिग्धों को आरपीएफ कर्मियों द्वारा पकड़ा गया और कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित जीआरपी को सौंप दिया गया, जिसके आधार पर यात्री अपराध यानी यात्री सामान की चोरी, ड्रगिंग, डकैती, चेन स्नैचिंग आदि के 322 मामलों की जानकारी मिली। अपराधियों के कब्जे से या इन अपराधों की जांच के दौरान यात्रियों की एक करोड़ रुपये से अधिक की चोरी की संपत्ति इनसे बरामद की गई।

आरपीएफ अपनी प्रतिक्रिया, प्रभावशीलता और पहुंच बढ़ाने और सेवा ही संकल्प के अपने उद्देश्य को साकार करने के लिए अपने कार्य क्षेत्र में इस अभियान के शुभारंभ के साथ  प्रतिक्रिया में सुधार, प्रौद्योगिकी और नवाचार को बढ़ावा देकर भविष्य में भी भारतीय रेलवे, यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के अपने प्रयासों को जारी रखेगा।

वायुसेना प्रमुख ने 3 स्वदेशी एयरक्राफ्ट को उड़ाया

वायुसेना प्रमुख ने 3 स्वदेशी एयरक्राफ्ट को उड़ाया 

अकांशु उपाध्याय/इकबाल अंसारी  

नई दिल्ली/बेंगलुरू। वायुसेना प्रमुख (सीएएस) एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने अपनी दो दिवसीय बेंगलुरु यात्रा के दौरान तीन स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) तेजस, लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (एलसीएच) और हिंदुस्तान टर्बो ट्रेनर-40 (एचटीटी-40) को उड़ाया। आत्मनिर्भरता की ओर अपने अभियान के अंग के रूप में इन्‍हें भारतीय वायुसेना में शामिल किया जा रहा है।

वायु सेना प्रमुख को एलसीएच और एचटीटी-40 की क्षमताओं की नवीनतम जानकारी देने के साथ-साथ तेजस का प्रदर्शन भी दिखाया गया। उन्होंने वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाओं को समझने के लिए डिजाइनरों और परीक्षण दल के साथ भी वार्तालाप किया। 06 अगस्त, 2022 को, वायु सेना प्रमुख ने एयर चीफ मार्शल एलएम कटेरे स्‍मृति व्‍याख्‍यान को संबोधित किया जिसमें आईएएफ, एचएएल और एयरोस्पेस उद्योग के अन्य हितधारकों के सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारियों ने भाग लिया। वायुसेना प्रमुख ने भविष्य के लिए एक त्‍वरित लड़ाकू बल बनाने की दिशा में भारतीय वायुसेना की क्षमता और बल विकास योजनाओं पर भी चर्चा की।

शुक्रवार, 5 अगस्त 2022

दिल्ली में 'पतंगबाजी' पर प्रतिबंध लगाने से इनकार

दिल्ली में 'पतंगबाजी' पर प्रतिबंध लगाने से इनकार 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पतंगबाजी पर प्रतिबंध लगाने से इनकार करते हुए कहा कि यह एक सांस्कृतिक गतिविधि है और सरकार और पुलिस को चीनी सिंथेटिक ‘मांझा’ की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने वाले राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। ‘ पतंगबाजी के लिए इस्तेमाल किया जाता है। मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमोनियम प्रसाद की पीठ ने कहा कि एनजीटी ने पहले ही चीनी सिंथेटिक ‘मांझा’ पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है और यहां तक ​​कि दिल्ली पुलिस भी इस संबंध में अधिसूचना जारी कर रही है और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी कर रही है।

पतंगों के उड़ाने, बेचने और खरीदने पर प्रतिबंध लगाने की याचिका की थी दायर...

उच्च न्यायालय जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें पतंगों के उड़ने, बिक्री, खरीद, भंडारण और परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी, क्योंकि कांच से ढके तारों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं के कारण कई लोग और पक्षी मारे जाते हैं या घायल हो जाते हैं।

चीनी ‘मांझा’ पर लगा प्रतिबंध...

पीठ, जिसने याचिका का निपटारा किया, ने कहा कि पतंगबाजी पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता क्योंकि यह एक “सांस्कृतिक गतिविधि” है और इसे “धार्मिक गतिविधि” से जोड़ा जा सकता है और राज्य सरकार और दिल्ली पुलिस को एनजीटी पर प्रतिबंध लगाने के आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। चीनी ‘मांझा’ का उपयोग और बिक्री। सुनवाई के दौरान, दिल्ली पुलिस का प्रतिनिधित्व कर रहे दिल्ली सरकार के स्थायी वकील (अपराधी) संजय लाओ ने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा पहले से ही एक अधिसूचना है कि चीनी ‘मांझा’ पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और 2017 के बाद से, 255 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उल्लंघन के लिए भारतीय दंड संहिता और पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम।

पतंगबाजी पर प्रतिबंध लगाने की कोर्ट ने नहीं दी अनुमति...

उन्होंने कहा कि आज भी पुलिस उपायुक्त एक और आदेश जारी करने जा रहे हैं कि दिल्ली में चीनी ‘मांझा’ के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया जाए। केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा और स्थायी वकील अनिल सोनी ने कहा कि पतंगबाजी पर प्रतिबंध लगाने की प्रार्थना की अनुमति नहीं दी जा सकती क्योंकि इससे सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्य जुड़े हुए हैं और यह चीनी ‘मांझा’ के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की जरूरत है। “यह भारत में एक त्योहार है। यह धर्म से भी जुड़ा है। प्रार्थना करते समय आपको सावधान रहने की जरूरत है, ”कानून अधिकारी ने प्रस्तुत किया। याचिकाकर्ता संसेर पाल सिंह ने तर्क दिया कि पतंगबाजी, इसके निर्माण, बिक्री और खरीद, और भंडारण पर पूर्ण प्रतिबंध ही एकमात्र समाधान है क्योंकि पतंग के तार के कारण दुर्घटना होने पर अपराधी को पकड़ना या जिम्मेदारी तय करना मुश्किल होता है।

याचिका में यह दिया गया था तर्क...

“हर पतंग उड़ाने वाला कच्ची डोर या धागे का उपयोग करने की कोशिश करता है जो कांच के लेपित या धातु के होते हैं, जिन्हें लोकप्रिय रूप से ‘चीनी मांझा’ के रूप में जाना जाता है, जो कि अधिक खतरनाक है और इससे न केवल मनुष्यों बल्कि पक्षियों की भी जीवन और सुरक्षा खतरे में है,” याचिका में कहा गया है। याचिकाकर्ता ने कहा कि 2006 में उसका एक्सीडेंट हो गया था जब उसके शरीर में पतंग की डोरी फंस गई थी और उसकी गर्दन को बचाने के प्रयास में उसकी उंगली कट गई थी। याचिकाकर्ता द्वारा एकत्र किए गए आंकड़ों के अनुसार, पतंग के तार के कारण कई व्यक्तियों और पक्षियों की जान चली गई और वे घायल हो गए।

गुरुवार, 4 अगस्त 2022

शिंदे गुट की अर्जी पर फिलहाल कोई फैसला न लें 

शिंदे गुट की अर्जी पर फिलहाल कोई फैसला न लें 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। शिवसेना पर नियंत्रण को लेकर उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट असली शिवसेना किसकी है, इसपर दोनों गुट चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए थे। इसपर नियंत्रण को लेकर दोनों पक्षों के बीच कानूनी लड़ाई जारी है। इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई करते हुए उद्धव गुट को राहत दी है और कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा कि वे शिंदे गुट की अर्जी पर फिलहाल कोई फैसला न लें। अब इस मामले पर सोमवार को अगली सुनवाई होगी।

इससे पहले, बुधवार को भी इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी, जहां दोनों गुटों ने अपना-आपना पक्ष रखा था। इस मामले को पांच जजों की बेंच को सौंपने के संबंध में फैसला लिया जाएगा। वहीं दोनों पक्षों के लिखित तर्कों का सत्यापन किया जाएगा। सुनवाई के दौरान शिंदे कैंप के वकील हरीश साल्वे अपनी तरफ से प्रस्तावित सुनवाई के बिंदुओं को रखा. साल्वे अयोग्यता को लेकर स्पीकर के अधिकार और प्रक्रिया को पूरा करने के तरीके को लेकर सिलसिलेवार तरीके से बातें रखी।

CJI ने पूछा कि क्या एक बार चुने जाने के बाद विधायक पर पार्टी का नियंत्रण नहीं होता? वह सिर्फ पार्टी के विधायक दल के अनुशासन के प्रति जवाबदेह होता है? इसके जवाब में शिंदे समूह के वकील साल्वे ने कहा कि जब तक विधायक पद पर है, तब तक वह सदन की गतिविधि में हिस्सा लेने का अधिकारी है। वह पार्टी के खिलाफ भी वोट करे तो वह वोट वैध होगा। इसपर साल्वे ने कहा कि मैं यह नहीं कह रहा कि पार्टी का नियंत्रण नहीं होता। यह कह रहा हूँ कि हमने पार्टी नहीं छोड़ी है और सिर्फ पार्टी के अंदर अपनी आवाज़ उठाई है। वहीं, दूसरी तरफ उद्धव ठाकरे गुट के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि मामला संविधान पीठ को मत भेजें।

उत्तराधिकारी के तौर पर जस्टिस ललित को चुना: रमण

उत्तराधिकारी के तौर पर जस्टिस ललित को चुना: रमण 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस एनवी रमण ने बृहस्पतिवार को अपने उत्तराधिकारी के तौर पर जस्टिस यूयू ललित को चुन लिया। उन्होंने सरकार से जस्टिस ललित को नया सीजेआई नियुक्त करने की सिफारिश की है। सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीशों के क्रम में जस्टिस रमण के बाद जस्टिस ललित का ही नाम आता है। इसलिए उन्हें ही उत्तराधिकारी चुना गया है। 

जस्टिस ललित देश के 49 वें प्रधान न्यायाधीश होंगे। सीजेआई रमण इसी माह 26 तारीख को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। हालांकि,  उनका कार्यकाल भी तीन माह का ही रहेगा। जस्टिस यूयू ललित नवंबर में रिटायर होने वाले हैं।

बुधवार, 3 अगस्त 2022

सीआरआईएफ में क्षेत्रीय प्रबंध निदेशक होंगे, चंदानी 

सीआरआईएफ में क्षेत्रीय प्रबंध निदेशक होंगे, चंदानी 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। क्रेडिट एवं बिजनेस इंफॉर्मेशन सिस्‍टम्‍स, एनालिटिक्‍स, आउटसोर्सिंग और प्रोसेसिंग सर्विसेज के साथ-साथ बिजनेस डेवलपमेंट और ओपन बैंकिंग के लिए एडवांस्‍ड डिजिटल सॉल्‍यूशंस क्षेत्र की कंपनी सीआरआईएफ ने बुधवार को नवीन चंदानी को पदोन्‍नत करने की घोषणा की है। चंदानी अब से सीआरआईएफ में भारत एवं दक्षिण एशिया के क्षेत्रीय प्रबंध निदेशक होंगे। अपनी नई भूमिका में, चंदानी सीआरआईएफ के ग्‍लोबल सीईओ को रिपोर्ट करेंगे।

वह इस क्षेत्र में सीआरआईएफ की सभी कंपनियों से लाभ उठाकर विकास एवं वृद्धि को गति देने का काम करेंगे। सीआरआईएफ हाई मार्क में पिछले 30 महीनों के दौरान श्री चंदानी ने अपने महत्‍वपूर्ण नेतृत्‍व में सीआरआईएफ ब्रांड को भारतीय आर्थिक परितंत्र में विचारों के नेतृत्‍वकर्ता के तौर पर सफलतापूर्वक स्‍थापित करने में मदद की है। उन्‍होंने एक सुदृढ़ टीम बनाकर उत्‍कृष्‍ट परिणाम दिये हैं और सम्‍बंधों से फायदा लिया है, जिससे कंपनी को महामारी के बीच भी काम करने में मदद मिली है। संजीत डावर सीआरआईएफ हाई मार्क के प्रबंध निदेशक की भूमिका संभालेंगे। वह उद्योग के अनुभवी हैं और उन्‍हें वित्‍तीय सेवा उद्योग में 25 वर्षों का अनुभव है। इससे पहले वह फुलर्टन इंडिया क्रेडिट कंपनी लिमिटेड, टाटा ग्रुप और एचडीएफसी बैंक जैसी संस्‍थाओं के साथ जुड़े रहे हैं।

मंगलवार, 2 अगस्त 2022

व्हाट्सएप ने 22 लाख से अधिक खातों को बैन किया 

व्हाट्सएप ने 22 लाख से अधिक खातों को बैन किया 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। मेटा के स्वामित्व वाले व्हाट्सएप ने नए आईटी नियमों, 2021 के अनुपालन में जून के महीने में भारत में 22 लाख से अधिक खातों को बैन कर दिया। कंपनी ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी है। प्लेटफॉर्म ने मई में देश में 19 लाख से अधिक आपत्तिजनक खातों पर प्रतिबंध लगा दिया था। मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को जून में देश के भीतर 632 शिकायतें मिलीं जिमें से 64 पर कार्रवाई की गई। मई में, व्हाट्सएप को 528 शिकायतें मिलीं और 'कार्रवाई' वाले खाते 24 थे। कंपनी के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, "व्हाट्सएप एंड-टु-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग सेवाओं के बीच दुरुपयोग को रोकने में इंडस्ट्री लीडर है। पिछले कुछ वर्षो में, हमने अपने प्लेटफॉर्म पर अपने यूजर्स को सुरक्षित रखने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य अत्याधुनिक तकनीक, डेटा वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों और प्रक्रियाओं में लगातार निवेश किया है।"

सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के नियम 4(1)(डी) के अनुसार प्रकाशित, रिपोर्ट में भारत में यूजर्स से प्राप्त शिकायतों के जवाब में व्हाट्सएप द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी थी। शिकायतों को शिकायत तंत्र के माध्यम से प्राप्त किया गया और देश के कानूम या सेवा की शर्तो के उल्लंघन के लिए इसकी रोकथाम और पता लगाने के तरीकों के माध्यम से खातों पर कार्रवाई की गई। 'एकाउंट्स एक्शन्ड' उन रिपोर्टों को दर्शाता है, जहां व्हाट्सएप ने रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की। नए आईटी नियम 2021 के तहत 50 लाख से अधिक यूजर्स वाले बड़े डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को मासिक अनुपालन रिपोर्ट प्रकाशित करनी होती है।

अरक पंचायत में वार्षिक आम सभा का आयोजन

अरक पंचायत में वार्षिक आम सभा का आयोजन  अविनाश श्रीवास्तव  चक्की। प्रखंड की अरक पंचायत में वार्षिक आम सभा का आयोजन किया गया। जि...