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बुधवार, 25 जनवरी 2023

हिंसा मामलें में मिश्रा को 8 हफ्ते की अंतरिम जमानत 

हिंसा मामलें में मिश्रा को 8 हफ्ते की अंतरिम जमानत 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामलें में आशीष मिश्रा को शर्तों के साथ 8 हफ्ते की अंतरिम जमानत दी। सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्रा को अपनी लोकेशन के बारे में कोर्ट को सूचित करने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि आशीष मिश्रा या उनके परिवार द्वारा गवाहों को प्रभावित करने और मुकदमे में देरी करने की कोशिश करने पर उनकी जमानत रद्द हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्रा को इस शर्त पर अंतरिम जमानत दी है कि वह दिल्ली और उत्तर प्रदेश में नहीं रहेंगे और जमानत पर रिहा होने के एक सप्ताह बाद वह उत्तर प्रदेश छोड़ देंगे।

उच्चतम न्यायालय ने केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को 2021 में हुए लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में बुधवार को आठ सप्ताह की अंतरिम जमानत दे दी। इस हिंसा में आठ लोगों की मौत हो गई थी। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जे के माहेश्वरी की पीठ ने निर्देश दिया कि आशीष अंतरिम जमानत की अवधि के दौरान न तो उत्तर प्रदेश और न ही दिल्ली में रह सकेगा। लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे का किसानों द्वारा विरोध किए जाने के दौरान तीन अक्टूबर, 2021 को हुई हिंसा में आठ लोगों की मौत हो गई थी। उत्तर प्रदेश पुलिस की प्राथमिकी के अनुसार, एक एसयूवी ने चार किसानों को कुचल दिया था और इस एसयूवी में आशीष बैठा था।

इस घटना के बाद एसयूवी के चालक और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो कार्यकर्ताओं को गुस्साए किसानों ने कथित रूप से पीट-पीट कर मार डाला था। हिंसा में एक पत्रकार की भी मौत हो गई थी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने पिछले साल 26 जुलाई को आशीष मिश्रा की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उसने इस आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी। 

भारत: आज मनाया जाएगा 74वां 'गणतंत्र' दिवस

भारत: आज मनाया जाएगा 74वां 'गणतंत्र' दिवस

इकबाल अंसारी 

नई दिल्ली। 'भारत' देश 26 जनवरी 2023 को इस बार अपना 74वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। हर साल इस दिन ही पूरा देश गणतंत्र दिवस मनाता है ? लेकिन क्या आपको पता है कि आखिर 26 जनवरी को ही क्यों इसे मनाते हैं ? क्या है इसका इतिहास ? आइए, आज हम आपको इन दस बिंदुओं के जरिए, बता रहे हैं पूरी कहानी...!

1- देश में पहली बार गणतंत्र दिवस वर्ष 1950 में मनाया गया था। इसी दिन डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने भारत के राष्ट्रपति के रूप में अपना कार्यकाल शुरू किया।

2- साल 1947 में देश को ब्रिटिश राज से आजादी मिली, लेकिन उसका अपना संविधान नहीं था। 26 जनवरी 1950 को भारत को अपना संविधान मिला।

3- डॉ. बीआर अंबेडकर ने संविधान की प्रारूप समिति की अध्यक्षता की। देश गणतंत्र घोषित हो गया था, इसलिए इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।

4- भारत का संविधान दुनिया का सबसे लंबा संविधान है जिसमें 444 लेख 22 भागों में विभाजित हैं, और 12 अनुसूचियां आज तक 118 संशोधनों के साथ हैं।

5-संविधान को 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा अपनाया गया था और यह वर्ष 1950 में लागू हुआ था।

6- पहली गणतंत्र दिवस परेड 1950 में इरविन एम्फीथिएटर (अब मेजर ध्यानचंद स्टेडियम) में आयोजित की गई थी। जिसमें तीन हजार भारतीय सैन्य कर्मियों और 100 से अधिक विमानों ने भाग लिया था।

7-राजपथ पर पहली परेड 1955 में आयोजित की गई थी जब पाकिस्तान के गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मुहम्मद मुख्य अतिथि के रूप में आए थे।

8- 26 जनवरी 1930 में, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ब्रिटिश शासन के डोमिनियन स्थिति का विरोध करते हुए पूर्ण स्वराज की मांग की थी।  इस प्रकार औपनिवेशिक शासन से भारत की स्वतंत्रता की घोषणा की थी।

9- गणतंत्र दिवस परेड के लिए हर साल एक विशेष राष्ट्र के नेता को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाता है। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुकर्णो 1950 में भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने वाले पहले मुख्य अतिथि थे। मार्च में भाग लेने वाले सेना के प्रत्येक सदस्य को जांच की चार परतों से गुजरना पड़ता है, यहां तक कि उनके हथियारों का भी बड़े पैमाने पर निरीक्षण किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे जीवित गोलियां नहीं ले जा रहे हैं।

10- हर साल 21 तोपों की सलामी दी जाती है, जब भारत के राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं और भारत का गणतंत्र दिवस समारोह बीटिंग रिट्रीट के दौरान 'अबाइड बाई मी' गाना गाकर तीन दिनों तक चलता है। देश के राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस पर संबोधित करते हैं, जबकि देश के प्रधानमंत्री स्वतंत्रता दिवस पर संबोधित करते हैं।

मंगलवार, 24 जनवरी 2023

एयर इंडिया पर 10 लाख रुपये का जुर्माना: डीजीसीए

एयर इंडिया पर 10 लाख रुपये का जुर्माना: डीजीसीए

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने 6 दिसंबर की घटना की सूचना नहीं देने के लिए एयर इंडिया पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। नियमों का उल्लंघन के लिए एयर इंडिया पर ये जुर्माना लगाया गया है। डीजीसीए ने 9 जनवरी को पेशाब करने की दूसरी घटना के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया था। ये घटना 6 दिसंबर को एयर इंडिया की पेरिस-दिल्ली उड़ान में हुई थी जब एक पुरुष यात्री ने एक खाली सीट पर और एक महिला सह यात्री के कंबल पर कथित तौर पर पेशाब कर दिया था। विमान के पायलट ने इस घटना के बारे में इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को सूचना दी, जिसके बाद पुरुष यात्री को पकड़ लिया गया था।

हवाई अड्डा प्रबंधन को सूचित किया गया था कि पुरुष यात्री शराब के नशे में था। वो केबिन क्रू के निर्देशों का पालन नहीं कर रहा था और उसने बाद में एक महिला यात्री के कंबल पर पेशाब कर दिया था। पुरुष यात्री को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने विमान से उतरते ही पकड़ लिया था, लेकिन बाद में आपसी समझौते के बाद उसे छोड़ने की अनुमति दी गई थी। आरोपी ने लिखित माफी भी मांगी थी।

महिला यात्री ने शुरू में लिखित शिकायत की थी लेकिन बाद में उन्होंने पुलिस केस करने से इनकार कर दिया था। महिला कीतरफ से केस करने से इनकार करने के बाद यात्री को आव्रजन और सीमा शुल्क औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद हवाई अड्डे की सुरक्षा से जाने दिया गया था।

31 मार्च तक की अवधि के 6 दिन 'ड्राई डे' घोषित 

31 मार्च तक की अवधि के 6 दिन 'ड्राई डे' घोषित 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने 26 जनवरी से 31 मार्च तक की अवधि के 6 दिनों को 'ड्राई डे' घोषित किया है और इन दिनों में शराब की बिक्री प्रतिबंधित रहेगी। इन दिनों में गणतंत्र दिवस (26 जनवरी), गुरु रविदास जयंती (5 फरवरी), स्वामी दयानंद सरस्वती जयंती (15 फरवरी), महाशिवरात्रि (18 फरवरी), होली (8 मार्च) और राम नवमी (30 मार्च) शामिल हैं। दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में मार्च के अंत तक छह शुष्क दिवस घोषित किए हैं। इन दिनों पर दिल्ली की 550 से अधिक शराब की दुकानें बंद रहेंगी। दिल्ली सरकार के सोमवार को जारी एक बयान के मुताबिक, गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) को बार और रेस्तरां में भी शराब की बिक्री प्रतिबंधित रहेगी। होटल, क्लब और रेस्तरां को तीन राष्ट्रीय अवकाशों- गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती पर शराब परोसने की अनुमति नहीं है।

दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग द्वारा जारी की गई सूची के अनुसार आगामी शुष्क दिवस गणतंत्र दिवस, गुरु रविदास जयंती (पांच फरवरी), स्वामी दयानंद सरस्वती जयंती (15 फरवरी), महा शिवरात्रि (18 फरवरी), होली (आठ मार्च) और राम नवमी (30 मार्च) हैं। बयान में कहा गया है कि दिल्ली सरकार हर तीन महीने में शुष्क दिवस की सूची जारी करती है। पिछले साल एक सितंबर को आबकारी नीति 2021-22 की जगह लेने वाली मौजूदा पुरानी आबकारी व्यवस्था के तहत साल में 21 शुष्क दिवस हैं।

आबकारी नीति 2021-22 के तहत शुष्क दिवस की संख्या घटाकर केवल तीन कर दी गई थी, जिससे धार्मिक त्योहारों पर शराब की दुकानों के खुलने को लेकर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से तीखे हमले किए गए। अक्टूबर 2022 में दिल्ली सरकार ने दशहरा, दिवाली, ईद मिलाद-उन-नबी और वाल्मीकि जयंती को शुष्क दिवस घोषित किया था। जुलाई 2022 में उपराज्यपाल वी के सक्सेना द्वारा नीति के कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की सिफारिश के बाद दिल्ली सरकार ने अपनी आबकारी नीति 2021-22 को वापस ले ली थी।

सोमवार, 23 जनवरी 2023

व्यवस्था और पांबदियों से संबंधित परामर्श जारी 

व्यवस्था और पांबदियों से संबंधित परामर्श जारी 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने सोमवार को गणतंत्र दिवस परेड के पूर्ण पूर्वाभ्यास (फुल ड्रेस रिहर्सल) और जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित मिलिट्री टैटू और ट्राइबल डांस कार्यक्रम की वजह से यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए की गई व्यवस्था और लगाई गई पांबदियों से संबंधित परामर्श जारी किया है। यातायात पुलिस के मुताबिक, परेड का पूर्वाभ्यास पूर्वाह्न 10 बजकर 30 मिनट पर विजय चौक से शुरू हुआ और यह कर्तव्य पथ, सी-हेक्सागन, नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रतिमा गोलचक्कर, तिलक मार्ग, बहादुरशाह जफर मार्ग और नेताजी सुभाष मार्ग होते हुए लाल किले पर संपन्न होगा। परामर्श के मुताबिक, परेड के सुचारु पूर्वाभ्यास के लिए कर्तव्यपथ पर विजय चौक से इंडिया गेट पर रविवार शाम छह बजे से सोमवार को परेड संपन्न होने तक वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी।

इसमें कहा गया है कि रफी मार्ग, जनपथ और मानसिंह रोड से कर्तव्यपथ की ओर भी रविवार रात 11 बजे से लेकर सुबह परेड खत्म होने तक जाने की अनुमति नहीं है। इंडिया गेट सी-हेक्सागन भी सोमवार सुबह नौ बजकर 15 मिनट से परेड के तिलक मार्ग पर पहुंचने तक बंद है। तिलक मार्ग, बहादुरशाह जफर मार्ग और सुभाष मार्ग सोमवार सुबह 10 बजकर 30 मिनट से यातायात के लिए बंद है। इन मार्गों पर दोनों तरफ से वाहनों की आवाजाही के लिए अनुमति परेड के वहां से आगे बढ़ जाने पर निर्भर करेगी। 

यातायात पुलिस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे सोमवार सुबह साढ़े नौ बजे से दोपहर एक बजे तक परेड वाले रास्तों पर जाने से बचे। परेड के पूर्ण पूर्वाभ्यास के दौरान सभी मेट्रो स्टेशनों पर सेवा चालू है, लेकिन केंद्रीय सचिवालय और उद्योग भवन मेट्रो स्टेशनों पर सुबह पांच बजे से दोपहर 12 बजे तक यात्रियों ट्रेन से उतरने या उसमें सवार होने की मनाही है। इस बीच, जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में सोमवार और मंगलवार को आयोजित मिलिट्री टैटू एंड ट्राइबल डांस कार्यक्रम के मद्देनजर इन दो दिनों के लिए यातायात परामर्श जारी किया गया है।

परामर्श में कहा गया कि यातायात को सुचारु रखने और दर्शकों की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए आयोजन स्थल पर कुछ यातायात पाबंदियां प्रस्तावित की जा रही है। बयान के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय स्वतंत्रता के 75वें साल में गणतंत्र दिवस समारोह के तहत जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में ‘मिलिट्री टैटू एंड ट्राइबल डांस’ उत्सव का सोमवार और मंगलवार को आयोजन कर रहा है। परामर्श में कहा गया कि कुछ पाबंदियों की वजह से लोधी रोड से एंड्रयूगंज फ्लाइओवर तक भीष्म पितामह मार्ग, लोधी रोड, मैक्स मूलर मार्ग, महर्षि रमण मार्ग, आर्चबिशप मार्ग, सुब्रमण्यम भारती मार्ग और लाला लाजपत राय मार्ग गलियारा प्रभावित है। 

पाबंदियों के मद्देनजर यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे इन मार्गों पर सोमवार और मंगलवार को पूर्वाह्न 11 बजे से रात नौ बजे तक जाने से बचें। परामर्श में कहा गया कि दर्शकों और एससीओपीई कॉम्प्लेक्स, सीजीओ कॉम्प्लेक्स और आसपास के कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों सहित अन्य यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे सोमवार और मंगलवार को सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें क्योंकि जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम का अपना मेट्रो स्टेशन है, जो दिल्ली मेट्रो की वॉयलट लाइन पर पड़ता है। 

राष्ट्रीय राजधानी में 15 फरवरी तक पैराग्लाइडर, पैरामोटर, मानवरहित हवाई यान (ड्रोन), अत्यंत हल्के यान, रिमोट संचालित यान, हॉट एयर बलून, छोटे आकार के यान, क्वाडकॉप्टर (चार रोटार वाला मानवरहित हेलीकॉप्टर) या विमान से पैरा जंपिंग जैसी गैर पारंपरिक उड़ान गतिविधियों की अनुमति नहीं है।

हिजाब पर प्रतिबंध, सुनवाई के लिए 'एससी' तैयार 

हिजाब पर प्रतिबंध, सुनवाई के लिए 'एससी' तैयार 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। सरकारी स्कूल कॉलेजों में हिजाब पर लगाए गए प्रतिबंध के मामलें को लेकर दाखिल की गई याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तुरंत तैयार हो गया है। सीजेआई ने कहा है कि वह इस मामले को देखेंगे और फिर इसे तीसरी बेंच को सुपुर्द करेंगे। सोमवार को वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा की ओर से सीजेआई के सामने हिजाब पर प्रतिबंध का मामला रखा गया। इस मामले की अर्जेंट सुनवाई की मांग करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता ने अपनी याचिका में कहा है कि अगले दिनों विभिन्न बोर्डों एवं कालेजों की परीक्षाएं आरंभ हो रही है, जिसमें मुस्लिम लड़कियों को भी परीक्षा देनी है। ऐसे में मुस्लिम लड़कियों को परीक्षा में शामिल होने के लिए तत्काल आदेशों की आवश्यकता है। 

सीनियर वकील ने कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा है कि सरकारी आर्डर के हिसाब से राज्य के स्कूल एवं कॉलेजों में हिजाब की इजाजत नहीं है। ऐसे हालातों में मुस्लिम लड़कियों को अपनी परीक्षा की चिंता सता रही है। याचिका पर सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा है कि वह इस मामले को देखेंगे और फिर तीसरी बेंच के सामने हिजाब पर बैन के मामले को रखा जाएगा। वकील का कहना है कि कई छात्राएं पहले भी 1 साल का नुकसान उठा चुकी है। सरकारी कालेजों में हिजाब पर प्रतिबंध लगने के बाद अनेक छात्राओं ने निजी कॉलेजों में एडमिशन ले लिया है‌ लेकिन परीक्षाएं सरकारी कॉलेजों में ही कराई जानी है। ऐसे में हम अंतरिम दिशानिर्देशों की सुप्रीम कोर्ट से मांग करते हैं।

शनिवार, 21 जनवरी 2023

144 युवा नौसैनिकों की टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी दिशा 

144 युवा नौसैनिकों की टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी दिशा 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। भारतीय नौसेना की वायु संचालन अधिकारी लेफ्टिनेंट कमांडर दिशा अमृत यहां गणतंत्र दिवस परेड में अपने बल के 144 युवा नौसैनिकों की टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी वहीं नौसेना की झांकी 'नारी शक्ति' को प्रदर्शित करेगी। नौसेना के अधिकारियों ने कहा कि कर्तव्य पथ पर परेड में तीन महिलाएं और पांच पुरुष अग्निवीर भी शामिल होंगे। अमृत के अलावा, एक अन्य महिला अधिकारी- सब लेफ्टिनेंट वल्ली मीना एस नौसैनिक दल के तीन प्लाटून कमांडरों में शामिल होंगी।

कर्नाटक के बीएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से कंप्यूटर विज्ञान में इंजीनियरिंग स्नातक, 29 वर्षीय अमृत वर्ष 2008 में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की गणतंत्र दिवस टीम का हिस्सा थीं। और उन्होंने दिल्ली में आयोजित होने वाले समारोह में सेना के तीनों अंगों में से एक के 'मार्चिंग' दल का हिस्सा बनने का सपना देखा था। उन्होंने कहा, 2008 के बाद से, मैं सशस्त्र बलों के गणतंत्र दिवस दल का हिस्सा बनने का सपना देख रही थी। यह एक अद्भुत अवसर है जो भारतीय नौसेना ने मुझे (नौसैन्य दल का नेतृत्व करने के लिए) दिया है।

मैंगलुरु की रहने वाली अमृत 2016 में नौसेना में शामिल हुई थीं और 2017 में अपना प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह स्थित एक प्रमुख नौसैन्य प्रतिष्ठान में तैनात हैं। उन्होंने कहा कि मैं डोर्नियर विमान की एविएटर हूं और विमान में उड़ानें भरती रही हूं।' पिछले महीने, नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा था कि नौसेना 2023 से महिलाओं के लिए अपनी सभी शाखाएं खोलने पर विचार कर रही है। अपने अनुभव साझा करते हुए अमृत ने कहा कि वह हमेशा सशस्त्र बलों का हिस्सा बनना चाहती थीं और कुछ हद तक उनके माता-पिता ने भी उन्हें इसके लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा, मेरे पिता भी सशस्त्र बलों का हिस्सा बनना चाहते थे, लेकिन नहीं बन सके। मुझे नौसेना का हिस्सा होने पर गर्व है और मैं पूरे जोश एवं समर्पण के साथ नौसेना की सेवा करना जारी रखूंगी। सेना में महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में पूछे जाने पर अमृत ने कहा, मैं शारीरिक, भावनात्मक रूप से मजबूत हो गई हूं तथा अब मैं अधिक आत्म-संचालित हूं। भारतीय नौसेना के 80 संगीतकारों के प्रसिद्ध ब्रास बैंड का नेतृत्व एम एंटनी राज करेंगे, जो भारतीय नौसैन्य गीत जय भारती बजाएंगे।

नियंत्रक कार्मिक सेवा (सीपीएस) वाइस एडमिरल सूरज बेरी ने कहा कि नौसेना की झांकी का विषय भारतीय नौसेना - युद्ध के लिए तैयार, विश्वसनीय, संसक्त और भविष्य का प्रमाण' होगा। उन्होंने कहा कि झांकी को भारतीय नौसेना की बहु-आयामी क्षमताओं को प्रदर्शित करने के साथ-साथ स्वदेशी रूप से निर्मित प्रमुख मंचों को रेखांकित करने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है। उन्होंने कहा, "झांकी का उद्देश्य भारतीय नौसेना में 'नारी शक्ति' को उजागर करना भी है।

गुरुवार, 19 जनवरी 2023

22 जनवरी को अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे सकते हैं सिंह 

22 जनवरी को अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे सकते हैं सिंह 

अकांशु उपाध्याय 
नई दिल्ली। (रेस्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया) के अध्यक्ष पद से बृजभूषण शरण सिंह 22 जनवरी को इस्तीफा दे सकते हैं। कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। जानकारी के मुताबिक अयोध्या में 21 से 23 जनवरी के बीच WFI की आपातकालीन बैठक होगी। इस बैठक में बृजभूषण शरण सिंह भी शामिल होंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद वे अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं।
कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पहलवानों का धरना जारी है। पहलवानों ने बृजभूषण शरण और कुछ कोच पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। उधर, बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि आरोप सही साबित हुए तो वे फांसी पर लटकने के लिए तैयार हैं। इतना ही नहीं अब उन्होंने खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से फोन पर बात कर सफाई दी है।
WFI के खिलाफ पहलवानों के विरोध प्रर्दशन पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा, सरकार को तुरंत इस पर कार्रवाई करनी चाहिए। इससे हमारे मुल्क पर धब्बा लगता है। अगर हमें दुनिया में चमकना है तो इस तरफ देखना चाहिए। भारत में सुनना बहुत जरूरी है और फिर तहकीकात करनी चाहिए। 

''खालिस्तान जिंदाबाद'' और 'रेफरेंडम 2020' के नारे

''खालिस्तान जिंदाबाद'' और 'रेफरेंडम 2020' के नारे

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में एक दीवार पर 'खालिस्तान जिंदाबाद' और 'रेफरेंडम 2020' के नारे लिखे नजर आए। पुलिस ने दीवार पर लिखे नारों को हटवाया। सुमन नलवा (PRO, दिल्ली पुलिस) ने बताया कि कुछ लोगों ने दिल्ली के कुछ इलाकों में देश विरोधी नारे लिखे थे। मामले में जांच की जा रही है और क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित नहीं है। 

मंगलवार, 17 जनवरी 2023

क्‍लाउड चैंपियंस 11 प्रोग्राम के विजेताओं की घोषणा 

क्‍लाउड चैंपियंस 11 प्रोग्राम के विजेताओं की घोषणा 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्‍ली। प्रौद्योगिकी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट इंडिया ने अपने क्‍लाउड चैंपियंस 11 प्रोग्राम के विजेताओं की घोषणा की है। माइक्रोसॉफ्ट क्‍लाउड सर्विस सॉल्‍यूशन प्रोवाइडर्स (सीएसपी) के वर्ष-दर-वर्ष विकास को बढ़ावा देने के मकसद से शुरू किए गए इस प्रोग्राम को 71 शहरों से 471 प्रतिभागियों से रिस्‍पॉन्‍स मिला है। विजेताओं का चयन इस प्रोग्राम की अवधि (अगस्‍त-नवंबर 2022) के दौरान, माइक्रोसॉफ्ट एज्‍़योर, मॉडर्न वर्क, सिक्‍योरिटी तथा बिज़नेस एप्‍लीकेशंस पर उनके क्‍लाउड बिज़नेस ग्रोथ के आधार पर किया गया। क्‍लाउड चैंपियंस 11 प्रोग्राम, जो कि अब अपने तीसरे सीज़न में प्रवेश कर चुका है, भारत के लघु एवं मध्‍यम कारोबारियों द्वारा पेश ढेरों अवसरों के मद्देनज़र, माइक्रोसॉफ्ट पार्टनर्स के लिए क्‍लाउड कारोबार को बढ़ावा देने में मददगार है।

देशभर में सभी माइक्रोसॉफ्ट पार्टनर्स के लिए पेश यह प्रोग्राम उनके लिए ट्रेनिंग, मास्‍टरक्‍लास, पियर लर्निंग, एंगेजमेंट सेशंस तथा सेल्‍स टीमों के लिए सम्‍मान और पुरस्‍कारों को भी उपलब्‍ध कराता है। विजेताओं की घोषणा करते हुए कंपनी के कार्यकारी निदेशक – कार्पोरेट मीडियम एंड स्‍मॉल बिज़नेस सामित रॉय ने कहा, ''माइक्रोसॉफ्ट में हम लघु एवं मध्‍यम उपक्रमों को उनके डिजिटल सफर में सपोर्ट करने पर खासतौर से ज़ोर देते हैं।

हमारे पार्टनर्स हमारे इस विज़न को साकार करने में अहम् भूमिका निभाते हैं। क्‍लाउड चैंपियंस 11 प्रोग्राम के सीज़न 3 के विजेता संगठनों को कम का इस्‍तेमाल करते हुए अधिक हासिल करने के लिए सशक्‍त बनाने के उद्देश्‍य से इनोवेटिव टैक्‍नोलॉजी सॉल्‍यूशंस की ताकत बन चुके हैं। मैं इस सीज़न के सभी विजेताओं को बधाई देता हूं। मैं इन सभी पार्टनर संगठनों के साथ काम करते हुए खुद को गौरवान्वित महसूस करता हूं जो कि एसएमबी सैक्‍टर में डिजिटल इंडिया के अगले चरण को साकार करने के काम में हमारी मदद कर रहे हैं।

सोमवार, 16 जनवरी 2023

सभी मॉडलों की कीमतों में 1.1 फीसदी की बढ़ोतरी

सभी मॉडलों की कीमतों में 1.1 फीसदी की बढ़ोतरी

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। मारुति सुजुकी इंडिया ने सोमवार को कहा कि उसने अपने सभी मॉडलों की कीमतों में करीब 1.1 फीसदी की बढ़ोतरी की है। कंपनी ने चालू वित्त वर्ष में दूसरी बार मूल्य वृद्धि की है। इससे पहले अप्रैल 2022 में वाहनों की कीमत बढ़ाई गई थी। मारुति सुजुकी ने पिछले साल दिसंबर में कहा था कि वह बढ़ती लागत के प्रभाव को कम करने के लिए अपने वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी करेगी। इसके साथ ही अप्रैल 2023 से लागू होने वाले सख्त उत्सर्जन मानकों के अनुरूप मॉडल बनाने के कारण भी कीमतें बढ़ी हैं।

कंपनी ने शेयर बाजार को बताया, ''विभिन्न मॉडलों के वाहनों की कीमत में औसत लगभग 1.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। इस सांकेतिक आंकड़े की गणना दिल्ली में शोरूम कीमत के आधार पर की गई है। यह वृद्धि 16 जनवरी, 2023 से लागू होगी।'' कंपनी अपनी शुरुआती छोटी कार ऑल्टो से लेकर एसयूवी ग्रैंड विटारा तक विस्तृत श्रृंखला के वाहन बेचती है, जिनकी दिल्ली में शोरूम कीमत 3.39 लाख रुपये से 19.49 लाख रुपये के बीच है। 

शुक्रवार, 13 जनवरी 2023

भाषणों के मामलें में प्रगति रिपोर्ट दाखिल करें 'पुलिस'

भाषणों के मामलें में प्रगति रिपोर्ट दाखिल करें 'पुलिस'

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस से कहा कि वह धार्मिक सभाओं में कथित तौर पर नफरत फैलाने वाले भाषणों के मामलें में एक प्रगति रिपोर्ट दाखिल करें। मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा की पीठ ने दिसंबर 2021 में राष्ट्रीय राजधानी में धार्मिक सभाओं में दिए गए कथित तौर पर नफरत फैलाने वाले भाषणों के मामले में मई 2022 में दर्ज प्राथमिकी के संबंध में एक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिल्ली पुलिस को दिया है। 

पीठ ने सामाजिक कार्यकर्ता तुषार गांधी द्वारा दायर एक अवमानना ​​​​याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि 2021 की घटना के संबंध में मई 2022 में दर्ज प्राथमिकी में कोई 'स्पष्ट प्रगति' नहीं हुई है। पीठ ने दिल्ली पुलिस का पक्ष रख रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के. एम. नटराज से पूछा, "आपको प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पांच महीने की आवश्यकता क्यों है? मामले में कितनी गिरफ्तारियां की गई हैं।" 

अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने पीठ के समक्ष कहा कि सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। जानबूझकर देरी नहीं की गई थी। पीठ ने पूछा कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद क्या कदम उठाए गए। कितने लोगों से पूछताछ की गई? शीर्ष अदालत ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल से कहा कि वह इस संबंध में दो सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करें। याचिका में कथित नफरती भाषणों के मामले में दिल्ली पुलिस और उत्तराखंड सरकार द्वारा कथित तौर पर निष्क्रियता का आरोप लगाया गया था। तहसीन पूनावाला मामले में शीर्ष अदालत के 2018 के फैसले के उल्लंघन के मामलों में कथित निष्क्रियता के लिए याचिका में दिल्ली और उत्तराखंड के पुलिस प्रमुखों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

आरक्षण के चुनावी दांव पर एचसी ने अड़ंगा लगाया 

आरक्षण के चुनावी दांव पर एचसी ने अड़ंगा लगाया 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी सरकार की ओर से विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव के मद्देनजर खेले जा रहे आरक्षण के चुनावी दांव पर हाईकोर्ट ने अड़ंगा लगाते हुए उस पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने अब सरकार से ओबीसी आरक्षण से संबंधित मामले में यथास्थिति बनाए रखने के लिए कहा है। शुक्रवार को कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पीबी वराले की अध्यक्षता वाली एक सदस्यीय खंडपीठ ने कर्नाटक राज्य सरकार के प्रस्तावित नई कैटेगरी आरक्षण पर रोक लगा दी है और सरकार को आरक्षण के मामलें पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है।

कर्नाटक में ओबीसी आरक्षण की नई कैटेगरी के निर्माण को चुनौती देने वाली जनहित याचिका की सुनवाई अब 30 जनवरी तक के लिए अदालत द्वारा स्थगित कर दी गई है। दरअसल हाल ही में संपन्न हुए राज्य सरकार के विधानसभा सत्र में बीजेपी सरकार की ओर से लिंगायत एवं वोक्कलिंगा को आरक्षण में शामिल करने के लिए दो नई कैटेगरी 2सी एवं 2डी बनाने की घोषणा की गई थीख् जिसमें लिंगायतो की पंचमसाली जाति को 2ए श्रेणी में शामिल करने की बात कही गई थी।

आरोपी मौलवी को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत: एससी 

आरोपी मौलवी को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत: एससी 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने प्रलोभन देकर जबरन धर्म परिवर्तन कराने के आरोपी एक मौलवी को शुक्रवार को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी। न्यायमूर्ति एम.आर. शाह और न्यायमूर्ति सी.टी. रविकुमार की पीठ ने आरोपी वरवाया अब्दुल वहाब महमूद को 16 जनवरी से 28 जनवरी तक रोजाना सुबह 11 बजे संबंधित जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया।

पीठ ने कहा, आरोप और प्रत्यारोप पर जाने से पहले, याचिकाकर्ता को पूछताछ और जांच के लिए 16 जनवरी से 28 जनवरी के बीच सुबह 11 बजे जांच एजेंसी/अधिकारी के सामने पेश होने दें। इसके बाद मामले के गुण-दोष पर विचार किया जाएगा। शीर्ष अदालत ने कहा कि इसके बाद 13 फरवरी को मामले पर गुण-दोष के आधार पर विचार किया जाएगा। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने कहा कि वरवाया एक इस्लामिक विद्वान हैं और बच्चों को पढ़ाते हैं।

मौलवी ने गुजरात उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। उच्च न्यायालय ने पहले उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। प्राथमिकी के अनुसार, अभियुक्त ने अन्य लोगों से वित्तीय सहायता और मदद प्राप्त करने पर लगभग 37 हिंदू परिवारों और 100 हिंदुओं का वित्तीय सहायता प्रदान करके कथित रूप से धर्मांतरण किया और सरकारी निधि से बने एक घर को इबादतगाह में बदल दिया। भरूच के आमोद पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, उसके खिलाफ गुजरात धर्म स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 4 और भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के तहत आपराधिक साजिश रचने, वैमनस्य पैदा करने और आपराधिक धमकी देने के आरोप में अपराध दर्ज किए गए थे। 

भरूच के आमोद पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, उसके खिलाफ गुजरात धर्म स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 4 और भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के तहत आपराधिक साजिश रचने, वैमनस्य पैदा करने और आपराधिक धमकी देने के आरोप में अपराध दर्ज किए गए थे। 

गुरुवार, 12 जनवरी 2023

भारत: कोविड-19 ने विनिर्माण क्षेत्र को प्रभावित किया 

भारत: कोविड-19 ने विनिर्माण क्षेत्र को प्रभावित किया 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। कोविड-19 ने भारत के विनिर्माण क्षेत्र को बहुत अधिक प्रभावित किया है। यह बात एक अध्ययन में कही गई है। महामारी के प्रभाव को मापने के पिछले प्रयासों में अधिकांशत: केवल एक ही आयाम देखा गया, जैसे कि सकल घरेलू उत्पाद या देश की बेरोजगारी दर। ‘पीएलओएस वन’ में प्रकाशित नवीनतम अध्ययन में अमेरिका, ब्राजील, भारत, स्वीडन, न्यूजीलैंड और इज़राइल समेत कई देशों में सामाजिक, आर्थिक तथा राजनीतिक जैसे विभिन्न क्षेत्रों में महामारी के प्रभाव का पता लगाया गया।

अमेरिका स्थित लॉस अलामोस नेशनल लैबोरेटरी से संबंद्ध सारा डेल वैले ने कहा, ‘‘देशों में महामारी के प्रभाव को लेकर पूर्व में विशेषज्ञों द्वारा जताए गए अनुमानों में हमें विसंगतियां देखने को मिलीं।’’ शोधकर्ताओं ने पाया कि महामारी से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र भी अलग-अलग देशों में अलग-अलग हैं। अध्ययन से पता चलता है कि अमेरिका और स्वीडन में मानव स्वास्थ्य, लोक प्रशासन और रक्षा क्षेत्र पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ा, जबकि ब्राजील और भारत में विनिर्माण क्षेत्र पर अत्यधिक प्रभाव पड़ा। शोधकर्ताओं के अनुसार, निर्माण क्षेत्र सभी देशों में मध्यम स्तर पर, या फिर बहुत अधिक प्रभावित हुआ।

उन्होंने कहा कि अन्य देशों के विपरीत, खुदरा व्यापार - मोटर वाहनों और मोटरसाइकिलों को छोड़कर-अन्य क्षेत्रों के सापेक्ष भारत में बहुत अधिक प्रभावित हुआ। डेल वैले ने कहा, "हमने पाया कि इन देशों में लोगों ने सख्त कोविड नीतियों के प्रति काफी अलग-अलग तरह की प्रतिक्रिया दी।"

स्वामी की याचिका पर जवाब दाखिल करने का समय  

स्वामी की याचिका पर जवाब दाखिल करने का समय  

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने 'रामसेतु' को राष्ट्रीय धरोहर का दर्जा देने की मांग वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर केंद्र सरकार को फरवरी के पहले सप्ताह तक अपना जवाब दाखिल करने का समय दिया है। मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने गुरुवार को राज्यसभा सांसद डॉ. स्वामी की संक्षिप्त दलीलें सुनने के बाद सरकार को फरवरी के प्रथम सप्ताह तक अपना जवाबी हलफनामा दायर करने का आदेश दिया। शीर्ष अदालत इस मामले में अगली सुनवाई फरवरी के दूसरे सप्ताह में करेगी।

डॉ. स्वामी ने पीठ के समक्ष दलील देते हुए कहा कि केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल ने 12 दिसंबर तक अपना जवाब दाखिल करने को वचन दिया था, लेकिन उस पर अमल नहीं किया गया। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा अदालत के समक्ष दिये गये वचन का पालन नहीं करने पर केंद्रीय कैबिनेट सचिव को समन जारी करने की मांग की , लेकिन पीठ ने उनकी इस गुहार को अस्वीकार कर दिया।

डॉ. स्वामी ने भारत और श्रीलंका के बीच मौजूद खाड़ी में तमिलनाडु के दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित चट्टानों से निर्मित 'रामसेतु' को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग करते हुए 2007 में एक याचिका दायर की थी। हिंदू धर्म में विश्वास रखने वाले बहुत से लोगों का मानना है कि ये चट्टानें रामायण काल की हैं। केंद्र सरकार ने 2021 में यह पता लगाने के लिए शोध की अनुमति दी थी कि रामसेतु मानव निर्मित है या नहीं। इसके अलावा इसके बनने का समय क्या है और क्या यह रामायण के दौर से मिलता है ?

फसल कटाई के वक्त उचित फैसला करेगी सरकार 

फसल कटाई के वक्त उचित फैसला करेगी सरकार 

अकांशु उपाध्याय/मनोज सिंह ठाकुर 

नई दिल्ली/इंदौर। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) के महानिदेशक संतोष कुमार सारंगी ने बृहस्पतिवार को कहा कि गेहूं निर्यात से प्रतिबंध हटाने की मांग पर सरकार मार्च-अप्रैल के आस-पास फसल कटाई के वक्त उचित फैसला करेगी। उन्होंने कहा कि इस फैसले से पहले आंका जाएगा कि देश में गेहूं की मांग और पूर्ति में कितना संतुलन है।

सारंगी, मध्यप्रदेश सरकार के आयोजन वैश्विक निवेशक सम्मेलन "इन्वेस्ट मध्यप्रदेश" में हिस्सा लेने इंदौर आए थे। गेहूं निर्यात खोलने की मांग के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "देश में गेहूं की फसल की कटाई आमतौर पर मार्च-अप्रैल में होती है। इस अवधि के आसपास सरकार इस विषय (गेहूं निर्यात खोलने की मांग) में उचित फैसला करेगी।" उन्होंने आगे कहा,"जिस समय महसूस किया जाएगा कि गेहूं की मांग और आपूर्ति में संतुलन है, इस खाद्यान्न का निर्यात खोलने के लिए व्यवस्था की जाएगी।" गौरतलब है कि मई 2022 में गर्मी और लू की वजह से गेहूं उत्पादन प्रभावित होने की चिंताओं के बीच भारत ने अपने प्रमुख खाद्यान्न की कीमतों में आई भारी तेजी पर अंकुश लगाने के मकसद से गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था।

सारंगी ने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए वस्त्र निर्माण पर खास ध्यान दिया जाना चाहिए क्योंकि सूबे में इस उद्योग के कच्चे माल के रूप में कपास की खासी उपलब्धता है। उन्होंने कहा कि सूबे में गेहूं, चावल, फल-सब्जियों और मसालों के साथ ही जैविक व अजैविक रसायनों तथा इंजीनियरिंग उत्पादों का भी निर्यात बढ़ने की उजली संभावनाएं हैं। सारंगी ने एक सवाल पर बताया कि सरकार की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना अभी 14 क्षेत्रों के लिए चलाई जा रही है तथा हो सकता है कुछ और क्षेत्रों में इसका विस्तार किया जाए।फसल कटाई के वक्त उचित फैसला करेगी सरकार 

बुधवार, 11 जनवरी 2023

तीन नई सहकारी समितियों के गठन का फैसला 

तीन नई सहकारी समितियों के गठन का फैसला 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। सरकार ने जैविक उत्पाद, बीज और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए तीन नई सहकारी समितियों के गठन का फैसला किया है। बहुराज्य सहकारी समिति अधिनियम, 2002 के अन्तर्गत राष्ट्रीय स्तर की सहकारी जैविक समिति, सहकारी बीज समिति एवं सहकारी निर्यात समिति का पंजीकरण किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में इस संबंध में फैसला लिया गया। मोदी ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘सहकारिता क्षेत्र एक मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने और ग्रामीण विकास को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस संदर्भ में, मंत्रिमंडल ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जो 'सहकार से समृद्धि' के हमारे दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगा।’’

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद केंद्रीय श्रम एवं रोजगार, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि सहकारिता- ग्रामीण भारत का अहम हिस्सा है और मंत्रिमंडल ने 35 साल बाद तीन नई बहु सहकारी समितियां गठित करने का अहम फैसला लिया है। बहु-राज्यीय सहकारिता समिति कानून 1984 में लागू किया गया था। वर्ष 1987 में इस कानून के तहत ट्राइफेड (ट्राइबल को-ऑपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) को एक राष्ट्रीय स्तर की सहकारी संस्था के रूप में स्थापित किया गया था। उन्होंने कहा कि 35 साल बाद तीन नई बहुराज्य सहकारी समितियां स्थापित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि ये समितियां ग्रामीण विकास और किसानों की आय को बढ़ाकर ‘सहकार से समृद्धि’ (सहकारिता के माध्यम से समृद्धि) के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मंत्री ने कहा कि प्राथमिक समितियां, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर के महासंघ, बहु-राज्य सहकारी समितियां और किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) सहित सहकारिता सोसायटी इन नई सहकारी समितियों के सदस्य बन सकते हैं। यादव ने कहा, ‘‘इन सभी सहकारी समितियों के उपनियमों के अनुसार समिति के निदेशक मंडल में उनके निर्वाचित प्रतिनिधि होंगे।’’ देश में लगभग 8.5 लाख पंजीकृत सहकारी समितियां हैं जिनमें 29 करोड़ सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि इन तीन राष्ट्रीय स्तर की सहकारी समितियों की स्थापना से ग्रामीण विकास होगा।

प्रस्तावित निर्यात समिति की भूमिका के बारे में बताते हुए सहकारिता मंत्रालय ने कहा कि यह निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक प्रमुख संगठन के रूप में कार्य करके सहकारी क्षेत्र से निर्यात पर जोर देगी। यह सहकारी समितियों को केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों की विभिन्न निर्यात-संबंधी योजनाओं और नीतियों से एक केंद्रित तरीके से लाभ प्राप्त करने में भी मदद करेगी। मूल रूप से, यह वैश्विक बाजार में भारतीय सहकारी समितियों की निर्यात क्षमता को उन्मुक्त करने में मदद करेगा। मंत्रालय के अनुसार, प्रस्तावित सहकारी जैविक समिति - घरेलू और वैश्विक बाजारों में जैविक उत्पादों की मांग और खपत क्षमता को खोलने में मदद करेगी। यह प्रमाणित और प्रामाणिक जैविक उत्पाद प्रदान करके जैविक क्षेत्र से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का प्रबंधन करेगी। यह सहकारी समितियों और अंततः उनके किसान सदस्यों को सस्ती कीमत पर परीक्षण और प्रमाणन की सुविधा देकर बड़े पैमाने पर एकत्रीकरण, ब्रांडिंग और विपणन के माध्यम से जैविक उत्पादों की उच्च कीमत का लाभ प्राप्त करने में मदद करेगी।

यह जैविक उत्पादकों के लिए तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण की सुविधा के साथ-साथ उनके लिए एक समर्पित बाजार आसूचना प्रणाली विकसित करने और बनाए रखने के अलावा निर्यात विपणन के लिए राष्ट्रीय सहकारी निर्यात समिति की सेवाओं का उपयोग करेगी।जहां तक बीज सहकारी समिति का मामला है, मंत्रालय ने कहा कि यह गुणवत्ता वाले बीजों के उत्पादन, खरीद, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, लेबलिंग, पैकेजिंग, भंडारण, विपणन और वितरण के लिए एक शीर्ष संगठन के रूप में कार्य करेगी। यह संबंधित मंत्रालयों के सहयोग से देशभर में विभिन्न सहकारी समितियों के माध्यम से स्वदेशी प्राकृतिक बीजों के संरक्षण और प्रचार के लिए एक प्रणाली विकसित करेगी।

रिक्शा और टैक्सी के किराए में बढ़ोतरी, अधिसूचना 

रिक्शा और टैक्सी के किराए में बढ़ोतरी, अधिसूचना 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने बुधवार को तिपहिया (ऑटो रिक्शा) और टैक्सी के किराए में बढ़ोतरी की अधिसूचना जारी कर दी। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी में अब ऑटो और टैक्सी का सफर महंगा हो गया है। नए किराये के अनुसार, ऑटो रिक्शा में शुरुआती 1.5 किलोमीटर के लिए मीटर डाउन (न्यूनतम किराया) करने का शुल्क 25 रुपये से बढ़ाकर 30 रुपये कर दिया गया है। वहीं इसके बाद प्रति किलोमीटर किराया 9.5 रुपये से बढ़ाकर 11 रुपये कर दिया गया है। नई दरें नौ जनवरी से प्रभावी हो गई हैं।

ऑटो रिक्शा के लिए प्रतीक्षा (वेटिंग) शुल्क और रात्रि शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है लेकिन अतिरिक्त सामान के लिए किराया 7.50 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया गया है। टैक्सी में वातानुकूलित और गैर-वातानुकूलित वाहनों के लिए पहले किलोमीटर का मौजूदा किराया 25 रुपये था, जो अब बढ़कर 40 रुपये हो गया है। मीटर डाउन करने के बाद प्रति किलोमीटर के लिए किराया गैर-वातानुकूलित वाहनों में 14 रुपये से बढ़कर 17 रुपये और वातानुकूलित वाहनों में 16 रुपये से बढ़कर 20 रुपये कर दिया गया है। रात्रि शुल्क (25 रुपये) में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 

प्रतीक्षा शुल्क 30 रुपये ही है और 15 मिनट के बाद एक रुपये प्रति मिनट की दर से शुल्क लिया जाएगा। अतिरिक्त सामान शुल्क 10 रुपये से बढ़ाकर 15 रुपये कर दिया गया है। जहां ऑटो रिक्शा के किराये में पिछली बार संशोधन 2020 में किया गया था, वहीं टैक्सी, जिसमें काले-पीले रंग वाली, इकनॉमी (किफायती) और प्रीमियम (महंगी) टैक्सी, के किराये में संशोधन नौ साल पहले 2013 में किया गया था। दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में ऑटो रिक्शा और टैक्सी के किराये में बढ़ोतरी को अधिसूचित करने के लिए उपराज्यपाल वी के सक्सेना के पास 17 दिसंबर, 2022 को फाइल भेजी थी। 

राष्ट्रीय राजधानी में सीएनजी की कीमतों में वृद्धि के बाद गठित एक समिति की किराया बढ़ाने की सिफारिशों को दिल्ली सरकार ने पिछले साल अक्टूबर में मंजूरी दे दी थी। किराया बढ़ोतरी के मुद्दे पर दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत से ऑटो रिक्शा और टैक्सी संघों के कई प्रतिनिधियों ने मुलाकात की थी।

हज में वीआईपी कोटा खत्म करने का फैसला 

हज में वीआईपी कोटा खत्म करने का फैसला 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने हज में वीआईपी कोटा खत्म करने का फैसला किया है। ताकि देश के आम लोगों को इससे फायदा हो और इस धार्मिक यात्रा में ‘वीआईपी कल्चर’ खत्म हो। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री स्मृति ईरानी ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा, यह (हज में वीआईपी कोटा खत्म करने का) फैसला हो चुका है। प्रधानमंत्री जी ने अपने कार्यकाल के प्रथम दिन ही वीआईपी कल्चर खत्म करने का संकल्प राष्ट्र के समक्ष प्रस्तुत किया था।

ईरानी ने कहा, हज कमेटी और हज यात्रा को लेकर संप्रग सरकार के समय वीआईपी कल्चर स्थापित किया गया था। इसके अंतर्गत संवैधानिक पदों पर आसीन लोगों के पास हज का विशेष कोटा होता था। उन्होंने बताया, अब प्रधानमंत्री जी ने अपना कोटा राष्ट्र को समर्पित किया ताकि इसमें वीआईपी संस्कृति नहीं रहे और आम हिंदुस्तानी को सुविधा मिले। राष्ट्रपति जी, उप राष्ट्रपति और मैंने भी अपना कोटा छोड़ा है। हमने हज कमेटी से चर्चा की कि आप वीआईपी कल्चर छोड़ दें और कोटा समाप्त कर दें। सभी राज्यों की हज कमेटियों ने इसका समर्थन किया। उधर, हज कमेटी के सूत्रों ने बताया कि मंत्री की इस घोषणा के बाद अगले कुछ दिनों के भीतर इस फैसले से जुड़ी अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। 

उल्लेखनीय है कि ‘वीआईपी कोटे’ के तहत राष्ट्रपति के पास 100 हजयात्रियों का कोटा होता था तो प्रधानमंत्री के पास 75, उप राष्ट्रपति के पास 75 और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री के पास 50 का कोटा होता था। इसके अतिरिक्त हज कमेटी के सदस्यों/पदाधिकारियों के पास 200 हजयात्रियों का कोटा होता था। हज कमेटी के सूत्रों ने बताया कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने गत 14 नवंबर को एक पत्र लिखकर हज में ‘वीआईपी कोटा’ खत्म करने से जुड़े फैसले की जानकारी दी थी और कहा था कि हज कमेटी के 200 हजयात्रियों के कोटे को सामान्य कोटे के साथ शामिल किया जाए। हज के लिए भारत का कोटा करीब दो लाख हज यात्रियों का है।

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