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गुरुवार, 17 जून 2021

लॉकडाउन को 1 जुलाई तक बढ़ाने का फैसला किया

भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने बुधवार को कोविड-19 की वजह से लागू आंशिक लॉकडाउन की अवधि एक जुलाई तक बढ़ाने का फैसला किया। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसके साथ ही राज्य को संक्रमण के मामलों की संख्या के आधार पर दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है। मुख्य सचिव एससी महापात्रा ने बताया कि पूर्व में लागू पांबदियां अब एक जुलाई सुबह पांच बजे तक जारी रहेंगी। उन्होंने बताया कि शनिवार और रविवार को सप्ताहांत लॉकडाउन भी इस महीने के अंत तक पूरे राज्य में लागू रहेगा। अधिकारी ने बताया कि राज्य के दक्षिण और पश्चिमी हिस्सों के 17 जिलों को ‘ए’ श्रेणी में रखा गया है और इन जिलों में संक्रमण दर पांच प्रतिशत या इससे कम है जबकि तटीय क्षेत्र के अन्य 13 जिलों को ‘बी’श्रेणी में रखा गया है।

उन्होंने बताया कि ‘ए’ श्रेणी में सुंदरगढ़, झारसुगुडा, बारगढ़, संबलपुर, कालाहांडी, बोलंगीर, गंजम, कंधमाल और कोरापुट आदि जिलों को रखा गया है और यहां पर आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को सुबह छह बजे से शाम के पांच बजे तक खोलने की अनुमति होगी। उन्होंने कहा कि ‘बी’ श्रेणी के जिलों में ऐसी दुकानें सुबह छह बजे से दोपहर एक बजे तक ही खोली जा सकेंगी। इस श्रेणी में खुर्दा, पुरी,कटक, केंद्रपाड़ा, धेंकनाल, बालासोर और मयूरभंज आदि जिलों को रखा गया है।महापात्रा ने कहा कि राज्य सरकार ने मिठाई की दुकानों को इस शर्त पर खोलने की अनुमति दी है कि वे सामान का पार्सल देंगे। वहीं ‘ए’ श्रेणी के जिलों में रेहड़ी-पटरी की दुकानों को भी ‘सामान खरीदों और जाओ’ के नियम के आधार पर खोलने की अनुमति दी गई है।

मुख्य सचिव ने कहा कि सुबह छह बजे से नौ बजे तक लोगों को टहलने की अनुमति होगी। लेकिन पार्क एक जुलाई तक बंद रहेंगे। उन्होंने बताया कि आवश्यक सेवाओं, औद्योगिक और निर्माण गतिविधियों, मालवाहक वाहनों को परिचालन की अनुमति होगी लेकिन सार्वजनिक बस सेवा उपलब्ध नहीं होगी। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन को कोविड-19 के मामले बढ़ने पर और पाबंदी लगाने का अधिकार होगा। महापात्रा ने बताया कि छत्तीसगढ़ और झारखंड से लगती राज्य की सीमा खोल दी गई है। यह फैसला पड़ोसी राज्यों में कोविड-19 के कम होते मामलों के मद्देनजर लिया गया है। लेकिन पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश की सीमा पर पाबंदी पूर्व की तरह लागू रहेगी।

शुक्रवार, 28 मई 2021

चक्रवात ‘यास’ से हुए नुकसान की समीक्षा की: पीएम

भुवनेश्वर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को भुवनेश्वर पहुंचे और यहां एक बैठक में चक्रवात ‘यास’ से राज्य के विभिन्न इलाकों में हुए नुकसान की समीक्षा की। राज्यपाल गणेशी लाल, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, केंद्रीय मंत्रियों धर्मेंद्र प्रधान और प्रताप सारंगी ने बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। ज्ञात हो कि चक्रवात यास से जुड़ी घटनाओं में अब तक चार लोगों की मौत हो गयी जबकि इसके कारण ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड में 21 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। चक्रवात के कारण ओडिशा में तीन लोगों और पश्चिम बंगाल में एक व्यक्ति की मौत हो गयी।

पश्चिम बंगाल सरकार ने दावा किया है कि इस प्राकृतिक आपदा के कारण कम से कम एक करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं। ‘ताउते’ के बाद एक सप्ताह के भीतर देश के तटों से टकराने वाला ‘यास’ दूसरा चक्रवाती तूफान है। प्रधानमंत्री ओडिशा के प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण भी करेंगे। इसके बाद वह पश्चिम बंगाल के चक्रवात प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे और वहां भी एक समीक्षा बैठक करेंगे। वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को उत्तर 24 परगना जिले में चक्रवात प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि मुख्य सचिव अलापन बंदोपाध्याय के साथ मुख्यमंत्री ने हिंगलगंज, हसनाबाद, संदेशखली, पिनाखा और जिले के अन्य इलाकों में चक्रवात के बाद की स्थिति का जायजा लिया। ममता बनर्जी ने कहा कि मैंने देखा है कि अधिकतर क्षेत्र जलमग्न हैं। मकान और खेतों के बड़े भू-भाग जलमग्न हैं। इस संबंध में फील्ड सर्वेक्षण भी किया जायेगा। उन्होंने जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और खंड विकास पदाधिकारियों के साथ प्रशासनिक बैठक भी की। पूर्वी मेदिनीपुर, दक्षिण एवं उत्तर 24 परगना जिलों में कई इलाके चक्रवात ‘यास’ से प्रभावित हैं। चक्रवात ‘यास’ बुधवार सुबह पड़ोसी ओडिशा के तट से टकराया था। इसके चलते इन जिलों में कई जगहों पर भारी बारिश हुई और तेज चक्रवाती तूफान आये। बनर्जी बाद में दक्षिण 24 परगना जिले के चक्रवात प्रभावित इलाकों और पूर्वी मेदिनीपुर में नतटीय शहर दीघा का भी दौरा करेंगी।

बुधवार, 26 मई 2021

'यास' ओडिशा के निकट पहुंचा, हलचल हुईं तेज

बालासोर। ओडशा के भद्रक जिले में धामरा बंदरगार के निकट गंभीर चक्रवाती तूफान ‘यास’ के पहुंचने की प्रक्रिया बुधवार सुबह नौ बजे शुरू हो गई। एक अधिकारी ने बताया कि चक्रवात बालासोर से करीब 50 किलोमीटर दूर तट पर बहनागा ब्लॉक के निकट धामरा के उत्तर और बहनागा के दक्षिण में पहुंचा। ‘डॉपलर’ रडार डेटा के अनुसार, इस दौरान 130-140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त पी के जेना ने बताया कि चक्रवात के पहुंचने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और इस प्रक्रिया को पूरा होने में तीन से चार घंटे का समय लगेगा। बालासोर और भद्रक जिले इससे सबसे अधिक प्रभावित होंगे। उन्होंने बताया कि करीब 5.80 लाख लोगों को सुरक्षित स्थलों पर पहुंचाया गया है।

मौसम विभाग ने पहले कहा था कि चक्रवात के दौरान हवा की गति 155 से 165 किलोमीटर प्रति घंटा रहने और इसके बढ़कर 185 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है। जेना ने कहा कि चक्रवात अनुमानित समय से कुछ घंटों की देरी से पहुंचा क्योंकि इसकी रफ्तार 15-16 किलोमीटर प्रति घंटे से कम होकर 12 किलोमीटर प्रति घंटा हो गई। उन्होंने बताया कि देर रात दो बजे के बाद चक्रवात की तीव्रता और नहीं बढ़ी। जेना ने कहा कि तीव्रता में कमी आने के कारण चक्रवात के पहुंचने के दौरान 165 किलोमीटर प्रति घंटे के बजाय 130 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। उन्होंने बताया कि इस दौरान कुछ जगह पेड़ उखड़ गए, लेकिन कोई बड़ी घटना नहीं हुई। कोलकाता में अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम बंगाल में पूर्वी मिदनापुर और दक्षिण 24 परगना के तटीय इलाकों में चक्रवात के कारण पानी भर गया और नदियों में जलस्तर बढ़ गया।

पूर्वी मिदनापुर के दीघा में 90 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलीं, जबकि दक्षिण 24 परगना के फ्रेसरगंज में 68 किलोमीटर और कोलकाता में 62 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। दक्षिण बंगाल में भी मंगलवार रात के बाद से काफी बारिश हुई है। मौसम विभाग ने चक्रवात के दस्तक देने के दौरान पूर्वी मिदनापुर के निचले तटीय इलाकों में समुद्र में दो से चार मीटर और दक्षिण 24 परगना में दो मीटर ऊंची लहरें उठने का अनुमान जताया था। भुवनेश्वर में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक उमाशंकर दास ने बताया कि ओडिशा के अधिकतर हिस्सों में बारिश हुई। राज्य में पिछले 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश भद्रक जिले के चांदबाली (273 मिमी) में हुई। इससे बाद पारादीप (197 मिमी), बालासोर (51 मिमी) और भुवनेश्वर (49 मिमी) में बारिश हुई।

रविवार, 2 मई 2021

सरकार ने 14 दिनों के पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की

भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने कोविड-19 संक्रमण की भयावहता को देखते हुए रविवार को राज्य में 14 दिनों के पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की। जो पांच मई से प्रभावी होगा। सूत्रों के अनुसार कोरोना की घातक दूसरी लहर फैलने पर इस पर नियंत्रण पाने के लिए राज्य सरकार ने यह फैसला किया। राज्य में पांच मई से 19 मई तक लॉकडाउन रहेगा। इस दौरान जरूरी सेवाओं को छोड़कर अन्य सेवाएं बंद रहेंगी। देश में लगातार कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले और इस वैश्विक महामरी से होने वाली मौतों में वृद्धि से लोगों में खौफ व्याप्त है। अस्पतालों में बेड, वेंटिलेटर, दवा और ऑक्सीजन की भारी किल्लत है। इसी तरह की स्थिति राष्ट्रीय राजधानी में भी बनी हुई है जहां बत्रा, सर गंगाराम और जयपुर गोल्डन अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के कारण कई मरीजों की मौत हो गई।

शनिवार, 13 मार्च 2021

भाजपा विधायक ने सदन में सैनिटाइजर पी लिया

राणा ओबराय  
भुवनेश्वर। ओडिशा विधानसभा में किसानों से धान खरीद में शुक्रवार को कुप्रबंधन को लेकर हंगामेदार प्रदर्शन ने उस समय भयावह रूप ले लिया। जब इस मुद्दे पर सरकार का विरोध कर रहे भाजपा विधायक ने सदन में ही आत्महत्या करने के लिए सैनिटाइजर पी लिया। उन्होंने आरोप लगाया, कि सरकार किसानों से धान खरीदने के मुद्दे पर विचार नहीं कर रही है। विधानसभा में धान के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। सुभाष चंद्र पाणिग्रही ने उस समय सैनिटाइजर पीया। जब राज्य के खाद्य और आपूर्ति मंत्री आर पी स्वैन धान खरीद पर बयान पढ़ रहे थे। पाणिग्रही की तुरंत डॉक्टरों ने जांच की। उनकी तबीयत फिलहाल ठीक है। उन्होंने मंडी से किसानों के धान की खरीद के मसले पर ध्यान केंद्रित करने के लिए यह कदम उठाया। उन्होंने शुक्रवार को यह कदम तब उठाया जब राज्य के फूड सप्लाई और कंज्यूमर वेलफेयर मंत्री रनेंद्र प्रताप स्वैन सदन में सवालों के जवाब दे रहे थे। बता दें, कि सुभाष चंद्र पाणिग्रही ने पहले भी दो बार आत्महत्या की चेतावनी दे चुके थे।
इस घटनाक्रम से पहले रनेंद्र प्रताप स्वैन ने कहा, कि सरकार किसानों के धान की खरीद के लिए सभी उचित कदम उठा रही है। उन्होंने कहा, कि विधायकों से कहा कि वे ऐसे किसानों की लिस्ट मुहैया कराएं। जो अपनी खरीफ फसल बेचने से वंचित रह गए हैं। स्वैन ने शुक्रवार को सदन में कहा कि 26 फरवरी को कुल 57.67 मैट्रिक टन धान की खरीद 10.53 लाख रजिस्टर्ड किसानों से की गई है। अबतक 11.25 लाख किसानों से 60.40 लाख मैट्रिक टन धान की खरीद की गई है। उन्होंने कहा कि 72000 किसानों से 2.73 लाख मैट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। गौरतलब है, कि सदन में धान की खरीद के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। बीजेपी और कांग्रेस के विधायकों ने सदन में इस मसले पर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रश्नकाल शुरू होने के साथ ही दोनों पार्टियों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान सदन की कार्यवाही स्थगित भी करनी पड़ी।

शनिवार, 13 फ़रवरी 2021

1800 किलो गांजा जब्त, 3.5 करोड़ है कीमत

1800 किलो गांजा जब्त, 3.5 करोड़ है कीमत, पुलिस ने ऐसे चलाया पूरा ऑपरेशन 

भुवनेश्वर। ओडिसा से चला और रायपुर से होता हुआ मुंबई पहुंचा गांजा लेकिन रायपुर पुलिस को नहीं लगी भनक। मुंबई पुलिस ने 1800 किलो गांजा जब्त किया है। इस मामले में अबतक आकाश यादव और दिनेश सरोज नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यादव के खिलाफ तीन मामले दर्ज हैं। ये जानकारी जॉइंट कमिश्नर मिलिंद भराम्बे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी. इस 1800 किलो गांजा की कीमत 3.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह गांजा उड़ीसा से मुंबई लाया गया था। आरोपी उड़ीसा के कंधमाल इलाके से ड्रग्स लेकर आते थे। जोकि नक्सल प्रभावित जिला है। यहां गांजा की खेती होती थी। फिर नक्सल ग्रस्त इलाकों से गांजा महाराष्ट्र और भारत के अन्य हिस्सों में भेजा जाता था। मुंबई पुलिस कई दिनों से गांजा को जब्त करने के लिए ऑपरेशन चला रही थी। कल मुंबई ठाणे रोड (विक्रोली) पर पुलिस ने ट्रैप लगाया और एक टेंपू का पीछा किया। इस टेंपू में करीब 3.5 करोड़ रुपये का 1800 किलो गांजा था। जिसे नारियल के नीचे छुपाकर रखा गया था। ये लोग हर कंसाइनमेंट के लिए नए टेंपू को भाड़े पर लेटे थे। पुलिस को अब संदीप सातपुते नाम के आरोपी की तलाश है। जिसका भिवंडी इलाके में एक गोडाउन है। वह ठाणे के लुइस वाड़ी इलाके में रहता है। और करीब 5 साल से गांजा का व्यापार कर रहा है। बतायाा जा रहा है। कि सातपुते ही मुंबई ठाणे और आसपास के इलाकों में गांजा की सप्लाई करता था। यह गैंग सिर्फ महाराष्ट्र में हर महीने 5 से 6 टन गांजा सप्लाई करता था। जिसमें से 4 टन गांजा हर महीने सिर्फ मुंबई में बेचा जाता था।

सोमवार, 1 फ़रवरी 2021

ओडिशा में पलटी पिकअप, 10 की मौत 15 घायल

भुवनेश्वर। ओडिशा के कोरापुट जिले में एक पिकअप वैन के पलटने से 10 लोगों की मौत हो गई जबकि 15 अन्य घायल हो गए। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि घटना कोटपड थाना क्षेत्र के मुर्ताहांडी में हुई है। उन्होंने बताया कि यह दुर्घटना उस समय हुई जब करीब 30 लोग पड़ोसी छत्तीसगढ़ राज्य से एक रिश्तेदार के मातम में शामिल होने के बाद अपने गांव लौट रहे थे। कोरापुट के पुलिस अधीक्षक वरुण गुंटुपल्ली ने बताया कि 10 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने बताया कि 15 घायलों को कोटपड़ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

शराब: डब्ल्यूटीओ में शिकायत दर्ज करेंगा आस्ट्रेलिया

सिडनी/ बीजिंग। ऑस्ट्रेलिया ने कहा है कि वो उनके यहाँ बनी शराब पर चीन के शुल्क बढ़ाने के खिलाफ डब्ल्यूटीओ में शिकायत दर्ज करेगा। चीन ने पिछले...