गुरुवार, 4 जुलाई 2024

आतंकवाद से लड़ने में 'सहयोगी' हैं तालिबान

आतंकवाद से लड़ने में 'सहयोगी' हैं तालिबान 

अखिलेश पांडेय 
मॉस्को। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को कहा कि रूस में प्रतिबंधित समूह तालिबान, आतंकवाद से लड़ने में मॉस्को का "सहयोगी" हैं। क्योंकि, वे अफ़गानिस्तान पर नियंत्रण रखते हैं। मास्को ने 2003 से रूस में प्रतिबंधित संगठन होने के बावजूद तालिबान के साथ वर्षों से संबंधों को बढ़ावा दिया है, और पुतिन ने पिछले महीने मास्को से तालिबान सरकार के साथ संबंधों को "बढ़ाने" का आह्वान किया था।"हमें यह मान लेना चाहिए कि तालिबान देश में सत्ता को नियंत्रित करता है। और इस अर्थ में, तालिबान, निश्चित रूप से, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हमारे सहयोगी हैं, क्योंकि कोई भी अधिकारी अपने शासन वाले राज्य में स्थिरता में रुचि रखता है," पुतिन ने अस्ताना में कहा।
तालिबान वर्षों से अफ़गानिस्तान में जिहादी प्रतिद्वंद्वी इस्लामिक स्टेट खुरासान (IS-K) के खिलाफ़ लड़ रहा है।मार्च में, IS-K के लड़ाकों ने मास्को के एक कॉन्सर्ट हॉल पर हमला करके 140 से  अधिक लोगों को मार डाला, जो लगभग दो दशकों में रूस में सबसे घातक आतंकवादी हमला था। 2021 में अफ़गानिस्तान पर कब्ज़ा करने के बाद से, तालिबान ने इस्लामी कानून के एक चरम रूप को लागू किया है, जो प्रभावी रूप से महिलाओं को सार्वजनिक जीवन से प्रतिबंधित करता है।पुतिन ने कहा कि तालिबान ने "कुछ जिम्मेदारियाँ ली हैं" लेकिन अभी भी "ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर देश के अंदर और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को लगातार ध्यान देने की ज़रूरत है"। उन्होंने कहा, "मुझे यकीन है कि तालिबान अफ़गानिस्तान में सब कुछ स्थिर होने में दिलचस्पी रखता है।"मॉस्को ने अफ़गानिस्तान के साथ संबंधों को बेहतर बनाया है - जिसके साथ 1980 के दशक में सोवियत आक्रमण के बाद से इसका एक जटिल इतिहास रहा है - अमेरिका के देश से बाहर निकलने के बाद से।

सभी खिलाड़ियों व ट्रॉफी के साथ तस्वीर खिंचवाई

सभी खिलाड़ियों व ट्रॉफी के साथ तस्वीर खिंचवाई 

इकबाल अंसारी 
नई दिल्ली। विश्व कप विजेता टीम इंडिया बृहस्पतिवार को बारबाडोस से लौटने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट करने पीएम आवास पहुंची। इस दौरान टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा के साथ कोच राहुल द्रविड़ और टीम के सभी खिलाड़ी मौजूद रहे।
पीएम के सभी खिलाड़ियों और ट्रॉफी के साथ तस्वीर भी खिंचवाई। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनसे चर्चा भी की। इसका वीडियो भी सामने आया है। इतना ही नहीं पीएम ने खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके परिवार वालों से भी मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने हर खिलाड़ी और उसके परिवार के साथ भी तस्वीर खिंचवाई।
प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों को गले भी लगाया। ऋषभ पंत ने सोशल मीडिया पर फोटो शेयर की है। इस तस्वीर में पीएम मोदी पंत को गले लगाते और उन्हें शुभकामनाएं देते दिख रहे हैं।
मोहम्मद सिराज भी प्रधानमंत्री मोदी से मिले और उनके साथ तस्वीर खिंचवाई। सिराज ने न्यूयॉर्क में तीनों मैच खेला था। हालांकि, सुपर-8 से लेकर फाइनल तक उनकी जगह एक अतिरिक्त स्पिनर को मौका दिया गया।
सूर्यकुमार यादव और उनकी पत्नी देविशा ने भी प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। सूर्या ने सोशल मीडिया पर फोटो भी शेयर की। इसमें सूर्या के साथ पीएम मोदी और देविशा नजर आ रहे हैं।
विराट ने भी प्रधानमंत्री के साथ तस्वीर साझा की है। पीएम मोदी से मिलने के बाद टीम को बुलाने के लिए उनका आभार भी व्यक्त किया। विराट ने लिखा, 'आज हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर बहुत सम्मान महसूस हुआ। प्रधानमंत्री आवास पर हमें आमंत्रित करने के लिए धन्यवाद सर।'
तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह भी प्रधानमंत्री मोदी से मिलने पहुंचने थे। इस दौरान उनका परिवार भी साथ था। अर्शदीप ने परिवार वालों और प्रधानमंत्री मोदी के साथ तस्वीर साझा की है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कप्तान रोहित शर्मा के साथ भी तस्वीर खिंचवाई। इस दौरान दोनों ने काफी लाइट मोमेंट शेयर किया। रोहित भारत को कोई भी विश्व कप जिताने वाले तीसरे कप्तान हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने बुमराह और संजना के बेटे अंगद के साथ खेला भी। उन्होंने अंगद के हाथों को अपने हाथ में लिया। इसकी तस्वीर भी सामने आई है। प्रधानमंत्री मोदी को बच्चों से काफी लगाव है। ऐसे में उन्होंने अंगद को भी अपना प्यार दिया। अंगद भी हैरानी से प्रधानमंत्री मोदी को देखते रहे।
प्रधानमंत्री मोदी ने रवींद्र जडेजा और उनकी विधायक पत्नी रिवाबा से भी मुलाकात की। जडेजा ने विराट कोहली और रोहित शर्मा के बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। इस दौरान जडेजा-रिवाबा की बेट निध्याना भी मौजूद रहीं।
प्रधानमंत्री मोदी ने यशस्वी जायसवाल के साथ भी तस्वीर खिंचवाई। इस दौरान यशस्वी का हेयरस्टाइल चर्चा का विषय रहा। भारतीय टीम ने 2007 में धोनी की कप्तानी में टी20 विश्व कप और 2011 में धोनी की ही कप्तानी में वनडे विश्व कप जीता था। इसके बाद 2013 में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी जीती। अब 11 साल बाद टीम इंडिया ने कोई आईसीसी ट्रॉफी जीती है।

सोरेन ने तीसरी बार 'मुख्यमंत्री' पद की शपथ ली

सोरेन ने तीसरी बार 'मुख्यमंत्री' पद की शपथ ली

इकबाल अंसारी 
रांची। झारखंड राज्य के 13 मुख्यमंत्री के रूप में हेमंत सोरेन ने तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। कल हेमंत सोरेन को विधायक दल का नया नेता चुना गया था। 
गौरतलब है कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर जमीन घोटाले मामले में ईडी ने शिकंजा कस दिया था। अपनी गिरफ्तारी किसी की संभावनाओं को देखते हुए हेमंत सोरेन ने तब मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर चंपई सोरेन को झारखंड के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिला दी थी। तब से चंपई सोरेन झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में काम कर रहे थे। इधर, जमीन घोटाले के मामले में जेल में बंद हेमंत सोरेन लगातार जमानत पाने की जद्दोजहद में जुटे हुए थे। कई दिन पहले झारखंड हाई कोर्ट ने हेमंत सोरेन की जमानत को मंजूरी दे दी थी। हेमंत सोरेन का जेल से बाहर आने का रास्ता खुलते ही तय माना जा रहा था कि अब चंपई सोरेन को मुख्यमंत्री पद से हटना पड़ेगा। 
हेमंत सोरेन के जेल से बाहर आने के बाद चंपई सोरेन ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था तथा कल ही हेमंत सोरेन को झारखंड में विधायक दल का नया नेता चुन लिया गया था। इसके बाद राज्यपाल ने आज हेमंत सोरेन को तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ दिला दी । इस मौके पर हेमंत सोरेन के पिता झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख शिबू सोरेन, मां रूपी सोरेन तथा इंडिया घटक दल के कई नेता मौजूद रहे।

8 से 10 तक रूस-ऑस्ट्रिया की यात्रा करेंगे 'पीएम'

8 से 10 तक रूस-ऑस्ट्रिया की यात्रा करेंगे 'पीएम' 

अकांशु उपाध्याय 
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 से 10 जुलाई तक रूस और ऑस्ट्रिया गणराज्य की आधिकारिक यात्रा करेंगे। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार प्रधानमंत्री 8 से 9 जुलाई तक 22वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए रूस की यात्रा करेंगे।
इसमें दोनों देशों के बीच बहुआयामी संबंधों की संपूर्ण श्रृंखला की समीक्षा की जाएगी। रूस की यात्रा समाप्त करने के बाद मोदी ऑस्ट्रिया जाएंगे, जो 41 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की उस देश की पहली यात्रा होगी। लगभग पांच वर्षों में पीएम मोदी पहली बार रूस यात्रा पर जा रहे हैं। पीएम मोदी इसके पहले 2019 में रूस की यात्रा की थी। उन्होंने व्लादिवोस्तोक में एक आर्थिक सम्मेलन में हिस्सा लिया था। अब तक रूस और भारत 21 वार्षिक शिखर सम्मेलन के आयोजन किये जा चुके हैं। 
लगभग साढ़े तीन साल पहले पिछला शिखर सम्मेलन नई दिल्ली में आयोजित किया गया था। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था। शिखर सम्मेलन में दोनों पक्षों ने 28 सहमति पत्रों और समझौतों पर हस्ताक्षर किए और साथ ही “शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए भारत-रूस साझेदारी” शीर्षक से एक संयुक्त बयान भी जारी किया।

पुतिन के साथ बैठक करेंगे पीएम मोदी

पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने पिछली बार 16 सितंबर, 2022 को उज्बेकिस्तान के समरकंद में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय वार्ता की थी। बैठक में मोदी ने पुतिन पर यूक्रेन में संघर्ष को समाप्त करने के लिए दबाव डालते हुए कहा था कि आज का युग युद्ध का नहीं है। रूस के साथ अपनी मजबूत दोस्ती को दर्शाते हुए भारत ने अभी तक यूक्रेन पर मास्को के आक्रमण की निंदा नहीं की है और यह कहता रहा है कि संकट को कूटनीति और संवाद के माध्यम से हल किया जाना चाहिए।

आस्ट्रिया का पीएम मोदी करेंगे दौरा

रूस से पीएम मोदी ऑस्ट्रिया जाएंगे। वह 9 और 10 जुलाई को ऑस्ट्रिया में रहेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह ऑस्ट्रिया गणराज्य के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वान डेर बेलन से मुलाकात करेंगे और ऑस्ट्रिया के चांसलर कार्ल नेहमर के साथ बातचीत करेंगे। एक बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री और चांसलर भारत और ऑस्ट्रिया के व्यापारिक नेताओं को भी संबोधित करेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पीएम मोदी मॉस्को के साथ-साथ वियना में भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत करेंगे।

बेलारूस को संगठन की सदस्यता दिलाई गई

बेलारूस को संगठन की सदस्यता दिलाई गई 

अखिलेश पांडेय 
अस्ताना। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की 24वीं बैठक गुरुवार को अस्ताना में शुरू हुई। इस मौके पर बेलारूस को आधिकारिक तौर पर संगठन की सदस्यता दिलाई गई। रिपोर्ट के मुताबिक, शिखर सम्मेलन की शुरुआत एक आधिकारिक समारोह के साथ हुई। इसमें बेलारूस को औपचारिक रूप से संगठन में शामिल किया गया। 
कजाख राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव ने बेलारूसी राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको को बधाई देते हुए घोषणा की कि प्रिय राष्ट्राध्यक्षों, एससीओ में बेलारूस गणराज्य की पूर्ण सदस्यता पर निर्णय लिया गया है।
इस घोषणा पर लुकाशेंको ने कहा कि उनका देश एससीओ के प्रभाव का विस्तार करने और अपने सहयोगियों और समर्थकों के दायरे को व्यापक बनाने का प्रयास करेगा।
अस्ताना में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन में चीन, रूस, कजाकिस्तान, भारत, ईरान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, बेलारूस, मंगोलिया, अजरबैजान, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, तुर्की, तुर्कमेनिस्तान तथा एससीओ महासचिव और एससीओ क्षेत्रीय आतंकवाद विरोधी संरचना के कार्यकारी निदेशक भाग ले रहे हैं।

भारत के साथ अच्छे हैं संबंध

बता दें कि बेलारूस के साथ भारत के संबंध हमेशा से अच्छे रहे हैं। दोनों देशों के बीच परंपरागत रूप से मधुर और सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं। जिस वक्त 1991 में सोवियत संघ का विघटन हुआ था, उस वक्त बेलारूस को स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने वाले पहले देशों में से एक था‌

एस जयशंकर ने पाकिस्तान पर साधा निशाना

भारत ने बृहस्पतिवार को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से उन देशों को ‘अलग-थलग करने’ और ‘बेनकाब’ करने को कहा जो आतंकवादियों को प्रश्रय देते हैं, उन्हें सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराते हैं और आतंकवाद को नजरअंदाज करते हैं। भारत ने चीन और पाकिस्तान पर परोक्ष रूप से कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर आतंकवाद को बेलगाम छोड़ दिया गया तो यह क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
कजाखस्तान की राजधानी अस्ताना में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के राष्ट्र प्रमुखों की परिषद की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विचारों को रखते हुए जयशंकर ने कहा कि एससीओ का एक मूल लक्ष्य आतंकवाद से लड़ना है।
जयशंकर ने सम्मेलन में कहा, ‘‘हममें से कई लोगों के अपने अनुभव हैं, जो अक्सर हमारी सीमाओं से परे सामने आते हैं. यह बात स्पष्ट होनी चाहिए कि अगर आतंकवाद को बेलगाम छोड़ दिया गया तो यह क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है‌। किसी भी रूप या स्वरूप में आतंकवाद को उचित नहीं ठहराया जा सकता या माफ नहीं किया जा सकता।’’

विभाग के जिला ऑफिस पर धरना-प्रदर्शन किया

विभाग के जिला ऑफिस पर धरना-प्रदर्शन किया 

भानु प्रताप उपाध्याय 
शामली। जनपद के कई गाव के रहने वाले सैंकडो ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के जिला ऑफिस पर जमकर धरना-प्रदर्शन करते हुए अधिकारियों को बंधक बनाया और चेतावनी दी कि चार या पांच दिन में बिलों के ठीक ना होने के चलते भारतीय किसान यूनियन अराजनेतिक संगठन उग्र आंदोलन करेगा। ग्रामीणों ने लाइनमेंन, जेई पर भी गाँव वालो से वसूली करते हुए लाखो रुपये लेने का आरोप लगाया है।
आपको बता दें कि बीते महीने में जहा विधुत विभाग के द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में लगाये गये मिटर रीडर न दर्जनों से ज्यादा गाव के रहने वाले लोगो के बिल गलत निकले है। जहां ग्रामीणो ओर किसानों के मीटर रीडर ने लाखों रुपये से ज्यादा रुपयों के बिल निकालकर ग्रामीण को सोपे है। जहा इस बात से कुरमाली, क़ाबडोत, लिशाड , किवाना , बरलाजट, गोहरपुर आदि गाव में रहने वाले ग्रामीणो में हड़कंप मचा हुआ है। जहा अब इस बात को लेकर भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक संगठन ने आपत्ति जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया है।
जिसके चलते भाकियू अराजनैतिक संगठन के पदाधिकारियो ने सैकड़ो ग्रामीणों के साथ मिलकर गठवाला खाप चोधरी राजेंद्र मलिक बाबा के नेतृत्व में विधुत विभाग के अधिकारी अधिशासी अभियंता के ऑफिस पर प्रदर्शन करते हुए एक दिवसीय धरना दिया और अधिकारियों को बंधक बनाकर अपने धरने में बैठाए रखा,ओर चेतावनी देते हुआ कहा कि आप के विभाग के ग्रामीण क्षेत्र के जेई, लाइन मेन ओर मीटर रीडर सभी ने मिलकर अपना गेंग बनकर काम कर रहे है और बिजली का बिल जायदा देते है और फिर उसको ठीक करने के नाम पर 40 से 60 हजार रुपये तक वसूल करते है।
वहीं, किवाना कुरमाली के जेई पर जानबूझ कर लाखो रुपये का बिल भिजवाने का लगाया है, जहा फिर वो बिल ठीक करने पर मात्र 2 या 3 महीने में करीब कई लाख रुपये वसूल करने का आरोप लगाया है। वही खाप चोधरी बाबा राजेन्द्र ने धमकी दी है, कि अगर 5 दिन में बिल ठीक नही हुए तो बिजली विभाग के ऑफिस पर उग्र आंदोलन होगा और गाव में जाने वाले जेई ओर लाइनमैन के साथ कुछ भी हो सकता है। उसकी जिम्मेदारी उनकी खुद की होगी।

'आतंकवाद' को एक बड़ी चिंता का विषय बताया

'आतंकवाद' को एक बड़ी चिंता का विषय बताया

अखिलेश पांडेय 
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बृहस्पतिवार को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में सदस्यों देशों में आतंकवाद को एक बड़ी चिंता का विषय बताया और अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के साथ 'सार्थक' वार्ता की अपील की।
बुधवार को दो दिन की आधिकारिक यात्रा पर कजाखिस्तान की राजधानी अस्ताना पहुंचे शहबाज ने SCO समिट में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया। सम्मेलन में चीन, भारत, तुर्किये, ईरान, आजरबैजान और किर्गिस्तान के नेताओं व राजनयिकों ने आर्थिक और सुरक्षा सहयोग पर चर्चा की। रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री शरीफ ने अपने संबोधन में आर्थिक विकास के लिए क्षेत्र में शांति बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा, 'अफगानिस्तान में स्थायी शांति कायम करना इस साझा उद्देश्य का मुख्य आधार है।' उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय 'अफगान सरकार के साथ सार्थक रूप से बातचीत कर उनकी वास्तविक आर्थिक व विकास संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करे।' शरीफ ने यह भी कहा कि अफगान तालिबान को यह सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे कि उसकी धरती का इस्तेमाल किसी अन्य देश के खिलाफ आतंकवाद के लिए न किया जाए। उन्होंने कहा, 'प्रायोजित आतंकवाद समेत आतंकवाद के सभी रूपों की कड़े और स्पष्ट शब्दों में निंदा की जानी चाहिए।' उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए "निर्दोष लोगों की हत्या करने या आतंकवाद का डर दिखाने का कोई औचित्य नहीं है।" 
इसके जवाब में भारत ने बृहस्पतिवार को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से उन देशों को 'अलग-थलग करने' और 'बेनकाब' करने को कहा जो आतंकवादियों को प्रश्रय देते हैं, उन्हें सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराते हैं और आतंकवाद को नजरअंदाज करते हैं। भारत ने चीन और पाकिस्तान पर परोक्ष रूप से कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर आतंकवाद को बेलगाम छोड़ दिया गया तो यह क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। SCO राष्ट्र प्रमुखों की परिषद की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विचारों को रखते हुए जयशंकर ने कहा कि SCO का एक मूल लक्ष्य आतंकवाद से लड़ना है। जयशंकर ने सम्मेलन में कहा, ''हममें से कई लोगों के अपने अनुभव हैं, जो अक्सर हमारी सीमाओं से परे सामने आते हैं। यह बात स्पष्ट होनी चाहिए कि अगर आतंकवाद को बेलगाम छोड़ दिया गया तो यह क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है। किसी भी रूप या स्वरूप में आतंकवाद को उचित नहीं ठहराया जा सकता या माफ नहीं किया जा सकता।'' सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी शामिल हुए। जयशंकर ने कहा कि पिछले साल भारत की अध्यक्षता के दौरान इस विषय पर जारी संयुक्त बयान नयी दिल्ली की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। उन्होंने रेखांकित किया कि एससीओ 'वसुधैव कुटुम्बकम' के सदियों पुराने सिद्धांत का पालन करते हुए लोगों को एकजुट करने, सहयोग करने, बढ़ने और समृद्ध होने के लिए एक अनूठा मंच प्रदान करता है जिसका अर्थ है 'पूरी दुनिया एक परिवार है'। 
जयशंकर ने बाद में 'एक्स' पर लिखा, ''प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की ओर से एससीओ के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद के शिखर सम्मेलन में भारत का वक्तव्य दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लगातार तीसरी बार निर्वाचित होने पर शुभकामनाएं देने के लिए सम्मेलन में उपस्थित नेताओं को धन्यवाद।''

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण 

1. अंक-258, (वर्ष-11)

पंजीकरण:- UPHIN/2014/57254

2. शुक्रवार, जुलाई 05, 2024

3. शक-1945, आषाढ़, कृष्ण-पक्ष, तिथि-अमावस्या, विक्रमी सवंत-2079‌‌। 

4. सूर्योदय प्रातः 06:03, सूर्यास्त: 06:43।

5. न्‍यूनतम तापमान- 37 डी.सै., अधिकतम- 23+ डी.सै.।

6. समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है। सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा। सभी पद अवैतनिक है।

7.स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक राधेश्याम व शिवांशु (विशेष संपादक) श्रीराम व सरस्वती (सहायक संपादक) संरक्षण-अखिलेश पांडेय के द्वारा (डिजीटल सस्‍ंकरण) प्रकाशित। प्रकाशित समाचार, विज्ञापन एवं लेखोंं से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं हैं। पीआरबी एक्ट के अंतर्गत उत्तरदायी।

8. संपर्क व व्यवसायिक कार्यालय- चैंबर नं. 27, प्रथम तल, रामेश्वर पार्क, लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102।

9. पंजीकृत कार्यालयः 263, सरस्वती विहार लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102

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संपर्क सूत्र :- +919350302745--केवल व्हाट्सएप पर संपर्क करें, 9718339011 फोन करें।

(सर्वाधिकार सुरक्षित)

'बुंदेलखंड' को निवेश का नया गंतव्य बनाया

'बुंदेलखंड' को निवेश का नया गंतव्य बनाया  संदीप मिश्र  लखनऊ। कभी पिछड़े क्षेत्र के रूप में पहचान रखने वाले बुंदेलखंड को योगी सरकार न...