मंगलवार, 11 फ़रवरी 2020

मिसाइल हमले का असर, सैनिक बीमार

ईरान हमले का असर, 100 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक हुए बीमार


इराक। मौजूद अमेरिकी वायुसेना के अड्डों पर ईरान की ओर से किए गए मिसाइल हमले का असर अभी तक अमेरिकी सैनिकों पर दिखाई दे रहा है। हमले के महीने भर बाद एक बार फिर अमेरिका की ओर से सफाई देते हुए कहा गया है कि ईरान के मिसाइल अटैक में 100 से ज्यादा अमेरिकी सैनिकों को नुकसान हुआ है। पेंटागन की ओर से पिछली बार जारी किए गए आंकड़ों को देखने के बाद घायल सैनिकों की संख्या में 50 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। बता दें कि कुद्स फोर्स के प्रमुख मेजर जनरल कासिम सुलेमानी की मौत के बाद ईरान ने बदले की कार्रवाई करते हुए इराक में अमेरिकी एयरबेस पर हमला किया था। सुलेमानी पर अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी पिछले काफी समय से नजर रख रही थीं। पेंटागन की ओर से सफाई देते हुए कहा गया है कि अब तक 109 अमेरिकी सैनिकों को मस्तिष्क की चोट लगी थी, जिसमें से 79 सैनिक फिर ड्यूटी पर लौट आए हैं। संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष, आर्मी जनरल मार्क मिले ने पिछले महीने कहा था कि मस्तिष्क की दर्दनाक चोटों से पीड़ित अमेरिकी सैनिकों का इलाज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर सैनिकों को सिरदर्द, चक्कर आना, आंखों की रोशनी कमजोर होना और संवेदनशील होना शामिल है। गौरतलब है कि ईरान ने 8 जनवरी को इराक में मौजूद अमेरिकी वायु सेना के अड्डों पर हमला किया था। उस समय ईरान ने दावा किया था कि हमले में 80 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। हालांकि उस समय अमेरिका ने दावा किया था कि हमले से ठीक पहले पेंटागन वॉर्निंग सिस्टम के कारण सभी सैनिक बंकरों में चले गए थे, जिसके कारण सैनिकों को कोई नुकसान नहीं हुआ था।


अपनी वृद्ध माता को सड़क पर छोड़ा

सचिन विशौरिया


गाजियाबाद। मां यह एक ऐसा शब्द है जिसके सामने सारी दुनिया भी छोटी पड़ जाती है। लेकिन कभी-कभी कुछ कलयुगी बेटे ऐसे होते हैं। जो प्रॉपर्टी के चक्कर में अपनी मां को भी सड़क पर धक्के खाने के लिए छोड़ देते हैं। ऐसा ही एक मामला लोनी थाना क्षेत्र के राम विहार कॉलोनी से देखने मे आया है। जहां कलयुगी बेटे ने अपनी मां को ही अपनी प्रॉपर्टी से धक्के मार कर निकाल दिया। मामला जब उपजिलाधिकारी के सामने पहुंचा तो उपजिलाधिकारी के आदेशों पर भी बेटे ने धत्ता बताते हुए, पल्ला झाड़ दिया। इस मामले में मां का कहना है कि उन्हें उनका कमरा जिसमें वो रहती थी, वह वापस दिलाया जाए और मंदिर में पूजा करने की परमिशन दी जाए। लेकिन क्या योगी सरकार में एक मां को इंसाफ मिल पाएगा? क्या पुलिस और प्रशासन मिलकर भी इस मां को न्याय दिला पाएंगे, यह एक बड़ा सवाल?


मधुकर कहिन 'फैसले की घड़ी'


मधुकर कहिन 


आज फैसले की घड़ी !
सभी राजनैतिक दलों को सिखा के जाएगा आज के दिल्ली विधानसभा चुनाव का परिणाम


नरेश राघानी


आज सुबह से सभी टीवी चैनलों पर दिल्ली विधानसभा चुनाव के रिजल्ट की चर्चा हो रही है। शाम तक पता पड़ जाएगा कि दिल्ली ने आखिर क्या सोचा है ? क्या दिल्ली ने विकास को और सकारात्मकता को वोट दिया है ? या आज भी दिल्ली केवल शाहीन बाग , हिंदू मुस्लिम जैसी बातों पर टिकी हुई है ?


 उम्मीद की जा रही है कि आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल पुनः दिल्ली के मुख्यमंत्री होंगे। परंतु वही सोशल मीडिया पर भाजपा आईटी सेल द्वारा चलाए गए कैंपेन से यह नजर आ रहा है कि भाजपा में अभी भी दम है। कुछ लोग तो इस तरह की बातें लिखकर पहले संतुष्ट बैठे है कि ईवीएम मशीन को दोष देने के लिए आप तैयार रहिए।


दिल्ली के भाजपा द्वारा प्रस्तावित तथाकथित मुख्यमंत्री मनोज तिवारी* ने तो यहां तक कह दिया कि - 48 सीटों पर दिल्ली में भाजपा विजई होगी। लेकिन हमारे संवाददाता अभिनीत सिंह के अनुसार दिल्ली की धड़कन आज भी केजरीवाल केजरीवाल कह रही है।


 क्योंकि पिछले 5 सालों केजरीवाल द्वारा में दिल्ली में बहुत महत्वपूर्ण काम , लोकहित में किये गए हैं।


यहां देखने की बात यह भी है कि केजरीवाल ने भाजपा के पक्ष में ध्रुवीकरण रोकने के लिए शाहीन बाग से दूरी बनाए रखी है । यदि केजरीवाल यह चुनाव जीतते हैं तो यह इस देश में जातिवाद की राजनीति करने वालों के चेहरे पर एक तमाचा होगा। केजरीवाल की आशान्वित जीत से कांग्रेस को भी सीखने के लिए बहुत कुछ मिलेगा । कांग्रेस को सीखने के लिए मिलेगा कि - मात्र मुस्लिम तुष्टीकरण के आधार पर सेकुलरिज्म का झंडा उठाये चुनाव नहीं जीता जा सकता। देश की जनता विकास चाहती है । रोजमर्रा की जिंदगी की खींचतान से आराम चाहती है और देश का वोटर  सकारात्मकता को प्राथमिकता से देखता हैं।


 यह चुनाव 'भाजपा के लिए भी एक सबक होगा। वह यह कि अब और ज्यादा इस देश के वोटर को हिंदू मुस्लिम के भ्रम में नहीं रखा जा सकता। काम तो करना ही पड़ेगा। युवाओं को रोजगार देना होगा। महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा। इस देश में व्याप्त शिक्षा के लचर ढांचे पर नए सिरे से काम करना होगा । लोगों को यह बताना होगा कि उनकी गाढ़ी कमाई का पैसा जो कि टैक्स के रूप में उनसे लिया जाता है। उसका वाकई सही इस्तेमाल हो रहा है या नहीं ? तभी लोग नेताओं को और उनके समर्पण को स्वीकार करेंगे।


नरेश राघानी


एचसी का पूर्व मुख्यमंत्रियों को नोटिस

देहरादून। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों के आवास भत्ते व अन्य सुविधाओं में हुए खर्च के संदर्भ में राज्य सरकार द्वारा पारित अधिनियम को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को दस दिन के भीतर नोटिस देने को कहा है। आदेश में पूर्व मुख्यमंत्री व महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी का नाम भी शामिल है। मामले की अंतिम सुनवाई की तिथि 25 फरवरी नियत की गई है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायधीश रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खण्डपीठ में हुई।
उल्लेखनीय है कि इन पूर्व मुख्यमंत्रियों को पहले जारी हुए नोटिस केवल पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री डा. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ को छोड़कर शेष अन्य पूर्व मुख्यमंत्रियों को प्राप्त हुए बिना वापस आ गए थे। लिहाजा मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान डा. निशंक के अधिवक्ता न्यायालय में मौजूद रहे, किंतु विजय बहुगुणा व भुवन चन्द्र खंडूरी के नोटिस वापस बिना हस्तगत हुए आ गए। उल्लेखनीय है कि एक पूर्व मुख्यमंत्री स्व. नारायण दत्त तिवारी व महाराष्ट्र के राज्यपाल बन गए भगत सिंह कोश्यारी का नाम पूर्व में नोटिस से अलग रखा था। लेकिन अब महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी का नाम पुनः नोटिस में शामिल करते हुए तीनों पूर्व मुख्यमंत्रियों को नोटिस देने की जिम्मेदारी सरकार को दी गई है। मालूम हो कि देहरादून की रूरल लिटिगेशन संस्था ने राज्य सरकार के उस एक्ट को जनहित याचिका के माध्यम से चुनौती दी है जिसमें राज्य सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्रियों के सरकारी बंगलों के शेष बचे किराए को माफ कर दिया था।


पीएम ने केजरीवाल को दी बधाई

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भारी जीत हासिल करने पर बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने मंगलवार को केजरीवाल को जीत की बधाई देते हुए उन्हें दिल्लीवासियों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए शुभकामनाएं दीं। मोदी ने एक ट्वीट के जरिए कहा, “आप और अरविंद केजरीवाल जी को दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीत के लिए बधाई। उनको दिल्ली की लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं।


सेंसेक्स में बढ़त, वैश्विक बाजारों में तेजी

मुंबई। वैश्विक बाजारों में तेजी के रुख के बीच मंगलवार को शेयर बाजार में रौनक का माहौल रहा। बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 236.52 अंक या 0.58 फीसदी की बढ़त के साथ 41,216.14 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान इसने 41,444.34 अंक का उच्चस्तर भी छुआ। रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में लाभ से सेंसेक्स में उछाल आया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 76.40 अंक या 0.64 फीसदी की बढ़त के साथ 12,107.90 अंक पर बंद हुआ। कारोबारियों ने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर आशंका के बावजूद वैश्विक बाजारों में बढ़त रही। चीन का शंघाई, हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी उल्लेखनीय लाभ के साथ बंद हुए।


जतमई मंदिरः प्राकृतिक, ऐतिहासिक

गरियाबंद। गरियाबंद जिला अपने प्राकृतिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के लिये प्रदेश ही नही देश के पर्यटन मानचित्र पर एक अलग स्थान रखता है। यह वनांचल अपने सुरम्य वादियों, पर्वत, झरना, नदियों को अपने आप में समेटे हुये है। यहां पर पवित्र धार्मिक नगरी राजिम है, वहीं जतमई और घटारानी जैसे दो महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल भी पर्यटकों को बरबस अपनी ओर आकर्षित करता है। जतमई धाम स्थल गरियाबंद जिले में रायपुर से 85 किमी की दूरी पर स्थित है। जंगल के बीच खूबसूरत स्थलों के बीच है यह जतमई मंदिर। जतमई मां की पत्थर की मूर्ति गर्भगृह के अंदर रखा गया है। राजिम में इन दिनों राजिम माघी पुन्नी मेला की धूम है। यहां पर विदेशी सैलानी भी पहुंच रहे हैं। यह मेला महाशिवरात्रि तक चलेगा। जिले के पर्यटन स्थल भी सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। यहां के पर्यटन स्थल घने जंगलों से ढंकी है और यहां कल-कल बहते पानी की आवाज सुनना बहुत ही सुकूनदायक लगता है। यहां कल कल करते झरने बरबस ही लोगो का मन मोह लेते है जतमई अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। प्रति वर्ष लाखो सैलानी यहाँ आते है और पिकनिक का लुफ्त उठाते है। यहां का झरना प्रसिद्ध है यही लोग अपने आप को इसमें भीगने से रोक नहीं पाते। जतमई प्रकृति की गोद में बसा है यहाँ आकर आप पर्वत चढ़ने का भी मजा ले सकते है। जतमई मार्ग पर और भी पर्यटक स्थल है यहाँ पास में छोटा सा बांध है यह पिकनिक स्पॉट भी है, जहां आप नहाने का भी मजा ले सकते हैं। छुरा ब्लाक के जंगल स्थित जतमई पहाड़ी एक 200 मीटर क्षेत्र में फैला पहाड़ है, जिसकी उंचाई करीब 70 मीटर है. यहां शिखर पर विशालकाय पत्थर एक-दूसरे के ऊपर इस कदर टिके हैं, जैसे किसी ने उन्हें जमाया हो. जतमई में प्रमुख मंदिर के निकट की वादियां सबको आकर्षित करती है. बारिश के दिनों झरनों की रिमझिम फुहार इसे बेहतरीन पिकनिक की जगह बना देता है । इसी तरह जतमई के नजदीक ही एक और स्थल है घटारानी मन्दिर जो जतमई मंदिर से 15 किलोमीटर दूर स्थित है यहाँ भी एक बड़ा झरना हैं। जतमई मंदिर की तरह ही यहां भी ज्यादा उत्साह और भक्ति के साथ नवरात्रि पर्व मनाया जाता है, यहाँ नवरात्रि की तरह विशेष उत्सव के मौकों पर एक सजावट देखतें बनता है। मानसून के बाद यह यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय है। मंदिर के निकट सुंदर झरना बहती है, जो इस जगह को और अधिक आकर्षक बना देता है। झरना इस गंतव्य को पूरे परिवार के लिए एक पसंदीदा पिकनिक स्पॉट बनाने पूर्ण प्रवाह में है। मंदिर में प्रवेश करने से पहले एक डुबकी लेने के लिए झरना सबसे अच्छी जगह है।
बारिश के दिनों मंदिर के पास के झरनों की रिमझिम फुहार इसे बेहतरीन पिकनिक की जगह बना देता है। घटारानी मंदिर की भी बहुत मान्यता है। घटारानी प्रपात तक पहुंचने पर्यटकों के लिए पर्याप्त साधन हैं। प्रकृति प्रेमियों के लिए इन जगहों पर जाने का सबसे अच्छा समय अगस्त से दिसंबर तक है। जतमई और घटारानी गरियाबंद जिले के दो खूबसूरत जलप्रपात हैं, जो बरसात के मौसम में देखते ही बनते हैं। धार्मिक आस्था वाले लोगों के लिए यह तीर्थ भी है। यहां देवी मंदिर के साथ शिवलिंग भी है,यहां पहुंचने के लिए पक्की सड़कें हैं। जतमई धाम एवं घटारानी तक पहुंचने राजिम के साथ ही पाण्डुका से रास्ता है साथ ही छुरा की ओर से भी यहां पहुंचा जा सकता है।


देशभक्ति का मतलब जनसेवाः मनीष

नई दिल्ली। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को कहा कि देशभक्ति का मतलब लोगों के लिए काम करना है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोगों ने काम करने वाली सरकार को चुना है। पटपड़गंज विधानसभा सीट से कांटे की टक्कर के बीच तीसरी बार जीत दर्ज करने वाले आम आदमी पार्टी नेता सिसोदिया ने कहा कि केजरीवाल को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाने के लिए दिल्ली की जनता ने जो प्यार लुटाया है वह उनके द्वारा दिए गए राष्ट्रवाद के मॉडल का परिणाम है। सिसोदिया ने कहा, “केजरीवाल ने गवर्नेस और एजुकेशन का जो मॉडल दिया है उसमें देशभक्ति का मतलब है लोगों के लिए काम करना है। देशभक्ति का मतलब है लोगों के बच्चों के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य की व्यवस्था करना, उनके लिए बिजली और पानी की सुविधा देना है। यह देशभक्ति और राष्ट्रवाद का मॉडल पिछले पांच साल की केजरीवाल की सरकार से निकला है और आज दिल्ली की जनता ने राष्ट्रवाद का मतलब काम करने वाली सरकार को चुना है।” दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को अजेय बहुमत मिला है। इस जीत पर सिसोदिया ने एक ट्वीट के जरिए दिल्लीवासियों का आभार जताया। उन्होंने ट्वीट में कहा, “दिल से शुक्रिया दिल्ली। पांच साल के काम को सम्मान देने के लिए, शिक्षा को सम्मान देने के लिए। सरकार में रहकर देश के सब बच्चों को अच्छी शिक्षा देना ही सच्ची राष्ट्रभक्ति है।” इससे पहले आईएएनएस के एक सवाल पर सिसोदिया ने कहा कि शिक्षा जीत गई। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए गए कार्यो के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार को चुना है। सिसोदिया ने 3,000 से ज्यादा मतों से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार रविंद्र सिंह नेगी को शिकस्त दी है। उन्होंने लगातार तीसरी बार पटपड़गंज से चुनाव जीतकर इस विधानसभा सीट पर अपनी जीत की हैट्रिक लगाई है। पटपड़गंज विधानसभा सीट पर आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच मुकाबला काफी रोचक रहा। शुरुआती बढ़त के बाद मनीष सिसोदिया एक समय भाजपा के रविंद्र नेगी से काफी पीछे चल रहे थे। दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार को मतगणना के रुझानों में काफी समय तक पीछे रहने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) में नंबर दो की हैसियत रखने वाले मनीष सिसोदिया ने 11वें चक्र की मतगणना बाद अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के रविंद्र सिंह नेगी से बढ़त बना ली। इसके बाद सिसोदिया को लगातार बढ़त मिलती गई। सिसोदिया को 70,163 मत मिले हैं जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा उम्मीदवार रविंद्र नेगी को 66,956 मत मिले हैं। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट के अनुसार, पटगड़गंज विधानसभा सीट पर भाजपा को 49 फीसदी से अधिक मत मिले हैं जबकि भारतीय जनता पार्टी को 47 फीसदी से अधिक मत मिले हैं। वहीं, तीसरे स्थान पर रहे कांग्रेस उम्मीदवार लक्ष्मण रावत को दो फीसदी भी मत नहीं मिल पाए हैं।


'पंडित जी' की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि

प.दीन दयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर भाजपा प्रदेश कार्यालय पर श्रद्धांजलि सभा


देहरादून। भारतीय जनसंघ के संस्थापकों में शामिल व प्रसिद्ध दार्शनिक प. दीन दयाल उपाध्याय की पुण्य तिथि पर आज उन्हें यहाँ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कार्यालय पर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कहा कि प. दीन दयाल उपाध्याय महान व्यक्तित्व थे जिनके कार्य व विचार आज भी प्रासंगिक हैं।उनका पूरा जीवन देश व संगठन के लिए समर्पित था। जनसंघ के महामंत्री व अध्यक्ष पदों पर रहते प. उपाध्याय ने देश की राजनीति को नई दिशा दी। उन्होंने हमें एकात्म मानव वाद का दर्शन दिया जो युगांतकारी है। उनकी बढ़ती लोकप्रियता व समकालीन राजनीति को नया रूप देने के प्रयासों को मिल रही सफलता से कुंठित होकर विरोधियों ने उनकी हत्या करा दी । लेकिन वे आज भी अपने विचारों व कार्यों के कारण हमारे हृदय में जीवित हैं और रहेंगे।


दिल्ली मे 'अल्पसंख्यकों' का जीता विश्वास

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवारों ने दिल्ली में अपने 2015 के प्रदर्शन को दोहराते हुए पांच मुस्लिम बहुल सीटों पर कब्जा कर लिया है। मटिया महल से आप उम्मीदवार शोएब इकबाल, बल्लीमारान से इमरान हुसैन, चांदनी चौक से प्रहलाद सिंह साहनी और सीलमपुर से अब्दुल रहमान ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वियों को आसानी से मात दे दिया। ओखला, सीलमपुर और पुरानी दिल्ली क्षेत्र में नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी। लेकिन उम्मीदों के विपरीत मुस्लिम अल्पसंख्यकों ने आप के पक्ष में मतदान किया। ओखला से कांग्रेस नेता परवेज आलम खान ने स्पष्ट रूप से कहा, “मुख्य फोकस भाजपा को हराने पर था और हम उन्हें हराने के लिए अपने को आगे नहीं कर सके, इसलिए वोटरों ने आप को चुना।” इसी तरह की भावना दूसरे मुस्लिम बाहुल्य निर्वाचन क्षेत्रों में भी देखा गया। कलीम हाफिज दिल्ली व उत्तर प्रदेश में कई शैक्षिक संस्थान चलाते हैं। उन्होंने कहा, “मुस्लिम वोटिंग का पैटर्न दिखाता है कि उनके दिमाग में दो चीजें रही-भाजपा को हराना और दूसरा कौन सरकार बनाने जा रहा है और कांग्रेस इसमें नहीं थी।” आप उम्मीदवार अमानतुल्ला खान ने ओखला सीट से भारी अंतर से जीत हासिल की, जो सीएए विरोधी प्रदर्शन का केंद्र रहा है। बीते चुनाव के अंतर को पीछे छोड़ते हुए अमानतुल्ला को मतदान के कुल 81 फीसदी वोट मिले।सीलमपुर निर्वाचन क्षेत्र में आप को कुल डाले गए वोट का 54 फीसदी से ज्यादा मिला और यह पहला निर्वाचन क्षेत्र था, जहां मंगलवार को सबसे पहले नतीजे घोषित किए गए। मटिया महल में पूर्व डिप्टी स्पीकर शोएब इकबाल भारी अंतर से चुनाव जीते और उन्हें 75 फीसदी से ज्यादा वोट मिले। बल्लीमारान में आप विधायक व मंत्री इमरान हुसैन ने बड़े अंतर से चुनाव जीता और 64 फीसदी वोट हासिल किया है।चांदनी चौक में मौजूदा आप विधायक अलका लांबा चुनाव हार गई। लांबा कांग्रेस की तरफ से मैदान में थी। जबकि पूर्व कांग्रेस विधायक जो आप की तरफ से चुनाव लड़े प्रह्लाद सिंह साहनी ने इस सीट से जीत दर्ज की। उन्हें कुल मतदान का 60 फीसदी से ज्यादा मिला। अल्पसंख्यक बाबरपुर व मुस्तफाबाद में भी आप के पक्ष में रहे। 8 क्षेत्रीय दलों का वोट शेयर नोटा से भी कम
विधानसभा के परिणाम के रुझानों से यह स्पष्ट हो गया है कि राष्ट्रीय राजधानी में अन्य राज्यों के क्षेत्रीय दलों के लिए कोई जगह नहीं है। कुल मिलाकर दिल्ली विधानसभा में 10 क्षेत्रीय दलों ने हिस्सा लिया और इनमें से एक भी दल कुल वोट शेयर का एक प्रतिशत भी नहीं हासिल नहीं कर सका। दस क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टियों लोक जनशक्ति पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, जनता दल-यूनइटेड, मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, राष्ट्रीय लोक दल, शिव सेना (एसएचएस) और ऑल इंडिया फॉरवार्ड ब्लॉक ने दिल्ली विधानसभा चुनावों में भाग लिया था। चुनाव आयोग के अनुसार, इनमें से सिर्फ दो दलों- बहुजन समाज पार्टी और जनता दल-यूनाइटेड को नोटा (उपरोक्त में से कोई नहीं) विकल्प से ज्यादा वोट शेयर मिला। कुल आठ क्षेत्रीय दलों का वोट शेयर नोटा की तुलना में बहुत कम वोट मिला। अब तक के रुझानों के अनुसार नोटा को 0.47 प्रतिशत वोट मिला है। वहीं लोजपा का 0.37 प्रतिशत और राकांपा का 0.03 प्रतिशत वोट शेयर रहा। दिल्ली में जहां केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलनों और प्रदर्शनों के दौरान वाम दलों ने भारी उपस्थिति दर्ज कराई, वहीं मतदान के मामले में इसे बहुत कम वोट मिला। राष्ट्रीय राजधानी में बिहार की भारी आबादी होने के बावजूद लालू प्रसाद यादव की अगुआई वाली राजद का सिर्फ 0.03 प्रतिशत वोट शेयर रहा। इस बीच शिवसेना को 0.12 प्रतिशत वोट शेयर रहा वहीं रालोद का वोट शेयर 0.0 प्रतिशत रहा।


रात को सोने से पहले, जरा बचके

पेट में एसिडिटी भी बन सकती है। आपको अनिंद्रा की समस्या भी हो सकती है। आइए जानते हैं रात में सोने से पहले किन चीजों को खाने से बचना चाहिए…
अगर आपकी चाय पीने की आदत है तो रात में सोने से पहले कभी भी चाय न पिएं। आप ग्रीन टी भी न पिएं क्योंकि यह भी रात में सोने से पहले पीने पर आपकी सेहत को बिगाड़ सकती है। अगर आप रात में सोने से पहले चाय पिएंगे तो आपकी नींद बिगड़ सकती है क्योंकि इसमें मौजूद कैफीन आपकी नींद के लिए बाधक हो सकता है। इसलिए रात में सोने से पहले भूलकर भी चाय पिने की आदत न डालें।
रात में सोने से पहले कभी भी मांसाहार का सेवन न करें। इससे आपको पाचन समस्या हो सकती है। अगर आप रात में सोने से पहले मांसाहार का सेवन करते हैं तो इसे पचने में वक्त लगता है और अगले दिन आपको कब्ज से लेकर पेट की समस्याएं हो सकती है। ऐसे में रात में सोने से पहले हमेशा ही हल्का भोजन करना चाहिए। अगर आप रात में सोने से पहले चिकन खाते हैं तो इसमें मौजूद प्रोटीन को पचाने में आपके शरीर को काफी वक्त लग सकता है और आपकी नींद में भी खलल पड़ सकता है।
रात में सोने से पहले आपको मीठा नहीं खाना चाहिए क्योंकि इससे आपकी नींद खराब हो सकती है। मीठे में काफी कैलोरी होती है और साथ ही फेट भी होता है। इससे आपके खून में इंसुलिन की मात्रा बढ़ जाती है और आपकी नींद में खलल पड़ जाता है। चॉकलेट वैसे तो हेल्थ के लिए अच्छी होती है लेकिन इसे रात में सोने से पहले नहीं खाना चाहिए क्योंकि इससे आपकी नींद खराब हो सकती है। चॉकलेट में भी कैफीन होता है जो कि नींद को भगा देता है।


डीएम का 'पेंट माई सिटी' नामक अभियान

पीलीभीत। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव द्वारा आज लोक निर्माण विभाग कार्यालय से पेन्ट माई सिटी नामक अभियान का प्रारम्भ किया गया। इस दौरान उन्होंने स्वयं दीवार पर पैंटिंग का कार्य कर अभियान का प्रारम्भ किया। इस नई पहल के माध्यम से जनपद के प्रमुख मार्गो पर स्थित दीवारों पर वाल आॅयल पेन्टिंग के द्वारा सौन्दर्यकरण का कार्य शीघ्र प्रारम्भ किया जायेगा । इस कार्य हेतु पैंटिंग की 12 टीमें कार्यरत हैं इस अभियान के अन्तर्गत शहर को स्वच्छ एवं सुन्दर बनाने के उद्देश्य से जनसहभागिता के सहयोग से कार्य सम्पन्न किया जायेगा साथ ही साथ वाल पेन्टिंग के माध्यम से पीलीभीत की सांस्कृतिक प्राकृतिक व पर्यावरण संरक्षण सम्बन्धी जागरूकता संन्देश को इंगित किये जायेगें। प्रमुख मार्गो की दीवारों जनपद की पहचान बांसुरी नगरी के साथ साथ पीलीभीत टाईगर रिजर्व, स्वच्छ भारत मिशन, पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक प्रयोग न करने जैसे संदेशांे को जन-मानस तक पहंुचाया जायेगा। इस दौरान महोदय के निर्देशानुसार प्रथम चरण में जिला मुख्यालय पर कार्य प्रारम्भ कराया जायेगा और सर्वप्रथम गौहनियां चैराहे से कलक्ट्रेट तक स्थित सरकारी भवनों की दीवारों पर आॅयल पेन्टिंग का कार्य प्रारम्भ किया जायेगा।इसके पश्चात तहसील बीसलपुर एवं पूरनपुर में भी अभियान चलाया जायेगा। 
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी रमेश चन्द्र पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी वित्त/राजस्व अतुल सिंह, परियोजना निदेशक अनिल कुमार,जिला विकास अधिकारी योगेन्द्र पाठक,डी0सी0 मनरेगा,अघिशासी अभियन्ता लोक निर्माण विभाग आदि मौजूद रहे।


रि. हरिओम


तारिक आज़मी की मोरबतियांः 'सियासत'

तारिक आज़मी की मोरबतियाँ – न लगा शाहीनबाग़ में करेंट और न चली नफरतो की सियासत, ऐसा चला झाड़ू कि नही खिल सका कमल


तारिक आज़मी


नई दिल्ली। विधानसभा चुनाव 2020 को शायद इतिहास के पन्नो में विवादित और नफरतो के बीच हुवे चुनाव के तौर पर देखा जा सकता है। चुनावो में कई चुनावी वायदों के बीच पाकिस्तान भी आया, ईवीएम बटन दबाने पर शाहीनबाग़ को करेंट लगवाने की बात भी हुई। गोली मारने तक के नारे लगे और तो और शाहीनबाग़ के प्रदर्शनकारियों को भावी बलात्कारी और मानवबम की फैक्ट्री तक के बयान सामने आये। नफरतो की सियासत के बीच मतों के ध्रुवीकरण को शायद दिल्ली की जनता ने पार कर दिया और भाजपा को लाखो कोशिशो के बाद भी करारी हार का सामना करना पड़ा है। दिल्ली विधानसभा चुनावों के स्पष्ट रुझान सामने आ चुके है। दिल्ली की जनता ने पकिस्तान से लेकर करेंट तक को मात देते हुवे कुछ इस तरफ झाड़ू चलाया है कि कमल खिल ही नहीं पाया है। 70 विधानसभा सीटो पर अब तक आ रहे रुझानो को अगर परिणाम के तौर पर देखा जाए तो 63 सीट आम आदमी पार्टी के खाते में जा रही है। वही 7 पर कमल लेकर भाजपा अपनी जद्दोजेहद करते दिखाई दे रही है। सबसे बड़े भाजपा को झटके के तौर पर कपिल मिश्रा का चुनाव में हार के तरफ बढ़ना दिखाई दे रहा है। दिल्ली चुनावों में भाजपा ने जी तोड़ कोशिशे किया था। भाजपा के द्वारा स्टार प्रचारकों के तौर पर लगभग अपनी पूरी टीम लगा दिया गया था। नफरतो का भी बयानों में दौर चला। चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवालिया निशाँन लगा डाला गया। ईवीएम सुरक्षा पर भी सवाल लगाये गए। मगर दिल्ली की जनता का दिल शायद स्थानीय मुद्दों पर रुका रहा। उनको मोहल्ला क्लिनिक से लेकर केजरीवाल सरकार से आशा और उम्मीद दिखाई दे रही थी। भले ही भाजपा के द्वारा प्रचार के तौर पर कहा गया कि बटन इतने गुस्से से दबाये कि करेंट शाहीनबाग़ में लगे, मगर बटन तो झाड़ू पर दबा और भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा। जेपी नड्डा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाये जाने के बाद पहला विधानसभा चुनाव हुआ। भाजपा ने कुछ इस तरह अपनी ताकत झोकी कि दिल्ली के तख़्त को पाने के लिए खुद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बागडोर संभाली और जमकर प्रचार किया। प्रचार हेतु उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी कई सभाये हुई। गिरिराज सिंह ने भी अपना जोर दिखाया। यहाँ तक कि गृहमंत्री ने खुद गली नुक्कड़ो में प्रचार अभियान में भाग लिया। उत्तर प्रदेश और बिहार के वोटरों को लुभाने के लिए बड़ा चेहरा अभिनेता से नेता बने मनोज तिवारी को सामने किया गया। एक इंटरव्यूव के दौरान मनोज तिवारी ने रो रो कर अपनी गरीबी को बताया कि वह 24 साल तक सायकल नही खरीद पाए थे। पाकिस्तान का नाम इन सबके बीच खूब उछाला गया। वैसे भी पाकिस्तान का नाम जितना भारत की सियासत में लिया जा रहा है उसको अगर याद करने पर हिच्च्कियो में तब्दील किया जाए तो फिर व्यक्तिगत रूप से कहना चाहूँगा कि बहुत बेगैरत ज़िन्दगी लेकर बैठा है पकिस्तान, वरना इतनी हिच्चकिया लेकर तो आमूमन गैरतदार लोग मर ही जाते है। लगता है दो चार चुनाव में अगर पाकिस्तान ऐसे ही याद किया जाता रहा तो वह हिचकियो की बिमारी का इलाज करवाने लगेगा। मेरे इस कटाक्ष पर आपको हंसी आ सकती है। मगर शायद दिल्ली की जनता ने अमूमन हसी नही हंसा बल्कि ईवीएम से अपना जवाब दे डाला। इस सियासत में हनुमान जी को भी लाया गया था। बजरंगी से बजरंगी भाईजान तक के तमगो के साथ हुवे चुनाव में पोलिंग का दिन जहा हनुमान जी का दिन कहा जाता है, वही प्रशाद (नतीजो) का दिन मंगलवार भी हनुमान जी का दिन ही रहा। प्रसाद वितरण हो चूका है और जीत की ख़ुशी आम आदमी पार्टी के खेमे में चहक रही है। केजरीवाल जहा गुब्बारे उड़ा कर अपनी जीत का जश्न मना रहे है वही भाजपा के खेमे में सियासी मायूसी भी है। भले ही अभी तक के रुझानो के बाद कहा जा सकता है कि चार सीट पर भाजपा अधिक जीत गई है। पिछली बार तीन सीट पाने वाली भाजपा को इस बार चार सीट अधिक मिली है। इस चार सीट के अधिक जीत भाजपा को संतुष्टि तो नही दे सकती है। वही दूसरी तरफ जनता ने कह दिया कि अच्छे बीते पांच साल, लगे रहो केजरीवाल।


भीलवाड़ा हादसे में '2-2 लाख' की सहायता

भीलवाड़ा बस दुर्घटना के मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख की सहायता मंजूर


मन्दसौर। कलेक्टर श्री मनोज पुष्प द्वारा बताया गया कि बीती रात भीलवाड़ा के पास वाहन दुर्घटना में मृतकों के परिवारों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से 2-2 लाख की सहायता राशि मंजूर की गई है। वहीं घायलों के परिवारों को 50-50 हजार की सहायता राशि मंजूर की गई है। सड़क दुर्घटना के अंतर्गत जो प्रावधान हैं। उसके तहत मृतकों के परिवारों को 15-15 हजार की सहायता एवं घायलों के परिवारों को 7.5 - 7.5 हजार सहायता राशि मंजूर की गई है। कलेक्टर द्वारा बस से हुई दुर्घटना के संबंध में प्रभारी अधिकारी के रूप में अनुविभागीय अधिकारी गरोठ एवं एडिशनल एसपी गरोठ को बनाया गया है। दोनों अधिकारी समस्त व्यवस्थाओं को देखेंगे।


राष्ट्रपति ट्रंप की भारत की होगी, 'यात्रा'

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप 24-25 फरवरी 2020 को भारत की राजकीय यात्रा पर आयेंगे। राष्ट्रपति ट्रंप की यह भारत की पहली यात्रा होगी। इस दौरे के अवसर पर, राष्ट्रपति ट्रंप और प्रथम महिला नई दिल्ली तथा गुजरात के अहमदाबाद में कई सरकारी कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे तथा भारतीय समाज के विभिन्न हिस्सों से बातचीत करेंगे। भारत और अमरीका के बीच वैश्विक रणनीतिक साझेदारी विश्वास, साझा मूल्यों, परस्पर सम्मान एवं समझदारी पर आधारित है, जो दोनों देशों के लोगों के बीच निकटता एवं मित्रता द्वारा पोषित है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में, व्यापार, रक्षा, आतंकवाद से मुकाबला, ऊर्जा, क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर समन्वय तथा जन-जन के बीच संबंध सहित सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति के बल पर भारत और अमरीका के बीच संबंध अधिक मजबूत हुए हैं। इस दौरे से दोनों नेताओं को द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति की समीक्षा करने तथा अपनी रणनीतिक साझेदारी को अधिक मजबूत करने का अवसर मिलेगा।


5 से हारकर 3 मैंच सीरीज क्लीन स्वीप

माउंट माउंगानुई। न्यू जीलैंड ने भारत को तीसरे और अंतिम वनडे में 5 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज क्लीन स्वीप कर ली है। 31 साल बाद यह पहली बार है, जब टीम इंडिया का तीन मैचों या इससे ज्यादा मैचों की द्विपक्षीय वनडे सीरीज में क्लीन स्वीप हुआ हो। इससे पहले भारतीय टीम का 1989 में वेस्ट इंडीज के खिलाफ 0-5 से क्लीन स्वीप हुआ था। हालांकि साल 2006-07 में टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका में भारत ने 5 वनडे मैचों की सीरीज 0-4 से गंवाई थी लेकिन तब सीरीज का एक मैच रद्द हो गया था। इस मैच में टीम इंडिया ने मेजबान टीम से पहले बल्लेबाजी का निमंत्रण मिलने पर केएल राहुल (112) के शतक की बदौलत 297 रन का टारगेट दिया था। मेजबान टीम ने मार्टिन गप्टिल (66) और हैनरी निकोल्स (80) की शानदार पारियों के दम पर आसानी से यह मैच अपने नाम कर लिया।297 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कीवी टीम को दोनों ओपनर (गप्टिल और निकोल्स) ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 106 रन जोड़े। यहां पर पारी के 17वें ओवर में गप्टिल युजवेंद्र चहल की गेंद पर बोल्ड हो गए। इसके बाद निकोल्स ने पारी को बखूबी संभाल लिया और अपनी फिफ्टी पूरी कर ली। इस बीच कप्तान केन विलियमसन अभी सेट दिख ही रहे थे कि चहल ने दूसरे विकेट के रूप में उन्हें शॉर्ट मिड विकेट पर मयंक अग्रवाल के हाथों कैच आउट करा दिया। इसके कुछ देर बाद ही रॉस टेलर (12) को रविंद्र जडेजा ने कप्तान विराट कोहली के हाथ में आसान से कैच के साथ पविलियन का रास्ता दिखाया। अगले ही ओवर में कीवी टीम को शार्दुल ठाकुर ने निकोल्स को आउट कर बड़ा झटका दिया। यहां से टीम इंडिया मैच में टीम इंडिया की वापसी तय होती दिख रही थी लेकिन कोलिन डि ग्रैंडहोम (58) और टॉम लैथम (32) की शानदार पारियों के दम पर कीवी टीम ने यह मैच अपने नाम कर लिया। इस बीच जेम्स नीशम के रूप में चहल ने अपना तीसरा विकेट जरूर झटका लेकिन 3 विकेट लेने वाले चहल भारत की हार नहीं टाल पाए। इससे पहले न्यू जीलैंड के कप्तान केन विलियमसन से पहले बैटिंग का निमंत्रण मिलने के बाद बैटिंग करने आई टीम इंडिया ने लोकेश राहुल (112) के उम्दा शतक की बदौलत 7 विकेट पर 296 रन बनाए। केएल राहुल का यह वनडे करियर का 5वां शतक था। टीम इंडिया के लिए राहुल के अलावा पृथ्वी साव ने 40 (42 गेंद, 3 चौके, 2 छक्के), श्रेयस अय्यर ने 62 (63 गेंद, 9 चौके) और मनीष पांडेय ने 42 (48 गेंद, 2 चौके) रनों का योगदान दिया। हालांकि क्लीन स्वीप से बचने के लिए उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। उसने 8 रन के कुल योग पर ही अपने सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल (1) को गंवा दिया। मयंक को जेमीसन ने बोल्ड किया। कप्तान विराट कोहली (9) भी कुछ खास नहीं कर पाए और 32 के कुल योग पर हामिश बेनेट की एक गेंद को छक्के के लिए क्लीयर करने के प्रयास में जेमीसन द्वारा सीमा रेखा पर लपके गए। कोहली ने 12 गेंदों का सामना कर एक छक्का लगाया। साव अच्छा खेल रहे थे लेकिन 13वें ओवर की पहली गेंद पर उनके तथा अय्यर के बीच तालमेल की कमी हुई और उन्हें रन आउट होकर इसकी कीमत चुकानी पड़ी। साव का विकेट 62 के कुल योग पर गिरा। न्यू जीलैंड को बड़ा लक्ष्य देने का इरादा नाकाम होता दिख रहा था। अब पारी संभालने की जिम्मेदारी अय्यर और राहुल के कंधों पर थी। दोनों ने संयम के साथ पारी को आगे बढ़ाना शुरू किया। इसी बीच अय्यर ने अपना अर्धशतक पूरा किया। अय्यर काफी संयोजित नजर आ रहे थे लेकिन 162 के कुल योग पर जेम्स नीशम की एक गेंद पर खराब शॉट खेलकर वह अपना विकेट गंवा बैठे। अय्यर के जाने के बाद राहुल ने अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने मनीष पांडे के साथ काफी अच्छी साझेदारी की। इन दोनों ने भारत को 200 रनों के पार पहुंचाया। राहुल ने इसी बीच अपना पांचवां वनडे शतक पूरा किया। राहुल के लिए यह खास पल था क्योंकि वह न्यू जीलैंड में 5वें या उससे नीचे के क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए शतक लगाने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज बने। उनसे पहले 2015 विश्व कप में सुरेश रैना ने जिम्बाब्वे के खिलाफ नाबाद 110 रनों की पारी खेली थी। राहुल हालांकि शतक लगाने के तुरंत बाद 269 के कुल योग पर आउट हुए। राहुल ने 113 गेंदों का सामना कर नौ चौके और दो छक्के लगाए। बेनेट ने 47वें ओवर की चौथी गेंद पर राहुल को आउट किया और फिर अगली ही गेंद पर उन्होंने पांडे को चलता कर दिया। शार्दुल ठाकुर (7) का विकेट 49वें ओवर की दूसरी गेंद पर गिरा लेकिन इसके बाद रवींद्र जडेजा (नाबाद 8) और नवदीप सैनी (नाबाद 8) ने टीम को कोई और नुकसान नहीं होने दिया। गेंदबाजी में न्यू जीलैंड के स्टार हामिश बेनेट रहे, जिन्होंने 64 रन देकर 4 विकेट लिए, जबकि काएल जेमीसन और जेम्स नीशम को एक-एक सफलता मिली।


"हनुमान जी" ने बाजी मारी: केजरीवाल

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने जीत की हैटट्रिक लगाई है। इस जीत के साथ आम आदमी पार्टी और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने देश की दूसरी पार्टियों को संदेश दिया है। इस प्रचंड जीत में कई वजह हैं, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि बीजेपी जैसी हैवी वेट पार्टी से चुनौती लेने में हनुमान जी ने केजरीवाल के लिए काफी हद तक राह आसान कर दी थी। पहली नजर में यह बात थोड़ी अटपटी लग सकती है, लेकिन पूरे चुनाव प्रचार का विश्लेषण करें तो चीजें ज्यादा स्पष्ट समझ में आती है। आम आदमी पार्टी ने प्रचार की शुरुआत पांच साल किए गए कामों के बखान के साथ शुरू की थी। वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अगुवाई में बीजेपी राष्ट्रवाद, हिंदुत्व जैसे पारंपरिक मुद्दों को केंद्र में रखकर मैदान में उतरी। इन दोनों एजेंडे से जनता को जोड़ने के लिए बीजेपी ने शाहीन बाग जैसे तात्कालिक मुद्दे को पूरी तरीके से उछाला। बीजेपी के पूरे प्रचार में यह बताने की कोशिश की गई कि अगर आप दोबारा सत्ता में आई तो दिल्ली में फिर से मुगल काल आ जाएगा। इसलिए हिंदुओं को एकजुट होकर बीजेपी को वोट देना चाहिए ताकी राम राज्य स्थापित हो सके। बीजेपी की इस रणनीति से निपटने के लिए सीएम केजरीवाल हनुमान जी की शरण में पहुंच गए। दरअसल, रामचरित मानस जैसे पवित्र धर्म ग्रंथ में कहा गया है कि हनुमान जी भगवान श्रीराम के सबसे बड़े भक्त रहे। इस धर्म ग्रंथ में कई मौकों पर कहा गया है कि भगवान राम ने खुद कहा था कि वह अपने परम भक्त हनुमान की भक्ति करने वालों का सदैव साथ देंगे। इन बातों का हिंदू धर्म में गहरा प्रभाव है। शायद इसलिए सीएम केजरीवाल ने खुद को राम भक्त कहने वाले बीजेपी नेताओं से टक्कर लेने के लिए पूरे चुनाव प्रचार में हुनमान जी के नाम का सहारा लिया। कनॉट प्लेस वाले हनुमान मंदिर ने काफी कुछ बदल गया
बीजेपी लगातार प्रचार के दौरान आप को मुस्लिम हितैषी बताने की कोशिश कर रही थी। हालिया चुनाव परिणाम पर नजर डालें तो साफ है कि बीजेपी जब-जब सामने वाली पार्टी को मुस्लिम हितैषी स्थापित करने की कोशिश की तब तब उन्हें इसका फायदा मिलता रहा है। 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी यह स्थापित करने में सफल रही थी कि कांग्रेस मुस्लिमों का पक्ष लेने वाली पार्टी है। यह बात खुद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एके एंटेनी अपनी समीक्षा रिपोर्ट में स्वीकार चुके हैं। एंटेनी की रिपोर्ट से भले ही कांग्रेस सबक नहीं ले पाई लेकिन शायद यह केजरीवाल के काम आ गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जैसे बड़े नेताओं के आरोपों से पार पाने के लिए सीएम केजरीवाल जनसभाओं में हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए देखे गए। बीजेपी जब उनपर आक्रामक होती तो वह कनॉट प्लेस के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में जाते रहे। हनुमान मंदिर की इस यात्रा से केजरीवाल साफ संकेत दे रहे थे कि वे सॉफ्ट हिंदुत्व के एजेंडे पर काम कर रहे हैं। बीजेपी जहां बार-बार शाहीन बाग और वहां बिरयानी की बात कर रही थी, वहीं सीएम केजरीवाल इस पर कोई भी ठोस बयान देने से बचते रहे। चुनाव प्रचार के दौरान ही जब अध्योध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का ऐलान हुआ तो केजरीवाल ने कहा कि अच्छे कामों के लिए कोई समय नहीं होता है। वोटिंग संपन्न होने तक केजरीवाल समझ चुके थे कि हनुमान जी का नाम लेने से उन्हें फायदा हो रहा है। वह बीजेपी की ओर से उनके लिए बनाई जा रही छवि से भी बच रहे हैं। तभी वोटिंग संपन्न होने के बाद भी केजरीवाल कनॉट प्लेस वाले हनुमान मंदिर में मत्था टेकने पहुंच गए। वहीं अब जब चुनाव परिणाम आने के बाद भी केजरीवाल ने अपने पहले संबोधन में हनुमान जी का नाम लिया और सबसे पहले कनॉट प्लेस के उसीहनुमान मंदिर में पूजा करने पहुंच गए हैं। हनुमान मंदिर की यात्राओं से केजरीवाल ने संकेत दे दिया है कि वह आगे भी सॉफ्ट हिंदुत्व के मुद्दे को अपने साथ जोड़े रहेंगे।


प्रदर्शन-कारियों ने मौन धारण किया

नई दिल्ली। दिल्ली चुनाव को लेकर मतगणना जारी है, वहीं शाहीनबाग में सीएए और एनआरसी को लेकर विरोध प्रदर्शन भी जारी है। आज शाहीनबाग में सुबह से ही काफी शांति दिखाई दी जब इसकी वजह जानी तो एक अलग ही नजारा देखने को मिला। यहां हो रहे विरोध प्रदर्शन में लोग मौन धारण करते हुए नजर आए। यहां बैठी महिलाओं ने मौन रखा हुआ है और जहां ये बैठे हैं वहां से आज के दिन कोई भाषण नहीं दिया जाएगा, साथ ही इनके मौन रखने का कारण चुनाव के नतीजे में यहां से बोलने पर गलत संदेश न जाए और जामिया में हुई हिंसा है।
शाहीनबाग में सुबह से ही सभी महिलाएं मौन रखे हुई है जब उनसे पूछने की कोशिश की तो बोलने से मना कर दिया और एक पोस्टर दिखा कर इशारा किया कि आज मौन रखा हुआ है। यह पूछने पर की ऐसा क्यों, तो एक बगल में प्ले कार्डस बना रहे लड़के ने लिख कर कहा कि चुनाव के नतीजे और जामिया को लेकर कर रहे हैं।
दिल्ली चुनाव के नतीजों को लेकर एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि यहां से हम किसी राजनीतिक पार्टी को समर्थन नही देते है और यहां से किसी की न हम बुराई करेंगे और ना ही भलाई, इसलिए हम सभी लोग मौन रखे हुए हैं ताकि कोई गलत संदेश यहां से न चला जाए। यह पूछने पर कि ये मौन धारण कब तक चलेगा, तो उसने कहा की सिर्फ सुबह से रात तक होगा ताकि हमसे कोई चुनाव को लेकर न पूछे।


बस-जीप की टक्कर 9 की मौत, 7 घायल

जयपुर। राजस्थान के भीलवाड़ा-कोटा हाईवे पर सोमवार रात बस ने जीप को टक्कर मार दी। हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 7 लोग घायल हो गए। यह हादसा भीलवाड़ा जिले के बिगोड इलाके में हुआ। हादसा इतना भीषण था कि जीप का आधा हिस्सा पूरी तरह खत्म हो गया। बस का भी ड्राइवर की ओर वाला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भीलवाड़ा डिपो की रोडवेज बस कोटा से आ रही थी। त्रिवेणी और बीगोद के बीच पावन धाम के पास ये बस सामने से आती जीप से टकरा गई। जीप में सवार लोग मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के संधारा गांव के हैं। सभी लोग भीलवाड़ा में शादी में शामिल होकर गांव वापस जा रहे थे। 
वहीं, इस भीषण सड़क दुर्घटना पर सूबे के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दुख जताया। उन्होंने ट्वीट कर कहा, मुझे भीषण सड़क दुर्घटना के बारे में जानकारी मिली। इस घटना में कई लोगों की मौत हो गई है। मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताता हूं और प्रार्थना करता हूं कि भगवान दुख की इस घड़ी में उन्हें सहनशक्ति दें। घायलों का सही से इलाज हो इसके लिए निर्देश दिया हूं।


टायर की फैक्ट्री में आग, लाखों का नुकसान

अतुल त्यागी जिला प्रभारी


हापुड़। टायर बनाने की फैक्ट्री में अचानक लगी भयंकर आग आसपास के फैक्ट्री मालिकों में भगदड़ मची पुलिस बल मौके पर। आग इतनी भीषण थी आसपास के फैक्ट्री मालिकों में अफरातफरी अफरा तफरी मच गई। फायर बिग्रेड की दो गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू। अभी आग लगने के कारणों का कोई साफ पता नही। फैक्ट्री में आग से लाखों का माल हुआ जलकर राख थाना धौलाना क्षेत्र के यूपीएसआई डीसी फेस 1 की घटना भारी पुलिस बल मौके पर। हापुड़ में आग लगने का यह पहला मामला नहीं है। अब से पहले भी कई फैक्ट्रियों में लगी है। भयंकर आग पिछले दिनों फैक्ट्री में आग लगने से काम करने वाला एक मजदूर झुलस गया था जिसकी इलाज के दौरान दिल्ली के अस्पताल में मौत हो गई थी।


शक्ति फाउंडेशन ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव

अतुल त्यागी जिला प्रभारी            


प्रवीण कुमार रिपोर्टर 


माध्यमिक विद्यालय के छात्र छात्राओं के बेहतर भविष्य के लिए की कामना काफी संख्या में छात्र-छात्राओं ने लिया भाग।


हापुड़। आपको बता दें टीमशौर्य शक्ति फाउंडेशन ने मां भगवती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शौलाना जनपद हापुड़ में विद्यार्थियों को भविष्य निर्माण के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए तथा छात्रों को मानसिक रूप से सशक्त तैयार होने के लिए प्रेरित किया गया। और समय-समय पर उचित मार्गदर्शन करने के लिए भी कहा गया। छात्रों एवं छात्राओं ने एक स्वर से कठिन परिश्रम करने का आश्वासन दिया। शौर्य शक्ति फाउंडेशन के संस्थापक मेजर युद्धवीर सिंह शिशौदिया आशुतोष शर्मा एवं आकांक्षा मौर्य ने विधार्थियों के उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं की। मेजर युद्धवीर सिंह शिशौदिया संस्थापक शौर्य शक्ति फाउंडेशन के कार्यकर्ता सहित काफी संख्या  में स्कूल छात्र छात्राओं के साथ स्कूल टीचर भी रहे मौजूद कार्यक्रम से स्कूल में छात्र छात्राओं का मनोबल बढ़ा।


मंडल टीम ने चलाया जागरण अभियान

बलराम नगर मंडल की टीम ने जनसंपर्क कर चलाया जन जागरण अभियान


अविनाश श्रीवास्तव


गाजियाबाद। लोनी में नागरिकता संशोधन अधिनियम के समर्थन में पूजा कॉलोनी मंगल बाजार में भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रशांत कुमार के नेतृत्व में मंडल महामंत्री राहुल श्याम सुंदर मंडल मंत्री राजेश सोम मंत्री बलराम नगर मंडल कपिल पांचाल मंडल मंत्री डॉ रवीश शर्मा ने जागरूकता एवं टोल फ्री नंबर 8866288662 पर समर्थन के लिए मिस्ड कॉल लगवाने के लिए डोर टू डोर व मैंन मंगल बाजार की सभी दुकानों पर संपर्क किया। सीएए समर्थन में अधिक से अधिक परिवारों ने भाजपा सरकार द्वारा लाए गए कानून का समर्थन किया और भाजपा सरकार की सभी योजनाओं के बारे में बताया गया।
मुख्य रूप से प्रशांत कुमार मंडल अध्यक्ष मंडल महामंत्री राहुल श्याम सुंदर मंत्री बलराम नगर मंडल कपिल पांचाल, मंडल मंत्री राजेश सोम, मंडल मंत्री डॉ रवीश शर्मा, मंडल कोषाध्यक्ष संदीप शर्मा, सेक्टर संयोजक आर्येन्द्र शर्मा, बूथ अध्यक्ष रामचन्द्र चौहान सेक्टर संयोजक राकेश उपाध्याय बूथ अध्यक्ष ओमबीर बाल्मीकि, सेक्टर संयोजक सतीष कडेरा दिनेश तोमर, सूजन सिंह, आकाश ठाकुर, मयंक त्यागी आदि मौजूद रहे।


संस्था की स्मारिका 2020 का विमोचन

इकबाल अंसारी


गाजियाबाद। दिल्ली में आरएसएस के अखिल भारतीय अधिकारी डॉ इन्द्रेश कुमार ,ओर फ़िल्म अभिनेता गजेन्द्र चौहान और लोनी के मन्डोला में अतंर्राष्ट्रीय कथावाचक पूजनीय अतुल कृष्ण भारद्वाज ने किया सहयोग द हेल्पिंग हैंड संस्था की स्मारिका 2020 का विमोचन देश के बॉर्डर ओर देश के अन्दर राष्ट्र की रक्षा करने वाले जवानों के मनोबल को बढ़ाने हेतु गत कई वर्षों से जगह-जगह आर्मी द्वारा रक्तदान शिविर ओर अगस्त माह में रक्षाबंधन के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वाभिमान रक्षाबंधन तिरंगा यात्रा ले जाकर सरहद को प्रणाम करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था से भिन्न भिन्न बॉर्डर पर जाकर वहाँ फौजी भाइयों और आस पास रहने वाले गाँव वासियों से मुलाकात कर ऐतिहासिक काम करने वाले संस्था की टीम की प्रतिवर्ष एक स्मारिका प्रकाशित की जाती है। जिसमे संस्था की टीम द्वारा किये गए अन्य कार्यक्रम ओर आगामी योजना की जानकारी दी जाती है। जिससे समाज मे अन्य लोग भी देश के सैनिकों के प्रति समर्पण ओर समभाव ओर गर्व महसूस कर सके ,इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष विजेन्द्र त्यागी ने बताया कि  देश की सीमाओं की सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा की रक्षा करने वाले सैनिक भाइयो ओर उनके परिवार के लिये हर वर्ष आर्मी ब्लड बैंक द्वारा रक्तदान शिविर आयोजित कर हमारी टीम ओर राष्ट्रवादी युवा अपना रक्त दान कर सौभाग्यशाली समझते है। सभी को इस अभियान ओर तिरंगा यात्रा में भाग लेकर अपना अमूल्य योगदान देना चाहिये इस अवसर पर ,जय ठाकुर , कृष्ण बंसल ,महेश प्रधान ,संगीता ठाकुर ,राहुल नागर, मंटू ठाकुर समेत अनेक सम्मानित बन्धु ओर हजारों क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।


मोदी लहर का सच 'संपादकीय'

मोदी लहर का सच      'संपादकीय'


देश की जनता ने नरेंद्र मोदी पर आंख बंद कर विश्वास किया था। जनता के इसी सानिध्य से एनडीए समर्थित भाजपा 2 बार लगातार केंद्र में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने में सफल रही। सरकार के द्वारा लिए गए अधिकतर फैसलों का देश की जनता ने स्वागत भी किया। लेकिन जनता की मूलभूत सुविधाओं का अभाव, रोजगार का अभाव, रोजगार के अवसरों के अभाव में जनता ने सरकार के सभी अच्छे-बुरे कार्यों को दरकिनार कर दिया है। निकटवर्ती होने वाले चुनाव परिणाम भाजपा के अस्तित्व पर प्रश्न-चिन्ह अंकित करने के लिए काफी है। दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणाम ने मोदी युग के अंत का आगाज किया है। बनावटी बातें-विज्ञापन, झूठे वायदों की हकीकत ने 'मोदी लहर का कड़वा सच' जनता के सामने स्पष्ट जाहिर कर दिया है। धर्म और जातिवाद से नही, इस चुनाव को विकास के मुद्दों से जोड़कर देखा जा रहा है।
 दिल्ली की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री, अन्य प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, और सांसदों की भीड़ की 'कमर तोड़ मेहनत' को एक सिरे से खारिज कर दिया है। भाजपा की इस हार को देश की जनता एक 'बड़ी हार' के रूप में देख रही है। थके-हारे नेताओं की पेशानी पर पानी की चंद बूंदे भाजपा के मनोबल को क्षीण करने का कार्य कर रही है। गफलत और गलतफहमी के शिकार कई लोगों के राजनीतिक जीवन को प्रभावित करने वाले हैं यह परिणाम। राष्ट्रीय राजधानी में लगातार भाजपा को तीन बार शिकस्त देने वाले केजरीवाल के भाषणों में ईर्ष्या कम और आत्मविश्वास अधिक था। अपनी मेहनत और दिल्ली की जनता की सेवा को आधार बनाकर उन्होंने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। भाजपा शिखर के अंतिम छोर से वापसी की राह पर आगे बढ़ चुकी है। शायद यह सबक भी लिया होगा कि बड़-बोलापन नहीं, संघर्ष सहयोग करता है।


राधेश्याम 'निर्भयपुत्र'


ग्रीस में बच्चा पैदा करने पर 'बेबी बोनस'

कविता गर्ग


ग्रीस। घटती आबादी वहां की सरकार के लिए बड़ी समस्या बन गई है। इस समस्या से निपटने के लिए वहां की सरकार ने ‘बेबी बोनस’ नाम की योजना का ऐलान किया है। यानी वहां के लोगों को बच्चे पैदा करने पर अब पैसे दिए जाएंगे। ग्रीस में जनसंख्या करीब 1 करोड़ 4 लाख है।


बेबी बोनसः ग्रीस में बेबी बोनस योजना के तहत एक बच्चा पैदा करने वाले लोगों को 2000 यूरो यानी भारतीय रुपयों में क़रीब डेढ लाख रुपये दिए जाएंगे। इतना ही नहीं इस योजना के लिए वहां क़रीब 1400 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।


तेज़ी से घट रही है जनसंख्याः संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक ग्रीस की जनसंख्या क़रीब एक करोड़ है और ये तेज़ी से घट रही है। रिपोर्ट में बताया गया कि अगर वहां जन्म दर नहीं बढ़ी तो अगले 30 साल में वहां की आबादी 33 प्रतिशत तक घट जाएगी। जबकि साल 2050 तक 36 फीसदी लोगों की उम्र 65 साल हो जाएगी। लिहाजा वहां की सरकार ने जन्म दर बढ़ाने के मक़सद से बेबी बोनस योजना का ऐलान किया है।


इन देशों में भी प्रावधानः ग्रीस के अलावा कई और देशों में भी बेबी बोनस का प्रावधान है। जिसमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, चेक रिपब्लिक, फ्रांस, इटली, पॉलैंड जासे कुछ देश हैं। ऑस्ट्रेलिया में बेसी बोनस के तौर पर 5 हज़ार डॉलर यानी करीब 2 लाख 38 हज़ार रुपये दिए जाते हैं। इसके अलावा अलग-अलग देशों में अलग प्रावधान है।


केजरीवाल के लिए 14 फरवरी लक्की

नई दिल्ली। दिल्ली में विधानसभा चुनाव हो चुके हैं और आज इसके नतीजे भी शाम तक आ जाएंगे। अगर आम आदमी पार्टी आज चुनाव परिणाम में विजयी होती है तो दिल्ली में आप की यह लगातार तीसरी सरकार होगी। ऐसा होने पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक बार फिर 14 फरवरी को शपथ ले सकते हैं। इसे संयोग भी कहा जा सकता है कि 2013 और 2015 दोनों ही बार दिल्ली विधानसभा चुनाव में 14 फरवरी का दिन किसी न किसी तरह अरविंद केजरीवाल के साथ जुड़ा हुआ है। ऐसा कहा जा रहा है कि अगर केजरीवाल की जीत हुई तो वे 14 फरवरी को ही शपथ ले सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इस दिन से उनका बेहद खास नाता है। वो चाहते भी हैं कि इसी दिन वो शपथ लें। तो आइए आपको बताते हैं आखिर क्यों केजरीवाल को इस दिन से लगाव है और वो क्यों इस दिन ही शपथ लेना पसंद करते हैं। साल 2013 में पहली बार दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी। बीजेपी को 31, आम आदमी पार्टी ने 28 और कांग्रेस को 8 सीटों पर जीत मिली। आप ने कांग्रेस से हाथ मिलाकर सरकार बनाई। अरविंद केजरीवाल ने 28 दिसंबर को पहली बार दिल्ली के सीएम पद की शपथ ली। लेकिन कांग्रेस और AAP के बीच अनबन हो गई। सिर्फ 49 दिनों में ही सरकार गिर गई। इसके बाद केजरीवाल ने इस्तीफा देने का फैसला किया। खास बात ये है कि केजरीवाल ने 14 फरवरी 2014 के दिन ही इस्तीफा दिया। साल 2015 में चुनाव का ऐलान होते ही आप के प्रवक्ता राघव चड्ढा ने ऐलान कर दिया था कि केजरीवाल रामलीला मैदान में 14 फरवरी को शपथ लेंगे और हुआ भी वही। आप को धमाकेदार 67 सीटों पर जीत मिली। बीजेपी को सिर्फ 3 सीटों पर जीत से संतोष करना पड़ा। वहीं कांग्रेस का सफाया हो गया। इसके बाद केजरीवाल ने 14 फरवरी 2015 को दूसरी बार सीएम पद की शपथ ली। उन्होंने एक ट्वीट कर लिखा था, दिल्ली को आप के साथ प्यार हो गया है। यह जुड़ाव बहुत गहरा और कभी ना खत्म होने वाला है। सरकार बनने के 3 साल बाद यानी 2018 में केजरीवाल ने एक खास कार्यक्रम किया। खास बात ये है कि इस कार्यक्रम का आयोजन 14 फरवरी के ही दिन किया गया। यानी खुद सीएम अरविंद केजरीवाल इस दिन को बेहद खास मानते हैं।


भीलवाड़ा-कोटा हाईवे पर हादसा, 9 की मौत

जयपुर। राजस्थान के भीलवाड़ा-काेटा हाईवे पर साेमवार रात बस ने जीप को टक्कर मार दी। हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 7 लोग घायल हाे गए। यह हादसा भीलवाड़ा जिले के बिगोड इलाके में हुआ। हादसा इतना भीषण था कि जीप का आधा हिस्सा पूरी तरह खत्म हाे गया। बस का भी ड्राइवर की ओर वाला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हाे गया। घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भीलवाड़ा डिपो की रोडवेज बस कोटा से आ रही थी। त्रिवेणी और बीगोद के बीच पावन धाम के पास ये बस सामने से आती जीप से टकरा गई। जीप में सवार लाेग मध्य प्रदेश के मंदसाैर जिले के संधारा गांव के हैं। सभी लोग भीलवाड़ा में शादी में शामिल होकर गांव वापस जा रहे थे। वहीं, इस भीषण सड़क दुर्घटना पर सूबे के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दुख जताया। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ”मुझे भीषण सड़क दुर्घटना के बारे में जानकारी मिली। इस घटना में कई लोगों की मौत हो गई है।


आरएसएस नेताओं पर आतंकी खतरा

नई दिल्ली। इंटेलिजेंस ब्यूरो की हाल ही में आई रिपोर्ट ने आएसएस को चौकन्ना कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेता और उनके कार्यालय आतंकियों के निशाने पर हैं। वैश्विक आतंकवादी संगठन हमले को अंजाम देने के लिए IED या वाहन-जनित तात्कालिक IED (VBIED) का उपयोग कर सकते हैं।


रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि हमला महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, आदि में हो सकता है। इसी महीने इंटेलिजेंस ब्यूरो द्वारा जारी किए गए नवीनतम इनपुट में दावा किया गया है कि वैश्विक आतंकवादी संगठन से जुड़े आतंकी आने वाले दिनों में संभवतः IED या VBIED का उपयोग करके RSS कार्यालयों व नेताओं और पुलिस स्टेशनों को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं। सूत्रों ने दावा किया है कि सतर्कता ने सभी संबंधित राज्य सरकारों को सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाने को कहा। एक शीर्ष अधिकारी ने दावा किया कि महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, यूपी और असम राज्यों में सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है। पदाधिकारियों की सुरक्षा की भी समीक्षा की जा रही है।


पहले भी हो चुके हैं हमले-
बेंगलुरू पुलिस ने दिसंबर में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के समर्थन में एक रैली में भाग लेने गए आरएसएस कार्यकर्ता वरुण बोपला पर हमला किया था। इस मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने दावा किया था कि मोहम्मद इरफान, सैयद अकबर, सैयद सिद्दीक अकबर, अकबर बाशा, सनाउल्ला शरीफ और सादिक उल-अमीन ने एक बड़ी साजिश रची थी।


विधानसभा चुनाव 2022 अकेले लड़ेगी सपा

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाला विधानसभा चुनाव सपा अकेले दम पर लड़ेगी। वह किसी से गठबंधन नहीं करेगी। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को अपरान्ह पयागपुर के राजा सर्वेंद्र विक्रम सिंह के आवास पर आयोजित आशीर्वाद समारोह कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रेस वार्ता में हिंदुस्तान की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में यह बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा किसानों की आय दोगुनी करने की बात कर रही है, जबकि किसानों की आय दुगनी की जगह आधी हो गई है। छुट्टा जानवरों की समस्या बहुत बड़ी है। जिसके कारण किसानों की फसल नष्ट की जा रही है। आए दिन एक्सीडेंट हो रहे हैं, किंतु प्रदेश के मुख्यमंत्री पशुओं को बचाने में लगे हुए हैं। इसमें भी वह पूरी तरह सफल नहीं हो पाए हैं। केंद्र की सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वह स्वच्छता अभियान को चला रहे हैं, इसके बावजूद भी कहीं स्वच्छ भारत, नमामि गंगे जैसा कार्यक्रम नजर नहीं आ रहा है। सीएए, एनपीआर के मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस को भी आड़े हाथों लिया, और कहा कि यह सब समस्याएं कांग्रेस की ही देन है। कांग्रेस ने ही पहले एनपीआर को लाने की शुरुआत की। हालांकि इस दौरान उन्होंने बसपा के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की।


उन्होंने कानून व्यवस्था पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि प्रदेश में कोई मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि तमाम लोग मिलकर सरकार चला रहे हैं। दिल्ली प्रदेश के चुनाव में एक्जिट पोल के नतीजों को लेकर उन्होंने कहा कि जनता ने भाजपा के जातिवादी राजनीति को नकार दिया है और विकास की राजनीति को तरजीह दी है। देश एक नई विचारधारा की ओर चल पड़ा है। उन्होंने भाजपा को बहुत झूठी पार्टी करार दिया। इसके अलावा उन्होंने शाहीन बाग प्रकरण एवं सीएए के मुद्दे पर कहा कि वे सीएए, एनपीआर एवं एनआरसी के पूरी तरह खिलाफ हैं। उनकी पार्टी का स्टैंड कायम है। कहा कि जब भी कभी सपा को मौका मिलेगा, तो वह इन कानूनों को लागू नहीं करेगी। अखिलेश यादव ने कहा कि देश की जनता को मूलभूत समस्या बेरोजगारी एवं विकास से ध्यान भटकाने के लिए भाजपा कोई न कोई षड्यंत्र करती रहती है। जिसके तहत कभी से सीएए लाया जाता है, तो कभी कुछ और बहाना बनाया जाता है, ताकि जनता का ध्यान मूल मुद्दों से हट सके। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में उनकी सरकार बनी तो 4 लाख लोहिया आवास गरीबों को मुफ्त दिया जाएगा। उसके साथ ही उनको फ्री बिजली की व्यवस्था भी की जाएगी। भाजपा ने समाज को जातिवाद एवं उप जातिवाद के नाम पर बांटने की कोशिश की, किंतु सपा ने अपने कार्यकाल के दौरान लोगों को विकास के रास्ते से जोड़ने के लिए लैपटॉप बांटे थे।


शिवाजी की मूर्ति से छेड़छाड, आक्रोश

अक्षय नीनवे


नगापुर। मध्यप्रदेश के सौंसर में एक बार फिर शिवाजी महाराज की मूर्ति से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। मूर्ति से छेड़छाड़ किए जाने को लेकर सैकड़ों समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं और उन्होंने छिंदवाड़ा नागपुर हाइवे पर चक्का जाम कर दिया है। चक्का जाम के बाद हाइवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई है। बता दें कि इससे पहले नागपुर में भी ऐसी घटना सामने आई थी, जिसको लेकर जमकर बवाल हुआ था।


दरसअल मध्य प्रदेश के सौंसर क्षेत्र के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि शिवाजी की मूर्ति से छड़छाड़ किया गया है, जबकि वे देश के महान योद्धाओं में से एक है। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं की मांग है कि शिवाजी महाराज की मूर्ति से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।


'नमामि गंगे योजना' के घोटाले मे ज्ञापन

कानपुर। कानपुर नमामि गंगे योजना का जो कार्य नगर में हो रहा में हुए करोड़ो रूपये के घोटाले पर हिंदुत्व समन्वय समिति (उत्तर प्रदेश) ने जिलाधिकारी ब्रह्मदेव तिवारी को उचित कार्यवाही करने का ज्ञापन दिया।


हिंदुत्व समन्वय समिति के प्रदेश अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार मिश्रा ने बताया कि नमामि गंगे में योजना के तहत जो कार्य हुए थे। उनमें सत्यता बिल्कुल विपरीत है। जहां सरकार द्वारा भेजे गए पैसो का कैसे दुरप्रयोग हुआ है। नेता अधिकारी और कार्य करने वाली "श्रष्टि सायवोलॉन आश्वत किपो" कम्पनी किस प्रकार घोटाला किया गया है। जिंसका प्रार्थी  प्रत्यक्षदर्शि रहा है । पूर्व में सूचना भी की पर मिलीभगत के चलते उसकी सुनी नही गयी । 
 सरकार और जनता के बीच इस महाघोटाले उजागर किया जा सकता है। जिस सन्दर्भ में हम सभी आज जिलाधिकारी कानपुर नगर को निष्पक्ष जाँच करने के लिए ज्ञापन दिया जा रहा। कम्पनी ,अधिकारी व  किरण लोधी जो कि नमामि गंगे सदस्य ने पूर्व में जान से मरवाने की दी गई थी धमकिया। किरण लोधी के घर पर टाइल्स जो बिछे है।नमामि गंगे और जलनिगम के अधिकारियों ने क्यो लगवाए टाइल्स। जांच के दौरान कही जरूरत पड़ती है । सारे साक्ष्यों, सबूतों के साथ जिलाधिकारी पास उपलब्ध कराएंगे।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से नरेन्द्र कुमार मिश्रा (प्रदेश अध्यक्ष), डॉ बिपिन शुक्ला (प्रदेश महामंत्री), महेन्द्र सिंह (प्रदेश उपाध्यक्ष), सुमन गुप्ता (प्रदेश अध्यक्ष, वीरांगना वाहिनी), आशुतोष शुक्ला(महानगर अध्यक्ष), अंकित बाजपेई ( महानगर उपाध्यक्ष), विवेक त्रिपाठी(महानगर महामंत्री), ऋषि त्रिपाठी, सुरेश कुमार शर्मा, पवन कुमार तिवारी, प्रदीप कुमार, मनी मिश्रा, सूरज साहू, सिद्धार्थ मिश्रा, गोलू गुप्ता, राहुल सेन।


दल बदलू नेताओं का हाल भी जानेंं

रवि चौहान


नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 के लिए मतगणना जारी है। इस बार दिल्ली में कई नेताओं ने चुनाव से पहले पाला बदल लिया था और चुनाव के वक्त अपनी पार्टी छोड़कर टिकट की फिराक में दूसरी पार्टियों में चले गए। कई नेता पहले ही अपनी पार्टी छोड़ चुके थे। इस बार ऐसे नेताओं को जनता ने क्या संदेश दिया। कैसा जनादेश रहा। हम आपको विस्तार से बताएंगे।


अलका लांबाः ताजा जानकारी के मुताबिक चांदनी चौक से अलका लांबा इस वक्त पीछे चल रही हैं।


कभी आम आदमी पार्टी की बड़ी नेताओं में शामिल रहीं अलका लांबा चुनाव से पहले AAP छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गई। वो 2015 में AAP के टिकट पर चांदनी चौक से चुनाव जीतकर विधायक बनीं थी। इस बार वो कांग्रेस के टिकट पर चांदनी चौक से चुनाव लड़ रही हैं। 


प्रहलाद साहनीः अलका लांबा AAP से कांग्रेस में आ गईं तो यहां से कांग्रेस उम्मीदवार प्रहलाद साहनी AAP में आ गए। इस बार में AAP के टिकट पर चांदनी चौक से चुनाव लड़ रहे हैं।


कपिल मिश्राःः मॉडल टाउन से बीजेपी कैंडिडेट कपिल मिश्रा भी पीछे चल रहे हैं।


कपिल मिश्रा आम आदमी पार्टी से बीजेपी में आए हैं। कपिल मिश्रा ने पिछला विधानसभा चुनाव AAP के टिकट पर लड़ा था। लेकिन बाद में सीएम अरविंद केजरीवाल से अनबन के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी।


आदर्श शास्त्रीः-द्वारका सीट से कांग्रेस कैंडिडेट आदर्श शास्त्री पीछे चल रहे हैं।


2015 के विधानसभा चुनाव में आदर्श शास्त्री ने द्वारका सीट से 40 हजार वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की थी। इस बार आप ने उनका टिकट काट दिया। इसके साथ ही यहां तेजी से समीकरण बदले। आदर्श शास्त्री कांग्रेस में गए। उन्हें कांग्रेस ने टिकट दिया है।


विनय मिश्राः द्वारका सीट पर एक और रोमांचक फेरबदल हुआ, यहां पर कांग्रेस के नेता रहे विनय मिश्रा AAP में आ गए हैं। आप ने उन्हें द्वारका सीट से टिकट दिया है।


राजकुमारी दिल्लनः राजकुमारी दिल्लन कांग्रेस की नेता हुआ करती थीं। लेकिन इस बार चुनाव से पहले वे AAP में आ गईं। उन्हें AAP ने इस सीट से टिकट दिया गया है।


अनिल वाजपेयीः गांधी नगर से अनिल वाजपेयी आगे चल रहे हैं


अनिल वाजपेयी पिछली बार गांधी नगर सीट से AAP के टिकट पर चुनाव जीते थे। वे इस बार बीजेपी के टिकट से मैदान में हैं। राम सिंह नेता जी। बदरपुर सीट से कांग्रेस के नेता रहे राम सिंह नेता जी को इस बार AAP में हैं। उन्हें AAP ने टिकट दिया है। शोएब इकबाल: शोएब इकबाल 2015 में कांग्रेस से उम्मीदवार थे। इस बार वे आम आदमी पार्टी से चुनाव लड़ रहे हैं।


पटना जंक्शन की सौर ऊर्जा से आपूर्ति

पटना। पटना जंक्शन के सभी प्लेटफॉर्म सहित ऑफिस की बिजली आपूर्ति अब सौर ऊर्जा से होने जा रही है। जंक्शन की छतों पर लगाए गए सोलर पैनल से हर महीने 4 लाख से अधिक की बिजली उत्पन्न हो रही है। अकेले पटना जंक्शन के सामने के भवनों पर लगाए गए सौर ऊर्जा प्लांट ठंड के दौरान 35 हजार यूनिट बिजली बना रहे हैं। गर्मी के दौरान या 3 गुना तक बढ़ जाती है।


कितनी है खपत


पटना जंक्वशन पर हर महीने करीब ढाई लाख यूनिट बिजली की खपत है। जो सोलर पैनल के उत्सर्जन से 1.25 लाख यूनिट तक पहुंच जाता है। इस हिसाब से यह चार लाख तक पहुंच जाता है। अब प्लांट को धीरे-धीरे बढ़ाने की तैयारी है। अभी रेलवे हर माह बिहार से सिर्फ पटना जंक्शन के लिए औसतन 10 से 15 लाख रुपये की बिजली खरीदता है। वहीं सोलर पैनल से 1 से 4 लाख की बिजली उत्सर्जित हो रही है। यह लगातार बढ़ने की संभावना है।


16 कंपनियों से हुआ करार
16 कंपनियों से हुए करार की मानें तो 5 वर्ष बाद सभी रेलवे जंक्शन पर सरकारी बिजली की खपत न के बराबर हो जाएगी। रेलवे से प्राप्त जानकारी की माने तो पिछले 3 महीने में पटना दानापुर राजेंद्र नगर टर्मिनल के साथ डीआरएम ऑफिस में लगे पैनल ने 7.08 लाख रुपये बचाए हैं।


डिमेंशिया से तो नहीं जूझ रहे आप

डिमेंशिया यानी मनोभ्रंश एक ऐसा मानसिक विकार है जो कि इंसान की सोचने और याद रखने की क्षमता धीरे-धीरे कम कर देता है। यह समस्या तब होती है जब तनाव, अवसाद या अल्जाइमर दिमाग को नुकसान पहुंचाता है। मस्तिष्क में कई हिस्से होते हैं, जो मिलकर अलग-अलग काम करते हैं, लेकिन किसी खास बीमारी या आघात के कारण मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान हो सकता है।


मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचने से डिमेंशिया हो सकता है और इससे कोशिकाओं के बीच संपर्क की क्षमता पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इसलिए इस विकार के कारण व्यक्ति की याद्दाश्त, व्यवहार और भावनाओं पर असर पड़ता है।


डॉ. रचिता नरसरिया का कहना है कि यह न्यूरॉन यानी मस्तिष्क की कोशिकाओं की गड़बड़ी के कारण होता है। जब मस्तिष्क की स्वस्थ तंत्रिक कोशिकाएं मस्तिष्क की अन्य कोशिकाओं से संपर्क खो देती हैं या उनके साथ काम करना बंद कर देती हैं तो यह स्थिति पैदा होती है।


डिमेंशिया की स्थिति में कई लक्षण सामने आ सकते हैं। जो व्यक्ति इस रोग से पीड़ित है, उनकी याद्दाश्त पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है। याद्दाश्त हद से ज्यादा कमजोर हो जाती है और इसका संकेत यह है कि व्यक्ति बार-बार एक ही सवाल पूछता है। ऐसे व्यक्ति को घरेलू काम करने में कठिनाई महसूस होती है। बात करने में भी दिक्कत का सामना करना होता है और वे सरल शब्दों तक को भूलने लगते हैं। चीजों को रखकर भूल जाना, मूड या व्यवहार में बदलाव, रास्ता भटक जाना भी शामिल हैं।


डिमेंशिया अंत में रोज होने वाली गतिविधियों को पूरा करने की क्षमता को पूरी तरह खत्म कर देता है जैसे कि ड्राइविंग, घर के कामकाज और यहां तक कि खुद के काम जैसे नहाना, कपड़े पहनना और खाना भी।


डिमेंशिया के भी प्रकार हो सकते हैं। इसके लक्षण और गंभीरता को देखते हुए समझ सकते हैं कि यह किस प्रकार का है। डिमेंशिया का सबसे आम प्रकार अल्जाइमर है। मस्तिष्क में केमिकल रिएक्शन के कारण कुछ प्रोटीन जमा होने से कोशिकाएं नष्ट हो जाती है। डिमेंशिया का दूसरा बड़ा प्रकार है वैस्कूलर डिमेंशिया जो कि रक्त वाहिकाओं के रुक जाने के कारण होता है।


यह स्ट्रोक या मस्तिष्क पर लगी चोट के कारण भी हो सकता है। लेवी बॉडिज डिमेंशिया में कोर्टेक्स में प्रोटीन जमा होने की वजह से होता है। कमजोर याद्दाश्त के अलावा वहम् और असंतुलन से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं। पार्किंसन रोग भी डिमेंशिया पैदा कर सकता है। डिमेंशिया के जोखिम के कारकों में सबसे पहला है उम्र बढ़ना। लाइफस्टाइल भी जोखिम पैदा करता है। शारीरिक आलस, ज्यादा शराब का सेवन, धूम्रपान इस खतरे को बढ़ाता है।


इस बीमारी से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। स्वस्थ आहार लेकर इसके जोखिम को कम किया जा सकता है। साबुत अनाज, फल, सब्जियों का भरपूर सेवन करें। आहार में कार्बोहाइड्रेट, पोटेशियम, कैल्शियम, फाइबर और मैग्नीशियम का अधिक सेवन करें। नियमित रूप से शारीरिक व्यायाम करें और साथ ही मानसिक गतिविधियों पर ध्यान दें। मस्तिष्क को सक्रिय रखने से कोशिकाओं के बीच संपर्क को मजबूत किया जा सकता है। इससे मानसिक शक्ति बढ़ती है।


बोतल के दूध के नुकसान और फायदे

नीरज जिंदल


शिशु के जीवन के पहले छह महीनों के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन विशेष रूप से स्तनपान कराने की सलाह देता है ताकि मां के दूध से बच्चे को कई लाभ मिल सकें। कई शोधों में साबित हुआ है कि मां का दूध नवजात के लिए सर्वश्रेष्ठ है। मां का दूध शत-प्रतिशत सुरक्षित है। स्तनपान से आगे के जीवन में बच्चों को मधुमेह, रक्त कैंसर और उच्च रक्तचाप का खतरा कम हो जाता है।


मां का दूध वसा, चीनी, पानी और प्रोटीन के संतुलन के साथ बच्चों के लिए बेहद पौष्टिक है। ये सभी पोषक तत्व बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए जरूरी हैं। साथ ही इसके सेवन से बच्चों में रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। खास बात है कि शिशु को मां के दूध से कोई एलर्जी नहीं होती है।


स्तनों में दूध की कमी, किसी चिकित्सीय समस्या के कारण हर महिला बच्चे को सामान्य रूप से स्तनपान नहीं करवा पाती है। ऐसी स्थिति में बच्चे को बोतल का दूध पिलाने का विकल्प है।


बोतल से दूध पिलाने के कुछ फायदे भी हैं, जिसमें पहली बात तो यह है कि स्तनपान कराते समय के दर्द से मुक्ति मिलती है। घर से बाहर मां को स्तनपान कराने में शर्मिंदगी महसूस होती है, लेकिन बोतल के दूध में उन्हें आसानी होती है और बच्चा भी भूखा नहीं रहता है। इसके अलावा बोतल से दूध पिलाते समय बच्चे की सही खुराक के बारे में जानकारी रहती है। बड़ी बात यह है कि घर का कोई भी सदस्य बोतल से बच्चे को दूध पिला सकता है। लेकिन बोतल के दूध के नुकसान भी हैं। सबसे बड़ी बात तो इससे पूर्ण पौष्टिकता नहीं मिल पाती है, क्योंकि मां का दूध ही उचित मात्रा में पौष्टिकता प्रदान करता है। यह आसानी से पच जाता है, लेकिन बोतल से डिब्बे वाले दूध को पीने से बच्चों में मोटापे की समस्या हो सकती है। डिब्बे वाले दूध में मां के दूध की तरह रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाने वाले तत्व नहीं होते हैं।


बोतल के दूध को पीने से यूरीन इन्फेक्शन, दस्त, सीने और कान में इन्फेक्शन की शिकायत हो सकती है। स्तनपान से मां और बच्चे के बीच गहरा रिश्ता पनपता है, लेकिन बोतल के दूध को पिलाने से वह उस तरह के स्नेह का अनुभव नहीं कर पाते हैं। बच्चे को जब भी जरूरत हो तो मां का दूध आसानी से उपलब्ध हो सकता है, लेकिन बोतल का दूध कई तैयारियों के साथ बनता है। साथ ही हाइजीन का बहुत ध्यान रखना होता है। बोतल का दूध पिलाने की सबसे पहली शर्त ही यह है कि हर बार बोतल को पहले गर्म पानी से धोएं।


वायरस से मरने वालों की संख्या 1016

नई दिल्ली। चीन में कोरोना वायरस अपना कहर बरपा रही है। कोरोनावायरस की चपेट में आने से अब तक चीन में मरने वालों की संख्या 1016 हो गई है। इसके साथ ही 4000 से अधिक नए मामले सामने आए हैं। ऐसे में इस वायरस से संक्रमित होने वाले मरीजों की संख्या अब तक 42,600 तक पहुंच गई है। इससे पहले चीन में कोरोना वायरस से रविवार को एक ही दिन में 97 लोगों की मौत हो गई जो कि एक दिन में हुई सबसे अधिक मौतों का आंकड़ा था। वहीं रविवार को 4008 नए केस सामने आए, जिसमें 296 मरीजों की हालत काफी गंभीर थी। रविवार को ही 3281 लोगों में संक्रमण खत्म होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अब तक 40 हजार से अधिक केस सामने आ चुके हैं। 27 देशों में यह वायरस दस्तक दे चुका है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनफिंग सोमवार को मास्क पहन कर यहां बने कोरोना वायरस शोध केंद्र में पहुंचे और इस बीमारी पर नियंत्रण पाने के उपायों पर चल रहे कामकाज का जायजा लिया। इस बीमारी के सामने आने के बाद राष्ट्रपति पहली बार इस वायरस से निपटने में जूझ रहे लोगों से मिले हैं। वह इस दिशा में चोयांग जिले में शोध के लिए बने केंद्र पर पहुंचे थे। सरकारी जानकारी के अनुसार राजधानी में सोमवार को कामकाज पटरी पर लौटने लगा है।


प्राधिकरत प्रकाशन विवरण

यूनिवर्सल एक्सप्रेस    (हिंदी-दैनिक)


फरवरी 12, 2020, RNI.No.UPHIN/2014/57254


1. अंक-186 (साल-01)
2. बुधवार, फरवरी 12, 2020
3. शक-1941,फाल्गुन - कृष्ण पक्ष, तिथि- तीज, संवत 2076


4. सूर्योदय प्रातः 07:03,सूर्यास्त 06:04
5. न्‍यूनतम तापमान 8+ डी.सै.,अधिकतम-24+ डी.सै., हल्की बरसात की संभावना।


6.समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है। सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा।
7. स्वामी, प्रकाशक, मुद्रक, संपादक राधेश्याम के द्वारा (डिजीटल सस्‍ंकरण) प्रकाशित।


8.संपादकीय कार्यालय- 263 सरस्वती विहार, लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102


9.संपर्क एवं व्यावसायिक कार्यालय-डी-60,100 फुटा रोड बलराम नगर, लोनी,गाजियाबाद उ.प्र.,201102


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email:universalexpress.editor@gmail.com
cont.:-935030275
 (सर्वाधिकार सुरक्षित)


दोनों देशों से अपने राजदूतों को वापस बुलाया

वाशिंगटन डीसी/ पेरिस। अमेरिका के सबसे पुराने सहयोगी फ्रांस ने परमाणु पनडुब्बी सौदा रद्द करने पर अप्रत्याशित रूप से गुस्सा दिखाते हुए अमेरिका...