मंगलवार, 21 अप्रैल 2020

603 लोगों की मौत, 18985 संक्रमित

नई दिल्ली। देश में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण के 1329 नये मामले दर्ज किये जाने के साथ ही संक्रमितों की संख्या 19 हजार के पास पहुंच गयी तथा इस दौरान इस संक्रमण के कारण 44 और लोगों की मौत होने से मृतकों का आंकड़ा 600 के पार हो गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार शाम जारी किये गये आंकड़ों के मुताबिक कोरोना वायरस का प्रकोप देश के 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैल चुका है।



  1. पूरे देश में कोरोना संक्रमण के अब तक 18985 मामलों की पुष्टि हुयी है जिनमें 77 विदेशी मरीज शामिल हैं। कोरोना वायरस से अब तक 603 लोगों की मौत हुयी है। कोरोना संक्रमितों के स्वस्थ होने की रफ्तार भी तेज हुई है और पिछले 24 घंटों में कोरोना से संक्रमित 718 लोगों के स्वस्थ होने के साथ ऐसे लोगों की संख्या 3260 पर पहुंच गयी है। कोरोना वायरस से सबसे गंभीर रूप से प्रभावित महाराष्ट्र में संक्रमितों की संख्या में एक दिन में 466 की वृद्धि दर्ज की गयी और कुल आंकड़े 4669 पर पहुंच गये। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में नौ और लोगों की मौत के बाद इस महामारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 232 हो गयी है। राज्य में 572 संक्रमित मरीज ठीक हो चुके हैं। संक्रमितों की संख्या के मामले में दूसरे स्थान पर देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली है जहां अब तक कुल 2081 लोग इस महामारी से संक्रमित हुए हैं तथा 47 लोगों की मृत्यु हुई है। राजधानी में कुल 431 लोग ठीक भी हुए हैं। इसके बाद गुजरात में सबसे अधिक लोग इससे संक्रमित हुए हैं। गुजरात में अब तक 2066 लोग इससे प्रभावित हुए हैं तथा 77 लोगों की मृत्यु हुई है। राज्य में इस बीमारी से 131 लोग अब तक ठीक भी हुए हैं। राजस्थान में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 1576 हो गया। राज्य में संक्रमण से 11 और लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 25 हो गयी है।मध्य प्रदेश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1540 हो गई है तथा इसके कारण मरने वालों का आंकड़ा 76 हो गया है। तमिलनाडु में 42 नये संक्रमित सामने आये हैं और संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 1520 हो गई हैं तथा मृतकों की संख्या 17 हो गयी है। वहीं 457 लोग ठीक भी हुए हैं। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 1294 हो गई है तथा 20 लोगों ने अब तक इसके कारण जान गंवाई हैं। तेलंगाना में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 919 हो गयी है और मृतकों की संख्या 23हो गयी है। केरल में 408 लोग संक्रमित हुए हैं और तीन लोगों की मौत हुई है। दक्षिण भारतीय राज्य आंध्र प्रदेश में 757 और कर्नाटक में 415 लोग संक्रमित हैं तथा इन राज्यों में क्रमश: 22 और 17 लोगों की जान गयीं हैं। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में संक्रमितों की संख्या 368 हो गयी है और पांच लोगों की इससे मौत हुई है। लव अग्रवाल ने बताया कि देश के अनेक गैर-काेविड अस्पतालों में मरीजों और कोविड समर्पित अस्पतालों में चिकित्सा कर्मियों के संक्रमण से पीड़ित होने संबंधी रिपोर्टें मिली हैं और इसे केन्द्र सरकार ने गंभीरता से लिया है तथा मंत्रालय ने कई दिशा-निर्देश जारी किये हैं। इसके लिए अस्पतालों की संक्रमण नियंत्रण सेंटर समिति को जिम्मेदारी सौंपी गई है और जो भी अस्पताल कर्मी पॉजिटिव पाया जाए उसका वहीं पर इलाज किया जाए और केवल एक ही विशेषज्ञ को यह जिम्मेदारी दी जाए। इसके अलावा ऐसे पीड़ितों को हाईड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा दी जानी जरूरी है और यह दवा उनके संपर्क सूत्रों को भी सात हफ्तों तक दी जाएगी तथा उन पर होने वाले दुष्प्रभावों की नियमित जांच को भी करने को कहा गया है। अस्पतालों में नियमित सर्जरी को लेकर भी एक कंटीनजेंसी प्लान बनाने को कहा गया है। पीड़ित स्वास्थ्य कर्मी को ड्यूटी रोस्टर से हटाए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) ने कोरोना वायरस के गंभीर मरीजों के वास्ते ड्रग के लिए “रैंडम सैंपलिंग’ करने का निर्णय लिया है और ऐसे मरीजों में ग्राम निगेटिव सैप्सिस टेस्ट तथा उनके शरीर में पाए जाने वाले एक एंजाइम साइटोकिनिन के भीतर एक असामान्य असंतुलन पैदा हो जाता है और यही उनकी मौत का कारण बनता है लेकिन इस एंजाइम के लोड को कम करने के लिए तथा उन पर दवा के असर को जानने के लिए इस ड्रग के ट्रायल की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा जैव प्रौद्योगिकी विभाग को चिकित्सा उपकरणों, ड्रग्स, निदान,थैराप्यूटिकल और वैक्सीन संबंधी 500 प्रस्ताव प्राप्त हुए थे और इनमें से 16 को फंडिंग की सिफारिश की जा चुकी है तथा यह मल्टीफैसिटेड शोध जल्दी ही शुरू कर दिया जाएगा। लव अग्रवाल ने बताया कि कोरोना वैक्सीन के लिए डीएन वैक्सीन के लिए समर्थन दिया जा रहा है। रिकाम्बीनेंट बीसीजी वैक्सीन के तीसरे चरण पर भी काम हो रहा है। इसके अलावा देश में मॉलिक्यूलर रैपिड डायग्नोस्टिक्स किट पर भी काम हो रहा है।


सिविल सेवकों के प्रयासों की सराहना

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को सिविल सेवा दिवस पर सिविल सेवकों के कोरोना वायरस (कोविड-19) की रोकथाम के लिए किये गये प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दी है। 
मोदी ने ट्वीट कर कहा, “आज सिविल सेवा दिवस पर मैं सभी सिविल सेवकों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं देता हूँ। मैं भारत में कोविड -19 को हराने के उनके प्रयासों की सराहना करता हूँ। वे चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं, जरूरतमंद लोगों की सहायता कर रहे हैं और सुनिश्चित करते हैं कि हर कोई स्वस्थ हो।”


'मौत' से बहुत बड़ी होती है 'भूख'

कोरोना से बड़ी भूख / तेलंगाना से 100 किमी पैदल चली 12 साल की बच्ची, छत्तीसगढ़ के बीजापुर में अपने घर से 14 किमी पहले तोड़ा दम


केन्द्र प्रदेश सरकारों के भोजन उपलब्ध कराने राहत सामग्री बितरण करने के  दावों पर भी लगा भ्रष्टाचार का ग्रहण


बीजापुर। लॉकडाउन के कारण देश भर में कई लोगों के रोजगार छिन गए हैं। तो भोजन के बिना लोगो की मौत भी हो रही है  बड़े शहर गए लोग अपने गांव लौटना चाह रहे। इस आस में कि रूखी-सूखी ही सही, लेकिन दो वक्त राेटी का जुगाड़ हो सके। यही आस लिए तेलंगाना के पेरूर गांव से 12 साल की मासूम पैदल अपने छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के गांव आदेड़ के लिए चली। रास्ते में तबीयत बिगड़ गई, फिर भी तीन दिन में करीब 100 किमी का सफर पूरा किया। लेकिन अपने गांव से महज 14 किमी पहले बच्ची ने दम तोड़ दिया उसके साथ गांव के 11 दूसरे लोग भी थे,


लेकिन जंगल के रास्ते उसे किसी तरह का इलाज नहीं मिल सका।साथ के लोग यही बता सके कि बच्ची के पेट में दर्द हो रहा था। बीजापुर के आदेड़ गांव की जमलो मड़कम अपने ही गांव के कुछ लोगों के साथ रोजगार की तलाश में दो महीने पहले तेलंगाना के पेरूर गांव गई हुई थी। वहां उन्हें मिर्ची तोड़ने का काम मिला। लाॅकडाउन में काम बंद हो गया, इन्होंने कुछ दिन तो वहीं बिताए। किसी तरह खाने-पीने का इंतजाम किया। लेकिन लॉकडाउन लंबा खिंचने के बाद इनके सामने रोटी का संकट खड़ा हाे गया, तब 16 अप्रैल को जमलो और गांव के 11 दूसरे लोग तेलंगाना से वापस बीजापुर के लिए पैदल ही निकले। दूसरे दिन जमलो की तबीयत बिगड़ी, किसी तरह 17 तारीख बीती, यह दल करीब 100 किमी चलकर 18 अप्रैल को मोदकपाल इलाके के भंडारपाल गांव के पास ही पहुंचा था कि जमलो ने दम तोड़ दिया। जमलो अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी।


इकलौती बच्ची के लौटने का इंतजार था, घर पहुंची मौत की खबर


बच्ची की मौत की खबर मिलने के बाद प्रशासन की टीम गांव पहुंची। एहतियातन अन्य मजदूरों को क्वारैंटाइन किया गया है। उन्हीं लोगों में से किसी ने गांव पहुंचकर इकलौती बेटी की मौत की खबर दी तो पिता आंदोराम मड़कम और मां सुकमती जिला अस्पताल पहुंचे। सोमवार को बीजापुर में पोस्टमार्टम के बाद जमलो का शव माता-पिता को सौंपा दिया गया। पिता आंदोराम ने कहा कि उन्हें तो अपनी बेटी के लौटने का इंतजार था, लेकिन घर उसकी मौत की खबर पहुंची। साथ आए सभी लोगों को अलग रखा गया है, इसलिए यह भी नहीं पता चल सका है कि बच्ची को हुआ क्या था।


सभी ग्रामीण क्वारैंटाइन, बच्ची का सैंपल निगेटिव
सीएमएचओ डाॅ. बीआर पुजारी ने बताया कि बच्ची की मौत की सूचना मिलते ही उसका शव बीजापुर लाया गया। उसके साथ पैदल सफर कर रहे सभी मजदूरों को क्वारैंटाइनकिया गया है। एहतियातन शव का कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल भी भेजा गया। जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। ऐसा लग रहा कि इलेक्ट्रोलाइट इम्बैलेंस की कमी से बच्ची की मौत हुई है। हालांकि पीएम रिपोर्ट के बाद ही वजह पता चल पाएगी।


1 वर्ष में 184 को दी मौत की सजा

सऊदी अरब में मौत की सजा आम बात है। साल 2019 में इस देश में 184 लोगों को मौत की सजा दी गई। इससे पहले कभी किसी साल इतनी बड़ी संख्या में लोगों को मौत की सजा नहीं दी गई थी।


रियाद। सऊदी अरब में 184 लोगों को मौत की सजा दी गई। इससे पहले कभी किसी साल इतनी बड़ी संख्या में लोगों को मौत की सजा नहीं दी गई थी। आपको बता दें कि सऊदी अरब में मौत की सजा आम बात है। जब दुनिया में मौत की सजाएं कम हो रही हैं तब इस देश में मौत की सजा का आंकडा बढ़ता जा रहा हैैं। मंगलवार को डेथ पेनल्टी के ग्लोबल रिव्यू में पता चला कि 2019 में सऊदी अरब ने 184 लोगों को नौत की सजा दी।


अपनेपन का एहसास, 'गरीब की रसोई'

गरीब के चूल्हे पर पकी सहानुभूति, प्रेम की रोटी, उदर की अग्नि हुई शांत, चहरो पर फिर से लोटी ख़ुशी
विजय भाटी


गरीब के चूल्हे पर पँहुचे भाजपा जिलाध्यक्ष


गाजियाबाद। कोरोनावायरस कोविड-19 महामारी के चलते संपूर्ण पृथ्वी पर संकट छाया हुआ है। जिसको छांटने में सभी अपने-अपने स्तर से, योग्यता और गुणवत्ता के आधार पर सहयोग कर रहे हैं। ऐसा ही एक सहयोग नगर पालिका परिषद लोनी गाजियाबाद के पूर्व चेयरमैन एवं वर्तमान चेयरमैन के द्वारा किया जा रहा है। ऐसे ही कई प्रयास और भी जारी हैं। लेकिन जनता का विश्वास और अपनेपन की अनुभूति के साथ आत्मीयता से अन्नदान कहीं अन्य नहीं मिल पा रहा है। माँ अन्नपूर्णा के आशीर्वाद से पिछले 22 दिनों से भारतीय जनता पार्टी की लोनी नगर पालिका अध्यक्ष रंजीता धामा व पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मनोज धामा के कैंप कार्यालय बेहटा हाजीपुर मे निरन्तर चलायी जा रही रसोई मे पँहुचे भाजपा जिलाध्यक्ष आदरणीय दिनेश सिंघल। भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश सिंघल अपने सहयोगियों रामकुमार त्यागी ,देवेन्द्र चौधरी, जिला महामंत्री राजेन्द्र वाल्मीकि के साथ लोनी नगरपालिका अध्यक्ष रंजीता धामा के कैंप कार्यालय पर पँहुचे तथा रसोई की कार्यशैली को जाना। 
इस अवसर पर मनोज धामा ने भाजपा जिलाध्यक्ष को अपने "गरीब के चूल्हे" (रसोईघर) के विषय मे जानकारी देते हुये बताया कि किस प्रकार से अपने सैकडों साथियों की सहायता से अल सुबह से ही देर शाम तक की जाने वाली मेहनत के फलस्वरूप लोनी मे हजारों गरीब व जरूरतमंदों तक भोजन पँहुचाया जा रहा है । मनोज धामा ने दिनेश सिंघल को साथ लेकर रसोई मे की जाने वाली सभी चीजों को बताया कि किस प्रकार से हमारे दूारा खाने की शुद्धता का ध्यान रखा जा रहा है। खाने की पैकिंग इस प्रकार से की जा रही है जिससे कि खाना देर तक गर्म रहे। पैकिंग मे खाने की मात्रा का भी ध्यान रखा गया, ताकि एक व्यक्ति को मिलने वाले पैकेट से उस व्यक्ति का पेट भर जाये । 
मनोज धामा ने बताया कि हमारे दूारा दिन मे दो समय दोपहर मे एक बजे तथा शाम को सात बजे कैंप कार्यालय से हजारों की संख्या मे जरूरतमंद लोगों को भोजन वितरित किया जाता है। जिसमे हमारे सैकडों वालंटियर भी भरपूर सहयोग लोगों को व्यवस्थित करने मे देते हैं। हमारी लोनी की जनता इतनी अच्छी है कि वो स्वंय भी व्यवस्था बनाने मे सहयोग करती है। जिससे कि किसी प्रकार की परेशानी नही होती तथा हजारों लोग लाइनों मे लगकर सोशल डिसंटेसिंग का पालन करते हुये भोजन लेते हैं । 
रसोई की सुन्दर व्यवस्था को देखने के पश्चात भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश सिंघल ने अपने हाथों से हजारों की संख्या मे कैंप कार्यालय पर भोजन के लिये आये व्यक्तियों को भोजन के पैकेट वितरित किये तथा इस मुश्किल समय मे लोनी की जनता के साथ मजबूती से खडे होने पर रंजीता धामा व मनोज धामा की भूरि-भूरि प्रशंसा की । 
मनोज धामा ने जानकारी देते हुये बताया कि ये सारी व्यवस्था हम लोग अपनी लोनी की जनता के लिये निजी रूप से कर रहे हैं किसी भी प्रकार की सरकारी सहायता हम लोग नही ले रहे । ये लोनी की जनता हमारे अपने लोग हैं। जिनका प्यार व सहयोग पिछले 10 वर्षों से हमारे परिवार को मिल रहा है आज इस संकट के समय मे ये हमारा दायित्व बनता है कि हम अपनों के साथ इस दु:ख की घडी मे खडे हो और हमारा परिवार इस सकंट के समय मे लोनी की जनता के साथ खडा है। ये लाकडाउन का समय जब तक चलता रहेगा ये "गरीब" का चूल्हा " तब तक ही चलता रहेगा । 
मनोज धामा ने बताया कि "गरीब का चूल्हा " ये नाम  हमारी लोनी नगरपालिका अध्यक्ष रंजीता धामा ने हमारी रसोई को दिया है क्यूंकि हमारी रसोई कि शुरुआत हम लोगों ने इस उद्देश्य से कि थी कि लाकडाउन शुरू होने के बाद जो मजदूर वर्ग हमारी लोनी मे निवास कर रहा है। जिनकी आमदनी का जरिया रोजमर्रा की मजदूरी का कार्य था। लेकिन लाकडाउन के कारण वो लोग बहुत मजबूर हो गये हैं। उनके सामने रोजी-रोटी का बजा सकंट खडा हो गया तब हमने ये निश्चय किया कि हम लोग इस समय उन्हे किसी प्रकार का रोजगार तो नही दे सकते लेकिन उनके सामने रोटी का सकंट खडा ना हो ऐसे हजारों परिवार लोनी मे है। उसी सोच को आगे बढाते हुये हमने अपनी रसोई को "गरीब का चूल्हा" नाम दिया है। हमारी लोनी की जनता को किसी प्रकार से परेशान होने की आवश्यकता नही है हम और हमारा परिवार लोनी की जनता के साथ मजबूती से खडा है। इस अवसर पर जिला महामंत्री राजेन्द्र वाल्मीकि, देवेन्द्र चौधरी, रामकुमार त्यागी आदि लोग उपस्थित रहे।


बुलंदशहर डीएम ने समीक्षा बैठक की

वैश्विक कोरोनावायरस महामारी की रोकथाम हेतु जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा जिला पंचायत सभागार में बैठक की आयोजित
 कुलदीप कुमार सक्सेना
बुलन्दशहर। "कोरोना वायरस-19" के वैश्विक संक्रमण की वर्तमान चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए आज दिनांक 21-04-2020 को जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह द्वारा जिला पंचायत सभागार कक्ष में संयुक्त रूप से वैश्विक कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम हेतु सीमावर्ती जनपदों एवं अन्य स्थानों से जनपद में आगमन करने वाले व्यक्तियों के दृष्टिगत अपर जिलाधिकारी प्रशासन सहित जनपद के सीमावर्ती थानाप्रभारियों व क्षेत्राधिकारी सिकन्द्राबाद, स्याना, खुर्जा एवं उपजिलाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों को कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम हेतु जनपद में आगमन करने वाले व्यक्तियों को थर्मल स्कैनर से चेक करने आदि आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम हेतु शासन द्वारा निर्गत निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए गए तथा यह भी निर्देश दिए गए कि जनपद में प्रवेश करने वाले व्यक्ति अथवा किसी स्थान पर कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति के संबंध में कोई सूचना किसी भी स्तर से प्राप्त होती है तो स्वयं को अधिक से अधिक सुरक्षित रखते हुए संक्रमित व्यक्ति की हैंडलिंग कर मेडिकल टीम से समन्वय स्थापित कर संक्रमित व्यक्ति को उनके सुपुर्द कर उपचार हेतु क्वारंटाइन/आईसोलेशन सैंटर भेजा जाए। जनपद में लाॅकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराए जाने हेतु बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।


 


फिरोजाबाद में संक्रमितो का आंकड़ा 62

सात साल के बच्चे समेत छह नए संक्रमित, 62 हुआ आंकड़ा ।


हॉट स्पॉट में रहने वाले कंपाउंडर के भाई और भाभी बच्चे सहित संक्रमित। शिकोहाबाद में पारस हॉस्पिटल के कांटेक्ट वाले दंपती ।


फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश के जिला फ़िरोज़ाबाद में दिन भर की राहत के बाद मंगलवार को आई रिपोर्ट से एक बार फिर सनसनी फैल गई। मंगलवार को शहर और शिकोहाबाद समेत छह लोग पॉजीटिव पाए गए हैं। इनमें दंपती के साथ उसका सात साल का बच्चा भी संक्रमित है। इसके साथ ही अब तक पॉजीटिव मामलों की संख्या 62 हो गई है। आज आई कुल 54 सैम्पल की रिपोर्ट में 48 निगेटिव पाए गए।
जिले में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। हॉट स्पॉट क्षेत्र शीशग्रान में क्लीनिक चलाने वाले डॉक्टर के कम्पांडर ने कोरोना संक्रमित मरीज को ड्रिप चढाई थी। इसके बाद वह खुद संक्रमित हो गया था। उसके कांटेक्ट वालों के लिए गए सैम्पल में से कंपाउंडर का भाई भाभी और भतीजा संक्रमित पाया गया है। सीएमओ डॉ एसके दीक्षित ने बताया कि इसके अलावा शिकोहाबाद की बघेल कॉलोनी निवासी महिला ने आगरा के पारस हॉस्पिटल में इलाज करवाया था। कोरोना संक्रमित होने के कारण उसकी मौत हो गई थी। उसके संपर्क में आया युवक पहले संक्रमित हुआ, जिसके बाद एरिया को सील कर दिया था। अब उसके माता-पिता में कोरोना की पुष्टि हुई है। वहीं एक पॉजीटिव शहर के नेहरु नगर क्षेत्र का है। संक्रमित युवक पिछले दिनों बाहर से आया था और तबियत खराब होने पर उसका सैम्पल लिया गया था। सीएमओ ने बताया कि अब संक्रमित लोगों की संख्या 62 हो गई है। रिपोर्ट आने के बाद नेहरु नगर को सील कर दिया गया है। सभी संक्रमितों को एफएच मेडिकल कॉलेज टूंडला शिफ्ट किया जा रहा है ।


शहर में कब कितने मिले कोरोना पॉजिटिव डेट वाइज डिटेल


 03 अप्रैल: बिहार के चार जमातियों में कोरोना की पुष्टि, शहर के तीन इलाके हुए सील।07 अप्रैल: संक्रमित जमातियों के संपर्क में आए दो युवकों और तीन जमातियों की रिपोर्ट पॉजीटिव।08 अप्रैल: जमातियों के संपर्क में आए शहर का एक अन्य युवक पॉजीटिव पाया गया।11 अप्रैल: टूंडला के प्रतापपुर की महिला समेत चार पॉजीटिव, आंकड़ा 14 पर पहुंचा।12 अप्रैल: प्रतापपुर में दो पॉजीटिव और मिले, आंकड़ा 16 पर पहुंचा।13 अप्रैल: फीरोजाबाद शहर में दो में कोरोना वायरस की पुष्टि, आंकड़ा 18 पर पहुंचा।14 अप्रैल: दुर्गेश नगर की महिला में कोरोना वायास की पुष्टि, आंकड़ा 19 पर पहुंचा। 15 अप्रैल: संक्रमित जमातियों के संपर्क में आने वाले पांच लोगों में पुष्टि, आंकड़ा 24 पर पहुंचा।16 अप्रैल: संक्रमित जमातियों के संपर्क में आने वाले दो लोगों में पुष्टि, आंकड़ा 26 पर पहुंचा।17 अप्रैल: संक्रमित जमातियों के संपर्क में आने वाले 11 लोगों में पुष्टि, आंकड़ा 37 पर पहुंचा।18 अप्रैल: 2 लोगों में पुष्टि, आंकड़ा 40 पर पहुंचा। 19 अप्रैल: 12 लोगों में पुष्टि, आंकड़ा 52 पर पहुंचा। एक की मौत। तीन ठीक हो चुके हैं। 20 अप्रैल: 4 लोगों में पुष्टि, आंकड़ा 56 पर पहुंचा। एक की मौत। तीन ठीक हो चुके हैं। 21 अप्रैल: 6 लोगों में पुष्टि, आंकड़ा 62 पर पहुंचा। एक की मौत। तीन ठीक हो चुके हैं। कुल एक्टिव केस जनपद में फिलहाल 58 ।


रिपोर्ट-देवाशीष शर्मा


केंद्र सरकार को मिली 25000 शिकायतें

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के खिलाफ चल रही लड़ाई के दौरान जमीनी सच जानने के लिए केंद्र सरकार ने जो पहल की, वह सफल होती दिख रही है। कोविड-19 को लेकर देश के विभिन्न राज्यों से केंद्र सरकार को 25 हजार से ज्यादा शिकायतें पिछले 20 दिनों में मिलीं, जिसमें आठ तरह की शिकायतों की संख्या ज्यादा है। कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय की तरफ से जारी रिपोर्ट से यह जानकारी सामने आई है। कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन मंत्रालय के राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के मुताबिक, पिछले एक अप्रैल से 20 दिनों के बीच कोविड-19 से जुड़ीं 25,000 से ज्यादा पोर्टल शिकायतें सामने आईं। इन शिकायतों को सुलझा लिया गया। मंत्रालय को आठ तरह की ज्यादा शिकायतें मिलीं।


ये शिकायतें प्रवासी कामगारों, स्वास्थ्य व्यवस्था, क्वारंटीन सुविधा, खाद्य आपूर्ति से प्रमुख तौर पर जुड़ीं रहीं। वहीं बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र, वेतन, कर्मचारियों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ीं शिकायतें भी सामने आईं। इन शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराया गया।कोरोना के कारण देश में लागू लॉकडाउन के दौरान लोगों की परेशानियों को जानने के लिए कार्मिक मंत्रालय ने बीते एक अप्रैल से राष्ट्रीय निगरानी डैशबोर्ड शिकायत पोर्टल का संचालन शुरू किया। कोरोना से जुड़ीं शिकायतों के लिए एक विशेष विंडो की व्यवस्था की गई, जिसमें कोई भी शिकायत दर्ज करा सकता है।


रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय के प्रशासनिक सुधार और जनशिकायत विभाग की इस पहल के तहत पहले दिन जहां सिर्फ 332 शिकायतें प्राप्त हुईं, वहीं बाद के दिनों में शिकायतों की संख्या बढ़ती गई। 16 अप्रैल तक शिकायतों की संख्या बढ़कर 5,566 तक पहुंच गई। डॉ. जितेंद्र सिंह ने दो दिन से भी कम समय में शिकायतों को सुलझाने पर राष्ट्रीय निगरानी डैशबोर्ड संभालने वालों को बधाई दी। उन्होंने बताया कि करीब 14,982 कोविड से जुड़ीं शिकायतें संबंधित राज्य सरकारों को भेजी गईं, जबकि अन्य शिकायतों को समाधान के लिए विभिन्न केन्द्रीय मंत्रालयों के पास भेजा गया था।


हापुड़ जिला प्रशासन ने कसा शिकंजा

अतुल त्यागी मेरठ मंडल
एसपी संजीव सुमन के निर्देशन में लॉक डाउन का सख्ती से पालन कराती सिंभावली पुलिस


हापुड़/गढ़मुक्तेश्वर। लॉक डाउन को मजबूती से सफल बनाने और अनावश्यक रूप से घूमने वालों पर शिकंजा कसने को लेकर हापुड़ एसपी संजीव सुमन, अपर पुलिस अधीक्षक सर्वेश मिश्रा, एसडीएम विजय वर्धन तोमर, गढ़मुक्तेश्वर पुलिस  क्षेत्राधिकारी पवन कुमार के नेतृत्व में लॉक डॉन का उल्लंघन करने वालों पर क्षेत्र के गली मोहल्लों बाजारों में थाना अध्यक्ष महेंद्र कुमार के द्वारा भारी पुलिस बल के साथ अनाउंसमेंट करते हुए लॉक डाउन का उल्लंघन करने वालों पर कसा शिकंजा। वही थाना अध्यक्ष महेंद्र कुमार त्रिपाठी का कहना है कि लॉक डाउन का उल्लंघन करने वालों को किसी भी हाल में नहीं बख्शा जाएगा अनावश्यक रूप से लॉक डाउन में बाइकों पर घूमने वालों के विरुद्ध करोना वायरस कोविड-19 की धारा 188 के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।


मंडी में उड़ती लॉक डाउन की धज्जियां


अतुल त्यागी मेरठ मंडल प्रभारी
जनपद हापुड़ की नवीन मंडी में लॉक डाउन की उड़ रही धज्जियां 
हापुड। जनपद हापुड़ की नवीन कृषि मंडी में उड़ रही है लॉकडाउन की धज्जियां यहां सुबह होते ही इकठ्ठे हो जाते हैं। कई हजार लोग जिनमें से कुछ लोग रेड जोन एरिया से भी निकल कर आते हैं। जोकि इस समय बहुत बड़ा खतरा साबित हो सकता है। हमारी टीम ने यह जानने की कोशिश  कि के यह लोग रेड जोन एरिया से बाहर कैसे आ जाते हैं मगर किसी के भी पास कोई संतोष जनक जवाब नहीं था।


आड़ती लेते है मन माने रैट
 
शासन से खाने पीने के चीजों की दुकानों व मंडी के लिए समय निर्धारित किया गया है मगर ऐसा कहीं भी नहीं हो पा रहा है कि शासन के आदेश का पालन किया जा रहा हो अब चाहे वह कोई सामान हो फल हो या सब्जी हो यहां तक कि शासन के आदेश तो यह भी है कि कोई भी सामान निर्धारित मूल्य से ज्यादा पर नही मिलेगा और हर दुकानदार शासन से निर्धारित रेट लिस्ट अपनी दुकान पर लगायेगा मगर रेट लिस्ट कहीं लगी है तो कहीं नहीं है। यहां तक के कुछ लोगों का तो यह भी कहना है कि हमें इसके बारे में नहीं मालूम और यह वही लोग हैं। जो अपनी मर्जी से फल व सब्जियों के रेट बहुत ज्यादा हाई करके बेच रहे हैं। जिसके कारण आम आदमी बहुत ही परेशान हो चुका है। हमारी टीम ने मंडी समिति के सचिव से भी बात की। जिनसे हमने शासन से जारी रेट लिस्ट के बारे में भी पूछा उनका कहना था कि हमने रेट लिस्ट सभी व्यापारियों को  दी है। जब हमारी टीम ने वहां की भीड़ के बारे में भी पूछा तो उन्होंने कहा की भीड़ को कंट्रोल करना पुलिस का काम है मंडी समिति का नहीं अब देखना यह है कि क्या पुलिस वहां पर हर सुबह इकट्ठा होने वाली भीड़ पर लगाम लगा सकेगी या नहीं। अगर वहां पर पुलिस प्रशासन लगाम लगाने में नाकाम रहा तो यह बहुत बड़ा खतरा साबित हो सकता है।


मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग का नहीं था दूर तक नाम


नवीन मंडी के अंदर ना ही किसी के मुंह पर मार्क्स था और ना ही  शौशल डिसटेंन्स का पालन तो दूर तक भी कोई नामोनिशान नहीं था। क्योंकि वहां सुबह होते ही भीड़ हजारों में इकट्ठा हो जाती है जो इस वक्त कोरोनावायरस के चलते बहुत ही घातक है।


मंडी समिति के आढ़ती नहीं मानते शासन से जारी  रेट लिस्ट


नवीन मंडी के कई आढ़तियों का कहना है कि हम नहीं मानते शासन से जारी रेट लिस्ट। उनका कहना है कि शासन ने जो रेट जारी किए हैं उन्हे हम नही मानते है। उन रेटों पर शासन ही दे देगा सामान। हम तो अपने हिसाब से ही बेचेंगे अगर हमारा सामान बच जाता है तो हम मन्दा भी तो बेचते हैं। आढ़ती का कहना था कि हमें सब कुछ देखना पड़ता है। इसलिए हम अपने हिसाब से ही रेट लगाते हैं। जिसे लेना है ले जिसे नहीं लेना वह मत ले मगर रेट हमारे ही होंगे ने की शासन के अब देखने वाली बात है की प्रशासन क्या कार्यवाही अमल में लाता है। सदर उपजिलाधिकारी सत्यप्रकाश शर्मा  का कहना है मामला हमारे संज्ञान में आया है कल से मुनासिब कार्यवाही अमल में लाई जाऐगी।


पीड़ा के एहसास से छलक आए आंसू

आदिल


गाजियाबाद। मानव कल्याण चैरिटेबल फाउंडेशन राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र त्यागी अपने पदाधिकारियों के साथ टीला शाहबाजपुर गांव के सामने महाराणा प्रताप के वंशज पिछले 5 वर्षों से रोड के किनारे झुग्गियों में निवास कर रहे थे। लॉक डाउन के चलते जीवन यापन करना दुर्लभ हो चला था। अपना छोटा सा लोहार का व्यवसाय 28 दिन से बंद होने के कारण भूखे मरने के कगार पर आ चुके थे। 2 दिन भूख से लड़ रहे थे यह समाज स्वाभिमानी होता है। किसी के आगे हाथ नहीं फैलाता जिस कारण उन्होंने किसी से कहा भी नहीं किसी परिचित के माध्यम से पता चला वहां जाकर 10 किलो आटा 2 किलो चावल एक नमक की थैली 5 किलो आलू हाथ धोने के लिए साबुन जब उनके पास छोटी सी सेवा लेकर पहुंचे, हमारी आंखों में भी आंसू आ गए। छोटे-छोटे बच्चे जो भूखे थे उनकी आंखों में खुशी देखकर आज लगा हमने जीवन में कोई अच्छा काम किया है। हमने उन्हें भरोसा दिलाया  हम तुम्हारे साथ हैं तुम अकेले नहीं हो हमारे  सम्राट महाराणा प्रताप ने 45 वर्ष घास की रोटी खाकर अपना जीवन बिताया था तो हम हाथ कैसे फैला सकते हैं। चित्तौड़गढ़ से हम निकले और हमने कसम खाई थी। हम कभी पक्के मकानों में नहीं रहेंगे धन्यवाद करते हैं मानव कल्याण चैरिटेबल फाउंडेशन का जिन्होंने हमारी मदद देवदूत बनकर हमारे बीच पहुंचे भगवान से प्रार्थना करते हैं। इनके संस्था को और इनकी छाती को और फैलाएं।


सपा के द्वारा जरूरतमंदों की मदद

सपा पूर्व जिलाध्यक्ष प्रतिदिन लोगों को बांट रहे खाद्य सामग्री
सोशल डिस्टेंस का ध्यान रखते हुए अपने आवास में बांटते खाद्य सामग्री
सुनील पुरी


फतेहपुर। समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष कोरोना वायरस संक्रमण के चलते लॉक डाउन होने के कारण प्रतिदिन जरूरतमंद लोगों को खाद्य सामग्री देने का काम कर रहे हैं जबसे लाख डाउन प्रारंभ हुआ लगभग हर दिन अपने आवास पर सोशल डिस्टेंस का ध्यान रखते हुए खाद्य सामग्री दे रहे हैं।
लॉक डाउन की स्थिति में तमाम लोगों को काम नहीं मिल पा रहा जिससे उनके सामने रोजी-रोटी की समस्या बनी हुई है इस समस्या को लेकर समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष रामेश्वर दयाल दयालु लॉक डाउन शुरू होने के बाद से अब तक लगातार लगभग प्रतिदिन जरूरतमंद लोगों को खाद्य सामग्री देने का काम कर रहे हैं वह अपने आवास पर सोशल डिस्टेंस का ध्यान रखते हुए लोगों को खाद सामग्री देने का काम कर रहे हैं निश्चित रूप से एक नेक और अच्छा काम है इस संबंध में सपा पूर्व जिलाध्यक्ष रामेश्वर दयाल दयाल ने बताया कि वह प्रतिदिन 30 से लेकर 50 लोगों को खाद्य सामग्री देने का काम कर रहे हैं इसके अलावा नगर पालिका परिषद के सफाई कर्मचारियों को अंग वस्त्र भी भेंट किए थे तमाम लोगों को मास्क भी वितरित किए इसके अलावा नगर के विभिन्न स्थानों में अपने साथियों के साथ पहुंचकर जी खाने की सामग्री देने का काम किया है यह अनवरत काम लॉक डाउन तक चालू रहेगा।


छात्रों की 3 माह की फीस माफ की

जनपद फतेहपुर के पहले स्कूल ने फीस माफ कर कायम की मिशाल।


सुनील पुरी


फतेहपुर/अमौली। वैश्विक आपदा कोरोना से निपटने के लिए जिस प्रकार बीएसएफ जवान, डॉक्टर, पुलिसकर्मी, सफाईकर्मी, व समाजसेवी संगठन सभी मिलकर अपनी अपनी समर्थता व दायरे में सहयोग कर रहे है। फ़तेहपुर जिले का एक विद्यालय परिवार आगे बढ़कर आया है।


अमौली कस्बे के एस0आर0 पब्लिक स्कूल के प्रबंधक संदीप सिंह उमराव ने अपने विद्यालय के समस्त छात्रों की 3 माह अप्रैल मई-जून की मासिक शुल्क व वाहन शुल्क माफकर अभिभावकों को एक बहुत बड़ी प्रदान किया है। विद्यालय में पीजी से कक्षा 10 तक कक्षाएं संचालित है। *जिन अभिवावकों ने आगामी फीस जमा कर रखी है उनकी फीस को आगामी महीनों में समायोजित कर दिया जाएगा।* संकट की इस घड़ी में आप परेशान हो विद्यालय परिवार आप सभी के साथ है।


छात्रों का पढ़ाई में नुकसान न हो इसके लिए ऑनलाइन क्लास संचालित है। जिसका सभी विद्यार्थी लाभ लेते रहे, और अभिवावक उनका सहयोग करते रहे। विद्यालय की इस पहल की पूरे जिले में सराहना हो रही है, अन्य विद्यालय समिति को भी इस संकट की घड़ी में फीस माफ की मुहिम में आगे बढ़कर आना चाहिए।


बाइक में लगी आग, दोनो सवार झुलसे

बाईक पर आग लगने से महिला सहित दो लोग झुलसे।।
आज दिनांक 21.04.2020 कों दोपहर समय करीब 2.30 बजे 


सुनील पुरी


फतेहपुर। बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के खजुआ चौराहे  के पास बाइक में अचानक आग लग जाने के कारण एक महिला समेत दो लोग झुलस गए। घटना इस प्रकार है कि उक्त स्थान पर एक व्यक्ति द्वारा बीडी पीए जाने से अचानक बाइक में आग लग गई और बाइक में सवार महिला समेत दो लोग झुलस गए। जिनको इलाज हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बिंदकी में भर्ती कराया गया। विवरण इस प्रकार हैं कि अन्नू सोनकर उम्र 30 वर्ष पुत्र लल्लू सोनकर निवासी जोनिहा थाना बिंदकी अपने महिला रिश्तेदार जय देवी पत्नी जगरूप निवासी बैरमपुर थाना बिंदकी के यहां से खजुहा आ रहा था तभी रास्ते के पेट्रोल पंप से बाइक में पेट्रोल डलाने लगा। पेट्रोल डलाने के बाद ढक्कन नही लगाया और बीड़ी पीने लगा और तभी बाइक में आग लग गई। जिससे बाइक में सवार एक महिला समेत दो लोग बुरी तरह से झुलस गए। जिनको इलाज हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बिंदकी फतेहपुर में भर्ती कराया गया।


प्रत्येक परिवार को मुफ्त बेसिक किट

लॉकडाउन में दिल्ली के हर परिवार को मुफ्त मिलेगी बेसिक किट, मुख्यमंत्री केजरीवाल का बड़ा ऐलान
विजय भाटी


नई दिल्‍ली। दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना को लेकर प्रेस वार्ता कर कोरोना को लेकर अपडेट दिया। उन्‍होंने बताया कि कोविड -19 से सोमवार की रात तक 2081 केस पॉजिटिव मिले हैं। इनमें से 431 लोग ठीक हुए गए हैं। वहीं 47 लोगों ने अब तक इस गंभीर बीमारी से जान गंवा दी है। वर्तमान में कुल 1603 एक्‍टिव केस हैं। वहीं उन्‍होंने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि दिल्‍ली में राशन की किसी को दिक्‍कत नहीं होगी इसके लिए सरकार हर परिवार को एक-एक किट मुफ्त में देगी। हालांकि इसके लिए अभी एक हफ्ते का इंतजार करना होगा। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कोविड -19 को लेकर पूरी जानकारी दी। उन्‍होंने कहा कि सोमवार को 1397 सैंपल में से 78 पॉजिटिव आए। मरने वालों में 83 फ़ीसदी ऐसे थे जिनको कोई दूसरी बीमारी थी। जिन लोगों की कोरोना की वजह से मौत हो रही है उनमें 80 फीसद ऐसे हैं जिनकी उम्र 50 से ज़्यादा है।  किसी को सांस की बीमारी थी या किसी को कैंसर थी।  इसलिए मैं बार-बार बोलता हूं कि बुजुर्ग अपना ख्याल रखें। उन्‍होंने इस बात पर भी जोड़ दिया कि जिन लोगों को कोई और बीमारी है वह लोग भी अपना खास ख्याल रखें।


केजरीवाल ने कहा कि गरीबों के लिए हमने पूरी तरह से फूड सिक्योरिटी सुनिश्चित की है। जब तक कोरोना की मार रहेगी हमने फूड सिक्योरिटी का पूरा प्लान बनाया है। 71 लाख को 7.5 किलो मुफ़्त राशन बांट दिया। 10 लाख ऐसे थे जिनका राशन कार्ड नहीं था, अब और 30 लाख लोगों के लिए लिए किया गया है। वहीं 38 लाख के आवेदन हैं। लगभग एक करोड़ लोगों को दिल्ली में हम मुफ्त राशन दे रहे हैं। यह 30 लाख लोग हैं जो आधार कार्ड वगैरह के आधार पर आवेदन करेंगे।


दिल्ली सरकार दिल्ली की आधी आबादी को मुफ्त राशन दे रही है आज ही हमने यह फैसला लिया है। 28-29 अप्रैल से सरकार हर परिवार को एक-एक किट बेसिक सामान की देगी। स्टेट में खाने का तेल छोले साबुन आदि होंगी। हर विधायक को और हर सांसद को चाहे वह किसी भी पार्टी के हो सबको 2000 पूर्ण कूपन जारी किए जाएंगे जिसके ऊपर प्रति व्यक्ति 5 किलो राशन मिलेगा। यह कूपन ऐसे लोगों को दिए जाएंगे जिनके पास ना राशन कार्ड है ना ही कोई भी पहचान का कार्ड है। आज 60 नई एंबुलेंस हायर करने के लिए सरकार ने आदेश दिए हैं। देश के कई जगह से खबर आ रही है कि जब पत्रकारों का टेस्ट करवा रहे हैं तो उनको कोरोना निकल रहा है। पत्रकारों और उनके जज्बे को मैं सलाम करता हूं। मेरे पास कल से कहीं पत्रकारों के फोन आ रहे थे तो अब हम कल सुबह से पत्रकारों की टेस्टिंग का इंतजाम किया है।


गुरुद्वारा कमेटी ने बांंटी, 20 टन सामग्री

गुरुद्वारा साहिब इंदिरापुरम के प्रधान सरदार गुरप्रीत सिंह रम्मी ने अपने साथियों के साथ मिलकर जरूरतमंदों को बाटी 20 टन खाद्यान्न सामग्री यह क्रम लॉक डाउन तक जारी रहेगा
विजय भाटी
गाज़ियाबाद। लॉक डाउन के समय पर जिसने समाज हित में सेवा का बीड़ा उठा रखा है वो है गुरुद्वारा साहिब इंदिरापुरम के प्रधान सरदार गुरप्रीत सिंह रम्मी और उनके तमाम साथी जो इस संकट की घड़ी में अपना पराया भूल समाज की आखरी इंसान तक हर तरह की मदद पहुंचाने की कोशिश में जुटे हैं। जिस दिन से लॉक डाउन हुआ उसी दिन से सेवा का यह कार्य चल रहा है इंदिरापुरम ही नहीं पूरे एनसीआर दिल्ली में जहां जहां से फोन आता है संदेश आता है वहां पहुंच जाती है उनकी टीम मदद करने के लिए गाजियाबाद सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी इस सेवा के क्षेत्र में उतरे प्रमुख लोगों को सम्मानित करने का काम करेगी जो इस संकट की घड़ी में अपने पराए को भूल सिर्फ मदद सिर्फ मदद करती है।


रोजाना लगभग 25 सौ लोगों का खाना गुरुद्वारा साहिब में तैयार किया जा रहा है इसके साथ साथ जहां जहां कोई गरीब आदमी फंसा है वहां वहां पर कच्चा राशन आटा दाल चावल साबुन मसाले व दवाई पहुंचाने का काम कर रही है बस इतना ही नहीं जो लोग कहीं फंसे हैं उनको वहां से निकाल उनके घर तक पहुंचाने का भी काम है चल रहा है ।गाजियाबाद सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी यह घोषणा कर रही है इनके अलावा भी अगर कोई समाज हित में इसी तरह का काम कर रही है संस्था उसे भी सम्मानित किया जाएगा गुरुद्वारा साहिब इंदिरापुरम जो बीड़ा उठाया है बहुत सारे लोग उनको दुआएं दे रहे हैं कुछ पंजाब में फंसे थे जिनको गुरुद्वारा साहिब की मदद से दिल्ली या गाजियाबाद लाया गया गुरप्रीत सिंह रम्मी सिर्फ हिंडन पार क्षेत्र में ही नहीं दिलशाद गार्डन कबूल नगर गाजियाबाद की विभिन्न कॉलोनियों में जहां जहां किसी गुरुद्वारा साहिब की कमेटी ने भी मदद मांगी उनकी मदद करने के लिए भी वह आगे आ रहे हैं किसी सिख परिवार के एक सदस्य की जो शाहदरा में था उनकी मौत हो गई उनको कार का पास यहां तक कि हापुड़ रोड गुरुद्वारा साहिब के प्रधान जसविंदर सिंह सन्नी ने अपनी स्कूटी और पास देकर कुछ पैसा देकर शाहदरा से उनको लाने का प्रबंध भी किया हमारे गुरु ने सेवा को मुख् रखते हुए लंगर की सेवा शुरू की गुरुद्वारा इंदिरापुरम में अब तक 20 टन से ज्यादा राशन लोगों तक पहुंचाने का कार्य किया है बीमार को दवाई भी पहुंचाने का कार्य कर रही है इंदिरापुरम गुरुद्वारा साहिब बहुत से लोग इस संस्था के कार्य को देखते हुए उनके अकाउंट में धन भी दे रहे हैं मैं उन धन देने वालों को भी प्रणाम करता हूं पर यकीन दिलाता हूं कि आपका ₹1 भी किसी गरीब के काम ही आयेगा और भी कुछ गुरद्वारा साहिब की कमेटी है सेवा के क्षेत्र में उतरी हैं मैं उनको भी सलाम करता हूं भले ही गुरुद्वारा साहिब इंदिरापुरम भले ही अपने कार्य की फोटो ना खिच वाता हो मगर उनका काम सराहनीय है समाज हित में जनहित में जो भी शख्स सेवा के क्षेत्र में उतरा है परमात्मा उनकी लंबी उम्र करें और गुरप्रीत सिंह रम्मी से विशेष तौर पर कहना चाहता हूं कि आप जिस कार्य को कर रहे हैं इससे वाहेगुरु खुशियां आपको   बक्शे गुरुद्वारा साहिब रामप्रस्थ गुरुद्वारा साहिब आनंद विहार दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी गुरुद्वारा साहिब विवेकानंद नगर गुरुद्वारा साहिब जी ब्लॉक और भी कुछ लोग इस सेवा के कार्य को कर रहे हैं आज सोच पाएंगे इस संकट की घड़ी में अपने परिवार के बीच में रहकर समाज हित में कार्य करने वाले कितने महान लोग होते हैं मैं उन लोगों से भी अपील करता हूं हम जो सेवा करते हैं अपने लिए करते हैं इसका फल हमें मिलना है झूठ ज्यादा दिन नहीं चलता सिर्फ अखबारों में सेवा करना उचित नहीं है हो सके तो मेरी बात का बुरा ना मानते हुए वह लोग सेवा के क्षेत्र में  उतरे आप एक परिवार को बचाएं मगर आगे आए कुछ जानकारियों के साथ कल फिर आपके बीच लिखूंगा मैं उन तमाम लोगों को प्रणाम करता हूं जो इस संकट की घड़ी में किसी दूसरे के काम आ रहे हैं उन सभी का धन्यवाद करते हुए अगर आपको या पढ़ने वाले किसी व्यक्ति को भी किसी चीज की जरूरत हो तो आप हमें फोन कर सकते हैं हम सौ प्रतिशत   वहां तक जरूर पहुंचने का प्रयास करेंगे इसको अवश्य पढ़ें और पढ़ के दूसरों तक यह मैसेज पहुंचाएं इस संकट की घड़ी में यह भी सेवा हमारी परवान होगी आप सभी का धन्यवाद करते हुए सरदार मंजीत सिंह गाजियाबाद सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी।


 


दिल्ली-गाजियाबाद सीमा पूरी तरह बंद

अकाशुं उपाध्याय


नई दिल्ली/गाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए गाजियाबाद प्रशासन ने दिल्ली से सटे अपने बॉर्डर को सील करने का फैसला किया है। पिछले दिनों दिल्ली से गाजियाबाद आए लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। जिसके बाद गाजियाबाद से दिल्ली के बीच आवागमत को प्रतिबंधित कर दिया गया है। हालांकि इस प्रतिबंध के बावजूद आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई जारी रहेगी, साथ ही वैध पास धारकों को भी प्रवेश की अनुमति होगी।


गाजियाबाद के जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि मुख्य चिकित्साधिकारी से प्राप्त सूचना में सामने आया है कि गाजियाबाद में 6 व्यक्तियों की रिपोर्ट सामने आई है। ये सभी कोरोना से पॉजिटिव पाए गए हैं। ये सभी व्यक्ति किसी न किसी कारण से गाजियाबाद से दिल्ली गए थे। आदेश में कहा गया है कि सीएमओ की इस जानकारी से साफ होता है कि दिल्ली से गाजियाबाद के बीच संपर्क जारी रहने से संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। इसे देखते हुए गाजियाबाद प्रशासन ने निर्णय लिया है कि राष्ट्रीय आपदा अधिनियम2005 और एपिडेमिक एक्ट के तहत दिल्ली और गाजियाबाद के बीच आवागमन को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। हालांकि आवश्यक वस्तुओं, अपरिहार्य कारण और वैध पास धारकोें के लिए यह छूट जारी रहेगी। ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।


लॉक डाउन-सुरक्षा नियमों का पालन करें

गाजियाबाद। (कल्पना आर्या) लॉकडाउन के सफल क्रियान्वयन हेतु जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी द्वारा जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में भ्रमण कर लाॅकडाउन की स्थिति व हॉटस्पॉट व आइसोलेशन केन्द्रों/दिल्ली-यूपी बाॅर्डर (यूपी गेट, तुलसी निकेतन, लालकुआं, कौशाम्बी) आदि का निरीक्षण कर, स्थिति का जायजा लिया गया। एसएसपी ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में हाॅटस्पाट केंद्रों पर ड्यूटी में मौजूद मिले पुलिसकर्मियों व अन्य लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखने, मास्क आवश्यक रूप से लगाने तथा ग्लब्स, सैनेटाइजर यूज़ करने, एवम् पुलिस कर्मियों को COVID-19 से खुद के बचाव हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
एसएसपी द्वारा विभिन्न हाॅटस्पाॅट में आम नागरिकों से बातचीत की और समस्याओं का मुआयना किया गया तथा ड्यूटी पर लगे सभी पुलिसकर्मियों से हॉटस्पॉट क्षेत्रांतर्गत रहने वाले व्यक्तियों की दैनिक आवश्यकताओं का विशेष ध्यान में रखने हेतु आदेश दिया। इस दौरान मौके पर सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी व थानाध्यक्ष भी मौजूद रहे।एसएसपी द्वारा सभी क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी व पुलिसकर्मियों को लाॅकडाउन  का पूर्णरूपेण पालन कराने तथा उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया।


आफतः सीमा सील, सड़कों पर जाम

अश्वनी उपाध्याय


गाजियाबाद। लॉकडाउन के सख्ती से पालन के बाद दिल्ली और उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद बॉर्डर पर लंबा जाम लगा।
दरअसल गाजियाबाद के डीएम अजय शंकर पांडेय के सख्त आदेश के बाद देर रात से गा0 पुलिस ने सीमाओं को सील कर दिया था। जिस कारण सुबह बिना पास वाले वाहनों के कारण यूपी गेट पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। दिल्ली से गाजियाबाद गए 6 लोगों के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद के प्रशासन हरकत में आया। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए डीएम डॉ. अजय शंकर पांडे ने दिल्ली और गाजियाबाद के बीच आवागमन को पूरी तरह से बंद कर दिया है। देर रात उन्होंने इस बाबत आदेश जारी किए। उन्होंने बताया कि आवश्यक सामग्री लाने वालों को छोड़कर किसी भी व्यक्ति का दिल्ली और गाजियाबाद के बीच आवागमन नहीं होगा। लॉकडाउन पास वाला व्यक्ति ही दिल्ली से गाजियाबाद में एंंट्री कर सकेगा। वहीं बिना पास वाले भी अपनी गाड़ी लेकर पहुंचे तो पुलिस ने उनको गाजियाबाद जाने से मना कर दिया जिससे वहीं लंबा जाम लग गया।
बता दें कि दिल्ली और गाजियाबाद के कई इलाके कोरोना के हॉटस्पॉट बन चुके हैं। अकेले गाजियाबाद मे पिछले 24 घंटे में 16 लोगों में कोरोना मिल चुका है। दिल्ली में भी कोरोना संक्रमितों की संख्या दो हजार के पार कर चुकी है।


कर्नाटक में एक और मौत, मृतक-17

बेंगलुरु। कर्नाटक के कलबुर्गी जिले में कोविड-19 से 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई जिसके बाद राज्य में मृतकों की संख्या 17 हो गई है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री के.सुधाकर ने मंगलवार को यह जानकारी दी।


मंत्री ने ट्वीट कर बताया कि बुजुर्ग व्यक्ति पिछले तीन साल से पार्किन्सन बीमारी से पीड़ित था और सोमवार को एक अस्पताल में उसकी मौत हो गई। सुधाकर ने ट्वीट किया, 'व्यक्ति को रविवार को बुखार होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। मरीज की कल सुबह नौ बजे मौत हो गई थी। पिछली रात नौ बजे जब रिपोर्ट आई तो उसमें पुष्टि हुई कि व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित था।' कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग की ओर से सोमवार शाम जारी बुलेटिन के मुताबिक राज्य में कोविड-19 के मरीजों की संख्या 400 के पार चली गई है। वहीं, भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के नए मामलो में फिर से तेजी देखने को मिल रही है।  पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 1336 नए मामले सामने आए हैं, वहीं 47 लोगों की मौत हो गई है।  मंगलवार को जारी स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 18601 हो गई है। इस खतरनाक कोविड-19 महामारी से मरने वालों का आंकड़ा 590 पहुंच गया है। कोरोना वायरस के कुल 18601 मामलों में से 14759 एक्टिव केस हैं। इसके अलावा, 3522 लोग पूरी तरह से ठीक हो गए हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।


1000 से अधिक मवेशियों का झुंड मिला

लुआंडा। अंगोला को चाड के 1,000 से अधिक मवेशियों का झुंड मिला है, एक सरकारी अधिकारी ने कहा, एक असामान्य ऋण चुकौती सौदे का नवीनतम शिपमेंट।


मध्य अफ्रीकी देश, अपने तेल राजस्व के बावजूद कमजोर, 2017 में अंगोला के साथ $ 100 मिलियन (92 मिलियन-यूरो) ऋण का अनुबंध किया। पुनर्भुगतान के रूप में, अंगोला ने अपने बीफ उद्योग को विकसित करने में मदद करने के लिए, 2020 से पांच वर्षों में डिलीवरी के लिए 75,000 मवेशियों को लेने पर सहमति व्यक्त की। कृषि मंत्रालय में पशु चिकित्सा सेवा प्रमुख दुतेतला लुकास सिमाओ ने एएफपी को बताया, "इस खेप में 1,176 मवेशी शामिल हैं। उन्हें कुइमिनहा शहर में संगरोध में रखा गया है, जहां से निरीक्षण के बाद उन्हें उनके अंतिम गंतव्य के लिए ले जाया जाएगा।" सिमाओ ने कहा कि चूंकि पहला बैच एक महीने पहले आया था, इसलिए अंगोला ने 4,500 मवेशियों की डिलीवरी ली।तेल के बाद, पशुधन निर्यात आय का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत चाड है। यह सौदा अंगोला के लिए अच्छी तरह से काम करता है, जो अपने पशुधन कृषि क्षेत्र को तेल-निर्भर अर्थव्यवस्था में विविधता लाने के प्रयासों के तहत पुनर्जीवित करने का इच्छुक है। उप-सहारा अफ्रीका में दूसरा सबसे बड़ा कच्चा उत्पादक अपने 30 मिलियन लोगों के लिए मांस आयात करने के लिए हर साल $ 350 मिलियन खर्च करता है। सिमाओ ने कहा, "अंगोलन सरकार ने कैमाबेटेला पठार (देश के उत्तर में तीन प्रांतों में फैला हुआ) को पशु-प्रजनन और मांस-उत्पादन बेल्ट में बदलने के लिए एक कार्यक्रम शुरू किया है।" तेल की कीमतों में 2014 की गिरावट के बाद से अंगोला गहरे आर्थिक संकट की चपेट में है। कोरोनोवायरस ने केवल अपने संकटों को जोड़ा है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अनुसार, इस वर्ष अर्थव्यवस्था में 1.4 प्रतिशत की वृद्धि की संभावना है।


उत्तराखंडः प्रशासन ही करेगा पास जारी

देहरादून। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन को देखते हुए उत्तराखंड में अब सिर्फ प्रशासन की ओर से ही पास जारी होगा। अभी तक देहरादून स्मार्ट सिटी के साथ ही पुलिस की ओर से भी पास जारी किए जा रहे थे।
 
जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अब प्रशासन द्वारा तय किए गए अधिकारी ही लॉकडाउन के पास जारी कर सकेंगे। इसके लिए सिटी मजिस्ट्रेट, एडीएम, एसडीएम समेत कई अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन्हीं अधिकारियों के माध्यम से ही ऑनलाइन पास भी जारी किए जाएंगे, ताकि घर से निकलने वालों को कोई परेशानी न हो।


चीन से मांगा 12.41 लाख करोड़ हर्जाना

बीजिंग/बर्लिन। कोरोना वायरस फैलाने पर चीन से खफा जर्मनी के सबसे बड़े अखबार बिल्ड ने उस पर 13 हजार करोड़ पाउंड (करीब 12.41 लाख करोड़ रुपये) का दावा किया है। यह दावा कोरोना की वजह से देश को हुए नुकसान की भरपाई की एवज में किया गया है।


इस दावे में कहा गया है कि महामारी की वजह से जर्मनी को भारी नुकसान हो रहा है। सोमवार से शनिवार तक जर्मन भाषा में वर्ष 1952 से प्रकाशित हो रहे बिल्ड अखबार ने नोटिस के जरिए उन सभी नुकसान व खर्च का उल्लेख किया है, जिन्हें जर्मनी ने महामारी की वजह से सहा। इसमें 2700 करोड़ यूरो का नुकसान देश के पर्यटन उद्योग को, 10 लाख यूरो प्रति घंटा नुकसान जर्मन एयरलाइंस लुफ्तहांसा को और 5000 करोड़ यूरो का नुकसान जर्मनी केे छोटे उद्योगों को बताया गया है। बिल्ड के अनुसार अगर जर्मनी की जीडीपी 4.2 प्रतिशत गिरती है तो इसकी वजह से 1784 यूरो प्रति व्यक्ति बोझ पड़ेगा।


श्रीलंका के संसदीय चुनाव स्थगित

कोरोना की वजह से श्री लंका में संसदीय चुनाव 2 माह के लिए स्थगित


नई दिल्ली/ कोलम्बो। कोरोना वायरस के कारण दुनियाभर निजी से साथ-साथ सरकारी स्तर पर लोगों को अपने कार्यों को स्थगित करना पड़ रहा है। भारत ने भी कोरना के कारण 2021 में होने वाली राष्ट्रीय जनसख्या गणना (NPR) को रोक दिया था। इसी तरह श्री लंका की सरकार ने भी अपने यहां वायरस के चलते होने वाले संसदीय चुनावों को 2 माह के लिए स्थगित कर दिया है। बता दे इससे पहले 25 अप्रैल को वहां ससदीय चुनाव होने वाले थे।सरकारी आदेश हुआ था जारीः सोमवार को एक सरकारी आदेश जारी हुआ जिसमें चुनाव 20जून को चुनाव कराने की घोषणा की गई है। इस आदेश में राष्ट्रीय चुनाव आयोग के तीन सदस्यों के हस्ताक्षर हैं। चुनाव स्थगित करने का फैसला स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों के साथ गहन विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। नई संसद का काम जरुरीः चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति राजपक्षे को पत्र लिख कर कहा कि वह चुनाव स्थगित होने के कारण पैदा होने वाले संभावित संवैधानिक गतिरोध पर उच्चतम न्यायालय का रुख जाने। इसमें कहा गया है कि चुनाव स्थगित होने का मतलब यह है कि संसद दो जून को शुरू नहीं होगी। पिछली संसद दो मार्च को भंग होने के बाद दो जून को तीन माह पूरे हो जाएंगे। असल में देश के संविधान के अनुसार संसद को तीन माह से ज्यादा भंग नहीं रखा जा सकता, इस अवधि के बाद नई संसद का काम करना जरूरी है।


इटलीः संक्रमित मामलों में आई कमी

इटली में अबतक कोरोना की वजह से 23,660 लोगों की मौत


रोम। कोरोना वायरस महामारी पूरी दुनिया में कहर बरपा रही है। हालांकि इस बीच इटली से एक अच्छी खबर निकलकर सामने आई है। इटली में कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या में सोमवार को पहली बार कमी दर्ज की गई। देश में सबसे पहला संक्रमण का मामला फरवरी में सामने आया था।
फ्रांस की नागरिक सुरक्षा सेवा के मुताबिक, संक्रमित होने के बाद 108,237 लोगों का या तो अस्पताल में इलाज किया गया या घरों में इनके स्वास्थ्य का ख्याल रखा जा रहा था। नागरिक सुरक्षा सेवा के प्रमुख एंगेलो बोरेली ने कहा, 'पहली बार, हमने एक नया सकारात्मक संकेत देखा है। संक्रमित लोगों की संख्या में कमी आई है।


मुठभेड़ में 19 सुरक्षाकर्मीयों की मौत

काबुल। अफगानिस्तान में विभिन्न सुरक्षा चौकियों पर तालिबान के हमलों में सुरक्षा बलों के 29 सदस्यों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उत्तरी ताखर प्रांत के ख्वाजा घोर जिले में रात मुठभेड़ में 19 सुरक्षाकर्मी मारे गए। प्रांतीय गवर्नर के प्रवक्ता जावद हाजरी के अनुसार दूसरे स्थानों से अतिरिक्त सुरक्षाबलों के वहां पहुंचने पर तालिबान के लड़ाके भाग गए।


इससे पहले उत्तरी बाख प्रांत में रविवार (19 अप्रैल) सुबह तालिबान के हमले में सात लोगों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि हमले के दौरान एक बच्चा गोलीबारी में घायल हो गया। इस घटना में तालिबान के पांच लड़ाके भी मारे गए। वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के अनुसार पश्चिमी बदगीस प्रांत में तालिबान ने रविवार सुबह सेना की एक चौकी पर हमला किया जिसमें तीन सैनिकों की मौत हो गई और 10 घायल हो गए। तालिबान ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है। फरवरी में अमेरिका और तालिबान के बीच हुए समझौते के तहत काबुल में राष्ट्रपति अशरफ गनी की सरकार और तालिबान कैदियों का आदान-प्रदान करने की प्रक्रिया में हैं।अफगानिस्तान में तालिबान हमले में नौ सैनिकों की मौत
इससे पहले अफगानिस्तान के लोगर प्रांत में बुधवार (15 अप्रैल) की रात तालिबान आतंकवादियों के साथ संघर्ष में अफगानिस्तानी सेना के कम से कम नौ जवान मारे गए थे। देश के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी कर घटना की पुष्टि की और कहा, “लोगर प्रांत में चरख जिले के कला-ए-दश्त इलाके में अफगान नेशनल डिफेंस एंड सिक्योरिटी फोर्सेज की चौकियों पर तालिबान के हमले में अफगान नेशनल आर्मी फोर्स के नौ सदस्य के बाद मारे गए।


ब्रिटेन में 16 हजार से ज्यादा मौते

दुनिया में अब तक 1 लाख 70 हजार मौतें: ब्रिटेन में मौतों का वास्तविक आंकड़ा पिछली रिपोर्ट से 41% ज्यादा; सिंगापुर में 1 जून तक प्रतिबंध लगेगा


ब्रिटेन: लंदन में लेविशाम अस्पताल के बाहर स्वास्थ्यकर्मी।


ब्रिटेन में अब तक 16 हजार से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं।
ब्रिटेन की राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों में10 अप्रैल तक 13,121 मौतें हुई थीं, जबकि 9,288 बताई गई।


सिंगापुर के पीएम ने कहा- देश में संक्रमण को देखते हुए लॉकडाउन 4 मई के बाद4 हफ्तों के लिए बढ़ाया जा सकता है
दुनियाभर में संक्रमण के 24 लाख 99हजार मामले हैं, जबकि छह लाख 58हजार लोग ठीक हो चुके हैं।


वॉशिंगटन/ लंदन। दुनिया में अब तक एक लाख 71हजार 338 लोगों की मौत हो चुकी है। संक्रमण के 24 लाख 99हजार 546 मामले हैं। वहीं, छह लाख 58हजार 044 ठीक हो चुके हैं।सीएनएन के मुताबिक, ब्रिटेन और वेल्स में 10 अप्रैल तक सरकार के आंकड़ों की तुलना में ज्यादा लोगों का जान गई है। उस समय आधिकारिक आंकड़ों में कहा गया था कि 9,288 लोग मारे गए थे। लेकिन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों में वास्तविक संख्या 13,121 थी। यह आंकड़ा 41% ज्यादा है। वहीं, सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सेन लूंग ने मंगलवार को घोषणा की कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रतिबंध 1 जून तक बढ़ाया जाएगा।


बांग्लादेशः मरने वालों की संख्या-101

ढ़ाका। बांग्लादेश में कोरोना वायरस संक्रमण से 10 और लोगों की मौत होने के साथ ही देश में इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 101 हो गयी है। वहीं विशेषज्ञों ने चेताया है कि जितनी तेजी से लोगों में संक्रमण बढ़ रहा है, मौजूदा संख्या वास्तविक स्थिति की सिर्फ एक झलक मात्र हो सकती है। कोरोना वायरस पर मीडिया से बातचीत में स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के एक अधिकारी ने बताया, ''पिछले 24 घंटे में 10 और मरीजों की मौत होने के साथ ही मरने वालों की संख्या 101 पहुंच गई है।


डीजीएचएस की अतिरिक्त महानिदेशक प्रोफेसर नसीमा सुल्ताना ने कहा कि पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 2,779 संदिग्ध मरीजों के नमूनों की जांच की गई है जिनमें से 492 के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। देश में कोरोना वायरस से संक्रमण का पहला मामला आठ मार्च को सामने आया था। डीजीएचएस की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक 2,948 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है।


फ्रांसः 24 घंटे में 547 लोगों की मौत

पेरिस। फ्रांस मे कोरोना वायरस संक्रमण से 24 घंटे में 547 लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही फ्रांस ने घोषणा की कि देशभर में इस वायरस से 20,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी जेरोम सालोमोन ने यह भी कहा कि देश फ्रांस में अब तक कोविड-19 के 20,265 मरीजों की मौत हो चुकी है। हालांकि, जेरोम ने अस्पतालों और गहन चिकित्सा सेवाओं में आने वाले मरीजों की संख्या में आयी कमी पर खुशी जाहिर की।


फ्रांस में भी लॉक डाउन का विरोध

पेरिस। अमेरिका और ब्राजील के बाद फ्रांस में लॉकडाउन काविरोध शुरू हो गया है। फ्रांस की राजधानी पेरिस में रविवार को लॉकडाउन के विरोध में दंगे भड़क उठे। यह दंगे उत्तरी पेरिस के विलेन्यूवे ला-गेरेन में भड़के। पुलिस पर आरोप है कि वह लॉकडाउन का पालन करवाने के दौरान गैर-ईसाई अल्पसंख्यकों के साथ बर्बरता से पेश आई और नस्लभेदी रवैया अपनाया। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने सोशल डिस्टेंसिंग के प्रतिबंधों को 11 मई तक बढ़ा दिया है। इसी के बाद पेरिस में यह दंगे भड़के हैं।


दंगों के दौरानभारी संख्या में लोग सरकार के विरोध में सड़कों पर उतर गए।पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी, रबर बुलेट चलाई और लाठी चार्ज भी किया। तस्वीरों में पुलिस का लाठीचार्ज और लोगों का विरोध स्पष्ट नजर आया। इस दौरान सड़कों पर पटाखे भी छोड़े गए। पेरिस की सड़कों पर लोगों ने आतिशबाजी की और वाहनों में आग लगा दी। पुलिस ने बल प्रयोग किया। 30 साल का बाइकर पुलिस कार से टकराया, उसके बाद भड़के दंगे। पेरिस में 30 साल का एक बाइक सवार एक अनियंत्रित पुलिस कार की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसके बाद लोग भड़क गए और प्रदर्शन करने लगे। लोगों ने कई वाहन जला दिए और आतिशबाजी भी की। लोगों का कहना है कि बाइक सवार जा रहा था तो पुलिस ने जानबूझकर अपनी कार का गेट खोल दिया, जिससे वह उससे टकराकर गंभीर रूप से घायल हो गया। फ्रांसीसी पत्रकार ताहा बुहाफ्स ने घटना से जुडा एक वीडियो पोस्ट किया है। यहां पुलिस पर नस्लवाद के आरोप लगाए गए हैं।


वायरसः मरीजों में 25 फीसदी गिरावट

सिडनी। कोरोना महामारी के वैश्विक प्रसार के बीच ऑस्ट्रेलिया की यह खबर राहत देने वाली हो सकती है। सिडनी में कोरोना वायरस के मरीजों में 25 फीसद की गिरावट आई है। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि देश में लंबे लॉकडाउन के बाद कोरोना के प्रसार पर नियंत्रण पा लिया गया है। उन्‍होंने कहा कि इस प्रगति को देखते हुए कुछ अस्‍पतालों में वैकल्पिक सर्जरी फिर से शुरू करने के साथ स्‍कूलों को खोलने का ऐलान किया जाएगा। मॉरिसन ने कैनबरा में कहा कि ऑस्ट्रेलिया अगले सप्ताह से कुछ प्रतिबंधों में छूट दे सकता है। हालां‍कि, मॉरिसन ने कहा कि देश में शारीरिक दूरी के नियमों का पुर्व की तरह ही पालन किया जाएगा। इस नियम में कोई ढील नहीं होगी। 


बता दें कि यहां मार्च में कोरोना वायरस के प्रसार के मद्देनजर अस्‍पतालों में गैर-आपातकालीन शल्यचिकित्सा पर सरकार ने रोक लगा दी थी। अस्‍पताल को कोरोना मरीजों के लिए बुक कर दिया गया था। इस क्रम में स्‍कूलों को अनिश्चितकालीन के लिए भी बंद कर दिया गया था। लेकिन हाल में कोरोना मरीजों की वृद्धि में भारी गिरावट के बाद ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने स्‍कूलों को खोलने का फैसला किया है। इसके साथ अस्‍पतालों में गैर-आपातकालीन शल्यचिकित्सा की रोक को भी हटा दिया है।


राजस्थान ने एंटीबॉडी रैपिड टेस्ट रोका

जयपुर। राजस्थान ने कोरोना वायरस का एंटीबॉडी रैपिड टेस्ट को रोक दिया। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा कि यह गलत परिणाम दे रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी तरफ से कोई प्रक्रियागत चूक नहीं है। यह किट इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) द्वारा भेजी गई थी और हमने इसकी सूचना आईसीएमआर को दे दी है।


दरअसल, राजस्थान में रैपिड टेस्ट किट की विश्वसनीयता को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया था। सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती कोरोना के 100 मरीजों का इस किट के जरिए टेस्ट किया गया, जिसमें से इसने 5 को ही पॉजिटिव बताया। यानी रैपिड टेस्ट किट जांच में फेल साबित हुआ। यह केवल 5 फीसदी सफलता हासिल कर पाया।


प्रधानमंत्री इमरान पर वायरस का खतरा

इस्‍लामाबाद। कोरोना महामारी से बेहाल पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान पर कोविड-19 से संक्रमित होने का खतरा मंडराने लगा है। दरअसल, पाकिस्‍तान के विश्‍व प्रस‍िद्ध एधी फाउंडेशन के चीफ अब्‍दुल सत्‍तार एधी के बेटे फैसल एधी को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। फैसल ने गत 15 अप्रैल को इमरान खान के साथ मुलाकात की थी। इमरान से मुलाकात के बाद जब फैसल अपने घर लौटे तो उनके अंदर कोरोना के लक्षण सामने आए।


फैसल की गुरुवार को कोरोना वायरस की जांच की गई तो उन्‍हें पॉजिट‍िव पाया गया है। पाकिस्‍तानी अखबार डॉन न्‍यूज से बातचीत में फैसल एधी के बेटे साद एधी ने कहा कि उनके पिता जब पिछले सप्‍ताह इस्‍लामाबाद में पीएम इमरान खान से मिलकर लौटे तो उनके अंदर कोरोना के लक्षण थे। साद ने बताया कि उनके पिता ने खुद को आइसोलेट कर लिया है और वह ठीक हैं।


मंदी को और मजबूत करेगा पेट्रोल-डीजल

नई दिल्ली/ मास्को। अमेरिका और रूस के बीच जारी द्वंद के कारण पेट्रोल-डीजल की कीमत ने धरती पकड़ ली है। सोमवार को अमेरिकी बाजार में तेल की कीमत -40 डॉलर/बैरल से भी नीचे चली गयी, जिसके कारण तेल कंपनियों में हाहाकार मच गया। कोरोनावायरस के कारण आर्थिक मंदी की आहट पहले से ही है, ऐसे में तेल कंपनियों का यह नुकसान इस मंदी को और मजबूत करेगा।


तेल की कीमत में यह स्थिति एक दिन में नहीं हुई है। तेल की कीमत में गिरावट की कहानी पिछले दो महीने से लिखी जा रही थी। दुनिया के दो शक्तिशाली देश रूस और अमेरिका के आपसी राजनीतिक द्वंद का खामियाजा तेल कंपनियों को उठाना पड़ा है। आइये जानते हैं अमेरिका रूस के उस द्वंद को जिसके कारण तेल पानी के भाव आगया हैैं। वेनेजुएला सबसे बड़ा कारण- तेल की कीमत में गिरावट का सबसे बड़ा वेनेजुएला है। अमेरिका और रूस के बीच जारी गतिरोध का सबसे बड़ कारण दक्षिणी अमेरिकी महाद्वीप पर स्थित देश वेनेजुएला है, जिसपर वर्तमान में अमेरिका का हस्तक्षेप है। रूस चाहता है कि अमेरिका वेनेजुएला के ऊपर राजनीतिक हस्तक्षेप बंद करे और उसके ऊपर लगाये गये तमाम प्रतिबंध हटाये, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इससे एक कदम भी पीछे हटने को तैयार नहीं है, जिसके कारण माना जा रहा है कि दोनों देशों का तकरार लंबा चल सकता है और इसका खामियाजा तेल कंपनियों को उठाना पड़ सकता है।ओपेक की बैठक से पहले रूस की पैंतरे बाजी- एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार तेल की कीमत में गिरावट की पहली भूमिका मार्च से पहले ओपेक-अमेरिका-रूस की बैठक से पहले ही हो गयी थी। मार्च के शुरूआत में रूस और ओपेक देशों के बीच तेल करार को लेकर समझौता होना था, जिसमें सभी देशों को अपनी उत्पादन घटाकर कीमत में बढ़ोतरी करनी थी। मगर रूस ने कोरोना को कारण बताकर बैठक में भाग नहीं लिया। रूस की इस चालाकी के कारण अमेरिका के शेल कंपनियों का भारी नुकसान हुआ, जिसके बाद अमेरिका भी तेल कंपनियों के कई बैठकों का बहिष्कार कर दिया। सऊदी अरब ने आग में घी का काम किया- दोनों मुल्कों के बीच तेल कीमत को लेकर रस्साकसी का दौर जारी था, लेकिन सऊदी अरब के फैसले ने आग में घी का काम किया। सऊदी अरब ने यूरोप के छोटे-छोटे तेल कंपनियों को खरीदना शुरु कर दिया। फोर्ब्स की रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब ने यूरोप के तेल कंपनियों में एक बिलियन डॉलर का निवेश किया है।


बिहार में 16 नए मरीज, आंकड़ा-113

बिहार में 16 नए कोरोना पॉजिटिवा मरीजों की पहचान होने से लोगो में दहशत


 राकेश सिंह


बिहार। 16 नए कोरोना पॉजिटिवा मरीजों की पहचान हुई। इसके साथ ही बिहार में कोरोना पीड़ितों का आंकड़ा बढ़कर 113 पर पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसकी पुष्टि की गई है। सभी 16 कोरोना संक्रमित मरीज नालंदा के बिहारशरीफ में मिले। इनमेंसे 6 महिला और 10 पुरुष कोरोना पॉजिटिव पाए गए।


इसके साथ ही नालंदा में कोरोना पॉजिटिव की संख्या बढ़ कर 28 हुई। संजय कुमार की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक ये सभी मरीज नालंदा जिले के रहने वाले हैं। जिसमें 17, 21, 23, 26, 45 और 50 साल की 6 महिलाएं शामिल हैं। इसके आलावा 14, 16, 18, 18, 19, 22 और 50 साल के मरीज शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 60 साल के 3 और मरीज इसी जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं।इससे पहले बीते 24 घंटे में 4 कोरोना के पेशेंट सामने आए थे। स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि नालंदा से जिस महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है वह महिला दुबई से लौटे कोरोना मरीज के संपर्क में आने से संक्रमित हुई है।


इससे पहले रविवार की देर रात 3 कोरोना मरीजों की पहचान की गई। ये मरीज मुंगेर जिले के जमालपुर के रहने वाले हैं। जिनकी उम्र 30 साल, 36 साल और 52 साल है। ये सभी मरीज कोरोना पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आने से संक्रमित हुए हैं। श्री कुमार ने बताया कि नालंदा का यह एक पॉजिटिव मरीज अब तक 10 लोगों को संक्रमित कर चुका है। जिसमें नालंदा के बिहारशरीफ का एक डाक्टर भी शामिल है। इसी मरीज के कारण पटना में भी एक पॉजिटिव मरीज सामने आया है, जो इसका ससुर बताया जा रहा है। पटना सिटी में सुल्तानगंज थाना इलाके के मेवा लाल साव लेन में यह मरीज सामने आया था।


बिहार स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी ताजा आंकड़े के मुताबिक सूबे में 42 पॉजिटिव लोग अब तक कोरोना जैसी जानलेवा बीमारी को हराकर नए जीवन को हासिल किया है। सूबे में अभी फिलहाल 52 केस एक्टिव हैं। बिहार में अब तक 11339 कोरोना के संदिग्ध मरीजों की जांच की गई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक 2 लोगों की मौत अब तक कोरोना के कारण बिहार में हुई है। एक व्यक्ति की मौत इसी तीन दिन के अंदर ही हुआ है। राज्य में 302 क्वारंटाइन केंद्र बनाये गए हैं।


लोस अध्यक्ष की विस अध्यक्षों से वीसी

विधान सभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने छत्तीसगढ़ के कोटा में अध्ययनरत् छात्रों की वापसी के लिए पहल करने की अपील की
विधान सभा अध्यक्ष डॉ. चरण दास महंत भी विडियो कॉन्फ्रेसिंग में शामिल हुए तथा राज्य सरकार के कार्यों की सराहना की


मनोज सिंह ठाकुर
नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष एवं सभापति, अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन श्री ओम बिरला ने आज पूर्वान्ह 11.00 बजे राज्य विधान मंडलो के पीठासीन अधिकारियों से कोरोना वायरस के संक्रमण तथा उससे बचाव एवं रोकथाम के लिए किए जाने वाले उपाय तथा लॉक डाऊन के दौरान विधायिका के क्रिया कलाप से संबंधित विभिन्न विषयों पर वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से चर्चा की। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत अपने निवास कार्यालय स्पीकर हाऊस शंकर नगर से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से इस चर्चा में शामिल हुए।
कोरोना संक्रमण से उत्पन्न स्थिति पर चर्चा करते हुए विधान सभा अध्यक्ष चरणदास महंत ने बताया कि-दिनांक 20 अप्रैल की स्थिति तक छत्तीसगढ़ में कुल 36 सेम्पल पॉजिटिव पाये गये और 25 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं और फिलहाल केवल 11 कोरोना पॉजिटिव मरीज का एम्स, रायपुर में ईलाज चल रहा है।
विधान सभा अध्यक्ष चरणदास महंत ने लॉकडाउन के दौरान विधायिका के क्रियाकलाप विषय पर चर्चा करते हुए बताया कि- 16 मार्च से सदन में बजट पर सामान्य चर्चा प्रारंभ होनी थी लेकिन कोविड-19 महामारी के संभावित प्रभाव के देखते हुए विधान सभा की कार्यवाही 16 मार्च को ही 26 मार्च तक के लिये स्थगित कर दी गयी। दिनांक 26 मार्च को ही वर्ष 2020-21 का बजट बिना चर्चा के पारित कर उसी दिन सभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिये स्थगित कर दी गई। विधान सभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कोटा जो कि लोकसभा अध्यक्ष का लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र है जहाँ आज भी छत्तीसगढ़ के हजारों छात्र अध्ययनरत् हैं, उनकी कुशल घर वापसी के प्रति चिंता व्यक्त की। चर्चा में लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने आश्वस्त किया कि-कोटा उनका लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र है इसलिए वे उन सभी छात्रों के अभिभावक है और उन सभी छात्रों की जिम्मेदारी उनकी है।


उन्होंने कहा कि-जिन राज्यों से आपसी चर्चा के बाद छात्रों की वापसी हेतु सहमति बन रही है उन्हें वैसी सुविधा उपलब्ध कराते हुए छात्रों की कुशल घर वापसी हेतु वे कृत संकल्पित हैं। इस विषय पर जो भी सहयोग होगा वे उसके लिए वे सदैव तत्पर रहेंगे।
डॉ. महंत ने प्रदेश के जो मजदूर अभी अन्य राज्यों में फंसे है और अभी तक वापस नहीं लौटे हैं उनकी भी घर वापसी के लिए चिंता व्यक्त की। डॉ. महंत ने लोकसभा अध्यक्ष के साथ अपनी चर्चा में लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र कोरबा एवं जांजगीर चांपा जिले में अनाज बैंक प्रारंभ करने की योजना की जानकारी देते हुए इस पुनीत कार्य के लिए हर संभव मदद करने की अपील की।


बिना मास्क 558 पर मामला दर्ज किया

अम्बेडकरनगर। कोविड-19 के दौरान लॉक डाउन के दूसरे चरण में जहाँ पर कोरोना पास्टिव के मरीज़ नहीं मिले वहां पर 20 अप्रैल से थोड़ी छूट मिलने के बाद लोग आवश्यक कार्यों से घरों से निकलने लगे लेकिन ऐसे लोग सावधान हो जाएं क्योंकि बिना मास्क के निकले तो अब पुलिस डंडा तो नहीं मारेगी लेकिन आपके खिलाफ मुकदमा अवश्य दर्ज हो जाएगा। गत 24 घंटे में जनपद के विभिन्न थानों में 199 मुकदमा पंजीकृत हुआ जिसमें 558 लोगों को आरोपित किया गया है।
जी हाँ, अब आवश्यक आर्यों के लिए भी घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। अगर आप घर के बाहर अपने दरवाजे ओर भी हैं तो मास्क (रुमाल, गमछा आदि) से अपना मुंह व नाक अवश्य ढक कर रखें अन्यथा स्थानीय पुलिस आपका फ़ोटो खींच कर आपके खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करेंगे। फ़ोटो लेते समय पुलिस कर्मी आपका नाम व पता भी पूछेंगे तो कदापि गलत मत बताना अन्यथा गलत नाम बताने के आरोप में धोखाधड़ी का मुकदमा अलग से कायम हो सकता है।
जनपद अम्बेडकरनगर में पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी के निर्देशन पर अपर पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार मिश्र के नेतृत्व में लाक डाउन के अनुपालन हेतु चलाये जा रहे अभियान में जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों मे कुल 199 अभियोग, 558 व्यक्ति नामजद व 08 अभियुक्त अज्ञात के विरूद्ध पंजीकृत किया गया।
थाना भीटी: लाकडाउन में अनुपालन न करने के कारण थाना क्षेत्र भीटी मे भादवि की विभिन्न धाराओ मे कुल 10 अभियोग 10 अभियुक्तों के विरूद्ध पंजीकृत किया गया।
 थाना टाण्डा: लाकडाउन में अनुपालन न करने के कारण थाना क्षेत्र टाण्डा मे भादवि की विभिन्न धाराओ मे कुल 04 अभियोग 17 अभियुक्तों के विरूद्ध पंजीकृत किया गया।
थाना अहिरौली: लाकडाउन में अनुपालन न करने के कारण थाना क्षेत्र अहिरौली मे भादवि की विभिन्न धाराओ मे कुल 09 अभियोग 11 अभियुक्तों के विरूद्ध पंजीकृत किया गया।
थाना जैतपुर: लाकडाउन में अनुपालन न करने के कारण थाना क्षेत्र जैतपुर मे भादवि की विभिन्न धाराओ मे कुल 15 अभियोग 60 अभियुक्तों के विरूद्ध पंजीकृत किया गया।
थाना मालीपुर: लाकडाउन में अनुपालन न करने के कारण थाना क्षेत्र मालीपुर मे भादवि की विभिन्न धाराओ मे कुल 12 अभियोग 21 अभियुक्तों के विरूद्ध पंजीकृत किया गया, जिनमे से 06 अभियुक्तो का 151 द0प्र0सं0 मे चलान किया गया।
थाना जलालपुर: लाकडाउन में अनुपालन न करने के कारण थाना क्षेत्र जलालपुर मे भादवि की विभिन्न धाराओ मे कुल 12 अभियोग 40 अभियुक्तों के विरूद्ध पंजीकृत किया गया।
थाना हंसवर: लाकडाउन में अनुपालन न करने के कारण थाना क्षेत्र हंसवर मे भादवि की विभिन्न धाराओ मे कुल 02 अभियोग 07 अभियुक्तों के विरूद्ध पंजीकृत किया गया।
कोतवालीअकबरपुर: लाकडाउन में अनुपालन न करने के कारण थाना क्षेत्र को0 अकबरपुर मे भादवि की विभिन्न धाराओ मे कुल 19 अभियोग 84 अभियुक्तों के विरूद्ध पंजीकृत किया गया।
थाना आलापुर: लाकडाउन में अनुपालन न करने के कारण थाना क्षेत्र आलापुर मे भादवि की विभिन्न धाराओ मे कुल 18 अभियोग 36 अभियुक्तों के विरूद्ध पंजीकृत किया गया।
थाना सम्मनपुर: लाकडाउन में अनुपालन न करने के कारण थाना क्षेत्र सम्मनपुर मे भादवि की विभिन्न धाराओ मे कुल 15 अभियोग 77 अभियुक्तों के विरूद्ध पंजीकृत किया गया।
थाना बसखारी: लाकडाउन में अनुपालन न करने के कारण थाना क्षेत्र बसखारी मे भादवि की विभिन्न धाराओ मे कुल 25 अभियोग 58 अभियुक्तों के विरूद्ध पंजीकृत किया गया।
थाना अलीगंज: लाकडाउन में अनुपालन न करने के कारण थाना क्षेत्र अलीगंज मे भादवि की विभिन्न धाराओ मे कुल 09 अभियोग 32 नामजद व 08 अज्ञात अभियुक्तों के विरूद्ध पंजीकृत किया गया।
थाना जहांगीरगंज: लाकडाउन में अनुपालन न करने के कारण थाना क्षेत्र जहांगीरगंज मे भादवि की विभिन्न धाराओ मे कुल 10 अभियोग 20 अभियुक्तों के विरूद्ध पंजीकृत किया गया।
थाना राजेसुल्तानपुर: लाकडाउन में अनुपालन न करने के कारण थाना क्षेत्र राजेसुल्तानपुर मे भादवि की विभिन्न धाराओ मे कुल 16 अभियोग 34 अभियुक्तों के विरूद्ध पंजीकृत किया गया।
थाना महरूआ: लाकडाउन में अनुपालन न करने के कारण थाना क्षेत्र महरूआ मे भादवि की विभिन्न धाराओ मे कुल 09 अभियोग 10 अभियुक्तों के विरूद्ध पंजीकृत किया गया।
थाना इब्राहिमपुर: लाकडाउन में अनुपालन न करने के कारण थाना क्षेत्र इब्राहिमपुर मे भादवि की विभिन्न धाराओ मे कुल 05 अभियोग 05 अभियुक्तों के विरूद्ध पंजीकृत किया गया।
थाना बेवाना: लाकडाउन में अनुपालन न करने के कारण थाना क्षेत्र बेवाना मे भादवि की विभिन्न धाराओ मे कुल 09 अभियोग 36 अभियुक्तों के विरूद्ध पंजीकृत किया गया।
इसके अतिरिक्त शांतिभंग की आशंका में धारा 151 सीआरपीसी की कार्यवाही की गई है।
थाना अहिरौली: अमर बहादुर पुत्र रामलवट, राम स्वरूप पुत्र हीराला, रामनाथ पुत्र माने, उत्तम पुत्र रामनयन, निवासी गण महमदपुर थाना अहिरौली
थाना जैतपुर:साकेत दूबे पुत्र ओमप्रकाष दूबे, शाह आलम पुत्र अलीरजा, मौसम पुत्र अलीरज, निवासीगण सरैया थाना जैतपुर,
थाना बेवाना: सुधीर सिंह पुत्र रविन्द्र कुमार सिंह, निवासी संगिया थाना बेवाना के खिलाफ कार्यवाही किया है।
बहरहाल घर की चौखट लांघते ही मास्क, रुमाल, गमछा आदि से मुंह नाक को ढक कर ही निकलें अन्यथा पुलिस आपका फ़ोटो खींचकर आपके खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करेगी जिसका खामियाजा आपको बाद में भुगतना पड़ेगा।


चेन्नई से त्रिपुरा पहुंचा परिवार, क्वॉरेंटाइन

अगरतला। त्रिपुरा के गोमती जिले का एक परिवार, जो चेन्‍नई में लॉकडाउन की वजह से फंसा हुआ था, एम्‍बूलेंस में 3213 किलोमीटर का सफर तय कर अपने घर वापस लौट आया है। एक अधिकारी ने बताया कि चंचल मजूमदार अपनी पत्‍नी आशिमा के साथ रविवार शाम यहां पहुंचे और उन्‍हें एक क्‍वॉरन्‍टीन सेंटर में भेज दिया गया है। चंचल अपनी पत्‍नी का ऑपरेशन कराने के लिए चेन्‍नई गए थे।


चंचल ने बताया कि हम चेन्‍नई के अपोलो अस्‍पताल गए थे, जहां मेरी पत्‍नी का एक ऑपरेशन होना था। जिस दिन हमें अस्‍पताल से छुट्टी मिलनी थी उसी दिन लॉकडाउन की घोषणा हो गई और वहां ठहरना हमारे लिए बहुत अधिक महंगा था। इसके अलावा हमारी बेटी की शादी भी 8 मई को होनी है इसलिए हमनें एक एम्‍बूलेंस किराये पर की और अपने घर वापस लौट आए। मजूमदार ने बताया कि अपनी लंबी यात्रा के दौरान उन्‍होंने विभिन्‍न राज्‍यों तमिलनाडू, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय और त्रिपुरा की जांच चौकियों पर अस्‍पताल द्वारा प्रदान किए गए दस्‍तावेजों को दिखाया, जिससे उन्‍हें आगे जाने की इजाजत मिली।


मजूमदार ने बताया कि उन्‍होंने अस्‍पताल से ही एम्‍बूलेंस को किराए पर लिया था और इसमें त्रिपुरा का ही एक अन्‍य मरीज भी उनके साथ था। गोमती जिले के जिलाधिकारी तरुण कांती देबनाथ ने कहा कि इन सभी को उदयपुर में एक क्‍वॉरन्‍टीन सेंटर में तत्‍काल भेज दिया गया है। देबनाथ ने कहा कि ये लोग कई राज्‍यों और हाई रिस्‍क जोन को पार कर यहां आए हैं इसलिए हमनें इन्‍हें क्‍वारॅन्‍टीन सेंटर में रखा है। हमनें उन्‍हें उनकी बेटी और अन्‍य रिश्‍तेदारों से भी नहीं मिलने दिया है।


अभी तक त्रिपुरा में कोरोना वायरस संक्रमण के दो मरीज सामने आए हैं, जिसमें से एक इस बीमारी से पूरी तरह ठीक हो चुका है, जबकि दूसरे का अगरतला के एक अस्‍पताल में इलाज चल रहा है।


1 और इंस्पेक्टर को बनाया शिकार

इंदौर। मध्य प्रदेश के उज्जैन में पदस्थ थाना प्रभारी यशवंत पाल का कोरोना संक्रमण के चलते उपचार के दौरान मंगलवार को निधन हो गया। वे पिछले 12 दिनों से इंदौर के अस्पताल में उपचाररत थे। इससे दो दिन पहले भी इंदौर के एक थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार चंद्रवंशी का निधन हुआ था। इंदौर के मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण जाड़िया ने मंगलवार को बताया कि यशवंत पाल की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई थी और उनका यहां इलाज चल रहा था। आज सुबह उनका निधन हो गया। बताया गया है कि पाल उज्जैन के नीलंगगा थाने में पदस्थ थे और वे अंबर कॉलोनी की व्यवस्था खुद संभाले हुए थे। यह क्षेत्र कंटेंटमेंट एरिया था क्योंकि यहां एक व्यक्ति की कोरोना के चलते मौत हुई थी। उसके बाद पाल की तबियत बिगड़ी और उसके बाद उन्हें इंदौर के अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका निधन हो गया। ज्ञात हो कि इससे पहले इंदौर के जूनी इंदौर थाने के प्रभारी देवेंद्र कुमार चंद्रवंशी की सोमवार की रात को मौत हुई थी। उन्हें भी कोरोना संक्रमण था, मगर बाद में रिपोर्ट निगेटिव आई थी।


मध्यप्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या 1491 पहुंच गई है। उज्जैन में कोरोना पॉजिटिव लोगों की संख्या 31 है, जिसमें 6 की मौत हो गई है। वहीं 5 लोग स्वस्थ्य होकर अपने घर लौट गए हैं। शहर में कोरोना हॉटस्पॉट को चिह्नित कर 14 कंटेनमेंट एरिया बनाया गया है। जहां पूरी तरह से सारी चीजें प्रतिबंधित हैं।


वैश्विक संकट को लेकर ट्रंप का बयान

वाशिंगटन डीसी। महामारी से जूझ रहे अमेरिका ने इमिग्रेशन को रोकने का फैसला लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार सुबह ये बड़ा ऐलान किया है। अमेरिका में अब अगले आदेश तक किसी भी बाहरी व्यक्ति को बसने की इजाजत नहीं दी जाएगी। डोनाल्ड ट्रंप ने इस बड़े फैसले का ऐलान अपने ट्विटर अकाउंट से किया। वायरस की वजह से खड़े हुए अर्थव्यवस्था पर संकट को देखते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने ये फैसला लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया, ‘अदृश्य दुश्मन के हमले की वजह से जो स्थिति पैदा हुई है, उसमें हमें हमारे महान अमेरिकी नागरिकों की नौकरी को बचाकर रखना है। इसी को देखते हुए मैं एक ऑर्डर पर साइन कर रहा हूं, जो अमेरिका में बाहरी लोगों के बसने पर रोक लगा देगा’। साफ है कि अब अगले आदेश तक कोई भी विदेशी नागरिक अमेरिका का नागरिक नहीं बन पाएगा और ना ही इसके लिए अप्लाई कर पाएगा। दुनियाभर से लोग अमेरिका में नौकरी और बिजनेस के लिए जाते हैं, जो कि कुछ वक्त के बाद वहां पर ही सिटीजनशिप के लिए अप्लाई करते हैं। लैटिन अमेरिका, यूरोप से बड़ी संख्या में लोग अमेरिका जाते हैं। इसके अलावा भारत समेत अन्य एशियाई देशों से भी इनकी संख्या में बढ़ोतरी आई है, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने अब किसी भी तरह के इमिग्रेशन पर रोक लगा दी है, हालांकि ये रोक अभी अस्थाई रूप से लगाई गई है।गौरतलब है कि वायरस के विकराल रूप की वजह से अमेरिका अब तक के सबसे बड़े संकट का सामना कर रहा है। पिछले करीब दो महीने में अमेरिका में 1 करोड़ से अधिक लोग अपनी नौकरी गंवा चुके हैं और बेरोजगार को मिलने वाली की सुविधाओं के लिए अप्लाई कर चुके हैं। इसके अलावा अमेरिकी बिजनेस पर भी बड़ा संकट आया है, यही कारण है कि डोनाल्ड ट्रंप ये फैसला लेने पर मजबूर हुए। बता दें कि इसी साल अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनाव भी होने हैं, ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने अमेरिका फर्स्ट के नारे को मजबूती देने की कोशिश में जुटे हैं।


 


कश्मीर इंटरनेट संबंधित तथ्य रखेः एससी

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने कोरोना वायरस ‘कोविड 19′ महामारी को लेकर जारी राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के मद्देनजर जम्मू कश्मीर में 4जी इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराने संबंधी याचिकाओं पर मंगलवार को केंद्र सरकार का पक्ष जानना चाहा।


न्यायमूर्ति एन. वी. रमन, न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ ने तीन याचिकाओं की संयुक्त सुनवाई के दौरान केंद्र से अगले रविवार (26 अप्रैल) तक अपना विस्तृत पक्ष रखने को कहा। साथ ही मामले की सुनवाई के लिए 27 अप्रैल की तारीख मुकर्रर की।याचिकाकर्ताओं में फाउंडेशन फॉर मीडिया प्रोफेशनल्स, शोएब कुरैशी और जम्मू-कश्मीर प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन शामिल हैं। सुनवाई की शुरुआत में न्यायमूर्ति रमन ने कहा कि संभवत: इस मामले पर जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लिया है और नोटिस भी जारी किया है।


इस पर वरिष्ठ अधिवक्ता हुजेफा अहमदी ने कहा कि उच्च न्यायालय ने केवल 4जी नेटवर्क को लेकर ही नहीं, बल्कि विभिन्न पहलुओं पर स्वत: संज्ञान लिया है, जबकि इन याचिकाओं में केवल 4जी इंटरनेट सेवा की उपलब्धता का जिक्र किया गया है। इसके बाद शीर्ष अदालत ने आगे की सुनवाई जारी रखी।


दक्षिण कोरिया ने बनाई सस्ती कोरोना किट

चंडीगढ़। कोरोना संक्रमण त्वरित जांच के लिये गुरुग्राम के आईएमटी मानेसर स्थित दक्षिण कोरियाई कम्पनी एस.डी. बायोसेंसर ने रैपिड टेस्ट किट तैयार कर इसे 380 रुपये प्रति किट की दर से मुहैया कराने की पेशकश की है जो चीन से आयातित रैपिड टेस्ट किट से लगभग 400 रुपये सस्ती है।इस कम्पनी को राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के प्रयासों से रैपिड किट के उत्पादन के लिए आवश्यक स्वीकृति 15 दिन से कम समय में मिली थी। हालांकि ऐसी अनुमति हासिल करने में लगभग पांच महीने से अधिक का समय लगता है क्योंकि इसे पुणे की नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी तथा इसके बाद भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के पास भेजना होता है। इसके बाद औषध महानियंत्रक से इसके उत्पादन की स्वीकृति लेनी होती थी।


यह सब प्रक्रिया 15 दिन में पूरी ही गई। साथ ही आज कम्पनी ने 25000 टेस्ट किट की पहली खेप हरियाणा सरकार को सौंप दी। कोरियाई कम्पनी का एक महीने में लगभग एक करोड़ रैपिड टेस्ट किट तैयार करने का लक्ष्य है तथा अगले कुछ दिनों में लगभग दस से 15 लाख रैपिड टेस्ट किट का उत्पादन होने की सम्भावना है जो संकट की इस घड़ी में रैपिड टेस्ट किट की मांग को पूरा करने में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।


आगरा में दूध-सब्जीवाला मिले संक्रमित

आगरा। कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। सब्जी विक्रेता और दवा की दुकान के कर्मचारी के बाद अब एत्माद्दौला क्षेत्र के सुशील नगर निवासी दूधिया कोरोना संक्रमित मिला है। वो घर के आसपास के अलावा मंटोला में दूध बेचता था। उसके पूरे परिवार को शेल्टर होम में क्वारंटीन किया गया है। वो दो दिन से सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएन मेडिकल कॉलेज) में भर्ती है। उसके संपर्क में आए लोगों को तलाशा जा रहा है। उधर, श्री पारस हॉस्पिटल का एक और कंपाउंडर पॅाजिटिव मिला है।


27 वर्षीय दूधिया की तबीयत बिगड़ने पर वो खुद एसएन मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए गया था। वहां सैंपल लिया गया और उसे भर्ती कर लिया गया। रविवार को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
घर के आसपास का इलाका सील
इस पर एत्माद्दौला थाना पुलिस ने उसके घर के आसपास का इलाका सील कर दिया। पुलिस तैनात कर दी गई है। उसने घर पर ही भैंस पाल रखीं हैं। यहां से आसपास के लोग दूध ले जाते हैं। वो मंटोला में दूध सप्लाई करने जाता था।उसके परिवार के सदस्यों को हाथरस रोड स्थित शेल्टर होम में क्वारंटीन किया गया है। घर पर ताला लगा है। एत्माद्दौला थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि उसके घर के आसपास बैरियर और चेतावनी बोर्ड लगा दिए गए हैं। उधर, श्री पारस हॉस्पिटल का एक और कंपाउंडर पॉजिटिव मिला है। वो ट्रांस यमुना कॉलोनी का रहने वाला है। उसके परिवार के सदस्य क्वारंटीन सेंटर भेज दिए गए हैं।


16 विदेशियों सहित 30 जमाती अरेस्ट

बृजेश केसरवानी 


प्रयागराज/नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सोमवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर शाहिद और 16 विदेशी जमातियों समेत कुल 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। विदेशियों की गिरफ्तारी फॉरेनर्स एक्ट के तहत की गई, जबकि इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रोफेसर के खिलाफ जमातियों को गुप्त रूप से शहर में शरण दिलाने के आरोप में और महामारी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। दरअसल पुलिस को जानकारी मिली थी की शिवकुटी के रसूलाबाद में रहने वाले इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के राजनीति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर शाहिद दिल्ली के मरकज में हुई तबलीगी जमात में शामिल होने गए थे।


वहां से आने के बाद वह गुपचुप शहर आ गए लेकिन पुलिस या प्रशासन को इसकी सूचना नहीं दी। पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए प्रोफेसर शाहिद को पकड़ा। उनके परिवार को क्वारंटाइन किया गया और फिर पड़ताल के बाद अन्य 16 जमातियों को गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि सोमवार रात में इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रोफेसर समेत सभी 30 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। इन सभी को मंगलवार को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा, जिसके बाद इन्हें जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।


महाराष्ट्र में अनियंत्रित हुआ संक्रमण

मुंबई/नई दिल्ली। भारत में भी जानलेवा कोरोना वायरस का कहर जारी है। देश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अभी तक भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या 18 हजार के पार पहुंच गई है। वहीं महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमित मामलों की कुल संख्या 4676 हो गई है। महाराष्ट्र सरकार स्वास्थ्य विभाग के आनुसार राज्य में मंगलवार को कोरोना पॉजिटिव के 472 नए मामले दर्ज किए गए हैं और नौ लोगों की मौत हुई है। इसके सात ही राज्य में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 4676 हो गई है और मृतकों की संख्या 232 हो गई है। महाराष्ट्र सरकार के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने इसकी जानकारी दी है।


किम जोंग के स्वास्थ्य को लेकर भ्रांति

नई दिल्ली। उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की बीते दिनों हुई दिल की सर्जरी के बाद उनके स्वास्थ्य को लेकर तरह-तरह की बातें सामने आ रही है। मामले में दक्षिण कोरिया ने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि इतनी भी उनकी तबीयत खराब नहीं है।


दरअसल, किम जोंग उन बीते कई दिनों से सार्वजनिक कार्यक्रमों में नहीं आ रहे हैं। सीएनएन के रिपोर्ट के मुताबिक दिल के ऑपरेशन के बाद से उनकी हालत और खराब हो गई है। वहीं दक्षिण कोरिया के अखबार डेली एनके के मुताबिक, वे 12 अप्रैल को हुए ऑपरेशन के बाद से देश के पूर्वी तट स्थित माउंट कुमगेंग स्थित रिसार्ट में आराम फरमा रहे हैं।इधर उत्तर और दक्षिण कोरिया की सरकारों ने किन जोंग उन की तबीयत खराब होने की बात को खारिज करते हुए कहा कि इसे खारिज किया है।


और तबाही मचाएगा कोरोनाः डब्ल्यूएचओ

न्यूयॉर्क/नई दिल्ली। कोरोना वायरस ने दुनियाभर के तमाम देशों को हिलाकर रख दिया है। पूरी दुनिया इस वायरस से परेशान है। अब विश्व स्वास्थ्य संगठन के बयान ने दुनियाभर में खलबली मचा दी है। कोरोना वायरस के चलते दुनियाभर में अब तक करीब 22 लाख से ज्यादा लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। इस खतरनाक वायरस से दुनियाभर में 1 लाख 70 हजार से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन यानि WHO ने सभी देशों को चेतावनी देते हुए कहा है कि अभी इससे भी बुरा वक्त आने वाला है। इस चेतावनी के बाद स्वास्थ्य एजेंसियों और सरकारों के माथे पर पसीना आ गया है।


दरअसल, WHO ने आशंका जाहिर करते हुए कहाकि एशिया और अफ्रीका में कोरोना संक्रमण की अब शुरुआत हुई है। इन देशों मेंं यूरोप और अमेरिका की तुलना में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहद खराब हालत में हैं। इसलिए कोरोना जब अपने पीक पर होगा तो इन देशों में हालत संभालने मुश्किल हो जाएंगे। WHO के प्रमुख टेड्रोस एडहानोम घेब्रेयासस ने कहा कि ऐसी कई सारे कारण हैं, जिसके चलते आने वाले समय के और खराब होने की संभावना है।


 


एमपी में 5 मंत्रियों को शपथ दिलाई

भोपाल। एमपी में सत्ता में वापसी करने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को अपने मंत्रिमंडल का गठन किया। सत्ता में आने के 29 दिनों के बाद हुए कैबिनेट विस्तार में 5 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई है। इनमें कांग्रेस से भाजपा में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक मंत्री भी शामिल हैं। राजभवन में राज्यपाल लालजी टंडन ने सभी नए मंत्रियों को शपथ दिलवाई। इस दौरान भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती भी वहां पर मौजूद रहीं।


इन मंत्रियों ने ली शपथ..नरोत्तम मिश्रा,कमल पटेल,मीना सिंह,तुलसीराम सिलावट,गोविंद सिंह राजपूत,तुलसीराम सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक हैं। ऐसे में साफ है कि कांग्रेस का दामन छोड़ भाजपा में आए सिंधिया का सरकार गठन में बड़ा रोल माना जा रहा है।


मध्यप्रदेश में कांग्रेस के 22 विधायकों द्वारा बगावत कर विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिए जाने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ को 20 मार्च को पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद भाजपा ने सरकार बनाने का दावा पेश किया था। 23 मार्च की रात को शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उसके बाद से ही मंत्रिमंडल गठन के कयास लगाए जा रहे थे।


राज्यपाल ने बढ़ाया पुलिस का हौसला

राज्यपाल ने बढ़ाया कोरबा जिला पुलिस का हौसला


 गेंदा लाल शुक्ला


कोरबा। राज्यपाल अनुसूइया उइके ने एसपी अभिषेक मीणा से कटघोरा के हालात पर चर्चा करते हुए कोरबा में लॉकडाउन के पालन के लिए एसपी के उठाए गए कदमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि हॉट स्पॉट कटघोरा में कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे पुलिस के जवानों को सुरक्षा सामग्री और सुविधाओं का अभाव होने नहीं दिया जाएगा।
जानकर सूत्रों के अनुसार राज्यपाल उइके ने दूरभाष पर एस पी अभिषेक मीणा से कहा कि राज्य में कोरोना की लड़ाई जीतने के लिए कटघोरा के हालात पर काबू पाना बेहद जरूरी है। पुलिस की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि संक्रमण को रोकने में तभी सफलता मिलेगी, जब लोग घरों से न निकलें। आवश्यक सामग्री के लिए भी निर्धारित समय पर निकलें तो फिजिकल डिस्टेंस बना रहे। इसके लिए अनुशासन होना जरूरी है और पुलिस कोरबा में इस दायित्व का निर्वहन बखूबी कर रही। उन्होंने कहा कि एसपी अभिषेक मीणा ने कटघोरा और कोरबा में जिस तरह से सुरक्षा घेरा तैयार किया है, उससे संक्रमण को बेहतर ढंग से रोका जा सकेगा। इसमें काफी हद तक सफलता मिलने भी लगी है। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि आगे भी लड़ाई जीतने तक पुलिस इसी मुस्तैदी से मैदान में डटी रहेगी और अंततः जीत हम सबकी होगी। उन्होंने एसपी से कहा कि इस संकट की घड़ी में पुलिस लोगों का विश्वास जीते और उन्हें समझाए कि जो कुछ किया जा रहा है, वह उनके जीवन को सुरक्षित करने के लिए है। जनता स्वस्फूर्त पुलिस का साथ दे और कोरोना के संक्रमण से सभी को निजात मिले। पुलिस को मिली सुविधाओं का भी जायजा राज्यपाल ने लिया। एसपी मीणा ने बताया कि पुलिस कर्मियों के लिए पर्याप्त सुरक्षा किट उपलब्ध है।


कच्चे तेल का भाव जीरो डॉलर से नीचे

नई दिल्ली। अमेरिकी वायदा बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) का भाव सोमवार को जीरो डॉलर प्रति बैरल से नीचे चल गया। इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब कच्चे तेल का भाव नेगेटिव में चला गया। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण दुनिया भर के कई देशों में कामकाज ठप है। डिमांड कम होने के कारण क्रूड की ओवर सप्लाई हो रही है जिसकी वजह से सोमवार को कच्चे तेल का भाव -37.63 डॉलर प्रति बैरल तक लुढ़क गया। कच्चे तेल में ऐतिहासिक गिरावट के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की रिटेल कीमतें प्रभावित नहीं होंगी। आइए जानतें हैं भारत में कैसे तय होते हैं पेट्रोल-डीजल के भाव?


भारत कच्चे तेल का बड़ा आयातक


भारत कच्चे तेल का बड़ा आयातक है। खपत का 85 फीसदी हिस्सा आयात के जरिए पूरा किया जाता है। ऐसे में जब भी क्रूड सस्ता होता है तो भारत को फायदा होता है। तेल जब सस्ता होता है तो आयात में कमी नहीं पड़ती बल्कि भारत का बैलेंस ऑफ ट्रेड भी कम होता है।


भारत कैसे तय होतीं हैं तेल की कीमतें?


तेल की कीमतें दो मुख्य चीजों पर निर्भर करतीं हैं। एक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत और दूसरा सरकारी टैक्स। क्रूड ऑयल के रेट पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है, मगर टैक्स सरकार अपने स्तर से घटा-बढ़ा सकती है। यानी जरूरत पड़ने पर सरकार टैक्स कम कर बढ़े दाम से कुछ हद तक जनता को फायदा पहुंचा सकती है। पहले देश में तेल कंपनियां खुद दाम नहीं तय करतीं थीं, इसका फैसला सरकार के स्तर से होता था। मगर जून 2017 से सरकार ने पेट्रोल के दाम को लेकर अपना नियंत्रण हटा लिया गया। कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिदिन उतार-चढ़ाव के हिसाब से कीमतें तय होंगी। अमूमन जिस रेट पर हम तेल खरीदते हैं, उसमें करीब 50 फीसदी से ज्यादा टैक्स होता है। इसमें करीब 35 फीसदी एक्साइज ड्यूटी और 15 फीसदी राज्यो का वैट या सेल्स टैक्स। इसके अलावा कस्टम ड्यूटी होती है, वहीं डीलर कमीशन भी जुड़ता है। तेल के बेस प्राइस में कच्चे तेल की कीमत, उसे शोधित करने वाली रिफाइनरीज का खर्च शामिल होता है। इसलिए, क्रूड की कीमतें सीधे खुदरा कीमतों को प्रभावित नहीं करती हैं।


क्यों गिर रही हैं तेल की कीमतें?
कोरोना वायरस संकट के कारण कच्चे तेल की मांग में कमी आयी और तेल की सभी भंडारण सुविधाएं भी अपनी पूर्ण क्षमता पर पहुंच गई है. इसी समय, रूस और सऊदी अरब ने अतिरिक्त आपूर्ति के साथ दुनिया में कच्चे तेल की बाढ़ ला दी. इस दोहरे मार से तेल की कीमतें गिरकर जीरो के नीचे चली गई.गिरती कीमतों का भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर?
भारत कच्चे तेल का बड़ा आयातक होने के नाते और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने पर क्रूड-इंटेंसिव इकोनॉमी हासिल करता है। यह ऑयल इम्पोर्ट बिल को कम करने में मदद करता है और ट्रेड बैलेंस को बेहतर बनाने में मदद करता है। यह रुपये की वैल्यू को सपोर्ट करने में मदद करता है और महंगाई भी कंट्रोल होती है। किसे होगा फायदा और नुकसान?
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का फायदा एयरलाइंस और पेंट कंपनियों को होगा। इसके साथ ही इसका फायदा ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को हो सकता है, लेकिन उनके लिए यह उतना आसाना नहीं है क्योंकि वे पहले से ही महंगी तेल खरीद रखे हैं और वे अभी मांग में गिरावट से भी आहत हैं। इसलिए ओएनजीसी और ओआईएल जैसी तेल उत्पादन कंपनियों को कम तेल की कम कीमतों से नुकसान होगा।


एमपी: परिजन ने मिट्टी का तेल डालकर लगाईं आग

मनोज सिंह ठाकुर       भोपाल। मध्य प्रदेश के सागर जिले के एक गांव में 25 वर्षीय युवक पर कथित तौर पर प्रेम प्रसंग के चलते युवती के परिजन ने मि...