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सोमवार, 19 फ़रवरी 2024

मोबाइल एप्लिकेशन ‘रोजगार दाे, न्याय ऐप’ लॉन्च

मोबाइल एप्लिकेशन ‘रोजगार दाे, न्याय ऐप’ लॉन्च

इकबाल अंसारी 
अगरतला। त्रिपुरा प्रदेश युवा कांग्रेस (टीपीवाईसी) ने सोमवार को राज्य में बेरोजगारी की स्थिति पर नजर रखने के लिए एक मोबाइल एप्लिकेशन ‘रोजगार दाे, न्याय ऐप’ लॉन्च किया जिसमें नौकरी के इच्छुक उम्मीदवार पंजीकरण कराएंगे। टीवाईपीसी के अध्यक्ष राखु दास ने सोमवार को यहां यह जानकारी दी। उन्होंने दावा किया, “नरेन्द्र मोदी सरकार ने देश में केवल आठ लाख लोगों को नौकरियां प्रदान की हैं। देश के युवा भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार की जनविरोधी नीतियों के सबसे ज्यादा शिकार हुए हैं। मोदी सरकार चुनाव पूर्व प्रतिबद्धताओं के अपने लक्ष्य पूरा करने में विफल रही है। 
भााजपा प्रति वर्ष दो करोड़ नौकरियों का वादा पूरा करने में विफल रही है।  कुल आबादी का 65 फीसदी हिस्सा युवा है, जो रोजगार की आकांक्षाओं को देख रही हैं। जब देश के लिए जनसांख्यिकीय लाभांश सकारात्मक होता है तो बेरोजगारी की दर भी भारत में सबसे अधिक दर्ज की जाती है। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब बेरोजगारी दर 17 प्रतिशत थी जो अब 25 प्रतिशत के आंकड़े को छू गई है। उन्होंने कहा कि किसी भी वरिष्ठ भगवा नेता ने बेरोजगारी पर कुछ नहीं कहा और बेरोजगारी का आंकड़ा सरकारी आंकड़ों से भिन्न है। दास ने कहा कि इस समय टीपीवाईसी ने उन लोगों के लिए एप लॉन्च किया जो बेरोजगारी से जूझ रहे हैं ताकि वे एप्लिकेशन के साथ साइन अप कर सकें और भाजपा के खिलाफ सबसे पुरानी पार्टी के बैनर तले इस देश के युवाओं के लिए आंदोलन को मजबूती प्रदान कर सकें।

रविवार, 19 मार्च 2023

त्रिपुरा: प्रमुख आकर्षण का केंद्र बना 'तितली पार्क'

त्रिपुरा: प्रमुख आकर्षण का केंद्र बना 'तितली पार्क'

इकबाल अंसारी 

अगरतला। त्रिपुरा के दक्षिण जिले में भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास एक गांव में वन विभाग द्वारा विकसित एक तितली पार्क अब देश के विभिन्न हिस्सों और बांग्लादेश के पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन गया है। तृष्णा वन्यजीव अभयारण्य के करीब छोटाखोला स्थित तितली इकोपार्क पूर्वोत्तर का पहला तितली पार्क है। इसका उद्घाटन वर्ष 2016 में 5.5 हेक्टेयर भूमि पर तितलियों की 250 प्रजातियों के साथ किया गया था। उप वन संरक्षक कृष्णगोपाल रॉय ने बताया, ‘‘कई पर्यटक तितली पार्क आ रहे हैं। जिसमें घरेलू पर्यटक और पड़ोसी देश बांग्लादेश के पर्यटक भी हैं। यह पार्क तृष्णा वन्यजीव अभयारण्य में लुप्तप्राय बाइसन पार्क और भारत-बांग्लादेश मैत्री पार्क के पास है। इसलिए, पर्यटक यहां एक साथ तीन पर्यटन स्थल देख सकते हैं।’’

त्रिपुरा के पर्यटन मंत्री सुशांत चौधरी ने बताया कि तृष्णा वन्य जीवन अभयारण्य और इसके आसपास के इलाके बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करते हैं और इससे राज्य के आर्थिक विकास में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘‘तितलियों का जीवनकाल बहुत कम होता है। वे केवल 15 दिनों से लेकर लगभग 30 दिनों तक जीवित रहती हैं। लेकिन इतने कम समय में भी तितली लोगों को आनंदित करती हैं। वे पर्यावरण के पारिस्थितिकी तंत्र को सुंदर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।’’ वहीं, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ), केएस सेठी ने बताया, "त्रिपुरा का आकार छोटा होने के बावजूद यहां वन्य जीवन और जैव विविधता की कोई कमी नहीं है।

त्रिपुरा में तितलियों की लगभग 250 प्रजातियां हैं। ये रंग-बिरंगी तितलियां बच्चों सहित सभी को पसंद आती हैं। इसलिए वन विभाग राज्य के पर्यटन उद्योग को और आकर्षक बनाने के लिए तितलियों की संख्या बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।" पर्यटन मंत्री ने चिंता जताते हुए कहा, ‘‘हाल के दिनों में जलवायु परिवर्तन और मानव जनित वैश्विक पर्यावरण प्रदूषण के कारण तितलियों और उनके प्राकृतिक वास की संख्या में खतरनाक रूप से कमी हो रही है। यही कारण है कि उन्हें संरक्षित करने की आवश्यकता है।’’ 

शनिवार, 18 फ़रवरी 2023

तीन दिनों में हुई हिंसा, 100 से अधिक लोग घायल 

तीन दिनों में हुई हिंसा, 100 से अधिक लोग घायल 

इकबाल अंसारी 

अगरतला। त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव के बाद तीन दिनों में हुई हिंसा में अब तक सौ से अधिक लोग घायल हो गए हैं। पुलिस ने शनिवार को अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी। रिपोर्ट के अनुसार इस चुनावी हिंसा के लिए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विपक्षी टिपरा मोथा, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई-एम) और कांग्रेस पर विभिन्न जिलों में अपने समर्थकों पर हमला करने का आरोप लगाया।

विपक्षी नेताओं ने भी जवाब में भाजपा पर चुनावी हमले के आरोप लगाए। हिंसा के बाद पूरे राज्य के लगभग सभी जिला अस्पतालों में औसतन 08 से 10 लोगों को इलाज के लिए भर्ती किया गया है। चुनाव संबंधित हिंसा के बाद तीन दिनों में कम से कम 22 लोगों को अगरतला सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया।

चुनाव के दौरान और इसके बाद कुमारघाट, खोवाई, तेलियामुरा और अगरतला, विशालगढ़, सोनमुरा, उदयपुर और बेलोनिया के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में सबसे अधिक हिंसा देखी गई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी किरण गिट्टे के अनुसार मतदान के दिन हिंसा की केवल पांच बड़ी घटनाएं दर्ज की गईं और पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

चुनाव अधिकारियों ने कहा कि चुनाव के बाद मेघालय और नागालैंड से केंद्रीय बलों को हटा दिया गया और इसके बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थकों ने एक-दूसरे पर हमला किया। मतदान के दिन चुनाव आयोग के पर्यवेक्षक की कार पर हमले में शामिल अपराधियों की कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

रविवार, 8 जनवरी 2023

त्रिपुरा: प्रवासी पक्षियों की नई प्रजातियां देखी 

त्रिपुरा: प्रवासी पक्षियों की नई प्रजातियां देखी 

इकबाल अंसारी 

अगरतला। त्रिपुरा के गोमती जिले की सुखसागर झील में इस साल साइबेरिया और यूरोप के प्रवासी पक्षियों की नई प्रजातियां देखी गईं। एक पक्षी विज्ञानी ने यह जानकारी दी। इस साल पहली बार देखे गए यूरोपीय पक्षियों में ‘रफ’, ‘ओरिएंटल प्रिटिनकोल’ और साइबेरियाई ‘कॉमन क्रेन’ हैं।पक्षी विज्ञानी और राज्य जैव विविधता बोर्ड के सदस्य दीपांकर सिन्हा ने  बताया, “सुखसागर झील में साइबेरिया और यूरोप के पक्षियों की तीन नयी प्रजातियां देखी गई हैं। इस साल प्रवासी पक्षियों का झील में आना भी अद्भुत है।” संपर्क करने पर, उप वन संरक्षक, के. जी. रॉय ने कहा, “हमने यह भी देखा है कि अच्छी संख्या में प्रवासी पक्षी झील में आ रहे हैं।

इस साल की पक्षी गणना अगले महीने की जाएगी, इसलिए अभी हम राज्य में प्रवासी पक्षियों की सही संख्या नहीं बता सकते हैं।” सहायक वन संरक्षक अनीमा दास ने कहा कि पिछले साल की गणना के अनुसार राज्य की झीलों और जल निकायों में कम से कम 1,45,008 प्रवासी पक्षी देखे गए थे।प्रवासी पक्षी सिपाहीजला वन्यजीव अभयारण्य, गोमती जलाशय, गोमती वन्यजीव अभयारण्य, अगरतला में कॉलेज टिल्ला झील, सिपाहीजला जिले में रुद्रसागर झील, तृष्णा वन्यजीव अभयारण्य, एनआईटी कॉलेज जलाशय में आते हैं। वन अधिकारियों ने कहा कि हर साल यूरोपीय, अफ्रीकी और उत्तरी अमेरिकी देशों से प्रवासी पक्षियों की 100 से अधिक प्रजातियां त्रिपुरा आती हैं। 

रविवार, 1 जनवरी 2023

विधानसभा चुनाव में 92 प्रतिशत मतदान का लक्ष्य 

विधानसभा चुनाव में 92 प्रतिशत मतदान का लक्ष्य 

इकबाल अंसारी 

अगरतला। निर्वाचन आयोग ने इस वर्ष की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव में 92 प्रतिशत मतदान का लक्ष्य निर्धारित किया है और इसके लिए वह पूरे राज्य में 929 मतदान केंद्रों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन मतदान केंद्रों पर 2018 में 89 प्रतिशत से कम मतदान हुआ था। अधिकारी के अनुसार इन मतदान केंद्रों पर अपेक्षाकृत कम मतदान प्रतिशत को बढ़ाने के लिए निर्वाचन आयोग ने मिशन-929 की शुरुआत की है। 

जागरुकता अभियान के अलावा चुनाव अधिकारी बुजुर्गों और दिव्यांगजनों से मुलाकात करेंगे तथा उनसे मतदान की अपील करेंगे। उन्होंने बताया कि बुजुर्गों तथा दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर तथा अलग कतार जैसी व्यवस्थाएं सभी मतदान केंदों पर की जाएंगी। अधिकारी ने कहा कि इसके अलावा विशेष सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे, ताकि मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें। सभी हितधारकों के सम्मलित प्रयासों से आगामी चुनावों में 92 प्रतिशत मतदान का लक्ष्य हासिल करना संभव होगा।

अधिकारी ने कहा कि विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए चुनाव आयोग मिशन जीरो पोल वायलेंस पर भी काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष तथा शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित कराने के लिए केंद्रीय बलों की लगभग 50 कंपनियां राज्य में पहुंच चुकी हैं तथा 50 और कंपनियां आने वाली हैं।

रविवार, 20 फ़रवरी 2022

6,000 रुपये में चांद पर 1 एकड़ जमीन खरीदी

6,000 रुपये में चांद पर 1 एकड़ जमीन खरीदी 

इकबाल अंसारी       
अगरतला। त्रिपुरा के एक अध्यापक ने खुद को वैलंटाइन्स डे पर चांद पर एक एकड़ जमीन तोहफे में देने का दावा किया है। इस व्यक्ति का कहना है कि वह बॉलीवुड स्टार्स से प्रेरित है। जिन्होंने भी चांद पर खुद की प्रॉपर्टी खरीद रखी है। 
रिपोर्ट के मुताबिक, सुमन देबनाथ ने इंटरनेशनल लूनर सोसायटी से करीब 6,000 रुपये में चांद पर जमीन खरीदी है। रिपोर्ट के मुताबिक, देबनाथ ने कहा कि बॉलीवुड स्टार्स के पास चांद पर अपनी जमीन होती है। वे उनसे प्रेरित थे, लेकिन उन्होंने खुद को विकल्प तलाश करने से रोका, क्योंकि उन्हें लगता था कि कीमतें बहुत ज्यादा और उनकी पहुंच से बाहर होंगी।

बुधवार, 4 अगस्त 2021

उग्रवादियों की गोली लगने से दो जवान शहीद हुएं

अगरतला। बंगलादेश के साथ त्रिपुरा की पूर्वी सीमा पर उग्रवादियों की गोली लगने से मंगलवार को दो जवान शहीद हो गये। प्रतिबंधित संगठन एनएलएफटी के उग्रवादी दोनों शहीद जवानों से अत्याधुनिक हथियार छीन कर ले गए। इस घटना के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की खुफिया एजेंसी की विफलता को भी जिम्मेदार ठहराया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार निगरानी को सक्रिय करने और अन्य नेटवर्क उपकरण लगाने की बार-बार चेतावनी के बावजूद बीएसएफ त्रिपुरा के पूर्वी हिस्से के विभिन्न हिस्सों में एनएलएफटी उग्रवादियों और उनके सहयोगियों के सीमा पार आने से रोकने में विफल रही है। इससे पहले उग्रवादियों ने गंडाचार्रा और लोंगतराई घाटी के गांवों में जबरन वसूली के नोटिस लगाए थे।
सूत्रों ने दावा किया है कि उग्रवादी पिछले कुछ दिनों से इन स्थानों पर सक्रिय थे और सीमा पर बीएसएफ की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे और कल वे घटनास्थल के पास एक पुलिया के नीचे से सीमा पार कर आए थे। उन्होंने तार की बाड़ की ओर जंगल में घात लगाकर हमला किया था और जब जवान मौके पर पहुंचे, तो उग्रवादियों ने चावमानू के आर सी नाथ सीमा चौकी रेंज में जवानों पर गोलियां चला दीं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि उग्रवादियों ने कर्नाटक के कलाबुर्गी जिले के आलंद के कांस्टेबल राजकुमार के कब्जे से गोला-बारूद के साथ एके-47 छीन लिया और शहीद सब-इंस्पेक्टर भूरू सिंह के लोडेड कारतूसों के साथ एक बरेटा (पिस्तौल) छीन लिया। शहीद सिंह हरियाणा के पानीपत जिले के रहने वाले थे। सीमा पार से उग्रवादी गतिविधियों या तस्करों की गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त करने में बीएसएफ पूरी तरह से विफल रही है।
पुलिस सूत्रों ने आशंका जताई है कि त्रिपुरा की पूर्वी सीमा हाल ही में सीमापार उग्रवादी आंदोलन की जानकारी के संबंध में बीएसएफ की भूमिका पूरी तरह से निष्क्रिय रही। सूत्रों ने कहा कि सीमा की रखवाली को छोड़कर, बीएसएफ त्रिपुरा फ्रंटियर ने नशीला पदार्थ भांग लाने ले जाने वालों पर और नशीले पदार्थों पर नकेल कसने में प्रमुख भूमिका निभाई है।

मंगलवार, 3 अगस्त 2021

एनएलएफटी द्वारा हमले में 2 जवान शहीद हुएं

अगरतला। त्रिपुरा में मंगलवार तड़के उग्रवादी संगठन ‘नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा’ (एनएलएफटी) द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के दो जवान शहीद हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि राज्य के धलाई जिले में उग्रवादियों ने घात लगाकर हमला किया और शहीद हुए लोगों में बीएसएफ का एक उपनिरीक्षक भी शामिल है। घटना की विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है। एनएलएफटी एक प्रतिबंधित संगठन है।

शनिवार, 27 मार्च 2021

हादसा: गाड़ी पलटने से 4 भाजपा नेताओं की मौत

 अगरतला। दक्षिणी त्रिपुरा के गोमती जिले में एक वाहन के पलटने से तीन महिलाओं सहित चार बीजेपी नेताओं की मौत हो गई है और आठ अन्य घायल हो गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं संग तीन महिला व एक पुरूष ट्रक में सवार होकर अपने घरों को लौट रहे थे। तभी अचानक नियंत्रण खो देने से गाड़ी पलट गई। 8 की हालत गंभीर दक्षिणी त्रिपुरा के चेलागंग में हुए सड़क हादसे में चार स्थानीय बीजेपी नेताओं की मौत हो गई वहीं 8 बीजेपी नेता गंभीर रूप से घायल हुए हैं। गंभीर रूप से घायल हुए बीजेपी नेताओं को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सीएम ने जताया दुख मृतक उर्वशी कन्या जमातिया (45), ममता रानी जमातिया (26), रचना देवी जमातिया (30) और गहिन कुमार जमातिया (65) अन्य बीजेपी कार्यकर्ताओं संग त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद के चुनाव के संबंध में आयोजित एक सार्वजनिक रैली में भाग लेने के बाद नतून बाजार स्थित अपने घर लौट रहे थे। मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष माणिक साहा ने हादसे पर शोक व्यक्त किया है।

कांग्रेस-आप के बीच सीटों को लेकर सहमति बनी

कांग्रेस-आप के बीच सीटों को लेकर सहमति बनी  अखिलेश पांडेय  नई दिल्ली। कांग्रेस और आप के बीच सीटों को लेकर सहमति बन गई है। दिल्ली में आप चार ...