शुक्रवार, 2 दिसंबर 2022

कौशाम्बी: नेट की परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न

कौशाम्बी: नेट की परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न


शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई नेट परीक्षा

जनपद के सभी 1092 परिषदीय स्कूलों में नामांकन के सापेक्ष 80 प्रतिशत छात्रों की परीक्षा में रही उपस्थिति

कौशाम्बी। परिषदीय स्कूलों में आयोजित नेट की परीक्षा शुक्रवार को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा के आदेश दिनांक 28 नवम्बर के अनुपालन में जनपद कौशांबी में निपुण एसेसमेंट टेस्ट नेट परीक्षा का आयोजन 02 दिसम्बर को जनपद के सभी परिषदीय स्कूलों में किया गया था। इस परीक्षा को दो पाली में आयोजित किया गया। कक्षा 1 से 3 तक सुबह 9:30 से 12:30 तक तथा कक्षा 4 से 8 तक 12:30 से 2:00 तक परीक्षा आयोजित की गई।

अधिकारियों की कड़ी देखरेख में नेट की परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न हो गई, उक्त परीक्षा को समयबद्ध  गुणवत्ता युक्त व नकलविहीन सम्पन्न कराने हेतु कुल 108 अधिकारी की नियुक्ति डीएम द्वारा की गई थी। जिसमे जिलाधिकारी के द्वारा नामित जिलास्तरीय 54, तथा प्राचार्या डाइट , बी, एस, ए, चार वरिष्ठ प्रवक्ता एवम दो एस आर जी, और 40ए आर पी  के सुपरविसीजन में तथा 1092 पर्यवेक्षक की उपस्थिति में कौशांबी जनपद के सभी 1092 परिषदीय स्कूलों में नामांकन के सापेक्ष लगभग 80 प्रतिशत छात्रों की उपस्थिति में NAT-1 परीक्षा सकुशल संपन्न हो गई।

गणेश साहू

एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की

एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की


सभी स्वास्थ्य इकइयो के आस पास तम्बाकू बिक्री निषेध

राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत संपन्न हुई कार्यशाला

जनपद को तम्बाकू नशा मुक्त बनाने की मुहीम में सभी का साथ आवश्यक: सीएमओ

कौशाम्बी। जिला तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ टीम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी सभागार में एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की। इसकी अध्यक्षता मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ सुष्पेंद्र कुमार ने की। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ सुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि जनपद को तम्बाकू नशा मुक्त बनाने की मुहिम में सभी का साथ आवश्यक है। इसी क्रम में यह कार्यशाला आयोजित की जा रही है। कार्यशाला के दौरान जिला स्तरीय हेल्थ प्रोफेशनल की क्षमता वृद्धि की गई। उन्होंने कार्यशाला में आए हुए समस्त स्वास्थ्य इकाइयों के प्रभारियों, सीएचओ एवं स्टाफ नर्स को बताया गया कि कोटपा अधिनियम 2003 का कैसे अनुपालन किया जाए।

उन्होंने चिंता व्यक्त किया कि हमारी युवा पीढ़ी दिन प्रतिदिन इस नशे के गिरफ्त में आ रही है। प्रतिदिन करीब 5500 युवा तम्बाकू का सेवन कर रहा है। साथ ही हमारे बच्चे भी इससे बच नहीं पा रहे हैंI नशा एक ऐसी बीमारी हैं जो धीरे धीरे इन्सान को ख़त्म करती हैं। यह धन हानि के साथ स्वास्थ्य पर बुरा असर करता है। नोडल अधिकारी  डॉक्टर के०डी० सिंह ने समस्त उपस्थित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को कोटपा अधिनियम 2003 के बारे मे बताते हुए कहा कि तम्बाकू से होने वाली बीमारियों मे से प्रमुख रूप से मुख का कैंसर और शरीर मे होने वाले हानियों को के बारे मे विस्तार से बताया तथा तम्बाकू के दुष्प्रभावो की जानकारी दी और उससे होने बीमारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और कहा कि हमारा युवा इसकी गिरफ्त में लगातार होता चला जा रहा है। युवाओं के मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर  होता जा रहा है। इसको रोकने के लिए हम सभी को आगे आना होगा। जिसमें स्वास्थ्य इकाइयों की एक महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

पुनीत श्रीवास्तव रीजनल कोआर्डिनेटर, उ.प्र वॉलेन्ट्री हेल्थ एसोसिएशन ने  सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम कोटपा 2003 की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोटपा अधिनियम की धारा 4 में जिले के सार्वजनिक स्थानों को तंबाकू मुक्त घोषित करने के लिए साइनेज  लगाना अनिवार्य है। समस्त स्वास्थ्य इकाइयों के समस्त प्रवेश द्वारो पर धारा 4 का साइनेज कोटपा अधिनियम का अनुपालन किया जाए  इसी प्रकार धारा 6 बी के तहत के प्रवेश द्वार पर भी  तम्बाकू मुक्त का  लगाना अनिवार्य है। साथ ही स्कूल के 100 गज के अन्दर तम्बाकू उत्पाद बेचना प्रतिबंधित है। इसी प्रकार धारा 6ए में 18 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति को तंबाकू बेचना या उसके द्वारा तंबाकू बिकवाना दोनों ही अपराध माना जाता है। इस अपराध में 200 रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। धारा 7 के अंतर्गत बिना वैधानिक चेतावनी के तम्बाकू उत्पात नहीं बेचा जा सकता है। उन्होंने धारा 5 और 7 के बारे में भी पूरी जानकारी दी।  

कार्यशाला में समस्त अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं उप चिकित्सा अधिकारी , पैरा मेडिकल स्टाफ, जिला कार्यक्रम समन्यवक विष्णु गुप्ता एवं जिला कार्यक्रम सहायक वैभव कुमार सिंह द्वारा तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के उद्देश्य तथा लक्ष्यों के बारे में उदाहरणार्थ जागरूकता कानून का परिपालन तथा निगरानी पर विशेष चर्चा की गई।

सुशील केसरवानी 

नगर निगम के चुनाव पर रोक, याचिका खारिज 

नगर निगम के चुनाव पर रोक, याचिका खारिज 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय की 2 सदस्यीय खंडपीठ ने राजधानी दिल्ली में हो रहे नगर निगम के चुनाव पर रोक लगाने वाली याचिका को खारिज करते हुए रोक लगाने से साफ तौर पर इंकार कर दिया है। अदालत की ओर से कहा गया है कि समय बीतने के साथ दाखिल की गई यह याचिका निरर्थक हो गई है। दरअसल राजधानी दिल्ली में हो रहे नगर निगम चुनाव पर रोक लगाले को लेकर नेशनल यूथ पार्टी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी।

जिस पर अदालत द्वारा सुनवाई की जा रही थी। राजधानी दिल्ली में नगर निगम के लिए हो रहे चुनाव के अंतर्गत 4 दिसंबर को मतदान होना है, जबकि 7 दिसंबर को मतगणना कर चुनाव लड़े प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला डिक्लेअर कर दिया जाएगा। नेशनल यूथ पार्टी की ओर से दाखिल की गई याचिका में चुनाव के लिए वार्डो के परिसीमन को चुनौती दी गई थी और इलेक्शन पर रोक लगाने की मांग उठाई थी।

जस्टिस संजय किशन कौल एवं अभय एस ओका की दो सदस्यीय खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा है कि नगर निगम चुनाव के अंतर्गत रविवार को मतदान होना है, ऐसे हालातों में वह इस मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकते हैं।

पालिका परिषद मुजफ्फरनगर का वार्ड आरक्षण जारी 

पालिका परिषद मुजफ्फरनगर का वार्ड आरक्षण जारी 

भानु प्रताप उपाध्याय 

मुजफ्फरनगर। नगर विकास अनुभाग की और से पालिका परिषद मुजफ्फरनगर का वार्ड आरक्षण जारी कर दिया गया है। सीमा विस्तार के बाद वजूद में आए नगर के 55 वार्डों में नियमानुसार आरक्षण की घोषणा करते हुए नगर विकास अनुभाग प्रमुख सचिव अमृत अभिजात की और से जारी अधिसूचना में पालिका परिषद मुजफ्फरनगर में 24 वार्डों को अनारक्षित रखा गया है।

मुजफ्फरनगर पालिका परिषद का सीमा विस्तार कर नगर निगम बनाए जाने की कवायद शुरू होने के बाद से नगर वासियों का उत्साह बढ़ता जा रहा था। लेकिन शासनादेश जारी कर नगर से सटे 15 गांव में से 11 गांव काे आबादी सहित और 4 गांव के रकबे को नगर पालिका सीमा में शामिल कर शहर का सीमा विस्तार किया गया था। जिसके बाद शहर के वार्डों का परिसीमन का कार्य शुरू हो गया था। परिसीमन का काम करते हुए शुरुआत में सीमा विस्तार कर बढाए गए नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर के रकबे में 60 वार्ड बना दिये गए थे। लेकिन नियमानुसार नगर पालिका में 55 से अधिक वार्ड न होने की बाध्यता के चलते परिसीमन फिर से किया गया था। जिसके उपरांत 55 वार्डों का सीमांकन कर आपत्तियां दूर करने के बाद अधिसूचना जारी की गई। जिसके लिए आरक्षण का खाका खींचा जाना था। शुक्रवार को नगर विकास अनुभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात की और से नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर के सभी 55 वार्ड का आरक्षण जारी कर दिया गया। इनमें 24 वार्डों को अनारक्षित रखते हुए बाकी को अलग-अलग वर्ग के लिए आरक्षित रखा गया है।

नगर विकास अनुभाग लखनऊ की और जारी वार्ड आरक्षण संबंधी अधिसूचना के अनुसार मुजफ्फरनगर पालिका परिषद के वार्ड नंबर 1 अलमासपुर प्रथम और वार्ड नंबर 2 अलमासपुर द्वितीय अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित किया गया है। वार्ड नंबर 3 खालापार सप्तम और वार्ड नंबर 4 वहलना और वार्ड नंबर 5 कुकड़ा तृतीय को अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। वार्ड नंबर 6 उत्तरी सिविल लाइन को महिला, वार्ड नंबर 7 रैदासपुरी को अनारक्षित रखा गया है। जबकि वार्ड नंबर 8 लद्धावाला प्रथम काे पिछड़ा वर्ग महिला तथा वार्ड नंबर 9 आबकारी को महिला के लिए आरक्षित रखा गया है। वार्ड नंबर 10 आर्यपुरी को भी महिला और वार्ड नंबर11 प्रेमपुरी द्वितीय को पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित रखा गया है। जबकि वार्ड नंबर 12 रामलीला टिल्ला को अनारक्षित रखा गया है। वार्ड नंबर 13 सरवट द्वितीय को पिछड़ा वर्ग, वार्ड नंबर 14 कंबल वाला बाग को महिला तथा वार्ड नंबर 15 शाहबुद्दीन पुर को महिला के लिए आरक्षित रखा गया है।

 वार्ड नंबर 16 गांधी कॉलोनी प्रथम और वार्ड नंबर 17 कुकड़ा द्वितीय को अनारक्षित रखा गया है। वार्ड नंबर 18 कंबल वाला बाग-दक्षिणी आंशिक को पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित रखा गा है। वार्ड नंबर 19 प्रेमपुरी प्रथम और वार्ड नंबर 20 लद्धावाला तृतीय को अनारक्षित रखा गया है। वार्ड नंबर 21 रामपुरी दक्षिणी को पिछड़ा वर्ग, वार्ड नंबर 22 शांति नगर को पिछड़ा वर्ग की महिला तथा वार्ड नंबर 23 गाजा वाली को अनारक्षित रखा गया है। वार्ड नंबर 24 सिविल लाइन दक्षिणी द्वितीय, वार्ड नंबर 25 दक्षिणी कृष्णापुरी और वार्ड नंबर 26 ब्रह्मपुरी को भी अनारक्षित रखा गया है। वार्ड नंबर 27 खालापार प्रथम और वार्ड नंबर 28 गौशाला को भी अनारक्षित रखा गया है। जबकि वार्ड नंबर 29 सूजड़ु प्रथम को पिछड़ा वर्ग वार्ड के लिए आरक्षित रखा गया है। 

वार्ड नंबर 30 गांधीनगर को अनारक्षित और वार्ड नंबर 31 वर्मा पार्क को महिला के लिए आरक्षित किया गया है। वार्ड नंबर 32 जनकपुरी को महिला और वार्ड नंबर 33 दक्षिणी भोपा रोड संजय मार्ग आंशिक द्वितीय को महिला के लिए आरक्षित रखा गया है। वार्ड नंबर 37 गांधी कॉलोनी द्वितीय को अनारक्षित जबकि वार्ड नंबर 38 सरवट प्रथम को महिला के लिए आरक्षित रखा गया है। वार्ड नंबर 39 इंदिरा कॉलोनी को अनारक्षित और वार्ड नंबर 40 मल्हुूपुरा द्वितीय को पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित रखा गया है। वार्ड नंबर 41 आदर्श कॉलोनी और वार्ड नंबर 42 सिविल लाइन दक्षिणी प्रथम को अनारक्षित रखा गया है। वार्ड नंबर 43 खालापार द्वितीय को महिला के लिए आरक्षित रखा गया है। जबकि वार्ड नंबर 44 लद्धावाला द्वितीय अनारक्षित रखा गया है। वार्ड नंबर 45 किदवई नगर और वार्ड नंबर 46 सूजड़ु द्वितीय को पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित रखा गया है। वार्ड नंबर 47 सुथराशाही पिछड़ा वर्ग और वार्ड नंबर 48 लद्धावाला चतुर्थ को अनारक्षित रखा गया है। 

वार्ड नंबर 49 बंजारान को पिछड़ा वर्ग और वार्ड नंबर 50 खालापार अष्टम को अनारक्षित रखा गया है। वार्ड नंबर 51 खालापार चतुर्थ को अनारक्षित, वार्ड नंबर 52 महमूदनगर को पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित किया गया है। वार्ड नंबर 53 खालापार षष्टम और वार्ड नंबर 54 खालापार पंचम को अनारक्षित रखा गया है। जबकि वार्ड नंबर 55 खालापार तृतीय काे पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित रखा गया है।

सिंह ने पार्टी के सांसद को गद्दार की उपाधि दी

सिंह ने पार्टी के सांसद को गद्दार की उपाधि दी

संदीप मिश्र 

सिद्धार्थनगर। भारतीय जनता पार्टी के विधायक रह चुके राघवेंद्र प्रताप सिंह ने एक कार्यक्रम के दौरान अपनी ही पार्टी के सांसद जगदंबिका पाल के खिलाफ जमकर अपशब्द कहे और उन्हें गद्दार की उपाधि दे डाली। पूर्व एमएलए ने मौजूदा सांसद को दो-दो हाथ करने की भी चुनौती दी है और सामने आकर निपटने का चैलेंज दिया है। दरअसल शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी के साथ वायरल हो रहा है, जिसे डुमरियागंज विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के एमएलए रहे राघवेंद्र प्रताप सिंह का होना बताया जा रहा है।

बीजेपी के पूर्व एमएलए आयोजित किए गए कार्यक्रम के समापन सत्र को संबोधित करने के लिए जब माइक अपने हाथ में थामते हैं तो उनकी भाषा एकदम से बदल जाती है और वह गद्दारों का बखान करते हुए भारतीय जनता पार्टी के सांसद जगदंबिका पाल को अपने भाषण में खींच लेते हैं।

अमरगढ़ महोत्सव के समापन के मौके पर वह बीजेपी सांसद के खिलाफ जमकर अपनी भड़ास निकालते हैं और अंत तक आते-आते उन्हें गद्दार की उपाधि दे डालते हैं। अमरगढ़ महोत्सव का समापन भाषण सांसद जगदंबिका पाल के इर्द-गिर्द की सिमटा रहा। इस दौरान बीजेपी के पूर्व एमएलए ने 1 दिन के मुख्यमंत्री रहे सांसद जगदंबिका पाल को दो-दो हाथ करने की चुनौती दी और सामने आकर निपटने का खुला चैलेंज भी दे दिया।

घोड़ी पर सवार हुईं दुल्हन, तोड़ी परंपराएं 

घोड़ी पर सवार हुईं दुल्हन, तोड़ी परंपराएं 

अश्वनी उपाध्याय 

साहिबाबाद। आज तक आपने यही देखा और सुना होगा कि लड़का घोड़ी पर सवार होकार बारात ले जाता है, लेकिन आपने कभी घोड़ी पर सवार दुल्हन को नहीं देखा और न ही सुना होगा। सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें घोड़ी पर दूल्हा की जगह दुल्हन सवार है। यह वीडियो उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद का है। दुल्हन पुरानी परांपराओं को तोड़ती हुई घोड़ी पर सवार है।

वीडियो में देखा जा सकता है। दुल्हन के साथ साथ उसके परिवार वाले और ससुराल वाले सभी खुश नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है दुल्हन का बचपन से ही सपना था कि अपनी शादी में वह घोड़ी पर सवार हो और उसका सपना अब जाकर पूरा हुआ है।

पार्टी में 'गुलामी की मानसिकता' आ गई: पीएम 

पार्टी में 'गुलामी की मानसिकता' आ गई: पीएम 

इकबाल अंसारी 

अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कांग्रेस पर सरदार वल्लभभाई पटेल को सम्मान नहीं देने का आरोप लगाया और कहा कि आजादी से पहले अंग्रेजों के साथ काम करने के बाद उस पार्टी में "गुलामी की मानसिकता" आ गई। प्रघानमंत्री मोदी गुजरात के आणंद जिले के सोजित्रा कस्बे में एक चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे जहां राज्य विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में पांच दिसंबर को मतदान होना है।

उन्होंने कहा, "कांग्रेस को सिर्फ सरदार पटेल से ही नहींबल्कि भारत की एकता से भी परेशानी हैक्योंकि उनकी राजनीति फूट डालो और राज करो’ की नीति पर आधारित है जबकि पटेल सब को एकजुट करने में विश्वास करते थे। इस भारी अंतर के कारण कांग्रेस ने सरदार पटेल को कभी अपना नहीं माना।’’ मोदी ने कहा कि एक समुदायजाति या धर्म को दूसरे के खिलाफ भड़काने की कांग्रेस की 'नीतिने गुजरात को कमजोर बना दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा, "कांग्रेस के लोगों ने कई वर्षों तक अंग्रेजों के साथ (आजादी से पहले) काम किया था। इसके फलस्वरूप पार्टी में अंग्रेजों की सभी बुरी आदतें आ गईं जैसे कि बांटो और राज करो’ की नीति और गुलामी की मानसिकता।" मोदी ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल के नेता नर्मदा जिले में पटेल की प्रतिमा और स्मारक स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ पर जाने से बचते हैं। उन्होंने कहा, "मोदी ने मूर्ति बनवाई हैसिर्फ इसलिए पटेल आपके लिए अछूत हो गएमुझे भरोसा है कि आणंद जिले के लोग सरदार पटेल का अपमान करने के लिए कांग्रेस को दंडित करेंगे।

नए पुलिस कमिश्नर शर्मा ने कार्यभार ग्रहण किया

नए पुलिस कमिश्नर शर्मा ने कार्यभार ग्रहण किया

बृजेश केसरवानी 
प्रयागराज। प्रयागराज के नए पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा ने शुक्रवार को सुबह कार्यालय पहुंचकर कार्यभार ग्रहण किया। इसके बाद उन्होंने विधिवत अपना कामकाज शुरू कर दिया और मातहतों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया। जिले के नवनियुक्त पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा का कहना है कि उनके कार्यकाल में हर शख्स को इंसाफ मिले। यही उनकी प्राथमिकता होगी। वह प्रयागराज में पहले भी रह चुके हैं। इस कार्यकाल में उस अनुभव का लाभ मिलेगा। रमित शर्मा बृहस्पतिवार को देर रात प्रयागराज पहुंचे। 
पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा ने बताया कि जिले को एक बेहतर पुलिस तंत्र की जरूरत है। इस पर अधिकारियों से मिलकर काम किया जाएगा। अभी तक वह बरेली में बतौर आईजी तैनात थे। 1999 बैच के आईपीएस रमित शर्मा कई जिलों में पुलिस कप्तान के रूप में काम कर चुके हैं। प्रयागराज में वे बतौर आईजी तैनात रहे हैं। मेरठ में तैनाती के दौरान ड्रोन के इस्तेमाल पर उन्होंने प्रदेश भर में काफी प्रशंसा बटोरी थी। आईआईटी कानपुर से इंजीनियरिंग के बाद उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा ज्वाइन किया। इस मौके पर आईपीएस अधिकारी सौरभ दीक्षित, एसपी क्राइम सतीश चन्द्र सहित कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

'बिजली गिरने की वजह' एक रहस्य, जांच

'बिजली गिरने की वजह' एक रहस्य, जांच

सुनील श्रीवास्तव

एडिलेड। हर किसी ने बिजली देखी है और इसकी शक्ति पर आश्चर्य किया है। लेकिन इसकी आवृत्ति के बावजूद- दुनिया भर में हर दिन लगभग 86 लाख बार बिजली गिरती है। लेकिन इस बात को लेकर अब तक रहस्य बना हुआ था कि बिजली जब गरजते बादलों के बीच से धरती की तरफ गिरती है तो वह सीधी रेखा में नहीं बल्कि जिगजैड करते हुए आगे बढ़ती है। बिजली पर कुछ पाठ्यपुस्तकें हैं, लेकिन किसी में भी यह नहीं बताया गया है कि ये जिगजैग (जिन्हें सीढ़ियां कहा जाता है) कैसे बनते हैं, और कैसे बिजली किलोमीटर से अधिक यात्रा कर सकती है। 

मेरा नया शोध एक स्पष्टीकरण प्रदान करता है। गरजने वाले बादलों में तीव्र विद्युत क्षेत्र इलेक्ट्रॉनों को उत्तेजित करते हैं ताकि एकल डेल्टा ऑक्सीजन अणु के रूप में जानी जाने वाली ऊर्जा का निर्माण किया जा सके। ये अणु और इलेक्ट्रॉन एक छोटे, अत्यधिक संवाहक कदम बनाने के लिए निर्मित होते हैं, जो एक सेकंड के दस लाखवें हिस्से के लिए तीव्रता से रोशनी करता है। कदम के अंत में, एक विराम होता है क्योंकि कदम का निर्माण फिर से होता है, उसके बाद एक और उज्ज्वल, चमकती छलांग होती है।

 प्रक्रिया को बार-बार दोहराया जाता है। चरम मौसम की घटनाओं में वृद्धि का मतलब है कि बिजली से सुरक्षा लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। बिजली गिरने की शुरुआत कैसे होती है, यह जानने का मतलब है कि हम यह पता लगा सकते हैं कि इमारतों, हवाई जहाजों और लोगों की बेहतर सुरक्षा कैसे की जाए। इसके अलावा, जबकि विमान में पर्यावरण के अनुकूल सामग्रियों के उपयोग से ईंधन दक्षता में सुधार हो रहा है, इन सामग्रियों से बिजली गिरने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए हमें अतिरिक्त सुरक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता है। 

बिजली गिरने की वजह क्या है?
बिजली के हमले तब होते हैं जब लाखों वोल्ट की विद्युत क्षमता वाले गरजने वाले बादल पृथ्वी से जुड़ते हैं। जमीन और आसमान के बीच हज़ारों ऐम्पियर की धारा दसियों हज़ार डिग्री के तापमान के साथ बहती है। बिजली की तस्वीरें नग्न आंखों से न देखे गए कई विवरणों को प्रकट करती हैं। आमतौर पर बादल से बिजली की चार या पाँच आड़ी तिरछी रेखाएं धरती की ओर बढ़ती है। पृथ्वी पर पहुंचने वाली इन रेखाओं से सबसे पहले बिजली गिरने की शुरुआत होती है। इसके बाद अगली रेखाएं बनती हैं। 

पचास साल पहले, हाई-स्पीड फोटोग्राफी ने इस रहस्य से पर्दा हटाने में और भी मदद की। शुरूआती चमकीली रेखाएं लगभग 50 मीटर लंबे कदम भरती हुई बादल से नीचे की ओर बढ़ती हैं। प्रत्येक चरण एक सेकंड के दस लाखवें हिस्से के लिए चमकता है, लेकिन तब लगभग पूर्ण अंधकार होता है। एक सेकंड के 500 लाखवें हिस्से के बाद एक और चरण बनता है, पिछले चरण के अंत में, लेकिन पिछले चरण अंधेरे रहते हैं। 

ऐसे कदम क्यों बनते हैं? कदमों के बीच के अंधेरे काल में क्या हो रहा है?
कोई संपर्क दिखाई नहीं देता, फिर भी यह कदम विद्युत रूप से बादलों से कैसे जुड़े होते हैं। इन सवालों के जवाब यह समझने में निहित हैं कि क्या होता है जब एक ऊर्जावान इलेक्ट्रॉन एक ऑक्सीजन अणु से टकराता है। यदि इलेक्ट्रॉन में पर्याप्त ऊर्जा है, तो यह अणु को एकल डेल्टा अवस्था में उत्तेजित करता है। यह एक मेटास्टेबल स्थिति है, जिसका अर्थ है कि यह पूरी तरह से स्थिर नहीं है - लेकिन यह आमतौर पर 45 मिनट के आसपास कम ऊर्जा की स्थिति में नहीं आती है। 

इस एकल डेल्टा स्थिति में ऑक्सीजन नकारात्मक ऑक्सीजन आयनों से इलेक्ट्रॉनों (बिजली के प्रवाह के लिए आवश्यक) को अलग करती है। इन आयनों को लगभग तुरंत इलेक्ट्रॉनों (जो एक नकारात्मक चार्ज लेते हैं) द्वारा फिर से ऑक्सीजन के अणुओं से जोड़कर बदल दिया जाता है। जब हवा में एक प्रतिशत से अधिक ऑक्सीजन मेटास्टेबल अवस्था में होती है, तो हवा बिजली का संचालन कर सकती है। तो बिजली डग भरते हुए इसलिए गिरती है क्योंकि महत्वपूर्ण संख्या में इलेक्ट्रॉनों को अलग करने के लिए पर्याप्त मेटास्टेबल स्थितियां बनाई जाती हैं।

चरण के अंधेरे भाग के दौरान, मेटास्टेबल स्थितियों और इलेक्ट्रॉनों का घनत्व बढ़ रहा है। एक सेकंड के 500 लाखवें हिस्से के बाद, कदम बिजली का संचालन कर सकता है - और कदम की नोक पर विद्युत क्षमता लगभग बादल की क्षमता तक बढ़ जाती है, और एक और कदम उत्पन्न करती है। पिछले चरणों में बनाए गए उत्तेजित अणु बादल तक एक स्तंभ बनाते हैं। पूरा स्तंभ तब विद्युत रूप से संचालित होता है, जिसमें विद्युत क्षेत्र की आवश्यकता नहीं होती है और प्रकाश का थोड़ा उत्सर्जन होता है। 

लोगों और संपत्ति की रक्षा करना
इमारतों, विमानों और लोगों के लिए भी सुरक्षा के डिजाइन के लिए तड़ित निर्माण की समझ महत्वपूर्ण है। हालांकि लोगों पर बिजली गिरना दुर्लभ है, इमारतों पर कई बार चोट लगती है - विशेष रूप से लंबी और अलग-थलग इमारतों पर। जब बिजली किसी पेड़ से टकराती है, तो पेड़ के अंदर का रस उबल जाता है और परिणामस्वरूप भाप दबाव पैदा करती है, जिससे तना फट जाता है। इसी तरह, जब बिजली किसी इमारत के कोने से टकराती है, तो बारिश का पानी जो कंक्रीट में रिसता है, उबलने लगता है। 

दबाव इमारत के पूरे कोने को उड़ा देता है, जिससे इमारत गिरने का खतरा पैदा हो जाता है। 1752 में बेंजामिन फ्रैंकलिन द्वारा ईजाद की गई एक बिजली की छड़ मूल रूप से एक इमारत के शीर्ष से जुड़ी और जमीन से जुड़ी एक मोटी बाड़ लगाने वाली तार है। इसे तड़ित को आकर्षित करने और विद्युत आवेश को पृथ्वी से जोड़ने के लिए डिज़ाइन किया गया है। तार के माध्यम से प्रवाह को निर्देशित करके, यह भवन को क्षतिग्रस्त होने से बचाता है। ये फ्रैंकलिन छड़ें आज ऊंची इमारतों और चर्चों के लिए आवश्यक हैं, लेकिन यह तय करना मुश्किल है कि प्रत्येक संरचना पर कितने की आवश्यकता है।

महाराष्ट्र में जीका वायरस से संक्रमित मिला एक व्यक्ति 

महाराष्ट्र में जीका वायरस से संक्रमित मिला एक व्यक्ति 

कविता गर्ग 

पुणे। महाराष्ट्र के पुणे शहर में 67 वर्षीय एक व्यक्ति जीका वायरस से संक्रमित पाया गया, लेकिन अब वह इससे पूरी तरह उबर चुका है और उसमें इस रोग के कोई लक्षण नहीं हैं। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन में कहा गया कि नासिक निवासी इस व्यक्ति को पिछले महीने संक्रमित पाया गया था, लेकिन इसके पहले उसने पड़ोसी राज्य गुजरात के सूरत शहर की यात्रा की थी। इसमें कहा गया है, ‘‘वह गत छह नवंबर को पुणे के बावधान इलाके में आया और बाद में सूरत चला गया।

वह 16 नवंबर को बुखार, कफ, जोड़ों में दर्द और थकावट के चलते इलाज के लिए जहांगीर अस्पताल पहुंचा। एक निजी प्रयोगशाला में 18 नवंबर को उसकी जांच कराई गई तो उसके जीका वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई।’’ पुणे स्थित राष्ट्रीय वायरोलॉजी संस्थान (एनआईवी) में की गई जांच में भी जीका वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई।

बयान में कहा गया कि जांच रिपोर्ट के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने पुणे शहर और बावधान इलाके में गहन सर्वेक्षण किया। इससे पहले, इस साल जुलाई में मुंबई के पास पालघर जिले में सात साल की एक बच्ची जीका वायरस से संक्रमित पाई गई थी। मलेरिया और डेंगू की तरह जीका वायरस भी एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। इस वायरस की सबसे पहले पहचान अफ्रीकी देश युगांडा में 1947 में हुई थी।

गांव-गांव ढाणी तक पहुंचेगी 'जन आक्रोश रथ' यात्रा 

गांव-गांव ढाणी तक पहुंचेगी 'जन आक्रोश रथ' यात्रा 

नरेश राघानी 

अलवर। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महामंत्री और राजस्थान प्रभारी अरुण सिंह ने कहा कि राज्य में कांग्रेस सरकार के खिलाफ पार्टी की निकाली जाने वाली जन आक्रोश रथ यात्रा गांव-गांव ढाणी तक पहुंचेगी और इसको हर नागरिक से जोड़ा जाएगा। सिंह ने आज यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस जन आक्रोश यात्रा के तहत पीड़ित परिवारों से भी मिलने का काम होगा उनके दुख दर्द बांटे जाएंगे। वह आज अलवर में जनाक्रोश रथ यात्रा का शुभारंभ करने आए थे। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं ने माइक्रो लेवल पर पार्टी को घर-घर तक पहुंचने की प्लानिंग की है।

उन्होंने बताया कि जन आक्रोश यात्रा के दौरान सरकार की विफलताओं को बताया जाएगा। किस तरह अपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि इससे ज्यादा क्या हो सकता है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपनी कुर्सी को बचाने के लिए अपने ही पार्टी के नेता को गद्दार तक बोल रहे हैं। जबकि उस नेता के दम पर ही कांग्रेस सरकार वापसी हुई थी। भाजपा द्वारा कोई बड़ा आंदोलन नहीं करने के सवाल पर श्री सिंह ने कहा कि भाजपा हर बात को लेकर आंदोलन करती है।

रीट एग्जाम को लेकर बड़ा आंदोलन किया विधानसभा में भी आंदोलन किया। अपराधिक घटनाओं को लेकर आंदोलन किया लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार का ध्यान जनता की ओर नहीं है बस कुर्सी बचाने में लगी हुई है। राजस्थान में मुख्यमंत्री के चेहरे पर सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा का कोई भी कार्यकर्ता मुख्यमंत्री बन सकता है। मोदी के चेहरे पर ही सभी राज्यों में चुनाव लड़े जाएंगे। ई आरसीपी के मुद्दे पर उन्होंने बताया कि जब राजस्थान सरकार छोटे-छोटे मामलों का समाधान नहीं कर पा रही तो इतने बड़ी परियोजना को कैसे समाधान करेगी कि ईआरसीपी योजना तो भाजपा ही दूर करेगी।

बराड़ को प्रत्यक्ष स्पष्टीकरण देने का निर्देश: शिअद

बराड़ को प्रत्यक्ष स्पष्टीकरण देने का निर्देश: शिअद

अमित शर्मा 

चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने पूर्व सांसद जगमीत बराड़ को मंगलवार, छह दिसंबर को कथित पार्टी विरोधी बयानों को लेकर पार्टी मुख्यालय में आकर प्रत्यक्ष स्पष्टीकरण देने का निर्देश जारी किया है। पार्टी के आज यहां जारी बयान के अनुसार पार्टी की अनुशासन समिति के अध्यक्ष सिकंदर सिंह मलूका ने बराड़ को एक पत्र भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है।

इससे पहले पार्टी ने एक कारण बताओ नोटिस बराड़ को जारी किया था, जिसका उन्होंने जवाब दिया था लेकिन जवाब पर कमेटी असंतोष व्यक्त कर चुकी है। आरोप है कि श्री बराड़ पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के अलावा अपनी कमेटी के गठन की प्रक्रिया जारी रखे हुए हैं। कांग्रेस से शिअद में आये श्री बराड़ कुछ समय से पार्टी में बगावती तेवर अपनाये हुए हैं।

21 द्वीपों के नाम 'सम्मानित सैनिकों' के नाम पर रखें

21 द्वीपों के नाम 'सम्मानित सैनिकों' के नाम पर रखें

अश्वनी उपाध्याय 

पोर्ट ब्लेयर। केंद्र शासित प्रदेश अंडमान-निकोबार में 21 निर्जन द्वीपों के नाम, देश के सबसे बड़े युद्धकालीन वीरता पुरस्कार परमवीर चक्र से सम्मानित सैनिकों के नाम पर रखे गए हैं। इन 21 द्वीपों में से 16 उत्तर और मध्य अंडमान जिले में स्थित हैं, जबकि पांच द्वीप दक्षिण अंडमान में हैं।

अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के सांसद कुलदीप राय शर्मा ने इस कदम का स्वागत किया। केंद्र सरकार ने रक्षा और स्थानीय अधिकारियों की सहायता से इन 21 द्वीप के नाम अलंकृत सैनिकों के नाम पर रखे हैं। उन्होंने कहा, मुझे खुशी है कि केंद्र ने हमारे बहादुर सैनिकों को सम्मानित करने के लिए अंडमान के 21 द्वीपों को चुना है। मैं प्रशासन से स्कूली बच्चों के लिए एक छोटी पुस्तिका प्रकाशित करने का भी अनुरोध करना चाहता हूं ताकि वे हमारी मातृभूमि के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान के बारे में अधिक जान सकें।

कुलदीप राय शर्मा ने कहा, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान के कारण एक तीर्थ स्थान रहा है और अब परमवीर चक्र से सम्मानित सैनिकों का इस तरह सम्मान किया जाना हमारे लिए गर्व की बात है। उत्तर और मध्य अंडमान में निर्जन द्वीप संख्या 'आईएनएएन 370' का नाम मेजर सोमनाथ शर्मा के नाम पर रखा गया है। अब आईएनएएन 370' को 'सोमनाथ द्वीप' के नाम से जाना जाएगा। वह परमवीर चक्र से सम्मानित पहले सैनिक थे। शर्मा तीन नवंबर 1947 को श्रीनगर हवाई अड्डे के पास पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़ने के दौरान शहीद हो गए थे। उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था। 

इसके अलावा सूबेदार और मानद कैप्टन करम सिंह, मेजर रामा राघोबा राणे, नायक जदुनाथ सिंह, कंपनी हवलदार मेजर पीरू सिंह शेखावत, कैप्टन गुरबचन सिंह सलारिया, लेफ्टिनेंट कर्नल धन सिंह थापा मागर, सूबेदार जोगिंदर सिंह सहनन, मेजर शैतान सिंह भाटी, कंपनी क्वार्टरमास्टर हवलदार अब्दुल हमीद, लेफ्टिनेंट कर्नल अर्देशिर बुर्जोरजी तारापोर, लांस नायक अल्बर्ट एक्का, कर्नल होशियार सिंह दहिया, सेकेंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल, फ्लाइंग ऑफिसर निर्मल जीत सिंह सेखों, मेजर रामास्वामी परमेश्वरन, कैप्टन बाना सिंह, कैप्टन विक्रम बत्रा, कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय और सूबेदार मेजर संजय कुमार के नाम पर भी द्वीपों के नाम रखे गए हैं।

21 द्वीपों में से कुछ आरक्षित वन क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं, जबकि कुछ में जल क्रीड़ा, क्रीक पर्यटन और मछली पकड़ने की काफी संभावनाएं हैं। आम तौर पर अंडमान और विशेष रूप से सेलुलर जेल ने हमारे स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में एक प्रमुख भूमिका निभाई है। 1857 के विद्रोह, वहाबी आंदोलन और बर्मी विद्रोह जैसे विभिन्न ब्रिटिश विरोधी आंदोलनों में भाग लेने वाले लोगों को अंडमान भेज दिया गया था जहां उन्हें बर्बर परिस्थितियों में रखा जाता था। स्वतंत्रता संग्राम के महान दिग्गजों को सेल्युलर जेल की एकान्त कोठरी में कैद कर दिया गया था।

करगिल युद्ध के पराक्रमी कर्नल दीप्तांगशु चौधरी ने कहा, आज की तेजी से बदलती दुनिया और कठिन प्रतिस्पर्धी जीवन में, युवाओं को हमारी समृद्ध विरासत और अतीत को याद करने का समय नहीं मिलता है। यह पहल भारतीय सेना के जवानों द्वारा किए गए बलिदान का एक प्रमाण है और इससे युवा उनके वीरतापूर्ण कार्यों से अवगत होंगे। ऐसे समय में यह सबसे महत्वपूर्ण हो जाता है जब देश आजादी का अमृत महोत्सव (भारतीय स्वतंत्रता के 75 साल पूरे होने का स्मरणोत्सव) मना रहा है।

नौसेना तथा बल को मजबूत व ताकतवर बनाना जारी 

नौसेना तथा बल को मजबूत व ताकतवर बनाना जारी 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि समुद्री सीमाओं की सुरक्षा को पुख्ता बनाने के लिए नौसेना तथा तटरक्षक बल को अत्याधुनिक युद्धपोतों और हथियारों से लैस किया जा रहा है। सिंह ने शुक्रवार को मुंबई में रक्षा मंत्रालय से संबद्ध संसदीय सलाहकार समिति की बैठक में जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसीलिए नौसेना तथा तटरक्षक बल को मजबूत तथा ताकतवर बनाया जा रहा है।

नौसेना की मारक क्षमता बढ़ाने में शिपयार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना करते हुए श्री सिंह ने कहा कि सभी शिपयार्ड ने समय रहते गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की आपूर्ति की है जिससे देश रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे उपायों का भी उन्होंने उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के लिए सर्जन पोर्टल को शुरू किए जाने के बाद से शिपयार्ड के 783 उपकरण इस पोर्टल पर उपलब्ध है पहले इनका विदेशों से आयात किया जाता था। रक्षा मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि शिपयार्ड घरेलू जरूरतों को पूरा करने के बाद जल्द ही निर्यात करना भी शुरू कर देंगे।

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प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

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1. अंक-52, (वर्ष-06)

2. शनिवार, दिसंबर 03, 2022

3. शक-1944, मार्गशीर्ष, शुक्ल-पक्ष, तिथि-दसमीं, विक्रमी सवंत-2079‌‌।

4. सूर्योदय प्रातः 06:44, सूर्यास्त: 05:24। 

5. न्‍यूनतम तापमान- 11 डी.सै., अधिकतम- 21+ डी.सै.।

6. समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है। सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा। सभी पद अवैतनिक है। 

7.स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक राधेश्याम व शिवांशु, (विशेष संपादक) श्रीराम व सरस्वती (सहायक संपादक) संरक्षण-अखिलेश पांडेय, ओमवीर सिंह, वीरसैन पवार, योगेश चौधरी आदि के द्वारा (डिजीटल सस्‍ंकरण) प्रकाशित। प्रकाशित समाचार, विज्ञापन एवं लेखोंं से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं हैं। पीआरबी एक्ट के अंतर्गत उत्तरदायी।

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गणतंत्र दिवस    'संपादकीय'

गणतंत्र दिवस    'संपादकीय' 'भारत' देश है हमारा, संविधान पर विवाद नहीं। 'सभ्यता' सबसे पहले आई, ...