मंगलवार, 9 अप्रैल 2019

आखिर पुलिस अभी तक कर क्या रही है?

पुलिसिया कार्यवाही शिथिल, घूम रहे खुलेआम हत्यारोपी


महीनों बीते नही गिरफ्तार हुए हत्यारोपित बालू माफिया और उनके गुर्गे !


कौशाम्बी।बीते महीने बालू की अवैध खनन के बर्चस्व की लड़ाई में झल्लर चौबे को जिंदा फूंक दिए जाने के मामले में नामजद बालू माफिया और उनके गुर्गों को पुलिस गिरफ्तार नही कर सकी है जब कि हत्याकांड में नामजद बालू माफिया और उनके गुर्गे खुलेआम जनपद मुख्यालय में घूम रहे है जिससे जिले की कानून ब्यवस्था पर सवाल उठना लाजमी है नामजद हत्यारोपित बालू माफियाओ और उनके गुर्गों की गिरफ्तारी में सुस्त पड़ी खाकी कही सत्तासीन हुक्मरानों के दबाव में तो काम नही कर रही है


पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र के कटरी डेढ़ावल यमुना नदी के बालू घाट में खनन माफियाओं के बर्चस्व के बीच एक ब्यक्ति को दिन दहाड़े जिंदा फूक दिया गया था जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गयी घटना को महीनों बीत रहे है पीड़ित परिवार जिले के थाना से लेकर लखनऊ पहुच कर पुलिस अधिकारियों के यहाँ हत्यारोपित बालू माफिया और उनके गुर्गों की गिरफ्तारी की फरियाद कर चुके है आलाधिकारियों के निर्देश के बाद भी हत्यारोपित बालू माफिया और उनके गुर्गों की गिरफ्तारी पुलिस नही कर रही है जब कि इस हत्याकांड के आरोपियों के नाम हवा में तैर रहे है। और हत्यारोपित खुलेआम घूम रहे है झल्लर चौबे की हत्या कांड में पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र के एक गजेडी दलाल के भाई के साथ बालू माफिया भी शामिल है


जिले में यमुना नदी से खनन में लगे बालू माफिया और उनके गुर्गों पर हत्या का आरोप लगने के बाद माफियाओ में हड़कम्प मच गया जो पुलिसिया सुस्ती के चलते अब सामान्य होकर अवैध खनन फिर जोर से शुरू है मृतक के परिजनों ने बालू माफिया को नामजद करते हुए प्रार्थनापत्र भी पुलिस को दिया लेकिन पुलिस बालू माफिया को हत्या के इस गंभीर मामले में पूरी तरह से बचा रही है हत्या के इस मामले में पुलिस अभियुक्तों को जेल भेजने के बजाय पार्टी बंदी पर उतर चुकी है बालू घाट में सैकड़ो लोगो के बीच दिनदहाड़े युवक को सुबह नौ बजे जिंदा जलाया गया था गैर प्रांत से आकर कौशांबी की यमुना नदी में जायज नाजायज तरीके से बालू अवैध खनन और परिवहन किए जाने में एक सरदार का बर्चस्व कायम है पास में दूसरे बालू घाट से भी अवैध निकासी को लेकर अक्सर बिवाद हुआ करता है जिसमे उनके सुरक्षा में लगे झल्लर चौबे बीच मे आ जाते थे जिससे झल्लर को माफिया रास्ते से हटाना चाहते थे और उसे जिंदा फूक कर माफिया सफल हो गए इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।


गौरतलब है कि बालू माफियाओं के पास अवैध खनन से करोड़ों की काली कमाई है अधिक कमाई के चक्कर मे अब माफियाओ के बीच जंग शुरू हो चुकी है जिसमे एक दूसरे माफिया को अवैध खनन से हटा कर एकक्षत्र राज कायम करना चाहते है और इसी काली कमाई में सरकारी मशीनरी भी तिजोरी भर रही है।


बर्चस्व की इस लड़ाई में बालू घाट पर जिंदा जलाए जाने के मामले में परिजनों के साथ ग्रामीणों ने भी पुलिस अधिकारियों को बयान देकर बालू माफिया सरदार पर हत्या कराने का आरोप लगाया हैं लेकिन माफियाओ के काली कमाई से मालामाल हो रही खाकी सरदार को बचाने के लिए खुद पार्टी बंदी पर उतर चुकी है जिसके चलते बालू माफिया सरदार की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है बताते चले कि हत्यारोपित उक्तबालू माफिया सरदार की गिरफ्तारी को लेकर मृतक के परिजन सत्ता के गलियारों में डेरा डाल कर फरियाद भी कर चुके हैं जिसकी जांच कर कार्यवाही की जानकारी जिला पुलिस से मांगी गई लेकिन बालू माफिया पर हत्या करने के आरोप पर बार-बार बालू माफिया को क्लीन चिट दे कर पुलिस ऐसी बयानबाजी कर रही है जैसे वह चश्मदीद हो इस हत्या के मामले में हत्यारे को बचाने का कलंक थाना पुलिस पर लग रहा है।


बालू माफिया द्वारा बालू घाट में युवक को जिंदा फूंक दिए जाने के मामले में पुलिस अधिकारियों ने गैर जनपद के माफिया सरदार और उनके गुर्गों के गिरफ्तारी के मामले में लापरवाही की निष्पक्ष जांच कराई तो माफिया और उनके गुर्गों का जेल जाना तय है सूत्र बताते है कि जिले के यमुना घाट में युवक को जिंदा जलाने के मामले में जिस आधार पर हत्या का आरोप लग रहा है यदि सूत्रों की मानें तो उसे हत्या के जुर्म से आजादी देने के एवज में एक करोड़ का ठेका बीते दिनों हो चुका है जिसके बाद से पुलिसिया कार्यवाही सुस्त पड़ गयी है


universalexpress.page.  सुशील केशरवानी 


संदीप गुप्ता के वक्तव्य जारी

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प्रतापगढ़ पहुंचे महेंद्र नाथ पांडे

प्रतापगढ़।प्रतापगढ़ में युवा सम्मेलन में पहुँचे बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पाण्डेयज।जनसभा में उमड़ी भीड़।युवा नेता और रानीगंज विधयाक धीरज ओझा के साथ पहुँचे युवाओ का जन सैलाब।युवाओ में भरा जोश।प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय युवा विधयाक धीरज ओझा के काम की सराहना।केंद्र सरकार की उपलब्धियों के कामो की कराई गिनती।मोदी सरकार गरीब जनता के लिए किए है कार्य।रानीगंज के राजापुर खरहर में हुआ युवा सम्मेलन।universalexpress.page


विमल तरुण( विचार)

हर हर महादेव ऊँ नमः शिवायः


मात्र संयोग नहीं होता किसी से मिलना, इसके पीछे होते हैं ये अलौकिक कारण*



*1- जन्म:*
अब तक आप ना जाने कितने ही लोगों से मिल चुके होंगे और यकीन मानिए अभी यह संख्या और ज्यादा बढ़ने वाली है। इनमें से ज्यादातर लोग तो बस आपके जीवन में आए और गए होंगे, कुछ आज भी आपके साथ होंगे और भविष्य में भी साथ रहेंगे, इसके अलावा कुछ ऐसे भी होंगे जो भले ही कम समय के लिए ही सही आपके साथ रहे लेकिन उन्होंने आपके जीवन में एक बड़ी भूमिका अवश्य निभाई।


*2- खास मकसद:*
दरअसल कुछ लोग ऐसे होते हैं जो हमारे जीवन में हमेशा के लिए नहीं आते, उनका हमारे जीवन में आने का एक खास मकसद होता है और जब यह मकसद पूरा हो जाता है तब वह अपने आप ही हमारी लाइफ से दूर हो जाते हैं। कभी आपने ये सोचा है कि कौन हैं ये लोग और क्या है इनका हमारे जीवन में आने का असली उद्देश्य।


*3- ब्रह्मांडीय शक्ति:*
जानकारों की मानें कि ये सब पहले से ही निर्धारित होता है कि कौनसा व्यक्ति किस समय हमारे जीवन में आएगा, लेकिन जब कोई अचानक हमारे जीवन में आता है तो यह मात्र कोई संयोग नहीं होता, इसके पीछे कई कारण होते हैं जो स्वयं ब्रह्मांडीय शक्ति द्वारा रचित हैं। चलिए जानते हैं क्या हैं वो कारण।


*4- हमें रोकने के लिए:*
कई बार जो लोग हमारे जीवन में आते हैं उनका वास्तविक उद्देश्य हमें आगे बढ़ने से रोकना होता है। शायद हम जिस मार्ग पर चल रहे हैं वह हमारे लिए सही नहीं है, इसलिए ब्रह्मांड की कोई शक्ति मनुष्य रूप में हमारे सामने आती है और हमें रोकने की कोशिश करती है। ऐसी स्थिति में हमें एक बार अवश्य रुक कर अपने निर्णयों पर पुन: विचार करना चाहिए।


*5- हमारे उद्देश्यों से मिलवाने के लिए:*
कुछ लोग भले ही चंद मिनटों के लिए हमारे जीवन में आएं लेकिन उनसे यह छोटी सी मुलाकात ही यह बताने के लिए काफी होती है कि हमारे जीवन का वास्तविक उद्देश्य क्या है। ये हमारी आत्मा पर अपना गहरा प्रभाव डालते हैं।


*6- हमें आगे बढ़ाने के लिए:*
जब हम थक कर बैठ जाते हैं और पूरी तरह हार मान चुके होते हैं तब कोई हमारे जीवन में आता है और हमें एक बार फिर आगे बढ़ने का हौसला दे देता है। हमें फिर से खड़ा कर, हमारे मार्ग पर फिर से चलाकर वह वापिस चला जाता है। इसका अर्थ यही है कि वह हमें यह याद दिलाने आए हैं कि हमारा उद्देश्य हमारे लिए कितना जरूरी है।


*7- जीवन की वास्तविकता :*
जीवन की वास्तविकता
कॉफी शॉप, बस, किसी दुकान, शॉपिंग मॉल, ऐसी ही रैंडम जगहों पर किसी अजनबी से एक मुलाकात और उससे कुछ देर की बात, हमें हमारे जीवन की वास्तविकता से रुबरू करवा देती है।


*8- भविष्य और नियती :*
जब हम अपने भविष्य और अपनी नियती के लिए तैयार होते हैं तब ब्रह्मांडीय शक्ति किसी ऐसे व्यक्ति को हमारे जीवन में भेज देती है जो ताउम्र हमारे साथ रहता है। उसका और हमारा जीवन एक दूसरे से हमेशा के लिए जुड़ जाता है, यह कोई दोस्त, कोई परिजन या फिर आपका अपना जीवन साथी भी हो सकता है!universalexpress.page


गाजियाबाद लोकसभा में अभी जारी रहेगी उत्तल पुथल

लोकसभा चुनाव को लेकर जिला गाजियाबाद के लोनी विधानसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी डोली शर्मा मुस्लिम समाज का जो समर्थन अपने साथ मान रही थी वह सारी उम्मीदें हुई ध्वस्त लोनी से कांग्रेस के दबंग बाहुबली नेता पूर्व प्रत्याशी हाजी शाहिद ने अपने कई हजार समर्थकों के साथ गठबंधन का दामन थामा इस मौके पर सुरेश बंसल ने हाजी शाहिद को बसपा ज्वाइन कराते हुए गठबंधन को चुनाव जिताने की बात कही हाजी शाहिद ने बताया कि कांग्रेसमें डोली शर्मा एक मुस्लिम विरोधी नेता थी जो केवल और केवल मुस्लिमों के खिलाफ मत करती थी इसलिए उन्होंने कांग्रेस का दामन छोड़ बसपा का हाथ थामा हैलोकसभा चुनाव को लेकर जिला गाजियाबाद के लोनी विधानसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी डोली शर्मा मुस्लिम समाज का जो समर्थन अपने साथ मान रही थी वह सारी उम्मीदें हुई ध्वस्त लोनी से कांग्रेस के दबंग बाहुबली नेता पूर्व प्रत्याशी हाजी शाहिद ने अपने कई हजार समर्थकों के साथ गठबंधन का दामन थामा इस मौके पर सुरेश बंसल ने हाजी शाहिद को बसपा ज्वाइन कराते हुए गठबंधन को चुनाव जिताने की बात कही!universalexpress.page सूत्रों के अनुसार कांग्रेस में डोली शर्मा एक मुस्लिम विरोधी नेता थी,जो केवल और केवल मुस्लिमों के खिलाफ मत करती थी इसलिए उन्होंने कांग्रेस का दामन छोड़ बसपा का हाथ थामा है


स्वतंत्र विचार रखने का हक

 


"चुनाव तो आएंगे और चले भी जाएंगे। सभी को मतदान करने का हक़ है। अपनी पसंद की पार्टी को वोट देने का हक है। पर *अपनी पसंद दूसरों पर थोपने का नहीं*।" राजनैतिक पार्टियां अपना प्रचार खुद कर लेंगी अनावश्यक बहसबाजी में पड़कर आप अपने अच्छे दोस्त को खो सकते हैं। *ज़रूरी नहीं जो आपकी राजनैतिक पसंद है आपके सभी जानने वाले भी उसी ही पसंद करें*। हम एक स्वतन्त्र देश के स्वतन्त्र नागरिक है। सबको अपने स्वतंत्र विचार रखने का पूरा हक है।


*सोचिये नेता पार्टी बदलते हैं तो क्या वो आपकी तरह एक दूसरे को दुश्मन समझते हैं क्या...? नहीं ना... क्योंकि उन्हें मालूम होता है कि ये सब सत्ता के लिए है, कल फिर हो सकता है वापस उसी पार्टी में जाना पड़े.... तो जिन लोगों के लिए आप लड़ रहे हैं वो ही आपके सगे नहीं हैं... विचार कीजिये...*


*अनावश्यक राजनैतिक बहसों से बचिए। "रिश्तों में कड़वाहट आयी तो वो वापस नहीं जायेगी"*।


और हाँ वोट जरूर डाले !universalexpress.page


नये सिरे से चुनाव प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए

अकांशु उपाध्याय        नई दिल्ली। भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ(एनआरएआई) के मोहाली में होने वाले चुनावों से एक दिन पहले खेल मंत्रालय ने निशानेब...