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शुक्रवार, 18 नवंबर 2022

कर्नाटक: मतदाताओं के नाम सूची से हटाने का आरोप

कर्नाटक: मतदाताओं के नाम सूची से हटाने का आरोप

इकबाल अंसारी 

बेंगलुरु। कर्नाटक के बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) की मतदाता सूची पुनरीक्षण में चिलूम संस्थान पर छ: लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम सूची से हटाने का आरोप के बाद यह संस्थान संदेह के दायरे आ गया है। बीबीएमपी के विशेष आयुक्त रंगप्पा ने चिलूम संस्थान के बारे में बताते हुए आज कहा कि पहचान पत्र कार्ड का दुरुपयोग केवल बीबीएमपी महादेवपुर निर्वाचन क्षेत्र में होता है। किसी अन्य क्षेत्र में कोई दुरुपयोग नहीं पाया गया। चिलूम संस्था द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर ऑडिशन और विलोपन प्रक्रिया नहीं की गई है। मतदाता सूची को लेकर कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई है। यह सच है कि लिखित सूचना कल चुनाव अधिकारी से प्राप्त हुई थी। उन्होंने कहा कि बीबीएमपी के मुख्य आयुक्त द्वारा चुनाव आयोग को एक रिपोर्ट दी जाएगी।

बीबीएमपी ने 243 वार्डों के चुनाव के लिए मतदाता सूची में संशोधन किया था। चिलूम संस्था के कर्मचारी पहले ही ब्लॉक स्तर के अधिकारी (बीएलओ) के रूप में पहचान पत्र बना चुके हैं और घर-घर जाकर जानकारी एकत्र कर रहे हैं। बीबीएमपी ने बीएलओ द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर मतदाता सूची में संशोधन किया है। जिसमें कुल 6,69,652 मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि जिन लोगों के नाम हटाया गया है, उनमें जीवित लोगों के नाम भी शामिल हैं। ऐसा संदेह जताया गया है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण के पीछे चिलूम संगठन का हाथ है। हर विधानसभा क्षेत्र से हजारों नाम काटे जा चुके हैं।

यलहंका विधानसभा क्षेत्र के 21,968 मतदाताओं के नाम, केआरपुरम निर्वाचन क्षेत्र के 39,763 मतदाताओं, बत्रायनपुरा निर्वाचन क्षेत्र के 30,757 मतदाताओं के नाम हटाये गये हैं | इसके अलावा यशवंतपुर 35,829, आर.आर.नगर 33,009, दासराहल्ली 35,086, महालक्ष्मी लेआउट 20,404, मल्लेश्वरम 11,788, हेबब्बाल 20,039, पुलकेशी नगर 22,196, सर्वज्ञा नगर 28,699, सी वी रामन नगर 21,457, शांतिनगर 14,679, गांधीनगर 16,386 , चिक्कपेटे 16,231, बसवनगुडी 18,388, पद्मनाभ नगर 17,435, बीटीएम लेआउट 16,141, जयनगर 13,061, महादेवपुर 33,376, बोम्मनहल्ली 31,157, बेंगलुरु दक्षिण 45,927, अनेकल 24,279 मतदाताओं के नाम हटाए गए।

कुछ लोगों ने अपना नाम मतदाता सूची से हटाये जाने की बात कही है। एक मतदाता ने कहा कि मेरा नाम छह महीने पहले मतदाता सूची में था। अब नाम हटा दिया गया है और हमारे परिवार के चार सदस्यों के नाम भी इस सूची से छूट गए हैं।

रविवार, 16 अक्तूबर 2022

3 वाहनों की टक्कर में 4 बच्चों समेत 9 की मौंत

3 वाहनों की टक्कर में 4 बच्चों समेत 9 की मौंत

इकबाल अंसारी 

हासन। कर्नाटक के हासन में तीन वाहनों की टक्कर में चार बच्चों समेत नौ लोगों की मौंत हो गई और 10 अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दूध के एक टैंकर, कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बस और एक टेम्पो के बीच शनिवार को यहां अर्सिकेरे तालुक में रात लगभग 11 बजे टक्कर हो गई। सूत्रों ने बताया कि हादसे में मारे गए सभी लोग टेम्पो में सवार थे।

सूत्रों ने बताया कि छह लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी जबकि तीन लोगों ने अस्पताल जाने के दौरान रास्ते में ही दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि घायलों का यहां एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने घटना पर शोक जताते हुए कहा कि मृतकों के परिवारों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाएगा और घायलों के उचित इलाज की व्यवस्था की जाएगी।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘यह बहुत दुखद है कि कल हासन जिले के अर्सिकेरे में एक भीषण सड़क दुर्घटना में नौ लोगों की मौत हो गयी। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें।’’ हासन जिले से ताल्लुक रखने वाले पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा ने कहा कि सभी मृतक एक ही परिवार के थे और वे कुछ पवित्र स्थलों के दर्शन करने के बाद अपने पैतृक गांव लौट रहे थे। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘मैं सरकार से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की तत्काल घोषणा करने का अनुरोध करता हूं।’’

गुरुवार, 11 अगस्त 2022

कर्नाटक: सांप्रदायिक झड़प में 2 की मौंत, 6 घायल 

कर्नाटक: सांप्रदायिक झड़प में 2 की मौंत, 6 घायल 

इकबाल अंसारी 

बेंगलुरू/कोप्पल कर्नाटक में कोप्पल जिले के एक गांव में गुरूवार को सांप्रदायिक झड़प में दो लोगों की मौंत हो गई और छ: अन्य घायल हो गए। पुलिस के अनुसार यह झड़प एक हिंदू लड़के और एक मुस्लिम लड़की के कथित प्रेम-प्रसंग के कारण हुई।

मुहर्रम के दौरान हिंदू लड़का उस लड़की से मिलने गया था। इसके कारण दोनों समुदायों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया और हिंसा भड़क उठी, जिसमें वली पाशा (22) और येनकप्पा तलवाड़ (60) की मौत हो गई। घटना के बाद प्रशासन ने जिले में तुरंत धारा 144 लागू कर एक स्थल पर पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी लगा दी।

बीमा कंपनियों से मुआवजा पाने की हकदार हैं, बेटियां 

बीमा कंपनियों से मुआवजा पाने की हकदार हैं, बेटियां 

इकबाल अंसारी 

बेंगलुरु। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने कहा है कि दुर्घटना में अपने माता-पिता के मारे जाने पर विवाहित बेटियां भी बीमा कंपनियों से मुआवजा पाने की हकदार हैं। अदालत ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने माना है कि विवाहित बेटे भी ऐसे मामलों में मुआवजे के हकदार हैं। उच्च न्यायालय ने कहा, यह न्यायालय भी विवाहित बेटों और बेटियों में कोई भेदभाव नहीं कर सकता। लिहाजा इस तर्क को स्वीकार नहीं किया जा सकता कि मृतक की विवाहित बेटियां मुआवजे की हकदार नहीं हैं।

न्यायमूर्ति एच. पी. संदेश की एकल पीठ ने एक बीमा कंपनी द्वारा दाखिल एक याचिका पर सुनवाई की। याचिका में 12 अप्रैल, 2012 को उत्तर कर्नाटक में यमनूर, हुबली के पास हुई दुर्घटना में जान गंवाने वाली रेणुका (57) की विवाहित बेटियों को मुआवजा देने के आदेश को चुनौती दी गई थी। रेणुका के पति, तीन बेटियों और एक बेटे ने मुआवजे की मांग की थी। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने परिवार के सदस्यों को छह प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर के साथ 5,91,600 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया था।

बीमा कंपनी ने इस आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती देते हुए एक याचिका दाखिल की, जिसमें कहा गया कि विवाहित बेटियां मुआवजे का दावा नहीं कर सकतीं। याचिका में यह भी कहा गया कि वे आश्रित नहीं हैं। इसलिए ‘निर्भरता नहीं होने पर’ मुआवजा देना गलत है। हालांकि अदालत ने बीमा कंपनी की इन दलीलों को खारिज कर दिया।

शनिवार, 9 जुलाई 2022

विजयपुरा: 4.4 तीव्रता का भूकंप, झटके महसूस किए

विजयपुरा: 4.4 तीव्रता का भूकंप, झटके महसूस किए 

इकबाल अंसारी 
बेंगलुरु। कर्नाटक के विजयपुरा जिले में शनिवार सुबह 4.4 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। कर्नाटक राज्य प्राकृतिक आपदा निगरानी केंद्र (केएसएनडीएमसी) ने एक बयान में बताया कि भूकंप सुबह छह बजकर 22 मिनट पर आया और उसका केंद्र ‘‘विजयपुरा जिले में विजयपुर तालुक, कन्नूर जीपी से 2.3 किलोमीटर उत्तरपश्चिम में स्थित था।
’’ केएसएनडीएमसी निदेशक मनोज राजन ने बताया कि भूकंप की तीव्रता मध्यम रही और हो सकता है कि भूकंप के केंद्र से 30-40 किलोमीटर की दूरी तक भी झटके महसूस किए गए हो। उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह के भूकंप से स्थानीय समुदाय को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा क्योंकि यह मध्यम तीव्रता का है, हालांकि, स्थानीय झटके महसूस किए गए होंगे। भूकंप का केंद्र भूकंपीय क्षेत्र तृतीय के तहत आता है और टेक्टोनिक मानचित्र के अनुसार यह क्षेत्र किसी भी संरचनात्मक असंतुलन से रहित है।’

मंगलवार, 28 जून 2022

कन्नड़ के हिस्सों में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए

कन्नड़ के हिस्सों में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए

इकबाल अंसारी

बेंगलुरु। कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले के कई हिस्सों में मंगलवार को सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार की सुबह करीब पौने आठ बजे आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.5 मापी गई है। 25 जून को भी भूकंप के ऐसे ही झटके महसूस किए गए थे। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप का केंद्र पांच किलोमीटर की गहराई पर था।

जिले के सुलिया तालुक के संपाजे, अरनथोडु, पेरजे, जल्सूर, उबराद्का, थोदिकाना और मित्तुर में करीब चार सेकंड तक भूकंप के झटके महसूस किए गए। यहां 25 जून को सुबह नौ बजकर नौ मिनट पर 2.3 तीव्रता का भूकंप आया था। भूकंप के झटके उसके केंद्र से करीब 4.7 किलोमीटर की दूरी तक महसूस किए गए थे।

सोमवार, 27 जून 2022

सर्दी और बुखार से पीड़ित 14 बच्चों की हालत बिगड़ी

सर्दी और बुखार से पीड़ित 14 बच्चों की हालत बिगड़ी
इकबाल अंसारी 
शिवमोग्गा। कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले के सागर शहर में एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगाने के बाद सर्दी और बुखार से पीड़ित 14 बच्चों की हालत बिगड़ गई। अस्पताल में भर्ती बच्चों में चार की हालत गंभीर हो गई और उन्हें सोमवार को शिवमोग्गा के जिला अस्पताल में शिफ्ट कराया गया।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, बच्चों को सर्दी और बुखार के संक्रमण के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। नर्सो ने रविवार रात उन्हें एंटीबायोटिक इंजेक्शन दिए। इंजेक्शन लगाने के तुरंत बाद बच्चों को तेज बुखार आया और वे कांपने लगे। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय भाजपा विधायक हरातालु हलप्पा मौके पर पहुंचे और स्वास्थ्य अधिकारियों को बच्चों का उचित इलाज कराने का निर्देश दिया।
हरातालु हलप्पा ने कहा, “घटना के बारे में पता चलने के बाद मैं तुरंत अस्पताल पहुंचा। स्वास्थ्य अधिकारियों को बच्चों की सही देखभाल करने का निर्देश जारी किया गया है। इसे अभी तक एलर्जी माना जाता है। जहां तक दवा का सवाल है, हम सत्यापित करेंगे कि किसने और कहां से इसकी आपूर्ति की।”

मंगलवार, 24 मई 2022

हादसा: बस-ट्रक की टक्कर में 8 लोगों की मौंत

हादसा: बस-ट्रक की टक्कर में 8 लोगों की मौंत 

इकबाल अंसारी      

बेंगलुरु। हुबली-धारवाड़ बाईपास रोड पर मंगलवार तड़के एक निजी बस और एक ट्रक की टक्कर में आठ लोगों की मौंत हो गई और 20 से अधिक लोग घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि बस महाराष्ट्र के कोल्हापुर से बेंगलुरु जा रही थी, जबकि ट्रक विपरीत दिशा से आ रहा था। पुलिस ने कहा कि घटना उस समय हुई जब बस चालक ने एक ट्रैक्टर को ओवरटेक करने की कोशिश में कथित तौर पर नियंत्रण खो दिया और ट्रक को टक्कर मार दी।

पुलिस ने बताया कि छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और दो लोगों ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि मृतकों में बस और ट्रक के चालक शामिल हैं। घायलों को हुबली के कर्नाटक आयुर्विज्ञान संस्थान (केआईएमएस) अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है। अधिकारी ने बताया कि मामूली रूप से घायल लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से घर भेज दिया गया। उनमें से कुछ कोल्हापुर वापस चले गए।


शनिवार, 19 मार्च 2022

बस पलटने से 5 लोगों की मौंत, 25 से अधिक घायल

बस पलटने से 5 लोगों की मौंत, 25 से अधिक घायल   

इकबाल अंसारी          
तुमकुरु। जिले के पावागड़ा तालुक के पलावल्ली कट्टे गांव के पास एक निजी बस पलट गई। जिसमें पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, 25 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। हादसे पर पावागड़ा विधायक ने दुख जताया है। पुलिस ने बताया कि चार छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि एक ने बाद में दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान, अमालुया (18), अजित (16), शाहनवाज (18), कल्याण (18) और अजित सूलनायकनहल्ली (17) के रूप में हुई है। हादसे में 25 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें तुमकुरु जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि बस में करीब 60 यात्री सवार थे। यात्रियों की अधिक संख्या को हादसे का कारण बताया जा रहा है।

इसपर विधायक वेंकटरमणप्पा ने कहा कि, ‘वाई एन पावागड़ा शहर जा रहे एक निजी बस चालक ने होसाकोटे गांव में नियंत्रण खो दिया। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई जबकि 25 से अधिक लोग घायल हो गए। 

मैं सीएम बोम्मई से सरकार की ओर से मृतकों के परिवार के लिए मुआवजे के बारे में बात करूंगा। उन्होंने कहा कि, बसों की व्यवस्था की गई है और अब ग्रामीण क्षेत्रों में बसों की कमी नहीं है। कुछ दिन पहले एक ही रूट पर दो बसों के बीच हादसा हो गया था, इसलिए दोनों बसों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। इसी कारणवश, इस बस में ज्यादा यात्री थे। वेंकटरमणप्पा ने यह भी कहा कि, ‘टिकट का किराया कम होने के कारण लोग सरकारी बसों के बजाए, निजी बसों से यात्रा कर रहे हैं।  घटना को लेकर पावागड़ा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस ने आगे की कार्रवाई कर रही है।

गुरुवार, 17 फ़रवरी 2022

डिग्री कॉलेजों में किसी प्रकार की वर्दी संहिता नहीं

डिग्री कॉलेजों में किसी प्रकार की वर्दी संहिता नहीं   

इकबाल अंसारी      
बेंगलुरु। कर्नाटक में उडुपी जिले के सरकारी शंकर मेमोरियल महिला प्रथम श्रेणी डिग्री कॉलेज में पढ़ने वाली, अंतिम वर्ष की करीब 60 छात्राओं को बृहस्पतिवार को इसलिए घर वापस भेज दिया गया।क्योंकि उन्होंने अपना हिजाब उतारने से मना कर दिया था। मुस्लिम छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन से इस बात को लेकर बहस की कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि डिग्री कॉलेजों में किसी प्रकार की वर्दी संहिता नहीं है। लेकिन अधिकारियों ने कहा कि कॉलेज विकास समिति ने नियम तय किए हैं। 
छात्राओं ने इस बात पर जोर दिया कि वह बिना सिर ढके कक्षाओं में शामिल नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि उनके लिए हिजाब और शिक्षा दोनों अहम हैं। वे यह भी चाहती थीं कि अगर सरकार ने डिग्री कॉलेजों में वर्दी संहिता लाने का फैसला किया है तो कॉलेज की समिति यह लिखित में दे। एक छात्रा ने संवाददाताओं से कहा कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि डिग्री कॉलेजों में हिजाब संबंधी नियम लागू नहीं होता है।
उन्होंने कहा “जब हमने इसके बारे में पूछा, तो वे कहते हैं कि केवल कॉलेज समिति का निर्णय यहां लागू होता है।” उन्होंने कहा कि हिजाब उनके जीवन का हिस्सा है और वे इसे हर समय कक्षाओं में पहनी रहती हैं। उन्होंने कहा, ” जब कोई अचानक आपसे इसे उतारने के लिए कहता है तो इसे नहीं उतारा जा सकता है। हमने कॉलेज से हमारे लिए ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित करने के लिए कहा है।
छात्राओं ने कहा कि जब तक उच्च न्यायालय इस मुद्दे पर फैसला नहीं ले लेता तब तक वे कॉलेज आकर कक्षाओं में शामिल नहीं होंगी। कॉलेज में कक्षाएं सुचारू रूप से चल रही हैं। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कॉलेज परिसर में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। इस बीच, उडुपी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिद्दलिंगप्पा ने मीडिया को बताया कि कॉलेज दोबारा खुलने के दूसरे दिन, जिले के सभी कॉलेजों में स्थिति शांतिपूर्ण है। 
उन्होंने कहा कि उन मुस्लिम छात्राओं को सरकारी जी शंकर कॉलेज में कक्षाओं में शिरकत करने की इजाज़त दी गई है जो हिजाब उतारने की इच्छुक थीं। एमजीएम कॉलेज ने आज छुट्टी का ऐलान किया था और वह शुक्रवार को परीक्षा के लिए खुलेगा।

शुक्रवार, 4 फ़रवरी 2022

सूटकेस में बंद की गर्लफ्रेंड, चेकिंग में पकड़ा गया

सूटकेस में बंद की गर्लफ्रेंड, चेकिंग में पकड़ा गया 


सैयद आमीन


बेंगलुरु। फरवरी में वैलेंटाइन वीक शुरू होनेवाला है। इस बीच कर्नाटक में मणिपाल के रहने वाले एक लड़के का वीडियो वायरल हो गया। जिसको देखने के बाद हर कोई हैरान है कि आखिर ये कैसा हो सकता है। सूटकेस में एक लड़का अपनी गर्लफ्रेंड को बंद कर ले जा रहा था, मगर चेकिंग के दौरान पकड़ा गया।

सूटकेस के अंदर गर्लफ्रेंड!
सोशल मीडिया पर एक वीडियो बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है। इसके बारे में दावा किया जा रहा है कि कर्नाटक के मणिपाल का है। जहां एक छात्र कथित तौर पर अपनी गर्लफ्रेंड को सूटकेस के अंदर छिपाकर आधी रात को हॉस्टल से बाहर निकल रहा था। तभी किसी ने गार्ड को सूचना दे दी। हॉस्टल के गार्ड ने जब सूटकेस की चेकिंग की तो उसकी ये हरकत पकड़ी गई।

गार्ड ने खोली कपल की पोल
सूटकेस से लड़की के निकलने का वीडियो ट्विटर पर जमकर यूजर्स शेयर कर रहे हैं, हालांकि एनबीटी इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। वायरल वीडियो के साथ-साथ मणिपाल सूटकेस भी ट्विटर पर ट्रेंड करने लगा। इस घटना से जुड़े छात्र और उसके कॉलेज के नामों का खुलासा नहीं किया गया है। वीडियो में दावा किया गया है कि एक स्टूडेंट अपनी लवर को सूटकेस में बंद करके हॉस्टल से बाहर निकालने की तरकीब निकाली, लेकिन पकड़ा गया।

पुराना वीडियो फिर वायरल!
वीडियो में दिख रहा है कि लड़के से गेट पर सूटकेस के बारे में पूछताछ की जा रही है। जाहिर है उससे सूटकेस खोलने के लिए गार्ड ने कहा था। उसने बिना मन का सूटकेस खोला तो उसमें से एक लड़की निकली। वायरल वीडियो को कर्नाटक के मणिपाल के छात्रों का बताया जा रहा है। वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि ये 2019 का है।

शनिवार, 9 अक्तूबर 2021

शलमाला नाम की एक नदी में हजारों शिवलिंग बनें

बेगंलूरू। कर्नाटक के एक शहर सिरसी में शलमाला नाम की नदी बहती है। यह नदी अपने आप में खास है। क्योंकि इस नदी में एक साथ हजारों शिवलिंग बने हुए हैं। ये सभी शिवलिंग नदी की चट्टानों पर बने हुए हैं। यहां की चट्टानों में शिवलिंगो के साथ-साथ नंदी, सांप आदी भगवान शिव के प्रियजनों की भी आकृतियां भी बनी हुई हैं। हजारों शिवलिंग एक साथ होने की वजह से इस स्थान का नाम सहस्त्रलिंग पड़ा।
मान्यताओं के अनुसार, 16वीं सदी में सदाशिवाराय नाम के एक राजा थे। वे भगवान शिव के बड़े भक्त थे। शिव भक्ति में डूबे रहने की वजह से वे भगवान शिव की अद्भुत रचना का निर्माण करवाना चाहते थे। इसलिए राजा सदाशिवाराय ने शलमाला नदी के बीच में भगवान शिव और उनके प्रियजनों की हजारों आकृतियां बनवा दीं। नदी के बीच में स्थित होने की वजह से सभी शिवलिंगों का अभिषेक और कोई नहीं बल्कि खुद शलमाला नदी के द्वारा किया जाता है।

बुधवार, 29 सितंबर 2021

यादगीर पुलिस ने दलितों का धर्म परिवर्तन किया

यादगीर। कर्नाटक की यादगीर पुलिस ने कुछ दलितों का धर्म परिवर्तन कर उन्हें ईसाई बनाने के प्रयास के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
यादगीर पुलिस अधीक्षक (एसपी) वेदमूर्ति ने कहा कि पुलिस ने सोमवार शाम इनकी गिरफ्तारी की और फिर चारों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोपियों की पहचान जेम्स, शांताराज, नीलम्मा और मलम्मा के रूप में की गई है।  नीलाहल्ली गांव में हुए इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें जेम्स को कुछ युवाओं संग बहस करते हुए देखा गया है, जो दलितों को ईसाई धर्म में परिवर्तित कराए जाने का विरोध कर रहे हैं।
आरोपियों को वीडियो में यह तर्क देते हुए भी देखा गया कि उसके पास सामूहिक धर्म परिवर्तन के लिए सरकारी आदेश है। जेम्स को युवाओं के साथ यह भी बहस करते हुए देखा गया है कि वह गांव के दलितों का मतान्तर नहीं, बल्कि रुपांतर कर रहा है।
जेम्स से नाराज इन युवाओं ने यह सवाल किया कि जब गांव में कोई चर्च नहीं है, तो फिर वह दलितों के धर्म परिवर्तन का प्रयास क्यों कर रहा है। इसके जवाब में जेम्स ने कहा कि वह गांव के लोगों के धर्म परिवर्तन का प्रयास इसलिए कर रहा है ताकि उन पर ईश्वर की कृपा बनी रहे।
जब युवाओं ने जेम्स से उस सरकारी आदेश को भी दिखाने की मांग की, जिसमें सामूहिक धर्म परिवर्तन कराने की बात कही गई है, लेकिन वह सरकारी आदेश तो नहीं दिखा पाया बल्कि यह धमकाते हुए देखा गया कि इसके गंभीर परिणाम भुगतने सामने आयेंगे।
इसके बाद युवाओं ने रविवार को सैदपुर पुलिस स्टेशन में जाकर चार आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी, लेकिन जब इन्हें पता चला कि गिरफ्तार हुए आरोपी प्रतिवाद शिकायत दर्ज कराने की योजना बना रहे हैं, तो इन्होंने सोमवार को पुलिस थाने के सामने विरोध प्रदर्शन किया।
ईसाई समुदाय के लोग भी पुलिस थाने के बाहर जमा होकर धरना प्रदर्शन करने लगे और गिरफ्तार किए गए चारों लोगों की रिहाई की मांग करने लगे।
पुलिस के साथ हुई ईसाई समुदाय के लोगों की गहमागहमी में प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनके लोगों ने गांव में किसी का भी धर्म परिवर्तन नहीं कराया है।

सोमवार, 27 सितंबर 2021

बयान: नेता प्रतिपक्ष सिद्धरमैया पर पलटवार किया

हुबली। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने भारतीय जनता पार्टी को तालिबानी बताने वाले कथित बयान के लिए नेता प्रतिपक्ष सिद्धरमैया पर पलटवार करते हुए कांग्रेस को गुलामगीरी की पार्टी बताया। सिद्धरमैया के बयान पर एक सवाल के जवाब में बोम्मई ने कहा, ”यह (कांग्रेस) गुलामगीरी की पार्टी है, इसलिए वे देशभक्ति को भी अलग तरह से देखते हैं।
हमारी पार्टी देशभक्त है, वह गुलामगीरी की पार्टी हैं।” उन्होंने यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान अपनाई गई मैकाले की शिक्षा नीति के कारण, भारत वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के अवसरों से वंचित हो गया। उन्होंने कहा, ”अब नरेंद्र मोदी (प्रधानमंत्री के रूप में) शिक्षा प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव सुनिश्चित करने के लिए एक नयी शिक्षा नीति लाए हैं जो हमारे बच्चों, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को 21 वीं सदी के ज्ञान युग में ले जा सकती है, लेकिन वे (कांग्रेस) उसमें भी दोष ढूंढ रहे हैं।”
इससे पहले, रविवार को सिद्धरमैया ने आरोप लगाया था कि ”भाजपा” तालिबानी” हैं । उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक में वास्तव में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) सरकार चला रहा है। बेंगलुरु में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था, ”आरएसएस और भाजपा हिटलर के वंश से हैं। भाजपा तालिबानी हैं। उनसे सावधान रहें।” इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बोम्मई ने कहा कि सिद्धरमैया के बयान से साफ पता चलता है कि वह ‘निराश’ हैं।

शुक्रवार, 24 सितंबर 2021

कर्नाटक में विस्फोट होने से 3 लोगों की मौंत हुईं

बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के चामराजपेट इलाके में एक परिवहन गोदाम में गुरुवार दोपहर अचानक हुए अस्थाई विस्फोट होने से तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी और चार अन्य घायल हो गये।
पुलिस उपायुकत (दक्षिण) हरिश पांडे ने संवाददाताओं से कहा कि विस्फोट की इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गयी और चार अन्य घायल हो गये। विस्फाेट की यह घटना ना तो गैस सिलेंडर और ना ही शॉट सर्किट के कारण हुई। संभवत: यह विस्फोट किसी अस्थिर विस्फोटक के कारण हुआ है।
मृतकों में से दो गोदाम के अंदर काम कर रहे थे जबकि एक अन्य पास के पंक्चर दुकान में काम कर रहा था।
हरिश पांडे ने कहा कि घायलों में दो की हालत गंभीर है जबकि दो मामूली रूप से घायल हैं।
सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई जाती है।
उन्होंने कहा कि गोदाम में 60 से अधिक पेटी पटाखों का भंडारण किया गया था, लेकिन पुलिस एफएसएल रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह बता पाने में सक्षम हो पायेगी कि कितने बक्से फटे। हरिश पांडे ने कहा कि पुलिस पूछताछ कर रही है कि क्या मालिक के पास परिवहन गोदाम में पटाखों को रखने की अनुमति थी। हमने गोदाम मालिक की पहचान कर ली है और उससे संपर्क करने की कोशिश में जुटे हुए हैं।

गुरुवार, 23 सितंबर 2021

बेंगलुरू में विस्फोट होने से तीन लोगों की मौंत हुईं

बेंगलुरू। बेंगलुरू में बृहस्पतिवार की दोपहर को एक विस्फोट में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गयी और चार अन्य घायल हो गए। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। बेंगलुरू दक्षिण के पुलिस उपायुक्त हरीश पांडेय ने यहां पत्रकारों को बताया, ” पंक्चर ठीक करने की एक दुकान के साथ बने एक परिवहन गोदाम में विस्फोट हुआ। तीन लोगों की मौत हो गयी जबकि चार लोग घायल हो गए हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि थारागुपेट इलाके में हुए विस्फोट के पीड़ितों की पहचान कर ली गयी है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ ‘अस्थिर रसायन’ के कारण विस्फोट हुआ जो एक औद्योगिक खेप का हिस्सा था। पांडेय ने बताया, ”विस्फोट की जांच की जा रही है। यह न सिलेंडर विस्फोट था और न ही पटाखे से हुआ विस्फोट या शॉर्ट सर्किट से हुआ विस्फोट था। कम्प्रेसर के टुकड़े भी नही मिले।
उन्होंने बताया कि फॉरेंसिक विशेषज्ञ विस्फोट की वजह पर अपनी राय देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि गोदाम में अब भी ‘अस्थिर रसायन’ के 60 बक्से हैं। इस खेप के स्रोत और मालिक का पता लगाया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विस्फोट इतना ताकतवर था कि दो किलोमीटर तक के दायरे में आने वाले लोगों ने इसकी आवाज सुनी जबकि स्थानीय लोगों को लगा कि भूकंप आया है।

मंगलवार, 21 सितंबर 2021

मिंत्रा व फ्लिपकार्ट के साथ साझेदारी की घोषणा की

बेंगलुरु। भारतीय पुरुष, महिला और अंडर-19 क्रिकेट टीम के आधिकारिक किट प्रायोजक एमपीएल स्पोर्ट्स ने मंगलवार को भारत में अपने खुदरा कारोबार का विस्तार करने के लिए ऑनलाइन शॉपिंग मंच अमेजन, मिंत्रा और फ्लिपकार्ट के साथ साझेदारी की घोषणा की। इसके साथ, एथलीजर ब्रांड ने कहा कि उसका उद्देश्य भारतीय क्रिकेट टीम के मर्चेंडाइज सामानों को देश भर के क्रिकेट प्रशंसकों के लिए आसानी से सुलभ बनाना है।
बेंगलुरु की कंपनी ने एक बयान में कहा कि टीम की आधिकारिक जर्सी, ट्रेनिंग गियर और लाइफस्टाइल वियर का पूरा कलेक्शन इन मंचों पर पेश किया जाएगा। उसने बताया कि इन सामानों की कीमत 999 रुपये से शुरू होगी और उन्हें देश के उन शहरों में बेचा जाएगा जहां इन ई-कॉमर्स कंपनियों की सेवाएं उपलब्ध हैं। एमपीएल स्पोर्ट्स के प्रमुख शोभित गुप्ता ने कहा, “यह पहली बार है जब टीम इंडिया के मर्चेंडाइज सामान भारत में कई ई-कॉमर्स मंचों पर आधिकारिक रूप से उपलब्ध होंगे।

बुधवार, 15 सितंबर 2021

नाकामियों से उबरकर इतिहास रचने में मदद मिली

बेंगलुरू। भारतीय महिला हॉकी टीम की डिफेंडर उदिता का मानना है कि वर्तमान पर फोकस करने से उनकी टीम को टोक्यो ओलंपिक में शुरूआती नाकामियों से उबरकर इतिहास रचने में मदद मिली। भारतीय महिला हॉकी टीम टोक्यो ओलंपिक में चौथे स्थान पर रही जिसने क्वार्टर फाइनल में आस्ट्रेलिया को हराया ।उदिता ने हॉकी इंडिया की एक विज्ञप्ति में कहा ,” मुझे लगता है कि पहले तीन मैचों में मिली हार के बाद वर्तमान पर फोकस करने से ही हम वापसी कर सके । इससे हमें आस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को हराने में भी मदद मिली और हमने टोक्यो में इतिहास रच डाला । ”
अपने ओलंपिक अनुभव के बारे में उन्होंने कहा ,” एक युवा खिलाड़ी के तौर पर हमने इस ऐतिहासिक अभियान से बहुत कुछ सीखा । हमने जाना कि दबाव का सामना कैसे किया जाता है और कैसे वर्तमान पर फोकस करने से मदद मिलती है ।” हिसार में जन्मी यह खिलाड़ी इस समय बेंगलुरू के भारतीय प्राधिकरण केंद्र में सीनियर महिला टीम की 25 संभावित खिलाड़ियों के शिविर में है।

गुरुवार, 9 सितंबर 2021

एलिजिबिलिटी टेस्ट की फाइनल आंसर-की जारी

बेंगलुरु। कर्नाटक टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट 2021 की फाइनल आंसर-की जारी कर दी गई है। इस वीक के अंत तक परिणाम घोषित होने की उम्मीद है। लिखित परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आंसर-की चेक कर सकते हैं और डाउनलोड कर सकते हैं। प्रोविजनल आंसर-की 24 अगस्त को जारी की गई थी, और उम्मीदवारों को 31 अगस्त तक ऑब्जेक्शन दर्ज करने के लिए कहा गया था। विभाग ने ऑनलाइन जमा की गई आपत्तियों के अलावा किसी अन्य मोड द्वारा दर्ज किए गए ऑब्जेक्शन पर विचार नहीं किया। बता दे कि कर्नाटक टीईटी 2021 फाइनल आंसर-की म्मीदवारों द्वारा उठाए गए ऑब्जेक्शन का विश्लेषण करने के बाद तैयार की गई है।

मंगलवार, 7 सितंबर 2021

सीएम पद संभाला, दिल्ली दौरे पर हैं बासवराज

बेंगलुरू। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बासवराज बोम्मई मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद मंगलवार को दिल्ली को चौथी बार दिल्ली दौरे पर हैं। जहां वह मंत्रिमंडल में चार रिक्त मंत्री पदों को भरने के संबंध में केंद्रीय नेताओं से बातचीत कर सकते हैं। कई विधायकों द्वारा कैबिनेट से बाहर किए जाने पर नाराजगी व्यक्त करने के बीच राज्य में भारतीय जनता पार्टी भाजपा के भीतर असंतोष व्यापत है। नेताओं को शांत करने के लिए श्री बोम्मई के पास अपने मंत्रिमंडल में चार मंत्री के खाली पदों को भरने और विभिन्न बोर्डों और निगमों में अध्यक्षों की नियुक्ति करने का विकल्प है। राज्य में असंतुष्ट विधायकों में एसए रामदास, सांसद रेणुकाचार्य, सीपी योगेश्वर, रमेश जारकीहोली और श्रीमंत पाटिल शामिल हैं। सर्वश्री जारकीहोली, योगश्वर और पाटिल बार-बार दिल्ली का दौरा कर केंद्रीय नेतृत्व के साथ मंत्री पद की पैरवी कर रहे हैं। इसके अलावा एमटीबी नागराज और आनंद सिंह सहित कुछ मंत्रियों ने भी अपने विभागों के बंटवारे पर नाराजगी व्यक्त की है।

श्री सिंह इस मुद्दे पर हालांकि सबसे मुखर रहे हैं और उन्होंने मंत्री पद तथा विधानसभा सदस्यता से भी इस्तीफा देने के संकेत दिए हैं। इस पर संभावना जतायी जा रही है कि मुख्यमंत्री दिल्ली में इन दोनों मुद्दों पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से चर्चा करेंगे। श्री बोम्मई की इससे पहले दिल्ली दौरे के दौरान श्री नड्डा से मुलकात नहीं हो सकती थी। भाजपा अध्यक्ष निजी कारणों से उपलब्ध नहीं थे।

धरसीवां के तत्वाधान में शिविर का आयोजन 

धरसीवां के तत्वाधान में शिविर का आयोजन  विधायक अनिता योगेंद्र शर्मा ने महिलाओं को विभिन्न योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें योजन...