ओड़िशा लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
ओड़िशा लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

सोमवार, 19 अप्रैल 2021

जगन्नाथ के दर्शन से पहले करानी होगी कोरोना जांच

भुवनेश्वर। ओड़िशा की राजधानी भुनेश्वर स्थित प्रसिद्ध लिंगराज मंदिर को कई सेवादारों की कोरोना पॉजिटिव आने से आम श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया था। इस पर निकाय ने कहा कि भगवान अशोकष्टमी रथयात्रा मंदिर प्रशासन की ओर से कोविड-19 नियमों के तहत फिर से संपन्न कराई जाएगी। इस बीच रविवार को प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर को सैनिटाइज किया गया। मंदिर प्रशासन ने बताया कि मंदिर में प्रवेश के लिए नए मानक परिचालन प्रक्रिया एसओपी सोमवार से लागू हो जाएगी। नई एसओपी के अनुसार बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश करने के लिए आरटी-पीसीआर जांच में संक्रमण मुक्त होने या टीकाकरण पूर्ण होने का प्रमाण पत्र देना होगा और यह भी शर्त है कि आरटी-पीसीआर रिपोर्ट 4 दिन से अधिक पुराना नहीं होना चाहिए।

सोमवार, 22 मार्च 2021

भारत के राष्ट्रपति कोविंद ने जगन्नाथ के दर्शन किए

पुरी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने तीन दिवसीय ओडिशा दौरे के अंतिम दिन सोमवार को अपनी पत्नी के साथ भगवान जगन्नाथ मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की। राष्ट्रपति अपनी पत्नी तथा राज्य के राज्यपाल गणेशी लाल और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ सुबह नौ बजकर 10 मिनट पर पहुंचे। वह भगवान विष्णु के12वीं शताब्दी में बने इस मंदिर में करीब 40 मिनट तक रहे।राष्ट्रपति मंदिर के गर्भ गृह में गये और उन्होंने भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन किए। पुरी के गजपति महाराज दिव्यसिंह देव और मंदिर के मुख्य प्रशासक कृष्णकुमार ने राष्ट्रपति का मंदिर के सिंह द्वार पर स्वागत किया। उन्होंने मंदिर परिसर में स्थित मां विमला और महालक्ष्मी की भी पूजा की।

शनिवार, 2 जनवरी 2021

पीएम मोदी ने नए परिसर की आधारशिला रखी

प्रधानमंत्री मोदी ने आईआईएम संबलपुर के नए परिसर की आधारशिला रखी

भुवनेश्वर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को राज्य के संबलपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) के स्थायी परिसर की आधारशिला रखी। वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आयोजित इस समारोह में ओडिशा के राज्यपाल गणेशी लाल, मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान और केंद्रीय पशुपालन राज्य मंत्री प्रतापचंद्र सारंगी भी शामिल हुए। इसमें उद्योग जगत के अग्रणी नेताओं, शिक्षाविदों, छात्रों, पूर्व छात्रों और आईआईएम संबलपुर के शिक्षकों सहित 5000 से अधिक लोग भी डिजिटल माध्यम से जुड़े। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि संबलपुर के परिसर के शिलान्यास के साथ ही ओडिशा के युवा सामर्थ्य को मजबूती देने वाली एक नवीन शिला भी रखी गई है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि यह ओडिशा को प्रबंधन की दुनिया में नई पहचान दिलाएगा और कहा कि देश के नए क्षेत्रों में नए अनुभव लेकर निकल रहे प्रबंध मामलों के विशेषज्ञ भारत को नई ऊंचाई पर ले जाने में बड़ी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा, ”संबलपुर का आईआईएम और इस क्षेत्र में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए खास बात यह होगी की यह पूरी जगह ही एक प्राकृतिक लैब (प्रयोगशाला) की तरह है।
उन्होंने यहां के छात्रों से लोकल को ग्लोबल बनाने के लिए नए और नवोन्मेषी समाधान सुझाने का आग्रह किया। आईआईएम संबलपुर फ्लिप्ड क्लासरूम के आइडिया को लागू करने वाला पहला आईआईएम है। जहां मूलभूत अवधारणाओं को डिजिटिल तरीके से सिखाया जाता है। और उद्योग से लाइव प्रोजेक्ट्स के माध्यम से कक्षा में प्रायोगिक शिक्षा दी जाती है।

सैन्य गठजोड़ ने क्षेत्र पर सवालों को जन्म दिया

बीजिंग/ वाशिंगटन डीसी। चीन के खिलाफ अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के नए सैन्य गठजोड़ ने प्रशांत महासागर क्षेत्र को लेकर ने सवालों को जन्म ...