बुधवार, 4 जनवरी 2023

गौ आश्रय स्थल के संबंध में प्रस्तुतिकरण का अवलोकन

गौ आश्रय स्थल के संबंध में प्रस्तुतिकरण का अवलोकन


छुट्टा जानवरों की समस्या से मिलेगी अब राहत:गोशालाओं के लिए बनाएं सेल्फ सस्टेनेबल मॉडल: सीएम योगी

संदीप मिश्र 

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वृहद गौ आश्रय स्थल के संबंध में प्रस्तुतिकरण का अवलोकन किया। सीएम ने कहा कि गोशाला चलाने के लिए उसकी अर्थव्यवस्था बनाने की आवश्यकता है। इसके लिए एक सेल्फ सस्टेनेबल मॉडल बनाया जाए। गोशालाओं का निर्माण पीपीपी मोड पर किया जाए और साथ ही उन्हें नेचुरल फार्मिग,गोबर पेंट, सीएनजी और सीबीजी से जोड़ा जाए। इससे गोशालाएं आर्थिक रूप से सुदृढ़़ होंगी और गायों के रखरखाव एवं पालन पर आने वाला खर्च खुद उठा सकेंगी।गोशाला संचालन के लिए इच्छुक एनजीओ के साथ एमओयू करें और उन्हें आवश्यक व्यवस्था उपलब्ध कराएं। इस दौरान पशुधन मंत्री के साथ ही वित्त, ऊर्जा, पंचायतीराज, ग्राम विकास विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश में दो से तीन हजार गोवंश धारण की क्षमता वाले आश्रय स्थलों के निर्माण को लेकर प्रस्तुतिकरण दिया गया।

सीएम योगी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चलाई गई सहभागिता योजना को पूरे प्रदेश में तेजी के साथ आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत निराश्रित गोवंश को पालने वाले किसानों को प्रति गोवंश 900 रुपये मासिक दिए जा रहे हैं। भू सत्यापन के बाद किसानों को उनका भुगतान किया जाए।प्रेजेंटेशन का अवलोकन करने के बाद सीएम ने कहा कि राज्य सरकार पशु संवर्धन, संरक्षण के लिए सेवाभाव के साथ सतत प्रयासरत है। गोवंश सहित सभी पशुपालकों के प्रोत्साहन के लिए सरकार द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।पात्र लोगों को इसका लाभ मिलना सुनिश्चित कराया जाए।पशुधन विभाग व्यवहारिक रूप से योजना बनाए। विभागीय अधिकारी अनिर्णय की स्थिति से बचें और रुचि व प्राथमिकता के आधार पर गो सेवा के लिए कार्य योजना तैयार करें। हर स्तर पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।

सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि पूरे साल का प्रबंधन कैसे हो इसका ख्याल रखकर कार्य योजना बनाई जाए। अप्रैल-मई में ही पूरे साल के लिए हरा चारा, भूसा और चोकर की व्यवस्था की जाए। सीएम ने कहा कि जहां भी गो आश्रय स्थल चल रहे हैं उनका पैसा रिलीज करें और साथ ही निराश्रित गोवंश को पालने वाले पशुपालकों का भी पैसा रिलीज करें।सीएम ने कहा कि भारतीय नस्ल की गोवंश को सफाई और चारागाह की जगह चाहिए होती है अगर उन्हें यह नहीं मिलेगा तो वह बीमार पड़ जाएंगी, जो भी गोशालाएं बनाई जाए उनमें इस बात का विशेष ध्यान में रखा जाए।

सीएम योगी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही निराश्रित गो आश्रय स्थल, सहभागिता योजना और कुपोषित परिवारों के लिए एक गाय की योजना गो संरक्षण में काफी प्रभावी है। सीएम ने कहा कि पूरे प्रदेश में इन तीनों योजनाओं को अभियान चलाकर आगे बढ़ाएं।ठंड और भूख से किसी गोवंश की मौत नहीं होनी चाहिए इसका विशेष ध्यान रखें। सीएम ने कहा कि दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने और बेसहारा मवेशियों के नियंत्रण के लिए नस्ल सुधार योजना में तेजी लाएं। इस योजना के तहत पशुपालक सरकारी पशु अस्पतालों में कृत्रिम गर्भाधान करवा मवेशियों की नस्ल को सुधार सकते हैं। इससे दुग्ध का उत्पादन तो बढ़ेगा साथ ही मवेशियों की नई नस्ल भी तैयार हो जाएगी।

खुशी को जमानत मिलना 'न्याय' की जीत: गांधी 

खुशी को जमानत मिलना 'न्याय' की जीत: गांधी 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने उत्तर प्रदेश के मारे गए गैंगस्टर विकास दुबे के करीबी सहयोगी अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे को उच्चतम न्यायालय द्वारा जमानत दिए जाने के बाद बुधवार को कहा कि यह न्याय की जीत हुई है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने अपनी नाकामी पर पर्दा डालने के लिए खुशी दुबे को महीनों तक प्रताड़ित किया जो अन्याय की पराकाष्ठा है।

कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी ने ट्वीट किया, ‘‘कानपुर की खुशी दुबे को उच्चतम न्यायालय से जमानत मिल गई। भाजपा सरकार द्वारा अपनी नाकामी पर पर्दा डालने के लिए उसे जेल में डालना और महीनों तक प्रताड़ित करना अन्याय की पराकाष्ठा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘माननीय न्यायालय के इस फैसले से न्याय की जीत हुई है।’’ उच्चतम न्यायालय ने गैंगस्टर विकास दुबे के करीबी सहयोगी अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे को बुधवार को जमानत दे दी।

यह मामला जुलाई 2020 में कानपुर के एक गांव में विकास दुबे को गिरफ्तार करने गए आठ पुलिसकर्मियों की हत्या से संबंधित है। खुशी दुबे का पति अमर बाद में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। खुशी पर आरोप है कि उसने विकास दुबे को गिरफ्तार करने गये पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बारे में सह-आरोपियों को बताया था।

मनोरंजन: फिल्म 'लकड़बग्घा' का ट्रेलर रिलीज

मनोरंजन: फिल्म 'लकड़बग्घा' का ट्रेलर रिलीज

कविता गर्ग 

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता मिलिंद सोमन की आने वाली फिल्म 'लकड़बग्घा' का ट्रेलर रिलीज हो गया है। फिल्म 'लकड़बग्घा' में मिलिंद सोमन के अलावा अंशुमन झा, रिद्धि डोगरा और परेश पाहुजा अहम किरदार निभा रहे हैं।

ट्रेलर में एनिमल लव के साथ-साथ इमोशन और भरपूर एक्शन दिखाया गया है। मिलिंद सोमन अंशुमन झा (अर्जुन ) के पिता का रोल निभा रहे हैं, जो मार्शल आर्ट्स ट्रेनर हैं। वहीं रिद्धि डोगरा फिल्म में सीबीआई अधिकारी की भूमिका निभा रही हैं। गौरतलब है, कि फिल्म लकड़बग्घा का निर्माण फर्स्ट रे फिल्म्स द्वारा किया गया है। यह फिल्म 13 जनवरी, 2023 को रिलीज होगी। 

युवक ने आठ साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया

युवक ने आठ साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया

संदीप मिश्र 

मथुरा। तमाम प्रयासों के बाद भी मथुरा में बच्चियों के साथ दुष्कर्म की वारदातों पर रोक नहीं लग पा रही है। ताजा मामला थाना जमुनापार क्षेत्र का है। यहां पडौसी युवक ने आठ साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी तो एसएसपी तत्काल मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने ग्रामीणों के कब्जे से आरोपी को अपनी हिरासत में ले लिया और थाने पहुंचाया।

थाना जमुनापार क्षेत्र में मंगलवार को पडोसी युवक ने आठ साल की बच्ची को अपनी हवस का शिकार बना लिया। आरोपी जब बच्ची के साथ दुष्कर्म कर रहा था उस समय उसके पिता काम पर गए हुए थे। घर पर पीड़िता अपनी छोटी बहन के साथ अकेली थी। तभी मौका देखकर आरोपी घर में घुस आया। परिजनों के अनुसार पहले तो उसने बच्ची के साथ मारपीट की। उसके बाद कमरे में बंद करके उसके साथ दुष्कर्म किया। छोटी बहन के शोर मचाने पर आरोपी ने उसके साथ भी मारपीट की। पीड़िता की छोटी बहन ने शोर किया तो आसपास के लोगों का ध्यान उस ओर गया।

ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़ लिया और परिजन तथा पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने पीड़िता को मेडिकल के अस्पताल भेजा। पुलिस के अनुसार आरोपी ने बच्ची के शरीर पर कई जगह दांतों से काटा है। पीड़िता के शरीर पर कई स्थानों पर घाव के निशान हैं। पीड़िता की ताई ने बताया की बच्ची की मां नहीं है। पिता रोज दोनों बच्चियों को घर पर छोड़कर मजदूरी करने जाते हैं।

मंगलवार को दोनों बहनें खाना खाने के बाद घर पर सोने के लिए गई थी। कुछ देर बाद पीड़िता की छोटी बहन बाहर चिल्लाते हुए निकली। बच्ची ने बताया सतीश उसकी बहन के साथ मारपीट कर रहा है। यह सुनकर जब परिजन घर के अंदर गए तो पीड़िता बेहोश पड़ी हुई थी। उसके मुंह सूजा हुआ था और उसके शरीर से खून निकल रहा था।पडौस में रहने वाले पीड़िता के परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया। एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया की बच्ची के साथ दुष्कर्म की सूचना मिली थी। सूचना पर वह मौके पर पहुंच गए।

एसएसपी ने बताया कि बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले 35 वर्षीय सतीश पुत्र मान सिंह निवासी ग्राम गौसना थाना जमुनापार को गिरफ्तार कर लिया है। बताया कि पीड़ित की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। साथ बुधवार को उसे कोर्ट में पेश किया। यहां से उसे जेल भेज दिया।

24 घंटे में 'कोरोना' संक्रमण का नया मामला नहीं 

24 घंटे में 'कोरोना' संक्रमण का नया मामला नहीं 

मनोज सिंह ठाकुर 

भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। गृह मंत्री और राज्य सरकार के प्रवक्ता डॉ नरोत्तम मिश्रा ने बुधवार को संवाददाताओं को बताया कि राज्य में कोरोना संक्रमण का कोई नया मामला सामने नहीं आया है।

वर्तमान में राज्य में संक्रमण के पांच सक्रिय मामले हैं। पिछले 24 घंटे में संक्रमण जांच हेतु 54 सैंपल लिए गए। उन्होंने बताया कि अब तक प्रदेश में टीकाकरण का आंकड़ा 13 करोड़ 35 लाख 98 हजार 717 रहा है। 

'एनसीएलएटी' पर 1,337.76 करोड़ का जुर्माना

'एनसीएलएटी' पर 1,337.76 करोड़ का जुर्माना

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने बुधवार को गूगल को निर्देश दिया कि उस पर भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने 1,337.76 करोड़ रुपये का जो जुर्माना लगाया है, वह उसके दस फीसदी हिस्से का भुगतान करे। एनसीएलएटी की दो सदस्यीय पीठ ने सीसीआई द्वारा लगाए जुमाने के क्रियान्वयन पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया और कहा कि वह अन्य पक्षों को सुनने के बाद ही कोई आदेश देगी। अपीलीय न्यायाधिकरण ने सीसीआई को नोटिस जारी किया और अंतरिम रोक पर सुनवाई के लिए मामले को 13 फरवरी के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।

एनसीएलएटी का यह निर्देश गूगल की याचिका पर आया है जिसमें उसने एंड्रॉयड मोबाइल उपकरण पारिस्थितिकी तंत्र में अनेक बाजारों में उसकी मजबूत स्थिति का दुरुपयोग करने के मामले में सीसीआई की तरफ से जारी आदेश को चुनौती दी है और कहा है कि यह आदेश भारतीय उपभोक्ताओं के लिए एक झटका है और इससे इस प्रकार के उपकरण देश में और महंगे हो जाएंगे।

सीसीआई ने इस मामले में पिछले वर्ष 20 अक्टूबर को गूगल पर 1,337.76 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इसके अलावा, सीसीआई ने प्रमुख इंटरनेट कंपनी को अनुचित कारोबारी गतिविधियों को रोकने और बंद करने का निर्देश दिया था। गूगल ने एंड्रॉयड मोबाइल उपकरण पारिस्थितिकी तंत्र के मामले में अनुचित व्यापार व्यवहार के संबंध में सीसीआई के आदेश के खिलाफ एनसीएलएटी में अपील की थी और जुर्माने पर अंतरिम रोक लगाने का अनुरोध किया था।

योजना: भाजपा ने ‘मिशन 90’ की रूपरेखा तय की

योजना: भाजपा ने ‘मिशन 90’ की रूपरेखा तय की

इकबाल अंसारी 

हैदराबाद। तेलंगाना के आगामी विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर सत्ता में आने को आतुर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ‘‘मिशन 90’’ की रूपरेखा तय की है और इसके तहत अप्रैल से पहले 10,000 गांव स्तरीय बैठकों के अलावा और उसने कई कार्यक्रमों की योजना बनाई है। तेलंगाना की 119-सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने जीत के लिए 90 सीटों का लक्ष्य तय किया है और उसने अपनी रणनीति को अंजाम तक पहुंचाने के लिए ‘‘मिशन-90’’ पर काम करना शुरु कर दिया है। भाजपा के राज्यसभा सदस्य और केंद्र की सत्ताधारी पार्टी के अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लक्ष्मण ने कहा कि हाल ही में यहां संसदीय क्षेत्र के ‘‘विस्तारकों’’ की हुई बैठक में ‘‘मिशन 90’’ का लक्ष्य तय किया गया।

इस बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी एल संतोष भी शामिल हुए थे। लक्ष्मण ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘मिशन 90 के तहत भाजपा का लक्ष्य 10,000 गांवों में पहुंचना है। संक्रांति के बाद यह कवायद आरंभ की जाएगी और इस दौरान ‘केसीआर हटाओ, तेलंगाना बचाओ’ का नारा दिया दिया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के भ्रष्ट व परिवार राज की पोल खोली जाएगी।’’ मुख्यमंत्री राव, केसीआर के नाम से लोकप्रिय हैं। लक्ष्मण ने कहा कि इन बैठकों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा तेलंगाना में क्रियान्वित की जा रही विभिन्न योजनाओं व उसकी उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला जाएगा।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों के दूसरे दौर के केंद्र में विधानसभावार आयोजन होगा और उनके अभियान के केंद्र में भी यही मुद्दे रहेंगे। लक्ष्मण ने कहा कि हर (अविभाजित) जिला मुख्यालय पर जनसभाएं भी आयोजित की जाएंगी और अंत में पूरे कार्यक्रम का समापन करने के लिए, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अप्रैल में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। भाजपा नेता ने कहा, ‘‘अमित शाह, केसीआर सरकार के वादों और उन्हें पूरा करने में उसकी विफलताओं पर एक ‘आरोप पत्र’ भी जारी करेंगे।’’ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा सात जनवरी को सभी 119 विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी की बूथ स्तरीय समिति के सदस्यों को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित करेंगे।

लक्ष्मण ने कहा कि पार्टी अप्रैल में करीब दो लाख पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में एक बैठक करने की भी योजना बना रही है ताकि उन्हें चुनाव से पहले केंद्रीय नेतृत्व का मार्गदर्शन मिल सके। दक्षिणी राज्यों में अपना विस्तार करने के उद्देश्य से, भाजपा ने पिछले साल जुलाई में हैदराबाद में अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की थी। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के समापन के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि तेलंगाना को ‘डबल इंजन’ सरकार की जरूरत है और राज्य में भाजपा के सत्ता में आने पर इसे पूरा किया जाएगा। हाल के वर्षों में ‘डबल इंजन की सरकार’ को भाजपा ने अपना एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया है। केंद्र व राज्य में एक ही पार्टी की सरकार को वह डबल इंजन की सरकार कहती है।

भाजपा पिछले कुछ सालों से तेलंगाना में भारतीय राष्ट्र समिति (बीआरएस) के विकल्प के रूप में उभरने का प्रयास कर रही है। इस प्रयास में उसे कुछ हद तक सफलता भी मिली है। पिछले दो वर्षों के दौरान उसने कुछ विधानसभा उपचुनावों और ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) चुनावों में जीत हासिल की है। इन कारणों से दक्षिण के इस राज्य से उसकी उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। मोदी ने हाल ही में अपने हैदराबाद दौरे के दौरान भी राज्य की सत्तारूढ़ बीआरएस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि तेलंगाना के लोग ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया था आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य में हर जगह ‘कमल खिलेगा’।

दिन की शुरुआत, पौष्टिक और सेहत से भरपूर नाश्ता

दिन की शुरुआत, पौष्टिक और सेहत से भरपूर नाश्ता

सरस्वती उपाध्याय 

हर सुबह की पहली खुराक यानी नाश्ता पौष्टिक और सेहत से भरपूर होना चाहिए। आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर सुबह का पौष्टिक नाश्ता हमारे लिए ईंधन की तरह काम करता है और एनर्जी से भरे दिन की शुरुआत करने में मदद करता है। इसके अलावा, एक पौष्टिक भोजन मेटाबॉलिज्म को भी बढ़ावा देता है, जिससे समग्र पोषण मिलता है। हालांकि हर दिन सुबह की भागदौड़ में अक्सर हम अपने लिए पौष्टिक नाश्ता तैयार नहीं कर पाते, ये भी सच्चाई है। ऐसे में हमें जरूरत है झटपट बन जाने वाले पौष्टिक फूड की। तो अगर आप भी ऐसे ही फूड्स की ब्रेकफास्ट की तलाश में हैं तो आप इन रेसिपीज को ट्राई कर सकते हैं।

1. एग ऑन टोस-
अंडे इंसान के सबसे अच्छे दोस्त होते हैं। वे दिन की शुरुआत करने के लिए प्रोटीन, विटामिन और कई आवश्यक पोषक तत्वों से भरे होते हैं। सुबह में अंडे खाने के कई ऑप्शन हैं। आप इनका ऑमलेॉ बना सकते हैं, उबाल कर का सकते हैं, या फिर टोस्ट के साथ खा सकते हैं।

2. मूंग दाल डोसा
डोसा की जड़ें दक्षिण भारतीय रसोई में मिल सकती हैं, लेकिन आज यह पूरे भारत में एक लोकप्रिय ब्रेकफास्ट है। इसके अलावा, क्लासिक डोसा रेसिपी को और भी हेल्दी बनाने के लिए आप कुछ अलग ट्राई कर सकते हैं। मूंग दाल डोसा ऐसा ही एक ऑप्शन है। अपने मूंग दाल डोसा को हरी चटनी और टमाटर-गाजर के रस के साथ मिलाएं और एक सुपर हेल्दी नाश्ते का आनंद लें। 

3.  गोभी पराठा
सर्दियों के मौसम में स्वादिष्ट और हेल्दी ब्रेकफास्ट ऑप्शन है गोभी पराठा, दही और पेठे के रस के साथ गोभी पराठा। यह एक पौष्टिक भोजन बनाता है और आपको लंबे समय तक भरा रख सकता है।

4. उबला अंडा
जो लोग सुबह हल्का खाना पसंद करते हैं, उनके लिए उबले अंडे और ताजे फल/सब्जी का रस एक सही ऑप्शन हो सकता है। आप एक उबले अंडे को जूस के साथ ले सकते हैं।

5. फ्रूट्स
क्लासिक और सबसे आम नाश्ता है फ्रूट्स। मौसमी फलों का एक गुच्छा एक साथ मिलाएं और अपने दिन की शुरुआत हर आवश्यक पोषक तत्व के साथ करें।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।  इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करतें है।

ढांचा एवं नेटवर्क विकास योजना को मंजूरी: मंत्रिमंडल 

ढांचा एवं नेटवर्क विकास योजना को मंजूरी: मंत्रिमंडल 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्रीय क्षेत्र प्रसारण आधारभूत ढांचा एवं नेटवर्क विकास (बीआईएनडी) योजना को बुधवार को मंजूरी प्रदान कर दी। इस योजना पर 2025-26 तक 2,539.61 करोड़ रूपये खर्च होंगे। बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (सीसीईए) की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

उन्होंने कहा कि इसके तहत दूरदर्शन एवं आकाशवाणी की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जायेगा, अधुनिक प्रसारण उपकरणों से लैस किया जायेगा तथा अच्छी गुणवत्ता वाली सामग्री तैयार की जायेगी। ठाकुर ने कहा कि वामपंथी चरमपंथ प्रभावित क्षेत्र (एलडब्ल्यूई), सीमावर्ती एवं सुदूर क्षेत्रों में एफएम ट्रांसमीटर की प्रणाली को उन्नत बनाया जाएगा। इसके अलावा पुराने ट्रांसमीटर को बदला जायेगा तथा नये एफएम ट्रांसमीटर स्थापित किये जायेंगे। मंत्री ने कहा कि इससे एफएम की देश में वर्तमान कवरेज को 66 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत किया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि इसके तहत वामपंथी चरमपंथ प्रभावित क्षेत्र (एलडब्ल्यूई), सीमावर्ती, आकांक्षी एवं सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के बीच 8 लाख डीडी मुफ्त डीटीएच सेट टॉप बाक्स वितरित किये जायेंगे। मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर की गई केंद्रीय क्षेत्र प्रसारण आधारभूत ढांचा एवं नेटवर्क विकास (बीआईएनडी) योजना पर 2025-26 तक 2,539.61 करोड़ रूपये खर्च होंगे।

उत्तराधिकारी की नियुक्ति में अडंगा लगाने की तैयारी 

उत्तराधिकारी की नियुक्ति में अडंगा लगाने की तैयारी 

अखिलेश पांडेय/इकबाल अंसारी 

ल्हासा/कोलकाता। तिब्बत की निर्वासित सरकार के राष्ट्रपति पेन्पा त्सेरिंग ने दावा किया कि चीन पिछले 15 साल से दलाई लामा के उत्तराधिकारी की नियुक्ति में अडंगा लगाने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस आशंका के मद्देनजर अंतत: उनका प्रशासन लोकतांत्रिक तरीके से उत्तराधिकारी का चयन चाहता है। त्सेरिंग ने एक न्यूज एजेंसी को दिए साक्षात्कार में रेखांकित किया कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा वर्ष 1995 में प्रतिद्वंद्वी पंचेन लामा की नियुक्ति जैसी पुनरावृत्ति हो सकती है जब दलाई लामा की ओर से चुने गए लड़के को जनता की नजरों से ओझल कर दिया गया था।

उन्होंने मंगलवार को कहा, मौजूदा दलाई लामा के न रहने के बाद क्या होगा यह तिब्बितयों के लिए चुनौती है, खासतौर पर यदि चीन-तिब्बत समस्या का समाधान नहीं हुआ तो। राष्ट्रपति (सिकयोंग) त्सेरिंग ने कहा, हमारा मानना है कि निश्चित तौर पर चीन दलाई लामा के उत्तराधिकारी की नियुक्ति में हस्तक्षेप करेगा...वे इसकी गत 15 साल से तैयारी कर रहे हैं। त्सेरिंग सिकयोंग की उपाधि भी धारण करते हैं। उन्होंने कहा कि चीन की सरकार ने वर्ष 2007 में एक आदेश जारी किया था। जिसमें सभी अवतारित लामाओं के उत्तराधिकारी की नियुक्ति प्रक्रिया में उसकी मौजूदगी की जरूरत बताई गई थी। त्सेरिंग ने कहा, यह किया गया, जिसका उद्देश्य धर्म को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना था...हालांकि न तो चीन की और न ही किसी अन्य सरकार की कोई भूमिका होनी चाहिए।

तिब्बत की निर्वासित सरकार के राष्ट्रपति ने कहा, उन्होंने (चीनियों ने) वर्ष 1995 में तब हस्तक्षेप किया जब एक लड़के (ज्ञानचेन नोरबू) को पंचेन लामा के तौर पर चुना गया। महामाहिम (दलाई लामा) द्वारा चुने गए पंचेन लामा (गेधुन छोयी न्यिमा) को गायब कर दिया गया और हमें अब तक पता नहीं कि वह जिंदा भी है या नहीं। न्यिमा को 17 मई 1995 के बाद से स्वतंत्र पर्यवेक्षकों द्वारा देखा नहीं गया है।

चीन की सरकार का दावा है कि वह सामान्य जीवन जी रहा है जबकि तिब्बती निर्वासित और मानवाधिकार समूहों का मानना है कि उसे चीन द्वारा चित्त परिवर्तन के लिए श्रम शिविर में कैदी के तौर पर रखा गया है। तिब्बती बौद्धों का मानना है कि सर्वोच्च लामा या जीवित बुद्ध की आत्मा उनके निधन के बाद बच्चे के रूप में फिर से पैदा होगी और उसका विभिन्न संकेतों द्वार पता लगाया जा सकता है।

अफसोस व्यक्त करते हुए त्सेरिंग ने कहा, कम्युनिस्ट चीन धर्म को नहीं मानता, इसके बावजूद वह पूरी तरह से धार्मिक कार्यक्रम में हस्तक्षेप करना चाहता है। उन्होंने कहा कि दलाई लामा ने कहा था कि अगर चीनी सरकार की रुचि पुन: अवतार में इतनी ही है तो उसे तिब्बी बौद्ध धर्म को पढ़ना चाहिए। त्सेरिंग ने कहा कि 14वें दलाई लामा के देहांत के बाद दुनिया और तिब्बियों के आगे बढ़ने के लिए छह बिंदुओं की योजना तैयार की गई है और इस योजना के केंद्र में लोकतांत्रिक हस्तांतरण है। गौरतलब है कि वर्ष 2011 के बाद भी तिब्बत का धार्मिक नेतृत्व दलाई लामा के पास ही बना रहा लेकिन राजनीतिक नेतृत्व प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित निर्वासित तिब्बती सरकार के राष्ट्रपति या सिकयोंग को हस्तांरित कर दिया गया।

वर्ष 1950 में चीन ने तिब्बत पर हमला किया और वर्ष 1959 में इसके खिलाफ आंदोलन हुआ जिसका चीन ने क्रूरता से दमन किया। इस घटना के बाद दलाई लामा अपने कई समर्थकों के साथ भारत भाग आए और उसके बाद उन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचित संसद की स्थापना की। 

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प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण


1. अंक-85, (वर्ष-06)

2. बृहस्पतिवार, जनवरी 5, 2023

3. शक-1944, पौष, शुक्ल-पक्ष, तिथि-चतुर्दशी, विक्रमी सवंत-2079‌‌।

4. सूर्योदय प्रातः 07:24, सूर्यास्त: 05:30। 

5. न्‍यूनतम तापमान- 11 डी.सै., अधिकतम- 18+ डी.सै.।

6. समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है। सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा। सभी पद अवैतनिक है। 

7.स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक राधेश्याम व शिवांशु  (विशेष संपादक) श्रीराम व सरस्वती (सहायक संपादक) संरक्षण-अखिलेश पांडेय, ओमवीर सिंह, वीरसैन पवार, योगेश चौधरी आदि के द्वारा (डिजीटल सस्‍ंकरण) प्रकाशित। प्रकाशित समाचार, विज्ञापन एवं लेखोंं से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं हैं। पीआरबी एक्ट के अंतर्गत उत्तरदायी।

8. संपर्क व व्यवसायिक कार्यालय- चैंबर नं. 27, प्रथम तल, रामेश्वर पार्क, लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102। 

9. पंजीकृत कार्यालयः 263, सरस्वती विहार लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102

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(सर्वाधिकार सुरक्षित)

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