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शनिवार, 2 जुलाई 2022

रूसी मिसाइल हमलों में 1 बच्चे सहित 21 लोगों की मौंत

रूसी मिसाइल हमलों में 1 बच्चे सहित 21 लोगों की मौंत

सुनील श्रीवास्तव 

मॉस्को/कीव। यूक्रेन के दक्षिणी ओडेसा क्षेत्र में शनिवार की रात रूसी मिसाइल हमलों में एक बच्चे सहित कम से कम 21 लोगों की मौंत हो गई। जबकि छह बच्चों समेत 38 अन्य घायल हो गये। प्रांतीय आपातकालीन सेवा डीएसएनएस ने कहा कि सेरहिवका गांव में नौ मंजिला इमारत में एक मिसाइल के टकराने से 16 लोग मारे गये। वहीं हॉलिडे रिजॉर्ट पर अलग-अलग हमले में एक बच्चे समेत पांच लोगों की मौत हो गयीयूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक काला सागर के ऊपर रूसी युद्धक विमानों से तीन मिसाइलें दागी गयी है।

रूस ने पिछले कुछ दिनों में यूक्रेन के शहरों पर दर्जनों मिसाइलें दागी हैं। रूसी सरकार के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने हालांकि इससे इंकार किया है कि हमले नागरिकों को लक्ष्य कर किये जा रहे हैं।

ईरान: भूकंप के तेज झटके महसूस, 6.1 तीव्रता मापी

ईरान: भूकंप के तेज झटके महसूस, 6.1 तीव्रता मापी

डॉक्टर सुभाषचंद्र गहलोत
तेहरान। ईरान में शनिवार सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रेक्टर स्कैल पर इनकी तीव्रता 6.1 मापी गई। यूएई और चीन तक जलजला महसूस किया गया। ईरानी मीडिया के अनुसार, देश के दक्षिणी हिस्से में में शनिवार तड़के 6.1 तीव्रता के भूकंप से कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई। ईरान के खाड़ी तट पर होर्मोज़गन प्रांत में आपातकालीन प्रबंधन के प्रमुख महरदाद हसनज़ादेह ने बताया, 'आठ अन्य लोग घायल हो गए हैं।' ईरानी मीडिया ने भूकंप की तीव्रता 6.1 बताई, जबकि यूरोपीय भूमध्यसागरीय भूकंप केंद्र (ईएमएससी) ने कहा कि इसकी तीव्रता 6.0 थी। ईएमएससी ने कहा कि भूकंप 10 किमी (6.21 मील) की गहराई पर था।
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के विभिन्न हिस्सों के निवासियों ने भी झटके महसूस किए। अच्छी बात यह है कि अब तक यूएई से किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है। ईरान में राहत तथा बचाव कार्य जारी है। आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, चीन के झिंजियांग में आज तड़के करीब साढ़े तीन बजे 10 किमी की गहराई पर 4.3 तीव्रता का भूकंप आया। चीन से किसी नुकसान की खबर नहीं है।

गुरुवार, 30 जून 2022

18 साल की आशिया ने 61 के शमशाद से निकाह किया

18 साल की आशिया ने 61 के शमशाद से निकाह किया 

सुनील श्रीवास्तव 
इस्लामाबाद। जोड़ियां आसमान में बनती हैं। मोहब्बत पर किसका जोर चलता है ? कहा ये भी जाता है कि प्यार अंधा होता है। लेकिन आज के जमाने में कुछ युवाओं की हिम्मत देख ऐसा लगता है कि प्यार अंधा होने के साथ गूंगा और बहरा भी होता है। दरअसल कुछ ऐसा ही हुआ, पाकिस्‍तान में जहां हुई एक शादी सुखिर्यों में है। क्योंकि, 18 साल की खूबसूरत आशिया ने 61 साल के शमशाद से निकाह करके सभी लोगों को हैरान कर दिया। इसके चर्चे पाकिस्तान से होते हुए दुनियाभर में होने लगे। आपको बता दें कि राणा शमशाद रावलपिंडी के रहने वाले हैं। जिन्होंने 43 साल छोटी आशिया से शादी की है।
दोनों में मोहब्‍बत की शुरुआत कैसे हुई। इस बारे में आशिया ने एक यूट्यूब चैनल से बात करते हुए बताया कि उनके शौहर पूरे रावलपिंडी में गरीब लड़कियों की शादी करवाते थे, इनकी ये आदत उसे इतनी अच्‍छी लगी कि उन्होंने उनसे ही निकाह का फैसला कर लिया। आशिया ने आगे कहा कि वो एक दो बार उनसे मिलीं तो बड़ा सुकून मिला और मोहल्‍ले वाले भी इनके बारे में अच्‍छी बातें करते थे। इसके बाद उन्‍होंने फैसला कर लिया कि वो इन्हीं से निकाह करेंगी।
उसी यू-ट्यूब चैनल से बात करते हुए शमशाद ने कहा, ‘मैं खुशनसीब हूं कि इस उम्र में भी इतना धयान रखने वाली लाइफ पार्टनर मिली। ये ऊपरवाले का करम है कि आशिया मेरा बहुत ध्‍यान रखती हैं। वहीं, आशिया ने कहा, शमशाद भी उनका खूब ध्‍यान रखते हैं। आशिया ने बताया कि शमशाद उन्हें कभी किसी चीज की कमी नहीं होने देते। वो उनके परिवार का भी पूरा ख्याल रखते हैं।
शमशाद ने बताया कि उनकी शादी की बात सुनकर कई रिश्‍तेदारों ने मुंह बनाए। उन्होंने कहा कि लोग तो वैसे भी किसी को जीने नहीं देते हैं। कोई न कोई रुकावट पैदा करने की कोशिश करते हैं। लोग मेरी और आशिया की उम्र के अंतर को लेकर हमसे नाराज थे। लेकिन दुनिया की परवाह किए बगैर हमने साथ जिंदगी बिताने का जो वादा किया, उसे आखिरकार हमने पूरा कर दिखाया।

फीचर: खुद को एक कार्टून की तरह दिखा पाएंगे, यूजर्स

फीचर: खुद को एक कार्टून की तरह दिखा पाएंगे, यूजर्स

अकांशु उपाध्याय/सुनील श्रीवास्तव    
नई दिल्ली/वाशिंगटन डीसी। व्हाट्सएप अब एक बार फिर कई नए फीचर्स पर काम कर रहा है। जिससे वीडियो कॉलिंग करने का तरीका ही बदल जाएगा। साथ ही कंपनी कई और फीचर्स पर भी काम कर रही है। रिपोर्ट की मानें, तो मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप एक अवतार पर काम कर रहा है। जिसका इस्तेमाल यूजर्स वीडियो कॉल के दौरान अपने फेस की जगह कर पाएंगे। यूजर्स वीडियो कॉलिंग के दौरान इस फीचर में वर्चुअल अवतार दिखा पाएंगे।
इस फीचर में यूजर्स खुद को एक कार्टून की तरह दिखा पाएंगे। हालांकि, यह फीचर ऐपल iPhone में पहले से ही मिलता है। यह वर्चुअल अवतार आपके एक्सप्रेशन के हिसाब से काम करता है।
रिपोर्ट्स की मानें तो यूजर्स को वीडियो कॉल के पास इस अवतार फीचर को दिखाया जाएगा। जब फीचर को रोल आउट किया जाएगा, तो वीडियो कॉल पेज के भीतर इंस्टेंट अवतार पर स्विच करने का एक नया ऑप्शन होगा जैसा कि रिपोर्ट द्वारा शेयर किए गए स्क्रीनशॉट में देखा गया है। चूंकि यह फीचर अभी डेवलपिंग मोड में है, इसलिए अभी के लिए Avatar पर टैप करने में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
इसलिए अभी इस फीचर के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। सबसे पहले बीटा में टेस्ट किया जाएगा और इसके बाद स्टेबल वर्जन पेश किया जाएगा। इतना ही यूजर्स अपने अवतार को किसी चैट में या ग्रुप में भी भेज सकते है। इसके लिए यूजर्स को एक अलग से Avatar Editor टूल दिया जाएगा, जहां वह अवतार को कस्टमाइज करके अपने जैसा बना सकेंगे।
व्हाट्सएप कई और फीचर्स पर भी काम कर रहा है। जिसमें एक Blur टूल है। इसे एंड्रॉइड बीटा वर्जन में जोड़ा गया था और यह ड्राइंग टूल को डेस्कटॉप ऐप में भी जोड़ने की योजना बना रहा है। मीडिया एडिटर में इमेज के एक हिस्से को ब्लर करने का ऑप्शन होगा।

बुधवार, 29 जून 2022

मेटावर्स स्मार्टफोन 'एचटीसी डिसाइड 22 प्रो' लॉन्च

मेटावर्स स्मार्टफोन 'एचटीसी डिसाइड 22 प्रो' लॉन्च 

अकांशु उपाध्याय/अखिलेश पांडेय 

नई दिल्ली/वाशिंगटन डीसी/बीजिंग। एचटीसी ने एक लंबे ब्रेक के बाद अपना नया फोन 'एचटीसी डिसाइड 22 प्रो' लॉन्च कर दिया है। 'एचटीसी डिसाइड 22 प्रो' को लेकर दावा है कि यह दुनिया का पहला मेटावर्स स्मार्टफोन है। 'एचटीसी डिसाइड 22 प्रो' के साथ 6.6 इंच की डिस्प्ले दी गई है। जिसका रिफ्रेश रेट 120Hz है। फोन में स्नैपड्रैगन 695 प्रोसेसर दिया गया है और 4520mAh की बैटरी है। यह फोन के वीआर प्रोडक्ट को सपोर्ट करेगा। एचटीसी के इस फोन में क्रिप्टो और एनएफटी की भी सुविधा दी गई है। फोन में Viverse एप है। जिसकी मदद से यूजर्स अपना खुद का वर्चुअल स्पेस क्रिएट कर सकते हैं और वर्चुअल मार्केटप्लेस में एनएफटी भी खरीद सकेंगे। फोन की कीमत 404 डॉलर यानी करीब 31,874 रुपये है।

'एचटीसी डिसाइड 22 प्रो' के में तीन रियर कैमरे दिए गए हैं। जिनमें प्राइमरी लेंस 64 मेगापिक्सल का है। जिसका अपर्चर f/1.8 है। फोन में दूसरा लेंस 13 मेगापिक्सल का अल्ट्रा वाइड एंगल और तीसरा लेंस 5 मेगापिक्सल का डेफ्थ सेंसर है। सेल्फी के लिए इसमें 32 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है। फोन में 8 जीबी रैम के साथ 128 जीबी तक की स्टोरेज दी गई है।एचटीसी के इस फोन में एंड्रॉयड 12 मिलेगा। इसमें 4520mAh की बैटरी है। जिसके साथ 18W की वायर फास्ट चार्जिंग और 15W की वायरलेसचार्जिंग का सपोर्ट है। फोन में रिवर्स चार्जिंग का सपोर्ट है। फोन में साइड माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर है और वाटर रेसिस्टेंट के लिए IP67 की रेटिंग मिली है। 'एचटीसी डिसाइड 22 प्रो' को गोल्ड और ब्लैक कलर में पेश किया गया है। भारतीय बाजार फोन में उपलब्धता की फिलहाल कोई जानकारी नहीं है।

सोमवार, 27 जून 2022

काठमांडू में गोलगप्पे पर बैन लगा दिया: हैरानी

काठमांडू में गोलगप्पे पर बैन लगा दिया: हैरानी
सुनील श्रीवास्तव 
काठमांडू। नेपाल सरकार ने राजधानी काठमांडू में ऐसा प्रतिबंध लगाया है जिसे सुनकर सबको हैरानी होती है। दरअसल यहां स्वास्थ्य मंत्रालय ने काठमांडू के एलएमसी में गोलगप्पे पर बैन लगा दिया है। घाटी के ललितपुर मेट्रोपिलिटन सिटी में हैजा के केस बढ़ने के बाद यह फैसला किया  गया है। दावा किया गया है कि पानी-पूरी में इस्तेमाल होनें वाले पानी में कॉलरा बैक्टीरिया पाया गया है।
म्युनिसिपल पुलिस चीफ सीताराम हचेतू के मुतबिक भीड़भाड़ वाले इलाकों और कॉरिडोर  एरिया में पानीपूरी की बिक्री पर रोक लगाने की पूरी तैयारी की  गई है। उनका कहना है कि पानीपूरी की वजह से हैजा के मामलों का बढ़ने का खतरा है। रविवार को काठमांडू में हैजा के सात नए मामले मिले। इसके साथ ही घाटी में कुल मरीजों की संख्या 12 हो गई है।
नेपाल के स्वास्थ्य मंत्रालय के अंतरगत एपिडेमियोलॉजी ऐंड डिजीज कंट्रोल डिविजन के डायरेक्टर चमनलाल दास ने कहा कि काठमांडू मेट्रोपोलिस में कॉलरा के पांच मामले पाए गए। इसके अलावा एक केस चंद्रागिरि म्युनिसिपालिटी में और एक बुधानीकांता म्युनिसिपालिटी में पाया गया। इस बीच स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को सलाह दी है कि हैजा का कोई भी लक्षण नजर आते ही नजदीकी अस्पताल में संपर्क करें।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे बारिश और गर्मी के मौसम में फैलने वाली जल जनित बीमारियों जैसे कि डायरिया, कॉलरा से सावधान रहें।

रविवार, 26 जून 2022

G7 की बैठक में शामिल होने के लिए जर्मनी पहुंचे, पीएम

G7 की बैठक में शामिल होने के लिए जर्मनी पहुंचे, पीएम

अखिलेश पांडेय
नई दिल्ली/बर्लिन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को जर्मनी पहुंचे हैं। पीएम मोदी यहां G7 की बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। इस दौरान उनका एयरपोर्ट पर जोरदार स्वागत किया गया। आधिकारिक बयान में बताया गया कि वह G7 देशों और अतिथि देशों के साथ पर्यावरण, ऊर्जा, जलवायु, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, आतंकवाद, लैंगिक समानता और लोकतंत्र जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे। पीएम मोदी G7 और अतिथि देशों के साथ बैठक करेंगे और समकालीन मुद्दों पर बातचीत करेंगे। जर्मनी में आयोजित G-7 शिखर सम्मलेन में पीएम मोदी दो सत्रों को संबोधित भी कर सकते हैं। खबर है कि वे जिन सत्रों को संबोधित करेंगे उनमें एक सत्र पर्यावरण, उर्जा और जलवायु से संबंधित होगा। वहीं दूसरा सत्र खाद्य सुरक्षा और लैंगिक सामनता को लेकर होगा। वहीं इस सम्मलेन के दौरान ही वह कई राष्ट्रों के प्रमुखों से साथ बैठकें भी करेंगे।
आधिकारिक सूत्रों ने अनुसार जर्मनी और संयुक्त अरब अमीरात में लगभग 60 घंटे के प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री दुनिया के सात सबसे अमीर देशों के समूह G7 की बैठक में भाग लेने के अलावा कई द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने शुक्रवार को कहा था कि मोदी शिखर सम्मेलन से इतर G7 और अतिथि देशों के नेताओं साथ द्विपक्षीय मुलाकात और चर्चा करेंगे।G7 शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेन संघर्ष, हिन्द प्रशांत क्षेत्र की स्थिति, खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु सहित महत्वपूर्ण वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा होगी। विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने शुक्रवार को संवाददाताओं को यह जानकारी दी। विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा कि G-7 शिखर सम्मेलन में विशेष आमंत्रित के रूप में भारत की भागीदारी वैश्विक चुनौतियों के समाधान खोजने में नई दिल्ली की महत्वपूर्ण भूमिका के लिए विश्व समुदाय द्वारा जुड़े महत्व को दर्शाती है।

50 से अधिक देशों में मंकीपॉक्स का प्रकोप जारी

50 से अधिक देशों में मंकीपॉक्स का प्रकोप जारी
सुनील श्रीवास्तव 
लंदन। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि 50 से अधिक देशों में मंकीपॉक्स के बढ़ते प्रकोप पर करीबी नजर रखी जानी चाहिए, लेकिन फिलहाल इसे वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल की स्थिति घोषित करने की आवश्यकता नहीं है।

डब्ल्यूएचओ की आपातकालीन समिति ने शनिवार को एक बयान जारी कर कहा कि प्रकोप के कई पहलू ‘‘असामान्य’’ थे और माना कि मंकीपॉक्स के खतरों पर वर्षों से गौर नहीं किया गया है। हालांकि, समिति ने कहा कि मंकीपॉक्स कुछ अफ्रीकी देशों में अब महामारी नहीं रह गया है।बयान के मुताबिक, ‘‘कुछ सदस्यों ने अलग-अलग विचार व्यक्त किए हैं। हालांकि, समिति ने डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक को सर्वसम्मति से यह सुझाव देने का निर्णय लिया है कि मंकीपॉक्स को इस स्तर पर ‘‘वैश्विक आपातकाल की स्थिति’’ नहीं घोषित करना चाहिए।’’

हालांकि, डब्ल्यूएचओ ने प्रकोप की ‘‘आपातकालीन प्रकृति’’ की तरफ इशारा किया है और कहा है कि इसके प्रसार को नियंत्रित करने के लिए ‘‘तेजी से कदम उठाने’’ की जरूरत है।

समिति ने कहा कि प्रकोप पर ‘‘करीबी नजर रखने और कुछ हफ्तों के बाद स्थिति की समीक्षा किए जाने की आवश्यकता है।’’

उसने यह भी कहा अगर कुछ नए घटनाक्रम सामने आते हैं-जैसे कि यौनकर्मियों के बीच प्रसार, अन्य देशों में या उन देशों में संक्रमण का फैलना, जहां पहले से ही मंकीपॉक्स के मामले हैं, मामलों की गंभीरता में वृद्धि या प्रसार की बढ़ती दर तो वह फिर से स्थिति का मूल्यांकन करने की सिफारिश करेगी।

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अधोनोम घेब्रेयेसस ने बृहस्पतिवार को उन देशों में मंकीपॉक्स के प्रसार को लेकर चिंता जताने के बाद आपातकालीन समिति की बैठक बुलाई थी, जहां पहले इस महामारी की सूचना नहीं थी।

डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा, ‘‘वर्तमान प्रकोप विशेष रूप से नए देशों और क्षेत्रों में तेजी से फैल रहा है और संवेदनशील आबादी के बीच इसके प्रसार का जोखिम बढ़ गया है, जिसमें कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोग, गर्भवती महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।’’

मंकीपॉक्स के कारण मध्य और पश्चिम अफ्रीका में दशकों से लोग संक्रमित हुए हैं, लेकिन पिछले महीने तक एक ही समय में कई देशों में या प्रभावित मुल्कों की यात्रा न करने वाले लोगों में इस संक्रमण के मामले सामने नहीं आए थे।

शनिवार, 25 जून 2022

6 की मृत्यु, 38 में 20 लड़के और 18 लड़कियां

6 की मृत्यु, 38 में 20 लड़के और 18 लड़कियां
डॉक्टर सुभाषचंद्र गहलोत  
कंपाला। 6 बच्चों की मृत्यु हो चुकी है। अभी जीवित 38 बच्चों में 20 लड़के और 18 लड़कियां हैं, जिन्हें वे अकेले ही पाल रही हैं।
मरियम जब 12 साल की थीं, तब उनके माता-पिता ने उन्हें शादी के बहाने बेच दिया था। 13 साल की उम्र में उन्होंने पहले बच्चे को जन्म दिया था। पहले बच्चे के जन्म के बाद मरियम को अहसास हुआ कि उनकी फर्टिलिटी अन्य महिलाओं की अपेक्षा अधिक है। जब उनके लगातार इतने अधिक बच्चे होते गए तो वह डॉक्टर के पास गईं और तब उन्हें डॉक्टर ने एक मेडिकल कंडिशन के बारे में बताया था।
डॉक्टर्स ने मरियम को बताया, उसके अंडाशय असामान्य रूप से बड़े हैं, जिसके कारण उसके शरीर में हाइपर ओव्यूलेशन नामक स्थिति बनी है। हाइपर-ओव्यूलेट स्थिति आनुवांशिक होती है। इस स्थिति में ज्यादा बच्चे पैदा करने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
युगांडा की राजधानी कंपाला के मुलगो हॉस्पिटल के स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. चार्ल्स किगगुंडु के मुताबिक, मरियम की फर्टिलिटी काफी अधिक थी, इस कारण वह इतने अधिक बच्चे पैदा कर रही थीं। मरियम की स्थिति में कोई भी बर्थ कंट्रोल तकनीक काम नहीं करती और अगर ऐसा किया भी जाता तो उन्हें गंभीर बीमारियां का खतरा भी हो सकता था। हालांकि, हाइपर ओव्यूलेशन का इलाज मौजूद है लेकिन युगांडा के ग्रामीण इलाके में उन तकनीकों का आना काफी मुश्किल था‌।
जानकारी के मुताबिक, मरियम का पति 2016 में घर से सारा पैसा लेकर भाग गया था। उसी साल उसने अपने सबसे छोटे बच्चे को जन्म दिया था। मरियम अपने बच्चों के साथ नॉर्थ कंपाला से 31 मील दूर खेतों से घिरे एक गांव में रहती है। मरियम अपने बच्चों के साथ चार सीमेंट से बने तंग घरों में रहती है। मरियम के पति के छोड़कर जाने के बाद एक महिला ने उसे कुछ पलंग दिए थे। मरियम और बच्चे उन पर ही सोते हैं। एक गद्दे पर दो बच्चे सोते हैं।
मरियम का सारा समय बच्चों की देखभाल और पैसा कमाने में गुजरता है। वह अपने बच्चों को पालने के लिए कई सारे काम कर चुकी हैं, जिसमें कटिंग करना, कबाड़ इकट्ठा करना, दवाई बेचना शामिल है।

शुक्रवार, 24 जून 2022

जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, पीएम मोदी

जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, पीएम मोदी 
अखिलेश पांडेय  
बर्लिन। जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26-27 जून को जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए शोल्स एल्माउ जायेंगे। सम्मेलन के दौरान यूक्रेन संघर्ष, हिन्द प्रशांत क्षेत्र की स्थिति, खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु सहित महत्वपूर्ण वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा होगी । विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने शुक्रवार को संवाददाताओं को यह जानकारी दी । उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी 28 जून को संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा पर जायेंगे जहां वे यूएई के पूर्व राष्ट्रपति एवं अबू धाबी के शासक रहे शेख खलीफा बिन जायेद अल नाह्यान के निधन पर व्यक्तिगत रूप से श्रद्धांजलि देंगे ।
यह पूछे जाने पर जी7 शिखर बैठक यूक्रेन संकट के मुद्दे पर भारत का रूख क्या रहेगा, क्वात्रा ने कहा कि यूक्रेन संकट शुरू होने के समय से ही भारत का रूख स्पष्ट है कि जल्द से जल्द युद्ध विराम होना चाहिए और बातचीत एवं कूटनीति के जरिये समस्या का समाधान निकाला जाना चाहिए । उन्होंने कहा कि यूक्रेन संकट के कारण खाद्य, ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े विषयों, उत्पादों से जुड़ी मुद्रास्फीति, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने के मुद्दों पर भारत ने विभिन्न मंचों पर अपना दृष्टिकोण स्पष्ट किया है।
क्वात्रा ने कहा कि वैश्विक मंचों पर भारत का रूख भारत के हितों एवं उसके सिद्धांतों के तहत तय होता है और इसको लेकर कोई शंका या संकोच नहीं होना चाहिए । जी7 समूह दुनिया के सात सबसे अमीर देशों का समूह है जिसकी अध्यक्षता अभी जर्मनी कर रहा है। इस समूह में ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, ईटली, जापान और अमेरिका शामिल है। विदेश सचिव ने बताया कि जी7 शिखर सम्मेलन का आयोजन जर्मनी की अध्यक्षता में हो रहा है जिसमें अर्जेंटीना, इंडोनेशिया, सेनेगल, दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों को भी आमंत्रित किया गया है। गौरतलब है कि इस बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रो, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडू सहित कई अन्य शीर्ष नेता हिस्सा ले रहे हैं ।
क्वात्रा ने कहा कि जर्मनी की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी दो सत्रों को संबोधित कर सकते हैं जिसमें एक सत्र पर्यावरण, ऊर्जा, जलवायु का होगा और दूसरे सत्र में खाद्य सुरक्षा, लैंगिक समानता और लोकतंत्र जैसे विषय शामिल हैं । इस शिखर बैठक से इतर प्रधानमंत्री सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले कुछ देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे । उल्लेखनीय है कि मोदी पिछली बार 2 मई को जर्मनी गए थे जहां उन्होंने छठी भारत-जर्मनी अंतर सरकारी विचार विमर्श बैठक में हिस्सा लिया था ।
जी7 शिखर बैठक में हिस्सा लेने के लिये प्रधानमंत्री मोदी को निमंत्रण दोनों देशों की करीबी गठजोड़ और उच्च स्तरीय राजनीतिक सम्पर्क की परंपरा के मद्देनजर दिया गया है। विदेश सचिव ने बताया कि जर्मनी में जी7 शिखर बैठक में हिस्सा लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 जून को संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा पर जायेंगे। प्रधानमंत्री मोदी संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा के दौरान यूएई के पूर्व राष्ट्रपति एवं अबू धाबी के शासक रहे शेख खलीफा बिन जायेद अल नाह्यान के निधन पर व्यक्तिगत श्रद्धांजलि देंगे।
प्रधानमंत्री इस दौरान यूएई के नये राष्ट्रपति एवं अबू धाबी का शासक चुने जाने पर शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाह्यान को बधाई भी देंगे । मोदी 28 जून की रात को ही यूएई से देश वापस लौटेंगे । गौरतलब है कि यूएई के पूर्व राष्ट्रपति एवं अबू धाबी के शासक रहे शेख खलीफा बिन जायेद अल नाह्यान का निधन 13 मई को हुआ था । भारत की ओर से शोक प्रकट करने के लिये उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू वहां गए थे ।

गुरुवार, 23 जून 2022

अब तक बाढ़ के कहर से 400 लोगों की मौंत

अब तक बाढ़ के कहर से 400 लोगों की मौंत

अखिलेश पांडेय
काबुल। अफगानिस्तान में मंगलवार देर रात आए भूकंप के बाद अब लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ ने जनजीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है। बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार अब तक बाढ़ के कहर से 400 लोगों की मौंत हो गई। तालिबान सरकार की ओर से इस बात की पुष्टि की गई है। बाढ़ से देश के कई इलाके प्रभावित हैं।
अफगानिस्तान के जल संसाधन विशेषज्ञ नजीबुल्लाह सादिद ने बुधवार को ही कहा था कि क्षेत्र में मानसून के चलते तेज बारिश हो रही है, जिससे पारंपरिक तौर मिट्टी के बने घर कमजोर हो गए हैं। और इस कारण से भूकंप ज्यादा भयावह साबित हुआ। भूकंप का केंद्र अपेक्षाकृत ऊपर रहने से भी तबाही बढ़ गई।
देश में कुनार, नांगरहार, नुरिस्तान, लघमन, पंजशीर, परवान, काबुल, कपिसा, मैदान, वारदाक, बामियान, गजनी, लोगर, समंगन, सार-ए-पुल, ताखर, पाकटिया, खोस्त, कपिसा, मैदान वारदाक, बामियान, गजनी, लोगार, समंगन का इलाका प्रभावित है।
प्राकृतिक आपदा प्रबंधन विभाग की देखरेख करने वाले उपमंत्री मावलावी शरफुद्दीन मुस्लिम ने बताया, ‘इस दौरान बचाकर निकाले गए लोगों को अस्पतालों मं भेज दिया गया है। जिनके मकान इस बाढ़ के पानी में ढह गए हैं उन्हें टेंट में ले जाया गया है। 2022 में अफगानिस्तान में प्राकृतिक आपदा के कारण 30 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।

बता दें कि शक्तिशाली भूकंप से 1,000 से अधिक लोगों की जान चली गई और 1,500 से अधिक लोग घायल हुए हैं। अफगानिस्तान में ज्यादातर कच्चे मकान हैं, जो भूकंप के झटके से पूरी तरह से ध्वस्त हो गए हैं और उनके नीचे अभी कई लोगों के दबे होने की आशंका है।
तालिबान के सुप्रीम लीडर हैबतुल्ला अखुंदजादा ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और सभी मानवीय संगठनों से मदद की अपील की है। प्रधानमंत्री मोहम्मद हसन अखुंद ने राहत प्रयासों के समन्वय के लिए राष्ट्रपति भवन में आपातकालीन बैठक कर हालात की समीक्षा की। तालिबान सरकार ने सहायता एजेंसियों से क्षेत्र में टीमें भेजने का आग्रह किया है। अमेरिकी जियोलाजिकल सर्वे के अनुसार भूकंप का केंद्र दक्षिणपूर्वी अफगानिस्तान के खोस्त शहर से 44 किलोमीटर दूर और 51 किलोमीटर जमीन के नीचे था। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.1 मापी गई है। भूकंप के झटकों को पाकिस्तान और भारत के भी कुछ इलाकों में महसूस किया गया।

बुधवार, 22 जून 2022

बच्चे की आंशिक रूप से नसबंदी, हर्जाने की मांग

बच्चे की आंशिक रूप से नसबंदी, हर्जाने की मांग
अकांशु उपाध्याय /अखिलेश पांडेय 
नई दिल्ली/वाशिंगटन डीसी। अमेरिका के टेक्सास में चिकित्सकीय लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। जिसमें चार साल के एक बच्चे की आंशिक रूप से नसबंदी कर दी गई। शहर के एक दंपति ने अपने चार साल के बेटे का हर्निया का ऑपरेशन एक स्थानीय अस्पताल में कराया, जहां उनके बच्चे के साथ ये लापरवाही हुई। दंपति ने इस लापरवाही के लिए अस्पताल और डॉक्टर पर मुकदमा दायर किया है। 
एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुकदमे में माता-पिता जोश और क्रिस्टल ब्रोड ने बताया कि उनके बेटे के दाहिने अंडकोश में सूजन हो गई थी। इसके बाद उन्होंने टेक्सास चिल्ड्रन हॉस्पिटल की मूत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सुजैन एल. जारोस से परामर्श किया। डॉक्टर ने पिछले अगस्त में हर्निया रिपेयर के लिए बच्चे की लैप्रोस्कोपिक सर्जरी की। इस सर्जरी को डॉक्टर जारोस और एक अन्य सहयोगी ने मिलकर पूरा किया। नागरिकों की मौत ऑपरेशन के बाद सामने आई रिपोर्ट में बच्चे के शुक्राणु वाहिनी में कुछ ऊतक देखने को मिले। ये ऊतक स्खलन से पहले शुक्राणु को मूत्रमार्ग तक पहुंचाते हैं। 
परिवार के वकील रैंडी सोरेल्स ने पूरे मामले पर बात करते हुए कहा, 'डॉक्टर ने 2D तकनीक का इस्तेमाल कर बच्चे की लैप्रोस्कोपिक सर्जरी की।इसमें बच्चे के शरीर पर खुला चीरा नहीं लगाया जाता है। टीवी स्क्रीन पर देखकर सर्जरी करते वक्त डॉक्टर ये नहीं देख पाई कि वो गलत ट्यूब को काट रही है। क्रिस्टल ब्रोड की तरफ से दायर मुकदमे में कहा गया है कि परिवार को इस गलती के बारे में सूचित किया गया था। उन्हें बताया गया था कि इससे उनके बच्चे के प्रजनन क्षमता में कमी आ सकती है। 
लेकिन बच्चे के पिता ने अदालत में डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दायर कर कहा है कि डॉक्टर अपने मरीज की सामान्य देखभाल भी नहीं कर सकीं, जिस कारण उनके बच्चे को भविष्य में काफी परेशानी होने वाली है। मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि अब उनका 5 साल का बेटा भविष्य के अपने जीवन में प्रजनन संबंधी दिक्कतों का सामना करेगा। उसे भविष्य में होने वाले मेडिकल खर्च, दर्द, मानसिक पीड़ा, शारीरिक नुकसान और प्रजनन क्षमता के लिए भविष्य के खर्चों का सामना करना पड़ेगा। परिवार ने हर्जाने के रूप में डॉक्टर और अस्पताल से 10 लाख डॉलर की मांग की है।अस्पताल ने इस पर किसी तरह की टिप्पणी नहीं की है। हर्निया रिपेयर सर्जरी के दौरान शुक्राणुवाहिनी या अन्य किसी अंग को नुकसान पहुंचने की बहुत कम घटनाएं होती हैं। अमेरिका के क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, ग्रोइन एरिया (पेट और जांघ के बीच का हिस्सा) में हर्निया लगभग 1% से 5% छोटे लड़कों को प्रभावित करता है
 6 साल से कम उम्र के बच्चों में ये सबसे आम है। ये तब होता है जब पेट और जननांगों के बीच का हिस्सा जन्म से पहले पूरी तरह से बंद नहीं होता है। इससे ऊतक दूसरे अंग से बाहर निकल जाते हैं। इसका मुख्य लक्षण एक उभार है, जो बच्चे के आराम करने या सोने पर छोटा हो सकता है। इलाज नहीं किया गया तो ये हर्निया ब्लड सर्कुलेशन में मुश्किल पैदा कर सकता है। इससे बच्चे के जननांगों में सूजन हो सकती है और जान भी जा सकती है। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, इस तरह के हर्निया का इलाज एक सर्जरी के द्वारा किया जाता है जिसमें एक घंटे से भी कम समय लगता है। सैन फ्रांसिस्को विश्वविद्यालय के सर्जरी विभाग की वेबसाइट का कहना है कि ये प्रक्रिया आम तौर पर सुरक्षित है और इससे किसी तरह का खतरा नही।

गर्भाशय में शिशु का शीश काट किया प्रसव: संवेदना

गर्भाशय में शिशु का शीश काट किया प्रसव: संवेदना
सुनील श्रीवास्तव  
इस्लामाबाद। भारत में अगर दंगाइयों पर कार्रवाई होने के बाद पता चलता है कि वो एक संप्रदाय विशेष से जुड़े हैं, तो पाकिस्तान पूरे विश्व में शोर मचाना शुरू कर देता है। लेकिन उसके अपने देश में अक्सर ऐसे समाचार आते हैं, जिनसे पता चलता है कि वहां अल्पसंख्यक हिन्दुओं की क्या स्थिति है।
ताजा मामला पाकिस्तान के सिंध प्रान्त के थारपारकर जिले का है। यहां एक हिन्दू महिला प्रसव पीड़ा होने पर निकटतम ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र गई। वहां कोई स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं थीं, इसलिए अनुभवहीन लोगों ने ही उसका ऑपरेशन कर डाला या कहें कि ऑपरेशन के नाम पर दर्दनाक मजाक किया। ऑपरेशन करने वाले जब शिशु को निकाल नहीं पाए, तो उन्होंने गर्भाशय में ही शिशु का सर काट कर शेष शरीर बाहर निकाल दिया।
बच्चे का सर पेट में ही बना रहा।
इस कारण पीड़ित महिला की तबीयत बिगड़ गई। उसे पास के प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां भी कोई विशेषज्ञ नहीं था। इसके बाद किसी तरह उसे पाकिस्तानी हैदराबाद के लियाकत यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में लेकर आया, जहां विशेषज्ञों ने किसी तरह महिला की जान बचाई। सिंध की सरकार ने रविवार का मामला वायरल होने पर जांच के आदेश दे दिए हैं। सिंध स्वास्थ्य सेवा के महानिदेशक डॉ. जुमान बहोतो के अनुसार ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र पर कुछ कर्मचारी पीड़ित महिला की फोटो ले रहे थे और इस दौरान वीडियो भी बनाया गया। यही नहीं, इसको व्हाट्स एप के कई ग्रुपों में भी भेजा गया। अब इसकी भी जांच होगी।
यह सुनने में अच्छा लगता है कि चिकत्सकीय लापरवाही का संज्ञान लेते हुए पाकिस्तान ने जांच शुरू कर दी है। पर क्या पीड़ित हिन्दू महिला को न्याय मिलेगा। यहां हम पीड़िता को बार-बार हिन्दू महिला इसलिए कह रहे हैं क्योंकि पाकिस्तान में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार की कभी कोई सुनवाई नहीं होती। अक्सर हिन्दुओं के मंदिर तोड़ दिए जाते हैं। प्रमुख आरोपियों को आज तक सजा नहीं मिली।इसलिए यह लगातार चल रहा है‌।हिन्दुओं की जनसँख्या उनके धर्मांतरण के कारण लगातार कम हो रही है। इसके लिए भी कभी कोई ठोस कदम पाकिस्तान ने नहीं उठाया।

भूकंप आने से 130 से अधिक लोगों की मौत हुई

भूकंप आने से 130 से अधिक लोगों की मौत हुई
अखिलेश पांडेय 
काबुल। अफगानिस्तान में भयानक भूकंप आने से 130 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। भूकंप की तीव्रता 6.1 मैग्नीट्यूड बताई जा रही है।न्यूज एजेंसी रायटर्स के हवाले से खबर है कि अफगानिस्तान में तीव्र भूकंप आने से 130 लोगों की मौत हो गई है। राहत और बचाव कार्य के लिए एजेंसियां मौके पर पहुंच चुकी है। लोगों को बचाने और घायलों को अस्पताल में पहुंचाने का काम जारी है।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने कहा कि बुधवार तड़के 6.1 तीव्रता के भूकंप ने घनी आबादी वाले अफगानिस्तान और पाकिस्तान के कुछ हिस्सों को हिला दिया। अफगानिस्तान अधिकारियों ने कहा काफी लोगों के हताहत होने की आशंका है।यूएसजीएस के अनुसार, भूकंप दक्षिणपूर्वी अफगानिस्तान के खोस्त शहर से लगभग 44 किमी (27 मील) दूर 51 किमी की गहराई पर आया। तालिबान प्रशासन के प्राकृतिक आपदा मंत्रालय के प्रमुख, मोहम्मद नसीम हक्कानी ने कहा कि वे आगे की जांच पूरी करने के बाद एक अपडेट देंगे।
अफगानिस्तान के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने यहां भूकंप से 130 से अधिक लोगों के मौत की पुष्टि की है। मीडिया रिपोर्ट से मुताबिक मौतों का आंकड़ा अभी और भी बढ़ सकता है। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि भूकंप से 100 से ज्यादा घर तबाह हो गये हैं। उन्होंने बताया कि बचाव कार्य में हेलीकॉप्टरों को लगाया गया है। वहीं सहायता के लिए एजेंसियों को आने के लिए कहा है। लेकिन भूकंप प्रभावित क्षेत्र दूरस्थ, इसलिए यहां मदद पहुंचने में थोड़ी देर हो रही है‌।

डॉलर के मुकाबले 4 पैसे टूटकर 78.17 पर बंद

डॉलर के मुकाबले 4 पैसे टूटकर 78.17 पर बंद

विजय कुमार 'तन्हा' 
नई दिल्ली/वाशिंगटन डीसी/मुंबई। घरेलू शेयर बाजार में सुस्त रुख और मजबूत अमेरिकी डॉलर को देखते हुए बुधवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 4 पैसे टूटकर 78.17 पर बंद हुआ।
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कम कीमतों ने स्थानीय इकाई का समर्थन किया और इसकी गिरावट को सीमित कर दिया, विदेशी मुद्रा डीलरों ने कहा। इंटरबैंक विदेशी मुद्रा में, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 78.13 पर अपरिवर्तित खुला, फिर पिछले बंद के मुकाबले 4 पैसे की गिरावट दर्ज करते हुए 78.17 के भाव पर बंद हुआ।
पिछले सत्र में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 78.13 पर बंद हुआ था।
घरेलू इक्विटी बाजार के मोर्चे पर, 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 364.12 अंक या 0.69 प्रतिशत की गिरावट के साथ 52,167.95 पर कारोबार कर रहा था, जबकि व्यापक एनएसई निफ्टी 123.10 अंक या 0.79 प्रतिशत गिरकर 15,515.70 पर बंद हुआ।
इस बीच, डॉलर इंडेक्स, जो छह मुद्राओं की एक टोकरी के मुकाबले ग्रीनबैक की ताकत का अनुमान लगाता है, 0.17 प्रतिशत बढ़कर 104.61 हो गया।
वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा 3.47 प्रतिशत की गिरावट के साथ 110.67 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। विदेशी संस्थागत निवेशक मंगलवार को पूंजी बाजार में शुद्ध विक्रेता बने रहे, क्योंकि उन्होंने एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार 2,701.21 करोड़ रुपये के शेयर उतारे।

श्रमिकों की 7 प्रतिशत वेतन वृद्धि की मांग, हड़ताल

श्रमिकों की 7 प्रतिशत वेतन वृद्धि की मांग, हड़ताल
सुनील श्रीवास्तव  
लंदन। ब्रिटिश प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन ने मंगलवार को श्रमिक संघों की वेतन मांगों पर एक समझदार समझौता करने का आह्वान किया, जिसके परिणामस्वरूप ब्रिटेन में 30 वर्षों में सबसे खराब रेल हड़ताल हुई, जिसमें अधिकांश कर्मचारी नेटवर्क को पंगु बनाने के लिए बाहर निकल गए।
पांच में से सिर्फ एक ट्रेन के मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को चलने की उम्मीद है, जब कर्मचारी हड़ताल पर हैं, सोमवार शाम से इंग्लैंड, वेल्स और स्कॉटलैंड में सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। यात्रियों से आग्रह किया गया है कि यदि आवश्यक हो तो ही ट्रेन से यात्रा करें।
डाउनिंग स्ट्रीट में कैबिनेट की बैठक से पहले जॉनसन ने कहा, “वेतन पर बहुत अधिक मांग भी दुनिया भर के परिवारों के सामने रहने की बढ़ती लागत के साथ मौजूदा चुनौतियों को समाप्त करने के लिए अविश्वसनीय रूप से कठिन बना देगी।
“अब ब्रिटिश लोगों और रेल कर्मचारियों की भलाई के लिए एक समझदार समझौता करने का समय है,” उन्होंने कहा।
सार्वजनिक स्वामित्व वाली नेटवर्क रेल और 13 रेल ऑपरेटरों के हजारों कर्मचारियों ने सोमवार को हड़ताल से बचने के लिए आखिरी खाई की बातचीत के बाद आधी रात से वाकआउट कर लिया। आरएमटी रेल यूनियन ने सरकार पर रेल नेटवर्क के नियोक्ताओं को वेतन पर स्वतंत्र रूप से बातचीत करने से रोकने का आरोप लगाया। संघ कथित तौर पर 7 प्रतिशत की वेतन वृद्धि की मांग कर रहा है, जो मुद्रास्फीति से कम है लेकिन नियोक्ताओं द्वारा की पेशकश की तुलना में अधिक है।
आरएमटी यूनियन के महासचिव मिक लिंच ने कहा, “यह स्पष्ट है कि टोरी सरकार ने लंदन के लिए राष्ट्रीय रेल और परिवहन से GBP 4 बिलियन की फंडिंग को कम करने के बाद अब सक्रिय रूप से इस विवाद को सुलझाने से रोक दिया है।”
रेल कंपनियों ने अब वेतन दरों का प्रस्ताव दिया है जो पिछले कुछ वर्षों के वेतन फ्रीज के शीर्ष पर आने वाली मुद्रास्फीति की प्रासंगिक दरों के तहत बड़े पैमाने पर हैं। सरकार के इशारे पर, कंपनियां भी हजारों नौकरियों में कटौती लागू करने की मांग कर रही हैं और अनिवार्य अतिरेक के खिलाफ कोई गारंटी देने में विफल रही हैं,” उन्होंने कहा।
नेटवर्क रेल के सीईओ एंड्रयू हैन्स ने कहा कि सरकार बातचीत में बाधा नहीं है”, रिपोर्टों के बीच कि यूनियनों ने 3 प्रतिशत वेतन वृद्धि प्रस्ताव को खारिज कर दिया था।
लंदन के ट्यूब नेटवर्क से जुड़ी एक अलग पंक्ति में, लंदन अंडरग्राउंड नेटवर्क के कर्मचारी भी मंगलवार को नौकरी में कटौती और अपनी पेंशन में बदलाव को लेकर हड़ताल पर हैं।

डाउनिंग स्ट्रीट ने एक बयान में कहा, “मुद्रास्फीति से निपटने और इसे जमने से रोकने की हमारी जिम्मेदारी है।
बयान में कहा गया है, “ऐसा करने के लिए हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वेतन निपटान समझदार हैं और मुद्रास्फीति से मेल खाने के लिए हाथापाई नहीं करते हैं, और परिणामस्वरूप कीमतों में वृद्धि होती है क्योंकि वेतन वृद्धि को शामिल करने के लिए माल और सेवा की लागत में वृद्धि होती है।

रविवार, 19 जून 2022

आईसीटी का उपयोग, यूनेस्को की मान्यता प्राप्त की

आईसीटी का उपयोग, यूनेस्को की मान्यता प्राप्त की

नई दिल्ली/वाशिंगटन डीसी/लंदन/पेरिस। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा विभाग द्वारा विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के दौरान पीएम ईविद्या नामक एक व्यापक पहल के अंतर्गत आईसीटी का उपयोग करने के लिए यूनेस्को की मान्यता प्राप्त की है। 17 मई, 2020 को शिक्षा मंत्रालय द्वारा आत्मनिर्भर भारत अभियान के हिस्से के रूप में पीएम ई-विद्या की शुरुआत की गई थी, जो डिजिटल/ऑनलाइन/ऑन-एयर शिक्षा से संबंधित सभी प्रयासों को एकीकृत करता है। ताकि बच्चों को प्रौद्योगिकी का उपयोग करके शिक्षा प्रदान करने और सीखने के नुकसान को कम करने के लिए मल्टी-मोड एक्सेस को सक्षम किया जा सके। केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईईटी), स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग (डीओएसईएल), शिक्षा मंत्रालय (एमओई), भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की एक घटक इकाई को यूनेस्को के वर्ष 2021 के लिए शिक्षा में आईसीटी के उपयोग के लिए किंग हमद बिन ईसा अल-खलीफा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

यह पुरस्कार ष्सतत विकास के लिए वर्ष 2030 एजेंडा और शिक्षा पर इसके लक्ष्य 4 के अनुरूप, सभी के लिए शैक्षिक और आजीवन सीखने के अवसरों का विस्तार करने के लिए नई तकनीकों का लाभ उठाने में नवीन दृष्टिकोणों को मान्यता प्रदान करता है। बहरीन साम्राज्य के समर्थन से वर्ष 2005 में स्थापित यह पुरस्कार उन व्यक्तियों और संगठनों को पुरस्कृत करता है जो उत्कृष्ट परियोजनाओं को लागू कर रहे हैं और डिजिटल युग में सीखने, शिक्षण और समग्र शैक्षिक प्रदर्शन को बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकियों के रचनात्मक उपयोग को बढ़ावा दे रहे हैं। एक अंतरराष्ट्रीय निर्णायक मण्डल प्रति वर्ष दो सर्वश्रेष्ठ परियोजनाओं का चयन करती है। प्रत्येक पुरस्कार विजेता को पेरिस में यूनेस्को मुख्यालय में एक समारोह के दौरान 25,000 अमेरिकी डॉलर, एक पदक और एक डिप्लोमा प्रदान किया जाता है, जो इस वर्ष 24 जून, 2022 को आयोजित किया जाएगा।

सभी के लिए शैक्षिक अवसरों को बढ़ाने, शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और देश में शैक्षिक प्रणाली में समानता लाने के लिए सस्ती प्रौद्योगिकी का उपयोग करने के लिए और राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए, सीआईईटी, एनसीईआरटी के माध्यम से शिक्षा मंत्रालय बड़ी संख्या में ई-बुक्स, ई-कंटेंट – ऑडियो, वीडियो, इंटरेक्टिव, ऑगमेंटेड रियलिटी कंटेंट, इंडियन साइन लैंग्वेज (आईएसएल) वीडियो, ऑडियोबुक, टॉकिंग बुक्स आदि के डिजाइन, विकास और प्रसार में अथक और सावधानी से काम कर रहा है। स्कूल और शिक्षक शिक्षा के लिए विभिन्न प्रकार के ई-पाठ्यक्रम; ऑनलाइन/ऑफलाइन, ऑन-एयर टेक्नोलॉजी वन क्लास-वन चौनल, दीक्षा, ईपाठशाला, निष्ठा, स्वयं प्लेटफॉर्म पर स्कूल एमओओसी आदि का लाभ उठाकर मुख्य रूप से छात्रों और शिक्षकों के लिए ऑनलाइन क्विज़ जैसे डिजिटल कार्यक्रम आयोजित करना शामिल है।


आईएनसी: जूही ने 'फर्स्ट रनर अप' का खिताब जीता

आईएनसी: जूही ने 'फर्स्ट रनर अप' का खिताब जीता 

सुनील श्रीवास्तव/दुष्यंत टीकम/कविता गर्ग  

वाशिंगटन डीसी/रायपुर/मुंबई। छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर जूही व्यास (31) ने मुंबई में आयोजित एक समारोह में मिसेज इंडिया (आईएनसी) में फर्स्ट रनर अप का खिताब जीता है। यह खिताब उन्होंने मुंबई में हुई (आईएनसी) मिसेज इंडिया कॉम्पिटिशन में जीता। अब जल्द ही वह अमेरिका में होने वाले मिसेज ग्लोबल कांटेस्ट में भारत को रिप्रजेंट करेंगी। जूही कहती हैं कि जमाना बदल चुका है। महिलाओं के खून में दो तरह के डीएनए होते हैं। पहला केयर टेकर और दूसरा मैनेजरल।

हालांकि, जूही इस उपलब्धि से ज्यादा खुश नहीं हैं। वे कहती हैं मैं विनर बनना चाहती थी। जूही ने बताया कि मैंने दो साल पहले इसकी तैयारी की। जब मेरा छोटा बेबी डेढ़ साल का था। कड़ी मेहनत के चलते मैंने 15 से 17 किलो वजन कम किया। ये बहुत कठिन था।

100 से ज्यादा सिख-हिंदुओं को ई-वीजा जारी किया

100 से ज्यादा सिख-हिंदुओं को ई-वीजा जारी किया

अकांशु उपाध्याय/अखिलेश पांडेय
नई दिल्ली/काबुल। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में गुरुद्वारे पर हमले के बाद भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 100 से ज्यादा सिख-हिंदुओं को ई-वीजा जारी किया है। अफगान सिखों की शऱण की गुहार के बाद भारत ने यह कदम उठाया है। भारत सरकार की ओर से जारी किए गए ई-वीजा को ऑनलाइन आवेदन के जरिए भी हासिल किया जा सकता है। इससे पहले गृह मंत्रालय की तरफ से पिछले साल 15 अगस्त को अफगानिस्तान पर तालिबानियों के कब्जे के वक्त भी ई-वीजा जारी किया गया था। बता दें कि शनिवार को हुए इस हमले में एक सिख सहित दो लोगों की मौत हो गई और सात अन्य घायल हो गए। यह हमला तब हुआ, जब बंदूकधारियों ने एक हथगोला फेंका जिससे गुरुद्वारे के गेट के पास आग लग गई। 
हालांकि, अफगान सुरक्षाकर्मियों ने विस्फोटक लदे एक गाड़ी को गुरुद्वारे में एंट्री करने से रोककर एक अन्य बड़ी घटना को टाल दिया।
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने हमले के बाद कहा कि काबुल में गुरुद्वारे पर हमले की खबरों से बहुत चिंतित हैं। विदेश मंत्री सुब्रमण्यम जयशंकर ने कहा है कि गुरुद्वारा कार्ते परवान पर हुए कायरतापूर्ण हमले की सभी को कड़े शब्दों में निंदा करनी चाहिए। हमले की खबर मिलने के बाद से हम घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहे हैं। हमारी पहली और सबसे महत्वपूर्ण चिंता समुदाय के कल्याण के लिए है। गौरतलब है कि काबुल के एक गुरुदारे में मार्च 2020 में हुए आत्मघाती हमले में कम से कम 25 सिख मारे गए थे और आठ अन्य लोग घायल हुए थे। यह हमला अफगानिस्तान में अल्पसंख्यक सिख समुदाय पर हुए सबसे घातक हमलों में से एक था। शोर बाजार इलाके में हुए इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी समूह इस्लामिक स्टेट ने ली थी।

गूगल ने 'फादर्स डे' के मौके पर खास डूडल बनाया

गूगल ने 'फादर्स डे' के मौके पर खास डूडल बनाया 

सुनील श्रीवास्तव/अकांशु उपाध्याय 
वाशिंगटन डीसी/नई दिल्ली। भारतीय घरों में पिता की छवि ऐसी मानी जाती है कि पापा हमेशा सख्त रहते हैं, डांटते हैं। यही वजह है कि लड़का हो या लड़की अधिकतर बच्चे अपनी मां से हर बात शेयर कर लेते हैं, लेकिन पिता से कहने में डरते हैं या हिम्मत नहीं कर पाते। हालांकि, ऐसा नहीं है कि पिता बच्चों को प्यार नहीं करते।
बच्चे जब धीरे-धीरे बड़े होते हैं और उन्हें जिम्मेदारियों की समझ होने लगती है, तो अहसास होता है कि पिता क्या होता है और पिता की क्या भूमिका होती है। पिता के प्रेम, त्याग को सम्मान देने के लिए दुनिया के तमाम देशों में फादर्स डे मनाया जाता है। पिता को स्पेशल फील कराने के लिए हर साल जून महीने के तीसरे रविवार को फादर्स डे मनाया जाता है। सर्च इंजन गूगल ने पिछले साल की तरह, इस साल भी फादर्स डे के मौके पर आज, 19 जून 2022 को एक खास डूडल बनाया है। फादर्स डे पर गूगल के डूडल में छोटे और बड़े हाथ दिखाई दे रहे हैं। पापा को समर्पित फादर्स डे के डूडल में साफ दिखाई दे रहा है कि बच्चा किस तरह से पिता की छवि बनता है।

आइए जानते हैं कि फादर्स डे मनाने की शुरुआत कब और कैसे हुई ?

फादर्स डे मनाने की शुरुआत 1910 से हुई थी। माना जाता है कि वॉशिंगटन के स्पोकन शहर में रहने वाली लड़की सोनोरा डॉड ने फादर्स डे की शुरुआत की थी। सोनोरा की मां के निधन के बाद पिता ने ही अकेले उनकी परवरिश की। पिता ने एक मां की तरह बेटी को प्यार दिया तो एक पिता की तरह सुरक्षा की। सोनोरा के पिता उन्हें कभी मां की कमी का अहसास नहीं होने देते थे। सोनोरा के मन में ख्याल आया कि जब मां के मातृत्व को समर्पित मदर्स डे मनाया जा सकता है तो फिर पिता के प्रेम और स्नेह के सम्मान में फादर्स डे भी मनाना चाहिए।
सोनोरा के पिता का जन्मदिन जून में होता था। इसलिए उन्होंने जून में फादर्स डे मनाने की मांग को लेकर याचिका दायर की। जिसे मान लिया गया और 19 जून 1910 को पहली बार फादर्स डे मनाया गया। इसके बाद साल 1916 में अमेरिकी राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने फादर्स डे मनाने के प्रस्ताव को भी स्वीकार किया। साल 1924 में राष्ट्रपति कैल्विन कूलिज ने फादर्स डे को राष्ट्रीय आयोजन घोषित कर दिया। बाद में 1966 में राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन ने फादर्स डे को जून के तीसरे रविवार को मनाने का ऐलान किया।

'प्लास्टिक मुक्त प्रयागराज' कार्यक्रम का आयोजन

'प्लास्टिक मुक्त प्रयागराज' कार्यक्रम का आयोजन बृजेश केसरवानी           प्रयागराज। शनिवार को आर्य कन्या इंटर कॉलेज प्रयागराज में नगर...