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मंगलवार, 14 मई 2024

'रेडिएशन' स्टॉर्म के बारे में चेतावनी जारी की

'रेडिएशन' स्टॉर्म के बारे में चेतावनी जारी की 

अखिलेश पांडेय 
नई दिल्ली/वाशिंगटन डीसी। वैज्ञानिक अभी भी पिछले सप्ताह आए सोलर स्टॉर्म यानी सौर तूफान को पूरी तरह से समझने की कोशिश कर रहे हैं। इसी बीच एक नई समस्या को लेकर चेतावनी सामने आ गई है। वैज्ञानिकों ने एक रेडिएशन स्टॉर्म के बारे में चेतावनी जारी की है। सूर्य की सतह से बड़ी लपटें उठ रही हैं, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन का उत्सर्जन हो रहा है। इसमें बड़ी मात्रा में चार्ज्ड पार्टिकल्स हैं, जिनकी स्पीड सूर्य की सतह पर हो रही मैग्नेटिक एक्टिविटी के चलते बहुत तेज हो गई है।

स्टॉर्म को लेकर एक्सपर्ट्स ने क्या कहा ?

इनमें से कई पार्टिकल्स को धरती की दिशा में आगे बढ़ते हुए देखा गया है। ये पार्टिकल्स हमारे ग्रह की मैग्नेटिक फील्ड और एटमॉस्फेयर से इंटरैक्ट कर सकते हैं, जिससे सैटेलाइट कम्युनिकेशन में समस्या पैदा हो सकती है। इसके अलावा अंतरिक्ष में मौजूद एस्ट्रोनॉट्स के लिए रेडिएशन का खतरा भी उत्पन्न हो सकता है। ये पार्टिकल्स पावर ग्रिड्स को भी ठप कर सकते हैं। ये रेडिएशन स्टॉर्म इसी सप्ताह आ सकता है। इस तरह से सोलर स्टॉर्म के बाद हमारे ग्रह के सामने अब रेडिएशन स्टॉर्म के रूप में एक और बड़ा खतरा आ गया है।

क्या पहुंचा सकता है ज्यादा नुकसान ?

नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेयरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) के अनुसार आने वाला रेडिएशन स्टॉर्म पिछले सप्ताह आए जियोमैग्नेटिक स्टॉर्म से अलग होगा। जियोमैग्नेटिक स्टॉर्म इतना शक्तिशाली था कि अगर वह धरती को सीधा हिट करता तो ग्रह की प्रोटेक्टिव मैग्नेटिक फील्ड मैग्नेटोस्फेयर को नुकसान पहुंचा सकता था। रेडिएशन स्टॉर्म के अधिकांश हिस्से को मैग्नेटोस्फेयर  अब्जॉर्ब कर लेगा। लेकिन ग्रह के चुंबकीय ध्रुवों पर ऐसा नहीं हो पाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां पर यह मैग्नेटिक फील्ड नीचे की ओर कर्व हो जाती है।

महिला का दावा, 16 सालों से कुछ खाया-पिया नहीं

महिला का दावा, 16 सालों से कुछ खाया-पिया नहीं 

सुनील श्रीवास्तव 
अदिस अबाबा। कुछ घंटे बिना खाए-पिए रहने से शरीर में ऊर्जा की कमी हो जाती है, कमजोरी महसूस होने लगती है। लेकिन एक महिला का दावा है कि उसने 16 साल से ना तो कुछ खाया और ना ही कुछ पिया है। महिला ने कहा कि जब वह दस साल की थी, तब उसने आखिरी बार खाना खाया था।

16 सालों से कुछ नहीं खाया

इथियोपिया की रहने वाली मुलुवर्क अंबाव नाम की महिला का कहना है कि 16 सालों से उसने कुछ नहीं खाया और ना ही उसे भूख लगती है। पिछली बार उसने तब खाना खाया था, जब वह दस साल की थी। आज वह 26 साल की हो गई है। मुलुवर्क अंबाव एक बच्चे की मां भी हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, मुलुवर्क अंबाव का कहना है कि वह अपने परिवार के लिए खाना बनाती है लेकिन उसे भूख ही नहीं लगती है। मुलुवर्क ने बताया कि भारत, कतर और दुबई के कई डॉक्टर्स ने जांच-पड़ताल की लेकिन उसके शरीर में खामी नहीं मिली और ना ही कोई ये बता सका कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है ?
महिला ने कहा कि जब मैं दस साल की थी और परिवार के लोग मुझे खाना खाकर स्कूल जाने के लिए कहते तो मैं उनसे झूठ बोलती थी कि मैंने खाना खा लिया है। धीरे-धीरे ये बढ़ता गया और मैंने खाना-पीना छोड़ दिया। मुलुवर्क अंबाव ने बताया कि वह सिर्फ नहाने के लिए बाथरूम जाती है।
महिला का कहना है कि उसने पिछले 16 सालों से एक बार भी टॉयलेट का इस्तेमाल नहीं किया है। वह बाथरूम तभी जाती है, जब उसे नहाना होता है। मुलुवर्क अंबाव ने जब एक बच्चे को जन्म दिया तो उनके शरीर में दूध ही नहीं थे, ऐसे में बच्चे को कृत्रिम दूध पिलाया गया।

शुक्रवार, 10 मई 2024

अपना स्थल छोड़ने वालों की संख्या 3,27,105 हुई

अपना स्थल छोड़ने वालों की संख्या 3,27,105 हुई

अखिलेश पांडेय 
ब्रासीलिया। ब्राजील के रियो ग्रांडे डो सुल प्रांत में मूसलाधार बारिश के बाद आई बाढ़ के कारण अपना स्थायी स्थल छोड़ने वालों की संख्या बढ़कर कुल 3,27,105 हो गई है। प्रांतीय नागरिक सुरक्षा सेवा ने शुक्रवार को बताया कि अधिकांश विस्थापित व्यक्ति अपने दोस्तों या रिश्तेदारों के घरों में चले गए, जबकि लगभग 68 हजार लोगों ने आश्रय स्थलों में शरण ली है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, अब तक बाढ़ के कारण करीब 107 लोगों की मौत हो गयी और 754 अन्य घायल हो गए। जबकि 314 अन्य लापता बताये गये हैं।  गत 29 अप्रैल को रियो ग्रांडे डो सुल प्रांत में भारी बारिश होने से बाढ़ आ गयी, जिसमें कई निचले स्थान जलमग्न हो गये। राजधानी पोर्टो एलेग्रे से होकर बहने वाली गुइबा नदी पर बाढ़ 1941 को आयी थी, जो अब तक की सबसे भीषण बाढ़ है। गौरतलब है कि इस आपदा से 14 लाख लोग प्रभावित हुये हैं। पोर्टो एलेग्रे में, बाढ़ के कारण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया है।

सोमवार, 6 मई 2024

इंडोनेशिया में 6.0 तीव्रता का भूकंप, झटके

इंडोनेशिया में 6.0 तीव्रता का भूकंप, झटके 

अखिलेश पांडेय 
जकार्ता। इंडोनेशिया के पूर्वी प्रांत मालुकु में सोमवार के तेज झटके महसूस किए गए। इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान एवं भू-भौतिकी एजेंसी ने बताया कि सोमवार सुबह छह बजे महसूस किए गए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.0 मापी गयी, लेकिन इसके कारण समुद्र में ऊंची लहरें नहीं उठीं। एजेंसी ने शुरुआत में इसकी तीव्रता 6.1 बताई थी। एजेंसी के मुताबिक इसका केंद्र सेराम बागियान तिमुर रीजेंसी से 57 किलोमीटर दक्षिण- पूर्व में और 19 किमी की गहराई में स्थित था। एजेंसी ने कहा कि तृतीय से चतुर्थ एमएमआई की तीव्रता के भूकंप के झटके निकटवर्ती पश्चिमी पापुआ प्रांत में भी महसूस किए गए। एजेंसी के अधिकारियों ने सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की है। क्योंकि भूकंप के झटकों से बड़ी लहरें नहीं उठेंगी। गौरतलब है कि इंडोनेशिया एक द्वीपसमूह राष्ट्र है, जो "पैसिफ़िक रिंग ऑफ़ फायर" नामक संवेदनशील भूकंप-ग्रस्त क्षेत्र में स्थित है।

बुधवार, 1 मई 2024

'गूगल' ने पूरी पाइथन टीम को नौकरी से निकाला

'गूगल' ने पूरी पाइथन टीम को नौकरी से निकाला

अखिलेश पांडेय 
वाशिंगटन डीसी। दुनिया की दिग्गज कंपनी गूगल में कॉस्ट कटिंग के बहाने पूरी टीम को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। बीते कुछ महीनों से लगातार जॉब कट की खबरें आ रही हैं। कॉस्ट कटिंग के नाम पर अब गूगल ने एक और बड़ा फैसला लिया है। गूगल ने इस मामले पर बात करते हुए टेक क्रंच को बताया कि छंटनी का नया दौर कंपनी की ऑर्गनाइजेशनल रिस्ट्रक्चरिंग का हिस्सा है।
गूगल ने आगे कहा कि कंपनी ने पाइथन से निकाले गए कर्मचारियों को दूसरी टीमों में शामिल होने का ऑफर भी दिया है। गूगल ने यह भी कहा है कि वह निकाली गई टीम को मुआवजा देने के बारे में सोच रहा है। गूगल ने आगे कहा कि उसे उम्मीद है कि गूगल और निकाली गई टीम के बीच कोई समस्या नहीं होगी। गूगल के अनुसार अगर आंतरिक रूप से चीजें काम नहीं करती हैं, तो हो सकता है कि नौकरी की संभावनाओं पर भी ध्यान दिया जाएगा। इस साल गूगल में छंटनी के बारे में हमें कई बार सुनने को मिल है। उम्मीद की जा रही है कि कंपनी अगले लेऑफ से पहले एम्प्लॉयीज को झटका देने की बजाय चीजों प्लान करेगी।
रिपोर्ट के अनुसार, गूगल ने अपनी पूरी पाइथन टीम को नौकरी से निकाल दिया है। बताया जा रहा है कि कंपनी यूनाइटेड स्टेट्स के बाहर सस्ते एम्प्लॉयीज को काम पर रख कर पाइथन के बिजनेस को रन के बारे में सोच रही है।इस हफ्ते की शुरुआत में आई एक रिपोर्ट के अनुसार गूगल जर्मनी के म्यूनिख में एक नई टीम को सेट करने जा रहा है।
इसकी कॉस्ट गूगल के लोकल टैलेंट्स की सैलेरी से काफी कम होगी। पायथन टीम इंजीनियरों का एक ग्रुप है, जो अलग-अलग प्रोडक्टस में यूज की जाने वाली प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की डिमांड और इशूज को संभालते हुए उन्हें स्टेबल रखता है। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि इन बदलावों से गूगल की कितनी बचत होगी। हालांकि, ऐसा लग रहा है कि कंपनी अपने इस फैसले से खुश है।

रूस का हमला, इमारत हैरी पॉटर कैसल तबाह

रूस का हमला, इमारत हैरी पॉटर कैसल तबाह 

अखिलेश पांडेय 
मॉस्को। यूक्रेन और रूस के बीच स्थित काला सागर के ओडेसा बंदरगाह पर रूस की ओर से हमला किया गया है। इस खबर की पुष्टि यूक्रेन के अधिकारियों द्वारा की गई है। यूक्रेन के एक अधिकारी ने इसको लेकर बताया कि रूस की ओर से समुंद्र के किनारे एक के बाद एक कई धमाके हुए। इस हमले में ओडेसा की मशहूर इमारत हैरी पॉटर कैसल भी तबाह हो गया। इस दौरान कई शैक्षणिक संस्थान पर भी हमला हुआ। हमले की वजह से कैसल से आग की लपटें बाहर तक देखने को मिल रही थी। उस बिल्डिंग में मौजूद सामान भी पूरी तरह से बर्बाद हो गया है।
इस हमले में हैरी पॉटर कैसल के अलावा इलाके में स्थित 20 से अधिक मकानों को भी नुकसान पहुंचा। जिसके बाद वहां रह रहे लोगों के लिए स्थिति और गंभीर हो गई है। वहीं इस हमले में प्रयोग हुए युद्ध मैटेरियल की बात करें तो ये सभी अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लघंन करते हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार घायलों में दो बच्चे और गर्भवती महिला भी है। जो मानवता को शर्मसार करने वाला है। वहीं रूस के अधिकारियों ने ये भी दावा किया है कि यूक्रेन द्वारा क्रीमिया में किए गए बड़े मिसाइल अटैक और ड्रोन हमले को रोकने में सफलता मिली। जबकि एक रूसी ब्लॉगर्स ने यह भी दावा किया कि हमले होने वाले इलाकों में मुख्य रूप से हवाई क्षेत्र शामिल थे।

बारिश की वजह से हाईवे का हिस्सा ध्वस्त, 19 मरे

बारिश की वजह से हाईवे का हिस्सा ध्वस्त, 19 मरे

सुनील श्रीवास्तव 
बीजिंग। अपनी हरकतों को लेकर विश्व भर के अन्य देशों को समय-समय पर परेशान करके रखने वाले ड्रैगन (चीन) के ऊपर जल-जले की मार पड़ गई है। भारी बारिश की वजह से हाईवे का हिस्सा ढहकर पानी में बह गया है। इस हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई है। मौके पर पहुंची राहत टीमें मलबे में दबे लोगों को रेस्क्यू कर उन्हें इमरजेंसी सेवाएं देने में जुटी हुई है। चीन के गुआनडोंग प्रांत में आई भारी बारिश और तूफान की चपेट में आकर हाईवे का एक बड़ा हिस्सा ढह गया है। हाईवे के ध्वस्त हो जाने से हाईवे पर गाड़ियों में सवार होकर आवागमन कर रहे 19 लोगों की मौत हो गई है। चीन के स्टेट मीडिया के मुताबिक मंगलवार की देर रात आई भारी बारिश और तूफान की वजह से हाईवे का हिस्सा ढहने के कारण 18 से अधिक गाड़ियां हाईवे के मलबे के नीचे दब गई है। मलबे में दबी गाड़ियों के भीतर तकरीबन 50 लोग सवार थे, जिनमें से 19 लोगों की मौत हो गई है और बाकी बचे 30 लोगों को रेस्क्यू करते हुए उन्हें इमरजेंसी सेवाएं दी जा रही है।

लकड़ी निर्माण कंपनी में विस्फोट, 5 लोगों की मौत

लकड़ी निर्माण कंपनी में विस्फोट, 5 लोगों की मौत 

अखिलेश पांडेय 
हनोई। वियतनाम के दक्षिणी प्रांत डोंग नाई में एक लकड़ी निर्माण कंपनी में बुधवार सुबह हुए एक विस्फोट में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई। एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना प्रांत के विन्ह कुउ जिले में स्थानीय समयानुसार सुबह 08:30 बजे हुई। इसमें पांच लोगों की मौत हो गयी और 10 से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें एक ही हालत गंभीर है। फिलहाल, विस्फोट का कारण संभवतः बॉयलर की खराबी बताया जा रहा है। मामले की जांच जारी है।

मंगलवार, 30 अप्रैल 2024

'कोविड' वैक्सीन से साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं

'कोविड' वैक्सीन से साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं 

अखिलेश पांडेय 
लंदन। कोविड वैक्सीन को लेकर एक बड़ी खबर है। यह कोविड वैक्सीन ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका कंपनी ने बनाई है। अभी हाल ही में एस्ट्राजेनेका ने यूके (यूनाइटेड किंगडम) हाईकोर्ट में दस्तावेजों में माना कि उनकी कोविड वैक्सीन से टीटीएस जैसे साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं।
बता दें कि कई सारे देशों में ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोविड वैक्सीन को कोविशील्ड और वैक्सज़ेवरिया ब्रांड के नाम से जाना जाता है। अब कंपनी ने खुद कहा कि उनकी वैक्सीन से साइड इफेक्ट्स हो रहे हैं।

टीटीएस सिंड्रोम क्या है ?

टीटीएस का मतलब थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम है। यह शरीर में खून के थक्के जमने के कारण होता है। शरीर में ब्लड क्लॉट बन जाते हैं, जिसकी वजह से व्यक्ति को ब्रेन स्ट्रोक या कार्डियक अरेस्ट होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके आलावा इस सिंड्रोम की वजह से शरीर प्लेटलेट्स भी गिर सकते हैं।

मुकदमा क्यों दायर हुआ वैक्सीन को लेकर ?

आपको जानकारी के लिए बता दें कि इस समय एस्ट्राजेनेका कंपनी पर मुकदमा चल रहा है। यह मुकदमा जेमी स्कॉट नाम के व्यक्ति ने दायर किया है। ये व्यक्ति एस्ट्राजेनेका वैक्सीन लगवाने के बाद ब्रेन डैमेज का शिकार हुआ था। इसके आलावा कई और लोगों ने भी अदालत में शिकायत की थी। वैक्सीन लेने के बाद उन्हें साइड इफेक्ट हुआ था, ऐसी उनकी शिकायत थी। अब लोग वैक्सीन की वजह से हुई समस्याओं के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
अब सुरक्षा के चलते एस्ट्राज़ेनेका-ऑक्सफ़ोर्ड वैक्सीन को यूके में इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। वहीं कंपनी ने भी मान लिया है कि उनकी वैक्सीन से साइड इफेक्ट्स हो रहे हैं। इसके बाद से जो लोग वैक्सीन से प्रभावित हुए हैं वो मुआवजे की मांग कर रहे हैं। वैसे कंपनी ने इसके साइड इफेक्ट की बात तो मान ली है, लेकिन इससे होने बीमारियां या बुरे प्रभावों के बारे में नहीं मान रही है।

गुरुवार, 25 अप्रैल 2024

पायलट ने फ्लाइट अटेंडेंट को प्रपोज किया

पायलट ने फ्लाइट अटेंडेंट को प्रपोज किया 

अखिलेश पांडेय 
वारसॉ। अक्सर लोग अपने प्यार का इजहार किसी खास जगह पर करने का सोचते हैं। ताकि वो पल जीवनभर उनके लिए यादगार रहे। कुछ ऐसा ही एक पायलट ने भी किया। उसने फ्लाइट में लोगों के सामने ही अपनी गर्लफ्रेंड को प्रपोज किया। जो कि फ्लाइट अटेंडेंट है। पायलट ने सबके सामने अनाउंसमेंट करते हुए फ्लाइट अटेंडेंट से पूछा, 'मुझसे शादी करोगी ?' उनके प्रपोज करने के अंदाज ने फ्लाइट में बैठे लोगों के चेहरे पर भी मुस्कान ला दी। सब ताली बजाते हुए हंसने लगे। 
मामला पोलैंड का बताया जा रहा है। पायलट ने फ्लाइट के टेकऑफ से ठीक पहले ऐसा किया। वो घुटनों के बल फूल लेकर बैठे। तभी उनकी गर्लफ्रेंड दौड़ती हुई उनके पास आई। दोनों ने सबके सामने एक दूसरे को किस भी किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसे LOT पॉलिश एयरलाइंस कंपनी की तरफ से फेसबुक पर शेयर किया गया है। इसमें देखा जा सकता है कि फ्लाइट के पायलट कैप्टन कोनराड हैन्क अपनी गर्लफ्रेंड से शादी करने को लेकर सवाल पूछते हैं। जो उनका प्रपोजल स्वीकार कर लेती है। प्रपोज करते वक्त हैन्क इमोशनल भी हो जाते हैं। वो इस दौरान अपनी लव स्टोरी के बारे में बताते हैं।  हैन्क कहते हैं, 'आज की फ्लाइट में एक बहुत ही खास इंसान है और मुझे उम्मीद है कि वो किसी चीज की अपेक्षा नहीं करेगी। लेडीज और जेंटलमैन, करीब डेढ़ साल पहले इस नौकरी में मेरी मुलाकात सबसे अद्भुत इंसान से हुई, जिसने मेरा जीवन पूरी तरह से बदल दिया। तुम मेरे लिए सबसे कीमती हो। तुम मेरा सबसे बड़ा सपना सच होने जैसा हो। यही कारण है कि मुझे तुमसे एक एहसान चाहिए। क्या तुम मुझसे शादी करोगी ?' इसके बाद फ्लाइट अटेंडेंट पॉला दौड़ते हुए आती हैं और पायलट को गले लगा लेती हैं। वो जवाब में कहती हैं, 'मुझे नहीं पता कि क्या ये इसके लिए सही वक्त है।' पायलट ने उन्हें अंगूठी पहनाई। कपल को देख रहे फ्लाइट में बैठे लोगों ने ताली बजाना शुरू कर दिया।

बुधवार, 24 अप्रैल 2024

भारत के मसालों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाएं

भारत के मसालों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाएं 

अखिलेश पांडेय 

सिंगापुर/हांगकांग। सिंगापुर और हांगकांग में भारत के मसालों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाएं गए हैं। एमडीएच और एवरेस्ट मसाले की कुछ किस्मों पर प्रतिबंध भी लगाया गया है। सिंगापुर और हॉन्गकॉन्ग के फूड सेफ्टी रेगुलेटर्स का आरोप है कि एमडीएच और एवरेस्ट के 4 मसाला प्रोडक्ट्स में कीटनाशक एथिलीन ऑक्साइड तय लिमिट से ज्यादा पाया गया है। इसको लेकर अब वाणिज्य मंत्रालय ने सिंगापुर और हॉन्गकॉन्ग से प्रतिबंध के कारणों से जुड़ी एक रिपोर्ट मांगी है। वहीं, एथिलीन ऑक्साइड शरीर के लिए कितना खतरनाक है ? आइए समझते हैं...!
दरअसल, एथिलीन ऑक्साइड एक रसायन है, यह एक कैंसर पैदा करने वाला कैमिकल है, जो स्तन कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है। मनुष्यों में डीएनए, मस्तिष्क और कोशिकाओं पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। यह कीटाणुनाशक और स्टरलाइजिंग एजेंट के रूप में भी काम आता हैं। अमेरिका की नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट की जानकारी के मुताबिक, एथिलीन ऑक्साइड से डीएनए को नुकसान पहुंचाता है। यह कैंसर पैदा करने के लिए भी जिम्मेदार है। एथिलीन ऑक्साइड इंसानों के शरीर में सांस के मार्ग से पहुंच सकता है। एथिलीन ऑक्साइड बेहद विस्फोटक और प्रतिक्रियाशील होते हैं, जिस कारण इसके इस्तेमाल वाले उपकरण कसकर बंद किए जाते हैं या फिर ऑटोमैटिक होते हैं।

शरीर में ये दिक्कतें हो सकती हैं

कई रिसर्च संस्थानों ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि एथीलीन ऑक्साइड इंसानों के लिए कैंसरकारी है। इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर और अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी भी एथीलीन ऑक्साइड को इंसानों के लिए कैंसरकारी मानती हैं। अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी के मुताबिक, इस कैमिकल का थोड़े समय के लिए संपर्क ह्यूमैन सिस्टम को बिगाड़ सकता है। इससे डिप्रेशन या आंखों में जलन हो सकती है। लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से आंखों, त्वचा, नाक, गले और फेफड़ों में जलन हो सकती है। मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को नुकसान हो सकता है। कुछ सबूत भी हैं कि एथिलीन ऑक्साइड के सांस के संपर्क में आने से गर्भपात के चांस रहते हैं। जानवरों में इस गैस से प्रजनन से जुड़े प्रभाव देखे गए, जिसमें उनके शुक्राणु में कमी देखी गई। एथिलीन ऑक्साइड से लिंफोमा और ल्यूकेमिया हो सकता है।

रविवार, 21 अप्रैल 2024

प्रशिक्षण के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुए 2 हैलिकॉप्टर

प्रशिक्षण के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुए 2 हैलिकॉप्टर 

अखिलेश पांडेय 
टोक्यो। जापानी नौसेना में बड़ा हादसा हुआ है। सामने आ रही जानकारी के अनुसार जापानी नौसेना के दो हेलीकॉप्टर प्रशिक्षण के दौरान टोक्यो के दक्षिण में दुर्घटनाग्रस्त हो गए हैं। यह दुर्घटना प्रशांत महासागर में हुई है। जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि सात अन्य लोग अभी लापता है। लापता लोगों की तलाश में नौसेना के जवान जुटे हैं। देश के रक्षा मंत्रालय ने रविवार को यह जानकारी दी। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि शनिवार रात प्रशिक्षण के दौरान दोनों हेलीकॉप्टर एक दूसरे से टकरा गए। इन हेलीकॉप्टर में चालक दल के आठ सदस्य सवार थे।
रक्षा मंत्री मिनोरू किहारा ने संवाददाताओं को बताया कि समुद्री आत्मरक्षा बल (एमएसडीएफ) के दो एसएच-60के हेलीकॉप्टर में चालक दल के चार-चार सदस्य सवार थे और शनिवार देर रात तोक्यो से लगभग 600 किलोमीटर दक्षिण में तोरीशिमा द्वीप के पास उनसे संपर्क टूट गया। किहारा ने बताया कि इस हादसे का कारण अभी पता नहीं चला है लेकिन दोनों हेलीकॉप्टर संभवत: आपस में टकराने के बाद पानी में गिरे।

डेटारिकॉर्डर और हेलीकॉप्टर के टुकड़े बरामद

उन्होंने कहा कि बचावकर्मियों ने एक उड़ान डेटा रिकॉर्डर, प्रत्येक हेलीकॉप्टर से एक ब्लेड और एक ही क्षेत्र में दोनों हेलीकॉप्टर के टुकड़े बरामद किए हैं, जो संकेत देते हैं कि दोनों एसएच-60के एक-दूसरे के करीब उड़ रहे थे। अधिकारी यह पता लगाने के लिए उड़ान संबंधी डेटा का विश्लेषण करेंगे कि दुर्घटना का कारण क्या था। एमएसडीएफ ने चालक दल के लापता सदस्यों की तलाश और बचाव के लिए आठ युद्धपोत और पांच विमान तैनात किए। सिकोरस्की द्वारा विकसित और सीहॉक्स के नाम से जाने जाने वाले इन हेलीकॉप्टर में दोहरे इंजन थे। इनमें ‘मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज’ ने बदलाव किया था और इनका निर्माण किया था।

रविवार, 14 अप्रैल 2024

स्टूडेंट के साथ सेक्स करने के आरोप में टीचर अरेस्ट

स्टूडेंट के साथ सेक्स करने के आरोप में टीचर अरेस्ट 

अखिलेश पांडेय 
वाशिंगटन डीसी। अमेरिका की रहने वाली एक महिला टीचर को अपने स्टूडेंट के साथ सेक्स करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मोनमाउथ काउंटी के अधिकारियों का कहना है कि ट्रेंटन के हैमिल्टन हाई स्कूल वेस्ट में पढ़ाने वाली अंग्रेजी की टीचर 37 वर्षीय जेसिका साविकी ने इस साल कई मौकों पर अपर फ्रीहोल्ड टाउनशिप में असुनपिंक वन्यजीव प्रबंधन क्षेत्र में स्टूडेंट के साथ यौन संबंध बनाए। वन्यजीव स्थान स्कूल से लगभग 20 मिनट की ड्राइव पर है। टीचर और स्टूडेंट के बीच कार की पिछली सीट पर भी संबंध बने।
अधिकारियों ने कहा कि साविकी को गिरफ्तार कर लिया गया था और अगले सप्ताह हिरासत की सुनवाई के लिए उसे मॉनमाउथ काउंटी सुधार संस्थान में बंद रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि साविकी और उसके छात्र को रविवार को न्यू जर्सी फिश एंड वाइल्डलाइफ के अधिकारियों ने कपड़े उतारे हुए अवस्था में पकड़ा था। न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, साविकी ने कथित तौर पर अधिकारियों के सामने स्वीकार किया है कि उसने और किशोर ने 6,393 एकड़ के राज्य के स्वामित्व वाले वन्यजीव प्रबंधन क्षेत्र में दिसंबर से कम से कम पांच बार असुरक्षित यौन संबंध बनाए।
इस मामले से जुड़े डॉक्युमेंट्स के अनुसार, टीचर और स्टूडेंट ने कार की पिछली सीट पर भी सेक्स किया। शिकायत में छात्र की उम्र लगभग 16 साल बताई गई है। मैरिड टीचर ने अपने बारे में अबाउट द टीचर पेज पर बताया था कि हैमिल्टन वेस्ट टीचिंग में उसे यह सातवां साल है। उसने उस पेज पर कहा था, ”मुझे यहां अपने स्टूडेंट्स के बारे में जानना और उनको उनके भविष्य के लिए बेहतर बनाने में मदद करना अच्छा लगता है।” स्कूल डिस्ट्रिक्ट की वेबसाइट पर पोस्ट किए गए एक बयान के अनुसार, साविकी को उसके $41,000 प्रति वर्ष के पद से प्रशासनिक अवकाश पर भेज दिया गया है।
प्रिंसिपल ब्रायन स्मिथ और अधीक्षक स्कॉट रोक्को ने बयान में कहा, ”हमने जांच के दौरान अभियोजक के कार्यालय के साथ पूरा सहयोग किया और आवश्यकतानुसार ऐसा करना जारी रहेगा।” उन्होंने आगे कहा कि कथित घटना एक स्कूल के रूप में हमारे पेशेवर मानकों के खिलाफ है और एक कर्मचारी के व्यक्तिगत आचरण हमारी अपेक्षाओं से बहुत दूर है। हमें ऐसे किसी भी कार्य के प्रति कोई सहनशीलता नहीं है जो हमारे छात्रों को नुकसान पहुंचाता है या संभावित रूप से नुकसान पहुंचा सकता है। एक स्टाफ सदस्य की हरकतें हमारे पूरे स्कूल समुदाय की कड़ी मेहनत और समर्पण का प्रतिनिधित्व नहीं करती हैं।

गुरुवार, 11 अप्रैल 2024

भारत 'विश्व गुरू' जरूर बनेगा: अमेरिका

भारत 'विश्व गुरू' जरूर बनेगा: अमेरिका 

अखिलेश पांडेय 
नई दिल्ली/वाशिंगटन डीसी। भारत के अधिकतर नागरिक मानते हैं कि भारत देश विश्व गुरू था। भारत का स्पष्ट मत है कि एक दिन फिर से भारत विश्व गुरू बनेगा। अब अमेरिका ने भी मान लिया है कि भारत विश्व गुरू जरूर बनेगा। भारत में अमेरिका के राजदूत एरिक गार्सेटी के एक बयान में भारत के विश्व गुरू बनने की बात कही गई है। भारत की राजधानी दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने कहा कि भारत में सही मायनों में विश्व का भविष्य गढ़ा जा रहा है।
भारत की राजधानी दिल्ली में आईपीई ग्लोबल ने एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया था। इस आयोजन में अमेरिका के भारत में राजदूत एरिक गार्सेटी ने खूब खुलकर भारत की सराहना की। कार्यक्रम में भारत में अमेरिका के राजदूत एरिक गार्सेटी ने कहा कि वह भारत के लोगों को नसीहत देने नहीं, बल्कि उनसे सीखने और उन्हें समझने यहां आए हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कोई दुनिया के भविष्य को आकार लेते देखना चाहता है, तो उसको भारत आना चाहिए। यहां कई मायनों में विश्व का भविष्य गढ़ा जा रहा है।
स्वामी विवेकानंद का जिक्र करते हुए गार्सेटी ने कहा कि विवेकानंद ने अमेरिका में उठो, जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक संघर्ष करो का जो संदेश दिया वही बेहतर भविष्य की ओर लेकर जाएगा। उन्होंने कहा, मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे अमेरिका के प्रतिनिधि के तौर पर भारत में काम करने का अवसर मिला है। मैं यहां किसी को नसीहत देने या सिखाने नहीं आया हूं, बल्कि सीखने और समझने आया हूं। आईपीई ग्लोबल की तरफ से आयोजित नवाचार के प्रभाव और विकास की जमीनी हकीकत विषय पर आयोजित चर्चा में भारत-अमेरिका के रिश्तों को लेकर उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच तकनीक समेत तमाम क्षेत्रों में सहयोग ऊंचाइयों पर पहुंचा है।

रविवार, 7 अप्रैल 2024

मस्क ने सफाई अभियान चलाने का ऐलान किया

मस्क ने सफाई अभियान चलाने का ऐलान किया 

इकबाल अंसारी 
नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्लेटफार्म का एक अहम हिस्सा बन चुके एक्स का प्रबंधन संभालने वाले एलन मस्क ने अपने मीडिया प्लेटफॉर्म पर सफाई अभियान चलाने का ऐलान करते हुए कहा है कि ट्विटर पर कंपनी की ओर से चलाए जाने वाले अभियान के अंतर्गत खाता धारकों के फॉलोअर्स की संख्या कम हो सकती है। सोशल मीडिया के मुख्य प्लेटफार्म एक्स के आधिकारिक हैंडल पर की गई पोस्ट में बताया गया है कि यूजर्स के फॉलोअर्स की संख्या अचानक से कम हो सकती है क्योंकि एक्स प्रबंधन द्वारा सोशल मीडिया के एक प्लेट फार्म पर चलाई जाने वाले सफाई अभियान के तहत फर्जी और फेक अकाउंट खत्म किए जाएंगे। फेक अकाउंट डिलीट किए जाने से निश्चित रूप से यूजर्स के फॉलोअर्स की संख्या कम होगी। 
एक्स के आधिकारिक हैंडल से एक पोस्ट किया गया है जिसमें लिखा है कि आपके फॉलोअर्स की संख्या अचानक से कम हो सकती है, क्योंकि फर्जी और फेक अकाउंट की सफाई होने वाली है। फेक अकाउंट डिलीट किए जाएंगे। यह अभियान एक्स के स्पैम फ्री अभियान का हिस्सा है। एलन मस्क को शुरू से ही फेक और बॉट अकाउंट से दिक्कत है और जब से वे मालिक बने हैं तब से समय-समय पर ऐसे अकाउंट की सफाई करते रहते हैं। एलन मस्क की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि कई फर्जी अकाउंट ने भी पैसे देकर ब्लू टिक ले लिया है। ऐसे में लोगों के बीच असली और फर्जी अकाउंट को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। इसके अलावा इस तरह के अकाउंट से स्पैम और अडल्ट कंटेंट भी एक्स पर खूब शेयर हो रहे हैं।

शनिवार, 6 अप्रैल 2024

भारत के चुनाव में सेंध लगाने की तैयारी कर रहा चीन

भारत के चुनाव में सेंध लगाने की तैयारी कर रहा चीन

सुनील श्रीवास्तव 
नई दिल्ली/बीजिंग। अमेरिका और ब्रिटेन की तरह ही चीन अब भारत के लोकसभा चुनाव में सेंध लगाने की तैयारी कर रहा है। माइक्रोसॉफ्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, जैसे-जैसे भारत में लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, चीनी साइबर और प्रभाव संचालक संभवतः उत्तर कोरियाई एजेंटों के साथ मिलकर खतरनाक परिष्कृत रणनीति का उपयोग करके चुनावी प्रक्रिया को निशाना बना सकते हैं। इन ऑपरेशनों में जनता की राय में हेरफेर करने और विभाजन को बढ़ाने के लिए AI-जनित सामग्री, जैसे समाचार एंकर और मीम्स शामिल हैं।
माइक्रोसॉफ्ट थ्रेट इंटेलिजेंस रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका में घरेलू मुद्दों और ताइवान के राष्ट्रपति पद की दौड़ सहित एशिया में भूराजनीतिक तनाव को प्रभावित करने के लिए एआई-जनित मीम्स और ऑडियो का उपयोग करके चीनी प्रभाव अभियान पहले ही देखे जा चुके हैं। एक समूह जिसे स्टॉर्म-1376 के नाम से जाना जाता है, ने ताइवान के अधिकारियों को निशाना बनाने के लिए AI-जनित समाचार एंकर और मीम्स का उपयोग किया। इसमें नकली, एआई-जनित समर्थन का उपयोग करके फॉक्सकॉन के मालिक को दौड़ से बाहर करना भी शामिल था। इस रिपोर्ट का केवल एक ही निष्कर्ष है कि भारत में यह और भी बदतर होने वाला है।
इससे पहले शोधकर्ताओं और सरकारी अधिकारियों ने अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में चीन के बढ़ते दखल की चेतावनी दी है कि गुप्त चीनी खाते नवंबर में चुनाव से पहले पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के अमेरिकी समर्थकों के रूप में ऑनलाइन दिखावा कर रहे हैं, साजिश व घरेलू विभाजन को बढ़ावा दे रहे हैं और राष्ट्रपति बाइडेन पर हमला कर रहे हैं। वाशिंगटन में एक शोध संगठन, फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज़ ने फेसबुक पर 170 अप्रामाणिक पेजों और खातों की पहचान की है, जिन्होंने बाइडेन पर तीखे हमलों सहित अमेरिकी विरोधी संदेशों को भी बढ़ावा दिया है।

शुक्रवार, 5 अप्रैल 2024

अमेरिका व म्यांमार में भूकंप के झटके महसूस किए

अमेरिका व म्यांमार में भूकंप के झटके महसूस किए 

अखिलेश पांडेय 
वाशिंगटन डीसी। अमेरिका और म्यांमार में शुक्रवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। अमेरिका में न्यूयॉर्क सिटी इलाके में धरती कांपी। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.8 मापी गई। इसके अलावा म्यांमार में भूकंप की तीव्रता 5.8 मापी गई थी। इसका केंद्र जमीन से 10 किमी. गहराई में था। अमेरिका के न्‍यूजर्सी के प्‍लेनफील्‍ड शहर में भूकंप के झटके महसूस किए गए. रिक्‍टर स्‍केल पर भूकंप की तीव्रता 5.5 दर्ज की गई है. भूकंप के झटके न्‍यूयॉर्क शहर के साथ ही पेंसिल्‍वेनिया तक महसूस किए गए। पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है। भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।

गुरुवार, 4 अप्रैल 2024

मलेरिया का प्रकोप, हर हफ्ते 70,000 लोग संक्रमित

मलेरिया का प्रकोप, हर हफ्ते 70,000 लोग संक्रमित

अखिलेश पांडेय 
प्रिटोरिया। मच्छरजनित कई प्रकार की बीमारियों के कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन दिनों कई अफ्रीकी देशों में मलेरिया के मामले तेजी से बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। स्थानीय मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक पिछले कुछ महीने में इथियोपिया में मलेरिया के केस और मृतकों की संख्या में बड़ा उछाल आया है, यहां आठ महीनों में ही 32 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं।
पूर्वी अफ्रीकी देश के विभिन्न हिस्सों में बीमारी के तेजी से फैलने को लेकर चेतावनी देते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा सभी लोगों को मलेरिया से बचाव को लेकर प्रयास करते रहने की जरूरत है। हर हफ्ते यहां करीब 70,000 लोग संक्रमित हो रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इस रोग के मामले अभी से काफी अधिक देखे जा रहे हैं। बरसात का मौसम बीमारी के प्रसार को और बढ़ा देगा, यह गंभीर संकट का समय हो सकता है, मलेरिया की रोकथाम को लेकर गंभीरता से प्रयास की आवश्यकता है। संयुक्त राष्ट्र कार्यालय ने कहा कि मौजूदा प्रकोप के परिणामस्वरूप इथियोपिया में मलेरिया से संबंधित मौतों की संख्या जनवरी में 611 से बढ़कर फरवरी में 764 हो गई है।

अफ्रीकी देशों में मलेरिया का प्रभाव

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इथियोपिया के अलावा कई अन्य देशों जैसे केन्या में भी इस रोग के तेजी से बढ़ने की खबरें सामने आ रही हैं। यहां भी पिछले कुछ महीनों में तेजी से मलेरिया के मामले और मौत की संख्या बढ़ी है।
कई अफ्रीकी देशों में मलेरिया के खतरे को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन के अधिकारियों ने अलर्ट जारी करते हुए इस बीमारी से होने वाली मौतों को कम करने के लिए त्वरित कार्रवाई करने की प्रतिबद्धता जताई है। विश्व स्तर पर मलेरिया से होने वाली 95% मौतें अफ्रीकी देशों में दर्ज की जाती रही हैं।

परजीवी के कारण होता है ये रोग

गौरतलब है कि मलेरिया रोग, संक्रमित मच्छरों द्वारा मनुष्यों में फैलने वाली एक जानलेवा बीमारी है। ये संक्रमण एक परजीवी के कारण होता है हालांकि एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिन हिस्सों में मलेरिया के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं वहां पर लोगों को मच्छरों के काटने से बचने के लिए गंभीरता से उपाय करने की जरूरत है।

मलेरिया की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों के टीकाकरण की सलाह देते हैं। इसी क्रम में वैज्ञानिकों की एक टीम ने नया टीका विकसित किया है, जिसके अच्छे परिणाम देखे गए हैं।

दो टीकों का सबसे ज्यादा इस्तेमाल

दशकों के शोध और परीक्षणों के बाद मलेरिया की रोकथाम को लेकर वैज्ञानिकों ने नया टीका विकसित किया है जिसे इस रोग की रोकथाम को लेकर प्रभावी साबित होने का दावा किया जा रहा है। जनवरी से ही कैमरून जैसे देशों में शिशुओं और पांच साल से कम उम्र के बच्चों को टीके दिए जा रहे हैं।

अध्ययनकर्ता कहते हैं, परीक्षण में इस वैक्सीन को मलेरिया की रोकथाम को लेकर काफी प्रभावी पाया गया है, उम्मीद है कि इससे मलेरिया की रोकथाम की दिशा में बड़ी कामयाबी मिल सकती है।

क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ ?

इससे पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आर21 वैक्सीन को दिसंबर में मंजूरी दी थी।। यह टीका पहले से ही कुछ अफ्रीकी देशों में इस्तेमाल किया जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, टीकाकारण के साथ-साथ मलेरिया से बचाव के लिए पूरी आस्तीन के सुरक्षात्मक कपड़े पहनने, मच्छरदानी और कीटनाशकों के उपयोग के साथ मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए उपाय करते रहने की जरूरत है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मलेरिया कुछ स्थितियों में घातक और जानलेवा हो सकता है इसलिए बचाव को लेकर निरंतर प्रयास किए जाते रहना चाहिए।

सोमवार, 1 अप्रैल 2024

पीएम ने विपक्षी सांसदों को जमकर लताड़ लगाई

पीएम ने विपक्षी सांसदों को जमकर लताड़ लगाई 

अखिलेश पांडेय 
ढाका। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने ही देश के विपक्षी सांसदों को जमकर लताड़ लगाई है और कहा है कि जो लोग भारतीय उत्पादों के बहिष्कार की बात कर रहे हैं, वे सभी लोग पहले अपनी-अपनी बीवियों की साड़ी जलाकर दिखाएं। उन्होंने भारतीय उत्पादों के बहिष्कार की मांग करने वाले विपक्षी नेताओं से यह भी कहा है कि पहले उन्हें यह बताना चाहिए कि उनकी पत्नियों के पास कितनी भारतीय साड़ियाँ हैं और वे इनमें आग क्यों नहीं लगा रही हैं ?
शेख हसीना ने अपनी पार्टी अवामी लीग की एक बैठक को संबोधित करते हुए विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नेताओं पर निशाना साधा, जिन्होंने भारतीय उत्पादों के बहिष्कार का आह्वान किया था। हसीना ने कहा, “मेरा सवाल यह है कि उनकी बीवियों के पास कितनी भारतीय साड़ियां हैं? और वे अपनी बीवियों से साड़ियां लेकर उनमें आग क्यों नहीं लगा रहे हैं? कृपया बीएनपी नेता यह बताएं।“
इस साल की शुरुआत में हुए चुनावों के जरिए लगातार चौथी बार बांग्लादेश की सत्ता में आईं शेख हसीना ने कहा कि जब बीएनपी सत्ता में थी, तो उनके मंत्री और उनकी बीवियां भारत दौरे पर साड़ियाँ खरीदते थे और उन्हें बांग्लादेश में बेचा करते थे। शेख हसीना इतने पर ही नहीं रुकीं। उन्होंने भारतीय मसालों की भी चर्चा की और पूछा कि क्या विपक्षी नेताओं के घरों की किचेन में भारतीय लहसुन, प्याज, अदरक, गरम मसाले समेत अन्य मसाले नहीं इस्तेमाल होते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री शेख हसीना की यह टिप्पणी बीएनपी नेता रुहुल कबीर रिजवी द्वारा भारतीय उत्पादों के प्रति प्रतीकात्मक विरोध और बहिष्कार के रूप में अपना कश्मीरी शॉल सड़क पर फेंकने के बाद आई है।
बता दें कि बांग्लादेश में ’इंडिया-आउट’ अभियान चलाया जा रहा है, जिसकी शुरुआत कुछ एक्टिविस्टों और प्रभावशाली लोगों द्वारा किया गया है लेकिन विपक्षी बीएनपी के नेता उसे समर्थन दे रहे हैं। शेख हसीना की अवामी लीग की लगातार चौथी बार जीत के बाद इस अभियान में हाल के दिनों में तेजी आई है। इस अभियान में शामिल लोगों का दावा है कि भारत शेख हसीना को बांग्लादेश की सत्ता में बनाए रखना चाहता है क्योंकि उससे भारत के व्यापारिक हित सध रहे हैं।

शनिवार, 23 मार्च 2024

राष्ट्रपति ने आज राष्ट्रीय शोक की घोषणा की

राष्ट्रपति ने आज राष्ट्रीय शोक की घोषणा की 

अखिलेश पांडेय 
मॉस्को। रूस की राजधानी मॉस्को में क्रोकस सिटी हॉल पर हुए आतंकी हमले में मरने वालों की संख्या 143 हो गई है। हमले के लगभग 24 घंटे के बाद शनिवार को राष्ट्रपति पुतिन ने देश को संबोधित किया। उन्होंने आज यानी 24 मार्च को राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। 
पुतिन ने कहा कि हमलावरों ने यूक्रेन की तरफ भागने की कोशिश की। सभी को पकड़ लिया गया है, उन्हें कड़ी सजा दी जाएगी। पुतिन ने कहा कि हमारे दुश्मन हमें बांट नहीं सकते। रूस ने अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 4 हमलावर हैं और 7 लोग उनकी मदद करने वाले बताए गए हैं। RT इंडिया की रिपोर्ट मुताबिक, रूस के सिक्योरिटी सर्विस के चीफ ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को बताया है कि चार संदिग्ध सफेद रंग की कार में भागने की कोशिश कर रहे थे। इन्हें रूस-यूक्रेन बॉर्डर से पकड़ा गया। सभी को मॉस्को ले जाया जा रहा है। रूसी मीडिया हाउस RT की रिपोर्ट के मुताबिक जांच एजेंसियों ने बताया है कि आतंकी हमला पूरी प्लानिंग के साथ हुआ। हमलावरों के लिए पहले से ही क्रोकस सिटी हॉल में हथियार छिपाकर रखे हुए थे। जांच अभी जारी है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक कथित हमलावर अपना गुनाह कबूल कर रहा है। वो पूरी प्लानिंग के बारे में बता रहा है। हमलावर इस योजना के साथ आए थे कि वो हमला कर यूक्रेन की तरफ भागेंगे। 3 हमलावरों को तस्वीर भी जारी की गई है। शुक्रवार रात (22 मार्च) को हुआ। इसकी जिम्मेदारी ISIS-K ने ली है। सेना जैसी वर्दी पहने 4 आतंकियों ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं, बम फेंके और फरार हो गए। पहले आतंकियों की संख्या 5 बताई गई थी। हमले में अब तक 115 लोगों की मौत हुई है। आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। 140 से ज्यादा लोग घायल हैं। इधर, रूस के पूर्व राष्ट्रपति और नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के डिप्टी चेयरपर्सन​​​​​​ दिमित्री मेदवेदेव ने कहा कि रूस खून का बदला खून से लेगा। आतंकवादी सिर्फ आतंक की भाषा ही समझते हैं। जब तक बल का मुकाबला बल से नहीं किया जाता और आतंकवादियों की मौत के साथ-साथ उनके परिवारों पर कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक किसी भी जांच का कोई मतलब नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुख जताया है। उन्होंने कहा- हम मॉस्को में हुए आतंकवादी हमले की निंदा करते हैं। हमारी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। दुख की इस घड़ी में भारत, रूस की सरकार और लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है। इधर, रूस का कहना है कि आतंकियों ने पूरे हॉल को जलाने की कोशिश की थी। जांच के दौरान हॉल में कैमिकल्स मिले हैं। आतंकी संगठन IS ने आमाक न्यूज एजेंसी के जरिए बयान जारी किया। कहा, ''इस्लामिक स्टेट के लड़ाकों ने रूस की राजधानी मॉस्को के बाहरी इलाके क्रास्नोगोर्स्क शहर में ईसाइयों की एक बड़ी सभा पर हमला किया, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए और घायल हो गए और उनके सुरक्षित रूप से अपने ठिकानों पर लौटने से पहले उस जगह पर भारी तबाही हुई। हमला करने के बाद हमारे लड़ाके मौके से भाग निकले।'' BBC ने अपनी रिपोर्ट में एक्सपर्ट्स के हवाले से लिखा- हमला ISIS की खुरासान विंग यानी ISIS-K ने किया। ISIS-K का नाम उत्तरपूर्वी ईरान, दक्षिणी तुर्कमेनिस्तान और उत्तरी अफगानिस्तान में आने वाले क्षेत्र के नाम पर रखा गया है। यह संगठन सबसे पहले 2014 में पूर्वी अफगानिस्तान में एक्टिव हुआ। तब रूस के उग्रवादी समूहों के कई लड़ाके इसमें शामिल होने सीरिया पहुंच गए। ये पुतिन और उनके प्रोपागेंडा का विरोध करते हैं। इनका कहना है कि पुतिन की सरकार चेचन्या और सीरिया में हमले कर मुसलमानों पर अत्याचार करती है। अफगानिस्तान ने मुसलमानों पर इसी तरह के अत्याचार रूस ने सोवियत काल के दौरान किए थे। पुतिन 18 मार्च को 5वीं बार रूस के राष्ट्रपति बने। 5 दिन बाद यह बड़ा आतंकी हमला हुआ। फिलहाल पुतिन ने हमले पर कोई बयान नहीं दिया है।

25 मई को खुलेंगे 'हेमकुंड साहिब' के कपाट

25 मई को खुलेंगे 'हेमकुंड साहिब' के कपाट पंकज कपूर  देहरादून। हेमकुंड साहिब के कपाट आगामी 25 मई को खोले जाएंगे। इसके चलते राज्य सरका...