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रविवार, 20 जून 2021

शराब: डब्ल्यूटीओ में शिकायत दर्ज करेंगा आस्ट्रेलिया

सिडनी/ बीजिंग। ऑस्ट्रेलिया ने कहा है कि वो उनके यहाँ बनी शराब पर चीन के शुल्क बढ़ाने के खिलाफ डब्ल्यूटीओ में शिकायत दर्ज करेगा। चीन ने पिछले साल ऑस्ट्रेलियाई शराब पर 218% तक का टैरिफ़ लागू कर दिया था। उसने ऑस्ट्रेलिया से अपने यहां आने वाले शराब और बीफ़ पर पाबंदी भी लगा दी थी। दरअसल ऑस्ट्रेलिया ने जब से कोरोना वायरस की उत्पत्ति की जाँच की बात उठाई है और चीन की कंपनी ख़्वावे को 5जी नेटवर्क बनाने से रोका है। तब से दोनों देशों के बीच रिश्ते ख़राब होते चले गए हैं। चीन का कहना है कि उसने ऑस्ट्रेलिया की शराब पर शुल्क बढ़ाया। क्योंकि उसे लगा कि इस कारोबार में भ्रष्ट तरीक़े अपनाए जा रहे हैं।

मगर ऑस्ट्रेलिया चीन के इन आरोपों से इनकार करता है। उसका कहना है कि वह इस मुद्दे को सुलझाने के लिए चीन से सीधे तौर पर बातचीत करने के लिए भी तैयार है। ऑस्ट्रेलिया के शराब उद्योग के लिए चीन सबसे बड़ा बाज़ार है और उत्पादकों का कहना है कि टैरिफ़ में बढ़ोत्तरी का उन पर बहुत बुरा असर पड़ा है।

गांधी आधारित डॉक्यूमेंट्री को फिल्म सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार

जोहानिसबर्ग। दक्षिण अफ्रीका के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त फिल्म निर्माता अनंत सिंह के महात्मा गांधी पर आधारित एक वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) ने 21वें ‘न्यूयॉर्क इंडियन फिल्म सर्वश्रेष्ठ ‘डॉक्यूमेंट्री फीचर’ पुरस्कार जीता। ‘अहिंसा -गांधी : द पावर ऑफ द पावरलेस’ नाम की इस फिल्म की पटकथा रमेश शर्मा ने लिखी और उन्हीं ने इसका निर्देशन किया है। इसका निर्माण 2019 में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती का जश्न मनाने के लिए सिंह की कंपनी वीडियोविजन ने किया। कोविड-19 महामारी के कारण इसे रिलीज करने में देरी हो गयी थी।
मलाइका अरोड़ा ने कम उम्र में योगाभ्यास शुरू करने 
फिल्म निर्देशक शर्मा ने कहा, ‘‘हम प्रतिष्ठित न्यूयॉर्क इंडियन फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री फीचर पुरस्कार पाकर सम्मानित महसूस कर रहे हैं। हमारे लिए यह पुरस्कार गांधी जी की शिक्षाओं की महत्ता और दुनियाभर में स्वतंत्रता संघर्षों पर उनके असर को साबित करता है और हमने फिल्म में भी यही दिखाया है। हमें खुशी है कि हमने अपनी फिल्म के माध्यम से गांधी जी की विरासत को बरकरार रखा है।
सिंह ने कहा, ‘‘गांधी की विरासत वैश्विक है लेकिन दक्षिण अफ्रीका से उनका खास संबंध रहा है क्योंकि वह यहां रहे थे और उन्होंने यहां मानवाधिकारों एवं समानता के मुद्दों को जोरशोर से उठाया। गांधी जी का प्रभाव अन्य नेताओं को अहिंसा के जरिए और शांति के लिए बदलाव करने के लिए प्रेरित करता रहेगा।’’ इस फिल्म में दुनियाभर के कई इतिहासविदों और विद्वानों ने दुनिया पर गांधी के असर पर अपने विचार साझा किए हैं। इनमें गांधी की पोती इला गांधी और अमेरिका में रह रहे उनके पोते अरुण गांधी और राजमोहन गांधी भी शामिल हैं। इस फिल्म में ‘अहिंसा’ गीत यू2 और ए आर रहमान ने गाया है तथा इसके बोल बोनो और रहमान ने लिखे हैं।

आखिरी डायनासोरों की 6 प्रजातियों के पैरों के निशान

लंदन। ब्रिटेन में केंट की धरती पर 11 करोड़ साल पहले के आखिरी डायनासोरों की कम से कम छह विभिन्न प्रजातियों के पैरों के निशान मिले हैं। अनुसंधानकर्ताओं ने एक नयी रिपोर्ट में इस बात का दावा किया है। हेस्टिंग म्यूजियम एंड आर्ट गैलरी के एक क्यूरेटर और यूनिवर्सिटी ऑफ पोर्ट्समाउथ के एक वैज्ञानिक ने ऐसे पदचिह्नों की खोज की है जो ब्रिटेन में आखिरी डायनासोरों के हैं। 

यह पदचिह्न केंट के फोकस्टोन में तटीय क्षेत्र और चट्टानों पर मिले हैं। यहां तूफानी परिस्थितियों के कारण चट्टानों और तटीय जलीय क्षेत्र के प्रभावित होने से लगातार नए जीवाश्मों का पता चलता है। यूनिवर्सिटी ऑफ पोर्ट्समाउथ में पुराजैविकी के प्रोफेसर डेविड मार्टिल ने कहा कि यह पहली बार है जब ‘फोकस्टोन फॉर्मेशन’ नामक चट्टानी सतह पर पैरों के ये निशान मिले हैं और यह बेहद महत्वपूर्ण खोज है क्योंकि ये डायनासोर विलुप्त होने से पहले देश में आखिरी रहे होंगे।

उन्होंने कहा कि वे उस जगह के करीब घूम रहे थे जहां अब डोवर की सफेद चट्टान हैं। अगली बार जब आप नौकायन पर निकलें और इन शानदार चट्टानों को देखें तो बस आस-पास उनकी मौजूदगी की कल्पना करें। संबंधित रिपोर्ट ‘प्रोसीडिंग्स ऑफ द जियोलॉजिस्ट्स एसोसिएशन’ पत्रिका के इस सप्ताह के अंक में प्रकाशित हुई है। डायनासोरों के पैरों के कुछ निशान फोकस्टोन संग्रहालय में भी प्रदर्शित किए गए हैं। हेस्टिंग्स म्यूजियम एंड आर्ट गैलरी से जुड़े क्यूरेटर फिलिप हाडलैंड इसके मुख्य लेखक हैं।


विश्व: कोरोना संक्रमितों की संख्या-17.81 करोड़ हुईं

वाशिंगटन डीसी/ नई दिल्ली। विश्वभर में कोरोना वायरस (कोविड-19) का प्रकोप जारी है और इससे अब तक 17.81 करोड़ से अधिक लोग संक्रमित हो चुके है तथा 38.57 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।जबकि दुनिया भर में कोरोना के 257.12 करोड़ टीके लगाए जा चुके हैं। अमेरिका की जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के विज्ञान एवं इंजीनियरिंग केंद्र (सीएसएसई) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार दुनिया के 192 देशों एवं क्षेत्रों में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 17 करोड़ 81 लाख 27 हजार 821 हो गयी है। जबकि 38 लाख 57 हजार 954 लोग इस महमारी से जान गंवा चुके हैं। विश्व में महाशक्ति माने जाने वाले अमेरिका में कोरोना वायरस की रफ्तार।
यहां संक्रमितों की कुल संख्या 3,35,37,971 हो गयी है और छह लाख एक हजार 740 लोगों की इसके संक्रमण से मौत हो गयी है। 
दुनिया में कोरोना संक्रमितों के मामले में भारत दूसरे और मृतकों के मामले में तीसरे स्थान पर काबिज है। देश में पिछले 24 घंटों में 58,419 नये मामले सामने आने के साथ ही संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 2,98,81,965 हो गया। इस दौरान 87,619 और मरीजों के स्वस्थ होने के बाद इस महमारी को मात देने वालों की कुल संख्या बढ़कर 2,87,66,009 हो गई हैं। सक्रिय मामले 30,776 कम होकर 7,29,243 रह गये हैं। इसी अवधि में 1,576 मरीजों की जान जाने के बाद मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 3,86,713 हो गया है। ब्राजील संक्रमितों के मामले में अब तीसरे स्थान पर है।
देश में कोरोना संक्रमण के मामले फिर से बढ़ रहे हैं और अभी तक इससे 1,78,83,750 लोग प्रभावित हुए हैं। जबकि पांच लाख से अधिक 5,00,800 मरीजों की मौत हो चुकी है।
ब्राजील कोरोना से हुयीं मौतों के मामले में विश्व में दूसरे स्थान पर है। संक्रमण के मामले में फ्रांस चौथे स्थान पर है जहां कोरोना वायरस से अब तक 58.17 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं जबकि 1,10,886 मरीजों की मौत हो चुकी है। तुर्की में कोरोना से प्रभावित संख्या 53.65 लाख से अधिक हो गयी है और 49,122 मरीजों की मौत हो चुकी है। रूस में कोरोना संक्रमितों की संख्या 52.37 लाख से अधिक हो गई है और इसके संक्रमण से 1,26,761 लोगों की मौत हो चुकी है। ब्रिटेन में कोरोना वायरस फिर से तेजी से पांव पसार रहा है यहां प्रभावितों की कुल संख्या 46.36 लाख से अधिक हो गयी है और 1,28,234 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों के मामले में ब्रिटेन पांचवें स्थान पर है। इस बीच इटली को पीछे छोड़ते हुए संक्रमण के मामले में अर्जेंटीना आगे निकल चुका है।
अर्जेंटीना में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 42.58 लाख से अधिक हो गयी है तथा मृतकों की संख्या 88,742 तक पहुंच गयी है। इटली में कोरोना प्रभावितों की संख्या 42.52 लाख से अधिक हो गयी है और 1,27,253 मरीजों की जान जा चुकी है। कोलंबिया में कोरोना वायरस से 39.17 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और 99,335 लोगों ने जान गंवाई है। स्पेन में इस महामारी से 37.57 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और 80,652 लोगों की मौत हो चुकी है।
जर्मनी में वायरस की चपेट में आने वालों की संख्या 37.29 लाख से अधिक हो गई है और 90,390 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच ईरान ने संक्रमण के मामले में पोलैंड को पीछे छोड़ दिया है और वहां संक्रमितों की संख्या बढ़कर 30.86 लाख से ज्यादा हो गयी है तथा मृतकों का आंकड़ा 82,854 तक पहुंच गया है। पोलैंड में कोरोना से 28.78 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और इस महामारी से 74,823 लोग जान गंवा चुके हैं।
मैक्सिको में कोरोना से 24.71 लाख से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं और यह देश मृतकों के मामले विश्व में चौथे स्थान पर है जहां अभी तक इस वायरस के संक्रमण से 2,30,959 लोगों की मौत हो चुकी है। यूक्रेन में संक्रमितों की संख्या 22.90 लाख से अधिक है और 54,142 लोग अपनी जान गंवा बैठे हैं। पेरू में संक्रमितों की संख्या 20.23 लाख से अधिक हो गयी है, जबकि 1,89,933 लोगों की जान जा चुकी है। इंडोनेशिया में भी कोरोना संक्रमण के मामले 19.76 लाख के पार पहुंच गये हैं जबकि 54,291 लोगों की मौत हो चुकी है।
दक्षिण अफ्रीका में कोरोना वायरस से 18.10 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और 58,590 लोगों की मौत हो चुकी है। नीदरलैंड में कोरोना से अब तक 17.05 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और यहां इस महामारी से 18,007 लोग जान गंवा चुके हैं। चेक गणराज्य में कोरोना से अब तक 16.65 लाख से अधिक लोग प्रभावित हो चुके हैं और यहां इस महामारी से 30,278 लोग जान गंवा चुके हैं।
महामारी के उद्गम स्थल वाले देश चीन में 1,03,525 लोग संक्रमित हुए हैं तथा 4,846 लोगों की मौत हो चुकी है। पड़ोसी देश पाकिस्तान में अब तक कोरोना से 9.47 लाख से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं और 21,940 मरीजों की मौत हो चुकी है। अन्य पड़ोसी देश बंगलादेश में भी कोरोना वायरस का प्रकोप जारी है जहां करीब 8.48 लाख लोग संक्रमित हुए हैं और 13,466 मरीजों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा दुनिया के अन्य देशों में भी कोरोना वायरस के संक्रमण से स्थिति खराब है।

शनिवार, 19 जून 2021

बस के पलटने से 27 लोगों की मौंत, कई घायल

लीमा। पेरू के अयाकुचो में शुक्रवार को एक अंतरप्रांतीय बस के पलट जाने से कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
स्थानीय मीडिया ने पुलिस के हवाले से अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी।
रिपोर्ट के मुताबिक दुर्घटना स्थानीय समयानुसार तड़के लगभग 03:00 बजे उस समय हुई , जब वारी पालोमिनो कंपनी की बस खनिकों और उनके परिवारों के एक समूह को लेकर अयाकुचो क्षेत्र से अरेक्विपा जा रही थी। इसी दौरान बस इंटरओशनिक हाईवे पर अनियंत्रित होकर पलट गयी और करीब 250 मीटर गहरी खाई में गिर गयी।
घटना की सूचना मिलते ही बचाव दल, दमकलकर्मी और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों को समीप के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

शुक्रवार, 18 जून 2021

दुनिया की पहली दवा के लिए खजाना खोला: यूएसए

वाशिंगटन डीसी। कोरोना वायरस के खिलाफ जंग के लिए अमेरिका ने वैक्‍सीन के बाद अब दुनिया की पहली दवा के लिए खजाना खोल दिया है। जो बाइडन प्रशासन एंटीवायरल दवा विकसित करने के लिए 3.2 अरब डॉलर देने जा रहा है। अगर यह दवा बनाने में सफलता मिलती है तो कोरोना वायरस संक्रमण के इलाज में बहुत आसानी हो जाएगी। साथ ही यह कोरोना वायरस के खिलाफ पहली कारगर दवा होगी।
अमेरिका के शीर्ष संक्रामक रोग विशेषज्ञ और राष्‍ट्रपति बाडइन के सलाहकार एंथनी फाउची ने इस अरबों डॉलर के निवेश का ऐलान किया। इस पैसे के जरिए विभिन्‍न दवाओं के क्लिनिकल ट्रायल को तेज किया जाएगा। ये दवाएं किसी कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज के गंभीर रूप से बीमार होने से पहले ही उसको बेकार कर देंगी। अगर यह ट्रायल सफल रहता है तो इस साल के आखिर तक दुनिया में कोरोना वायरस की पहली दवा सामने आ सकती है।

वैज्ञानिकों ने मर्दों को प्रेग्नेंट करने का चमत्कार किया

बीजिंग। चीन के वैज्ञानिक अजीबोगरीब रिसर्च करते रहते हैं। बीते दिनों चीन के वुहान लैब से निकले एक वैज्ञानिक ने दावा किया था कि चीन अजीबोगरीब रिसर्च करते रहता है। वहां कई ऐसे रिसर्च किये जाते हैं, जो आमतौर पर अन्य देशों में बैन है। इसी के बीच अब चीन के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्होंने मर्दों को प्रेग्नेंट करने का चमत्कार कर दिखाया है। इसके लिए वो कई सालों से रिसर्च कर रहे थे। अब जाकर इस रिसर्च का नतीजा सामने आ गया है। चीन में वैज्ञानिकों द्वारा किये इस रिसर्च में नर चूहे की बॉडी पर एक्सपेरिमेंट किया गया। इसमें नर की बॉडी में सर्जरी के जरिये मादा की बॉडी से निकाला गया बच्चेदानी फिट किया गया। इसके बाद नर को प्रेग्नेंट कर सिजेरियन के जरिये बच्चे पैदा करवाए गए। इस रिसर्च के बाद अब फ्यूचर में मर्दों के प्रेग्नेंट होने के चांसेस बढ़ गए हैं। इंफोवार्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस रिसर्च के बाद अब वैसे ट्रांसजेंडर जो बच्चे पैदा करना चाहते हैं, को मदद मिलेगी।

ये एक्सपेरिमेंट शंघाई के नेवल मेडिकल यूनिवर्सिटी  द्वारा किया गया। इसमें रिसर्चर्स ने मादा चूहों की बॉडी से बच्चेदानी को पहले बाहर निकला। इसके बाद उसे नर चूहे की बॉडी में फिट किया। इस यूट्रस ट्रांसप्लांट के बाद नर को प्रेग्नेंट कर उसकी सिजेरियन के जरिये डिलीवरी करवाई गई। इस रिसर्च को चार स्टेप में पूरा किया गया। इसे रैट मॉडल बताया गया। हालांकि, अभी इसकी सक्सेस रेट मात्र 3.68 परसेंट ही बताई गई है। नर चूहे में एक्सपेरिमेंट कामयाब हो गया और नर ने 10 बच्चे पैदा किये। 

चीन के रिसर्चर अब रैट मॉडल को इंसानों पर अपनाने की फ़िराक में हैं। ऐसा पहली बार हुआ है कि एक्सपेरिमेंट में नर को प्रेग्नेंट किया गया। मैमल में हुए इस एक्सपेरिमेंट से अब इसके इंसानों में कामयाब होने की उम्मीद बढ़ गई है। इससे पहले स्कूल ऑफ़ मेडिसिन ने ट्रांसजेंडर्स के लिए भी ऐसा एक एक्सपेरिमेंट किया था। इसमें वैसे ट्रांसजेंडर्स जो प्रेग्नेंट होना चाहते हैं। अपने यूट्रस की सर्जरी नहीं करवाते और मेल की बॉडी में ही प्रेग्नेंट हो जाते हैं।

जापान में पाएं जाने वाले खास किस्म के आम, कीमत

तोक्यो। आपने आम तो बहुत खाएं होगें क्या आपने सुना है कि लाखों रूपए की कीमत में एक आम आता है, नहीं ना, तो हम आज बात करने जा रहे है जापान में पाया जाने वाले खास किस्म के आम की। जी हां भारत देश के मध्य प्रदेश राज्य के जबलपुर में एक आम के बगीचे की सुरक्षा के लिए 3 गार्ड और 9 कुत्ते लगे हुए है। इस बगीचे में लगे हुए एक आम की कीमत लाखों रुपये में है। जबलपुर के इस बगीचे में लगे हुए इस आम की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 2 लाख 70 हजार रुपये बताई जा रही है। 

जबलपुर के बगीचे में पैदा जापान के खास किस्म का ये आम हजारों में नहीं बल्कि लाखों रुपये में बिकता है और इसलिए इसकी सुरक्षा के लिए खास इंतजाम किये गये हैं। इन आमों की रखवाली के लिए कुत्ते और गार्ड्स 24 घंटे बगीचे में तैनात रहते हैं। बगीचे के मालिक संकल्प परिहार ने बताया कि इस जापानी आम का नाम टाइयो नो टमैंगो है, इसे एग ऑफ सन यानी सूर्य का अंडा भी कहा जाता हैं। संकल्प बताते हैं कि पिछले साल यह आम काफी चर्चा में आया था। जिसकी वजह से उनके बगीचे के आम की चोरी हुई थी। इसलिए वो इन कीमती आम की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और सुरक्षा पर अतिरिक्त पैसा खर्च कर रहे हैं।

यह आम जब पूरा पक जाता है तो यह हल्का लाल और पीला होता है और इसका वजन करीब 900 ग्राम तक पहुंच जाता है। इसमें रेशे नहीं पाए जाते और खाने में यह बहुत मीठा होता है। आम की यह प्रजाति जापान में संरक्षित वातावरण में उगाई जाती है, लेकिन संकल्प सिंह परिहार ने अपनी बंजर पड़ी जमीन पर इसे खुले वातावरण में ही उगाया है। 2017 में जापान में करीब 36 सौ डॉलर की बोली लगाई गई थी जिसकी भारत में कीमत करीब ढाई लाख रुपये होती है। बगीचे के मालिक संकल्प का कहना है कि शुरुआत में इस आम को 4 एकड़ के बगीचे में शुरुआत कुछ पौधों से की गई थी और आज भारतीय 14 हाइब्रिड तथा छह विदेशी किस्म के आम उनके बागीचे में आसानी से होते हैं।

भारत में इस आम की खेती और कहीं नहीं होती है। जापानी आम को तामागो के नाम से जाना जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी खूब मांग है। जापानी भाषा में ‘ताईयो नो तामागो’ के नाम से इसे जाना जाता है। संकल्प परिहार ने अपने 4 एकड़ के बगीचे में 14 अलग-अलग किस्म के आमों को लगाए हैं और इसके अलावा तामागो आम के 52 पेड़ लगाए हैं। इस आम की खेती करने वाले संकल्प परिहार ने कहा कि जापान में इस आम को पॉली हाउस के अंदर सुरक्षित वातावरण में उगाया जाता है।

गुरुवार, 17 जून 2021

बाकी दिनों के लिए सोच का खाका खींचा: अमेरिका

वाशिंगटन डीसी। अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में जो बाइडन की पहली विदेश यात्रा ने उनकी सरकार की बाकी दिनों के लिए सोच का खाका खींच दिया। जी 7 शिखर सम्मेलन, नाटो समिट और अंत में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात में बाइडन ने स्पष्ट कर दिया कि अमेरिका अपनी हैसियत से जरा सा भी पीछे हटने नहीं जा रहा। चीन से निपटने के लिए बाइडन ने अमेरिकी नेतृत्व की हामी भर दी तो रूस को भी जता दिया कि वह उसकी मनमानी बर्दाश्त नहीं करने वाले। साथ ही व्लादिमीर पुतिन को बताया कि वह रूस के विरोधी नहीं। दोनों देशों ने संबंधों को पटरी पर लाने की शुरुआत कर दी है। जल्द ही वाशिंगटन और मॉस्को में राजदूतों की वापसी हो जाएगी। 

परमाणु हथियारों की संख्या को सीमित रखने के संबंध में नई संधि के लिए और साइबर सिक्युरिटी का फ्रेमवर्क तैयार करने को वार्ता शुरू होगी। डोनाल्ड ट्रंप के दौर में अलग राह पकड़ा अमेरिका अब वापस अपनी पुरानी राह पर लौट आया है। बाइडन ने यह बात अपने पहले विदेशी दौरे में स्पष्ट कर दी। नाटो समिट के बाद रूसी राष्ट्रपति से वार्ता में बाइडन ने सहयोगी देशों के हित की बात कही। कहा कि सहयोगी देशों के साथ कुछ हुआ तो अमेरिका चुप नहीं बैठेगा। नाटो समिट में कह दिया कि यूरोप की सुरक्षा अमेरिका की पवित्र जिम्मेदारी है। इसी के बाद जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने कहा कि बाइडन का आना नए अध्याय की शुरुआत है।

महामारी के कारण आपातकाल में ढील देने की घोषणा

टोक्यो। ओलंपिक की शुरुआत में अब जब एक महीने से कुछ अधिक का समय बचा है। तब कोरोना वायरस के दैनिक मामलों में कमी के चलते जापान ने गुरुवार को तोक्यो और छह अन्य क्षेत्रों में अगले हफ्ते से कोविड-19 महामारी के कारण लगे आपातकाल में ढील देने की घोषणा की। जापान में मार्च के बाद से एक समय रोजाना 7000 से अधिक मामले सामने आ रहे थे और तोक्यो, ओसाका तथा अन्य महानगरों में गंभीर रूप से संक्रमित मरीजों से अस्पताल भर गए थे।

उसके बाद से हालांकि मरीजों की संख्या में कमी आई है। जिससे प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा के आपातकाल की स्थिति में ढील देने का रास्ता साफ हो गया है। जो रविवार तक लागू है। नए कदम खेलों के उद्घाटन समारोह से 12 दिन पहले 11 जुलाई तक लागू होंगे। सुगा ने कहा कि ढील देने के दौरान जो कदम उठाए गए हैं। उनमें ध्यान रखा जाएगा कि बार और रेस्टोरेंट जल्दी बंद हों।

विश्व: गुणवत्‍ता के आधार पर तीसरा सबसे बड़ा 'हीरा'

वाशिंगटन डीसी। अफ्रीका की सरजमीं अपने अंदर कई अनमोल खजाने को समेटे हुए है। अब एक ऐसा ही खजाना अफ्रीकी देश बोत्‍सवाना में हाथ लगा है। बोत्‍सवाना में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा हीरा खुदाई में हाथ लगा है। इस हीरे की खोज करने वाली कंपनी देबस्‍वाना ने कहा कि यह अद्भुत हीरा 1,098 कैरेट का है। गत एक जून को यह हीरा देश के राष्‍ट्रपति मोकगवेत्‍सी मसीसी को दिखाया गया है। देबस्‍वाना की प्रबंध निदेशक लयनेटे आर्मस्‍ट्रांग ने कहा, ‘ऐसा माना जा रहा है कि यह दुनिया में गुणवत्‍ता के आधार पर तीसरा सबसे बड़ा हीरा है।’ उन्‍होंने कहा कि यह दुर्लभ और असाधारण पत्‍थर हीरा उद्योग और बोत्‍सवाना के लिए काफी महत्‍वपूर्ण है। उन्‍होंने कहा कि यह विशाल हीरा संघर्ष कर रहे हमारे देश के लिए आशा की नई किरण लेकर आया है। अभी तक इस हीरे को नाम नहीं दिया गया है।

देबस्‍वाना कंपनी ने बताया कि यह हीरा 73mm लंबा और 52mm चौड़ा है। उसने कहा कि हमारे इतिहास में अब तक की यह सबसे बड़ी खोज है। देबस्‍वाना कंपनी को बोत्‍सवाना की सरकार तथा दुनिया की दिग्‍गज हीरा कंपनी डी बीयर्स ने मिलकर बनाया है। इससे पहले वर्ष 1905 में दक्षिण अफ्रीका में दुनिया का सबसे बड़ा हीरा मिला था। यह करीब 3,106 कैरेट का था। दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हीरा टेनिस के बॉल के आकार का था और इसे वर्ष 2015 में पूर्वोत्‍तर बोत्‍सवाना में बरामद किया गया था। यह हीरा 1109 कैरेट का था और इसे लेसेडी ला रोना नाम दिया गया था। बोत्‍सवाना अफ्रीका का शीर्ष हीरा उत्‍पादक देश है। कोरोना वायरस संकट के बीच इस हीरे के मिलने से बोत्‍सवाना की सरकार को बड़ी राहत मिली है। देबस्‍वाना कंपनी जितना हीरा बेचती है, उसका 80 फीसदी राजस्‍व सरकार के पास जाता है। कोरोना वायरस संकट में हीरे की बिक्री काफी गिर गई है। इससे देश की आमदनी कम हो गई है।

बुधवार, 16 जून 2021

इजरायल-फिलिस्तीन के बीच युद्ध विराम, समाप्त

येरुशलम। इजरायल और फिलिस्तीन के बीच हुआ संघर्ष विराम चंद दिनों में ही समाप्त हो गया है। इजरायल की तरफ से गाजा पट्टी पर जोरदार हमला किया गया है। हालांकि, उसने इसे जवाबी कार्रवाई करार दिया है। इजरायल का कहना है कि पहले हमास ने हमला बोला था, जिसके जवाब में उसने रॉकेट दागे। बता दें कि दोनों देशों के बीच 11 दिन तक भीषण युद्ध चला था। जिसमें 200 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। अमेरिका आदि देशों के प्रयासों के बाद इजरायल और फिलिस्तीन ने युद्ध खत्म करने पर सहमति जताई थी, लेकिन यह सहमति ज्यादा दिनों तक कायम नहीं रह सकी।
एक रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल ने सीजफायर का उल्लंघन करते हुए एक बार फिर गाजा की तरफ रॉकेट दाग दिए हैं। मंगलवार की रात अचानक इजरायल की तरफ से गाजा पर रॉकेट दागे गए। यह 21 मई को हुए सीजफायर का उल्लंघन है। इजरायल द्वारा किया गया ये हमला संघर्ष विराम समझौते के बाद पहली सबसे बड़ी घटना है। हालांकि, अभी ये साफ नहीं हो सका है कि रॉकेट हमले में जाल-माल का कितना नुकसान हुआ।
वहीं, इजरायल ने कहा है कि उसने केवल हमास की कार्रवाई का जवाब दिया है। इजरायली सेना ने एक बयान जारी करके बताया कि पहले हमास की तरफ इजरायल पर गोले दागे गए थे, जिसके जवाब में यह कार्रवाई की गई। इजरायल ने इसे उकसावे की कार्रवाई और सीजफायर का उल्लंघन मानने से इनकार करते हुए कहा कि उसने केवल बचाव में ऐसा किया है। उधर, हमास के प्रवक्ता ने कहा कि फिलिस्तीनी जेरूसलम में अपने अधिकारों और पवित्र स्थलों की रक्षा करना जारी रखेंगे।
इससे ठीक पहले इजरायली दक्षिणपंथियों ने पूर्व जेरूसलम की तरफ मार्च निकाला था, जिसमें काफी उत्तेजक नारेबाजी की गई थी। इससे फिलीस्तीन काफी नाराज था। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच ताजा संघर्ष की वजह यह मार्च हो सकता है। गौरतलब है कि 11 दिनों तक चले इजरायल और फिलिस्तीन के युद्ध का अंत 21 मई, 2021 को सीजफायर समझौते के रूप में हुआ था। इस युद्ध में दोनों तरफ से सैंकड़ों हवाई हमले किए गए थे। जिनमें 220 लोग मारे गए थे, मरने वालों में अधिकतर फिलिस्तीनी नागरिक थे।

मंगलवार, 15 जून 2021

हिंसक गतिविधियों से बचने का आह्वान: इजरायल

येरुशलम। संयुक्त राष्ट्र के विशेष राजदूत टोर वेनसलैंडने चेतावनी दी है कि इजरायली यहूदियों और फिलिस्तीनियों के बीच तनाव फिर से बढ़ रहे हैं। जिससे सांप्रदायिक संघर्ष के एक नये दौर की शुरुआत हो सकती है। मध्य-पूर्व शांति प्रक्रिया के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष समन्वयक वेनसलैंड ने सोमवार को यह बयान दिया। उन्होंने ट्वीट कर कहा, "ऐसे समय में जब संयुक्त राष्ट्र और मिस्र संघर्षविराम को मजबूत करने के काम में सक्रिय हैं, तब यरूशलेम में फिर से तनाव बढ़ रहे हैं।" उन्होंने सभी पक्षों से किसी भी तरह की हिंसक गतिविधियों से बचने का आह्वान किया। टोर वेनसलैंड ने कहा, "मैं सभी संबंधित पक्षों से जिम्मेदार तरीके से कार्य करने का आग्रह करता हूं ताकि संघर्ष के एक और दौर को शुरू होने से रोका जा सके।"

सोमवार, 14 जून 2021

डेल्टा वेरिएंट को प्रमुख स्रोत बनने की आशंका जताईं

वाशिंगटन डीसी। विश्व में कोविड -19 डेल्टा वेरिएंट के मामले बढ़ रहे हैं। बीते दिनों ब्रिटेन ने देश में कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता जताई थी। वहां कोविड-19 के मामलों में एक बार फिर से उछाल आया है। अब अमेरिका ने भी कोविड -19 डेल्टा वेरिएंट को कोरोना संक्रमण का प्रमुख स्रोत बनने की आशंका जताई है। साथ ही कहा है कि, अगर परिस्थिति काबू में नहीं आई तो सितंबर तक ये नए प्रकोप का कारण बन सकता है।

यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के स्कॉट गोटलिब के मुताबिक, अभी अमेरिका में लगभग 10 प्रतिशत संक्रमण है। लेकिन, ये हर दो हफ्तों में दोगुना हो रहा है। इसका मतलब यह नहीं है कि हम एकाएक संक्रमण में तेज वृद्धि देखेंगे। लेकिन ये सच है कि ये कभी न कभी हम पर हावी हो जाएगा। जो की एक नए तरह के संकट को पैदा कर देगा। ऐसी परिस्थिति में अमेरिका के उन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा होगा। जिन्होंने अभी तक वैक्सीन नहीं लगवाई है।

जी-7 समूह के नेताओं ने फिर से समर्थन दिया: जापान

टोक्यो। जापानी प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा ने कहा कि अगले महीने तोक्यो ओलंपिक की मेजबानी के उनके दृढ़ संकल्प को लिए जी-7 समूह के नेताओं ने फिर से समर्थन दिया है। सुगा ने जी -7 शिखर सम्मेलन के दौरान ब्रिटेन में संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने अन्य नेताओं को जापान के वायरस नियंत्रण उपायों को सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता के बारे में बताया जिससे इन खेलों का आयोजन सुरक्षित तरीके से होगा। जापान में टीकाकरण की रफ्तार काफी धीमी है और वहां अब तक लगभग पांच प्रतिशत आबादी को ही टीका लगा है। सुगा को तोक्यो के साथ दूसरे प्रांतों में 20 जून तक लागू आपातकाल के लागू रहने या हटाये जाने पर भी फैसला करना है। जापान में कोविड-19 के 7,74,000 मामले दर्ज हुए है। जिसमें से लगभग 14,000 लोगों की मौत हुई है।
पिछले साल महामारी के कारण स्थगित हुए तोक्यो खेलों का आगाज 23 जुलाई से होना है। जिसके लिए बड़ी संख्या में विदेशी खिलाड़ी और खेल से जुड़े लोग जापान आयेंगे। विदेशी प्रशंसको के जापान आने पर हालांकि रोक लगा दी गयी है।

भवन बनाये जाने के आदेश पर पाक एससी की रोक

इस्लामाबाद। स्थानीय प्रशासन के एक प्राचीन धर्मशाला को गिराये जाने और उसके स्थान पर नया भवन बनाये जाने के आदेश पर पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। इतना ही नही इसे हैरिटेज का दर्जा दिये जाने की भी बात कही है। यह रोक पाकिस्तान के अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य रमेश कुमार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद लगाई गयी है।
मामला कराची के एक प्राचीन धर्मशाला का है जिसे स्थानी प्रशासन ने पुराना बताते हुए उसे गिराकर एक नया भवन बनाने का आदेश दिया था जिस पर पाकिस्तान अल्पंसख्यक आयोग के सदस्य रमेश कुमार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए इसे प्राचीन धरोहर बताता और धर्मशाला को गिराये जाने के आदेश पर रोक लगाने की मांग की थी। रमेश कुमार ने अपने दावे के समर्थन मे वर्ष 1932 की धर्मशाला की कुछ चित्र भी कोर्ट के सामने रखे जिसमे यह पुष्ट होता था कि यह भवन वर्ष 1932 से भी पुरानी है।याचिका पर सुनवाई करते हुए पाकिस्तान के चीफ जस्टिस गुलजार अहमद सहित तीन जजो की पीठ ने यह कहते हुए स्थानीय प्रशासन के फैसले पर रोक लगा दी कि यह काफी पुरानी इमारत है इसलिए इसे हैरिटेज का दर्जा दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने सिधं के हैरिटेज सेक्रेटरी को इस बात को लेकर नोटिस भी जारी किया ओर इस पर उनकी रिपोर्ट भी मांगी है। इसके साथ ही धर्मशाला को गिराये जाने पर रोक लगा दी है।
पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने कराची के कमिश्नर को भी यह आदेश देते हुए कहा है कि फिलहाल वह इस इमारत का नियत्रण अपने हाथो मे ले।

विज्ञप्ति में मुशफिकुर-कैथरीन को विजेता घोषित किया

दुबई। बंगलादेश के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज मुशफिकुर रहीम और स्कॉटलैंड की कैथरीन ब्राइस को सोमवार को क्रमश: पुरुष और महिला वर्ग में मई महीने के लिए आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ चुना गया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने सोमवार को जारी एक विज्ञप्ति में मुशफिकुर और कैथरीन को विजेता घोषित किया है। मुशफिकुर रहीम को मई में श्रीलंका के खिलाफ तीन वनडे मुकाबलों में 237 रनों के प्रदर्शन, जबकि कैथरीन ब्राइस को आयरलैंड के खिलाफ चार टी-20 मुकाबलों में 96 रन और पांच विकेट के साथ शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के आधार पर पुरस्कृत किया गया है।
पूर्व भारतीय बल्लेबाज एवं आईसीसी की वोटिंग अकादमी के प्रतिनिधि वीवीएस लक्ष्मण ने मई में मुशफिकुर के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए कहा,“उच्च स्तर पर 15 साल बाद भी मुशफिकुर की रन बनाने की भूख कम नहीं हुई है। 1996 की विश्व कप विजेता श्रीलंका के खिलाफ बंगलादेश की पहली वनडे श्रृंखला जीत ने मुशफिकुर के इस प्रदर्शन को और भी उल्लेखनीय बनाया। मध्यक्रम को मजबूत करना और बेहतरीन विकेटकीपिंग करना उनकी फिटनेस और कौशल को दर्शाता है।
आईसीसी की वोटिंग अकादमी के एक अन्य प्रतिनिधि रमीज राजा ने मई में कैथरीन के प्रदर्शन के बारे में कहा, “आयरलैंड के खिलाफ सीरीज में कैथरीन का ऑल राउंड प्रदर्शन शानदार था। उन्होंने अच्छी बल्लेबाजी और गेंदबाजी की। वह मई महीने की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनने की हकदार थी।

विश्व में संक्रमित संख्या-17.58 करोड़ से अधिक हुईं

वाशिंगटन डीसी। विश्वभर में कोरोना वायरस (कोविड-19) का प्रकोप जारी है और इससे अब तक 17.58 करोड़ अधिक लोग संक्रमित हो चुके है तथा करीब 38 लाख लोगों की मौत हुई है। अमेरिका की जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के विज्ञान एवं इंजीनियरिंग केंद्र (सीएसएसई) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार दुनिया के 192 देशों एवं क्षेत्रों में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 17 करोड़ 58 लाख 87 हजार 388 हो गई है। जबकि 37 लाख 99 हजार 979 लोगों की इससे मौत हो चुकी है। विश्व में महाशक्ति माने जाने वाले अमेरिका में कोरोना वायरस की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ी है। यहां संक्रमितों की संख्या तीन करोड़ 34 लाख 61 हजार 923 हो गई है और 5,99,769 लोगों की इस संक्रमण से मौत हो गयी है। दुनिया में कोरोना संक्रमितों के मामले में भारत दूसरे और मृतकों के मामले में तीसरे स्थान पर है। पिछले 24 घंटों में 70,421 नए मामले आने के साथ ही संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर दो करोड़ 95 लाख 10 हजार 410 हो गया।

इस दौरान एक लाख 19 हजार 501 मरीज स्वस्थ हुए हैं जिसे मिलाकर देश में अब तक दो करोड़ 81 लाख 62 हजार 947 लोग इस महामारी को मात दे चुके हैं। सक्रिय मामले 53,001 और घटकर अब नौ लाख 73 हजार 158 रह गये हैं। इस दौरान 3921 मरीजों की मौत हो गयी। देश में इस बीमारी से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर तीन लाख 74 हजार 305 हो गयी है। ब्राजील संक्रमितों के मामले में अब तीसरे स्थान पर है।इस देश में कोरोना संक्रमण के मामले फिर से बढ़ रहे हैं और अभी तक इससे 1.74 करोड़ से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं जबकि करीब 4.87 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। ब्राजील कोरोना से मौतों के मामले में विश्व में दूसरे स्थान पर है। संक्रमण के मामले में फ्रांस चौथे स्थान पर है जहां कोरोना वायरस से अब तक 58.02 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं जबकि 1.10 लाख से अधिक मरीजों की मौत हो चुकी है।

कोरोना से प्रभावित होने के मामले में तुर्की रूस से आगे निकल गया है और यहां कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या 53.30 लाख हो गयी है और 48,721 मरीजों की मौत हो चुकी है। रूस में कोरोना संक्रमितों की संख्या 51.48 लाख से अधिक हो गई है और इसके संक्रमण से 1.24 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। ब्रिटेन में कोरोना वायरस प्रभावितों की कुल संख्या 45.81 लाख से अधिक हो गयी है और 1.28 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों के मामले में ब्रिटेन पांचवें स्थान पर है। इटली में कोरोना प्रभावितों की संख्या 42.44 लाख से अधिक हो गयी है और 1.27 लाख से अधिक लाेगों की जान जा चुकी है। कोरोना से प्रभावित होने के मामले में अर्जेंटीना ने जर्मनी को पीछे छोड़ दिया है। अर्जेंटीना में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 41.24 लाख से अधिक हो गयी है तथा मृतकों की संख्या 85,343 है। स्पेन में इस महामारी से 37.33 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और 80,501 लोगों की मौत हो चुकी है। कोलंबिया में कोरोना वायरस से 37.53 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और 95,778 लोगों ने जान गंवाई है। जर्मनी में वायरस की चपेट में आने वालों की संख्या 37.23 लाख से अधिक हो गई है और 89,849 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच ईरान ने संक्रमण के मामले में पोलैंड को पीछे छोड़ दिया है और वहां संक्रमितों की संख्या बढ़कर 30.28 लाख से ज्यादा हो गयी है तथा मृतकों का आंकड़ा 82,098 पहुंच गया है।

पोलैंड में कोरोना से 28.77 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और इस महामारी से 74,573 लोग जान गंवा चुके हैं। मैक्सिको में कोरोना से 24.54 लाख से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं और यह देश मृतकों के मामले विश्व में चौथे स्थान पर है जहां अभी तक इस वायरस के संक्रमण से करीब 230,150 लोगों की मौत हो चुकी है। यूक्रेन में संक्रमितों की संख्या 22.83 लाख से अधिक है और 53,795 लोग अपनी जान गंवा बैठे हैं। पेरू में संक्रमितों की संख्या 20.01 लाख पहुंच गयी है, जबकि 1.88 लाख से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। इंडोनेशिया में भी कोरोना संक्रमण के मामले 19.11 लाख के पार पहुंच गये हैं। जबकि 52,879 लोगों की मौत हो चुकी है। दक्षिण अफ्रीका में कोरोना वायरस से 17.47 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और 57,765 लोगों की मौत हो चुकी है।

नीदरलैंड में कोरोना से अब तक 17 लाख से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं और यहां इस महामारी से 17,989 लोगों की मौत हो चुकी है। चेक गणराज्य में कोरोना से अब तक 16.65 लाख से अधिक लोग प्रभावित हो चुके हैं और यहां इस महामारी से 30,225 लोग जान गंवा चुके हैं। महामारी के उद्गम स्थल वाले देश चीन में 10.33 लाख कोरोना से संक्रमित है तथा 4,846 लोगों की मौत हो चुकी है। पड़ोसी देश पाकिस्तान में अब तक कोरोना से 9.42 लाख से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं और 21,723 मरीजों की मौत हो चुकी है। अन्य पड़ोसी देश बंगलादेश में भी कोरोना वायरस का प्रकोप जारी है जहां 8.26 लाख लोग संक्रमित हुए हैं और 13,118 मरीजों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा दुनिया के अन्य देशों में भी कोरोना वायरस के संक्रमण से स्थिति खराब है।

लोगों को घरों में ही रखने के लिए 60 ड्रोन तैनात किएं

बीजिंग। चीन के दक्षिणी प्रांत ग्वानझोउ में कोविड-19 के नए स्वरूप के बढ़ते मामलों के मद्देनजर लोगों को घरों में ही रखने के लिए कम से कम 60 ड्रोन तैनात किए गए हैं। चीन में संक्रमण के मामले मुख्य तौर पर कम हो गए हैं। लेकिन ग्वानझोउ में संक्रमण के नए मामले बढ़ रहे हैं। ग्वानझोउ में पिछले 24 घंटे में छह नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या 100 के पार चली गई है। ये सभी मामले 21 मई के बाद से सामने आए हैं। ग्वानझोउ में सामने आया संक्रमण का यह नया स्वरूप ‘डेल्टा’ है। जो सबसे पहले भारत में सामने आया था और बेहद संक्रामक है।

पुलिस द्वारा संचालित ड्रोन कैमरे तैनात किए गए हैं और इनके जरिए, घर से बाहर आने वाले लोगों को संकमण से बचने के लिए अंदर रहने का संदेश दिया जाता है। ग्वांगझोउ की सीमाएं भी बंद कर दी गई हैं। रेस्तरां में बैठकर खाने पर भी रोक लगा दी गई है। सिनेमा घर, थिएटर, नाइट क्लब और बंद स्थानों पर होने वाली अन्य गतिविधियों को बंद करने का आदेश दिया गया है।


इजराइल के नए पीएम के तौर पर बेनेट ने शपथ ली

येरूशलम। इजराइल के नए प्रधानमंत्री के तौर पर रविवार को नफ्ताली बेनेट ने शपथ ले ली। पूर्व प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कभी बेहद करीबी रहे बेनेट ने उनकी गलत नीतियों का विरोध कर आज यह मकाम हासिल किया है। बेनेट एक धर्मपरायण यहूदी हैं, जिन्होंने विशेषकर धर्मनिरपेक्ष हाई-टेक क्षेत्र से लाखों कमाए हैं।

पुनर्वास आंदोलन के अगुआ रहे बेनेट तेल अवीव उपनगर में रहते हैं। वह बेंजामिन नेतन्याहू के पूर्व सहयोगी रहे हैं। नेतन्याहू के 12 साल के शासन को खत्म करने के लिए बेनेट ने मध्य और वाम धड़े के दलों से हाथ मिलाया है। उनकी घोर राष्ट्रवादी यामिना पार्टी ने मार्च में हुए चुनाव में 120 सदस्यीय नेसेट (इजराइल की संसद) में महज सात सीटें जीती थीं। लेकिन उन्होंने नेतन्याहू या अपने विरोधियों के आगे घुटने नहीं टेके और ‘किंगमेकर’ बन कर उभरे। अपनी धार्मिक राष्ट्रवादी पार्टी से एक सदस्य के पार्टी छोड़ने के बावजूद आज सत्ता का ताज उनके सिर पर है। बेनेट लंबे समय तक नेतन्याहू का दाहिना हाथ रहे। लेकिन वह उनके गठबंधन के तौर तरीकों से नाखुश थे।

संसद में कम बहुमत के बावजूद वह दक्षिणपंथी, वामपंथी और मध्यमार्गी दलों के साथ गठबंधन कर सरकार बनाने में सफल रहे और इस वजह से आगे उनके लिए रास्ता आसान नहीं होगा। बेनेट फलस्तीनी स्वतंत्रता के विरोधी हैं और वह कब्जे वाले वेस्ट बैंक और पूर्वी यरुशलम में यहूदी बस्तियों के घोर समर्थक हैं। जिसे फलस्तीनी और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के कई देश शांति की प्रक्रिया में बड़ा अवरोधक मानते हैं। अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा के दबाव में आकर बस्तियों के निर्माण कार्य को धीमा करने के नेतन्याहू के कदम का बेनेट ने जबरदस्त विरोध किया था। हालांकि अपने पहले कार्यकाल में ओबामा शांति प्रक्रिया बहाल करने में नाकाम रहे थे। इजराइल डेमोक्रेसी इंस्टीट्यूट के प्रमुख योहानन प्लेज्नर ने कहा, ‘‘वह एक दक्षिणपंथी नेता हैं, सुरक्षा को लेकर सख्त हैं, लेकिन वह एक व्यवहारिक सोच रखने वाले नेता हैं।’’

शराब: डब्ल्यूटीओ में शिकायत दर्ज करेंगा आस्ट्रेलिया

सिडनी/ बीजिंग। ऑस्ट्रेलिया ने कहा है कि वो उनके यहाँ बनी शराब पर चीन के शुल्क बढ़ाने के खिलाफ डब्ल्यूटीओ में शिकायत दर्ज करेगा। चीन ने पिछले...